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नोटबंदी के बाद कई बैकों ने दिया लोगों को बड़ा झटका- घटाईं FD की ब्याज दरें, लेकिन आने वाले समय में हो सकता फायदा

नोटबंदी के बाद जमाओं में अप्रत्याशित उछाल को देखते हुए आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक तथा केनरा समेत कई बैंकों ने मियादी जमाओं पर ब्याज दरें एक प्रतिशत तक आज घटा दीं।

नोटबंदी के बाद जमाओं में अप्रत्याशित उछाल को देखते हुए आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक तथा केनरा समेत कई बैंकों ने मियादी जमाओं पर ब्याज दरें एक प्रतिशत तक आज घटा दीं। आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक ने सावधि जमाओं (एफीडी)ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत तक की कमी की आज घोषणा की जबकि कोलकाता स्थित यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया ने अल्पकालीन जमा पर ब्याज दर एक प्रतिशत घटा दी। यूनाइटेड बैंक ने कहा कि नई दरें 18 नवंबर से प्रभावी होंगी।
वहीं केनरा बैंक ने जमा दरों में 0.05 प्रतिशत से 0.25 प्रतिशत तक की कटौती की है। आईसीआईसीआई बैंक की वेबसाइट के अनुसार 390 दिन से दो साल तक की सावधि जमाओं के लिए ब्याज दर में 0.15 प्रतिशत की कमी की गई है। यह कल से प्रभावी हो गई।
आईसीआईसीआई बैंक अब इन जमाओं पर 7.10 प्रतिशत ब्याज देगा जबकि पहले यह दर 7.25 प्रतिशत थी। इस बीच एचडीएफसी बैंक ने एक से पांच करोड़ रच्च्पये की जमाओं के लिए ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की है। बैंक की वेबसाइट के अनुसार नयी दरें आज से प्रभावी हो गईं। संशोधित ब्याज दर के साथ एक साल की मियादी जमा पर ब्याज दर 6.75 प्रतिशत होगी जो पहले 7.0 प्रतिशत थी।
बता दें कि इन दिनों नोटबंदी के असर से बैंक में कैश भुनाने और चेंज कराने को लेकर है, जिसकी वजह से एफडी पर ब्याज घटाया गया है। लेकिन रा
हत की बात यह भी कि आने वाले दिनों में बैंक अपने लोन पर भी ब्याज घटा सकते हैं यानी आपके होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन की ईएमआई घट जाएगी। एसबीआई चीफ इसका इशारा कर चुकी हैं तो लोगों को भी अब कर्ज सस्ते होने का इंतजार है।कल तक एसबीआई ने 1,14,139 करोड़ रुपए के डिपॉजिट पिछले 7 दिनों में हासिल कर लिए हैं।

विदेशों की मांग पर शुरू हुई तरबूज की तैयारी ,अभी से प्रारंभ हुआ सौदेबाजी

 

 

बलौदाबाजार /भाटापारा : इस बार निर्यात के लिए तरबूज की कोई कमी नही होगी। घरेलू मांग भी पूरा कर लिया जाएगा। वजह यह है कि नदी-तट कछार योजना में महानदी के तटीय इलाके के 1500 हेक्टेयर में तरबूज की खेती पर काम तेजी से शुरू  हो गया है। उद्यानिकी विभाग ने इसके लिए कसडोल और लवन के किसानों को जरुरी प्रारंभिक जानकारी देते हुए उन्नत प्रजाति के  बीज की मांग मुख्यालय से की है। तरबूज के साथ-साथ खरबूज और ककड़ी की भी खेती इस बार विस्तार ले सकती है।


