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मुख्यमंत्री के अनेक प्रस्तावों को रेल मंत्री ने दी सैद्धांतिक मंजूरी राजनादगांव तिल्दा और भाटापारा में ट्रेनों के स्टापेज का आग्रह किया

छत्तीसगढ़ में 17 रेल्वे ओव्हर ब्रिजों-अंडरब्रिजों के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति सात रेल्वे स्टेशनों के पुनर्विकास का प्रस्ताव भी मंजूर

रायपुर  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज नई दिल्ली में रेल मंत्री  पीयूष गोयल के साथ बैठक में छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क और यात्री सुविधाओं के विकास और विस्तार के लिए कई प्रस्तावों पर गहन विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री के इन प्रस्तावों में से कई प्रस्तावों को   गोयल ने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए सैद्धांतिक रूप से तत्काल अपनी मंजूरी दे दी। इनमें से सात रेलवे स्टेशनों के उन्नयन के प्रस्ताव भी शामिल हैं, जिन्हें   गोयल ने सैद्धांतिम स्वीकृति प्रदान कर दी। उन्होंने डॉ. रमन सिंह के आग्रह पर छत्तीसगढ़ में 17 रेल्वे ओव्हर ब्रिजों और रेल्वे अंडर ब्रिजों के निर्माण के लिए भी अपनी सहमति और स्वीकृति तुरंत दे दी।   गोयल ने कहा कि सभी प्रस्तावों पर रेल मंत्रालय द्वारा सर्वेक्षण जल्द शुरू करवाया जाएगा। 

 गोयल ने रेल मंत्रालय के अधिकारियों को दुर्ग - कटघोरा - मुंगेली - कवर्धा - डोगंरगढ़ रेल लाईन के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन और सी.सी.ई.ए. की जल्द स्वीकृति देने के निर्देश दिए । उन्होने दुर्ग, रायगढ़, कोरबा, पेंड्रारोड़, डोंगरगढ़, भिलाई तथा अंबिकापुर रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास और बीकानेर-बिलासपुर ट्रेन को दुर्ग तक बढ़ाने तथा विशाखापट्नम-जगदलपुर स्पेशल किराया ट्रेन को सामान्य किराये पर नियमित ट्रेन के रुप में चलाने की भी स्वीकृति प्रदान कर दी।
बैठक में रेल मंत्री   गोयल ने छत्तीसगढ़ के जिन 17 रेलवे ओवरब्रिज/रेलवे अंडरब्रिज के निर्माण प्रस्तावों को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया, उनमें रायगढ़ रेल मार्ग पर कोतरलिया, किरोड़ीमलनगर, भूपदेवपुर, रॉबर्टसन तथा खरसिया यार्ड भी शामिल हैं। बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ से लखनऊ, पटना, पुणे, जम्मू, कन्याकुमारी और तिरूनंतपुरम के लिए सुपरफास्ट रेल सेवा प्रारंभ करने की मांग की। उन्होंने राजनांदगंाव, तिल्दा और भाटापारा में ट्रेनों के स्टापेज और रायगढ़, डोंगरगढ़ और अंबिकापुर में कोचिंग टर्मिनल प्रारंभ करने का आग्रह किया। बैठक में रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य के 35 सरकारी कॉलेजों में स्नातक स्तर के 14 नये पाठ्यक्रमों सहित 1935 सीटों की भी मिली मंजूरी 31 अगस्त तक ले सकेंगे प्रवेश

