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रायपुर : ‘जइसे मालिक लिये-दिये तइसे दिए असीस हो, अन्नधन तोर कोठा भरे जियो लाख बरीस हो मुख्यमंत्री ने दुगली में आदर्श गौठान के लोकार्पण के बाद ठेठ अंदाज चरवाहों के साथ लगाया दोहा

रायपुर, 21 अगस्त 2019 देश के पूर्व प्रधानमंत्री  राजीव गांधी के 75वें जन्म दिवस के अवसर पर विकासखण्ड नगरी के ग्राम दुगली में आयोजित ग्राम सुराज एवं वनाधिकार मड़ई में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अंगारमोती आदर्श गौठान का लोकार्पण किया। इसके बाद उन्होंने गांव के ईष्ट आराध्य सांहड़ा देव की पूजा-अर्चना कर चरवाहों से अनौपचारिक तौर पर रू-ब-रू हुए। मुख्यमंत्री का चरवाहों ने पारम्परिक खुमरी पहनाकर व ठेठवार लाठी भेंट कर स्वागत किया तथा उनकी अगुवाई में छत्तीसगढ़ी दोहे लगाए। इस बीच मुख्यमंत्री खुद को रोक नहीं पाए और ठेठ छत्तीसगढ़िया अंदाज में दोहे लगाए- ‘‘जइसे मालिक लिये दिये तइसे दिये असीस हो, अन्नधन तोर कोठा भरे जियो लाख बरीस हो....।‘‘ इसके बाद उन्होंने चरवाहों को इनाम (बिदागरी) के तौर पर 500 रूपए भी दिए।

मुख्यमंत्री ने दुगली-सिंगपुर मार्ग पर 3.06 एकड़ में बनाए गए इस गौठान की प्रशंसा की। यहां  बनाई गई सुविधाओं, चरवाहा विश्राम का अवलोकन किया। इस गौठान में 3 एचपी क्षमता वाले सोलर पम्प, पैरा संग्रहण के लिए मचान तथा पशुओं के पेयजल की व्यवस्था के लिए कोटना का निर्माण मनरेगा मद से 8.42 लाख रूपए तथा मध्यक्षेत्र विकास प्राधिकरण की मद से 16.09 लाख रूपए (24 लाख 51 हजार रूपए) की लागत से तैयार किया गया है। विदित हो कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी का 14 जुलाई 1985 को इस गांव में आगमन हुआ था, जिसके बाद से इसे राजीव ग्राम के नाम से जाना जाने वाले दुगली में सरकार की प्राथमिकता वाली सभी योजनाओं का बेहतर तरीके से क्रियान्वयन किया जा रहा है।

शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी ग्राम योजना के तहत नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी प्रोजेक्ट के अंतर्गत वनाच्छादित ग्राम दुगली में आदर्श गौठान बनाया गया है। गांव की आराध्य देवी अंगारमोती माता के नाम से स्थानीय परिवेश में स्थानीय संसाधनों से इस गौठान का निर्माण किया गया है। दुगली में 551 परिवार व 1301 आबादी निवास करती है। इनमें से 208 परिवारों के पास 620 मवेशी हैं। यहां 10 एकड़ में चारागाह निर्माण भी प्रस्तावित है। दुगली में गौठान बनाने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण से सिहावा विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव द्वारा अनुशंसा राशि स्वीकृत की गई है।

नहीं रहे मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता बाबूलाल गौर का भोपाल के अस्पताल में निधन हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर को बुधवार शाम उनको भोपाल के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। बाबूलाल गौर को फेफड़ों में इन्फेक्शन की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां प्रारंभिक जांच के बाद उनमें निमोनिया के लक्षण पाए गए।इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में रखा था। बता दें गौर की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलते ही बीजेपी के कई नेता उनसे मिलने अस्पताल पहुंच गए।गुरुवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनसे जाकर अस्पताल में मुलाकात की थी। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के निधन के समय अस्पताल में बाबूलाल गौर की पुत्रवधू और भोपाल की गोविंदपुरा विधानसभा सीट से विधायक कृष्णा गौर भी मौजूद रही।

36 हजार करोड़ का नान घोटाला, लेखाधिकारी चंद्राकर के ठिकानों पर छापे, करोडो की संपत्ति बरामद

ईओडब्ल्यू टीम ने दुर्ग में घर और ससुराल सहित कांकेर स्थित कार्यालय में दी दबिश, बैंगलुरू में भी फ्लैट मिला

नागरिक आपूर्ति निगम (नान) घोटाले में सोमवार को ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) की टीम ने उपलेखाधिकारी रहे चिंतामणि चंद्राकर के ठिकानों पर दबिश दी। एक साथ चार ठिकानों पर दी गई दबिश में टीम ने करोड़ों रुपए की संपत्ति बरामद की है। इसके बाद उसके ऊपर आय से अधिक संपत्ति मामले में एफआईआर दर्ज की गई। उपलेखाधिकारी चंद्राकर के ऊपर कथित तौर पर 36 हजार करोड़ रुपए के घोटाले में शामिल होने का आरोप है। 

वर्ष 2015 में उजागर हुए नान घोटाले के दौरान चिंतामणि चंद्राकर वहीं पदस्थ था। आरोप है कि उस दौरान सांठगांठ कर चंद्राकर ने खुद की नियुक्ति कई महत्वपूर्ण पदों पर कराई और रैकेट बनाकर अपने और परिवार वालों के नाम पर करोड़ों की संपत्ति बनाई। इसके बाद से ही ईओडब्ल्यू की नजर आय से अधिक संपत्ति के मामले में इसके ऊपर थी। टीम ने कोर्ट ने अनुमति मिलने के बाद सोमवार तड़के एक साथ चंद्राकर के चार ठिकानों पर दबिश दी। 

वर्तमान में चंद्राकर स्टेट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड कांकेर में उप लेखाधिकारी के पद पर तैनात है। ऐसे में टीम ने कांकेर स्थित उसके कार्यालय सहित दुर्ग के आदर्श नगर स्थित घर और ससुराल पर छापा मारा। उसी समय एक टीम ने बैंगलुरू में बेटे हर्ष चंद्राकर के फ्लैट पर छापेमारी की। जांच टीम को यहां से करोड़ो की चल अचल सम्पत्ति की जानकारी मिली है। शाखा के अधिकारियों का कहना है कि चंद्राकर शुरू से संदेह के घेरे में था, लेकिन अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर बचता रहा। 

यह है नान घोटाला : वर्ष 2015 में सार्वजानिक वितरण प्रणाली में भारी गड़बड़ी होने का पता चला था। इस स्कीम के तहत छत्तीसगढ़ सरकार गरीबों को एक रुपए किलो के हिसाब से चावल बांटती है। ईओडब्ल्यू और एसीबी टीम ने फरवरी 2015 में नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी।  इसमें 36 हजार करोड़ की आर्थिक अनियमितता की जानकारी मिली। इसी गड़बड़ी की अब प्रदेश की मौजूदा कांग्रेस सरकार नए सिरे से जांच करा रही है। 

पशुपालन विभाग के उप संचालक के खिलाफ नियम विरुद्ध दवा खरीदी में आरोप पत्र जारी, छत्तीसगढ़ शासन पशुधन विभाग के उप सचिव ने जारी किया आरोप पत्र

छत्तीसगढ़ शासन पशुधन विभाग मंत्रालय के उप सचिव ने जारी किया आरोप पत्र

डी०के०सोनी अधिवक्ता के शिकायत पर जांच में दवा खरीदी में गड़बड़ी करने का मामला प्रमाणित हुआ 

