विश्व

ईरान-इराक सीमा पर भीषण भूकंप ... 140 लोगों की मौत कई गंभीर रूप से घायल

ईरान-इराक सीमा पर आए भीषण भूकंप में कम से कम 140 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, 7.3 तीव्रता वाले इस भूकंप का केंद्र इराकी शहर हलबजा से 31 किलोमीटर दूर था. स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार रात 9.20 बजे आए इस भूकंप के झटके कई इरानी शहरों में भी महसूस किए गए और कम से कम आठ गांव तबाह हो गए. इस कारण कई स्थानों में शहर मलबे में तब्दील हो गए और कई जगहों पर भूस्खलन की भी खबर है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में खासी दिक्कतें आ रही हैं. ट्विटर पर कई लोगों ने इस भूकंप से जुड़े कई वीडियो डाले हैं, जिसमें हिलती इमारतों से भागते लोग और कई मलबे में तब्दील हो चुकी इमारतें दिख रही हैं. पहला वीडियो कुवैत का है, जहां एक रेस्त्रां में बैठे लोग घबराकर वहां से निकलते दिख रहे हैं. वहीं इजरायली मीडिया ने भी देश के कई हिस्सों में भूंकप महसूस होने की खबर दी है. ईरान में हाल के वर्षों में आया यह सबसे भयानक भूकंप है. इससे पहले वर्ष 2003 में दक्षिण पूर्वी कर्मन प्रांत के बाम में ऐसे ही तेज भूकंप आया था, जिसमें कम से कम 31,000 लोगों की मौत हो गई और पूरा शहर ढह गया था.

सऊदी अरब के एक शहजादे की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत।

सऊदी अरब के एक शहजादे की आज एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। शहजादे के साथ अन्य कई अधिकारियों को ले कर जा रहा यह हेलीकॉप्टर सऊदी अरब की यमन से लगने वाली दक्षिणी सीमा के निकट दुर्घटनाग्रस्त हुआ। समाचार चैनल अल-इखबरिया ने असीर प्रांत के उप गवर्नर और पूर्व वली अहद (क्राउन प्रिंस) के बेटे शहजादे मंसूर बिन मोकरेन की मौत की घोषणा की है। समाचार चैनल ने हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के पीछे की वजह या हेलीकॉप्टर पर सवार अन्य अधिकारियों की स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। दुर्घटना की खबर ऐसे समय में आई है जब सऊदी अरब ने प्रशासन के शीर्ष स्तर पर बडी फेरबदल की है। शहजादे मोहम्मद बिन सलमान ने सत्ता पर पकड मजबूत की है और दर्जनों शहजादों, मंत्रियों तथा करोडपति उद्योगपतियों को गिरफ्तार किया गया है। शहजादे मोहम्मद बिन सलमान को पहले ही अघोषित शासक के तौर पर देखा जा रहा है जो सरकार में रक्षा से ले कर आर्थिक क्षेत्र तक को नियंत्रित कर रहा है। ऐसा लगता है कि वह अपने 81 वर्षीय पिता शाह सलमान से सत्ता हासिल करने से पहले अंदरुनी विद्रोह को समाप्त करने में कोई कसर नहीं छोडना चाहते। इस हेलीकॉप्टर दुर्घटना से पहले कल सऊदी अरब ने यमन द्वारा दागी गई मिसाइल को रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट नष्ट किया था। Source (आईएएनएस)

