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जनवरी 2017 में लॉन्च होगी TATA KITE 5, जानिए नई सेडान के सभी फीचर्स

टाटा मोटर्स ने 2016 के ऑटो एक्सपो में अपनी सिडैन काइट 5 की पहली झलक दिखाई थी। वहीं यह कार जनवरी 2017 के अंत तक लॉन्च की जाएगी। जानते हैं इस गाड़ी के फीचर्स और दाम के बारे में।
इंजिन- टाटा काइट 5 में 1.2 लीटर का पेट्रोल और 1.05 लीटर का डीजल इंजिन होगा। दोनों ही वेरिएंट्स में 5 स्पीड मैनुअल ट्रांस्मिशन होगा, लेकिन हो सकता कंपनी इसे AMT यानी ऑटोमैटिक ट्रांस्मिशन मोड में भी लॉन्च करे। वहीं इनकी कीमत 4.5 लाख रुपये से लेकर 5.5 लाख रुपये(एक्स शोरूम, दिल्ली) तक के बीच में होगी। वहीं पेट्रोल इंजिन इसे 83.8bhp की पावर देगा और डीजल इंजिन कार को 69.04bhp की पावर देगा।
माइलेज- कंपनी का दावा है कि नई गाड़ी अच्छा माइलेज देगी। पेट्रोट वेरिएंट की एक्सपेक्टेड माइलेज जहां 20kmpl होने का दावा किया गया है वहीं डीजल वेरिेएंट की माइलेज 25kmpl होगी।
फीचर्स- इस गाड़ी को बेहतर लुक देने के लिए इसमें स्मॉक्ड हेडलैंप्स दिए गए हैं। वहीं काफी सारा क्रोम वर्क भी अगले-पिछले बम्पर्स पर किया गया है। वहीं इंटीरियर्स की बात करें तो डैशबॉर्ड में टचस्क्रीन डिसप्ले दिया जाएगा और क्नेक्ट नेक्सट तकनीक की वजह से स्मार्टफोन नेविगेशन, वीडियो प्लेबैक, स्पीड सेंसिटिव वॉल्यूम कंट्रोल समेत कई फीचर्स होंगे। इसके अलावा कार में ऑटोमैटिक कार कंट्रोल और रिवर्स पार्किंग फीचर भी दिए जाएंगे। टाटा काइट का मुकाबला फॉर्ड फीगो एस्पायर, हॉन्डा अमेज और मारुति स्विफ्ट डिजायर से होगा।

 

रिलायंस जियो पहुंच बढ़ाने और नेटवर्क क्षमता विस्तार पर 30,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी

नासिक: नई दूरसंचार सेवा प्रदाता रिलायंस जियो इंफोकॉम अपनी पहुंच के विस्तार तथा नेटवर्क क्षमता बढ़ाने के लिए 30,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की तैयारी कर रही है. इससे नेटवर्क में उसका कुल निवेश बढ़कर 1.9 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा.
रिलायंस जियो ने अपने मौजूदा शेयरधारकों के लिए जारी राइट इश्यू नोटिस में कहा कि रिलायंस की सेवाओं के प्रति ग्राहकों ने जोरदार उत्साह दिखाया है.
इसके अलावा डिजिटल सेवाओं में जोरदार वृद्धि दर्ज होने की उम्मीद है. ऐसे में कंपनी अपने नेटवर्क के विस्तार पर अतिरिक्त निवेश का प्रस्ताव कर रही है.
कंपनी ने कहा कि यह निवेश मुख्य रूप से इक्विटी पेशकश के जरिये किया जाएगा. वाणिज्यिक रूप से परिचालन शुरू करने के चार महीने यानी 31 दिसंबर तक ही कंपनी ने 7.24 करोड़ ग्राहक बना लिए हैं.

