बड़ी खबर

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की नगरीय निकायों  से जुड़ी बड़ी घोषणाएँ

     मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के विषय पर आयोजित कार्यशाला में बड़ी घोषणा करते हुए स्वच्छता दीदियों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा की। अब तक स्वच्छता दीदियों को कुल पांच हजार रूपए प्रति माह की मानदेय राशि प्राप्त होती थी। अब इसे छह हजार रूपए प्रति माह की बढ़ी हुई दर से मानदेय प्रदान किया जाएगा। इससे प्रदेश की दस हजार स्वच्छता दीदियों को सीधा लाभ मिलेगा। ज्ञात हो कि प्रदेश के 166 नगरीय निकायों में दस हजार स्वच्छता दीदियों के माध्यम से प्रतिदिन घर घर से गीले-सूखे  कचरे को एकत्रित किया जाता है। इन्हीं दीदियों के प्रयास के कारण मार्च महीने में राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य को पुरस्कृत किया गया था।     इसके साथ मुख्यमंत्री ने आज नगर पालिक एवं पंचायतों के अध्यक्षों को पुनः वित्तीय अधिकार प्रदत्त किए जाने की घोषणा की।     विकास कार्यों हेतु बड़ी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा प्रत्येक नगर निगम को आबादी एवं आवश्यकता के अनुसार 5 से दस करोड़ रुपए, 44 नगर पालिकाओं हेतु एक-एक करोड़ एवं 111 नगर पंचायतों हेतु 50-50 लाख रुपए प्रदान किए जाने की घोषणा की।     जल संरक्षण हेतु गंभीर मुख्यमंत्री ने कहा कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग हमारे लिए नई चीज नहीं है, हमारे पुरखे भी गुजरात और राजस्थान में पानी का संरक्षण करते थे। सबसे अच्छा जल संरक्षण का उदाहरण पोरबंदर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के घर में है। उनके घर में छत का पानी घर के आंगन में बने कुंए में एकत्र किया जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों के साथ-साथ गांवों की गलियों, सड़कोें और आंगन में कांक्रीटीकरण कर दिया गया है। जिसके कारण पानी जमीन के अंदर नहीं जा पाता। उन्होंने कहा कि लोग अपने आंगन में कुंए में छत का पानी एकत्र कर सकते हैं, असफल बोर रूफ वाटर हार्वेस्टिंग से जोड़ सकते है या छत का पानी जमीन के अंदर डाल सकते है। मुख्यमंत्री ने अपने घर का उदारहण देते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 2001 में ही अपने घर में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग करवाई थी। इस गर्मियों में  मोहल्ले के बोर में पानी सूख गया लेकिन मेरे घर में पानी था।     कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नगरीय प्रशासन एंव विकास मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में 47 हजार भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसके विरूद्ध अबतक 15 हजार 500 भवनों में यह कार्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पेयजल आवर्धन योजनाओं के माध्यम से 3 लाख 50 हजार परिवारों को उनके घर में नल कनेक्शन देकर पेयजल की आपूर्ति की जाएगी।  आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि ग्लोबल वार्मिग की वजह से मौसम बदल रहा है। चेरापूंजी में सबसे अधिक वर्षा होती थी लेकिन अब वहां एक-एक बूंद के लिए लड़ाई होती है। उन्होंने कहा कि पहले चेक डेम आदि बनाकर वाटर रिर्चाजिंग का प्रयास किया जाता था, लेकिन यह ज्यादा सफल नहीं हो पाया। राज्य सरकार द्वारा नरवा योजना के माध्यम से प्राकृतिक जल स्त्रोतों को पुर्नजीवित करने का प्रयास किया जा रहा है।     मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा ई-गर्वनेस परियोजना पर तैयार विभागीय पोर्टल, स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 के लिए तैयार वीडियो, पौनी पसारी योजना के दिशा-निर्देशों पर ब्रोशर का विमोचन किया। श्री बघेल ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 पुरस्कार योजना के तहत प्रदेश के 23 नगरीय निकायों को सम्मानित किया। उन्होंने आवास योजना के अंतर्गत मोर प्रदर्शन - मोर सम्मान बुकलेट, मोर जमीन - मोर मकान मार्गनिर्देशिका, मोर मकान-मोर चिन्हारी मार्गनिर्देशिका का विमोचन किया। इसी तरह उन्होंने स्वच्छता मिशन के अंतर्गत नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी ’’सुघ्घर घर दुआरी पत्रक’’, स्वच्छता पॉकेट बुक, स्वच्छता सिरमौर-शहरी छत्तीसगढ़ बुकलेट, महिला स्वच्छता आर्मी बुकलेट और महिला स्वसहायता समूह के ब्रांडिग लोगो दुलारी का विमोचन किया। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की विशेष सचिव श्रीमती अलरमेलमंगई डी. सहित नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के अध्यक्ष, सभापति, नगरीय विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री होंगे बिलासपुर जिले में हरेली तिहार के मुख्य अतिथि : जिलों में होंगे विभिन्न कार्यक्रम

