बड़ी खबर

रायपुर : राम वन गमन पथ के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए इसी महीने होगा काम शुरु.....पथ पर पग-पग पर होंगे श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के दर्शन ...

 

 कोरिया से सुकमा तक निर्मित होने वाला राम वन गमन पथ कदम-कदम पर राम-मय होगा। छत्तीसगढ़ शासन ने जो कार्ययोजना तैयार की है, उसमें तीर्थ एवं पर्यटनों स्थलों के द्वार से लेकर लैंप-पोस्ट और बैंच तक के सौंदर्यीकरण का विशेष ध्यान रखा गया है। श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को राम वन गमन पथ की यात्रा के दौरान पग-पग पर भगवान श्रीराम के दर्शन होंगे। राम वन गमन पथ के मुख्य मार्ग सहित उप मार्गाें की कुल लम्बाई लगभग 2260 किलोमीटर है। इस मार्ग के किनारे जगह-जगह संकेतक तीर्थ स्थलों एवं पर्यटनों की जानकारी सहित भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़ी कथाएं देखने और सुनने को मिलेंगी। वन गमन पथ के दोनों ओर विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण भी किया जा रहा है, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के दिलों दिमाग में प्रभु श्रीराम के वनवास का अहसास बना रहे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की प्राथमिकता वाली राम वन गमन परियोजना का कान्सेप्ट प्लान तैयार हो चुका है।

    मुख्यमंत्री श्री बघेल की उपस्थिति में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पर्यटन सचिव श्री पी.अनबलगन ने इस संबंध में योजना की विस्तृत जानकारी पावरप्वांईट प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी। 137 करोड़ 75 लाख रुपये की कुल लागत वाली इस परियोजना पर इसी अगस्त महीने के अंतिम सप्ताह से काम शुरु हो जाएगा। इसकी शुरुआत रायपुर के निकट स्थित चंदखुरी से होगी। चंदखुरी भगवान राम का ननिहाल है। यहां माता कौशल्या का प्राचीन मंदिर है, जो सातवीं शताब्दी का है। माता कौशल्या मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण तथा विकास के लिए 15 करोड़ 45 लाख रुपये की योजना तैयार की गई है। 

    श्री अंबलगन ने बताया कि इस परियजोना के तहत लगभग 2260 किलोमीटर सड़कों का विकास किया जाएगा। लगभग 1400 किलोमीटर सड़कों के दोनों ओर वृक्षारोपण कार्य किया जाएगा। राम वन गमन पथ पर पहले चरण में जिन 9 स्थानों का चयन किया गया हैं, उन सभी में आकर्षक लैंडस्केप तैयार किया जाएगा। इन सभी स्थानों पर पर्यटकों के लिए नागरिक सुविधाओं का विकास सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। विश्वस्तरीय अधोसंरचनाओं के निर्माण के दौरान उच्च कोटि का प्री-कास्ट और फेब्रीकेशन वर्क सुनिश्चित किया जाएगा। सभी स्थानों पर भव्य द्वार बनाए जाएंगे, जिनके शीर्ष पर भगवान राम का धनुष और उसकी प्रत्यंचा पर रखा हुआ तीर होगा। द्वार पर जय श्रीराम के घोष के साथ राम-पताका लहरा रही होगी। तीर्थ-पर्यटनों पर स्थापित किये जाने वाले लैंपोस्ट भी प्राचीन काल की याद दिलाएंगे। इनके शीर्ष पर भी भगवान श्रीराम की आकृति होगी। एक अन्य डिजाइन में लैंपपोस्ट के शीर्ष पर भी तीर-धनुष स्थापित किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि राम वन गमन परिपथ में कोरिया से लेकर सुकमा तक सूचनात्मक स्वागत द्वार स्थापित किये जाएंगे। यात्रियों को इससे पता चल सकेगा कि वे परिपथ पर सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। किसी पडाव में पहुंचने पर एक खास डिजाइन का साइन बोर्ड उनका स्वागत करेगा। परिपथ में सड़क के किनारे विभिन्न स्थानों की दूरी और दिशा बताने वाले डायरेक्शन-पोस्ट भी स्थापित किए जाएंगे।

    इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि पर्यटन-तीर्थों में धार्मिक-स्थलों के आसपास सजने वाले पूजन-सामग्रियों के परंपरागत बाजार को भी व्यवस्थित कर नये तरह से डिजाइन किया जाए। इन बाजारों में आधुनिक तरीके से निर्मित, किंतु प्राचीनता की याद दिलाते स्टाल स्थापित किये जाएंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्किंग स्थलों को भी अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित किया जाएगा।

    सभी पर्यटन-तीर्थों में विशेष साज सज्जा वाले पर्यटक सूचना केंद्र स्थापित किये जाएंगे। राम वन गमन पथ का रूट मैप तैयार कर संबंधित विभागों को भेज दिया गया है। चंदखुरी, शिवरीनारायण, तुरतुरिया और राजिम के लिए परियोजना-रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। शिविरीनरायण ब्रिज के ऊपर लेजर लाइट शो का इंतजाम भी होगा। धमतरी जिले में सप्तऋषि आश्रम का सौंदर्यीकरण तथा विकास किया जाना है। नगरी को पर्यटन हब के रूप में विकसित किए जाने की योजना है। विभिन्न स्थानों पर बायोडायवर्सिटी पार्क का भी निर्माण किया जाएगा।

    पर्यटन विभाग द्वारा इतिहासकारों से चर्चा कर विभिन्न शोध पत्रों और प्राचीन मान्यताओं के आधार पर छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पथ के 75 स्थलों को चिन्हित किया गया है। प्रथम चरण में जिन 9 स्थलों का विकास किया जा रहा है, उनमें सीतामढ़ी हरचौका (कोरिया), रामगढ़ (सरगुजा), शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा), तुरतुरिया (बलौदाबाजार), चंदखुरी (रायपुर), राजिम (गरियाबंद), सिहावा सप्तऋषि आश्रम (धमतरी), जगदलपुर (बस्तर) और रामाराम (सुकमा) शामिल हैं। फिलहाल प्रथम चरण में 5 स्थलों के विकास एवं सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना तैयार कर निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी जा चुकी है। एक वर्ष की अवधि में निर्माण एजेंसियों द्वारा कार्ययोजना के अनुसार कार्यों को पूरा कराया जाएगा। कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने राम वन गमन पथ के प्रमुख स्थलों के बारे में जनसामान्य को जानकारी देने के लिए सड़क के किनारे उपयुक्त स्थलों पर साइनबोर्ड लगाए जाने का सुझाव दिया। चंदखुरी स्थिति माता कौशल्या मंदिर परिसर सहित अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास एवं सौंदर्यीकरण के संबंध में मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, श्री टी.एस. सिंहदेव, श्री ताम्रध्वज साहू, डॉ. शिव कुमार  डहरिया, श्री अमरजीत भगत ने कई उपयोगी सुझाव भी दिए। इस दौरान मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, श्री कवासी लखमा, गुरु रुद्रकुमार, मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिया, संसदीय सचिव श्री शिशुपाल सोरी, श्री चंद्रदेव राय, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री विनोद वर्मा, श्री प्रदीप शर्मा, श्री रूचिर गर्ग, मुख्य सचिव श्री आर.पी. मंडल, अपर मुख्यसचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राकेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव वन श्री मनोज कुमार पिंगुआ , कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ.एम.गीता, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