31.29 लाख के दवा खरीदी का है मामला 

सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेज से हुआ था खुलासा

 डी०के०सोनी अधिवक्ता एवं आर टी आई कार्यकता की शिकायत पर उप संचालक डॉ एस पी सिंह के विरुद्ध वर्ष 2016-17 में 31.29 लाख रुपये की दवा खरीदी में भंडार नियमो का पालन नही करने तथा कोटेशन के आधार पर दवा क्रय की गई थी जिसकी शिकायत की गई थी शिकायत की जांच में मामला प्रमाणित पाया गया था। 

मामला पशुधन विकास विभाग अम्बिकापुर जिला सरगुजा के उप संचालक डॉ एस पी सिंह द्वारा वर्ष 2016-17 में 31.29 लाख रुपये की दवा खरीदी भंडार क्रय नियमो के विरुद्ध कोटेशन के अधार पर की गई थी। उक्त राशि से दवा छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कारपोरेशन से क्रय किये जाने के निर्देश शासन द्वारा दिये गए थे  परंतु डॉ एस पी सिंह द्वारा छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कारपोरेशन से दवा खरीदी न कर 31.29 लाख रुपये की दवा कुछ निजी फर्मो को लाभ पहुचाते हुए कोटेशन बुलाकर खरीद ली गई जबकि छग भंडार क्रय नियमो के अनुसार 50 हजार से अधिक की सामग्री कोटेशन से क्रय नही की जा सकती एव इस हेतु खुली निविदा बुलवाई जानी चाहिए थी। डॉ एस पी सिंह द्वारा इस प्रकिया में दवाएं काफी उच्च दरो पर क्रय कर वयापक भरस्टाचार किया गया ।। जिसकी शिकायत डीके सोनी के द्वारा की गई शिकायत पर इसकी जाँच कलेक्टर सरगुजा द्वारा की गई एव शिकायत को प्रमाणित पाया गया । जिसे कलेक्टर सरगुजा द्वारा डॉ एस पी सिंह के विरुद्ध कार्यवाही हेतु जाँच प्रतिवेदन  के साथ शासन को भेजा गया।

छग शासन द्वारा उपरोक्त जाँच प्रतिवेदन के आधार पर पत्र क्रमांक एफ 5-11/2017/35 अटल नगर रायपुर दिनांक 22/6/19 के द्वारा डॉ एस पी सिंह की विभगीय जांच संस्थित करते हुए आरोप पत्र जारी किया गया है।

डॉ एस पी सिंह वर्त्तमान में उप संचालक के पद पर अम्बिकापुर जिला सरगुजा में पदस्थ है इनके सरगुजा में पदस्थ रहने से जांच प्रभावित होने एव दस्तावेजो से छेड़छाड़ की सम्भावना है । इसलिए डी के सोनी ने डॉ एस पी सिंह को अन्यत्र स्थानन्तरित करने हेतु रविन्द्र चौबे मंत्री पशुपालन विभाग को पत्र  लिखकर भेजा गया है 

BBN24न्यूज़ खबर का असर -यात्री बस में लूटपाट व आगज़नी मामले में धरे गए आरोपियों ने किये कई और ख़ुलासे

शैलेश गुप्ता

नारायणपुर :- बीते 12 अगस्त की रात नारायणपुर - कोंडागांव मार्ग पर गंगामुंडा - कोकोड़ी के पास लगभग 8 बजे बस्तर ट्रेवल्स की बस क्रमांक सीजी 17 एफ 0930 को रुकवा कर देशी पिस्टल दिखाते फ़िल्मी स्टाईल में लूटमार करने व बस को आग के हवाले करने की ख़बर प्रमुखता से उठाया था। साथ इस घटना में माओवादियों के हाथ न होकर किसी अन्य गिरोह के हाथ होने का शक भी BBN 24 न्यूज़ ने पहले ही ज़ाहिर कर दिया था। समाचार दिखाने के बाद से ही पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग में नेतृत्व में सिटी कोतवाली, बेनूर थाना व सायबर सेल की टीम बनाकर आरोपियों की पहचान करना आरंभ कर दिया था। लूटे हुए मोबाईल फ़ोन के लोकेशन अनुसार पुलिस ने घेराबंदी करके कोंडागांव ज़िले के बम्हनी गांव से माधव कुलदीप पिता बजरंग कुलदीप को धर दबोचा। माधव कुलदीप से सख्ती से पूंछताछ करने पर उसके पास से छुपाकर रखें लूट के 4 मोबाईल फोन, 9 हजार 500 रुपये, घटना में उपयोग किया गया हीरो ग्लेमर मोटरसाइकिल और 2 एयर पिस्टल बरामद किए गए। इसी के साथ माधव ने घटना में शामिल अन्य आरोपियों के नाम भी उज़ागर किये जिसे सुनकर पुलिस महकमे सहित समस्त क्षेत्र के लोग चौक गए। आपको बता देकि इस घटना में कुल चार आरोपी शामिल थे जिसमें से एक स्वयं माधव कुलदीप था जबकि अन्य में हिरदु राम कमेटी पिता मेहत्तर निवासी ग्राम बेंचा, डोलेंद्र बघेल पिता लेदु ग्राम पोलंग व ओंकार कुमेटी शामिल रहे। आरोपी हिरदु के पास से पुलिस ने 10 हजार नगद व 3 मोबाइक फ़ोन और डोलेंद्र के पास से 10 हजार नगद, 1 स्पेलंडर मोटरसाइकिल व 3 मोबाईल फ़ोन बरामद किया गया। जांच के उपरांत पुलिस विभाग ने आरोपियों ने नाम का ख़ुलासा करते हुए गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जहां से उनजे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। आपको बता देकि घटना में एक सामान्य ग्रामीण एक पुलिस डिपार्टमेंट से बर्खास्त आरक्षक, एक महीनों से सेवा से नदारत आरक्षक एक खुपिया सैनिक शामिल थें।

CM भूपेश बघेल की बड़ी सौगात 27 के बजाय अब होंगे 28 जिले और होंगे 25 नये तहसील

रायपुर:- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता दिवस पर जनता के नाम सन्देश में कहा - हमने प्रशासन को जनहित के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए एक ओर जहां अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने मूल कार्यों पर ध्यान देने के लिए सचेत किया, वहीं जवाबदेही तय करने के लिए लोकसेवा गारंटी अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया है। CM भूपेश बघेल ने कहा कि आज मैं एक और बहु-प्रतीक्षित मांग पूरी करते हुए एक नए जिले के निर्माण की घोषणा करता हूं। यह जिला गौरेला- पेण्ड्रा-मरवाही के नाम से जाना जाएगा। इस तरह अब छत्तीसगढ़ 28 जिलों का राज्य बन जाएगा। इसके अलावा 25 नई तहसीलें भी बनाई जाएंगी।भूपेश बघेल ने कहा- छत्तीसगढ़ में हाथियों की आवा-जाही से कई बार जान-माल की हानि होती है। इसकी एक बड़ी वजह है, हाथियों को उनकी पसंदीदा जगह पर रहने की सुविधा नहीं मिल पाना भी है। इस दिशा में भी हमने गंभीरता से विचार किया है और आज मैं लेमरू एलीफेंट रिजर्व की घोषणा करता हूं।यह दुनिया में अपनी तरह का पहला एलीफेंट रिजर्व होगा, जहां हाथियों का स्थाई ठिकाना बन जाने से उनकी अन्य स्थानों पर आवा-जाही तथा इससे होने वाले नुकसान पर भी अंकुश लगेगा और जैव विविधता तथा वन्य प्राणी की दिशा में प्रदेश का योगदान दर्ज होगा।हमने प्रशासन को जनहित के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए एक ओर जहां अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने मूल कार्यों पर ध्यान देने के लिए सचेत किया, वहीं जवाबदेही तय करने के लिए लोकसेवा गारंटी अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिष्चित किया है। आज मैं एक और बहु-प्रतीक्षित मांग पूरी करते हुए एक नए जिले के निर्माण की घोषणा करता हूं। यह जिला गौरेला- पेण्ड्रा-मरवाही के नाम से जाना जाएगा। इस तरह अब छत्तीसगढ़ 28 जिलों का राज्य बन जाएगा। इसके अलावा 25 नई तहसीलें भी बनाई जाएंगी।

