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छत्तीसगढ़ : सेक्स रैक्ट का खुलासा,कैलाश लॉज व चंद्रा लॉज में पुलिस की छापा मार कार्रवाई,संदिग्ध अवस्था मे नव युवक युवती

सूर्यकान्त यादव@

राजनादगांव-- पुलिस ने किया से रैक्ट का खुलासा,कैलाश लॉज व चंद्रा लॉज में पुलिस की छापा मार कार्रवाई,संदिग्ध अवस्था मे नव युवक युवती को किया गिरफ्तार,सभी 9 युवक और 9 महिलाओ को पुलिस थाने रखाकर कर रहे पूछताछ,लॉज के सामने मोहल्ले वालों का हंगामा,मामला कोतवाली थाना के पुराने बस स्टैंड का। राजनांदगांव शहर के पुराना बस स्टैंड भरकापारा के पास स्थिति कैलाश और चंद्रा लाज मे 8 युवक युवती को संग्धित अवस्था मे छापामार कर पुलिस ने किया गिरफ्तार वही सभी 9 युवक और 9 महिला को पुलिस ने थाने मे लाकर पूछताछ कर रही है। राजनांदगांव जिले मे लगतार होटलो और लाँज मे सेक्स रैकेट की खबर लगातार मिल रही थी जिस पर पुलिस अपनी मुखबीर लगा कर रखा हुआ था वही आज शहर के सीटी कोतवाली थाना क्षेत्र के पुराना बस स्टैंड के पास चंद्रा और कैलाश लाँज में सुबह से लडकी और लडको का आना जाना लगा था जिस पर मोहल्ले वासियो लगातार आवागमन को देखकर अपने नजर पर रखे थे और मोहल्ले वासियो ने एक साथ एकठा होकर लाँज पर धावा बोल दिया, लाँज पर मोहल्ले वासियो के धावा की सूचना पर पहुची पुलिस ने लाँज से 9 युवक और 9 महिलाओं को संग्धित अवस्था मे पकडा कर लम्बे समय से चल रहे शहर मे सेक्स रैकेट का खुलासा करने मे सफलता हासिल किया और सभी युवक और महिलाओं को पुलिस गिरफ्तार कर सभी लोगो को थाने मे लगाकर पूछताछ कर रही है सभी युवक और महिलाए राजनांदगांव जिले के है वही मोहल्ले वासियो ने संग्धित अवस्था मे पकडी गई युवक और महिलाओं पर कार्यवाही के लिए थाने मे डटे हुए है वही लम्बे समय से शहर मे चल रहे सेक्स रैकेट का खुलासा करने जरूर सफलता हासिल किया है लेकिन अभी भी शहर के बडे होटलो पर छापामार कार्यवाही करे तो और भी खुलासा होने के संभावना हो सकती है।वही लाँज मालिकों का कहना है की लडको और लडकियो को किराये पर लम्बे समय से चल रहा है और किराय 1 घंटे का हो या 12 घंटे का किराया का दर वही होता है। लेकिन वही वार्डवासियो का कहना है की लाँज मे लम्बे समय से देह व्यापार का काम चल रहा है जिसकी शिकायत लगातार मोहल्ले वासियो ने पुलिस से कर चूकी है लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई थी लेकिन आज मोहल्ले वासियो ने आज धावा बोलकर कैलाश लाँज और चंद्रा लाज पर धावा बोलकर 9 युवक और महिलाओं को पकडे और वही आधे लोग पीछे रास्ते से भाग निकलने मे कामयाब हुए वही मोहल्ले वाले लाँज मालिक पर कार्यवाही करने और लाँज को बंद करने पुलिस थाने मे अडे हुए है।

पीएम मोदी पर अमर्यादित टिप्पणी करने वाले शिक्षक अश्विनी खरे पर हुई बड़ी कार्यवाही, जिम्मेदारों ने शिक्षक को किया निलंबित

आकाश साहू  @ bbn24news :

