देश

मुंबई के गोरेगांव फिल्म सिटी में फोटो शूटिंग के दौरान 38 साल की हथिनी की मौत

हथिनी की मौत की जांच कर रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "पारू ने अपने ऊपर कुछ भी नहीं पहन रखा था। जब हमने जांच की तो पाया कि उसके गले के पास कुछ सूजन थी।

मुंबई के गोरेवांव स्थित फिल्म सिटी में फोटो शूट के लिए लाई गई एक हथिनी की मौत शुक्रवार की शाम हो गई। 38 साल की पारू को फोटो शूट के लिए किराए पर लाया गया था। अभी फोटो शूट शुरु भी नहीं हुआ था कि पारू दुनिया को अलविदा कह गई। हथिनी के मालिक का नाम सभा शंकर पांडेय है जो दहिसर का रहनेवाला है। उसके मुताबिक हथिनी बीमार चल रही थी। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार की शाम कुछ घंटे की फोटो शूट के लिए पारू को बुधवार को किराए पर लिया गया था।
सूत्रों ने बताया, “इससे पहले पारू अपने निवास दहिसर से गोरेगांव फिल्म सिटी तक मुंबई की सड़कों पर टहलते हुए आई। शाम करीब 4.30 बजे स्टाफ फोटो शूटिंग की तैयारी कर रहे थे तभी अचानक पारू जमीन पर गिड़ पड़ी और उसकी मौत हो गई। संभवत: उसने शाम के करीब 6 बजे आखिरी सांस ली।” हथिनी की मौत की जांच कर रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “पारू ने अपने ऊपर कुछ भी नहीं पहन रखा था। जब हमने जांच की तो पाया कि उसके गले के पास कुछ सूजन थी। प्रथम द्रष्टया लगता है कि वह बीमार चल रही थी। हालांकि, अभी जांच जारी है।”
हथिनी के मालिक के मुताबिक यह स्वभाविक मौत है लेकिन पशुओं के कल्याण और शहर में पशुओं के व्यवासियिक क्रियाकलाप पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं के मुताबिक हथिनी के रख-रखाव में कुछ असावधानी बरती गई है। आरे थाना के पुलिस अधिकारी ने बताया कि उसे इसकी सूचना फिल्म सिटी के सुरक्षा गार्ड ने दी है। इधर, वन विभाग के मुख्य संरक्षक एन वासुदेवन ने भी हथिनी की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी।

पाकिस्तान सेना का दावा, सीमा पर 7 पाक रेंजर्स की मौत की खबर गलत

इस्लामाबाद। पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी में उसके सैनिकों को जान की कोई हानि नहीं हुई है। पाक सेना का कहना है कि सीमा भारतीय सेना ने गोलीबारी की जिसका उसने करारा जवाब दिया। बीएसएफ ने शुक्रवार को कहा था कि उसने संघषर्विराम के उल्लंघन का जवाब देते हुए पाकिस्तान रेंजर्स के सात जवानों और एक आतंकी को ढेर दिया था।

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल आसिम बाजवा ने कहा कि भारतीयों ने शुक्रवार को शकरगढ़ में कामकाजी सीमा पर अकारण गोलीबारी की जिसका पाक रेंजर्स ने माकूल जवाब दिया। बाजवा ने कहा कि पाकिस्तानी पक्ष की तरफ जान का कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा और कामकाजी सीमा पर गोलीबारी करके किसी पकिस्तानी सैनिक, रेंजर को मारने का भारतीय दावा पूरी तरह से गलत है।आसिम सलीम बाजवा ने ट्वीट किया कि भारत ने शकरगढ़ सेक्टर में बिना वजह फायरिंग शुरू कर दी। पाक रेंजर्स ने इसका माकूल जवाब दिया है। पाकिस्तान की ओर किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। फायरिंग में पाकिस्तानी सैनिकों या रेंजर्स के मारे जाने का भारत का दावा बिल्कुल झूठा है।बता दें कि कल सुबह से ही पाकिस्तानी सेना ने हीरानगर सेक्टर में सीमा पार से भारी गोलीबारी की थी, जिसका बीएसएफ ने करारा जवाब दिया। भारी गोलीबारी के चलते लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा। पुलिस बुलेटप्रूफ गाड़ियों में लोगों को यहां से दूसरी जगहों पर ले गई।
पाकिस्तानी सेना का बयान उस वक्त आया जब शुक्रवार को बीएसएफ ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्ष विराम के उल्लंघन का मुंहतोड़ जवाब देते हुए उसके जवानों ने पाकिस्तान रेंजर्स के सात जवानों और एक आतंकवादी को मार गिराया। संघर्ष विराम के उल्लंघन की इस घटना में बीएसएफ का एक जवान भी घायल हो गया।
(एजेंसी के साथ)

 

 

थाईलैंड को हरा भारत कबड्डी विश्व कप फ़ाइनल में

भारत थाईलैंड को 73-20 से करारी हार देकर कबड्डी विश्व कप फ़ाइनल में पहुंच गया है.

