छत्तीसगढ़

ग्राम पंचायत खाडा में मनरेगा कार्य में लगे 180 लोगो का नहीं हुवा भुगतान

सूरज सिंह मस्तुरी

सीपत से महज 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत खाड़ा में मनरेगा के कार्य में भारी अनियमितता सामने आ रही है जिसमें रोजगार सहायक की मुख्य भूमिका दिखाई दे रही है वहीं इस पूरे मामले में ग्राम पंचायत खाड़ा के सरपंच का कहना है कि अभी तक मनरेगा के कार्य में हुए कार्य में लगभग 180 लोगों का पेमेंट नहीं आया है इस बारे में रोजगार सहायक से जब पूछा गया रोजगार सहायक ने साफ बोल दिया कि किसी का पेमेंट हुआ ही नहीं है जबकि कोरोनावायरस महामारी के कारण आज पूरा विश्व जूझ रहा है ऐसे में ग्रामीण इलाकों में मनरेगा का कार्य ही गांव में रहने वाले लोगों को रोजगार दे रही है और उनके जीवन यापन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और हर हफ्ते जनपद से इनका पेमेंट इन के खाते में डाल दिया जा रहा है ऐसे में रोजगार सहायक के प्रतिनिधि धनेश्वर बिंझवार का कहना है कि किसी का पेमेंट डला ही नहीं है जबकि गांव वालों का आरोप है कि रोजगार सहायक के पति धनेश्वर बिंझवार मनरेगा के कार्य में बहुत घपला कर रहे हैं लॉक डाउन की वजह से सभी लोगो को आर्थिक संकट मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में रोजगार सहायक का पति धनेश्वर बिझवार एक लाख से अधिक कीमत वाली बाइक खरीद कर लाया है सब का आरोप है कि यह पैसा कहां से आया और कैसे आया वहीं इस पूरे मामले में ग्राम पंचायत सरपंच भी रूठे हुए हैं उनका कहना है कि रोजगार सहायक की वजह से ग्रामीणों में बहुत आक्रोश है उन्होंने रोजगार सहायक के नाम पर एक शिकायत पत्र जनपद कार्यालय मस्तूरी में देने का प्रोग्राम ही बनाया था पर इंजीनियर ने बोला कि मुझे दे दीजिए मैं पीओ मैडम को दे दूंगा और शिकायत पत्र को संबंधित इंजीनियर सरपंच के हाथों से ले गया और इसका आज तक पता नहीं चला कि वह पी ओ मैडम के पास पहुंचा भी कि नहीं देखना यह होगा कि 180 लोगों का जो पेमेंट रुका हुआ है वह मिल पाता है कि नहीं या गरीबों की मेहनत की कमाई रोजगार सहायक की जेब में जाती है ग्रामवासियो का आरोप है कि जो लोग काम करने भी नही जाते उनके खाते में भी पेमेंट डाला जा रहा हैं और ऐसा नही है कि ये पहली बार हो रहा हैं इससे पहले साल यानी 2019 का भी पेमेंट अभी तक गांव के बहुत सारे लोगो को नही मिला है जो इस महामारी के समय मे सोचने वाली बात है

छत्तीसगढ़ स्वाभिमान संस्थान की प्रदेश स्तरीय बैठक आगामी दिनांक 15 जून, को.....

छत्तीसगढ़ स्वाभिमान संस्थान की प्रदेश स्तरीय बैठक आगामी दिनांक 15 जून, दिन सोमवार को संस्थान के प्रशासकीय कार्यालय में आयोजित की जा रही है। बैठक का समय दोपहर 3 बजे निर्धारित किया गया है। बैठक में निम्नांकित बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी-

1. संस्थान के संरक्षक दिवंगत प्रथम पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को श्रद्धांजलि देने के लिए साझा सुरता के आयोजन की तैयारी।

2. कोविद संकट व लॉकडाउन समाप्ति पश्चात शासन के सहयोग हेतु कार्य योजना तथा कोरोना संकट में कार्य करने वाले संगठनों तथा व्यक्तियों का सम्मान कार्यक्रम निर्धारण।

3. प्रदेश में छत्तीसगढ़ी खान-पान के संस्कारों के संवर्धन हेतु योजना के संबंध में चर्चा।

4. संस्थान के जिला व ब्लॉक स्तर पर विस्तार तथा संयोजक नियुक्ति आदि। बैठक की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष डॉ. उदयभान सिंह करेंगे। बैठक में जीमेल पर ऑन लाइन उपस्थिति रहेगी।

संस्थान की सदस्यता व संस्थान में अपने पंजीयन हेतु संस्थान के जीमेल पर अपना नाम व जीमेल आईडी प्रस्ताव प्रेषित करें। संस्थान का ईमेल आईडी है- swabhimancg@gmail.com

