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चक्रवात अम्फान 12 घंटों में बन जाएगा सुपर चक्रवात 185 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मचा सकता है तबाही

दिल्ली मौसम विभाग ने भी जारी की चेतावनी
नई दिल्ली: चक्रवाती तूफान अम्फान विकराल रुप ले सकता है. दिल्ली मौसम विभाग के डायरेक्टर जनरल मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि अम्फान 12 घंटों में एक सुपर चक्रवात में बदलेगा. ये अभी उत्तर-उत्तर पूर्व दिशा में गति करेगा. 20 तारीख की दोपहर या शाम को ये दीघा/हातिया द्वीपों को बीच से पार करेगा. इस दौरान इसकी गति 155-165km/hr और गंभीर होने पर 185km/hr हो सकती है. चक्रवाती तूफान ‘अम्फान' ने सोमवार को बेहद विकराल रूप ले लिया और इसके चलते अब ओडिशा के तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने के साथ ही भारी बारिश हो सकती है. इस चेतावनी के बाद राज्य सरकार 11 लाख लोगों को इन इलाकों से निकालने की तैयारी में जुट गई है.
दो दिन पूर्व ही भारत के मौसम विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी के तटीय इलाकों में एक चक्रवाती तूफान का अलर्ट जारी किया था। अब यह चक्रवाती तूफान 'अम्फान' बंगाल की खाड़ी में एक तीव्र और भयंकर चक्रवाती तूफान का रूप ले रहा है। मौसम विभाग ने इस बात की संभावना जताई है कि अगले 24 घंटों में यह भयंकर चक्रवाती तूफान बन सकता है। जिसके कारण कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्र में भी ऊंची लहरें उठने की संभावना है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने जाजपुर, भद्रक, बालासोर, मयूरभंज, गंजम, जगतसिंहपुर, गजपति, नयागढ़, कटक, केंद्रपाड़ा, खुर्दा और पुरी के जिलाधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। इधर, तमिलनाडु में भी 'अम्फान' का खतरा बढ़ गया है। रविवार को चली तेज हवाओं के कारण सैकड़ों पेड़ गिर गए और काफी नुकसान भी हुआ। कोयंबटूर समेत कई जिलों में पेड़ों के गिरने की खबरें हैं।

सूत्रों के मुताबिक, विशेष राहत आयुक्त (SRC) पीके जेना ने कहा, 'इसके अलावा, हम चार तटीय जिलों जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालासोर पर करीबी नजर रख रहे हैं।' उन्होंने कहा कि चक्रवाती तूफान के खतरे को देखते हुए लगभग 11 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का इंतजाम किया गया है। इसके अलावा ओडिशा में चक्रवात का प्रभाव कम होने के तुरंत बाद बिजली, पानी की आपूर्ति, सड़कें साफ करने, बचाव और राहत अभियान शुरू करने की व्यवस्था की गई है।

जेना ने कहा, 'हमारे पास 567 चक्रवात और बाढ़ आश्रय स्थल मौजूद हैं. संकट की घड़ी में लोगों को इन आश्रय स्थलों में रखा जा सकता है। इसके अलावा, 7,092 इमारतों की व्यवस्था की है ताकि लोगों को रखने के लिए जगह कम न पड़े.' चक्रवाती तूफान 'अम्फान' के खतरे को भांपते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अपनी 17 टीमें तैनात कर दी हैं और कई अन्य को तैयार रखा गया है। 

मौसम विभाग के अनुसार इस समय देश में पश्चिमी अशांति सक्रिय है। इसके कारण देश के पहाड़ी क्षेत्रों जैसे, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के साथ ही पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मौसम बिगड़ सकता है।

पूरे देश मे लॉक डाउन 4 रहेगा 31 मई तक, ट्रेन और प्लेन के साथ साथ धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान रहेंगे बंद, राज्य तय करेंगे खतरे के जोन

दिल्ली.कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन की अवधि को पूरे देश मे 31 मई तक बढ़ाया गया है. लॉकडाउन-4 में ज्यादातर अधिकार राज्यों को दिए गए हैं.धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान बन्द रहेंगे. ट्रेन और प्लेन भी नही चलेंगे. धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान बन्द रहेंगे, ट्रेन और प्लेन भी नही चलेंगे. घरेलू हवाई एंबुलेंस कोछोड़कर सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों पर 31 मई तक रोक बरकरार रहेगी.जिम रेस्टोरेंट और शॉपिंग मॉल बन्द रहेंगे.राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध जारी रहेगा.कंटेन्मेंट एरिया को छोड़कर जिले में आ जा सकेंगे. और एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए दोनों राज्यों की सहमति लगेगी. रेड, ऑरेंज और ग्रीन ज़ोन राज्य तय कर पाएंगे. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकार (एनडीएमए) ने रविवार को कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की अवधि 31 मई तक बढ़ाई जाती है. एनडीएमए ने एक आदेश में कहा कि कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन की अवधि को देशभर में 14 दिन के लिए बढ़ाने की जरुरत है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, कोविड-19 से अभी तक देश में 2,872 लोगों की मौत हुई है वहीं रविवार सुबह तक 90,927 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. एनडीएमए के सदस्य सचिव जी.वी.वी. शर्मा ने कहा कि आपदा प्रबंधन कानून, 2005 के प्रवधान 6(2)(आई) के तहत प्राप्त अधिकार का उपयोग करते हुए एनडीएमए भारत सरकार के मंत्रालयों और विभागों, राज्य सरकारों और राज्य के प्राधिकारों को लॉकडाउन के तहत लागू नियमों को 31 मई तक जारी रखने का निर्देश देता है. आदेश के अनुसार, केन्द्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय कार्यकारी समिति को निर्देश दिया जाता है कि वह कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए ऐहतियात बरतते हुए आर्थिक गतिविधियां शुरू करने के लिए जरुरत के अनुसार आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करे. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का आह्वान किया था. उसके बाद उन्होंने 24 मार्च को अपने संबोधन में कहा कि देश में 25 मार्च से 21 दिन के लिए लॉकडाउन प्रभावी रहेगा. पहला चरण 14 अप्रैल को समाप्त होने वाला था, लेकिन उन्होंने इसे बढ़ाकर पहले तीन मई और फिर 17 मई कर दिया. आज के एनडीएमए के आदेश के साथ सोमवार से लॉकडाउन 4.0 शुरू हो जाएगा.

