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पढ़े कोविड-19 के संक्रमण से बचाव हेतु 01जून से ट्रेनों में सुरक्षित यात्रा हेतु आवश्यक दिशा निर्देश

अजीत मिश्रा : बिलासपुर (छतीसगढ़)
 

मंडल द्वारा बिलासपुर, अकलतरा, नैला, चाम्पा, बाराद्वार, सक्ती, खरसिया, रायगढ़, बेलपहाड़, ब्रजराजनगर रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही के लिए की गई है विशेष व्यवस्था 


भारतीय रेलवे द्वारा 01जून से 200 (100 जोड़ी ) ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। बिलासपुर मंडल से रायगढ़ -गोंदिया-रायगढ़ जनशताब्दी एक्सप्रेस का परिचालन व हावड़ा-सीएसएमटी-हावड़ा मेल एवं हावड़ा-अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस गुजरेगी। ये सभी गाड़ियां पूर्णतया आरक्षित होगी।  जनरल कोच के लिए भी सेकंड सिटिंग का आरक्षण किया जा रहा है।  इसके अलावा नईदिल्ली-बिलासपुर-नईदिल्ली स्पेशल ट्रेन भी चल रही है।  मंडल के बिलासपुर सहित ठहराव वाले सभी स्टेशनों पर 1 जून से चलने वाली स्पेशल ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए प्रवेश एवं निकास की अलग-अलग व्यवस्था एवं सुविधा केंद्र बनाए गए हैं जहाँ थर्मल स्क्रीनिंग व आवश्यक मेडिकल परीक्षण के उपरांत प्रवेश/निकास की अनुमति दी जाएगी।
बिलासपुर स्टेशन में यात्रियों को टिकट चेकिंग उपरांत उचित परिचय-पत्र के साथ गेट नं 02 से प्रवेश दिया जाएगा तथा सुविधा केंद्र में थर्मल स्क्रीनिंग व आवश्यक मेडिकल परीक्षण मेँ सफल यात्रियों को गाड़ियों मेँ प्रवेश दिया जाएगा | इसीप्रकार बिलासपुर स्टेशन में उतरने वाले यात्रियों के लिए सुविधा केंद्र में थर्मल स्क्रीनिंग व आवश्यक मेडिकल परीक्षण के बाद गेट नं 04 से निकास की व्यवस्था की गई है | यात्रियों के मार्गदर्शन हेतु स्टेशन के सभी प्रमुख स्थानों पर बैनर, पोस्टर का प्रावधान किया गया है साथ ही कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
रेल प्रशासन सभी यात्रियों से अनुरोध करता है कि कोविड-19 के रोकथाम हेतु निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत सामाजिक दूरी का पालन करते हुए मास्क लगा कर सुखद सफल यात्रा करें एवं स्टेशन ट्रेनों में प्रवेश एवं निकासी करते समय सहयोग करें तथा आवश्यक दिशा निर्देशों का पालन करें।


यात्रियों को सुरक्षित व आरामदायक सफर हेतु निम्न निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा - 


1, यात्रियों को गाडियो के निर्धारित समय से डेढ घण्टे (90 मिनिट) पहले स्टेशन आना आवश्यक होगा।
  2 केवल कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को ही रेलवे स्टेशन में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी। 
 3 . सभी यात्रियों को प्रवेश करते समय और यात्रा के दौरान फेस कवर/मास्क पहनने होंगे।
 4. स्टेशन और ट्रेनों में सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
 5. थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से कराना होगा।
 6. ट्रेन के भीतर किसी तरह की चादर, कंबल और पर्दे उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे। 
 7 सभी यात्रियों को आरोग्य सेतु एप्लीकेशन को डाउनलोड और इस्तेमाल करना आवश्यक होगा।

A News Edit By : Yash Kumar Lata

गोरखपुर के लिए निकली ट्रेन पहुंची ओडिशा, रेलवे ने मामले की जांच शुरू की

लॉकडाउन खत्म होने की राह देख रहे प्रवासी श्रमिक पहले ही मुसीबत की मार झेल रहे थे, ऊपर से रेलवे ने उनके लिए एक और मुसीबत खड़ी कर दी है। भारतीय रेल ने प्रवासी श्रमिकों की दुर्गति को देखते हुए उनके लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने की सोची। इससे मजदूरों को लगा की सरकार को आखिर देर से ही सही, लेकिन उनकी याद तो आयी। इससे शहरों में फंसे हुए प्रवासी मजदूरों को एक उम्मीद जगी कि जैसे-तैसे सही सलामत वह अपने गांव पहुंच ही जायेंगे। 

लेकिन लापरवाही की हद तो तब हो गई जब मुंबई से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जाने के लिए निकली ट्रेन ओडिशा पहुंच गई। मुंबई से ट्रेन में बैठे लोग जब आज सुबह उठकर घर जाने के लिए तैयार हुए तो उन्होंने खुद को गोरखपुर नहीं, बल्कि ओडिशा में पाया। रेलवे की इस लापरवाही ने एक पुराने गाने "जाना था जापान पहुंच गए चीन" की याद दिला दी।

21 मई को मुंबई के वसई स्टेशन से गोरखपुर (यूपी) के लिए रवाना हुई ट्रेन अलग मार्ग पर चलते हुए ओडिशा के राउरकेला पहुंच गई। नाराज यात्रियों ने जब रेलवे से इसका जवाब मांगा तो वहां मौजूद अधिकारियों ने कहा कि कुछ गड़बड़ी के चलते ट्रेन के चालक अपना रास्ता भूल गया।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले में रेल चालक की कोई गलती नहीं है। गंतव्य में परिवर्तन डिजाइन द्वारा किया गया था। हालांकि ये सवाल अभी बरकरार है कि रेल में यात्रा कर रहे यात्रियों को रूट में बदलाव को लेकर कोई जानकारी क्यों नहीं दी गई? रेलवे ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रवासी मजदूर मुंबई से निकलकर अब ओडिशा में फंस गए हैं और अभी भी अपने घर जाने का इंतजार कर रहे हैं।

बस पर सियासत या वाकई प्रवासी मजदूरों की मदद करना चाहती है कांग्रेस?

