छत्तीसगढ़

भाटापारा - मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज केंद्रीय अध्यक्ष प्रत्यासी अनिता वर्मा ने किया जनसंपर्क

आपको बता दे छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज केंद्रीय अध्यक्ष प्रत्यासी का चुनाव 4 अप्रैल 2021 को प्रस्तावित था जो कोरोना के चलते स्थगित किया गया जो चुनाव अब 31 अक्टूबर को तय किया गया है जिसमे 1 लाख 32 हजार मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे वही अर्जुनी राज के लगभग 17000 समाजिक जनो के द्वारा मताधिकार किया जाएगा।उक्त चुनाव में 7 उम्मीदवार मैदान में है जिसमे अनिता वर्मा,चोवराम वर्मा,उमाकांत वर्मा ,लक्ष्मी वर्मा,सालिक राम वर्मा,देहुति वर्मा व कृष्णकुमार वर्मा शामिल है ।जिसे लेकर केंद्रीय अध्यक्ष प्रत्यासी अनिता वर्मा लगातार अर्जुनी राज के सेवार ,कड़ार ,गोढ़ी,भाटापारा, बोड़तरा,सुहेला ,करेली,सकरी,रिंगनी,मोहभट्टा,दावनबोड,सूरजपुरा पहुचकर समाजिक लोगो से अपने लिए समर्थन की मांग करते हुए अधिक से अधिक मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की है।इस चुनाव में केंद्रीय अध्यक्ष पद के लिए महिला प्रत्यासी होने पर समाजिक महिलाओं का चुनाव के प्रति रुझान बढ़ा है यही वजह है कि खेती किसानी व त्यौहार का समय होने बावजूद चुनाव को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है ।जनसंपर्क में अनिता वर्मा के साथ संजय वर्मा,राजेश वर्मा,भानु वर्मा,हरेश्वर वर्मा, संजू वर्मा,जितेंद्र नायक,दीपक टिकरिहा, मोहन वर्मा,दीपक वर्मा,कोमल धुरंधर, गजाधर वर्मा आदि मौजूद रहे

सूरजपुर वनमण्डल में एक और मादा हाथी का रेडियो कॉलरिंग

चार दिवस के भीतर 02 हाथियों का रेडियो कॉलरिंग सफलतापूर्वक सम्पन्न हाथी-मानव द्वंद के नियंत्रण में मिलेगी मदद वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में हाथी-मानव द्वंद पर नियंत्रण के उद्देश्य से विभाग द्वारा चलाये जा रहे महत्वपूर्ण अभियान के तहत 27 अक्टूबर को सूरजपुर वनमण्डल के प्रतापपुर बीट में एक और मादा हाथी का सफलतापूर्वक रेडियो कॉलर किया गया। ज्ञात हो कि तीन दिवस पूर्व ही 24 अक्टूबर को सरगुजा वृत्त के सूरजपुर वनमण्डल के मोहनपुर, कक्ष क्रमांक पी 2552 में एक मादा हाथी को सफलतापूर्वक रेडियो कॉलर किया गया है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून की संयुक्त परियोजना के तहत मानव-हाथी द्वंद को कम करने के उद्देश्य से हाथियों के विचरण की जानकारी प्राप्त करने हेतु हाथियों का रेडियो कॉलरिंग करने के अभियान जारी है। इसके तहत दिनांक 27.10.2021 को सरगुजा वृत्त के सूरजपुर वनमण्डल के प्रतापपुर बीट कक्ष क्र. आरएफ 36 में एक मादा हथनी को रेडियो कॉलरिंग करने में सफलता प्राप्त हुई है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देश पर तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) पी. वी. नरसिंग राव के मार्गदर्शन में वन विभाग की स्थानीय टीम तथा साइंटिस्ट-एफ डॉं. पराग निगम, भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून एवं उनकी टीम, तमिलनाडु के डॉ. मनोहरन द्वारा रेडियो कॉलरिंग का कार्य किया जा रहा है। आज 27 अक्टूबर को सूरजपुर वनमण्डल के प्रतापपुर से बनारस रोड, ग्राम सरहरी जंगल, परिक्षेत्र प्रतापपुर, कक्ष क्र. आर. एफ. 36 प्रतापपुर बीट में हाथी दल जिसमें 09 हाथी विचरण कर रहे थे, में से एक हथिनी उम्र 30-35 वर्ष की पहचान कर कुमकी हाथी राजू एवं दुर्योधन के सहयोग से पूर्वान्ह 11ः45 बजे डार्ट किया गया। रेडियोे कॉलरिंग की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात् हाथी दोपहर लगभग 1ः00 बजे अपने दल में वापस मिल गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री पी. वी. नरसिंग राव द्वारा अभियान की लगातार समीक्षा करते हुए रणनीति तैयार कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। इस अभियान में मुख्य वन संरक्षक सरगुजा वृत्त श्री अनुराग श्रीवास्तव, वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं फील्ड डायरेक्टर (एलीफेंट रिजर्व) सरगुजा डॉं. के. मेचियो, भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून की टीम, अधीक्षक तमोर पिंगला अभ्यारण्य श्री जयजीत केरकेट्टा, परिक्षेत्र अधिकारी पिंगला श्री अजय सोनी एवं परिक्षेत्र अधिकारी प्रतापपुर श्री लक्ष्मी नरायण ठाकुर, डॉ. पी.के. चंदन, डॉ. सी.के. मिश्रा, डॉ. राकेश वर्मा, श्री लक्ष्मी नारायण, श्री अंकित, श्री समर्थ मंडल, श्री प्रभात दुबे एवं वन विभाग के मैदानी अमले सहित कुमकी हाथी राजू एवं दुर्योधन के महावतों का योगदान सराहनीय रहा।

