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दूसरे चरण के विकास यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह विभिन्न स्थानों पर आयोजित सात आमसभाओं करेंगे सम्बोधित

रायपुर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह प्रदेश व्यापी विकास यात्रा के तहत  आज 18 मई से 20 मई तक राज्य के पांच जिलों – कोरबा, कोरिया, बलरामपुर-रामानुजगंज और सूरजपुर जिलों का सघन दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री अपने प्रवास के दौरान विभिन्न स्थानों पर आयोजित सात आमसभाओं में इन पांचों जिलों की जनता को एक हजार 466 करोड़ 98 लाख रूपए के एक हजार से ज्यादा निर्माण कार्याें की सौगात देंगे।
डॉ. सिंह इनमें से पूर्ण हो चुके निर्माण कार्याें का लोकार्पण और नये स्वीकृत निर्माण कार्याें का भूमिपूजन और शिलान्यास करेंगे।  अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री इन आमसभाओं में शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत एक लाख से ज्यादा हितग्राहियों को सहायता राशि और अनुदान सामग्री का वितरण करेंगे।  करतला को मिलाकर कोरबा जिले को मुख्यमंत्री के हाथों 18 मई और 20 मई की आम सभाओं में कुल 548 करोड़ 37 लाख रूपए के निर्माण कार्याें की सौगात मिलेगी। वे इनमें से कोरबा नगर निगम क्षेत्र की जनता के लिए 133 करोड़ 34 लाख रूपए की पेयजल प्रदाय योजना, बलरामपुर जिला मुख्यालय में 15 करोड़ 77 लाख रूपए की लागत से निर्मित शासकीय जिला अस्पताल भवन का भी लोकार्पण करेंगे।
मुख्यमंत्री 20 मई को कोरबा जिले के कटघोरा की आमसभा में 132 करोड़ 39 लाख रूपए के 113 और जिला मुख्यालय कोरबा की आमसभा में लगभग 237 करोड़ रूपए के 26 निर्माण कार्याें का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। डॉ. सिंह शुक्रवार 18 मई को शाम 6 बजे कोरिया जिले के चिरमिरी में आमसभा को संबोधित करेंगे। वे इस अवसर पर जिले के विकास के लिए जनता को 457 करोड़ रूपए के निर्माण कार्याें की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री चिरमिरी में रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन 19 मई को वहां से हेलीकाप्टर द्वारा पूर्वान्ह 11.30 बजे जशपुर जिले के तहसील मुख्यालय कांसाबेल आएंगे और वहां की आम सभा में 133 करोड़ 25 लाख रूपए के 664 निर्माण कार्याें का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास करेंगे। डॉ. सिंह 19 मई को शाम 6.10 बजे रामानुजगंज- बलरामपुर जिले के तहसील मुख्यालय राजपुर में विशाल आमसभा को सम्बोधित करेंगे। वे इस अवसर पर जिले की जनता के लिए 148 करोड़ 76 लाख रूपए के 59 निर्माण कार्याें का लोकार्पण-भूमिपूजन और शिलान्यास करेंगे।
डॉ. सिंह वहां रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन 20 मई को हेलीकाप्टर द्वारा पूर्वान्ह 11.30 बजे सूरजपुर जिले के ग्राम उचडीह आएंगे, जहां उनके हाथों सूरजपुर जिले के लिए 179 करोड़ 61 लाख रूपए के 10 निर्माण कार्याें का लोकार्पण-भूमिपूजन और शिलान्यास सम्पन्न होगा। डॉ. सिंह 20 मई को ही अपरान्ह 3.50 बजे कोरबा जिले के कटघोरा में आयोजित आमसभा में 132 करोड़ 39 लाख रूपए के 113 तथा जिला मुख्यालय कोरबा में रात्रि 7.30 बजे की आमसभा में लगभग 237 करोड़ रूपए के 26 निर्माण कार्याें का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास करेंगे।

 

रायपुर में पंचायत प्रतिनिधियों के जनस्वराज सम्मेलन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह पर जमकर बरसे

  रायपुर कांग्रेस के नेशनल प्रेसीडेंट राहुल गांधी आज गुरुवार को सुबह 10 बजे रायपुर के माना एयरपोर्ट पर  पहुंचे जहा पर कोंग्रेसी नेताओ ने जम कर स्वागत  किया एयरपोर्ट से राजधानी के इंडोर स्टेडियम के लिए रवाना हो गए जहा पर पंचायती राज सम्मेलन का शुरुआत करते प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह पर जमकर बरसे. राहुल ने कहा आमतौर पर जनता न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर जाती है. लेकिन 70 साल में पहली बार आपने देखा होगा कि सुप्रीम कोर्ट के जज प्रेस के सामने जाकर कहते हैं हमें आपकी जरूरत है. हमे डराया जा रहा है , धमकाया जा रहा है. हम अपना काम नहीं कर पाए रहे हैं. ये किसी लोकतांत्रिक देश में पहली बार हुआ. हिन्दुसातान में पहली बार हुआ. उन्होंने कहा आज हमारे प्रेस के मित्र भी डरकर बोलते हैं. देखते हैं कोई मार न दे. हत्या का आरोपी व्यक्ति नेशनल पार्टी का अध्यक्ष है. एक तरफ हत्या का आरोपी जो देश की नेशनल पार्टी के अध्यक्ष हैं, 4 जज कह रहे हैं हम काम नहीं कर पा रहे हैं, और एक तरफ डरा हुआ प्रेस है. जो डर जस्टिस के अंदर है वही डर प्रेस के अंदर है. और वही डर भाजपा के सांसदों में है, कुछ भाजपा के सांसद मुझसे कहते हैं हम प्रधानमंत्री के सामने कुछ नहीं कह सकते. महाराष्ट्र के एक सांसद ने किसानों की बात कही उसे आउट कर दिया गया.
जेटली कहते हैं किसान का कर्ज माफ करना हमारी पॉलीसी नहीं हैएक साल के भीतर 15 सबसे अमीर लोगों का कर्जा माफ कर दिया जाता है. आज देश के बड़े शैक्षणिक संस्थानों में आर एस एस के लोगों को भरा जा रहा है. लेकिन कांग्रेस ने कभी ऐसा नहीं किया.
सभी संस्थाओं को मिलाकर देश की आवाज बनती है. यदि अमेरिका का राष्ट्रपति कहता है कि चाइना और भारत से ही हमारा कॉम्पिटिशन है तो इसलिये की यह। अलग-अलग संस्थाएं है. मगर आरएसएस और बीजेपी नहीं चाहती कि देश की गरीब जनता की आवाज हो.वो नहीं चाहते कि रोहित वेमुला जैसा दलित युवा सपना देख सके. उनके हिसाब से आदिवासी की जगह है, दलित की जगह है. और ये लोग जगह से नहीं हिलनी चाहिए. इनकी विचारधारा है कि महिला की आवाज खुलकर नहीं गूंजना चाहिए. इनकी नजर में महिला का काम केवल खाना पकाना है. दलितों का काम सिर्फ सफाई है.इसलिए एक के बाद एक सभी संस्थाओं को कैप्चर कर रहे हैं.
ये गरीबों का देश है मगर ये गरीब देश नहीं है. इस देश मे लाखों करोड़ रुपये हर दो तीन महीनों में 15-20 लोगों को दिया जाता है..
छत्तीसगढ़ का अच्छा उदाहरण सामने है. क्या नहीं है छत्तीसगढ़ के पास, लेकिन ये यहां के लोगों का नहीं है.
मेरे ऊपर सबसे बड़ा आक्रमण उस दिन शुरू हुआ जब मैं भट्टा परसौल गया.उस दिन के बाद में मेरे ऊपर आक्रमण किया जा रहा है. बिल में साफतौर पर उल्लेख था कि पंचायतों के बगैर जमीन नहीं ली जा सकेगी