जम्मू : कश्मीर पर सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से किया इनकार कहा सरकार पर भरोसा करना होगा |


नई दिल्ली_ जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इनकार किया है | सुप्रीम कोर्ट ने हालात में सुधार की उम्मीद करते हुए सुनवाई को 2 हफ्ते के लिए टाल दिया है . सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह संवेदनशील मुद्दा है . हमें कुछ दिन और इंतजार करना चाहिए . इसके साथ ही यह भी कहा कि सरकार पर भरोसा करना होगा.  न्यायालय ने कहा जम्मू - कश्मीर की मौजूदा स्थिति ^बहुत ही संवेदनशील^ है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वहां किसी की जान नहीं जाये.   

बाल बाल बचे राजिम विधायक .....गाड़ी के उड़े परखच्चे विधायक को लगी मामूली चोट.... कहा भगवान भोलेनाथ की कृपा से बच गई मेरी जान

रायपुर:-राजिम विधायक अमितेष शुक्ला आज एक हादसे में बाल-बाल बच गए। जानकारी के मुताबिक विधायक शुक्ला एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इस बीच फिंगेश्वर-महासमुंद मार्ग पर अमितेष की गाड़ी और पायलेटिंग गाड़ी आपस में भिड़ गई। जिसमें गाड़ी के परखच्चे उड़ गए हैं लेकिन फिलहाल इस घटना में किसे की हताहत होने की खबर नहीं हैं।

राजिम विधायक अमितेष शुक्ल की गाड़ी आज उस समय दुर्घटनाग्रस्त का शिकार हो गई, जब वे मंदिर में सहस्त्र जलाभिषेक कर लौट रहे थे। हालांकि इस दुर्घटना में गाड़ी की हालत देखकर एक बार जरूर लगेगा कि, न जाने यात्री व चालक का हाल बुरा होगा, लेकिन अच्छी बात ये है कि दुर्घटना में कोई अनहोनी नहीं हुई। विधायक को मामूली चोटें आई है, लेकिन गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद अमितेष शुक्ल ने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से मेरी जान बच गई। गौरतलब है कि अंतिम सावन सोमवार को विधायक अमितेष शुक्ल ने राजिम के बाबा गरीबनाथ मंदिर में सहस्त्र जलाभिषेक किया। इसके बाद वे विधानसभा के ग्राम लचकेरा के लचकेश्वरनाथ महादेव मंदिर जलाभिषेक कार्यक्रम में जा रहे थे। शाम 6 बजे फिंगेश्वर महासमुंद प्रमुख मार्ग में सरार नाला के समीप विधायक का काफिला गुजर रहा था। इस दौरान सामने सड़क पर भैंस आ गई। पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी ने भैंस को बचाने के लिए वाहन को नियंत्रित किया। इससे पीछे आ रही विधायक की गाड़ी टकरा गई, जिससे गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। वाहन में सवार पीएसओ अनिल तिवारी व दिनेश पांडे ने तत्काल विधायक अमितेष शुक्ल को गाड़ी से बाहर निकाला।

गांवों के हालात बदलने एक साथ कई उपायों पर करने होंगे काम: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

प्रदेश के एक हजार नरवा होंगे पुनर्जीवित

मुख्यमंत्री ने पहली रेडियोवार्ता लोकवाणी में लोगों के सवालों के दिए जवाब

बलौदाबाजार, 11 अगस्त 2019/ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज अपनी पहली रेडियोवार्ता लोकवाणी के जरिए प्रदेश की जनता से रू-ब-रू हुए। इस रेडियोवार्ता मेें उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दशा और दिशा बदलने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों एवं कार्यो की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण जनजीवन को खुशहाल बनाने के लिए शुरू की गई महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना को विस्तार से बताया। कृषि और ग्रामीण विकास विषय पर पहली कड़ी में पूछे गए सवालों के जबाव दिए। लोगों ने मुख्यमंत्री द्वारा लिए गए ऐतिहासिक फैसलों 2500 रूपए में धान खरीदी, तेन्दूपत्ता संग्रहण की दर 4 हजार रूपए मानक बोरा करने के साथ ही छत्तीसगढ़ के पारम्परिक त्यौहार हरेली, तीजा, माता कर्मा जयंती, छठ पूजा और विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश के लिए बधाई भी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती राज्य की अर्थव्यवस्था का आधार है। किसानों को उनकी उपज का अच्छा दाम मिलता है, तब वह पैसा गांव से लेकर शहर तक बाजारों में आता है। खेती चलती है तो कारखाने के पहिए भी चलते हैं। इसलिए हमने किसानों और उनके माध्यम से गांवों को समृद्ध बनाने की रणनीति अपनाई है। हमने 2500 रू. क्ंिवटल में धान खरीदी, कर्ज माफी, सिंचाई कर माफी और वन टाइम सेटलमेंट का निर्णय लिया, ताकि जितनी जल्दी हो सके किसानों को अपना खोया हुआ मान-सम्मान वापस मिल सके। गांवों के हालात बदलने के लिए एक-दो उपाय से काम नहीं चलेगा। खेती की जमीन में भी सुधार हो, गांव में पशुधन के रास्ते से आने वाली आय बढ़े, फूड प्रोसेसिंग इकाइयां लगे, गांव की उपज का गांवों में वेल्यू एडीशन हो।सिंचाई और निस्तार के लिए पानी की स्थाई व्यवस्था होे।इसके लिये दीर्घकालिक योजना पर काम करतेे हुए हमने ‘नरवा, गरवा, घुरवा, बारी’ को संस्थागत रूप से विकसित करने का निर्णय लिया गया है।

प्रदेश के एक हजार नरवा होंगे पुनर्जीवित

मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान और तकनीक की मदद से हम प्रदेश के 1000 नरवा को पुनर्जीवित करने की योजना बनाई है। वर्षा जल को सहेजने के लिये छोटे-बड़े वाॅटर स्ट्रक्चर बनाएंगे। छत्तीसगढ़ में 20 हजार नाले एवं 285 नदियां है। 85 बारहमासी नदिया है। इसके बावजूद भी सिचिंत रकबा मात्र 31 प्रतिशत है। वर्षा के जल को हम सहेज नही पा रहें है। जल प्रबंधन नहीं होने के कारण हमारे ट्यूबवेल रिचार्ज नहीं हो पा रहे हैं। नरवा में सतत् जल प्रवाह होगा तो ट्यूबवेल में जलस्तर बना रहेगा। प्रदेश का 44 प्रतिशत भूभाग वनाच्छादित है इसलिये ऐसे वाॅटर स्ट्रक्वर बनाएंगे जिससे पर्यावरण के या वन अधिनियम के उल्लघंन न हो। इससे न सिर्फ खेती किसानी बल्कि पेयजल एवं निस्तार के साथ ही उद्योगों के लिये जल की पर्याप्त उपलब्धता होगी। इससे पर्यावरण भी सुधरेगा।

