ज्योतिष

जहां तुलसी होती है वह घर मंदिर है -- ब्रह्मचारी इंदुभवानंद

देवी भागवत की कथा में विस्तार देते हुए डॉ इंदुभवानंद महाराज ने बताया की तुलसी की जड़ में समस्त तीर्थों का वास होता है। तुलसी समस्त वनस्पतियों की रानी है तथा पूजा का सार है पाप रूपी ईंधन को नष्ट करने के लिए प्रज्वलित अग्नि की लपटों के समान है तुलसी। तुलसी पत्र के जल से जो व्यक्ति स्नान करता है उसे समस्त तीर्थों के स्नान का पुण्य प्राप्त होता है , जो व्यक्ति तुलसी जल प्रतिदिन पीता है वह एक लाख अश्वमेध यज्ञ करने का पुण्य प्राप्त करता है तथा कार्तिक मास में तुलसी पत्र का दान व चढ़ाने से 10000 गाय दान का पुण्य प्राप्त होता है।

प्रवेश प्रारभ

आगे उन्होंने कहा कि जिनके घर में तुलसी का पौधा होता है वह घर नहीं मंदिर कहलाता है । तुलसी सदा सर्वदा भगवान के मस्तक , वक्ष स्थल पर विराजमान रहती हैं। भौतिक दृष्टि से भी तुलसी का पौधा समस्त रोगों से मुक्त करता है तथा घर परिवार मैं सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है ।ब्रह्मचारी चैतन्यानंद ने बताया कि चारों वेद के पाठ करने का पुण्य शालिग्राम शिला के पूजन में प्राप्त होता है। व्रत दान , श्राद्ध, देव पूजन तथा जो भी कर्म शालिग्राम शिला की सुनिधि मैं किया जाता है उसका अनंत गुणा पुण्य प्राप्त होता है । कथा में राजेंद्र प्रसाद शास्त्री ने कहा कि शिव शक्ति में कोई भेद नहीं है और एक रूप में शिव शक्ति है। शिव शव कहलाता है, शिव शक्ति का शाम रस्य है जिसे श्रीयंत्र कहते हैं । 

लक्ष्मी और नारायण को पुरुसुक्त और लक्ष्मीसूक्त से अभिषेक विशेष फलदायी होता है।

ज्योतिष गुरु पंडित भानुजी महाराज शुक्ल लखनऊ से रायपुर पधारे हैं तथा उन्होंने अपने भक्त ऋद्धिपद के निवास में कहा कि ज्योतिष वेद का चक्षु है जिसके द्वारा मनुष्य के भूत, वर्तमान और भविष्य को जाना जा सकता है। यह सौ प्रतिशत विज्ञान है तथा गणित का भी बहुत बड़ा योगदान है। जैसे सात दिन होते हैं वैसे सात ग्रह होते हैं। आगामी 7 मई 2019 को अक्षय तृतीया है इसमें तैत्रीय योग आ रहा है जो कि व्यवसायियों के लिए तथा वैवहाहिक जीवन एवं शिक्षा से सम्बंधित व्यक्तियों को विशेष लाभ देगा। इस दिन देवी लक्ष्मी एवं नारायण की पूजन करना चाहिए क्यों कि शास्त्रों में संकेत दिया गया है कि इसी दिन लक्ष्मी-नारायण का मिलन हुआ था। साथ ही माता लक्ष्मी और नारायण को पुरुसुक्त और लक्ष्मीसूक्त से अभिषेक करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। इस दिन प्रारम्भ किया गया कोई भी कार्य सिद्ध होता है तथा व्यक्ति को सफलता दिलाता है।

रामनवमी के पावन पर्व पर हुआ शिवरीनारायण मठ मंदिर में रविवारी राम कथा का भव्य आयोजन