बलौदाबाजार जिले के  कसडोल और लवन को तरबूज के लिए देश ही नही विदेशों में भी ख्याति मिली हुई है। खास तौर पर सउदी अरब में यहां के तरबूज के लिए बोनी के समय ही सौदे लिए और दिए जाने लगते है। बीते बरस सउदी अरब को  आपूर्ति मांग  के अनुरुप नही हो पाई क्योंकि घरेलू मांग का भी दबाव बना हुआ था।इसलिए उद्यानिकी विभाग ने  इस बार बोनी का रकबा बढाने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा था। जिस पर 1500 हेक्टेयर पर तरबूज की खेती का लक्ष्य मिला। अब विभाग ने इस पर काम चालू कर दिया है। जिस गंभीरता के साथ इस पर काम हो रहा है उसे देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि निर्यात की मांग के साथ ही घरेलू मांग भी पूरी कर ली जा सकेगी।

बांटें उच्च गुणवत्ता वाले बीज 
वैसे ग्राम सुराज के दौरान ही विभाग ने तरबूज के उन्नत प्रजाति के बीज का वितरण कर दिया था लेकिन रकबा बढाए जाने के बाद बीज निगम से तरबूज के और बीज के लिए मांग पत्र भेजा है। इस पत्र में विभाग ने कहा है कि ऐसी प्रजाति के  तरबूज बीज दें जो उत्पादन भी भरपूर दे और गुणवत्ता भी उच्चतम स्तर की हो । वैसे विभाग का अपना मानना है कि खुले बाजार में प्रतिष्ठित कंपनियां हाईब्रीड़ बीज लेकर मजबूती के साथ उपस्थित हैं ऐसे में बीज की कमी तरबूज उत्पादक किसानों को नही होगी ।
 
एडवांस सौदे के लिए पूछ-परख 
इस बार भी सउदी अरब को निर्यात के लिए मुंबई के निर्यातक बलौदा बाजार से लेकर बिलासपुर तक पूछताछ की शुरुआत  कर चुके हैं। बिलासपुर में बैठे थोक कारोबारियों के माध्यम से किसानों तक पहुंच बना रहे है और उन्हे आर्थिक मदद भी मुहैया करवाए जाने लगे हैं। वैसे इस बार सरकार की मदद के सामने किसान कुछ दूरी बनाए हुए है लेकिन उंचे दाम पर खरीदी का प्रलोभन फिलहाल सरकारी मदद पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। इधर विभाग की भी नजर है सो उसने ऐसे प्रलोभन से बचने की सलाह देते हुए सक्रियता बनाए रखी है।

महानदी और शिवनाथ के सहारे 
महानदी के तट पर बसे कसडोल और लवन के तटीय गांवों में उद्यानिकी विभाग सक्रियता बनाए रखते हुए तरबूज-खरबूज और ककड़ी की उन्नत खेती के लिए जरुरी मार्गदर्षन के लिए किसानों के पास हर वक्त उपलब्ध है।मार्गदर्शन  के साथ-साथ तकनीकी  जानकारी भी उन तक पहुंचाई  जा रही है।इधर सिमगा ब्लाॅक से होकर बहने वाली शिवनाथ नदी के तटीय गांवों में भी तरबूज की खेती की तैयारी जोर-शोर से चल रही है।

नदी तट कछार योजना के तहत् इस बार 1500 हैक्टेयर रकबे में तरबूज खरबूज और ककड़ी की खेंती होगी । बीज पहले ही बांटे जा चुके है। और बीज की मांग मुख्यालय से की गई है।
-रामजी चतुर्वेदी, सहायक संचालक उद्यानिकी बलौदा बाजार  

भाटापारा में पटाखा मार्केट शुरू

भाटापारा में पटाखा  मार्केट शुरू 

रामलीला मैदान और बाल मंदिर में 57 दुकानों की नीलामी पूरी 

भाटापारा। इस दीपावली पर शहर में 57 पटाखा दुकानें लगेंगी। शहर के मध्य की दो जगहों पर 31 अक्टूबर तक इस बाजार के लिए पालिका प्रबंधन ने नीलामी की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाई। 