 छत्तीसगढ़ी त्यौहारों की श्रृंखला में पहला तिहार हरेली को छत्तीसगढ़ी संस्कृति से जोड़ते हुए परम्परागत ढ़ंग से मनाने के लिए सभी जिलों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बिलासपुर जिले में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। जिलों में एक अगस्त को आयोजित होने वाले हरेली तिहार कार्यक्रम के मुख्य समारोह में मुख्य अतिथियों की सूची राज्य शासन द्वारा जारी कर दी गई है। जिला कोरबा में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, रायपुर में गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, जांजगीर-चांपा में स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, रायगढ़ में कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे मुख्य अतिथि होंगे। राजनांदगांव में वन मंत्री मोहम्मद अकबर, बेमेतरा में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, बस्तर में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, धमतरी में आबकारी मंत्री श्री कवासी लखमा, सरगुजा में नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, जशपुर में खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, बलरामपुर में उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, कांकेर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री गुरू रूद्रकुमार, दंतेवाड़ा में राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल जिले के मुख्य अतिथि होंगे।  इसी प्रकार कोरिया में सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, नारायणपुर में सांसद श्री दीपक बैज, बीजापुर में अध्यक्ष बस्तर विकास प्राधिकरण श्री लखेश्वर बघेल, दुर्ग में अध्यक्ष मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण श्री लालजीत सिंह राठिया, सूरजपुर में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष खेलसाय सिंह, बलौदाबाजार-भाटापारा में बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विक्रम मंडावी, सुकमा में बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संतराम नेताम, गरियाबंद में सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री गुलाब कमरो, महासमंुद में मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मी ध्रुव, बालोद में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री बृहस्पत सिंह, मुंगेली में मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री पुरूषोत्तम कवर, कोण्डागांव में विधायक श्री मोहन मरकाम, कबीरधाम में विधायक श्रीमती ममता चन्द्राकर जिले के लिए मुख्य अतिथि होंगे।  

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजधानी रायपुर में ध्वजारोहण कर लेंगे परेड की सलामी जिला मुख्यालयों के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण के लिए मुख्य अतिथियों की सूची जारी

रायपुर :- आजादी के पर्व स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे। जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण के लिए मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. चरण दास महंत दुर्ग में, पंचायत एवं ग्रामीण विकास व स्वास्थ्य मंत्री  टी.एस. सिंहदेव जांजगीर-चांपा में और गृह एवं लोक निर्माण मंत्री  ताम्रध्वज साहू बिलासपुर जिला मुख्यालय में ध्वजारोहण करेंगे। कृषि एवं जल संसाधन मंत्री  रविन्द्र चौबे रायगढ़ में, स्कूल शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री डाॅ. प्रेमसाय सिंह टेकाम कोरबा में, आवास एवं पर्यावरण व परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर राजनांदगांव में, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा धमतरी में, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा श्रम मंत्री डाॅ. शिवकुुमार डहरिया सरगुजा में, महिला एवं बाल विकास व समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंड़िया कबीरधाम में, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन और पंजीयन एवं स्टाम्प मंत्री  जयसिंह अग्रवाल दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा में, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री  गुरू रूद्रकुमार उत्तर बस्तर कांकेर में, उच्च शिक्षा और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  उमेश पटेल बलरामपुर में, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और,इस खबर को आप जोगी एक्सप्रेस पर पढ़ रहे ,संस्कृति मंत्री  अमरजीत भगत जशपुर जिला मुख्यालय में आयोजित समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। इसी तरह कोरिया में लोकसभा सांसद ज्योत्सना महंत, बस्तर (जगदलपुर) में लोकसभा सांसद  दीपक बैज, बलौदाबाजार-भाटापारा जिला मुख्यालय में मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लालजीत सिंह राठिया, गरियाबंद में मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लक्ष्मी धु्रव, महासमुंद में मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम कंवर, बालोद में विधायक संगीता सिन्हा, सूरजपुर में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  खेलसाय सिंह, बेमेतरा में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष  बृहस्पत सिंह, मुंगेली में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष  गुुलाब कमरो, कोण्डागांव में विधायक  मोहन मरकाम, बीजापुर में बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  लखेश्वर बघेल, सुकमा में बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संतराम नेताम तथा नारायणपुर जिला मुख्यालय में बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष  विक्रम मण्डावी ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे।

छत्तीसगढ़ : माइंस प्रबंधन के खिलाफ 5 घंटे से चक्काजाम जारी*

 