आशीष कश्यप @ BBN24 -- ■मठ मंदिर में की गई भक्ति पूर्ण आरती■ ●सवा लाख है राम नाम लिखने वाले छात्राओं का हुआ सम्मान● महानदी के त्रिवेणी संगम पर युग युगांतर से विराजित भगवान नर नारायण की पावन धरा श्री शिवरीनारायण मठ मंदिर में रामनवमी के पावन अवसर पर रविवारी मासिक राम कथा का भव्य आयोजन अत्यंत हर्ष उल्लास पूर्वक संपन्न हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ हर माह की तरह इस बार भी रामायण जी की आरती एवं हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ के साथ हुआ दोपहर के 12:00 बजे भगवान का जन्मोत्सव मनाया गया इस अवसर पर उपस्थित श्रोता समूह को संबोधित करते हुए मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव ने कहा कि यहां भले ही एक से बढ़कर एक मानस मर्मज्ञ बैठे हुए हैं कम से कम और अधिक से अधिक उम्र दराज के लोग यहां उपस्थित हैं लेकिन मैं पूरे आशा एवं विश्वास के साथ यह कह सकता हूं कि रामनवमी का पावन अवसर हो, रघुनाथ जी का दरबार हो और उनके ही चरित्र का गुणगान कहने और सुनने का अवसर मिल रहा हो ऐसा अवसर आप सभी उपस्थित जन के जीवन में शायद पहली बार आया होगा जिस समय भगवान रघुनाथ जी का जन्म हुआ तब भी ऐसे ही पवित्र चैत्र का महीना था, नवमी तिथि थी शुक्ल पक्ष और भगवान का प्रिय अभिजीत मुहूर्त था आज भी संजोग से वह सब यहां पर उपस्थित है और हम सब भगवान के चरित्र का गुणगान कर रहे हैं यह हम सबके लिए सौभाग्य की बात है शिव कुमार द्विवेदी ने कहा कि वर्षों के पश्चात आज ऐसा अवसर आया है कि नवमी तिथि को पुनः अभिजीत मुहूर्त है हम सब भाग्यशाली हैं भगवान की कथा सुन रहे हैं मानस मर्मज्ञ दिनेश गोस्वामी ने कहा कि इस संसार में सभी अपने अपने कर्म के फल को प्राप्त करते हैं "निज कृत कर्म भोग सब भ्राता" सभी लोग अपने द्वारा किए गए कर्म के फल के कारण ही सुख और दुख को प्राप्त करते हैं लोगों को पीआर साव, भगत राम साहू ,शंभू यादव, श्रीमती राम कुमारी साहू सहित अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया। *दोपहर 12:00 बजे आरती हुई जगदीश मंदिर में* दोपहर ठीक 12:00 बजे मठ मंदिर स्थित जगदीश मंदिर में भगवान के जन्म के मुहूर्त पर ढोल, नगाड़े ,घंटे, विजय घंट एक साथ बजने लगे आतिशबाजी के साथ भगवान की जय जयकार करते हुए भगवान की भव्य आरती संपन्न हुई इस बीच मानस प्रेमियों ने भी भए प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी गाकर भगवान की स्तुति की। पूर्व विधायक अरुण मिश्रा ने किया सम्मान छात्राओं का मारुति मानस प्रचार समिति के अध्यक्ष एवं कसडोल विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक अरुण मिश्रा ने श्री महंत लाल दास शिक्षा महाविद्यालय शिवरीनारायण में अध्ययनरत उन छात्राओं को सम्मानित किया जिन्होंने सवा लाख राम नाम लिखकर भगवान के नाम का जप किया है प्राचार्य मंजुला शर्मा तथा शिक्षक श्रीमती दुर्गेश्वरी टंडन ने बारी बारी से कुमारी रिया नवरत्न, सोनिया पटेल ,कुमारी कविता साहू, खुशबू गवेल ,मेघा यादव को सम्मानित किया श्री मिश्रा ने अपना आशीर्वचन प्रदान किया। *रविवारी मासिक राम कथा के आयोजक निरंजन अग्रवाल जो कि पूर्व सांसद परसराम भारद्वाज के सांसद प्रतिनिधि भी रह चुके हैं ने इस अवसर पर उपस्थित श्रोताओं से भरद्वाज के सुपुत्र रवि भारद्वाज को मतदान प्रदान करने का आग्रह किया* दोपहर में भोजन प्रसाद के पश्चात शाम 4:00 बजे रामायण जी की पुनः आरती कर भगवान की स्तुति गायन की गई एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ इस कार्यक्रम में विशेष रूप से अरुण मिश्रा, वैष्णव जी, जगदीश कश्यप, धनराज साहू ,पंडित आशीष शर्मा, कृष्ण लाल कश्यप, बिहारी लाल भारद्वाज ,श्रीमती राम कुमार साहू, कुंज राम कश्यप ,नरोत्तम कश्यप, कोमल साहू ,राधे लाल शर्मा सहित लोग काफी संख्या में उपस्थित थे कार्यक्रम के प्रारंभ एवं समापन पर आरती श्री त्यागी जी महाराज के द्वारा की गई व्यवस्था को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने में मुख्तियार सुखराम दास जी महाराज की भूमिका सराहनीय रही कार्यक्रम का संचालन बारी-बारी से रंग नाथ यादव एवं गोस्वामी जी ने किया।

