व्यापार

फिर मेहेंगी हुई LPG Gas

एलपीजी गैस की कीमत में एक बार फिर बढ़ोती हुई। तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं को झटका देते हुए एलपीजी के दाम बढ़ा दिए हैं। सब्सिडी वाला सिलेंडर (14.2 कि.ग्रा.)  93.50 रुपये तो 19 कि.ग्रा. वाला व्यावसायिक सिलेंडर 146.50 रुपये की दर से महंगा हो गया है।

दिल्ली में इजाफे के बाद बिना सब्सिडी वाले सिलिंडर 743 रुपये हो गई है। मुम्बई में 14.2 केजी सिलिंडर की कीमत हुई 718 रुपये। 19 केजी की क़ीमत 1268 रुपये हो गई है। 491.13 रुपये से बढ़कर 495.69 रुपये सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर का दाम 1 नवम्बर से।

चार माह से गैस सिलेंडर के रेट में चार चार रुपये प्रति माह की मामूली वृद्धि हो रही थी, लेकिन मंगलवार शाम इसमें 93.50 रुपये की भड़त होगयी। इससे गैस सिलेंडर की कीमत बढ़कर करीब 751 रुपये हो जाती है। कीमत के बढ़ने का असर निम्न व मध्यम वर्गीय परिवार पर अधिक पड़ेगा। यह पहली दफा है, जब एकमुश्त 93 रुपये की वृद्धि हुई है। पिछले एक साल में सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों की कीमत में करीब 110 रुपये की बढ़ोत्तरी देखी जा चुकी है। रसोई गैस की कीमत बढ़ रही है और सब्सिडी घटती जा रही है। माना जा रहा है कि सब्सिडी बंद होने से कालाबाजारी पर रोक लगेगा।

सब्सिडी बंद होने के बाद कुकिंग गैस सिलेंडर (14.2 किग्रा) और कामर्शियल सिलेंडर (19 किग्रा) की कीमत में अधिक अंतर नहीं रहेगा। माना जा रहा है कि अगले साल मार्च तक सब्सिडी और कामर्शियल सिलेंडर की कीमत के बीच का अंतर खत्म हो जाएगा और दुकानदार दुकानों पर घरेलू गैस के बजाय कामर्शियल गैस का इस्तेमाल करना चालू करें देंगे। इससे कामर्शियल सिलेंडरों की डिमांड बढ़ने की उम्मीद बढ़ जाएगी, जिससे सरकारों का राजस्व में भी बढ़ोती होगी। कारण, कुकिंग गैस सिलेंडर पर जीएसटी पांच फीसद और कामर्शियल गैस सिलेंडर पर जीएसटी 18 फीसद है।

रॉयल एनफील्ड अब 2000 से भी कम के EMI में उलब्ध

इंडियन मोटरसाइकिल मार्केट के मिड-सेग्मेंट पर कब्जा है.हिंदुस्तान में यह 350 से 750 सीसी तक की बाइकों की बिक्री करती है. स्टाइल व दमदार इंजन के शौकीन लोग रॉयल एनफील्ड को बहुत ज्यादा पसंद करते हैं. अगर आप रॉयल एनफील्ड के बारे में रुचि रखते हैं तो आपको इसकी कीमतों के बारे में भी अंदाजा होगा है. रॉयल एनफील्ड की बाइकों की मूल्य 1 लाख 13 हजार से प्रारम्भ होती है.इसका सबसे सस्ता मॉडल रॉयल एनफील्ड Bullet 350 है. अगर आप इस बाइक को सिर्फ इसकी मूल्य के कारण नहीं खरीद पा रहे तो यहां हम आपको EMI पर खरीदने का विकल्प बता रहे हैं. इस बाइक को आप 2000 रुपए हर महीना देकर घर ले जा सकते हैं. दरअसल इस बाइक की मूल्य 1,13,000 रुपए (दिल्ली) है. अगर आप 19 हजार रुपए की डाउन पेमेंट देते हैं तो बाकी बचे अमाउंट को किश्तों में दे सकते हैं. अगर किश्तें 60 महीने की होंगी व बैंक आपसे 10 प्रतिशत ब्याज लेता है तो हर महीने आपको 1,997.22 रुपए की EMI देनी होगी. फीचर्स की बात करें तो इस बाइक में 346 cc का इंजन लगा है, जिसे 5 स्पीड गियरबॉक्स से जोड़ा गया है. कंपनी के मुताबिक बुलेट 350 करीब 40 Kmpl का माइलेज देती है

