व्यापार

" रस ऑयल्स " एशिया के बेस्ट आर्गेनिक प्रोडक्ट के लिए नॉमिनेट हुआ।

रायपुर शहर की यंग इंटरप्रेन्योर शुभीका जैन ने "रस" के नाम से आर्गेनिक ऑयल्स निर्मित की है जो एशिया के बेस्ट आर्गेनिक प्रोडक्ट केटेगरी के लिए नॉमिनेट हुआ है जिसे न केवल रायपुर बल्कि समस्त छत्तीसगढ़ के जनता का आशीर्वाद वोट के रूप में चाहिए जिससे शहर की बेटी के ब्रांड "रस ऑयल्स" को एशिया का बेस्ट आर्गेनिक प्रोडक्ट का अवार्ड मिल सके। यह अवार्ड आपका है, यह आपका गर्व है कि आपके शहर / राज्य की बेटी अपने मेहनत और लगन से इस मुकाम तक पहुंची। नीचे के लिंक को क्लिक कर आप अपना वोट " रस ऑयल्स " को दे सकते हैं। http://readerschoiceawards.asiaspaindia.com/poll/best-organic-product/ "रस ऑयल्स" हैदराबाद, बेंगलुरु, मुम्बई आदि शहरों में अपना एक स्थान बनाया है साथ ही दुबई, सिंगापुर आदि देशों से डिमांड भी आ रही है। यह प्रोडक्ट पूर्ण रूप से आर्गेनिक तो है ही साथ ही साथ यह शरीर के स्किन के लिए भी अत्यंत लाभदायक है। रस ऑयल्स की शुद्धता से मनुष्य के माइंड, बॉडी एवं सोल पवित्र होता है। इसका एसेंस बहुत ही पवित्रमय वातावरण निर्मित करता है जिससे मनुष्य का घर, आफिस पवित्रमय बन जाता है। आर्गेनिक रस ऑयल्स को सेरामिक डिफ्यूजर में रखकर घर, आफिस को पवित्रमय बना सकते है

छत्तीसगढ़ में बिल्डरों और प्रमोटरों को रेगुलेट करने के लिए भू संपदा विनियामक प्राधिकरण रेरा ने शुरू किया काम रजिस्ट्रेशन के बिना बैंक नहीं देगा बिल्डर और खरीददार को लोन

रायपुर-  रेरा के चेयरमैन विवेक ढांड ने सोमवार को न्यू सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि सभी बिल्डरों को रेरा में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से कराना है।
अगर रेरा में रजिस्ट्रेशन नहीं है, तो बैंक बिल्डर और खरीददार को लोन नहीं देगा। बिना रजिस्ट्रेशन के प्लाट, जमीन या फ्लैट को न तो बेच सकते हैं, न ही उसका प्रमोशन ही कर सकते हैं। यही नहीं, बिल्डर एक प्रोजेक्ट का पैसा दूसरे प्रोजेक्ट में नहीं लगा सकता है।
अगर ऐसा करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। ढांड ने बताया कि बिल्डर की प्रस्तावित जमीन पर प्रमोटर के दोषपूर्ण टाइटल के कारण खरीददार को कोई हानि होती है, तो उसका पूरा पैसा बिल्डर वापस करेगा।

यही नहीं प्रमोटर दो तिहार खरीददारों की लिखित सहमति और रेरा के अनुमोदन के बिना प्रोजेक्ट के संबंध में अपने अधिकार और दायित्व ट्रांसफर नहीं कर सकेगा। एग्रीमेंट में कब्जा सौंपने की तारीख का जिक्र जरूरी रहेगा।

यदि प्रमोटर तय तारीख तक कब्जा नहीं दे पाता है तो खरीददार को ब्याज और क्षतिपूर्ति सहित जमा राशि लौटानी होगी। यदि खरीददार प्रोजेक्ट में संपत्ति चाहता है तो उसे कब्जा सौपे जाने तक प्रतिमाह ब्याज मिलेगा।

ढांड ने बताया कि 500 वर्गमीटर से बड़े प्रोजेक्ट को प्रत्येक फेस का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। नए कानून के तहत प्रमोटर के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। इसमें प्रोजेक्ट राशि का 70 फीसदी अलग बैंक खाते में जमा करना है।

खास बात यह है कि अगर कोई बिल्डर भ्रामक जानकारी देकर प्लाट या मकान बेचता है, तो उससे प्रोजेक्ट कास्ट का 10 प्रतिशत जुर्माना वसूला जा सकता है और तीन साल की सजा भी हो सकती है। एजेंट का रजिस्ट्रेशन भी रेरा में होगा। इसका पंजीयन पांच साल के लिए मान्य होगा। एक बार रजिस्ट्रेशन कराकर एजेंट प्रदेश में काम कर सकता है। प्रमोटर आनलाइन आवेदन के साथ ही कार्यालय में पहुंच दस्तावेज जमा कर सकते है।

प्राइवेट कंपनियों के नौकरियों का बुरा हाल, बड़ी कंपनियों में भी लगातार कम हो रहे कर्मचारी–??