 

Kabaddi World Cup 2016


फ़ाइनल मुक़ाबला शनिवार को हैं जिसमें भारत इस खेल में तेज़ी से ऊपर जाती हुई टीम ईरान का सामना करेगा.
भारत विश्व कप कबड्डी का मौजूदा चैंपियन है जबकि ईरान ने एशियाई खेलों में दो बार रजत पदक हासिल किया है.
थाईलैंड की युवा और ऊर्जा से लबरेज़ टीम पर भारत के अनुभवी खिलाड़ी हावी रहे.
ग्रुप-ए में अपने पहले ही मैच में कोरिया के हाथों हार का सामना करने वाली भारतीय टीम ने उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा और इसके बाद के सभी मुक़ाबला एकतरफा अंदाज में जीतते हुए फ़ाइनल तक का सफर तय किया.
थाई टीम ग्रुप-बी में पहले स्थान पर रही थी. ऐसे में यह उम्मीद की जा रही थी कि वह भारत को कड़ी टक्कर देगी लेकिन मैच में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला.

(बीबीसी हिंदी ) 

पान बहार विज्ञापन पर बोले पियर्स ब्रॉसनन- कैंसर से हुई थी पत्नी और बेटी की मौत, नहीं पता था तंबाकू निर्मित है प्रोडक्ट

हॉलीवुड एक्टर पियर्स ब्रॉसनन मशहूर जेम्स बॉन्ड सीरीज में किए गए अपने किरदार के लिए जाने जाते हैं। लेकिन हाल ही में वह पान बहार के विज्ञापन में दिखाए जाने के बाद सुर्खियों में थे। गुरुवार को पियर्स ब्रॉसनन ने एक बयान जारी किया है और पान बहार पर कॉन्ट्रेक्ट का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पान बहार ने करार का उल्लघंन करते हुए गलत तरीके से उन्हें तंबाकू-निर्मित माउथ ‘फ्रेशनर सेमेत’ अपने सभी प्रोडक्ट्स का ब्रांड एंबेसडर दिखाया है। उन्होंने कहा कि खुद कैंसर से उन्होंने अपनी पत्नी और बेटी को खोया है, ऐसे में कैंसर के लिए जिम्मेदार उत्पाद का वह कैसे विज्ञापन कर सकते हैं।
हॉलीवुड एक्टर पियर्स ने अपने बयान में अपनी गलती को मानते हुए दुख प्रकट किया है और इसके लिए पान बहार को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पान बहार ने भ्रामक मीडिया आउटलेट्स के जरिए यह गलतफहमी पैदा कर दी कि वह उनके ब्रांड का प्रचार कर रहे हैं। पियर्स ब्रॉसनन ने यह एक्‍सक्‍लूसिव बयान पीपुल मैगजीन को दिया है। उसमें उन्‍होंने कहा है कि उनका कांट्रेक्‍ट एक उत्‍पाद के संबंध में था जिसमें तंबाकू, सुपारी और किसी अन्‍य हानिकारक सामग्री शामिल नहीं था।

बता दें कि भारत में तंबाकू उत्पादों के साथ साफ तौर पर लिखा होता है कि इनसे कैंसर का खतरा है। पियर्स ने अपने बयान में कहा, “पर्सनल लाइफ में भी पूछा जाए तो मैने खुद अपनी पहली पत्नी, बेटी और कई दोस्तों को कैंसर की वजह से खोया है। ऐसे में मैं सिर्फ ऐसे ही कार्यक्रमों के प्रति प्रतिबद्ध हैं जो स्‍वास्‍थ्‍य को सुधारने से संबंधित होते हैं।” बता दें कि हाल ही में पान मसाला ब्रांड पान बहार के विज्ञापन में दिखाई देने के बाद हॉलिवुड एक्टर का सोशल मीडिया पर काफी मजाक बनाया गया था।

पान बहार के विज्ञापन बनाने वाली कंपनी डीडीबी मुद्रा नॉर्थ के क्रिएटिव हैड संबित मोहंती ने विज्ञापन के शूट के दौरान हुए कुछ किस्से भी साझा किए थे। उन्‍होंने बताया कि “जिस दिन शूट हुआ उस दिन पियर्स ब्रॉसनन ने पान मसाला टेस्‍ट भी किया था। ब्रॉसनन को यह पसंद आया और उन्‍होंने इसके कुछ कैन अपने पास रख लिए।”

Reliance Jio की फ्री काल पेशकश को TRAI ने दी क्लीन चिट

आजीवन निशुल्क वायस काल सेवा की पेशकश करने वाले रिलायंस जियो को राहत देते हुए दूरसंचार नियामक ट्राई ने कहा है कि मैदान में आई इस नयी कंपनी का प्लान मौजूदा नियमों के अनुरूप है तथा यह भेदभावपूर्ण नहीं है।