केंद्र सरकार ने किया ऐलान,अब जीपीएफ पर मिलेगा 7.8 फीसदी ब्याज

नई दिल्ली। सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) और अन्य समान निधियों में जमा राशि पर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान 7.8 फीसदी ब्याज दर बरकरार रखी गई है। सरकार ने बुधवार को यह घोषणा की। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया, सरकार ने घोषणा की है कि वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) और अन्य समान निधियों के ग्राहकों को एक अक्टूबर से 31 दिसंबर तक 7.8 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा।पिछली जुलाई-सितंबर की तिमाही में भी इन योजनाओं पर 7.8 फीसदी की ही ब्याज दर थी। सितंबर में, सरकार ने अक्टूबर-दिसंबर के लिए सार्वजनिक भविष्य निधि योजना पर भी ब्याज दरों को छोटे बचत योजनाओं की दरों के अनुसार 7.8 फीसदी पर बरकरार रखा था।

जियो ने ली करवट ...जिसका डर वही हुआ

नई दिल्ली: जब से रिलायंस जिओ की कंपनी मार्केट में आई है तब से सभी कंपनियों ने अपने डाटा और कॉलिंग प्लान सस्ते कर दिए हैं। जिओ ने कुछ समय के लिए तो लोगों को मुफ्त में डाटा और कॉलिंग की सुविधा दी थी। उसके कुछ समय बाद जिओ ने अपने सस्ते रिचार्ज प्लान भी मार्केट में लाए जो की लोगों को पसंद आए।

लेकिन अब रिलायंस जियो ने सभी प्लान में बड़ा बदलाव किया है यानि की पुराने रिचार्ज में जो सुविधा मिलती थी वो अब नहीं मिलेगी। रिलायंस जिओ की कंपनी ने सारे पुराने प्लान को अपडेट कर दिया है। जिसके बाद से सभी पुराने प्लान में बदलाव आ गया है और साथ ही कंपनी ने कुछ डाटा प्लान्स को हमेशा के लिए बंद भी कर दिया है। इनमें सबसे छोटे डाटा प्लान के साथ सबसे बड़े डाटा प्लान भी शामिल हैं। पहले ये प्लान 19 रुपये से लेकर 9999 रुपये वाले थे। यानी अब यूजर को भारत का सबसे बड़ा प्री-पेड 4G डाटा प्लान नहीं मिल पाएगा। जियो ने जो पुराने प्लान अपडेट किए हैं,उनमें 149 रुपये, 399 रुपये, 509 रुपये, 999 रुपये, 1999 रुपये और 4999 रुपये वाले प्लान भी शामिल हैं। इनकी कीमत वहीं है लेकिन इनमे पुराने प्लान जैसा फायदे नहीं मिलेंगे। कंपनी ने इन प्लान्स में डाटा कम कर दिया है, वहीं, कुछ प्लान की वैलिडिटी भी घटा दी है।

पहले जिओ का सबसे बड़ा डाटा प्लान 9999 रुपये का था और इस प्लान की वैलिडिटी 13 महीने यानि 390 दिन की थी। इस प्लान में 780GB 4G डाटा मिलता था। यानि की एक रिचार्ज करने के बाद यूजर को सालभर से ज्यादा फ्री इंटरनेट की सेवा मिलती थी और यूजर इस डाटा का कभी भी और कैसे भी यूज कर सकता था। यानी इसमें किसी तरह की लिमिटेशन नहीं थी।

लेकिन जिन कस्टमर्स ने जियो के सबसे बड़े डाटा प्लान यानी 9999 रुपये का रिचार्ज दिवाली (19 अक्टूबर) से पहले कराया है सिर्फ उन्हें इस प्लान का फायदा मिलेगा। क्योंकि कंपनी ने अपने सभी 9 प्लान को 19 अक्टूबर से अप्लाई किया है। इसका मतलब की ऐसे में यदि किसी यूजर ने 19 अक्टूबर से पहले कोई पुराना प्लान लिया है तो उसका फायदा मिलेगा।

