देश

आर्थिक राजधानी व मालवांचल में भी किसान मायूस

 

 

इंदौर : 500 और 1000 के नोट बंद होने से पुरे देश में अफरातफरी का माहौल है, इंदौर भी इससे अछूता नहीं हैं। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी व मालवांचल इंदौर में  कहने के लिए गुरुवार से अनाज मंडियां खुल चुकी है लेकिन अनाज मंडियों में सन्नाटा पसरा हुआ है क्योंकि व्यापारियों के पास ज्यादातर नकदी  500 और 1000 के नोट में है.वहीं,किसानों को नगदी चाहिए वो भी 100 के नोट में.साथ ही किसानों को आरटीजीएस और चैक समझ नहीं आता.क्योंकि किसी को शादी करनी है तो किसी तो नई फसल के लिए खाद खरीदना है। लिहाजा,इंतजार जारी है। 
 
 
 
देपालपुर का किसान केवलराम  इंदौर की लक्ष्मी बाई अनाज मंडी में तीन दिनों से सोयाबीन को बेचने के लिए व्यापारियों की बॉट जोह रहा है..व्यापारी भी खरीदारी  के लिए तैयार हैलेकिन,शर्त बस वही खरीदारी  500 और 1000 के नोट में की जाएगी.इधर किसान  असमंजस में है कि 500 और 1000 नोट ले लिए तो उसे खर्च कैसे करेगा।इस वजह से मंडियों में सन्नाटा पसरा हुआ है जबकि गुरुवार से मंडिया खुल चुकी है।लेकिन ना तो मंडी में किसान आए और ना ही व्यापारी.हालाकि,किसानों को आरटीजीएस,डिमॉड ड्राफ्ट और चैक के जरिए भूगतान करने की व्यवस्था गई है.लेकिन किसान इन सब तकनीकी पेचिदगियों को नहीं समझता है उसे नगद रुपए चाहिए क्योंकि किसी किसान के घर में शादी हैतो किसी को नई फसल की तैयारी के लिए खाद खरीदना है.ऐसे में उसके लिए इंतजार करना मजबुरी हो गया है.
 इधर व्यापारियों की अपनी परेशानी है  ज्यादातर व्यापारी नगदी में ही अनाज खरीदतें है.किसान चैक से रुपए लेने के लिए तैयार नहीं.वहीं,उनके पास ज्यादातर नगदी 500 और 1000 के नोट में है.ऐसे में उनका भी नुकसान हो रहा है.इस बार पैदावार को देखते हुए किसानों को उम्मीद थी कि पिछले कई सालों में हुए नुकसान की भरपाई हो जाएगी लेकिन उन्हें क्या पता था कि केन्द्र सरकार का एक फैसला उनके लिए इतनी बड़ी परेशानी का सबब बन जायेगा। 

पैसे जमा कराने बैंक पहुंची थी महिला, नोटों के बंद होने की खबर सुनकर सदमे से हो गई मौत

पैसे जमा कराने बैंक पहुंची थी महिला, नोटों के बंद होने की खबर सुनकर सदमे से हो गई मौत

1000 और 500 रुपये के नोटों के बंद किए जाने की खबर सुनकर गोरखपुर में एक महिल की सदमे से मौत हो गई।
केंद्र सरकार ने बीते मंगलवार आधीरात से 1000 और 500 रुपये के नोटों को गैरकानूनी घोषित करते हुए उन पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह खबर जैसे ही गोरखपुर की एक महिला को पता चली तो उसकी सदमे से मौत हो गई। हिन्दुस्तान टाइम्ल की एक खबर के मुताबिक 40 साल की तीर्थराजी, खुशीनगर जिले के कप्तानगंज इलाके में अपने बैंक में पैसे जमा कराने पहुंची थी। बैंक बंद मिलने पर उसे पता चला कि सरकार ने 1000 और 500 रुपये के नोट बंद कर दिए हैं। खबर के मुताबिक महिला ने पैसे बचाकर कुल 2000 रुपये इकट्ठा किए थे। महिला के पास 2000 रुपये के छुट्टे पैसे थे जिन्हें वह पहले कभी बैंक से बदलकर 1000 और 500 के नोट लाई थी लेकिन जब वह उन पैसों को बैंक में जमा कराने पहुंची तो नोटों के बैन होने की खबर का सदमा झेल नहीं पाई।