उत्तर प्रदेश में प्रवासी मजदूरों के लिए बसें चलाने को लेकर सियासत कांग्रेस ने तेज कर दी है। क्या कांग्रेस वाकई इन मजदूरों की मदद करना चाह रही है या उत्तर प्रदेश में अपनी ढीली होती पकड़ को फिर से मजबूत करने की एक कोशिश है? वैसे तो इस मुद्दे पर अखिलेश यादव  और मायावती भी सरकार को लिख रही हैं। लेकिन प्रियंका गांधी ने एक कदम आगे बढ़कर 1000 बसें चलवाने की पेशकश सरकार को कर दी। यही नहीं अगले दिन यूपी बॉर्डर पर कांग्रेस की तरफ से मजदूरों को ले जाने वाली बसें भी खड़ी कर दीं। देर से ही सही प्रियंका की 1000 बसों के प्रस्ताव को योगी सरकार ने मंजूरी दी तो सवाल उठे कि आखिर धुर-विरोधी कांग्रेस की बात बीजेपी ने कैसे मान ली?

खैर कुछ देर में यूपी सरकार ने नया दांव चलते हुए प्रियंका के निजी सचिव को पत्र लिखकर 1000 बसों को लखनऊ भेजने को कहा। कांग्रेस ने इसे ओछी राजनीति के साथ समय और संसाधन की बर्बादी बताया। देखा जाए तो इस पूरे प्रकरण में जहां प्रियंका की कोशिश यूपी में कांग्रेस को प्रवेश कराने की है तो वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कोशिश दो बड़े सियासी दलों समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को उत्तर प्रदेश से पूरी तरह से सफाया करने की है। 
2022 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस प्रदेश में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाना चाहती है और इससे अच्छा समय और क्या हो सकता है, जब लाखों प्रवासी मजदूर अपने घर जाना चाह रहे थे, और उन्हें कोई राह नज़र नहीं आ रही है। इस समय जो भी पार्टी इनके सहयोग के लिए हाथ बढ़ायेगी, समझों अगले चुनाव में उसका बेड़ा पार हो सकता है। 

वहीं योगी सरकार ने कांग्रेस के प्रस्ताव को मानकर एक तीर से कई शिकार करने की तैयारी में है। जहां योगी सरकार ने एक ओर सकारात्मक पॉलिटिक्स की राह दिखाई तो वहीं मंजूरी के साथ शर्तों से कांग्रेस को 1000 बसें चलाने की चुनौती भी दी है। इसके अलावा यूपी के दो मजबूत दल एसपी-बीएसपी की राजनीति को किनारे कर दिया है।
इस बीच यूपी सरकार ने प्रियंका गांधी को एक और लेटर जारी करते हुए 500-500 बसों को नोएडा और गाजियाबाद सीमा पर भेजने को कहा है। कांग्रेस का आरोप- सरकार जानबूझकर मजदूरों की मदद में देरी करा रही है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

छत्तीसगढ़ ओडीएफ प्लस प्लस घोषित होने वाला देश का पहला और इकलौता राज्य : केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने की घोषणा

