बड़ी खबर

जोगी का हल्लाबोल पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के खिलाफ बिलासपुर के सिविल लाइन में मामला दर्ज होने के बाद राजनीति में भूचाल ...पढ़े पूरी खबर

A REPORT BY: अजीत मिश्रा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के खिलाफ बिलासपुर के सिविल लाइन में मामला दर्ज होने के बाद राजनीति में भूचाल आ गया है इसका नजारा दोपहर होते-होते बिलासपुर के सिविल लाइन थाने में नजर भी आ गया । पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ सिविल लाइन थाने पहुंच कर भुपेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है अमित ने हाई पावर कमेटी द्वारा उनके पिता अजीत जोगी के सभी दस्तावेज खारिज होने का हवाला देते हुए अपने यानी अमित जोगी के भी आदिवासी होने के दस्तावेजों को फर्जी मानते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की। जैसा कि आपको पता है पिछले दिनों हाई पावर कमेटी द्वारा अजीत जोगी को आदिवासी मानने से इनकार करते हुए उनके सभी जाति प्रमाण पत्रों को खारिज कर दिया था और गुरुवार देर रात इसी मामले में जिला प्रशासन द्वारा सिविल लाइन थाने में भी उनके खिलाफ एफ आई आर दर्ज हो चुका है।इसका विरोध जताने पहुंचे अमित जोगी और छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ की पुलिस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। इस दौरान अमित जोगी ने भुपेश पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर उनके पिता के दस्तावेज फर्जी है तो जाहिर है उनके भी दस्तावेज फर्जी हो जाते हैं, इसलिए उनकी गिरफ्तारी करें और ऐसा करने पर शायद मुख्यमंत्री खुश होकर पुलिस अधिकारियों की पदोन्नति कर दे। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के जाति का मामला लंबे वक्त से अदालतों के चक्कर काट रहा है और जाहिर है सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित हाई पावर कमेटी के फैसले से ही अजीत जोगी ठहरने वाले नहीं हैं। वे आगे भी इस मामले को अदालतों में ले जाएंगे और कार्यकर्ताओं के दम पर वे इसका इसी तरह से विरोध प्रदर्शन भी करेंगे।

बिग ब्रेकिंग- पूर्व सीएम अजीत जोगी पर बिलासपुर में FIR दर्ज..फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाने का आरोप

बिलासपुर | पूर्व मुख्यमंत्री और छजका सुप्रीमो अजीत जोगी पर बिलासपुर में FIR दर्ज की गई है। जोगी पर यह FIR जाति छानबीन समिति की रिपोर्ट और दिशानिर्देश पर की गई है। रात करीब साढ़े नौ बजे सिविल लाईंस थाने में अपराध क्रमांक 559/19 दर्ज करते हुए अजीत जोगी के विरुद्ध धारा दस (1) सामाजिक प्रास्थिती प्रमाणीकरण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है। यह FIR कलेक्टर की ओर से तहसीलदार ने दर्ज कराई है। यह ग़ैरज़मानती धारा है जिसमें अधिकतम दो वर्ष की सजा और अधिकतम बीस हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। गौरतलब है कि उच्च स्तरीय जाति छानबीन समिति ने करीब 72 घंटे पहले यह रिपोर्ट सौंपी थी कि अजीत जोगी आदिवासी नहीं है। इसके ठीक बाद अजीत जोगी ने मामले को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ले जाए जाने की बात कही थी। इस मामले को लेकर आज ही जोगी की ओर से हाईकोर्ट में रिट याचिका प्रस्तुत की गई है, जिसमें दो दर्जन से अधिक बिंदुओं का जिक्र करते हुए रिपोर्ट को गलत बताया गया है।

गरियाबंद ज़िला में नक्सलियों ने अपनी उपस्थिति का फिर दिया संकेत, पेड़ काटकर रास्ता बंद करके बनाया दहशत