घटना के बाद खुशीनगर के डीएम शम्भू कुमार ने जानकारी दी कि रेवेन्यू विभाग के अफसरों से महिला के घर पर जाने को कहा है। उनके मुताबिक महिला की मृत्यु अगर सदमे से हुई है तो जरूरी कार्रवाई की जाएगी। तीर्थराजी की मृत्यु होने के बाद उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। तस्वीर में महिला के शव के पास कुछ नोट और बैंक अकाउंट की पासबुक पड़ी हुई नजर आ रही है। सरकार के इस फैसले से आम लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरकार ने 11 नवंबर तक इन नोटों को अस्पतालों और पेट्रोल पम्पों पर चलाने के आदेश दिए हैं लेकिन यह संस्थाएं इस नियम को लागू करती हुई नहीं नजर आ रहीं जिसकी वजह से लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही है।

आज से बैंकों, डाकघरों में बदले जाएंगे नोट, कल तक इन जगहों पर चला भी सकते हैं 1000-500 के नोट

बैंक और पोस्ट ऑफिस में नए नोट गुरुवार से मिलने शुरू हो जाएंगे। इसके अलावा घोषणा की गई है कि इस हफ्ते शनिवार और रविवार के दिन भी बैंक खुलेंगे।

बाजार में 500 और 1000 रुपए के नोटों का चलन बंद करने के बाद सरकार ने बुधवार को कहा कि बैंक और पोस्ट ऑफिस में नए नोट आज (गुरुवार) से मिलने शुरू हो जाएंगे। इसके अलावा घोषणा की गई है कि इस हफ्ते शनिवार और रविवार के दिन भी बैंक खुलेंगे। इसके साथ ही सरकार ने कुछ और सार्वजनिक सुविधा केंद्रों पर पुराने नोटों के प्रयोग को जारी रखने की छूट दी है। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि प्रचलन से बाहर किए गए पुराने नोटों की जगह नए नोटों की पूरी भरपाई करने में दो से तीन हफ्तों का समय लग जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह काम कल (गुरुवार) सुबह से शुरू हो जाएगा।

बैंकों ने बढ़ाए काम के घंटे:
बैंकों से कहा गया है कि वे शनिवार और रविवार पूरे दिन अपनी शाखाएं खुली रखें ताकि लोगों को पुराने नोट जमा कराने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े। इसके अलावा कई बैंकों ने ग्राहकों की भारी भीड़ की आशंका के मद्देनजर बैंक अगले तीन दिनों तक रात 9 बजे तक काम करने का फैसला किया है। बैंक कर्मियों को अगले एक महीने के लिए अतिरिक्त अवकाश नहीं लेने की भी सलाह दी गई है। इस दौरान सरकार ने 22 अरब करेंसी नोटों के धारकों को इन्हें बैंक खातों में जमा करने को कहा है।

फिलहाल इन जगहों पर चला सकते नोट:
अब 11 नवंबर की मध्यरात्रि तक मेट्रो रेल, राजमार्गों पर टोल के भुगतान, डॉक्टरों के पर्चों पर सरकारी और निजी दवा की दुकानों से दवाओं की खरीद, रेलवे कैटरिंग, पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के नियंत्रण में चलने वाले स्मारकों के टिकट और एलपीजी गैस सिलेंडर बुकिंग केंद्रों पर भी पुराने नोटों को स्वीकार किया जाएगा। सरकार ने इससे पहले सरकारी अस्पतालों, रेलवे टिकट खिड़कियों, सार्वजनिक परिवहन, हवाईअड्डों पर टिकट काउंटर, दूध केंद्रों, श्मशान एवं कब्रिस्तान और पेट्रोल पंपों पर पाबंदी शुरू होने से 72 घंटे तक पुराने नोटों को स्वीकार किए जाने की अनुमति दी थी.

