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वन अधिकार पत्र को लेकर कसडोल में कार्यशाला अब तक जिले में 8 हजार 317 वन अधिकार पत्र वितरित

बलौदाबाजार, 2 फरवरी /वन अधिकार मान्यता पत्र के संबंध में जिला स्तरीय कार्यशाला शुक्रवार को यहां तहसील मुख्यालय कसडोल में आयोजित किया गया। रायपुर संभाग के कमिश्नर श्री जी.आर. चुरेन्द्र विशेष रूप से कार्यशाला में उपस्थित थे। कार्यशाला में इस अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर पूर्व में आई शिथिलिता और इसके समाधान को लेकर मैदानी कर्मचारियों को मार्गदर्शन दिया गया। कमिश्नर श्री चुरेन्द्र ने कहा कि पूर्व में निरस्त किए गए आवेदनों पर फिर नए सिरे से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वनवासियों को पट्टे पर मिले जमीन का विकास भी राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत जोड़कर किया जाएगा। इस सिलसिले में इन भूमि पर राज्य के चार चिन्हारी-नरवा, गरवा, घुरवा, और बाऱी को संरक्षित और सवंर्धित भी किया जाएगा। जनपद पंचायत के सभागार में आयोजित कार्यशाला में बताया गया कि जिले में अब तक 8 हजार 317 वन अधिकार मान्यता पत्र वितरित किए गए हैं। इनमें 8 हजार 102 व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र और 215 सामुदायिक वन अधिकार पत्र शामिल हैं। व्यक्तिगत अधिकार पत्र के अंतर्गत 6 हजार 827 पत्रक आदिवासी समूह को और एक हजार 275 अन्य परम्परागत वनवासी किसानों को दिए गए हैं। बताया गया कि जिले में कुल 10 हजार 596 लोगों ने व्यक्तिगत मान्यता पत्र के लिए आवेदन प्रस्तुत किए थे। इनमंे से 2 हजार 494 लोगों के दावे विभिन्न कारणों से निरस्त किए गए हैं। कमिश्नर श्री चुरेन्द्र ने कार्यशाला में वन अधिकार मान्यता पत्र के लिए जरूरी अर्हताओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 13 दिसम्बर 2005 तक काबिज लोगों को मान्यता पत्र प्राप्त करने की योग्यता है। यदि वह आदिवासी समूह का न होकर अन्य परम्परागत वनवासी समूह का है तो उसकी तीन पीढ़ी उस गांव में निवास करते हुए होने चाहिए। तीन पीढ़ी तक का कब्जा होना जरूरी नहीं है। इसके साथ ही यह भी महत्वपूर्ण है कि संबंधित परिवारों को अपनी आजीविका के लिए काबिज भूमि पर आश्रित होने चाहिए। कमिश्नर चुरेन्द्र ने कहा कि वन अधिकार मान्यता पत्र प्रदान करना राज्य सरकार का महत्वपूर्ण अभियान है। लिहाजा कोई भी पात्र व्यक्ति पट्टे पाने के हक से वंचित नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी निजी भूमि के पट्टे और वन अधिकार मान्यता पत्र के तहत हासिल पट्टे में बुनियादी फर्क है। निजी भूमि का पट्टाधारी किसान उस भूमि का मालिक होता है, जबकि वन अधिकार मान्यता पत्र के मामले में राज्य सरकार इसका मालिक है। पट्टेधारी किसान इसे बेच नहीं सकेगा, केवल अपनी आजीविका के लिए इसका इस्तेमाल कर पाएगा। उन्हांेने कहा कि पट्टा प्रदान करने के साथ-साथ इसका रिकार्ड भी दुरूस्त करते जाएं। बी-1 और खसरा इनका अलग बनाया जाए। भू-अधिकार पुस्तिका की तरह वन अधिकार पुस्तिका भी बनाकर दिया जाएगा। संभागायुक्त ने परम्परागत खेती के साथ-साथ इन जमीनों के कुछ हिस्सों पर फल-फूल और साग-सब्जी की खेती पर जोर दिया जिससे वनवासियों को और ज्यादा आमदनी मिल सके। उन्होंने मनरेगा योजना के अंतर्गत इन खेतों में डबरी निर्माण कराने के भी निर्देश दिए। उन्हांेने यह भी कहा कि इन जमीनों पर उगे पेड़-पौधों की कटाई नहीं की जा सकेगी। उन्होंने निकट भविष्य में बाजार चैपाल लगाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और जीव जन्तुओं के प्यास बुझाने के लिए हैण्डपम्पों के निकट टंकी बनाने के निर्देश भी दिए। कार्यशाला में मैदानी अधिकारियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। कार्यशाला में अपर कलेक्टर श्री जोगेन्द्र नायक, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री आर.एस. भोई, डिप्टी कलेक्टर राकेश गोलछा, एसडीएम महेश राजपूत सहित राजस्व, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और आदिवासी विकास विभाग के मैदानी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