पत्रकारिता एक मिशन है कमीशन नहीं उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु

रायपुर - उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने कहा है कि पत्रकारिता एक मिशन है, कमीशन नहीं। उन्होंने कहा – पहले पत्रकारिता एक मिशन थी, आज यह उद्योग का स्वरूप ले रही है। इससे पत्रकारिता की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है। श्री नायडु आज यहां शासकीय विज्ञान महाविद्यालय परिसर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह को मुख्य आतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने की। डॉ. सिंह ने कहा – समाचारों की विश्वसनीयता ही पत्रकारिता की पहचान होती है।
उपराष्ट्रपति श्री नायडु ने समारोह में आगे कहा – पत्रकारिता आज उद्योग का स्वरूप ले रही है। पिछले 25 वर्षों के दौरान टी.व्ही. चैनलों ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है, प्रौद्योगिकी के विकास के साथ स्मार्ट फोन की मदद से डिजिटल मीडिया हम सबके हाथों में पहुंच चुका है। हम सभी सूचनाएं गढ़ने, प्रेषित करने और प्राप्त करने की क्षमता रखते हैं, ऐसे दौर में हमारी जिम्मेदारी और भी अधिक बढ़ जाती है। उचित और अनुचित में भेद करने का दायित्व हम सभी का है। इस दौर में पत्रकारिता के विद्यार्थियों को विवेकशील बनना होगा। श्री नायडु ने कहा कि पत्रकारिता के विद्यार्थी एक आदर्श पत्रकार के रूप में देश और समाज हित में काम करें और एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दंे। माता, मातृभूमि, मातृभाषा और गुरूजनों का सम्मान करना कभी न भूलें। उन्होंने कहा कि आज आई.टी. का युग है लेकिन इंटरनेट के गूगल जैसे सर्च इंजन कभी भी किसी गुरू का स्थान नहीं ले सकते।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन ने अध्यक्षीय आसंदी से दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता का गौरवशाली इतिहास रहा है। समाचारों की विश्वसनीयता ही पत्रकारिता और पत्रकारों की पहचान बनाती है। लोकतंत्र में पत्रकारिता सिर्फ समाचार देने का माध्यम ही नही है बल्कि देश और समाज को सही दिशा देना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है।दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के 406 विद्यार्थियों को डिग्री और 19 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इनमें वर्ष 2014-15 एवं वर्ष 2016 व 2017 के बीच में उत्तीर्ण एम.फिल. के 27, स्नातकोत्तर के 170 और स्नातक के 209 छात्र-छात्राओं को उपाधियां दी गई। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री  प्रेमप्रकाश पाण्डेय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री   अजय चंद्राकर, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री   बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद  रमेश बैस विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
उपराष्ट्रपति श्री नायडु ने कहा कि समाज में पत्रकारिता उत्कृष्ट और महत्वपूर्ण कार्य है। मैने अपने 40 साल के सार्वजनिक जीवन में पत्रकार मित्रों से काफी कुछ सीखा है, उनके साथ बातचीत से हिन्दी सीखने का अवसर मिला। पत्रकारिता और पत्रकारों ने स्वतंत्रता संग्राम में महती भूमिका निभाई थी। उस दौर के लगभग सभी बड़े नेता प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर  समाचार पत्रों के माध्यम से जनता में जागरूकता पैदा करने क दिशा में प्रयासरत थे।  इलेक्ट्रानिक समाचार चैनलों के बाद अब सोशल मीडिया का प्रभावशाली औजार पत्रकारों के हाथ में है, लेकिन इसके साथ पत्रकारों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। इन आधुनिक सुविधाओं का उपयोग विवेकशीलता के साथ समाज और देश के हित में किया जाना चाहिए।  उन्होंने कहा कि ब्रेकिंग न्यूज ब्रेक करने वाली न हो बल्कि यह सकारात्मकता और समाजिक समरसता को बढ़ावा देने वाली होनी चाहिए।
श्री नायडु ने स्व. श्री कुशाभाऊ ठाकरे को नमन करते हुए कहा कि यह मेरा सौभाग्य कि उनके साथ लंबे समय तक मुझे काम करने का अवसर मिला। वे एक आदर्श नेता और मार्गदर्शक थे। पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न श्री अटल बिहारी बाजपेयी को याद करते हुए श्री नायडु ने कहा कि अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। यह गौरव का विषय है कि अटल जी ने ही इस विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया था और विश्वविद्यालय ने उनकी कालजयी रचना ‘‘कदम मिलाकर चलना होगा‘‘ को अपना कुलगीत बनाया है। श्री नायडु ने दीक्षांत समारोह में उपाधि और स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। श्री नायडु ने कहा कि देश के प्रथम मीडिया गुरूकुल के तौर पर पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। यह विश्वविद्यालय मीडिया शिक्षा में स्नातक से लेकर स्नातकोतर, एमफिल और पीएचडी की शिक्षा प्रदान कर रहा है। इसके लिए मैं विश्वविद्यालय परिवार को बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि आज भी हमारे देश के अनुसूचित जातियों, जनजातियों, महिलाओं और पिछड़े वर्ग के करोड़ों लोगों तक सूचनाएं सही मायने में, सही संदर्भाें के साथ और सही समय पर पहुंचाने की आवश्यकता है। यह कार्य करके पत्रकार समरस समाज की स्थापना में अपना योगदान दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि एक स्वस्थ्य लोकतंत्र के लिए स्वस्थ्य और निष्पक्ष पत्रकारिता बहुत जरूरी है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पत्रकारिता का अनिवार्य हिस्सा है लेकिन अभिव्यक्ति के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रहित सर्वोपरि है। समाचार देने के पहले तथ्यों की पुष्टि आवश्यक है। पत्रकार जो बोलता और लिखता है, उसका मूल्यांकन आने वाली पीढ़ी करती है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह पहला पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय की जब कल्पना की थी तभी यह तय किया गया कि विश्वविद्यालय का नामकरण प्रखर चिंतक और विचारक स्व.श्री कुशाभाऊ ठाकरे की स्मृति में किया जाएगा। हमारे लिए यह गौरव की बात रहीं की छत्तीसगढ़ प्रदेश के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी के हाथों इस विश्वविद्यालय का उद्घाटन हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया के तकनीकी औजारों, वेबसाइट, फेसबुक, वाटसअप से इन दिनों हमारे और आपके स्मार्ट फोन पर दुनिया के हर कोने से आ रही सूचनाओं का सैलाब उमड़ रहा है। इन सूचनाओं की सच्चाई का पता सिर्फ नीर-क्षीर विवेक से ही लगाया जा सकता है। समाचार देने के पहले घटनाओं और तथ्यों की पुष्टि आवश्यक है।
उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय की स्मारिका ‘‘केटीयु न्यूज‘‘ के दीक्षांत विशेषांक का विमोचन किया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. मानसिंह परमार ने स्वागत उद्बोधन दिया। कुलसचिव डॉ. अतुल कुमार तिवारी ने आभार प्रदर्शन किया।

