बड़ी खबर

बड़ी खबर : उप जेल से 4 कैदी फरार,,जेल प्रबंधन सकते में

नीलकमल सिंह ठाकुर

मुंगेली- बीती रात मुंगेली उपजेल से 4 कैदी फरार हो गये जिससे जेल प्रबंधन और पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया। विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 25 अक्टूबर और 26 अक्टूबर की दरम्यानी रात लगभग 12:15 बजे उपजेल मुंगेली से बैरक क्रमांक 3 में बंद बंदीगण ताला तोड़कर गमछे के सहारे फंदा बनाकर 4 कैदी फरार हो गये। फरार होने वाले कैदियों में पहला हवालाती क्रमांक 1060 तरून उर्फ छोटू उर्फ रितेश पिता विष्णु केंवट चौकी बेलगहना थाना-कोटा जिला-बिलासपुर, अपराध भादवि धारा 363, 366,376, तथा दूसरा हवालाती क्रमांक 1598 धीरज पिता राममिलन थाना-गुढ जिला रीवा मप्र भादवि धारा 302, 201,379,120 बी, तथा तीसरा हवालाती क्रमांक 40 ईदल उर्फ इंद्रध्वज पिता अश्वनी सिलतरा थाना लोरमी चौकी चिल्फी अपराध धारा भादवि 457,380,34 और हवालाती क्रमांक 161 सुरेश पटेल पिता खेमराम पटेल सेमरचुवा थाना जरहागांव अपराध धारा 20 b एनडीपीएस एक्ट। उक्त चारों कैदियों के फरार होते ही जेल प्रबंधन में हड़कंप मच गया, जानकारी के अनुसार जेल अधीक्षक के द्वारा इसकी सूचना सिटी कोतवाली को देकर बंदी फरारी की सूचना एवं प्रकरण दर्ज करने हेतु जानकारी भेजी गई। मुंगेली उपजेल से कैदियों की फरारी की यह पहली घटना बतायी जा रही है साथ ही उपजेल मुंगेली की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है बीती रात से ही पुलिस महकमा फरार कैदियों की पतासाजी करने में जुटा है तथा पडोसी जिला पुलिस से संपर्क बनाये हुये है।

चित्रकोट उपचुनाव में कांग्रेस ने मारी बाज़ी, 17853 मतों से जीत दर्ज कर किया भाजपा का सूपड़ा साफ़

छत्तीसगढ़ (जगदलपुर) शैलेश गुप्ता। चित्रकोट विधानसभा उप निर्वाचन की मतगणना आरंभ हो चुकी है। मतगणना आज सुबह 8 बजे से आरंभ हुई, सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती प्रारंभ हुई, उसके बाद 8.30 बजे से ईव्हीएम मशीन से गणना प्रारंभ किया गया। मतगणना कुल 14 टेबलों पर किया जा रहा है, प्रत्येक टेबल में एक गणना सहायक, एक गणना पर्यवेक्षक और एक माईक्रो आब्जर्वर नियुक्त हैं, ये सभी महिला कर्मचारी हैं, जो मतगणना की पूरी कार्यवाही संभाल रही हैं। उक्त मतगणना कुल 17 चक्रों में पूरी होगी। इसके बाद रेण्डमली पांच व्हीव्ही पेट की पर्चियों की गिनती की जाएगी। मतगणना के दौरान टेबल के सामने अभ्यर्थी अथवा उनके अभिकर्ता उपस्थित हैं। कुल सत्रहवें चक्र तक चले मतगणना के पश्चात कुल 1 लाख 31 हज़ार 169 मतों की गणना हुई जिसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी राजमन बेंजाम ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के लच्छुराम कश्यप से कुल 17853 मतों से जीत दर्ज़ कराई। और इसप्रकार इस जीत के साथ ही बस्तर से भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया।

सोनिया गांधी करेंगी राज्योत्सव का आगाज, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के न्यौते पर दी सहमति

रायपुर– मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज नई दिल्ली प्रवास के दौरान श्रीमती सोनिया गांधी से उनके निवास में सौजन्य मुलाकात की और उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर आयोजित राज्योत्सव के शुभारंभ समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया। जिसे श्रीमती सोनिया गांधी ने सहर्ष स्वीकार किया और राज्योत्सव में शामिल होने की अपनी सहमति प्रदान की।