विशेषः समस्त साथियों से निवेदन है कि वे अपने क्षेत्र की ऐसी स्थानीय समस्याएं जिन पर शासन का ध्यानाकर्षण करना चाहते हों उससे संबंधित दस्तावेज व आवेदन पत्र साथ में ला सकते हैं अथवा संस्थान के मेल आडी पर प्रेषित कर सकते हैं।उपरोक्त जानकारी आदेश ठाकुर, प्रवक्ता, छत्तीसगढ़ स्वाभिमान संस्थान, रायपुर ने दी है

मायुमं महिला शाखा ने कराया आन लाइन स्वर योगा क्लास

भाटापारा :- शरीर स्वस्थ तो मन सुख,मन सुख तो सब सुख,,यही सोच के साथ मारवाड़ी युवा मंच जाग्रति शाखा के द्वारा रविवार को मुम्बई की चिकित्सक डॉ रश्मि बोथरा के मार्ग दर्शन और उनकी कुशाग्रता से ऑन लाइन स्वर योगा क्लास का आयोजन किया गया जिसमे काफी संख्या में महिलाओ ने उनके विचारो को सुन सवालो का आदान प्रदान किया। मारवाड़ी युवा मंच जाग्रति शाखा के बैनर तले एव छत्तीसगढ़ नारी चेतना की संयोजिका शिवानी शर्मा के नेतृत्व में रविवार को योग की ऑन लाइन क्लास हुई। लगभग 1 घण्टे से ज्यादा चली योगा स्वर योग क्लास में मुम्बई की डॉक्टर रश्मि बोथरा ने ऑन लाइन क्लास में शामिल हुई लगभग 60 महिलाओ को योग की बारीकियो के बारे में बताते हुए कहा की योग आज की आवश्यकता बन पड़ी है।अपने शरीर को निरोगी वनाने की हम सब को समय निकाल कर नियमित रूप से योग करते रहना चाहिए। वही उन्होंने योग करते रहने तथा उसके फायदे को लेकर अपना सम्बोधन दिया एव ऑन लाइन क्लास में शामिल हुई महिलाओ बच्चों को जीवनदायिनी नाड़ी के बारे में विस्तार से उपयोगी जानकारी दी। इस स्वर योगा क्लास में ऑन लाइन शामिल हुई महिलाओ के चेहरे में आत्मिक सुख देखने को मिला।इस ऑन लाइन क्लास में भाटापारा छत्तीसगढ़ की महिलाओं के आलावा अन्य शहरो और अन्य राज्यो की महिलाओ ने बढचढ कर हिस्सा लिया। इस प्रतिनिधि से अपनी ख़ुशी जाहिर करते हुए क्लास समाप्त होने के पश्चात् महिलाओ ने इसे जीवन के लिए उपयोगी बताया।

रिसाली निगम ने झोंकी ताकत, कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद तेजी से हो रहा एरिया सेनिटाइज का काम।

भिलाई, (प्रवीण मिर्जे), 2-6-2020

नगर निगम रिसाली के तहत मरोदा क्षेत्र में बीती रात मिले कोरोना पॉजिटिव केस के बाद यहां युद्ध स्तर पर सेनेटाइजेशन का काम हो रहा है। निगम कमिश्रर प्रकाश सर्वे के निर्देश पर प्रभावित क्षेत्र को चारो ओर से सील कर दिया गया है। आज सुबह से क्षेत्र में सेनेटाइजेश का काम किया जा रहा है। आयुक्त सर्वे ने अधिकारियों को सभी प्रकार की सावधानियां बरतने को कहा है। बता दें कि बीती रात मरोदा क्षेत्र में एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया। इसके बाद व्यक्ति को एम्स रायपुर में भर्ती कराया गया।

मरोदा में जो व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। दरअसल वह भिलाई शहर का निवासी नहीं है। वह बिहार के जिला बलिया से कैंसर का इलाज कराने के लिए एम्स रायपुर पहुंचा था। जिसका कैंसर का इलाज रायपुर एम्स हॉस्पिटल में जारी था। इस दौरान वह रविवार को मरोदा स्थित अपने बेटी के ससुराल अपनी बेटी व समधि से मिलने पहुंचा था। इस दौरान उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई।  संपर्क में आए 9 रिस्तेदारों को किया गया क्वारंटीन

नगर निगम रिसाली व स्वास्थ्य विभाग टीम ने पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में उसकी बेटी व समधि सहित 9 लोग रिस्तेदार। सभी रिश्तेदारों की जांच की गई और सभी  के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। फिलहाल ऐहियातन सभी को होम क्वारंटीन कर दिया गया है। आयुक्त प्रकाश सर्वे ने बताया कि निगम क्षेत्र में पूरी तरह से सतर्कता बरती जा रही है और प्रभावित क्षेत्र के आसपास सेनेटाइजेशन का कार्य किया जा रहा है।

सालों पहले जहाँ वन विभाग ने लगाए थे पौधा , अब ग्रामीण कर रहे कब्जा । गांव के वकील ने की है आयुक्त से कब्जा हटाने शिकायत

पंकज दुबे : मुलमुला : (जांजगीर चापा)

