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राष्ट्रपति आज छत्तीसगढ़ सरकार की संचार क्रांति योजना का करेंगे शुभारंभ करेंगे 50 लाख लोगों को निःशुल्क स्मार्ट फोन का किया जाएगा वितरण

 जगदलपुर। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बस्तर दौरे का आज दूसरा दिन है। राष्ट्रपति आज छत्तीसगढ़ सरकार की संचार क्रांति योजना का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के तहत राज्य के 50 लाख लोगों को निःशुल्क स्मार्ट फोन का वितरण किया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार की संचार क्रांति योजना के तहत राज्य के 50 लाख लोगों को निःशुल्क स्मार्ट फोन का वितरण किया जाएगा। राष्ट्रपति बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर के पास ग्राम डिमरापाल में सवेरे 11 बजे आयोजित समारोह में स्वर्गीय बलिराम कश्यप स्मृति बस्तर मेडिकल कॉलेज के लिए 650 बिस्तरों की क्षमता वाले अस्पताल भवन का लोकार्पण करेंगे। वर्तमान में इस नये अस्पताल भवन में 500 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है।
    लोक निर्माण विभाग द्वारा इस विशाल अस्पताल भवन का निर्माण लगभग 170 करोड़ रूपए की लागत से किया गया है। बस्तर मेडिकल कॉलेज के इस विशाल अस्पताल में मरीजों को 75 विशेषज्ञ डॉक्टरों सहित 376 पैरामेडिकल कर्मचारियों की सेवाएं मिलेंगी। अस्पताल में प्रतिदिन 300 से 400 मरीजों के इलाज की सुविधा रहेगी। राष्ट्रपति इस मौके पर राष्ट्रीय ग्रामीण और शहरी आजीविका मिशन की कुछ हितग्राही महिलाओं और कॉलेज स्तर के कुछ विद्यार्थियों को प्रतीक स्वरूप निःशुल्क स्मार्ट फोन देकर संचार क्रांति योजना का आगाज करेंगे। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित प्रदेश सरकार के अनेक मंत्री और राज्य और बस्तर अंचल के अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। उल्लेखनीय है कि संचार क्रांति योजना मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं में से एक है। इस योजना के तहत 45 लाख महिलाओं और कॉलेजों के पांच लाख विद्यार्थियों को सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के लिए चार जीबी क्षमता का स्मार्ट फोन मुफ्त दिया जा रहा है, जिसमें ’गोठ’ एप्प भी रहेगा।
    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने संचार क्रांति योजना के शुभारंभ की पूर्व संध्या पर आज कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की यह योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल भारत अभियान के लक्ष्यों को पूर्ण करने में मददगार साबित होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विकसित इस मोबाइल एप्प में महिलाओं, किसानों, बच्चों और युवाओं के लिए विभिन्न विषयों की उपयोगी जानकारी शामिल रहेगी। इसके अलावा ’गोठ’ एप्प में खेती-किसानी, कौशल विकास, रोजगार, स्व-रोजगार, शिक्षा और स्व-सहायता समूहों से जुड़ी योजनाओं का भी विवरण रहेगा। साथ ही छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति और घर-परिवार पर आधारित कार्यक्रम भी इसमें देखे जा सकेंगे। इतना ही नहीं बल्कि संचार क्रांति योजना के स्मार्ट फोन धारकों को डिजिटल लेन-देन में भी आसानी होगी और आवश्यक होने पर उनके द्वारा आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा संजीवनी 108, गर्भवती महिलाओं के लिए संचालित एम्बुलेंस सेवा महतारी एक्सप्रेस 102 और पुलिस हेल्प लाइन के टोल फ्री नम्बरों का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा

राष्ट्रपति श्री कोविंद पहुंचे एजुकेशन सिटी नामकरण पट्टिका का किया अनावरण

रायपुर, 25 जुलाई २०१८ राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने आज छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल दंतेवाड़ा जिले के प्रवास के दौरान ग्राम जावंगा में पूर्व प्रधानमंत्री   अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर संचालित एजुकेशन सिटी परिसर का दौरा किया। उन्होंने वहां इस विशाल शैक्षणिक परिसर की नाम पट्टिका का डिजिटल अनावरण भी किया। एजुकेशन सिटी का संचालन राज्य सरकार के आदिम जाति विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है।     उल्लेखनीय है कि इस परिसर में पूर्व प्राथमिक कक्षाओं से लेकर हायर सेकेण्डरी और पॉलीटेक्निक तक 17 विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं का संचालन किया जा रहा है। एजुकेशन सिटी में विद्या अध्ययन के साथ ही साथ उनके संर्वागिण विकास के लिए एकलव्य खेल परिसर, संगीत शिक्षा की भी सुविधा प्रदान की जा रही है। डॉ. रमन सिंह ने राष्ट्रपति श्री कोविंद को बताया कि जावंगा स्थित इस एजुकेशन सिटी ने थोड़े ही समय में काफी प्रगति की है। एजुकेशन सिटी में नर्सरी से लेकर तकनीकी शिक्षा की सुविधा उपलब्ध है। यहां विशेष रूप से नक्सल प्रभावित बच्चों को प्राथमिकता से अध्ययन की सुविधा है। सभी संकाय के विद्यार्थियों को यहां निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। श्री कोविंद इस परिसर के विद्यार्थियों की प्रतिभा से काफी प्रभावित हुए। राष्ट्रपति की धर्मपत्नी श्रीमती सविता कोविंद और स्कूल शिक्षा मंत्री श्री केदार कश्यप मौजूद थे। आस्था विद्या मंदिर के बच्चों ने राष्ट्रपति श्री कोविंद को 2डी (राष्ट्रपति की स्वयं की फोटो) भेंट की।         कलेक्टर  सौरभ कुमार ने इस अवसर पर बताया कि यहां के विद्यार्थी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेल का प्रदर्शन कर चुके हैं । कलेक्टर ने बताया कि यहां का स्कूल बैंड टीम भी है। इस टीम ने अनेक राज्य स्तरीय स्पर्धा में प्रथम स्थान प्राप्त किया हैं। यहां के स्कूल बैंड टीम द्वारा जगदलपुर, अम्बिकापुर और राजनांदगांव में आयोजित राज्य स्तरीय जम्बूरी में बेहतर प्रदर्शन कर एजुकेशन सिटी का नाम रोशन किया है। राष्ट्रपति श्री कोविंद को आस्था विद्यालय के बच्चे  कु. इन्दु मानिकपुरी, सुमन नाग और उषा कड़ती, संचालक आदिम जाति कल्याण विभाग जी.आर. चुरेन्द्र, स्कूल के प्राचार्य   संतोष प्रधान ने आत्मीय स्वागत किया।

