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छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन सदन में 4877 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, 92 हजार करोड़ से अधिक हो जाएगा छत्तीसगढ़ का बजट

 रायपुर  छत्तीसगढ़ विधानसभा में अाज हंगामे के बीच 4877 करोड़ 54 लाख 2 हजार 967 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया गया। अनुपूरक बजट के प्रस्तुत करने के बाद सदन की कार्रवार्ई अाज के लिए स्थगित कर दी गई। बजट पर कल चर्चा संभावित है। 
बता दें कि वर्तमान वित्तिय वर्ष में राज्य सरकार ने 87,416 करोड़ का बजट रखा था। दिसंबर माह तक यहां चुनाव होना है। एेसे में पहले यही माना जा रहा था कि प्रदेश का इतिहास का सबसे बड़ा बजट प्रस्तुत करने के बाद अब इस वर्ष सरकार को अब अनुपूरक बजट लाने की अावश्यकता नहीं पड़ेगी। इस बीच शिक्षाकर्मियों के संविलियन के कारण सरकार पर 21 सौ करोड़ का वित्तिय भार बढ़ने का अनुमान लगाया गया। कई अन्य संगठनों के वेतन-भत्तों में भी वृद्दि की घोषणा सरकार ने की है। यही कारण है कि तीन महीने के बाद अाचार संहिता लगने के पूर्व सरकार को इस अनुपूरक बजट के माध्यम से अपने बजट में बढ़ोत्तरी करनी पड़ी। 

छत्तीसगढ़ की विधानसभा की दूसरे दिन की कार्रवाई जारी सदन में आज विपक्ष ने डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की विधानसभा की दूसरे दिन की कार्रवाई जारी है। सदन में आज विपक्ष ने डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया। विधायक पारसनाथ राजवाड़े ने मु्द्दा उठाया। स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्रकार ने प्रदेश में डॉक्टरों की कमी की बात स्वीकार की है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है। विधानसभा में आज सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी, जिस पर 4 जुलाई को चर्चा की जाएगी। मानसून सत्र के दौरान सरकार पांच विधेयक पेश करेगी। 
मौजूदा मानसून सत्र के दौरान सरकार पांच विधेयक सदन में लाएगी। इसमें निजी विश्वविद्यालय विधेयक, अशासकीय महाविद्यालय, अग्निश्मन विधेयक, कृषि उपज मंडल, आधार वित्त विधेयक व राज्य वित्त आयोग संशोधन विधेयक शामिल हैं।
वहीं विपक्ष सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है। कांग्रेस ने एक ओर जहां किसानों समेत कई मुद्दों को लेकर विधानसभा घेराव का ऐलान किया है, तो वहीं विपक्ष को करारा जवाब देने के लिए सरकार भी पूरी तरह से तैयार है।  मुख्यमंत्री आवास में सोमवार को सीएम रमन सिंह की अध्यक्षता में भाजपा विधायकों व संगठनों के नेताओं की बैठक हुई। बैठक में सभी मंत्री और विधायक शामिल हुए। 

बीजेपी विधायक दल सदन में विपक्ष के हमलों का मुंहतोड़ जवाब देगा। खासकर कांग्रेस विधायक दल द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के एक-एक बिंदु को लेकर जोरदार पलटवार किया जाएगा। चतुर्थ विधानसभा के अंतिम सत्र में भाजपा विधायक आक्रामक होंगे।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ा

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। कथित अश्लील सीडी मामले में एक संदेही की मौत पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष ने सदन में जमकर नारेबाजी की। इसी मुद्दे को लेकर गर्भगृह में पहुंचने की वजह से 35 कांग्रेसी निलंबित हो गए।

इसके बाद भी मामला शांत नहीं हुआ तो स्पीकर ने कार्यवाही ही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले सदन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व पूर्व सांसद केयूर भूषण को श्रद्धांजलि दी गई। सदस्यों ने अपने दो पूर्व सदस्यों हेमचंद यादव व विक्रम भगत को याद करते हुए श्रद्धा- सुमन अर्पित किए। 
श्रद्धांजलि देते हुए सीएम रमन सिंह ने सदन में कहा कि हेमचंद यादव अजातशत्रु थे, उनके नाम पर ही दुर्ग विश्वविद्यालय का नामकरण किया गया है। सहित्यकार और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केयूर भूषण गांधीवादी थे। 17 साल की उम्र में जेल गए थे। पूरा जीवन गांधी जी के रास्ते पर चलकर बिता दिया। हर महीने मेरा मार्गदर्शन करने एक बार जरूर आते थे। विक्रम भगत जशपुर जिले के सशक्त नेतृत्वकर्ता थे।

इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हेमचंद यादव के साथ मुझे भी 5 साल काम करने का मौका मिला। बहुत ही सहज नेता थे और मिलनसार थे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केयूर भूषण प्राथमिक शिक्षा के बाद आजादी की लड़ाई में शामिल हो गए थे। असहयोग आंदोलन में सबसे कम उम्र के बंदी बनाए थे। किसान मजदूर आंदोलन में भी गिरफ्तार हुए थे। छत्तीसगढ़ी साहित्य को अलग पहचान देने का प्रयास किया। उनके प्रयासों से रायगढ़ में चक्रधर समारोह शुरू हुआ। मंदिरों में दलितों के प्रवेश के लिए आंदोलन चलाया। विक्रम भगत पहले सरपंच जनपद अध्यक्ष और 4 बार विधायक रहे। कांग्रेस में शामिल होने के बाद मंत्री भी बने। बहुत ही सरल स्वभाव के थे।

इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री अजय चंद्राकर, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल, कृषिमंत्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सत्यनारायण शर्मा, शिक्षामंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय ने दी दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि

सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की सूचना विधानसभा को दी है। मौजूदा सरकार के खिलाफ सदन में अब तक दो अविश्वास प्रस्तावों पर चर्चा हो चुकी है। इस प्रस्ताव को स्वीकार किया जाता है तो एक ही सरकार के खिलाफ तीन अविश्वास प्रस्ताव का यह यह विधानसभा के इतिहास का पहला मामला होगा।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून आज से कांग्रेस लाएगी अविश्वास प्रस्ताव अनुपूरक बजट, 4 को होगी चर्चा सत्र में कुल 5 बैठकें

रायपुरः कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव के बिच छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज सोमवार 2 जुलाई से शुरू हो रहा है। यह सत्र 5 दिनों तक चलेगा। सत्र के दौरान राज्य सरकार ने अनुपूरक बजट और तीन संशोधन विधेयक पेश करने की सूचना विधानसभा सचिवालय को दी है। सत्र के पहले दिन दिवंगत पूर्व सदस्यों को सदन में श्रद्धांजलि दी जाएगी।  कांग्रेस विधायक दल की बैठक में प्रस्ताव लाने पर सहमति बन गई है।

विधानसभा का अंतिम सत्र होने के कारण विदाई समारोह समेत अनेक औपचारिक कामकाज भी होंगे और विधानसभा परिसर में स्वामी विवेकानंद और डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाओं का अनावरण भी किया जाएगा। कांग्रेस ने सत्र के दौरान पुलिस परिवार के आंदोलन, सरकारी कर्मचारियों के आंदोलन, शिक्षाकर्मियों के संविलियन में भेदभाव, पुलिस अफसरों के दुर्व्यवहार के मामले, पत्थलगड़ी जैसे मामलों को प्रमुखता से उठाने का फैसला किया है।

वहीं सत्तापक्ष का दावा है कि विपक्ष के सवालों का आक्रामक ढंग से जवाब दिया जाएगा। मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सरकार जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि सदन में जो भी मुद्दे उठेंगे उस पर सार्थक चर्चा कराई जाएगी।

वृक्षारोपण को बढ़ावा देने स्वर्गीय मनिराम गोंड के नाम पर शुरू होगी हरियर छत्तीसगढ़ पुरस्कार योजना: डॉ. रमन सिंह ने की घोषणा

रायपुर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश में इस वर्ष मानसून के दौरान शासन के विभिन्न विभागों सहित आम जनता और विभिन्न उद्योगों की भागीदारी से सात करोड़ वृक्ष लगाने का लक्ष्य दिया है। उन्होंने वन विभाग से कहा है कि पिछले वर्षाें के दौरान हुए वृक्षारोपण और इस वर्ष होने वाले वृक्षारोपण का अलग-अलग भौतिक सत्यापन किसी तीसरे पक्ष से करवाया जाए। डॉ. सिंह ने आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित हरियर छत्तीसगढ़ वृक्षारोपण महा अभियान की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को अभियान के संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हरियर छत्तीसगढ़ अभियान में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए।
    मुख्यमंत्री ने इस वर्ष के वृक्षारोपण के लक्ष्य को अगले दो माह में (माह अगस्त तक) पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। बैठक में वन मंत्री श्री महेश गागड़ा और मुख्य सचिव   अजय सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। 
    डॉ. रमन सिंह ने राज्य में वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए हरियर छत्तीसगढ़ पुरस्कार योजना की भी घोषणा की। यह पुरस्कार वन विभाग के फारेस्ट गार्ड स्वर्गीय   मनिराम गोंड के नाम  पर देने का निर्णय लिया गया, जिन्होंने लगभग 117 वर्ष पहले अंग्रेजों के शासन काल में  वर्ष 1891 में रायपुर जिले के वर्तमान उत्तर वन मंडल के ग्राम गिदपुरी के पास शासकीय वन प्रक्षेत्र में स्वप्रेरणा से नौ हेक्टेयर के रकबे में सागौन का प्लांटेशन किया था।   अंग्रेज हुकूमत को   मनिराम का यह कार्य अच्छा नहीं लगा। इस वजह से अंग्रेज प्रशासन ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया। इसके बावजूद श्री मनिराम उस प्लांटेशन के किनारे अस्थायी झोपड़ी बनाकर रहने लगे और सागौन के वृक्षों की देखभाल करने लगे। वर्ष 1982 में इन वृक्षों की औसत गोलाई 185 सेंटीमीटर और ऊंचाई 30 मीटर से ज्यादा दर्ज की गई थी। मनिराम प्लांटेशन आज भी वनों की रक्षा के लिए उनकी कर्मठता और समर्पण भावना की याद दिलाता है। तत्कालीन मध्यप्रदेश सरकार ने इस प्लांटेशन के 105 वर्ष पूर्ण होने पर वर्ष 1996 में स्वर्गीय   मनिराम के वंशजों को सम्मानित और पुरस्कृत भी किया था।
    मुख्यमंत्री ने आज की बैठक में कहा कि  हरियर छत्तीसगढ़ अभियान के तहत लगाए जाने वाले पौधों की सुरक्षा पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष प्रदेश में वृक्षारोपण के लिए बाहर से पौधे नहीं खरीदे जाएं। वन विभाग की नर्सरियों में पर्याप्त संख्या में ऐसे पौधे तैयार हैं, जिनकी अच्छी ग्रोथ हो चुकी है।  ऐसे पौधों का उपयोग वृक्षारोपण में किया जाना चाहिए। डॉ. सिंह ने प्रदेश के अधिकांश उद्योगों द्वारा पिछले वर्ष के वृक्षारोपण के लक्ष्य को पूरा नहीं किए जाने पर नाराजगी जतायी और मुख्य सचिव से कहा कि वे सभी प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों के मैनेजमेंट के पदाधिकारियों की बैठक बुलाकर उन्हें इस संबंध में जरूरी निर्देश दें। डॉ. सिंह ने आज की बैठक में यह भी कहा कि अगर कोई निजी संस्था स्वयं वृक्षारोपण करना चाहे तो वन विभाग इसके लिए सहयोग करें। उन्होंने वृक्षारोपण में अधिक से अधिक संख्या में फलदार पौधे लगाने के भी निर्देश दिए। 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे पहाड़ी इलाकों में काजू और कटहल लगाए जाने चाहिए। इसी तरह सड़कों के किनारे आम के वृक्ष लगाए जाएं तो उनसे लम्बे समय तक फलों के साथ-साथ छाया भी मिलेगी। उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों की स्थानीय जलवायु के अनुसार अलग-अलग प्रजातियों के पौधे लगाने पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा- कई क्षेत्रों में वृक्षारोपण के सराहनीय कार्य भी हुए हैं, जिनका वन विभाग द्वारा फिल्मांकन और दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए। साथ ही ऐसे सराहनीय कार्याें का व्यापक प्रचार-प्रसार भी होना चाहिए। लगाए गए पौधों की कम से कम तीन वर्षाें तक अच्छी देखभाल होनी चाहिए। 