जनसुविधा के कार्याें के लिए राशि की कोई कमी नहीं: मंत्री डहरिया

नगरीय विकास एवं प्रशासन मंत्री शिव कुमार डहरिया ने आज रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत करीब 2 करोड़ 30 लाख 23 हजार रूपए की लागत के विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्योें का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने तिल्दा नेवरावासियों को इस मौके पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण इलाकों में जनसामान्य को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। कोरोना काल के बावजूद भी राज्य के सभी क्षेत्रों में विकास एवं निर्माण के कार्य अनवरत रूप से जारी रहे हैं। आने वाले दिनों में विकास के कामों में और तेजी आएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य में विकास एवं निर्माण के लिए किसी भी तरह की कोई कमी नहीं आएगी। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंत्री डहरिया का नगर पालिका के पदाधिकारी सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया गया। मंत्री डहरिया ने तिल्दा-नेवरा में जिन विकास एवं निर्माण कार्याें का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया, उनमें पौनी-पसारी योजना के तहत पसरा निर्माण, गौठान निर्माण, मंगल भवन, तालाब गहरीकरण सहित अन्य कार्य शामिल हैं। डॉ. डहरिया तिल्दा-नेवरा के तहसील साहू संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए और मुरा गांव का दौरा कर लोगों से मुलाकात की और विकास कार्यों की जानकारी ली। नगरीय प्रशासन मंत्री डहरिया ने तिल्दा-नेवरा नगर पालिका के वार्ड 6 में 20 लाख 96 हजार रूपए की लागत से बने पौनी पसारी चबूतरा का लोकार्पण किया। इसी तरह से वार्ड क्रमांक 22 में नरवा, गरवा, घुरूवा और बाड़ी योजना के अंतर्गत 18 लाख 92 हजार रूपए की लागत से बने गौठान का लोकार्पण भी किया। उन्होंने तिल्दा में एक करोड़ 28 लाख की लागत से बने डॉ. भीमराव अंबेडकर सर्व समाज मांगलिक भवन का लोकार्पण किया। डॉ. डहरिया ने वार्ड क्रमांक 20 में राज्य प्रवर्तित योजना के अंतर्गत 36 लाख रूपए की लागत से बने बननू बाई तालाब एवं तालाब गहरीकरण, सौंदर्यीकरण एवं पचरीकरण कार्य का लोकार्पण किया। इसी तरह से नगरीय प्रशासन मंत्री ने पौनी पसारी भूमिपूजन 26 लाख 33 हजार रूपए की लागत से बनने वाले पौनी पसारी के निर्माण कार्याें का भूमिपूजन भी किया। इस अवसर पर नगर पालिका तिल्दा की अध्यक्ष गुरू लेमिक्षा डहरिया जी, खुशवंत साहेब, जनक राम, महेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित थे।

प्रदेश की सड़कों का होगा डामरीकरण,200 करोड़ की लागत से होगा डामरीकरण मुख्यमंत्री के निर्देश पर PWD तैयारी में जुटा

रायपुर:-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश के परिपालन में लोक निर्माण विभाग द्वारा 200 करोड़ रूपए की लागत से राज्य की ग्रामीण अंचल की सड़कों का डामरीकरण कराया जाएगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। मरम्मत एवं डामरीकरण के योग्य सड़कों का चिन्हांकन प्रस्ताव पहले ही विभाग ने तैयार कर लिया था। इसमें विधायक गणों की अनुशंसा एवं प्रस्ताव को भी शामिल किया गया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोक निर्माण विभाग को राज्य की ग्रामीण अंचलों की ऐसी सड़कें जिनके मरम्मत एवं डामरीकरण की जरूरत है, को सर्वोच्च प्राथमिकता से कराए जाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मरम्म्त एवं डामरीकरण की आवश्यकता वाली सड़कों के संबंध में प्रस्ताव प्राप्त करने के लिए भी निर्देशित किया था। मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में लोक निर्माण विभाग द्वारा राज्य की पुरानी सड़कों के मरम्मत एवं डामरीकरण के लिए 200 करोड़ के प्रस्ताव पर भी उन्होंने सहमति दे दी थी। बरसात के चलते कार्य शुरू नहीं हो सका था। लोक निर्माण विभाग शीघ्र ही सड़कों के मरम्मत एवं डामरीकरण का काम शुरू करने जा रहा है, ताकि सड़क आवागमन सुविधाजनक हो सके। यहां यह उल्लेखनीय है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा नवीन स्वीकृत सड़कों के कार्य को तेजी से पूरा कराया जा रहा है। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग अब पुरानी सड़कों की मरम्मत एवं डामरीकरण का कार्य तत्परता से कराने जा रहा है।

छत्तीसगढ़ के पूर्व CM डॉ. रमन सिंह ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से की मुलाकात

रायपुर:-छत्तीगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह यूपी के दौरे पर हैं. रमन सिंह ने बुधवार को उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. लखनऊ के निजी प्रवास के दौरान डॉ. सिंह ने ने यूपी विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित से भी की शिष्टाचार भेंट की. रमन सिंह ने हृदय नारायण दीक्षित से 5 माल एवेन्यू स्थित शासकीय आवास पर शिष्टाचार भेंट की. अध्यक्ष ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया. इसके साथ ही शाल व विधानसभा का एक मोमेंटो भी भेंट की. दीक्षित ने स्वरचित प. दीनदयाल उपाध्याय द्रष्टा, दृष्टि और दर्शन, अथर्ववेद का मधु, हिन्द स्वराज्य का पुनर्पाठ एवं अन्य पुस्तकें भी भेंट की। डॉ. रमन सिंह ने अध्यक्ष द्वारा प. दीनदयाल उपाध्याय पर लिखी गई पुस्तक की लेखन शैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि प. दीनदयाल उपाध्याय के जीवन के विभिन्न पहलुओं और भारतीय संस्कृति व आर्थिक दर्शन का जिस तरह विश्लेषण किया गया है. वह जन-जन के लिए बहुत ही उपयोगी है.

