छत्तीसगढ़

राजीव गांधी किसान न्याय योजना से बीजापुर जिले में 09 हजार 878 किसानों को मिलेगा फायदा

बीजापुर @ प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व राजीव गांधी के पुण्यतिथि के अवसर पर किसान न्याय योजना का वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शुभारंभ किया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी एवं भूपेश बघेल ने सभी जिलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की और कुछ जिलों के किसानों से बातचीत करते हुए जानकारी ली । बीजापुर जिले में 09 हजार 878 किसानों को इसका फायदा मिलेगा । जिले में लगभग 40 करोड़ रुपये बोनस के रुप मे किसानों को मिलेगा। आज वीडियो कांफ्रेंसिंग में बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक विक्रम शाह मंडावी जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियमए कलेक्टर के डी कुंजाम जिला पंचायत सीईओ पोषण लाल चंद्राकर एवं उपसंचालक कृषि अधिकारी पी एस कुशरे मौजूद थे।

देहव्यापार की सूचना छापामार कार्यवाही, छह लोग गिरफ्तार 2 महिला समेत 4 पुरुषों को किया गिरफ्तार बिलासपुर के मगरपारा की घटना।

बिलासपुर सिविल लाइन पुलिस ने देहव्यापार करने वाले दो महिला और 4 पुरषों को गिरफ्तार किया। लॉक डाउन के दौरान पुलिस को मुखबिर से लगातार देहव्यापार की सूचना मिल रही थी। इसी के आधार पर पुलिस ने मगरपारा के करीब मरारगली में छापामार कार्यवाही की। देहव्यापार करने वाली दो महिला लक्ष्मी शुक्ला और रेखा बाबर शेख, के साथ चार पुरूष आरोपी, विजय कुमार, राजा शर्मा, सूर्यकांत उर्फ मोनू पाण्डेय, अजय शुक्ला को पकड़ा गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सभी के खिलाफ पास्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है। गौरतलब है कि इन दिनों जहां पूरे शहर में धारा 144 लागू है, और लॉक डाउन की वजह से लोगों अपने घरों में हैं। वही कुछ ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने इस गरमगोश्त के धंधे से पैसे कमाने की कोशिश की है। यही कारण है कि घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोगों ने इसकी सूचना मुखबीर के माध्यम से पुलिस तक पहुंचाई थी।

बिलासपुर क्वारेन्टीन सेंटर राजनीति भूख से बेहाल मजदूरों का फूटा गुस्सा

मजदूरों ने किया हंगामा । क्वारेन्टीन सेंटर में अव्यवस्था। भूख से बेहाल मजदूरों का फूटा गुस्सा। समय पर नहीं मिल रहा है भोजन। नाराज मजदूरों ने थोड़ा गेट। नेता प्रतिपक्ष ने लगाया आरोप। प्रदेशभर में क्वॉरेंटाइन सेंटर का यही हाल। भूख से बेहाल मजदूरों ने क्वॉरेंटाइन सेन्टर में जमकर हंगामा मचाया। घटना छत्तीसगढ़ बिलासपुर के ग्राम दोमुहानी में बनाए गए क्वॉरेंटाइन सेंटर का है। यहां समय पर मजदूरों को भोजन नहीं मिलने की वजह से नाराज मजदूरों ने पहले जमकर हंगामा मचाया। फिर सेंटर के बाहर निकल प्रदर्शन किया। इस बीच कुछ नाराज मजदूरों ने मुख्य दरवाजे को भी तोड़ दिया। वहीं दूसरी तरफ इस पूरे मामले को लेकर छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। इन्होंने क्वारेन्टीन सेंटर अवस्था को मुद्दा बनाया है। इनकी मानें तो आज मजदूर क्वारेन्टीन सेंटर में आत्महत्या कर रहे हैं..! वहां से भाग जा रहे हैं...! यहां तक कि खाने-पीने और रहने की मूलभूत व्यवस्था भी इन सेंटर में नही हो पाई है। इन सबके बावजूद सरकार कागजों पर सर्व सुविधा युक्त क्वारेन्टीन सेंटर होने की बात करती है। जो विपक्ष के समझ से परे है। इसके दिगर नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ने मजदूरों के भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी सरपंचों पर डालने को भी गलत ठहराया है। धरम लाल कौशिक। नेता प्रतिपक्ष छत्तीसगढ़।