पुष्य नक्षत्र के लगते ही शहर में पटाखा दुकाने आज से लगनी शुरू हो गई। रामलीला मैदान और बाल मंदिर के सामने 23 अक्टूबर से 31 तक याने आठ दिन तक लगने वाली पटाखा दुकानों की नीलामी पालिका प्रबंधन ने पूरी करने के बाद दुकानों को शुरू करने की अनुमति दे दी। इस बार शासन के कड़े निर्देश पर मानक से ज्यादा शोर करने वाली पटाखों के भण्डारण और विक्रय करने पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही हर पटाखा विक्रेताओं को अपनी दुकान में अग्निशमन यंत्र भी रखने की कड़ी हिदायत दी गई हैं। पालिका प्रबंधन ने भी अपनी ओर से भी दोनों पटाखा मार्किट के पास पानी के टैंकर के अलावा अग्निशमन वाहन और रेत की व्यवस्था की हुई है। ऐसा इसलिए क्योकि किसी भी क़िस्म की आगजनी की दुर्घटना पर तत्काल काबू पाया जा सके। 

 

इन पटाखों पर प्रतिबन्ध 

प्रशासन के कड़े निर्देश के बाद पालिका प्रबंधन ने पटाखा विक्रेताओं को कड़ी हिदायत दी है कि प्रतिबंधित याने चाइनीज पटाखों का भण्डारण और विक्रय न  करे। इसके अलावा मानक से ज्यादा आवाज करने वालों पटाखों का विक्रय पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। समय -समय पर इसकी जाँच की भी व्यवस्था पालिका प्रबंधन ने की हुई है। 

 

आबाद होने लगा मटन मार्केट 

थोक सब्जी मंडी के सफल व्यवस्थापन के बाद पालिका प्रशासन की पहल पर बना नया मार्केट आबाद होने लगा है। नीलामी के बाद यहाँ 20 दुकानें शुरू हो गई है। शेष 57 दुकानदारों ने नये मटन मार्केट में जाने के लिए समय माँगा है। जिन 20 दुकानदारों ने अपनी दुकानें यहाँ शिफ्ट की है उन्हें बिजली कनेक्शन के लिए पालिका ने अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। 

 

इस बार दो जगहों पर पटाखा दुकानें लगेंगी। ये 23 से 31 अक्टूबर तक कारोबार कर सकेंगी। इसी तरह नये मटन मार्केट में 20 दुकानें शिफ्ट हो गई है। शेष दुकानदारों ने यहाँ जाने के लिए समय माँगा है। 

डॉ मोहन बांधे (अध्यक्ष नपा भाटापारा )

दूरसंचार कंपनियों के मुताबिक जियो की मुफ्त कॉल से होता है ‘नेटवर्क जाम’

मुंबई: मौजूदा दूरसंचार कंपनियों भारती एयरटेल, वोडाफोन व आइडिया ने नेटवर्क के कंजेशन के लिए नयी कंपनी रिलायंस जियो के नि:शुल्क वॉइस कॉल को जिम्मेदार बताया है. बता दें कि दूरसंचार नियामक ट्राई ने इन कंपनियों से कॉल नहीं लगने या विफल रहने की ऊंची दर का कारण बताने को कहा था. ट्राई ने इन कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे. सूत्रों ने कहा कि ट्राई कंपनियों के जवाबों का अध्ययन कर रहा है और इस बारे में कोई फैसला हफ्ते भर में किया जा सकता है.

उन्होंने कहा‘ट्राई को भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्यूलर से जवाब मिल गया है. अपने जवाब में इन कंपनियों ने कहा है कि रिलायंस जियो द्वारा मुफ्त वॉइस कॉल से ग्राहक ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं और इंटरकनेक्शन प्वाइंट पर ट्रेफिक बढ़ गया है.’हालांकि उक्त तीनों कंपनियों ने इस बारे में ईमेल का जवाब देने से इन्कार किया. रिलायंस जियो ने सितंबर के पहले सप्ताह में अपनी 4जी सेवाओं की शुरआत की. कंपनी ने अपने ग्राहकों के लिए वॉइस कॉल हमेशा के लिए मुफ्त रखने की घोषणा की है. जियो का आरोप है कि मौजूदा कंपनियां उसे पर्याप्त इंटरकनेक्शन प्वाइंट उपलब्ध नहीं करवा रहीं जिस कारण उसके ग्राहकों की कॉल विफल हो रही हैं.