 रायपुर 20 मई 2020भारत सरकार द्वारा जारी ओडीएफ प्लस प्लस के नतीजों में छत्तीसगढ़ राज्य के सभी नगरीय निकायों में शानदार सफलता का परचम लहराया है। छत्तीसगढ़ राज्य देश का पहला और इकलौता राज्य है, जिसे ओडीएफ प्लस प्लस होने का गौरव हासिल हुआ है। मुख्यमंत्री   भूपेश बघेल के नेतृत्व में स्वच्छता के मामले में अंबिकापुर शहर में एक बार फिर पूरे देश में नाम रौशन किया है।
    नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने आज यहां बताया कि राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण रिपोर्ट में 5 स्टार रेटिंग के साथ छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर को इस सूची में प्रथम स्थान पर जगह मिली है। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य 14 शहरी निकायों को भी 3 स्टार और 1 स्टार रेटिंग प्राप्त हुई है। डॉ. डहरिया ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा आज स्टार शहरों की गारबेज स्टार रेटिंग प्रोटोकॉल के नतीजे नेशन मीडिया सेंटर से आनलाईन प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जारी किए गए। जिसमें छत्तीसगढ़ का अंबिकापुर शहर पहले स्थान पर है। इससे पहले पिछले रेटिंग में भी अंबिकापुर को देश में दूसरा स्थान मिला था।
    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिव कुमार डहरिया ने स्टार रेटिंग एवं ओडिएफ प्लस प्लस की सफलता पर सचिव सुश्री अलरमेलमंगई डी. एवं समस्त नगरीय निकायों के महापौर, अध्यक्ष, पार्षदों सहित निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वच्छता दीदियों-कर्मियों को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए निरंतर इसी प्रकार के प्रयास जारी रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा है कि स्वच्छता के मामले में अंबिकापुर शहर का नाम यूं ही देश के पटल पर नहीं है, यहां का प्रशासन, निगम प्रशासन, निगम जनप्रतिनिधि तथा शहरवासी भी शहर की सफाई को लेकर काफी जागरूक है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता दीदियों व निगम के स्वच्छता अमलों की दिन-रात की मेहनत से अंबिकापुर व अन्य निकाय घोषित रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन किया है।
    ज्ञातव्य है कि ओडीएफ प्लस प्लस के नतीजों में राज्य के सभी निकाय सफल हुए हैं एवं छत्तीसगढ़ इस उपलब्धि को पाने वाला देश का एक मात्र राज्य है। केन्द्रीय मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के नतीजे आज घोषित कर जानकारी दी गई है।
    उल्लेखनीय है कि अंबिकापुर के महिला स्व-सहायता समूह द्वारा गारबेज कलेक्शन का काम किया जाता है। इससे साथ ही यहां बड़े पैमाने पर शहर से रोजाना निकलने वाले कचरें को री-सायकिल किया जाता है। डॉ. डहरिया ने बताया कि अंबिकापुर शहर के नगरीय निकाय द्वारा अपनाई गई कचरा संग्रहण प्रणाली की पूरे देश सहित दुनिया भर में काफी तारिफ हुई है और अब अंबिकापुर नगर निगम की तर्ज पर छत्तीसगढ़ की बाकी निगमों में भी इस प्रणाली को लागू किया गया है। इसके साथ ही अंबिकापुर शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अलावा वेस्ट वाटर के रि-साईक्लिंग की प्रणाली विकसित की है। यहां बड़े पैमाने पर ड्रेनेज वाटर को शुद्ध कर वापस उपयोग के योग्य बनाया जा रहा है। अंबिकापुर के इस उपलब्धि ने पूरे छत्तीसगढ़ राज्य को गौरवान्वित किया हैै।
    डॉ. डहरिया ने बताया कि केन्द्रीय शहरी मंत्रालयों की इस सूची में 5 स्टार रेटिंग के अतिरिक्त 3 और 1 स्टार की भी रैंकिंग जारी की गई है। केन्द्रीय मंत्री आवास पर्यावरण एवं शहरी मामलों के मंत्री श्री हरदीप पुरी द्वारा घोषित इस रैंकिंग मंे छत्तीसगढ़ की 9 शहरी क्षेत्रों को 3 स्टार रेटिंग प्रदान की गई है तथा कचरा मुक्त नगरीय क्षेत्रों में 5 निकायों को 1 स्टार रेटिंग मिली है। 3 स्टार रेटिंग प्राप्त करने वाले शहरों में दुर्ग जिले के भिलाई नगर और पाटन सहित दंतेवाड़ा के बारसुर, बिलासपुर, जशपुर नगर, कांकेर के नरहरपुर, रायगढ़, राजनांदगांव, मुंगेली के सरगवां शामिल हैं। इसी प्रकार 1 स्टार रेंिटंग प्राप्त करने वालों शहरों में रायगढ़ जिले के बरमकेला, बेमेतरा के बेरला, बालोद के चिखलाकसा, कोरबा के कटघोरा और कांकेर के पखांजूर शहर शामिल हैं।
    डॉ. डहरिया ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा जारी ओडीएफ प्लस प्लस के स्वच्छ सर्वेक्षण में केन्द्र सरकार द्वारा नियुक्त इंडीपेंडेंट एजेंसी के माध्यम से ओडीएफ के सर्वे कराए जाते हैं। राज्य के नगरीय निकाय तीन से चार बार ओडीएफ एवं ओडीएफ प्लस परीक्षण में सफल हुए हैं। ओडीएफ के मुकाबले ओडीएफ प्लस प्लस परीक्षण में खुले मंे शौच नहीं जाने सार्वजनिक सह समुदायिक शौचालय सुविधाओं के उपलब्धता के साथ-साथ सेपटिक टैंक से निकलने वाले फिकल स्लज के सुरक्षित वैज्ञानिक निपटान की स्थिति का निरीक्षण किया जाता है। उन्हांेने बताया कि ओडीएफ की स्थिति में सुधार के लिए राज्य शासन द्वारा संचालित स्वच्छता श्रृंगार एवं सुविधा-24 योजना का इस सफलता में महत्वपूर्ण योगदान है।

दिल्ली-यूपी बार्डर और अप्सरा बार्डर पर प्रवासी मजदूर बड़ी संख्या में बस का कर रहे हैं इंतजार

नई दिल्लीः दिल्ली-यूपी बार्डर और अप्सरा बार्डर पर प्रवासी मजदूर बड़ी संख्या में जमा हो रहे है। यहां भारी भीड़ को देखकर ऐसा लग रहा है कि किसी को कोरोना संक्रमण का कोई डर नहीं हैं। लॉकडाउन के नियमों की लोग खुले तौर पर धज्जियां उड़ा रहे हैं। कोई शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो रहा है। 

सूत्रों के मुताबिक, औरैया सड़क हादसे के बाद यूपी सरकार के उस आदेश के बाद यह भीड़ जुटी है जिसमें कहा गया है कि जो मजदूर पैदल जा रहे हैं उन्हें प्रशासन बस उपलब्ध कराएगा। बॉर्डर पर मजदूर लाइन लगाकर बस का इंतजार कर रहे हैं। लोगों से पूछने पर उन्होंने कहा कि वो अपने घर वापस जाना चाहते हैं। 

उधर सहारनपुर-अंबाला हाईवे पर बिहार के प्रवासी श्रमिकों को पुलिस ने रोका तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने सहारनपुर-अंबाला हाईवे पर हंगामा कर दिया और पूरा हाईवे जाम कर दिया। ये सभी अपने घर बिहार वापस जाना चाहते हैं लेकिन पुलिस ने इन्हें रोक दिया है। इसी वजह से मजदूरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और अंबाला हाई-वे जाम कर दिया।

प्रवासी श्रमिकों ने प्रशासन से मांग की है कि या तो उन्हें आगे बढ़ने दिया जाए या फिर उनकी वापसी के लिए ट्रेन या किसी अन्य साधन की व्यवस्था की जाए। अन्यथा वो अब यहीं बैठे रहेंगे, कहीं नहीं जायेंगे। सभी लोग नीतीश सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। हालात काफी तनावपूर्ण नजर आ रहे हैं। टकराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने हाईवे पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है।