 

स्वस्थ समाज के निर्माण में डॉक्टरों का महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने चिकित्सक दिवस पर डॉक्टरों को दी बधाई

रायपुर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह चिकित्सक दिवस के अवसर पर सभी डॉक्टरों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने चिकित्सक दिवस की पूर्व संध्या पर आज यहां जारी शुभकामना संदेश में कहा कि विभिन्न बीमारियों से पीडि़त मनुष्यों की सेवा का पुनीत कार्य करते हुए डॉक्टर एक स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा - दर्द से कराहते या बुखार में तड़पते किसी मरीज की नजरों में एक डॉक्टर की भूमिका भगवान की तरह होती है। इसलिए सभी डॉक्टरों को निःस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा के लिए अपनी इस भूमिका को हमेशा याद रखना चाहिए। 
    डॉ. रमन सिंह ने कहा - भारत में चिकित्सक दिवस पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय डॉक्टर बिधानचंद्र राय के जन्म दिन पर हर साल एक  जुलाई को मनाया जाता है, जिन्हें वर्ष 1961 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से भी नवाजा गया था। यह भी एक आश्चर्यजनक संयोग है कि डॉ. राय का जन्म एक जुलाई 1882 में और निधन भी उसी दिन एक जुलाई 1962 को हुआ था। मुख्यमंत्री के रूप में जनता की सेवा के साथ-साथ उन्होंने आजीवन मरीजों की सेवा की। 
    डॉ. रमन सिंह ने कहा - छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सभी लगभग 58 लाख परिवारों के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत सालाना 50 हजार रूपए तक निःशुल्क इलाज की सुविधा दी है। इसके लिए उन्हें स्मार्ट कार्ड भी जारी किए जा रहे हैं। इसी तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली आयुष्मान भारत योजना में देश के करोड़ों गरीबों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पांच लाख रूपए तक बीमा सहायता देने का प्रावधान किया जा रहा है। इन दोनों योजनाओं में छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों की भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होगी। 
    मुख्यमंत्री ने कहा - छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में विगत 14 वर्षों में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इसका श्रेय हमारे प्रदेश के डॉक्टरों को भी दिया जाना चाहिए, जो अपने पैरा मेडिकल कर्मचारियों के साथ मिलकर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। डॉ. रमन सिंह ने कहा - केन्द्र सरकार ने कल 29 जून को छत्तीसगढ़ को नई दिल्ली में दो राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया। ये पुरस्कार प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के सफल क्रियान्वयन और मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी होने पर प्राप्त हुए हैं। 

स्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को दो राष्ट्रीय पुरस्कार मातृ मृत्यु दर में कमी और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में छत्तीसगढ़ पुरस्कृत