पामगढ़ ब्लाक के ग्राम पंचायत डिघोरा के शाकीय जमीन पर स्थानीय लोग बेजा कब्जा कर भवन निर्माण कर रहे है। पंचायत के 90 प्रतिशत शासकीय जमीन पर लोगो द्वारा कब्जा कर लिया गया है कुछ साल पहले इस जमीन पर वन विभाग द्वारा इस क्षेत्र में हरियाली लाने प्लान्टेशन किया गया था जो देख रेख के अभाव में बढ़ न सके और धीरे धीरे कर नष्ट होने लगे जिसका पंचायत स्तर के लोग फायदा उठा कर कब्जा कर मकान बना रहे है डिघोरा निवासी एडवोकेट जयपाल सिंह चंदेल ने बिलासपुर आयुक्त , जिलादिश , अनुविभागीय अधिकारी, पामगढ़ तहसीलदार से कब्जा रोकने लिखित शिकायत की है शिकायत पर मुख्य रूप से धनेश साहू , सुरेश साहू, एवं रामचरण नाम अंकित किया लेकिन महीनो बीत जाने के बाद भी किसी जेमेदार अधिकारी ने इस विषय मे संज्ञान लेना उचित नही समझा है। साथ ही जयपाल सिंह ने अपने पत्र पर बेजा कब्जा किए गए जमीन पर सरपंच द्वारा सरकारी योजना से हेंड पम्प लगवाने की बात कही है। वर्शन :- तुलाराम बंजारे सरपंच डिघोरा

गांव में सभी बेजा कब्जा कर रहे है हटाना है तो सभी को हटाय एक कात लोगो को क्यो हटाना ,वन विभाग के जमीन पर बहुत आदमी है अभी हम चुनाव जीत के तैयार हुए है और कोरोना आगया इसलिए शिकायत नही हुआ है रही बात सरकारी जमीन पर बोर खनन करने की तो वो हमारे कार्यकाल का नही है पुराने सरपंच ने विधायक मत से कराया था ।

वर्शन :- मनीराम कश्यप पटवारी डिघोरा

शुक्रवार को मौके में गया था जाँच करने, गांव वाले बताने को तैयार नही है कौन कौन कब्जा किये है जमीन पर । जांच केलिय उपर से कागज आया था अब जांचप्रतिवेदन बना कर उपर देंगे ।

अकलतरा : शहर में स्ट्रीट लाइट नहीं जलने से लोग परेशान

A News Edit By : Yash Kumar Lata

अकलतरा शहर के कई इलाकों में स्ट्रीट लाइट नहीं जलने से लोग परेशान है , इसके चलते सम्बंधित इलाके अँधेरे में डूबे रहते है ,वही इस और सम्बंधित विभाग का कोई ध्यान नहीं है आने वाले समय में बारिश का मौसम शुरू होने वाला है जिससे लोगो को आवागमन में काफी परेशानी का समाना करना पड़ेगा वही इसके चलते असमाजिक तत्व भी सक्रिय हो गए है ,  आपको बता दे कि अकलतरा के जैन मंदिर के पास स्ट्रीट लाइट नहीं जलने से जनता  को परेशानी का समाना करना पड़ रहा है वही अकलतरा के कई इलाकों में स्ट्रीट लाइट नहीं जलने से लोग परेशान है 


गंगा दशहरा के पावन अवसर पर भूमि पूजन का कार्यक्रम संपन्न

पुराने प्राचीन कालीन बाड़ा का होगा जीर्णोद्धार

ग्राम वासियों सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि हुवे उपस्थित