राष्ट्रपति पहुंचे जगदलपुर: हल्की बूंदाबांदी के बीच आत्मीय स्वागत : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने की अगवानी

रायपुर, 25 जुलाई २०१८ राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के अंतर्गत दंतेवाड़ा और बस्तर जिलों के दो दिन के दौरे पर आज सवेरे भारतीय वायुसेना के विमान द्वारा नईदिल्ली से संभागीय मुख्यालय जगदलपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विमान तल पर हल्की बूंदा-बांदी के बीच उनकी अगवानी की और आत्मीय स्वागत किया। राष्ट्रपति जगदलपुर विमान तल में कुछ देर रूकने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के साथ हेलीकॉप्टर से दंतेवाड़ा जिले के लिए रवाना हो गए। जगदलपुर विमान तल पर उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा मंत्री तथा बस्तर (जगदलपुर) जिले के प्रभारी   प्रेमप्रकाश पाण्डेय, वन मंत्री  महेश गागड़ा और बस्तर के लोकसभा सांसद दिनेश कश्यप सहित अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। राष्ट्रपति का स्वागत करने वालों में जगदलपुर के विधायक  संतोष बाफना, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  कमलचंद्र भंजदेव, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष  श्रीनिवास मद्दी, अध्यक्ष जिला पंचायत   जबिता मंडावी, महापौर जगदलपुर नगर निगम   जतिन जायसवाल, एवं प्रशासन के अन्य अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।

 

छत्तीसगढ़ में लगातार हो रहे वर्षा से सिंचाई जलाशयों में अब तक 50 प्रतिशत जल भराव जानिए प्रदेश के जलाशयों की हाल

रायपुर, 23 जुलाई 2018 छत्तीसगढ़ के 43 प्रमुख सिंचाई जलाशयों में औसत रूप से 50 प्रतिशत जल भराव हो गया। इन जलाशयों में लगभग तीन हजार 115 मिलियन घन मीटर पानी भरा है। जल संसाधन विभाग के स्टेट डाटा सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार 22 जुलाई की सुबह की स्थिति में कबीरधाम जिले के कर्रा नाला जलाशय में सबसे अधिक 95 प्रतिशत जल भराव है।
मिनीमाता बांगो बांध 66.12 प्रतिशत, रविशंकर जलाशय (गंगरेल बांध) 28.37 प्रतिशत, तांदुला जलाशय 27.02 प्रतिशत, दुधावा जलाशय 21.53 प्रतिशत, सिकासेर जलाशय 88.15 प्रतिशत, खारंग जलाशय 38.37 प्रतिशत, सोढूंर जलाशय 40.71 प्रतिशत, माड़मसिल्ली जलाशय 11.81 प्रतिशत, कोडार जलाशय 18.12 प्रतिशत, मनियारी जलाशय 53.72 प्रतिशत, खरखरा जलाशय 27.42 प्रतिशत, गोंदली जलाशय 41.83 प्रतिशत, कोसारटेडा जलाशय 61.77 प्रतिशत, परालकोट जलाशय 21.21 प्रतिशत, छिरपानी जलाशय 52.76 प्रतिशत, श्याम जलाशय 48.99 प्रतिशत, पिपरियानाला जलाशय 47.34 प्रतिशत, बल्लार जलाशय 8.65 प्रतिशत, सुतियापाट जलाशय 90.96 प्रतिशत तथा मोंगरा बैराज जलाशय 58 प्रतिशत भरा है।
इसी प्रकार मरोदा जलाशय में क्षमता का 62.27 प्रतिशत, सरोदा जलाशय में 26.40 प्रतिशत, घोंघा जलाशय में 37.91 प्रतिशत, मटियामोती जलाशय में 15.41 प्रतिशत, झुमका जलाशय में 47.03 प्रतिशत, गेज टेंक में 22.04 प्रतिशत, खम्हारपाकुट जलाशय में 41.46 प्रतिशत, केशवा जलाशय में 16.97 प्रतिशत, केदारनाला जलाशय में 6.95 प्रतिशत, किनकारीनाला जलाशय में 5.77 प्रतिशत, बेहारखार जलाशय में 41.94 प्रतिशत, कुंवरपुर जलाशय 13.89 प्रतिशत, खपरी जलाशय में 8.39 प्रतिशत, पेंड्रावन जलाशय में 15.27 प्रतिशत, कुम्हारी जलाशय 4.32 प्रतिशत, बरनई जलाशय 24.22 प्रतिशत, रूसे जलाशय में 6.45 प्रतिशत, पुटकानाला जलाशय में 5.23 प्रतिशत, मयाना जलाशय में 23.68 प्रतिशत, धारा जलाशय 36.30 प्रतिशत तथा केलो जलाशय में क्षमता का 21.50 प्रतिशत जल भराव हो गया है।