< सुमंत सिन्हा : भानूप्रतापपुर ।डोंगरीडोंगरी 18 जुलाई से बन्द है कंपनी ने फरमान सुना दिया कि जब तक माईस इसमें 24 घंटे काम नहीं होगा तब तक माइंस चालू नहीं होगा इसका विरोध वहां के मजदूर संघ परिवहन संघ और मोटर मालिक संघ कर रहे हैं सुबह 8:00 बजे से लगातार चक्का जाम जारी है वहीं मौके पर एसडीएम सहित पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद है। आंदोलनरत मजदूरों को समझाने की कोशीश जारी, समस्या का हल निकालने जनपद पंचायत सभा कक्ष में प्रशासन की उपस्थिती में माइंस प्रबंधन, मजूदर संघ, परिवहन संघ, ड्राईवर संघ के साथ बैठक जारी।

15 वें वित्त आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा : छत्तीसगढ़ में है विकास की व्यापक संभावनाएं, विकास का लंबा सफर तय करना है

रायपुर, 25 जुलाई 2019 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष  एन.के. सिंह और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में आज अटल नगर, नवा रायपुर, मंत्रालय में छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री परिषद के सदस्यों, वित्त आयोग के सदस्यों तथा राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई।

 बैठक में सबसे पहले छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री  बघेल ने वित्त आयोग का स्वागत किया और कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में विकास की व्यापक संभावनाओं के साथ विशिष्ठ चुनौतियां है। संभावनाओं का दोहन और चुनौतियों का सामना करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य को विकास का लंबा सफर तय करना शेष है। उन्होंने राज्य के विकास के लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों, कार्यक्रमों और कार्यो की जानकारी दी और आयोग कोे छत्तीसगढ़ के विकास और यहां के नागरिकों के हित में कार्य करने की दृष्टि से अनेक प्रस्ताव दिए और आयोग से इस संबंध में सहयोग देने का आग्रह किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कुपोषण के लिए वित्त आयोग से विशेष रूप से अनुरोध किया।
 बैठक में राज्य के मानव विकास सूचकांक, पर्यावरण सरंक्षण, वामपंथी उग्रवाद, क्षेत्रीय असंतुलन, वन क्षेत्रों में विकास और यहां की चुनौतियों, समस्याओं और पर विस्तार से चर्चा की गयी और पॉवरपाइंट प्रदर्शन के माध्यम से भी जानकारी दी गयी। आयोग के अध्यक्ष श्री एन.के. सिंह ने बैठक के अंत में छत्तीसगढ़ की परिस्थितियों के साथ यहां की नक्सल एवं वन क्षेत्रों की विशिष्ट समस्याओं को देखते हुए मुख्यमंत्री एवं विचार-विमर्श के दौरान प्राप्त प्रस्तावों एवं सुझावों पर सहानभूतिपूर्वक विचार करने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 27 जिलों में से 14 जिले उग्र वामपंथ से प्रभावित है। इन क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ विकास योजनाओं एवं अधोसंरचना निर्माण की लागत अधिक होती है तथा समय सीमा में वृद्धि हो जाती है। खनिज उत्खनन की औद्योगिक परियोजनाओं से जनजातीय क्षेत्रों में विस्थापन एवं विकास में उनकी समुचित भागीदारी न होने का भी खतरा है। राज्य सरकार इसके लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन की व्यवस्था करने सहित संतुलित औद्योगिक विकास की हिमायती है।
भारत सरकार द्वारा किसानों की आय दुगुनी का प्रयास है। धान की खेती को लाभदायक बनाने दो बड़े फैसले लिए गए हैं। धान के समर्थन मूल्य के अतिरिक्त प्रति क्विंटल 750 रूपए की दर से प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। वर्ष 2018-19 में राज्य सरकार को 6 हजार 21 करोड़ की अतिरिक्त राशि का व्यय भार उठाना पड़ा है। राज्य के लगभग 17 लाख 50 हजार किसानों का ऋण माफी किया गया है। इससे लगभग 9 हजार करोड़ का अतिरिक्त व्यय भार आया है।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के महत्वकांक्षी कार्यक्रम ’छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी, नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी, ऐला बचाना हे संगवारी’ की जानकारी दी और बताया कि इसके तहत जहां नदी-नालों के माध्यम से जल संचयन और सवर्धन को बढ़ावा दिया जा रहा है वहीं गोठानों के माध्यम से पशुधन के संवर्धन करने, कृषि एवं पशु कचरों एवं गोबर आदि के माध्यम से कम्पोस्ट खाद बनाने, बाड़ी के माध्यम से सब्जी एवं फल आदि पौष्टिक कृषि उत्पाद को बढ़ावा देने का प्रयास है।
 खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कमजोर परिवारों के साथ-साथ सामान्य परिवारों को भी प्रति राशन कार्ड 35 किलो चावल दिया जा रहा है। युनिर्वसल पीडीएस की इस योजना पर 22 सौ करोड़ का अतिरिक्त वार्षिक व्यय संभावित है। राज्य में 400 यूनिट तक बिजली बिल आधा किया गया है। इस पर लगभग 8 सौ करोड़ अतिरिक्त व्यय अनुमानित है।