असमानता के बजाय गरीबी मिटाने पर ज्यादा ध्यान दे भारत: पनगढ़िया

 
नई दिल्लीः नीति आयोग के निवर्तमान उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने आज कहा कि भारत में गरीबी उन्मूलन को असमानता मिटाने के ऊपर वरीयता दी जानी चाहिए। इसके साथ ही पनगढ़िया ने कहा है कि देश में अवसरों में समानता, स्वास्थ्य और शिक्षा पर अधिक ध्यान दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि गरीबी उन्मूलन और असमानता में कमी लाने के लक्ष्यों को लेकर गंभीर द्वंद्व हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘मैं अवसरों की समानता, स्वास्थ्य व शिक्षा पर अधिक ध्यान दूंगा।’ उन्होंने कहा, ‘जब हम हमारी एतिहासिक आर्थिक नीतियों पर गौर करते हैं तो वास्तव में 1960- 1970 के दशक में हम असमानता को लेकर बहुत ही अधिक चिंतित थे और इसी के चलते नीतिगत गलतियां हुईं।’

उन्होंने कहा कि असमानता जटिल व बहु आयामी है और भारत जैसे विकासशील देशेां में गरीबी उन्मूलन को असमानता हटाने पर वरीयता दी जानी चाहिए। पनगढ़िया ने कहा, धनी देशों के असमानता बड़ा मुद्दा है। भारत के लिए गरीबी उन्मूलन, असमानता मिटाने की तुलना में अधिक मायने रखती है। उन्होंने कहा कि गिनी गुणांक के हिसाब से तो केरल सबसे अधिक असमानता वाला राज्य जबकि बिहार सबसे अधिक समानता वाला राज्य है। गरीबी उन्मूलन पर ध्यान देना बहुत महत्वपूर्ण है। उल्लेखनीय है कि पनगढ़िया अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं और वे 31 अगस्त तक इस पद पर रहेंगै। नीति आयोग के सी.ई.ओ. अमिताभ कांत ने कहा कि भारत में 201 पिछड़े जिले हैं जिनका जल्द से जल्द कायापलट किया जाना चाहिए ताकि देश में असमानता को मिटाया जा सके।

ब्‍याज नहीं चुका रही अनिल अंबानी की कंपनी, 10 बैंकों ने लोन को एसएमए 1 और एसएमए 2 कैटेगरी में डाला

बिजनेसमैन अनिल अंबानी की अगुआई वाली अनिल धीरूभाई अंबानी एंटरप्राइजेज की हालत क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के अनुमान से कहीं ज्यादा खराब है। रिलायंस कम्युनिकेशन पर 10 से ज्यादा स्थानीय बैंकों का लोन बकाया है। कई बैंकों ने तो अपनी एसेट बुक में स्पेशल मेंशन अकाउंट (एसएमए) के तौर पर रिलायंस के लोन को दर्ज कर लिया है। एसएमए लोन वो होते हैं जिसमें कर्ज लेने वाले ने ब्याज नहीं चुकाया होता। अगर तय तारीख से 30 दिनों तक इन लोन का भुगतान नहीं किया जाता तो उसे एसएमए 1 और अगर 60 दिनों बाद उसे एसएमए 2 श्रेणी में डाल दिया जाता है। अगर 90 दिनों के बाद भी बैंक को बकाया वापस नहीं किया जाता तो उसे नॉन परफॉर्मिंग असेट (एनपीए) में डाल दिया जाता है। बिजनेस अखबार इकनॉमिक टाइम्स ने एक बैंक अधिकारी के हवाले से बताया कि अब तक देश के 10 बैंकों ने लोन को एसएमए 1 और एसएमए 2 में डाल दिया है। एक अन्य ने कहा कि एक हफ्ते बाद कुछ बैंकों को इस लोन को एनपीए की तरह देखना होगा।
CARE और ICRA द्वारा दी गई खराब रेटिंग के बाद आरकॉम के शेयर 20 प्रतिशत तक गिर गए हैं। हालांकि रेटिंग एजेंसियों की एसएमए लोन की जानकारियों तक पहुंच नहीं हैं, क्योंकि उसे बैंक आपस में या रिजर्व बैंक से साझा करते हैं। केयर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मुकेश अंबानी की अगुआई वाली रिलायंस जियो के प्रभाव के कारण रिलायंस कम्युनिकेशन में गिरावट आई है। रिपोर्ट के मुताबिक आरकॉम के लोन डिफॉल्ट के बारे में कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, ‘एयरसेल और ब्रुकफील्ड के साथ समझौते के बाद आरकॉम ने बैंकों से कहा कि वह 25,000 करोड़ रुपये का कर्ज 30 सितंबर 2017 तक या उससे पहले चुकाएगी। इसमें सभी शेड्यूल्ड पेमेंट तो आएंगी ही, कंपनी लोन का प्री-पेमेंट भी करेगी।’
कंपनी को जनवरी-मार्च तिमाही में 966 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा था, जो उसका लगातार दूसरा तिमाही नुकसान था। वित्त वर्ष 2017 भी कंपनी के लिए नुकसान का पहला साल रहा। मार्च 31 कंपनी पर 42000 करोड़ का बकाया था, जिसे वह एयरसेल और ब्रूकफील्ड के साथ डील करने के बाद घटाना चाहती है। इन कंपनियों को आरकॉम 11 हजार करोड़ रुपये में अपनी टावर यूनिट रिलायंस इन्फ्राटेल का 51 प्रतिशत हिस्सा बेच रही है। कड़ी स्पर्धा के अलावा लागत में बढ़ोतरी के कारण चौथी तिमाही की कमाई भी प्रभावित हुई है।

