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महेश गागड़ा की बीए डिग्री हो चुकी है अमान्य ,फिर भी नामांकन शपथपत्र में लिखा बीए पास और डिग्री की कॉपी भी लगाई ,कांग्रेस करेगी निर्वाचन अधिकारी से शिकायत

रायपुर : बीजापुर से बीजेपी प्रत्याशी महेश गागड़ा नई मुसीबत में पड़ सकते हैं।बीबीएन 24 की सहयोगी संस्था  'द एक्सपोज़र' को पड़ताल में पता चला है कि जिस डिग्री का हवाला उन्होंने अपने नामांकन पत्र में जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष शपथपूर्वक दिया है वह अब अमान्य हो गया है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार में वन मंत्री रहे महेश गागड़ा ने सालेम तमिलनाडु के विनायका मिशन यूनिवर्सिटी से वर्ष 2011 में चार वर्ष की अवधि में बीए (HEP ) कोर्स पूरा किया था। विनायका मिशन यूनिवर्सिटी डिस्टेंस एजुकेशन का कोर्स पुरे देशभर में करवाती थी लेकिन सबसे पहले यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन )ने फिर सुप्रीम कोर्ट ने इसी वर्ष इस यूनिवर्सिटी की सभी डिस्टेंस लर्निंग डिग्री (2005 से 2015 )सस्पेंड कर दी है।  

 

(नामांकन में दी गई शैक्षणिक जानकारी )

 

अगस्त 2018 में विनायका यूनिवर्सिटी को फर्जी बताया यूजीसी ने 

यूजीसी ने इस यूनिवर्सिटी को सिर्फ मेडिकल शिक्षा के लिए 2010 में उनके फाउंडेशन विनायका मिशन  रिसर्च फाउंडेशन को मान्यता दी थी । यूजीसी के गाइडलाइन्स के मुताबिक कोई भी प्राइवेट या डीम्ड यूनिवर्सिटी अपने स्टेट के बाहर रेग्युलर या डिस्टेंस मोड़ में डिग्री नहीं दे सकती है। लेकिन इसका दुरुपयोग करते हुए यूनिवर्सिटी  ने छत्तीसगढ़ सहित देशभर में अपने केंद्र खोलकर दूसरी अमान्य डिग्रीयां बाँटी थीं। पंजाब ,छत्तीसगढ़ से इस यूनिवर्सिटी की सर्वाधिक शिकायतें थी। इसी दिशा में कदम उठाते हुए यूजीसी ने इसी साल 09 अगस्त 2018 को एक नोटिफिकेशन जारी किया और देशभर के फर्जी 35 यूनिवर्सिटी के डिस्टेंस लर्निंग कोर्स की मान्यता खत्म कर दी है। इसमें प्रमुख तौर पर उस विनायका यूनिवर्सिटी का भी नाम है जहाँ से महेश गागड़ा ने डिग्री ली है। यूजीसी की यह लिस्ट उनके वेबसाइट में देखी जा सकती है।

(यूजीसी का नोटिफिकेशन )

 

यूजीसी ने तमिलनाडु के   सिर्फ तीन यूनिवर्सिटी को मान्यता दी है ,उनके नाम हैं- यूनिवर्सिटी ऑफ़ मद्रास ,अन्ना यूनिवर्सिटी व तमिलनाडु ओपन यूनिवर्सिटी। गागड़ा ने शपथ पत्र के साथ इस यूनिवर्सिटी को वैध बताने के लिए एक अन्य दस्तावेज भी जारी किया है जो यूनिवर्सिटी ने 2015 में उन्हें जारी किया था। लेकिन यूजीसी द्वारा और सुप्रीम कोर्ट द्वारा डिग्री अमान्य होने से 3 वर्ष पुराने उस कागज़ का अब महत्त्व नहीं रह जाता है। 

(प्रमुख अख़बारों के न्यूज़ वेबसाइट में छपी खबर)

 

कांग्रेस अब करेगी जिला निर्वाचन अधिकारी व मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से शिकायत 