श्रीराम जन्मस्थल पर भव्य राम मंदिर की रखी गई नींव मंदिर निर्माण की नींव में धातू का नाग और कछुआ, आईये जानते हैं क्यों.....

आज अयोध्या नगरी में भगवान श्रीराम जन्मस्थल पर भव्य राम मंदिर की नींव रखी गई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबसे पहले उस जगह से पूजा अर्चना शुरू की, जहां शिला कुंड था। उन्होंने शिला कुंड की परिक्रमा पूर्ण कर अपना शीश नवाया। फिर नींव कुंड स्थान पर विधि-विधान के साथ कलश, कछुआ, नाग अर्थात सर्प की प्रतिमा स्थापित की। इसके बाद ही मंदिर निर्माण का काम शुरू होगा।
नींव में कछुआ और सर्प क्यों है जरूरी
भारत में किसी भी मकान की नींव रखते समय भूमि पूजन होता है, फिर नींव की खुदाई होती है। इस नींव में धातु की कछुए और नाग की प्रतिमा डाली जाती है। इसके पीछे यह मान्यता है कि धरती के नीचे पाताललोक है। इसलिए जब हम जमीन की खुदाई करते हैं तो एक तरह से हम पाताललोक में प्रवेश करते हैं। शास्त्रों में पाताललोक का स्वामी शेषनाग को माना गया है। ऐसे में पाताललोक में प्रवेश से पहले हमें वहां के राजा से आज्ञा लेना आवश्यक हो जाता है।

दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि पुराणों के अनुसार पृथ्वी शेषनाग के फन पर टिकी है। मकान की नींव में सर्प की पूजा और स्थापना का सांकेतिक अर्थ यह माना जाता है कि जिस तरह शेषनाग ने पूरी पृथ्वी को अपने फन पर पूरी मजबूती से संभाला हुआ है, उसी प्रकार वे मकान की भी उसी तरह से रक्षा करेंगे।

शेषनाग भगवान विष्णु की शैया माने जाते हैं। कहा जाता है कि क्षीर सागर में भगवान विष्णु शेषनाग के ऊपर विश्राम करते हैं और देवी लक्ष्मी उनके चरणों में होती हैं। इसीलिए भी हम लोग नाग की प्रतिमा स्थापित कर उनकी पूजा करते हैं।


 दूसरी तरफ, नींव में नाग की प्रतिमा के साथ-साथ कछुए की प्रतिमा भी स्थापित कर पूजा करते हैं। भारतीय धार्मिक परम्पराओं में तो हर ऐसे जीव का संबंध हमारे देवी-देवताओं से जुड़ा हुआ है, परंतु वास्तुशास्त्र में इसका एक अलग महत्त्व है। वास्तु की दृष्टि से यह और लाभदायक हो जाता है। हिंदू धर्म में घर पर कछुआ रखना बहुत शुभ माना जाता है। वह इसलिए की भगवान नारायण अर्थात विष्णु जी के 10 अवतारों में से एक कच्छप यानि कछुआ भी है। कहा जाता है कि जहां कछुआ होता है, वहां लक्ष्मी का आगमन जरूर होता है। शास्त्रों में भी कछुआ रखना बेहद शुभ माना गया है। इससे घर और ऑफिस में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है।

एक मान्यता ये भी है कि कछुआ स्थिरता का प्रतीक है। हिन्दू वास्तु के अनुसार भुकम्प, बाढ़ और दूसरी आपदाओं के समय भी मकान अपनी जगह स्थिर बना रहे, इसीलिए हम नींव में इनकी स्थापना करते हैं और पूजा करते हैं।

एक और महत्त्वपूण मान्यता ये है कि समुंद्र मंथन में कछुए की पीठ पर मंदरांचल पर्वत को रखकर रस्सीनुमा नाग से समुंद्र को मथा गया, जिससे अमृत निकला। इसीलिए भी हम नींव में कछुए को स्थापित करते हैं।

इस तरह की पूजा से यह मनोवैज्ञानिक विश्वास उपजता है कि मकान बनाने वाले व्यक्ति ने पाताल लोक के राजा शेषनाग, सृष्टि के कर्ता-धर्ता भगवान विष्णु और पूरे ब्रह्मांड की संपन्नता की स्वामिनी देवी लक्ष्मी को प्रसन्न कर लिया है, इसलिए उसका मकान बिना किसी विघ्न के पूर्ण हो जाएगा। इसी विश्वास के आधार पर यह परंपरा कई स्थानों पर सदियों से चली आ रही है।

देश के पहले प्रधानमंत्री हैं नरेंद्र मोदी जिन्होंने किया रामलला के दर्शन

मिडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री के तौर पर आजादी के बाद पहली बार कोई नेता रामलला का दर्शन किया है. हालांकि, नरेंद्र मोदी से पहले इंदिरा गांधी से लेकर राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री रहते हुए अयोध्या का दौरा किया था, लेकिन उन्होंने रामजन्मभूमि से दूरी बनाए रखी थी. भगवान श्री रामलला का दर्शन करने से महज इसीलिए महरूम रह गए थे, क्योंकि उस समय मामला अदालत में चल रहा था.