छत्तीसगढ़ (गरियाबंद) शैलेश गुप्ता । गरियाबंद ज़िला मुख्यालय से 47 किलोमीटर दूर मैनपुर – देवभोग राजकीय मार्ग 130 पर धुरवागुड़ी से लगभग चार - पांच किलोमीटर दूर नक्सलियों ने पेड़ से रास्ता बंद कर अपनी मौजूदगी का संकेत दिया है। आपको बता देकि मैनपुर - देवभोग के लिए यह एकमात्र रास्ता है जिसके बंद होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। ख़बर फैलते ही इलाके में सनसनी का माहौल हैं, यात्रीबसों के अतिरिक्त भारी वाहन समेत सभी मार्ग अवरुद्ध होने से कारण फंसे हुए हैं। घटना स्थल पर लगभग दस से पंद्रह की संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी बताई जा रही है। नक्सलियों द्वारा शाम लगभग 7 - 8 बजे के दरमियान पेड़ काट कर मार्ग अवरुद्ध किया गया है। पेड़ काटने के बाद एक से डेढ़ घंटे तक नक्सली घटना स्थल पर ही रुके रहे। पेड़ काटते समय नक्सलियों ने ट्रक, बस व अन्य वाहन चालकों को वापस चले जाने भी निर्देश दिया। उक्त घटना से आसपास के व्यापारियों में दहशत का माहौल व्याप्त है साथ ही गरियाबंद - देवभोग मार्ग पर शाम 6 बजे के बाद यात्रा करने वाले लोगों में कॉफ़ी दहशत का माहौल है। पुलिस विभाग की तरफ़ से टीम घटना स्थल पर भेज दिया गया है।

जल आवर्धन योजना के भूमिपूजन और ओबीसी वर्ग के सम्मान कार्यक्रम में आए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुंगेली को दी करोड़ों की सौगात

नीलकमल सिंह ठाकुर - जल आवर्धन योजना के भूमिपूजन और ओबीसी वर्ग के सम्मान कार्यक्रम में आए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुंगेली को करोड़ों का सौगात दिए । मुंगेली के घर घर पानी पहुचाने के लिए 30 करोड़ की लागत से जल आवर्धन योजना का शुरुआत बटन दबाकर किए । अम्बेडकर भवन के लिए 50 लाख रु का , गार्डन के लिए 50 लाख रु , और मुंगेली के सड़कों में खुले आम घूमने वाले आवारा पशुओं के लिए गोठान बनाने की घोषणा किए । वही जिला चिकित्सालय में सिटी स्केन मशीन देने की घोषणा किए । आज मुंगेली में मुख्यमंत्री बघेल ने घोषणा किए की अब प्रदेश में प्रत्येक पेंशनधारियों के घरों तक पेंशन की राशि पहुचाकर दिया जाएगा । बुजुर्ग लोगों को पेंशन के लिए बैंकों का चक्कर लगाना भारी पड़ रहा था । इसलिए यह योजना लागू किया गया । प्रदेश में खेल को बढ़ावा देने के लिए खेल प्राधिकरण की स्थापना किया जाएगा । छ ग प्रदेश देश का एक मात्र राज्य है जहां हर वर्ग के लिए आरक्षण की व्यवस्था किया गया है । अजजा के लिए 32% , अ जा के लिए 12 से बढ़ाकर 13% , ओबीसी वर्ग के लिए 14 से बढ़ाकर 27% तथा सामान्य वर्ग के लिए आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण की व्यवस्था किया गया है । आने वाले समय मे पानी की बढ़ती समस्या को देखते हुए प्रदेश के 1000 नदी नालों की मरम्मत का योजना है । जिससे जमीनी जल स्तर को बनाए रखने के लिए काम किया जा सके । कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य और जिला के प्रभारी मंत्री ने अपने सरकार के 8 माह के कार्यो की तारीफ करते हुए बताया कि अभी तक घोषणापत्र के 22 वादों को पूरा किया जा चुका है । वहीं शहरी विकास मंत्री शिव डहरिया ने विधायक पुन्नूलाल मोहले के कटाक्ष का उन्ही के लहजे में जवाब देते हुए कहा कि हमारी सरकार जो कहती है वो करती है । विधायक पुन्नूलाल मोहले ने कहा कि आज जिस योजना का अपने शिलान्यास किया है वह हमारे भाजपा सरकार के द्वारा स्वीकृत किया गया था । हमने इस योजना को पास किए और आप शिलान्यास कर रहे है । सब समय की बात है । कार्यक्रम में सभी ओबीसी वर्ग के अंतर्गत आने वाले समाज प्रमुखों तथा आ जा समाज के प्रमुखों ने आरक्षण में वृद्धि करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किए । इस अवसर पर भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे ।