500-1000 रुपए: बैंकों ने भीड़ संभालने को बढ़ाए काम के घंटे, एटीएम पर नहीं लगेगा कोई शुल्क

ग्राहकों की भारी भीड़ की आशंका के मद्देनजर बैंक इस शनिवार और रविवार को खुले रहेंगे और बैंककर्मी अगले तीन दिनों तक रात 9 बजे तक काम करेंगे।


500 रुपए और 1000 रुपए के नोटों के बंद होने के बाद नकदी जमा करने या निकासी के लिए ग्राहकों की भारी भीड़ की आशंका के मद्देनजर बैंक इस शनिवार और रविवार को खुले रहेंगे और बैंककर्मी अगले तीन दिनों तक रात 9 बजे तक काम करेंगे। बैंकों ने बैंकिंग घंटे बढ़ाने, एटीएम शुल्क समाप्त करने और ऋण सीमा बढ़ाने सहित कई उपायों की भी घोषणा की, जिससे 500 और 1000 रुपए के नोटों को लौटाने वाली भीड़ से निपटा जा सके।
बैंक कर्मियों को अगले एक महीने के लिए अतिरिक्त अवकाश नहीं लेने की भी सलाह दी गई है। इस दौरान सरकार ने 22 अरब करेंसी नोटों के धारकों को इन्हें बैंक खातों में जमा करने को कहा है। आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने ट्वीट किया कि आम जनता की सुविधा के लिए बैंक आगामी शनिवार और रविवार को खुले रहेंगे। रिजर्व बैंक ने भी एक आदेश जारी कर सभी बैंकों को रविवार समेत आगामी सप्ताहांत में अपने काउंटर कारोबार के लिए खुले रखने का निर्देश दिया। आरबीआई ने यह भी कहा कि एटीएम कल भी बंद रहेंगे।

देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने बुधवार शाम छह बजे तक काम चालू रखने की घोषणा की और कहा कि उसकी प्रत्येक शाखा में करेंसी नोटों को बदलने के लिए एक समर्पित ‘एक्सचेंज काउंटर’ होगा। आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक और सीईओ चंदा कोचर ने कहा कि बैंक की शाखाएं बृहस्पतिवार और शुक्रवार को शाम 8 बजे तक खुली रहेंगी।

नोट बदलने के लिए सरकार ने जो 50 दिन का समय दिया है। इसमे 2.5 लाख से ज्यादा के नोट को बदलने पर घोषित आय मिलाया जाएगा। घोषित आय से अगर जमा की राशि नहीं मिली तो टैक्स और 200% तक हरजाना जामा करना पड़ेगा। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने इस विषय पर बोलते हुए कहा कि ,” 10 नवंबर से 30 नवंबर तक के बीच जमा किए जाने वाले सभी पैसों की हमें रिपोर्ट्स मिलती रहेगी।

पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम बोले- नए नोट लाने पर खर्च होंगे 15 से 20 हजार करोड़ रुपए, उस अनुपात में नहीं होगा फायदा

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात 12 बजे से 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने की घोषणा की थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1000 रुपए के नोट बंद किए जाने के फैसले पर बुधवार को पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में 15 से 20 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा। साथ ही चिदंबरम ने कहा कि अगर इसके पीछे अगर सरकार की मंशा कालेधन को खत्म करने की है तो इसे हमारा समर्थन है। मीडिया को संबोधित करते हुए चिदंबरम में कहा, ‘पुराने नोटों को नए नोटों से बदलने की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी होनी चाहिए, ताकि गरीब लोगों को समस्या कम हो। 1978 में भी बड़े नोट बंद किए गए थे, लेकिन इसमें सफल नहीं रही। नए सीरिज के नोट जारी करने में 15 से 20 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इसलिए इन नोटों को बंद करने से कम से कम इतना फायदा तो होना ही चाहिए। कई सरकारों ने भी इस बारे में पहले सोचा था, लेकिन उन्होंने इसे लागू नहीं किया क्योंकि इससे फायदा कम होगा और असुविधा ज्यादा होगी।