गौठान से खेती की लागत होगी कम, बढ़ेंगे आजीविका केे साधन

मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठान निर्माण के लिये 2000 गांवों को चिन्हित किया गया है। 900 गौठानों का लोकार्पण हो चुका है। चारा, पानी की व्यवस्था के साथ 5 एकड़ जमीन को गौठान के लिये घेरने से हमें चराई से बचने 1000 एकड़ फसली जमीन को घेरने की मंहगी कवायद नहीं करनी पड़ेगी। चराई से बचने लोग खेतों का फेंसिंग कराते हैं इससे कृृषि लागत बढ़ती है। फसल चराई के डर से किसान छत्तीसगढ़ में धान के बाद उतेरा की फसल लेना छोड़ दिए हंै। इसे रोकने हमने गांवों की गौठानों को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया। गौठानों में गोबर से वर्मी खाद, उबटन, धूपबत्ती, गौमूत्र से विभिन्न औषधि आदि के निर्माण से गौठान समिति की आय होगी। अनाज में रासायनिक खाद और दवाईयों के दुष्प्रभाव को जैविक खेती से दूर किया जा सकता है। नरवा, गरवा,घुरवा, बारी योजना के संचालन की मांग लगातार आ रही है। शहरों में मवेशियों को खुले में छोड़ने से होने वाली दिक्कतों से निजात दिलाने गौठानों का संचालन किया जाएगा।

किसी भी परिस्थिति में किसान अपने को कमजोर न समझे 

कमजोर मानसून के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान किसी भी परिस्थिति में अपने आपको कमजोर न समझंे और न ही हिम्मत हारंे। अल्प वर्षा या खण्ड वर्षा वाले क्षेत्रों में कम समय और कम पानी में पकने वाली किस्मों के बीज उपलब्ध कराएं गए हैं। किसानों को ‘फसल बीमा योजना’ का लाभ दिलाने 15 अगस्त के पहले अच्छी तरह छान-बीन करने को कहा गया है ताकि कोई भी किसान न छूटे, सबके प्रीमियम सही समय पर चला जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों को सहकारी समिति और अन्य संस्थाओं के माध्यम से 8 लाख किं्वटल से अधिक बीज तथा 7 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब छत्तीसगढ़ में अब हर साल आपका धान हम 2500 रू. क्ंिवटल में ही खरीदेंगे। इस फैसले से अब कोई ताकत हमें पीछे नहीं हटा सकती। केन्द्र सरकार से चाहे जो दर मिले, हम अपने वायदे पर कायम रहेंगे।

6 माह में 280 विद्युत उपकेन्द्रों का काम पूर्ण

प्रदेश में भरपूर बिजली उपलब्धता है। बिजली प्रदाय में सुधार के लिए हमने 6 माह में अभूतपूर्व कार्य किए गए है। 316 नए उपकेन्द्र बनाने का काम तेजी से पूरा करने का निर्णय लिया गया था, जिसमें से 280 उपकेन्द्रों का काम विभिन्न योजनाओं के तहत पूरा हो चुका है। पुराने उपकेन्द्रों में 210 नए ट्रांसफार्मर लगाने तथा क्षमता बढ़ाने के काम किए गए हैं। सरगुजा में छत्तीसगढ़ की बिजली पहुंचाने और गरियाबंद में कनेक्टिविटी की समस्या हल करने के ऐसे इंतजाम किए गए हैं, जिसका इंतजार बरसों से था। हमारी सरकार ने किसानों को निःशुल्क बिजली देने की योजना जारी रखी है, जिसका लाभ 5 लाख किसानों को मिल रहा है। अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के किसानों को तो पूरी खपत पर बिजली बिल से छूट दी गई है।

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राहुल गांधी का इस्तीफा मंजूर...सोनिया गांधी फिर बनी कांग्रेस की अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष.. CWC की बैठक में हुआ निर्णय..

नई दिल्ली:-सोनिया गांधी कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष चुनी गई हैं। कांग्रेस मुख्यालय में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की मैराथन बैठक में यह फैसला हुआ। बैठक में शामिल गुलामनबी आजाद और हरीश रावत ने इसकी पुष्टि की।

राहुल गांधी शुरू में बैठक में मौजूद नहींं थे, लेकिन बीच में थोड़ी देर के लिए शामिल हुए और बैठक खत्म होने से पहले ही रवाना हो गए। बाहर आने पर आने उन्होंने कहा था कि कश्मीर से हिंसा की खबरें आ रही हैं। कश्मीर अब केंद्रशासित प्रदेश बन गया है। ऐसे में केंद्र सरकार बताए कि वहां क्या हो रहा है।

राहुल ने बताया, कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने पर चर्चा हो रही थी, तभी खबरें आईं कि जम्मू-कश्मीर में हिंसा हुई है। इस पर नेताओं ने मुझे बुलाया और तय हुआ कि कश्मीर में बिगड़ते हालात के बीच कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव नहीं होगा।

रायपुर : मुख्यमंत्री की रेडियो वार्ता ‘‘लोकवाणी‘‘ का पहला प्रसारण 11 अगस्त को


सुबह 10.30 से 10.55 बजे तक होगा लोकवाणी का प्रसारण


 रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समाज के हर वर्ग की भावनाओं, सवालों, सुझावों से अवगत होने तथा अपने विचार साझा करने के लिए ‘‘लोकवाणी‘‘ की शुरूआत कर रहे हैं। लोकवाणी का पहला प्रसारण 11 अगस्त रविवार को सुबह 10ः30 बजे से 10ः55 बजे तक छत्तीसगढ़ में स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्रों, एफएम रेडियो और क्षेत्रीय न्यूज चैनलों से किया जाएगा। लोकवाणी का प्रसारण प्रत्येक माह के दूसरे रविवार को होगा। अधिक से अधिक जनसमुदाय लोकवाणी को सुन सके इसके लिए ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों और सार्वजनिक स्थलों में विशेष व्यवस्था भी की जा रही है। 

DAKMS अध्यक्ष सहित 4 स्थायी वारंटी गिरफ्तार

 
बीजापुर:- नक्सली के मौजुदगी की सूचना पर थाना बासागुड़ा एवं कोबरा 204 की संयुक्त कार्यवाही पर मौके से डीएकेएमएस अध्यक्ष(1.00 लाख ईनामी) सहित 04 स्थाई वारंटी को गिरफ्तार किया गया है।
थाना बासागुड़ा से उप निरीक्षक राणासिंह ठाकुर एवं 204 कोबरा के सहायक कमांडेंट अभिनव पाण्डेय व बलराम के हमराह जिला बल एवं कोबरा 204 का संयुक्त बल चिलकापल्ली में नक्सलियों के मौजुदगी की थाना बासागुड़ा के लोकल इंट(int) पर सर्चिंग पर रवाना हुये थे । 
 
अनिल मड़कम एवं कुंजाम मारा 2014 में टेकुलगुड़ा में कोबरा बटालियन एवं थाना बासागुड़ा पर बम बलास्ट एवं फायरिंग कर हमला करने की घटना में शामिल थे । ओयाम मुत्ता विधानसभा चुनाव 2018 के पुलिस नक्सली मुठभेड़ में मारे गये नक्सली के पुलिस मुखबीरी के शक में तिमापुर निवासी बुधराम पुनेम की हत्या एवं वर्ष 2017 में आईईडी बलास्ट हुआ था जिसमें तिमापुर निवास अवलम मारा का बांया पैर कट गया था, उक्त दोनो घटनाओं में शामिल था । पकड़े गये 04 स्थाई वारंटी के विरूद्ध थाना बासागुड़ा में 06 स्थाई वांरट लंबित था । 
 