1 नवम्बर को राज्य स्थापना दिवस पर काँग्रेस की अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गाँधी मुख्य अतिथि होंगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिल्ली में सोनिया गाँधी से मुलाकात कर राज्य स्थापना दिवस समारोह मे उन्हें मुख्य अतिथि बनने का आमंत्रण दिया, जिस पर उन्होंने सहमति दी है।

मालूम हो, 1 नवम्बर से, 3 दिन चलने वाले राज्योत्सव आयोजन की तैयारी प्रदेश सरकार ज़ोरशोर से कर रही है । पिछली भाजपा सरकार, राज्योत्सव का आयोजन, नवा रायपुर में करती आ रही थी। जिसका आनन्द, दूरी की वजह से आम लोगों नहीं उठा पाते थे। आमजनों की सुविधा को ध्यान में रखकर, काँग्रेस सरकार इस वर्ष राज्योत्सव रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में कर रही है।

मुंगेली में 1लाख 59 हजार के गार्डन में भ्रष्टाचार लगाई गई जनहित याचिका,,सम्बंधित अधिकारियों को नोटिस जारी,,

नीलकमल सिंह ठाकुर

मुंगेली- मुंगेली में गार्डन के लिये छत्तीसगढ़ शासन ने लगभग 1 करोड़ 59 लाख रूपयें स्वीकृत किये थे, साथ ही इस गार्डन निर्माण में पार्षद निधि से और भी राशि लगाई जा चुकी है...परंतु गार्डन निर्माण के बगैर ही नगर पालिका के अधिकारियों द्वारा पूरी राशि आहरित कर ली गई, और यहां गार्डन का निर्माण नही हो सका और इस गार्डन मामले में ठेकेदारों और अधिकारियों ने मिलीभगत कर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया है मुंगेली को जिला बने करीब 7 वर्षो से अधिक हो गया परंतु यहां अभी तक एक भी गार्डन का निर्माण नही हो सका, और जिस गार्डन का निर्माण होना था, वह भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया, इसके लिये नगर पालिका के अधिकारी, इंजीनियर और ठेकेदार जितने दोषी है, उतने ही दोषी यहां के जनप्रतिनिधि और नेतागण भी है। अब प्रश्न यह उठता है कि जब गार्डन की जांच रिर्पोट में गार्डन में भ्रष्टाचार होना पाया गया है तो फिर उसके बाद कार्यवाही में आखिर देरी किस बात पर हो रही है क्या तत्कालीन सीएमओ और संलिप्त किसी अन्य अधिकारी या नेताओं के दबाव के चलते कार्यवाही नही हो पा रही है, नगर पालिका से गार्डन से संबंधित दस्तावेजों की मांग आरटीआई के जरिये की गई थी जिसमें गार्डन मामले में वृहद भ्रष्टाचार उजागर हुआ। गार्डन भ्रष्टाचार मामले पर छत्तीसगढ़ प्रेस क्लब के प्रदेश अध्यक्ष संदीप तिवारी ने अधिवक्ता सुनील साहू के माध्यम से हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई गई। सीजे पी रामचंद्र मेनन व जस्टिस पीपी साहू की युगलपीठ ने मुंगेली गार्डन में हुये भ्रष्टाचार व अनियमितता को लेकर लगाई गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुये छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग सचिव, डायरेक्टर, संभागायुक्त बिलासपुर, कलेक्टर मुंगेली, मुख्य नगर पालिका अधिकारी मुंगेली तथा नगर पालिका परिषद् मुंगेली को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। याचिका में कहा गया शासन द्वारा मुंगेली में 1.59 करोड़ की लागत से गार्डन का निर्माण किया जा रहा था, जिसमें अधिकारियों ने मिलीभगत कर बिना काम कराये ठेकेदारों को लाखों-करोड़ों का बिल बना भुगतान कर दिया गया है। साथ ही गार्डन निर्माण की पूरी राशि आहरित कर दी गई और आज दिनांक तक गार्डन निर्माण नही हो सका। गार्डन भ्रष्टाचार की शिकायत होने के बाद कलेक्टर द्वारा दो विभाग के द्वारा कराये गये जांच में भी गार्डन में हुये भ्रष्टाचार और अनियमितता की बात साबित हुई थी, परंतु तत्कालीन कलेक्टर के द्वारा उक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित उच्च अधिकारी को कार्यवाही पत्र लिखने के बजाय...नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग रायपुर को पत्र लिख गार्डन मामले में विस्तृत जांच करने कहा गया जिसके काफी देर बाद राज्य स्तरीय टीम के द्वारा मुंगेली आकर गार्डन में हुये भ्रष्टाचार और अनियमितता पर गहन जांच किया गया परंतु अब 2 साल होने वाले है इस राज्य स्तरीय जांच टीम द्वारा मुंगेली गार्डन की जांच रिपोर्ट का अता-पता नही है। जबकि राज्य स्तरीय जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग द्वारा सक्षम अधिकारी को गार्डन भ्रष्टाचार पर तत्कालीन सीएमओ एवं इंजीनियर के विरूद्ध आरोप पत्र का प्रारूप तैयार करने कहा गया है परंतु आज दिनांक तक उच्चाधिकारियों के द्वारा कोई कार्यवाही नही की गई जिसके चलते मामले से जुड़े सभी अधिकारी संदेह के दायरे में आ रहे हैं। मुंगेली गार्डन भ्रष्टाचार मामले में जनहित याचिका लगने पर हाईकोर्ट द्वारा जारी नोटिस के चलते नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की प्रांरभिक सुनवाई के बाद युगलपीठ ने नगरीय प्रशासन के सचिव, संचालक, कमिश्नर बिलासपुर, कलेक्टर मुंगेली, सीएमओ मुंगेली व नगरपपालिका परिषद् मुंगेली को नोटिस जारी कर जवाब देने कहा गया है। इस जनहित मामले की आगामी सुनवाई दिवाली के बाद होगी।