साथ ही चिदंबरम ने कहा, ‘हमने कल इस फैसले का समर्थन किया था, लेकिन हमें देखना होगा कि मकसद हासिल हुआ है या नहीं। लोगों ने अघोषित धन कंस्ट्रक्शन और ज्वैलरी में लगा रखा रखा है, यहा नहीं पता कि लोगों के पास कैश कितना होगा। मुझे यह समझ में नहीं आ रहा है कि जब 500 और 1000 रुपए के नोट बंद किए गए हैं तो 2000 रुपए का नोट क्यों लॉन्च किया गया है।’

परिवहन मंत्री का ऐलान: 11 नवंबर तक किसी नेशनल हाईवे पर नहीं लगेगा टोल टैक्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने की घोषणा की थी।

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने बुधवार को घोषणा की है कि 11 नवंबर रात 12 बजे तक कहीं पर भी टोल टैक्स नहीं लगेगा। इसकी घोषणा नितिन गड़करी ने अपनी टि्वटर अकाउंट पर की है। गड़करी ने लिखा है, ’11 नवंबर रात 12 बजे तक सभी नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स नहीं लेने का फैसला किया गया है, ताकि ट्रैफिक जाम से निजात मिल सके।’ परिवहन मंत्रालय ने यह फैसला 500,1000 के नोट बंद होने से हो रही दिक्कतों के चलते लिया है। बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने की घोषणा की थी। इसके अलावा सरकार ने दैनिक यात्रियों को राहत देते हुए बुधवार को मेट्रो के रेलवे स्टेशनों पर पुराने 500 और 1,000 के नोटों का शनिवार तक इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी। सरकार ने मंगलवार को 500 और 1,000 के नोटों को वापस लेने की घोषणा करते हुए कहा था कि कुछ सार्वजनिक सुविधाओं में पुराने नोटों को अगले 72 घंटों तक स्वीकार किया जाएगा। इनमें सरकारी अस्पताल, सरकारी अस्पतालों की फार्मेसी, रेल टिकट काउंटर, सार्वजनिक परिवहन के टिकट काउंटर, हवाई अड्डों पर एयरलाइंस के टिकट काउंटर, मिल्क बूथ, अंत्येष्टि स्थलों, पेट्रोल पंप और गैस स्टेशन शामिल हैं। इस सूची में मेट्रो स्टेशनों का नाम शामिल नहीं था।

बुधवार सुबह मेट्रो स्टेशनों पर घोषणा की जा रही थी कि 500 और 1,000 के नोट स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसके बाद आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव शक्तिकान्त दास ने शहरी विकास मंत्रालय से बात की और इस गलती को सुधारा। उन्होंने कहा कि एक स्पष्टीकरण जारी किया गया है कि ऊंचे मूल्य के नोट मेट्रो स्टेशनों पर पहले 72 घंटों तक स्वीकार किए जाएंगे। यानी शनिवार तक यात्री 500 और हजार रुपए का नोट चला सकेंगे।

मोदी स्‍टाइल में जीते ट्रंप: नरेंद्र और डोनाल्‍ड में हैं ये 5 समानताएं

मोदी और ट्रंप, दोनों राइट विंग राजनैतिक दलों से आते हैं।

डोनाल्‍ड ट्रंप अमेरिका के अगले राष्‍ट्रपति चुने गए हैं। राजनैतिक विश्‍लेषकाें को गलत साबित कर ट्रंप ने हिलेरी क्लिंटन को हराया। उनकी यह जीत भारत में 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत से जोड़कर देखी जा रही है। एक बिजनेसमैन और रियल एस्‍टेट डेवलपर के तौर पर ट्रंप ने मोदी और उनके नेतृत्‍व को सराहा है। मोदी और ट्रंप, दोनों राइट विंग राजनैतिक दलों से आते हैं। दाेनों के बीच में कई समानताएं हैं, मसलन- नरेंद्र मोदी को जनता की नब्‍ज पकड़ने में माहिर माना जाता है। अपने विदेशी दौरों पर पीएम मोदी भीड़ को आकर्षित करने के लिए काफी कोशिश करते हैं। टोक्‍यों में ड्रम बजाने से लेकर अफ्रीका में बच्‍चे के कान खींचने से लेकर, कई मौकों पर मोदी ने औपचारिकता दरकिनार कर लोगों से सीधा संपर्क किया है। डोनाल्‍ड ट्रंप एक शौमैन हैं, उन्‍होंने व्‍हाइट हाउस के उत्‍तराधिकारी के चुनाव को पूरी तरह से बदल दिया है। उनकी प्रचार शैली पूरी तरह से नाटकीय रही है। आइए आपको बताते हैं, नरेंद्र मोदी और डोनाल्‍ड ट्रंप में और क्‍या समानताएं हैं.