बजट 2019 की मुख्य बातें, आम आदमी को मिली है बड़ी राहत

नई दिल्ली: आज यानी 1 फरवरी को सरकार अंतरिम बजट 2019 लोकसभा में पेश हो चुका है। चूंकि अगले कुछ महीनों में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं, इसलिए ये एक अंतरिम बजट है। सरकार ने बजट में बड़ा ऐलान किया है। आम आदमी को राहत देते हुए सरकार ने इनकम टैक्स छूट को 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है। 

इसके साथ ही सरकार ने किसानों की भी इस बजट में बड़ी राहत दी है। सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए छोटे किसानों को मिनिमम वेतन देने का प्रस्ताव किया है। इसके तहत किसानों को सालाना 6 हजार रुपए की मदद की जाएगी। जो उनके अकाउंट में सीधे दिया पहुंच जाएगा। साथ ही बजट 2019 में सरकार ने मजदूरों के लिए भी बड़े ऐलान किए हैं। 
 
 कितना बचेगा?

नए ऐलान से पहले 5 लाख रुपये तक की आदमनी पर 5 फीसद आयकर देना पड़ता था. अगर किसी की कमाई ढाई लाख रुपये से ज्यादा थी, तो उसे साढ़े 12 हजार रुपये तक टैक्स चुकाना पड़ता था. यानी अब कम से कम ढाई लाख से 5 लाख रुपये तक आमदनी वालों को सालाना कम से कम साढ़े 12 हजार रुपये की बचत होनी वाली है.

पीयूष गोयल ने कहा कि कि इस टैक्स छूट का लाभ 3 करोड़ मध्यवर्गीय करदाताओं को मिलेगा. नए स्लैब के मुताबिक 5 लाख रुपये तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. जबकि 5 लाख से 10 लाख रुपये तक की कमाई पर 20 फीसदी आयकर टैक्स लगेगा. जबकि 10 लाख से अधिक आमदनी वालों को 30 फीसदी कर वसूला जाएगा. यानी सरकार ने केवल 5 फीसदी वाले टैक्स स्लैब को खत्म कर दिया 
 इसके अलावा पिछले बजट में लाए गए स्टैंटर्ड डिडक्शन की सीमा भी मोदी सरकार ने 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई. यही नहीं, 40000 रुपये तक की ब्याज आय पर अब कोई टीडीएस नहीं देना होगा. पीयूष गोयल ने अपने बजट भाषण में बताया कि अगर 6.5 लाख रुपये तक की कमाई करने वाले प्रोविडेंट फंड और अन्य इक्विटीज में निवेश करते हैं तो कोई टैक्स नहीं देना होगा. 

सरकार की उपलब्धि

इसके अलाव पीयूष गोयल ने बजट भाषण में कहा, 'टैक्स भरने वालों की संख्या 80 फीसदी तक बढ़ी है. जिससे टैक्स कलेक्शन बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया. हमने टैक्स फाइलिंग को प्रक्रिया को आसान बनाया है, 24 घंटे में आयकर रिटर्न प्रोसेसिंग की सुविधा दी जा रही है, जिसमें पहले महीनों लग जाते थे. टैक्स मूल्यांकन के लिए अब दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा.'  

छूट से पहले का स्लैब

गौरतलब है कि इससे पहले इनकम टैक्स में आयकर छूट का दायरा ढाई लाख रुपये तक था, जिसे अब बढ़ा दिया गया है. इस ऐलान से पहले टैक्स स्लैब में 2.5 लाख रुपये तक सालाना कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता था. जबकि 2.5 से 5 लाख रुपये की आय पर 5 फीसद की दर से टैक्स लगता था, इसे खत्म कर दिया गया है. वहीं 5-10 लाख रुपये की सालाना आय पर 20 फीसदी और 10 लाख रुपये से अधिक की सालाना आय पर 30 फीसदी टैक्स लगता था और अब भी वसूला जाएगा.