वर्ल्ड बैंक की टीम ने छत्तीसगढ़ में बच्चों के पोषण के लिए किये जा रहे प्रयासों को सराहा

बच्चों के पोषण पर फीडबैक लेने गुजरात और छत्तीसगढ़ पहुंची टीम पाटन ब्लाक के ग्राम कसही की आंगनबाड़ियों का किया निरीक्षण वर्ल्ड बैंक की साउथ एशिया हेड ट्रिना ने कहा- छत्तीसगढ़ के अच्छे नवाचारों कोे देश भर में लागू करने सुझाव देंगे बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने की लगातार वैश्विक स्तर पर कोशिश की जा रही है। इसमें वर्ल्ड बैंक भी लगातार सहयोगी भूमिका निभा रहा है। इसी उद्देश्य से विश्व बैंक की टीम ने सुपोषण अभियान का अध्ययन करने भारत के दो राज्य छत्तीसगढ़ और गुजरात चुने हैं। इस सिलसिले में सोमवार को वर्ल्ड बैंक की टीम ने दुर्ग जिले के पाटन ब्लाक के ग्राम कसही का दौरा किया। यहाँ उन्होंने बच्चों से और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा गर्भवती माताओं से चर्चा की। टीम में वर्ल्ड बैंक की साउथ एशिया हेड श्रीमती ट्रिना और सीनियर हेल्थ स्पेशलिस्ट डॉ. दीपिका चौधरी शामिल थे। श्रीमती ट्रिना ने कहा कि हम सर्वोत्तम पद्धतियों को देश भर में लागू करने के लिए अनुशंसित करते हैं। छत्तीसगढ़ में हो रहे अच्छे काम को हम अपनी रिपोर्ट में देंगे। जिससे यहां के नवाचारों को देश भर के बच्चों के लिए लागू किया जा सके। ट्रिना ने बच्चों से पूछा कैसा लगता है चिक्की- वर्ल्ड बैंक की साउथ एशिया हेड ट्रिना ने बच्चों से उनके खान-पान की पसंद के बारे में जानकारी लेते हुए पूछा कि चिक्की कैसी लगती है। इसके जवाब में सभी बच्चों ने चिक्की को बहुत बढ़िया बताया। उन्होंने मौजूद अधिकारियों से कहा कि कुपोषण दूर करने में प्रोटीन की बड़ी भूमिका है। बच्चों को मीठी चीजें पसंद होती हैं। यह बहुत अच्छा है कि बच्चों को उनके मनपसंद चिक्की के रूप में काफी मात्रा में प्रोटीन भी मिल रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी विपिन जैन ने बताया कि प्रदेश में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत बच्चों की खुराक पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है। बच्चों के पोषण को सामुदायिक गतिविधियों का हिस्सा बनाया गया है और इस जिम्मेदारी में पूरा गाँव अपनी सहभागिता करता है। ट्रिना ने छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे इस अभियान की प्रशंसा की। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उन्हें बताया कि हम गृह भेंट के दौरान लगातार अभिभावकों को बच्चों के कुपोषण से दूर रखने के उपाय और उससे बच्चों को होने वाले नुकसान की जानकारी देते रहते हैं। इस दौरान महिला बाल विकास विभाग संचालनालय और जिला कार्यालय के अधिकारीगण और पोषण विशेषज्ञ डॉ. स्मृति वाजपेयी भी मौजूद थे। कुपोषण मॉनिटरिंग के सॉफ्टवेयर के बारे में जाना- वर्ल्ड बैंक की टीम ने बच्चों के कुपोषण की मॉनिटरिंग के लिए बनाए गए सॉफ्टवेयर के बारे मेें भी जाना। विपिन जैन ने बताया कि आंगनबाड़ियों में हर माह 20 से 25 तारीख के बीच वजन त्यौहार होता है। इस दौरान बच्चों का वजन लेकर उनके पोषण की स्थिति जानते हैं। गंभीर कुपोषित बच्चों को तुरंत एनआरसी रिफर कर दिया जाता है। हर महीने वजन लेने की वजह से हम बच्चों की स्थिति को बेहतर तरीके से ट्रैक कर पाते हैं और हर कुपोषित बच्चे पर ज्यादा ध्यान रहता है। सुपोषण वाटिका देखी- वर्ल्ड बैंक की टीम ने आंगनबाड़ी में बच्चों के लिए तैयार की गई सुपोषण वाटिका भी देखी। यहां फलदार पौधे और सब्जी लगाई गई हैं ताकि बच्चों के भोजन में पर्याप्त पोषक तत्व मौजूद रहें।

