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राम मंदिर निर्माण के लिए कानून लाए सरकार : भागवत

नागपुर- | अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को राष्ट्रीय हित का मुद्दा बताते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को जल्द से जल्द उचित कानून लाकर मंदिर बनाने की वकालत की और इस प्रक्रिया में बाधा डालने को लेकर कुछ रुढ़िवादी तत्वों की निंदा की। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के कार्यकर्ताओं को यहां वार्षिक विजयादशमी उत्सव के दौरान अपने संबोधन में भागवत ने कहा कि रूढ़िवादी तत्व व ताकतें अपने खुद के लाभ की वजह से सांप्रदायिक राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के छल के बावजूद भी जमीन के स्वामित्व के संदर्भ में फैसला जल्द से जल्द होना चाहिए और सरकार को `भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए रास्ता बनाना चाहिए।` उन्होंने कहा कि आरएसएस भगवान राम के जन्मस्थान पर मंदिर निर्माण के प्रयास में देश के करोड़ों लोगों के भावनाओं के साथ हमेशा जुड़ी रही है। उन्होंने कहा, `भगवान राम राष्ट्र के जीवन ऊर्जा का आदर्श व धर्म को कायम रखने के प्रतीक हैं।`

यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरे केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एम.जे. अकबर ने इस्तीफा दिया

नई दिल्ली  -  भारत में `मी टू` अभियान की शुरुआत के बाद कई महिला पत्रकारों के यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरे केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री और पूर्व संपादक एम.जे. अकबर ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
गौरतलब है कि उनके साथ काम कर चुकी कई महिला पत्रकारों ने उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था और इस बाबत भाजपा सरकार पर भी काफी दबाव था।

इलाहाबाद को `प्रयागराज` कहलवाने का प्रस्ताव उप्र कैबिनेट से मंजूर

लखनऊ -  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने मंगलवार को इलाहाबाद का नाम बदलकर `प्रयागराज` करने समेत 12 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। लोकभवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद राज्य सरकार के प्रवक्ता व स्वास्थ्य मंत्री डॉ.सिद्धार्थनाथ सिंह ने मीडिया को बताया कि इलाहाबाद अब से प्रयागराज के नाम से जाना जाएगा।
उन्होंने कहा कि इलाहाबाद की पौराणिक पहचान के दृष्टिगत जिले का नाम प्रयागराज किए जाने को कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है। नाम परिवर्तन से राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
सिद्धार्थनाथ ने कहा कि जिन संस्थाओं के नाम में इलाहाबाद लगा हुआ है, उनका नाम भी बदल दिया जाएगा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद हाईकोर्ट व अन्य संस्थाओं को नाम को बदलने के लिए राज्य सरकार संबंधित संस्थाओं को पत्र लिखेगी।
संत-महंत योगी के मंत्री ने बताया कि प्रदेश में देसी नस्ल की गायों से दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा और दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहन स्वरूप `नंद बाबा पुरस्कार` दिए जाएंगे। पुरस्कार के लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 में 52.01 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
सिद्धार्थनाथ ने बताया कि देशी नस्ल की गाय के दूध की प्रत्येक विकास खंड, जिला, प्रदेश में सर्वाधिक आपूर्ति करने वाले दुग्ध उत्पादक को जो वर्ष में दुग्ध उत्पादक संघ को न्यूनतम 1500 लीटर दूध की बिक्री किया हो, उसे क्रमश: 5100 रुपये, 21,000 रुपये व 51,000 रुपये का `नंद बाबा पुरस्कार` मिलेगा।
बैठक में केंद्र की मदद वाली योजना के तहत एटा, फतेहपुर, हरदोई, सिद्धार्थनगर, प्रतापगढ़, गाजीपुर व देवरिया में मेडिकल कॉलेजों के लिए धन स्वीकृत किया गया। एटा के लिए 216.8 करोड़, देवरिया के लिए 201.9 करोड़, फतेपुर के लिए 212.50 करोड़, गाजीपुर के लिए 220.45, हरदोई के लिए, 206.33, प्रतापगढ़ के लिए 213, सिद्धार्थनगर के लिए 245.11 करोड़ का बजट दिया गया है।
इसके अलावा ललितपुर में पाली तहसील के 23 गांवों को सदर तहसील में शामिल किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
प्रवक्ता ने बताया कि कैबिनेट ने पेराई सत्र 2018-19 के लिए नई खांडसारी लाइसेंसिंग नीति को मंजूरी दी है। नई नीति 1 अप्रैल 2018 से लागू होगी। अब नजदीकी चीनी मिल से 7.5 किलोमीटर की त्रिज्यात्मक दूरी से बाहर की खांडसारी इकाइयों को भी लाइसेंस मिलेगा। पहले ये दूरी 15 किमी थी। गुड़ की इकाइयां लाइसेंस मुक्त होंगी।
प्रदेश के मंत्री सुरेश राणा ने बताया कि नई खंडसारी नीति के तहत 50 घंटे के अंदर लाइसेंस का आवेदन स्वीकृत कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक शुगर मिल से 15 किलोमीटर तक खंडसारी इकाई नहीं लगाई जा सकती थी, अब उसे साढ़े सात किलोमीटर किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस बार प्रदेश में पूरे देश का 38 प्रतिशत चीनी उत्पादन हुआ है। खंडसारी उद्योग स्थापित करने पर कोई दूसरा लाइसेंस नहीं लेना होगा। गुड़ को टैक्स फ्री कर दिया गया है, इकाई बंद रहने पर कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। इससे गन्ना किसानों को सहूलियत मिलेगी।
उन्होंने बताया कि गोरखपुर के हरपुर-गजपुर में बंद पड़ी धुरियापार किसान सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड की 50 एकड़ भूमि का हस्तांतरण इंडियन ऑयल कॉपोर्रेशन लिमिटेड को किए जाने को कैबिनेट की मंजूरी मिली है। भूमि 30 वर्ष की लीज पर दी जा रही है। इसका किराया प्रतिवर्ष एक करोड़ तीस लाख रुपये होगा। यह जमीन लिग्नो सैलिलॉजिक बायोमास आधारित सेकेंड जेनरेशन एथेनॉल प्लांट की स्थापना के लिए दी जाएगी। 