छत्तीसगढ़ में कोरोना के 16 नये मामले, बलौदाबाजार से 6 नए केस, इन जिलों से भी मामले आये

छत्तीसगढ़ में एक तरफ कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार कम हो रही थी, लेकिन आज अचानक 16 नए मामले सामने आने के बाद से हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक यह नए मामलों में बालोद से 7 बलौदा बाजार से 6 कवर्धा से दो और राजिम से एक मामले हैं। इन 16 नए मामलों के सामने आने के बाद से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। एम्स रायपुर ने इस पूरी खबर की पुष्टि की है।

छत्तीसगढ़ में 2 और कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीज मिले

 बालोद जिले में रविवार को 2 और कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीज मिले हैं। 21 और 32 वर्षीय ये दोनों युवक मजदूर हैं। इसके साथ ही बालोद में मिले मरीजों की संख्या 4 और प्रदेश में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 69 हो गई है। वहीं अभी 11 एक्टिव केस हैं। इसके पहले बालोद जिले में शनिवार को एक और कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला था। उसे एम्स भेज दिया गया है। कलेक्टर रानू साहू के मुताबिक दूसरा युवक भी मुंबई से लौटे उस दल में शामिल था, जिसमें पहला मरीज मिला। वहीं दूसरी ओर शनिवार को दो मरीजों को एम्स से छुट्टी दे दी गई। क्वारंटाइन सेंटर में युवक के संपर्क में आने वालों को सैंपल लिया गया था। जिसमें बालोद जिले का 20 वर्षीय युवक पॉजिटिव पाया गया। इधर दुर्ग के 26 वर्षीय युवक और सूरजपुर के 44 वर्षीय व्यक्ति को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी मिल गई।

छत्तीसगढ़ धीरे धीरे सामान्य कामकाज की ओर अग्रसर: मुख्यमंत्री

रायपुर, 15 मई 2020 मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गतिशील और मजबूत बनाने के लिए लॉकडाउन जैसे संकट के समय में श्रमिकों को मनरेगा, आदिवासियों को लघु वनोपज संग्रहण तथा किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से उनकी  जेब में पैसा डालने का काम कर रही है। हमारा प्रदेश धीरे धीरे सामान्य कामकाज की ओर अग्रसर हो रहा हैं। कल की कैबिनेट की बैठक में ऐसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं जो राज्य में आर्थिक गतिविधियों को और तेज करेंगे।