लोग साथ आते गए और कारंवा बनता गया

सुराजी गांव योजना ग्रामीण क्षेत्रों में महिला जागृति एवं सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर महिलाओं की मिनी राईस मिल व मल्ट्रीग्रेन मशीन से बढ़ी आमदनी* वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, वर्म बीज उत्पादन, सामुदायिक बाड़ी, मत्स्य पालन कर रही महिलाएं सुराजी गांव योजना सुदूर वनांचल ग्रामीण क्षेत्रों में महिला जागृति एवं सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर है। स्वसहायता समूह की महिलाओं ने एकता और आत्मविश्वास से स्वावलंबन के लिए कदम आगे बढ़ाएं है। राजनांदगांव जिले में स्वसहायता समूह की महिलाओं का कारंवा उन्नति की ओर अग्रसर है। छुरिया विकासखंड के ग्राम मासूल आदर्श गौठान की महिलाएं विभिन्न तरह की गतिविधियों से आर्थिक दृष्टिकोण से मजबूत बन रही हैं। इंदिरा स्वसहायता समूह महिलाओं ने वर्मी कम्पोस्ट निर्माण व वर्म बीज उत्पादन तथा बोरी विक्रय के कार्य से प्राप्त लाभांश राशि से मिनी राईस मिल व मल्ट्रीग्रेन मशीन खरीद ली है। जिससे उनकी आमदनी में बढ़ोत्तरी हुई है। इस मशीन के माध्यम से आटा पीसने, मसाला बनाना, भीगे उड़द की पिसाई एवं दाल के छीलके निकालने का कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गौठान में सभी तरह की गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए हैं। जिसका सुखद परिणाम यह है कि गौठानों में एक साथ कई तरह की गतिविधियों के संचालन से महिलाओं के आय में वृद्धि हुई है। गौठान की बाड़ी में मां दुर्गा स्वसहायता समूह द्वारा सामुदायिक बाड़ी में विविध सब्जियां जिमीकंद, कद्दू, लौकी, अदरक एवं मुनगे के पौधे लगाएं गए है। फल एवं सब्जियों की मल्टीलेयर खेती की जा रही है। शीतला स्वसहायता समूह की महिलाएं मत्स्य पालन कर रही हैं। वहीं पूर्णिमा स्वसहायता समूह द्वारा मशरूम उत्पादन का कार्य संचालित है। मासूल गौठान में मुर्गी पालन के लिए शेड का निर्माण भी किया गया है।

बस्तर में 15 सस्ती दवा दुकानें संचालित

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महंगी हो रही स्वास्थ्य सेवाओं को गरीब व्यक्ति की पहुंच में लाने के प्रयास के तहत छत्तीसगढ़ में श्री धन्वन्तरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना की शुरूआत की हे। इसके तहत राज्य के विभिन्न जिलों में सस्ती दवाओें के स्टोर खेले जा रहे हैं। योजना के अंतर्गत वर्तमान में बस्तर संभाग में करीब 15 सस्ती दवा की दुकानें संचालित की जा रही हैं। दुकानों में उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण दवाएं एम.आर.पी. पर न्यूनतम 50.09 प्रतिशत और अधिकतम 71 प्रतिशत छूट का लाभ मिल रहा है। बस्तर सम्भाग में नगर निगम जगदलपुर के वार्ड क्रमांक 7 में सिविल लाईन लालबाग में और वार्ड-13 पुराना नगर निगम कार्यालय चांदनी चौक के पास सस्ती दवा की दुकान संचालित है। कोण्डागांव जिले में नगर पालिका कोण्डागांव में दुकान क्रमांक एक-दो मर्दापाल चौक जगदलपुर नाका, नगर पंचायत केशकाल में प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास और नगर पंचायत फरसगांव में जनपद पंचायत कॉम्पलेक्स दुकान नम्बर-2 में सस्ती दवा की दुकान संचालित है। नारायणपुर जिले में नगर पालिका नारायणपुर में जिला हॉस्पिटल के सामने सस्ती दवा की दुकान संचालित है। कांकेर जिले की नगर पंचायत कांकेर में नया बस स्टैंड में दुकान क्रमांक-7 एवं 8 बाजार कॉम्प्लेक्स में सस्ती दवाई की दुकान है। दंतेवाड़ा जिले में नगर पालिका दंतेवाड़ा के वार्ड-11 में जिला चिकित्सालय के पास सस्ती दवाई की दुकान है। सुकमा जिले में नगर पालिका सुकमा के वार्ड-15 में जिला चिकित्सालय के पास, नगर पंचायत दोरनापाल में वार्ड-1 बस स्टैंड के पास और नगर पंचायत कोन्टा के वार्ड 3 में दुकान नंबर 12 नगर पंचायत कॉम्प्लेक्स में सस्ती दवाई की दुकान संचालित है। बीजापुर जिले में नगर पालिका बीजापुर में जिला अस्पताल के सामने, नगर पंचायत भैरमगढ़ में समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और नगर पंचायत में भोपालपटनम के वार्ड-11 में बस स्टैंड के पास सस्ती दवा की श्री धन्वन्तरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर संचालित है।

जांजगीर:-लूट की घटना को अंजाम देने वाले आरोपी को 03-03 वर्ष कठोर कारावास एवं अर्थदंड की सजा ये है पूरा मामला