 

छत्तीसगढ़ के पहले वित्त मंत्री रामचंद्र सिंहदेव का निधन

रायपुर : छत्तीसगढ़ के पहले वित्त मंत्री रामचंद्र सिंहदेव का निधन हो गया है। गुरूवार को देर रात  रामकृष्ण अस्पताल में उनका निधन हो गया। जानकारी के मुताबिक उनका पार्थीव शरीर अंतिम दर्शन के लिए शुक्रवार को 11 बजे कांग्रेस भवन रायपुर में लाया जाएगा। 
इससे पहले 88 वर्षीय सिंहदेव की तबीयत बिगड़ने के बाद मंगलवार को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। बता दें कि रामचंद्र सिंह देव कोरिया बाबा के नाम से भी जाने जाते थे। वे जाने - माने अर्थशास्त्री भी थे।  अजीत जोगी की सरकार में छत्तीसगढ़ के पहले वित्त मंत्री होने का गौरव प्राप्त है।  शिक्षा राजकुमार कालेज से हुर्इ है, उसके बाद आगे की शिक्षा के लिए वे इलाहाबाद विश्वविद्यालय गये जहा पर उनके सहपाठी   विश्वनाथ प्रताप सिंह व   नारायण दत्त तिवारी रहे। साथ ही भूतपूर्व मूख्य मंत्री  अर्जुन  सिंह व   वी.पी सिंह उनके जूनियर रहे। 

सायबर सुरक्षा आज की बड़ी चुनौती: डॉ. रमन सिंह

रायपुर - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि सायबर सुरक्षा आज के युग की एक बड़ी चुनौती है। इससे निपटने के लिए भारत सरकार ने सायबर कानून बनाया है, लेकिन इस कानून के साथ-साथ समाज में जागरूकता भी बहुत जरूरी है। मुख्यमंत्री आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित स्वामी विवेकानंद सभागृह में ’मंथन: सायबर सुरक्षा’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उदघाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
    उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में कम्प्यूटर और इंटरनेट का हमारे जीवन में निश्चित रूप से बहुत महत्व है। सारे कार्य कम्प्यूटरीकृत होते जा रहे है। इंटरनेट कनेक्टिविटी गांव गांव तक पहुंच रही है। सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग ने बहुत से कार्यों को आसान बना दिया है। लेकिन इसके साथ सायबर सुरक्षा भी आज की बड़ी चुनौती है। इस पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच की छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा किया गया। सम्मेलन में विधायक श्रीचन्द सुन्दरानी, राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के राष्ट्रीय मार्गदर्शक   इंद्रेश कुमार, राष्ट्रीय अध्यक्ष एयर मार्शल   आर.सी. बाजपेयी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष   सलीम अशरर्फी, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एस.के. पाटील भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘मंथन: सायबर सुरक्षा’ शीर्षक से प्रकाशित पुस्तक और स्मारिका ‘पùव्यूह’ का विमोचन भी किया।  
  इस अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच की छत्तीसगढ़ इकाई के संरक्षक और पूर्व पुलिस महानिदेशक  राजीव श्रीवास्तव, अध्यक्ष डॉ. गिरीश कांत पाण्डेय, महासचिव तौकीर रजा सहित मंच के अनेक पदाधिकारी, प्रबुद्व नागरिक और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल जाकर डॉ. रामचंद्र सिंहदेव की सेहत की जानकारी ली जल्द स्वास्थ्य लाभ के लिए दी शुभकामनाएं

 रायपुर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज देर रात यहां एक प्राईवेट अस्पताल पहुंचकर प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री डॉ. रामचंद्र सिंहदेव के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने डॉ. सिंहदेव के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा-अस्पताल के डॉक्टरों की टीम डॉ. सिंहदेव की बेहतर देखभाल कर रही है। उनका स्वास्थ्य पहले से बेहतर हुआ है। डॉ. रमन सिंह ने कहा-हम सब उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह व केन्द्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम और चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इण्डस्ट्रीज के संयुक्त कार्यक्रम में हुए शामिल

जीएसटी एक सरल और पारदर्शी टैक्स प्रणाली: डॉ. रमन सिंह सिर्फ एक साल के भीतर जीएसटी लागू करने वाला  दुनिया का पहला देश बना भारत:  पीयूष गोयल

रायपुर, केन्द्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल आज रात यहां मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के साथ व्यापार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से चर्चा के लिए आयोजित संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) और छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इण्डस्ट्रीज द्वारा यह कार्यक्रम संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। 