चुनावी शपथ पत्र में नियमानुसार उन डिग्रीयों को प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है,जो अमान्य हैं या फर्जी है। लेकिन इसके बावजूद महेश गागड़ा द्वारा नामांकन पत्र में अमान्य डिग्री प्रस्तुत की गई है।नामांकन शपथपत्र में गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किये जाते हैं तो स्क्रूटनी के बाद भी मामला दर्ज़ किया जा सकता है व नामांकन रद्द किया जा सकता है।  इस मामले में बीजापुर से कांग्रेस प्रत्याशी विक्रम मंडावी द्वारा निर्वाचन अधिकारियों के पास शिकायत करने की बात 'द एक्सपोज़र ' से कही है। महेश गागड़ा के द्वारा पिछले चुनावी शपथपत्र में भी इस डिग्री का हवाला दिया गया है।

गौरतलब है कि महेश गागड़ा के ऊपर रामकुमार निर्मलकर नामक एक धोबी की हत्या का आरोप भी था ,लेकिन वे  इस मामले में 04 जुलाई 2014 को न्यायालयीन आदेश (अपर सत्र )के द्वारा बरी हो चुके हैं। इससे पूर्व संसदीय सचिव रहते तक उनके ऊपर यह प्रकरण चल रहा था। 

दीपावली के दौरान वायु और ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए रायपुर में अधिकारियों की पहल ने रंग लाइ

रायपुर - पर्यावरण विभाग के ओएसडी संजय शुक्ला ने राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में दीपावली के दौरान वायु और ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए राजधानी रायपुर में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर उन्हें सतर्क कर दिया था. उनके निर्देश पर सभी प्रमुख शहरों में जन जागरण अभियान भी चलाया गया। प्रचार-प्रसार के जरिये आम जनता को उच्चतम न्यायालय द्वारा पटाखों पर जारी दिशा निर्देशों एवं पर्यावरण संरक्षण नियमों की जानकारी दी गई। इस अभियान में जिला प्रशासन व पुलिस विभाग का भी सहयोग मिला। इन सब प्रयासों के फलस्वरूप दीपावली के दौरान वायु प्रदूषण के स्तर में काफी गिरावट दर्ज की गई. छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के विशेषज्ञों द्वारा दीपावली के 7 दिन पूर्व से 7 दिन बाद तक वायु प्रदूषण का मापन किया जा रहा है. रायपुर में इस बार दीपावली में वायु प्रदूषण पिछले साल की तुलना में लगभग 10.2 प्रतिशत कम रहा. प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर में पिछली दीपावली के मुकाबले इस बार वायु प्रदूषण के स्तर में करीब 22.3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई. रायपुर शहर में औसत परिवेशीय वायु गुणवत्ता (पीएम-10) अर्थात हवा में धूल के कणों की संख्या इस वर्ष 73.66 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रही,  जो वर्ष 2017 में 82.04 माइक्रोग्राम दर्ज की गई थी. इसी तरह सल्फरडाई आक्साइड गैस का स्तर भी 8.14 प्रतिशत कम होकर 19.68 और नाइट्रोजन आक्साइड गैस का स्तर लगभग 4.43 प्रतिशत कम होकर 29.54 पाया गया, जबकि वर्ष 2017 में सल्फरडाई आक्साइड का स्तर 21.38 और नाइट्रोजन आक्साइड गैस का स्तर 30.91 पाया गया था.
बिलासपुर शहर में पर्यावरण संरक्षण मंडल के विशेषज्ञों द्वारा दीपावली में की गई मॉनिटरिंग के अनुसार उस दिन वहां औसत परिवेशीय वायु में धूल कणों की संख्या 22.3 प्रतिशत कम होकर 71.7 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर पाई गई,  जो वर्ष 2017 में 92.3 प्रति घनमीटर थी. रायपुर शहर में दीपावली के दिन ध्वनि प्रदूषण में भी लगभग 6 प्रतिशत कमी पाई गई. इस बार रायपुर में ध्वनि की तीव्रता 86.0 डेसीबल रही,  जो वर्ष 2017 में 91.33 डेसीबल थी. न्यायधानी बिलासपुर में इस बार दिवाली में ध्वनि की औसत तीव्रता पिछले साल की तुलना में 8.86 प्रतिशत कम होकर 75.0 डेसीबल दर्ज की गई.