      बैठक में हमने एक निर्णय लिया जिसका क्रियान्वयन हम अपने स्वप्न दृष्टा नेता पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी जी की पुण्य तिथि के दिन 21 मई से प्रारंभ करेंगे। राजीव गांधी किसान न्याय योजना बहुत ही दूरगामी निर्णय है और छत्तीसगढ़ के किसानों को इस संकट की घड़ी में संजीवनी प्रदान करने वाला निर्णय है। पूरे देश में कहीं भी किसानों के हित में इतना महत्वपूर्ण निर्णय नहीं लिया गया है। हमने राज्य के किसानों से वादा किया था कि उन्हें उनकी उपज का पूरा दाम मिलेगा। लोगों ने इसमें कई अड़चने लगाई, अवरोध पैदा किये लेकिन हमने जो कहा था वो निभाया है।
      राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत हम राज्य में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और कृषि आदान सहायता हेतु खरीफ 2019 में पंजीकृत एवं उपार्जित रकबे के आधार पर धान, मक्का और गन्ना फसल के लिए 10 हजार रूपये प्रति एकड़ की दर से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से अनुदान राशि सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर करेंगे। इसके लिए हमने बजट में 5100 करोड़ रूपए का प्रावधान भी किया है। इस योजना के तहत राज्य के 18 लाख 75 हजार किसानों को लाभ मिलेगा। यहीं नही खरीफ 2020 से आगामी वर्षो में दलहन और तिलहन फसलों के पंजीकृत और अधिसूचित रकबे के आधार पर निर्धारित राशि प्रति एकड़ की दर से किसानों को आदान सहायता अनुदान के रूप में देंगे। अनुदान लेने वाला किसान यदि गत वर्ष धान की फसल लगाया हो और इस साल धान के स्थान पर योजना के तहत शामिल अन्य फसल लगाता हैं तो ऐसी स्थिति में किसानों को प्रति एकड़ अतिरिक्त सहायता दी जायेगी ।
      इसके साथ ही हमने उत्कृष्ठ हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम के शालाओं का संचालन पंजीकृत सोसायटी के माध्यम से करने का निर्णय लिया है। लगभग 40 उत्कृष्ट शालाएं प्रारंभ की जाएंगी। विकासखण्ड मुख्यालयों में 10वीं के बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए आईटीआई का रोजगारपरक सर्टिफिकेट कोर्स आरंभ करने का निर्णय लिया गया।
     मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव के उपायों के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में संपूर्ण लॉकडाउन के फलस्वरूप बसों के दो माह और ट्रकों के एक माह के टैक्स की राशि माफ कर दिया गया है। राज्य सरकार सभी शहरी परिवारों को दो कमरों का पक्का आवास देने के लिए 40 हजार अतिरिक्त आवास बनाएगी। इसके साथ ही अब किराएदारों को भी योजना में समाहित करते हुए न्यूनतम दर पर आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
     श्री बघेल ने कहा कि लॉकडाउन की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश के सामान्य परिवारों (ए.पी.एल.) को भी रिफाइन्ड आयोडाईज्ड नमक पीडीएस की दुकानों से 10 रूपए प्रति किलो की दर से अधिकतम दो किलो नमक प्रति राशनकार्ड प्रति माह एक जून से प्रदान किया जाएगा। इससे राज्य के 9.04 लाख परिवार लाभान्वित होंगे। राज्य सरकार द्वारा जमीनों की खरीदी-बिक्री की शासकीय गाइडलाईन की दरों में 30 प्रतिशत की छूट को पूरे साल के लिए बढ़ा दिया गया है।  
        छत्तीसगढ़ में वर्तमान में केवल 4 एक्टिव कोरोना पाजीटिव मरीज हैं। कुल 59 पाजीटिव मरीजों में से 55 स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। कोरोना से किसी की भी मृत्यु नहीं हुई हैं। छत्तीसगढ़ में ठीक होने वाले मरीजों का प्रतिशत 93 प्रतिशत से अधिक हैं। राज्य में अभी तक कुल 27 हजार 339 सैम्पल टेस्ट किए गए हैं। राज्य में 28 हजार 759 व्यक्तियों को क्वारेंटाइन में रखा गया है। अन्य राज्यों से लौटने वाले मजदूरों के लिए गांवों में ही 16,499 क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए है। सीमावर्ती क्षेत्रों में कुल 623 क्वारेंटाइन सेंटर बनाये गये हैं ।
      बघेल ने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के प्रसार की जानकारी मिलते ही बचाव की तैयारियां प्रारंभ कर दी थी। 27 जनवरी को हमने सभी जिलों में रैपिड रिस्पांस टीम गठित कर दी थी।  28 जनवरी से एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग प्रारंभ कर दी थी और एक फरवरी को पहले आइसोलेशन अस्पताल ने काम करना प्रारंभ कर दिया था। हमने स्वस्फूर्त निर्णय लेते हुए किसी भी राज्य से पहले 21 मार्च को छत्तीसगढ़ राज्य की सीमाएं सील कर दी और 22 मार्च को राज्य में लाकडाउन की घोषणा की। वर्तमान में प्रतिदिन जांच क्षमता 1200 सैंपल प्रतिदिन हो गयी हैं।
        मुख्यमंत्री ने बताया कि जब कोटा से छात्रों को लाने की बात चल रही थी तभी मैंने श्रमिकों को वापस लाने की केन्द्र सरकार से मांग की थी और कहा था कि ट्रेनों की व्यवस्था की जाए अब ट्रेनें आना शुरू हो गई है। श्रमिकों की वापसी के लिए मई का महीना काफी महत्वपूर्ण है। अगले महीने से बारिश शुरू हो जाएगी तब आने वाले श्रमिकों के क्वारेंटीन में बाहर रखने के इंतजाम में दिक्कत आएगी क्योकि संसाधन सीमित है। बाहर से आने वाले श्रमिकों की बड़ी संख्या की तुलना में स्कूलों और आंगनबाड़ियों की संख्या कम है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज निवास कार्यालय में मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर लगी मुहर