रायपुर, 08 अगस्त २०१८ राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के 35 शासकीय कॉलेजों में चालू शिक्षा सत्र 2018-19 से 14 विभिन्न विषयों में नये पाठ्यक्रम शुरू करने  का निर्णय लिया है। इनमें में छह कॉलेज आदिवासी क्षेत्रों में और तीन कॉलेज अनुसूचित जाति बहुल्य इलाकों में संचालित हो रहे हैं। सभी 35 कॉलेजों में स्वीकृत नये पाठ्यक्रमों में एक हजार 935 सीटें भी मंजूर की गई है। उच्च शिक्षा मंत्री  प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी को कॉलेज स्तर कॉलेज स्तर पर विभिन्न विषयों की पढ़ाई के लिए हर संभव सुविधाएं दे रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री के निर्देश पर उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 35 कॉलेजों में स्नातक स्तर पर नये संकायों के साथ नये विषयों के पाठ्यक्रम भी मंजूर किए गए हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने इसके लिए यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से आयुक्त उच्च शिक्षा को अनुमति जारी कर दी है। नये विषयों में विद्यार्थियों को इस महीने की 31 तारीख तक प्रवेश दिया जाएगा। इन सभी कॉलेजों में नये विषयों के लिए सहायक प्राध्यापकों के 69, प्रयोगशाला तकनीशियनों के 26 और प्रयोगशाला परिचारकों के भी 26 पद स्वीकृृत किए गए हैं।
    विभाग द्वारा इन कॉलेजों के लिए मंजूर नये विषयों में भूगोल, संगीत, अंग्रेजी साहित्य, संस्कृत साहित्य, वाणिज्य, फाईन आर्ट और मूर्तिकला, इतिहास, गणित, भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, मानव विज्ञान, सूक्ष्म जीव विज्ञान, कम्प्यूटर साइंस, कम्प्यूटर एप्लीकेशन शामिल हैं। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी अनुमति के अनुसार स्नातक स्तर पर शासकीय डॉ.राधाबाई नवीन कन्या पी.जी. महाविद्यालय रायपुर में बी.ए. भूगोल और संगीत में 25-25 सीटों पर, वीर सुरेन्द्र साय पी.जी. महाविद्यालय गरियाबंद में बी.ए. भूगोल और अंग्रेजी साहित्य में 30-30 सीटों पर तथा संस्कृत साहित्य में 25 सीटों पर विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा। शासकीय राजीवलोचन महाविद्यालय राजिम बी.ए. अंग्रेजी साहित्य में 30 सीटों पर, शासकीय महाविद्यालय सरायपाली में बी.काम. वाणिज्य की 50 सीटों में छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा।  
 उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शासकीय वा.पा.पा.कन्या पी.जी. महाविद्यालय दुर्ग में बी.ए. फाईन आर्ट औरं मूर्तिकला में 50 सीटों की मंजूरी दी गई है। शासकीय नवीन महाविद्यालय खुर्सीपार में बी.ए. इतिहास एवं भूगोल में 30-30 सीटें, शासकीय महाविद्यालय साल्हेवारा में बी.एस.सी.(गणित समूह) में 40 सीटें, शासकीय गुण्डाधूर महाविद्यालय कोण्डागांव बी.ए. भूगोल 40 सीटें मंजूर की गई हैं। शासकीय दन्तेश्वरी महिला महाविद्यालय जगदलपुर में बी.एस.सी.(बायो एवं गणित समूह) में 60-60, शासकीय शहीद बापूराव पी.जी. महाविद्यालय सुकमा में बीए भूगोल 40, शासकीय भानुप्रतापदेव पी.जी. महाविद्यालय कांकेर में बी.ए. मानव विज्ञान में 30 और बी.एस.सी.(बायो समूह) सूक्ष्मजीव विज्ञान में 40 सीटों की अनुमति दी गई है। शासकीय बिलासा कन्या पी.जी. महाविद्यालय बिलासपुर में बी.एस.सी. कम्प्यूटर साईस में 30, शासकीय महाविद्यालय सीपत में बी.सी.ए. कम्प्यूटर एप्लीकेशन में 40, शासकीय माता शबरी नवीन कन्या महाविद्यालय बिलासपुर में बी.ए. भूगोल में 50 और शासकीय महाविद्यालय तखतपुर में बी.काम  वाणिज्य में 40 और शासकीय महाविद्यालय कोतरी में बी.ए. अंग्रेजी साहित्य में 40 सीटों की और बी.एस.सी.(गणित समूह) 40 सीटों की स्वीकृति मिली है।
    अधिकारियों ने बताया कि शासकीय महाविद्यालय अकलतरा में बी.ए. अंग्रेजी साहित्य मं 40, शासकीय महाविद्यालय दीपका में बी.ए. समाजशास्त्र 40, शासकीय महाविद्यालय सारंगढ़ में बी.ए. संस्कृत 40, शासकीय महाविद्यालय धरमजयगढ़ में बी.एस.सी. (गणित समूह) 30 और शासकीय नवीन महाविद्यालय बरमकेला में बी.ए. भूगोल में 60 सीटों की अनुमति दी गई है। शासकीय नवीन महाविद्यालय पुसौर में बी.एस. सी. गणित समूह में 60, शासकीय रामानुज प्रताप पी.जी. महाविद्यालय बैकुण्ठपुर में बी.ए. भूगोल में 40, शासकीय लाहिडी महाविद्यालय चिरमिरी में बी.ए. अंग्रेजी साहित्य में 60, शासकीय महाविद्यालय पंडरिया में बी.ए. बायो समूह 40 और शासकीय विवेकानंद महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ में बी.सी.ए. में 40 सीटों की अनुमति प्राप्त हुई है।
    उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अनुसूचित जनजाति उपयोजना के तहत शासकीय महाविद्यालय डौण्डी लोहारा में बी.ए. इतिहास 60,शासकीय महाविद्यालय मानपुर में बी.काम वाणिज्य 60, शासकीय नवीन महाविद्यालय तोकापाल में बी.एस.सी. गणित समूह में 60 और बी.ए. राजनीति विज्ञान 40 सीटें मंजूर की गई हैं। इसी कड़ी में शासकीय महाविद्यालय सरोना को बी.ए. भूगोल के लिए 60, शासकीय महाविद्यालय भोपालपटनम को बी. काम वाणिज्य के लिए 30 और बी.ए. इतिहास के लिए 30 सीटों की  अनुमति जारी की गई है। शासकीय महाविद्यालय मरवाही को बी.ए. संस्कृत के लिए 40 सीटें मंजूर की गई है। विभाग द्वारा अनुसूचित जाति उप योजना के तहत शासकीय महाविद्यालय लवन को बी.ए. समाजशास्त्र और इतिहास के लिए 60-60 सीट, शासकीय महाविद्यालय मालखरौदा को बी.ए. संस्कृत के लिए 35 और बी.एस.सी. कम्प्यूटर  एप्लीकेशन के लिए 35 और  शासकीय महाविद्यालय हसौद को बी.ए. अर्थशास्त्र के लिए 40 सीटों की स्वीकृति दी गई है। 

मुख्यमंत्री के साथ छत्तीसगढ़ के सांसदों की बैठक

रायपुर- मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में प्रदेश के सांसदों की बैठक लेकर राज्य के विकास और जनता के हितों से जुड़े विभिन्न विषयों तथा राज्य में संचालित योजनाओं पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने इसके साथ ही संसद के चालू मानसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में राज्य के हितों को लेकर उठाए जाने वाले विभिन्न विषयों पर भी सांसदों से बातचीत की। बीती रात आयोजित इस बैठक में राज्य सभा सांसद सर्वश्री मोतीलाल वोरा, रामविचार नेताम और रणविजयप्रताप सिंह जूदेव, लोकसभा सांसद सर्वश्री रमेश बैस, विष्णुदेव साय, विक्रम उसेंडी, दिनेश कश्यप, ताम्रध्वज साहू, लखनलाल साहू, चंदूलाल साहू, डॉ. बंशीलाल महतो और अभिषेक सिंह सहित श्रीमती कमला पाटले भी मौजूद थीं