मां महामाया देवी का किया गया राजकीय श्रींगार व कन्या भोज

अजीत मिश्रा @ BBN24NEWS.COM --- धार्मिक नगरी रतनपुर में महानवमीं के अवसर पर मां महामाया देवी जी का सात किलो सोने के आभूषणो से राज श्री श्रृंगार किया गया। मां के इस रूप को देखने के लिए सुबह से ही भक्तों की कतार लगी रही। राजसी श्रृंगार के दौरान दो घंटे के लिए मंदिर के पट बंद रहे। रविवार को महानवमी परंपरागत रूप से मनाई गई। इस अवसर पर अनेक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। -----धार्मिक नगरी रतनपुर में महानवमी के अवसर पर मां महामाया देवी जी का राजश्री श्रृंगार राजसी नैवेद्य कन्या ब्रह्मभोज तथा भंडारा किया गया। इस दौरान मां को सात किलो के स्वर्ण आभूषणों से सजाया गया। मां के श्रृंगार के समय सुबह दो घंटे तक मंदिर के पट बंद रहे। पट खुलने पर राजश्री श्रृंगार में सजी मां की अदभुत छटा देखते ही बनी। लगभग 7 किलो के स्वर्ण आभूषण से सजी मां की आकर्षक छवि देखते ही बन रही है वहीं विशाल चांदी के छत्र की छाया मां को शीतलता के साथ ही भव्यता प्रदान कर रही है हजारों कीग संख्या में भक्तों ने मां के भव्य और राजश्री श्रींगार के रूप के दर्शन किए। इसी कड़ी में कन्या भोज हुआ। इसमें बड़ी संख्या में कन्याओं का पूजन हुआ और भक्तों में भोग प्रसाद का वितरण किया गया एवं ज्योति कलश के विसर्जन के साथ नवरात्रि का समापन किया गया इससे आस्थामय मां महामाया का दरबार सजा रहा। वहीं रविवार को मंदिरों में सुबह से ही भक्तिमय माहौल बना रहा।

इंदुभवानन्द ने किया कन्या रूपी देवी का पूजन

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती के रायपुर आश्रम में स्थित भगवती राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी ललिता प्रेमाम्बा की चैत्र नवरात्रि के नवमी तिथि में आश्रम प्रमुख व ज्योतिषाचार्य (फलित) ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानन्द ने भगवती का विशेष पूजन किया साथ ही उपस्थित 700 से ज्यादा कन्यायों का पूजन कर उन्हें भोजन करवाया। इस उपलक्ष्य पर सुमिता ब्रह्मा, गिरधारी नायक, अजय तिवारी, ज्योति नायर, एमएल पांडेय, पंकज वर्मा, श्रीकृष्ण तिवारी, रत्नेश शुक्ला व आदि भक्तों ने कन्यायों का विधिवत मंत्रोच्चारण के बीच आरती किये तथा उन्हें श्रृंगार के समान व चुनरी भेंट स्वरूप प्रदान किये। इसके पश्चात उपस्थित सभी भक्तों ने साथ मिलकर शक्ति रूपी कन्यायों को भोजन करवाये तथा आश्रम के सेवक सोनू चंद्राकर, भूपेंद्र पांडेय ने ज्वारा विसर्जन हेतु विशाल रैली निकाली जिसका नेतृत्त्व ब्रह्मचारी इंदुभवानन्द के साथ आश्रम के मुख्य आचार्य धर्मेन्द्र महाराज ने किया। प्रख्यात ज्योतिषाचार्य व ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानन्द ने समाज के लोगों के उद्देश्य से कहा कि हम सभी के आराध्य देव भगवान श्रीराम के दिखाए व सिखाये मार्ग पर चलना चाहिए जिससे हम सुख, शांति और सफलता के साथ जीवन निर्वहन कर सके। साथ ही उन्होंने कहा प्रभु श्रीराम त्याग, समर्पण, दया और सच्चाई के प्रतीक थे जिनसे हमे शिक्षा लेकर जीवन के पथ पर अग्रसर होना चाहिए।