पुलिस अधीक्षक बीजापुर दिव्यांग पटेल द्वारा थाना बासागुड़ा की लोकल इंट की कार्यवाही से खुश होकर थाना बासागुड़ा को 5000 रूपये की नगद राशि से प्रोत्साहित किया ।थाना बासागुड़ा में विधिवत कार्यवाही उपरान्त न्यायालय दंतेवाड़ा पेश किया गया ।

बड़ी खबर : छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के केंद्रीय विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई करने वाली छात्रा का दिनदहाड़े अपरहण

अजीत मिश्रा : छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के केंद्रीय विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई करने वाली छात्रा का दिनदहाड़े अपरहण की खबर से शहर में दहशत फैल गई । छात्रा का अपरहण विश्वविद्यालय से कुछ दूरी पर स्थित पेट्रोल पंप के सामने से किया गया । अपरहण करने वाला मुख्य आरोपी उसी केंद्रीय विश्विद्यालय में ला की पढ़ाई करता है । मुख्य आरोपी का नाम प्रशांत काटले है जो कि छत्तीसगढ़ मंत्रालय में शिक्षा विभाग में पदस्थ असिटेंट डायरेक्टर का पुत्र है ।  मिली जानकारी के अनुसार अपने पिता के रशुख के दम पर पहले भी आरोपी प्रशांत ने कई बार पीड़ित छात्रा को इस घटना के पूर्व भी प्रताड़ित करता रहता था और जिला कोर्ट में भी छात्रा को जबरन ले जाने का प्रयास भी किया था जिसका विरोध और हो हल्ला होने पर आरोपी प्रशांत काटले वहाँ से भाग गया थापीड़िता छात्रा ने आरोपी की शिकायत केंद्रीय विश्वविधालय प्रशासन और पुलिस विभाग में कई गई थी । लेकिन छात्रा की शिकायत को न तो  गुरु घासीदास केंद्रीय प्रशासन ने गंभीरता से लिया ना ही पुलिस विभाग ने भी।। रशुखदार के सामने नतमस्तक ही रह है और छात्रा  की शिकायत के बाद भी आरोपी के खिलाफ कोई कार्यवाही नही की जिसके चलते आरोपी ने आज दिनदहाड़े सफ़ेद रंग की  स्विफ्ट डिजायर जिसका क्रमांक सीजी 10 ऐ जी ,8173 से अपने दो दोस्तों के साथ छात्रा का अपरहण कर लिया । लेकिन वारदात के समय  छात्रा के साथ मौजूद उसकी दोस्तो ने  तत्काल इसकीं सूचना अपने अन्य साथियों और पुलिस को दी । मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शहर में नाकेबंदी कर दिया । जिसके बाद छात्र ने छात्रा को घर के पास छोड़ दिया और फरार ही गया लेकिन सकरी पुलिस ने आरोपी को उसके साथ धरा दबोचा। छात्रा के अपहरण के सनसनीखेज मामले के कुछ ही घंटों  बाद ही पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली । पुलिस ने अपहरण में संलिप्त 3 युवकों को दबोच लिया है । मामला आज दोपहर सवा 1 बजे के आसपास का  है  कोनी पेट्रोल पंप के सामने से एक युवक ने युवती अपहरण कर लिया । उस समय युवती के साथ उसकी कुछ सहेलियां भी थी जिसने मामले की पूरी जानकारी कोनी पुलिस को दी । सूचना पर पुलिस छात्रा की तलाश में जुट गई । सकरी थाना क्षेत्र के उसलापुर निवासी नाबालिग किशोरी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के बीकॉम एलएलबी की छात्रा है। यूनिवर्सिटी में ही पढ़ने वाला छात्र प्रशांत बाइक से पेट्रोल पंप के पास पहुंचा और वहीं से अपने सफेद कार में   दोस्तों की मदद से छात्रा को जबर्दस्ती उठा कर साथ ले गया। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी प्रशांत समेत उसके दो अन्य साथियों को दबोच लिया है। पुलिस को जैसे ही इस मामले की जानकारी मिली तो पुलिस ने कोनी और आसपास के मार्गों में नाकेबंदी कर युवक की तलाश शुरू कर दी । पुलिस को लगातार युवक का लोकेशन सकरी क्षेत्र का मिल रहा था । बाद में अपहरणकर्ताओं ने युवती को सकरी क्षेत्र में ही छोड़ दिया जहां से युवती को सुरक्षित लाया गया । मिली जानकारी के मुताबिक युवती से मुख्य अपहरणकर्ता ने पहले भी मारपीट की है । पुलिस मामले में विवेचना कर रही है । वही पूरे मामले में केंद्रीय विश्विद्यालय प्रशासन विभाग ने एक बार फिर जांच का बहाना बनाकर  कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया ।

विश्व आदिवासी दिवस पर रंगारंग कार्यक्रम, प्रदेश के मुखिया हुए कार्यक्रम में शामिल

कोंडागांव (शैलेश गुप्ता) : विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर उत्तर बस्तर कोंडागांव ज़िला मुख्यालय में रंगारंग कार्यक्रम हुए। इस अवसर पर मुख अतिथी के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उपस्थित रहें। आपको बता देकि आज सुबह लगभग शासकीय हेलीकॉप्टर से कोंडागांव पहुंचे जहां कांग्रेस संगठन के कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आज कोण्डागांव में विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में परम्परागत रूप से सफेद पगड़ी और तीर कमान भेंट का स्वागत किया गया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, बस्तर सांसद श्री दीपक बैज, कोण्डागांव विधायक श्री मोहन मरकाम सहित अनेक विधायक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आदिवासीय समुदाय के लोग उपस्थित थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ज़िले में कई विकासकार्यों का भी लोकार्पण किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धारा 370 हटने के बाद का पूरा संदेश पढ़े BBN24 न्यूज़ पर…

मेंरे प्यारे देशवासियों, एक राष्ट्र के तौर पर, एक परिवार के तौर पर, आपने, हमने, पूरे देश ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। एक ऐसी व्यवस्था, जिसकी वजह से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हमारे भाई-बहन अनेक अधिकारों से वंचित थे, जो उनके विकास में बड़ी बाधा थी, वो अब दूर हो गई है। जो सपना सरदार पटेल का था, बाबा साहेब अंबेडकर का था, डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का था, अटल जी और करोड़ों देशभक्तों का था, वो अब पूरा हुआ है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में एक नए युग की शुरुआत हुई है। अब देश के सभी नागरिकों के हक भी समान हैं, दायित्व भी समान हैं। मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों को, लद्दाख के लोगों को और प्रत्येक देशवासी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। साथियों, समाज जीवन में कुछ बातें, समय के साथ इतनी घुल-मिल जाती हैं. कि कई बार उन चीजों को स्थाई मान लिया जाता है।