राज्य में जी.एस.टी. के कारण वर्ष 2022 तक 17 हजार 255 करोड़ की राजस्व हानि का अनुमान है। केन्द्र द्वारा राज्य को दिया जाने वाला जी.एस.टी. क्षतिपूर्ति अनुदान कम है और यह क्षतिपूर्ति वर्ष 2022 में बंद हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया है कि वर्ष 2022 के बाद आगामी पांच वर्षो तक भी राज्य को क्षतिपूर्ति की राशि प्रदान की जाये।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 14वें वित्त आयोग ने केंद्रीय करों में राज्यों के हिस्से को बढ़ाकर 42 प्रतिशत किया था, लेकिन केन्द्रीय करोें पर लिए जाने वाले उपकर एवं अधिभार तथा करों पर दी जाने वाली कटौती एवं छूट के कारण अब तक सही मायने में 42 प्रतिशत राशि राज्यों को प्राप्त नहीं हो सकी है। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि केन्द्रीय करों में राज्यों के हिस्से को 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिजों के दोहन से पूर्व राज्य को वन क्षतिपूर्ति, भूमि व्यपवर्तन तथा अधोसंरचना निर्माण आदि पर काफी व्यय भार वहन करना पड़ता है। खनन क्षेत्र से होने वाले अपर्याप्त हिस्सा ही राज्यों को प्राप्त होता है। उन्होंने सुझाव दिया कि अनुपातिक हस्तांतरण में 10 प्रतिशत भार के साथ नया मापदण्ड खनन जी.एस.व्ही.ए. (GSVA) को शामिल किया जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि श्री सुमित बोस की अध्यक्षता में गठित विशेषज्ञ समूह ने केन्द्र तथा राज्यों की सभी योजनाओं के लिए एस.ई.सी.सी. के आंकड़ों का उपयोग किए जाने की अनुशंसा की थी। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव दिया कि एस.ई.सी.सी के वंचित ग्रामीण परिवार संख्या को 10 प्रतिशत भार के साथ एक नया मापदंड शामिल किया जाए।
14वें वित्त आयोग द्वारा निर्धारित मापदण्डों में आय विषमता को शामिल किया गया था। वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार 40 प्रतिशत गरीबी रेखा से नीचे की आबादी वाले छत्तीसगढ़ राज्य के लिए यह उपयुक्त मापदंड नहीं है। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि आय विषमता के भार को 35 प्रतिशत करते हुए पूरक मापदंड के तौर पर एस.ई.सी.सी. के वंचित ग्रामीण परिवार संख्या के मापदंड को 15 प्रतिशत भार के साथ स्थान दिया जाए। उन्होंने इसी तरह क्षेत्रफल मापदण्ड में 2 प्रतिशत के समरूप फ्लोर के स्थान पर चार अलग फ्लोर मान - आधा, एक, डेढ़ एवं दो प्रतिशत रखने का प्रस्ताव दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गठन से अब तक राज्य द्वारा असाधारण वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है। 14वें केन्द्रीय वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा वाले राज्यों को राजस्व घाटा अनुदान दिए जाने की अनुशंसा की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये बातें परस्पर विरोधी होने के कारण इसे आगे जारी रखना कतई उचित नहीं है। उन्होंने अनुरोध किया कि राजस्व घाटा (Revenue Deficit) अनुदान के स्थान पर स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अद्योसंरचना विकास के लिए समानता अनुदान (Equalization Grant) दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोग को राज्य-विशेष अनुदानों के लिए एक लाख 76 हजार 2 सौ 15 करोड़ रूपए के प्रस्ताव प्रस्तुत किए है। छत्तीसगढ़ के गठन से अब तक राज्य को केन्द्र से कोई विशेष आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने वित्त आयोग से इन प्रस्तावों पर तथा केन्द्र एवं राज्यों के मध्य राजस्व वितरण के लिए दिए गए अन्य सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का आग्रह किया।
बैठक में राज्य मंत्रीमण्डल के सदस्य सर्व श्री ताम्रध्वज साहू, मोहम्मद अकबर, डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, डॉ. शिवकुमार डहरिया, अनिला भेड़िया, उमेश पटेल, अमरजीत भगत, वित्त आयोग के सदस्यगण सर्व श्री अजय नारायण झा, डॉ. अनूप सिंह, डॉ. अशोक लाहिरी, श्री रमेश चंद, वित्त आयोग के सचिव श्री अरविंद मेहता, राज्य शासन के मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव वन श्री सी.के. खेतान, अपर मुख्य सचिव कृषि श्री के.डी.पी. राव सहित राज्य शासन के प्रमुख अधिकारीगण उपस्थित थे। इस अवसर पर बस्तर क्षेत्र में नरवा,गरूवा, घुरवा, बाड़ी पर आधारित ऑडियों-वीडियों का प्रदर्शन किया गया और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने पॉवर पाइंट के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने योजना आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों को प्रतीक चिन्ह भी भेंट किया।

15वें वित्त आयोग के चेयरमैन एन.के. सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की