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों द्वारा आज यहां जारी रिपोर्ट के अनुसार वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण कम होने के कारण रायपुर और बिलासपुर शहर के निवासियों को इस बार दीपावली की रात काफी सुकून मिला. मंडल के अधिकारियों ने बताया कि मण्डल द्वारा दीपावली के मौके पर आम जनता से पटाखों का उपयोग करते समय पर्यावरण नियमों के के साथ-साथ सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का भी पालन करने की अपील की गई थी. छत्तीसगढ़ शासन एवं पर्यावरण मण्डल की इस अपील का काफी सकारात्मक असर देखा गया. राज्य शासन द्वारा विभागीय अधिकारियों और पर्यावरण संरक्षण मंडल को दिवाली के दिन हवा और ध्वनि प्रदूषण में कमी लाने के लिए सभी जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे.


पर्यावरण संरक्षण मंडल के अध्यक्ष एवं प्रमुख सचिव,  आवास एवं पर्यावरण विभाग ने रायपुर और बिलासपुर शहरों में दीपावली के दौरान वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण को कम करने में मिली सफलता का श्रेय आम जनता को दिया है. उन्होंने कहा है कि जन जागरण और जन भागीदारी से ही यह संभव हो पाया है. उन्होंने लोगों से भविष्य में भी रायपुर सहित प्रदेश के सभी शहरों में पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए इसी तरह सहयोग बनाए रखने की अपील की है.

छग विस चुनाव : कांग्रेस की अंतिम सूची में 19 नामों की घोषणा

रायपुर-   कांग्रेस ने गुरुवार को   19 प्रत्याशियों की सूची घोषित कर दी। मिली जानकारी के मुताबिक कोटा सीट से विभोर सिंह को टिकट दिया गया है। गौरतलब है कि इस सीट पर रेणू जोगी को प्रमुख दावेदार माना जा रहा था, लेकिन गुरुवार को ही जनता कांग्रेस ने रेणू जोगी को कोटा से टिकट देने की घोषणा की।

इसके अलावा कांग्रेस ने  दुर्ग ग्रामीण से सांसद ताम्रध्वज साहू रायपुर उत्तर से कुलदीप जुनेजा, दक्षिण से कन्हैया अग्रवाल, बिलासपुर से शैलेष पांडे को टिकट दिया है। 

भाजपा का उत्तर सुन्दरानी को

 रायपुर: भारतीय जनता पार्टी को रायपुर उत्तर विधानसभा सीट के लिए आखिर कर प्रत्यासी मिल ही गया काफी गहमा गहमी के बाद बीजेपी ने मौजूदा विधायक श्रीचंद सुंदरानी को टिकट दिया है. श्रीचंद सुंदरानी ने कहा कि उन्होंने क्षेत्र में लगातार विकास के काम किए हैं. टिकट मिलने पर सुंदरानी ने जीत का दावा करते हुए पार्टी के आला नेताओं का आभार जताया है.
 पार्टी ने 90 सीटों में से 89 पर नामों का ऐलान कर दिया था और सिर्फ रायपुर उत्तर ही बाकी था. आज पार्टी ने इसका भी ऐलान कर दिया.

भाजपा ने जारी की 11 प्रत्याशियो की सूची किसे मिला टिकट किसका कटा टिकट देखे पूरी लिस्ट

नई दिल्ली/रायपुर-बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए बची हुई 12 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. प्रेम नगर से विजय प्रताप सिंह, रामानुजगंज से रामकिशुन सिंह, कोटा से काशी साहू, जैजैपुर कैलाश साहू, सरायपाली से श्याम तांडी, बसना से डीसी पटेल, महासमुंद से पूनम चंद्राकर, बलौदाबाजार से केशु धुरंधर, संजारी बालोद से पवन साहू, गुंडरदेही से दीपक साहू, वैशालीनगर से विद्यारतन भसीन

राहुल गांधी उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुंचे

उज्जैन/इंदौर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मध्य प्रदेश के दो दिवसीय दौरे के तहत सोमवार को इंदौर होते हुए उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंच गए हैं, जहां वह पूजा अर्चना कर रहे हैं। उज्जैन के पुलिस नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, राहुल लगभग पौने बारह बजे उज्जैन और फिर वहां से महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे।