अमरीका, वॉलमार्ट स्टोर में फायरिंग, 3 मौतें

कोलोराडो, 2 नवम्बर। अमरीका के कोलोराडो में वॉलमार्ट के स्टोर में फायरिंग हुई है। इस फायरिंग में खबर लिखे जाने तक मिली जानकारी के मुताबिक, फायरिंग में 3 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 1 व्यक्ति घायल है। पुलिस ने स्टोर को खाली करवा दिया है।
पुलिस ने बताया कि गोलीबारी करने वाला व्यक्ति एक सक्रिय शूटर नहीं था लेकिन उन्होंने लोगों को इलाके से दूर रहने की सलाह दी। थार्नटन पुलिस विभाग ने एक शुरुआती ट्वीट में बताया, 9900 ग्रांट स्ट्रीट पर वॉलमार्ट स्टोर में अभी अभी गोलीबारी हुई है। कृपया इलाके से दूर रहें। वॉलमार्ट के पार्किंग स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस के वाहन देखे गए हैं। 
स्थानीय समाचार चैनलों की खबरों में कहा गया है कि कुछ एंबुलेंस वॉलमार्ट की ओर रवाना की गई हैं। उन्होंने घटनास्थल पर अफरातफरी होने की बात भी कही है।
इसके पहले कल ही न्यूयॉर्क के लोअर मैनहटन में भी आतंकी घटना हुई थी जहां पैदल और साइकिल से चलने वाले रास्ते पर वैन चढ़ा दी गई थी।  कल के हमले में 8 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 11 लोग घायल हुए थे।
लोअर मैनहटन की इस घटना में पुलिस ने हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है। हमलावर का नाम सेफुलो साइपोव है। यह घटना चैम्बर्स के क्षेत्र और वेस्ट स्ट्रीट के अप मार्केट ट्रिबेका में हुई थी। अमरीकी मीडिया ने बताया कि घटनास्यथल स्टुवेन्सेंट हाई स्कूल से ज्यादा दूरी पर नहीं था। (एनडीटीवी)

अंतरराष्ट्रीय जिन्होंने हिमाचल लूटा, उनकी विदाई का समय-मोदी

रेहान (हिमाचल प्रदेश), 2 नवम्बर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हिमाचल प्रदेश में चुनावी रैली करते हुए लोगों को अपने प्रत्याशियों का परिचय दिया और कहा कि 9 तारीख को बटन दबाकर लोग अपनी पसंद की सरकार बनाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन्होंने हिमाचल को लूटा है उनकी बिदाई का समय आ गया है। कांगड़ा जिले में फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के रेहान में उन्होंने अपनी आज की पहली रैली की।
पीएम मोदी ने कहा कि जब लोग 9 तारीख को बटन दबाएं पंडित रामसिंह पठानिया के बलिदान को याद रखिएगा। उन्होंने कहा कि जब राज्य में बीजेपी की सरकार बनेगी तब राज्य का भाग्य भी बदलेगा। पीएम ने कहा कि इतनी बड़ी तादाद में लोग आए हैं इसका मतलब लोग हमें आशीर्वाद देने के लिए आए हैं।
पीएम ने कहा कि अभी चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने जिसे उम्मीदवार को खड़ा किया है, उस पर भ्रष्टाचार का केस चल रहा है। हमारा देश ऐसा है कि अगर आप ईमानदारी से कुछ करना चाहते हैं और अगर गलती हो जाए तो यह देश माफ करता है। लेकिन अगर काम गलत इरादे से किया गया और जनता की आंख में धूल झोंकने का प्रयास किया गया तो ये देश कभी किसी को माफ नहीं करता है।
पीएम ने कहा कि देव जब भी को भी शुभ काम करते थे राक्षस उसमें विघ्न डाला था और हारते भी थे। उन्होंने कहा कि पुराण काल में भी यह नहीं सुना था कि राक्षस को पैदा करने का काम शासन में बैठे लोगों ने किया हो। उन्होंने कहा कि पांच राक्षसों को पनपने का मौका हिमाचल की वर्तमान सरकार ने दिया है। ये पांच राक्षस इतने ताकतवर हो गए हैं कि शिमला में बैठी सरकार को अपने इशारों पर नचा रहे हैं। सरकार को भी वहीं से रक्षा मिल रही है। (बाकी पेजï 5 पर)
पीएम ने कहा कि देवभूमि हिमाचल को दानवों से मुक्त करना है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आत्मचिंतन करे कि देश कांग्रेस को चुन- चुनकर क्यों सजा देना चाहता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल प्रदेश में आज दो चुनावी रैली संबोधित कर रहे हैं। 
प्रधानमंत्री 4 नवंबर को मंडी के सुंदरनगर, शाहपुर के रैत और कांगड़ा जिले के पालमपुर में जनसभा को संबोधित करेंगे, जबकि 5 नवंबर को उनका कुल्लू और उना में जनसभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह 5 नवंबर को उना और कांगड़ा की रैलियों को संबोधित करेंगे। शाह अभी तक यहां 6 चुनावी सभाओं को संबोधित कर चुके हैं। हिमाचल प्रदेश में 9 नवंबर को चुनाव होने हैं।(एनडीटीवी)