पीयूष गोयल ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री   नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को पूरे देश में सफलतापूर्वक लागू किया है। भारत अब दुनिया का पहला बड़ा देश बन गया है, जहां सिर्फ एक साल केे भीतर जीएसटी प्रणाली पूरी कामयाबी के साथ प्रभावी हो गई है। उन्होंने कहा कि विश्व के छोटे देशों में भी यह व्यवस्था बड़ी कठिनाई से लागू की गई, लेकिन भारत में सबके सहयोग से हम लोग इसमें कामयाब हुए। देश के उद्योग और व्यापार जगत का इसमें सराहनीय सहयोग मिला।   गोयल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में अब तक भारी संख्या में व्यापारी और उद्योगपति जीएसटी से जुड़ चुके हैं। इस अवसर पर केन्द्रीय वित्त मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री ने ‘नई रेल-नया छत्तीसगढ़’ शीर्षक से प्रकाशित एक पुस्तिका का विमोचन भी किया।
 गोयल ने सभी उद्यमियों से आग्रह किया कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस नई कर प्रणाली से जुड़े। उन्होंने कहा - जितनी ज्यादा संख्या में लोग सरकार को शत-प्रतिशत टैक्स अदा करेंगे, सरकार को विकास कार्यांें के लिए उतने ही ज्यादा वित्तीय संसाधन मिलेंगे और टैक्स कम करने में भी आसानी होगी। केन्द्रीय वित्त मंत्री  गोयल ने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि डॉ. सिंह ने छत्तीसगढ़ में देश का पहला खाद्य सुरक्षा कानून बनाकर गरीबों को भोजन का अधिकार दिलाया है और विभिन्न योजनाओं के जरिये वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अन्त्योदय के सपने को साकार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के व्यापारियों और उद्योगपतियों को ई-वे बिल में राहत दी है, ताकि वे अधिक आसानी से अपना व्यवसाय कर सके।
     डॉ. सिंह ने राज्य में केन्द्र सरकार के सहयोग से रेल नेटवर्क के विकास और विस्तार के लिए हो रहे कार्याें की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी  के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने जीएसटी के जरिये देश के व्यापारियों और उद्योगपतियों को एक सरल और पारदर्शी टैक्स प्रणाली दी है। इससे कारोबारियों को तनाव से मुक्ति मिली है। प्रदेश के वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) के अध्यक्ष  छगनलाल मुंदड़ा ने स्वागत भाषण दिया। चेम्बर ऑफ कामर्स छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष  जैन जितेन्द्र बरलोटा ने अपने उद्बोधन में आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि और जल संसाधन मंत्री  बृजमोहन अग्रवाल, लोक निर्माण, आवास और पर्यावरण मंत्री  राजेश मूणत, लोकसभा सांसद   रमेश बैस, राज्य सभा सांसद   रामविचार नेताम, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  धरमलाल कौशिक, 20सूत्रीय कार्यक्रम समिति के उपाध्यक्ष  खूबचंद पारख, रायपुर (उत्तर) के विधायक   श्रीचंद सुंदरानी और अन्य अनेक वरिष्ठजन इस अवसर पर उपस्थित थे। 

छत्तीसगढ़ पुलिस केन्द्रीय कल्याण समिति एवं संयुक्त परामर्षदात्री परिषद् की बैठक संपन्न

रायपुर -  ए.एन.उपाध्याय पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में आज पुलिस मुख्यालय नया रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस केन्द्रीय कल्याण समिति एवं संयुक्त परामर्षदात्री परिषद् की बैठक संपन्न हुई। बैठक में  संजय पिल्ले अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशासन/छसबल,   आर.के.विज अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक योजना एवं प्रबंध,  अशोक जुनेजा अतिरिक्त पुलिस महानिदेाक गुप्तवार्ता पुलिस महानिरीक्षकगण दुर्ग, सरगुजा, बस्तर रेंज सहित पुलिस अधीक्षकगण सरगुजा, बेमेतरा, मुंगेली एवं पुलिस अधीक्षक रेल उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त पुलिस मुख्यालय की विभिन्न ईकाइयॉं,  27 जिले, 18 बटालियनों, एसटीएफ, रेडियो सहित 65 ईकाइयों के 200 से अधिक प्रतिनिधि अधिकारी/कर्मचारी बैठक में सम्मिलित हुए।
 बैठक में जिला ईकाई स्तरीय परामर्शदात्री समति के एवं रेंज स्तरीय समिति के प्राप्त सुझावों पर चर्चा करते हुए आज की बैठक में उपस्थित अधिकारियों से भी सुझाव प्राप्त किये गये। इन समस्त सुझावों पर चर्चा एवं विचार-विमर्श पश्चात् पुलिस विभाग की अशासकीय निधि से संबंधित अनेक प्रस्ताव पर महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये।
    पुलिस कल्याण निधिः- इसके अंतर्गत पूर्व में प्रावधानित पुलिस अधीक्षक की स्वीकृति की वित्तीय सीमा 30 हजार से बढ़ाकर 01 लाख, पुलिस महानिरीक्षक की 50 हजार से बढ़ाकर 03 लाख और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक की 75 हजार से बढ़ाकर 05 लाख रूपये किया गया।
    संकट निधिः-गंभीर बीमारी एवं आकस्मिक आपदा के समय दी जाने वाली संकट निधि से दी जाने वाली सहायता राशि होती है, जिसे  40 हजार से बढ़ाकर 01 लाख रूपये कर दिया गया है।
    परोपकार निधिः-दिवंगत या शहीद पुलिस अधकारी/कर्मचारी के आश्रितों को दी जाने वाली सहायता राशि क्रमशः 50 हजार रूपये से बढ़ाकर 01 लाख रूपये एवं शहीद प्रकरणों में 01 लाख से बढ़ाकर 02 लाख रूपये कर दी गई है। सहायक आरक्षकों को भी परोपकार निधि के दायरे में लाये जाने के प्रस्ताव को मान्य किया गया है। इसी प्रकार शहीद सम्मान निधि की राशि जो शहीद पुलिस अधिकारी/कर्मचारी के परिवार को दी जाती है, उसे 04 से बढ़ाकर 05 लाख रूपये कर दिया गया है।  
    एमिनिटी फंडः- के माध्यम से पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों के परिवारजनों को खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन का प्रावधान रहता है, इसे मॉंग के अनुसार न दी जाकर पुलिस की ईकाइयों को दो हिस्सों में विभाजित कर बड़ी ईकाई को 05 लाख रूपये एवं छोटी ईकाई को 03 लाख रूपये प्रति वर्ष स्वीकृत किया गया ताकि ईकाई स्तर पर उपलब्ध राशि से यह कार्य आवश्यकतानुसार किया जा सके।
    शिक्षा निधिः- इसमें महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्राप्त होने वाली 01 बच्चे के लिए अनुदान को दो बच्चों के लिए दिये जाने का निर्णय किया गया। इसके साथ ही अलग-अलग कक्षाओं/कोर्सेस के लिए पूर्व में अनुदान मात्र एक बच्चे के लिए ही न्यूनतम 800 रूपये से 15 हजार रूपये प्राप्त होते थे, जिसे बढ़ाकर दो बच्चों के लिए 3-3 हजार रूपये से 30-30 हजार रूपये किया गया है। इस प्रकार दो बच्चों को विभिन्न कोर्सेस के लिए एक वर्ष में बढ़ा हुआ अनुदान 60 हजार रूपये प्राप्त होगा।
    इसी प्रकार पुलिस सिलाई केन्द्रों में पुलिस परिवार के सदस्यों द्वारा की जाने वाली सिलाई कार्य के लिए मानदेय बढ़ोत्तरी का निर्णय लिया गया है।
     अशासकीय निधि पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों के सहयोग से संचालित की जाती है। विभिन्न निधियों में पूर्व निर्धारित सहयोग राशि की दर को कम करते हुए अब आरक्षक स्तर तक 700 रूपये के स्थान पर 50 रूपये सहयोग राशि लिये जाने का निर्णय की पुष्टि भी इस बैठक में की गई।
    पुलिस महानिदेशक ने अपने उद्बोधन में विभिन्न पुलिस ईकाइयों के प्रस्ताव को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों की सुविधा के लिए बिलासपुर और दुर्ग में पुलिस विभाग की भूमि पर कल्याण निधि से सामुदायिक भवन/मनोरंजन केन्द्र निर्माण किये जाने की घोषणा की, जिसको धीरे-धीरे अन्य रेंज मुख्यालयों पर तथा जिला मुख्यालयों पर विस्तारित किया जायेगा।