उधर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के रीवा के चाकघाट बॉर्डर पर पुलिस ने प्रवासी मजदूरों को रोकना शुरू किया। प्रवासी मजदूर इतनी बड़ी संख्या में आ रहे हैं इसका अंदाजा पुलिस को भी नहीं था लिहाजा स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ती हुई दिखाई दी। भारी संख्या में प्रवासी मजदूर जब रोक दिए गए तो वह खाने की मांग करने लगे। प्रशासन इसके लिए तैयार नहीं था। रात 11 बजे तक मजदूरों को खाना नहीं मिला तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया और हाईवे भी जाम कर दिया।

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में शनिवार को हुए भीषण सड़क हादसे के बाद सीएम योगी ने एक बार फिर से सभी अधिकारियों से प्रवासी मजदूरों के पैदल चलने पर रोक लगाने को कहा है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जारी आदेश में स्पष्ट तौर पर सीएम योगी ने कहा कि किसी भी प्रवासी नागरिकों को पैदल, अवैध या असुरक्षित गाड़ियों से यात्रा न करने दिया जाए। इसी के चलते बार्डर पर टकराव की स्थिति बनी हुई है।

दर्दनाक हादसे में 24 प्रवासी मजदूरों की मौत, 15 लोग घायल

उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में प्रवासी मजदूरों से भरी डीसीएम में ट्रक ने टक्कर मार दी जिससे 24 मजदूरों की मौत हो गई। इस घटना में 15 लोग घायल हैं। घायलों को जिला अस्पताल व सैफई पीजीआई भेजा गया है। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को रेस्क्यू कराया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, मजदूरों को लेकर आ रही डीसीएम में ट्रक ने टक्कर मार दी जिसमें 24 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 लोग लोग घायल हैं। सभी घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। डीसीएम सड़क पर खड़ी थी तभी ट्रक ने उसमें टक्कर मार दी। औरेया की एसपी सुनीती सिंह और कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद है। पुलिस राहत और बचाव कार्य में जुटी है। जो लोग गंभीर रूप से घायल हैं उनको कानपुर के हैलट अस्पताल में रेफर किया गया है। इस भीषण घटना को देखते आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है।

घटना शनिवार तड़के 3.30 तीन बजे की है। 24 मजदूरों की मौत घटनास्थल पर हो गई जबकि कई लोग घायल हो गए। घटना के वक्त अंधेरा था, इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में काफी दिक्कत आई। प्रशासन के साथ आसपास के लोगों ने मदद की और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

ये मजदूर दिल्ली से गोरखपुर जा रहे थे. मजदूर राजस्थान से दिल्ली पहुंचे थे और यहां से गोरखपुर जा रहे थे. हादसा तब हुआ जब दिल्ली से आने वाली डीसीएम पर बैठे मजदूरों ने सुबह से पहले चाय पीने की इच्छा जाहिर की. ये मजदूर औरैया-कानपुर देहात रोड़ पर सड़क के किनारे एक ढाबे पर चाय पीने लगे। इस दौरान कुछ मजदूर डीसीएम से उतरकर ढाबे पर गए थे, बाकी मजदूर डीसीएम में ही सोए रहे। तभी अचानक राजस्थान से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने मजदूरों की एक डीसीएम को जोरदार टक्कर मार दी। ये टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों ही गाड़ियां पलट गईं और सड़क के किनारे एक गड्ढ़े में जा गिरीं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जाहिर की है। मुख्यमंत्री ने सभी घायलों को फौरन उचित इलाज मुहैया कराने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कानपुर के कमिश्नर और आईजी को निर्देश दिया के वे घटनास्थल का दौरा करें और जल्द से जल्द घटना के कारणों की रिपोर्ट दें। 

ट्रिपल मर्डर केस: एक ही परिवार के 3 लोगों की हत्या, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घटना से बेहद नाराज

लखनऊः प्रयागराज के के मांडा थाना क्षेत्र में बुधवार की रात, एक ही परिवार के तीन लोगों की गला रेतकर हत्या का मामला सामने आया है। घटना प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र में स्थित अंधी गांव की है। गुरुवार सुबह इस मामले की जानकारी होने पर परिवार के अन्य सदस्य व ग्रामीणों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। प्रयागराज में ट्रिपल मर्डर केस के कारण गांव के लोग खौफजदा है। सामूहिक हत्या की सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस की टीम मामले की जांच-पड़ताल में जुट गयी है।

जानकारों के मुताबिक, बुधवार की रात नंदलाल, उनकी 48 वर्षीय पत्नी छबीला देवी, 16 वर्षीय पुत्री राज दुलारी और उसका पुत्र राम बहादुर गांव में अपने पुराने घर में सोने चला गया। नंदलाल फसल की रखवाली करने खेत में चले गए। छबीला देवी घर के दरवाजे के बाहर सो गई, जबकि राज दुलारी घर के अंदर सो रही थी। रात में किसी समय हयारों ने धारदार हथियार से नंदलाल, छबीला देवी और राज दुलारी की हया कर दी। सुबह जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई तो पुलिस को इस घटना की सूचना दी।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ इस घटना से बेहद नाराज हैं। कोरोना संकट के कारण जारी लॉकडॉन के बीच उन्होंने इस सामूहिक हत्याकांड का संज्ञान लेते हुए प्रयागराज के अधिकारियों को मौके पर जाने का निर्देश दिया। साथ हि जांच खत्म कर दोषियों पर उचित कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।

गुजरात के इट भठ्ठे में फसे मस्तुरी के मजदूर लड़ रहे भूख से लड़ाई

संवाददाता : सूरज सिंह : मस्तुरी ( छतीसगढ़ )

मस्तुरी एस डी एम ने दिया हर संभव मदद का आश्वासन

कोरोना वाइरस के चलते छत्तीसगढ़ के 105 तिहाड़ी मजदूर जो लोग गुजरात के इट भठ्ठे में फंसे हैं गुजरात के चंडीसरगांव ढोलका में इनका सभी का कहना है कि उनको खाने पीने के लिए भी नही मिल रहा है ना ही गुजरात सरकार इनकी कोई मदद कर रही है आपको ये बता दे कि इनके साथ बहुत सारे बच्चे भी है जो भूखे पेट सोने को मजबूर है न शासन न ही भठ्ठे का मालिक किसी प्रकार का मदद कर रहा है