आजीवन निशुल्क वायस काल सेवा की पेशकश करने वाले रिलायंस जियो को राहत देते हुए दूरसंचार नियामक ट्राई ने कहा है कि मैदान में आई इस नयी कंपनी का प्लान मौजूदा नियमों के अनुरूप है तथा यह भेदभावपूर्ण नहीं है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने दूरसंचार परिचालकों को लिखे एक पत्र में कहा, ‘‘यह पाया गया कि ट्राई में दाखिल किये गये शुल्क प्लान को आईयूसी का पालन नहीं करने वाला, मनमानीपूर्ण और भेदभावपूर्ण नहीं माना जा सकता।’ मौजूदा परिचालकों भारती एयरटेल, वोडाफोन और अन्य ने ट्राई से संपर्क कर रिलायंस जियो द्वारा दिये जा रहे निशुल्क काल सेवा का विरोध करते हुए उसके शुल्क प्लान को मनमानीपूर्ण, भेदभावपूर्ण और मौजूदा नियमों का पालन नहीं करने वाला बताया था। दूरसंचार परिचालकों को अपने नेटवर्क से बाहर जाने वाले प्रत्येक काल पर उस नेटवर्क को प्रति मिनट 14 पैसे की दर से धन देना होता है जहां यह अंत में पहुंचता है। भारत के सबसे धनी व्यक्ति मुकेश अंबानी ने दूरसंचार क्षेत्र में अपनी तरह से पदार्पण करते हुए पिछले माह जियो स्वागत घोषणा की थी जिसमें ग्राहकों के लिए आजीवन निशुल्क काल की सुविधा है।

मुकेश अंबानी की संपत्ति बढ़कर 22.7 अरब डॉलर हुई, एक देश की जीडीपी के बराबर : फोर्ब्‍स

मुकेश अंबानी की संपत्ति बढ़कर 22.7 अरब डॉलर हुई, एक देश की जीडीपी के बराबर : फोर्ब्‍स

नई दिल्‍ली: उद्योगपति मुकेश अंबानी लगातार नौंवे साल देश के सबसे अमीर व्यक्ति का तमगा हासिल करने में सफल रहे हैं. फोर्ब्‍स इंडिया के अनुसार अंबानी की कुल संपत्ति तेजी से बढ़ती हुई 22.7 अरब डॉलर पर पहुंच गई. इस तरह अंबानी की परिसंपत्तियां एस्टोनिया की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के बराबर हो गई.

इसी तरह फोर्ब्‍स की सूची में विप्रो के अजीम प्रेमजी देश के चौथे सबसे धनी व्यक्ति हैं. उनकी संपत्ति 15 अरब डॉलर है जो मोजाम्बिक के 14.7 अरब डॉलर के जीडीपी से अधिक है. इस सूची के अनुसार सन फार्मा के दिलीप सांघवी 16.9 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं.

भारत के 100 सबसे धनी लोगों की वाषिर्क सूची में हिंदुजा परिवार 15.2 अरब डॉलर की परिसंपत्तियों के साथ तीसरे स्थान पर है. पल्लोनजी मिस्त्री की परिसंपत्तियां 13.90 अरब डॉलर रही और वह सूची में पांचवें स्थान पर हैं. फोर्ब्‍स पत्रिका के अनुसार देश के शीर्ष पांच अरबपतियों की कुल परिसंपत्तियां 83.7 अरब डॉलर हैं जो कि मंगल पर भेजे गए यान ‘मंगलयान’ की लागत से अधिक है. इसी तरह यह रियो ओलंपिक 2016 के आयोजन पर आई लागत से 18 गुना ज्यादा है.

फोर्ब्‍स ने कहा कि इसमें से ज्यादातर संपत्तियों का सृजन सूची में शीर्ष में शामिल लोगों ने किया है. फोर्ब्‍स के अनुसार यदि सूची में 80-20 नियम को लागू किया जाता है तो इससे पता चलता है कि शीर्ष धनाढ्यों का कुल परिसंपत्तियों में हिस्सा कम हुआ है. इस 80-20 नियम से तात्पर्य है कि सूची के शीर्ष 20 अरबपतियों के पास 80 प्रतिशत संपत्ति है.

हालांकि, शीर्ष 20 अरबपतियों के पास 2009 में कुल की 70 प्रतिशत परिसंपत्तियां थीं, जो 2016 में घटकर 52 प्रतिशत रह गई हैं. इससे पता चलता है कि शीर्ष 20 में निचले स्तर पर शामिल लोगों की परिसंपत्तियों में कमी आई है. सूची के अनुसार शीर्ष 100 अरबपतियों की परिसंपत्तियों का कुल मूल्य 10 प्रतिशत बढ़कर 381 अरब डॉलर हो गया है, जो 2015 में 345 अरब डॉलर था.

वर्ष 2014 से सभी धनी भारतीय अरबपति की श्रेणी में आते हैं, जबकि पूर्व में इनमें से कुछ करोड़पति की श्रेणी में थे. इस बार 100 भारतीयों की सूची में सबसे कम परिसपंत्तियां 1.25 अरब डॉलर रही हैं जो पिछले साल 1.1 अरब डॉलर थी. एक और खास बात यह है कि 2015 की सूची में शीर्ष 10 अरबपति इस बार भी पहले दस में हैं. हालांकि, इनमें से कुछ की रैंकिंग ऊपर नीचे हुई है.