रायपुर : -- राज्य में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और कृषि आदान सहायता हेतु ‘‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘‘ प्रारंभ करने का अनुमोदन किया गया। इस योजना का शुभारंभ आगामी 21 मई को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि से किया जाएगा। खरीफ 2019 में पंजीकृत एवं उपार्जित रकबे के आधार पर धान, मक्का एवं गन्ना (रबी) फसल हेतु 10 हजार प्रति एकड़ की दर से डीबीटी के माध्यम से किसानों को आदान सहायता अनुदान की राशि उनके खातों में हस्तांतरित की जाएगी। खरीफ 2020 से आगामी वर्षो हेतु धान, मक्का, गन्ना, दलहन-तिलहन फसल के पंजीकृत /अधिसूचित रकबे के आधार पर निर्धारित राशि प्रति एकड़ की दर से किसानों को कृषि आदान सहायता अनुदान दिया जाएगा। अनुदान लेने वाला किसान यदि गत वर्ष धान की फसल लगाया था एवं इस साल धान के स्थान पर योजना के तहत शामिल अन्य फसल लगाता है तो उस स्थिति में किसानों को प्रति एकड़ अतिरिक्त सहायता अनुदान देने का निर्णय लिया गया। उत्कृष्ठ हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम के शालाओं का संचालन पंजीकृत सोसायटी के माध्यम से करने का निर्णय लिया है। उत्कृष्ट शालाएं सभी जिला मुख्यालय, नगर पालिका और नगर निगम क्षेत्र में न्यूनतम एक-एक होगी। लगभग 40 उत्कृष्ट शालाएं प्रारंभ की जाएंगी। विकासखण्ड मुख्यालयों में 10वीं के बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए आईटीआई का रोजगारपरक सर्टिफिकेट कोर्स आरंभ करने का निर्णय लिया गया। औद्योगिक नीति 2019-24 में Bespoke Policy के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में बायो-एथेनाल उत्पाद इकाईयों की स्थापना हेतु विशेष प्रोत्साहन पैकेज का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य में उद्योग स्थापना के लिए वांछित अनुमति-सहमति आदि प्रावधानों के सरलीकरण हेतु अध्यादेश प्रारूप का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य के लिए पिछड़ा वर्ग की समेकित सूची अधिसूचित करने का निर्णय लिया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के निराकरण के लिए गठित राज्य स्तरीय समिति द्वारा प्रस्तुत सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया। छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के कार्डो पर चना/चना दाल वितरण का अनुमोदन किया गया। राज्य में कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के उपायों के तहत चने का उपार्जन तत्काल किए जाने की आवश्यकता को देखते हुए माह अप्रैल से जून 2020 तक आवश्यक चने का उपार्जन नाफेड द्वारा प्रस्तावित दरों पर किए जाने का अनुमोदन किया गया। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत हितग्राहियों को एक माह से अधिक का खाद्यान्न वितरण एक साथ करने का अनुमोदन किया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 के लिए धान उठाव हेतु लोडिंग एवं अनलोडिंग दर पृथक से स्वीकृत करने का अनुमोदन किया गया। कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव के उपायों के तहत छ.ग. राज्य में संपूर्ण लॉकडाउन के फलस्वरूप यात्री वाहनों, माल वाहनों, स्कूल व सिटी बसों एवं प्राईवेट सेवायान बसों के देय मासिक/त्रैमासिक कर में आंशिक छूट के साथ जमा करने की छूट अवधि को 30 जून तक बढ़ाने और बसों के दो माह और ट्रकों के एक माह के टैक्स की राशि माफ करने का निर्णय लिया गया। नजूल के स्थायी पट्टों की भूमि को फ्री-होल्ड किए जाने का शर्तो सहित अनुमोदन किया गया। बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना के सर्वेक्षण इन्वेस्टिगेशन और डी.पी.आर. तैयार करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य में कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए देशी और विदेशी मदिरा के विक्रय पर ‘विशेष कोरोना शुल्क‘ अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया। जिसके तहत देशी मदिरा पर 10 रूपए प्रति बोतल तथा समस्त प्रकार की विदेशी मदिरा (स्प्रिट/माल्ट) के फुटकर विक्रय दर की 10 प्रतिशत की दर से विशेष कोरोना शुल्क अधिरोपित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार सभी शहरी परिवारों को दो कमरों का पक्का आवास दिलवाने हेतु प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में आज मोर जमीन-मोर मकान योजना के तहत 40 हजार अतिरिक्त आवास बनाने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही मोर आवास-मोर चिन्हारी योजना के तहत अब किराएदारों को भी समाहित करते हुए न्यूनतम दर पर आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों में स्वयं की निधि अथवा अन्य किसी भी मद से शासकीय भूमि पर निर्मित दुकानों के आबंटन हेतु एक बार में एकमुश्त निबटान का निर्णय लिया गया। जिस शासकीय भूमि पर दुकान निर्मित है उस भूमि का आबंटन के लिए आयुक्त/मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा मांग किए जाने पर एक रूपए प्रति वर्गफूट की दर पर कलेक्टर द्वारा आबंटित की जाएगी। लॉकडाउन की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश के सामान्य परिवारों एपीएल को भी रिफाइन्ड आयोडाईज्ड नमक सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित करने का निर्णय लिया गया। एपीएल राशनकार्ड पर 10 रूपए प्रति किलो की दर से अधिकतम दो किलो नमक प्रति राशनकार्ड प्रति माह एक जून से प्रदान किया जाएगा। इस योजना को लागू करने से राज्य के लगभग 9.04 लाख परिवार लाभान्वित होंगे। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राज्य के 56 लाख राशनकार्डधारकों को पात्रतानुसार रिफाइन्ड आयोडाईज्ड नमक का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा जमीनों की खरीदी-बिक्री की शासकीय गाइडलाईन की दरों में 30 प्रतिशत की छूट जो 30 जून 2020 तक दी गयी थी, जिसे अब पूरे वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है।