विजयवाड़ा से स्पेशल श्रमिक ट्रेन से चांपा पहुंचे श्रमिक जांजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ़ जिले के कुल 53 श्रमिक यात्री भी चांपा पहुंचे,

लाकडाउन में फंसे श्रमिको को मिली राहत, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार, जांजगीर-चांपा, 20 मई 2020/ विजयवाड़ा आंध्रप्रदेश से विशेष श्रमिक ट्रेन का आज दोपहर 3.30 बजे चांपा आगमन हुआ। लाक डाउन के कारण आंध्रप्रदेश व आसपास के क्षेत्र में रोजी मजदूरी करने गए श्रमिक पिछले करीब दो माह से फंसे हुए थे।राज्य सरकार द्वारा श्रमिक स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था हो जाने से जांजगीर-चांपा जिले के 37 श्रमिक आज चांपा पहुचे। इस ट्रेंन में रायगढ़ और सुकुमा के 4-4, बलरामपुर के 2 और कोरिया के 1 को मिलाकर कुल 53 श्रमिक चांपा स्टेशन पहुंचे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर लाकडाउन में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को वापस लाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। ट्रेन के प्लेटफार्म पहुचने पर जिला पंचायत सीईओ श्री तीर्थराज अग्रवाल, अपर कलेक्टर लीना कोसम, चांपा एसडीएम, बजरंग दुबे सहित उपस्थित अधिकारियो व कर्मचारियो ने तालिया बजाकर श्रमिकों का स्वागत किया। कलेक्टर जनक प्रसाद पाठक के मार्गनिर्देशन में ट्रेन के चांपा पहुंचने के पहले रेलवे प्लेटफार्म को सेनेटाइज किया गया। आगंतुक सभी यात्रियों को चांपा सेवा संस्थान द्वारा प्लेटफार्म में ही भोजन उपलब्ध कराया गया। ट्रेन से शारीरिक दूरी का पालन करते हुए क्रमशः श्रमिकों को उतारा गया। खंडवार बने स्वास्थ्य विभाग के स्टाल में थर्मल स्केनिंग और स्वास्थ जांच कर श्रमिकों को नियत बसों में बैठाया गया और गंतब्य के लिए रवाना किया गया। मुख्यमंत्री का माना आभार - शिवरीनारायण खरौद के दूर्गा प्रसाद ने बताया कि वे रेलवे ठेकेदार के लिए रोजी मजदूरी करने परिवार सहित विजयवाड़ा गए हुए थे। काम पूरा होने के बाद भी लाकडाउन के कारण वापस नहीं आ पा रहे थे। घर वापसी की चिंता हो रही थी। काम बंद होने से आर्थिक समस्या का भी सामना करना पड़ रहा था। वापस आने के लिए ट्रेन बस आदि सभी सुविधाएं बंद हो गयी है। ऐसे समय में छत्तीसगढ़ के श्रमिको को वापस लाने में छत्तीसगढ़ सरकार ने मदद की। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए दिल से धन्यवाद दिया। स्टेशन में संयुक्त कलेक्टर एसएस पैकरा, स्टेशन मास्टर दीपक सरकार, चांपा तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सहित संबंधित विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

भारत की पूंजीवादी राजनैतिक पार्टियां आदिवासियों का आर्थिक विकास नही चाहतीं है- कमलेश