बलौदाबाजार जिले के गांव में आया हाथी किसान खेतो से काम छोड़कर  बेसुद होकर भागकर बचाई  जान

बलौदाबाजार जिले के जंगली हाथियों के झुंड को ग्रामीण अपने अपने गांव से भागते रहे ताकि उनके खेत का फसल सुरक्षित रह सके मगर ये उन लोगो को उल्टा महंगा ही पड़ा क्योकि बार बार एक ही रास्ते से आने जाने से हाथियो के पैर से धान के फसल ज्यादा खराब हुआ और पूरे दिन भर करीब 9 घण्ठे तक 17 हाथियो ने डेढ़ दो सौ एकड़ से ज्यादा के फसल को रौंदा है झुंड में  है हाथी चार छोटे बच्चे के कारण भागने से भी नही भाग रहे है बहार वही 17 हाथियो के झुंड में चार छोटे बच्चे होने से वो ज्यादा नही चल पाये और  थोड़े थोड़े दूर में थक जाने से हाथी रुक रुक कर आराम करते रहे जो बच्चो को चलने में सुविधा हो इस लिए हाथियो का दल दिन भर खेतो से बाहर नही निकल पाए झुंड में दो दतेल 11 वयस्क औऱ  4 बच्चे शामिल है जिसको रात में वन विभाग वापस जंगल खदेडने की तैयारी कर रहा है

आरक्षक भर्ती प्रक्रिया पर रोक। हइकोर्ट में लगाई गई जनहित याचिका। बिलासपुर हइकोर्ट का निर्देश। नवम्बर में होगी अगली सुनवाई।  साल 2007 के तहत हुई थी नियुक्तियां। अब साल 2019 के नियम का दिया हवाला। किसी भी प्रकार के भर्ती विज्ञापन पर स्टे। 

A REPORT BY: अजीत मिश्रा

चयनित आरक्षकों के भर्ती को रद्द किए जाने पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई।  छत्तीसगढ़ पुलिस सेवा में बड़े पैमाने में रक्षकों की भर्ती होनी थी। जिसमें तकरीबन 2,259 आरक्षकों की भर्ती होनी थी।  साल 2007 के नियम से की गई भर्ती प्रक्रिया को  डीजीपी ने नया नियम साल 2019  का हवाला दे कर रद्द कर दिया है।  इस संबंध में गृह विभाग से बाकायदा सूचना जारी हुई थी । वही गृह विभाग के इस कदम से असंतुष्ट संतोष कुमार एवं अन्य लोगों ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी पूरे मामले की सुनवाई जस्टिस गौतम भादुड़ी की कोर्ट में हुई है। वही  इस पर सुनवाई के बाद फ़िलहाल कोर्ट ने  याचिका की सुनवाई तक किसी भी तरह के भर्ती विज्ञापन पर रोक लगा दी है।  गौरतलब है कि इस मामले में अब दीपावली के बाद अगली सुनवाई नवंबर में होनी है।