छत्तीसगढ़ : बलरामपुर जिले के पूर्व माध्यमिक शाला बादा शंकरगढ़ में पदस्थ शिक्षक अश्विनी खरे पर शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्यवाही की है। पिछले 6माह से लगातार शिक्षक ने सोशल मीडिया पर देश के पीएम तथा चुनाव आयोग को लेकर अमर्यादित टिप्पणी की थी.. भारतीय मीडिया को भी उसने दलाल बनाया था। जिसके संबंध में भाजपाइयों ने पिछले महीने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी... जिस पर आज जिला पंचायत सीईओ ने कार्यवाही करते हुए शिक्षक को तत्काल निलंबित किया है.. आपको बता दें पिछले कई महीनों से लगातार शिक्षक अश्विनी खरे पीएम पर टिप्पणी कर रहा था जिसको लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्यवाही की है.. इस कार्यवाही के बाद उन शिक्षकों में भी हड़कंप मचा हुआ है जो राजनीति करने का शौक रखते हैं ..शिक्षक अश्विनी खरे के पोस्ट से हमेशा राजनीतिक मनसा दिखाई देती थी.. शिक्षक को राजनीति करने की खुमारी चढ़ी हुई थी जिस खुमारी को कार्यवाही करते हुए अधिकारियों ने अब निकाला है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज से प्रारंभ सत्र के पहले सत्र में दिवंगत नेताओं को दी गई श्रद्धांजलि…

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार को प्रारंभ हुआ. सत्र के पहले सत्र में संतोष कुमार अग्रवाल, भीमा मंडावी और बलराम सिंह ठाकुर के निधन पर सदन ने शोक जताया.

स्पीकर डॉक्टर चरण दास महंत ने सबसे पहले दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि संतोष अग्रवाल समाजसेवी और धार्मिक क्षेत्रों में सक्रिय थे. सरपंच से लेकर विधायक तक कई पदों को सुशोभित किया. भीमा मंडावी के जाने से अपूरणीय क्षति हुई है. न केवल आदिवासी समाज मे बल्कि इस सदन के लिए भी ये अपूरणीय क्षति है. 30 साल की उम्र में विधायक बन गए. दुखद घटना घटी चुनाव के दौरान नक्सल घटना में उनकी मृत्यु हुई है. मिलनसार व्यक्तित्व के धनी रहे थे. ठाकुर बलराम सिंह इस सदन के दो बार सदस्य रहे. मुझे उनके साथ काम करने का अवसर मिला था. बेहद सहज, सरल, निमगा छत्तीसगढ़िया की उनकी पहचान रही है.

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि संतोष अग्रवाल की सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्ति के तौर पर उनकी छवि थी. भीमा मंडावी इस सदन के सदस्य थे. मैं उनकी वीरता का कायल रहूंगा. समाज के अंतिम व्यक्ति तक अंत्योदय के लिए काम किया. वह वीरगाथा के नायक के तौर पर याद किये जाते रहेंगे. लोकतंत्र के महापर्व को चुनौती देने वालों की चुनौती उन्होंने स्वीकार की थी.

कौशिक ने कहा कि चुनाव प्रचार से लौटने के दौरान श्यामगिरी के करीब नक्सलियों ने उनकी हत्या कर दी. किसानो के लिए, वनवासियों के लिए भीमा मंडावी ने हमेशा लड़ाई लड़ी. मृदुभाषी रहे. विधायक दल के उप नेता के रूप में भीमा मंडावी ने काम किया. यदि वह आज होते थे, तो दंतेवाड़ा क्षेत्र के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती. नक्सलियों की ओर से उन्हें कई बार धमकियां मिली लेकिन उन्होंने कभी परवाह नहीं की. क्षेत्र के लोगों की बेहतरी के लिए काम करते रहे. धरमलाल कौशिक ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की माता बिंदेश्वरी बघेल के निधन का भी उल्लेख करते हुए सदन में श्रद्धांजलि दी.

जेसीसी विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा- मैं संतोष अग्रवाल, भीमा मंडावी और बलराम सिंह ठाकुर के निधन पर अपनी ओर से विन्रम श्रद्धाजंलि अर्पित करता हूँ. संतोष अग्रवाल सामाजिक गतिविधियों में बढ़चढ़कर हिस्सा लेते थे. मृदुभाषी होने के कारण लोकप्रिय रहे…भीमा मंडावी सदन में मेरे करीब ही बैठते रहे. मैंने पाया कि बस्तर के आदिवासियों की कठिनाइयों को बेहतर समझते थे. उन कठिनाइयों के निराकरण के लिए प्रयत्नशील रहते थे. नक्सलवाद का सामना करते हुए ऐसी शहादत दी जो हमेशा स्मरण की जाती रहेगी.

जोगी ने कहा कि बलराम सिंह ठाकुर के जाने से बिलासपुर की राजनीति का एक बहुत मजबूत स्तम्भ गिर गया. बिलासपुर की राजनीति में बलराम सिंह जी के बिना कुछ भी सोचना सम्भव नहीं था. उनका व्यक्तित्व इस तरह से पूरे क्षितिज पर छाया हुआ था. चाहे राजनीति हो, नगर निगम हो, विधानसभा हो खासतौर पर सहकारिता के क्षेत्र में बहुत ऊंचाई तक पहुंचने वाले महापुरुष थे. वह बेहद मीठी छत्तीसगढ़ी बोलते थे.