 

बीजेपी प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में अधिकांश सीटों पर भेजा गया पैनल सभी 90 सीटों के उम्मीदवारों के नाम का पैनल तैयार आधी रात खत्म हुई बैठक

रायपुर 17 अक्टूबर 2018। भाजपा चुनाव समिति की 10 घंटे से ज्यादा चली मैराथन बैठक आधी रात को खत्म हुई। बैठक में सभी 90 नामों पर प्रदेश चुनाव समिति ने अपनी रजामंदी दे दी है। अब फैसला सेंट्रल इलेक्शन कमिटी करेगी, कि भेजे गए दावेदारों में किन्हें टिकट दिया जाए।

अब ये नाम केंद्रीय चुनाव समिति को भेजे जाएंगे, जिसके बाद नामों की सूची कर दी जाएगी। रात 12 बजे तक चली चुनाव समिति की बैठक में सभी 90 प्रत्यशियों के नामों पर चर्चा की गयी। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री रमन सिंह ने बताया कि सभी 90 नामों पर आज चर्चा हो गयी है। जिला अध्यक्ष, पर्यवेक्षकों, कार्यकर्ताओं, सांसदों, प्रत्याशी चुनाव के अलावा आंतरिक रिपोर्ट और अन्य माध्यमों से जो रिपोर्ट आयी है, उसके आधार पर आज नामों पर चर्चा की गयी और सभी नामों का एक पैनल तैयार किया गया, जिसे अब केंद्रीय चुनाव समिति को भेजा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि 19 या 20 अक्टूबर को प्रत्याशी के नाम डिक्लियर हो जाएंगे। ये पूछे जाने पर कि क्या पहले चरण में होने वाले चुनाव के प्रत्याशी के ही नाम पहली सूची में जारी किए जाएंगे, या फिर सभी नाम एक साथ जारी होंगे?जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि, उम्मीद है कि पहली बैठक में ही 70 से 75 प्रत्याशी के नाम फाइनल हो जाएंगे।

उन्होंने कहा कि अधिकांश सीटों पर पैनल बनाकर ही सेंट्रल इलेक्शन कमिटी को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी सीट 3, किसी पर चार और कहीं-कहीं 5 नामों का पैनल भी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री सहित भाजपा के शीर्ष नेता 18 अक्टूबर को होने वाले केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली जाएंगे, उसी दिन शाम में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक भी होनी है।
रमन सिंह ने कहा कि हर सीटों पर प्रत्याशी चयन को लेकर सावधानी बरती जा रही है, इसलिए आधी आधी रात तक चर्चा हो रही है।