छतीसगढ़ में भगवान राम के ननिहाल को संवारेगी बघेल सरकार, 16 करोड़ से होगा कौशल्या मंदिर का विकास

रायपुर. भगवान राम के ननिहाल चंदखुरी का सौंदर्य अब पौराणिक कथाओं के नगरों जैसा ही आकर्षक होगा. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के निकट स्थित इस गांव के प्राचीन कौशल्या मंदिर के मूल स्वरूप को यथावत रखते हुए, पूरे परिसर के सौंदर्यीकरण की रूपरेखा तैयार कर ली गई है. मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी राम वन गमन पथ विकास परियोजना में शामिल चंदखुरी में यह पूरा कार्य 15 करोड़ 75 लाख रुपए की लागत से किया जाएगा.

योजना के मुताबिक, चंदखुरी में मंदिर के सौंदर्यीकरण तथा परिसर विकास का कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा. पहले चरण में 6 करोड़ 70 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे, जबकि दूसरे चरण में 9 करोड़ 8 लाख रुपए खर्च होंगे. योजना के मुताबिक चंदखुरी को पर्यटन-तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जाना है. इसलिए वहां स्थित प्राचीन कौशल्या माता मंदिर के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं का विकास भी किया जाएगा.

तालाब का सौंदर्यीकरण करते हुए मध्य में स्थित मंदिर के टापू को और भी आकर्षक तथा सुव्यवस्थित किया जाएगा. पौराणिक कथाओं से चंदखुरी के संबंध के अनुरूप पूरे परिसर के वास्तु को डिजाइन किया गया है. तालाब मंदिर तक पहुंचने के लिए तालाब में नए डिजाइन का पुल तैयार किया जाएगा. तालाब में घाटों और चारों और परिक्रमा-पथ का निर्माण किया जाएगा. दर्शनार्थियों के वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा भी विकसित की जा रही है. इस पूरे परिसर में आकर्षक विद्युत साज-सज्जा की जाएगी.

मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ हज हाउस का किया शिलान्यास नवा रायपुर में लगभग 26 करोड़ की लागत से बनेगा हज हाउस: समाज की बहुप्रतिक्षित मांग हुई पूरी

रायपुर, 01 अगस्त 2020

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ईद-उल-अजहा के मौके पर आज यहां अपने निवास कार्यालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए छत्तीसगढ़ हज हाऊस का शिलान्यास किया। हज हाऊस का निर्माण लगभग 26 करोड़ रूपए की लागत से तीन एकड़ भूमि में किया जाएगा। पांच मंजिला इस भवन में हज यात्रियों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। भवन का निर्माण मंदिर हसौद रोड एयरपोर्ट के पास नवा रायपुर अटल नगर में किया जाएगा।          मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुस्लिम समाज के लोगों को ईद-उल-अजहा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए दोहरी खुशी का मौका है। पूरी दुनिया के साथ छत्तीसगढ़ में भी ईद का पर्व मनाया जा रहा है और आज छत्तीसगढ़ हज हाउस का शिलान्यास हुआ है। हाजियों की परेशानी कम करने के लिए समाज के लोगों की मेहनत रंग लाई और हज हाउस के निर्माण की लंबे अरसे से की जा रही मांग पूरी हुई है।        मुख्यमंत्री ने कहा कि हर मुस्लिम के लिए हज यात्रा जीवन का अभूतपूर्व पल होता है। कोरोना के कारण इस वर्ष हज यात्रा भी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि वे केन्द्र सरकार से मांग करेंगे कि वर्ष 2021 की हज यात्रा में पहले से चयनित छत्तीसगढ़ के हज यात्रियों को मौका दिया जाए। उन्होंने कहा कि वे हज कमेटी आफ इंडिया से छत्तीसगढ़ को मिलने वाली 5 करोड़ रूपए की शेष राशि प्राप्त करने के लिए भी पहल करेंगे।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में उपस्थित स्कूल शिक्षा और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री डाॅ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने मुस्लिम समाज के लोगों को ईद की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के हज यात्रियों को पहले नागपुर जाना पड़ता था। हज हाउस के निर्माण के बाद यहीं उनके लिए सारी सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी। इस मौके पर शिलान्यास स्थल नवा रायपुर में उपस्थित वन, परिवहन एवं आवास मंत्री मोहम्मद अकबर ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हज यात्रियों की सुविधा के लिए छत्तीसगढ़ से ही उड़ान शुरू करने के लिए प्रयास किया जाएगा। उन्होंने मुस्लिम समाज को हज हाउस की सौगात देने के लिए समाज की ओर से मुख्यमंत्री का शुक्रिया अदा किया।          हज कमेटी के चेयरमेन मोहम्मद असलम खान ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर नवा रायपुर कार्यक्रम स्थल में राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलाम रिजवी, छत्तीसगढ़ राज्य पाठ्य-पुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष महेन्द्र छाबड़ा, छत्तीगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र तिवारी, नगर निगम रायपुर के महापौर एजाज ढेबर सहित मुस्लिम समाज के गणमान्य नागरिक व उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ केन्द्रीय कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी की बैठक में कोयला उत्पादन एवं खनन से जुड़े मुद्दों पर हुई सकारात्मक चर्चा

रायपुर, 31 जुलाई 2020 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ केन्द्रीय कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी की आज यहां मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ में कोयला उत्पादन एवं खान के विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने बैठक में एलीफेंट कॉरीडोर तथा सघन वन क्षेत्रों में स्थित कोयला खदानों को कोल ब्लॉक्स की आगामी नीलामी से अलग रखने का प्रस्ताव रखते हुए इन खदानों के स्थान पर राज्य में स्थित अन्य कोयला क्षेत्रों को चिन्हित करने का सुझाव रखा, जिस पर केन्द्रीय कोयला मंत्री जोशी ने सहमति व्यक्त की।