बीजापुर@ मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था का रीड मानी जाती है पर इसमें हो रहे भ्रष्टाचार के आरोपों पर भाजपा और कांग्रेस मौन हैं।दरअसल कांग्रेस औऱ भाजपा नही ये चाहती आदिवासियों व ग्रामीण क्षेत्र का विकास हो । गांवो कि हालत सुधरे औऱ लोग आर्थिक तंगी से निजाद पाए अब तक कई भ्र्ष्टाचार के मामले उजागर हुए हैं पर कार्रवाही कुछ नजर नहीं आई। बस दोनों दल आपस मे एक दूसरे के ऊपर आरोप प्रत्यारोप करने में लगे रहते है वास्तव में दोंनो एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं दोनों की विकास को लेकर पॉलिसी में कोई अंतर नहीं है जब भाजपा सत्ता में थी तो कांग्रेस ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और अब कांग्रेस सत्ता में है तो भाजपा आरोप लगा रही है। बस्तर का हरा सोना कहे जाने वाले तेंदूपत्ता ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत लोगों के लिए अल्पकालिक रोजगार के साथ अर्थव्यवस्था का मूलाधार है। तेन्दूपत्ता को लेकर सीपीआई की नीति स्पष्ट है। तेन्दूपत्ता का सही मूल्य पत्ता तोड़ने वाले श्रमिक को दिलाने सीपीआई ने कई जंगी प्रदर्शन किए हैं। इस वर्ष तेन्दूपत्ता पर भी कोरोना के प्रभाव से इनकार नही किया जा सकता। इस कोरोना काल मे भी पूंजीवादी पार्टीयां तेंदूपत्ते पर ओछी राजनीति करने से नही चूक रही है। तेन्दूपत्ता के राष्ट्रीय करण के बाद भी इसकी नीतियां राज्य अपने नफा नुकसान के अनुसार तय कर रहीं हैं। लघु वनोपज सहकारी समितियां सब कागजी खाना पूर्ति का हिस्सा बन गई हैं। जिन समितियों पर ठेकेदार द्वारा पत्ता नही खरीदा गया उन समितियों ने क्यों नही तेन्दूपत्ता खरीदा? सरकार को जवाब देना होगा। सीपीआई आम लोगों से अपील करती है कि सरकार से इन सवालों का जवाब मांगे तथा सरकार से मांग करती है कि जिन इलाकों में समितियों व वन अधिकारियों की लापरवाही से तेन्दूपत्ता तुड़ाई का काम नही हो पाया है वहां प्रति परिवार के मान से बीस-बीस हजार रुपये मुआवजा प्रदान करे।

जिला अध्यक्ष व जिला प्रवक्ता के अहमियत को कम किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण

बीजापुर@ सत्तारूढ़ दल कांग्रेस बीजापुर जिला के अध्यक्ष बलविंदर सिंह राठौर एवं जिला प्रवक्ता ज्योति कुमार व जगबंधु मांझी की इस वक्त कांग्रेस पार्टी सत्ता में आने के बाद उनके अहमियत को कम किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है । तथा कांग्रेस कमेटी द्वारा सार्वजनिक बयान जारी करना एवं विपक्ष के बयानों का खंडन हेतु स्वयं जिला अध्यक्ष और उनके द्वारा अधिकृत प्रवक्ता द्वारा किया जाना होता है परंतु आजकल कांग्रेसी पार्टी बीजापुर में पूर्णतया विधायक के अधीन हो चुकी है और जिला अध्यक्ष एवं पार्टी के अधिकृत प्रवक्ता को किनारे कर अपने चहेते कार्यकर्ता जो आईटी सेल के अध्यक्ष हैं के माध्यम से सार्वजनिक बयानों का खंडन किया जाना इससे स्पष्ट प्रतीत होता है ,कि कांग्रेस पार्टी संगठन बिखर चुकी है और जिला अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी के तथा अधिकृत प्रवक्ताओं के कद को कम किए जाने का प्रयास किया जा रहा है ।तथा कांग्रेस पार्टी में संगठन के दायित्वों की जानकारी का भी आभाव होना स्पष्ट ज्ञात होता है। क्योंकि आईटी सेल का दायित्व संगठन की भीतर सूचना एवं प्रसारण तथा संगठन के कार्यो के प्रति दायित्वादीन होता है। यह भी स्पष्ट होता है कि संगठन में दायित्व सौंपने के बाद उसका कर्तव्य एवं उसके अधिकार क्षेत्र के बारे में ज्ञात नहीं होना इतने बड़े दल के लिए दुर्भाग्यपूर्ण एवं हास्यपद है ।इस समय I.T.सेल के अध्यक्ष विधायक के चहेते होने का फायदा उठाते हुए जिला अध्यक्ष एवं जिला प्रवक्ता के अधिकार क्षेत्र में जाकर बयान बाजी कर उनके अधिकारों को एवं उनकी भूमिका को कम किया जाने का प्रयास जारी है ।एवं पार्टी के कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति के बयान को भाजपा द्वारा कोई महत्व नहीं दिया जाता है, भाजपा एक कैडर बेस पार्टी है ,एक संगठित एवं अनुशासित पार्टी है ।केवल पार्टी के समकक्ष व अधिकृत व्यक्तियों के बयानों को ही महत्व दिया जाता है। किसी भी गैर जिम्मेदार व्यक्ति के स्तरहीन बयानों का कोई तवज्जो नहीं देता ।

मुख्यमंत्री ने कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिए निर्देश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं स्वास्थ्य की जानकारी ले

