राजधानी

डॉ. रमन सिंह ने सुप्रीत कौर के हौसले को किया सलाम हादसे में पति की मौत की खबर को भी टीव्ही पर अविचलित होकर पढ़ी एंकर ने

रायपुर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 53 पर महासमुंद जिले में पिथौरा के पास सड़क हादसे में दुर्ग राजधानी रायपुर के एक प्राइवेट टेलीविजन चैनल ‘आईबीसी-24’ की समाचार वाचिका सुप्रीत कौर के पति  हर्षद गावड़े सहित दुर्ग जिले के तीन युवाओं की आकस्मिक मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने तीनों दिवंगत युवकों के शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है। डॉ. सिंह ने समाचार वाचिका  सुप्रीत कौर के हौसले को सलाम करते हुए कहा है कि वह अपने न्यूज चैनल में इस हादसे की खबर पढ़ते हुए जरा भी विचलित नहीं हुई, जबकि उन्होंने इस दुर्घटना में अपने पति को खो दिया था, लेकिन  सुप्रीत ने अपार दुःख की इस घड़ी में भी पत्रकारिता के अपने कर्त्तव्य को पूरी दृढ़ता के साथ निभाया। मुख्यमंत्री ने हादसे में घायल युवाओं के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। ज्ञातव्य है कि महासमुंद जिले में पिथौरा के पास  सवेरे कार को पीछे से एक तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर लगने के फलस्वरूप यह दुर्घटना हुई। इसमें कार सवार दुर्ग और भिलाई निवासी तीन युवकों की मृत्यु हो गई और दो घायल हो गए। कार में ये लोग रायपुर से सरायपाली की ओर जा रहे थे। 

सुकमा जिले के चिंतागुफा में जवानों द्वारा नाबालिग से किये गये दुष्कर्म की जांच हेतु समिति का गठन

रायपुर सुकमा जिले के चिंतागुफा ईलाके में फोर्स के जवानों द्वारा एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की से दुष्कर्म किये जाने की घटना की शिकायत प्राप्त हुई है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुये छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल  ने सुकमा के विधायक कवासी लखमा के संयोजकत्व में 8 सदस्यीय जांच दल का गठन किया है। 
जांच दल समिति में सुकमा जिला अध्यक्ष करण देव, पीसीसी उपाध्यक्ष शांति सलाम, कार्य समिति के सदस्य दिपक कर्मा, महामंत्री मलकित सिंह गैदू, कोंटा के जनपद अध्यक्ष सोयम मंगमा, नगर पंचायत अध्यक्ष मौसम जया, युवा कांग्रेस के दुर्गेश राय है। 
जांच दल के सदस्य तत्काल घटना स्थल का दौरा कर पीडित परिजन एवं ग्रामवासियों से भेंटकर, घटना की वस्तुस्थिति से अवगत होवें एवं आवश्यक कार्यवाही करते हुये अपना रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को प्रेषित करेगें। 

गर्मी झेलने के लिए रहिए तैयार आसमान से बरस रही है आग

अप्रैल शुरू होते ही गर्मी ने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं. लोगों को मार्च में ही तपिश और गर्म हवाओं का एहसास हो गया था. जिस तेजी से तापमान ऊपर चढ़ रहा है उस हिसाब से अप्रैल में लू से बचने के लिए आपको पूरा इंतजाम कर लेने चाहिए.
 झुलसाती गर्मी ने  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के मैदानी इलाकों में बीते कई दिनों से भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। पश्चिमी विक्षोभ भी मैदानी राज्यों का मौसम बदलने में नाकाम रहे हैं। इस समय पाकिस्तान के मध्य भागों और राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली शुष्क और गर्म हवाओं के तेज प्रवाह के चलते तापमान में लगातार वृद्धि की गई है। इन दिनों मौसम लगातार गर्म होते जा रहा है। चिलचिलाती धूप भी तापमान में बढ़ोत्तरी के मुख्य कारणों में से एक है।