मुख्यमंत्री  बघेल ने वर्ष 2014 के पूर्व सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार उद्योगपतियों द्वारा एडीशनल लेवी के रूप में जमा की गई 4140 करोड़ रूपए की राशि, जो केन्द्र सरकार के पास जमा है। उसे राज्य को देने की मांग की। जिस पर केन्द्रीय कोयला मंत्री ने सहमति व्यक्त करते हुए यह बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में उक्त राशि के डिस्पोजल हेतु आवेदन लगाया गया है, उसके आधार पर जल्द ही निर्णय लिया जायेगा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के कॉमन कॉस प्रकरण में दिए गए निर्णय अनुसार जुर्माने की राशि 10 हजार 129 करोड़ रूपए राज्य को देने की मांग रखी। श्री बघेल ने गारे पेल्मा खदानों में एसईसीएल को तत्काल उत्पादन बढ़ाने हेतु निर्देशित करने, साथ ही कोयला खदानों में जमा पानी का उपयोग जनहित में पेयजल एवं सिंचाई प्रयोजन के लिए करने, खनन प्रक्रिया समाप्ति पश्चात् अनुपयोगी जमीन राज्य को वापस करने तथा फ्लाई-ऐश के डिस्पोजल हेतु एसईसीएल की बंद पड़ी खदानों के संबंध में त्वरित कार्यवाही की मांग रखी। जिस पर केन्द्रीय मंत्री द्वारा सीएमपीडीआईएल, एसईसीएल और राज्य के अधिकारियों का संयुक्त दल गठन कर तत्काल निर्णय लेने पर सहमति व्यक्त की गई।
मुख्यमंत्री द्वारा बैठक में रखे गए छत्तीसगढ़ के स्थानीय लघु उद्योगों को कोयला उपलब्ध कराने हेतु एक निश्चित मात्रा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर चेयरमेन कोल इण्डिया द्वारा सहमति व्यक्त करते हुए राज्य सरकार को एजेंसी नियुक्त करने हेतु आग्रह किया गया। जिसके माध्यम से कोयला राज्य के लघु उद्योगों को उपलब्ध कराया जा सकेगा।
केन्द्र सरकार के खान मंत्रालय से संबंधित विषयों पर चर्चा करते हुए राज्य सरकार द्वारा लौह अयस्क की रॉयल्टी दरों में संशोधन करने के संबंध में भी आग्रह किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेशनल एक्सप्लोरेशन मिनरल ट्रस्ट (एनएमईटी) मद में छत्तीसगढ़ राज्य ने लगभग 300 करोड़ रूपये केन्द्र सरकार के पास जमा किए हैं। श्री बघेल ने इस राशि के उपयोग हेतु राज्य सरकारों को खनिज अन्वेषण हेतु खनिजों का चयन करने की अधिकारिता देने तथा इस राशि के उपयोग हेतु नियमों के सरलीकरण करने की ओर केन्द्रीय मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया, जिस पर केन्द्रीय मंत्री श्री जोशी द्वारा सहमति दी गई।
भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के सचिव द्वारा दिए गए प्रस्तुतिकरण में जानकारी दी गई कि भारत में लगभग 150 बिलियन टन कोयला के भंडार होने के बावजूद देश में कोयले का आयात आस्ट्रेलिया, इण्डोनेशिया एवं अन्य देशों से किया जा रहा है।  
    बैठक में कोयला मंत्रालय के सचिव   अनिल कुमार जैन, कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमेन  प्रमोद अग्रवाल, एसईसीएल के सीएमडी श्री ए. पी. पण्डा, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव वन  मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव  सिद्धार्थ कोमल परदेशी, खनिज विभाग के सचिव  अन्बलगन पी., पीसीसीएफ राकेश चतुर्वेदी और संचालक खनिज  समीर विश्नोई सहित केन्द्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

प्रदेश में विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के अंतिम वर्ष तथा अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं होंगी ऑनलाइन : राज्य शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश

रायपुर, 31 जुलाई 2020 प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षा सत्र 2019-20 के अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर की सभी विषयों की परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी। इस संबंध में आज यहां राज्य शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। इसके तहत यू.जी.सी. द्वारा जारी निर्देश के पालन में विद्यार्थियों को प्रश्न प्रत्र ऑनलाइन (ई-मेल आदि) पर भेजने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय कोविड-19 की महामारी के संक्रमण को देखते हुए राज्य शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा लिया गया है।

    निर्णय लिया गया है कि प्रश्नों के उत्तर घर पर ही लिखने की समय-सीमा के साथ उत्तर भेजने की अंतिम तिथि निर्धारित की जाए। निर्धारित अंतिम तिथि तक विद्यार्थियों को उत्तर पुस्तिका ऑनलाइन (निर्धारित ई-मेल आदि) अथवा परीक्षा केन्द्र पर स्पीड पोस्ट से पोस्ट करने का विकल्प दिया जाए। प्रेषित उत्तर पुस्तिका की पावती विद्यार्थी अपने पास सुरक्षित रखेंगे। किसी भी कारण से परीक्षा में सम्मिलित होने से वंचित अथवा जारी परीक्षाफल से असंतुष्ट विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने का एक अतिरिक्त अवसर दिया जाए। (इसके लिए स्थितियां सामान्य होने पर विश्वविद्यालयों द्वारा विशेष परीक्षा के आयोजन की व्यवस्था की जाए।)

    इसके तहत स्वाध्यायी विद्यार्थियों के लिए प्रथम, द्वितीय एवं अंतिम तीनों वर्ष की परीक्षाएं उपरोक्त पद्धति से आयोजित की जाएं। परीक्षा आयोजन के पूर्व सभी विद्यार्थियों के ई-मेल आदि की अधिकृत जानकारी संकलित कर ली जाए। परीक्षा आयोजन तिथि की सूचना पर्याप्त समय पूर्व दी जाए। व्यक्तिगत ई-मेल आदि के अतिरिक्त विश्वविद्यालयों-महाविद्यालयों की वेबसाइट एवं स्थानीय समाचार पत्रों में सूचना जारी की जाए। प्रथमतः स्वशासी महाविद्यालयों में परीक्षा आयोजित की जाए तथा परीक्षा के आयोजन में कठिनाई हो तो उनका निराकरण करते हुए शेष महाविद्यालयों के लिए परीक्षा आयोजित की जाए। यथा संभव उपरोक्त परीक्षाओं का आयोजन माह सितम्बर 2020 तक पूर्ण किया जाए।

    कोविड-19 के कारण विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया एवं क्लास रूम टीचिंग के बारे भी आवश्यक निर्णय लिया गया है। इसके तहत कक्षा 12वीं का स्टेट बोर्ड तथा सीबीएसई का परीक्षा परिणाम घोषित हो चुका है। अतएव यू.जी. प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया एक अगस्त 2020 से प्रारंभ की जाए तथा अन्य कक्षाओं में प्रवेश पूर्ववर्ती कक्षाओं के परीक्षा परिणाम घोषित होने के पश्चात् 15 दिवस में पूर्ण किए जाएं। माह सितम्बर से चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन शिक्षण प्रारंभ करते हुए कोविड-19 के संक्रमण की स्थितियां सामान्य होने की स्थिति में क्लासरूम शिक्षण प्रारंभ करने पर विचार किया जाए।