 

नए डिजाइन वाले पैन कार्ड जारी, नहीं हो सकेगा हेरफेर

मुंबई। सरकार ने नए डिजाइन वाला स्थाई खाता संख्या (पैन) कार्ड जारी करना शुरू कर दिया है। इसमें अतिरिक्त सुरक्षा खूबियां जोड़ी गई हैं, जिससे इससे किसी तरीके से छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी। इसमें सामग्री हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लिखी है। आयकर विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
नए रूप वाले पैन कार्ड को एनएसडीएल और यूटीआई इंफ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज लि. ने छापा है। इसका वितरण एक जनवरी से शुरू हो गया है। ये कार्ड नए आवेदकों को जारी किए जा रहे हैं।
अधिकारी ने कहा कि नए पैनकार्ड का वितरण एक जनवरी से शुरू हो गया है। लेकिन यह सिर्फ नए आवेदकों के लिए है। सरकार ने इस कार्ड में नया फीचर क्विक रेस्पॉन्स (क्यूआर) कोड जोड़ा है, जिससे सत्यापन की प्रक्रिया में मदद मिलेगी। सरकार के अनुमान के अनुसार देशभर में हर साल ढाई करोड़ लोग पैनकार्ड के लिए आवेदन करते हैं।

 

नोटबंदी: ‘अपमानित’ महसूस कर रहा RBI स्टाफ, गवर्नर को कहा- इतना नुकसान पहुंचा कि दुरूस्त करना मुश्किल

नोटबंदी के बाद के घटनाक्रमों से ‘अपमानित’ महसूस कर रहे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के कर्मचारियों ने शुक्रवार (13 जनवरी) को गवर्नर उर्जित पटेल को चिट्ठी लिखकर अपना विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों ने पत्र में नोटबंदी की प्रक्रिया के परिचालन में ‘कुप्रबंधन’ और सरकार द्वारा करेंसी संयोजन के लिए एक अधिकारी की नियुक्ति कर केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को चोट पहुंचाने का विरोध किया है। पत्र में कहा गया है कि इस कुप्रबंधन से आरबीआई की छवि और स्वायत्तता को ‘इतना नुकसान पहुंचा है कि उसे दुरूस्त करना काफी मुश्किल है।’ इसके अलावा मुद्रा प्रबंधन के आरबीआई के विशेष कार्य के लिए वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति को कर्मचारियों ने ‘जबर्दस्त अतिक्रमण’ बताया।

पटेल को संबोधित इस पत्र में यूनाइटेड फोरम ऑफ रिजर्व बैंक ऑफिसर्स एंड इम्पलाइज की ओर से कहा गया है, ‘रिजर्व बैंक की दक्षता और स्वतंत्रता वाली छवि उसके कर्मचारियों के दशकों की मेहनत से बनी थी, लेकिन इसे एक झटके में ही खत्म कर दिया गया। यह अत्यंत क्षोभ का विषय है।’

इस पत्र पर ऑल इंडिया रिजर्व बैंक इम्पलाइज एसोसिएशन के समीर घोष, ऑल इंडिया रिजर्व बैंक वर्कर्स फेडरेशन के सूर्यकांत महादिक, ऑल इंडिया रिजर्व बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के सी. एम. पॉलसिल और आरबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन के आर. एन. वत्स के हस्ताक्षर हैं। इनमें से घोष और महादिक ने पत्र लिखने की पुष्टि की है।

घोष ने कहा कि यह फोरम केंद्रीय बैंक के 18,000 कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले आरबीआई के तीन पूर्व गवर्नर मनमोहन सिंह (पूर्व प्रधानमंत्री), वाई. वी. रेड्डी और विमल जालान ने रिजर्व बैंक के कामकाज के तरीकों पर सवाल उठाया था। केंद्रीय बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर उच्च्षा थोराट और के. सी. चक्रवर्ती ने भी इस पर चिंता जताई थी।

नोटबंदी के बाद कई बैकों ने दिया लोगों को बड़ा झटका- घटाईं FD की ब्याज दरें, लेकिन आने वाले समय में हो सकता फायदा