जांजगीर चापा : अब कांग्रेस के शासनकाल में देखने मिली अफसरशाही, 3 दिनों की पदयात्रा के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे सर्वदलीय जन जागरण पदयात्रा का ज्ञापन लेने कलेक्टर नहीं निकले अपने केबिन से बहार... पढ़े क्या है मामला

जांजगीर चापा : आम जनता और जनप्रतिनिधियों की सरकार होने का दावा करने वाले कांग्रेस के शासनकाल में देखने मिली अफसरशाही, 3 दिनों की पदयात्रा के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे सर्वदलीय जन जागरण पदयात्रा का ज्ञापन लेने कलेक्टर नहीं निकले अपने केबिन से।यह जन जागरण पद यात्रा विधायक केशव चंद्रा के नेतृत्व में निकाली गई थी ग्राम भोथिया से जांजगीर तक जिसमे हजारो की संख्या में पदयात्रा करते हुए ग्रामीण कलेक्टर को 25 सूत्रीय मांग का ज्ञापन सौंपने आये थे ।

भाजपा नेता और पूर्व कलेक्टर को राहत ,ओपी चौधरी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है,, पढ़े पूरी ख़बर

A REPORT BY : अजीत मिश्रा

0 भाजपा नेता और पूर्व कलेक्टर को राहत।

0 ओपी चौधरी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है।

0 चौधरी के खिलाफ राज्य सरकार ने कमिश्नर ऑफ इंक्वॉयरी एक्ट के तहत होनी थी जांच।

0 हार्ट ने सी के खेतान को सौंपी जांच रिपोर्ट पर रोक लगा दी है ।

0 दंतेवाड़ा में कलेक्टरी के दौरान जमीन की अदला बदली का है प्रकरण।

0 इस मामले में नियमों की अव्हेलना का लगा था आरोप । 

0 कांग्रेस सरकार आने के बाद सचिव स्तर के एक अधिकारी के नेतृत्व में नई जांच समिति बनायी थी ।

0 ओपी चौधरी ने हाईकोर्ट में इस नई जाँच कमेटी को चुनौती दी थी ।

0 जस्टिस पी सैमकोशी ने आज इसकी सुनवाई की।

0 और राज्य सरकार की उस समिति जिसमें सी के खेतान अध्यक्षता कर रहे हैं। 0 उसे जाँच करने से रोक दिया है ।

0 हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब के लिए नोटिस भी जारी किया है ।

0 याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट गैरी मुखोपाध्याय और विवेक शर्मा ने पैरवी की है ।

0 प्रकरण की अगली तारीख 6 नवंबर घोषित की गई है ।  

आपको बतादे की बिलासपुर हाईकोर्ट ने इस मामले में पूर्व दायर रिट 53/2014 की सुनवाई करते हुए 15 सितंबर 2016 को आदेशित किया था कि, राज्य सरकार जाँच करे । इस आदेश के परिपालन में राज्य सरकार ने आदेश जारी किया और जस्टिस टी पी शर्मा को जाँच की जवाबदेही सौंप दी गई थी ।

बिलासपुर के वकीलों ने खोला मोर्चा । जिला प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी । कार्यालय भवन के आवंटन को बनाया मुद्दा। वकीलों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी। जिला कलेक्टर से की मुलाकात। मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन। ...पढ़े पूरा मामला

अजीत मिश्रा # छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला न्यायालय के अधिवक्ता संघ ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।  एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर नाराज वकीलों ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया । नाराज वकीलों ने नारेबाजी करते हुए जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री के मुर्दाबाद के नारे  भी लगाए।  यह पूरा विरोध प्रदर्शन जिला सत्र न्यायालय  मैं उपस्थित उस बिल्डिंग को लेकर है जिसे पूर्व में  वकीलों के लिए आवंटित किए जाने का निर्णय लिया था।  तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह और वर्तमान सीएम भूपेश बघेल ने भी इस संदर्भ में वादे किए थे। लेकिन बाद में अधिकारियों ने मनमाने ढंग से उक्त बिल्डिंग को सेल टैक्स विभाग को आवंटित कर दिया।  वकीलों की नाराजगी इसी बात को लेकर है।  आखिरकार मंत्री नेता और खुद मुख्यमंत्री के द्वारा वादा किए जाने के बावजूद भवन उन्हें ना देकर किसी विभाग को क्यों आवंटित किया जा रहा है...? इस संदर्भ में नाराज वकीलों ने जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया।।