रायपुर, 25 जुलाई २०१९/15वें वित्त आयोग के चेयरमैन श्री एन.के. सिंह ने आज यहां, नवा रायपुर, अटल नगर मंत्रालय में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से मुलाकात की। इस अवसर पर राज्य शासन के मंत्री सर्वश्री ताम्रध्वज साहू, मोहम्मद अकबर, डॉ. प्रेम साय सिंह, डॉ. शिव डहरिया,  अनिला भेंड़िया, उमेश पटेल, अमरजीत सिंह भगत, आयोग के सदस्यगण सर्वश्री अजय नारायण झा, डॉ. अनूप सिंह, डॉ. अशोक लाहिड़ी , रमेश चंद, सचिव श्री अरविंद मेहता सहित प्रदेश के मुख्य सचिव  सुनील कुजूर, अपर मुख्य सचिव  अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव   गौरव द्विवेदी भी उपस्थित थे।
    उल्लेखनीय है कि वित्त आयोग छत्तीसगढ़ में तीन दिवसीय दौरे पर है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोग को छत्तीसगढ़ की विशेषताओं एवं परिस्थितियों की जानकारी दी।

नया पत्रकार अधिमान्यता नियम लागू, न्यूज पोर्टल के साथ ब्लॉक के पत्रकारों को मिलेगी अधिमान्यता

 

 

रायपुर। प्रदेश में पत्रकारों के लिये नया अधिमान्यता नियम छत्तीसगढ़ राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशन के साथ ही प्रभावशील हो गया है. नए नियम में प्रिन्ट मीडिया के अलावा टीवी न्यूज चैनल्स, न्यूज पोर्टल, समाचार पत्रिकाओं के संवाददाताओं, फोटोग्राफर और कैमरामैन के साथ ब्लॉक स्तर के संवाददाताओं को अधिमान्यता दिए जाने का प्रावधान किया गया 

आयुक्त-सह-संचालक जनसंपर्क तारन प्रकाश सिन्हा ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद वर्ष 2001 में अधिमान्यता नियम बनाए गए थे. गत अठ्ठारह वर्षों के दौरान मीडिया परिदृश्य में आमूलचूल परिवर्तन आया है. इस दौरान टीवी न्यूज चैनल्स, समाचार वेबपोर्टल आदि प्रारंभ हुए हैं, और कार्य परिस्थितियां भी बदली. अधिमान्यता नियमों को समय के अनुसार प्रासंगिक बनाने और नये समाचार मीडिया को स्थान प्रदान करने के लिए अधिमान्यता नियमों में व्यापक परिवर्तन किया गया है.

वही अब  विकासखण्ड स्तर के समाचार मीडिया प्रतिनिधियों को भी जनसंपर्क संचालनालय द्वारा अधिमान्यता प्रदान की जायेगी. इसी प्रकार राज्य के सेवानिवृत्त वरिष्ठ पत्रकारों को भी मानद अधिमान्यता प्रदान करने का प्रावधान नए अधिमान्यता नियमों में किया गया है. वहीं समाचार मीडिया के प्रचार संख्या, प्रसारण क्षेत्र, वेब पोर्टल की दशा में व्यूवर्स की संख्या आदि के आधार न केवल अधिमान्यता कोटा निर्धारित किया गया है. पहले प्रचलित अधिमान्यता नियमों की तुलना में संख्या की व्यापक बढ़ोत्तरी की गई है.

वही आयुक्त सिन्हा ने यह भी बताया कि समाचार मीडिया प्रतिनिधियों को अधिमान्यता प्रदान करने का कार्य पूर्व की भांति राज्य एवं संभाग स्तरीय अधिमान्यता समितियों द्वारा ही किया जाएगा, साथ ही समितियों में इलेक्ट्रिॉनिक मीडिया के समाचार प्रतिनिधियों को शामिल किये जाने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है. आयुक्त ने आशा व्यक्त की है कि नये अधिमान्यता नियमों के प्रभावशील होने के बाद समाचार मीडिया प्रतिनिधियों की अधिमान्यता न मिलने संबंधी दीर्घ अवधि से चली आ रही शिकायत का निराकरण हो सकेगा.

पुर्व सांसद अभिषेक सिंह को नहीं मिली हाईकोर्ट से राहत, कभी भी हो सकते है गिरफ्तार

 

बिलासपुरः हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए पुर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के पुर्व सांसद पुत्र अभिषेक सिंह को किसी भी तरह की राहत देने से इन्कार कर दिया है। हाईकोर्ट के जस्टिस शरद कुमार गुप्ता की सिंगल बेंच ने अभिषेक सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए 22 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज फैसला सुनाते हुए सिंगल बेंच ने चिटफंड फर्जीवाड़े मामले में अभिषेक सिंह को किसी भी तरह की राहत देने से इन्कार कर दिया है। इस मामले में शासन की तरफ से महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा ने पैरवी की थी।

भूपेश बघेल ने चन्द्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण पर देशवासियों को दी बधाई

 

 

 

 

 

रायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने श्री हरिकोटा से भारत के महत्वाकांक्षी अभियान-चन्द्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण और इसके प्रथम चरण के सफलता के लिए देश के सभी नागरिकों के साथ-साथ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के इस अभियान से जुड़े सभी वैज्ञानिकों, तकनीशियनों और स्टॉफ को विशेष रूप से बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

उन्होंने कहा है कि भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक ऊंची छलांग लगायी है और एक नया इतिहास रचा है।

 

 

 

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की इस अभूतपूर्व एवं गौरवशाली उपलब्धि पर सभी भारतवासियों में बेहद गर्व, खुशी और उल्लास है। मुख्यमंत्री ने आशा और विश्वास व्यक्त करते हुए चन्द्रयान-1 की सफलता के बाद चन्द्रयान-2 के सभी चरणों के लिए पूर्ण सफलता की कामना की और कहा है कि चांद पर इसके साफ्ट लेंडिग फिर इसी तरह सफल होगी और इसके लूनियर आर्बिटर, लैंडर और व्हीलर रोवर भी अपने उददेश्यों में सफल होंगे।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद व्यक्त की कि भारत शीघ्र ही रूस, अमेरिका और चीन के बाद चौथा ऐसा देश बनने में सफल होगा जिसके पास चांद पर साफ्ट लेंडिग करने की क्षमता उपलब्ध होगी। भारत का यह अंतरिक्ष अभियान और इससे मिलने वाली महत्वपूर्ण जानकारियां भारत और दुनिया के अंतरिक्ष विज्ञान को नई दिशा देने में भी कामयाब होंगी।

त्रिपुरा के नये राज्यपाल बने रमेश बैस

 

रायपुर:- छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश बैस त्रिपुरा के राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं। राष्ट्रपति भवन से जारी प्रेस अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है। बैस छत्तीसगगढ़ ही नहीं देश में सबसे अधिक बार लोकसभा चुनाव जीतने वाले नेताओं में शामिल है। लोकसभा चुनाव 2019 में उन्हें पार्टी ने प्रत्याशी नहीं बनाया था। इसके बाद भी वे पार्टी के लिए निष्ठावान बने रहे। माना जा रहा है कि हमेशा पार्टीलाइन पर चलने का इनाम उन्हें दिया गया है। रमेश बैस रायपुर में पार्षद के रूप में चुने जाने के बाद सियासत में आगे बढ़े, इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। रायपुर के कई बार सासंद रहे बैस केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं।

काम में लापरवाही किए जाने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति करना SBI प्रबंधन का सही कदम- हाई कोर्ट

बिलासपुरः हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि काम में लापरवाही किए जाने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति करना SBI प्रबंधन का सही कदम है। हाईकोर्ट चीफ जस्टिस की डीबी ने काम में लापरवाही करने पर स्टेट बैंक आफ इंडिया के द्वारा बैंक के सहायक प्रबंधक को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के फैसले को सही बताया है। इससे पहले एसबीआई के द्वारा अनिवार्य सेवानिवृत्ति के मामले में हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति के एसबीआई के आदेश को खारिज करते हुए अधिकारी को सेवा में वापस लेने का आदेश दिया था।

एसबीआई के कांकेर शाखा में पदस्थ सहायक प्रबंधक एम राजू के खिलाफ शिकायत मिलने पर बैंक प्रबंधन ने जांच के बाद 6 अक्टूबर 2003 को एम राजू को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी थी। विभागीय अपील खारिज होने पर एम राजू ने हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में अपील की थी। सिंगल बेंच ने एम राजू के पक्ष में फैसला सुनाया था। इस फैसले के खिलाफ बैंक प्रबंधन ने हाईकोर्ट में रिट अपील पेश की थी। डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ सुनवाई करते हुए काम में लापरवाही के कारण अनिवार्य सेवानिवृत्ति करने के एसबीआई प्रबंधन के फैसले को सही ठहराया है। हाईकोर्ट ने एम राजू की पेंशन संबंधी मांग पर बैंक प्रबंधन को नियमानुसार निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।

छतीसगढ़ : यहाँ सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों ने बनाया शराब मुर्गा पार्टी का अड्डा ..देखे विडियों

 

देखिए वीडियो.......