रायपुर, 19 मई 2020 मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने लॉकडाउन के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर रेडी टू ईट की सामग्री और सूखा राशन वितरित करने तथा कोरोना संक्रमण से बचाव के उपायों की जानकारी देकर लोगों को जागरूक करने के काम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के नये मरीज मिल रहे हैं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पुनः घर-घर भेजकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ली जाए और संदिग्ध मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से ऐसे मरीजों की स्वास्थ्य की जांच करायी जाए।

    मुख्यमंत्री  बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय पर आयोजित महिला और बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिया, मुख्य सचिव   आर.पी. मण्डल, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, समाज कल्याण विभाग के सचिव   आर. प्रसन्ना, संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग   जनमेजय महोबे और संचालक समाज कल्याण   पी. दयानंद उपस्थित थे।
   मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस वर्ष प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार साड़ियां वितरित की जाएंगी। प्रतिवर्ष कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को दो-दो साड़ियां यूनिफार्म के रूप में दी जाती हैं।  बघेल ने इस योजना के माध्यम से बुनकरों को रोजगार दिलाने के निर्देश दिए थे। बैठक में बताया गया कि लॉकडाउन के दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा समाज सेवी संगठनों की सहायता से प्रतिदिन लगभग 25 हजार से अधिक व्यक्तियों के लिए गर्म भोजन की व्यवस्था की गई और 27 हजार परिवारों को राशन सामग्री वितरित की गई। इसके साथ ही घुमंतू अर्द्ध विक्षिप्त और मानसिक रूप से अविकसित व्यक्तियों को सहारा देकर उनके भोजन और रहने की व्यवस्था भी विभाग द्वारा की गई। लॉकडाउन के दौरान बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके इसके लिए विभाग द्वारा संचालित विशेष स्कूलों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई करायी जा रही है।

एमएलए मनेंद्रगढ़ डॉक्टर विनय एवं नगर पालिक निगम चिरमिरी की मेयर कंचन ने स्थानीय जन मानस को जागरूक करने स्वयं को किया होम कोरंटाईन अब फेसबुक लाईफ के मध्यम से जनता की समस्याओं का किया जा रहा निदान*

कोरिया/चिरमिरी । जिले के एकलौते नगर पालिक निगम चिरमिरी में एक पॉजिटिव केस मिलने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए हल्दीबाड़ी से 3 किलो मीटर के दायरे को पूर्णतः कंटेन्मेंट जोन घोषित करने के आदेश के बाद चिरमिरी शहर सहित पुरे जिले में अफवाओं का बाजार काफी गर्म दिख रहा है । जिसमें सोसल मीडिया में स्थानीय जनमानस के द्वारा भय का माहौल बनाने में काफी अहम भूमिका निभाई जा रही है जो किसी भी व्यक्ति के नजरों से अछूता नहीं है । बावजूद इसके इस पुरे भरम के माहौल को खत्म करने एवं शहर की वर्तमान स्थिति में उठ रही समस्याओं का निराकरण करने का जिम्मा उठाते हुए नगर निगम चिरमिरी की महापौर श्रीमती कंचन जायसवाल और एमएलए डॉ. विनय जायसवाल द्वारा लगातार सोसल मीडिया को माध्यम बना खुले रूप में लाइव वीडियो को चला कर इन भरम की गतिविधियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा । और स्थानीय जन मानस की समस्याओं के साथ शहर में फैली अव्यवस्थाओं को दूर करने एवं सुरक्षा के बचाओं के नियमो को बता शहर वासियों को जागरूक करने की जद्दोजहद की जा रही है । जानकारी अनुसार बीते शुक्रवार से चिरमिरी शहर के हल्दीबाड़ी क्षेत्र में कोरोना बीमारी के एक संक्रमित मरीज मिलने के बाद पुरे शहर में अजीबो गरीब से भय का वातावरण बना हुआ और स्थानीय लोगो कुछ भी कहने और कुछ भी करने से बाज नहीं आ रहे । जिसको खत्म करने के साथ पूरी स्थित को यथावत करने का बीड़ा उठाते हुए नगर निगम चिरमिरी की महापौर और एमएलए ने कड़ा तेवर अपनाते हुए सोसल मीडिया के माध्यम से स्थानीय जनता की समस्याओं को सुन कर उनका निराकरण करने स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों को आदेशित किया जा रहा । और लापरवाही करने वाले किसी भी व्यक्ति को तत्काल कार्यवाई की बात कही जा रही । और इस आपदा की घड़ी में कड़ीक भर लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने का आदेश जारी किया गया है । निगम क्षेत्र में बने कोरंटाईन सेंटरों में मिल रही अव्यवस्थाओं की शिकायत को लेकर अधीनस्थ अधिकारी कर्मचारी पर कड़ी कार्यवाई की बात कही जा रही । जिसकी उनके द्वारा सभी पर पैनी नजर बनी हुई है । जिसकी वह स्वयं निगरानी कर रही है जो किसी भी हाल में बक्से नहीं जाएंगे । बहरहाल ऐसी भरमक वातावरण में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की हर हाल अन्य माध्यमो में उपस्थित से स्थानीय जन मानस में थोड़ी सी राहत साँस ली जा रही जो शहर के लिए एक अच्छी पहल है ।।