मनुष्य अपने लिए मकान का निर्माण हमेशा करता है लेकिन भगवान के लिए भव्य मंदिर का निर्माण ईश्वर कृपा से ही संभव है- राजेश्री महंत

आशीष कश्यप @ BBN24 -- मनुष्य अपने लिए मकान का निर्माण तो हमेशा करता है लेकिन ईश्वर के लिए भव्य मंदिर का निर्माण करना ईश्वर की कृपा का प्रतिफल है यह बातें महामंडलेश्वर के पद से विभूषित राजेश्री डॉक्टर महंत रामसुंदर दास जी महाराज ने शिवरीनारायण समीप स्थित ग्राम देवरी में गोड़ परिवार द्वारा निर्मित राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में अभिव्यक्त की कार्यक्रम की अध्यक्षता जांजगीर-चांपा जिले के पूर्व कलेक्टर श्री आरपीएस त्यागी ने किया विदित हो कि शिवरीनारायण समीप स्थित ग्राम देवरी में अर्जुन गोड़ के परिवार के द्वारा भव्य राम मंदिर का निर्माण किया गया है जिस की प्राण प्रतिष्ठा राम नवमी के पावन पर्व पर किया गया अतिथियों का आगमन पर गोंड़ परिवार ने उनका भव्य स्वागत किया स्वागत के पश्चात भगवान की विधिवत पूजा-अर्चना की गई तत्पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए राजेश्री महंत जी महाराज ने कहा कि यह एक पुनीत अवसर है भगवान रघुनाथ जी का जन्म उत्सव मनाया जा रहा है इस पुनीत बेला में भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में हमारे साथ जिले के पूर्व कलेक्टर श्री आरपीएस त्यागी जी भी उपस्थित हुए हैं श्री त्यागी जी जब तक कलेक्टर थे तब तक पद की गरिमा के अनुकूल उन्होंने कार्य किया हम सबके बीच में हमेशा एक समाज सेवक की तरह रहे यह प्रभु कृपा का परिणाम है कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्री त्यागी ने इस अवसर पर कहा कि मैंने अपने जीवन में अनेकों लोगों का मेडिकल लीव स्वीकृत किया लेकिन मुझे अपने और अपने परिवार के लिए कभी भी इसकी आवश्यकता नहीं पड़ी ,यह शरीर नाशवान है हम जब तक संसार में हैं हमें संसार की सेवा करनी चाहिए यह सब प्रभु की असीम कृपा से ही संभव होती है मैं पूर्व में भी आप सबके बीच उपस्थित हुआ हूं और आज भी महाराज जी की कृपा से मुझे यह सौभाग्य मिला है मैं आप सबको धन्यवाद ज्ञापित करता हूं कार्यक्रम की समाप्ति पर अतिथियों का शाल श्रीफल से आयोजक परिवार ने सम्मान किया इस अवसर पर विशेष रूप से सुबोध शुक्ला ,निर्मल दास वैष्णव ,संदीप अग्रवाल, पिंटू भट्ट, भंवर सिंह पोर्ते, कृष्ण कुमार साहू ,परस गोड़, अर्जुन गोंड, शिवकुमार सहित ग्राम वासी काफी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन ऋषि कुमार शर्मा ने तथा आभार सरोज सारथी ने व्यक्त किया।

टेंपल सिटी शिवरीनारायण में कल निकलेगी भगवान श्री राम चन्द्र जी की भव्य शोभायात्रा..

आशीष कश्यप @bbn24news

 

 

शिवरीनारायण:- धार्मिक नगरी शिवरीनारायण में 13 अप्रैल को कल श्री राम भक्त युवा समिति शिवरीनारायण के तत्वाधान में श्री रामचन्द्र जी की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, तैयारी को लेकर नेहरू बाल उद्यान(गार्डन) पुल रोड में बैठक का आयोजन किया गया था जिसमें भगवान श्री रामचन्द्र जी की भव्य शोभायात्रा की रूपरेखा तैयार की गईं,, शोभायात्रा मध्यनगरी चौक से निकलकर न्यू मार्केट, बॉम्बे मार्केट, मेन रोड, केरा चौक, रपटा रोड होते हुए मध्यनगरी चौक में पूर्ण होगी,,शोभायात्रा में गाजे~बाजे के साथ सुसज्जित बग्घी में श्री राम चन्द्र जी को बिठाकर नगर भ्रमण कराया जाएगा,,13 अप्रैल को कल शाम 05:00 बजे शोभायात्रा का समय निर्धारित किया गया है,,भव्य शोभायात्रा समापन के उपरांत प्रभु श्री रामचन्द्र जी की महाआरती व संगीतमय श्री सुंदरकांड पाठ के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा| कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में लोगों को पहुँचने की अपील श्री राम भक्त युवा समिति के सदस्यों ने की है| बैठक में श्री राम भक्त युवा समिति के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे..!!