यौन दुव्र्यवहार के आरोप ब्रितानी रक्षामंत्री का इस्तीफा

लंदन, 2 नवम्बर। यौन दुव्र्यवहार के आरोपों के बीच ब्रिटेन के रक्षा मंत्री सर माइकल फैलन ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा है कि ब्रितानी सेना के मानदंडों के मुताबिक हो सकता है कि उनका व्यवहार खरा नहीं उतरा हो।

उन्होंने बताया कि 10 या 15 साल पहले जो चीज स्वीकार्य थी, अब साफ तौर पर वो स्वीकार्य नहीं है। हाल में संसद में गंभीर यौन दुव्र्यवहारों के आरोपों के बाद वो पहले नेता हैं जिन्होंने इस्तीफा दिया है।
उनके व्यवहार के बारे में ये ताजा दावे बुधवार को किए गए, लेकिन इस पर प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया है। टेरीजा मे ने कैबिनेट में अपनी भूमिका को गंभीरता से लेने पर सर फैलन की तारीफ की है।
अपने त्यागपत्र में फैलन ने लिखा है कि हाल के दिनों में जनप्रतिनिधियों पर कई सारे आरोप सामने आए हैं। इनमें से कुछ आरोप मेरे अतीत के व्यवहार के बारे में हैं।
उनके अनुसार कि इनमें से अधिकांश गलत हैं लेकिन मैं स्वीकार करता हूं कि अतीत में मेरा व्यवहार ऐसा रहा है, जो सेना की अगुवाई करने के लिए जरूरी मानकों के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने अपने इस्तीफे के फैसले को सही बताया कि इन बरसों में संस्कृति काफी बदल गई है। 10 या 15 साल पहले जो स्वीकार्य हो सकता था, अब बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि अब संसद को आत्ममंथन करने की जरूरत है और प्रधानमंत्री ने साफ भी किया है कि व्यवहार में सुधार की जरूरत है और हमें किसी भी तरह के उत्पीडऩ के आरोपों के खिलाफ वेस्टमिंस्टर के कर्मचारियों को बचाने की जरूरत है। (बाकी पेजï 5 पर)
जब उनसे ये पूछा गया कि क्या आपको माफी मांगनी चाहिए, उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हम सभी को अब अतीत पर एक नजर दौड़ा लेनी चाहिए, कुछ न कुछ ऐसा जरूर मिलेगा जिसके लिए आपको अफसोस करना पड़े, जिसे शायद आपने अलग तरीके से किया होता।
उन्होंने कहा कि साढ़े तीन साल तक रक्षा मंत्री पद संभालना उनके लिए सौभाग्य की बात रही है। प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और उनके कार्यकाल की तारीफ की है।
सर माइकल फैलन पिछले चार दशक से लगातार सांसद रहे हैं। मार्च 1983 में, वो लेबर पार्टी के एक उम्मीदवार से हार गए थे लेकिन इसी दौरान मार्गारेट थैचर ने आम चुनावों की घोषणा की तो वो 77 दिन बाद ही चुनाव जीत गए।
साल 1992 में उनका राजनीतिक करियर थोड़ा रुका, जब वो आम चुनावों में डार्लिंगटन की सीट लेबर पार्टी के उम्मीदवार से हार गए। इसके बाद 1997 में कंजर्वेटिव उम्मीदवार के रूप में वेस्टमिंस्टर से चुनाव लड़ा। गठबंधन सरकार के दौर में उन्हें मंत्री बनाया गया था। डेविड कैमरन के कार्यकाल में 2014 में वो मंत्री रहे। इसी दौरान उन्होंने रक्षामंत्री का पदभार संभाला था। (बीबीसी)