अजीत मिश्रा @ BBN24

कोटा के लोकप्रिय पर्यटक स्थल शासकीय भवन को कोटा जनपद के सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों ने बनाया शराब मुर्गा पार्टी का अड्डा वहीं साथ ही यहां के जनपद जनप्रतिनिधि भी बट्टा  लगाने में तुले हुए है।बुधवार को जनपद पंचायत कोटा की संचार संकर्म सभा की बैठक जनपद के अधिकारियों ने कृषक कुटीर में आयोजित की । बैठक तो एक से डेढ घंटे चली लेकिन उसके बाद कुछ जनपद सदस्यों और जनपद के शासकीय कर्मचारियों ने छककर शराब पी और मूर्गा उड़ाया । 

 

जानकारी के अनुसार बुधवार को जनपद पंचायत की संचार संकर्म समिति की बैठक अपने मीटिंग हाल की जगह कोटा के कोरीडैम में बना पर्यटक स्थल कृषक कुटीर में आयोजित की । ये बैठक जनपद के सभागार के बदले कृषक कुटीर मे क्यों आयोजित की गई इसका जवाब किसी के पास नहीं है । बैठक जनपद की संचार संकर्म समिति की थी लिहाजा समिति के सदस्य और विभागीय अधिकारी वहां पहुंचने  लगे । बैठक बारह से एक बजे के बीच शुरू हुई और घंटे डेढ घंटे में खतम भी हो गई क्योंकि बैठक मे आए सभी लोगों का ध्यान खाने पीने की तरफ था । औने पौने में बैठक समाप्त करने के बाद पर्यटक स्थल के शासकीय रेस्ट हाउस में कुछ नेता , अधिकारी और कर्मचारियों ने जाम से जाम भी छलककाया । 

कृषक कुटीर मे बैठक और शराब पार्टी की खबर कृषक कुटीर से निकलकर कोटा के मीडिया तक पहुंच गई । बैठक की जानकारी लेने जब कोटा के मीडियाकर्मी वहां पहुंचे तो वहां का नजारा देख कर चैंक गए जनप्रतिनिधियों द्वारा शराब की बोतल कैमरे के सामने लहराते हुए दिखे । यहां बैठक के बाद की शराब पार्टी अपने पूरे उफान पर थी । जनपद सदस्यों के साथ जनपद के अधिकारी और कर्मचारी मदमस्त थे । शराब की बाटल और मुर्गे की टांग चबाते हुए घंमड में चूर इन लोगों ने मीडिया से भी अभद्र व्यवहार की और खबर छापने की धमकी भी दे डाली । जनपद की इस शासकीय बैठक के बाद कई सवाल ऐसे उठने लगे जिसके  जवाब अधिकारियों को देने होंगे ।

कृषक कुटीर में बैठक क्यों - जनपद पंचायत की संचार संकर्म की बैठक जनपद पंचायत के मीटिंग हाल की बजाय पर्यटक स्थल कृषक कुटीर में क्यों आयोजित की गई ? वहां बैठक करने के ईजाजत किसने दी ? जनपद पंचायत से चार किलोमीटर दूर कृषक कुटीर में जनपद के बाबू और अधिकारी जनपद के सरकारी दस्तावेज लेकर किसके आदेश से वहां पहुंचे ? क्या इस बैठक की जानकारी जनपद सीईओ  को थी ? यदि थी तो क्या उन्होंने जनपद के बैठक कक्ष की बजाय कृषक कुटीर में समिति की बैठक आयोजित करने की सहमती प्रदान की थी ? और यदि जनपद सीईओ को जानकारी नहीं थी तो फिर बिना उनके कृषक कुटीर में कैसे बैठक आयोजित कर दी गई थी ? ये ऐसे सवाल है जो अधिकारियों की लापरवाही और उनके गैरजिम्मेदाराना रवैये होने की ओर ईशारा करते हैं ।

जनपद के कर्मचारी का कहना कि कोई बैठक नहीं थी - मीडिया के अचानक पहुंच जाने से हड़बडाए जनपद के अधिकारी कर्मचारीयों की बोलती बंद हो गई थी । मीडिया का कैमरा देख कर कई अधिकारी अंग्रेजी का गिलास निचे रख बाथरूम की तरफ भागे तो कई ने कहा कि कोई मीटिंग नहीं थी । किसने बोल दिया की मीटिंग थी । जनपद के बाबू संतोष चंद्राकर ने कैमरे पर आन रिकार्ड बोला कि किसी भी प्रकार की बैठक यहां आयोजित नहीं थी । ये बोलते हुए शायद वो ये भूल गए कि उनका ये झुठ उनपर और भी भारी पड़ सकता है । क्योंकि सिंचाई विभाग के एसडीओ , और अन्य विभाग के आए अधिकारियों ने साफ साफ कहा की यहां बैठक रखी गई थी । फिर भी यदि जनपद के बाबू संतोष चंद्राकर की ही बात मान ली जाए कि वहां कोई मीटिंग नहीं थी तो फिर सवाल यही उठता है कि पूरा का पूरा जनपद पंचायत बारह बजे से छह बजे तक कृषक कुटीर में क्या कर रहे थे ? अपने कार्यालयीन समय में जनपद के एसडीओ कैवर्त ,इंजिनियर अमिताभ कश्यप ,लोरमी एसडीओ बी.पी गुप्ता , बड़े बाबू संतोष चंद्राकर , यहां से स्थानान्तरण हुए इंजिनियर किरण धु्रव अपने कार्यालयीन समय में कृषक कुटीर में शराब पार्टी में कैसे मौजूद रहे ,