छत्तीसगढ़ में कोरोना पीड़ितों का रिकवरी दर बेहतर, मृत्यु दर काफी कम, हम अनेक राज्यों से बेहतर कर रहे है भूपेश बघेल

रायपुर, 31 जुलाई 2020 मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा है कि हमें कोरोना संक्रमण को रोकने के लिये शहरों में लॉकडाउन का निर्णय लेना पड़ा है। आप सभी इस लॉकडाउन को गंभीरता से ले। लॉकडाउन से लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है, लेकिन अगर लोग सुरक्षा और बचाव के लिये नियमों का पालन नहीं करेंगे तो लॉकडाउन की स्थिति से बचा नहीं जा सकता है। यह समय मेरे लिये, आपके लिये चिंतित होने, बीमारी से सावधान रहने और बचाव के उपायों को गंभीरता से लेने का समय है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज प्रदेश की जनता को संबोधित कर रहे थे।

  मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मैं अपने प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति को लेकर आपके समक्ष आया हूँ। छत्तीसगढ़ में कोरोनो संक्रमण अन्य राज्यों के मुकाबले नियंत्रण में जरूर है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या में क्रमशः बढ़ोत्तरी हो रही है। यह सब अनलॉक के दौरान सावधानी और बचाव के उपाय नहीं अपनाने के कारण हुआ है। छत्तीसगढ़ में कोरोना पीड़ितों का रिकवरी दर बेहतर है और मृत्यु दर काफी कम है। श्री बघेल ने कहा कि हम देश के अनेक राज्यों से बेहतर कर रहे है। आपके सहयोग से कोरोना संक्रमण से बचाव की दिशा में और बेहतर करेंगे। फिलहाल राज्य में रोजाना पांच हजार से अधिक सैंपलों की जांच हो रही है। शीघ्र ही इसे बढ़ाकर दस हजार तक करने का लक्ष्य है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य में चिकित्सक पूरे समर्पण से कोरोना मरीजों का ईलाज कर रहे है। इलाज के बाद अब तक बड़ी संख्या में मरीज स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट चुके है। राज्य के आठ क्षेत्रीय और 22 जिला स्तरीय अस्पतालों में कोविड-19 के मरीजों के इलाज की व्यवस्था की गई है। सभी कोविड अस्पतालों में मास्क, पीपीई किट, ट्रिपल लेयर मास्क, वीटीएम और जरूरी दवाईयों के पर्याप्त संख्या में इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं। मैंने अधिकारियों को आक्सीमीटर की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के बारे में भी निर्देशित किया है। मेरा आप सब से आग्रह है कि सभी अनिवार्य रूप से मास्क पहने, बार बार हाथ धोते रहे, लोगों से दूरी बनाये रखे, भीड़भाड़ करने से बचे। अगर हम यह सब करेंगे तो कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने में सफल होंगे। राज्य शासन, हमारे सारे विभाग, चिकित्सक, सफाईकर्मी, पुलिस आदि कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने और उपचार में लगे है। लेकिन अगर आप सावधानी नहीं रखेंगे, बचाव के उपायों का पालन नहीं करेंगे तो फिर कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम मुश्किल होगी। श्री बघेल ने कहा कि मुझे जानकारी मिली है कि कुछ स्थानों पर लोग सैम्पल लेने जा रहे स्वास्थ्य कर्मियों के दल का विरोध कर रहे है, उन्हें जाँच करने से रोक रहे । मेरा आपसे निवेदन है कि आप स्थिति की गंभीरता को समझे। ये सब आपके और आपके परिवार के स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए है। हमें स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करना है। 

 मुख्यमंत्री ने कहा कि ईद और रक्षाबंधन के पर्व समीप आ रहंे है। आप सबको इन पर्व की शुभकामनाएं। पर्व को मनाते समय यह ध्यान रखे की हम केवल अपने घर, परिवार के लोगों के साथ ही यह पर्व मनाये। कोरोना से बचाव के लिये ऐसा करना जरूरी है। हमें अपने सामाजिक दायित्व का पालन करते हुए भीड़भाड़ करने से बचना होगा। मुझे पूरा विश्वास है कि हम सब स्थिति की गंभीरता को समझेंगे और कोरोना संक्रमण को रोकने में सहयोग देंगे।

Good Morning News : पढ़े आज सुबह की बड़ी खबरे

छत्तीसगढ़ : पिछले 24 घंटे में कोरोना के 314 नए केस आए सामने, 4 लोगों की मौत

सीएम गहलोत के भाई को ED का समन, 4 अगस्त को पेश होने का आदेश

भारत में कोरोना के कुल 15,84,299 केस, 35 हजार लोगों की मौत

पश्चिम बंगाल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सोमेन मित्रा का हुआ निधन

अमेरिका में अब तक कोरोना वायरस के कारण 1,50,000 से ज्यादा लोगों की मौत

बाहुबली डायरेक्टर राजमौली को हुआ कोरोना, घर पर क्वारनटीन

राजस्थान में 14 अगस्त से विधानसभा सत्र, सरकार के प्रस्ताव को राज्यपाल की मंजूरी

अनलॉक-3 की गाइडलाइंस जारी, नाइट कर्फ्यू खत्म-जिम खोलने की इजाजत

माता कौशल्या की जन्मभूमि छत्तीसगढ़ के चंदखुरी में शीघ्र होगा भव्य मंदिर का निर्माण: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री ने सपरिवार कौशल्या माता मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की

रायपुर, 29 जुलाई 2020 छत्तीसगढ़ में राजधानी रायपुर के समीप माता कौशल्या की जन्मभूमि चंदखुरी में शीघ्र ही भव्य मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज धर्मपत्नी मुक्तेश्वरी बघेल और परिवार के सदस्यों के साथ चंदखुरी पहुंचकर वहां स्थित माता कौशल्या के प्राचीन मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। उन्होंने मंदिर के सौन्दर्यीकरण और परिसर के विकास के लिए तैयार परियोजना की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर के सौन्दर्यीकरण के दौरान मंदिर के मूलस्वरूप को यथावत रखते हुए यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए।     

 उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार राम वन गमन पथ पर पड़ने वाले महत्वपूर्ण स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रही है। इसकी शुरूआत चंदखुरी स्थित माता कौशल्या के मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य के बीते 22 दिसम्बर को भूमि-पूजन के साथ कर दी गई है। भव्य मंदिर की निर्माण की कार्ययोजना में परिसर में विद्युतीकरण, तालाब का सौंदर्यीकरण, घाट निर्माण, पार्किंग, परिक्रमा पथ का विकास आदि कार्य शामिल किए गए हैं।
मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है। यहां कण-कण में भगवान राम बसे हुए है। भगवान राम ने वनवास का बहुत सा समय यहां व्यतीत किए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार भगवान राम के वन गमन मार्ग को पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित कर रही है ताकि इन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिल सके बघेल ने कहा कि चंदखुरी में 15 करोड़ की लागत से सौन्दर्यीकरण का कार्य कराया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर यहां तालाब के बीच से होकर गुजरने वाले पुल की मजबूती के साथ ही यहां परिक्रमा पथ, सर्वसुविधायुक्त धर्मशाला और शौचालय बनाने कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौन्दर्यीकरण कार्य का भूमिपूजन हो गया है यहां अगस्त के तीसरे सप्ताह से निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा।
गौरतलब है कि त्रेतायुगीन छत्तीसगढ़ का प्राचीन नाम दक्षिण कोसल एवं दण्डकारण्य के रूप में विख्यात था। प्रभु श्रीराम ने उत्तर भारत से छत्तीसगढ़ में प्रवेश के बाद विभिन्न स्थानों पर चौमासा व्यतीत करते हुए दक्षिण भारत में प्रवेश किया गया था। छत्तीसगढ़ में कोरिया जिले की गवाई नदी से होकर सीतामढ़ी हरचौका नामक स्थान से प्रभु श्रीराम ने छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था। इस दौरान उन्होंने 75 स्थलों का भ्रमण करते हुए सुकमा जिले के रामाराम से दक्षिण भारत में प्रवेश किया था। उक्त स्थलों में से 51 स्थल ऐसे है, जहां प्रभु श्रीराम ने भ्रमण के दौरान रूक कर कुछ समय व्यतीत किया था। प्रथम चरण में इनमें से 9 स्थलों को विकसित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राम वन गमन पथ का, पर्यटन की दृष्टि से विकास की योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य राज्य में आने वाले पर्यटकों, आगन्तुकों के साथ-साथ देश और राज्य के लोगों को भी राम वन गमन मार्ग एवं स्थलों से परिचित कराना एवं इन ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण के दौरान पर्यटकों को उच्च स्तर की सुविधाएं भी उपलब्ध कराना है। 

छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पर्यटन परिपथ को विकसित करने के उद्देश्य से प्रथम चरण में 09 स्थलों का चयन किया गया है। इन स्थलों में सीतामढ़ी-हरचौका (कोरिया), रामगढ़ (अम्बिकापुर), शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा), तुरतुरिया (बलौदाबाजार), चंदखुरी (रायपुर), राजिम (गरियाबंद), सिहावा-सप्तऋषि आश्रम (धमतरी), जगदलपुर (बस्तर), रामाराम (सुकमा) शामिल हैं। राम वन गमन पर्यटन परिपथ में प्रस्तावित 09 स्थलों को लेते हुए पर्यटन विभाग द्वारा एक कॉन्सेप्ट प्लान तैयार किया गया है, जिसकी लागत 137.45 करोड़ रूपए है। राम वन गमन पर्यटन परिपथ हेतु राज्य शासन द्वारा गत वर्ष (2019-20) राशि 5 करोड़ रूपए और इस वर्ष (2020-21) 10 करोड़ रूपए का प्रावधान बजट में किया गया है। इस तरह कुल राशि रूपए 15 करोड़ राज्य शासन द्वारा स्वीकृति दी गई है।

BBN24 : NEWS@2PM : आज दोपहर 2 बजे की बड़ी खबरें, जो है बेहद अहम

अस्पताल से मुख्यमंत्री शिवराज की कैबिनेट बैठक, स्वस्थ होने की दी जानकारी

राम मंदिर के भूमि पूजन में PM नरेंद्र मोदी के शामिल होने के प्रस्ताव पर ओवैसी ने उठाए सवाल

दिल्ली: साकेत थाने में तैनात हेड कांस्टेबल संजय ने की खुदकुशी, पिस्टल से मारी गोली

कश्मीर के अलगाववादी नेता गिलानी को पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान पर विरोध हुआ तेज

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक : ज्यादा संक्रमण वाले इलाकों में 6 अगस्त तक लॉकडॉउन बढ़ाने का फैसला

जिले की परिस्थिति को देखते हुए कलेक्टर लेंगे निर्णय
 रायपुर 27 जुलाई 2020 छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव के लिए हॉटस्पॉट क्षेत्रों में लॉकडाउन की अवधि को अब 6 अगस्त तक के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। जिलों में कोरोना संक्रमण वाले इलाकों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन के संबंध में निर्णय लेंगे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में उनके निवास कार्यालय में उच्च स्तरीय बैठक में राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति पर गहन विचार विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया। इस अवसर पर मंत्रिपरिषद के सदस्यगण उपस्थित थे।

     बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने बताया कि रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में जहां कारोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है, उसकी रोकथाम के मद्देनजर राज्य शासन ने लॉकडाउन की अवधि को 28 जुलाई से बढ़ाकर 6 अगस्त तक करने का निर्णय लिया गया है। जिन इलाकों में संक्रमण की स्थिति अधिक है वहां लॉकडाउन के कायदे कानून का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
     उच्च स्तरीय बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य में कोरोना संक्रमण की रोकथाम और उपचार हेतु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ ही अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज के लिए बेड की संख्या बढ़ाने, लैब तकनीशियन, एएनएम एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की पूर्ति जिला खनिज निधि न्यास मद से करने के निर्देश जिला कलेक्टरों को दिए गए हैं।  
   

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात में कारगिल शहीदों को किया याद, कोविड और बिहार, असम में बाढ़ का किया जिक्र

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की शुरूआत 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान अपने प्राण न्यौछावर करने वाले जवानों को याद कर राष्ट्र के नाम संबोधन शुरू किया। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे कोविड तेजी से फैल रहा है और इसका खतरा पहले से कहीं ज्यादा है। पीएम मोदी ने कहा, ‘‘हमारे देश में कोविड-19 की रिकवरी दर दूसरों की तुलना में बेहतर है। हमारी मृत्यु दर अन्य देशों की तुलना में बहुत कम है। हम लाखों लोगों की जान बचाने में सफल रहे, लेकिन कोरोना वायरस का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है। यह कई क्षेत्रों में तेजी से फैल रहा है, हमें सतर्क रहने की जरूरत है।’’

इससे पहले, 11 जुलाई को, पीएम मोदी ने लोगों को सकारात्मक बदलाव लाने के लिए किए गए सामूहिक प्रयासों के बारे में ‘प्रेरक उपाख्यानों’ को साझा करने के लिए भी आमंत्रित किया था। उन्होंने ट्वीट किया, ’’मुझे यकीन है कि आप सकारात्मक बदलावों को लेकर सामूहिक प्रयासों से प्रेरित होंगे। आप निश्चित रूप से उन पहलों के बारे में जानते होंगे जिन्होंने कई जीवन बदल दिए हैं। कृपया उन्हें इस माह के ‘मन की बात’ के लिए साझा करें, जो 26 तारीख को होगा!’’