सैमसंग फिर लाएगा गैलेक्सी नोट 7, कीमत होगी बेहद कम

सैमसंग जल्द ही गैलेक्सी नोट 7 की बिक्री दोबारा शुरू करेगा. बैटरी फटने की कई घटनाओं के बाद कंपनी ने इसकी मैन्युफैक्चरिंग और बिक्री बंद कर दी थी. कोरियन मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, गैलेक्सी नोट 7 को पुरानी कीमत से आधी में बेचा जाएगा.

'द इन्वेस्टर ने साउथ कोरियन वेबसाइट चोसुन इल्बो की एक रिपोर्ट के हवाले से यह जानकारी दी है. इसमें बताया गया है कि कोरिया में इसकी बिक्री इसी महीने से शुरू होगी. शुरुआती रिपोर्ट्स में गैलेक्सी नोट 7 के नए मॉडल की कीमत 39,900 रु. की चर्चा थी. लेकिन नई रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैमसंग इस फोन को 28,300 रु. में बेच सकता है.

जून के पहले हफ्ते में आ सकता है स्टोर्स में

रिपोर्ट के मुताबिक, सैमसंग ने हाल ही में यूएस स्थित फेडरल कम्युनिकेशन कमीशन (FCC) से अप्रूवल लिया है. सेफ्टी सर्टिफिकेशन के लिए कंपनी जल्द ही लोकल रेगुलटर 'नेशनल रेडियो रिसर्च एजेंसी' में एप्लीकेशन फाइल करेगी. इस अप्रूवल में एक महीने का समय लग सकता है, यानी जून के पहले हफ्ते में फोन स्टोर्स में आ सकता है.
नोट 7आर होगा नए फोन का नाम

सैमसंग ने ऑफिशियल स्टेटमेंट में बताया कि इस सेफ स्मार्टफोन का नाम गैलेक्सी नोट 7आर होगा. हालांकि, कंपनी ने फोन लॉन्चिंग के शेड्यूल के बारे में कोई जानकारी नहीं दी.

3,000 mAh की बैटरी 

गैलेक्सी नोट 7आर में 3,200 mAh की बैटरी होगी और यह एंड्रॉयड 7.1.1 पर चलेगा. बता दें कि पुराने नोट 7 में 3,500 mAh की बैटरी थी और यह एंड्रॉयड 6.0.1 प्लेटफॉर्म पर लॉन्च हुआ था.