नई दिल्ली। भारत की सूचीबद्ध कंपनियों के रोजगार के आंकड़ों का इंडियन एक्सप्रेस द्वारा किए गए विश्लेषण के अनुसार वित्त वर्ष 2016-17 में ज्यादातर कंपनियों में पिछले सालों की तुलना में नौकरियां कम हुई हैं। इंडियन एक्सप्रेस के पास इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर कंपनियो को छोड़कर अन्य क्षेत्रों की 121 कंपनियों के रोजगार से जुड़े आंकड़े हैं। ये सभी कंपनियां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसए) में सूचीबद्ध हैं और वित्त वर्ष 2016-17 से जुड़े इनके आंकड़े उपलब्ध हैं। इन कंपनियों के रोजगार के आंकड़ों के अनुसार इन कंपनियों ने पिछले वित्त वर्ष के 742,012 की तुलना में वित्त वर्ष 2016-17 में केवल 730,694 नौकरियां दीं। रोजगार में 11,318 की ये कमी धातु, ऊर्जा, कैपिटल गुड्स, निर्माण क्षेत्र और एमएमसीजी क्षेत्र की कंपनियों में हुई है।  इन 121 कंपनियों में से 107 के पिछले तीन साल के आंकड़े इंडियन एक्सप्रेस के पास उपलब्ध हैं। इन कंपनियों के आंकड़ों से पुष्टि होती है कि नौकरी में ये कमी लगातार दूसरे साल जारी है। जिन 107 कंपनियों के पिछले तीन वित्त वर्षों के आंकड़े हैं उनमें मार्च 2015 तक कुल 684,452 कर्मचारी थे जिनकी संख्या मार्च 2016 में घटकर 677,296 रह गयी और मार्च 2017 तक ये संख्या घटकर 669,784 हो गयी। नौकरी में कमी की संख्या छोटी लग सकती है लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार ये एक प्रवृत्ति को दिखाती है जो चिंता का विषय है। देश की सबसे बड़ी कंपनियों के कर्मचारियों में कमी से इन कंपनियों के विस्तार की योजनाओं और निकटवर्ती विकास की उम्मीदों का पता चलता है। एक प्रमुख मानव संसाधन (एचआर) कंपनी के शीर्ष अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “निर्माण क्षेत्र की कई कंपनियां पहले ही अप्रयुक्त संसाधनों के बोझ से दबी हुई हैं इसलिए वो लोगों को नौकरी देने के बजाय वो कर्मचारियों पर होने वाले खर्च को कम कर रही हैं। कई मामलों में कर्मचारियों को नौकरी छोडऩे या रिटायर होने पर उनकी जगह नए लोग नहीं रखे जा रहे हैं।” जिन 121 कंपनियों के आंकड़े इंडियन एक्सप्रेस के पास मौजूद हैं उनमें से 49 के कुल कर्मचारियों की संख्या वित्त वर्ष 2016-17 में कम हुई। 68 कंपनियों के कर्मचारियों में कुछ बढ़ोतरी हुई। चार कंपनियों के कर्मचारियों की संख्या में कोई बदलाव नहीं आया। ये सारे आंकड़े प्रॉवेस आईक्यू और सीएमआईई से मिले हैं। हालांकि कुछ विशेषज्ञों के अनुसार किसी ठोस नतीजे पर पहुंचने के लिए ये सैंपल साइज छोटा है। टीमलीज सर्विसेज के सह-संस्थापक और चेयरमैन मनीष सबरवाल ने कहा, ये साफ नहीं है कि मांग घटी है। मुझे लगता है कि औपचारिक नौकरी में भले ही दिक्कत हो लेकिन जरूरी नहीं कि ये नौकरी से ही जुड़ा मामला हो। हमें और आंकड़े सामने आने का इंतजार करना चाहिए। अभी स्थिति साफ नहीं है। साभार —