शिवरीनारायण मठ मंदिर के ग्राम पकरिया में स्थित प्राचीन कालीन बाड़ा के नव निर्माण हेतु भूमि पूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ इस कार्यक्रम में शिवरीनारायण मठ पीठाधीश्वर राजेश्री डॉक्टर महन्त रामसुन्दर दास महाराज तथा मठ मंदिर ट्रस्ट के सदस्य गण एवं आसपास के जनप्रतिनिधि सम्मिलित हुए प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री शिवरीनारायण मंदिर के ग्राम पकरिया में स्थित प्राचीन बाड़ा के नव निर्माण हेतु भूमि पूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ, राजेश्री महन्त महाराज ने सबसे पहले बाड़ा के आंगन में विराजित भगवान हनुमान जी की पूजा अर्चना की तत्पश्चात पंडाल के नीचे कलश की स्थापना की गई, आरती सजाकर विधिवत पूजार्चना मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ, भगवान की स्तुति गान के पश्चात बाड़ा निर्माण के लिए नींव खनन का कार्यक्रम संपन्न हुआ, प्रसाद वितरण किया गया। इस संदर्भ में अपना विचार प्रस्तुत करते हुए राजेश्री महन्त जी महाराज ने कहा कि यह बाड़ा हमारे मठ मंदिर के पूर्वजों के द्वारा निर्मित किया गया था जिसका उपयोग ग्रामवासी अपने सुख-दुख के कार्य के संपादन में किया करते थे, वर्तमान परिस्थिति में इसके आधुनिकीकरण किए जाने की आवश्यकता है जिसे ध्यान में रखकर इसके जीर्णोद्धार का कार्यक्रम आज दिनांक 1 जून सन 2020 जेष्ठ शुक्ला दसमी,तद्नुसार गंगा दशहरा के पावन पर्व के अवसर पर संपन्न हुआ है,भगवान शिवरीनारायण से प्रार्थना करता हूं कि यह बड़ा अतिशीघ्र निर्मित होकर इसका जनता जनार्दन के हित में लोकार्पण होगा। गांव की जनसंख्या के बढ़ने के साथ-साथ लोगों के सुख-दुख के कार्यक्रम के संपादन के लिए यहां की आवश्यकता भी बढ़ी है इसे ध्यान में रखकर मठ मंदिर प्रशासन के द्वारा यह बाड़ा निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है, लोगों ने उपस्थित होकर प्रसन्नता व्यक्त किया है इसके लिए वे सभी धन्यवाद के पात्र हैं। इस अवसर पर मठ मंदिर ट्रस्ट के सदस्य श्री बृजेश केसरवानी, ट्रस्ट के सदस्य एवं जिला पंचायत के उपाध्यक्ष ठाकुर राघवेंद्र प्रताप सिंह, मठ मंदिर के मुख्तियार सुखराम दास महराज नगर पंचायत शिवरीनारायण के पूर्व अध्यक्ष निरंजन लाल अग्रवाल, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पामगढ़ के अध्यक्ष हर प्रसाद साहू तथा विद्याधर शर्मा ,शांति लाल पांडे, लक्ष्मीनारायण पांडे, ग्राम के सरपंच परमात्मा साहू, धर्मात्मा साहू, परमेश्वर सायतोण्डे,रामानुज निर्मलकर, किशन लाल वर्मा, पन्ना लाल देवांगन, पुरेंद्र सोनी, गणपत साहू, बसंत थवाईत, प्रकाश देवांगन, ईश्वर लाल साहू, संतोष साहू ,गोरेलाल साहू सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित थे पूजा-अर्चना का कार्यक्रम श्री रामतीरथ दास जी ने मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया।

कांट्रेक्टर ओर पेटी कॉन्ट्रैक्टर के सांठगांठ से सड़कों पर हो रहा भ्रष्टाचार- कमलेश झाड़ी

Danteshwar kumar ( chintu)

बीजापुर : इस समय जिले में PMGSY ग्रामों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए शासन प्रशासन लगातर बीजापुर जैसे पिछड़े क्षेत्र को विकास करने के लिए सडको का निर्माण करा रही है लेकिन जिन सडको का निर्माण PMGSY कर रही है उन सडको का न तो ठेकेदार का पता है और न ही सडको में गुणवत्ता दिखाई दे रही है पूरे कार्य पेटी कांट्रेक्टरो से कराया जा रहा है। जिन सडको का निर्माण हो रहा है इन सड़कों को जमीन पर मिट्टी को पाट कर बनाया जा रहा है और उस सड़क को PMGSY सड़क का नाम दिया जा रहा है।

PMGSY द्वारा क्षेत्र के गरीब आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं का बंदरबाट कर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है। पिछले कई समय से PMGSY की सडको को लेकर भ्रस्टाचार के मामले चर्चे में रहे है जिसका आज पर्यन्त तक कोई जांच व कार्यवाही न होना भ्रष्टाचार की ओर खुले तौर पर इंगित करता है। इन सारे मामलों को लेकर सीपीआई जिला इकाई बीजापुर शासन प्रशासन से मांग करती है कि PMGSY द्वारा निर्मित सडको की जांच कर कार्यवाही करें।

गोठान की जमीन पर किया गया कब्जा गांव वालों ने की शिकायत

सूरज सिंह मस्तुरी

ग्राम पंचायत गोड़ाडीह में शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा गरवा घुरवा बारी योजना के अंतर्गत गाँव मे गोठान निर्माण होना है जिसके लिए गांव में जमीन की जरूरत पड़ेगी पर गांव में ही कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा गोठान के लिए चिन्हित किए गए जमीन को कब्जा कर लिया गया है ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों के द्वारा कई बार बोलने व समझाइस के बाद भी असामाजिक तत्वों के द्वारा कब्जा नहीं हटाया जा रहा है जिसके कारण गोठान निर्माण का कार्य रुका पड़ा है इस संबंध में आज समस्त ग्राम वासियों ने एसडीएम कार्यालय मस्तूरी में लिखित में शिकायत किया है कि कुछ लोगों के द्वारा सरकारी जमीन पर जिस पर गोठान का निर्माण होना था कब्जा कर लिया गया है और बार-बार समझाइश के बाद भी अभी तक उस जमीन को छोड़ा नहीं गया है जिसके कारण गोठान निर्माण का कार्य रुका हुआ है यह शिकायत एसडीम कार्यालय मस्तूरी के अलावा पचपेड़ी थाना में भी किया गया है जिससे जल्द से जल्द गोठान निर्माण का कार्य फिर से शुरू किया जा सके यह योजना छत्तीसगढ़ सरकार की पहचान बन गई है जिससे लोगो को रोजगार भी प्राप्त होता है गांव के जानवरों को भी इसका फायदा मिल जाता है