महान वैज्ञानिक स्‍टीफन हॉकिंग की चेतावनी- मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकती है मशीनी बुद्धि

विश्‍व-प्रसिद्ध वैज्ञानिक ने कई बार ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर सवाल खड़े किए हैं।

ब्रिटिश भौतिकशास्‍त्री स्‍टीफन हॉकिंग ने चेतावनी दी है कि शक्तिशाली ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सृजन ‘मानवता के लिए सबसे बड़ी आपदा’ साबित हो सकती है, भले ही इसके कितने ही फायदे क्‍यों न नजर आते होंं। विश्‍व-प्रसिद्ध वैज्ञानिक ने कई बार ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर सवाल खड़े किए हैं। उन्‍होंने चिंता जताई कि मानवता अपने विनाश की वजह खुद बनेगी अगर वह एक सुपर इंटेलिजेंस तैयार करती है जिसमें खुद फैसले लेने की क्षमता हो। कैंब्रिज विश्‍वविद्यालय के लिवरह्यूम सेंटर फॉर द फ्यूचर ऑफ इंटेलिजेंस के उद्घाटन पर बोलते हुए हॉकिंग ने ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में सकरात्‍मक बातें भी गिनाईं। हॉकिंग ने इंटेलिजेंस पर रिसर्च के लिए समर्पित इस शैक्षणिक संस्‍थान की भी तारीफ की और कहा कि यह ”हमारी सभ्‍यता और हमारी प्रजाति के भविष्‍य के लिए महत्‍वपूर्ण है।” इससे पहले हॉकिंग ने एक नई ऑनलाइन फिल्म में कहा था कि किसी भी अधिक उन्नत सभ्यता से हमारे संपर्क की स्थिति में कुछ वैसा ही हो सकता है जब मूल अमेरिकियों ने पहली बार क्रिस्टोफर कोलंबस को देखा और चीजें बहुत अच्छी नहीं रही। ‘स्टीफन हॉकिंग्स फेवरिट प्लेसेज’ में लोग ब्रह्मांड के पांच अहम स्थानों को देख सकते हैं। फिल्म में हॉकिंग काल्पनिक तौर पर ग्लिज 832सी के पास से गुजरते हैं। यह करीब 16 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित गैर-सौरीय ग्रह हैं, जहां संभावित तौर पर जीवन हो सकता है।

हॉकिंग ने कहा, ”एक दिन हो सकता है हमें ग्लिज सी 832 जैसे ग्रह से सिग्‍नल मिल जाए। लेकिन हमें जवाब देने से बचना चाहिए। वे ज्‍यादा ताकतवर होंगे और हमें बै‍क्‍टरीया से ज्‍यादा कुछ नहीं समझेंगे। जैसे-जैसे मैं बड़ा हुआ मुझे पहले से ज्‍यादा विश्‍वास हुआ कि हम अकेले नहीं हैं। लंबे समय तक चकित होने के बाद मैं इन्‍हें ढूंढ़ने में मैं मदद कर रहा हूं।” पहली बार नहीं है जब हॉकिंग ने एलियंस के दुश्‍मन होने की चेतावनी दी है। हॉकिंग ने कहा कि कोई भी सभ्‍यता जो हमारे संदेश पढ़ रही है वह मनुष्‍यों से अरबों साल आगे हो सकती है।

भारत को दूसरी परमाणु पनडुब्बी लीज पर देगा रूस

आइएनएस चक्र के बाद भारतीय नौसेना के बेड़े को रूस से जल्द ही एक और परमाणु पनडुब्बी मिलेगी। लंबी बातचीत के बाद रूस ने यह पनडुब्बी देने के लिए हामी भरी है, जिसकी कीमत दो अरब डॉलर होगी।

आइएनएस चक्र के बाद भारतीय नौसेना के बेड़े को रूस से जल्द ही एक और परमाणु पनडुब्बी मिलेगी। लंबी बातचीत के बाद रूस ने यह पनडुब्बी देने के लिए हामी भरी है, जिसकी कीमत दो अरब डॉलर होगी। गोवा में 15 अक्तूबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर भारत-रूस शिखर वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के बाद कई रक्षा सौदों के लिए समझौते पर दस्तखत किए गए, जिनमें एक परमाणु पनडुब्बी का भी सौदा था। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसका एलान नहीं किया गया। रक्षा मंत्रालय और नौसेना ने इस विषय पर कोई सूचना मुहैया नहीं कराई, क्योंकि यह प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रत्यक्ष दायरे में आने वाला एक रणनीतिक विषय था। रूसी दैनिक ‘वेदुमोस्ती’ के स्तंभकार एलेक्सी निकोलस्की ने अपने कॉलम में इस सौदे का खुलासा करते हुए लिखा, रूसी रक्षा उद्योग के एक सूत्र के अनुसार रूसी नौसेना द्वारा भारत को बहुउद्देश्यीय परियोजना 971 परमाणु पनडुब्बी देने की लीज पर गोवा में हस्ताक्षर हुआ, जिस पर बातचीत लंबे समय से चल रही थी।’ अकुला- दो श्रेणी की पनडुब्बी के वर्ष 2020- 2021 में भारत को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