विकास को गति देने के लिए मोदी का आत्मनिर्भर भारत प्लान, 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाॅकडाउन के दौरान देश को 5वीं बार संबोधित करते हुए 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की। ये ऐलान करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘‘ये पैकेज भारत की सकल घरेलु उत्पाद ;जीडीपीद्ध का करीब-करीब 10 प्रतिशत है। यह पैकेज देश की ईकोनोमी को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। भारत को विकास के पथ पर ले जाने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस पैकेज में जमीन, नगदी, श्रमिक, कुटीर उद्योग, लघु उद्योग सभी के लिए कुछ न कुछ है। ये पैकेज देश के उस किसान के लिए है, जो दिन-रात परिश्रम कर रहा है। ये देश के मध्यम वर्ग के लिए है। ये पैकेज भारत के उद्योग के लिए है। कल से आने वाले कुछ दिनों तक वित्त मंत्री द्वारा इस आर्थिक पैकेज की विस्तार से जानकारी दी जाएगी।’’

पीएम मोदी ने कहा, ‘‘देश ने भारत के गरीब भाई-बहनों की सहनशक्ति का परिचय भी देखा. उन्होंने इस दौरान बहुत कष्ट झेले हैं। ऐसा कौन होगा जो उनकी अनुपस्थिति को महसूस नहीं किया होगा। इसे ध्यान में रखते हुए, हर तबके के लिए आर्थिक पैकेज में ऐलान किया जाएगा।’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘साथियों सभी एक्सपर्ट बताते हैं कि कोरोना लंबे समय तक हमारे जीवन का हिस्सा बना रहेगा, लेकिन ये भी नहीं हो सकता कि ये हमारे ईर्द-गिर्द ही रहेगा। हम मास्क लगाएंगे, दो गज दूरी के नियम का पालन करेंगे। हम नियमों का पालन करेंगे, इसलिए लॉकडाउन का चैथा चरण नए नियमों वाला होगा। राज्यों से मिल रहे सुझावों से जुड़ी जानकारी 18 मई से पहले दी जाएगी। मुझे पूरा भरोसा है कि नियमों का पालन करते हुए हम कोरोना से लड़ेंगे भी और आगे बढ़ेंगे भी। आप अपने परिवार और करीबियों का जरूर ध्यान रखिएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना संक्रमण से मुकालबा करते हुए दुनिया को अब चार महीने से ज्यादा समय बीत गया है। इस दौरान तमाम देशों के 42 लाख से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं। पौने तीन लाख से ज्यादा लोगों की दुखद मृत्यु हुई है। भारत में भी लोगों ने अपनों को खोया है. साथियों एक वायरस ने दुनिया को तहस-नहस कर दिया है। सारी दुनिया जिंदगी बचाने में एक प्रकार से जंग में जुटी है। हमने ऐसा संकट न देखा है, न ही सुना है। निश्चित तौर पर मानव जाति के लिए ये सबकुछ अकल्पनीय है। ये अभूतपूर्व संकट है, लेकिन थकना, हारना, टूटना, बिखरना हमें मंजूर नहीं है। सतर्क रहते हुए, सभी नियमों का पालन करते हुए अब हमें बचना भी है और आगे बढ़ना भी है। आज जब दुनिया संकट में है, तब हमें अपना संकल्प और मजबूतर करना होगा, हमारा संकल्प इस संकट से भी विराट होगा। साथियों, हम पिछली शताब्दी से भी लगातार सुनते आए हैं कि 21वीं सदी हिंदुस्तान की है। कोरोना संकट के बाद भी दुनिया में जो स्थितियां बन रही हैं, उसे भी हम निरंतर देख रहे हैं।’’ 

पीएम मोदी ने कहा, ‘‘आज स्थिति ये है कि भारत में हर रोज 2 लाख पीपीई और 2 लाख एन-95 मास्क बनाए जा रहे हैं। भारत ने आपदा को अवसर में बदल दिया. भारत की ये दृष्टि प्रभावशाली सिद्ध होने वाली है। विश्व के सामने भारत की संस्कृति उस आत्मनिर्भरता की बात करते हैं जिसकी आत्मा ‘‘वसुधैव कुटुंबकम’’ है। भारत की प्रगति में तो हमेशा विश्वव की प्रगति समाहित रही है। भारत के लक्ष्यों का प्रभाव विश्व कल्याण पर पड़ता ही है। टीबी हो, कुपोषण हो, भारत के अभियानों का असर दुनिया पर पड़ता ही है। इन कदमों से भारत की दुनियाभर में प्रशंसा होती है। दुनिया को विश्वास होने लगा है कि भारत बहुत अच्छा कर सकता है। मानव जाति के कल्याण के लिए बहुत कुछ अच्छा दे सकता है। 130 करोड़ देशवासियों का आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के कारण यह संभव हो पाया है।’’