डोनाल्‍ड ट्रंप अमेरिका के अगले राष्‍ट्रपति चुने गए हैं। राजनैतिक विश्‍लेषकाें को गलत साबित कर ट्रंप ने हिलेरी क्लिंटन को हराया। उनकी यह जीत भारत में 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत से जोड़कर देखी जा रही है। एक बिजनेसमैन और रियल एस्‍टेट डेवलपर के तौर पर ट्रंप ने मोदी और उनके नेतृत्‍व को सराहा है। मोदी और ट्रंप, दोनों राइट विंग राजनैतिक दलों से आते हैं। दाेनों के बीच में कई समानताएं हैं, मसलन- नरेंद्र मोदी को जनता की नब्‍ज पकड़ने में माहिर माना जाता है। अपने विदेशी दौरों पर पीएम मोदी भीड़ को आकर्षित करने के लिए काफी कोशिश करते हैं। टोक्‍यों में ड्रम बजाने से लेकर अफ्रीका में बच्‍चे के कान खींचने से लेकर, कई मौकों पर मोदी ने औपचारिकता दरकिनार कर लोगों से सीधा संपर्क किया है। डोनाल्‍ड ट्रंप एक शौमैन हैं, उन्‍होंने व्‍हाइट हाउस के उत्‍तराधिकारी के चुनाव को पूरी तरह से बदल दिया है। उनकी प्रचार शैली पूरी तरह से नाटकीय रही है। आइए आपको बताते हैं, नरेंद्र मोदी और डोनाल्‍ड ट्रंप में और क्‍या समानताएं हैं.

विकास के वादे ने किया कमाल: चुनाव प्रचार के दौरान डोनाल्‍ड ट्रंप अमेरिका के पुराने प्रभुत्‍व को वापस लाने और विकास की जोरदार वकालत करते रहे। उनके चुनाव प्रचार अभियान का नारा था- मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (अमेरिका को फिर से महान बनाओ)। ट्रंप ने 2008 के बाद बुरी तरह लड़खड़ाई अर्थव्‍यवस्‍था को दुरुस्‍त करने का वादा करते हुए नई नौकरियां सृजित करने का दावा किया। वैश्विक मंदी के दौर में अमेरिका में बड़े पैमाने पर लोगों की नौकरियां छिन रही थीं। ट्रंप ऐसे में आशा की एक किरण बनकर उभरे और अमरीकियों ने उन्‍हें अपना नेता चुनने में हिचक नहीं दिखाई। दूसरी तरफ, नरेंद्र मोदी ने 2014 में पूरा लोकसभा चुनाव ही विकास के मुद्दे को आगे कर लड़ा। प्रचार के दौरान ‘सबका साथ, सबका विकास’ जैसे नारे ने मोदी की चुनावों पर पकड़ और मजबूत कर दी। इसके अलावा भ्रष्‍टाचार के खिलाफ मोदी के मुखर होने से भी भाजपा को प्रचंड बहुमत हासिल करने में कामयाबी मिली।