28 जून को अपने अंतिम मन की बात संबोधन में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने गालवान घाटी में 15 जून को चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में मारे गए 20 भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि भारत ने उन लोगों को जवाब दिया था जो अपने क्षेत्र पर बुरी नजर डालता है।

मोदी ने कहा था, ‘‘लद्दाख में भारतीय धरती पर बुरी नजर डालने वालों को करारा जवाब मिला है। भारत दोस्ती की भावना का सम्मान करता है। वह बिना चिल्लाए किसी भी विरोधी के लिए उचित प्रतिक्रिया देने में सक्षम है। हमारे बहादुर सैनिकों ने साबित कर दिया है कि वे किसी को भी भारत माता की महिमा और सम्मान पर बुरी नजर नहीं डालने देंगे।’’

पीएम मोदी ने कहा कि आज, सभी देशवासियों की तरफ से, हमारे इन वीर जवानों के साथ-साथ, उन वीर माताओं को भी नमन करता हूं, जिन्होंने मां-भारती के सच्चे सपूतों को जन्म दिया. पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ के कार्यक्रम में कहा कि एक वेबसाइट है हंससंदजतलंूंतकेण्हवअण्पद वहां आप सब जरूर विजिट करें। 

पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध की परिस्थिति में हम जो बात कहते हैं करते हैं, उसका सीमा पर डटे सैनिक के मनोबल पर उसके परिवार के मनोबल पर बहुत गहरा असर पड़ता है। ये बात हमें कभी भूलनी नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा आचार, हमारा व्यवहार, हमारी वाणी, हमारे बयान, हमारी मर्यादा, हमारे लक्ष्य, सभी, कसौटी में ये जरूर रहना चाहिए कि हम जो कर रहे हैं, कह रहे हैं, उससे सैनिकों का मनोबल बढ़े, उनका सम्मान बढ़े।

उन्होंने कहा कि हमारा आचार, हमारा व्यवहार, हमारी वाणी, हमारे बयान, हमारी मर्यादा, हमारे लक्ष्य, सभी, कसौटी में ये जरूर रहना चाहिए कि हम जो कर रहे हैं. कह रहे हैं. उससे सैनिकों का मनोबल बढ़े, उनका सम्मान बढ़े। उन्होंने कहा कि कभी-कभी हम इस बात को समझे बिना सोशल मीडिया पर ऐसी चीजों को बढ़ावा दे देते हैं, जो हमारे देश का बहुत नुकसान करती हैं। कभी-कभी हम जिज्ञासावश उसे आगे भेजते रहते हैं, पता है कि ये गलत है फिर भी करते रहते हैं। 

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा कि बिहार और असम में, इस बाढ़ आपदा से प्रभावित सभी लोगों के साथ पूरा देश खड़ा है। उन्होंने लोक मान्य तिलक को याद करते हुए कहा कि 1 अगस्त 2020 को लोकमान्य तिलक जी की 100वीं पुण्यतिथि है. लोकमान्य तिलक जी का जीवन हम सभी के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है। हम सभी को बहुत कुछ सिखाता है। हमारा देश आज जिस ऊंचाई पर है, वो, कई ऐसी महान विभूतियों की तपस्या की वजह से है, जिन्होंने, राष्ट्र निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया, उन्हीं महान विभूतियों में से एक हैं ‘लोकमान्य तिलक।

कोरोना संकट का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज हमारे देश में रिकवरी रेट अन्य देशों के मुकाबले बेहतर है। साथ ही हमारे देश में कोरोना से मृत्यु-दर भी दुनिया के ज्यादातर देशों से काफी कम है। पीएम मोदी ने अपील की कि जब भी आपको मास्क के कारण परेशानी महसूस होती हो, मन करता हो उतार देना है। तो पल-भर के लिए उन डॉक्टर्स का स्मरण कीजिये, उन नर्सों का स्मरण कीजिये, हमारे उन कोरोना वारियर्स का स्मरण कीजिए। उन्होंने कहा कि एक तरफ हमें कोरोना के खिलाफ लड़ाई को पूरी सजगता और सतर्कता के साथ लड़ना है, तो दूसरी ओर, कठोर मेहनत से, व्यवसाय, नौकरी, पढाई, जो भी, कर्तव्य हम निभाते हैं, उसमें गति लानी है, उसको भी नई ऊंचाई पर ले जाना है।

कोरोना काल में तो हमारे ग्रामीण क्षेत्रों ने पूरे देश को दिशा दिखाई है। गांवो से स्थानीय नागरिकों के, ग्राम पंचायतों के, अनेक अच्छे प्रयास लगातार सामने आ रहे हैं। इस दौरान उन्होंने जम्मू के त्रेवा ग्राम पंचायत और वहां सरपंच बलबीर कौर की कहानी बताई। इस दौरान उन्होंने जम्मू के त्रेवा ग्राम पंचायत और वहां सरपंच बलबीर कौर की कहानी बताई। उन्होंने कश्मीरी महिला सरपंच जैतूना बेगम की प्रेरणा की कहानी भी बताई। पीएम मोदी ने कहा कि पूरे देश में, कोने-कोने में, ऐसी कई प्रेरक घटनाएं रोज सामने आती हैं, ये सभी, अभिनंदन के अधिकारी हैं। चुनौती आई, लेकिन लोगों ने उतनी ही ताकत से, उसका सामना भी किया।