इनका यह भी आरोप है कि मालिक पहले खर्ची देता था पर लॉक डाउन हुआ तब से वो भी बंद कर दिया है जब मालिक से खर्चे के लिए या राशन के लिए पैसा या राशन मांगते है तो काम ही बंद है तो कहा से दु ऐसा बोल देते है सभी लोग चाहते है कि या तो  शासन द्वारा  खाने पीने की ब्यवस्था की जाय या हमे घर छोड़ा जाय नही तो हमारे बच्चे यह भूख से दम तोड़ देंगे संपूर्ण लॉकडाउन के चलते घर नहीं आ पा रहे और छत्तीसगढ़ शासन से गोहार लगा रहे है कि उन्हें बस घर  तक छोड़ने का ब्यावस्था किया जाए

(बोहापारा) अर्जुन भारद्वाज गोपेश्वर पाटले(केवतरा)रामरतन जांगड़े (कोहका)अजोध्या (भुईगाव)नीलकंठ राय(भगवानपाली)विजेंद्र (बोहारडीह)समयलाल(  चौवहा)राजू राय(भगवानपाली)राजू बंजारे (लवन खम्हरिया)पुरषोत्तम (मोहतरा)सुखचंद ओगरे(बीरगहनि)

लॉक डाउन की वजह से हमारे छत्तीसगढ़ के जितने भी मजदूर भाई बहन बाहर दूसरे राज्य में फसे हुए है उनका पूरा ध्यान रखा जा रहा है जो हमारी जानकारी में नही है उनको भी गांव गांव में सर्वे करा के जानकारी इक्कठा कराया जा रहा है हमारी पूरी कोशिश है कि किसी भी स्थिति में हमारे मजदूर भाई बहनो को किसी प्रकार की समस्या न हो हम लोकल प्रशासन से मिल कर पूरी मदद कर रहे है चाहे किसी भी राज्य में हो 
मोनिका वर्मा 
एस डी एम मस्तुरी

एनएचएम की एमडी डॉ प्रियंका शुक्ला ने कोविड-19 हॉस्पिटल और जिला अस्पताल का लिया जायजा

Danteshwar kumar ( chintu)

बीजापुर - राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रबन्ध संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला के साथ 7 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने जिले के कोविड.19 हॉस्पिटल बीजापुर और जिला अस्पताल का जायजा लिया। उन्होने सभी आवश्यक सुविधाओं को अतिशीघ्र सुनिश्चित करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। इस दौरान उक्त दल ने जिला अस्पताल और शैय्यायुक्त कोविड.19 हॉस्पिटल के विशेष वार्डों का निरीक्षण किया तथा इसे शैय्यायुक्त बनाने कहा। वहीं आईसीयू की व्यवस्थाओं का अवलोकन कर सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। डॉ प्रियंका ने तैयारियों के प्रति सन्तोषजनक बताया। कलेक्टर श्री के डी कुंजाम ने भी पूर्ण सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। इस दौरान विशेषज्ञ टीम द्वारा कोविड.19 हॉस्पिटल में चिकित्सा विशेषज्ञों तथा पैरामेडिकल स्टॉफ के लिए भी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं चिकित्सकोंए नर्सिंग स्टॉफ के लिए निर्धारित गाउन की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा। इसके साथ ही कोविड.19 हॉस्पिटल में प्रवेश तथा निकास द्वार की पृथक-पृथक व्यवस्थाए रोशनी की पर्याप्त व्यवस्थाए बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निपटान की व्यवस्था इत्यादि के लिये आवश्यक दिशा-निर्देश डॉ बी आर पुजारी को दिया। डॉ प्रियंका ने 7 सदस्यीय दल के साथ जिला अस्पताल में निर्माणधीन भवन का अवलोकन कर आवश्यक सुविधाओं के अनुरूप बने। इसका विशेष ध्यान रखने अधिकारियों को कहा। इस दौरान एसडीएम डॉ भुआर्य सहित अन्य चिकित्सा अधिकारी मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ : कोरिया में कोरोना महामारी को लेकर धारा 144 और लॉक डाउन तो कर दिया है लेकिन जिले के मनेन्द्रगढ़ बॉडर से लगे मध्यप्रदेश के सैकड़ों ग्रामीणों को आज भी करना पड़ रहा है भारी परेशानियों का सामना ...पढ़े ये रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश बॉडर से मनेन्द्रगढ़ के आस पास के सैकड़ों ग्राम पंचायत लगे हुए है और इन ग्रामीणों का इलाज हमेशा मनेन्द्रगढ़ अस्पताल में होता था लेकिन लॉक डाउन के बाद छत्तीसगढ़ बॉडर को पूर्ण रूप से सील कर देने से अब छत्तीसगढ़ के मध्यप्रदेश से लगे कई ग्रामीण मनेन्द्रगढ़ अस्पताल नही आ सकते है जिस कारण आज इन ग्रामीणों का इलाज नही हो पाता है कई लोग मनेन्द्रगढ़ आने की कोशिश करते है लेकिन उन्हें बॉडर से ही वापस भेज दिया जाता है हम बात कर रहे है मनेन्द्रगढ़ समुदायक स्वास्थ्य केंद्र की जहाँ देर रात एक तीन महीने के मासूम बच्चे को लेकर महिला अपने पति के साथ मोटरसाइकिल से मनेन्द्रगढ़ अस्पताल आने के लिए छत्तीसगढ़ के बॉडर पर पहुची जहाँ बॉडर पर लगे जवानों ने अपने अधिकारियों के मामले की जानकारी दी लेकिन अधिकारियों ने उन्हें वापस भेजने बोल दिया और मनेन्द्रगढ़ आने नही दिया वही सूजन के बीमारी से पीड़ित महिला ने बताया कि इलाज के लिए इतने दूर से अपने तीन महीने के बच्चे के साथ आई हूं और मेरे शरीर मे सूजन हो गया है लेकिन मुझे मनेन्द्रगढ़ अस्पताल जाने नही दिया जा रहा है फिलहाल पूरे मामले में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कैमरे के सामने किसी भी तरह की जानकारी देने से मना कर दिया

राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवक कर रहे है लॉक डाउन में भरपूर सहयोग

 सुबोध थवाईत -BBNEWS NEWS24 कोटमी सोनार 
सेवा भाव का संदेश दे रहे हैं  और विषम परिस्थितियों में भी मानव सेवा के लिए अपना फर्ज निभा रहे हैं वे लोग कोरोना वायरस से बचने के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं वह मास्क का प्रयोग करने के लिए पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था के नियमों को बताला रहे है   भोजन देने व डॉक्टरों को अस्पतालों में सहयोग कर रहे है ।देश में लॉक डाउन के दौरान लगातार जनप्रतिनिधियों सहित प्रशासन द्वारा लोगों से संक्रमण की रोकथाम व बचाव के लिए उन्हें घरों में रहने की अपील की जा रही है इसके बावजूद भी लोगों में जागरूकता का अभाव देखा जा रहा है प्रायः देखने में आया है कि वे बिना काम के ही घरों से निकलकर घूम रहे हैं इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ने लगा है ऐसे लोगों को यह स्काउट गाइड व राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवक जिला प्रशासन को सहयोग करते हुए लोगों को समझाइश दे रहे हैं कि कोरोना वायरस को फैलने से रोके सावधानी बरतें जिससे इस महामारी से बचा जा सके  जिसमें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अमोरा अकलतरा के वरिष्ठ स्काउट रोवर  राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवक  के द्वारा जिला पुलिस  अधीक्षक जांजगीर चांपा मैडम मधुलिका सिंह  आर आई  मैडम मंजू लता सिंह थाना प्रभारी अकलतरा के कुशल मार्गदर्शन व निर्देशन में लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं इस जन जागरूकता अभिया में श्री आशीष मिश्रा , संजय कुमार यादव कार्यक्रम अधिकारी व ए एल टी ( स्काउट ) लक्ष्मीनारायन साहू , सुनील जांगड़े , राजेश्वर शाडे , फुलेश साहू , कैलास ओमप्रकाश,  कु पूजा रात्रे , ममता यादव , भावना साहू , रोशन बर्मन , सूरज पटेल , हरनारायण , विकास सोनी , धनेश्वर साहू , प्रेम साहू , गौरव साहू , अविनाश साहू , हिमांचल सिंह , दुर्गेश गोर्ले , सुजीत ,  सुश्री राजेश्वरी महंत, श्री आर के कैवर्त वअनेक स्काउट ,गाइड , स्वयं सेवक राष्ट्रीय सेवा योजना अमोरा का साथ मिल रहा है जो कोरोना वायरस को नियंत्रण रोगथाम हेतु प्रशासन के कंधे से कंधे मिलाकर कार्य कर रहे है । उक्त कार्य हेतु इन्हें जिला के जिला संगठक राष्ट्रीय सेवा योजना श्री भूपेंद्र पटेल , कार्यक्रम समन्वयक डॉ मनोज सिन्हा अटल बिहारी विश्वविधालय बिलासपुर , स्काउट गाइड के राज्य सचिव श्री कैलाश सोनी , राज्य मुख्य आयुक्त श्री विनोद चंद्राकर विधायक महासमुंद जिला मुख्य आयुक्त श्री कार्तिकेश्वर स्वर्णकार , जिला अध्यक्ष श्री कमल देवांगन , जिला संगठन श्री एम एल कौशिक जी सहित स्काउटिंग व राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े अधिकारियों की प्रशंसा प्राप्त हो रही है कि यही सच्ची मानव सेवा है हमारा कर्म हो सेवा हमारा धर्म हो सेवा की भावना के साथ अमोरा अकलतरा के स्वयंसेवक व कार्यक्रम अधिकारी व ए एल टी स्काउट श्री संजय कुमार यादव जी सेवा कार्य मे लगे हुए है ।

तुगवां एम.पी. बॉर्डर पर पहुंचे एसपी एवं कलेक्टर

बलरामपुर आकाश साहू

बलरामपुर कलेक्टर संजीव कुमार झा एवं पुलिस अधीक्षक बलरामपुर टी आर कोशिमा के द्वारा लगातार सीमावर्ती राज्यों के बॉर्डरओं की निगरानी में किसी तरह की चूक ना हो जाए को लेकर सजग एवं सतर्कता बरतते हुए लगातार दौरा कर रहे हैं इसी कड़ी में छत्तीसगढ़  बलरामपुर जिला के बलंगी चौकी अंतर्गत अंतर्राज्यीय सीमा मध्य प्रदेश से लगे ग्राम पंचायत तुगवां बॉर्डर का निरीक्षण किया जहां पर चौकी प्रभारी बलंगी सी पी तिवारी के द्वारा किए गए बॉर्डर सीलिंग एवं जरूरी सामग्रियों के आने जाने की गतिविधियों की जानकारी लेते हुए सीमावर्ती राज्यों से लगे  पगडंडी व अन्य रास्तो को भी पूर्णतः बंद करने हेतु कलेक्टर ने निर्देशित किया 