केशकाल घाटी के ठीक नीचे रुका मुख्यमंत्री के विकास यात्रा का काफिला

रास्ते मे सोलर पंप देखकर रुके मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह

कांकेर - मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह विकास रथ से उतरकर आज अचानक  तितरी बाई के घर पहुच गए और उनके खेत मे लगे सोलर पंप का अवलोकन किया। दरअसल मुख्यमंत्री के विकास यात्रा का काफिला केशकाल घाटी से उतर रहा था। घाटी के ठीक नीचे ग्राम मुरगांव से गुजरते वक्त मुख्यमंत्री की नजर सोलर पंप पर पड़ी तो, उन्होंने रथ रोकने का इशारा किया। मुख्यमंत्री डॉ सिंह रथ से उतर कर  तितरी बाई के घर पहुंच गए। तितरी बाई मुख्यमंत्री को लेकर अपने खेत गई और पम्प चलाकर दिखाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं से व्यक्ति के जीवन मे कैसे बदलाव आता है इसका तितरी बाई सबसे बड़ा उदाहरण है। श्रीमती तितरी बाई ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री खाद्यान्न सुरक्षा योजना में एक रूपए किलो में चावल और निःशुल्क नमक मिल रहा है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में उन्हें रसोई गैस कनेक्शन भी मिला है।

  तितरी बाई ने बताया कि उनके पति का चार साल पहले निधन हो गया है। बेटे के साथ रहती है। पांच एकड़ जमीन है अब सोलर पंप से इसमे सिंचाई होने से अच्छी फसल हो जाती है। तितरी बाई अभी खेत के एक हिस्से में भाजी लगाई है।

तरक्की बंदूक से नहीं विकास कार्यों से होगी : डॉ. रमन सिंह विकास यात्रा पहुंची नारायणपुर नारायणपुर में जल्द शुरू होगा जिला एवं सत्र न्यायालय