भारतीय नौसेना में पहले से ही अकुला-दो श्रेणी की परमाणु पनडुब्बी काम कर रही है, जिसे रूस से मिलने के बाद ‘आइएनएस चक्र’ का नाम दिया गया। इसे के- 152 नेरपा के तौर पर जाना जाता था। इसे रूस ने 10 वर्ष की लीज पर दिया था और इसे चार अप्रैल 2012 को सेवा में शामिल किया गया था।
अकुला- दो श्रेणी की पनडुब्बी हालांकि विश्व की तेजी से हमला करने वाली परमाणु चालित नवीनतम श्रेणी की पनडुब्बियों में शुमार नहीं है, लेकिन इसे उन्नत पनडुब्बियों में से एक माना जाता है। पानी के भीतर 35 नॉट (करीब 65 किलोमीटर प्रतिघंटा) की गति से यह पनडुब्बी सबसे कम आवाज करती है।
भारत दूसरी परमाणु पनडुब्बी लीज पर लेने का इच्छुक था। भारतीय रक्षा सूत्रों ने बताया कि रूस ने परमाणु पनडुब्बी की लीज के सौदे के साथ चार स्टील्थ पोतों की खरीद का समझौता भी जोड़ दिया। गोवा में भारत और रूस ने तीन अरब डॉलर से अधिक के पोत सौदे की घोषणा की थी। समझौते के तहत दो स्टील्थ पोतों का निर्माण रूस में होगा, जबकि दो का निर्माण भारत में लाइसेंस उत्पादन के तहत होगा।

पाकिस्तान में योग कैंप लगाने को तैयार हैं रामदेव, बोले- भारत में पाकिस्तानी कलाकारों की सोच करोड़ों कमाकर बिरयानी खाने तक ही सीमित क्यों?

योग गुरु ने पाकिस्तान में भी पतंजलि की यूनिट लगाने की इच्छा जाहिर की और कहा कि पाकिस्तान में होने वाली कमाई को पाकिस्तानी के ही लोगों पर खर्च किया जाएगा।

देशभर में इस समय चीनी सामान का बहिष्कार करने और उससे होने वाले फायदे-नुकसान को लेकर बहस चल रही है। योग गुरु बाबा रामदेव भी उन लोगों मे से हैं जिन्होंने चीनी सामान का बहिष्कार करने की सबसे ज्यादा अपील की है। दरअसल चीन के प्रोडक्ट्स ना खरीदने के पीछे उनका तथ्य है कि “चीन भारत से पैसे कमाता है और फिर उसी पैसे से पाकिस्तान की मदद करता है।” द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत गोयनका से बातचीत में बाबा रामदेव ने कहा कि ऐसा करने का उद्देश्य चीन पर सामाजिक-आर्थिक दबाव बनाना है।
भारत में पाकिस्तानी कलाकारों पर बैन लगाने को लेकर भी उनसे सवाल किया गया। इसपर बाबा रामदेव ने कहा, “कलाकार आतंकवादी नहीं होते हैं, लेकिन क्या उनमें जरा भी मानवता नहीं है? उन्हें सिर्फ अपनी फिल्म से, पैसा कमाने और फिर बिरयानी खाने से मतलब है। उन लोगों ने उरी अटैक और दूसरी आतंकवादी घटनाओं की निंदा क्यों नहीं की?” हालांकि पंतजलि आयुर्वेद के संस्थापक रामदेव ने कहा कि उन्हें मौका मिला तो वो पाकिस्तान जाकर योग जरूर सिखाएंगे।

बता दें कि पतंजलि एक दशक से कम समय में 5,000 करोड़ रुपए की कंपनी बन गई है। योग गुरु ने पाकिस्तान में भी पतंजलि की यूनिट लगाने की इच्छा जाहिर की और कहा कि वह पाकिस्तानी कलाकारों की तरह नहीं करेंगे और वहां से पैसे कमाकर अपने देश नहीं लाएंगे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में होने वाली कमाई को पाकिस्तानी के ही लोगों पर खर्च किया जाएगा।

हाल ही में हुई सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा, “बुराई का अंत करना हिंसा नहीं होती। मुझे लगता है मोदी जी दाउद इब्राहिम, मसूद अजहर और हाफिज सईद जैसे लोगों का भी अंत करेंगे। इस तरह देश के लोगों में गरीबी और काले धन को लेकर जो शिकायत है वह मिट जाएगी। मैंने इस संबंध में मोदी जी को ट्वीट भी किया था कि उन्हें बुद्ध और युद्ध को साथ लेकर चलाना चाहिए, क्योंकि क्रांति के बिना शांती नहीं होती।”

पाकिस्तान की नाक तले भारत और चीन का साझा अभ्यास

भारतीय सेना और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने बुधवार को पूर्वी लद्दाख के चूशुल में संयुक्त अभ्यास किया।