जांजगीर चांपा:-लूट की घटना को अंजाम देने वाले आरोपी को 03-03 वर्ष कठोर कारावास एवं अर्थदंड की सजा न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी अकलतरा श्रीमान आनंद बोरकर ने थाना अकलतरा क्षेत्र के दो अलग अलग स्थानों पर विभिन्न तिथियों में की गई लूट की घटना के दोनो मामलो में सभी आरोपीगणों को सुनाई 03-03 वर्ष कठोर कारावास एवं अर्थदंड की सजा। वर्ष 2019 दिनाँक 03/10/2019 को प्रार्थी संतराम निवासी तरौद पंजाब नेशनल बैंक तरौद से 01 लाख रुपये नगद निकालकर रुपये को एक थैले में रख थैले को सायकिल के हैंडल में बांधकर घर जा रहा था जब वह नहरपार रोड तरौद के पास पहुचा तब तीनो आरोपीगण एक मोटरसाइकिल से संतराम के पास आकर उसे धक्का देकर गिरा दिए फिर रुपये वाला थैला लूटकर मोटरसाइकिल में भाग गए जिसकी प्रार्थी द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। इसी प्रकार वर्ष 2020 दिनाँक 18/11/2020 में प्रार्थी प्रमोद और उसकी माता लक्ष्मीन बाई अकलतरा स्थित भारतीय स्टेट बैंक अकलतरा से नगद रुपये 69 हजार निकालकर रुपये को एक थैले में रख शास्त्री चौक अपने पुत्र के साथ पहुची जंहा लक्ष्मीनबाई रुपये का थैला हाथ मे रख ठेले से फल खरीदने लगी उसी समय तीनो आरोपीगण मोटरसाइकिल से वंहा पहुचे और रुपयों का थैला लक्ष्मीनबाई से जबरन छीनकर तीनो आरोपीगण मोटरसाइकिल में भाग गए जिसकी प्रार्थी द्वारा थाना अकलतरा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। अन्वेषण दौरान जिला बिलासपुर थाना सकरी से प्रेषित रेडियो संदेश प्राप्त हुआ कि थाना सकरी के अपराध क्रमांक 34/21 धारा 398,307 भादवि के आरोपियों से पूछताछ दौरान आरोपीगणों द्वारा रेकी कर बिलासपुर,सकरी,बिल्हा,कोटा, चकरभाठा,मस्तूरी अन्य स्थानों सहित अकलतरा में भी लूट की घटना को अंजाम देना बताया है, उक्त रेडियो संदेश प्राप्ति पर थाना अकलतरा द्वारा न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी न्यायालय अकलतरा के समक्ष आरोपीगण के विरुद्ध प्रोडक्शन वारंट जारी करने निवेदन पर माननीय न्यायालय के आदेश पर आरोपीगण को अकलतरा न्यायालय में पेश किया गया जंहा से थाना अकलतरा द्वारा अग्रिम पूछताछ लूटी रकम अपराध में प्रयुक्त वाहन के सम्बंध में पूछताछ हेतु आरोपीगण के पुलिस रिमांड का निवेदन बाद आदेश मिलने पर आरोपीगण से पुछताछ दौरान उनके द्वारा प्रार्थी संतराम के अलावा लक्ष्मीन बाई से बैंक से पीछा करते हुए मौका मिलने पर उनसे रकम लूटना स्वीकार किया। दोनो प्रकरणों की पृथक पृथक शेष विवेचना पूर्ण होने के उपरांत दोनो प्रकरणों का चालान माननीय न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी न्यायालय अकलतरा के समक्ष मार्च 2021 में पेश किया गया। न्यायालय में दोनो प्रकरणों में अभियोजन की तरफ से प्रस्तुत गवाहो के परीक्षण प्रतिपरीक्षण बाद न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी न्यायालय अकलतरा श्रीमान आनंद बोरकर द्वारा दोनो घटनाओं में सभी तीनो आरोपीगण दिनेश कुमार बाँधेकर उर्फ दीनू निवासी तालापारा बिलासपुर,राजू साव उर्फ राजू कसेर निवासी मगरपारा बिलासपुर एवं करन यादव निवासी तालापारा बिलासपुर को दोनो घटनाओ में लूट के अपराध का दोषी पाते हुए दोनो मामलों में सभी आरोपीगणों को धारा 392,34भादवि अंतर्गत 03-03 वर्ष कठोर कारावास एवम अर्थदंड की सजा सुनाई साथ ही अर्थदंड की राशि अदा न करने पर पृथक से कारावास का आदेश दिया। शासन की ओर से उक्त दोनों प्रकरणों में सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी,अकलतरा एस. अग्रवाल ने पैरवी की। विदित हो कि उक्त तीनो आरोपीगणों द्वारा विगत दो-तीन वर्षों में बिलासपुर संभाग के बिलासपुर,सकरी,बिल्हा,कोटा, चकरभाठा,मस्तूरी अन्य स्थानों सहित अकलतरा में लूट की घटना को अंजाम दिया गया है उक्त सभी स्थानों पर उनके विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध होकर संभवतः सबसे पहले अकलतरा में पंजीबद्ध अपराध का फैसला आया जिसमे उन्हें दोषी पाकर सजा सुनाई गई है ।

छत्तीसगढ़ में पिछली बार से ज्यादा इस बार सताएगी ठंड

रायपुर:-प्रदेश के मैदानी इलाकों में अल नीनो के चलते इस बार ठंड पिछली बार से ज्यादा सताएगी। ठंड का सबसे ज्यादा असर उत्तरी छत्तीसगढ़ में देखने को मिलेगा। वैसे भी इस बार अभी से रात के तापमान में गिरावट का ट्रेंड देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल उत्तर से हवा आ रही है। इसलिए आने वाले दिनों में ठंड के बढ़ते की आशंका है। प्रदेश में उत्तर से शुष्क और ठंडी हवा आने के कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट होने की प्रबल संभावना है। साथ ही आकाश साफ रहने और सुबह धुंध रहने की संभावना है।

CM भूपेश बघेल के बड़े पिताजी श्यामाचरण बघेल का निधन

रायपुर:-छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी समाज के 2 बार के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रहे दाऊ श्यामाचरण बघेल का आज सुबह 4:00 को 88 वर्ष की उम्र में स्वर्गवास हो गया। वे लंबे अरसे से बीमार थे। वे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बड़े पिताजी एवं नरेश बघेल, हरीश बघेल व पालेश्वर बघेल के पिताजी थे। उनके निधन के समाचार से पुरे समाज में शोक की लहर फैल गई है। उनका अंतिम संस्कार आज ग्राम कुरुदडीह में 12:00 बजे होगा।

छत्तीसगढ़ हर्बल्स दीवाली मेला: छत्तीसगढ़ हर्बल्स के उत्पाद और निःशुल्क नाड़ी परीक्षण तथा वैद्य परामर्श से बढ़ी रौनक