नोटबंदी के बाद जमाओं में अप्रत्याशित उछाल को देखते हुए आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक तथा केनरा समेत कई बैंकों ने मियादी जमाओं पर ब्याज दरें एक प्रतिशत तक आज घटा दीं।

नोटबंदी के बाद जमाओं में अप्रत्याशित उछाल को देखते हुए आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक तथा केनरा समेत कई बैंकों ने मियादी जमाओं पर ब्याज दरें एक प्रतिशत तक आज घटा दीं। आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक ने सावधि जमाओं (एफीडी)ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत तक की कमी की आज घोषणा की जबकि कोलकाता स्थित यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया ने अल्पकालीन जमा पर ब्याज दर एक प्रतिशत घटा दी। यूनाइटेड बैंक ने कहा कि नई दरें 18 नवंबर से प्रभावी होंगी।
वहीं केनरा बैंक ने जमा दरों में 0.05 प्रतिशत से 0.25 प्रतिशत तक की कटौती की है। आईसीआईसीआई बैंक की वेबसाइट के अनुसार 390 दिन से दो साल तक की सावधि जमाओं के लिए ब्याज दर में 0.15 प्रतिशत की कमी की गई है। यह कल से प्रभावी हो गई।
आईसीआईसीआई बैंक अब इन जमाओं पर 7.10 प्रतिशत ब्याज देगा जबकि पहले यह दर 7.25 प्रतिशत थी। इस बीच एचडीएफसी बैंक ने एक से पांच करोड़ रच्च्पये की जमाओं के लिए ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की है। बैंक की वेबसाइट के अनुसार नयी दरें आज से प्रभावी हो गईं। संशोधित ब्याज दर के साथ एक साल की मियादी जमा पर ब्याज दर 6.75 प्रतिशत होगी जो पहले 7.0 प्रतिशत थी।
बता दें कि इन दिनों नोटबंदी के असर से बैंक में कैश भुनाने और चेंज कराने को लेकर है, जिसकी वजह से एफडी पर ब्याज घटाया गया है। लेकिन रा
हत की बात यह भी कि आने वाले दिनों में बैंक अपने लोन पर भी ब्याज घटा सकते हैं यानी आपके होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन की ईएमआई घट जाएगी। एसबीआई चीफ इसका इशारा कर चुकी हैं तो लोगों को भी अब कर्ज सस्ते होने का इंतजार है।कल तक एसबीआई ने 1,14,139 करोड़ रुपए के डिपॉजिट पिछले 7 दिनों में हासिल कर लिए हैं।

विदेशों की मांग पर शुरू हुई तरबूज की तैयारी ,अभी से प्रारंभ हुआ सौदेबाजी

 

 

बलौदाबाजार /भाटापारा : इस बार निर्यात के लिए तरबूज की कोई कमी नही होगी। घरेलू मांग भी पूरा कर लिया जाएगा। वजह यह है कि नदी-तट कछार योजना में महानदी के तटीय इलाके के 1500 हेक्टेयर में तरबूज की खेती पर काम तेजी से शुरू  हो गया है। उद्यानिकी विभाग ने इसके लिए कसडोल और लवन के किसानों को जरुरी प्रारंभिक जानकारी देते हुए उन्नत प्रजाति के  बीज की मांग मुख्यालय से की है। तरबूज के साथ-साथ खरबूज और ककड़ी की भी खेती इस बार विस्तार ले सकती है।


बलौदाबाजार जिले के  कसडोल और लवन को तरबूज के लिए देश ही नही विदेशों में भी ख्याति मिली हुई है। खास तौर पर सउदी अरब में यहां के तरबूज के लिए बोनी के समय ही सौदे लिए और दिए जाने लगते है। बीते बरस सउदी अरब को  आपूर्ति मांग  के अनुरुप नही हो पाई क्योंकि घरेलू मांग का भी दबाव बना हुआ था।इसलिए उद्यानिकी विभाग ने  इस बार बोनी का रकबा बढाने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा था। जिस पर 1500 हेक्टेयर पर तरबूज की खेती का लक्ष्य मिला। अब विभाग ने इस पर काम चालू कर दिया है। जिस गंभीरता के साथ इस पर काम हो रहा है उसे देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि निर्यात की मांग के साथ ही घरेलू मांग भी पूरी कर ली जा सकेगी।