भारतीय सेना और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने बुधवार को पूर्वी लद्दाख के चूशुल में संयुक्त अभ्यास किया। जम्मू-कश्मीर में दोनों देशों के बीच यह पहला सैन्य-समन्वय अभ्यास है, जिसके मद्देनजर लाइन आॅफ कंट्रोल (एलओसी) के पार पाकिस्तानी एजंसियों में काफी हरकत देखी गई। देशों देशों के बीच संधि के तहत इस अभ्यास का समय पहले से तय था। सीमा पर बसे एक भारतीय गांव में भूकम्प के हालात बनाकर दिन भर राहत और बचाव का संयुक्त अभ्यास किया गया।
ऐसे वक्त में जब चीन का रवैया महत्त्वपूर्ण मसलों पर भारत के खिलाफ रहा है, इस कवायद को राजनयिक और सामरिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। जाहिर है, राजनयिक और सामरिक स्तर पर चीन को साधे रखने के लिए भारत अपनी ओर से पहल कर रहा है। संयुक्त अभ्यास के लिए दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों ने जिस जगह का चयन किया, वह सामरिक दृष्टि से बेहद महत्त्वपूर्ण रही है। 1962 के भारत-चीन युद्ध में चूशुल अहम रणक्षेत्र था। दोनों देशों के बीच इस इलाके में सीमा का निर्धारण नहीं है और इसका विवाद चला आ रहा है। पूर्वी लद्दाख के इस इलाके में चूशुल और 17000 फीट की ऊंचाई पर दौलत बेग ओल्डी में दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों ने बैठक स्थल बना रखे हैं। बुधवार के संयुक्त अभ्यास की तैयारी को लेकर एक अक्तूबर को दोनों देशों की सेना के आला अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई थी।
भारत-चीन सीमा पर तनाव कम रहे, इसके मद्देनजर दोनों देशों की सेनाओं के बीच संवाद और सहयोग के लिए 2013 में ‘सीमा सुरक्षा सहयोग संधि’ पर दस्तखत किए गए। इसी के तहत बुधवार को भारत और चीन की सेना ने संयुक्त अभ्यास किया। इस तरह का पहला अभ्यास दौलत बेग ओल्डी इलाके में छह फरवरी 2016 को किया गया था। दिन भर के अभ्यास में दोनों देशों की संयुक्त टीम ने राहत आॅपरेशन चलाए, लोगों को बचाया और मेडिकल सुविधाएं पहुंचाईं। भारतीय सेना की अगुवाई ब्रिगेडियर आरएस रामन और चीनी सेना का नेतृत्व सीनियर कर्नल फान जून कर रहे थे। भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस अभ्यास से दोनों देशों की सेना के बीच न सिर्फ परस्पर विश्वास बढ़ा है, बल्कि सीमा पर आपसी सहयोग भी बढ़ने की उम्मीद है।

शीर्ष अदालत में पेश होने को तैयार, लेकिन क्या मैं ऐसा कर सकता हूं : मार्कंडेय काटजू

नई दिल्ली: सौम्या दुष्कर्म मामले में फैसले पर टिप्पणी को लेकर स्पष्टीकरण के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा तलब किए गए न्यायमूर्ति मार्कंडेय काटजू ने कहा कि वह ऐसा करने के लिए तैयार हैं लेकिन चाहते हैं कि शीर्ष अदालत इस बारे में विचार करे कि क्या संविधान का अनुच्छेद 124 (7) उन्हें शीर्ष अदालत के समक्ष पेश होने से रोकता तो नहीं है.

उच्चतम न्यायालय ने दो दिन पहले काटजू को उन ‘बुनियादी खामियों’ को इंगित करने के लिए निजी तौर पर पेश होने को कहा जिनके बारे में उन्होंने सौम्या बलात्कार मामले में दावा किया है.

काटजू ने फेसबुक पर एक टिप्पणी में लिखा था, "मुझे खुली अदालत में मामले में पेश होने और विचार-विमर्श करने पर खुशी होगी, लेकिन केवल इतना चाहता हूं कि न्यायाधीश इस बारे में विचार कर लें कि क्या उच्चतम न्यायालय का पूर्व न्यायाधीश होने के नाते संविधान के अनुच्छेद 124 (7) के तहत मेरा पेश होना निषिद्ध तो नहीं है. अगर न्यायाधीश कहते हैं कि यह अनुच्छेद मुझे नहीं रोकता तो मुझे पेश होने में और अपने विचार रखने में खुशी होगी."

अनुच्छेद 124 उच्चतम न्यायालय की स्थापना और गठन से संबंधित है और इसका खंड सात कहता है, "उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के पद पर रहा कोई व्यक्ति भारत के क्षेत्र में किसी अदालत या किसी प्राधिकरण के समक्ष दलील नहीं देगा या कार्रवाई नहीं करेगा."  

काटजू ने अपनी ताजा पोस्ट में यह भी कहा कि वह अपना विस्तृत जवाब तैयार कर रहे हैं जिसे उनके फेसबुक पेज पर अपलोड किया जाएगा. उन्होंने कहा, "मुझे सौम्या मामले में उच्चतम न्यायालय से अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है.
हालांकि इस बारे में केरल सरकार के वकील ने मुझे अनौपचारिक रूप से सूचित किया है."

त्रिशूर की एक अदालत ने एक फरवरी, 2011 को 23 वर्ष की सौम्या से बलात्कार के मामले में गोविंदाचामी को मौत की सजा सुनाई थी. उच्च न्यायालय ने मौत की सजा पर मुहर लगा दी. शीर्ष अदालत ने मौत की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया.

काटजू ने पहले फेसबुक पर एक पोस्ट में शीर्ष अदालत के फैसले की आलोचना करते हुए इस पर पुनर्विचार की जरूरत बताई थी. न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति यूयू ललित की शीर्ष अदालत की पीठ ने 17 अक्टूबर को काटजू को इस मामले में नोटिस जारी कर अदालत में 11 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और कार्यवाही में भाग लेने को कहा.