वहीँ इसकी लिखित शिकायत कोटा के एसडीओपी, अभिषेक सिंह, अनुविभागीय अधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी, को कोटा मिडिया कर्मियों के द्वारा दी गई है, जिसमें जाँच के बाद कार्यवाही करने की बात कही गई है,

 

 

 

 

 

 

बड़ी खबर BBN24 : बाल कलाकार शिवेंद्र सिंह की सड़क दुर्घटना में मौत । रायपुर - बिलासपुर नेशनल हाईवे में सड़क हादसे में हुई मौत।


नरियरा का बाल कलाकार शिवलेख सिंह की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई अपनी प्रतिभा के बल पर मुम्बई शहर में रहकर छोटे परदे पर कई सीरियलों में अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाने के पश्चात्‌ अब बड़े परदे पर अभिनय का जलवा बिखेरने वाला अकलतरा ब्लाक के नरियरा निवासी शिवेन्द्र प्रताप सिंह एवं श्रीमती लेखना सिंह के पुत्र शिवलेख सिंह (14) वर्षी के बचपन से ही गीत-संगीत, नृत्य एवं नाटक के प्रति आकर्षण देखकर उसके अभिभावकों के द्वारा बिलासपुर से मुम्बई में जाकर शिवलेख सिंह को अपने अन्दर छिपी हुई प्रतिभा को तरासने का अवसर प्रदान करने का निर्णय लिया गया। मुम्बई में विभिन्न सीरियलों एवं फिल्मों के लिए लिये जाने वाले ऑडिशन में अपनी अभिनय क्षमता प्रदर्शित करने के बाद शिवलेख सिंह को इंडिया बेस्ट ड्रामेबाज में अपनी पहचान बनाने का मंच मिला। इंडिया बेस्ट ड्रामेबाज के पश्चात्‌ शिवलेख ने पीछे मुड़कर नहीं देखा एवं एक के बाद एक सोनी टीवी के संकट मोचन हनुमान, कलर्स के ससुराल सिमर का, सब टीवी के खिड़की, बालवीर, श्रीमानजी श्रीमतीजी, बिग मैजिक के अकबर बीरवल, एंड टीवी के अग्निफेरा सहित कई सीरियलों में अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेर कर दर्शकों, सीरियल एवं फिल्म निर्माताओं का मन मोह लिया। अभिनय के क्षेत्र में लगातार काम करने के बाद भी शिवलेख सिंह समय निकालकर अपनी पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान देते । आने वाले समय में वे रेमो डिसूजा की फिल्म एवं श्रीनाथ नामक धार्मिक कहानी पर बन रही फिल्म में बड़े पर्दे पर नजर आने वाले। इन फिल्मों के अतिरिक्त शिवलेख सिंह के पास कई फिल्मों का आफर । नरियरा जैसे छोटे से ग्राम से निकलकर मुम्बई जैसे महानगर में छोटे पर्दे एवं सिनेमा में अपनी पहचान बनाना असाधारण बात है। शिवलेख की प्रसिद्धि से प्रेरित होकर क्षेत्र के कई कलाकार गीत-संगीत, नृत्य, नाटक एवं अभिनय के क्षेत्र में हाथ आजमाने का प्रयास कर रहे थे । शिवलेख की प्रसिद्धि से क्षेत्रवासियों में भी खासा उत्सुकता दिखाई देती थी पर आज वे इस दुनिया मे नही रहे रायपुर से बिलासपुर नेशनल हाइवे सड़क के जरिये जब वे अपने परिवार के साथ वापस आरहे थे तब सड़क दुर्घटना में मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

छत्तीसगढ़ की नई राज्यपाल होंगी अनुसुइया उइके

रायपुर। छत्तीसगढ़ का नया राज्यपाल अनुसुइया उइके को बनाया गया है। इस संबंध में राष्ट्रपति भवन की ओर से आधिकारिक सूचना जारी कर दी गई है। सूचना के अनुसार अनुसुइया उइके को छत्तीसगढ़ का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। ​छिंदवाड़ा निवासी अनुसुइया उइके राज्यसभा सांसद रह चुकीं है। वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आंध्रप्रदेश का नया राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन को बनाया है।

मध्यान भोजन में अंडा दिए जाने के विरोध में कबीर पंथी के धर्म गुरु प्रकाश मुनि साहब के साथ हजारो के संख्या में अनुयायी बैठे है धरने पर....रायपुर बिलासपुर राष्ट्रीय राज मार्ग जाम

बलौदा बाजार-भाटापारा - छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मध्यान्ह भोजन में अंडे दिए जाने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है ।आज छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा बच्चों को मध्यान भोजन में अंडा दिए जाने के विरोध में कंबिर पंथियों ने किया रायपुर बिलासपुर राष्ट्रीय राज मार्ग में चक्का जाम ...कबीर पंथी के धर्म गुरु प्रकाश मुनि साहब के साथ हजारो के संख्या में अनुयायी बैठे है धरने पर ...सिमगा थाना अंतर्गत दामाखेड़ा के पास किया चक्का जाम ।