सप्रे-दानी स्कूल खेल परिसर से निगम प्रशासन की छेड़छाड़ अनुचित – डॉ. उदयभान सिंह चौहान

ऐतिहासिक मैदान व धरोहरों की सुरक्षा सर्वोपरि

रायपुर। निगम प्रशासन द्वारा बूढ़ातालाब सौंदर्यीकरण के नाम पर सप्रे स्कूल व दानी कन्या पाठशाला में किया जा रहा अतिक्रमण किसी भी स्थिति में नगरवासी बर्दाश्त नहीं करेंगे। निगम द्वारा कोरोना संकट के दौरान बूढ़ातालाब की सफाई के नाम पर कार्य आरंभ किया गया। फिर धीरे धीरे नगर के ऐतिहासिक महत्व के केंद्र सप्रे स्कूल व दानी स्कूल के मैदान में सौंदर्यीकरण के नाम पर रात्रि में पुलिस के संगीन के साये में कार्य कर रही है। निगम के इस कार्य में पारदर्शिता का अभाव भी है। ऐसे में महापौर और निगम प्रशासन की यह मनमानी नहीं चलेगी। उक्त बातें छत्तीसगढ़ स्वाभिमान संस्थान के अध्यक्ष डॉ. उदयभान सिंह चौहान ने आज सप्रे शाला मैदान में स्वस्फूर्त एकत्र हुए लोगों के बीच कही। 
डॉ. चौहान ने एमआईसी सदस्य सुरेश चन्नावार से भेंट कर इस संबंध में चर्चा की। चन्नावार ने कहा कि वे तालाब की  सफाई का काम देख रहे हैं। इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। जानकारी लेने के बाद ही वे इस मामले में कुछ कह सकेंगे।
गौरतलब है कि पूर्व में इस बात से इंकार किया गया था कि बूढ़ातालाब में चौपाटी जैसी कोई योजना नहीं है। बाद में पुलिस के साये में रात में काम करवाया जाना समझ से बाहर है। ऐसे में बूढ़ातालाब की सफाई का शानदार काम निगम द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण के कारण संदिग्ध बनता जा रहा है। संस्थान के प्रवक्ता आदेश ठाकुर ने कहा पहले ही सप्रे शाला मैदान को छोटा किया जा चुका था और अब फिर से उसे कम करना शहर में बच्चों के खेल मैदानों को खत्म किया जा रहा है। ऐसे में स्कूली बच्चों के लिए खेल के मैदान समाप्त हो जाएंगे। राज्य शासन को इस मामले में हस्तक्षेप कर जनभावनाओं का सम्मान करे और तत्काल निगम के अतिक्रमण को बंद करवाए।
आदेश ठाकुर, प्रवक्ता, छत्तीसगढ़ स्वाभिमान संस्थान, रायपुर

बिलासपुर के तोरवा क्षेत्र के एक मकान के बाहर नवजात को खुले में छोड़ कर चले जाने का मामला आया सामने

बिलासपुर के तोरवा क्षेत्र के एक मकान के बाहर नवजात को खुले में छोड़ कर चले जाने की घटना सामने आई जिसके बाद से वहाँ के लोगो मे गुस्सा व्याप्त है। सुबह करीबन 9 बजे पार्षद मोतीलाल ने थाना को सूचना दी कि धान मंडी के पास देवरीडीह में घर के पास एक नवजात शिशु लावारिस हालत में मिला है जिसे वहाँ के रहने वाले द्वारा अपने पास सुरक्षित रखा गया है सूचना पर तत्काल तोरवा पुलिस मौके पर पहुचकर नवजात शिशु को अपने पास सुरक्षित लेकर आस पास पूछताछ किये कोई जानकारी नही मिली ,जिसकी सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गयी जिस पर वरिष्ठ अधिकारीयों द्वारा निर्देशित करने पर नवजात शिशु को स्वास्थ्य परीक्षण कराकर पालना गृह ( मातृछाया शिशु गृह) कुदुदंड में सुरक्षार्थ रखा गया है।नवजात शिशु के परिजनों का पता तलाश कर मिलने पर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।।

श्री अजीत जोगी अमर हैं, महात्मा जोगी अमर रहेंगे - हुलेश्वर जोशी

 