गिधौरी में पंचायत सचिव द्वारा मनमाने ढंग से काटा जा रहा लोगों का चालान...

कोरोना वायरस को लेकर शासन प्रशासन अलर्ट है, वही इसके संक्रमण को लेकर आज से लॉक डाउन 4.0 भी लागू हो गया है। जिसमे लोगो को कुछ छूट भी मिली है। इसी बीच बलौदाबाजार जिले के गिधौरी में दो पहिया एवं चार पहिया वाहन चालक जो मास्क लगाकर नही चल रहे है उनका चालान पंचायत सचिव द्वारा मनमाने ढंग से काटा जा रहा है। आपको बता दे कि सचिव द्वारा पहले कुछ समय तक दो पहिया एवं चार पहिया दोनों के चालको का चालान काटा गया लेकिन कुछ समय पश्चात सिर्फ दो पहिया वाहनों के चालको का चालान सचिव ने काटनी शुरू कर दी। जब इस पूरे मामले में जब संवाददाता ने पंचायत सचिव से बात की तो उन्होंने बताया कि एसडीएम कसडोल द्वारा पंचायत को निर्देशित किया गया है कि बिना मास्क लगाए राहगीरों का चालान पंचायत द्वारा काटा जाए इसलिए उनके द्वारा चालान काटा जा रहा है। वही जब हमारे संवाददाता ने उनसे पूछा कि कितने टाइम तक चालान काटा जाएगा तो उन्होंने बताया कि जब तक वे वहां पर बैठेंगे तब तक चालान कटेगी उसके बाद नही। पंचायत सचिव द्वारा ऐसे जवाब देना समझ से परे है क्योंकि यदि एसडीएम द्वारा चालान काटने निर्देशित किया गया है तो चालान काटने का एक निश्चित समय निर्धारित होगा न कि जब पंचायत सचिव को टाइम मिलेगा तो चालान कटेगी नही तो बिना मास्क लगाए भी राहगीर बिना कोई अर्थदंड के आवाजाही कर सकते है। आपको बता दे कि यहां पर जो लोग रुक रहे थे केवल उन्ही लोगो का चालान काटा जा रहा था बाकी लोग आ जा रहे थे इस पर सचिव ने कहां की जो लोग उनके पास आ रहे है उनका चालान काटा जा रहा है। बता दे कि मास्क लगाने के लिए नियम सब के लिए है चाहे वो दो पहिया वाहन में हो या चार पहिया वाहन में, लेकिन सिर्फ दो पहिया वाहन चालकों का चालान काटना और चार पहिया वाहनों को छोड़ देना जांच का विषय है।