सैमसंग ने वापस लिए थे 40 लाख स्मार्टफोन

बता दें कि बैटरी फटने की घटनाएं सामने आने के बाद सैमसंग ने 40 लाख डिवाइस वापस ली थीं. अमेरिका और कई देशों की एविएशन अथॉरिटी ने फ्लाइट में यह स्मार्टफोन इस्तेमाल करने पर पाबंदी भी लगा दी थी. इन्वेस्टिगेशन के बाद कंपनी ने बताया कि खराब बैटरी के कारण फोन में ओवरहीटिंग की समस्या आ रही थी.

सेफ्टी टेस्‍ट में फेल हुई रेनो डस्‍टर, नहीं मिला एक भी स्‍टार

ब्रिटेन की ग्लोबल एनसीपीए (न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम ) ने रेनो डस्टर के शुरूआती मॉडल का सेफ्टी टेस्ट कराया। इस सेफ्टी टेस्ट में डस्टर को 0 स्टार मिले हैं। यह 0 स्टार ड्राइवर और फ्रंट पैसेंजर सीट के लिए मिले हैं। वहीं पिछली सीट पर बच्चों की सेफ्टी के लिहाज से इसे 2 स्टार मिले हैं। इस टेस्ट में पता चलता है कि एयरबैग नहीं होने की वजह से एक्सीडेंट होने पर गाड़ी के ड्राइवर और फ्रंट पैसेंजर को गंभीर चोट आएंगी। इसके अलावा एनसीपीए ने डस्टर के ड्राइवर साइड एयरबैग वाले मॉडल का भी परीक्षण किया। इसमें ड्राइवर की सेफ्टी के लिहाज से डस्टर को 3 स्टार मिले। इसके अलावा बैक सीट पर बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से 2 स्टार ही मिले। इससे पहले 2015 मे जब डस्टर का सेफ्टी टेस्ट लिया गया था तो इसे 4 स्टार मिले थे। इसमें पाया गया था कि ब्रिटेन में बिकने वाली डस्टर के एयरबैग भारत में बिकने वाली डस्टर से छोटे हैं।


ग्लोबल एनसीएपी के महासचिव डेविड वार्ड ने कहा, यह काफी चिंता की बात है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा सप्ताह के दौरान हमें भारत में एक और शून्य स्टार वाली कार देखने को मिली है। वार्ड ने कहा, एयरबैग वाले डस्टर मॉडल को तीन स्टार मिले हैं। हालांकि एयरबैग का आकार छोटा होने की वजह से यह भी उम्मीदों से कम रही है। उचित आकार के एयरबैग वाले मॉडल को मानक माना जाता है। लैटिन अमेरिका में हुए टेस्‍ट में देखा गया था कि उसमें लगे एयरबैग ने बहुत ही अच्छे तरीके से ड्राइवर के सिर व चेस्ट को कवर किया था।
एनसीएपी के अनुसार कंपनी को वही एयरबैग यहां भी लगाने चाहिए जो ड्राइवर को सुरक्षित करें सिर्फ खानापूर्ती के लिए एयरबैग का प्रयोग घातक हो सकता है। इंस्टिट्यूट ऑफ रोड ट्रैफिक एजुकेशन के अध्यक्ष रोहित बालुजा ने बताया कि भारत में पैसेंजर कारों की स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा है। भारत के हाइवे इस बात के गवाह हैं। इसी के मुताबिक अब कार बनाने वाली कंपनियों को भी ज्यादा से ज्यादा सेफ्टी के फीचर्स पर ध्यान देना होगा।