- विभिन्न बीमारियों के इलाज में पारंगत वैद्यराज द्वारा दी जा रही सेवाएं रायपुर. राजधानी के पंडरी स्थित छत्तीसगढ़ हाट परिसर में आयोजित छत्तीसगढ़ हर्बल्स दीवाली मेला की रौनक दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में यह मेला राज्य लघु वनोपज संघ के तत्वाधान में 02 नवम्बर तक आयोजित है। मेला में छत्तीसगढ़ हर्बल्स के 130 से अधिक उत्पाद 15 प्रतिशत की छूट पर उपलब्ध है। प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ संजय शुक्ला ने बताया कि मेला में प्रतिदिन संध्या 7 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुति भी दी जा रही है। मेला में कोदो-कुटकी, रागी, तिखुर के व्यंजन व पकवान तथा गढ़कलेवा आदि फूड जोन के अलावा बच्चों के लिए निःशुल्क छूला की व्यवस्था है। साथ ही यहां आयुर्वेदिक चिकित्सालय का स्टाल भी लगाया गया है। इसमें निःशुल्क नाड़ी परीक्षण और वैद्य परामर्श की सुविधा उपलब्ध है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ हर्बल्स दीवाली मेला में लगाए गए आयुर्वेदिक चिकित्सालय के स्टाल में राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों से विभिन्न गंभीर बीमारियों के इलाज में पारंगत वैद्य अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके द्वारा निःशुल्क वैद्य परामर्श सहित नाड़ी परीक्षण का कार्य किया जा रहा है। इनमें पथरी, गठिया, वात, सिकलिंग आदि बीमारियों के इलाज में पारंगत वैद्यराज श्री रामप्रसाद निषाद नारायणपुर क्षेत्र से शामिल है। इसी तरह सफेद पानी, प्रदर, त्वचा रोग, नाड़ी विज्ञान आदि में पारंगत वैद्यराज श्री झुमुकलाल- कवर्धा, कैंसर, शुगर, बवासीर, सायटिका, लकवा, ट्यूमर आदि बीमारी में पारंगत वैद्यराज श्री रामविलास काशी-बलरामपुर तथा वातरोग, मधुमेह आदि में पारंगत वैद्यराज श्री बिरेन्द्र बच-कटघोरा शामिल है। इसके अलावा पीलिया, सामान्य रोग में पारंगत वैद्यराज श्री महादेव धु्रव-गरियाबंद और पीलिया, नेत्ररोग आदि बीमारियों में पारंगत वैद्यराज श्री समधु बघेल-बस्तर द्वारा अपनी-अपनी सेवाएं दी जा रही है।

विदेशी प्रतिभागी आदिवासी नृत्य महोत्सव में भाग लेने को लेकर बेहद उत्साहित, कहा छत्तीसगढ भ्रमण के लिए बढ़िया जगह

रायपुर. आदिवासी नृत्य महोत्सव में भाग लेने रायपुर पहुंचे श्रीलंका, फिलीस्तीन और नाइजीरिया के प्रतिभागी इस आयोजन को लेकर काफी उत्साहित हैं। फिलीस्तीन से आए दल ने कहा कि वे इस भव्य और खूबसूरत आयोजन का हिस्सा बनकर बेहद खुश हैं। वे यहां अपने देश का परंपरागत ‘दपका’ नृत्य प्रस्तुत करेंगे। वहीं नाइजीरिया से आए दल ने कहा कि वे भारत और छत्तीसगढ़ में हुए अपने स्वागत से अभिभूत हैं। आदिवासी नृत्य महोत्सव में हिस्सा लेने को लेकर वे सभी काफी उत्साहित हैं। छत्तीसगढ़ भ्रमण के लिए बहुत अच्छी जगह है। श्रीलंका से आए नर्तकों के दल ने इस आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ शासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि वे यहां अपने नृत्य प्रदर्शन को लेकर काफी उत्सुक हैं और वे बेताबी से इसका इंतजार कर रहे हैं।