अजीत जोगी नहीं है आदिवासी :- छानबीन समिति । उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने दी रिपोर्ट। जोगी परिवार ने किया विरोध। छत्तीसगढ़ में मचा सियासी बवाल। अमित जोगी जाएंगे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट। ....पढ़े पूरा मामला

अजीत मिश्रा : . जोगी के जाति को लेकर बनाई गई छानबीन समिति ने आखिरकार अजीत जोगी को आदिवासी मानने से इंकार कर दिया है । अपनी रिपोर्ट में समिति ने स्पष्ट किया कि अजीत जोगी आदिवासी नहीं है वहीं दूसरी तरफ समिति की इस रिपोर्ट के विपरीत अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी ने इसे भूपेश बघेल की "छिन्नभिन्न" समिति करार दिया है। समिति की रिपोर्ट को चुनौती देने के लिए अब जोगी परिवार जल्द ही हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है । इस पूरे मामले को लेकर अब प्रदेश में सियासी बवाल मचा हुआ है।  छत्तीसगढ़ की राजनीति में शुरू से ही अजीत जोगी जो प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री थे उनकी जाति को लेकर खूब राजनीति हुई है मौजूदा कांग्रेस सरकार में एक नई छानबीन समिति बनाई गई जिसने अजीत जोगी को आदिवासी मानने से इंकार कर दिया समिति की रिपोर्ट के आधार पर अब से अजीत जोगी और उनका परिवार आदिवासी कंवर जाति का नहीं है, वहीं अब समिति की रिपोर्ट को लेकर जूनियर जोगी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इनकी मानें तो, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को छानबीन समिति ने कोरे काग़ज़ों में अपने हस्ताक्षर करके सौंप दिए थे। अमित की माने तो छानबीन समिति की सुनवाई केवल नौटंकी थी। सभी क़ानूनी प्रक्रियाओं, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और माननीय न्यायालयों के दृष्टान्तों के विपरीत इस बेतुके फ़ैसले को उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय दोनों में चुनौती देंगे। हमें पूरा विश्वास है कि हमारे साथ अन्याय नहीं होगा। दूसरी तरफ अजीत जोगी के जाति और उनसे आदिवासी होने को लेकर कांग्रेसी नेताओं ने फिर से वही राग अलापा है। फर्जी जाति के आधार पर जोगी परिवार राजनीति कर रहा है और अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए आदिवासी बना हुआ है छानबीन समिति की रिपोर्ट सही मायने में सच्ची है अब जोगी परिवार चाहे इसे किसी भी स्तर पर चुनौती दे इससे कुछ भी होने वाला नहीं है।  बहरहाल जोगी की जाति को लेकर प्रदेश में राजनीतिक और सियासी बयानबाजी का दौर चल रहा है इस विषय को लेकर जहां खूब सियासत हो रही है वहीं दूसरी तरफ अब देखना यह होगा कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले में क्या फैसला देते हैं।

परिवहन विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। विभाग के 23 कर्मचारियों के तबादले हुए, देखें लिस्ट

रायपुर । राज्य सरकार ने परिवहन विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। विभाग के 23 कर्मचारियों के तबादले हुए हैं। जारी आदेश में दुर्ग, महासमुंद, रायपुर, कांकेर, जगदलपुर, राजनांदगांव, दंतेवाड़ा, कोरिया, अंबिकापुर, रायगढ़, बलरामपुर, बिलासपुर और बीजापुर के कर्मचारी शामिल हैं।

थाना ओरक्षा क्षेत्रान्तर्गत हुये मुठभेड़ में शहीद जवान को नेलसनार में दी गई सलामी