गोली लगने से घायल न्यायाधीश की पत्नी की मौत, बेटे की हालत गंभीर

गुरुग्राम हरियाणा में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की पत्नी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है जबकि उनके बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है। इन दोनों लोगों को न्यायाधीश की सुरक्षा के लिए उन्हें मिले हरियाणा पुलिस के सुरक्षा गार्ड ने गोली मार दी थी। फॉरेंसिक विशेषज्ञ व चिकित्सक दीपक माथुर ने आईएएनएस को बताया, `रितु (38) की बीती रात मंौत हो गई।
पुलिस गार्ड ने न्यायाधीश के बेटे ध्रुव (18) को भी गोली मारी गई थी। वह एक निजी अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। गोली मारने वाला हरियाणा पुलिस का कांस्टेबल महिपाल सिंह न्यायाधीश श्रीकांत के साथ दो साल पहले जुड़ा था। वह महेंद्रगढ़ का रहने वाला है।
सेक्टर 49 में जिस दौरान हमला हुआ, उस वक्त न्यायाधीश श्रीकांत सरकारी गाड़ी में मौजूद नहीं थे। माथुर ने आईएएनएस को बताया, `रितु के सीने पर दो गोली लगी थीं। उनकी अधिक खून बहने की वजह से मौत हो गई।
पुलिस अधिकारी ने बताया, हत्या की जांच के लिए पूर्वी गुरुग्राम के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।

 

जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवादियों की गोलीबारी में एसपीओ घायल

श्रीनगर - जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार को खोज अभियान के दौरान आतंकवादियों की गोलीबारी में एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) घायल हो गया।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायल एसपीओ बिलाल अहमद को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सुरक्षा बल आतंकवादियों की उपस्थिति की जानकारी मिलने के बाद कुपवाड़ा के हंदवाड़ा तहसील के बटगुंड गांव में एक खोज अभियान चला रहे थे जिस दौरान यह घटना हुई।
अधिकारियों ने बताया कि सावधानी बरतते हुए क्षेत्र के सभी शैक्षिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं और जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं।

कैबिनेट मंत्री कैलाश गहलोत के दिल्ली और गुरुग्राम स्थित 16 आवासों और अन्य ठिकानों पर आयकर का छपा

नई दिल्ली -  आयकर विभाग ने दिल्ली कैबिनेट मंत्री कैलाश गहलोत और उनके परिवार के सदस्यों के दिल्ली और गुरुग्राम स्थित 16 आवासों और अन्य ठिकानों पर बुधवार को छापेमारी की। आयकर विभाग की प्रवक्ता शुभी आहलूवालिया ने आईएएनएस को बताया, `यह छापेमारी ब्रिस्क इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलेपर प्राइवेट लिमिटेड और कॉर्पोरेट इंटरनेशनल फाइंनेशियल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड पर हुई है, जिसे गहलोत और उनके परिवार के लोग चलाते हैं।`
गहलोत दिल्ली सरकार में परिवहन, कानून, राजस्व, सूचना प्रौद्योगिकी व प्रशासनिक सुधार विभाग संभालते हैं।
आयकर की छापेमारी वसंत कुंज, पश्चिम विहार, नजफगढ़ और गुरुग्राम सहित विभिन्न स्थानों पर हुई।
आम आदमी पार्टी ने छापेमारी की प्रक्रिया को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हिंदी में ट्वीट करते हुए कहा, `नीरव मोदी, माल्या से दोस्ती और हम पर रेड? मोदी जी, आपने मुझपे, सत्येंद्र पर और मनीष पर भी तो रेड करवाई थीं? उनका क्या हुआ? कुछ मिला? नहीं मिला? तो अगली रेड करने से पहले दिल्ली वालों से उनकी चुनी सरकार को निरंतर परेशान करने के लिए माफी तो मांग लीजिए?।`
पार्टी ने कहा कि जब वे दिल्ली के लोगों के लिए काम करने में व्यस्त थे तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दिल्ली सरकार के मंत्रियों और नेताओं के घरों पर छापे डाल रही थी।
पार्टी ने ट्वीट कर कहा, `राजनीतिक प्रतिशोध जारी है.. हम लोगों को सस्ती बिजली मुफ्त पानी और अच्छी स्वास्थ्य व शिक्षा सेवाएं दे रहे हैं। सरकारी सेवाएं घर-घर तक पहुंचा रहे हैं। वे सीबीआई, ईडी को हमारे मंत्रियों व नेताओं के घर छापे पड़वा रहे हैं। जनता सब कुछ देख रही है और 2019 में सारा जवाब एक साथ करेगी।` 