उनके साथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ, प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद हैं। राहुल यहां बाबा महाकाल की विधि-विधान से पूजा अर्चना कर रहे हैं। इससे पहले राहुल विशेष विमान से लगभग सवा ग्यारह बजे इंदौर हवाईअड्डे पर उतरे। हवाईअड्डे पर राहुल का स्वागत कांग्रेस नेताओं ने किया, वह वहां से हेलीकॉप्टर से उज्जैन के लिए रवाना हुए। महाकालेश्वर मंदिर में पूजा के बाद राहुल उज्जैन के दशहरा मैदान में एक विशाल आमसभा को संबोधित करेंगे।
तय कार्यक्रम के अनुसार, राहुल उज्जैन से रवाना होकर झाबुआ पहुंचेंगे, जहां वह कॉलेज ग्राउंड में आमसभा को संबोधित करेंगे। वह इंदौर वापस आकर वहां शाम 5.45 बजे से रोड शो करेंगे। वह रोड शो के बाद राजवाड़ा चौक पर एक बड़ी सभा को संबोधित करेंगे।
कांग्रेस के अनुसार, राहुल अपने दौरे के दूसरे दिन 30 अक्टूबर को सुबह नौ बजे से दस बजे तक इंदौर रेडीसन में संपादकों, पत्रकारों, व्यापारी समुदाय एवं व्यवसायियों से चर्चा करेंगे। वह उसी दिन धार और खरगोन में आमसभाओं को संबोधित करेंगे।
राहुल शाम 4.50 बजे महू पहुंचकर वहां अंबेडकर प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और महू में ही नया दशहरा मैदान में आमसभा को संबोधित करेंगे। वह शाम सात बजे सड़क मार्ग से इंदौर पहुंचकर विशेष विमान द्वारा दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने जारी की 37 प्रत्याशियों की तीसरी सूची

रायपुर. छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपनी दूसरी सूची जारी कर दी है. दूसरी सूची में  प्रत्याशियों के नाम शामिल है.  

सीबीआई प्रमुख के घर के पास आईबी के 4 कर्मी पकड़े गए, एजेंसी ने निर्दोष बताया

नई दिल्ली - एक नाटकीय घटनाक्रम में राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) निदेशक आलोक वर्मा के आवास के बाहर उनके सुरक्षा कर्मचारियों ने गुरुवार को खुफिया ब्यूरो (आईबी) के चार कर्मियों को पकड़ा। इसे लेकर आईबी ने किसी भी तरह के संदेह को खारिज करते हुए बताया है कि उसके कर्मचारी नियमित गश्त पर थे।

मंगलवार रात केंद्र सरकार द्वारा `लंबी छुट्टी` पर भेजे गए आलोक वर्मा के सुरक्षा स्टाफ ने आईबी कर्मियों को पकड़ा और उन्हें आवास में खींच कर ले गए। चारों आईबी कर्मी सीबीआई निदेशक के जनपथ स्थित आवास के बाहर कार में बैठे थे।
हर आईबी कर्मी को आलोक वर्मा के दो गार्डो ने पकड़ा हुआ था। गार्ड उन्हें पकड़कर वर्मा के बंगले में ले गए और उन्हें अपनी पहचान बताने को कहा। इन चारों आईबी कर्मियों को बुधवार रात से उनकी कार में देखा जा रहा था। इससे संदेह पैदा हुआ कि वे वर्मा की जासूसी कर रहे हैं।
इससे पहले सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा को सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के साथ विवाद के बाद सरकार ने `छुट्टी` पर भेज दिया। एक वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि आलोक वर्मा के सुरक्षा अधिकारी इन लोगों को खींचते हुए ले जा रहे हैं। इसके बाद आईबी ने स्वीकार किया कि यह सभी व्यक्ति उसके कर्मचारी हैं।
आईबी ने एक बयान में कहा, `आईबी के पास सार्वजनिक व्यवस्था व आंतरिक सुरक्षा के हालात को प्रभावित करने वाली बातों पर खुफिया सूचना एकत्र करने की जिम्मेदारी है। इसकी इकाइयों को नियमित रूप से संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाता है।
इसमें कहा गया है, `इसी तरह की एक इकाई आज (गुरुवार) सुबह जनपथ पर रुकी जहां असामान्य रूप से लोग जमा थे। ऐसा यह जांचने के लिए था कि लोग इस जगह पर क्यों जमा हैं...यह उच्च सुरक्षा वाला क्षेत्र है। दुर्भाग्य से उनकी मौजूदगी को अन्यथा पेश किया गया।
इन चार व्यक्तियों को दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया। इनकी पहचान धीरज कुमार, अजय कुमार, प्रशांत कुमार व विनीत कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। धीरज कुमार व अजय कुमार ने पुलिस से कहा कि वे कनिष्ठ आईबी अधिकारी हैं, जबकि अन्य दो ने ब्यूरो में वरिष्ठ अधिकारी होने का दावा किया।
इन व्यक्तियों के पास से पहचान पत्र व कई मोबाइल फोन बरामद किए गए। आलोक वर्मा व उनके राकेश अस्थाना को एक दूसरे पर रिश्वत के आरोप लगाने के विवाद के बीच मंगलवार रात्रि को एजेंसी में ड्यूटी से हटा दिया गया।
कांग्रेस ने `मोदी सरकार पर पर जासूसी में शामिल होने का और केंद्रीय एजेंसी के खुल्लमखुल्ला इस्तेमाल का आरोप लगाया है।
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, `बल, धमकी व संदिग्ध सौदेबाजी का इस्तेमाल कर एजेंसी को अपने इशारे पर नचाना ही भाजपा का वास्तविक चरित्र है।