मुख्यमंत्री शामिल हुए महाप्रभु भगवान श्री जगन्नाथ जी के रथयात्रा महोत्सव में

रायपुर -  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल आज यहां गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में रथयात्रा समारोह में शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और बहन सुभद्रा की पूजा अर्चना की और प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद मांगा। मुख्यमंत्री ने जगन्नाथ मंदिर से रथ तक के मार्ग में सोने की झाड़ू से मार्ग बुहार कर छेहरा-पहरा की रस्म पूरी की। इसके पहले मुख्यमंत्री डॉ. सिंह मंदिर के यज्ञ स्थल में आयोजित यज्ञ में शामिल हुए। भक्तिमय माहौल में मंत्रोच्चार, शंख ध्वनि के बीच भगवान महाप्रभु जगन्नाथ की प्रतिमा नंदिघोष रथ पर, भगवान बलभद्र की प्रतिमा तालध्वज रथ पर और बहन सुभद्रा की प्रतिमा देवदलन रथ में विराजित की गईं। इस दौरान उत्कल नृत्य दल मार्ग के आगे कीर्तन करते हुए चल रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह और विधासभा अध्यक्ष   गौरीशंकर अग्रवाल ने सभी लोगों को भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी।  
    इस अवसर पर कृषि एवं जल संसाधन मंत्री   बृजमोहन अग्रवाल, वनमंत्री   महेश गागड़ा, विधायक  श्रीचंद सुंदरानी, राज्य सभा सांसद  छाया वर्मा, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की धर्म पत्नी   वीणा सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष   छगन मुंदड़ा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष   संजय श्रीवास्तव, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष   धरमलाल कौशिक, नगर निगम रायपुर के महापौर  प्रमोद दुबे, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष   दिलीप सिंह होरा, पूर्व विधायक   लक्ष्मी बघेल और   जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति और छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रे डा) के अध्यक्ष श्री पुरंदर मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। सभी अतिथि इस अवसर पर आयोजित महाआरती में भी शामिल हुए।

विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में छत्तीसगढ़ ने फिर लहराया शानदार कामयाबी का परचम छत्तीसगढ़ बना टॉप एचीवर स्टेट