हम इस्राइल के बारे में सुनते थे, भारतीय सेना भी किसी से कम नहीं: मोदी

मंडी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सेना के लक्षित हमलों (सर्जिकल स्ट्राइक) की तुलना आज इस्राइली तर्ज के अभियानों से की। उन्होंने कहा कि भारतीय बलों ने दिखा दिया कि वे किसी से कम नहीं हैं। मोदी आज मंडी में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
मोदी ने कहा कि इन दिनों देशभर में हमारी सेना के पराक्रम की चर्चा की जा रही है। पूर्व में हम सुना करते थे कि इस्राइल ने यह किया है। राष्ट्र ने देखा है कि भारतीय सेना किसी से भी कम नहीं है। इस्राइल दुश्मन देशों और आतंकी संगठनों के खिलाफ लक्षित हमलों के लिए जाना जाता है। मोदी हिमाचल प्रदेश में एक रैली में बोल रहे थे जहां उन्होंने तीन पनबिजली परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

सर्जिकल स्ट्राइक का मुद्दा राजनीतिक हल्कों में चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष आरोप लगा रहा है कि भाजपा और इसकी सरकार द्वारा इसका इस्तेमाल राजनीतिक लाभ उठाने के लिए किया जा रहा है। भाजपा इस आरोप से इनकार करती रही है। उसका कहना है कि वह सेना का मनोबल बढ़ाने और प्रधानमंत्री की मजबूत इच्छाशक्ति को बताने के लिए मुद्दे को जनता तक ले जा रही है।

सशस्त्र बलों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को जताते हुए मोदी ने आज कहा कि उनकी सरकार ने भूतपूर्व सैनिकों के लिए ‘एक रैंक एक पेंशन’ के वायदे को पूरा किया है जो 40 साल से अधिक समय से लटका हुआ था।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने लंबे-चौड़े वायदे कर लोगों को बहकाया और उनमें से कुछ ने इस संबंध में 200 करोड़ से 500 करोड़ रुपये तक आवंटित भी किए, लेकिन इस बारे में कोई विश्लेषण नहीं किया कि कितनी लागत आएगी और इसे किस तरह अंजाम दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंने इसे किया और यह पाकर चकित रह गया कि आर्थिक भार बढ़ता रहा। यह 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी सरकार के लिए एक बार में इतनी बड़ी राशि का आवंटन करना मुश्किल था। मोदी ने कहा कि उन्होंने सशस्त्र बलों से बात की और धन चार किश्तों में जारी करने की पेशकश की जिस पर वे सहमत हो गए।
उन्होंने कहा कि पहली किश्त में 5,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है। शेष राशि बाद में दी जाएगी। 40 साल से अधिक समय से लटकता चला आ रहा वायदा पूरा कर दिया गया है। प्रधानमंत्री ने परिवर्तन रैली में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर भी निशाना साधा और कहा कि भाजपा के मुख्यमंत्रियों ने खुद को पेयजल और सड़कों जैसे मुद्दों के प्रति समर्पित किया, जबकि कांग्रेस नेता ने अपने खुद के कल्याण की चिंता की।
उन्होंने कहा कि क्या मुझे यह बयां करने की आवश्यकता है कि वर्तमान मुख्यमंत्री किस चीज के लिए जाने जाते हैं? मोदी ने कहा कि जब भाजपा के मुख्यमंत्री थे तो तब किसी ने खुद को पेयजल के प्रति समर्पित किया तो किसी ने खुद को सड़कों के प्रति समर्पित किया, लेकिन जब अन्य लोग आए तो उन्होंने अपने खुद के कल्याण के लिए बहुत सारी चीजें समर्पित कीं।

Kabaddi World cup 2016: इंग्लैंड पर शानदार जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया

कबड्डी वर्ल्ड कप में नॉरथ कोरिया से हारने के बाद टीम इंडिया काफील ने लगातार चार मैचों में जीत हासिल कर सेमीफाइनल में जगह बना ली है।

कबड्डी वर्ल्ड कप में नॉरथ कोरिया से हारने के बाद टीम इंडिया काफील ने लगातार चार मैचों में जीत हासिल कर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। मंगलवार को हुए मैच में भारत ने ग्रुप ए के अपने आखिरी मुकाबले में इंग्लैंड को 69-18 से बुरी तरह हरा दिया। इस मैच में टीम इंडिया ने पहले हाफ का अंत 45-6 अंक से किया। इंग्लैंड की टीम डिफेन्स में सिर्फ एक ही अंक हासिल कर पाई। भारत ने  इंग्लैंड को 20 अंकों तक भी नहीं पहुंचने दिया और 51 अंकों के बड़े अंतर की जीत ने भारत को काफी राहत दी होगी। सेमीफाइनल में जगह बनाने के बाद अब भारत की टीम को थाईलैंड या ईरान का सामना करना होगा। इसके बारे में बुधवार को लीग मुकाबलों के आखिरी दिन ये तय होगा कि ग्रुप बी से ईरान के अलावा और कौन सी टीम सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेगी। गौरतलब है कि इससे पहले भारत ने चार मैचों में अपना बेहतरीन परफोर्मेंस किया है। भारत के लिए आज परदीप नरवाल ने सुपर 10 पूरा किया और उनके नाम कुल 13 अंक रहे। तो वहीं अजय ठाकुर ने भी अपना एक और सुपर 10 पूरा किया और उनके नाम 11 अंक रहे। सुरजीत ने टैकल में हाई 5 हासिल किया और उनके नाम 6 अंक रहे। नितिन तोमर ने 7 और राहुल चौधरी ने 5 अंक हासिल किया। संदीप नरवाल ने भी मैच में 7 और सुरेंदर नाडा ने 3 अंक हासिल किया। ग्रुप बी में ईरान को पोलैंड ने मात देकर यह स्थिति उत्पन्न हुई है। जापान, थाइलैंड और कीनिया तीनों में से कोई भी टीम सेमीफाइनल में पहुंच सकती है।