पीयूष गोयल ने बताया कि नोटबंदी के बाद 1 करोड़ लोगों ने पहली बार टैक्स फाइल किया. नोटबंदी के 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये का टैक्स मिला है. आखिरी में पीयूष गोयल ने कहा कि यह सिर्फ अंतरिम बजट नहीं, देश के विकास यात्रा का माध्यम है, ये जो देश बदल रहा है इसका श्रेय देशवासियों को जाता है 

बजट भाषण से पहले सांसदों ने लगाए जय श्री राम के नारे गोयल ने की जेटली के स्वस्थ होने की कामना,

नई दिल्ली -  वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को अपने बजट भाषण की शुरुआत केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के शीघ्र स्वस्थ और दीर्घायु होने की कामना के साथ की।   जेटली का अमेरिका में आपरेशन हुआ है और वह उन्हें दो सप्ताह के आराम की सलाह दी गई है। उनकी अनुपस्थिति में गोयल को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गयी है। 

गोयल ने लोकसभा में 2019-20 के ‘अंतरिम बजट’ प्रस्तुत करते हुए भाषण की दूसरी पंक्ति में ही कहा कि वह सदन की तरफ से ‘जेटली के शीघ्र स्वस्थ होने और दीर्घायु होने की कामना करते हैं।’ 
 वह मौजूदा भाजपा की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार का आखिरी बजट पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और महंगाई पूरी तरह काबू में है।

पियूष गोयल पहले अंग्रेजी में अपने बजट को पढ़ रहे हैं इसके बाद वे हिंदी में अपना बजट समझा रहे हैं। ताकि लोग सीधे तौर पर इसे समक्ष कर इसकी पहचान कर सकें।लोकसभा सत्र की कारवाई शुरू होते ही कार्यवाहक वित्त मत्री पीयूष गोयल ने स्पीकर से वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश करने की इजाजत मांगी। 

जय श्री राम के नारों के साथ बजट सत्र में शामिल होने के लिए भाजपा के सांसद आए। स्पष्ट है कि चुनाव की छाया बजट पेश होने से पहले ही सदन में दिखने लगी है।

आम जनता की समस्याओं का निराकरण है राज्य की पहली प्राथमिकता- मुख्यमंत्री बघेल : ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दृष्टि से छत्तीसगढ़ बने मॉडल राज्य

कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में मैदानी अधिकारियों से रूबरू हुए मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा है कि आम नागरिकों की समस्याओं का निराकरण उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता है। समस्याओं को ढकने या मैनेज करने के बजाय समस्याओं का स्थाई हल निकालने पर अधिकारी जोर देना चाहिए।  बघेल ने आज रायपुर के नवीन विश्रामगृह के सभागार में आयोजित कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में ये उद्गार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री बैठक में राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित संभाग के कमिश्नरों, पुलिस महानिरीक्षको, कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से रूबरू होकर बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के निराकरण के लिए भटकना ना पड़े। तहसील स्तर की समस्या का निराकरण तहसीलदार स्तर पर, थाना स्तर की समस्या थाना स्तर पर और जिला स्तर की समस्या का निराकरण जिला स्तर पर होना चाहिए। नामांतरण, बटवारा, सीमांकन, बिजली कनेक्शन लेने जैसी स्थानीय स्तर पर ही निराकृत होने सकने वाली समस्या के हल के लिए नागरिकों को राजधानी तक भटकने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे अपने अधिकारियों पूरा भरोसा है और वे सुनिश्चित करेंगे की शासकीय अमला जनहित के कार्यों को बेहतर रूप से क्रियान्वित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से जंगलों में रह रहे पात्र वनवासियों को वन अधिकार पत्र मिलना चाहिए। उन्होंने सामुदायिक एवं व्यक्तिगत दावंे के प्रकरणों की समीक्षा कर लंबित प्रकरणों के निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन, राजस्व और आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी समन्वय से देखे कि वन अधिकार अधिनियम का पालन हो तथा बड़ी संख्या में निरस्त किए गए पट्टों की फिर से समीक्षा की जाए। उन्होंने भविष्य में जंगलों को अतिक्रमण से बचाने के लिए समुदाय का भी सहयोग लेने पर जोर दिया।डीएमएफ कार्यों की हो समीक्षा,‘नरवा, गरूवा, घुरवा, बारी‘ से होगा अमूलचूल परिवर्तन,‘डे केयर सेन्टर‘ की तरह कार्य करें गौठान,गौठान में पैरा  कुट्टी मशीन, गोबर गैस प्लॉंट और कम्पोस्ट प्लॉंट लगाए,नागरिकों को मिले शुद्ध पेयजल: मानव जीवन के साथ नहीं हो खिलवाड़,मेडिकल कॉलेज और जिला चिकित्सालयों को बनाए उत्कृष्ट,जंगलों में करें फलदार बीजों का छिड़काव,राज्य के किसानों का सही आंकड़ा तैयार करें,मानव तस्करी के प्रकरणों पर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा,31 जनवरी तक होगी धान की खरीदी