जिओ ने दिया नया ऑफर

BBN24 आज के जमाने मे हर कोई फ्री के लिए लगा पड़ा है चाहे कुछ भी हो लेकुन अगर बात नेट की की जाए ये तो सबसे आगे है इसके लिए जियो सबसे आगे है। लेकिन जिओ ने भी अपने यूजर को कई तोहफे दिए है जियो ने कई बार अपने यूजर को फ्री में सब कुछ दिया जिओ ने शुरू में 6 महीने तक फ्री नेट दिया था लेकिन जियो ने एक बार फिर से कमाल कर दिया है जियो ने अपने यूजर को फ्री में 6 महीने का नेट दिया है इसके लिए जियो यूजर को कुछ सिंपल से स्टेप फॉलो करके अपने जिओ मोबाइल के लिए एक्टिव कर एक्ट है। ये प्लान दोनो यूजर पुराने और नए दोनो को दिया जाएगा इसके लिए कहि नही जाना होगा ये ऑनलाइन मोबाइल से किया जा सकता है। इस प्लान में यूजर को 6 महीने फ्री नेट ओर 6 महीने फ्री कालिंग ओर 100 मैसेज प्रतिदिन मिलेंगे। इसके लिए यूजर की सबसे पहले whaff rewards नाम का ऐप्प है उसको डाऊनलोड करना है । डाउनलोड करने के बाद आपको इसपर अपने एकाउंट बनाना है एकाउंट के लिए आपको फेसबुक से लॉगिंग करना है लॉगिंग करते समय आपको एक पॉपअप आएगा जिसमे आपको एकाउंट यानी प्रोमो कोड मागेगा निसमे आपको IC40404 डालना होगा विना इस कोड के रिचार्ज नही मिलेगा। ये सब करने के बाद आपको प्रेयमुम ऑप्शन में जाना होगा और रिचार्ज पर क्लिक करना होगा और वह जियो का ऑपरेटर सेलेक्ट करके ये प्लान सेलेक्ट करना होगा FR-360-6-T इसके बाद सही पर कर दे अगले 24 हॉर्स में आपका रिचार्ज हो

GST व्यवस्था में थोड़ा सुकून

नई दिल्ली:-केंद्र गवर्नमेंट जल्द ही लोगों को GST व्यवस्था में थोड़ी राहत दे सकती है. केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने इस बात के इशारा दिये हैं कि गवर्नमेंट 28 फीसद कर स्लैब के दायरे में आने वाली वस्तुओं की संख्या में कटौती कर सकती है. उन्होंने साथ ही यह भी बताया है कि राजस्व संग्रह पूर्व स्तर पर आ गया है.बताते चलें कि देशभर में चीज एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था एक जुलाई को लागू हुई थी. इसके तहत 1200 से अधिक वस्तुओं व सेवाओं को पांच फीसद, 12 फीसद, 18 फीसद व 28 फीसद कर स्लैब की कैटेगरी में रखा गया था. जानकारी के लिए बता दें कि 28 फीसद के कर स्लैब के तहत वॉशिंग मशीन, फ्रिज, इलेक्ट्रिकल फिटिंग्स, सीमेंट, सीलिंग फैन, घड़ियां, ऑटोमोबाइल, तंबाकू उत्पाद, न्यूट्रीशनल ड्रिंक, ऑटो पार्ट्स, प्लास्टिक फर्नीचर व प्लायवुड आते हैं. अरुण जेटली ने बताया है कि कुछ कमोटिडी पर 28 फीसद पहले से ही नहीं होनी चाहिए थी. इस कारण पिछली तीन से चार बैठकों में GST काउंसिल ने 100 तरह की चीजों पर GST दर में कटौती की है. इसपर 28 फीसद कर घटाकर 18 फीसद व 18 फीसद से कम करके 12 फीसद कर दिया गया है. उन्होंने एक प्रोग्राम के दौरान बोला कि धीरे-धीरे कर की दर को घटाया जा रहा है. ऐसा करने के पीछे मुख्य उद्देश्य राजस्व संग्रह में स्थिरता प्राप्त करना था. अब इसमें कमी लाने की आवश्यकता है.काउंसिल इसी दिशा में कार्य कर रही है.GST काउंसिल की अगली मीटिंग 10 नवंबर को होनी है.इसमें हाथ से निर्मित फर्नीचर, प्लास्टिक उत्पादों व शैंपू जैसे रोजमर्रा की वस्तुओं पर कर की दरें कम करने पर विचार किया जा सकता है.