छत्तीसगढ़ का बलरामपुर जिला तीन अंतर राज्य सीमाओं से लगा हुआ है जो झारखंड ,उत्तरप्रदेश , एवं मध्य प्रदेश की सीमाओं को छूता है यही कारण है की बलरामपुर जिले के कलेक्टर एवं एसपी लगातार सीमावर्ती बॉर्डर की स्थिति का जायजा ले रहे हैं  ताकि किसी भी तरह से चूक ना हो एवं बलरामपुर जिला में कोरोना वायरस से जुड़ी एक भी केस ना आ सके व पूरे जिले एवं जिलावासियों  को सुरक्षित रखा जा सके, इस को ध्यान में रखकर जिला प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं  साथ ही कलेक्टर बलरामपुर के निर्देशानुसार जिले में लॉक डाउन को पूर्णता लागू करने में एवं जिलेवासियों को आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई में किसी प्रकार की  परेशानी ना हो इसका  पूर्णता ध्यान रखा जा रहा है जिनमें प्रमुख रूप से  वाड्रफनगर पुलिस अनुविभागीय अधिकारी ध्रुर्वेश कुमार जायसवाल ,नायब तहसीलदार विनीत सिंह,  जनपद पंचायत सीईओ वेद प्रकाश पांडे,  स्वास्थ्य अमला एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी निभा रहे हैं

एक तरफ कोरोना संक्रमण और बंद का असर और बेहाल हुए आवारा पशु और जीव जंतु वही दूसरी तरफ बिलासपुर के सिरगिट्टी में एक सब्जी वाले ने अपनी पूरी सब्जी बंदर को खाने के लिए दे दी..

अजीत मिश्रा : बिलासपुर/ छत्तीसगढ़

 


0  भूख और प्यास से बेहाल वानर।
0 करंट लगने से बंदर का बच्चा जख्मी।
0 पुलिस के जवानों ने पहुंचाया चिड़ियाघर।
0 बेजुबान जानवरों पर शहर के लोग मेहरबान।



कोरोना महामारी के संक्रमण और लॉक डाउन की वजह से इंसान ही नहीं बेजुबान जानवर भी हलकान हो गए हैं । शायद यही वजह है कि, बिलासपुर के सिरगिट्टी में एक सब्जी वाले ने अपनी पूरी सब्जी बंदर को खाने के लिए दे दी..! वही करंट से झुलसे एक बंदर के बच्चे को पुलिस के जवानों ने बचाया और उसे चिड़ियाघर तक पहुंचाया। 

 बंद और महामारी के इस दौर में लोगों ने अपनी संवेदना इन बेजुबान जानवरों के प्रति भी दिखानी शुरू कर दी है। पूरी घटना बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र के बन्नाथ चौक की है। जहां रोज की तरह सब्जी बाजार लगाया गया  था। तभी अचानक यहां बंदरों का एक झुंड पहुंच गया।  भूख  और प्यास से बेहाल इन बंदरों को बाजार के अन्य लोगों ने दूर रखने का निर्णय लिया था। वहीं एक ऐसा व्यक्ति भी था,  जिसने इस बंदर को खाने के लिए अपनी पूरी सब्जी दे दी।  उसका कहना था कि, बंदर भूखे हैं और ऐसी कठिन स्थिति में अगर इंसान इनका ध्यान नहीं रखेंगे तो फिर कौन रखेगा..? 

 यह सब हो ही रहा था कि इस दौरान बंदर का एक बच्चा करंट की तार से झुलस गया।  नीचे गिरते ही वह मूर्छित हो गया, और लोगों ने उसे उठाकर इसकी सूचना पुलिस को दी।  मौके पर मौजूद पुलिस के एक जवान ने इसे पूरी सहानुभूति और संवेदना के साथ  प्रेम से देख रेख की और फिर सही सलामत बिलासपुर के कानन पेंडारी चिड़ियाघर में छुड़ा आये। इस बीच कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि किस तरह से यह पूरा घटनाक्रम हुआ और लोगों ने आगे आकर इन बेजुबान जानवरों की मदद की।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारी, कर्मचारी एवं उनके परिजनो सहित लगभग 72 हजार लोगों ने आरोग्य सेतु ऐप में हुवे पंजीकृत

अजीत मिश्रा @ बिलासपुर - 18 अप्रैल, 2020

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मुख्यालय सहित तीनो रेल मंडलो बिलासपुर, रायपुर एवं नागपुर के 38504 अधिकारी/कर्मचारी एवं उनके 33324 परिजनों ने आरोग्य सेतु ऐप पर पंजीकृत होकर कोविद-19 से लड़ाई में एकजुटता दिखाई है । वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में (मुख्यालय में 3140, बिलासपुर रेल मंडल में 17407, रायपुर रेल मंडल में 10747 एवं नागपुर रेल मंडल में 12087 अधिकारियों/कर्मचारियों सहित) कुल 43381 अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत है ।

भारत सरकार ने कोविड-19 का दृढ़ता से मुकाबला करने के लिए भारत के लोगों को एकजुट करने के उद्देश्य से सार्वजनिक-निजी साझेदारी से विकसित एक मोबाइल ऐप की शुरुआत की है । ‘आरोग्य सेतु’ नाम का यह ऐप प्रत्येक भारतीय के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए डिजिटल इंडिया से जुड़ा है । यह लोगों को कोरोना वायरस का संक्रमण पकड़ने के जोखिम का आकलन करने में सक्षम करेगा । दक्षिण पूर्व मध्य रेल प्रशासन ने आरोग्य सेतु ऐप पर पंजीकृत होने के लिए अपने सभी अधिकारियों रेलवे कर्मचारियों उनके परिजनों एवं सभी लोगों को प्रेरित किया है जिसके फलस्वरूप बड़ी संख्या में रेलकर्मी एवं उनके परिजनों ने आरोग्य सेतु ऐप पर अपने को पंजीकृत किया हैं ।