मुख्यमंत्री ने नक्सल मुठभेड़ में पुलिस को मिली सफलता पर दी बधाई

 रायपुर - छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज राज्य के बस्तर राजस्व संभाग के सुकमा जिले में नक्सलियों से मुठभेड़ में पुलिस को मिली सफलता पर कहा है कि हमारे पुलिस जवानों और अधिकारियों ने नक्सल मोर्चे पर अदम्य साहस के साथ सफलता का परचम लहराया है। डॉ. सिंह ने इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन में शामिल पुलिस के सभी वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिकारियों तथा जवानों को बधाई दी है। उन्होंने आगे कहा कि नक्सल समस्या को समाप्त करने के लिए प्रभावित इलाकों में राज्य पुलिस और केन्द्रीय सुरक्षा बलों के सभी जवान और अधिकारी उत्साह के साथ काम कर रहे हैं और बस्तर को नक्सल मुक्त करने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा-मुझे विश्वास है कि सरगुजा की तरह बस्तर भी बहुत जल्द नक्सल समस्या से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने एक बार फिर नक्सलियों से हिंसा छोड़ने और शांतिपूर्ण जीवन जीने के लिए राष्ट्र और समाज के विकास की मुख्यधारा में शामिल होने का आव्हान किया। मुख्यमंत्री ने कहा-आत्म समर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए राज्य सरकार ने बेहतर पुनर्वास पैकेज की भी व्यवस्था की है, लेकिन अगर वे हथियार और हिंसा नहीं छोड़ते हैं तो उनके खिलाफ इस प्रकार की कठोर से कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

छत्तीसगढ़ के सीमेंट उद्योगों में भी प्लास्टिक कचरे से बिजली बनाने की तैयारी : पर्यावरण संरक्षण मंडल की नई पहल


रायपुर अब छत्तीसगढ़ की सीमेंट फेक्टरियों में भी प्लास्टिक के कचरे का उपयोग वैकल्पिक बिजली बनाने में किया जाएगा। राज्य सरकार की संस्था छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने इस दिशा में एक नई पहल की है। इस सिलसिले में मंडल द्वारा आज यहां अपने मुख्यालय में विचार-मंथन के लिए प्रदेश के प्रमुख सीमेंट उद्योगों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में छह नगर निगमों -रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, रायगढ़ और कोरबा के आयुक्त भी शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के अधिकतर सीमेंट संयंत्र इन्हीं शहरों के आसपास हैं।
बैठक का आयोजन आवास एवं पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव तथा पर्यावरण संरक्षण मंडल के अध्यक्ष  अमन कुमार सिंह के निर्देश पर किया गया। पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव श्री संजय शुक्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में सीमेंट उद्योगों के प्रतिनिधियों से कहा गया कि पूरी दुनिया में प्लास्टिक अपशिष्ट (कचरे) का उपयोग सीमेंट संयंत्रों के किलनों में वैकल्पिक ऊर्जा स्त्रोत के रूप में किया जा रहा है। विशेषज्ञों ने इसे एक सुरक्षित तकनीक भी बताया है। इस तथ्य को देखते हुए छत्तीसगढ़ के सीमेंट संयंत्रों में भी प्लास्टिक कचरे का इस्तेमाल बिजली बनाने में किया जाना चाहिए। बैठक में तय किया गया कि प्रदेश के सभी 168 शहरों से निकलने वाले प्लास्टिक कचरे की मात्रा, उसके परिवहन की व्यवस्था और कौन-कौन से सीमेंट संयंत्रों को कितनी मात्रा में उपलब्ध कराया जा सकता है, इसके बारे में एक विस्तृत रिपोर्ट संचालक नगरीय प्रशासन और विकास विभाग से अगले 15 दिनों के भीतर प्राप्त की जाए। यह भी निर्णय लिया गया कि सीमेंट संयंत्रों को प्लास्टिक अपशिष्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराने के लिए सीमेंट उद्योगों से चर्चा करके एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी निर्धारित की जाए।
पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव श्री संजय शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में प्लास्टिक कचरे की समस्या को हल करने के लिए दोनों पक्षों को परस्पर समन्वय से काम करना होगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में संचालित दस प्रमुख सीमेंट उद्योगों को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक कचरे का उपयोग सीमेंट किलनों में करने के लिए इस योजना पर विचार किया गया है। इस परियोजना पर अमल शुरू होने के बाद यह नगरीय निकायों के साथ-साथ सभी के लिए लाभदायक होगी। बैठक में यह भी तय किया गया कि प्लास्टिक कचरे के कैलोरिफिक वेल्यू के आधार पर सीमेंट उद्योगों द्वारा आवश्यक शुल्क का भुगतान स्थानीय निकायों को किया जाएगा। इससे शहरों में प्लास्टिक कचरे का त्वरित निपटान होने के साथ-साथ नगरीय निकायों के राजस्व में भी वृद्धि होगी। यह भी उल्लेखनीय है कि इस वर्ष आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस की थीम प्लास्टिक प्रदूषण को पराजित करने के नारे पर केन्द्रित की गई थी। छत्तीसगढ़ सरकार और पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ व्यापक जनजागरण अभियान भी चलाया गया। केन्द्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा प्लास्टिक कचरे की समस्या से निपटने के लिए अपशिष्ट प्लास्टिक नियम 2016 जारी किया गया है, जिसमें इस कचरे के प्रभावी प्रबंधन के लिए अलग-अलग एजेंसियों के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां भी तय की गई है। बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अपर सचिव  पी. अरूण प्रसाद सहित सीमेंट उद्योगों की ओर से -मेसर्स अल्ट्राटेक सीमेंट, अम्बुजा सीमेंट, एसीसी सीमेंट, जे.के.लक्ष्मी सीमेंट, सेन्चुरी सीमेंट, नुवोको विस्टास कार्पोरेशन लिमिटेड, श्री सीमेंट लिमिटेड और इमामी सीमेंट के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने की जनसंवाद परियोजना की समीक्षा शराब तस्करों पर कड़ी निगाह रखने के निर्देश