सीएम भूपेश बघेल का ऐलान, पार्षद चुनेंगे महापौर

रायपुर– अब छत्तीसगढ़ में भी पार्षद महापौर का चुनाव करेंगे। सीएम भूपेश बघेल ने ये बड़ा ऐलान किया है। सीएम ने कहा है, कि अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली में कोई खराबी नहीं है। मध्यप्रदेश की तर्ज पर अब छग में भी महापौर के साथ ही अध्यक्ष के सीधे निर्वाचन को बंद किया जा सकता है, सरकार ने इस मामले में प्रारंभिक चर्चा कर लिया है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल महापौर अथवा अध्यक्ष के सीधे निर्वाचन को बंद करने का संकेत दिए हैं। इस मामले पर विचार करने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रदेश की तीन वरिष्ठ मंत्रियों की उप समिति का गठन किया है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर कैबिनेट कोई फैसला लेगी जीसकी प्रारंभिक तैयारी हो गई है। प्रदेश में भी नगरीय निकाय चुनाव में महापौर व अध्यक्ष के प्रत्यक्ष निर्वाचन को सरकार बदलने के संकेत दिए है। इसके लिए सरकार ने कैबिनेट की उपसमिति का गठन किया है। समिति में संसदीय कार्य मंत्री रवीन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर व नगरीय निकाय मंत्री शिव डहरिया शामिल हैं।

झीरम विवाद फिर सुर्खियों में । छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री ने कहा पूरी होगी जांच प्रक्रिया। सभी के कॉल डिटेल निकाले जाएंगे।   मंत्री कवासी लखमा पर लगे  गंभीर आरोप। गृहमंत्री  ताम्रध्वज साहू ने किया बचाव।

अजीत मिश्रा ll बिलासपुर ll ... 23 मई 2013 को छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने कांग्रेसी नेताओं की हत्या कर दी थी।  झिराम घाटी में हुए इस नरसंहार और लाल आतंक को लेकर समय-समय पर विवाद सामने आता रहता है।  नया विवाद झीरम घाटी को लेकर हो रहे बयान और लगातार आरोप-प्रत्यारोप को लेकर है  ऐसे में अब छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने इस पूरे मामले में अपने साथी मंत्री कावासी लखमा का बचाव किया है । गृह मंत्री की मानें तो इस विषय को लेकर सभी के कॉल डिटेल निकाले जा रहे हैं,  संदिग्ध लोगों की जांच पड़ताल और बयान दर्ज किए जा रहे हैं । जो सच होगा वह जल्द सामने आ जाएगा।  विशेष रुप से मंत्री कवासी लखमा को लेकर पूछे गए सवाल में गृह मंत्री ने अपने साथी मंत्री का बचाव किया है । गौरतलब है कि 1 दिन पहले डॉक्टर शिव नारायण ने इस मामले को लेकर मंत्री कवासी लखमा पर षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया था । इतना ही नहीं उन्होंने खुद के जान को खतरे में बताया और गृहमंत्री से सुरक्षा की मांग की है।। इस पूरे मामले में जहां सरकार की तरफ से गृह मंत्री अपने सहयोगी मंत्री का बचाव कर रहे हैं वहीं यह भी आश्वासन दे रहे हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई जरूर होगी। 


स्वास्थ मंत्री जी यहाँ शासकिय मेडिकल अस्पताल सहित जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल मे पिछले चार माह से रेबिज इंजेक्शन की कमी

A REPORT BY - सूर्यकान्त यादव :

  राजनांदगाँव के शासकिय मेडिकल अस्पताल सहित जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल मे पिछले चार माह से रेबिज इंजेक्शन की कमी है..साथ ही कई अस्पतालो की स्थिती तो यह है,कि वहा एंटी रेबिज इंजेक्शन है,ही नही...जिले के वनांचल क्षेत्र और नक्सल प्रभावित गाँव के लोग बडी उमीद लगाकर कुत्ते के काटने और अन्य जानवरो के काटने से एंटी रेबिज इंजेक्सन लगाया जाता है...शासकिय मेडिकल कालेज अस्पताल मे हर रोज एंटी रेबिज इंजेक्सन लगवाने मरीज अस्पताल पहुच रहे है....और उनको इंजेक्सन नही मिल रहा है....हर महिने तीन सौ से चार सौ मरीज अस्पताल पहुच रहे है....और मायुस होकर यहा से वापस लौट रहे है...मेडिकल कालेज अस्पताल आने के बाद जिले के लोगो को उमीद थी कि अब जिलो को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी और लोगो को बेहतर इलाज मिलेगा..लेकिन स्थिती यह है,कि लोगो को रेबिज का इंजेक्शन तक नसीब नही हो रहा है.....और इस बात को मेडिकल कालेज अस्पातल के अधीक्षक भी कह रहे है,कि इंजेक्शन की कमी है..और इसकी सप्लाई नही हो रही है...साथ ही ड¬ुटी मे मौजुद स्टाप नर्स का कहना है,कि इंजेक्शन ही नही है,तो हम कहा मरीजो को लगाये.....