हाफ‍िज सईद के जमात-उद-दावा और लश्‍कर की कमर तोड़ने के ल‍िए अमेर‍िका ने लगाया बैन

अमेरिका ने मुंबई 2611 हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद के संगठन जमात-उद दावा पर प्रतिबंध लगाए हैं। इसके अलावा यह प्रतिबंध लश्कर-ए-तैयबा, तालिबान, जमात-उल-दावा अल कुरान (जेडीक्यू) और इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया और आईएसआईएस खोरासन पर लगाया गया है। यह प्रतिबंध आतंकवादियों के नेतृत्व और धन इकट्ठा करने वाले नेटवर्कों को तबाह करने के प्रयास के लिए लगाया गया है। ट्रेजरी ऑफिस ऑफ फॉरेन असेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) के निदेशक जॉन स्मिथ ने कहा कि इन पाबंदियों को लगाने का उद्देश्य पाकिस्तान में मौजूद वित्तीय सहायता नेटवर्कों को समाप्त करना है।
इन्हीं नेटवर्कों ने तालिबान, अलकायदा, आईएसआईएस और लश्कर-ए-तैयबा को आत्मघाती हमलावरों की बहाली और अन्य हिंसक गतिविधियां के लिए वित्तीय सहायता मुहैया कराई थी। स्मिथ ने कहा कि अमेरिका आतंकी गतिविधियों को सुविधा मुहैया करने वाले संगठनों सहित पाकिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्रों में मौजूद आतंकवादियों को अक्रामक तरीके से निशाना बनाता रहेगा। स्मिथ ने कहा कि उन तीन व्यक्तियों और संस्थाओं को भी नामित किया गया है जिनका आतंकवादी समूहों के साथ संबंध हैं और वह अमेरिका और पाकिस्तान दोनों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं।
खोरासन एक ऐतिहासिक क्षेत्र है जिसमें उत्तरपूर्वी ईरान का बड़ा क्षेत्र, दक्षिणी तुर्कमेनिस्तान, उत्तरी अफगानिस्तान और भारत का हिस्सा शामिल है। यह प्रतिबंध विशेष तौर पर हयातुल्ला गुलाम मोहम्मद (हाजी हयातुल्ला), अली मोहम्मद अबू तुरब, वेलफेयर एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ जमात-उद-दावा फॉर कुरान एंड सुन्ना (डब्ल्यूडीओ) के लिए कथित तौर पर पैसा इकट्ठा करने वाले संगठन इनायत-उर रहमान पर लगाया गया है। आपको बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने हाफिज सईद के नजरबंद की मियाद 90 दिनों के लिए बढ़ा दी थी।
हाफिज सईद पिछले तीन महीने से अपने घर में नजरबंद है। रविवार (30 अप्रैल) को 90 दिनों की उसकी नजरबंद की मियाद खत्म हो रही थी। पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने देश के आतंकरोधी कानून के तहत सईद और उसके 4 सहयोगियों के नजरबंद की अवधि को बढ़ाने का फैसला लिया। सरकार ने 30 जनवरी को सईद और चार अन्य नेताओं को नजरदबंद कर दिया था। वहीं हाफिज सईद ने कोर्ट में सरकार के खिलाफ याचिका दायर की थी, हाफिज ने कहा था कि उसे कई महीनों से गैर कानूनी ढंग से हिरासत में रखा जा रहा है।

न्यूजीलैंड में नए साल 2017 ने दी दस्तक

 ऑकलैंड: न्यूज़ीलैंड में नए साल 2017 की शुरुआत हो चुकी है लोग नए साल का जोरदार स्वागत कर रहें हैं यहां स्थित स्काई टॉवर में जमकर आतिशबाजी की गई जिसे लोगों ने खूब एंजॉय किया. न्यूजीलैंड में हर देश से लोग यहां न्यूईयर सेलिब्रेट करने आते हैं और खूब एंजॉय करते हैं.