प्रशासन की अनदेखी और वन विभाग की घोर लापरवाही दे सकता है, कोरोनावायरस को दस्तक

बीजापुर - जिले में कोरोना महामारी के कारण तेंदूपत्ता तोडाई का घोर विरोध करने के पश्चात भी शासन, प्रशासन द्वारा जिले में अन्य बाहरी महाराष्ट्र ,तेलंगाना राज्यों से आए तेंदूपत्ता ठेकेदारों व उनके सहयोगियों को वन विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा जिस तरह अपने निजी हित साधने वर्तमान कोरोना के प्रकोप के दौरान इस जिले में तेंदूपत्ता तोड़ाई कार्य प्रारंभ की गई ,जबकि जिले के कई ग्रामवासी स्वयं भी इसका विरोध कर चुके हैं। बावजूद इसके प्रशासन व वन विभाग द्वारा बाहरी ठेकेदारों व उनके सहयोगियों के माध्यम से तेंदूपत्ता तोड़ाई कार्य प्रारंभ किए ।तेंदुपत्ता सीजन आते ही वन विभाग एवं जिला प्रशासन निजी लाभांश हेतु लॉकडॉउन के नियमों को ताक में रखकर अति सक्रियता से ठेकेदारों की खातिरदारी करते देखा गया । तथा उन्हें मुख्यालय में क्वारंटाइन कर रखने के बजाय अपने -अपने कार्य स्थल जंहा तेंदूपत्ता तोड़ाई होना है ,भेजवा दिया गया। जिसका मेरे द्वारा लगातार विरोध भी किया गया तथा उक्त ठेकेदार और उनके सहयोगियों को क्वारंटाइन कर कँहा -कँहा और कितने लोगों को रखा गया, इस संबंध में मेरे द्वारा प्रशासन को पत्र भी लिखा गया पर प्रशासन द्वारा कोई जवाब नहीं देना इस बात को इंगित करता है, कि प्रशासन द्वारा उक्त ठेकेदारों को लेकर कोई लॉक डॉउन के नियमों का पालन नहीं किया गया और ना ही उनसे पालन करवाया गया ।आज वही ठेकेदार जो रेड जोन क्षेत्रों से आकर बीजापुर जिले में वन विभाग एवं प्रशासन के संरक्षण में तेंदूपत्ता तोड़ाई करवा रहे हैं। जो इस वक़्त तेंदूपत्ता फड़ों में लॉक डॉउन के नियमों का धज्जियां उड़ाते हुए सोशल डिस्टेंसिंग,मास्क कवर,सेनेटाइजर, के पालन किये बिना किया जा रहा है। जिससे कभी भी इस जिले में कोरोना के दस्तक से इनकार नहीं किया जा सकता है। यहां के आदिवासी ग्रामीणों का बहुत बड़ा आय का स्त्रोत और उनका जीवन यापन तेंदूपत्ता संग्रहण व वन उपजों पर आधारित होता है, पर इस वक्त कोरोनावायरस से बचाव नियमों का पालन कर अपने को सुरक्षित रख कर किया जाना चाहिए ।जिसकी सम्पूर्ण जवाबदेही शासन प्रशासन की है ।लेकिन शासन प्रशासन की उदासीनता एवं लाफ़रवाही से इसके परिणाम घातक हो सकते हैं। हाल ही में क्षेत्र के विधायक/ सांसद भी निर्माण कार्यों का भूमि पूजन में लॉक डॉउन के नियमों का घोर उल्लंघन करते नज़र आये क्षेत्र के प्रति और यहां की जनता के प्रति उनकी कितनी संवेदनाएं हैं और कितने संवेदनशील है ।इसका ज्वलंत प्रमाण भी देखने को मिला।जिले में यदि एक भी कोरोना के संक्रमण से संक्रमित होता है ,तो उसकी पूर्ण जवाबदेही शासन प्रशासन व वनविभाग की होगी ।।

मृतक व घायलो के परिवार को मुआवजे को लेकर कलेक्टर के नाम एसडीएम को सौपा ज्ञापन गांव में हो पीडीएस की व्यवस्था व सड़क निर्माण

बीजापुर :- सीपीआई ने ज्ञापन के माध्यम से जिला प्रशासन से ये मांग किया है कि विगत दो दिन पहले ग्राम पुसगुड़ी के ग्रामीण पीडीएस के तहत मिलने वाले राशन लेने मोदकपाल राशन की दुकान पहुंचे थे। जिसकी दूर करीब 7कि. मी. है । राशन भर कर जा रहे वक्त राशन से भरी ट्रेक्टर पलट गई जिसमें सवार आंनदराव यालम की मौके पर ही मौत हो गई अन्य तेरह ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले को लेकर सीपीआई जिला प्रशासन से ये मांग करती है कि मृतक आनंदराव के परिवार एवं घायलों को प्रशासन की ओर से उचित मुआवजा कि राशि दी जानी चाहिए जिससे उनकी आर्थिक मदद हो सके। साथ ही हम ये भी माँग करते हैं कि राशन की दुकान गांव से इतने दूरी पर न हो कि ग्रामीणों को आने जाने और राशन निर्यात के परेशनियों का सामना न करना पड़े और भविष्य मे ऐसे हादसों का शिकार ग्रामीण न हो । वहीं SDM हेमेंद्र भुआर्य ने आश्वासन देते हुए कहा है कि इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए क्लेक्टर से चर्चा कर सड़क निर्माण व राशन को गांव तक पहुंचाने जैसे समस्या का जल्द ही निवारण किया जाएगा ।