मुख्यमंत्री ने कहा ऋण माफी मै अपने घर के पैसों से नही कर रहा, भाजपा सरकार के पास भी पर्याप्त फंड था मगर उनकी नही थी मंशा..!

●आशीष कश्यप @शिवरीनारायण● जांजगीर-चांपा/29.01.2019/BBN24@ ★■शिवरीनारायण के शाकंभरी महोत्सव मे हुए शामिल■★ जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण मे आज मुख्य मंत्री भूपेश बघेल मरार पटेल समाज द्वारा आयोजित शाकम्भरी महोत्सव मे शामिल होने पहुॅचे इस दौरान उनके साथ राज्य सभा संासद छाया वर्मा, चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव, बिलाईगढ़ विधायक चंद्रदेव राय मौजूद रहे। इस दौरान पूरे समय मुख्य मंत्री के निशाने पर भाजपा रही। मुख्य मंत्री ने अपने उद्बोधन के दौरान कहा कि ऋण माफी पिछली सरकार भी कर सकती थी मगर उनकी मंशा ही नही थी कि किसानों को राहत मिले भाजपा सरकारी के कार्यकाल मे भी पर्याप्त सरकारी फंड था आज जो ऋण माफी कर रहा हॅू वो अपने घर के पैसों से नही कर रहा हॅू। इस दौरान मुख्य मंत्री ने मीडिया से चर्चा के दौरान भी भाजपा मे चल रहे अंतकलह पर कटाक्ष करते हुए भाजपा के लोग कहा करते थे कि हमारी पार्टी अनुशासित पार्टी है मगर आज ब्लाक से लेकर जिला स्तर तक किस प्रकार से कीचड़ उछाले जा रहे हैं और पत्राकारों के साथ किस प्रकार से दुर्वव्हार हो रहा है वो दिखाई दे रहा है वो हार नही पचा पा रहे हैं।

रायपुर से सीधा प्रसारण किसान आभार सम्मेलन का BBN24 पर

सीधा प्रसारण किसान आभार सम्मेलन का BBN24 पर

मुख्यमंत्री आज राज्योत्सव स्थल में कृषि ऋण मुक्ति कार्यक्रम में शामिल होंगे ,केबिनेट की बैठक भी लेंगे

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल आज 28 जनवरी को अटल नगर, नया रायपुर के राज्योत्सव परिसर में आयोजित किसान आभार सम्मेलन में शामिल होंगे। वे शाम को मंत्रालय में केबिनेट की बैठक भी लेंगे। मुख्यमंत्री  बघेल सुबह 11 बजे भिलाई-3 मुख्यमंत्री निवास से रवाना होकर राज्य अतिथि गृह (पहुना) पहुंचेंगे। वे यहां से रवाना होकर दोपहर 1.20 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वे दोपहर 3 बजे राज्योत्सव स्थल, अटल नगर, नया रायपुर में किसान आभार सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके उपरांत वे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पहुंचेंगे तथा यहां से रवाना होकर शाम 5.40 बजे मंत्रालय पहुंचेंगे  वे शाम 6 बजे से केबिनेट की बैठक लेंगे। वे यहां से रात्रि आठ बजे भिलाई-3 के लिए रवाना होंगे।
 