यह ऐप अत्याधुनिक ब्लूटूथ टेक्नोलॉजी, तकनीक, गणित के सवालों को हल करने के नियमों की प्रणाली (अलगोरिथ्म) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करते हुए, दूसरों के साथ उनकी बातचीत के आधार पर इसकी गणना करेगा । एक बार एक आसान और उपयोगकर्ता के अनुकूल प्रक्रिया के माध्यम से स्मार्टफोन में स्थापित होने के बाद, ऐप आरोग्य सेतु के साथ स्थापित अन्य उपकरणों का पता लगाएगा जो उस फोन के दायरे में आते हैं । एप्लिकेशन तब परिष्कृत मापदंडों के आधार पर संक्रमण के जोखिम की गणना कर सकता है यदि इनमें से किसी भी संपर्क का परीक्षण पॉजिटिव आता है । ऐप कोविड-19 संक्रमण के प्रसार के जोखिम का आकलन करने और आवश्यक होने पर एकांतवास सुनिश्चित करने के लिए सरकार के समय पर कदम उठाने में मदद करेगा। ऐप का डिज़ाइन सबसे पहले गोपनीयता सुनिश्चित करता है । ऐप द्वारा एकत्र किए गए व्यक्तिगत डेटा को अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके एन्क्रिप्ट किया गया है और डेटा चिकित्सा सम्बन्धी सुविधा की आवश्यकता पड़ने तक फोन पर सुरक्षित रहता है । 11 भाषाओं में उपलब्ध, ऐप अखिल भारतीय स्तर पर पहले दिन से उपयोग के लिए तैयार है और इसकी बनावट ऐसी है जो अधिक काम का भार भी ले सकती है । यह ऐप राष्ट्र की युवा प्रतिभा के एकजुट होने और संसाधनों की पूलिंग और वैश्विक संकट का जवाब देने के प्रयासों का एक अनूठा उदाहरण है । यह एक ही समय में सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों, डिजिटल प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवाएं देने और युवा भारत की क्षमता और देश के रोग मुक्त और स्वस्थ भविष्य के बीच एक सम्पर्क है ।

संकल्प फाउंडेशन ने पीएम केयर्स में दिए ग्यारह हजार रुपये,डिजिटल माध्यम का उपयोग कर लॉकडाउन को सफल बनाने और सोशल डिस्टेंसिंग का संदेश दिया

वैश्विक महामारी covid-19 के रोकथाम के लिए जहाँ पूरा देश लॉकडाउन हैं वही इस मुश्किल घड़ी में युवाओं का एक समूह बिना किसी प्रचार के जरूरत मंदों की सहायता और मदद लगा हुआ है।संकल्प फाउंडेशन के संचालक ऋषभ चतुर्वेदी ने हनुमान जयंती के अवसर पर युवाओं से अपील की थी कि इस वर्ष हनुमान जन्मोत्सव में लगने वाली राशि को गरीब जरूरतमंद लोगों की सहायता कार्य मे प्रधानमंत्री राहत कोष, मुख्य मंत्री राहत कोष,एवं नगर निगम बिलासपुर द्वारा संचालित कॅरोना रिलीफ फण्ड में देकर इस कठिन घड़ी में समाज की सेवा की जाए।इसी तारतम्य में संकल्प फाउंडेशन बिलासपुर द्वारा भीम एप के माध्यम से प्रधानमंत्री राहत कोष में 11,000 (ग्यारह हजार रुपये) की राशि प्रदान की गई है वही यह बात उल्लेखनीय है कि इस कार्य के लिए लॉकडाउन एवं सोशल डिस्टेंसिंग का संदेश देते हुए यह राशि डिजिटल माध्यम से भीम एप के माध्यम से प्रधानमंत्री राहत कोष में प्रदान की गई है। संकल्प फाउंडेशन युवाओं की एक टीम है जो लॉकडाउन के दौरान जरूरत मंद लोगो तक आवश्यक दवाई,राशन,मास्क,सेनेटाइजर,जरूरत के समान और भोजन आदि पहुंचाने का कार्य कर रही है।ऐसे लोग जो घर से निकलने में असमर्थ हैं उनके लिए आवश्यक राशन और दवाइयां सब्जी आदि घर पर पहुंचा कर दिया जा रहा है।कोरोना के इस संक्रमण को हराने के एक मात्र कारगर अस्त्र सोशल डिस्टेंसिंग है अतः हम लोगो से अपील करते हैं कि वे अपने घरों पर ही रहे और उन्हें जिन भी चीजो की आवश्यकता हो उन्हें वे हमसे सम्पर्क कर सकते हैं संकल्प फाउंडेशन की टीम द्वारा उन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।इन युवाओ द्वारा सेवा कार्य के दौरान साफ सफाई,एवं सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।मास्क सेनेटाइजर और हैंड ग्लब्स से लैस ये युवा कार्यकर्ता 1 या 2 की संख्या में ही अलग अलग क्षेत्रों में सेवा दे रहे हैं साथ साथ ही इन विकट परिस्थितियों में हमारी सुरक्षा में लगे जवानों को फूड पैकेट आदि संकल्प फाउंडेशन की टीम द्वारा पहुंचाया जा रहा है।ऋषभ चतुर्वेदी ने बताया कि जरूरत मंदों तक सामग्री पहुंचाते हुए इस बात का आवश्यक रूप से ध्यान रखते हैं कि हम किसी प्रकार का फोटो या वीडियो लेकर इन विकट परिस्थितियों में फंसे जरूरत मंद को हीन भावना महसूस न होने दें इस लिए यह कार्य हमारी टीम द्वारा बिना किसी फोटोबाजी अथवा प्रचार के द्वारा सेवा भाव से किया जा रहा है।संकल्प फाउंडेशन द्वारा संचालित इस मुहीम में अनमोल झा,केतन सिंह,ऋषभ चतुर्वेदी,अभिषेक गुप्ता,महर्षि बाजपेयी, अंकित जैन,अंकित पाठक,अभिषेक तिवारी,देवर्षि बाजपेयी,अनीस गुप्ता,अवि साहू,शुभम राव वासिंग,वैभव गुप्ता,आशुतोष गुप्ता,निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।