रायपुर आम जनता के हित में व्यापार व्यवसाय को अधिक सरल और सुविधाजनक के लिए ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के तहत छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी शानदार कामयाबी का परचम लहराया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए वाणिज्य और उद्योग विभाग सहित प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डुइंग बिजनेसकी सफलता के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा मिली है। छत्तीसगढ़ पूरे देश में टॉप एचीवर स्टेट बन गया है। 
    मुख्यमंत्री ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य ने वर्ष 2015 और वर्ष 2016 में डीआईपीपी-विश्व बैंक की ईज ऑफ डुइंग बिजनेस की रैंकिंग में पूरे देश में चौथा स्थान प्राप्त किया था। विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2017 में भी छत्तीसगढ़ ने ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में प्रगति की ओर तेजी से कदम बढ़ाते हुए उच्चस्तरीय प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ ने ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के क्रियान्वयन के स्कोर में 99.5 प्रतिशत और फीडबैक स्कोर में 78.5 प्रतिशत के साथ भारत के सर्वाधिक बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों की श्रेणी में अपना स्थान बनाया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2016 में राज्य का संयुक्त स्कोर कार्ड 97.32 प्रतिशत था, जो 2017 में बढ़कर 97.36 प्रतिशत हो गया, वहीं क्रियान्वयन स्कोर कार्ड इस दौरान 97.32 प्रतिशत बढ़कर 99.46 प्रतिशत तक पहुंच गया।वर्ष 2016 में जहां कुल 15 विभाग ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में शामिल थे, वहीं वर्ष 2017 में इन विभागों की संख्या 20 से ज्यादा हो गई।
    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को यह शानदार कामयाबी राज्य सरकार की उद्योग-व्यापार हितैषी नीतियों के सफल क्रियान्वयन से मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा-छत्तीसगढ़ ने ईज ऑफ डुइंग बिजनेस की सफलता के लिए एक व्यापक रणनीति के साथ काम किया है और वाणिज्य और उद्योग जगत के लिए बेहतर वातावरण बनाया है। हमारा प्रयास था कि छत्तीसगढ़ में नये निवेशकों और वर्तमान निवेशकों को अपना व्यापार करने में सुगमता बनी रहे और शुरू से ही उनको प्रत्येक स्तर पर सभी जरूरी सुविधाएं मिलती रहे। 
    मुख्यमंत्री ने कहा-हमने शासन के अनेक महत्वपूर्ण विभागों को व्यवसाय शुरू करने के लिए शासन द्वारा दी जाने वाली सेवाओं को चरणबद्ध ढंग से और सुगमता के साथ लागू किया है। शासकीय प्रक्रियाओं को समन्वित रूप से लागू करने के लिए कार्य प्रणाली विकसित की है, जिससे निवेशकों के लिए व्यापार करना सुगम हुआ है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य शासन द्वारा उद्यम आकांक्षा के नाम से शुरू की गई एकल खिड़की प्रणाली में अब तक 25 हजार से ज्यादा निवेशकों द्वारा ऑनलाइन अपना पंजीयन करवाया जा चुका है। डॉ. सिंह ने कहा-सिर्फ तीन साल से भी कम समय में इतनी बड़ी संख्या में निवेशकों द्वारा राज्य सरकार की ऑनलाइन प्रणाली का सफलतापूर्वक उपयोग करना हमारे प्रयासों की कामयाबी को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में ईज ऑफ डुइंग बिजनेस को लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कई उल्लेखनीय कदम उठाए गए है। राज्य में निर्माण कार्यों के लिए अनुज्ञा जारी करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने साफ्टवेयर विकसित किया है, जिसे भारत सरकार ने सर्वश्रेष्ठ माना है। 
    डॉ. सिंह ने कहा-हमने इस साफ्टवेयर को शासन के विभिन्न विभागों और केन्द्र सरकार की एजेंसियों जैसे-भारतीय रेल, विमानतल प्राधिकरण, राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण आदि संस्थाओं के साथ जोड़ा है। इतना ही नहीं, बल्कि राज्य में एक केन्द्रीय निरीक्षण एजेंसी भी बनाई गई है, जिसमें श्रम विभाग, पर्यावरण संरक्षण मंडल और वाष्प यंत्र निरीक्षण कार्यालय के साथ समन्वय कर निरीक्षण की व्यवस्था की गई है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने सबसे पहले अपने यहां वाणिज्यिक विवादों के निराकरण के लिए नया रायपुर में कामर्शियल कोर्ट की स्थापना की है। इस न्यायालय की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसकी सम्पूर्ण प्रक्रिया और निर्णय पारित करने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन है। मुख्यमंत्री ने कहा-राज्य सरकार के सभी प्रमुख विभाग जैसे परिवहन, आबकारी, मुद्रांक एवं पंजीयन तथा ऊर्जा विभाग आदि के सभी प्रकार के करों के संग्रहण की व्यवस्था को भी शत-प्रतिशत ऑनलाइन कर दिया गया है। 

शराब दुकान के 50 मीटर के दायरे में चखना दुकान होने पर जिले के आबकारी अधिकारी होंगे जिम्मेदार

 रायपुर-  वाणिज्यिक कर एवं उद्योग मंत्री   अमर अग्रवाल ने आज यहां अधिकारियों की बैठक लेकर आबकारी विभाग के काम-काज की समीक्षा की। अग्रवाल ने शराब दुकानों में कार्यरत सेल्समनों के वेतन भुगतान में सामान्यतया विलंब होने पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि हर महीने 7 तारीख तक अनिवार्य रूप से वेतन भुगतान हो जाने चाहिए। जिन प्लेसमेन्ट एजेन्सियों के जरिए इनकी सेवाएं ली जा रही है, उन्हें इस तिथि तक वेतन भुगतान हो जाने संबंधी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। आबकारी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय बैठक में आबकारी आयुक्त   डी.ड.ी सिंह, ओ.एस.डी. श्री एस.आर.सिंह सहित सभी जिलों से आए आबकारी अधिकारी उपस्थित थे।
  अग्रवाल ने विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी शराब दुकानों का अभिलेख संधारित करने और हिसाब-किताब दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शराब दुकान में दो-दो पंजी रखी जाए। इनमें हर दिन की बिक्री का उल्लेख किया जाना चाहिए। इसका मिलान और ऑडिट विभाग द्वारा नियुक्त किए गए चार्टर्ड एकाउण्टेण्ट द्वारा किया जाना चाहिए। राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती स्थित एक शराब दुकान में राशि की गड़बड़ी को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच करने के निर्देश पुलिस अधीक्षक को दिए। उल्लेखनीय है कि लगभग साढ़े 4 लाख रुपए की गड़बड़ी का मामला उक्त दुकान में सामने आया है, जिसकी जांच की जा रही है। उन्होंने जांच होते तक इस इलाके के आबकारी इंस्पेक्टर को हटाने के निर्देश दिए। मंत्री ने टोल फ्री सेवाओं में मिली शिकायतों की समीक्षा करते हुए उन पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। आबकारी विभाग के टोल फ्री नम्बर 14405 पर कोई भी आबकारी संबंधी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि पिछले तीन महीनों में उक्त टोल फ्री नम्बर पर तीन हजार 167 शिकायतें दर्ज की गई। इनमें एक हजार 545 प्रकरण निर्धारित मूल्य से ज्यादा पर शराब बिक्री से संबंधित हैं। जांच किए जाने पर 105 प्रकरणों की पुष्टि की गई, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
 अग्रवाल ने कहा कि शराब दुकान के 50 मीटर के दायरे में चखना दुकान नहीं होने चाहिए। यदि इस सीमा के भीतर दुकान पाए गए तो संबंधित जिले के आबकारी अधिकारी को जिम्मेदार मानते हुए उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। कांकेर जिले के बांदे और पंखाजूर में शराब दुकान के समीप चखना दुकान संचालित होने की शिकायत सहीं पाए जाने पर आबकारी अधिकारी को अपने काम-काज में सुधार लाने की सख्त हिदायत दी। आबकारी मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि दूसरे राज्यों की शराब अपने राज्य में नहीं आने चाहिए, इसके लिए सीमा पर निगरानी रखी जाए। राजनांदगांव, रायपुर और बिलासपुर मंे बाहरी राज्य के शराब के विरूद्ध 19 प्रकरण बनाए जाने की जानकारी अधिकारियों ने दी। मंत्री   अग्रवाल ने कहा कि ऐसे मामलों में यदि वाहन पकड़ाई जाती है, तो नियमानुसार राजसात की कार्रवाई तत्काल की जाए। अधिकारियांे ने बैठक में बताया कि दुकानों से शराब की बिक्री पर बिल दी जा रही है। फिर भी रायपुर और दुर्ग में बिना बिल की 21 शिकायत मिली है, जिस पर मंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए इसकी जांच करने के निर्देश दिए।