विधायक विक्रम मंडावी ने स्वेच्छानुदान एवं जनसम्पर्क मद की राशि का किया वितरण

बीजापुर - बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं बीजापुर के विधायक विक्रम शाह मंडावी ने अपने भैरमगढ़ स्थित आवास में भैरमगढ़ ब्लाक के ज़रूरत मंद आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों को क्षेत्र के गणमान्य जनप्रतिनिधियो की उपस्थित में कवासी लखमा मंत्री छत्तीसगढ़ शासन द्वारा स्वीकृत स्वेच्छानुदान मद की राशि रुपये 3,60,000/- एवं माननीय सांसद/विधायक जनसंपर्क मद की स्वीकृत राशि रुपये 2,00,000/- कुल राशि रुपये 5,60,000/- का वितरण किया गया जिसमें से सर्जनिक उपयोग हेतु 11 समाजों को चेक से राशि रुपये 1,80,000/- तथा आर्थिक रूप से कमज़ोर 33 लोगों को चेक से राशि रुपये 3,80,000/- सम्मिलित है। इस तरह कुल राशि 5,60,000/- का वितरण विक्रम शाह मंडावी द्वारा किया गया है। इसके पूर्व बीजापुर ब्लॉक में आर्थिक रूप से कमज़ोर एवं ज़रूरत मंद लोगों को विधायक विक्रम शाह मंडावी ने 5,35,000/- रुपये की राशि का वितरण किया गया था। आज के सहायता राशि वितरण के समय जिला पंचायत सदस्य सोमारु कश्यप, संतकुमारी मंडावी, बुधराम कश्यप, जनपद अध्यक्ष भैरमगढ़ दशरथ कुंजाम, जनपद उपाध्यक्ष सहदेव नेगी, सांसद प्रतिनिधि सीताराम माँझी, ब्लाक कांग्रेस कमेटी भैरमगढ़ के अध्यक्ष लच्छुराम मौर्य जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं पूर्व नगरपंचायत अध्यक्ष सुखदेव नाग आदि विशेष रूप से उपस्थित थे।

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में 16 अगस्त या आगामी आदेश तक बढ़ाई गई धारा 144

बलौदाबाजार, 18 मई 2020/कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कार्तिकेया गोयल ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव और सुरक्षा हेतु सम्पूर्ण जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में दंड प्रक्रिया संहिता 1973 के अंतर्गत धारा 144 को 16 अगस्त 2020 की रात्रि 12 बजे या आगामी आदेश तक के लिये लागू करने का नये सिरे से आदेश जारी किया है। उन्होंने इस सम्बन्ध में समय - समय पर जारी उनके कार्यालय द्वारा अन्य आदेशो के तहत लागू प्रतिबन्धों को भी जारी रखने के आदेश दिए हैं । कलेक्टर एव जिला दण्डाधिकारी द्वारा 17 मई को जारी आदेश में उल्लेखित है कि कोरोना वायरस के संभाव्य प्रसार को रोकने के लिए कड़े सामाजिक अलगाव के उपयोग को अपनाया जा रहा है। इसलिए सम्पूर्ण जिले में धारा 144 की समय सीमा में वृद्धि करते हुए दिनांक 16 अगस्त 2020 रात्रि 12 बजे तक या आगामी आदेश तक लागू किये जाने का आदेश पारित किया गया है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिला अंतर्गत शाम 7 बजे से प्रातः 7 बजे की अवधि के दौरान कोई भी व्यक्ति अनावश्यक परिभ्रमण नही करेगा एवं आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। आदेश का उल्लंघन किये जाने पर विधि के अंतर्गत सख्त कार्रवाई की जावेगी।