JIO पुराने यूजर्स को कैशबैक ऑफर का फायदा

BBN24:-क्या आपने अभी तक अपने रिलायंस जियो का 399 रुपये वाला रिचार्ज नहीं करवाया तो टेंशन ना लें क्युकि अब आपको अपनी जियो को रिचार्ज कराने के लिए सिर्फ 99 रुपये ही देने होंगे। दरअसल एक ऑनलाइन वॉलेट कंपनी ने जियो के साथ मिल कैशबैक ऑफर शुरू किया है। आपको बता दें कि 9 नवंबर से जियो के धन धना धन प्लान की वैलिडिटी खत्म होना शुरू हो गई हैं। यानी यूजर को जियो की सर्विस का फायदा लेने के लिए एक बार फिर रिचार्ज करना होगा। ऐसे में जियो 6 ऑनलाइन वॉलेट कंपनी के साथ कैशबैक ऑफर लेकर आई है। सभी कंपनियां नए और पुराने यूजर्स को कैशबैक ऑफर का फायदा देंगी।

डुअल डिस्क ब्रेक के साथ सुजुकी Intruder-150, देखे इस अनोखी बिक को

 इंट्रूडर में 154.9 cc का इंजन इस्तेमाल किया गया है. कंपनी ने इसकी कीमत 98,340 रुपए (एक्स-शोरूम, नई दिल्ली) रखी है. नई इंट्रूडर 150 का इंजन 14.6 बीएचपी का पावर और 14 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है.

 इंट्रूडर में 154.9 cc का इंजन इस्तेमाल किया गया है।  नई इंट्रूडर 150 का इंजन 14.6 बीएचपी का पावर और 14 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है।  सुजुकी इंट्रूडर 150 के इस इंजन को 5 स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स से लैस किया गया है।  सुजुकी की दावा है कि यह क्रूजर 44 किमी प्रति लीटर का माइलेज देगी।  भारत में इस बाइक का मुकाबला मुख्य रूप से बजाज एवेंजर 150 से होगा. नई दिल्ली: जापानी कंपनी सुजुकी ने नई क्रूजर बाइक, इंट्रूडर 150 को भारत में लॉन्च कर दिया है।  कंपनी ने इसकी कीमत 98,340 रुपए (एक्स-शोरूम, नई दिल्ली) रखी है।

ये है खासियत
सुजुकी इंट्रूडर 150 में दोनों पहियो में डिस्क ब्रेक लगाया गया हैं जो कि एबीएस यानी ऐंटी लॉकिंग ब्रेकिंग सिस्टम से लैस हैं। बड़े हेडलाइ और बकेट के आकर सीट इसके लुक को और आकर्षित बना देती है।  हालांकि, पीछे बैठने वाली सवारी के लिए सीट छोटी है।  फ्यूल टैंक 11 लीटर का है और 17 इंच के एलॉय व्हील्स हैं। 


सुजुकी के लिए महत्वपूर्ण भारतीय बाजार
सुजुकी मोटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड  के प्रबंध निर्देशक सातोशी उचिता ने इस अवसर पर कहा था कि भारत उनके लिए महत्वपूर्ण बाजार है। वह हर साल कम से दो नए प्रोडक्ट बाजार में उतारेंगे। एसएमआईपीएल के कार्यकारी उपाध्यक्ष संजीव राजशेखरन ने कहा भारत में क्रूजर खंड बीते कुछ साल  से तेजी से बढ़ रहा है।  उन्होंने उम्मीद जताई कि इस नई प्रोडक्ट के साथ कंपनी बाजार में पकड़ मजबूत बनती जाएगी।  कंपनी ने वित्त वर्ष 2016-17 में 3,50,000 यूनिट बेचीं।  सुजुकी टू वीलर्स मौजूदा वित्त वर्ष में 5,00,000 यूनिट बेचने का टार्गेट लेकर चल रही है। 
 

Source : (http://zeenews.india.com)

फिर मेहेंगी हुई LPG Gas

एलपीजी गैस की कीमत में एक बार फिर बढ़ोती हुई। तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं को झटका देते हुए एलपीजी के दाम बढ़ा दिए हैं। सब्सिडी वाला सिलेंडर (14.2 कि.ग्रा.)  93.50 रुपये तो 19 कि.ग्रा. वाला व्यावसायिक सिलेंडर 146.50 रुपये की दर से महंगा हो गया है।

दिल्ली में इजाफे के बाद बिना सब्सिडी वाले सिलिंडर 743 रुपये हो गई है। मुम्बई में 14.2 केजी सिलिंडर की कीमत हुई 718 रुपये। 19 केजी की क़ीमत 1268 रुपये हो गई है। 491.13 रुपये से बढ़कर 495.69 रुपये सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर का दाम 1 नवम्बर से।