 

मोदी, राहुल ने ट्रेन दुर्घटना में हुई मौतों पर शोक जताया रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मृतकों के परिजनों के लिए पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजे की घोषणा

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के रायबरेली में हुई ट्रेन दुर्घटना में मारे गए यात्रियों के प्रति शोक जताया। न्यू फरक्का एक्सप्रेस बुधवार सुबह 6.05 बजे रायबरेली के हरचंदपुर रेलवे स्टेशन के पास पटरी से उतर गई। इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से ज्यादा घायल हो गए। 

प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, `रायबरेली में एक रेल दुर्घटना में हुई मौतों से व्यथित हूं। शोकग्रस्त परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के जल्द ठीक होने के लिए प्रार्थना करता हूं। उत्तर प्रदेश सरकार, रेलवे और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा राहत बल) घटनास्थल पर सभी संभावित सहायता सुनिश्चित कर रहे हैं।`

राहुल गांधी ने अपने शोक संदेश में कहा कि वह दुर्घटना में हुई मौतों से दुखी हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। 

राहुल ने फेसबुक पोस्ट में कहा, `मैं न्यू फरक्का एक्सप्रेस के दुर्घटना का शिकार होने से हैरान और व्यथित हूं। मैं उन लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करता और प्रार्थना करता हूं जिन्होंने दुर्घटना में अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया है।`

उन्होंने कहा, `मुझे आशा है कि सरकार बचाव और राहत अभियान के लिए सभी संभव कदम उठाएगी और ट्रेन दुर्घटना में घायल लोगों को उचित देखभाल भी मुहैया कराएगी।` 

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मृतकों के परिजनों के लिए पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजे की घोषणा की है। उन्होंेने गंभीर रूप से घायल हुए यात्रियों के लिए एक लाख रुपये की और घायल लोगों के लिए 50,000 रुपये मुआवजे की घोषणा की है। 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मारे गए लोगों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए 50,000 रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। 

 

 

रायबरेली में न्यू फरक्का एक्सप्रेस के 9 डिब्बे पटरी से उतरे, 6 की मौत

नई दिल्ली - उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक्सप्रेस ट्रेन का इंजन और नौ डिब्बे पटरी से उतर जाने की घटना में छह लोगों की मौत हो गई। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मृतकों के परिवारों के लिए पांच-पांच लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। 

एक्सप्रेस ट्रेन पश्चिम बंगाल के मालदा से दिल्ली जा रही थी। 

वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। 

मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि डिब्बों में दो और लोग फंसे हुए हैं। 

गोयल ने बयान में कहा, `मैंने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं, जिसे उत्तरी क्षेत्र के रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) करेंगे।`

पुलिस ने बताया कि रायबरेली के हरचंदपुर रेलवे स्टेशन के पास सुबह 6.05 बजे न्यू फरक्का एक्सप्रेस पटरी से उतर गई। इस घटना में 60 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से नौ गंभीर रूप से घायल हैं। सभी घायलों को राय बरेली के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

घटना पर शोक जताते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि वह रेल प्रशासन से संपर्क में हैं और अधिकारियों को प्रभावी तरीके से राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी, उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक विश्वेश्वर चौबे घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।

अभी तक इस घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। 

अधिकारी ने कहा कि इलाहाबाद और वाराणसी की राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) टीमों द्वारा बचाव अभियान चलाया जा रहा है। लखनऊ से एक एनडीआरएफ टीम की जल्द पहुंचने की उम्मीद है। 

इस घटना के बाद 13 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। 

भिलाई स्टील प्लांट में कोक ओवन के गैस पाइप लाइन में विस्फोट होने से बड़ा हादसा अब तक 13 लोगो की मौत की खबर