 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्योत्सव स्थल पहुंचकर किसान आभार सम्मेलन का जायजा लिया राहुल गांधी मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे

  मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज अटल नगर (नया रायपुर) में 28 जनवरी सोमवार को आयोजित किसान आभार सम्मेलन का जायजा लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा सांसद राहुल  गांधी होंगे।  कार्यक्रम स्थल के अवलोकन अवसर पर राज्यसभा सांसद  पी.एल. पुनिया, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव कुमार डहरिया, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह, नगर निगम के महापौर प्रमोद दुबे, विधायक  अमरजीत भगत, पूर्व सांसद  करूणा शुक्ला, मुख्य सचिव सुनील कुमार कुजूर, पुलिस महानिदेशक डी.एम. अवस्थी, मुख्यमंत्री के सचिव  गौरव द्विवेदी सहित कमिश्नर, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा कार्यक्रम के तैयारी से जुड़े अधिकारीगण उपस्थित थे।राज्य सरकार ने किया वादा पूरा- किसानों का किया कर्जा माफ और धान का समर्थन मूल्य बढ़ाया
उल्लेखनीय है कि राज्य के नये मुख्यमंत्री के रूप में  भूपेश बघेल ने पदभार ग्रहण करने उपरांत दो घंटे के भीतर ही पहली केबिनेट बैठक में किसानों के हित में दो बड़े निर्णय लिए। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने राज्य के किसानों से वादा किया था कि सरकार बनने के दस दिनों के भीतर किसानों का कर्जा माफ कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने अपने केबिनेट सहयोगियों  टी.एस. सिंहदेव और  ताम्रध्वज साहू के साथ केबिनेट बैठक में इस वादा को पूरा करने के लिए का निर्णय लिया। इससे राज्य के किसानों की आर्थिक तथा सामाजिक उन्नयन तथा सशक्तिकरण में मदद मिलेगी। इसी तरह राहुल गांधी द्वारा राज्य के किसानों से किये गये वादा को पूरा करने की दृष्टि से पहली केबिनेट बैठक ने किसानों के हित में धान खरीदी की दर बढ़ाकर 2500 रूपए प्रति क्विंटल का भी निर्णय लिया।इसी तरह 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने किसानों की लगभग 15 वर्षो से लम्बित सिंचाई कर की बकाया राशि को मिलाकर अक्टूबर 2018 तक सिंचाई कर की 207 करोड़ रूपए की बकाया राशि भी माफ करने की घोषणा की। राज्य शासन के इन निर्णयों से किसानों में अपार उत्साह, हर्ष और उल्लास व्याप्त हुआ है। उल्लेखनीय है कि किसानों की 30 नवम्बर 2018 पर बकाया अल्पकालीन कृषि ऋण माफी के निर्णय का क्रियान्वयन दस दिनों के भीतर प्रारंभ कर दिया गया है। ऋण माफी योजना के पहले चरण में एक नवम्बर 2018 से 24 दिसम्बर 2018 तक लिकिंग के माध्यम से राज्य की 1276 सहकारी समितियों के तीन लाख 57 हजार किसानों से वसूल की गयी, 1248 करोड़ अल्पकालीन कृषि ऋण की राशि किसानों के बचत खातों में वापस करने का कार्य किया जा चुका है। यह राशि किसानों के खातों में ऑनलाइन हस्तांतरित कर दी गयी है। राज्य शासन द्वारा इसी तारत्मय में कृषि ऋण माफी योजना के अंतर्गत 16 लाख 81 हजार किसानों के 6230 करोड़ रूपए की ऋण माफी की शुरूआत आज 28 जनवरी 2019 से की जा रही है। उल्लेखनीय है कि यह छत्तीसगढ़ इतिहास की सबसे बड़ी ऋण माफी योजना है। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजधानी रायपुर में करेंगे ध्वजा रोहन