 

सप्तमी में राजराजेश्वरी मन्दिर में उमड़ा भक्तों का सैलाब।

 

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती महाराज के आश्रम रायपुर में स्थापित भगवती राजराजेश्वरी मन्दिर में चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन उमड़ा भक्तों का सैलाब। भक्तों ने आश्रम प्रमुख व प्रख्यात ज्योतिषाचार्य (फलित) डॉ इंदुभवानंद महाराज से दिन एवं रात्रिकालीन महा निशा पूजन के सम्बंध में जाना और उपस्थित भक्तों ने ज्योत के साथ ज्वारा का भी दर्शन किये। आज महा सप्तमी में भगवती राजराजेश्वरी का माँ कालरात्रि के रूप में विशेष पूजन सम्पन्न होगा जिसमें भगवती को 1008 कमल पुष्प के अलावा किसमिस से अर्चन किया जाएगा। ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानन्द ने बताया कि आज से नवमी तिथि तक देवी की शक्ति अपने उच्च स्तर पर होता है और इस समय भक्तों को दिल से देवी माँ का आह्वान के साथ साथ दुर्गा स्त्रोत, दुर्गा मंत्र, गुरु मंत्र का निरंतर जाप अवश्य करना चाहिए। रात्रिकालीन निशा पूजन हेतु सुमिता ब्रह्मा, एमएल पांडेय, ज्योति नायर, पंकज वर्मा, रमेश अग्रवाल, वीरेंद्र गोयल, मठ के पुरोहित रामकुमार शर्मा, सोनू चंद्राकर, मनीष शर्मा, एलपी वर्मा व आदि भक्त उपस्थित हुए और महा निशा पूजन पश्चात पुष्पांजलि अर्पित कर महा आरती किये। आचार्य धर्मेन्द्र ने सभी को शांति जल के साथ माता के चरणों के जल प्रदान किये।

 

 

सप्तमी पर माँ महामाया दाई मंदिर में सुबह से शाम तक भक्तों का लगा रहा तांता

शनि सूर्यवंशी

पकरिया - अकलतरा विकासखंड के पकरिया  माँ महामाया सेवा समिति (ट्रस्ट) के   द्वारा  पकरिया में  विराजित माँ महामाया दाई  में चैत्र नवरात्र प्रारंभ दिन से रोजाना  मंदिर में पूजा-पाठ एवं सुबह-शाम आरती किया जा रहा है। वही मंदिर में  महामाया समिति पकरिया के द्वारा माँ महामाया दाई के दरबार को नवरात्रि के पूर्व तैयारी को लेकर मंदिर के अंदर बाहर बहुत ही सुजज्जित तरीके से  अलग अलग कलर पेंट से रंगरोपन किया गया है। वही समिति के द्वारा मंदिर के  चारो ओर परिसर में पुताई करवाया गया वही  सुंदर लाइटों से मंदिर एव बाहर गेट को  सजाया गया है, यहाँ पकरिया के  महामाया दाई का आशीर्वाद विश्वास इतना कि भक्तों का रोजाना  सुबह शाम मेला सा लगा हुआ रहता  है। पकरिया एवं आसपास के गांवों के  श्रद्धालुओ द्वारा अपने परिवार गांव प्रदेश देश की खुशहाली  के लिए सभी भक्तजन मनोकामना पूर्ण हेतु दर्शन कर आशीर्वाद ले  रहे है। वही मंदिर परिसर में सुबह से दोपहर शाम रात को जस गीत एवं रात्रि में रोजाना रामायण का आयोजन किया जाता है।

 

वही आज सप्तमी दिवस पर  मंदिर परिसर में सुबह से देर शाम रात का भक्तों का आना जाना लगा रहा है। इतना ही नही कुछ लोगो की  श्रद्धा इस कदर की सुबह  से माँ महामाया दाई मंदिर जाने के लिए  बहुत से भक्तगण जमीन लोटते2  मंदिर  जाकर अपनी मनोकामना पूर्ण करते दिखाई देते है।

 