अजीत जोगी कौन हैं?
एक गरीब छत्तीसगढ़िया किसान के बेटा हैं, असुविधाओं में जीने और पढ़ने वाले मेरिटधारी स्टूडेंट के रूप में भी जान सकते हैं। आप उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में जान सकते हैं, आप उन्हें आईपीएस, आईएएस, इंजीनियर और उकील के नाम से से जान सकते हैं। आप उन्हें प्रशासनिक अधिकारी के बजाय राजनैतिक व्यक्ति के रूप में जान सकते हैं उन्हें सांसद, विधायक, विपक्ष के दमदार नेता और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता के रूप में भी जान सकते हैं। फिर भी ख्याल रखना महात्मा जोगी वास्तव में क्या और कितना थे उसे कोई नहीं जान सकेगा। सबकी अपनी दृष्टिकोण है आप उन्हें ज्यादा जानें का फिर कम; आप उनके प्रसंशक हों या निंदक कोई बात नहीं उनके दिशा में उनके बनाये और चले रास्ते में चलकर देखिए वह "गुरु" से  कम नही होंगे। 

महात्मा जोगी कितना गलत हैं?
मनुष्य अत्यंत बुद्धिमान प्राणी है, हर मनुष्य के अपने अलग अलग दृष्टिकोण है, हर व्यक्ति के पास अपनी अपनी तराजू है, हर व्यक्ति के आंखों में अपने अलग अलग रंग के चश्मे लगे हैं, हर आदमी समीक्षा और उचित अनुचित का बोध भी रखता है। इसके बावजूद कुछ चंद लोग मेरे (लेखक) जैसे भी हैं जिन्हें कल्याणकारी होने से मतलब नहीं, मैं अत्यंत स्वार्थी व्यक्ति हूँ अपने हिसाब से दुनिया को स्थापित करके देखना चाहता हूं। बचपन में हमारा गर्मियों का दिन जेठू गौटिया के आम के बगीचे ही गुजरता था, बहुत छोटे से लेकर युवा होने तक आम के फल लगे आम के बगीचा हमें अत्यंत आकर्षित करते। एक दिन मेरा एक साथी बोलने लगा "ईश्वर अत्यंत नासमझ है।" मैंने पूछा क्यों? क्या हुआ? तुम ईश्वर के ऊपर प्रश्न खड़ा कर रहे हो? उन्होंने कहा आम हम सबको पसन्द है फिर उन्होंने आम को कद्दू जैसे बड़े आकार के और डूमर जैसे जड़ से लेकर डाली के अंतिम छोर तक फलने वाले नहीं बना पाया। इसका मतलब आप सोचिए ईश्वर कितने अदूरदर्शी थे, ये बात मेरे दूसरे साथी भी मानने लगे थे, मैं भी मानने को मजबूर था क्योंकि मुझमें भी अविकसित बुद्धि जो थी। एक दिन रात में मेरे दादा जी हम भाई बहनों को कहानी सुना रहे थे तब मैंने उनसे पूछा क्या ईश्वर अत्यंत नासमझ थे? तब दादा जी सुनकर हँसने लगे, फिर चुप होकर समझाने लगे बोले हम ईश्वर को मानते हैं या नहीं यह बात महत्वपूर्ण नहीं आप आम को ईश्वर द्वारा निर्मित मानें या फिर क्यों न प्रकृति की देन मगर आम का पेड़ अत्यंत संतुलित आकार के होते हैं और उसके फल भी। आगे उन्होंने एक बड़ी कहानी भी सुनाया जिसमें बुद्धिलाल ईश्वर का गलती खोजने निकला रहता है तभी थककर रास्ते में ही लगे आम के पेड़ के नीचे बैठकर ईश्वर से कहता है देखो तुम कितने नासमझ हो आम के पेड़ को इतना विशालकाय बना दिया मगर फल को इतना छोटा और मनुष्य के सामान्य पहुच से दूर रखें हो। बुद्धिलाल बड़बड़ाते हुए ईश्वर को कोशते हुए वहीं आराम करने लगता है अचानक आंख खुलती है तो लाठी भांजने लगते हैं क्योंकि किसी ने उसके शिर को मार दिया था, आजु बाजू और पेड़ के पीछे देखा तो समझ मे आया कोई नही है। सोचा पक्का भगवान आकर उन्हें मार गए होंगे, भगवान उनसे जलने जलने लगे हैं, आसमान की ओर चिल्लाकर बोलते हैं तुम धन्य हो भगवान आज तुम्हारी दुश्मनी भी देख लिया तुम कितने कमजोर हो जो छिपकर मुझपर वार कर रहे हो, आओ हिम्मत है तो मेरे सामने आकर कुश्ती कर लें। इतना बोलते ही एक पके आम उनके सामने ही गिर गया, फिर दूसरा तीसरा..... सैकड़ों आम गिरने लगे क्योंकि जोर की आंधी चलने लगी थी। उन्होंने समझा अब तो पक्का भगवान उनके दुश्मन बन गए हैं सो उन्होंने लाठी भांजते हुए दौड़ते दौड़ते कोसों दूर अपने घर पहुच गए, पत्नी पूछती है भगवान के कितने गलती निकाले? वह बुद्धिलाल बोलने लगे गलती तो करोड़ निकाल दूँ मगर अब वे मेरे दुश्मन बन गए हैं जैसे तैसे जान बचाकर आया हूँ कहकर पूरी वृत्तांत अपनी पत्नी को बताया। पत्नी पेट पकड़ पकड़ कर हँसने लगी, बुद्धिलाल को क्रोध आने लगा अंततः पत्नी थोड़ी देर उनके मूर्खता से वापस लौटकर उन्हें समझाई तो समझ में आया कि ईश्वर सही हैं बुद्धिलाल ही, व्यर्थ के मानसिकता में पड़े थे। यदि आप भी बुद्धिलाल के जैसे इंसान हैं तो आप महात्मा जोगी के लाखों गलती, असफलता और कमजोरी निकालने का प्रयास कर सकते हैं।