अप्रत्‍याश‍ित नतीजों से चौंकाया: 2014 में जब भारत में लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार चल रहा था, तो किसी राजनैतिक विश्‍लेषक ने भाजपा की इतनी बड़ी जीत की कल्‍पना नहीं की थी। खुद भाजपा के आंतरिक सर्वेक्षणों में इतनी ज्‍यादा सीटों का अनुमान नहीं लगाया गया था, मगर जब नतीजे आए तो बीजेपी अपने स्‍थापना काल से अब तक सबसे ज्‍यादा सीटें जीतकर सरकार बनाने को तैयार थी। 2016 में डोनाल्‍ड ट्रंप के जीत का अनुमान बेहद कम सर्वेक्षणों में किया गया था, मगर जिस तरह से ट्रंप ने चुनावों में जीत हासिल की, उसने बड़े-बड़े राजनैतिक समीक्षकों को एक बार फिर गच्‍चा दे दिया।

कट्टर छवि, तुरंत एक्‍शन का वादा: नरेंद्र मोदी और डोनाल्‍ड ट्रंप, दोनों को राजनैतिक समीक्षक ‘कट्टर’ बताते रहे हैं। प्रचार के दौरान डोनाल्‍ड ट्रंप के मुस्लिमों के खिलाफ की गई नकरात्‍मक टिप्‍पणि‍यों की वजह से कई बार उनकी तुलना नरेंद्र मोदी से की गई। ट्रंप हर मुद्दे पर तुरंत एक्‍शन लेने की वकालत करते हैं, चाहे वो सीरिया में इस्‍लामिक स्‍टेट के खिलाफ जंग छेड़ने का मसला हो या फिर अमेरिका में मुुस्लिमों पर प्रतिबंध लगाने की बात करना हो। दूसरी तरफ, नरेंद्र मोदी ने कई मुद्दों पर कड़े और तत्‍काल फैसले किए हैं।

 

नोटों को बंद के फैसले को ममता ने कहा Heartless, धन वापसी को लेकर मोदी को बताया नाटकबाज

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज पांच सौ और एक हजार रूपये के नोटों को हटाने के केन्द्र के फैसले को ‘‘निर्मम एवं बिना सोच समझकर’’ किया गया फैसला बताया जिससे ‘‘वित्तीय दिक्कतें’’ होंगी।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज पांच सौ और एक हजार रूपये के नोटों को हटाने के केन्द्र के फैसले को ‘‘निर्मम एवं बिना सोच समझकर’’ किया गया फैसला बताया जिससे ‘वित्तीय दिक्कतें’ होंगी।  ममता ने इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। उन्होंने पीएम मोदी के इस फैसले को हर्टलेस करार दिया। ममता ने मोदी सरकार पर ‘‘विदेश से काला धन वापस लाने में नाकामी से ध्यान हटाने के लिए नाटक करने’’ का आरोप लगाया। उन्होंने कई ट्वीट करके कहा कि इस कठोर फैसले को वापस लिया जाए। मैं कालेधन, भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त हूं, लेकिन आम लोगों तथा छोटे कारोबारियों के बारे में गहराई से चितिंत हूं। वे कल सामान कैसे खरीदेंगे? यह वित्तीय अव्यवस्था और आपदा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अमीरों से विदेश में जमा कालाधन वसूलने का वादा नहीं पूरा कर पाए इसलिए इस नाकामी से ध्यान हटाने के लिए नाटक किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालेधन और जाली नोट पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए आठ नवंबर की आधी रात से 500 और 1000 रुपये के नोट बंद कर दिए  हैं। पीएम मोदी ने अचानक से देश को संबोधित करते हुए यह एलान किया। उन्‍होंने यह मुद्राएं कानूनी रूप से अमान्‍य होगी। 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट कागज के टुकड़े के समान रह जाएंगे। उन्‍होंने कहा कि पिछले दशकों से हम यह अनुभव कर रहे हैं कि देश में भ्रष्‍टाचार और कालाधन ने अपनी जड़ें जमा ली हैं। देश से गरीबी हटाने में भ्रष्‍टाचार और कालाधन सबसे बड़ी बाधा है। एक तरफ तो हम विश्‍व में आगे बढ़ने वाले देशों में शामिल है लेकिन दूसरी ओर भ्रष्‍टाचार के मामले में हम 76वें नंबर पर पहुंच गए हैं। यह दर्शाता है कि भ्रष्‍टाचार किस तरह फैला हुआ है। कुछ वर्ग गरीबों को नजरअंदाज कर रहे हैं। इससे वे फलते-फूलते रहे हैं। वहीं देश के करोड़ों लोगों ने ईमानदारी को जीकर दिखाया है। पीएम ने कहा कि 100, 50, 20, 10, 5, 2 और 1 रुपया जारी रहेंगे।