तो क्‍या 1 जून से हर एटीएम न‍िकासी पर 25 रुपए वसूलेगा एसबीआई? दूर हुई गफलत

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहकों के लिए एक जरूरी खबर है। मीडिया में चल रही खबरों के विपरीत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एटीएम से हर बार पैसे निकालने के लिए 25 रुपये चार्ज नहीं करेगी। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बेबसाइट पर एक सर्कुलर डाला गया है, जिसके मुताबिक एक जून 2017 से एटीएम से हर बार पैसे की निकासी पर 25 रुपये चार्ज लिया जाएगा। एसबीआई के अधिकारी ने इस सर्कुलर के बारे में सफाई देते हुए कहा कि बैंक ऐसी कोई भी रकम नहीं लेने वाला है, क्योंकि ये सर्कुलर एसबीआई मोबाइल वैलेट, जिसे बड्डी भी कहा जाता है, से जुड़ा है। अंग्रेजी वेबसाइट बिजनेस टुडे के मुताबिक एसबीआई जल्द ही नया सर्कुलर जारी करने वाला है। इस अधिकारी ने बताया कि एटीएम से पैसे निकालने के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, और पुराने नियम ही लागू रहेंगे।
बता दें कि एसबीआई के इसी सर्कुलर में बताया गया है कि एक महीने में चार निकासी जिसमें की एटीएम से निकाले गये पैसे भी शामिल हैं मुफ़्त होंगे। सर्कुलर में आगे लिखा है कि अगर किसी को चार बार से ज्यादा पैसे निकालने हैं तो 50 रुपये और सर्विस टैक्स चार्ज करेगा। ये चार्ज बैंक की शाखा से पैसे निकालने के लिए रखे गये हैं।  अगर कस्टमर ने दूसरे बैंक के एटीएम का इस्तेमाल किया है तो 20 रुपये और सर्विस टैक्स चार्ज किया जाएगा, और अगर एसबीआई की एटीएम से पैसे निकाले जाएंगे तो 10 रुपये और सर्विस टैक्स लिया जाएगा।
इस आदेश के मुताबिक अब चेकबुक लेने के लिए भी जेब ढीली करनी पड़ेगी। 1 जून से अगर आप 10 चेक वाला चेकबुक लेते हैं तो आपको 30 रुपये और सर्विस टैक्स देना पड़ेगा, 25 चेक वाला चेकबुक लेने पर 75 रुपये और चेकबुक देना पड़ेगा, जबकि 50 चेक वाला चेकबुक लेने पर 150 रुपये और सर्विस टैक्स भुगतान करना पड़ेगा।

केंद्र सरकार ने गेहूं और अरहर (तुअर) दाल पर तत्काल प्रभाव से 10 फीसद का आयात शुल्क लगया

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गेहूं और अरहर (तुअर) दाल पर तत्काल प्रभाव से 10 फीसद का आयात शुल्क लगा दिया है। सरकार ने इस साल बंपर पैदावार के अनुमान को देखते हुए किसानों के हितों को महफूज रखने के लिए यह कदम उठाया है।

इस फैसले से गेहूं और अरहर के थोक मूल्य में तेज गिरावट को रोकने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, अच्छे उत्पादन की उम्मीद कर रहे किसानों को भी बेहतर समर्थन मूल्य हासिल होगा।

वित्त राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में मंगलवार को इस फैसले का एलान किया। उन्होंने कहा कि 17 मार्च, 2012 की सरकारी अधिसूचना में संशोधन किया गया है। इससे गेहूं और अरहर पर 10 फीसद की बेसिक कस्टम ड्यूटी तत्काल प्रभाव से लागू हो सकेगी। इस निर्णय से मौजूदा आयात के स्तर पर करीब 840 करोड़ रुपये का राजस्व प्रभावित होने का अनुमान है।

केंद्र ने बीते साल आठ दिसंबर को गेहूं पर सीमाशुल्क 10 फीसद से घटाकर शून्य कर दिया था। ऐसा घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और खुदरा कीमतों को काबू में रखने के मकसद से किया गया था। हालांकि, अभी तक अरहर दाल पर कोई शुल्क नहीं था। अरहर दाल का थोक मूल्य ज्यादा पैदावार की वजह से काफी नीचे आ गया है। कुछ जगहों पर किसानों को इन उपजों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) भी नहीं मिल पा रहा है।

मंडियों में पहुंचने लगी फसल

मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में गेहूं की नई फसल मंडियों में पहुंचने लगी है। सरकार के दूसरे आकलन के अनुसार 2016-17 फसल उत्पादन वर्ष (जुलाई, 2016 से जून, 2017 तक) में अच्छे मानसून की वजह से गेहूं की तकरीबन 9.7 करोड़ टन का रिकॉर्ड उत्पादन होने का अनुमान है।

इससे पिछले वर्ष उपज का यह आंकड़ा 9.23 करोड़ टन था। इसी तरह अरहर का उत्पादन 42.3 लाख टन होने का अनुमान है। इससे पिछले साल में अरहर की पैदावार का आंकड़ा 25.6 लाख टन था। अरहर की फसल खरीफ के मौसम में उगाई जाती है।