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बिलासपुर : राष्ट्रपति का समारोह का होगा विरोध. केंद्रीय विश्वविद्यालय का 8वां दीक्षांत समारोह। राष्ट्रपति से मिलकर बताना चाहते हैं अपनी परेशानी। 2 करोड रुपए खर्च किए हुए आयोजन में..! विश्वविद्यालय मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा. पीने के लिए पानी ट्रांसपोर्टिंग के लिए बस और सड़कें तक नहीं-छात्रनेता

अजीत मिश्रा : बिलासपुर छत्तीसगढ़ :

भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जिस दीक्षांत समारोह के लिए बिलासपुर पहुंचे हैं छात्रों ने उसी समारोह का विरोध करना शुरू कर दिया है केंद्रीय विश्वविद्यालय गुरु घासीदास के आठवें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति के अलावा राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे लेकिन छात्र नेताओं की मांग की कि वे राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें अपनी समस्या बताना चाहते हैं इनके माने तो विश्वविद्यालय प्रबंधन ने दीक्षांत समारोह के लिए दो करोड़ रुपए तकरीबन खर्च कर दिए हैं वहीं विश्वविद्यालय आज भी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है निकले पानी चलने के लिए सड़कें और 7000 छात्रों के लिए केवल 2 बसों की व्यवस्था है दीक्षांत समारोह के नाम पर इस तरह के दिखावे और आडंबर का विरोध करने को मजबूर है। छात्र नेता सचिन गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे राष्ट्रपति का नहीं परंतु जिस कार्यक्रम में भी आ रहे हैं उसका विरोध करते हैं इनकी समस्याएं और परेशानी सुनने वाले यहां कोई नहीं है जिन छात्रों को गोल्ड मेडल और पीएचडी की उपाधि दी गई है उन्हें तक मंच में जाने से रोका जा रहा है ऐसे में छात्र संघ सभी गोल्ड मेडलिस्ट और पीएचडी होल्डर छात्रों के साथ खड़े होकर इस कार्यक्रम का विरोध करने की तैयारी में है। दूसरी तरफ विश्वविद्यालय की कुलपति ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए साफ कर दिया है कि, विश्वविद्यालय छात्र नेताओं की मांगों का कुछ नहीं कर सकती। उन्हें केवल प्रोटोकॉल को फॉलो करना है। हालांकि कुलपति ने उम्मीद जताई है कि सारे नाराज छात्र नेता इस दीक्षांत कार्यक्रम में शामिल होंगे।

बड़ी खबर : बिलासपुर : गुरुघासीदास यूनिवर्सिटी की छात्रा हुई लापता कल राष्ट्रपति के हाथों गोल्डमेडल से नवाजा जाना था दीक्षांत समारोह के रिहर्सल के बाद लौटते वक्त हुई लापता परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई, ट्वीट कर लोगो से मांगी मदद सिविल लाइन पुलिस जांच में जुटी

अजीत मिश्रा : बिलासपुर :

आपको बता दें की गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के 8 वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए देश के राष्ट्रपति महामहिम श्री रामनाथ कोविद गोविंद जी आज बिलासपुर आ रहे हैं और कल गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रवीण सूची में स्थान पाने वाले छात्रों को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा। इसी पूरे कार्यक्रम के लिए बीते दिन गुरु घासीदास विश्वविद्यालय परिसर में पूरे कार्यक्रम का रिहर्सल किया गया जिसमें लॉ की भूतपूर्व छात्रा  रामेश्वरी राव मराठा ने हिस्सा लिया था। कार्यक्रम रिहर्सल के बाद शाम 4 बजे रामेश्वरी ने परिजनों को अपने घर वापस लौटने की सूचना देते हुए बताया कि वह अभी नेहरू चौक में ही और जल्द ही  घर पहुच जाएगी। लेकिन जब वह शाम  5:30 बजे तक घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने चिंतित होकर उसे दोबारा फोन लगाया लेकिन बात होने के पूर्व ही फोन को काट दिया गया परिजनों ने आशंका जताई है की हो सकता है किसी दूसरे व्यक्ति के द्वारा उस फोन को डिस्कनेक्ट किया हो और अपहरण की चिंता जताते हुए छात्रा के परिजनों ने सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज कराया है पुलिस ने प्रारंभिक सूचना के आधार पर अपनी जांच शुरू कर दी है और गुमशुदा छात्रा को जल्द से जल्द ढूंढने का प्रयास जारी है। वहीं दूसरी ओर छात्रा के भाई ने ट्वीट कर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री सहित तमाम आला अधिकारियों से अपनी बहन को जल्द से जल्द ढूंढ कर लाने की गुजारिश की है।