500-1000 रुपए के नोट बदलने में आपको ना हो परेशानी, इसलिए बैंक उठाएंगे यह कदम

सरकार ने कहा है कि बैंक लोगों को 500 रुपए व 1000 रुपए के चलन से बाहर हो चुके नोट बदलने में मदद के लिए अतिरिक्त काउंटर खोलेंगे तथा अतिरिक्त काम करेंगे।

सरकार ने कहा है कि बैंक लोगों को 500 रुपए व 1000 रुपए के चलन से बाहर हो चुके नोट बदलने में मदद के लिए अतिरिक्त काउंटर खोलेंगे तथा अतिरिक्त काम करेंगे। सरकार ने 500 रुपए व 1000 रुपए मूल्य के मौजूदा करेंसी नोटों को मंगलवार रात (8 नवंबर) से अवैध घोषित कर दिया है। आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैंक काउंटरों पर अफरा तफरी व भीड़ की संभावना को देखते हुए सरकार व रिजर्व बैंक ने मुंबई व दिल्ली में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं ताकि किसी तरह के संकट को टाला जा सके। बैंक बुधवार यानी आज बंद रहेंगे। लोगों को दस नवंबर से अपने मौजूदा अवैध 500 रुपए व 1000 रुपए के नोट बैंक और डाकघरों के जरिए बदलने की अनुमति होगी।
ग्राहक 30 दिसंबर तक 500 व 1000 रुपए के कितनी भी राशि के नोट अपने बैंक खातों में जमा करवा सकते हैं। इसके अलावा 24 नवंबर तक वे किसी भी बैंक अथवा डाकघर से 4000 रुपए प्रतिदिन तक अदला बदली कर सकेंगे इसके लिए उन्हें अपना पहचान पत्र दिखाना होगा। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने 500 रुपए व 2000 रुपए के उच्च सुरक्षा मानकों वाले नये नोटों का विनिर्माण तेजी से शुरू कर दिया है। ये नोट पुराने नोट का स्थान लेंगे। 500 व 2000 रुपए के नये नोट 10 नवंबर से चलन में आ जाएंगे।

डोनाल्ड ट्रंप जीते तो हो सकता है भारत को नुकसान, बदल सकती हैं ये अमेरिकी नीतियां

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर वो राष्ट्रपति बने तो आतंकवाद प्रभावित देशों से आने वाले प्रवासियों पर अंकुश लगा देंगे।