आलोक वर्मा के आवास के बाहर से पकड़े गए 2 संदिग्ध

नई दिल्ली - केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में उजागर कथित घूसकांड के बाद छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा के आवास के बाहर से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। वर्मा के निजी सुरक्षा गार्डो ने इन संदिग्धों को पकड़ा।

सूत्रों का कहना है कि अभी इन संदिग्धों की पहचान और इनके उद्देश्यों का पता नहीं चल पाया है लेकिन जनपथ पर वर्मा के आवास के बाहर जासूसी करते पकड़े गए। सूत्रों ने कहा कि वर्मा के मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने संदिग्धों को कार में बैठने के दौरान पकड़ लिया।
दिल्ली पुलिस और सीबीआई की टीमें इस मामले की जांच कर रही है। सीबीआई में कथित घूसकांड के बीच शीर्ष अधिकारियों के बीच टकराव की स्थिति के बीच बुधवार को केंद्र सरकार ने आलोक वर्मा और सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया।

सर्वोच्च अदालत ने पटाखे जलाने को सशर्त मंजूरी दी

नई दिल्ली  - सर्वोच्च अदालत ने मंगलवार को अहम फैसला सुनाते हुए पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाने वाले पटाखों के उत्पादन एवं बिक्री की अनुमति दी, जिनसे कम उत्सर्जन हो। दिवाली के दिन रात आठ से रात 10 बजे तक ही पटाखे जलाने की मंजूरी है। जस्टिस ए.के. सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने हरित नियमों पर खरा नहीं उतरने वाले पटाखों को जलाने पर प्रतिबंध लगाया है, जो पूरे साल लागू रहेगा।

यह नियम नए साल के जश्न और शादी-समारोहों में भी लागू रहेगा।

सर्वोच्च न्यायालय में पटाखों के निर्माण, बिक्री और अपने पास रखने के संबंध में प्रतिबंध लगाने वाली याचिकाओं पर आज आएगा फैसला

नई दिल्ली - | सर्वोच्च न्यायालय पूरे देश में पटाखों के निर्माण, बिक्री और अपने पास रखने के संबंध में प्रतिबंध लगाने वाली याचिकाओं पर मंगलवार को फैसला सुनाएगा। न्यायमूर्ति ए.के. सीकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने कहा कि हालांकि मामला सोमवार को सूचीबद्ध था, वे 23 अक्टूबर को अपना फैसला सुनाएंगे।

शीर्ष अदालत ने 28 अगस्त को वायु प्रदूषण के चलते बिगड़ते हालात को नियंत्रित करने के मद्देनजर पूरे देश में पटाखों पर प्रतिबंध लगाने वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
अदालत ने याचिकाकर्ताओं, पटाखा निर्माताओं और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पक्ष सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि स्वास्थ्य का अधिकार और व्यापार या व्यवसाय चलाने के अधिकार के बीच सामंजस्य बनाने की जरूरत है।
पटाखा निर्माण करने वालों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि दिवाली के दौरान केवल पटाखे प्रदूषण बढ़ाने की एकमात्र वजह नहीं है। यह प्रदूषण बढ़ाना वाला एक कारक है और इस आधार पर पूरे उद्योग को बंद नहीं किया जा सकता।
अदालत ने सुनवाई के दौरान वायु प्रदूषण की वजह से बच्चों में श्वास की समस्याओं के बढ़ने को लेकर भी चिंता जताई थी और कहा था कि वह इस पर निर्णय करेगी कि क्या पटाखे फोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा या मुनासिब नियंत्रण स्थापित किया जाएगा।
शीर्ष अदालत ने 2017 में दिवाली के दौरान दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था।