नक्सलियों द्वारा किए गए आईडी ब्लॉस्ट में बीएसएफ के दो जवान शहीद

कांकेर। जिले के धुर नक्सल प्रभावित छोटे बेठिया थाना क्षेत्र के ताड़वाली में नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर दिया। ब्लास्ट की चपेट में आने से बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए हैं। बस्तर आईजी विवेकानंद सिन्हा ने इसकी पुष्टि की है।
बांदे, छोटे बेठिया क्षेत्र महाराष्ट्र का सीमावर्ती इलाका है, जहां पिछले 2 दिनों में नक्सलियों ने दो ग्रामीणों की हत्या की थी, जिससे इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी का संदेह होने पर सर्चिंग बढ़ाई गई थी
सर्चिंग के दौरान आईडी  के चपेट में आने से बीएसएफ के 2 जवान शहीद  हो गए हैं. जानकारी के मुताबिक ये घटना  शाम 5 बजे के आस पास की है. बताया जा रहा है कि सुरक्षाबलों को यहां से सूचना मिली थी कि नक्सली छोटे बेठिया थाना के ताड़वाली  जंगलों में सक्रिय हैं. जिसके बाद सुरक्षाबल इस इलाके में बाइक पर सवार होकर सर्चिंग पर निकले हुए थे. तभी अचानक नक्सलियों की तरफ से फायरिंग शुरू हो गई और इसी दौरान दो जवान शहीद हो गए शहीद जवानों का नाम संतोष लक्ष्मण और  नित्यन्दन नायक बताया गया है.
 प्राप्त जानकारी के अनुसार नक्सलियों ने ब्लास्ट के बाद फायरिंग भी की, जिसका बीएसएफ के जवानों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया है। जवानों की ओर से की गई फायरिंग में कुछ नक्सलियों को भी गोली लगने की खबर मिल रही है। जिसकी आधिकरिक पुष्टि नहीं की गई है 

मात्स्यिकी महाविद्यालय प्रदेश में प्रशिक्षण का केन्द्र बिन्दु बने- डॉ. रमन सिंह : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कवर्धा में प्रदेश के प्रथम मात्स्यिकी महाविद्यालय का लोकार्पण किया