अम्बेडकर पार्क के लिए 50 लाख रूपए, रायपुर-ओरछा बस सेवा जिले के विकास के लिए दी 223 करोड़ रूपए से अधिक लागत से विकास कार्यों की सौगात
 कांकेर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश व्यापी विकास यात्रा के आज नक्सल प्रभावित जिला मुख्यालय नारायणपुर पहंुचने पर जनता ने बड़े उत्साह से उनका स्वागत किया। उन्होंने नक्सलियों से हिंसा छोड़ने का आव्हान करते हुए कहा कि अंचल की तरक्की बंदूकों से नहीं विकास के कार्यों से होगी। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद विकास में बाधक है। नक्सलवादियों ने यहां की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ युवाओं की जवानी छीनने का काम किया है। डॉ. सिंह ने विकास में बाधक ऐसे लोगों से कहा कि वे आने वाली पीढ़ी के विकास में बाधक न बनें।
    नारायणपुर में आयोजित आम सभा में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को तीरधनुष भेंट कर और पगड़ी पहनाकर उनका आदिवासी परम्परा के अनुसार आत्मीय स्वागत किया। डॉ. सिंह ने इस अवसर पर नारायणपुर जिले के विकास के लिए लगभग 223 करोड़ 34 लाख रूपए की लागत के 77 विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। इन कार्यों में से मुख्यमंत्री ने 47 करोड़ 32 लाख रूपए की लागत के 18 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और लगभग 176 करोड़ के 59 कार्यों का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय और आदिम जाति कल्याण मंत्री   केदार कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
    मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों के आग्रह पर नारायणपुर में अम्बेडकर पार्क के लिए 50 लाख की स्वीकृति, नारायणपुर जिला मुख्यालय के मुख्य सड़क मार्ग (3 किलोमीटर)  चौड़ीकरण और राजधानी रायपुर से ओरछा(अबूझमाड़) तक बस चलाने की अनुमति प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने नारायणपुर में जिला एवं सत्र न्यायालय शीघ्र शुरू करने का आश्वासन भी दिया। इसके लिए राज्य शासन द्वारा उचित पहल की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओरछा में पटवारियों के रिक्त 18 पद शीघ्र भरे जाएंगे। उन्होंने अबूझमाड़ के दूरस्थ पांच गांव कोडोली, जिवलापदर, नेड़नार, ताड़ोनार और आकाबेड़ा में बसे 169 अबूझमाड़िया परिवारों को भू-स्वामी अधिकार पत्र सौंपे। डॉ. सिंह ने 870 अबूझमाड़िया परिवारों को रेडियो भी वितरित किए।
        उच्च शिक्षा मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री  प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि प्रदेश के चार लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है। जिन्हें रोजगार के अच्छे अवसर मिल रहे हैं। आदिम जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिले को विकास कार्यों की सौगात देकर इस क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है। जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल सहित हर क्षेत्र में चहुंमुखी विकास हुए हैं।
    मुख्यमंत्री ने नारायणपुर में जिन कार्यों का लोकार्पण किया उनमें इनमें बालक-बालिकाओं के लिए पांच-पांच सौ सीटों के दो अलग-अलग छात्रावास भवन, इंडोर स्टेडियम, पांच पंचायत भवन, पर्यावरण पार्क, नल-जल योजना के कार्य, पॉलीटेक्निक में नव-निर्मित 50 सीटर कन्या छात्रावास और आवास गृह सहित पुल-पुलिया निर्माण और स्कूल भवन निर्माण के अनेक कार्य शामिल हैं।
    मुख्यमंत्री ने जिन कार्यों का भूमि पूजन और शिलान्यास किया, उनमें प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत 90 करोड़ रूपए की लागत की 175 किलोमीटर लम्बी सड़कंे, नारायणपुर में केन्द्रीय विद्यालय का भवन, विकासखण्ड मुख्यालय ओरछा में लाइवलीहुड कॉलेज भवन, नेलवाड़ा में 33 के.व्ही. क्षमता का विद्युत उपकेन्द्र, आकाबेड़ा और ओरछा में बनने वाला 33/11 क्षमता के विद्युत उपकेन्द्र, ओरछा तहसील कार्यलय भवन, बालिका छात्रावास, आठ सड़क निर्माण कार्य - बासिंग से बटबेड़ा, कुंदाड़ी से मरदेल, किहकाड़ से कोहकामेटा, हतलानार से गुमियाबेड़ा सड़क तथा पुल-पुलिया निर्माण, सीसी रोड, माड़िया सह-सामुदायिक भवन के कार्य शामिल हैं।
  मुख्यमंत्री ने 14 हजार 293 हितग्राहियों को 15 करोड़ 30 लाख रूपए की सामग्री और सहायता राशि का वितरण किया। उन्होंने श्रम विभाग की योजना के तहत ढाई हजार श्रमिकों को निःशुल्क साईकिल और 1500 श्रमिकों को औजार किट, 200 सिलाई मशीन और 20 हितग्राहियों को ई-रिक्शा वितरित किए। उन्होंने जिले के 894 किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं में हाईब्रिड, सब्जी मिनी किट, बीज मिनी किट, डीजल पंप और विद्युत पंप , 3 समूहों को ऐग हेचिग मशीन एवं कड़कनाथ चूजा और कोदो-कुटकी प्रोसेसिंग मशीन और सौर सुजला योजना के अंतर्गत 10 किसानों सोलर सिंचाई पंप भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने 10वीं और 12वीं की प्रतिभावान छात्रों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर नारायणपुर जिला पंचायत अध्यक्ष  प्रमीला उइके, बस्तर कमिश्नर श्री दिलीप वासनिकर, आईजी  विवेकानंद सिन्हा, कलेक्टर   टोपेश्वर वर्मा, पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

 

 

बिलासपुर के नेहरू चौक पर होगी राहुल की सभा प्रशासन ने नहीं दी जगह

बिलासपुर - कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दो दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। इस दौरान दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम बिलासपुर जिले में हैं। 17 मई को मरवाही विानसभा क्षेत्र के कोटमी में आदिवासी सम्मेलन को संबोधित करेंगे। दूसरे दिन 18 मई को बिलासपुर में संभाग स्तरीय बूथ कमेटी पदाकिारियों के सम्मेलन में शिरकत करेंगे। राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए शहर कांग्रेस कमेटी ने बहतराई खेल स्टेडियम के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा है। पीसीसी महामंत्री अटल श्रीवास्तव के अगुवाई में कांग्रेसजनों ने कलेक्टर पी दयानंद से मुलाकात कर बहतराई खेल स्टेडियम की मांग की थी। इस पर कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी को स्टेडियम के हैंडओवर न होने का हवाला देते हुए फिलहाल देने में असमर्थता जाहिर कर दी थी। साथ ही यह भी कहा था कि पीडब्ल्यूडी से सहमति मिलने के बाद इस पर विचार किया जाएगा । कलेक्टर के इन्कार के बाद कांग्रेसी राजनीति में हलचल बढ़ गई है।

शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नरेंद्र बोलर ने पीसीसी महामंत्री की अगुवाई में कलेक्टर से हुई चर्चा की बैठक में जानकारी दी व कांग्रेसजनों से इस संबंध में पूछा कि जिला प्रशासन के असहयोगात्मक रवैया के बीच अब आगे क्या करना चाहिए । प्रशासनिक रवैये से नाराज वरिष्ठ कांग्रेसजनों ने एक स्वर से कहा कि जिला प्रशासन को एक दिन का समय और दिया जाना चाहिए। इस बीच अगर प्रशासन की तरफ से कार्यकम स्थल के संबंध में लिखित में अनुमति नहीं दी जाती है तब कांग्रेस अध्यक्ष की सभा नेहरू चौक पर कराएंगे।

आज सीएम रमन की विकास यात्रा को राजनाथ सिंह ने दिखाई हरी झंडी

रायपुर:- शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के विकास यात्रा को हरी झंडी दिखाई। इसी के साथ उनका रथ दंतेवाड़ा के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए जगदलपुर की ओर आगे बढ़ी। इस बीच दंतेवाड़ा में जगह-जगह सीएम डॉ. रमन  सिंहका का स्वागत हुआ। बड़ी संख्या में लोग सीएम के स्वागत में सड़कों पर खडेÞ रहे। मुख्यमंत्री डॉ. रमन ने जनता का अभिवादन करते हुए आगे बढ़ते गए। सभा लेने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह व उनकी पत्नी वीण सिंह ने  मां दंतेश्वरी की पूजा अर्चना की। उसके बाद सभा में शामिल हुए। इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने उनके विकास यात्रा को हरी झंडी दिखाई। विकास यात्रा आगे बढ़ी। किलेपाल, तोकापाल, केशलुर में स्वागत में स्वागत सभा हुई। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज शाम करीब 4:50 बजे जगदलपुर पहुंचेंगे। वहां वे रोड शो करेंगे। फिर यहां एक सभा भी आयोजित की गई है, जिसमें सीएम का संबोधन होगा। 