रायपुर - स्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को आज दो राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया है। मातृ मृत्यु दर में कमी और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में बेहतर प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को  पुरस्कृत किया गया है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को ’’आई प्लेज फॉर 9 अचीवर्स अवार्ड’’  से नवाजा गया है। 
यह अवार्ड आज नई दिल्ली में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री  अजय चंद्राकर ने केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा के हाथो प्राप्त किया। प्रदेश की तीन निजी चिकित्सको को भी ’’आई प्लेज फॉर 9 अचीवर्स अवार्ड’’  से सम्मानित किया गया है। इनमेें बिलासपुर जिले की दो स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गीतिका शर्मा एवं डॉ. सुपर्णा मिश्रा तथा रायपुर जिले की डॉ. पूजा उपाध्याय शामिल है। इस अवसर पर केेन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री  अश्विनी कुमार चौबे,   अनुप्रिया पटेल सहित राज्यों से आए स्वास्थ्य मंत्रीगण उपस्थित थे।
    पी एम एस एम ए का मुख्य उद्देश्य महिला का प्रसव पूर्व जांच कर उच्च जोखिम वाले गर्भवती महिला का उपचार एवं सुरक्षित प्रसव कराया जाकर मातृ एवं शिशु मृत्यु की दर को कम करना है। छत्तीसगढ में प्रत्येक माह की नौ तरीख को अभियान के तहत विशेष जांच व ईलाज कैम्प लगाकर सुरक्षित मातृत्व और इससे जुडे़ तथ्यो से गर्भवती महिलाओ को अवगत कराया जाता है। इसमें महिला चिकित्सको द्वारा इनकी जांच की जाती हैं, जोकि पूरी तरह निःशुल्क है। इसमें गर्भवति महिला के लिए खुन की जांच, पेशाब की जांच, रक्तचाप, शुगर इत्यादि जांचो सहित आवश्यक औषधियों की निःशुल्क सेवाए उपलब्ध कराई जा रही है।
 ज्ञात हो की़ देश में मातृ मृत्यु दर में कमी दर्ज करने में भी छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्य रहा हैं। वर्ष 2011-13 की एसआरएस रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में मातृ मृत्यु दर 221 प्रति एक लाख जीवित जन्म थी। छत्तीसगढ़ में 48 मातृ मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई।  प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में 258 निजी चिकित्सकों ने अपनी भागीदारी देने के लिए पंजीयन कराया हैं। इस योजना में अब तक 4 लाख 19 हजार के आसपास गर्भवती महिलाओ को लाभ दिया जा चुका हैं। वर्तमान में शिशु मृत्यु दर वर्ष 2003 में 70 प्रति एक हजार जीवित जन्म से कम होकर वर्ष 2017 में 39 प्रति एक हजार जीवित जन्म हो गया हैं।  इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, उप संचालक डॉ. अलका गुप्ता उपस्थित थी।   

महिला एवं बाल विकास विभाग की तीन परियोजनाओं को राष्ट्रीय पुरस्कार : मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

रायपुर, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग की तीन परियोजनाओं को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित होने पर विभागीय मंत्री  रमशीला साहू सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री रमशीला साहू ने आज यहां मंत्रालय में मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को विभाग की इस उपलब्धि की जानकारी दी।  साहू ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग की तीन परियोजनाओं को राष्ट्रीय स्तर का 3 स्कॉच अवार्ड प्राप्त हुए हैं। इन परियोजनाओं में समय सीमा में उल्लेखनीय कार्य के लिए विभाग की दो परियोजना को गोल्ड सम्मान से और एक परियोजना को ताम्र सम्मान से सम्मानित किया गया है। इनमें से ई-डॉकेट-डब्ल्यूसीडी पोर्टल¼ eDocket - WCD portal - Gold ½परियोजना को गोल्ड सम्मान प्राप्त हुआ है।
 साहू ने बताया कि वर्ष 2012 से संचालित इस परियोजना के सॉफ्टवेयर से 3 सेकंड में और 10 गुना काम लागत में पत्राचार प्रदेश के अंतिम विकासखंड तक संभव हुआ है। विकासखंड स्तर तक डिजिटाइजेशन ¼digitation½ संभव हुआ। गोल्ड अवार्ड से सम्मानित होने वाली दूसरी परियोजना ‘वजन त्यौहार’ ¼Vajan Tyhor - Gold½ है, जिसमें प्रति वर्ष अभियान चलाकर हर बच्चे का वजन कर कुपोषण पर नियंत्रण किया गया। तीसरी परियोजना संस्कार अभियान ¼Sanskar Abhiyan - Copper½ को ताम्र सम्मान प्राप्त हुआ है।
       इस अभियान में खेल-खेल में सीख की अवधारणा से आंगनबाड़ी को बच्चों के लिए आकर्षक बनाया गया है। इस अभियान के परिणाम स्वरूप आंगनबाड़ियों में दी जा रही सेवाओ की गुणवत्ता बढ़़ी है।  रमशीला साहू ने बताया कि भारत वर्ष की लगभग 1700 परियोजनाओं में से श्रेष्ठ 200 परियोजनओं में छत्तीसगढ़ की इन तीन का चयन स्कॉच ग्रुप द्वारा किया गया है।चयन की प्रक्रिया तीन चरणों में गहन समीक्षा उपरांत होती है। इस अवसर पर महिला एवम बाल विकास विभाग की सचिव डॉ. एम गीता और संचालक   राजेश सिंह राणा भी उपस्थित थे