इस संबंध में माँ महामाया समिति ट्रस्ट  के सदस्यों  ने बताया कि  हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी महामाया दाई सेवा समिति द्वारा  नवरात्रि में विशेष पूजा-पाठ किया जा रहा है । साथ ही इस वर्ष भी घी ज्योत एवं तेल ज्योत मनोकामना कलश  प्रज्वलित हो रहे है। साथ ही समापन के दिन  कलश यात्रा के साथ जंवारा विसर्जन किया जाएगा वही मंदिर परिसर में समापन के दिन भव्य भंडारा” का आयोजन रखा गया है।

 

आदर्श युवा फुटबॉल टीम के द्वारा आज सप्तमी दिवस पर  सुबह से मंदिर आने जाने वाले भक्तो  श्रद्धालुओं को चाय एवं प्रसाद का वितरण किया पूरे टीम के द्वारा किया गया साथ ही इस तरह के पुनीत कार्य के लिए आदर्श युवा फुटबॉल क्लब पकरिया  के टीम को  माँ महामाया समिति ट्रस्ट  पकरिया के द्वारा बधाई प्रेषित कर उनके पूरे टीम के उज्ज्वल भविष्य की कामना किया गया।

धर्म की नगरी डोंगरगढ़ में मां बमलेश्वरी के दर्शन करने दूर दूर से पहुच रहे हे पदयात्री

सूर्यकान्त यादव @ BBN24 NEWS-- राजनांदगांव-- शक्ति और भक्ति का पर्व नवरात्रि प्रारंभ हो चुका है जिले के देवी मंदिरों में ज्योति कलश प्रज्वलित के साथ नवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है आज नवरात्रि का सातवा दिन है जिले के प्रमुख मंदिरों में माता के भक्त दर्शन करने पहुंच रहे हैं वहीं धर्म नगरी डोंगरगढ़ में मां बमलेश्वरी के दर्शन करने पदयात्री दूर दूर से पहुंचते हैं। --मां बमलेश्वरी के मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है यहां जिले के अलावा रायपुर भिलाई दुर्ग बिलासपुर जैसे छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों से भक्त अपनी मन्नत पूरी होने या मन्नत मांगने पैदल चल कर पहुंचते हैं..इस चिलचिलाती धूप में भी पदयात्री मंदिर पहुंच रहे हैं और मां बमलेश्वरी का दर्शन लाभ ले रहे हैं इसको लेकर कई जगह सेवाभावी संस्थाओं ने पंडाल और निशुल्क भोजन मलहम पट्टी की व्यवस्था की है जिसे पद यात्रियों को थोड़ी राहत मिल सके जिसे लेकर प्रशासन द्वारा भी विभिन्न चौक चौराहों पर पद यात्रियों के लिए निशुल्क चिकित्सा सुविधा खाने पीने की व्यवस्था और पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं..वहीं चैत और व्वांर नवरात्रि दोनों नवरात्रों में पैदल यात्रियों का जत्था रहता है वह अपनी मन्नतओं को लेकर मां बमलेश्वरी के दरबार में माथा टेकने जाते हैं वही इस बार भीषण गर्मी को देख कर भक्तों की संख्या थोड़ी कम है लेकिन फिर भी भक्त पैदल चल कर मां के दरबार पहुंच रहे हैं।

महामाया मंदिर में प्रज्जवलित किए गए ज्योति कलश

तुस्मा --  चैत्र नवरात्र पर इस वर्ष मां महामाया मंदिर तुस्मा में 54 मनोकामना ज्योति कलश स्थापित किए गए हैं। चैत्र नवरात्र शनिवार से शुरू हो गया हैं l महामाया मंदिर, में भक्तों द्वारा मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं। सुबह शाम मां महामाया की पूजा अर्चना कर प्रसाद वितरण किया जा रहा है l