आज दंतेवाड़ा से होगी विकास यात्रा की शुरुआत

दंतेवाड़ा:-प्रदेश के मुखिया डॉ रमन सिंह आज दन्तेवाड़ा से माई दंतेश्वरी का आशीर्वाद ले अपनी विकास यात्रा की करेंगे शुरुवात। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह cm के विकास रथ को हरी झंडी दिखा करेंगे रवाना। निर्धारित समय के अनुसार लगभग 11 बजे मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह पहुचेंगे कारली हेलीपेड। वहाँ से सीधे जाएंगे मा दंतेश्वरी के मंदिर। उसके बाद हाई स्कूल मैदान में आम सभा को भी करेंगे संबोधित।

मां दंतेश्वरी का आशीर्वाद लेकर मुख़्यमंत्री डॉ रमन सिंह करेंगे विकास यात्रा का सुरुवात

रायपुर: सीएम डॉ. रमन सिंह ने विकास यात्रा 2018 को लेकर आज प्रेस कॉन्फ्रेंस  लिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले विकास यात्रा की गाथा पर एक लघु फिल्म दिखाई गई। इसके बाद सीएम विकास यात्रा पर चर्चा करते हुए आगे की योजना पर प्रकाश डाला। बता दे 12 मई से 11 जून तक विकास यात्रा निकलेगी।

सीएम ने कहा कि ये विकास यात्रा नहीं बल्कि जनता को धन्यवाद देने की यात्रा है। ये लाखों किसानों को बोनस देने की यात्रा है। यह जनता का आशीर्वाद और धन्यवाद देने की यात्रा है। छत्तीसगढ़ में सरकार की विकास यात्रा जारी है। पहले प्रदेश में भय और आतंक का माहौल था। अब शांति और विकास का माहौल है। 
14 साल से सरकार निरंतर विकास कार्य कर रही है।  इस यात्रा की शुरुआत करने गृहमंत्री राजनाथ सिंह दंतेवाड़ा आ रहे हैं। वहां पर न केवल मां दंतेश्वरी का आशीर्वाद मिलेगा बल्कि पूरे प्रदेश की जनता का आशीर्वाद मिलेगा। आज छत्तीसगढ़ विकसित स्वरूप में दिख रहा है। हमने विकास यात्रा की शुरुआत मां दन्तेश्वरी का आशीर्वाद लेकर ही किया है।​ छत्तीसगढ़ की जनता विकास को समझती है। केवल कांग्रेस ही विकास को नहीं समझती है। छत्तीसगढ़ में ये विकास पीढ़ियों का विकास है।

उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि विकास का विरोध करना मूलभूत सुविधाओं का विरोध करना है। इस विकास का विरोध कांग्रेस कर रही है तभी जनता ने उनका विरोध किया है। कांग्रेस रमन सिंह का विरोध करें पर विकास का विरोध न करे। ये प्रदेश की जनता की मूलभूत सुविधाओं का विरोध है। ऐसे में जनता माफ नहीं करेगी । कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि इस विकास यात्रा को लेकर कांग्रेस सिर्फ भ्रम फैलाने का काम करेगी। पत्रकार वार्ता करेगी। सोशल मीडिया में पोस्ट करेगी।
 
उन्होंने  कहा कि सरकार ने बस्तर में सड़कों का जाल बिछाया है। विकास देखना है तो दंतेवाड़ा और सुकमा जाकर देखें। अंधेरे में जी रहा था बस्तर। बस्तर के सारे गांवों में बिजली पहुंचाने का कार्य सरकार कर रही है। नेशनल लेवल पर भी इस विकास की चर्चा हो रही है। शहरी और ग्रामीण इलाकों में स्मार्ट कार्ड बन रहे हैं। रमन ने कहा कि सभी लोगों से हाथ उठाकर पूछा है कि कितने लोगों को राशन मिल रहा है। स्मार्ट कार्ड बन गया है कहते थे।
नक्सली लिमिटेड एरिया में रहकर विरोध जता रहे हैं। पत्थलगड़ी का कोई विरोध नहीं करता है। इस नाम से लोग विकास का विरोध कर रहे हैं। ये लोगों को दिग्भर्मित कर रहे हैं। ये अपने इलाके में सड़क, बिजली और अन्य विकास का विरोध कर रहे हैं स्थिति पहले से कही ज्यादा अच्छी है।

विकास यात्रा में देश के तमाम राज्यों और केंद्र के मंत्री नितिन गडकरी, नरेंद्र तोमर, योगी आदित्यनाथ, देवेंद्र फडणवीस, स्मृति ईरानी, जेपी नड्डा, शिवराज सिंह समेत कई मंत्री शामिल होने के लिए अपनी सहमति दे दी है।

- सीएम ने कहा कि भारत नेट परियोजना में 2500 करोड़ रुपए का भूमिपूजन होगा।

- 29 हजार 500 करोड़ की योजना का भूमिपूजन और शिलान्यास किया जायेगा।

- 5 लाख 60 हजार मजदूरों को सामग्री वितरित की जाएगी।

इस मौके पर कृ​षि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, गृहमंत्री रामसेवक पैकरा,  श्रम मंत्री भैय्यालाल रजवाड़े, महिला मंत्री रमशीला साहू आदि मौजूद रहे।इसके अलावा सीएस अजय सिंह, सीएम के प्रमुख सचिव अमन सिंह समेत तमाम अधिकारी उपस्थित थे।