मंत्रिपरिषद की बैठक : हमर छत्तीसगढ़ योजना की समय-सीमा तीन माह बढ़ी

रायपुर  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में हमर छत्तीसगढ़ योजना की समय-सीमा तीन माह के लिए (जुलाई 2018 से सितम्बर 2018 तक) बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
    उल्लेखनीय है कि प्रदेश के पंचायत प्रतिनिधियों और नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों सहित बिहान योजना के महिला स्वसहायता समूहों के लिए  हमर छत्तीसगढ़ योजना संचालित की जा रही है। इसके अन्तर्गत उन्हें रायपुर और नया रायपुर का अध्ययन भ्रमण करवाया जा रहा है। अब तक एक लाख 53 हजार प्रतिनिधियों ने इस योजना के तहत अध्ययन भ्रमण कर लिया है। यह योजना दो वर्ष के लिए 1 जुलाई 2016 से शुरू की गई थी, जिसकी अवधि 30 जून 2018 को पूर्ण हो रही है। मंत्रिपरिषद ने आज की बैठक में इस योजना की अवधि तीन माह के लिए (जुलाई 2018 से सितम्बर 2018 तक) करने का निर्णय लिया है। इस दौरान प्रदेश के सभी 32 वनमंडलों की वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों को योजना से जोड़कर अध्ययन भ्रमण में शामिल किया जाएगा।
    इस योजना में पंचायत प्रतिनिधियों और नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों तथा महिला समूहों को विधानसभा, मंत्रालय (महानदी भवन), स्वामी विवेकानंद विमानतल, कृषि विश्वविद्यालय सहित रायपुर और नया रायपुर में हो रहे अधोसंरचना विकास के विभिन्न कार्यों को दिखाया जा रहा है। उनके लिए शासकीय योजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित फिल्म प्रदर्शन का कार्यक्रम भी नया रायपुर में आयोजित किया जाता है। सप्ताह के निर्धारित दिवसों में अलग-अलग जिलों के पंच-सरपंच और अन्य पंचायत प्रतिनिधि तथा नगरीय निकाय प्रतिनिधि रायपुर और नया रायपुर के अध्ययन दौरे पर आते हैं। अब योजना में वन संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों को भी इस अध्ययन दौरे का मौका मिलेगा।
    मंत्रिपरिषद ने आज की बैठक में वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए प्रथम अनुपूरक अनुमान  विधान सभा में प्रस्तुत करने हेतु छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक 2018 का भी अनुमोदन कर दिया।

आपातकाल के बाद लोकतंत्र की बहाली में मीसा बंदियों का महत्वपूर्ण योगदान: डॉ. रमन सिंह

रायपुर - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि आपातकाल के बाद लोकतंत्र की स्थापना में मीसा बंदियों का महत्वपूर्ण योगदान है। आपातकाल के दौरान इन लोकतंत्र सेनानियों ने अनेक यातनाएं सही और अनेक बलिदान दिए। उनके त्याग और बलिदान से नई पीढ़ी को परिचित कराने के लिए आज पूरे देश में संकल्प दिवस मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आज यहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में लोकतंत्र सेनानी संघ द्वारा आयोजित प्रांतीय परिवार सम्मेलन और सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए इस आशय के विचार प्रकट किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के लोकतंत्र सेनानियों को ताम्र पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा और राज्य सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करेगी। कार्यक्रम में नक्सली घटना में शहीद पुलिस जवानों के परिजनों और आपातकाल के लोकतंत्र सेनानियों को शाल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानी संघ द्वारा प्रकाशित ’नव स्वातंत्र्य स्मारिका’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मीसा बंदियों से अधिक उनके परिवार जनों ने यातनाएं सही। मैं मीसा बंदियों और उनके परिवारजनों का अभिनंदन करता हूॅ। 
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  धरमलाल कौशिक ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आपातकाल की घटनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक लड़ाई देश की आजादी के लिए लड़ी गई और आपातकाल के दौरान दूसरी लड़ाई लोकतंत्र की बहाली के लिए लड़ी गई। पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री सत्यनारायण जटिया ने कहा कि आपातकाल के दौरान देश को खुली जेल बनाकर लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश की गई। नागरिक अधिकारों को स्थगित किया गया। प्रेस पर सेन्सर शिप लगाई गई। उन्होंने कहा कि आपातकाल की घटनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के उदद्ेश्य से आयोजन किया जा रहा है। स्वागत भाषण लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सचिदानंद उपासने ने दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के मीसा बंदियों को लोकतंत्र सेनानी का दर्जा दिया गया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के मीसा बंदियों द्वारा आपातकाल के दौरान किए गए संघर्ष  पर प्रकाश डाला। 
इस अवसर पर गृह मंत्री  रामसेवक पैकरा, नगरीय विकास मंत्री  अमर अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री रमशीला साहू, विधायक  श्रीचंद सुन्दरानी और बर्नाड जोसेफ रोड्रिक्स, छत्तीसगढ़ राज्य वनौषधि एवं पादप बोर्ड के अध्यक्ष   रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ वित्त आयोग के अध्यक्ष   चंद्रशेखर साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि और प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोकतंत्र सेनानी तथा उनके परिजन उपस्थित थे। 

विधानसभा के आम चुनाव की प्रशासनिक तैयारी शुरू : जिला निर्वाचन अधिकारियों की राज्य स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न : ईव्हीएम-व्हीव्हीपेट की दी गई तकनीकी जानकारी

रायपुर   भारत निर्वाचन आयोग ने छत्तीसगढ़ में विधानसभा के आगामी आम चुनाव की प्रशासनिक तैयारी शुरू कर दी है। इस सिलसिले में आयोग के निर्देश पर आज यहां आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईव्हीएम) और व्हीव्हीपेट की तकनीकी कार्य प्रणाली की जानकारी दी गई। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ के कार्यालय में आयोजित इस कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और प्रथम चरण की चेकिंग (एफएलसी) के लिए नियुक्ति प्रभारी अधिकारियों को निर्वाचन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया। सवेरे 10 बजे से शाम पांच बजे तक चली इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  सुब्रत साहू और संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी समीर बिश्नोई सहित उनके कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यशाला में मौजूद थे। भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के अवर सचिव  ओ.पी. साहनी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के साथ व्हीव्हीपेट की तकनीकी बारीकियों के बारे में बताया। ईसीआईएल हैदराबाद से आए इंजीनियर ने ईवीएम के साथ व्हीव्हीपेट को जोड़कर उसकी प्रदर्शन विधि को समझाया।