दो दिवसीय प्रवास पर 1 मार्च को छत्तीसगढ़ आएंगे राष्ट्रपति : गुरू घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर के दीक्षांत समारोह में होंगे शामिल

रायपुर 29 फरवरी 2020 : देश के माननीय राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द 1 मार्च से दो दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ आएंगे। वे यहां गुरू घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर के दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे तथा विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित पांच भवनों का लोकार्पण करेंगे। राष्ट्रपति 1 मार्च की सुबह रांची विमानतल से भारतीय वायुसेना के विमान से रवाना होकर पूर्वान्ह 11:30 बजे स्वामी विवेकानंद विमानतल, रायपुर आएंगें। वे यहां से 11:40 बजे हेलीकाप्टर से रवाना होकर 12:25 बजे बिलासपुर हेलीपेड पहुचेंगें और यहां से सर्किट हाऊस जाएंगें। वे शाम 6 बजे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश एवं अन्य न्यायाधीशगणों से हाई टी में भेंट करेंगे। राष्ट्रपति 2 मार्च को सुबह 10 बजे से दीक्षांत समारोह में शामिल होंगें। वे पूर्वान्ह 11:15 बजे बिलासपुर हेलीपेड से रवाना होकर 12 बजे स्वामी विवेकानंद विमानतल, रायपुर पहुंचेंगे और यहां से 12:10 बजे भारतीय वायुसेना के विमान से दिल्ली के लिए रवाना होंगें।

मरवाही सदन में नौकर की आत्महत्या के मामले में खुद पर दर्ज एफआईआर को रद्द करने के मामले में जोगी पिता पुत्र को झटका..पढ़े पूरी खबर

कुछ दिनों पहले मरवाही सदन में नौकर की आत्महत्या के मामले में खुद पर दर्ज एफआईआर को रद्द करने के मामले में जोगी पिता पुत्र को झटका लगा है। इस एफ आई आर को रद्द करने के लिए मरवाही विधायक व पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी तथा उनके पुत्र अमित जोगी की याचिका खारिज कर दी गई है।हाईकोर्ट में जस्टिस आरपी शर्मा की कोर्ट ने यह निर्णय सुनाया। बीते 15 जनवरी को बिलासपुर स्थित अजीत जोगी के सरकारी बंगले मरवाही सदन में उनके रसोईये कोनी थाना क्षेत्र के ग्राम रमतला निवासी संतोष कौशिक उर्फ मनवा ने आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद उनके भाई कृष्ण कुमार कौशिक व अन्य परिजनों ने सिविल लाइन पुलिस के समक्ष दिये गये बयान में कहा था कि अजीत जोगी, अमित जोगी और बंगले में मौजूद स्टाफ द्वारा मृतक पर चोरी का आरोप लगाकर प्रताड़ित किया जा रहा था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने जोगी पिता पुत्र के खिलाफ मृतक संतोष कौशिक को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में अपराध दर्ज कर लिया था।पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग को लेकर अजीत जोगी, अमित जोगी ने हाईकोर्ट में अपने अधिवक्ता के माध्यम से याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब आत्महत्या की घटना हुई वे बंगले में नहीं थे। अमित जोगी मुम्बई में थे तथा अजीत जोगी भी बिलासपुर से बाहर थे। राजनैतिक प्रतिशोध के कारण पुलिस पर दबाव डालकर उनके खिलाफ अपराध दर्ज कराया गया है।याचिका पर बीते 11 फरवरी को सुनवाई हुई थी। शुक्रवार को इस पर कोर्ट का फैसला आया।

पीएमजीएसवाय की एक और सड़क चढ़ी भ्रस्टाचार की भेंट. रायगढ़ की गुप्ता कंस्ट्रक्शन कंपनी पर विभागीय मेहरबानी की खुलने लगी है पोल. कंपनी की आधे दर्जन से ज्यादा घटिया निर्माण कार्य हो चुके हैं उजागर.