मुंगेली जिला अस्पताल हुआ फिर शर्मसार,,,,मृतक के परिजन से शराब के लिए पैसा मांगते वीडियो हुआ वायरल,,

नीलकमल सिंह ठाकुर

मुंगेली-मुंगेली का जिला अस्पताल अपने नए नए कारनामे के लिए प्रसिद्ध होते जा रहा है जहाँ जिला अस्पताल में फिर मानवता शर्मसार हुआ है दो दिन पूर्व रोड एक्सीडेंट में एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी जिसकी जानकारी परिजनों को देर से पता चला जिसकी वजह से बॉडी में बदबू आनी शुरू हो गयी थी परिजनों के आने के बाद जिला अस्पताल के कर्मचारियों के द्वारा शराब के लिए पैसा की मांग की जा रही थी वही पैसे नही देने पर मरच्यूरी में पोस्टमार्टम के बाद शव की सिलाई न करने के लिए कर्मी अड़े हुए थे मृतक के परिजन से 15सौ रुपये की मांग की जा रही थी तो वही सिविल सर्जन के सामने 5सौ रुपये देकर मृतक के परिजन गिड़गिड़ाते नजर आ रहे थे। सिविल सर्जन डॉ भुआर्य के सामने 5सौ रुपये शराब के लिए लेते हुए कर्मी का वीडियो हुआ वायरल हुआ है । मुंगेली जिला अस्पताल में इस तरह के शिकायत आये दिन मिल रही.जिससे मृतक के परिजन परेशान रहते हैं।


छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में युवक की गोली मारकर हत्या, अज्ञात लोगों ने मारी गोली, मौके से मिले तीन बुलेट के खोखे

 छत्तीसगढ़ -   बलौदाबाजार जिले के  भाटापारा  में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मामला सीएसईबी ऑफिस के पास सुरखी रोड की घटना है। गोली मारने वाले लोगों का पता नही चल सका है, शहर थाना पुलिस घटना स्थल पर पहुची है। इस दौरान मौके से बुलेट के तीन खोखे भी मिले हैं। मृतक युवक रविदास वार्ड का रहने वाला था।
 
सुबह जानकारी मिलने के बाद शहर में दहशत का माहौल है, घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर फरार हैं, पुलिस मामले की जांच में लगी है। आखिर युवक की हत्या के पीछे क्या वजह रही होगी इस बात को जानने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकार से युवक की हत्या ने फिर से कानून व्यवस्था पर उंगली उठा दिया है।

छत्तसीगढ़ : सरकार के 82 फीसदी आरक्षण अध्यादेश पर हाइकोर्ट ने लगाई रोक , नगरीय चुनाव के पहले सरकार को एक बड़ा झटका।।वोट की राजनीति में पड़ेगा असर।।

A REPORT BY : अजीत मिश्रा

0 सरकार के 82 फीसदी आरक्षण अध्यादेश पर हाइकोर्ट ने लगाई रोक।

0 हाइकोर्ट की मुख्य न्यायधीश पी आर रामचंद्र मेनन की युगलपीठ में हुई सुनवाई।

0 कोर्ट में 4 अलग-अलग याचिकायें पर चल रही थी सुनवाई।

0 ज्यादातर याचिका में आरक्षण के 82% किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई है।

0 वही सामान्य आरक्षण पर विशेषण आयोग बनाने की मांग की गई है ।

0 बिलासपुर हाईकोर्ट ने सभी मामलों को ध्यान से सुना है ।

0 पक्ष विपक्ष में तर्क और दलीलों के बाद।

0 आखिरकार , हाईकोर्ट ने आरक्षण के वर्तमान अध्यादेश पर रोक लगा दी है।