प्रदेश के लोगों को जल्द मिलेगा डीकेएस मल्टी सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल का लाभ स्वास्थ्य मंत्री ने की विभागीय काम-काज की समीक्षा

रायपुर, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  अजय चन्द्राकर ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय काम-काज की समीक्षा की। बैठक में श्री चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश के लोगों को जल्द ही उच्च स्तर के डी.के.एस. मल्टी सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल का लाभ मिलेगा।
    बैठक में   चन्द्राकर ने गरियाबंद जिले के देवभोग के ग्राम सुपेबेड़ा सहित आस-पास के गांवों  में सामने आ रही किडनी में होने वाले रोग की समस्या को ध्यान में रखते हुए त्वरित उपचार करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए देवभोग सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को 30 बिस्तर अस्पताल से 50 बिस्तर वाले अस्पताल के रूप में अपग्रेडेशन करने का निर्णय लिया गया। साथ जल्द ही डायलिसिस मशीन स्थापित किए जाने की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि इसमें अतिरिक्त सीकेडी चेन्नई के विषय विशेषज्ञों से किडनी की बीमारियों के संबंध मे गहन जानकारी के लिए अध्ययन कराया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर इलाज के लिए हर संभव और समुचित व्यवस्था की जाएगी।
          बैठक में   चन्द्राकर ने कहा कि डीे.के.एस. अस्पताल प्रदेश के सार्वजनिक क्षेत्र  में पहला मल्टी-सुपर स्पेशलिटी अस्पताल है। इससे शीघ्र ही राज्य के आम लोगों को उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सुविधा धरातल पर दिखेगी।   चन्द्राकर ने इसके लिए अस्पताल का जीर्णोद्धार कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने चिकित्सा उपकरणों, मशीनों की स्थापना सहित इनके संचालन प्रक्रिया को भली भांति ढंग से समझ लेने के भी निर्देश दिए। बैठक में पीजीआई चण्डीगढ़ द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों के अनुसार चार-पांच विषयों में सुपर स्पेशियालिटी डिग्री डीएनबी एवं डीएम कोर्स  प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान चर्चा पर मौखिक सहमति प्रदान कर दी है।
 चन्द्राकर ने चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा संचालित कांउसिंलिंग व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होेंने काउसिंलिंग के दौरान छात्र-छात्राओं और उनके परिजनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्हांेने काउसिंलिंग स्थल परिसर में विद्यार्थियों और परिजनों के लिए टंेट, पानी आदि की व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
       बैठक में   चन्दाकर ने राज्य के अस्पतालों में साफ-सफाई, भोजन, वाहन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की अमानवीय घटना न हो इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। लापारवाही करने वालों के विरूद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने निर्देश दिए। बैठक में श्री चन्द्राकर ने आयुष्मान भारत योजना के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने प्रदेश के वास्तविक गरीब परिवारों को इस योजना का लाभ दिलाने अधिकारियों को निर्देशित किया।
 चन्द्राकर ने छत्तीसगढ़ मेडिकल कार्पोरेशन कम्पनी (सीजीएमएससी) के कार्यो की प्रगति की समीक्षा की। श्री चन्द्राकर ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य संचालनालय से समन्वय कर जरूरत के हिसाब से उच्च गुणवत्ता के दवाई और चिकित्सा उपकरणों की खरीदी की जाए। उन्होेंने मौसमी बीमारियों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में दवाइयों का भंडारण एवं वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका सिंह बारिक, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं   रानू साहू, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. ए.के.चंद्राकर, संचालक आयुर्वेद डॉ. जी.एस.बदेशा, प्रबंध संचालक सीजीएमएससी श्री व्ही. रामाराव, डीकेएस अस्पताल के नोडल अधिकारी एवं अधीक्षक डॉ. पुनीत गुप्ता सहित अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री आज 19 जून को राजधानी में करेंगे राज्य स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का शुभारंभ

रायपुर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह कल मंगलवार 19 जून को राज्य स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव 2018 का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम राजधानी रायपुर के भाठागांव स्थित नगर माता बिन्नीबाई सोनकर शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में सवेरे 11 बजे आयोजित किया जाएगा। शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता रायपुर लोकसभा सांसद  रमेश बैस करेंगे। कार्यक्रम में कृषि और जल संसाधन मंत्री  बृजमोहन अग्रवाल, स्कूल शिक्षा और आदिम जाति विकास मंत्री  केदार कश्यप, लोक निर्माण, आवास और पर्यावरण मंत्री  राजेश मूणत, स्कूल शिक्षा विभाग के संसदीय सचिव अम्बेश जांगड़े, पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष और धरसींवा के विधायक देवजी भाई पटेल, रायपुर (ग्रामीण) के विधायक  सत्यनारायण शर्मा, रायपुर नगर(उत्तर) के विधायक   श्रीचंद सुंदरानी, अध्यक्ष जिला पंचायत रायपुर  शारदा वर्मा और नगर निगम रायपुर के महापौर  प्रमोद दुबे विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह आयोजन राज्य सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग और रायपुर जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।  

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश को दी कई सौगातें - मोदी का पहला भिलाई नगर प्रवास

 प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश को दी कई सौगातें  : नया रायपुर में एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केन्द्र का लोकार्पण