अजीत जोगी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की माता बिंदेश्वरी बघेल के निधन पर भी श्रद्धांजलि दी. व्यक्तिगत रूप से मेरी एक दो मुलाकात ही हुई, लेकिन मैं कह सकता हूं, वह एक आदर्श माता थी. वह परिवार की धुरी थी. उन्हीं के आसपास उनका परिवार आज इन ऊंचाइयों तक पहुँचा है. कांग्रेस विधायक और पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने भी दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी.

धर्मजीत सिंह ने कहा कि दुनिया मे राजनीति हत्या का यदि कहीं कोई रिकॉर्ड है तो वह छत्तीसगढ़ है. 2008 में भीमा ने महेंद्र कर्मा जैसे दिग्गज नेता को हरा कर यदि जीत दर्ज की तो कहीं तो कोई बात रही होगी. बारूद ने कोई भेद नहीं किया. बारूद ने महेंद्र कर्मा को भी मारा और भीमा को भी मारा. बलराम सिंह बेहद जिंदादिल आदमी थे. ऐसे महापुरुषों के नहीं रहने से छत्तीसगढ़ को अपूरणीय क्षति हुई है. बड़े- बड़े कवियों और लेखकों ने कहा है दुनिया मे कहीं जन्नत है तो मां की चरणों मे है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को मातृशोक हुआ है. उनकी इस पीड़ा को मैं समझ सकता हूँ.

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आज भीमा मंडावी यहां बैठे होते. उन्हें यहां होना चाहिए था. आखिर कब तक नेता नक्सलवाद की बलि चढ़ते रहेंगे. मुझे लगता है कि इस सदन को नक्सलवाद के खात्मे के लिए कोई बड़ा निर्णय करना चाहिए. बलराम सिंह ठाकुर और संतोष अग्रवाल जैसे नेताओं का जाना क्षति है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की माता का भी निधन हुआ. मां अपने बेटे को मुख्यमंत्री पद पर बैठे देखकर गई हैं हम उन्हें भी श्रद्धांजलि देते हैं.

 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंत्रियों के जिलों में कीया फेरबदल

 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंत्रियों के जिलों के प्रभार में आंशिक फेरबदल किया है। 

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अब  टी.एस. सिंहदेव जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार-भाटापारा और मुंगेली जिले के प्रभारी मंत्री होंगे। इसी प्रकार गृह एवं लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू बिलासपुर और गरियाबंद जिले, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री   रविन्द्र चैबे रायपुर और रायगढ़ जिले, स्कूल शिक्षा मंत्री डाॅ. प्रेमसाय सिंह टेकाम जगदलपुर और कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री होंगे।

आवास एवं पर्यावरण तथा वन मंत्री   मोहम्मद अकबर राजनांदगांव और दुर्ग जिले, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री   कवासी लखमा धमतरी और महासमुन्द जिले, नगरीय प्रशासन और श्रम मंत्री डाॅ. शिव कुमार डहरिया सरगुजा और कोरिया जिले तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया बेमेतरा और कवर्धा जिले की प्रभारी मंत्री होंगी।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री  गुरू रूद्र कुमार कांकेर, नारायणपुर और कोण्डागांव जिले, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री   जयसिंह अग्रवाल बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिले, उच्च शिक्षा मंत्री  उमेश पटेल बलरामपुर-रामानुजगंज और सूरजपुर जिले तथा खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं संस्कृति मंत्री  अमरजीत भगत जशपुर और बालोद जिले के प्रभारी मंत्री होंगे। 

 

धान संग्रहण केन्द्रों में धान भीगने की शिकायत मिलने के बाद निरीक्षण में निकले अमरजीत भगत