लालपुर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर गर्मी की लहर का प्रकोप होन से से लू का कहर जारी है। 24 घंटे के दौरान शुष्क मौसम प्रबल होने की संभावना सबसे गर्मी अधिक पड़ने वाली है। शनिवार को रायपुर व माना में 42 डिग्री तो बिलासपुर 43 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है। रात में 26.4 डिग्री तापमान राजधानी का है। दिन व रात के तापमान में 3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई है।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2009 में 30 अप्रैल को गर्मी 45 डिग्री तक दर्ज की गई थी। दस सालों में ऐसा पहली बार है कि अप्रैल के पहले सप्ताह व मार्च के अंतिम सप्ताह में ही गर्मी कई सारे रिकार्ड तोड़ रहा है।  सहायक मौसम वैज्ञानिक गोपाल राव ने बताया, दक्षिण ओडिशा व पश्चिम बंगाल के ऊपरी हवा के आसपास बने चक्रवाती सिस्टम की वजह से प्रदेश में नमी की मात्रा आ रही है।  राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, झारखंड, दक्षिणी बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र तथा गुजरात के कुछ भागों में भीषण लू का प्रकोप जारी रहेगा। छत्तीसगढ़ में भी लू ने लोगों को समय से पहले ही परेशान करना शुरू कर दिया है।

विधायकों की जनसम्पर्क राशि चार लाख से बढ़ाकर छह लाख करने की घोषणा

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के दो लाख 60 हजार से अधिक सरकारी कर्मचारियों को आगामी वित्तीय वर्ष 2017-18 से सातवें वेतनमान का लाभ देने की घोषणा की है। डॉ. सिंह ने आज शाम यहां विधानसभा में नये वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए विनियोग विधयेक पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते यह घोषणा की। इसे मिलाकर उन्होंने आज सदन में पांच नई घोषणाएं की। उन्होंने कहा-विधायकों की मांग के आधार पर हमने उनकी जनसम्पर्क राशि को चार लाख से बढ़ाकर छह लाख करने का निर्णय लिया है, ताकि वे अपने दायित्वों का निर्वहन आसानी से कर सकें। 
मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि जंगलों की रक्षा के लिए कर्त्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों की आहूति देने वाले वन विभाग के कर्मचारी श्री दौलतराम लदेर की स्मृति में राज्य शासन द्वारा कर्त्तव्य परायणता पुरस्कार शुरू किया जाएगा, जो प्रतिवर्ष वनों, वन्यप्राणियों और वनोपजों की सुरक्षा, उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले एक वन कर्मचारी को दिया जाएगा। इस वर्ष पुरस्कार के रूप में श्री दौलत राम लदेर को मरणोपरांत एक लाख रूपए का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की गई। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उनकी धर्मपत्नी श्रीमती पुष्पा लदेर को दिया जाएगा। 
डॉ. रमन सिंह ने प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के प्रबंधकों के पारिश्रमिक में 25 प्रतिशत वृद्धि करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा-अब इन प्रबंधकों को हर महीने 10 हजार रूपए के स्थान पर 12 हजार 500 रूपए का पारिश्रमिक मिलेगा। उनके भविष्य की सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में उनके परिवार को सहायता देने के लिए प्रबंधक कल्याण निधि बनाई जाएगी, जिसमें लघु वनोपज संघ द्वारा प्रारंभिक रूप से एकमुश्त राशि जमा की जाएगी तथा प्रबंधकों द्वारा हर महीने 500-500 रूपए जमा किए जाएंगे। उन्हें बीमा योजना का भी लाभ मिलेगा। उनके अंशदान का सहयोग लेकर वर्तमान बीमा योजना में बीमा की राशि एक लाख रूपए से बढ़ाकर चार लाख रूपए कर दी जाएगी। प्रबंधक कल्याण निधि के उपयोग के लिए नियमावली तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री ने विनियोग विधेयक पर अपने जवाब में सरकार के सभी प्रमुख विभागों की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री के जवाब के बाद सदन में विनियोग विधेयक 2017 ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इससे अब राज्य सरकार को नये वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए राज्य की संचित निधि में से 80 हजार 959 करोड़ 27 लाख 44 हजार रूपए खर्च करने की अनुमति मिल गई।  

प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर 1 अप्रेल को कांग्रेस का पैदल-मार्च-आंदोलन सरकार से प्रदेश में शराब दुकान खोलने के निर्णय वापस लेने की मांग

रायपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल के र्निदेश पर 1 अप्रेल 2017 को प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा राज्य में सार्वजनिक उपक्रम के माध्यम से शराब दुकाने संचालित करने के निर्णय का विरोध एवं पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर प्रदेश के नगर, शहर मुख्यालय में कांग्रेस द्वारा सरकार के जनविरोधी रवैये के खिलाफ विरोध स्वरूप पैदल मार्च निकाला जायेगा । सरकार के इस निर्णय का प्रदेश के हर स्तर पर व प्रत्येक वर्गो में विरोध हो रहा है जिसका कांग्रेस पार्टी प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से पूर्ण शराबबंदी आंदोलन (आदिवासी संस्कृति के संरक्षण व पूजा-पाठ में तर्पण हेतु शराब नीति में मिली सुविधा व छूट को छोड़कर) को समर्थन प्रदान कर रही है और संगठन स्तर पर भी पूर्ण शराबबंदी को लेकर अनेको आंदोलन चला रही है।
पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर प्रस्तावित शराब दुकान वाले नगर एवं शहर में पैदल-मार्च-आंदोलन में  क्षेत्र के महिला स्व-सहायता समूहों, महिला सामाजिक संगठनों तथा महिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी के साथ स्थानीय एआईसीसी सदस्यो, प्रदेश पदाधिकारी, प्रदेश प्रतिनिधियों, जिला स्तरीय अभियान एवं क्रियान्वयन समिति के सदस्यों, सांसद, पूर्व सांसद प्रत्याशी, विधायक, पूर्व प्रत्याशी विधायक, मोर्चा संगठन, प्रकोष्ठ-विभाग के जिला अध्यक्षो, नगरीय-निकाय महापौर, जिला पंचायत के निर्वाचित अध्यक्षो की भी सहभागिता रहेगी। 

महापाषाणीय स्मारको को संजोकर रखनें में सरकार नाकाम-कांग्रेस पुरातात्विक स्थल पर है मदिरालय, सुध लेने वाला कोई नहीं

रायपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने बयान जारी करते हुये कहा है कि संस्कृति और पुरातत्व विभाग का कार्य अब महज महोत्सव मनाने और पुरातात्विक स्थल में बोर्ड लगाने तक ही सीमित रह गया है। छत्तीसगढ़ की धरोहरो की सुरक्षा, देखरेख और रखरखाव के लिये कौन जवाबदार है इससे किसी को कोई मतलब नहीं रह गया है। प्रदेश में ऐसे बहुत से शिलालेख, स्मारक मूर्तियां एवं प्राचीन मंदिर है, जिसमें लोग कब्जा किये हुये है, उसकी चिंता विभाग को नही है। बजट में उसके रखरखाव के मद को अधिकारी चट करने में लगे हुये है। बालोद जिले के ग्राम करहीभदर के महापाषाणीय पुरातात्विक सुरक्षित स्थल में तो शराब की दुकान विगत 10 वर्षो से चल रही है और आहाते में देर रात तक मयखाना गुलजार रहता है। यह संयोग ही है, कि जहां शराब की दुकान हैं और सुरक्षित महापाषाणीय धरोहर है, वहीं पर प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र और स्कूल भी संचालित हो रही हैै। जबकि पुरातत्व विभाग ने सिर्फ बोर्ड लगाकर ही अपने कार्य की इतिश्री कर ली है और बिना स्वीकृति के धड़ल्ले से सड़क, भवन, मकान, दुकान का निर्माण कर लिया गया है। वैसे भी मयखाना, स्कूल और अस्पताल का आपस में एक साथ 200 मीटर की परिधि में होना अपने आप में कई सवाल खड़ा करता है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा के 13 वर्षो के कार्यकाल में इसी तरह का विकास कार्य किया गया है। प्रागैतिहासिक पुरातन धरोहरो की सुरक्षा की बजाय संरक्षित जमीनो का बेजा इस्तेमाल किया जा रहा है। अब यह तय कौन करेगा कि इसके लिये जिला प्रशासन जिम्मेदार है या संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग। पर इतना तो अवश्य है कि पुरावशेषो को संजोकर रखने में सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, और ना ही इस ओर किसी की रूचि है।  

रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आयुष विभाग की समीक्षा बैठक : डॉ. सिंह ने प्रदेश में बेहतर गुणवत्ता वाले एक आयुर्वेदिक केन्द्र तैयार करने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा के मुख्य समिति कक्ष में आयुष विभाग की समीक्षा की। विभाग के अधिकारी ने आयुष विभाग द्वारा आयुर्वेदिक चिकित्सा, होम्योपैथी, यूनानी और योगा एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यो के संबंध में पॉवर पाईंट प्रस्तुतीकरण के जरिए मुख्यमंत्री को विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आयुष के अंतर्गत प्रदेश में ऐसा चिकित्सा केन्द्र बनाया जाए, जो देश और दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बना सके। डॉ. सिंह ने छत्तीसगढ़ में आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में और अधिक बढ़ोत्तरी के बेहतर उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग (फारेस्ट डिपार्टमेंट) और कृषि विभाग (एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट) से समन्वय कर वनौषधि के रिसर्च करने और उनमें चिकित्सा के बेहतर औषधि गुण वाले जड़ी-बुटियों को खोजने का सुझाव दिया। इस मौके पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री अजय चन्द्राकर, स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री सुब्रत साहू, सचिव जनसम्पर्क श्री संतोष मिश्रा, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्री आर. प्रसन्ना, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. ए.के. चन्द्राकर और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध संचालक डॉ. सारांश मित्तर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश में आयुर्वेदिक चिकित्सा के लिए अधोसंचना का विकास तो किया जा रहा है। इन संस्थाओं में चिकित्सकों और कर्मचारियों की भी पर्याप्त संख्या में व्यवस्था और प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने आयुर्वेदिक अस्पतालों में पंचकर्म और बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने देश-विदेश के आयुर्वेदाचार्यो को आमंत्रित कर प्रदेश के इन चिकित्सा पद्धतियों के छात्र-छात्राओं और चिकित्सकों को कार्ययोजना तैयार कर प्रशिक्षण प्रदान करने के भी निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धतियों को प्रदेश में बेहतर स्थिति में लाने के लिए लोगों में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता के साथ-साथ 36-वैद्यराज्यम् और विश्वगुरू परियोजना तथा क्वालिटी सर्टिफिकेशन आथारिटी के लिए पांच वर्षो की कार्ययोजना तैयार कर ली गई। इससे आयुर्वेदिक और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया आयाम देखने को मिलेगा।

प्रदूषण सर्टिफिकेट के नाम पर जनता को परेशान किया जाना बंद हो सरकार की दृष्टि में प्रदूषण दोष हो चुका है - कांग्रेस