दन्तेश्वर कुमार (चिंटू) बीजापुर:- बीजापुर जिले में ग्रामीण अंचलों तक सड़क पहुंचाने का जिम्मा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना पर है। विभाग नक्सली क्षेत्र होने का हवाला देकर मनमुताबिक कार्य करता रहा है। विभागीय उदासीनता और भ्रस्टाचार के मामलों पर प्रशासन और सरकार की अनदेखी से यहां निर्माण कार्यो में गुणवत्ता को ठेंगा दिखा दिया जाता है। रायगढ़ की गुप्ता कंस्ट्रक्शन पर दमपाया, चिन्नामाटूर, तरलागुड़ा से कोततुर, रुद्राराम, में गुणवत्ताहीन सड़क निर्माण कार्य उजगार हो चुका है। नक्सल प्रभावित कुटरू क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना के तहत बनायी जा रही करोडों की लागत से निर्माणाधीन सडक भ्रश्टाचार की भेंट चढते हुए नजर आ रही है। कंस्टक्शन कंपनी और पी एम जी एस वाई के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा अपनी तिजोरी भरने घटिया सडक निर्माण कार्य को अंजाम दिया जा रहा हैं। अब ग्रामीणों में गुणवत्ताहीन सडक निर्माण को लेकर काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। भैरमगढ जनपद के मंगापेटा ग्राम पंचायत के आश्रित गांव पाताकुटरू से अबूझमाड के गुमनेर गांव को जोडने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना के तहत 4 करोड 14 लाख की लागत से 12 किलोमीटर लंबी सडक का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। इस सडक के निर्माण कार्य का ठेका रायगढ की गुप्ता कंस्टक्शन कंपनी को मिला है। करीब साढे चार किलोमीटर लंबी सडक का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। इस सडक के निर्माण में संबंधित कंस्टक्शन कंपनी को विभाग दारा 40 लाख का भुगतान भी कर दिया गया है। साढे चार किलोमीटर पूर्ण हुए सडक की गुणवत्ता के साथ समझौता करते हुए विभाग ने बेहद ही निम्न स्तर के निर्माण कार्य को अंजाम दिया है। सडक में मुरूम डालकर रोड रोलर नहीं चलाया गया। जिस कारण सडक में बिछाया गया मुरूम हाथ की उंगलियों से भी उखड रहा है। ऐसे में बारिश के दिनों में ये सडक पूरी तरह से बह जायेगी। कईयों जगह ग्राउंड लेवल से महज 1 इंच ही मुरूम बिछाया गया है। साढे चार किलोमीटर की इस सडक में 3 पक्के पुल-पुलिये का भी निर्माण होना था। मगर हयूम पाईप लगाकर खानापूर्ति की गई। बरसाती नालों में हयूम पाईप लगाकर जिस पुल का निर्माण किया गया है। उस पुल की गुणवत्ता इतनी खराब है कि निर्मित पुल पहली बारिश भी नहीं झेल पायेगा। सडक के निर्माण में गुणवत्ता के साथ हुए खिलवाड से अब ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस सडक का निर्माण कार्य कुछ साल पहले वन विभाग दारा करवाया गया था। जिसके चंद सालों बाद ग्राम पंचायत दारा सडक का मरम्मत कार्य करवाया गया था। अब उसी सडक के निर्माण का जिम्मा पी एम जी एस वाई ने लिया। मगर सडक के निर्माण में कोताही बरती जा रही है। इस पूरे मामले में जिले के कलेक्टर के.डी. कुंजाम ने कहा है कि एक सप्ताह के अंदर वे खुद ही इस सडक के निर्माण का जायजा लेंगे। साथ ही जांच कर संबंधित दोशी अधिकारी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे।

कांग्रेस महापौर एजाज ढेबर, शराब कारोबारी पप्पू भाटिया और आईएएस अधिकारी सहित कई रसुखदार के ठिकानों पर आयकर विभाग का छापा, मचा हड़कंप

 रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गुरुवार सुबह आयकर विभाग की टीम ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने रायपुर मेयर एजाज ढेबर सहित पूर्व प्रमुख सचिव और रेरा चेयरमैन विवेक ढांढ, आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा की पत्नी मीनाक्षी टुटेजा सहित अन्य अधिकारियों व कारोबारियों के ठिकाने पर छापे मारे हैं। यह कार्यवाही मेयर के होटलों पर भी की जा रही है। टीम सभी जगहों से आय व्यय का लेखा-जोखा जुटा रही है। आयकर विभाग को यहां बड़ी टैक्स चोरी की आशंका है। इस कार्रवाई में 200 ज्यादा सीआरपीएफ जवान शामिल हैं। 