   रायपुर  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अधिकारियों को शराब और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए राज्य के सरहदी इलाकों में कड़ी निगाह रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर सीमावर्ती इलाकों सहित प्रदेश में कहीं भी अवैध शराब ले जाने वाला कोई वाहन मिले तो उसे तत्काल राजसात कर लिया जाए। डॉ. सिंह ने कहा-कोचिया बंदी का पूरे प्रदेश में निश्चित रूप से बहुत अच्छा और सकारात्मक असर देखा जा रहा है, फिर भी प्रशासन को इस दिशा में लगातार चौकस रहने की जरूरत है। मुख्यमंत्री आज रात यहां अपने निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रायपुर राजस्व संभाग के जिलों के कलेक्टरों की बैठक लेकर जनसंवाद परियोजना की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने संभाग के पांच जिलों रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार-भाटापारा, महासमंुद और गरियाबंद के कलेक्टरों से वीडियो क्रांफ्रेंसिंग के माध्यम से शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा।
 
       मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा कि संचार क्राति योजना, आबादी पट्टों, तेन्दूपत्ता बोनस, चरण पादुका, मुख्यमंत्री पेंशन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए सभी तैयारी पूर्ण कर ली जाए। अधोसंरचना के ऐसे कार्य जो अगस्त सितंबर तक पूरा हो सकते हैं उन कार्यों जल्द पूरा करा लिया जाए। अपर मुख्य सचिव वन श्री सी.के. खेतान ने बताया कि रायपुर संभाग के चार जिलों में 92 करोड़ रूपए का तेन्दूपत्ता बोनस और दो लाख चरण पादुकाओं का वितरण होगा। उर्जा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने जानकारी दी कि विद्युत वितरण केन्द्रों में 20 से 30 अगस्त के बीच विद्युत संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए शिविर लगाया जाएगा। इसी प्रकार एक माह के भीतर दो हजार लाइन मेंन की भर्ती कर मैदानी क्षेत्रों में भेजा जाएगा।          
            बैठक में संचार क्रांति योजना, अधोसंरचना के कार्यों, आबादी पट्टा वितरण, प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना, मनरेगा के मजदूरी भुगतान, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, मुख्यमंत्री पेंशन योजना, गांवों में बिजली बिल तथा विद्युत संबंधी विभिन्न आवेदनों और तेन्दूपत्ता वितरण, आबादी पट्टा वितरण की समीक्षा की गई। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पतालों, उचित मूल्य दुकानों और आंगनबाड़ियों के समय पर खुलने, पटवारियों पंचायत सचिवों के मुख्यालय में रहने आदि की जानकारी ली गई।

: मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज राजनांदगांव में दिव्यांग आवासीय विद्यालय ‘सक्षम’ के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया

 रायपुर, 04 अगस्त २०१८ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज राजनांदगांव में दिव्यांग आवासीय विद्यालय ‘सक्षम’ के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। इस विद्यालय का निर्माण पावर ग्रीड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा कार्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत किया गया है। इस अवसर पर लोकसभा सांसद   अभिषेक सिंह और लोक निर्माण मंत्री  राजेश मूणत इस अवसर पर उपस्थित थे।   

मुख्यमंत्री आज मोबाइल तिहार में शामिल होंगे : करीब 2.41 लाख लोगों को मिलेगी निःशुल्क स्मार्ट फोन की सौगात

 रायपुर, 3 अगस्त २०१८ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह कल 3 अगस्त को जिला मुख्यालय दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम में संचार क्रांति (स्काई) योजना के तहत मोबाइल तिहार में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। योजना के तहत जिले के लगभग दो लाख 41 हजार से अधिक हितग्राहियों को निःशुल्क स्मार्ट फोन का वितरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री इस अवसर पर शहरी क्षेत्रों के हितग्राहियों को स्मार्ट फोन वितरण करने के साथ ही जिले के विकास के लिए लगभग 384 करोड़ रूपए के 104 निर्माण कार्यों की सौगात देंगे। वे इनमें से 68 करोड़ 29 लाख रूपए के 35 पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों का लोकार्पण और करीब 316 करोड़ रूपए के नये स्वीकृति 69 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास करेंगे। मोबाइल तिहार में मुख्यमंत्री के हाथों शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 89 हजार से अधिक हितग्राहियों को लगभग 32 करोड़ रूपए की सामग्री और सहायता राशि का वितरण भी शुरू किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री जिन निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे, उनमें दुर्ग-राजनांदगांव मार्ग पर शिवनाथ नदी में 25 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित उच्च स्तरीय पुल भी शामिल है। निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री रायपुर से पूर्वान्ह 11.30 बजे हेलीकाप्टर द्वारा रवाना होकर 11.50 बजे दुर्ग पहुंचेंगे और वहां संचार क्रांति योजना का शुभारंभ करेंगे। डॉ. सिंह इस अवसर पर विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री अपरान्ह 2.30 बजे रायपुर लौट आएंगे।    
मोबाइल तिहार में 2.41 लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा स्मार्टफोन
मोबाइल तिहार में संचार क्रांति योजना में दुर्ग जिले के नौ शहरी निकायोें के 76 हजार और ग्रामीण क्षेत्र में 98 हजार 765 हितग्राहियों को तथा महाविद्यालयों में अध्ययनरत 66 हजार 303 विद्यार्थियों इस प्रकार कुल 2 लाख 41 हजार 112 हितग्राही को स्मार्ट फोन का वितरण किया जाएगा।  
लोकार्पण और भूमिपूजन
 मुख्यमंत्री जिन निर्माण कार्याें का लोकार्पण करेंगे, उनमें शिवनाथ नदी के पुल के अलावा अंजोरा स्थित वेटनरी महाविद्यालय की बाढ़ से सुरक्षा के लिए लगभग 8 करोड़ 70 लाख रूपए की लागत से कराए गए निर्माण कार्य, लगभग 2 करोड़ 69 लाख रूपए की लागत की रसमड़ा नल-जल योजना, लगभग 2 करोड़ 44 लाख रूपए की लागत से ग्राम निकुम में निर्मित 13/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र और 2 करोड़ 20 लाख रूपए की लागत से निर्मित तुमाखुर्द-घसरा मुख्य मार्ग भी शामिल हैं।  