बांटें उच्च गुणवत्ता वाले बीज 
वैसे ग्राम सुराज के दौरान ही विभाग ने तरबूज के उन्नत प्रजाति के बीज का वितरण कर दिया था लेकिन रकबा बढाए जाने के बाद बीज निगम से तरबूज के और बीज के लिए मांग पत्र भेजा है। इस पत्र में विभाग ने कहा है कि ऐसी प्रजाति के  तरबूज बीज दें जो उत्पादन भी भरपूर दे और गुणवत्ता भी उच्चतम स्तर की हो । वैसे विभाग का अपना मानना है कि खुले बाजार में प्रतिष्ठित कंपनियां हाईब्रीड़ बीज लेकर मजबूती के साथ उपस्थित हैं ऐसे में बीज की कमी तरबूज उत्पादक किसानों को नही होगी ।
 
एडवांस सौदे के लिए पूछ-परख 
इस बार भी सउदी अरब को निर्यात के लिए मुंबई के निर्यातक बलौदा बाजार से लेकर बिलासपुर तक पूछताछ की शुरुआत  कर चुके हैं। बिलासपुर में बैठे थोक कारोबारियों के माध्यम से किसानों तक पहुंच बना रहे है और उन्हे आर्थिक मदद भी मुहैया करवाए जाने लगे हैं। वैसे इस बार सरकार की मदद के सामने किसान कुछ दूरी बनाए हुए है लेकिन उंचे दाम पर खरीदी का प्रलोभन फिलहाल सरकारी मदद पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। इधर विभाग की भी नजर है सो उसने ऐसे प्रलोभन से बचने की सलाह देते हुए सक्रियता बनाए रखी है।

महानदी और शिवनाथ के सहारे 
महानदी के तट पर बसे कसडोल और लवन के तटीय गांवों में उद्यानिकी विभाग सक्रियता बनाए रखते हुए तरबूज-खरबूज और ककड़ी की उन्नत खेती के लिए जरुरी मार्गदर्षन के लिए किसानों के पास हर वक्त उपलब्ध है।मार्गदर्शन  के साथ-साथ तकनीकी  जानकारी भी उन तक पहुंचाई  जा रही है।इधर सिमगा ब्लाॅक से होकर बहने वाली शिवनाथ नदी के तटीय गांवों में भी तरबूज की खेती की तैयारी जोर-शोर से चल रही है।

नदी तट कछार योजना के तहत् इस बार 1500 हैक्टेयर रकबे में तरबूज खरबूज और ककड़ी की खेंती होगी । बीज पहले ही बांटे जा चुके है। और बीज की मांग मुख्यालय से की गई है।
-रामजी चतुर्वेदी, सहायक संचालक उद्यानिकी बलौदा बाजार  

भाटापारा में पटाखा मार्केट शुरू

भाटापारा में पटाखा  मार्केट शुरू 

रामलीला मैदान और बाल मंदिर में 57 दुकानों की नीलामी पूरी 

भाटापारा। इस दीपावली पर शहर में 57 पटाखा दुकानें लगेंगी। शहर के मध्य की दो जगहों पर 31 अक्टूबर तक इस बाजार के लिए पालिका प्रबंधन ने नीलामी की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाई। 