रायपुर प्रदूषण जांच के नाम पर दुपहिया वाहनों और निजी चार पहिया वाहनधारियों को परेशान किये जाने पर कांग्रेस ने कड़ी विरोध किया है। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया सचिव सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार और पुलिस का यह निर्णय आम आदमी को परेशान करने वाला है। प्रदूषण केन्द्रों की कमी और अव्यवस्था के कारण लोग गर्मी में भूखे प्यासे लंबी-लंबी कतारों में खड़े होने को बाध्य है। वाहनों के प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र बनवाने की अवधि 1 माह बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। इसमें संशोधन किया जाये, 5 वर्ष तक की दुपहिया और चार पहिया वाहनों को प्रदूषण जांच के दायरे से बाहर रखा जाये। प्रदूषण जांच के नाम पर सरकार प्रायोजित उगाही तत्काल बंद की जानी चाहिये। शोरूम से निकलने वाली महिने दो महिने पुरानी दुपहिया-चार पहिया वाहनो को प्रदूषण सर्टिफिकेट लेने के लिये बाध्य किया जाना गलत है। 
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सरकार की दृष्टि में प्रदूषण दोष हो चुकी है। प्रदूषण के जन्मदाताओं को प्रश्रय दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के 7 प्रदूषित शहरों में सभी जिला मुख्यालय है रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर, चांपा जैसे शहरों के कलेक्टर और प्रशानिक अधिकारियों की दृष्टि प्रदूषण फैलाने वाले बड़े कारको पर क्यों नहीं पड़ती? जनता कुछ बड़े जिलों में वाहनों के प्रदूषण की जांच को लेकर सरकार के द्वारा दिये गये तुगलकी फरमान से परेशान है। क्या प्रदूषण सिर्फ वाहनों से है, मूल प्रदूषण कारको से तंत्र क्यों आंखे मूंद रहा है? रायपुर में तो वायु, ध्वनि और जल प्रदूषण से जनता बेहाल है। जिससे राजभवन, मुख्यमंत्री तमाम आला अधिकारी सभी भली-भांति परिचित है। उसके बावजूद भी उनकी दृष्टि में राजधानी निर्माण के बाद धूल, धुंआ, जल प्रदूषण क्यों नहीं दिख रहा है? वाहनों से मात्र 2 से 3 प्रतिशत ही प्रदूषण की बातें सामने आती है इसी पर सारा ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है। बड़े-बड़े उद्योगों से निकलने वाले काला धुंआ, सडांध वायु, फ्लायऐश के प्रदूषण पर सरकार और सरकारी नुमाइंदे क्यों मौन है? आम जनता को अपने वाहनों के लिये प्रदूषण सर्टिफिकेट लेने को बाध्य करने वाली भाजपा सरकार राज्य में आरटीओ अधिकारियों की नियुक्ति में खुद असंवैधानिक कार्य कर रही है। आरटीओ दफ्तरों में गैर टेक्निकल अधिकारियों के हवाले कर दिया गया है। जबकि लोकसेवा आयोग के माध्यम से आरटीओ की भर्ती में आवश्यक योग्यता मेकैनिकल इंजीनियर या उसके समकक्ष है। राजधानी रायपुर के आरटीओ में तो लंबे समय से प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिनियुक्तियों पर पदस्थ किया जाता है। ऐसे में इन अधिकारियों से कैसे वाहनो के वैध फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने की अपेक्षा की जाये। 

मुख्यमंत्री ने अजमेर शरीफ दरगाह के लिए भेजी चादर

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने  अपने निवास पर आयोजित एक संक्षिप्त और सादगीपूर्ण कार्यक्रम में अजमेर शरीफ दरगाह के लिए पवित्र चादर पेश करते हुए छत्तीसगढ़ जनता की तरक्की और खुशहाली के लिए दुआएं मांगी। इस अवसर पर राजनांदगांव और रायपुर के मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ की सामाजिक समरसता देश और दुनिया के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। हम सब ख्वाजा साहब से दुआ मांगते हैं कि छत्तीसगढ़ में अमन-चैन, सामाजिक सौहार्द्र और मेल-मिलाप की सदियों पुरानी परम्परा हमेशा कायम रहे। छत्तीसगढ़ से जा रहे प्रतिनिधि मंडल द्वारा अजमेर में ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती दरगाह पर चादर चढ़ाकर प्रदेश की खुशहाली और अमन चैन के लिए दुआएं मांगी जाएंगी।

बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आ सकते है छत्तीसगढ़ शिक्षा मंत्री बिहार सरकार अशोक चैधरी नशा मुक्ति के पक्ष में आयोजित कार्यक्रम में होंगे सामिल

रायपुर बिहार कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष एवं नीतीश मंत्रीमंडल में शिक्षा एवं प्रावैधिकी मंत्री श्री अशोक चैधरी 26 मार्च को एक दिवसीय प्रवास में छत्तीसगढ़ पहुंच रहे है। पटना से प्राप्त अधिकृत जानकारी के तहत श्री अशोक चैधरी 26-3-2017 से पूर्वा. 11.10 पटना से वायुयान द्वारा दोपहर 1.10 बजे रायपुर पहुंचेंगे । राजकीय अतिथिशाला रायपुर में कुछ देर रूककर अप. 2.00 बजे सड़क मार्ग से चलकर धरसीवा ब्लाॅक के ग्राम परसतराई में नशा मुक्ति के पक्ष में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। तत्पश्चात 4.30 बजे रायपुर से वायुयान द्वारा पटना बिहार के लिये प्रस्थान करेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के उक्त कार्यक्रम में शामिल होने की पूरी संभावना है।