उन्होंने कहा कि पूरे देश में, कोने-कोने में, ऐसी कई प्रेरक घटनाएं रोज सामने आती हैं. ये सभी, अभिनंदन के अधिकारी हैं। चुनौती आई, लेकिन लोगों ने, उतनी ही ताकत से, उसका सामना भी किया। सही अप्रोच से सकारात्मक अप्रोच से हमेशा आपदा को अवसर में, विपत्ति को विकास में बदलने में, बहुत मदद मिलती है। पीएम मोदी ने बताया कि बिहार में कई वूमैन सैल्फ हैल्प ग्रुप्स ने मधुबनी पेंटिग वाले मास्क बनाना शुरू किया है, और देखते-ही-देखते, ये खूब चर्चित हो गये हैं। 

रक्षाबंधन की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अभी कुछ दिन बाद रक्षाबंधन का पावन पर्व आ रहा है। मैं, इन दिनों देख रहा हूँ कि कई लोग और संस्थायें इस बार रक्षाबंधन को अलग तरीके से मनाने का अभियान चला रहें हैं। कई लोग इसे वोकल फाॅर लोकल से भी जोड़ रहे हैं, और, बात भी सही है।

जांजगीर-चांपा : लॉकडाउन उल्लंघन पर राशन, किराना, कृषि सेवा केन्द्र और दवाई दुकान पर प्रशासन ने कि कार्यवाही जुर्माने के साथ दुकान सील

एसडीएम  मेनका प्रधान तहसीलदार प्रकाश साहू और नायब तहसीलदार द्वारा जांजगीर नैला नगरपालिका  क्षेत्र में कलेक्टर एवं  जिला दण्डाधिकारी यशवंत कुमार द्वारा जारी आदेश के तहत् लागू लॉकडाउन के नियमों के उल्लंघन करने पर आज एक टेलरिंग शाप और सेलून को सील करने की कार्रवाई की गई।लाकडाऊन में अनुमति नहीं होने के बाद भी मनोज हेयर ड्रेसर के द्वारा सेलून खोलने पर शॉप सील किया गया। इसी प्रकार अरुण जायसवाल के द्वारा टेलर्स की दुकान खोलने पर दुकान  सील करने की कार्रवाई की गई। तहसीलदार प्रकाश साहू ने बताया कि लाक डाऊन अवधि में टेलरिंग शाप खोलने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद टेलरिंग शॉप शाम 4.30 बजे खुला पाया गया।

लाक डाऊन का उल्लंघन करने पर तहसीलदार सक्ती द्वारा सक्ती स्थितअठवानी ब्रदर्स  की राशन दुकान और अशोक मेडिकल स्टोर ,महाराज कृषि सेवा केन्द्र को सील करने की कार्रवाई की गई। इसी प्रकार आज एसडीएम जांजगीर श्रीमती मेनका प्रधान, तहसीलदार, नायब तहसीलदार  द्वारा लिंक रोड स्थित पवन अग्रवाल की किराना दुकान को  लॉकडाउन के नियमों जैसे दुकान के बाहर  लाइनिंग या गोल घेरा नही बनाना, हैंड वाश की व्यवस्था नही करना, बिना मास्क के ही बैठे रहना तथा 5 से अधिक व्यक्तियों को दुकान में खड़ा रखने के कारण , दुकान को  सील करने की कार्रवाई की गई। गत 22 जुलाई को शाम 7 बजे कंटेन्मेंट जोन में स्थित मोहनदास नेभन्दास किराना स्टोर नैला को भी एस डी एम, तहसीलदार नायब तहसीलदार जांजगीर द्वारा सील किया गया था।

वही अकलतरा में भी प्रशासन भी एक्शन मोड़ में नजर आ रही है नियमो की अवहेलना करने वालो के खिलाफ पहले दिन ही कार्यवाही कर यह जता दिया है कि इस लॉक डाउन में किसी तरह की ढिलाई नही बरती जाएगी जिसके बाद अकलतरा में कार्यवाही की गई जिसमें कस्तूरी ट्रेडर्स के संचालक द्वारा समय समाप्त होने पर अधिक दुकान खुली रखा गया था जिसके बाद कार्यवाही करने गए तहसीलदार आकाश गुप्ता एवं पुलिस एसडीओपी दिनेश्वरी नंद द्वारा जब जांच की गई तो 2 बोरी मादक पदार्थ जब्त किया गया है जिसके बाद संचालक पर पांच हजार रुपये का चालान वसूला गया है वही राजेन्द्र कुमार सिंह मैदान में जनरल दुकान खोलने वाले ए. टू. जेड. दुकान के संचालक से दो सौ रुपये का चालान काटा गया है

आरोप : जनपद सीईओ अपने नजदीकी लोगो से करा रहा है पंचायतो में मास्क,सेनेटाइजर सप्लाई

सुबोध थवाईत -BBN24NEWS

कोटमी सोनार।अकलतरा जनपद पंचायत में सीईओ और जनप्रतिनिधि के जुगलबंदी से रायपुर के व्यापारी से साठगांठ कर अकलतरा जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले 57 ग्राम पंचायतो में अठारह अठारह हजार रूपये का फार्मेल्टी समानो को भेजकर सरपंच सचिवों से दबाव पूर्वक बिल पास कराये जा रहे है ।नाम न छापने के शर्त पर सरपंच सचिवों ने बताया कि जनपद सीईओ द्वारा रायपुर के एक फार्म के नाम पर भुगतान करने दबाव बनाया जा रहा है जबकि ग्राम पंचायत द्वारा सेनेटाइजर ,मास्क ,फिनायल सहित अन्य वस्तुओं की खरीदी पहले ही की जा चुकी है परंतु बड़े अधिकारी के बोलने से भुगतान किया जा रहा है। इधर अकलतरा के व्यापारी मास्क ,सेनेटाइजर , फिनायल सहित अन्य समानो के सप्लाई करने जनपद के चक्कर लगा रहे है वही मिलीभगत से रायपुर की फार्मा को 57 ग्राम पंचायतों के लिए सप्लाई करने आर्डर मिल गया यह सोचने वाली बात है। इसी तरह अकलतरा जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायतो अपने चहेते लोगो को कूड़ादान व वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने सेड निर्माण करने ग्राम पंचायतों में दिलाया गया है जिसमे खुले आम घाल मेल हो रहा है।ग्रामीणों ने बताया की शिकायत करने के बाद भी जनपद सीईओ द्वारा कोई ध्यान नही दिया जा रहा है।जिला प्रशासन से जांचकर कार्यवाही की मांग किये है।