रायपुर  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज जिला मुख्यालय कवर्धा में शासकीय मात्स्यिकी महाविद्यालय के नए भवन और बालक एवं बालिका छात्रावास भवन का लोकार्पण किया। यह छत्तीसगढ़ का पहला मछलीपालन और मत्स्य विज्ञान कॉलेज है, जो लगभग चार वर्ष पहले शुरू किया गया था। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सूचना क्रांति योजना के तहत मात्स्यिकी महाविद्यालय और शासकीय कृषि महाविद्यालय कवर्धा और निजी क्षेत्र के भोरमदेव कृषि महाविद्यालय के 120 विद्यार्थियों को लैपटॉप भी वितरित किया।
 मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने महाविद्यालयीन छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन कबीरधाम जिला ही नही बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा - प्रदेश के पहला मात्स्यिकी महाविद्यालय को स्वयं का भवन मिला है। पिछले चार साल से यह महाविद्यालय जिले में संचालित है। उन्होने कहा कि कबीरधाम जिले में अब शासकीय कृषि महाविद्यालय भी संचालित हो रहा है। राज्य सरकार ने इस महाविद्यालय के भवन निर्माण को प्राथमिकता में रख कर तेजी से काम कराया है। शिक्षा के क्षेत्र में जिले में व्यापक काम हुए है। शिक्षा विकास के मील के पत्थर होते है। उन्होने कहा कि जिले में कृषि विज्ञान केन्द्र, कृषि महाविद्यालय और मात्स्यिकी महाविद्यालय खुलने से अब किसानों को भी लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि इस संस्थान में बच्चें पढ़ाई कर आगे बढेंगे, लेकिन इसके साथ ही साथ इस संस्थान को प्रशिक्षण संस्थान के रूप में भी विकसित किया जा सकता है। जिले के मल्लाह, केंवट सहित जिले के किसानों को कृषि, पशुपालन और मात्स्यिकी से संबंधित आजीविका से जोड़ने की पहल कर उन्हे प्रशिक्षण दिया जा सकता है। उन्होने कहा कि यह स्थान प्रदेश में प्रशिक्षण का केन्द्र बिन्दु बने ऐसे प्रयास भी होना चाहिए।  
कृषि मंत्री, मछली पालन एवं जलसंसाधन विभाग के मंत्री   बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कबीरधाम जिले में संचालित मात्स्यिकी महाविद्यालय को आज चार साल बाद स्वयं का भव्य भवन की सौगात मिली है। उन्होने कहा कि देश का सबसे अच्छा संस्थान छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में संचालित हो रहा है। उन्होने कहा कि इस महाविद्यालय में 60 सीटे थी, जो अब इस वर्ष से 40 सीटे और बढ़ाई जाएगी। अब इस महाविद्यालय में सीट की संख्या 100 हो जाएगी। इस वर्ष से मात्स्यिकी महाविद्यालय में पीजी के दस सीटों से शिक्षा प्रांरभ होगी। मंत्री   अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ कृषि, पशुपालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के पीछे मेहनतकश किसानों की कड़ी मेहनत है, जिसकी बदौलत आज प्रदेश को चार का कृषण कर्मण का पुरस्कार मिला है। उन्होने कहा कि पहले मछलियों के बीज प्रदेश के बाहर से मगाई जाती थी,लेकिन अब छत्तीसगढ से मछलियों के विभिन्न प्रजातियों की बीज प्रदेश के बाहर भेजने में सक्षम और सबल हुए है। उन्होने कहा कि प्रदेश में कृषि,मछलीपालन, गौ-पालन के क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाएं है।
संासद श्री अभिषेक सिंह ने कहा कि देश मे मात्स्यिकी माहविद्यालय के तीन संस्थान संचालित है, जिसमें छत्तीसगढ के कबीरधाम जिले का नाम भी शामिल है। यह इस जिले के साथ-साथ पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होने कहा कि कबीरधाम जिले में धान, गन्ना सोयाबीन और चना उत्पादित किसान है। इन फसलों से किसानों की आमदानी बढ़ाने के लिए राज्य और केन्द सरकार अनेक योजनाएं संचालित कर ही है। सांसद   सिंह ने कहा धान,गन्ना,सोयाबीन और चना फसलों की प्रति एकड़ की तुलना में मछली पालन में कही ज्यादा आमदनी होती है। एक एकड़ की तालाब में मछली पालन कर साल भर में दो से तीन लाख रूपए की आमदनी कर सकते है। उन्होने कहा कि राज्य और केन्द्र सरकार किसानों की आमदानी बढ़ाने के लिए किसानों के खेतों में छोटे-छोटे तलाबों और डबरियों के निर्माण के लिए जोर दिया रहा है। इन डबरियों में मछली पालन का बढावा दिया जा सकता है।
इस अवसर पर संसदीय सचिव  मोतीराम चन्द्रवंशी, कवर्धा विधायक   अशोक साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष   संतोष पटेल, छत्तीसगढ़ कामधेनु के कुलपति डॉ. एसके पाटिल,   कलेक्टर   अवनीश कुमार शरण, पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ  कुंदन कुमार, राज्य युवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष  संतोष पांडेय,  राम कुमार भट्,   सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं विश्व विद्यालय के अधिकारीगण उपस्थित थे। 

न्यायाधिपति श्री अजय त्रिपाठी ने छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधिपति पद की शपथ ली : राज्यपाल श्री टंडन ने दिलाई शपथ

न्यायाधिपति श्री अजय कुमार त्रिपाठी ने आज यहां राजभवन के दरबार हॉल में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के मुख्य न्यायाधिपति के पद की शपथ ली। राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर राज्य की प्रथम महिला श्रीमती बृजपाल टंडन, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, उच्च शिक्षा मंत्री  प्रेमप्रकाश पाण्डेय, कृषि मंत्री   बृजमोहन अग्रवाल, नगरीय प्रशासन एवं वाणिज्यिक कर मंत्री  अमर अग्रवाल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अजय चन्द्राकर, गृहमंत्री   रामसेवक पैकरा, वन मंत्री   महेश गागड़ा, श्रम मंत्री   भैयालाल रजवाड़े, विधायकगण, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष   चन्द्रशेखर साहू, रायपुर नगर निगम के महापौर प्रमोद दुबे, प्रमुख लोकायुक्त  एस. एन. श्रीवास्तव, राज्य निर्वाचन आयुक्त   ठाकुर रामसिंह, सूचना आयुक्त   अशोक अग्रवाल,  ए. के. सिंह, राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष  के.आर. पिस्दा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष   संजय श्रीवास्तव, पद्मश्री डॉ. महादेव प्रसाद पांडे, डॉ. रमेन्द्रनाथ मिश्र भी उपस्थित थे।  
 

 बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के नवनियुक्त चीफ जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी आज रायपुर राजभवन में शपथ लेंगे. राज्यपाल बलराम दास टंडन  शपथ दिलाएंगे. इस दौरान चीफ जस्टिस के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह समेत प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे.
चीफ जस्टिस अजय पटना हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश के पद से स्थानांतरित थे, वहां से उनका ट्रांसफर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में हुआ है. सोमवार को चीफ जस्टिस के सम्मान में हाईकोर्ट में विशेष कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है.
बता दें कि अजय कुमार त्रिपाठी झारखंड स्थित बोकारो इस्पात नगर के रहने वाले हैं, उन्होंने 1981 में वकालत शुरू की थी. 2006 में उन्हें पटना हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया था. 21 नवंबर 2007 से वे पटना के नियमित जज बने. छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधीश टीबी राधाकृष्णन को आंध्रप्रदेश और तेलंगाना हाईकोर्ट का ज्वाइंट चीफ जस्टिस बनाया गया था. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के कोलोजियम ने अजय त्रिपाठी को छत्तीसगढ़ का मुख्य न्यायाधीश बनाने की अनुशंसा की थी.