मुख्यमंत्री ने पुलिस कर्मियों के लिए की कई बड़ी घोषणाएं : बनेंगे दस हजार अतिरिक्त मकान

रायपुर - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज राज्य के पुलिस कर्मचारियों के लिए दस हजार अतिरिक्त मकानों के निर्माण सहित कई बड़ी घोषणाएं की। उन्होंने सवेरे राजधानी रायपुर के नजदीक माना कैम्प स्थित पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय में नये आरक्षकों के दीक्षांत परेड समारोह में कहा - विद्यालय को आटोमेटिक मॉड्यूलर किचन की स्थापना के लिए एक करोड़ 20 लाख रूपए  दिए जाएंगे। इस अत्याधुनिक किचन में प्रतिदिन 600 लोगों का भोजन आसानी से तैयार हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने समारोह में विद्यालय से सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके नये आरक्षकों के परेड की सलामी ली।
    उन्होंने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा - पुलिस कर्मचारियों द्वारा आम जनता को दी जा रही सेवाएं एक तरह से कठिन भी है, चुनौती पूर्ण भी  और मानसिक रूप से संतुष्टि देने वाली भी है। जन-जीवन की सुरक्षा और समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य पुलिस के हमारे जवान और अधिकारी पूरी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। उनकी कठिन ड्यूटी को ध्यान में रखकर राज्य सरकार का भी यह मानना है कि उन्हें शासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं में बदलते परिवेश के अनुरूप समय-समय पर परिवर्तन भी किया जाए। सरकार उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए हमेशा सजग और सक्रिय है। नक्सल मोर्चे पर भी वे पूरी बहादुरी के साथ अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर नक्सलियों से हिंसा का रास्ता छोड़ने और राष्ट्र और समाज की मुख्य धारा में शामिल होने की अपील करते हुए कहा - उन्हें हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करना चाहिए और शांतिपूर्ण ढंग से जीवन यापन करना चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करेंगे तो उनसे कठोरता से निपटा जाएगा। हमारी पुलिस और केन्द्रीय सुरक्षा बलों के जवान इसके लिए हमेशा तत्पर है।   
    डॉ. सिंह ने पुलिस कर्मियों के लिए घोषणाओं का सिलसिला जारी रखते हुए कहा - छत्तीसगढ़ सरकार के आरक्षक से लेकर पुलिस उप अधीक्षक संवर्ग तक के वेतनमान मध्यप्रदेश के वेतनमान के बराबर है, लेकिन इनके बीच के पदों पर वेतनमान में  कुछ भिन्नता है। आवश्यकता के अनुसार उसे बढ़ाते हुए मध्यप्रदेश के बराबर रखा जाएगा।
     उन्होंने कहा - छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने सभी कर्मचारियों को निश्चित चिकित्सा भत्ते के संबंध में विकल्प प्रस्तुत करने का एक और मौका दिया है। यह व्यवस्था पुलिस कर्मचारियों के लिए भी उपलब्ध है। यदि कोई पुलिस कर्मचारी निश्चित चिकित्सा भत्ते के बदले वास्तविक चिकित्सा व्यय का दावा करना चाहते हैं तो वे इसके लिए विकल्प दे सकते हैं। डॉ. सिंह ने कहा - पुलिस कर्मचारियों के लिए राज्य शासन द्वारा पिछले साल दस हजार मकान बनाने का निर्णय लिया गया था। उनमें से छह हजार मकानों का निर्माण शुरू हो गया है। अब तक इनमें से एक हजार से ज्यादा मकान पूर्ण हो गए हैं और उन्हें विभाग को हस्तांतरित भी कर दिया गया है। अब अगले दो साल के भीतर 10 हजार अतिरिक्त मकानों का निर्माण किया जाएगा। इससे पुलिस कर्मचारियों की आवास संबंधी समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। 
    मुख्यमंत्री ने कहा - पुलिस कर्मचारियों का स्वास्थ्य बेहतर रहे, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा जिला स्तर से लेकर बटालियनों के स्तर तक जिम की व्यवस्था की जा रही है। धीरे-धीरे अनुविभाग और पुलिस थानों के स्तर पर भी इसकी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा - पुलिस कर्मियों को उनके यूनिफार्म से संबंधित वस्तुएं दी जाती है। राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि इनमें से कुछ चीजे विभाग द्वारा दी जाएं और शेष चीजों के लिए पुलिस कर्मियों को प्रतिवर्ष कुछ धनराशि का नकद भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा - राज्य सरकार पुलिस को आधुनिक संचार सुविधाओं से भी सुसज्जित कर रही है। हमने यह निर्णय लिया है कि व्यापक संचार सुविधा की दृष्टि से प्रत्येक पुलिस कर्मचारी को सी.यू.जी. में शामिल किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक पुलिस कर्मचारी से घटना स्थल पर तुरंत पहुंचने या अन्य रिस्पांस की अपेक्षा की जाती है। इसको ध्यान में रखकर आरक्षक से लेकर निरीक्षक स्तर तक पुलिस कर्मचारियों को हर महीने रिस्पांस भत्ता दिया जाएगा। पुलिस बल के लिए हर साल कुछ बुलेट प्रुफ जैकेट भी खरीदे जाएंगे। दीक्षांत परेड समारोह में पुलिस महानिदेशक   ए.एन. उपाध्याय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

वयोवृद्ध महिला राधा सोनवानी के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने उनके साथ सेल्फी ली