छत्तीसगढ़ को मिली पहली घरेलू यात्री विमान सेवा की सौगात 

भिलाई इस्पात संयंत्र में 18 हजार 500 करोड़ की आधुनिकीकरण परियोजना का लोकार्पण: आईआईटी भिलाई के लिए 445 एकड़ में बनने वाले परिसर का शिलान्यास 

भारत नेट परियोजना के दूसरे चरण का भी शुभारंभ: राज्य की 
5987 ग्राम पंचायतों को मिलेगी टेलीफोन इंटरनेट कनेक्टिीविटी 

प्रधानमंत्री के रूप में  मोदी का पहला भिलाई नगर प्रवास
 रायपुर / भिलाई   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज छत्तीसगढ़ के संक्षिप्त प्रवास के दौरान राज्य की जनता को अनेक महत्वपूर्ण सौगातें दी। भारतीय वायुसेना के विशेष विमान द्वारा सवेरे नईदिल्ली से रायपुर पहुंचने के बाद  मोदी मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के साथ नया रायपुर पहुंचे, जहां उन्होंने नया रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के मुख्यालय भवन में एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केन्द्र का लोकार्पण किया। इस केन्द्र में स्मार्ट सिटी के रूप में तेज गति से विकसित हो रहे नया रायपुर शहर में बिजली, पानी, सड़क, संचार और स्वच्छता जैसी नागरिक सुविधाओं की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी, वहीं स्थानीय नागरिक इन सेवाओं से जुड़ी अपनी समस्याओं के बारे में एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केन्द्र को हेल्पलाइनों पर सीधा सूचित कर सकेंगे। 
     प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री के साथ हेलीकॉप्टर से देश के प्रमुख औद्योगिक तीर्थ भिलाईनगर पहुंचे, जहां उन्होंने विशाल आमसभा में भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण एवं विस्तारीकरण से संबंधित कार्यों का लोकार्पण किया। भिलाई इस्पात संयंत्र के इन नये निर्माण कार्यों पर 18 हजार 500 करोड़ रूपए की लागत आयी है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1955 में सार्वजनिक क्षेत्र के अंतर्गत स्थापित यह छत्तीसगढ़ का पहला इस्पात संयंत्र है। वर्ष 1962 में इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता एक मिलियन टन थी, जो वर्तमान में 4 मिलियन टन से ज्यादा हो गई है और आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण के बाद संयंत्र ने अब 7 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता हासिल कर ली है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भिलाई इस्पात संयंत्र का भी दौरा किया।

    प्रधानमंत्री के रूप में मोदी की विगत तीन वर्ष में आज यह पांचवी और दो माह में दूसरी तथा भिलाईनगर की पहली यात्रा थी।   मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार 09 मई 2015 को छत्तीसगढ़ प्रवास पर दंतेवाड़ा आए थे। उन्होंने इसके बाद 21 फरवरी 2016 को नया रायपुर और राजनांदगांव जिले के कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। वे तीसरी बार एक नवंबर 2016 को छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में नया रायपुर आए थे। छत्तीसगढ़ के चौथे प्रवास पर उन्होंने दो माह पहले अम्बेडकर जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल को राज्य के बस्तर संभाग के ग्राम जावंगा (जिला-बीजापुर) आकर राष्ट्रव्यापी ग्राम स्वराज अभियान का शुभारंभ करने के साथ ही आयुष्मान भारत योजना के प्रथम चरण में देश के पहले हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का लोकार्पण किया था। 

रायपुर-जगदलपुर-विशाखापट्नम यात्री विमान सेवा का शुभारंभ 
छत्तीसगढ़ को मिली घरेलू विमान सेवा की सौगात

  मोदी ने आज के अपने प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ की जनता को राज्य की प्रथम घरेलू विमान सेवा की भी सौगात दी। उन्होंने केन्द्र सरकार की ‘उड़ान’ परियोजना के तहत आम जनता को कम कीमत पर हवाई यातायात की सुविधा देने के लिए जगदलपुर-रायपुर-विशाखापट्नम के बीच यात्री विमान सेवा का शुभारंभ करते हुए जगदलपुर विमानतल का भी लोकार्पण किया। इस सेवा के अंतर्गत एक निजी कंपनी के 19 सीटों वाले विमान से यात्री सिर्फ 1670 रूपए के टिकट पर रायपुर से जगदलपुर केवल 40 मिनट में पहुंच सकेंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य निर्माण के बाद पहली बार मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की विशेष पहल और बस्तर अंचल को विकास की दृष्टि से सर्वोच्च प्राथमिकता देने की राज्य और केन्द्र की नीति के तहत यह यात्री विमान सेवा शुरू हुई है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है।