ये भाव आ जाता है कि, कुछ बदलेगा नहीं, ऐसे ही चलेगा। अनुच्छेद 370 के साथ भी ऐसा ही भाव था। उससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हमारे भाई-बहनों की, हमारे बच्चों की जो हानि हो रही थी, उसकी चर्चा ही नहीं होती थी। हैरानी की बात ये है कि आप किसी से भी बात करें, तो कोई ये भी नहीं बता पाता था कि अनुच्छेद 370 से जम्मू-कश्मीर के लोगों के जीवन में क्या लाभ हुआ। भाइयों और बहनों, अनुच्छेद 370 और 35-ए ने जम्मू-कश्मीर को अलगाववाद- आतंकवाद- परिवारवाद और व्यवस्थाओं में बड़े पैमाने पर फैले भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया। इन दोनों अनुच्छेद का देश के खिलाफ, कुछ लोगों की भावनाएं भड़काने के लिए पाकिस्तान द्वारा एक शस्त्र के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। इसकी वजह से पिछले तीन दशक में लगभग  42 हजार निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का विकास उस गति से नहीं हो पाया, जिसका वो हकदार था।

अब व्यवस्था की ये कमी दूर होने से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों का वर्तमान तो सुधरेगा ही,  उनका भविष्य भी सुरक्षित होगा। साथियों, हमारे देश में कोई भी सरकार हो, वो संसद में कानून बनाकर, देश की भलाई के लिए काम करती है। किसी भी दल की सरकार हो, किसी भी गठबंधन की सरकार हो, ये कार्य निरंतर चलता रहता है। कानून बनाते समय काफी बहस होती है,  चिंतन-मनन होता है, उसकी आवश्यकता, उसके प्रभाव को लेकर गंभीर पक्ष रखे जाते हैं। इस प्रक्रिया से गुजरकर जो कानून बनता है, वो पूरे देश के लोगों का भला करता है। लेकिन कोई कल्पना नहीं कर सकता कि संसद इतनी बड़ी संख्या में कानून बनाए और वो देश के एक हिस्से में लागू ही नहीं हों। यहां तक कि, पहले की जो सरकारें, एक कानून बनाकर वाहवाही लूटती थीं,  वो भी ये दावा नहीं कर पाती थीं कि उनका बनाया कानून जम्मू-कश्मीर में भी लागू होगा। जो कानून देश की पूरी आबादी के लिए बनता था, उसके लाभ से जम्मू-कश्मीर के डेढ़ करोड़ से ज्यादा लोग वंचित रह जाते थे। सोचिए, देश के अन्य राज्यों में बच्चों को शिक्षा का अधिकार है, लेकिन  जम्मू-कश्मीर के बच्चे इससे वंचित थे। देश के अन्य राज्यों में बेटियों को जो सारे हक मिलते हैं,  वो सारे हक जम्मू-कश्मीर की बेटियों को नहीं मिलते थे। देश के अन्य राज्यों में सफाई कर्मचारियों के लिए सफाई कर्मचारी एक्ट लागू है, लेकिन  जम्मू-कश्मीर के सफाई कर्मचारी इससे वंचित थे। देश के अन्य राज्यों में दलितों पर अत्याचार रोकने के लिए सख्त कानून लागू है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में ऐसा नहीं था। देश के अन्य राज्यों में अल्पसंख्यकों के हितों के संरक्षण के लिए माइनॉरिटी एक्ट लागू है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में ऐसा नहीं था। देश के अन्य राज्यों में श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए Minimum Wages (वेजेस) Act लागू है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में काम करने वाले श्रमिकों को ये सिर्फ कागजों पर ही मिलता था। देश के अन्य राज्यों में चुनाव लड़ते समय अनुसूचित जनजाति के भाई-बहनों को आरक्षण का लाभ मिलता था, लेकिन जम्मू-कश्मीर में ऐसा नहीं था। साथियों, अब आर्टिकल 370 और 35-ए, इतिहास की बात हो जाने के बाद, उसके नकारात्मक प्रभावों से भी जम्मू-कश्मीर जल्द बाहर निकलेगा, इसका मुझे पूरा विश्वास है। भाइयों और बहनों,  नई व्यवस्था में केंद्र सरकार की ये प्राथमिकता रहेगी कि राज्य के कर्मचारियों को, जम्मू-कश्मीर पुलिस को, दूसरे केंद्र शासित प्रदेश के कर्मचारियों और वहां की पुलिस के बराबर सुविधाएं मिलें। अभी केंद्र शासित प्रदेशों में, अनेक ऐसी वित्तीय सुविधाएं जैसे LTC, House Rent Allowance,  बच्चों की शिक्षा के लिए Education Allowance, हेल्थ स्कीम, जैसी अनेक सुविधाएं दी जाती हैं,  जिनमें से अधिकांश जम्मू-कश्मीर के कर्मचारियों को नहीं मिलती। ऐसी सुविधाओं का review कराकर, जल्द ही जम्मू-कश्मीर के कर्मचारियों और वहां की पुलिस को भी ये सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। साथियों, बहुत जल्द ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सभी केंद्रीय और राज्य के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे स्थानीय नौजवानों को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही केंद्र सरकार की पब्लिक सेक्टर यूनिट्स और प्राइवेट सेक्टर की बड़ी कंपनियों को भी रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए, प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा सेना और अर्धसैनिक बलों द्वारा, स्थानीय युवाओं की भर्ती के लिए रैलियों का आयोजन किया जाएगा। सरकार द्वारा प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप योजना का भी विस्तार किया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके। जम्मू-कश्मीर में राजस्व घाटा भी बहुत ज्यादा है। केंद्र सरकार ये भी सुनिश्चित करेगी की इसके प्रभाव को कम किया जाए। भाइयों और बहनों, केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाने के साथ ही, अभी कुछ कालखंड के लिए जम्मू-कश्मीर को सीधे केंद्र सरकार के शासन में रखने का फैसला बहुत सोच-समझकर लिया है। इसके पीछे की वजह समझना भी आपके लिए महत्वपूर्ण है। जब से वहां गवर्नर रूल लगा है, जम्मू-कश्मीर का प्रशासन, सीधे केंद्र सरकार के संपर्क में है। इसकी वजह से बीते कुछ महीनों में वहां Good Governance और Development का और बेहतर प्रभाव जमीन पर दिखाई देने लगा है। जो योजनाएं पहले सिर्फ कागजों में रह गई थीं,  उन्हें अब जमीन पर उतारा जा रहा है। दशकों से लटके हुए प्रोजेक्ट्स को नई गति मिली है। हमने जम्मू-कश्मीर प्रशासन में एक नई कार्यसंस्कृति लाने, पारदर्शिता लाने का प्रयास किया है। इसी का नतीजा है कि IIT, IIM, एम्स, हों, तमाम इरिगेशन प्रोजेक्ट्स हो, पावर प्रोजेक्ट्स हों,  या फिर एंटी करप्शन ब्यूरो, इन सबके काम में तेजी आई है। इसके अलावा वहां कनेक्टिविटी से जुड़े प्रोजेक्ट हों, सड़कों और नई रेल लाइनों का काम हो, एयरपोर्ट का आधुनिकीकरण हो,  सभी को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है।