रायपुर -  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज दोपहर राज्य के जिला मुख्यालय बिलासपुर के पुलिस मैदान में आयोजित ‘मोबाइल तिहार’ में वयोवृद्ध महिला राधा सोनवानी को भी सूचना क्रांति योजना के अंतर्गत स्मार्ट फोन दिया। मोबाइल मिलने से प्रसन्न  सोनवानी ने मुख्यमंत्री से एक सेल्फी लेने का आग्रह किया। उनके चेहरे पर खुशी देख डॉ. सिंह भी उन्हें इंकार नहीं कर सके, उन्होंनेे तुरंत अपने मोबाइल से राधा सोनवानी के साथ सेल्फी ली। 
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुछ हितग्राहियों को मोबाइल फोन वितरित कर बिलासपुर जिले के 10 शहरों के लगभग 25 हजार हितग्राहियों को स्मार्ट फोन वितरण का शुभारंभ किया। बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के 14 हजार 769 हितग्राहियों को मोबाइल फोन वितरित किए गए। नगरीय विकास मंत्री  अमर अग्रवाल, संसदीय सचिव राजू क्षत्री, विधानसभा उपाध्यक्ष बद्रीधर दीवान, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष   धरमलाल कौशिक छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष   भूपेन्द्र सिंह सवन्नी, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष हर्षिता पाण्डेय, कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने किया प्रदेश व्यापी ‘मोबाइल तिहार’ का शुभारंभ : 556 मोबाइल टावरों का भी किया लोकार्पण कहा राज्य अब ‘स्मार्ट छत्तीसगढ़’ के नाम से जाना जाएगा

रायपुर, 30 जुलाई २०१८ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की संचार क्रांति योजना का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण जनता को मिलेगा। वहां के किसानों और मजदूरों को भी इसका लाभ मिलेगा। डॉ. सिंह ने आज दोपहर राजधानी रायपुर में प्रदेश सरकार की संचार क्रांति योजना के तहत निःशुल्क स्मार्ट फोन वितरण के लिए प्रदेश व्यापी मोबाइल तिहार का शुभारंभ करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए।
    उन्होंने कहा कि फोर-जी का वह स्मार्ट फोन जो मुख्यमंत्री और मंत्रियों के पास है, वह अब गांव के मजदूरों के हाथों में भी रहेगा। छत्तीसगढ़ एक नये युग में प्रवेश कर रहा है। प्रदेश के 50 लाख लोगों के हाथों में स्मार्ट मोबाइल फोन पहुंचेगा तो यह अपने आप में एक बड़ा चमत्कार होगा। अब हमारा छत्तीसगढ़ ‘स्मार्ट छत्तीसगढ़’ के नाम से जाना जाएगा। राज्य में ट्रिपल-आईटी, भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) और आईआईटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के उच्च शिक्षा संस्थान भी संचालित होेने लगे हैं। प्रदेश के लोगों के जीवन में आने वाला परिवर्तन छत्तीसगढ़ के विकास का भी सूत्रधार बनेगा।
   
 स्थानीय बूढ़ातालाब के सामने इण्डोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि यह देश और दुनिया की सबसे बड़ी स्मार्ट फोन वितरण योजना है और महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार का एक बड़ा कदम है। उन्होंने समारोह में प्रतीक स्वरूप कुछ हितग्राहियों को  मोबाइल फोन भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर संचार क्रांति योजना के तहत राज्य में मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 556 टावरों का लोकार्पण किया। उन्होंने योजना के तहत दिए जा रहे स्मार्ट फोन पर राज्य सरकार की ओर से तैयार एक मोबाइल एप्प ‘गोठ’ का भी लोकार्पण किया, जिसमें लोगों को सरकार की विभिन्न योजनाओं के साथ किसानों को खेती से जुड़े विषयों पर उपयोगी जानकारी मिलेगी। लोग इस एप्प में छत्तीसगढ़ी कला संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम भी देख सकेंगे। डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम में रायपुर जिले के लिए मुख्यमंत्री आबादी पट्टा वितरण योजना का भी शुभारंभ किया और प्रतीक स्वरूप कुछ हितग्राहियों को अपने हाथों से आबादी पट्टा सौंप कर शुभकामनाएं दी। योजना के तहत रायपुर जिले में एक लाख और रायपुर शहर में 18 हजार परिवारों को आबादी पट्टे दिए जाएंगे।
    समारोह में प्रदेश सरकार के खाद्य और ग्रामोद्योग मंत्री   पुन्नूलाल मोहले, नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री   अमर अग्रवाल, लोक निर्माण मंत्री  राजेश मूणत, पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष और धरसींवा के विधायक   देवजी भाई पटेल, राज्य शासन के मुख्य सचिव   अजय सिंह तथा सूचना और प्रोद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव   अमन कुमार सिंह, सचिव   संजय शुक्ला और मुम्बई की फिल्म अभिनेत्री सुश्री कंगना रनौत सहित छत्तीसगढ़  शासन तथा रायपुर जिला प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। 

मुख्यमंत्री आज राजधानी में करेंगे प्रदेश व्यापी मोबाइल तिहार का शुभारंभ

रायपुर  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह  आज राजधानी रायपुर में आयोजित समारोह में रायपुर जिले की महिलाओं और कॉलेजों के विद्यार्थियों को निःशुल्क स्मार्ट फोन का वितरण करते हुए प्रदेश व्यापी मोबाइल तिहार की शुरूआत करेंगे। समारोह यहां बूढ़ा तालाब (विवेकानंद सरोवर) के सामने इंडोर स्टेडियम में सवेरे 11 बजे शुरू होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद   रमेश बैस करेंगे।       
मोबाइल तिहार के इस विशेष आयोजन में प्रदेश के कृषि और जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री पुन्नू लाल मोहले, लोक निर्माण, आवास एवं पर्यावरण मंत्री   राजेश मूणत, नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री  अमर अग्रवाल,  रायपुर नगर पालिक निगम के महापौर प्रमोद दुबे, विधायक रायपुर ग्रामीण  सत्यनारायण शर्मा, विशेष अतिथि के रूप उपस्थित रहेंगी।