रायपुर के मेयर एजाज ढेबर को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का करीबी माना जाता है। इनकम टैक्स विभाग की टीम ने रायपुर में संचालित ढेबर के होटल सहित ढेबर प्लाजा में जांच के लिए पहुंची है। कारोबार से संबंधित दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।  सूत्रों के मुताबिक, मेयर एजाज ढेबर के अलावा करीब एक दर्जन स्थानों पर कार्रवाई जारी है। आयकर विभाग की केंद्र टीम जांच कर रही है। एजाज ढेबर के ही छह से ज्यादा ठिकानों पर टीम पहुंची है।

इनके अलावा आईएएस अनिल टूटेजा, कारोबारी पप्पू भाटिया, कारोबारी गुरुचरण सिंह होरा, पप्पू फरिश्ता, संजय संचेती और सीए कमलेश्वर जैन के ठिकानों पर भी आयकर की जांच चल रही है। आईएएस अनिल टूटेजा प्रदेश सरकार के काफी करीबी माने जाते हैं। अनिल टूटेजा की शिकायत पर ही चर्चित नागरिक आपूर्ति निगम घोटाला मामले में भूपेश बघेल सरकार ने नए सिरे से जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। पिछले करीब 15 दिन से आयकर की अलग अलग टीम प्रदेश में जगह जगह दबिश दे रही है

छ.ग. सरकार की बड़ी कार्रवाई, छह अफसर सस्पेंड….. घटिया एक्सप्रेसवे निर्माण मामले में गिरी गाज….और जाने

रायपुर :- राजधानी के एक्सप्रेस-वे के घटिया निर्माण पर राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की गयी है। पीडब्ल्यूडी मंत्री ने छह अफसरों को सस्पेंड करने का निर्देश दिया है। सदन में एक सवाल के जवाब में मंत्री ताम्रध्वज साहू ने एक्सप्रेस वे के घटिया निर्माण के लिए अधिकारियों को जिम्मेदार बताते हुए सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया। जिन अफसरों को सस्पेंड किया गया है, उनमें ईई, एसई, एसडीओ सहित कई अन्य सीनियर अफसर शामिल हैं। विधायक धर्मजीत सिंह ने राजधानी के एक्सप्रेस वे के घटिया निर्माण का मुद्दा उठाते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाये थे। उन्होंने कहा कि करोड़ों की लागत से एक्सप्रेस वे बनाया गया, लेकिन उसमें जनता चल नहीं पा रही है, जब टेक्क्निकल टीम ने इसे गलत बताया था, तो फिर आखिर अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गयी। धर्मजीत सिंह ने इस दौरान अधिकारियों का जिक्र करते हुए कहा कि किसी को जल संसाधन विभाग से लाया गया था, किसी को नगरीय प्रशासन विभाग से लाया गया था, जिन्हें ऐसे निर्माण का बिल्कुल भी अनुभव नहीं था, उन्हें ये इतने बड़े एक्सप्रेस बनाने की जिम्मेदारी दी गयी, धर्मजीत सिंह ने सदन में ही मंत्री से सभी को सस्पेंड करने की मांग की। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि

ऐसे-ऐसे चुन-चुनकर इंजीनियर लाये हैं कि इन्हें इसरो भेज दिये, जिन्हें पीलर की जानकारी नहीं थी, उन्हें आपने एक्सप्रेस वे बनाने की जिम्मेदारी दे दी

धर्मजीत सिंह की मांग पर मंत्री ताम्रध्वज साहू ने सभी छह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि … मैं अधिकारियों का नाम लेना नहीं चाहूंगा, लेकिन विधायक जी ने जिन-जिन अफसरों का जिक्र किया, उनकी संख्या 6 है, मैं सभी को सस्पेंड करने की घोषणा करता हूं