आज के दिन डॉक्टर इंजीनियर के साथ राम जैसा पुत्र जरूरी-पं. नवल किशोर

शनि सूर्यवंशी

जांजगीर-चाम्पा जिले के अकलतरा के संजय नगर वार्ड क्रमांक -03 के कार्तिक राम थवाईत के घर पर आयोजित श्री मद देवी भागवत का आयोजन किया गया हैं जिसके व्यासपीठ पं श्री नवल किशोर तिवारी चारपारा बलौदा वाले ने बताया कि आज के समय में घर पर बच्चों को अंग्रेजी का ज्ञान बहुत दिया जाता हैं लेकिन अपनी संस्कृति भूल जाते हैं अगर घर पर बच्चों को संस्कार दिया जाये तब वह भी श्री रामचंद्र जी के समान बन सकते हैं अधिकर हम देखते हैं कि हर घर बच्चों को इंजीनियर, डॉक्टर बनाने की सोचते हैं लेकिन बच्चे को संस्कारित नही किया जाता बच्चे भी इंजीनियर, डॉक्टर बनने की होड़ में व्यस्त हो जाते हैं जिससे वे वेद, शास्त्रों से दूर होते चले जा रहे हैं । श्री मद देवी भागवत में नगर के सैकड़ो की संख्या में पहुँचकर भागवत कथा का लाभ ले रहे हैं। अमृतरूपी धारा प्रवाह कथा श्रवण करने की श्रेणी में लव सिंह चंदेल, इमरान खान, बसन्त गुप्ता,विनीत गुप्ता, हरिनारायण महोबिया पहुँचकर व्यासपीठ पं श्री नवल किशोर तिवारी जी से आशीर्वाद लिये। देवी भागवत के आचार्य पं श्री मनोज कृष्ण शास्री जी व पं योगेन्द्र तिवारी जी के द्वारा भागवत कथा के साथ साथ प्रतिदिन पूजन एवं हवन कराया जा रहा हैं। कार्तिक राम थवाईत के द्वारा आग्रह किया कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में भागवत कथा में पहुँचकर कथा श्रवण करने की अपील की गई हैं।

संसार में मां की ममता हे सर्वोपरि - पं.गीताप्रसाद तिवारी

 

हेमंत जयसवाल @ BBN24NEWS.COM

 

 बिर्रा में श्रीमद देवी भागवत का तीसरे दिन महिषासुर वध की कथा

 

 बिर्रा-भगवान की पूजा अर्चना करने से जो फल प्राप्त होता है उससे सौ गुना मातारानी की पूजन-अर्चन से प्राप्त होता है क्योंकि माता की महिमा अपार है।उक्त बातें नवरात्रि पर्व के सुअवसर पर जीवेन्द्र कश्यप परिवार द्वारा आयोजित संगीतमय  श्रीमद देवी भागवत कथा के तृतीय दिवस की कथा में महिषासुर मर्दन की कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए व्यासाचर्य पं.गीताप्रसाद तिवारी ने कहा।उन्होंने कहा कि माता की वंदना करने से धन के साथ संतान व यशकीर्ति प्राप्त होती है।माता की वंदना सब करते है क्योंकि मां की ममता सर्वोपरि है।कथा के बीच बीच में संगीत के माध्यम से जसगीत में श्रोता झुमते रहते हैं।आज कथा श्रवण करने सह आचार्य पं.जितेन्द्र तिवारी, पं.नेमीशरण तिवारी,पं.ब्रजेश दुबे,मुख्य यजमान श्रीमती कौशिल्या-जीवेन्द्र कश्यप, जीवनलाल यादव,घनश्याम कश्यप, हिरेन्द्र कश्यप,भगवान प्रसाद, कांशीराम, अभिराम, रामकृपाल, राजकुमार, लखनलाल तिवारी, फिरतूराम गुप्ता, फेकूलाल,रामकृष्णो कश्यप, नंदकुमार,उमेश कश्यप, एम के तिवारी, कमल कश्यप, सौखीलाल, शोषकप्रसाद,सुरेशचंद कर्ष,कुलदीप, राजू कश्यप,पेमेन्द्र, पंचराम,राधेश्याम कश्यप, मनोजकुमार सहित भारी संख्या में महिला श्रद्धालु उपस्थित होकर देवी भागवत का श्रवण कर रहे है

 

छतीसगढ़ में एक ऐसा मंदिर जहा तालाब के पानी से छिडकाव करने पर शरीर कि बीमारी व खेतो के फसलो मे लगे कीडे होते है दूर.....पढ़े BBN24NEWS की ये विशेष खबर

BBN24NEWS विशेष खबर

 