ऑल इंडिया ट्रक एसोसिएशन की मांगों पर केंद्र सरकार ने भरी हामी मांग पूरी होने के बाद छत्तीसगढ़ ट्रक एसो​सिएशन ने की हड़ताल खत्म

 रायपुर - अपनी मांगों को लेकर ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट ने अनिश्चितकालीन देशव्यापी चक्काजाम का आह्वान किया था. जिसके बाद से ही सभी ट्रक ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर चले गए थे. जिसका इसका रायपुर समेत देश भर में देखने को मिल रहा था. इतना ही नहीं इसका सबसे ज्यादा असर फल और सब्जी कीमतों पर पड़ा था. इस संबंध में ट्रक एसोसिएशन के मुताबिक इस हड़ताल की वजह से पूरे प्रदेश में अभी तक 1500 करोड़ का नुकसान हुआ है.
 20 जुलाई से देशभर के 93 लाख ट्रकों के पहिए थमे हुए हैं.छत्तीसगढ़ में 20 हजार ट्रक खड़े हो गए  थे. दरअसल ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट की मांग  थी कि, डीजल की कीमत लगातार बढ़ रही है उस पर रोक लगे और इसे जीएसटी के दायरे में लाया जाए. साथ ही भारत टोल मुक्त हो, ई-वे बिल के नियमों में जरूरी संसोधन की मांग की गई थी.
इस संबंध में ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट ने सरकार को एक महीने पहले अल्टीमेटम दिया था. अब सरकार और ट्रक मालिकों के बीच सहमति बनने से आम लोगों को भी  राहत मिलेगी . क्योंकि इशके चलते कई सामानों के दाम बढ़ने लगे थे.

मिडिया रिपोर्ट के अनुसार ट्रक मालिकों तथा सरकार के बीच बनी सहमति के बाद देशभर से पिछले आठ दिन से चल रही ट्रकों की हड़ताल आज रात तत्काल प्रभाव से समाप्त हो गई। ट्रक मालिकों के संगठन ऑल इंडिया मोटर कांग्रेस के अध्यक्ष कुलतरन सिंह अटवाल ने सड़क परिवहन मंत्रालय में सचिव युद्धवीरसिंह मलिक की मौजूदगी में ट्रक हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। इससे पहले दोनों पक्षों के बीच हड़ताल समाप्त करने को लेकर कई दौर की बातचीत हुई।
हड़ताल समाप्त होने की घोषणा के तत्काल बाद सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि सरकार ट्रांसपोर्टरों की मांगों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने लिखा ऑल इंडिया मोटर कांग्रेस का हड़ताल समाप्त करने का निर्णय सराहनीय है। उन्होंने सरकार की अपील को मानते हुए अपनी हड़ताल वापस ली है। सरकार ट्रांसपोर्टरो की मांग को लेकर संवेदनशील है। कई मांगे हमने पहले ही मान ली थी। शेष मांगो पर विचार- विमर्श के लिए हमने उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी है।

डॉ रमन सिंह 30 जुलाई को राजधानी में करेंगे प्रदेश व्यापी मोबाइल तिहार का शुभारंभ मुम्बई की फिल्म कलाकार कंगना रणावत देंगी प्रस्तुति

रायपुर 27 जुलाई २०१८ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सोमवार 30 जुलाई को राजधानी रायपुर में आयोजित समारोह में रायपुर जिले की महिलाओं और कॉलेजों के विद्यार्थियों को निःशुल्क स्मार्ट फोन का वितरण करते हुए प्रदेश व्यापी मोबाइल तिहार की शुरूआत करेंगे। समारोह यहां बूढ़ा तालाब (विवेकानंद सरोवर) के सामने इंडोर स्टेडियम में सवेरे 11 बजे शुरू होगा।
    जिला प्रशासन ने मोबाइल तिहार के आयोजन की तैयारी शुरू कर दी है। इस सिलसिले में कलेक्टर  ओ.पी. चौधरी ने आज यहां कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रास भवन में जिले के विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्यों और प्रशासन के अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें जरूरी निर्देश दिए।  चौधरी ने बताया कि मोबाइल तिहार के इस विशेष आयोजन में रायपुर के लोकसभा सांसद   रमेश बैस, प्रदेश के कृषि और जल संसाधन मंत्री   बृजमोहन अग्रवाल, नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री   अमर अग्रवाल, लोक निर्माण, आवास एवं पर्यावरण मंत्री   राजेश मूणत, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री   पुन्नू लाल मोहले, विशेष अतिथि के रूप उपस्थित रहेंगी। उनके अलावा मुम्बई की फिल्म कलाकार  कंगना रणावत भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगी।
स्मार्ट फोन के लिए कॉलेज अपने विद्यार्थियों की जानकारी
वेबसाईट में 31 जुलाई तक अनिवार्य रूप से दर्ज करें
    कलेक्टर ओ.पी.चौधरी ने रायपुर जिले के सभी शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालयों को संचार क्रान्ति योजना की बेवसाईट में पात्र छात्रों की जानकारी आगामी 31 जुलाई तक अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर   चौधरी आज यहां जिला कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में जिले के शासकीय और निजी कॉलेजों के प्राचार्यो की बैठक में उपरोक्त निर्देश दिए। उन्होंने धीमी गति से प्रविष्टि करने वाले कॉलेजों के नोडल अधिकारियों पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्धारित समय-सीमा  में प्रविष्टि पूर्ण करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने कहा है कि यदि किसी संस्थान का कोई भी पात्र विद्यार्थी वेबसाईट में प्रविष्टि नहीं होने के कारण मोबाईल प्राप्त नहीं कर पाता है तो इसके लिए संबंधित संस्थान के प्राचार्य व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे तथा उनके विरूद्ध कार्यवाही भी की जायेगी ।