रायपुर, 09 जुलाई । कैलाश जायसवाल - धान संग्रहण केन्द्रों में धान भीगने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विभागीय मंत्री ने अफसरों के साथ बैठक करके वर्तमान स्थिति की जानकारी ली है। बताया गया है कि मंत्री अमरजीत भगत स्वयं मौके का निरीक्षण करने के लिए निकले हुए है । राज्य के संग्रहण केन्द्रों में धान भीगने की शिकायत लगातार मिल रही थी। इन शिकायतों को विभागीय मंत्री अमरजीत भगत ने काफी गंभीरता से लिया है। मंत्री भगत ने तत्काल अधिकारियों के साथ बैठक करके प्रत्येक संग्रहण केन्द्रों की वर्तमान स्थिति, धान के रख-रखाव की व्यवस्था आदि की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने स्वयं संग्रहण केन्द्रों का निरीक्षण करने का निर्णय लिया और आनन-फानन में वे संग्रहण केन्द्रों के निरीक्षण के लिए रवाना हो गए हैं। बताया जाता है कि मंत्री भगत सबसे पहले आरंग रवाना हुए हैं। आरंग में धान संग्रहण केंद्र के निरीक्षण के बाद वे तिल्दा धान संग्रहण केंद्र के निरीक्षण के बाद बलौदाबाजार के हतबन्द के रिंगनी धान संग्रहण केन्द्र में निरीक्षण कर रहे है ।

छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य जहां ग्रामसभा के सदस्य डीएमएफ के गवर्निंग बॉडी में शामिल

रायपुर, 09 जुलाई 2019 देश की प्रतिष्ठित संस्था सेंटर फॉर साईंस एंड एनव्हायरनमेंट ने छत्तीसगढ सरकार द्वारा डीएमएफ फंड को लोकोन्मुखी बनाने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास नियम(2015)में किए गए संशोधनों की सराहना की है। सीएसई ने कहा है कि खनन प्रभावित लोगों को डीएमएफ की निर्णय प्रक्रिया में शामिल करने एवं उनके हितों की रक्षा के लिये छत्तीसगढ़ में जिला खनिज न्यास नियम में किए गए संशोधन देश के अन्य राज्यों के लिये भी मिसाल है। राज्य सरकार द्वारा डीएमएफ में संशोधन कर खनन प्रभावित क्षेत्रो के ग्राम सभा सदस्यों को डीएमएफ के गवर्निंग बॉडी में शामिल करने का प्रावधान किया गया है।

संशोधन के अनुसार खनन से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों की ग्राम सभा से 10 सदस्यों को डीएमएफ की शासी परिषद में शामिल किया जाएगा। अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा के कम से कम 50 प्रतिशत सदस्य अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी से होने चाहिए। महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। संशोधन के पूर्व प्रभावित क्षेत्रो की ग्राम सभा से मात्र दो सरपंच शासी परिषद का हिस्सा थे। सीएसई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में उप महानिदेशक चंद्र भूषण ने बताया कि खनन प्रभावित आम लोगों को सशक्त बनाने में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। छत्तीसगढ़ में“नैसर्गिक खनिज उत्खनन के लाभ को प्राप्त करने हेतु लोगों के अधिकारों को डीएमएफ द्वारा मान्यता दी गई है। संेटर फॉर साईंस एंड इनवॉयरमेंट ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा डीएमएफ नियमों में संशोधन से राज्य में खनन क्षेत्र में आने वाले जिलों में प्रभावित लोगों के जीवन और आजीविका में सुधार की अपार संभावनाएं खुलेंगी। छत्तीसगढ़ 4,000 करोड़ रुपये से अधिक के कुल संग्रह के साथ डीएमएफ के मामले में शीर्ष राज्यों में शुमार है।
    डीएमएफ में संशोधन कर लोगो की आकांक्षाओ को पूरा करने हेतु आवश्यकता आधारित 5 साल का विजन प्लान तैयार करने का प्रावधान किया गया है। कम से कम 50 प्रतिशत व्यय प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्रों के लिए जाने के प्रावधान के साथ ही प्राथमिकता क्षेत्र जैसे पेयजल, आजीविका, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा आदि के लिए कम से कम 60 प्रतिशत व्यय करने का प्रावधान किया गया है। सीएसई के उप महानिदेशक भूषण ने छत्तीसगढ सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा है कि “डीएमएफ निधि के अनियोजित व्यय को रोकने के लिए यह बहुत जरूरी कदम हैं। पहले छत्तीसगढ में शहर के पार्किंग स्थल, एयरपोर्ट रनवे, कन्वेंशन हॉल आदि पर पैसा खर्च किया जा रहा था। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस साल की शुरुआत में भी इस पर ध्यान दिया और इस तरह के निर्माण को रोक दिया।
    छत्तीसगढ़ में अब डीएमएफ निधि के माध्यम से वन आधारित आजीविका वृद्धि को एक प्राथमिकता दी गई है। निधि का उपयोग उन लोगों के आजीविका के अवसरों के लिए किया जाएगा जिनको वनाधिकार को मान्यता दी गई है। डीएमएफ निधि को मानव संसाधनों जैसे स्वास्थ्य केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों में कर्मचारियों के भर्ती, खनन प्रभावित क्षेत्रों के छात्रों के लिए कोचिंग और शिक्षण शुल्क आदि के लिए खर्च किया जाना चाहिए। डीएमएफ की बेहतर सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने सोशल ऑडिट (सामाजिक अंकेक्षण) पर भी जोर दिया गया है।