बैगा और माड़िया जनजाति के प्रमुख लोक नृत्य

‘राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव‘ राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, लोक गीत, नृत्य और संपूर्ण कलाओं से परिचित होगा देश और विदेश। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में यह आयोजन 28 से 30 अक्टूबर तक किया जा रहा है। राजधानी का साईंस कॉलेज मैदान आयोजन के लिए सज-धज कर तैयार हो चुका है। इस महोत्सव में विभिन्न राज्यों के आदिवासी लोक नर्तक दल के अलावा देश-विदेश के नर्तक दल भी अपनी प्रस्तुति देंगे। छत्तीसगढ़ राज्य की 5 विशेष पिछड़ी जनजातियों में से एक बैगा जनजाति है। राज्य के कबीरधाम, मंुगेली, राजनांदगांव, बिलासपुर और कोरिया जिले में निवासरत है। बैगा जनजाति अपने ईष्ट देव की स्तुति, तीज-त्यौहार, उत्सव एवं मनोरंजन की दृष्टि से विभिन्न लोकगीत एवं नृत्य का गायन समूह में करते हैं। इनके लोकगीत और नृत्य में करमा, रीना-सैला, ददरिया, बिहाव, फाग आदि प्रमुख हैं। इसी प्रकार दण्डामी माड़िया जनजाति गांेड जनजाति की उपजाति है। सर डब्ल्यू. वी. ग्रिगसन ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ ’द माड़िया जनजाति के सदस्यों द्वारा नृत्य के दौरान पहने जाने वाले गौर सिंग मुकुट के आधार पर ’बायसन हार्न माड़िया‘ जनजाति नाम दिया। प्रसिद्ध मानव वैज्ञानिक वेरियर एल्विन का ग्रंथ ’द माड़िया-मर्डर एंड सुसाइड‘ (1941) दण्डामी माड़िया जनजाति पर आधारित है। बैगा और माड़िया जनजाति के रस्मों-रिवाजों पर आधारित प्रमुख लोक नृत्य इस प्रकार हैं। *’रीना सैला नृत्य‘* बैगा जनजाति का प्रकृति एवं वनों से निकट संबंध है। जिसका बखान इनके लोक संस्कृति में व्यापक रूप से देखने को मिलता है। बैगा जनजाति की माताएं, महिलाएं अपने प्रेम एवं वात्सल्य से देवी-देवताओं और अपनी संस्कृति का गुणगान गायन के माध्यम से उनमें गीत एवं नृत्य से बच्चों को परिचित करने का प्रयास करती है। साथ ही बैगा माताएं अपने छोटे शिशु को सिखाने एवं वात्सल्य के रूप में रीना का गायन करती हैं। वेशभूषा महिलाएं सफेद रंग की साड़ी धारण करती हैं। गले में सुता-माला, कान में ढार, बांह में नागमोरी, हाथ में चूड़ी, पैर में कांसे का चूड़ा एवं ककनी, बनुरिया से श्रृंगार करती हैं। वाद्य यंत्रों में ढोल, टीमकी, बांसुरी, ठीसकी, पैजना आदि का प्रयोग किया जाता है। सैला बैगा जनजाति के पुरूषों के द्वारा सैला नृत्य शैला ईष्ट देव एवं पूर्वज देव जैसे-करमदेव, ग्राम देव, ठाकुर देव, धरती माता तथा कुल देव नांगा बैगा, बैगीन को सुमिरन कर अपने फसलों के पक जाने पर धन्यवाद स्वरूप अपने परिवार के सुख-समृद्धि की स्थिति का एक दूसरे को शैला गीत एवं नृत्य के माध्यम से बताने का प्रयास किया जाता है। इनकी वेशभूषा पुरूष धोती, कुरता, जॉकेट, पगड़ी, पैर में पैजना, गले में रंगबिरंगी सूता माला धारण करते है। वाद्य यंत्रों में मांदर,ढोल, टीमकी, बांसुरी, पैजना आदि का प्रमुख रूप से उपयोग करते हैं। बोली बैगा जनजाति द्वारा रीना एवं शैला का गायन स्वयं की बैगानी बोली में किया जाता है। यह नृत्य प्रायः क्वार से कार्तिक माह के बीच मनाए जाने वाले उत्सवों, त्यौहारों में किया जाता है। *’दशहेरा करमा नृत्य‘* बैगा जनजाति समुदाय द्वारा करमा नृत्य भादो पुन्नी से माधी पुन्नी के समय किया जाता है। इस समुदाय के पुरूष सदस्य अन्य ग्रामों में जाकर करमा नृत्य के लिए ग्राम के सदस्यों को आवाहन करते हैं। जिसके प्रतिउत्तर में उस ग्राम की महिलाएं श्रृंगार कर आती है। इसके बाद प्रश्नोत्तरी के रूप में करमा गायन एवं नृत्य किया जाता है। इसी प्रकार अन्य ग्राम से आमंत्रण आने पर भी बैगा स्त्री-पुरूष के दल द्वारा करमा किया जाता है। करमा रात्रि के समय ग्राम में एक निर्धारित खुला स्थान जिस खरना कहा जाता है में अलाव जलाकर सभी आयु के स्त्री, पुरूष एवं बच्चे नृत्य करते हुए करते है। अपने सुख-दुःख को एक-दूसरे को प्रश्न एवं उत्तर के रूप में गीत एवं नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत करते है। करमा नृत्य के माध्यम से बैगा जनजाति में परस्पर सामन्जस्य, सुख-दुःख के लेन देन के साथ ही नव युवक-युवतियां भी आपस में परिचय प्राप्त करते है। इस नृत्य में महिला सदस्यों द्वारा विशेष श्रृंगार किया जाता है। जिसमें यह चरखाना (खादी) का प्रायः लाल एवं सफेद रंग का लुगड़ा, लाल रंग की ब्लाउज, सिर पर मोर पंख की कलगी, कानों में ढार, गले में सुता-माला, बांह में नागमोरी, कलाई में रंगीन चूड़िया एवं पैरों में पाजनी और विशेष रूप से सिर के बाल से कमर के नीचे तक बीरन घास की बनी लड़ियां धारण करती हैं, जिससे इनका सौंदर्य एवं श्रृंगार देखते ही बनता है। पुरूष वर्ग भी श्रृंगार के रूप में सफेद रंग की धोती, कुरता, काले रंग की कोट, जाकेट, सिर पर मोर पंख लगी पगड़ी और गले में आवश्यकतानुसार माला धारण करते हैं। वाद्य यंत्रों में मांदर, टिमकी, ढोल, बांसुरी, ठिचकी, पैजना आदि का उपयोग किया जाता है। *’करसाड़ नृत्य‘* दण्डामी माड़िया जनजाति नृत्य के दौरान पहने जाने वाले गौर सिंग मुकुट, बस्तर, दशहरा के अंतिम दिनों में चलने वाले विशालकाय काष्ठ रथ को खींचने का विशेषाधिकार और स्वभाव के लिए प्रसिद्ध है। इस नृत्य में दण्डामी माड़िया पुरूष सिर पर कपड़े की पगड़ी या साफा, मोती, माला, कुर्ता या शर्ट, धोती एवं काले रंग का हाफ कोट धारण करते हैं। वहीं महिलाएं साड़ी, ब्लाउज, माथे पर कौड़िया से युक्त पट्टा, गले में विभिन्न प्रकार की माला और गले, कलाई, पैरों पर बाजार में मिलने वाले सामान्य आभूषण पहनती हैं। करसाड़ नृत्य के लिए पुरूष सदस्य अपने गले में लटका कर ढोल एवं मांदर का प्रयोग करता है। महिलाएं लोहे के रॉड के उपरी सिरे में लोहे की विशिष्ट घंटियों से युक्त ’गुजिड़‘ नामक का प्रयोग करती है। एक पुरूष सदस्य सीटी का प्रयोग करत है, नृत्य के दौरान सीटी की आवाज से ही नर्तक स्टेप बदलते हैं। नृत्य के प्रदर्शन का अवसर दण्डामी माड़िया जनजाति में करसाड़ नृत्य वार्षिक करसाड़ जात्रा के दौरान धार्मिक उत्सव में करते हैं। करसाड़ दण्डामी माड़िया जनजाति का प्रमुख त्यौहार है। करसाड़ के दिन सभी आमंत्रित देवी-देवाताओं की पूजा की जाती हैं और पुजारी, सिरहा देवी-देवताओं के प्रतीक चिन्हों जैसे-डोला, छत्रा, लाट बैरम आदि के साथ जुलूस निकालते हैं। जुलूस की समाप्ति के पश्चात् शाम को युवक-युवतियां अपने विशिष्ट नृत्य पोषाक में सज-सवरकर एकत्र होकर सारी रात नृत्य करते हैं। *’मांदरी नृत्य‘* दंडामी माड़िया जनजाति नृत्य के दौरान पहने जाने वाले गौर सिंग मुकुट, बस्तर दशहरा के अंतिम दिनों में चलने वाले विशालकाय काष्ठ रथ को खींचने का विशेषाधिकार और स्वभाव के लिए प्रसिद्ध है। दंडामी माड़िया जनजाति के सदस्य नृत्य के दौरान पहने जाने वाले गौर सिंग मुकुट को माड़िया समुदाय के वीरता तथा साहस का प्रतीक मानते हैं। इस नृत्य की वेशभूषा में दंडामी माड़िया पुरूष सिर पर कपड़े की पगड़ी या साफा, मोती माला, कुर्ता या शर्ट, धोती एवं काले रंग का हाफ कोट धारण करते हैं। वहीं महिलाएं साड़ी, ब्लाउज, माथे पर कौड़ियों से युक्त पट्टा, गले में विभिन्न प्रकार की माला और गले, कलाई, पैरों पर बाजार में मिलने वाले सामान्य आभूषण पहनी हैं। वाद्य यंत्र मांदरी नृत्य के लिए पुरूष सदस्य अपने गले में लटकाकर ढोल एवं मांदर वाद्य का प्रयोग करते हैं। महिलाएं लोहे के रॉड के उपरी सिरे में लोहे की विशिष्ट घंटियों से युक्त ‘गुजिड़’ का प्रयोग करती हैं। एक पुरूष सदस्य सीटी का प्रयोग करता है, नृत्य के दौरान सीटी की आवाज से ही नर्तक स्टेप बदलते हैं। यह नृत्य दंडामी विवाह, मेला-मंड़ई, धार्मिक उत्सव और मनोरंजन के अवसर पर किया जाता है। विवाह के दौरान अलग-अलग गांवों के अनेक नर्तक दल विवाह स्थल पर आकर नृत्य का प्रदर्शन करते हैं। जिसके बदले में उन्हें ‘लांदा’ (चावल की शराब) और ‘दाड़गो’ (महुए की शराब) दी जाती हैं। दंडामी माड़िया जनजाति के सदस्यों का मानना है कि गौर सिंग नृत्य उनके सामाजिक एकता, सहयोग और उत्साह में वृद्धि करता है। वर्तमान में दंडामी माड़िया जनजाति का गौर सिंग नृत्य अनेक सामाजिक तथा सांस्कृतिक आयोजनों में भी प्रदर्शन के लिए आमंत्रित किया जाता है।