प्रधानमंत्री ने आगे कहा आज हमारे पास साधन है, हमारे पास दुनिया की सबसे बेहतरीन टैलेंट है, हम सबसे अच्छा सामान बनाएंगे। सप्लाई चेन को और आधुनिक बनाएंगे। ये हम जरूर करेंगे। मैंने अपनी आंखों के सामने कच्छ भूकंप के वो दिन देखे हैं। सब कुछ ध्वस्त हो गया था, मानो कच्छ मौत की चादर ओढकर सो गया था। कोई सोच भी नहीं सकता था कि हालत ठीक हो पाएंगे, लेकिन देखते ही देखते कच्छ उठ खड़ा हो गया। हम ठान लें तो कोई लक्ष्य मुश्किल नहीं है। और हमारा लक्ष्य है भारत को आत्मनिर्भर बनाना। भारत की संकल्प शक्ति ऐसी है कि भारत आत्मनिर्भर बन सकता है।’’

अन्य राज्यों में फंसे श्रमिकों की छत्तीसगढ़ वापसी के लिए राज्य सरकार ने 4 ट्रेनें की कन्फर्म

  रायपुर, 09 मई 2020 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल और निर्देशन पर लाॅकडाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों, छात्रों, संकट में पड़े लोगों अथवा चिकित्सा की आवश्यकता वाले व्यक्तियों की छत्तीसगढ़ वापसी का रास्ता साफ हो गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने 4 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को कन्फर्म कर दिया है। इन ट्रेनों में आने के लिए इन लोगों को राज्य सरकार द्वारा जारी एप्प में एप्लाई करना होगा।
छत्तीसगढ़ सरकार ने इस एप्प का लिंक जारी कर दिया है। इन ट्रेनों में अन्य राज्यों में फंसे में छत्तीसगढ़ के श्रमिकों, छात्रों, संकट में पड़े लोगों अथवा चिकित्सा की आवश्यकता वाले व्यक्तियों को ही सफर की अनुमति होगी।
   राज्य सरकार द्वारा कहा गया है कि जो जहाँ पर हैं, वहां स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहें । जिन्होंने घर वापसी के लिये ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नही कराया है वो शीघ्र अपना रजिस्ट्रेशन कराएं। जैसे जैसे रेलवे और संबंधित राज्यों से अनुमति मिलते जायेगी ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। जहां ज्यादा लोग हैं वहां अनुमति पश्च्यात कई चरणों मे ट्रेन चलाई जाएगी।
     छत्तीसगढ़ सरकार ने जिन 4 ट्रेनों को कन्फर्म किया है उनमें पहली ट्रेन पठानकोट पंजाब से चांपा, दूसरी ट्रेन साबरमती अहमदाबाद से बिलासपुर, तीसरी ट्रेन साबरमती अहमदाबाद से बिलासपुर तथा चैथी ट्रेन विजयावाड़ा आन्ध्रप्रदेश से बिलासपुर शामिल है।
  राज्य सरकार ने इन ट्रेनों में सफर के लिए आॅनलाइन लिंक जारी किया है-http:cglabour.nic.in/covid19MigrantRegistrationService.aspx  
है। इस लिंक में एप्लाई कर लोग इन ट्रेनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ वापस आ सकेंगे। इसके अलावा 24 घंटे संचालित हेल्पलाइन नम्बर 0771-2443809, 9109849992,7587821800,7587822800,9685850444,9109283986 तथा 8827773986 पर संपर्क किया जा सकता है।

रेल हादसाः मालगाड़ी की चपेट में आने से 16 मजदूरों की मौत, रेल मंत्री ने दिए जांच के आदेश

महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में शुक्रवार को एक मालगाड़ी की चपेट में आने के बाद 14 मजदूरों की मौत हो गई। कर्माड पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि जालना से भुसावल की ओर पैदल जा रहे मजदूर मध्य प्रदेश लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि वे रेल की पटरियों के किनारे चल रहे थे और थकान के कारण पटरियों पर ही सो गए थे। अधिकारी ने बताया कि ट्रेन ने सुबह सवा पांच बजे उन्हें कुचल दिया।

सभी मजदूर मध्य प्रदेश के थे और जालना में स्टील कंपनी में काम करते थे। औरंगाबाद से ट्रेन मिलने की उम्मीद में जालना से औरंगाबाद जा रहे थे। घटना पर रेल मंत्रालय ने कहा, ‘‘आज सुबह कुछ मजदूरों को ट्रैक पर देखकर मालगाड़ी के लोको पायलट ने ट्रेन को रोकने की कोशिश की लेकिन उन्हें परभणी-मनमाड सेक्शन के बदनपुर और कर्माड स्टेशनों के बीच उन्हें टक्कर लग गई। घायलों को औरंगाबाद सिविस अस्पताल ले जाया गया है। जांच के आदेश दे दिए गए हैं।’’

ये सभी मजदूर मध्य प्रदेश के रहने वाले थे, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतक मजदूरों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है. उन्होंने रेल मंत्री से बात कर घायलों की सहायता करने को कहा है।

घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने लिखा, ‘‘महाराष्ट्र के औरंगाबाद में रेल हादसे में जानमाल के नुकसान से बेहद दुखी हूं। मैंने रेल मंत्री पीयूष गोयल से बात की है और वह करीब से स्थिति पर नजर रख रहे हैं। आवश्यक हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।’’ वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है।

विशाखापट्टनम और छत्तीसगढ़ गैस लीकः 8 लोगों की मौत, लगभग 1000 से अधिक अस्पताल में भर्ती