  भिलाई 9 अक्टूबर 2018। भिलाई स्टील प्लांट में हुए हादसे में मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। 4 मौत से शुरू हुआ आंकड़ा अब बढ़कर 9 मौत की पुष्टि हो चुकी है। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक ये आंकड़ा 13 तक पहुंच सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पायी है। दरअसल हादसे के बाद कुछ लोगों का अब तक पता नहीं चल रहा है। जिस जगह पर कोक ओवन का काम चल रहा था, उस वक्त 15 संयंत्रकर्मी काम कर रहे थे, हादसे के बाद 9 लोगों के शव बरामद किये जा चुके हैं, जबकि 5 कर्मियों का अब तक पता नहीं चल पा रहा है।

 भिलाई स्टील प्लांट में मंगलवार सुबह कोक ओवन में गैस पाइप लाइन में विस्फोट होने से बड़ा हादसा हो गया है। अचानक हुए विस्फोट में 13लोगों की दर्दनाक मौत हो गई हैं वहीं  30 से ज्यादा लोगों के झुलस जाने की खबर आ रही है। 

इधर घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर उमेश अग्रवाल, आईजी जीपी सिंह, एसएसपी संजीव शुक्ला सेक्टर 9 अस्पताल जायजा लेने के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि हादसे में 15 से ज्यादा कर्मी झुलस गए हैं। फिलहाल 9 लोगों के शव अस्पताल में लाए जा चुके हैं।

मंगलवार को भिलाई स्टील प्लांट के कोक ओवन बैटरी नंबर 11 के सीडीसीपी में गैस पाइप लाइप में मरम्मत के दौरान विस्फोट हो गया। विस्फोट से मरम्मत में जुटे 15 से ज्यादा कर्मी बुरी तरह झुलस गए है। गैस पाइप लाइप फटने से प्लांट में हड़कंप मच गया।

बता दें कि गैस की चपेट में आकर झुलसे कर्मियों का शव  सेक्टर 9 अस्पताल लेकर पहुंचे 9 शव को बड़ी मुश्किल से एंबुलेंस से उतारे गए हैं। इस हादसे को बीएसपी के इतिहास में अब तक के दूसरे बड़े हादसे के रूप में देखा जा रहा है।


बताया जा रहा है यह हादसा सुरक्षा की बड़ी चुक की वजह से हुआ है। प्लांट में काम करने वाले कर्मियों ने बताया कि लंबे समय से मरम्मत के दौरान सुरक्षा के तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था जिसका आज भयानक रूप देखने मिला है। इधर हादसे में आग बुझाने पहुंचे फायर बिग्रेड के कर्मियों के मौत की खबर भी सामने आ रही है।

निर्वाचन ड्यूटी में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों की भार मुक्ति पर प्रतिबंध

रायपुर, 09 अक्टूबर 2018  छत्तीसगढ़ विधानसभा के आम चुनाव 2018 के लिए आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील होने के बाद राज्य सरकार ने सभी विभागों को यह निर्देश दिए हैं कि शासकीय कर्मचारियों के स्थानांतरण से संबंधित भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव  अजय सिंह ने भारत निर्वाचन आयोग नईदिल्ली के छह अक्टूबर के पत्र का उल्लेख करते हुए निर्वाचन की घोषणा के पहले स्थानांतरित किए गए उन अधिकारियों और कर्मचारियों की भार मुक्ति पर निर्वाचन प्रक्रिया समाप्त होने तक प्रतिबंध लगा दिया है, जिन्हें निर्वाचन संबंधी विभिन्न कार्यों के लिए संलग्न किया गया है। मुख्य सचिव की ओर से इस आशय का परिपत्र यहां मंत्रालय (महानदी भवन) स्थित सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और विशेष सचिव (स्वतंत्र प्रभार) को जारी किया गया है। परिपत्र के अनुसार बहुत जरूरी होने पर विशेष परिस्थितियों में निर्वाचन आयोग की अनुशंसा और अनुमति से ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को भारमुक्त किया जा सकेगा। यह आदेश पुलिस विभाग में हुए स्थानांतरणों पर भी होगा।