महात्मा जोगी के बारे में, चंद बातें
# श्री अजीत प्रमोद कुमार जोगी केवल चंद नाम के मोहताज नहीं, कुछ उपलधियों तक सीमित नहीं वे छत्तीसगढ़ राज्य के हर कण में विद्यमान रहेंगे; क्योंकि श्री अजीत जोगी भारतमाँ के रतन बेटा है, छत्तीसगढ़ महतारी के दुलरुआ हीरा बेटा है। 
# श्री जोगी; श्री अजीत जोगी को केवल अजीत प्रमोद कुमार जोगी ही नहीं बल्कि महात्मा जोगी के नाम से भी जाना जाएगा, हां वही अजीत जोगी जो जाति, धर्म और राजनीतिक से भी दूर काबिलियत और संघर्ष का रोल मॉडल हैं। महात्मा जोगी कभी हारने वाले नहीं सदैव जीतने वाले रहे हैं।
# महात्मा जोगी जो गरीब और शोषित छत्तीसगढ़िया के लिए भगवान से कम नही थे।
# महात्मा जोगी हमें कई वर्ष नही, कई दशक नहीं बल्कि सैकड़ों शताब्दी तक आपको संघर्ष करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
# महात्मा जोगी जो कई शताब्दियों तक जिंदा रहेंगे।
# महात्मा जोगी जिंदगी की जंग हारे नहीं बल्कि जीत चुके हैं।
# जो उनके विरोधी हैं जो उन्हें अपने किसी स्वार्थगत कारणों से बदनाम करने की कोशिश करते रहे उनसे भी निवेदन हैं अब आपके स्वार्थ के बीच कोई अटकाव नही है; मगर ख्याल रखना महात्मा जोगी आपके अंदर भी जिंदा हैं, आपके जीवित रहते वे आपके दिलोदिमाग से अलग नही होंगे। क्योंकि महात्मा जोगी जिंदा हैं।

छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजित प्रमोद कुमार जोगी के निधन पर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने जताया गहरा शोक साझा की अजित जोगी के साथ राजनीतिक सफर की बात

छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी जी के निधन पर मंत्री अमरजीत भगत ने उन्हें श्रद्धांजलि नदी है, श्री भगत ने कहा की मैंने अपने राजनीति की शुरुआत अजीत जोगी जी के साथ की थी, जब वो अविभाजित मध्यप्रदेश के समय भारतीय प्रशासनिक सेवा की नौकरी छोड़कर राजनीति में प्रवेष किये थे, और स्व. अर्जुन सिंह जी ने उनको तेंदू पत्ता नीति बनाने की जिम्मेदारी दी थी, पूरे प्रदेश में घूमकर तेंदूपत्ता के सहकारी करण का मसौदा था, ये जोगी जी की देन थी जिसका आज वानांचल में लोगों को लाभ मिल रहा है, जिसके लिए लोग सदा उनको याद करेंगे, श्री भगत ने बताया की जब मध्यप्रदेश में सुंदरलाल पटवा मुख्यमंत्री थे तो कांग्रेस की सत्ता में वापसी के लिये उन्होने पूरे प्रदेश का दौरा किया, इस दौरान मेरा जुड़ाव उनसे सरगुज़ा के लखनपुर में हुआ, श्री कैलाश अग्रवाल जी के मकान में हमसे उनका जुड़ाव हुआ और हम उनसे इतना प्रभावित हुए की सरगुज़ा से बिलासपुर तक हम उनके साथ पैदल चल दिये और इस दौरान उनसे बहोत प्रभावित होने का अवसर मिला वो अक्सर कहा करते थे की गरीब को ना सताइये, जाकी मोटी हाय, ..... और व्यवहारिक रूप से उनसे प्रभावित हुआ, वो प्रशासनिक अधिकारी के साथ साथ कुशल राजनेता भी थे, हर विषम परिस्थिति को कैसे माहौल को अपने पक्ष में करना है ये उनको आता था, कई बार राजनैतिक उतार चढ़ाव के साथ उनकी निजी जिंदगी में भी कई उतार चढ़ाव आये, वो महासमुंद लोकसभा का चुनाव लड़ रहे थे तब दुर्घटना में वो घायल हुए थे ऐसे कई समय उनके जीवन मे आये की उन्होंने मौत को चुनौती दी, हमने आज एक ऐसा राजनेता खोया है जिन्होंने छत्तीसगढ़ में सत्ता की नींव रखी थी, साथ ही विकास का स्वरूप दिखाया था आज वो हमारे बीच नही है, हम उनको हृदय से श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं, और ऐसी दुख की घड़ी में परिजनों को ईश्वर संबल दे और ईश्वर से प्रार्थना है की मृत आत्मा को अपने चरणों मे स्थान दें।