बिलासपुर रेलवे स्टेशन में हड़कंप ,हाईटेंशन बिजली के तारों ....पढ़े पूरी खबर

बिलासपुर रेलवे स्टेशन में उस वक्त हड़कंप मच गया जब फूट ओवरब्रिज से गुजर रहे युवक ने हाईटेंशन बिजली के तारों को छूने का प्रयास किया। दोपहर करीब 4:15 बजे यहां ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस ठहरी हुई थी उसी समय नागपुर एंड के फुट ओवर ब्रिज से गुजर रहा अंबिकापुर के दरिमा का रहने वाले राजेश ने हाई वोल्टेज बिजली के तारों को छूने का प्रयास किया। इस कोशिश में वह ट्रेन के ऊपर गिर गया और उसका पूरा बदन झुलसने लगा। बिजली के संपर्क में आने से उसके कपड़ों में आग लग गई और उसके शरीर से धुआं उठने लगा ।इस नजारे को देखकर यहां लोगों की चीख-पुकार शुरू हो गई ।किसी तरह घायल को ट्रेन की छत से उतारकर इलाज के लिए सिम्स भेजा गया । अस्पताल भेजने तक युवक की सांसे चल रही थी ।राजेश ने ऐसी हरकत क्यों की फिलहाल इसका पता नहीं चल पाया है ।लोग कयास लगा रहे हैं कि या तो युवक खुदकुशी करना चाह रहा होगा या फिर उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होगी ।फिलहाल पूरा फोकस उसके इलाज पर किया जा रहा है। वहीं रेलवे पुलिस मामले की जांच कर रही है।

धान पर सदन में बवाल, नारेबाजी करते हुए विपक्षी विधायक पहुंचे गर्भगृह, पूरा विपक्ष को किया निलंबित

रायपुर, 25 फ़रवरी 2020। किसान और धान मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव स्वीकार होने के बाद चर्चा की शुरुआत भाजपा की ओर से अजय चंद्राकर ने किसानों और धान के मसले पर विस्तार से बात रखते हुए कहा- किसान परेशान हैं और आंदोलित हैं.. सरकार को धान ख़रीदी की समयावधि बढ़ानी चाहिए.. जो वादा है उसे पूरा करना चाहिए इसके बाद खाद्य मंत्री अमरजीत भगत जवाब के लिए खड़े हुए तो विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा जब सदन के नेता मौजूद हैं तो सीधे वे जवाब दे दें वरिष्ठ विधायक धर्मजीत सिंह ने मंत्री अमरजीत भगत को लेकर आसंदी से कहा – हमें लिखित जवाब नहीं सूनना है.. वो लिखित जवाब हम पढ़ चुके हैं.. इस पर आसंदी से निर्देश आया मंत्री अमरजीत भगत लिखित जवाब ना पढें पर विपक्ष इसके बाद सदन के नेता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सीधे जवाब की माँग करते हुए नारेबाज़ी करने लगा। अध्यक्ष चरणदास महंत ने कहा यह संयुक्त विपक्ष का प्रस्ताव है, सबको बोलने का अवसर आने दीजिए, आप जो चाहते हैं वही होगा.. सदन के नेता जवाब देंगे पर पहले सदस्यों को कहने दीजिए लेकिन विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ, और सदन के नेता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सीधे जवाब की माँग करते हुए नारेबाज़ी करते हुए गर्भगृह में प्रवेश कर गया। इस के ठीक बाद अध्यक्ष चरणदास महंत ने व्यवस्था दी- गर्भगृह में आने की वजह से सदस्यों को निलंबित किया जाता है.. सदन की कार्यवाही तीन बजे तक स्थगित की जाती है

बिलासपुर : पदों उन्नति में आरक्षण खत्म किये जाने के विरोध में अखिल भारतीय एसटी एससी ओबीसी अल्पसंख्यक मंच के द्वारा भारत बंद के दौरान ,जबरन दुकान बंद कराने के लिए बनाने लगे दबाव, व्यपारियो ने उनका किया विरोध , दोनों पक्षों ने जमकर की नारेबाजी

बिलासपुर : पदों उन्नति में आरक्षण खत्म किये जाने के विरोध में अखिल भारतीय एसटी एससी ओबीसी अल्पसंख्यक मंच के द्वारा भारत बंद का आवाह्न किया गया था जिसको लेकर शहर में रैली  निकाली गई थी।।वही इस रैली में शामिल लोगों ने तेलीपारा और गोल बाजार में  जबरन दुकान बंद कराने के लिए दबाव बनाने लगे जिसको लेकर वहाँ के व्यपारियो ने उनका विरोध कर दिया।।विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस को वहाँ आना पड़ा और रैली की आगवाई करने ढपली लेकर प्रधानमंत्री के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे।।वही गोलबाजार के व्यपारी जिंदाबाद के नारे लगाने लगे।।पुलिस की समझाइश के बाद मंच के लोग आगे चले गए।।दुकान खुली रही।।