अमेरिका का अगला राष्ट्रपति कौन बनेगा ये अब से कुछ ही देर में साफ हो जाएगा। अभी तक मिले रुझान में रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप आगे चल रहे हैं। ट्रंप का चुनाव प्रचार काफी विवादित रहा था। उन्होंने चुनाव जीतने पर अमेरिका की कई नीतियों को बदलने की बात कही है। आइए देखते हैं कि ट्रंप चुनाव जीतते हैं तो किन नीतियों में बदलाव कर सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव प्रचार में प्रवासियों का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। संभव है कि राष्ट्रपति बनते ही वो अवैध रूप से अमेरिका में रहने वाले प्रवासियों को उनके देश वापस भेजने की शुरुआत कराएं। एक ताजा अध्ययन के अनुसार अमेरिका में करीब एक लाख साठ हजार अवैध प्रवासी हैं। लेकिन ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि अमेरिका में 20 लाख अवैध प्रवासी हैं। ट्रंप आतंकवाद प्रभावित इलाकों से आने वाले प्रवासियों पर भी अंकुश लगा सकते हैं। ट्रंप ने अमेरिका की दक्षिणी सीमा से आने वाले प्रवासियों पर भी रोक लगाने की बात कही है।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रचार के दौरान कहा था कि वो नाटो के सहयोगी देशों को सैन्य मदद पर भी अंकुश लगा सकते हैं। ट्रंप ने कहा है कि अगर वो जीते तो अमेरिका उन्हीं देशों की सैन्य मदद करेगा जो उसकी शर्तें मानेंगे। दूसरे विश्व युद्ध के बाद शायद पहली बार किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सहयोगी देशों की सैन्य मदद को लेकर ऐसा बयान दिया है। ट्रंप ने अमेरिकी जनता से वादा किया है कि अगर वो जीते तो इराक और लेवांत में इस्लामिक स्टेट पर कहर टूट पड़ेगा। ट्रंप के बयानों से संकेत मिलता रहा है कि वो सीरिया में बशर अल असद सरकार के समर्थक हैं। जबकि मौजूदा अमेरिका प्रशासन बशर विरोधियों को समर्थन दे रहा है।
ट्रंप ने पर्यावरण और ऊर्जा क्षेत्र में भी पुरानी अमेरिकी नीति बदलने की बात कही है। ट्रंप ने अमेरिका के क्लाइमेट चेंज प्रोग्राम को दिए जाने अरबों डॉलर की मदद को बंद करने की बात कही है। ट्रंप ने कहा है कि वो इस पैसे को अमेरिका में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में खर्च करेंगे।ट्रंप ने अमेरिकी तेल और प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर पर लगे प्रतिबंध भी हटाने की बात कही है ताकि इनका उत्पादन बढ़ाया जा सके।
ट्रंप ने कहा है कि ओबामा के दिए हर एक्जिक्यूटिव एक्शन, मेमोरंडम और आर्डर को रद्द कर देंगे। ट्रंप के प्रचार टीम से जुड़े एक सदस्य ने हाल ही में कहा था कि अगर ट्रंप जीतते हैं तो बराक ओबामा द्वारा दिए गए करीब 25 एग्जिक्यूटिव ऑर्डर रद्द किए जा सकते हैं। ट्रंप ओबामा के जिन एग्जिक्यूटिव ऑर्डर को रद्द करने की तरफ इशारा करते रहे हैं उनमें सबसे ऊपर ओबारा द्वारा लायी गई स्वास्थ बीमा योजना है। इस योजना का लाभ एक करोड़ से अधिक अमेरिकयों को मिला था। ट्रंप ने कहा है कि वो इसकी जगह नई स्वास्थ्य बीमा योजना लाएंगे जिस पर अमेरिका सरकार का ज्यादा नियंत्रण होगा।

ट्रंप ने मतदान से दो दिन पहले ही बयान दिया था कि चीन और भारत अमेरिकियों के रोजगार छीन रहे हैं। ऐसे में अगर वो चुनाव जीतते हैं तो अमेरिका से नौकरियों की आउटसोर्सिंग पर भी असर दिखेगा। भारत के सॉफ्टवेयर सेक्टर पर इसका काफी असर पड़ सकता है। नस्ली भेदभाव का लेकर भी ट्रंप का नजरिया काफी रूढ़िवादी रहा है। उन्होंने कालों की हत्या के खिलाफ होने वाले विरोध प्रदर्शनों को कड़ाई से निपटने की बात कही है। समलैंगिक अधिकारों को लेकर भी ट्रंप का नजरिया रूढ़िवादी हैं। उन्होंने साफ तौर पर समलैंगिक विवाहों का विरोध नहीं किया लेकिन वो संकेत दे चुके हैं को वो इसे लेकर सकारात्मक राय नहीं रखते। ट्रंप ने गर्भपात के कारोबार पर भी अंकुश लगाने की बात कही है। हालांकि इस मुद्दे पर ट्रंप अपने बयान बदलते रहे हैं। ट्रंप ने वाशिंगटन में “काला धन” पर रोक लगाने की भी बात कह चुके हैं। ऐसे में अगर वो चुनाव जीते तो अमेरिकी की कई दशकों से चली आ रही कई नीतियों में बदलाव देखने को मिल सकता है।