राजधानी में राहुल गांधी करेंगे किसान सम्मेलन को सम्बोधित

रायपुर - अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का 22 अगस्त को राजधानी रायपुर आगमन हो रहा है। वे दोपहर 2 बजे नियमित विमान से पहुंच कर राजधानी के साईंस कॉलेज मैदान में विशाल किसान सभा को सम्बोधित करेंगे। शाम को 5 बजे कुछ संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करने के बाद शाम को 7.40 बजे नियमित विमान से दिल्ली वापस जाएंगे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आगमन की तैयारियां जोर शोर से चल रही है। कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी पी.एल. पुनिया, एआईसीसी के महासचिव एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा, पिछड़ा वर्ग विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद ताम्रध्वज साहू और राष्ट्रीय सचिव चन्दन यादव, अरुण उरांव, स्वयं कार्यक्रम के तैयारियों की निगरानी कर रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने आज दुर्ग भिलाई में तैयारियों के संबंध में बैठक ली।

छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 77प्रत्याशियों के नामों का किया ऐलान

भाजपा चुनाव समिति ने तय किया इन प्रत्याशियों का नाम देखे सूची-
 
भाटापारा-      शिवरतन शर्मा
बिलाईगढ़-     डाॅ.सनम जांगड़े

कसडोल-       गौरीशंकर अग्रवाल
 

जगदलपुर- संतोष बाफना

नारायणपुर- केदार कश्यप
बीजापुर-     महेश गागड़ा
बस्तर-        सुभाऊ कश्यप
चित्रकोट-    लच्छुराम कश्यप
कोंटा-        धनीराम बारसे
दंतेवाड़ा-   भीमा मंडावी
अंतागढ़-   विक्रम उसेंडी
भानुप्रतापपुर- देवलाल दुग्गा
कोंडागांव-   लता उसेंडी
केशकाल- हरिशंकर नेताम
दुर्ग शहर-      चंद्रिका चंद्राकर
दुर्ग ग्रामीण-   जागेश्वर साहू
वैशालीनगर-   राकेश पांडेय
भिलाईनगर-  प्रेमप्रकाश पांडेय
पाटन-           मोतीराम साहू
अहिवारा-      सांवलाराम डहरे
साजा-          लाभचंद बाफना
बेमेतरा-       अवधेश चंदेल
नवागढ़ –       दयालदास बघेल
राजनांदगांव- डाॅ.रमन सिंह
डोंगरगढ़-     सरोजनी बंजारे
खैरागढ़-        कोमल जंघेल
डोंगरगांव-    मधुसूदन यादव
खुज्जी-          हिरेंद्र साहू
मोहला-मानपुर- कंचनमाला भूआर्य
कवर्धा-  अशोक साहू
पंडरिया- मोतीलाल चंद्रवंशी
बिलासपुर-  अमर अग्रवाल
बिल्हा-       धरमलाल कौशिक
तखतपुर-    हर्षिता पांडेय
मस्तुरी-      कृष्णमूर्ति बांधी
मुंगेली-      पुन्नूलाल मोहिले
लोरमी-      तोखन साहू
मरवाही-   अर्चना पोर्ते
बेलतरा-     रजनीश सिंह
जांजगीर-चांपा- नारायण चंदेल
अकलतरा-      सौरभ सिंह
सक्ती-      मेघराम साहू
चंद्रपुर-  संयोगिता सिंह जूदेव
पामगढ़-  अंबेश जांगड़े
रायगढ़-    रोशनलाल अग्रवाल
खरसिया- ओमप्रकाश चौधरी
सारंगढ़- केराबाई मनहर
धरमजयगढ़- लीनफ राठिया
कोरबा-  विकास महतो
रामपुर-  ननकी राम कंवर
कटघोरा- लखन देवांगन
पाली-तानाखार- रामदयाल उइके
अंबिकापुर-    अनुराग सिंहदेव
सीतापुर-        रामगोपाल भगत
प्रतापपुर-       रामसेवक पैकरा
सामरी-        सिद्धनाथ पैकरा
लुंड्रा-           विजय नाथ सिंह
भटगांव-        रजनी त्रिपाठी
बैकुंठपुर-     भैयालाल राजवाड़े
मनेंद्रगढ़-     श्याम बिहारी जायसवाल
भरतपुर सोनहत- चंपादेवी पावले
जशपुर-  गोविंद राम
पत्थलगांव-  शिवशंकर पैकरा
कुनकुरी-  भरत साय
रायपुर उत्तर- अभी घोषणा नहीं हुई है।
रायपुर दक्षिण-     बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर पश्चिम-      राजेश मूणत
रायपुर ग्रामीण-    नंदे साहू
अभनपुर-            चंद्रशेखर साहू
आरंग-                संजय ढीढी
धरसींवा-             देवजीभाई पटेल
राजिम-               संतोष उपाध्याय
बिंद्रा नवागढ़-      डमरूधर पुजारी
धमतरी-               रंजना साहू
कुरूद-             अजय चंद्राकर
नगरी सिहावा-  पिंकी शिवराज शाह
खल्लारी-          मोनिका साहू
 