पुष्य नक्षत्र के लगते ही शहर में पटाखा दुकाने आज से लगनी शुरू हो गई। रामलीला मैदान और बाल मंदिर के सामने 23 अक्टूबर से 31 तक याने आठ दिन तक लगने वाली पटाखा दुकानों की नीलामी पालिका प्रबंधन ने पूरी करने के बाद दुकानों को शुरू करने की अनुमति दे दी। इस बार शासन के कड़े निर्देश पर मानक से ज्यादा शोर करने वाली पटाखों के भण्डारण और विक्रय करने पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही हर पटाखा विक्रेताओं को अपनी दुकान में अग्निशमन यंत्र भी रखने की कड़ी हिदायत दी गई हैं। पालिका प्रबंधन ने भी अपनी ओर से भी दोनों पटाखा मार्किट के पास पानी के टैंकर के अलावा अग्निशमन वाहन और रेत की व्यवस्था की हुई है। ऐसा इसलिए क्योकि किसी भी क़िस्म की आगजनी की दुर्घटना पर तत्काल काबू पाया जा सके। 

 

इन पटाखों पर प्रतिबन्ध 

प्रशासन के कड़े निर्देश के बाद पालिका प्रबंधन ने पटाखा विक्रेताओं को कड़ी हिदायत दी है कि प्रतिबंधित याने चाइनीज पटाखों का भण्डारण और विक्रय न  करे। इसके अलावा मानक से ज्यादा आवाज करने वालों पटाखों का विक्रय पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। समय -समय पर इसकी जाँच की भी व्यवस्था पालिका प्रबंधन ने की हुई है। 

 

आबाद होने लगा मटन मार्केट 

थोक सब्जी मंडी के सफल व्यवस्थापन के बाद पालिका प्रशासन की पहल पर बना नया मार्केट आबाद होने लगा है। नीलामी के बाद यहाँ 20 दुकानें शुरू हो गई है। शेष 57 दुकानदारों ने नये मटन मार्केट में जाने के लिए समय माँगा है। जिन 20 दुकानदारों ने अपनी दुकानें यहाँ शिफ्ट की है उन्हें बिजली कनेक्शन के लिए पालिका ने अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। 

 

इस बार दो जगहों पर पटाखा दुकानें लगेंगी। ये 23 से 31 अक्टूबर तक कारोबार कर सकेंगी। इसी तरह नये मटन मार्केट में 20 दुकानें शिफ्ट हो गई है। शेष दुकानदारों ने यहाँ जाने के लिए समय माँगा है। 

डॉ मोहन बांधे (अध्यक्ष नपा भाटापारा )

दूरसंचार कंपनियों के मुताबिक जियो की मुफ्त कॉल से होता है ‘नेटवर्क जाम’

मुंबई: मौजूदा दूरसंचार कंपनियों भारती एयरटेल, वोडाफोन व आइडिया ने नेटवर्क के कंजेशन के लिए नयी कंपनी रिलायंस जियो के नि:शुल्क वॉइस कॉल को जिम्मेदार बताया है. बता दें कि दूरसंचार नियामक ट्राई ने इन कंपनियों से कॉल नहीं लगने या विफल रहने की ऊंची दर का कारण बताने को कहा था. ट्राई ने इन कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे. सूत्रों ने कहा कि ट्राई कंपनियों के जवाबों का अध्ययन कर रहा है और इस बारे में कोई फैसला हफ्ते भर में किया जा सकता है.

उन्होंने कहा‘ट्राई को भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्यूलर से जवाब मिल गया है. अपने जवाब में इन कंपनियों ने कहा है कि रिलायंस जियो द्वारा मुफ्त वॉइस कॉल से ग्राहक ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं और इंटरकनेक्शन प्वाइंट पर ट्रेफिक बढ़ गया है.’हालांकि उक्त तीनों कंपनियों ने इस बारे में ईमेल का जवाब देने से इन्कार किया. रिलायंस जियो ने सितंबर के पहले सप्ताह में अपनी 4जी सेवाओं की शुरआत की. कंपनी ने अपने ग्राहकों के लिए वॉइस कॉल हमेशा के लिए मुफ्त रखने की घोषणा की है. जियो का आरोप है कि मौजूदा कंपनियां उसे पर्याप्त इंटरकनेक्शन प्वाइंट उपलब्ध नहीं करवा रहीं जिस कारण उसके ग्राहकों की कॉल विफल हो रही हैं.