Danteshwar kumar (chintu) : नारायणपुर:- जिले से डीआरजी एवं एसटीएफ की संयुक्त पार्टी द्वारा थाना ओरक्षा से 19 किमी की दूरी पर गुमरका में स्थित नक्सली कैम्प की सूचना पर कार्यवाही हेतु रवाना हुये थे । पुलिस पार्टी को देखकर नक्सलियों के द्वारा फायरिंग शुरू कर दिया गया पुलिस बल द्वारा आत्मरक्षार्थ सुरक्षित आड़ लेकर जवाबी कार्यवाही की गई । पुलिस की जवाबी कार्यवाही में 05 नक्सलियों को मार गिराया गया एवं मौके से कार्बाईन, 12 बोर बंदूक, 315 बंदूक, 315 रायफल, नक्सली साहित्य, दैनिक उपयोग की सामग्री, एक्प्लोजिव, आईईडी, आदि बरामद किया गया था । घटना में 02 जवान गंभीर रूप से घायल हो गये थे । जिसमें राजू राम लेकाम उर्फ मैतु पिता स्व0 पेद्दा साकिन कुसनेल थाना ओरक्षा जिला नारायणपुर शहीद हो गये । विदित हो कि शहीद जवान द्वारा दिनांक 2015 को जिला बीजापुर में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया गया था नक्सली संगठन में आदवाड़ा एलजीएस सदस्य के रूप में कार्यरत था । वर्तमान में डीआरजी नारायणपुर में कार्यरत था । शहीद जवान को आज इनके परिजन के निवासगृह हेमलापारा नेलसनार में सलामी दी गई एवं अंतिम संस्कार हेतु सहयोग राशि परिजनों को प्रदान की गई । शहीद की श्रद्धांजली में पर पुलिस अधीक्षक बीजापुर दिव्यांग पटेल, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस भैरमगढ़ अविनाश मिश्रा, थाना प्रभारी नेलसनार सिद्धेश्वर प्रताप सिंह, अन्य अधिकारी कर्मचारी, परिजन एवं ग्रामीण उपस्थित रहे ।

इधर से उधर हुए IFS अफसर रायपुर CCF बने एस एस डी बड़गैयाँ…बलौदाबाजार बिलासपुर, कोरबा समेत कई वनमंडल के DFO बदले, देखिये पूरी सूची

राज्य सरकार के कई विभागों में तबादला सूची जारी होने के बाद आज वन विभाग की सूची भी जारी कर दी गई है | इसमें सीसीएफ रैंक के अफसर से लेकर डीएफओ का ट्रांसफर किया गया है |

बहरीन ने माफ की 250 भारतीय कैदियों की सजा, पीएम मोदी ने माना आभार

नई दिल्ली। बहरीन सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खाड़ी देश की पहली यात्रा के दौरान सद्भाव प्रदर्शित करते हुए 250 भारतीय कैदियों की सजा रविवार को माफ कर दी। प्रधानमंत्री ने इस शाही माफी के लिए बहरीन नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार विभिन्न विदेशी जेलों में 8,189 भारतीय बंद हैं जिनमें से सऊदी अरब में सर्वाधिक 1,811 और इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात में 1,392 भारतीय हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि बहरीन की जेलों में कितने भारतीय हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया कि सदाशयता एवं मानवीय सद्भाव के तहत बहरीन सरकार ने बहरीन में सजा काट रहे 250 भारतीयों को माफी दे दी है। इसने कहा कि प्रधानमंत्री ने बहरीन के शाह और पूरे शाही परिवार को उनके इस फैसले के लिए धन्यवाद दिया।

देश के पूर्व वित्त मंत्री अरूण जेटली का दिल्ली के एम्स में निधन

नई दिल्ली. पूर्व वित्त मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का शनिवार को दिल्ली के एम्स अस्पताल में 12:07 मिनट पर निधन हो गया। उन्होंने 66 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। तबियत खराब होन की वजह से वे 9 अगस्त से यहां भर्ती थे। लंबे उपचार के बावजूद तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ।