छत्तीसगढ़ में बजा चुनावी बिगुल पहले चरण के चुनाव, में कांग्रेस ने जताया विरोध

छत्तीसगढ़ में चुनावी बिगुल बज चुका है। यहां दो चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे। शनिवार को ही चुनाव आयोग ने प्रेस कांफ्रेंस कर चुनाव के तारीखों की घोषणा की थी। इसके साथ ही शिकायतों का दौर भी शुरू हो चुका है। कांग्रेस ने पहले चरण में राजनांदगांव में होने वाले चुनाव को दूसरे चरण में कराने के लिए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है।  
बता दें कि राजनांदगांव मौजूदा मुख्यमंत्री रमन सिंह का गृह जिला है। यहां पहले चरण में चुनाव होना है। अब कांग्रेस ने इसपर आपत्ति जताई है। दरअसल, कांग्रेस का कहना है कि राजनांदगांव एक शांत सीट है इसलिए उसका चुनाव दूसरे चरण में कराया जाना चाहिए। 

कांग्रेस प्रवक्ता आर. पी. सिंह का कहना है कि कर्वधा, पंडरिया, सिहावा और बिंद्रानवागढ़ नक्सल प्रभावित क्षेत्र हैं, जबकि राजनांदगांव मुख्यमंत्री की सीट है और एक शांत क्षेत्र भी है। इसलिए हमने राजनांदगांव में चुनाव दूसरे चरण में कराने को लेकर चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। 

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में दो चरणों में चुनाव होने हैं। पहले चरण में नक्सल प्रभावित 18 सीटों पर 12 नवंबर को मतदान होगा। इसमें राजनांदगांव, खुज्जी, सुकमा, खैरागढ़, डोंगरगढ़, अंतागढ़, डोंगरगांव, कांकेर, मोहला-मानपुर, बस्तर, केशकाल, भानुप्रतापपुर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, जगदलपुर, चित्रकोट और बीजापुर कोंटा शामिल हैं।

वहीं, दूसरे चरण में 72 सीटों पर 20 नवंबर को मतदान होगा। चुनाव के लिए 16 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की जाएगी और 11 दिसंबर को मतों की गिनती होगी।  आचार संहिता चुनावों की घोषणा होते ही लागू कर दी जाती है। आचार संहिता चुनाव की तारीख की घोषणा होने के साथ लागू हो जाती है और नतीजे आने तक जारी रहती है। शनिवार को चुनाव आयोग ने पांच राज्यों (मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना) में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान कर दिया है। इसी के साथ इन राज्यों में भी आचार संहिता लागू हो चुकी है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आचार संहिता का पुलिस अधिकारी और शासकीय कर्मचारियों पर क्या असर पड़ता है और इस दौरान इन्हें किन नियमों का पालन करना पड़ता है-
पुलिस अधिकारी एवं शासकीय कर्मचारियों के लिए-

- आचार संहिता के दौरान कोई भी पुलिस अधिकारी और शासकीय कर्मचारी किसी भी आधिकारिक चर्चा के लिए संघ या राज्य के किसी भी मंत्री, निर्वाचन क्षेत्र या राज्य के किसी भी संबंधित अधिकारी को नहीं बुलाएंगे।

- कोई भी मंत्री संबंधित विभाग के प्रभारी के रूप में या फिर कोई मुख्यमंत्री तभी एक निर्वाचन क्षेत्र की आधिकारिक यात्रा कर सकता है, जब कोई आपात स्थिति आ जाए। उदाहरण के लिए कहीं पर प्राकृतिक आपदा आ जाना।

- इस तरह की स्थिति में मंत्रियों के साथ साथ पुलिस अधिकारी संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में जा सकते हैं।

- अगर उस स्थान पर कानून और व्यवस्था में विफलता आ जाए तो भी मंत्री और अधिकारी वहां जा सकते हैं। वह लोगों को समझाने के अलावा स्थिति को नियंत्रण में लाने का काम करेंगे।

ये दिशानिर्देश यानि आचार संहिता देश की सभी राजनीतिक पार्टियों पर लागू किया जाता है। जिसका उद्देश्य पार्टियों के बीच मतभेद टालने, शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव कराना होता है।  आचार संहिता द्वारा ये सुनिश्चित किया जाता है कि कोई भी राजनीतिक पार्टी, केंद्रीय या राज्य की अपने आधिकारिक पदों का चुनावों में लाभ हेतु गलत इस्तेमाल न करें।