साथियों हमारे देश का लोकतंत्र इतना मजबूत है। लेकिन आप ये जानकर चौंक जाएंगे कि  जम्मू-कश्मीर में दशकों से, हजारों की संख्या में ऐसे भाई-बहन रहते हैं, जिन्हें लोकसभा के चुनाव में तो वोट डालने का अधिकार था, लेकिन वो विधानसभा और स्थानीय निकाय के चुनाव में मतदान नहीं कर सकते थे। ये वो लोग हैं जो 1947 में बंटवारे के बाद पाकिस्तान से भारत आए थे। क्या इन लोगों के साथ अन्याय ऐसे ही चलता रहता? साथियों, जम्मू-कश्मीर के अपने भाई-बहनों को मैं एक महत्वपूर्ण बात और स्पष्ट करना चाहता हूं। आपका जनप्रतिनिधि आपके द्वारा ही चुना जाएगा, आपके बीच से ही आएगा। जैसे पहले MLA होते थे, वैसे ही MLA आगे भी होंगे। जैसे पहले मंत्रिपरिषद होती थी, वैसी ही मंत्रिपरिषद आगे भी होगी। जैसे पहले आपके सीएम होते थे, वैसे ही आगे भी आपके सीएम होंगे। साथियों, मुझे पूरा विश्वास है कि इस नई व्यवस्था के तहत हम सब मिलकर आतंकवाद-अलगाववाद से जम्मू-कश्मीर को मुक्त कराएंगे। जब धरती का स्वर्ग, हमारा जम्मू-कश्मीर फिर एक बार विकास की नई ऊंचाइयों को पार करके पूरे विश्व को आकर्षित करने लगेगा, नागरिकों के जीवन में Ease of Living बढ़ेगी, नागरिकों को जो उनके हक का मिलना चाहिए, वो बेरोक-टोक मिलने लगेगा, शासन-प्रशासन की सारी व्यवस्थाएं जनहित कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाएंगी, तो मैं नहीं मानता कि केंद्र शासित प्रदेश की व्यवस्था जम्मू कश्मीर के अंधर चलाए रखने की जरूरत पड़ेगी। भाइयों और बहनों, हम सभी चाहते हैं कि आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर विधानसभा के चुनाव हों, नई सरकार बने, मुख्यमंत्री बनें। मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों को भरोसा देता हूं कि आपको बहुत ईमानदारी के साथ, पूरे पारदर्शी वातावरण में अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिलेगा। जैसे बीते दिनों पंचायत के चुनाव पारदर्शिता के साथ संपन्न कराए गए, वैसे ही जम्मू-कश्मीर विधानसभा के भी चुनाव होंगे। मैं राज्य के गवर्नर से ये भी आग्रह करूंगा कि ब्लॉक डवलपमेंट काउंसिल का गठन, जो पिछले दो-तीन दशकों से लंबित है, उसे पूरा करने का काम भी जल्द से जल्द से जल्द किया जाए। साथियों, ये मेरा खुद का अनुभव है कि चार-पाँच महीने पहले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पंचायत चुनावों में जो लोग चुनकर आए, वो बहुत बेहतरीन काम कर रहे हैं। कुछ महीनों पहले जब मैं श्रीनगर गया था, तो वहां मेरी उनसे लंबी मुलाकात भी हुई थी। जब वो यहां दिल्ली आए थे, तब भी मेरे घर पर, मैंने उनसे काफी देर तक बात की थी। पंचायत के इन साथियों की वजह से जम्मू-कश्मीर में बीते दिनों ग्रामीण स्तर पर बहुत तेजी से काम हुआ है। हर घर बिजली पहुंचाने का काम हो या फिर राज्य को ODF बनाना हो, इसमें पंचायत के प्रतिनिधियों की बहुत बड़ी भूमिका रही है। मुझे पूरा विश्वास है कि अब अनुच्छेद 370 हटने के बाद, जब इन पंचायत सदस्यों को नई व्यवस्था में काम करने का मौका मिलेगा तो वो कमाल कर देंगे। मुझे पूरा विश्वास है कि जम्मू-कश्मीर की जनता अलगाववाद को परास्त करके नई आशाओं के साथ आगे बढ़ेगी। मुझे पूरा विश्वास है कि जम्मू-कश्मीर की जनता, Good Governance और पारदर्शिता के वातावरण में, नए उत्साह के साथ अपने लक्ष्यों को प्राप्त करेगी। साथियों, दशकों के परिवारवाद ने जम्मू-कश्मीर के मेरे युवाओं को नेतृत्व का अवसर ही नहीं दिया। अब मेरे ये युवा, जम्मू-कश्मीर के विकास का नेतृत्व करेंगे और उसे नई ऊंचाईयो पर ले जाएंगे। मैं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के नौजवानों, वहां की बहनों-बेटियों से विशेष आग्रह करूंगा कि अपने क्षेत्र के विकास की कमान खुद संभालिए। साथियों, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में दुनिया का सबसे बड़ा टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनने की क्षमता है। इसके लिए जो वातावरण चाहिए, शासन प्रशासन में जो बदलाव चाहिए, वो किए जा रहे हैं लेकिन मुझे इसमें हर देशवासी का साथ चाहिए।

एक जमाना था, जब बॉलीवुड की फिल्मों की शूटिंग के लिए कश्मीर पसंदीदा जगह थी। उस दौरान शायद ही कोई फिल्म बनती हो, जिसकी कश्मीर में शूटिंग न होती हो। अब जम्मू-कश्मीर में स्थितियां सामान्य होंगी, तो देश ही नहीं, दुनिया भर के लोग वहां फिल्मों की शूटिंग करने आएंगे। हर फिल्म अपने साथ कश्मीर के लोगों के लिए रोजगार के अनेक अवसर भी लेकर आएगी। मैं हिंदी फिल्म इंडस्ट्री, तेलगू और तमिल फिल्म इंडस्ट्री और इससे जुड़े लोगों से आग्रह करूंगा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में निवेश के बारे में, फिल्म की शूटिंग से लेकर थिएटर और अन्य साधनों की स्थापना के बारे में जरूर सोचें। जो टेक्नोलॉजी की दुनिया से जुड़े लोग हैं, चाहे वो प्रशासन में हों या फिर प्राइवेट सेक्टर में, उनसे भी मेरा आग्रह है कि अपनी नीतियों में, अपने फैसलों में इस बात को प्राथमिकता दें कि जम्मू-कश्मीर में कैसे टेक्नोलॉजी का और विस्तार किया जाए। जब वहां डिजिटल कम्यूनिकेशन को ताकत मिलेगी, जब वहां BPO सेंटर, कॉमन सर्विस सेंटर बढ़ेंगे, जितना ज्यादा टेक्नोलॉजी का विस्तार होगा, उतना ही जम्मू-कश्मीर के हमारे भाई-बहनों का जीवन आसान होगा, उनकी आजीविका और रोजी-रोटी कमाने के अवसर बढ़ेंगे। साथियों,  सरकार ने जो फैसला लिया है, वो जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के उन नौजवानों को भी मदद करेगा, जो स्पोर्ट्स की दुनिया में आगे बढ़ना चाहते हैं। नई स्पोर्ट्स एकैडमीज, नए स्पोर्ट्स स्टेडियम, साइंटिफिक इनवायर्नमेंट में ट्रेनिंग, उन्हें दुनिया में अपना टैलेंट दिखाने में मदद करेगी। साथियों, जम्मू-कश्मीर के केसर का रंग हो या कहवा का स्वाद सेब का मीठापन हो या खुबानी का रसीलापन, कश्मीरी शॉल हो या फिर कलाकृतियां, लद्दाख के ऑर्गैनिक प्रॉडक्ट्स हों या फिर हर्बल मेडिसिन इसका प्रसार दुनियाभर में किए जाने का जरूरत है। मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। लद्दाख में सोलो नाम का एक पौधा पाया जाता है। जानकारों का कहना है कि ये पौधा,  High Altitude पर रहने वाले लोगों के लिए, बर्फीली पहाड़ियों पर तैनात सुरक्षाबलों के लिए संजीवनी का काम करता है। कम ऑक्सीजन वाली जगह पर शरीर के इम्यून सिस्टम को संभाले रखने में इसकी बहुत बड़ी भूमिका है।