रायपुर: गुरुवार को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक पेपर मिल में गैस रिसाव के बाद कम से कम सात मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीन मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह और कलेक्टर यशवंत कुमार गैस रिसाव से प्रभावित लोगों से मिले। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मील के टैंक की सफाई करते समय गैस लीक हो गई। इसके बाद 7 वर्कर्स को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से 3 की हालत नाजुक बनी हुई है। साथ हीं उन्होंने यह भी कहा कि मिल के मालिक ने घटना को छिपाने की कोशिश की और पुलिस को सूचित नहीं किया। मामला दर्ज कर लिया गया।

इससे पहले आज हिन्, आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में भी गैस रिसाव ने एक बच्चे सहित 10 लोगों की जान ले ली। आरआर वेंकटपुरम गांव में एलजी पॉलिमर उद्योग में गैस रिसाव के बाद स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की शिकायत के बाद 1,000 से अधिक लोगों को अस्पताल ले जाया गया।

 सूत्रों के मुताबिक करीब 1000 से अधिक लोग बीमार हैं। सरकार की तरफ से राहत और बचाव का कार्य जारी है। लोगों को अधिक से अधिक संख्या में हॉस्पिटल ले जाया जा रहा है। केमिकल गैस लीक से कई लोग सड़कों पर बेहोश हो गये। कई लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखो में जलन और स्किन में रेशेज जैसी शिकायतें आ रही हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के महानिदेशक एसएन प्रधान ने बताया कि स्थानीय लोगों ने गले और त्वचा में जलन और कुछ विषाक्त संक्रमण की सूचना दी, फिर पुलिस और प्रशासन हरकत में आया। 

हादसे पर दुख जताते हुए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि गैस लीक घटना के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं, मैं सभी की सलामती की प्रार्थना करता हूं। मैं पार्टी कार्यकर्ताओं से स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करते हुए प्रशासन के साथ समन्वय में हर संभव राहत प्रदान करने का अनुरोध करता हूं।

मुख्यमंत्री बघेल ने गृह मंत्री के सुझाव को दी सहमति : छत्तीसगढ़ में अब मई महिने में सभी शनिवार और रविवार को रहेगा लाॅकडाउन सब्जी, दूध, चिकित्सा सहित अत्यावश्यक सेवाएं रहेंगी चालू

कोविड-19 से बचाव हेतु राज्य सरकार का अहम निर्णय

रायपुर,7 मई 2020कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव हेतु मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू के सुझाव को सहमति प्रदान कर दी है। जिसमें उन्होंने प्रदेश में मई महिने के सभी शनिवार और रविवार को प्रदेश में लाॅकडाउन करने का सुझाव दिया है। 

चालू मई महिने के सभी शनिवार और रविवार को अब पूरे प्रदेश में लाॅकडाउन रहेगा। मुख्यमंत्री  बघेल ने इस लाॅकडाउन में सब्जी, दूध, चिकित्सा सहित अन्य अत्यावश्यक सेवाओं को चालू रखने को कहा है। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा यह अहम कदम उठाया गया है। जिसके तहत अब पूरे मई महिने के शनिवार और रविवार के दिन प्रदेश में लाॅकडाउन  

शराब के मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ में बवाल..सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने...पढ़े ये खास रिपोर्ट

0 विपक्ष के आरोपों का किया खंडन।

0 प्रदेश कांग्रेस महामंत्री ने रखा पक्ष।

0 पूर्व मंत्री के आरोपों को किया खारिज।

0 शराब की बिक्री केंद्र सरकार के निर्देश पर-कांग्रेस।

छत्तीसगढ़ में शराब की बिक्री का मामला हो या फिर शराब की होम डिलीवरी का मुद्दा। सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने खुलकर आ चुके हैं एक दूसरे की कड़ी आलोचना और सरकार की नियत पर सवाल उठाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। इसी कड़ी में प्रदेश बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व अबकारी मंत्री अमर अग्रवाल ने भूपेश बघेल की सरकार को गिरते हुए उन्हें उनके जन घोषणा पत्र की याद दिलाई है जिसमें कांग्रेस ने कहा था कि शराब की छत्तीसगढ़ में पूर्ण बंदी कर दी जाएगी वहीं दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री अटल श्रीवास्तव ने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीते सालों में सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है दोनों ही वरिष्ठ नेताओं ने एक दूसरे के खिलाफ खुलकर बयान बाजी की है वही शराब की बिक्री और शराब के होम डिलीवरी जैसे मुद्दे पर सत्ता पक्ष में विपक्ष के तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है कांग्रेस की तरफ से पूरे विवाद को इस बिंदु पर समाप्त किया गया कि छत्तीसगढ़ में शराब की बिक्री केंद्र के बीजेपी सरकार के निर्देश के आधार पर ही हो रही है।

पूर्व मंत्री का विवादित बयान...अपने ही बातों से मुकर रही भूपेश सरकार....पढ़े पूरी खबर