अजय कुमार पटेल होंगे मस्तुरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी

सूरज सिंह :  मस्तुरी (cg)

मस्तुरी राज्य में लगातार बड़े-बड़े अफसरों के फेरबदल होने के साथ-साथ जनपद पंचायत मस्तुरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के प्रभार देख रहे डिप्टी कलेक्टर अजीत पुजारी को मस्तूरी जनपद के  मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद से मुक्त कर दिया गया है और उन्हें पुनः कलेक्ट्रेट ऑफिस बिलासपुर में यथावत पदस्थ कर दिया गया है और मस्तूरी जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर अजय कुमार पटेल को नियुक्त किया गया है।आपको यह बताते चले कि अजय पटेल पहले भी जनपद पंचायत मस्तुरी में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर रह चुके है पर उस समय मे डी आर जोगी जी के आने के बाद उनको बिलासपुर में कार्यभार सौप दिया गया था पर जोगी के जाने के बाद पूजारी को मुख्य कार्यपालन अधिकारी मस्तुरी बनाया गया था और अब फिर से अजय पटेल को कार्यभार दिया गया हैं अजय पटेल एक साफ छवि के अधिकारी रहे है जिनके कार्यकाल में किसी प्रकार का घोटाला या गडबडी नही हुआ है और अपनी कार्यों को जिम्मेदारी से निभाते है शायद इसलिए उनको फिर से मस्तुरी भेजा गया है

बिलासपुर में जमाखोरी और कालाबाजारी

बिलासपुर संभाग में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ा है और इसी के साथ जमाखोरी, मुनाफाखोरी और कालाबाजारी, एक्साइज ड्यूटी से लेकर विभिन्न तरह के टैक्स की चोरी भी बढ़ने लगी है। दरअसल लगातार कोरोना संक्रमण बढ़ने से लोगों में भय का माहौल है। लिहाजा लोग ज्यादा से ज्यादा राशन, दैनिक उपयोग के समान और दूसरी चीजों की खरीदारी कर रहे हैं। वहीं लॉक डाउन के दौरान नियमों का कड़ाई से पालन कराने के नाम पर भी लोगों को ही परेशानी झेलनी पड़ रही है। गौरतलब है कि कमीशनखोरी, जमाखोरी और कालाबाजारी यह सब कुछ पुलिस और प्रशासन के नाक के नीचे हो रहा है।। बिलासपुर के व्यापार विहार थोक मार्केट में पुलिस विभाग के बड़े अफसरों से लेकर बिलासपुर रेंज के आईजी तक ने व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं।। पूर्व में बिलासपुर रेंज के आईजी दीपांशु काबरा खुद मौके पर पहुंच व्यपार विहार का निरीक्षण भी किये थे।। साथ ही अधीनस्थ अधिकारियों और संबंधित विभागों को कार्यवाही के लिए निर्देशित भी करते हैं।। इन सबके बावजूद बिलासपुर में जमाखोरी कमीशन खोरी और कालाबाजारी बदस्तूर फल फूल रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस वक्त व्यापारी टैक्स की चोरी, एक्साइज ड्यूटी में हेरा फेरी और तकरीबन हर उत्पाद की कीमतों को बढ़ाकर बेच रहे हैं। सबसे ज्यादा मुनाफाखोरी बीड़ी, सिगरेट, गुटका और गुड़ाखु जैसे उत्पादों में हो रही है। थोक व्यापारी से लेकर चिल्लर विक्रेताओं तक सभी ने रोजाना इस्तेमाल किए जाने वाले इन उत्पादों की कीमत बढ़ा दी है। इन सबके बावजूद जिला प्रशासन और पुलिस मौन है। क्योंकि जमाखोरों और कालाबाजारी करने वाले इन लोगों को पुलिस और प्रशासन का पूरा संरक्षण मिल रहा है। सूत्रों की मानें तो ऐसे मुनाफाखोर और व्यापारियों को दुकान अतिरिक्त समय तक खोलने और अधिक कीमत पर माल बेचने के लिए घंटों के हिसाब से चार्ज किया जा रहा है। इतना ही नहीं कमीशनखोरी के इस खेल में सारे लोग शामिल हैं। जिनके कंधों पर जिम्मेदारी थी कि, वे वैश्विक महामारी के इस दौर पर व्यवस्था और लॉयन ऑर्डर को बनाए रखने वे ही इसके लिए जिम्मेदार हैं ।। बरहाल आम जनता महंगी कीमतों पर सामान खरीदने के लिए मजबूर है। साथ ही लॉक डाउन के कड़े नियमों का पालन करते हुए आर्थिक मंदी के इस दौर में अपनी किस्मत और बदहाली को कोसते हुए नजर आते हैं।