मॉर्डन, और हाईटेक सुविधाओं से लैश है सीएम रमन का विकास रथ जानें इसकी खासियत

रायपुर: मुख्यमंत्री रमन सिंह का विकास रथ सज-धज कर तैयार हो गया है। मॉर्डन, और हाईटेक सुविधाओं से लैश यह विकास रथ बुलेट फ्रुट, सीसीटीवी कैमरा, देश-विदेश की खबरों से रूबरू होने एलईडी टीवी, पेंट्री से लेकर लिफ्ट तक सुविधाए है 
बता दे की  12 मई से रमन सरकार की विकास यात्रा दंतेवाड़ा से शुरू हो रही है.मुख्यमंत्री डाॅ.रमन सिंह विकास कार्यों  को लेकर जनता के बीच जिस  रथ में जाएंगे. उस रथ को पुणे की एक कंपनी ने करीब दो माह में तैयार की है। सबसे खास बात यह है कि इसकी इंटीरियर डिजाइन काफी शानदार है। खूबसूरत ढंग से सजे इस बस में श्लोगन लिखा है सबका साथ, सबका विकास। इसे विकास यात्रा का ध्येय बनाया गया है।
सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें जितनी सुविधाओं का ख्याल रखा गया है उतना ही सुरक्षा का भी। सीसीटीवी कैमरे और जीपीआरएस सिस्टम से लैश बस में खास सिक्योरिटी फीचर भी लगे हैं। यह इमरजेंसी में अलर्ट भी करता है।
 आपको बता दे की बस में रमन सरकार के पिछले 5 सालों के विकास कार्यों, योजनाओं, पीएम मोदी के बीजापुर दौरे की तस्वीर, सड़कों का विस्तार, जैतखांभ आदि को कोलाज के रूप में लगाया गया है।

छत्तीसगढ़ में 12वीं में बलौदाबाज़ार सिमगा से शिवकुमार पांडेय ने किया टॉप, 10वीं में योगेश सिंह चौहान रहे अव्वल,

रायपुर। छत्तीसगढ़ बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन यानि CGBSE ने 12वीं क्लास के रिजल्ट की घोषणा कर दी है. शिक्षा मंत्री केदार कश्यप ने रिजल्ट का ऐलान किया. बलौदाबाज़ार के शिवकुमार पांडे ने टॉप किया है. 98 फीसदी अंक के साथ शिवकुमार ने टॉप किया है.
स्टूडेंट्स cgbse.nic.in पर रिजल्ट चेक कर सकते हैं.  

दसवीं के टॉपर्स और प्रतिशत
यज्ञेश सिंह चौहान ने 98.37 % अंकों के साथ दसवीं में टॉप किया है। दसवीं का रिजल्ट 68.04 प्रतिशत रहा। 10वीं में 69.44% लड़कियां और 66.42 लड़के पास हुए। दुर्ग की मानसी मिश्रा 98% ने दूसरा स्थान हासिल किया। बिलासपुर के अनुराग 97.5%  अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। जशपुर के महेश्वर साय 97.50% चौथे और राजिम के भास्कर यादव और सरगुजा के रोशन तिवारी पांचवें स्थान पर रहे। कोरबा की विनीता पटेल ने छठा स्थान हासिल किया। धमतरी की जाह्नवी पटेल, बिलासपुर की तन्नू यादव , जया पांडे, कोरबा के तुषार, जशपुर के प्रकाश कश्यप ने संयुक्त रूप  से सातवां स्थान हासिल किया। रायपुर की जुनेश्वरी, स्पंदन दास, मानस पटेल, रायगढ़ के अर्चना नंदे, रायगढ़ की पूजा पटेल और जशपुर का आदर्श महतो आठवें स्थान पर हैं। दुर्ग के योगराज, महासमुंद के दिनेश भोई, महासमुंद के अमन, जांजगीर की अमिता और सरगुजा के नंदलाल नौंवें स्थान पर रहे। बागबहरा के भूपेंद्र, रायपुर की पूनम साहू, पेंड्रा की अनिष्का, सरगुजा की स्वाति गुप्ता दसवें स्थान पर रहे।

बारहवीं के रिजल्ट और टॉपर्स 
बारहवीं में बलौदाबाजार सिमगा के रहने वाले शिव कुमार पांडे ने टॉप किया है। संध्या कौशिक, बिलासपुर की रहने वाली ने दूसरा स्थान प्राप्त किया तो भिलाई के रहने वाले शुभम गुप्ता तीसरे स्थान पर हैं। विनय सिंह चौहान और हेमंत साहू ने ने बारहवीं में चौथा स्थान प्राप्त किया तो यशस्वी शर्मा पांचवें स्थान पर रहीं। रायपुर के रहने वाले रिषभ देव कुर्रे, जांजगीर के आलोक और कोरबा के शिवम कंवल छठे स्थान पर रहे। वहीं बिलासपुर के आशालता और आयुष, बिलासपुर की ही अदिति पांडे, संध्या सिंह सातवें स्थान पर रहे। बलौदा के दिनेश और बिलासपुर के प्रकाश कुमार आठवें स्थान पर, राजनांदगांव के चंचल वर्मा और बिलासपुर के अभिवन नौवें स्थान पर हैं।

 

माध्यमिक शिक्षा मंडल की सभी तैयारियां पूरी सीजी बोर्ड के रिजल्ट results.cg.nic.in और cgbse.nic.in पर

रायपुर- रायपुर 9 मई 2018। रिजल्ट का इंतजार अब कुछ देर में खत्म हो जाएगा। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल एक साथ 10वीं और 12वीं दोनों का परीक्षा परिणाम अब से कुछ देर बाद यानी ठीक 10 बजे जारी करेगा। दसवीं और बारहवीं बोर्ड के करीब पौने सात लाख बच्चों को साल भर की मेहनत का परिणाम का इंतजार में है।  माध्यमिक शिक्षा मंडल ने भी सभी तैयारियां पूरी कर ली है।   खास बात यह है कि इस बार पहली बार 10वीं और 12 वीं के नतीजे एक साथ आ रहे हैं, तो ऐसे में इंटरनेट पर लोड रहेगा। इसके लिए भी बोर्ड ने तैयारियां की हैं, ताकि स्टूडेंट्स को उनके रिजल्ट की जानकारी मिल सके। ऑफिशियल वेबसाइट results.cg.nic.in और cgbse.nic.in पर घोषित देखे जा सकते हैं। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के अच्छे नतीजे आने की संभावना जताई जा रही है। मूल्यांकन कार्य सुधार और स्टूडेंट्स के मन से परीक्षा के डर निकालने के लिए काउसिलिंग के बेहतर परिणाम मिले हैं। इस साल 10वीं बोर्ड में 3 लाख 97 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए। पिछले पांच सालों की तुलना करें तो पास होने वाले बच्चों की संख्या बढ़ी है। साल 2017 में दसवीं का परिणाम 61.04 प्रतिशत था। इस साल 12वीं में 2 लाख 73 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए हैं। साल 2017 में 76.36 प्रतिशत बच्चे सफल रहे थे। बोर्ड से मिली जानकारी के मुताबिक छात्र अपने परिणाम माध्यमिक शिक्षा मंडल की वेबसाइट पर देख सकते है