0 विपक्ष ने खोला कांग्रेसी खिलाफ मोर्चा।

0 अमर अग्रवाल ने दी तीखी प्रतिक्रिया।

0 सरकार शराब बेचकर कमाना चाहती है पैसा।

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छत्तीसगढ़ में शराब दुकान खोले जाने को लेकर चौतरफा विरोध हो रहा है । और इन दिनों विपक्ष ने भूपेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इसी कड़ी में बीजेपी के वरिष्ठ कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने दो टूक और तीख़ी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने बीजेपी शासन काल का हवाला देते हुए यह कहा कि, वे 15 साल तक आबकारी विभाग के मंत्री रहे हैं। और वे जानते हैं कि सरकार के आय का एक सोर्स शराब की बिक्री भी है। लेकिन फिर भी कांग्रेस को अपने उस जन घोषणा पत्र को याद करना चाहिए। जिसमें उन्होंने कहा था कि, पूर्ण शराबबंदी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसलिए कांग्रेस को शराबबंदी की ओर बढ़ना चाहिए ना कि शराब की होम डिलीवरी की तरफ। भूपेश सरकार को प्रदेश के बर्बादी का रास्ता नही खोलना चाहिए । हालांकि उन्हें आज भी उम्मीद है कि, कांग्रेस छत्तीसगढ़ में जल्द ही पूर्ण शराबबंदी करेगी।। इस बीच पूर्व मंत्री ने यह जरूर साफ किया है कि, उनकी पिछली बीजेपी सरकार कभी भी शराब की पूर्ण बंदी के पक्ष में नहीं थी। लेकिन आंशिक रूप से शराब पर प्रतिबंध लगाना बीजेपी सरकार की प्राथमिकताओं में था।

शराब की बिक्री का विरोध..कांग्रेस नेता ने विपक्ष के सुर में मिलाया सुर

0 कांग्रेसी विधायक ने भी दर्ज की आपत्ति।

0 कहा- प्रदेश सरकार पुनर्विचार करें।

0 शराब दुकान खोले जाने से खतरा बढ़ा।

0 मुख्य सचिव से हुई है बात-विधायक।

बिलासपुर के कांग्रेसी विधायक शैलेश पांडे ने विपक्ष के सुर से सुर मिला लिया है। जी हां, शहर के विधायक होने के नाते शैलेश पांडे ने कहा कि शराब की दुकान खोले जाने और शराब की बिक्री को लेकर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए। इस संबंध में उनकी चर्चा मुख्य सचिव से पहले ही हो चुकी है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल के बयान के बाद नागपुर के कांग्रेसी विधायक ने भी शराब की बिक्री को लेकर अपना पक्ष रखा है। शैलेश पांडये ने यहां तक कहा कि शराब बिक्री के दौरान कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। बीते दिनों प्रदेशभर में जो कुछ देखने को मिला उससे यह साफ हो जाता है कि अगर लगातार शराब बिकते रहे तो ये खतरा बना रहेगा। हालांकि कांग्रेसी विधायक ने इस पूरे मामले में बड़े ही नपे-तुले शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने साफ कर दिया कि, केंद्र सरकार के द्वारा मिले निर्देशों के आधार पर ही राज्य में शराब दुकान खोले गए हैं । ऐसे में इसके लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार बताना सही नहीं होगा। फिर भी राज्य सरकार को इस विषय पर पुनर्विचार करना चाहिए और इस संबंध में पहले ही उनके मुख्य सचिव से चर्चा हो चुकी है।

लॉकडाउन 03 को सफल बनाने फ्लैग मार्च लगातार जारी

कलेक्टर एसपी अपने मातहतों के साथ किया फ्लैग मार्च।

बिलासपुर जिले में लगभग 200 से अधिक जवानो एवं 50 से अधिक गाड़ीयो द्वरा किया गया फ्लैग मार्च ।

ड्रोन कैमरे के माध्यम से रखी जारी निगरानी।

कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव हेतु जिला प्रशासन बिलासपुर द्वारा आगामी 17 मई 2020 तक संपूर्ण जिले में धारा 144 लगा दी गई है आवश्यक सेवाओं को छोड़कर विभिन्न प्रकार के स्थलों जहां जनसामान्य एकत्रित होते हों प्रतिबंधित कर दिया गया है

इसके बावजूद भी कुछ लोगों के द्वारा उक्त निर्देशों का उल्लंघन करना पाया जा रहा है जिस पर बिलासपुर कलेक्टर एवं पुलिसअधीक्षक अपने अधीनस्थ अधिकारियों को साथ लेकर आज शहर में फ्लैग मार्च पुलिस ग्राउंड से प्रारंभ कर सत्यम चौक ,अग्रसेन चौक, पुराना बस स्टैंड चौक, बुधवारी बाजार , तोरवा चौक ,से होते हुए मंगला चौक बाद पुलिस ग्राउंड तक फ्लैग मार्च कर शहर में भ्रमण किया गया। तथा लोगों से घर पर ही रहने, बाहर ना घूमने एवं कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के संपूर्ण उपाय जैसे-

5 मिनट तक झाग वाली साबुन से हाथ धोना, सोशल डिस्टेंस का पालन करना, बाहर निकलने पर मास्क लगा कर रखना, आदि सुरक्षित उपायों को पी एस सिस्टम के माध्यम से बताते हुए लोगों से लगाताबर अपील किया गया।

कोरोना वायरस से बचाव के संबंध में हर संभव प्रयास के लिए बिलासपुर जिला प्रशासन एवं जिला पुलिस पूर्णतः प्रतिबद्ध है।