रायपुर : राज्यपाल श्रीमती पटेल ने मुख्यमंत्री की माता के निधन पर किया शोक व्यक्त


रायपुर  07 जुलाई 2019

राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की माता बिंदेश्वरी बघेल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। श्रीमती पटेल ने अपने शोक सन्देश में ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शान्ति प्रदान करने और शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को वहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।


 

सीएम भूपेश की मां बिंदेश्वरी बघेल का निधन,,

BBN24NEWS.COM - छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मां बिंदेश्वरी बघेल का रविवार शाम निधन हो गया. वह पिछले एक पखवाड़े से रामकृष्ण अस्पताल में भर्ती थी. ब्रेन के निचले हिस्से की संवेदना तंत्र प्रभावित होने के बाद उन्हें अस्पताल दाखिल कराया गया था. तबियत ज्यादा बिगड़ने के बाद वह वेंटिलेटर पर रखी गई थी. दिल्ली से भी डाक्टरों की विशेष टीम उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही थी. वही उनके स्वास्थ्य में लगातार सुधार भी हो रहा था.

मई 2013 का पुलिस-नक्सली मुठभेड़ मामला, SC के आदेश पर CBI ने दर्ज की एफआईआर...पढ़े पूरी खबर

जबलपुर- छग में मई 2013 का पुलिस-नक्सली मुठभेड़ मामला, मुठभेड़ में 4 बच्चों सहित 8 आदिवासियों की मौत का मामला, SC के आदेश पर CBI ने दर्ज की एफआईआर, जबलपुर सीबीआई में दर्ज की गई FIR, डेढ़ माह से चल रही थी FIR को लेकर पसोपेश की स्थिति, छग सरकार की अनुमति बिना CBI छग में दर्ज नहीं कर सकती थी FIR

बिलासपुर मुंगेली वनमंडल क्षेत्र में चीतल हो रहे लगातार कुत्तों के शिकार विभाग बेपरवाह,वन्य जीवों की सुरक्षा का नहीं है कोई इंतजाम !

 

 NEWS Edited By :YASH LATA

अजीत मिश्रा @ बिलासपुर

 वन्य प्राणियों की सुरक्षा के नाम पर विभाग द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किये जा रहे परंतु क्षेत्र में कुत्ते के हमले से लगातार हो रहे चीतल की मौत पर वन विभाग उदासीन लग रही है।

इन दिनों मुंगेली के विकासखंड पथरिया के बगबुडवा ग्राम में लगातार हिरणों पर कुत्तों के हमले हो रहे है जिससे अब तक करीब दर्जन भर हिरणों की मौत हो चुकी है और अभी भी कुत्तों के हमले बदस्तूर जारी है इसके बाद भी विभाग की ओर से हिरणों की सुरक्षा को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है। 

आपको बता दें हर साल बरसात के आगमन के साथ कुत्तों के हमले से चीतलों की मौत होती आ रही है इसके बावजूद भी वन विभाग वन्य जीवों के सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं दिख रहा है और कोई पुख्ता इंतजाम भी नहीं कर पा रही है, इनकी मौत की वजह असुरक्षा व पानी की व्यवस्था का न होना बताया जा रहा है ये सभी मौतें मुंगेली जिले के पथरिया विकासखण्ड के ग्राम बगबुड़वा में हुआ है।विभाग द्वारा हिरणों की सुरक्षा के लिए कोई विशेष कदम नहीं उठाया जा रहा है। बताया जाता है कि काफी साल पहले कानन पेंडारी से भागकर आए सैकड़ों हिरण का बगबुड़वा गांव के खेतों में रहवास रहा हैं जहां साल दर साल हिरणों की संख्या बढ़ती गई, मगर वन विभाग की ओर से वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में अब तक कोई सार्थक पहल नहीं किया गया है। और यही वजह है कि हिरणों के लिए गर्मी से बचाव, पानी की व्यवस्था सहित सुरक्षा के पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते लगातार हिरणों की मौते हो रही है। एक तरफ वन विभाग जगह-जगह स्लोगन लिख कर वन्य जीवों को संरक्षित करने की बात कर रही है परंतु उन पर अमल करना शायद भुल से गये तभी तो इन दिनों विभाग की लापरवाह रवैये के  चलते वन्य जीव बेमौत मारे जा रहे है। 