कार्यक्रम के निःशुल्क पास मिलेंगे कलेक्ट्रेट से  
 कलेक्टर ने बताया कि मोबाइल तिहार कार्यक्रम के निःशुल्क पास 28 जुलाई को सुबह 11ः30 बजे से कलेक्टेªट के कक्ष क्रमांक -11 से प्राप्त किए जा सकेंगे। लोग यहां से निःशुल्क पास प्राप्त कर सकते है। कार्यक्रम में प्रवेश पास के आधार पर ही होगा तथा सीटों की उपलब्धता पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगा। कार्यक्रम में महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के दलों के सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं ओपन क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित होगी। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  दीपक सोनी, अपर कलेक्टर  जोगेन्द्र नायक, रोजगार अधिकारी   केदार पटेल, संचार क्रान्ति योजना की प्रभारी   स्नेहा प्रिया तथा सभी शासकीय व निजी महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के विकास के बिना भारत के विकास की कल्पना नहीं : श्री रामनाथ कोविन्द राष्ट्रपति ने किया संचार क्रांति योजना का शुभारंभ

लगभग 170 करोड़ के 500 बिस्तर वाले मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन का लोकार्पण

श्री कोविन्द ने कहा : आदिवासियों के जीवन में बदलाव लाने रमन सरकार की प्रतिबद्धता अनुकरणीय

रायपुर /जगदलपुर- राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर के पास ग्राम डिमरापाल में स्वर्गीय बलिराम कश्यप  स्मृति शासकीय मेडिकल कॉलेज के 500 बिस्तरों वाले नवनिर्मित अस्पताल भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने इस मौके पर छत्तीसगढ़ के 50 लाख लोगों को निःशुल्क स्मार्ट फोन देने के लिए राज्य सरकार की संचार क्रांति योजना का भी  शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मंच पर प्रदेशवासियों की ओर से राष्ट्रपति का और उनकी धर्मपत्नी तथा देश की प्रथम महिला श्रीमती सविता कोविंद का आत्मीय स्वागत किया। 
 
इस  अवसर पर राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द ने कहा है कि बस्तर के विकास के बिना छत्तीसगढ़ के विकास की और छत्तीसगढ़ के विकास के बिना भारत के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। श्री कोविन्द ने बस्तर सहित सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के जीवन में बदलाव लाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की प्रतिबद्धता को अनुकरणीय बताते हुए इसके लिए उन्हें और राज्य सरकार की पूरी टीम को तथा बस्तर की जनता को बधाई दी है। श्री कोविन्द आज बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर के पास ग्राम डिमरापाल में स्वर्गीय श्री बलिराम कश्यप स्मृति मेडिकल कॉलेज के लिए लगभग 170 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित पांच सौ बिस्तरों वाले विशाल अस्पताल भवन का लोकार्पण करने के बाद जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा यह अस्पताल भवन आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का एक प्रमुख केन्द्र बनेगा। न केवल छत्तीसगढ़ राज्य के लिए बल्कि पूरे देश के लिए चिकित्सा शिक्षा और सेवा का एक उच्चतर मानक स्थापित करेगा।
    श्री कोविन्द नेे इस अवसर पर राज्य के 50 लाख लोगों को निःशुल्क स्मार्ट फोन देने के लिए राज्य सरकार की संचार क्रांति योजना का भी शुभारंभ किया। जनसभा में इसका उल्लेख करते हुए श्री कोविन्द ने कहा - पूरे राज्य में 45 लाख महिलाओं और पांच लाख युवाओं को स्मार्ट फोन देने और बड़ी तादाद में मोबाइल टावर लगाने की राज्य सरकार की यह योजना इस क्षेत्र के विकास को एक नया आयाम देगी। यहां की आदिवासी महिलाएं और युवा मोबाइल बैंकिंग के साथ-साथ केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा मोबाइल फोन के जरिये दी जा रही अन्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। राष्ट्रपति ने कहा - इस योजना में स्मार्ट फोन और मोबाइल टावर की सुविधाओं से कनेक्टिविटी की दृष्टि से बस्तर और बेंगलुरू के बीच का अंतर समाप्त कर देने की क्षमता है। मुझे यह देखकर बहुत खुशी होती है कि देश के ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में भी धीरे-धीरे आधुनिक सुविधाएं पहुंच रही है।
     तब और आज के बस्तर में जमीन-आसमान का अंतर

उन्होंने कहा बस्तर और आसपास के क्षेत्रों से मैं भलीभांति परिचित हूं। लगभग  पन्द्रह-सोलह वर्ष पहले मैं वरिष्ठ आदिवासी नेता श्री बलिराम कश्यप के आमंत्रण पर बस्तर आया था। तब और आज के बस्तर में जमीन - आसमान का अंतर आ गया है। श्री कोविन्द ने कहा - आज और कल के दो दिन के प्रवास के दौरान मुझे एक बदलता हुआ बस्तर देखने को मिला, जहां आज विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज है, अच्छी सड़कें है, इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटि है और ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क है। साथ ही अब यहां रेल और नियमित हवाई सेवा भी उपलब्ध हो गई है। इन उपलब्धियों के पीछे जो दृष्टि, संकल्प और कर्मठता है तथा आदिवासी भाई-बहनों के जीवन में बदलाव लाने के लिए जो प्रतिबद्धता है, वह अनुकरणीय है। उन्होंने दंतेवाड़ा जिले के ग्राम हीरानारा के अपने प्रवास और वहां महिला स्व-सहायता समूहों और किसान समूहों की एकीकृत खेती प्रणाली, दंतेश्वरी ई-रिक्शा सेवा, दंतेवाड़ा की एजुकेशन सिटी के आस्था विद्या मंदिर और सझम विद्यालय के बच्चों की प्रतिभा का भी आज की आमसभा में उल्लेख करते हुए उनकी तारीफ की।