बिलासपुर में मजदूरों ने किया हंगामा

मजदूरों ने कोरेन्टीन सेंटर में किया हंगामा। बिलासपुर के मल्हार नगर पंचायत की घटना। कोरोना सेंटर में नही मिल रही कोई सुविधा..! मजदूरो ने मचाया हंगामा, फिर दिया भोजन। घंटो भोजन के लिए करना पड़ रहा इंतजार। शिकायत के बाद भी नही अधिकारी ने नही ली सुध। घर से भोजन मंगा कर खाने मजदूर मजबूर। एंकर.....प्रवासी मजदूरों को नही मिल रहा भोजन, कोरेन्टीन सेंटर में कोई सुविधा भी नही है। मामला बिलासपुर के मल्हार ग्राम की है। यहां दर्जनों मजदूरों को कोरेन्टीन किया गया है। लेकिन इनको समय पर भोजन, पानी और दूसरी कोई भी सुविधा नही मिल रही है। भूख से बेहाल ये मजदूर अपने परिजनों को फोन कर खाना मांगते है। इसकी शिकायत जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रमोद महाजन से की गई है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी ने इस ओर कोई ध्यान ही नही दिया। आलम ये है कि, अब बदहाली और अव्यवस्था के कारण मजदूरों को मजबूरी में हंगामा करना पड़ रहा है। काफी हो-हंगामा के बाद इन मजदूरों को एक वक्त का भोजन तो मिला, वो भी इस हिदायत के साथ कि, अगली बार हंगामा किया तो ये भी नसीब नही होने वाला है। इस बीच मजदूरों की मजबूरी है कि उन्हें भूखे भी रहना पड़ता है और अधिकारियों की धमकियां भी सुननी पड़ती है।

प्रत्येक ट्रेक्टर भरती रेती से 100 -100 रूपये की वसुली । ग्राम सचिव को इसकी कोई जानकारी नही ।

कसडोल विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बलौदा(हसुवा) मे अवैध रेत माफिया के सह पर महानदी में रेत घाट से प्रत्येक ट्रेक्टर से सौ सौ रुपये और रसीद निर्यात कर देने का मामला प्रकाश मे आया है ।ग्राम बलौदा मे लम्बे समय से महानदी से अवैध रेत घाट संचालित करने की खबर की जानकारी के बाद जब मीडिया की टीम द्वारा मौके पर पहुंचे जिसमे तीन ट्रेक्टर रेत भर कर नदी से निकल रहा था । और दो ट्रैक्टरों में नदी के अंदर रेत भर रहा था रेत माफियो ने महानदी का सीना चिर कर रेत निकाला जा रहा है तथा शासन प्रशासन से किसी भी प्रकार का राल्टी बुक जारी नही हुआ है और निर्यात कर के नाम से फर्जी वसुली की जा रही है और पंचायत मे किसी प्रकार से निर्यात कर सम्बंधित प्रमाणित रसीद बुक नही जारी किया गया है। फिर भी निर्यात कर के आड़ पर अवैध रेत परिवहन करा रहा है । शासन प्रशासन की नाक नीचे भारी बडें ही पैमाने पर नदी से रेत निकाला जा है। और सभी ट्रेक्टर चालको से रेत सम्बंधित जानकारी पुछने पर बताया गया की प्रत्येक ट्रीप पर सौ रुपये लिया जाता है । और रसीद निर्यात कर थमा रहा है। जिस रसीद को दे रहे है उसमे न तो किसी की प्रमाणित सील नही लगा हुआ है । इस तरह के अवैध रेत परिवहन के कारोबार मे पूर्व सरपंच अजय पटेल तथा वर्तमान मे अभी उपसरपंच का नाम सामने आया है। ग्राम बलौदा में अवैध वसुली करने के लिये एक युवक रखकर उनसे प्रत्येक ट्रेक्टर वाले से सौ रुपये लिया जा है जब ग्राम पंचायत बलौदा के सचिव लक्षमीनारायण साहू से इस अवैध रेत खनन के बारे जानकारी पुछने पर उन्होंने बताया की ग्राम पंचायत मे मात्र पंचायत प्रस्ताव बस हुआ है । रायल्टी जारी नहीं हुआ है और निर्यात कर के बारे में मुझे कोई जानकारी नही है जब सचिव से निर्यात के बारे जानकारी नही है तो साफ जाहिर और साबित होता है की निर्यात कर लिया जा रहा वे भी फर्जी है।रेत माफिया द्वारा अवैध रेत निकाला जा रहा है । जिसमे शासन प्रशासन को हर साल लाखो रुपये की नुकसान नी क्षति पहुचाया जा रहा है। इस निर्यातकर मे भी फर्जी ईट के नाम से रसीद बुक बनाकर रेती काम से सौ रुपये लेने की बात कहा गया