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल 26 जनवरी को सुबह 8.55 बजे से राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे। मुख्य समारोह के कार्यक्रम के बाद  बघेल दुर्ग जिले के पाटन विकासखण्ड के ग्राम असोगा, तेलीगुंड्रा, भनसुली (केसरा) गांवों में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वे रायपुर लौटकर विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। 
मुख्यमंत्री निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 26 जनवरी को प्रातः 8ः30 बजे राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित राजीव भवन में ध्वजारोहण करेंगे। वे दोपहर 12ः30 बजे पुलिस ग्राउंड से हेलीकॉप्टर द्वारा जिला-दुर्ग के ग्राम असोगा तेलीगुंड्रा और भनसुली (केसरा) पहुंचकर स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री कार्यक्रम के बाद 3ः40 बजे रायपुर लौटेंगे और शाम 5 बजे राजभवन में आयोजित स्वागत समारोह में भाग लेंगे। वे शाम 7 बजे महंत घासीदास संग्रहालय में आयोजित सांस्कृतिक संध्या के कार्यक्रम में शामिल होंगे।

स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने सिम्स के एनआईसीयू वार्ड का लिया जायजा

रायपुर, 23 जनवरी 2019  प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री  टी.एस. सिंहदेव आज छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान अस्पताल (सिम्स) बिलासपुर पहुंचे और एनसीयू वार्ड में घटना के समय तैनात नर्सों से बातचीत की तथा घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली।

    उल्लेखनीय है कि गत दिवस यहां के पॉवर पेनल में आग लगने की वजह से नवजात बच्चों के एनआईसीयू वार्ड में धुआं भर गया था। स्वास्थ्य मंत्री   सिंहदेव ने शीघ्र एनआईसीयू वार्ड को पावर पेनल से दूर अन्य सुविधाजनक स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्देश दिए। सिम्स के डॉक्टर भानू प्रताप सिंह ने इस अवसर पर संपूर्ण घटनाक्रम से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कन्ट्रोल पेनल में आग लगने के बाद एनआईसीयू में धुआं फैल गया, साथ ही वार्ड की बिजली भी चली गई। नवजात शिशुओं को वहां से निकालकर 15 मिनट के अंदर ही स्त्रीरोग विभाग में परिचारिका, चिकित्सक एवं ऑक्सीजन सिलेण्डर सहित शिफ्ट कर दिया गया था। जहां से इन्हें ईलाज हेतु निजी अस्पतालों और जिला चिकित्सालय में भेजा गया था। 

स्वास्थ्य मंत्री  सिंहदेव ने अस्पताल के रेडियो डायगोनिक विभाग और गैस मेनिफोल्ड रूम का जायजा लिया और इसे भी तत्काल अस्पताल के दूसरे जगह पर शिफ्ट करने का निर्देश दिए। वे इसके उपरांत अन्य निजी अस्पताल में भी गये, जहां सिम्स से शिफ्ट किये गये बच्चों का ईलाज हो रहा है। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य का हालचाल जाना और परिजनों से बातचीत की। उन्होंने इस अवसर पर बताया कि घटना की जांच के लिए टीम गठित की गई है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्यवाही होगी।  सिंहदेव के साथ बिलासपुर विधायक  शैलेष पाण्डेय, कलेक्टर डॉ. संजय अलंग और सिम्स के डीन डॉ. डी.के. पात्रा भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय में जन घोषणाओं के विषय नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी विकास बैठक का आयोजन

रायपुर, 22 जनवरी 2019मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में जन घोषणाओं के विषय नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी विकास एवं संधारण के क्रियान्वयन की रूपरेखा तय करने उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्य सचिव   सुनील कुजूर, अपर मुख्य सचिव कृषि के.डी.पी. राव, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास   आर.पी. मण्डल, सचिव मुख्यमंत्री   गौरव द्विवेदी, सचिव राजस्व  एन.के.खाखा, सचिव ग्रामोद्योग  हेमंत पहारे, सचिव जल संसाधन  अनिवाश चम्पावत, विशेष सचिव ऊर्जा   अंकित आनंद सहित मुख्यमंत्री के सलाहकार   राजेश तिवारी,   रूचिर गर्ग,   प्रदीप शर्मा, विनोद वर्मा उपस्थित थे।

 

शिवनाथ से पानी लाकर कुम्हारी जलाशय भरने के प्रस्ताव का होगा सर्वेक्षण: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

गरूवा अब गरू नहीं बल्कि ग्रामीण विकास का बनेगा आधार: भूपेश बघेल मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री