सोचिए, ऐसी अद्भुत चीज, दुनिया भर में बिकनी चाहिए या नहीं? कौन हिन्दुस्तानी नहीं चाहता है और साथियों, मैंने सिर्फ एक का नाम लिया है। ऐसे अनगिनत पौधे, हर्बल प्रॉडक्ट जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बिखरे पड़े हैं। उनकी पहचान होगी, उनकी बिक्री होगी तो इसका बहुत बड़ा लाभ वहां के लोगों को मिलेगा, वहां के किसानों को मिलेगा। इसलिए मैं देश के उद्यमियों से, Export से जुड़े लोगों से,फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से जुड़े लोगों से आग्रह करूंगा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के स्थानीय Products को दुनिया भर में पहुंचाने के लिए आगे आएं। Union Territory बन जाने के बाद अब लद्दाख के लोगों का विकास, भारत सरकार की स्वाभाविक जिम्मेदारी बनता है। स्थानीय प्रतिनिधियों, लद्दाख और कारगिल की डवलपमेंट काउंसिल्स के सहयोग से केंद्र सरकार, विकास की तमाम योजनाओं का लाभ अब और तेजी से पहुंचाएगी। लद्दाख में स्पीरिचुअल टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और इकोटूरिज्म का, सबसे बड़ा केंद्र बनने की क्षमता है। सोलर पावर जनरेशन का भी लद्दाख बहुत बड़ा केंद्र बन सकता है। ब वहां के सामर्थ्य का उचित इस्तेमाल होगा और बिना भेदभाव विकास के लिए नए अवसर बनेंगे। अब लद्दाख के नौजवानों की इनोवेटिव स्पिरिट को बढ़ावा मिलेगा, उन्हें अच्छी शिक्षा के लिए बेहतर संस्थान मिलेंगे, वहां के लोगों को अच्छे अस्पताल मिलेंगे, इंफ्रास्ट्रक्चर का और तेजी से आधुनिकीकरण होगा। लोकतंत्र में ये भी बहुत स्वाभाविक है कि कुछ लोग इस फैसले के पक्ष में हैं और कुछ को इस पर मतभेद है। मैं उनके मतभेद का भी सम्मान करता हूं और उनकी आपत्तियों का भी। इस पर जो बहस हो रही है, उसका केंद्र सरकार जवाब भी दे रही है। समाधान करने का प्रयास भी कर रही है. ये हमारा लोकतांत्रिक दायित्व है। लेकिन मेरा उनसे आग्रह है कि वो देशहित को सर्वोपरि रखते हुए व्यवहार करें और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख को नई दिशा देने में सरकार की मदद करें। देश कि मदद करें. संसद में किसने मतदान किया, किसने नहीं किया,किसने समर्थन दिया, किसने नहीं दिया, इससे आगे बढ़कर अब हमें जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के हित में मिलकर, एकजुट होकर काम करना है।

मैं हर देशवासी को ये भी कहना चाहता हूं कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों की चिंता,  हम सबकी चिंता है, 130 करोड़ नागरिकों का चिंता है. उनके सुख-दुःख, उनकी तकलीफ से हम अलग नहीं हैं। अनुच्छेद 370 से मुक्ति एक सच्चाई है, लेकिन सच्चाई ये भी है कि इस समय ऐतिहास के तौर पर उठाए गए कदमों की वजह से जो भी परेशानी हो रही है, उसका मुकाबला भी वही लोग कर रहे हैं। कुछ मुट्ठी भर लोग, जो वहां हालात बिगाड़ना चाहते हैं, उन्हें धैर्यपूर्वक जवाब भी वहां के हमारे भाई बहन दे रहे हैं। हमें ये भी नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवाद और अलगाववाद को बढ़ावा देने की पाकिस्तानी साजिशों के विरोध में जम्मू-कश्मीर के ही देशभक्त लोग डटकर खड़े हुए हैं। भारतीय संविधान पर विश्वास करने वाले हमारे ये सभी-भाई बहन अच्छा जीवन जीने के अधिकारी हैं। हमें उन सब पर गर्व है। मैं आज जम्मू-कश्मीर के इन साथियों को भरोसा देता हूं कि धीरे-धीरे हालात सामान्य हो जाएंगे और उनकी परेशानी भी कम होती चली जाएगी। साथियों, ईद का मुबारक त्योहार भी नजदीक ही है। ईद के लिए मेरी ओर से सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। सरकार इस बात का ध्यान रख रही है कि जम्मू-कश्मीर में ईद मनाने में लोगों को कोई परेशानी न हो। हमारे जो साथी जम्मू-कश्मीर से बाहर रहते हैं और ईद पर अपने घर वापस जाना चाहते हैं, उनको भी सरकार हर संभव मदद कर रही है।

साथियों, आज इस अवसर पर, मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों की सुरक्षा में तैनात अपने सुरक्षा बलों के साथियों का भी आभार व्यक्त करता हूं। प्रशासन से जुड़े सभी लोग, राज्य के कर्मचारी और जम्मू-कश्मीर पुलिस जिस तरह से स्थितियों को सँभाल रही है, वो बहुत बहुत प्रशंसनीय है। आपके इस परिश्रम ने, मेरा ये विश्वास और बढ़ाया है , बदलाव हो सकता है। भाइयों और बहनों, जम्मू-कश्मीर हमारे देश का मुकुट है। गर्व करते है इसकी रक्षा के लिए जम्मू-कश्मीर के अनेकों वीर बेटे-बेटियों ने अपना बलिदान दिया है, अपना जीवन दांव पर लगाया है। पुंछ जिले के मौलवी गुलाम दीन,  जिन्होंने 65 की लड़ाई में पाकिस्तानी घुसपैठियों के बारे में भारतीय सेना को बताया था,  उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था, लद्दाख के कर्नल सोनम वानंचुग जिन्होंने कारगिल की लड़ाई में दुश्मन को धूल चटा दी थी, उन्हें महावीर चक्र दिया गया था. राजौरी की रुखसाना कौसर, जिन्होंने एक बड़े आतंकी को मार गिराया था. उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया था,

पुंछ के शहीद औरंगजेब, जिनकी पिछले वर्ष आतंकियों ने हत्या कर दी थी और जिनके दोनों भाई अब सेना में भर्ती होकर देश की सेवा कर रहे हैं, ऐसे वीर बेटे-बेटियों की ये लिस्ट बहुत लंबी है। आतंकियों से लड़ते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनेक जवान और अफसर भी शहीद हुए हैं।  देश के अन्य भू भाग से भी हज़ारों लोगों को हमने खोया है इन सभी का सपना रहा है-  एक शांत, सुरक्षित, समृद्ध जम्मू-कश्मीर बनाने का। उनके सपने को हमें मिलकर पूरा करना है। ये फैसला जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के साथ ही पूरे भारत की आर्थिक प्रगति में सहयोग करेगा। जब दुनिया के इस महत्वपूर्ण भूभाग में शांति और खुशहाली आएगी, तो स्वभाविक रूप से विश्व शांति के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।मैं जम्मू-कश्मीर के अपने भाइयों और बहनों से, लद्दाख के अपने भाइयों और बहनों से, आह्वान करता हूं। आइए, हम सब मिलकर दुनिया को दिखा दें कि इस क्षेत्र के लोगों का सामर्थ्य कितना ज्यादा है, यहां के लोगों का हौसला, उनका जज्बा कितना ज्यादा है। आइए, हम सब मिलकर,नए भारत के साथ-साथ अब नए जम्मू-कश्मीर और नए लद्दाख का भी निर्माण करें।