 

अमृतसर में बड़ा रेल हादसा - रावण दहन देख रहे लोगों पर चढ़ी ट्रेन, कई लोगों की मौत

दशहरा के दिन पंजाब के अमृतसर में बड़ा रेल हादसा हुआ है। यहां रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर रावण दहन देख रही भीड़ पर ट्रेन चढ़ गई जिससे कई लोगों की मौत हो गई। हादसे में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत की खबर है। मरने वालों की तादाद और बढ़ सकती है। ट्रैक के दोनों ओर शव बिखरे हुए हैं। 
 
रेलवे ट्रैक के पास बने ग्राउंड में आस-पास के लोग दशहरे का उत्सव देख रहे थे। ये सभी लोग उत्सव देखते-देखते ट्रैक पर पहुंच गए और बड़ा हादसा हो गया। घटना अमृतसर के जौड़ा फाटक इलाके में हुई जो शहर के बीचोंबीच स्थित है। यह हादसा अमृतसर दिल्ली रेलवे ट्रैक पर हुआ। दो अलग-अलग ट्रैक पर दो ट्रेनें एक साथ आ गई थी जिससे लोगों को कहीं भी भागने का मौका नहीं मिल पाया।
ग्राउंड से लेकर ट्रैक तक सैकड़ों की संख्या में लोग खड़े थे इसी दौरान ये दर्दनाक हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि भीड़ रावण दहन देखने में व्यस्त थी और पटाखों के शोर में रेल की आवाज दब गई जिससे ट्रेन के आने का पता ही नहीं चला।

राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या 100 से ज्यादा हो सकती है। इस हादसे के बाद पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि इस जगह पर दशहरा कार्यक्रम की इजाजत क्यों दी गई। 

बस्तर संभाग में होने वाले मतदान के लिए कांग्रेस ने जारी की अपने 12 प्रत्याशियों की सूची

 रायपुर - छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 के प्रथम चरण में होने वाले 18 सीटों के चुनाव के लिए कांग्रेस ने 12 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है।

अंतागढ़ से अनूप नाग, भानुप्रतापपुर से मनोज सिंह मण्डावी, कांकेर से शिशुपाल सोरी, केशकाल से संतराम नेताम, कोंडागांव से मोहनलाल मरकाम, नारायणपुर से चंदन कश्यप, बस्तर से लखेश्वर बघेल, जगदलपुर से रेखचंद जैन, चित्रकोट से दीपक कुमार बैज, बीजापुर से विक्रमशाह मण्डावी, कोंटा से कवासी लखमा और दंतेवाड़ा से झीरम घाटी नक्सली हमले में मृत स्व महेन्द्र कर्मा की पत्नी देवती कर्मा को मौका दिया गया है। एआईसीसी की ओर से महासचिव मुकुल वासनिक के हस्ताक्षर से सूची जारी की गई है।