लघु सिंचाई योजनाओं की रूपांकित क्षमता के अनुरूप सिंचाई सुविधा विकसित करने के लिए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की टीम गठित

कैलाश जायसवाल रायपुर -   छत्तीसगढ़ में तीन हजार से अधिक लघु सिंचाई योजनाओं की रूपांकित क्षमता के अनुरूप सिंचाई सुविधाएं विकसित करने के अभियान के तहत जल संसाधन विभाग के मैदानी अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू हो गया है। प्रशिक्षण के प्रथम चरण में आज प्रदेश के चार संभागीय मुख्यालयों रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर और अम्बिकापुर में जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंताओं और उप अभियंताओं को सिंचाई जलाशयों की वास्तविक स्थिति का सर्वेक्षण करने के लिए बनाए गए मोबाईल एप ‘सीजीडल्ब्यूआरडी सर्वे’ के संचालन के संबंध में मूलभूत जानकारियां दी गई।
 अभियान के तहत राज्य के एक हजार 698 लघु सिंचाई जलाशयों, 766 एनीकट और स्टाप डेम तथा 585 व्यपवर्तन योजनाओं का सर्वेक्षण करके सिंचाई सुविधाएं बढ़ाने कार्ययोजना बनेगी। पहले सिंचाई योजनाओं का चरणबद्ध ढंग से सर्वेक्षण किया जाएगा। सर्वे से जुड़े अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
    जल संसाधन विभाग के सचिव सोनमणि बोरा ने आज यहां जल संसाधन विभाग के डाटा सेंटर और ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों को इस अभियान के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की महत्वकांक्षी योजना के तहत ही छत्तीसगढ़ में यह अभियान शुरू किया गया है। छत्तीसगढ़ के किसानों के हित में यह दूरगामी परिणाम देने वाला अभियान है। छत्तीसगढ़ में जल संसाधन विभाग में पहली बार नई पहल करते हुए इस तरह अभियान शुरू किया गया है। इसमें प्रदेश की सिंचाई योजनाओं की रूपांकित सिंचाई क्षमता और वास्तविक सिंचाई के बीच के अंतर को दूर करने की कार्ययोजना बनाई गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि 26 मई तक अभियान में शामिल सिंचाई योजनाओं का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करना है। रिपोर्ट में सम्बंधित योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी आनी चाहिए। योजनाओं से सिंचित रकबे का सही आंकलन किया जाना हैं। उन्होंने बताया कि सर्वे के लिए तैयार सीजीडब्ल्यूआरडी एप में पिछले पांच वर्षों के सिंचाई आंकड़े दिए गए हैं।
    बोरा ने कहा कि सर्वेक्षण के दौरान सिंचाई योजनाओं के फोटोग्राफ्स एप में अपलोड करते समय अधिकारी विशेष रूप से सावधानी बरतेंगे। उन्होंने कहा कि अभियान में शामिल सिंचाई योजनाओं में से अनेक योजनाएं ऐसी हैं, जिनमें छोटे-छोटे मरम्मत और सुधार कार्य कराने की जरूरत है। सर्वे के दौरान इस तरह के कार्यों का ले-आउट तैयार कर लिया जाए, ताकि बरसात से पहले ऐसे कार्य कराकर सिंचाई सुविधाएं बढ़ाई जा सके। इनमें से बहुत सारे काम सर्वेक्षण के बाद 10-15 दिनों में पूरे हो सकते हैं।  बोरा ने कहा कि छोटे-छोटे मरम्मत के कार्य पूरे होने से आगामी छह महीने में ही अच्छे परिणाम आएंगे
 बोरा ने अधिकारियों को सर्वेक्षण के दौरान आगामी बरसात से पहले सिंचाई योजनाओं के आस-पास व्यापक पैमाने पर वृक्षारोपण करने के लिए भी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नहरों के किनारों पर भी वृक्षारोपण किया जा सकता है। प्रदेश के सभी बड़े सिंचाई जलाशयों के नजदीक समुदायिक वन विकसित करने की कार्ययोजना भी बनाई जाए। वृक्षारोपण और वन विकास के लिए जिला प्रशासन की योजनाओं से सहायता ली जा सकती है। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता बड़िये, मुख्य अभियंता   पवार, कार्यपालन अभियंता अजय श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम पर सम्मेलन का किया शुभारंभ