चार माह से गैस सिलेंडर के रेट में चार चार रुपये प्रति माह की मामूली वृद्धि हो रही थी, लेकिन मंगलवार शाम इसमें 93.50 रुपये की भड़त होगयी। इससे गैस सिलेंडर की कीमत बढ़कर करीब 751 रुपये हो जाती है। कीमत के बढ़ने का असर निम्न व मध्यम वर्गीय परिवार पर अधिक पड़ेगा। यह पहली दफा है, जब एकमुश्त 93 रुपये की वृद्धि हुई है। पिछले एक साल में सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों की कीमत में करीब 110 रुपये की बढ़ोत्तरी देखी जा चुकी है। रसोई गैस की कीमत बढ़ रही है और सब्सिडी घटती जा रही है। माना जा रहा है कि सब्सिडी बंद होने से कालाबाजारी पर रोक लगेगा।

सब्सिडी बंद होने के बाद कुकिंग गैस सिलेंडर (14.2 किग्रा) और कामर्शियल सिलेंडर (19 किग्रा) की कीमत में अधिक अंतर नहीं रहेगा। माना जा रहा है कि अगले साल मार्च तक सब्सिडी और कामर्शियल सिलेंडर की कीमत के बीच का अंतर खत्म हो जाएगा और दुकानदार दुकानों पर घरेलू गैस के बजाय कामर्शियल गैस का इस्तेमाल करना चालू करें देंगे। इससे कामर्शियल सिलेंडरों की डिमांड बढ़ने की उम्मीद बढ़ जाएगी, जिससे सरकारों का राजस्व में भी बढ़ोती होगी। कारण, कुकिंग गैस सिलेंडर पर जीएसटी पांच फीसद और कामर्शियल गैस सिलेंडर पर जीएसटी 18 फीसद है।

रॉयल एनफील्ड अब 2000 से भी कम के EMI में उलब्ध

इंडियन मोटरसाइकिल मार्केट के मिड-सेग्मेंट पर कब्जा है.हिंदुस्तान में यह 350 से 750 सीसी तक की बाइकों की बिक्री करती है. स्टाइल व दमदार इंजन के शौकीन लोग रॉयल एनफील्ड को बहुत ज्यादा पसंद करते हैं. अगर आप रॉयल एनफील्ड के बारे में रुचि रखते हैं तो आपको इसकी कीमतों के बारे में भी अंदाजा होगा है. रॉयल एनफील्ड की बाइकों की मूल्य 1 लाख 13 हजार से प्रारम्भ होती है.इसका सबसे सस्ता मॉडल रॉयल एनफील्ड Bullet 350 है. अगर आप इस बाइक को सिर्फ इसकी मूल्य के कारण नहीं खरीद पा रहे तो यहां हम आपको EMI पर खरीदने का विकल्प बता रहे हैं. इस बाइक को आप 2000 रुपए हर महीना देकर घर ले जा सकते हैं. दरअसल इस बाइक की मूल्य 1,13,000 रुपए (दिल्ली) है. अगर आप 19 हजार रुपए की डाउन पेमेंट देते हैं तो बाकी बचे अमाउंट को किश्तों में दे सकते हैं. अगर किश्तें 60 महीने की होंगी व बैंक आपसे 10 प्रतिशत ब्याज लेता है तो हर महीने आपको 1,997.22 रुपए की EMI देनी होगी. फीचर्स की बात करें तो इस बाइक में 346 cc का इंजन लगा है, जिसे 5 स्पीड गियरबॉक्स से जोड़ा गया है. कंपनी के मुताबिक बुलेट 350 करीब 40 Kmpl का माइलेज देती है

केंद्र सरकार ने किया ऐलान,अब जीपीएफ पर मिलेगा 7.8 फीसदी ब्याज

नई दिल्ली। सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) और अन्य समान निधियों में जमा राशि पर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान 7.8 फीसदी ब्याज दर बरकरार रखी गई है। सरकार ने बुधवार को यह घोषणा की। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया, सरकार ने घोषणा की है कि वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) और अन्य समान निधियों के ग्राहकों को एक अक्टूबर से 31 दिसंबर तक 7.8 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा।पिछली जुलाई-सितंबर की तिमाही में भी इन योजनाओं पर 7.8 फीसदी की ही ब्याज दर थी। सितंबर में, सरकार ने अक्टूबर-दिसंबर के लिए सार्वजनिक भविष्य निधि योजना पर भी ब्याज दरों को छोटे बचत योजनाओं की दरों के अनुसार 7.8 फीसदी पर बरकरार रखा था।