सायना नेहवाल को मिली नई जिम्मेदारी, एथलीट आयोग की बनीं IOC

भारत की शीर्ष महिला बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक की सदस्य समिति में शामिल कर लिए गया है।

भारत की शीर्ष महिला बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक की सदस्य समिति में शामिल कर लिए गया है। बुधवार को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) एथलीट आयोग ने सायना नेहवाल को अपना सदस्य नियुक्त किया है। आईओसी के अध्यक्ष थॉमस बाक ने सायना को भेजे पत्र में कहा, ‘रियो ओलंपिक के दौरान आईओसी एथलीट आयोग के चुनाव में आपकी उम्मीदवारी को देखते हुए अध्यक्ष से बातचीत के बाद आपको एथलीट आयोग का सदस्य नियुक्त करने में हमें काफी प्रसन्नता हो रही है।’ आयोग की अध्यक्ष एंजेला रूगियेरो हैं। इसमें नौ उपाध्यक्ष और 10 अन्य सदस्य है। आयोग की अगली बैठक अगले महीने छह तारीख को होगी। पूर्व विश्व नंबर वन सायना घुटने की चोट से जूझ रही थीं और अब वह नवंबर में बैडमिंटन कोर्ट पर वापसी करने में जुटी हुई हैं। सायना के पिता हरवीर सिंह ने अपनी बेटी के आईओसी पैनल के सदस्य चुने जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। 26 वर्षीय सायना अब तक 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिताब जीत चुकीं हैं। इसके अलावा वह राजीव गांधी खेल रत्न, पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित की जा चुकीं हैं।

पाक कलाकारों के बैन की मांग पर बोले मुकेश अंबानी- मेरे लिए पहले भारत

भारत में पाकिस्तानी कलाकारों पर प्रतिबंध के मुद्दे पर जारी बहस के बीच रिलायंस इंड्रस्टी के मुखिया मुकेश अंबानी ने कहा कि पहले देश की बात होनी चाहिए न कि कला और संस्कृति की। अंबानी ने डिजिटल मीडिया संगठन ‘द प्रिंट’ के कार्यक्रम में सोमवार रात को कहा, ‘‘मैं निश्चित रूप से एक बात को लेकर साफ हूं कि मेरे लिए देश पहले है। मैं एक बुद्धिजीवी व्यक्ति नहीं हूं, ऐसे में मैं इन चीजों को नहीं समझता हूं। लेकिन निसंदेह सभी भारतीयों की तरह मेरे लिए भारत पहले है।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या वह राजनीति में शामिल होंगे, अंबानी ने कहा, ‘‘मैं राजनीति के लिए नहीं बना हूं।’’ अपने नए उपक्रम जियो के बारे में उन्‍होंने कहा कि उनका टेलीकॉम उपक्रम ‘जियो’ कोई जुआ नहीं है बल्कि व्यापार के लिए सोच विचार के बाद लिया गया फैसला है। उन्होंने दूसरे नेटवर्क पर इंटरकनेक्टिविटी की समस्या को रैगिंग किए जाने के समान बताया। साथ ही जियो को उन्‍होंने मेधावी छात्र बताया।

अबांनी ने कहा कि यह कोई जुआ नहीं है। यह एक सोचा समझा, अच्छी तरह तैयार किया गया तंत्र है। इसमें 2,50,000 करोड़ रूपए का निवेश किया गया है। वह नये उद्यम में 1.5 ट्रिलियन रूपए के निवेश के जोखिम के बारे में पूछे गये सवाल का जवाब दे रहे थे। जियो से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के बारे में उन्होंने कहा कि हां, उनके सामने मुसीबतें थीं। उन्होंने इसकी तुलना किसी प्रतिभाशाली छात्र के अपनी मेधा के सहारे प्रतिष्ठित संस्थान में दाखिला लेने लेकिन मेधावी होने के कारण छात्रावास में रैगिंग का शिकार होने से की।


गौरतलब है कि उरी हमले के बाद से भारत और पाकिस्‍तान के रिश्‍तों में तनाव है। भारत ने इस हमले के जवाब में सर्जिकल स्‍ट्राइक भी की थी। पाक की ओर से आतंकी हमलों को बढ़ावा दिए जाने के बाद से पाकिस्‍तानी कलाकारों को भारत में बैन किए जाने की मांग उठ रही है। राज ठाकरे की महाराष्‍ट्र नवनिर्माण सेना ने पाक कलाकारों से भारत छोड़ जाने को कहा था। इसके बाद हाल ही में थियेटर मालिकों ने करण जौहर की फिल्‍म ए दिल है मुश्किल को रिलीज न करने का फैसला किया है। इस फिल्‍म में फवाद खान भी है।