रेत खदानों की निलामी के लिए राज्य सरकार ने जारी की गाइड लाईन


कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति खदान स्थल पर रिवर्स बीडिंग के आधार पर करेगी पट्टेदार का चयन

पंचायतों या नगरीय निकायों को पिछले 5 सालों में प्राप्त अधिकतम वार्षिक रायल्टी में 25 प्रतिशत की वृद्धि कर समतुल्य राशि मिलेगी अगले वित्तीय वर्ष से
 

       

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में बीते 3 जुलाई को संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश में गौण खनिज रेत खदानों का आबंटन अब जिला कलेक्टर की अध्यक्षता मंे गठित समिति द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके क्रियान्वयन के संबंध में राज्य सरकार के खनिज विभाग द्वारा आज गाइड लाइन जारी कर दी है।
      जिसके तहत पट्टा आवंटन के लिए अब रेत के खनन एवं लदान के लिए उच्चतम निर्धारित मूल्य (सीलिंग प्राईज) के विरूद्ध खदान स्थल पर न्यूनतम प्रति घनमीटर बोली (रिवर्स बीडिंग) के आधार पर पट्टेदार का चयन किया जायेगा। पट्टे के निविदा अनुबंध की अवधि दो वर्ष की होगी, जिसे आवश्यकतानुसार एक वर्ष के लिये बढ़ाया जा सकेगा।


     कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति जिले में रेत खदानों की भौगोलिक स्थिति और रेत के परिवहन के लिए एक ही निकासी रास्ते के आधार पर पर्यावरण सम्मति प्राप्त खदानों के साथ लगी अन्य घोषित रेत खदानों के क्लस्टर का चिन्हांकन करेगी। क्लस्टर के लिए सीलिंग प्राईज का निर्धारण जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जायेगा।
     सीलिंग प्राईज और रिवर्स बीडिंग में प्राप्त न्यूनतम बोली की अंतर राशि पट्टेदार द्वारा नीलामी राशि के रूप में शासन को दिया जाएगा। वर्तमान में पंचायतों और नगरीय निकायों द्वारा संचालित रेत खदान न्यूनतम बोलीदार के नाम हस्तांतरण की जाएंगी। उपभोक्ताओं को सुगमता से रेत उपलब्ध हो सके और रेत के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण हो सके इसके लिए रेत परिवहन करने वाले वाहनों और परिवहनकर्ताओं का विभागीय पोर्टल पर ऑनलाईन पंजीयन भी किया जाएगा। उचित दर पर रेत की उपलब्धता के लिये आवश्यकतानुसार परिवहन की दर का निर्धारण भी किया जाएगा।
     कम मात्रा में रेत का उपयोग करने वाले उपभोक्ता व्यापारियों के माध्यम से रेत प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए जिले में रेत के व्यवसाय के लिये व्यापारियों का ऑनलाईन पंजीयन विभागीय पोर्टल पर किया जाएगा। पंचायत या नगरीय निकायों को रेत खदानों से पिछले 5 सालों में प्राप्त अधिकतम वार्षिक रायल्टी राशि में 25 प्रतिशत की वृद्धि कर समतुल्य राशि अगले वित्तीय वर्ष से प्रदान की जाएगी। रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला एवं संचालनालय स्तर पर विशेष उड़नदस्ते तैनात किए जाएंगे। किसी वाहन को 3 बार से अधिक अवैध परिवहन करते पाए जाने पर उसे ऑनलाईन पंजीयन से अलग करते हुए उल्लंघनकर्ता के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।  
    राज्य सरकार द्वारा की गई इस व्यवस्था से न केवल नदियों एवं जल स्त्रोतों के पर्यावरणीय संरक्षण के साथ ही उपभोक्ताओं को सुगमता से उचित मूल्य पर रेत उपलब्ध हो सकेगी बल्कि शासन को रायल्टी के साथ डी.एम.एफ., पर्यावरण एवं अधोसंरचना उपकर सहित नीलामी राशि और पट्टों के अनुबंध निष्पादन से स्टाम्प ड्यूटी एवं पंजीयन शुल्क के रूप में अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी। 

बिलासपुर : अकलतरा रेलवे स्टेशन में सराफा व्यवसाई से उठाईगिरी करने वाले गिरोह के तीन सदस्य चढ़े चांपा जीआरपी के हत्थे...पढ़े पूरा ममला

NEWS Edited By :YASH LATA

अजीत मिश्रा @ बिलासपुर

 