कैलाश जयसवाल रायपुर -  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि जब भी कहीं कोई अपराध घटित होता है, तो वास्तव में उसका पहला शिकार राज्य होता है और मुख्यमंत्री होने के नाते मुझे लगता है कि मैं ही इस अपराध का पहला शिकार हूं। उन्होंने कहा-इसलिए जब कभी जनता किसी अपराध का शिकार होती है, तो उसकी ओर से अपराधी को पकड़ना और पीडि़त पक्ष को निष्पक्ष न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी होती है। डॉ. सिंह ने कहा- हमारे लोकतंत्र में विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका की त्रिवेणी ही कानून का राज स्थापित करने का माध्यम बनती हैं।
    मुख्यमंत्री ने आज यहां नया रायपुर के छत्तीसगढ़ संवाद भवन में  आपराधिक प्रकरणों के लिए न्याय प्रणाली (क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम) विषय पर आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। जिला न्यायाधीशों, जिला दंडाधिकारियों (जिला कलेक्टरों), अभियोजन अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के लिए यह राज्य स्तरीय सम्मेलन प्रदेश सरकार, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री टी.बी. राधाकृष्णन ने की। मुख्यमंत्री और मुख्य न्यायाधीश द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। सम्मेलन में क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के तहत अपराधों की वैज्ञानिक विवेचना, प्रभावी अभियोजन और तेज गति से सुनवाई के लिए नई तकनीक और नए औजारों को बढ़ावा देने के बारे में विचारविमर्श हुआ।  
    मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्मेलन के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा-वास्तव में अपराध नियंत्रण और अपराधियों को सजा दिलाने के अलावा पीडि़त पक्ष को उचित समय पर न्याय दिलाना हम सबके लिए सबसे बड़ी चुनौती है, जिस पर हमें विशेष रूप से ध्यान देना होगा। उन्होंने विभिन्न प्रकार के अपराधों की रोकथाम और अपराधों से पीडि़त लोगों को न्याय दिलाने के लिए इस त्रिवेणी के अनुरूप न्यायिक अधिकारियों, जिला दंडाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के बीच परस्पर समन्वय की जरूरत पर बल दिया।
    डॉ. रमन सिंह ने कहा -आज के सम्मेलन की यह एक बड़ी विशेषता है कि अदालतों में अलग-अलग पक्ष रखने वाले दो पक्ष आज यहां एक साथ उपस्थित हैं। किसी भी अपराध से पीडि़त व्यक्ति को न्याय दिलाने की चुनौती का उल्लेख करते हुए कहा कि न्याय पाने वाले व्यक्ति को यह विश्वास होना चाहिए कि उसे न्याय दिलाने के लिए सभी अधिकारी सक्रियता से और गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा-सुशासन का असली उद्देश्य यह है कि चारों तरफ शांति और सुरक्षा का वातावरण हो और नागरिकों के मन में इस बात को लेकर यह पक्का भरोसा रहे कि उनके साथ कोई अन्याय नहीं होगा और वे किसी भी आपराधिक घटना के शिकार नहीं होंगे और यदि परिस्थितिवश ऐसा होता है तो उन्हें निश्चित रूप से न्याय मिलेगा। इसके साथ ही अपराधियों में पुलिस, कानून और न्याय व्यवस्था का खौफ भी होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा- इसलिए एक प्रभावशाली क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम भी सुशासन का एक अनिवार्य हिस्सा है, जो हम सब की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। 
    उन्होंने कहा- छत्तीसगढ़ में होने वाले अपराधों को तीन प्रमुख हिस्सों में चिन्हांकित किया जा सकता है। नक्सली तत्वों द्वारा घटित अपराधों सहित हमें  तीव्र औद्योगिक विकास और आर्थिक विकास के क्षेत्रों में घटित होने वाले अपराधों की रोकथाम पर भी ध्यान देना होगा। डॉ. सिंह ने कहा-राज्य के बड़े हिस्से में तेजी से औद्योगिक और आर्थिक विकास की गतिविधियां चल रही है। वहां भी अपराध नियंत्रण के लिए हमेशा चौकस रहने की जरूरत है। डॉ. सिंह ने कहा- तीसरा प्रकार उन अपराधों का है जिनमें सामान्य नागरिक पीडि़त होते हैं। जैसे मानव तस्करी, अपहरण, फिरौती, शहरी क्षेेत्रों के युवाओं के बीच बढ़ती नशे की आदत चिटफंड कंपनियों द्वारा की जाने वाली धोखाधड़ी आदि। इसके साथ ही सड़क हादसों के दौरान आकस्मिक रूप से चक्काजाम करने से निर्मित होने वाली परिस्थिति से निपटना भी काफी चुनौतीपूर्ण कार्य होता है।  
    मुख्यमंत्री ने कहा-राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए हाल के कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण उठाए हैं। उन्होंने कहा-राज्य गठन के समय विधि और विधायी कार्य विभाग का बजट लगभग 14 करोड़ रुपए था, जो अब 641 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के लिए विभिन्न श्रेणियों के 344 नए पद मंजूर किए गए हैं। प्रत्येक जिले में विभिन्न विशेष न्यायालयों के साथ फास्ट ट्रेक कोर्ट भी बनाए गए हैं। 
    मुख्यमंत्री ने सम्मेलन की तारीफ करते हुए उम्मीद जताई कि मुख्य न्यायाधीश के मार्गदर्शन में इसमें विषय वस्तु पर गंभीर विचार-मंथन होगा और जो भी निष्कर्ष तथा सुझाव सामने आएंगे, उन पर राज्य सरकार द्वारा गंभीरता से विचार किया जाएगा। डॉ. रमन सिंह ने कहा- मैं आज के सम्मेलन में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री राधाकृष्णन के उस सुझाव से पूरी तरह सहमत हूं कि ऐसे सम्मेलन चरणबद्ध ढंग से जिला स्तर पर और तहसील स्तर पर भी होने चाहिए। डॉ. सिंह ने कहा- आज का यह आयोजन न्यायिक अधिकारियों, कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और अनुसंधान अधिकारियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। 
    अध्यक्षीय भाषण में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री राधाकृष्णन ने कहा कि आज के समय में पूरी दुनिया में आपराधिक परिदृश्य काफी बदल गया है। अपराधों की रोकथाम और पीडि़तों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया में सभी तथ्यों की वैज्ञानिक तरीके से विवेचना होनी चाहिए। श्री राधाकृष्ण ने कहा -मैं व्यक्तिगत रूप से यह महसूस करता हूं कि कोई भी विवेचना ठोस तथ्यों के साथ सत्य पर आधारित होनी चाहिए। श्री राधाकृष्णन ने इस आयोजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और छत्तीसगढ़ सरकार की प्रशंसा की।
    छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री प्रशांत मिश्रा ने विषय प्रवर्तन करते हुए अपने व्याख्यान में अपराधों की वैज्ञानिक विवेचना के साथ-साथ पुलिस, अभियोजन और न्यायपालिका में बेहतर समन्वय की जरूरत बताई। उन्होंने फोरेंसिक विज्ञान, फोरंसिक इंजीनियरिंग आदि पहलुओं का भी उल्लेख किया और कहा कि प्रभावी विवेचना के साथ-साथ प्रभावी अभियोजन भी जरूरी है। 

महादेव घाट रायपुर में बहुप्रतीक्षित लक्ष्मण झूले और खूबसूरत उद्यान का मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने किया लोकार्पण

रायपुर महादेव घाट रायपुर में बहुप्रतीक्षित लक्ष्मण झूले और खूबसूरत उद्यान का प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने किया। इस अवसर पर इस निर्माण के सूत्रधार धर्मस्व,कृषि-जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल,नगरीय निकाय मंत्री अमर अग्रवाल,प्रभारी मंत्री पुन्नूलाल मोहले, लोकनिर्माण मंत्री राजेश मूणत,पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष देवजी भाई पटेल,महापौर प्रमोद दुबे,जिला भाजपा अध्यक्ष राजीव अग्रवाल,संसदीय सचिव तोखन साहू,निगम सभापति प्रफुल्ल विश्वकर्मा,निगम के नेता प्रतिपक्ष सूर्यकांत राठौर,संनिर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष मोहन एंटी,सचिव जल संसाधन सोनमणि वोरासहित हज़ारों की संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।