बलौदाबाजार, 20 जनवरी 2019/ मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा कि शिवनाथ नदी के सोमनाथ घाट से पानी लाकर कुम्हारी सहित आस-पास के जलाशयों को भरने के किसानों से आए प्रस्ताव का सर्वेक्षण किया जाएगा। उन्होंने जिला कलेक्टर को इस महत्वपूर्ण परियोजना का सर्वेक्षण करा करके 10 दिनों मंे रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत करने को कहा है। इससे सकलोर सहित आस-पास के लगभग 43 गांवों के किसानों के खेतों की प्यास बुझेगी और बार-बार के अकाल से अंचल के किसानों को मुक्ति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के लिए राशि की कोई कमी आड़े नहीं आएगी।  बघेल आज जिले के ग्राम सकलोर में मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के बलौदाबाजार राज के सम्मेलन को मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्बोधित कर रहे थे।

अध्यक्षता मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. रामकुमार सिरमौर ने की। विशेष अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद छाया वर्मा, स्थानीय विधायक प्रमोद कुमार शर्मा, बिलाईगढ़ के विधायक मनेन्द्रगढ़ विधायक डाॅ. विनय जायसवाल उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने समारोह में समाज के पुरखों के आगे शीश झुकाया और उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाने का सबसे पहले सपना डाॅ. खूबचंद बघेल ने देखा था। उनका सपना धीरे-धीरे वास्तविक रूप लेता गया और वर्ष 2000 मंे यह मूर्त रूप लिया। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के 18 साल बाद छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों, किसानों और गरीबों की हमदर्द सरकार आई है। उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन होने के पहले घण्टे मंे ही किसानों के ऋण माफ कर दिए। उनके धान की खरीदी 2500 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि दो हजार 50 और 2500 रूपए के अंतर की राशि भी किसानों को फरवरी में मिल जाएगी। अंतर की 450 रूपए के राशि उनके खाते में जमा करा दी जाएगी। झीरम घाटी के पीड़ित परिवारों को भी न्याय मिलेगा। राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। बस्तर में टाटा कम्पनी द्वारा अधिग्रहित भूमि को भी उनके वास्तविक किसानों को लौटाने का फैसला सरकार ने लिया है। दस गांवों के एक हजार 700 किसानों की 4 हजार 200 एकड़ भूमि उन्हें लौटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नरवा, घुरवा, गरूवा और बारी का विकास हमारी सरकार का दर्शन है। इन्हें ध्यान में रखते हुए प्रदेश के गांवों का समन्वित विकास किया जाएगा। गांवों में गायों के लिए पक्का गोठान और दैहान विकसित किए जाएंगे। गरूवा अब गांव और किसान के लिए गरू (बोझ) नहीं बल्कि उनके विकास के महत्वपूर्ण आधार होंगे। गोबर से घर-घर में गैस जलाया जाएगा।

उज्ज्वला जैसे महंगे योजना की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। पशुओं को उन्नत प्रजाति में बदला जाएगा ताकि वे किसानों के लिए ज्यादा फायदेमंद हों। उन्होंने मनरेगा योजना को खेती-किसानी से जोड़ने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री  बघेल ने कहा कि राज्य सरकार शराबबंदी के लिए वचनबद्ध है। लेकिन इसे ऊपर से थोपा नहीं जाएगा। समाजों की बैठक लेकर इस पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसकी बुराई पर समाज में मंथन होगा। उनकी सहमति और बताए गए सुझाव के अनुरूप इसका क्रियान्वयन किया जाएगा ताकि यह टिकाऊ बन सके। सामाजिक और राजनीतिक दोनों तरीके से हम इस बुराई पर प्रहार करेंगे ताकि हमें पूरी सफलता मिल सके। मुख्यमंत्री ने विशिष्ट योगदान करने वाले सामाजिक बन्घुओं का कुर्मी समाज की ओर से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और संस्कार से ही किसी समाज की पहचान होती है। इसलिए सभी समाजों को इस ओर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