 प्रधानमंत्री के हाथों भिलाई आईआईटी का शिलान्यास 
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आज जयंती स्टेडियम में आयोजित आमसभा में भिलाईनगर के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के विशाल भवन परिसर का शिलान्यास भी किया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार के अनुरोध पर केन्द्र से भिलाई नगर के लिए आईआईटी की मंजूर मिली और वर्ष 2016 में इसकी स्थापना हुई। यह भारत का 23वां आईआईटी है। प्रधानमंत्री के हाथों भिलाईनगर में हुए शिलान्यास के बाद तीन चरणों में विकसित होने वाले इस संस्थान में सात हजार 500 विद्यार्थी उच्च तकनीकी शिक्षा हासिल कर सकेंगे। केन्द्र सरकार ने भिलाई आईआईटी के लिए प्रथम चरण में एक हजार 082 करोड़ रूपए का बजट आवंटित किया है। वर्तमान में यह संस्थान राजधानी रायपुर के सेजबहार स्थित शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में संचालित हो रहा है। भिलाईनगर में इसका भवन बन जाने के बाद संस्थान वर्ष 2020 में स्थायी रूप से दुर्ग जिले में भिलाई के पास कुठेलभांठा और सिरसाखुर्द में स्थित 445 एकड़ के अपने विशाल परिसर में संचालित होने लगेगा। कैम्पस का निर्माण सितंबर 2018 में शुरू हो जाएगा। यह भवन पर्यावरण हितैषी और बिजली की बचत की दृष्टि से काफी सक्षम होगा। आईआईटी (भिलाईनगर) में वर्तमान में कम्प्यूटर विज्ञान, इलेक्ट्रिकल और मेकेनिकल विषयों में बीटेक तथा एमटेक और छह विषयों-गणित, रसायन, कम्प्यूटर विज्ञान, भौतिकी, इलेक्ट्रिकल और मेकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की भी सुविधा है। देश-विदेश के 25 वरिष्ठ और अनुभवी प्राध्यापक यहां अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 

भारत नेट परियोजना के द्वितीय चरण का शुभारंभ
प्रधानमंत्री   मोदी ने भिलाई नगर की आमसभा में केन्द्र सरकार की भारत नेट परियोजना के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। इसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ की 10 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में से  5987 ग्राम पंचायतों को भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) द्वारा इंटरनेट सुविधा दी जाएगी। इसके लिए ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। प्रत्येक ग्राम पंचायत पर औसतन 5.66 किलोमीटर के मान से कुल 32 हजार 466 किलोमीटर आप्टिकल फाइबर केबल बिछाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि भारत नेट परियोजना के प्रथम चरण में प्रदेश की चार हजार 104 ग्राम पंचायतों में बीएसएनएल द्वारा इंटरनेट कनेक्टिविटी दी जा चुकी है। दूसरे चरण के कार्य पूर्ण होने पर राज्य के शत-प्रतिशत गांवों को यह सुविधा मिलने लगेगी। इस परियोजना के लिए भारत सरकार द्वारा एक हजार 674 करोड़ रूपए और ओपेक्स के रूप में तीन साल के लिए 392 करोड़ रूपए मंजूर किए गए हैं। भारतनेट परियोजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार के नेतृत्व में एक मॉडल के रूप में किया जा रहा है। इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने मेसर्स टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड का चयन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचार क्रांति योजना के तहत 50 लाख परिवारों को निःशुल्क स्मार्टफोन दिए जाएंगे, जिन्हें भारतनेट परियोजना के तहत अपने फोन पर बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। राज्य सरकार संचार क्रांति योजना में इन परिवारों को 1200 करोड़ रूपए का स्मार्टफोन निःशुल्क देगी। यह भी उल्लेखनीय है कि भारत नेट परियोजना से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीफोन और इंटरनेट का सम्पर्क तंत्र मजबूत होगा। ग्राम पंचायतों के स्तर पर लोगों को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा संजीवनी 108 और महतारी एक्सप्रेस 102 की टोल फ्री सेवाएं आसानी से मिलेंगी। शासन की अनेक ई-सेवाएं ग्राम पंचायतों के स्तर पर सर्वसुलभ होंगी। लाखों लोगों को सूचना, शिक्षा और बाजार की ऑनलाइन सुविधाएं मिलेंगी। डिजीटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा। छत्तीसगढ़ के सभी लगभग 20 हजार गांव टेलीफोन और इंटरनेट से जुड़ जाएंगे। 

हितग्राहियों को सामग्री-चेक वितरित 
प्रधानमंत्री   मोदी ने भिलाईनगर के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में 12 मई से प्रारंभ प्रदेशव्यापी विकास यात्रा 2018 के प्रथम चरण का औपचारिक समापन भी किया। दूसरा चरण 16 अगस्त से शुरू होकर 30 सितम्बर तक चलेगा।  मोदी ने भिलाईनगर के जयंती स्टेडियम की आमसभा में छत्तीसगढ़ सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत कई हितग्राहियों को सामग्री आदि का वितरण किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ युवा सूचना क्रांति योजना के तहत कॉलेज स्तर के विद्यार्थियों को लैपटाप, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को रसोईगैस कनेक्शन, और प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के तहत हितग्राही महिलाओं को चेक वितरित किए। श्री मोदी ने राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री आबादी पटट्ा योजना के तहत हितग्राहियों को पट्टे भी दिए। उन्होंने ई-रिक्शों का भी वितरण किया। श्री मोदी ने इसके अलावा केन्द्र सरकार की स्टैंड अप और मुद्रा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत हितग्राहियों को चेक वितरित किए। 

अब जगलदपुर से रायपुर की दूसरी 6 से 7 घंटे की जगह सिर्फ 40 मिनट ही रह गई है:-PM

भिलाई:-आज जगदलपुर से रायपुर के लिए उड़ान भी शुरु हो गई है। अब जगलदपुर से रायपुर की दूसरी 6 से 7 घंटे की जगह सिर्फ 40 मिनट ही रह गई है। सरकार की इन नीतियों का ही असर है कि अब ट्रेन में एसी डिब्बों में सफल करने वालों से ज्यादा यात्री हवाई जहाज में सफर करते हैं:-PM