उठाई गिरी की घटना को देता था अंजाम ।

एक  वर्दीधारी पुलिस ने की उठाईगिरी।

जीआरपी पुलिस के हत्थे चढ़े चार आरोपी ।

पकड़े गए आरोपियों से माल हुआ जप्त।

तकरीबन 97 किलो चांदी के जेवरात जप्त ।

कीमत करीब 37 लाख रुपए बताई जा रही। 

 

अकलतरा रेलवे स्टेशन में 29 जून को सराफा व्यवसाई से उठाईगिरी करने वाले गिरोह के तीन सदस्य चढ़े चांपा जीआरपी के हत्थे।  आरोपियों के पास से 97 किलो चांदी से भरे जेवरों का बैग  जब्त हुआ है। उठाईगिरी के इस कांड में एक खाकी वर्दी धारक भी शामिल था । पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरक्षक कटघोरा के कोर्ट में पदस्थ है जिसने इस उठाई गिरी की घटना को बड़ी ही चालाकी से अंजाम दिया था। 

दरसल जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा रेलवे स्टेशन में 29 जून को तमिलनाडु के रहने वाले सराफा व्यवसाई सेन्थिन कुमार और उसके सहयोगी कार्तिक वीरप्पन से अकलतरा रेलवे स्टेशन के पास अज्ञात बदमाशों ने 97 किलो चांदी से भरे जेवर की बैग पार कर दिया था, जिसकी शिकायत चांपा जीआरपी में सराफा व्यवसाई ने दर्ज कराया था, सराफा व्यवसाई से उठाई गिरी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को चांपा जीआरपी ने 97 किलो चांदी से भरे जेवरों कइ बैग के साथ गिरफ्तार कर लिया है, और उन्हें बिलासपुर जिले के जीआरपी के सुपुर्द किया गया है, जीआरपी आरोपियों से पूछताछ कर रही है, पूछताछ में आरोपियों से और भी कई बड़े खुलाशे होने की संभावना है, शिकायतकर्ताओं ने चांपा जीआरपी को बताया है की, उठाईगिरी करने के दौरान एक आरोपी खाखी वर्दी पहने हुए था।।

 चांपा जीआरपी ने चार आरोपियों को जब्त माल सहित बिलासपुर जिले के जीआरपी के  सुपुर्द कर दिया है। इस मामले में अब भी आरोपियों से पूछताछ जारी है।  पूछताछ में और भी कई खुलाशे होने की संभावना है। क्योंकि इससे पहले भी आरक्षक के बारे में कई बार शिकायतें मिल चुकी है गौरतलब है कि सभी आरोपियों से पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर रही है जल्द ही कुछ और बड़े मामलों में महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य को जल्द ही सात नए जिलों की मिल सकती है सौगात - नए जिलों के गठन के लिए भूपेश सरकार की कवायद तेज

रायपुर 2 जुलाई 2019।  अब भूपेश सरकार 27 जिले से बढ़ाकर 34 जिले करने की तैयारी में हैं। अगर सबकुछ योजना के अनुरूप रहा तो मुख्यमंत्री 15 अगस्त को इन जिलों को बनाने का ऐलान भी कर सकते हैं। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी ने भी इस बात की पुष्टि की है। 
राज्य सरकार बिलासपुर संभाग में तीन विकासखंड पेंड्रा रोड, पेंड्रा नगर और गौरेला पेंड्रा को मिलाकर एक जिला बनाने की तैयारी में है, वहीं सरगुजा संभाग के कोरिया जिले से मनेंद्रगढ़, चिरमिरी मनेंद्रगढ़ को मिलाकर एक जिला बनाने की तैयारी में जुटी है। सरगुजा संभाग के प्रतापपुर और वाड्रफनगर को मिलाकर एक जिला  जशपुर जिला से पत्थलगांव को अलग जिला बनाने की भूपेश सरकार ने प्रशासनिक तैयारी शुरू करने के निर्देश दिये हैं।

वहीं रायपुर संभाग के बलौदाबाजार-भाटापारा से भाटापारा को स्वतंत्र जिला महासमुंद जिला से सांकरा से बंजारीनाका को अलग जिला बनाने के प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। वहीं दुर्ग संभाग के राजनांदगांव में अंबागढ़ चौकी को अलग जिला बनाने की प्रशासनिक तैयारी करने के निर्देश कमिश्नरों को दिया गया है। इसके लिए राजस्व विभाग ने बकायदा पत्र भी जारी कर दिया गया है।