नारायणपुर अबुझमाड़ के धुरगुड़ा में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़...5 नक्सली हुए ढेर

दंतेश्वर कुमार(चिंटू)

नारायणपुर:- अबूझमाड़ ओरछा थाना और अकाबेडा कैम्प से दो दिन पहले नक्सलियों के आधार इलाका कुतुल इलाके में ऑपरेशन मॉनसून चलाया गया । जिसमे धुरबेड़ा के जंगल मे शनिवार को सुबह पांच बजे के करीब पुलिस और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई है। STF और इस इलाके में दोनों तरफ से भीषण गोली बारी चली। सुरक्षाबलों की गोली से कई नक्सली घायल हुए है। वही 5 नक्सलियों की मारे जाने की पुष्टि की गई है। नक्सलियों की गोली से दो जवान जख्मी हो गए जिसमे एक कि हालात गम्भीर है जिसे प्राथमिक उपचार के लिए भेजा जा रहा है। नक्सलियों का डंप भी बरामद हुआ है। विश्वसनीय सूत्र के मुताबिक बताते है कि नक्सलियों के द्वारा इस इलाके में तगड़ा एम्बुश लगाया है। वहीं नारायणपुर के धुरगुड़ा मुठभेड़ को लेकर आईजी विवेकानन्द सिन्हा ने 5 नक्सलियो के मारे जाने के साथ ही कुछ हथियारों की बरामदगी की बात कही है । मुठभेड़ खत्म होने के बाद मुठभेड़ इलाके में सर्चिंग जारी ।

रायपुर : ‘जइसे मालिक लिये-दिये तइसे दिए असीस हो, अन्नधन तोर कोठा भरे जियो लाख बरीस हो मुख्यमंत्री ने दुगली में आदर्श गौठान के लोकार्पण के बाद ठेठ अंदाज चरवाहों के साथ लगाया दोहा

रायपुर, 21 अगस्त 2019 देश के पूर्व प्रधानमंत्री  राजीव गांधी के 75वें जन्म दिवस के अवसर पर विकासखण्ड नगरी के ग्राम दुगली में आयोजित ग्राम सुराज एवं वनाधिकार मड़ई में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अंगारमोती आदर्श गौठान का लोकार्पण किया। इसके बाद उन्होंने गांव के ईष्ट आराध्य सांहड़ा देव की पूजा-अर्चना कर चरवाहों से अनौपचारिक तौर पर रू-ब-रू हुए। मुख्यमंत्री का चरवाहों ने पारम्परिक खुमरी पहनाकर व ठेठवार लाठी भेंट कर स्वागत किया तथा उनकी अगुवाई में छत्तीसगढ़ी दोहे लगाए। इस बीच मुख्यमंत्री खुद को रोक नहीं पाए और ठेठ छत्तीसगढ़िया अंदाज में दोहे लगाए- ‘‘जइसे मालिक लिये दिये तइसे दिये असीस हो, अन्नधन तोर कोठा भरे जियो लाख बरीस हो....।‘‘ इसके बाद उन्होंने चरवाहों को इनाम (बिदागरी) के तौर पर 500 रूपए भी दिए।

मुख्यमंत्री ने दुगली-सिंगपुर मार्ग पर 3.06 एकड़ में बनाए गए इस गौठान की प्रशंसा की। यहां  बनाई गई सुविधाओं, चरवाहा विश्राम का अवलोकन किया। इस गौठान में 3 एचपी क्षमता वाले सोलर पम्प, पैरा संग्रहण के लिए मचान तथा पशुओं के पेयजल की व्यवस्था के लिए कोटना का निर्माण मनरेगा मद से 8.42 लाख रूपए तथा मध्यक्षेत्र विकास प्राधिकरण की मद से 16.09 लाख रूपए (24 लाख 51 हजार रूपए) की लागत से तैयार किया गया है। विदित हो कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी का 14 जुलाई 1985 को इस गांव में आगमन हुआ था, जिसके बाद से इसे राजीव ग्राम के नाम से जाना जाने वाले दुगली में सरकार की प्राथमिकता वाली सभी योजनाओं का बेहतर तरीके से क्रियान्वयन किया जा रहा है।

शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी ग्राम योजना के तहत नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी प्रोजेक्ट के अंतर्गत वनाच्छादित ग्राम दुगली में आदर्श गौठान बनाया गया है। गांव की आराध्य देवी अंगारमोती माता के नाम से स्थानीय परिवेश में स्थानीय संसाधनों से इस गौठान का निर्माण किया गया है। दुगली में 551 परिवार व 1301 आबादी निवास करती है। इनमें से 208 परिवारों के पास 620 मवेशी हैं। यहां 10 एकड़ में चारागाह निर्माण भी प्रस्तावित है। दुगली में गौठान बनाने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण से सिहावा विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव द्वारा अनुशंसा राशि स्वीकृत की गई है।

नहीं रहे मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता बाबूलाल गौर का भोपाल के अस्पताल में निधन हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर को बुधवार शाम उनको भोपाल के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। बाबूलाल गौर को फेफड़ों में इन्फेक्शन की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां प्रारंभिक जांच के बाद उनमें निमोनिया के लक्षण पाए गए।इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में रखा था। बता दें गौर की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलते ही बीजेपी के कई नेता उनसे मिलने अस्पताल पहुंच गए।गुरुवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनसे जाकर अस्पताल में मुलाकात की थी। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के निधन के समय अस्पताल में बाबूलाल गौर की पुत्रवधू और भोपाल की गोविंदपुरा विधानसभा सीट से विधायक कृष्णा गौर भी मौजूद रही।

36 हजार करोड़ का नान घोटाला, लेखाधिकारी चंद्राकर के ठिकानों पर छापे, करोडो की संपत्ति बरामद

ईओडब्ल्यू टीम ने दुर्ग में घर और ससुराल सहित कांकेर स्थित कार्यालय में दी दबिश, बैंगलुरू में भी फ्लैट मिला

नागरिक आपूर्ति निगम (नान) घोटाले में सोमवार को ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) की टीम ने उपलेखाधिकारी रहे चिंतामणि चंद्राकर के ठिकानों पर दबिश दी। एक साथ चार ठिकानों पर दी गई दबिश में टीम ने करोड़ों रुपए की संपत्ति बरामद की है। इसके बाद उसके ऊपर आय से अधिक संपत्ति मामले में एफआईआर दर्ज की गई। उपलेखाधिकारी चंद्राकर के ऊपर कथित तौर पर 36 हजार करोड़ रुपए के घोटाले में शामिल होने का आरोप है। 

वर्ष 2015 में उजागर हुए नान घोटाले के दौरान चिंतामणि चंद्राकर वहीं पदस्थ था। आरोप है कि उस दौरान सांठगांठ कर चंद्राकर ने खुद की नियुक्ति कई महत्वपूर्ण पदों पर कराई और रैकेट बनाकर अपने और परिवार वालों के नाम पर करोड़ों की संपत्ति बनाई। इसके बाद से ही ईओडब्ल्यू की नजर आय से अधिक संपत्ति के मामले में इसके ऊपर थी। टीम ने कोर्ट ने अनुमति मिलने के बाद सोमवार तड़के एक साथ चंद्राकर के चार ठिकानों पर दबिश दी। 

वर्तमान में चंद्राकर स्टेट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड कांकेर में उप लेखाधिकारी के पद पर तैनात है। ऐसे में टीम ने कांकेर स्थित उसके कार्यालय सहित दुर्ग के आदर्श नगर स्थित घर और ससुराल पर छापा मारा। उसी समय एक टीम ने बैंगलुरू में बेटे हर्ष चंद्राकर के फ्लैट पर छापेमारी की। जांच टीम को यहां से करोड़ो की चल अचल सम्पत्ति की जानकारी मिली है। शाखा के अधिकारियों का कहना है कि चंद्राकर शुरू से संदेह के घेरे में था, लेकिन अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर बचता रहा। 