माँ मावली का मंदिर कब और किसने बनवाया इसका कही कोई प्रमाण नही मिलता जनश्रुति है कि पहले राजस्थान से बंजारा जाति के लोग अपने काफिले के साथ गेरू बेचने आया करते थे जो ग्राम सिंगारपुर मे महिनो अपना पडाव डालकर रहते थे और इस मंदिर तथा तलाब का निर्माण उन्ही के द्वारा कराया गया था प्राचीन काल मे यह क्षेत्र मंडला,गढा, कोटा के गोड राजाओ के अधीन था, और गोड आदिवासी जाति के लोग ही रहा करते थे मराठा शासको के आधिपत्य में इस क्षेत्र के आ जाने के पश्चात रघुजी तृतीय ने सन 1827 मे रायपुर के जगदेव साव को इस इलाके के 11 ग्राम इनाम स्वरूप  प्रदान किये थे। जिसमे सिंगारपुर भी एक था तब भाटापारा का अस्तित्व था ही नही और उस समय सिंगारपुर मे माँ मावली का मंदीर था जिसका उल्लेख प्रथम अंग्रेजी गजेटियर सन 1901 मे मिलता था गजेटियर मे अचंल के प्राचीन मंदिरों मे सिंगारपुर की माँ मावली एवं तरेंगा की महामाया का ही उल्लेख है लोगो का कथन है कि मॅा मावली का मंदिर तीन से चार सौ वर्ष पुराना है आज तरेंगा के महामाया मंदीर और सिगारपुर की माँ मावली की ख्याति दिनो दिन बढती जा रही है।  प्राचीन काल से ही दोनो स्थानो पर गोड जाति के पुजारी ही माँ की पुजा अर्चना किया करते थे और आज भी मावली माँ की पुजा अर्चना उन्ही गोड पुजारियो के वंशज करते आ रहे है।

 

आप को बता दे कि जनश्रुति है कि वीरू नाम का बैगा माॅ मावली की पुजा अर्चना किया करता था उसके साथ माॅ मावली बालिका रूप मे बाजार आदि घुमने जाया करती थी वीरू के पश्चात उसके वंशज गुलाल,गंजन,गोपाल पीढी दर पीढी पुजन करते रहे गोपाल बैंगा की बहन  सुखरी बाई थी जो माॅ मावली को अन्नन्त भक्त थी वह प्रति दिन और  रात्रि मे माॅ का पुजन करती थी कहते है कि सुखरी को माॅ का प्रत्यक्ष दर्शन होता था।सुखरी को देखने वाले आज भी अनेक वृद्व मोजुद है ||

NEWS EDIT BY : YASH LATA 

बिर्रा में गृह प्रवेश निमित्त श्रीमद् देवी भागवत कथा 06 अप्रैल से .

हेमंत जयसवाल @BBN24

 नवरात्रि पर्व पर भागवताचार्य पं.गीताप्रसाद तिवारी के मुखारविंद से 

 बिर्रा-स्थानीय दाऊमुहल्ला निवासी  जिवेन्द्र कश्यप परिवार द्वारा नवरात्रि पर्व में नूतन गृह प्रवेश के शुभ अवसर पर 06 अप्रेल से 13 अप्रेल तक श्रीमद्देवीभागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया है।कथावाचक भागवताचार्य पं.गीताप्रसाद तिवारी(बिर्रा) तथा  सहयोगी आचार्य पं.जितेन्द्र कुमार तिवारी होंगें।कथा का समय सुबह 09 -से -12 व दोपहर 03-से-06 बजे।प्रथम दिवस 06 अप्रेल को नूतन गृह प्रवेश-पूजन-स्थापना तथा श्रीमद्देवीभागवत महात्म्य,07 को ऐं बीज महिमा, सुदर्शन कथा,रामशक्ति कथा,08 को महिषासुर वध,कृष्णावतार,09 को शुंभ निशुम्भ, वृत्तासूर वध,सुकन्या वृतांत,10 अप्रेल को देवी पुण्य क्षेत्र,हरिश्चंद्र कथा,11को शिव विवाह, मूल प्रकृति वर्णन,12 को तुलसी महिमा,सावित्री वृतान्त, सदाचार, चढोत्री,13 को गायत्री सहस्त्रनाम, यज्ञ-हवन,कन्याभोज आदि से संपन्न होगा।आयोजन को लेकर श्रीमती कौशिल्या देवी-जिवेन्द्र कश्यप, घनश्याम प्रसाद कश्यप, रामकृष्णो कश्यप, भगवान प्रसाद, यादराम, फेंकूलाल, कांशीराम कश्यप, हिरेन्द्र कुमार,उमेशकुमार,देवचंद, चंदराम,नंदकुमार, कुलदीप,अमित एवं समस्त कश्यप परिवार दाऊमुहल्ला जुटे हुए है।