स्कूल बस व सवारी बस में जोरदार टक्कर , घायलों को करवाया गया अस्पताल में भर्ती

बलरामपुर - आकाश कुमार साहू @BBN24 : बलरामपुर जिला अंतर्गत वाड्रफनगर विकासखंड में इन दिनों दुर्घटनाओं का दौर लगातार बढ़ता ही जा रहा है इसी घटनाक्रम में आज रामानुजगंज से आ रही विजय बस एवं बी आर मेमोरियल रजखेता वाड्रफनगर से बच्चों को छोड़ने जा रही स्कूल वैन यात्री बस से टकराई प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्कूल वैन का चालक लापरवाही पूर्वक वाहन को चलाते हुए यात्री बस से ले जाकर सीधा टक्कर मार दिया जिससे स्कूल वैन में बैठे बच्चों को गंभीर चोटे आई हैं मौके पर किसी भी तरह के हताहत नहीं हुआ है सभी बच्चों को वाड्रफनगर सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है एवं कुछ बच्चों को अंबिकापुर अस्पताल के लिए रेफर किया गया है जैसे ही स्कूल वैन व यात्री बस में टकराने की खबर मिली लोगों में अफरा-तफरी मच गया देखते ही देखते अभिभावक व ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई सभी ने तत्काल गंभीर रूप से घायलों को अस्पताल पहुंचाने में अपना सहयोग प्रदान किए दुर्घटना की खबर मिलते हैं बसंतपुर थाना प्रभारी दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में एवं अभिभावकों को समझाइश देने में अहम भूमिका निभाई इस संबंध में जब स्कूल प्रबंधन से बात हुई तो उन्होंने बताया कि स्कूल वैन 18 बच्चों को लेकर वाड्रफनगर से प्रेम नगर होते हुए पशुपति पुर एवं पशुपति पुर से वापस जमाई के रास्ते प्रेम नगर होकर मुरकौल तक जा रही थी और सभी बच्चे एक ही ग्राम पंचायत के थे दुर्घटना के वक्त कुल 8 बच्चे सवार थे जिनमें से 4 बच्चों गंभीर चोटें आई है एवं वही 4 को सामान्य चोट है जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है जिसको अंबिकापुर के लिए रेफर किया गया है घटना की सूचना मिलते हैं वाड्रफनगर बीईओ रोहित जयसवाल बच्चों अभिभावकों से मिलने सिविल अस्पताल वाड्रफनगर पहुंचे उचित उपचार हेतु ऐसा संभव मदद किया

जांजगीर चापा : पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष ने सहयोगी के साथ किया भाजयुमो नेता पर हमला,11 लोगों पर FIR हुआ दर्ज

जांजगीर-चाम्पा:- जिले के डभरा में भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष हेमन्त पटेल पर घर घुसकर हमला पिस्टल की बट्ट से हमला किया गया है। इस मामले में पुलिस ने नगर पंचायत डभरा के पूर्व अध्यक्ष अनिल चन्द्रा, खुशवंत चन्द्रा समेत 11 लोगों पर नामजद और अन्य 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है. घायल हेमन्त पटेल के सिर पर गंभीर चोट आई है, जिसे बाद रायगढ़ जिला अस्पताल रेफर किया गया है. हेमन्त पटेल के सिर पर पिस्टल के बट और लोहे के रॉड से हमला किया गया है. – घटना के बाद आरोपी अनिल चन्द्रा अपने साथियों के साथ फरार है. एसपी पारुल माथुर का कहना है कि डभरा में कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी. हमले के मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ़ जुर्म दर्ज किया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं. आरोपियों की खोजबीन में पुलिस लगी हुई है. जानकारी के मुताबिक सोमवार को पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल चंद्रा का जन्मदिन था, जन्मदिन का केक खिलाने के बहाने अनिल चंद्रा अपने सहयोगियों के साथ हेमंत पटेल के घर पहुंचा। इस दौरान दोनों में विवाद शुरू हो गया, जिसके बाद अनिल चंद्रा और उसके सहयोगियों ने हेमंत पटेल की बेदम पिटाई कर दी। हेमंत पटेल को युद्धवीर सिंह जूदेव का करीबी माना जाता है, पिछले कार्यकाल में वो विधायक प्रतिनिधि भी रहे हैं। इस हमले में हेमत का सर फट गया है, तो वहीं शरीब में भी बहुत चोट आयी है। मामले को लेकर डभरा थाना में मामला दर्ज कराकर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल चंद्रा सहित 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश की जा रही है। हेमंत पटेल और अनिल चंद्रा के बीच पुरानी रंजिश की बात सामने आ रही है।