यह है नान घोटाला : वर्ष 2015 में सार्वजानिक वितरण प्रणाली में भारी गड़बड़ी होने का पता चला था। इस स्कीम के तहत छत्तीसगढ़ सरकार गरीबों को एक रुपए किलो के हिसाब से चावल बांटती है। ईओडब्ल्यू और एसीबी टीम ने फरवरी 2015 में नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी।  इसमें 36 हजार करोड़ की आर्थिक अनियमितता की जानकारी मिली। इसी गड़बड़ी की अब प्रदेश की मौजूदा कांग्रेस सरकार नए सिरे से जांच करा रही है। 

पशुपालन विभाग के उप संचालक के खिलाफ नियम विरुद्ध दवा खरीदी में आरोप पत्र जारी, छत्तीसगढ़ शासन पशुधन विभाग के उप सचिव ने जारी किया आरोप पत्र

छत्तीसगढ़ शासन पशुधन विभाग मंत्रालय के उप सचिव ने जारी किया आरोप पत्र

डी०के०सोनी अधिवक्ता के शिकायत पर जांच में दवा खरीदी में गड़बड़ी करने का मामला प्रमाणित हुआ 

31.29 लाख के दवा खरीदी का है मामला 

सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेज से हुआ था खुलासा

 डी०के०सोनी अधिवक्ता एवं आर टी आई कार्यकता की शिकायत पर उप संचालक डॉ एस पी सिंह के विरुद्ध वर्ष 2016-17 में 31.29 लाख रुपये की दवा खरीदी में भंडार नियमो का पालन नही करने तथा कोटेशन के आधार पर दवा क्रय की गई थी जिसकी शिकायत की गई थी शिकायत की जांच में मामला प्रमाणित पाया गया था। 

मामला पशुधन विकास विभाग अम्बिकापुर जिला सरगुजा के उप संचालक डॉ एस पी सिंह द्वारा वर्ष 2016-17 में 31.29 लाख रुपये की दवा खरीदी भंडार क्रय नियमो के विरुद्ध कोटेशन के अधार पर की गई थी। उक्त राशि से दवा छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कारपोरेशन से क्रय किये जाने के निर्देश शासन द्वारा दिये गए थे  परंतु डॉ एस पी सिंह द्वारा छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कारपोरेशन से दवा खरीदी न कर 31.29 लाख रुपये की दवा कुछ निजी फर्मो को लाभ पहुचाते हुए कोटेशन बुलाकर खरीद ली गई जबकि छग भंडार क्रय नियमो के अनुसार 50 हजार से अधिक की सामग्री कोटेशन से क्रय नही की जा सकती एव इस हेतु खुली निविदा बुलवाई जानी चाहिए थी। डॉ एस पी सिंह द्वारा इस प्रकिया में दवाएं काफी उच्च दरो पर क्रय कर वयापक भरस्टाचार किया गया ।। जिसकी शिकायत डीके सोनी के द्वारा की गई शिकायत पर इसकी जाँच कलेक्टर सरगुजा द्वारा की गई एव शिकायत को प्रमाणित पाया गया । जिसे कलेक्टर सरगुजा द्वारा डॉ एस पी सिंह के विरुद्ध कार्यवाही हेतु जाँच प्रतिवेदन  के साथ शासन को भेजा गया।

छग शासन द्वारा उपरोक्त जाँच प्रतिवेदन के आधार पर पत्र क्रमांक एफ 5-11/2017/35 अटल नगर रायपुर दिनांक 22/6/19 के द्वारा डॉ एस पी सिंह की विभगीय जांच संस्थित करते हुए आरोप पत्र जारी किया गया है।

डॉ एस पी सिंह वर्त्तमान में उप संचालक के पद पर अम्बिकापुर जिला सरगुजा में पदस्थ है इनके सरगुजा में पदस्थ रहने से जांच प्रभावित होने एव दस्तावेजो से छेड़छाड़ की सम्भावना है । इसलिए डी के सोनी ने डॉ एस पी सिंह को अन्यत्र स्थानन्तरित करने हेतु रविन्द्र चौबे मंत्री पशुपालन विभाग को पत्र  लिखकर भेजा गया है