दाऊ कल्याण सिंह सुपर स्पेश्यलिटी अस्पताल में मरीजों को मिलेंगी कई सुविधाएं

रायपुर, 03 अक्टूबर 2018 राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को राजधानी रायपुर में लगभग 140 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित दाऊ कल्याण सिंह सुपरस्पेश्यलिटी अस्पताल की सौगात मिली। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने शाम को इस अत्याधुनिक सरकारी अस्पताल के विशाल भवन का लोकार्पण किया।

    इस अवसर पर स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री अजय चन्द्राकर, कृषि मंत्री   बृजमोहन अग्रवाल, लोक निर्माण मंत्री  राजेश मूणत, लोकसभा सांसद   रमेश बैस और अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में नागरिक, डॉक्टर और अधिकारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि राज्य निर्माण के पहले यहां पर दानवीर दाऊ कल्याण सिंह के नाम पर डीकेएस अस्पताल का संचालन होता था।     नवंबर 2000 में राज्य स्थापना के बाद राजधानी रायपुर में मंत्रालय की स्थापना की गई। वर्ष 2012 में मंत्रालय नया रायपुर (अब अटल नगर) में निर्मित महानदी भवन में संचालित होने लगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने डीके अस्पताल भवन से मंत्रालय खाली होने के बाद इस अस्पताल भवन को आम जनता की सुविधा के लिए सुपरस्पेश्यलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया और आज गांधी जयंती के दिन उन्होंने इसका लोकार्पण किया। अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों और सुविधाओं से सुसज्जित इस अस्पताल में 125 बिस्तरों की क्रिटिकल केयर यूनिट की भी स्थापना की गई है। अस्पताल भवन 13.8 एकड़ में बनाया गया है। अस्पताल में 80 डॉक्टर, 218 नर्सिंग स्टाफ, 210 पैरामेडिकल और अन्य स्टाफ सहित आउटसोर्सिंग से 280 हाउसकिपिंग स्टाफ, 180 सुरक्षा स्टाफ और 105 मेडिकल रिकार्ड तथा रखरखाव के कर्मचारी मरीजों को अपनी सेवाएं देंगे।
    सुपर स्पेश्यलिटी अस्पताल भवन में दाऊ कल्याण सिंह के नाम पर स्नातकोत्तर संस्थान और अनुसंधान केन्द्र भी बनाया गया है, जहां चिकित्सा शिक्षा की उच्च स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। सुपरस्पेश्यलिटी अस्पताल में मरीजों को सस्ती दर पर अच्छी सेवाएं मिलेंगी। पोस्ट ग्रेजुएट संस्थान का दर्जा मिलने पर मेडिकल छात्र-छात्राओं और मरीजों को भी इसका फायदा मिलेगा। यहां पर सबसे बड़ा अत्याधुनिक डायलिसिस सिस्टम भी होगा, जहां हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी और एचआईव्ही पॉजीटिव के मरीजों को डायलिसिस की सुविधा मिलेगी। बच्चों और बुजुर्गों के लिए डायलिसिस की अलग व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा यहां पर लिवर डायलिसिस की भी सुविधा शुरू होने जा रही है। वर्तमान में यह सुविधा केवल दिल्ली में उपलब्ध है। इस अस्पताल में 20 बिस्तरों का अत्याधुनिक बर्न यूनिट सहित सिटी स्कैन आदि की भी व्यवस्था रहेगी। यह देश का पहला ऐसा सरकारी अस्पताल है, जहां वेस्ट एवं लेनिन मैनेजमेंट सिस्टम की स्थापना की जा रही है। 

आसान नहीं है किसानों की ये यात्रा आज दिल्ली पहुंचेगा 50 हजार किसानों का दल, प्रवेश मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात

नई दिल्ली: अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान आज दिल्ली पहुंचेंगे। किसान दिल्ली में प्रवेश न कर पाएं इसलिए दिल्ली के सभी प्रवेश मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, शहर के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
बता दें ​किसानों की यह पदयात्रा 3 सितंबर को हरिद्वार से शुरू थी और आज दिल्ली पहुंचेगी। भारतीय किसान युवा मोर्चा के नेता नरेश टिकैत ने बताया कि अभी इस यात्रा में करीब 20 हजार किसान शामिल हैं जिनकी संख्या शाम तक 50 हजार हो जाएगी।
दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों और केंद्र सरकार के बीच सोमवार को बातचीत रात 2:30 बजे तक बेनतीजा रही। दिल्ली-मेरठ रोड जाम है और हजारों किसान दिल्ली में घुसने पर अड़े हैं। वहीं सरकार उन्हें रोकने पर अड़ी है। किसानों ने शर्त रखी है कि सरकार के प्रतिनिधि केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह बात करने मंगलवार को किसान घाट आएं। उन्होंने दिल्ली में घुसने पर रोक और धारा 144 हटाने की भी शर्त रखी। लखनऊ से हेलिकॉप्टर के द्वारा 2 आईएएस किसानों से मिलने के लिए रवाना हो चुके हैं। वे हेलिकॉप्टर से गाजियाबाद आ रहे हैं। इस दौरान ये भी सूचना मिल रही है कि किसानों की मुलाकात दोपहर 12 बजे गृहमंत्री से भी होगी।
मीडिया रिपोर्ट  के अनुसार   इस समय किसान साहिबाबाद से होकर वैशाली के रास्ते कौशाम्बी से आनंद बिहार जाने वाले रास्ते पर टिके हुए हैं। किसानों के साथ महिला किसानों ने भी अपनी कमर कस ली है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसानों को यूपी गेट से आगे नहीं जाने दिया जाएगा। मौके पर आरएएफ और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बार्डर को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। किसानों को गिरफ्तार करने के लिए बसों का भी इंतजाम किया गया है।

ये है किसानों की प्रमुख मांगें...

किसानों के लिए न्यूनतम आय तय करने, 60 साल की आयु के बाद किसान को 5,000 रुपए प्रति माह पेंशन की मांग की गई है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बदलाव किया जाए। इस योजना में किसानों को लाभ मिलने के बजाए बीमा कंपनियों को लाभ मिल रहा है।
सरकार पूर्ण कर्जमाफी करें और बिजली के बढ़ाए दाम वापस ले। 
किसानों को सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त में उपलब्ध कराई जाए। 
दिल्ली-एनसीआर में 10 साल से ज्यादा पुराने ट्रैक्टरों पर रोक हटा दी जाए।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना में बिना ब्याज लोन दिया जाए। महिला किसानों के लिए क्रेडिट कार्ड योजना अलग से बनाई जाए।
आवारा पशुओं से किसानों के फसल को बचाने का इंतजाम किया जाए। 
जिन किसानों ने खुदकुशी की है, उनके परिजनों को नौकरी और परिवार को पुनर्वास दिलाने की मांग उठाई गई है।
स्वामिनाथन कमेटी के फॉर्मूले के आधार पर किसानों की आय सी-2 लागत में कम से कम 50 प्रतिशत जोड़ कर दिया जाए।
सभी फसलों की शत-प्रतिशत खरीद की गारंटी दी जाए।
खेती में उपयोग होने वाली सभी वस्तुओं को जीएसटी से बाहर करने की मांग अहम है।
चीनी का न्यूनतम मूल्य 40 रुपए प्रति किलो किया जाए और 7 से 10 दिन के अंदर गन्ना किसानों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
किसानों के पेंशन और गन्ने का बकाया भुगतान किया जाए।

ऑल इंडिया अॉर्गनाइजेशन अॉफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट ने सरकार के फैसले का किया विरोध दवाई दुकाने आज रहेगी बंद

 रायपुर -दवा दुकानदारों की एक शीर्ष संस्थान ने अॉनलाइन दवा बिक्री को नियमित करने के केंद्र के कदम के खिलाफ शुक्रवार को एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। ई-कॉमर्स कंपनियों और ऑनलाइन पोर्टल पर दवाइयों की बिक्री के खिलाफ 28 सितंबर को आज शहर और जिले में दवाइयों की दुकानें बंद रहेंगी। 

अॉल इंडिया अॉर्गनाइजेशन अॉफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट(एअाईअोसीडी) ने सरकार के फैसले का विरोध किया है और कहा कि ई-फार्मेसी से उनके धंधे पर खतरा उत्पन्न हो गया है और इससे दवाओं के दुरुपयोग का जोखिम पैदा हो सकता है।

कैमिस्ट आनलाइन दवा कारोबार का विरोध कर रहे हैं। जिसके कारण शुक्रवार को कैमिस्ट अपनी दुकानें बंद रखेंगे। इसके अलावा रिटेल में एफ.डी.आई. और वॉलमार्ट के विरुद्ध कैंट का आज भारत व्यापार बंद भी  किया गया है