समारोह को मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के प्रदेश प्रमुख डाॅ. रामकुमार सिरमौर ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने शिवनाथ नदी के सोमनाथ घाट से सकलोर क्षेत्र में पानी लाने की पुरजोर मांग की और स्थानीय समस्याओं की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।   सम्मेलन में रायपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष  शारदा वर्मा, पूर्व विधायक जनकराम वर्मा, पूर्व विधायिका लक्ष्मी बघेल सहित बड़ी संख्या में कुर्मी क्षत्रिय समाज के लोग और ग्रामीण जन शामिल हुए। कलेक्टर जे.पी.पाठ, एसपी प्रशांत अग्रवाल, अपर कलेक्टर जोगेन्द्र नायक सहित जिला स्तरीय अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

प्रदेश में शराबबंदी के बारे में सुझाव के लिए गठित होगी समितियां

रायपुर 18 जनवरी 2019  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज शराबबंदी के लिए दो समितियां बनाने की घोषणा की है। इनमें से एक सर्वदलीय राजनीतिक समिति होगी और दूसरी समिति समाज के अलग-अलग तबकों के प्रतिनिधियों की होगी। राजनीतिक समिति उन राज्यों में जाकर अध्ययन करेगी जहां शराबबंदी तो की गई लेकिन सफल नहीं हुई। यह समिति विफलताओं की वजहों का अध्ययन करेगी। दूसरी सामाजिक समिति शराबबंदी में समाज की भूमिका के लिए रास्ता सुझाएगी। दोनों समितियों का गठन जल्द ही किया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अजमेर शरीफ के लिए चादर रवाना की

 रायपुर, 18 जनवरी 2019  मुख्यमंत्री   भूपेश बघेल ने आज राज्य अतिथि गृह पहुना से अजमेर शरीफ के लिए चादर रवाना की। असंगठित मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष श्री सद्दाम सोलंकी के नेतृत्व में चादर अजमेर ले जाकर ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर चढ़ाई जाएगी। चादर रवाना करने के पहले प्रदेश की खुशहाली के लिए दुआ मांगी गई। इस अवसर पर सर्वश्री सलाम रिजवी ,एजाज ढेबर ,शमीम अख्तर, अरशद अली और राधेश्याम विभार भी उपस्थित थे।

राज्य के विकास के लिए खनिज संसाधनों का बेहतर उपयोग हो: भूपेश बघेल : छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के संचालक मण्डल की बैठक सम्पन्न

रायपुर, 18 जनवरी 2019  मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की अध्यक्षता में यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के संचालक मण्डल की बैठक ली गयी। उन्होंने राज्य के विकास और हित को ध्यान में रखते हुए खनिज संसाधनों के सही ढंग से दोहन तथा बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। 
बैठक में चर्चा करते हुए प्रमुख रूप से राज्य के उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले के अंतर्गत आरीडोंगरी लौह अयस्क परियोजना का संचालन शुरू करने के संबंध में निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम द्वारा जानकारी दी गयी कि आरीडोंगरी में पाये जाने वाला लौह अयस्क की गिनती उच्च श्रेणी के अयस्कों में की जाती है। इसके अलावा सरगुजा जिले के मेनपाट तहसील के अंतर्गत ग्राम पथराई में बाक्साईट खनिज के खनन तथा विपणन के संबंध में भी निर्णय लिया गया। इसी तरह कबीरधाम तथा सरगुजा जिले स्थित बाक्साईट धारित क्षेत्रों और आरीडोंगरी आयरन ओर ब्लॉक के अन्वेषण के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर किए जाने का निर्णय लिया गया।
 बैठक में लिए गए इन महत्वपूर्ण निर्णयों से छत्तीसगढ़ राज्य में लौह और बॉक्साईट आधारित उद्योगों को उच्च तथा अच्छी श्रेणी के अयस्कों के कम परिवहन लागत पर सुगम उपलब्धता सुनिश्चित होगी। विभागीय काम-काज में और गति लाने के लिए अटल नगर (नया रायपुर) के सेक्टर-24 में निर्मित ऑफिस कॉम्प्लेक्स में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के मुख्य कार्यालय के संचालन किए जाने के संबंध में भी चर्चा हुई।  इस अवसर पर मुख्य सचिव  सुनील कुमार कुजूर, सचिव खनिज  गौरव द्विवेदी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक   मुदित कुमार सिंह, खनिज विभाग के प्रबंध संचालक   अलरमेल मंगई डी, सचिव वित्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव  अंकित आनंद, महाप्रबंधक   पी.एस. यादव सहित संचालक मण्डल के सदस्य उपस्थित थे।