सरगुजा संभाग में सरकार की सस्ती दवाओं का लाभ मिलने लगा गरीबों को, 71 प्रतिशत तक की सब्सिडी

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महंगी हो रही स्वास्थ्य सेवाओं को गरीब व्यक्ति की पहुंच में लाने के प्रयास के तहत छत्तीसगढ़ में श्री धन्वन्तरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना की शुरूआत की है। योजना के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में सस्ती दवाओं के स्टोर खोले जा रहे हैं। योजना के अंतर्गत सरगुजा संभाग में वर्तमान में 7 सस्ती दवा की दुकाने संचालित है। इन दवा दुकानों में उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण दवाएं एम.आर.पी. पर न्यूनतम 50.09 प्रतिशत और अधिकतम 71 प्रतिशत की छूट का लाभ मिल रहा है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले के नगर निगम अंबिकापुर में मणिपुर शॉपिंग कॉम्पलेक्स जिला अस्पताल रोड पर सस्ती दवा दुकान संचालित है। बलरामपुर जिले में बलरामपुर नगर पालिका में हॉस्पिटल कैंपस बलरामपुर में और नगर पंचायत रामानुजगंज के वार्ड-05 में जिला न्यायालय के सामने सस्ती दवा की दुकान है। सूरजपुर जिले की नगर पालिका सूरजपुर में पुराना बस स्टैंड के दुकान नं.-4 में तथा नगर पंचायत प्रतापपुर में जनपद पंचायत द्वारा बनाए गए कॉम्पलेक्स में हास्पिटल के सामने सस्ती दवा की दुकान है। इसी तरह से जशपुर जिले के नगर पालिका जशपुर के वार्ड-13 में जिला ग्रंथालय के सामने और नगर पंचायत बगीचा के वार्ड-7 बस स्टैंड में सस्ती दवा का श्री धन्वन्तरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर संचालित है।