राजधानी

मुझे खुशी है जोगी जी कि मैं आपके स्तर का नहीं: भूपेश बघेल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने फेसबुक पर लिखा जोगी को खुला पत्र



रायपुर/20 अप्रैल 2017। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कल कहा था कि वे भूपेश बघेल के किसी बात का जवाब नहीं देते क्योंकि वे उनके स्तर के नेता नहीं हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने आज अपने फेसबुक पेज पर इसका जवाब देते हुए अजीत जोगी को एक खुला पत्र लिखा है। इस पत्र में उनके कारनामों का जिक्र करते हुए कहा है कि उन्हें खुशी है कि वे उनके स्तर के नहीं और वे उनके स्तर तक जाना भी नहीं चाहते।
श्री बघेल ने कहा है, “मुझे आज हार्दिक खुशी है कि मैं आपके स्तर का नहीं। मैं लाख चाहूं तो भी आपके स्तर पर जाकर न झूठ बोल सकता हूं, न अपनी पार्टी की पीठ में छुरा भोंक सकता हूं और न लोकतंत्र का चीरहरण कर सकता हूं।”
उन्होंने अजीत जोगी को संबोधित करते हुए कहा है कि आप पर बरसों से आरोप है कि आप आदिवासी नहीं। लेकिन आप आदिवासी होने का फर्जी प्रमाण पत्र लिए घूम रहे है। अदालत में चुनौती दी गई तो सरकार के साथ सांठगांठ करके उस पर फैसला तक नहीं होने दे रहे। जब आपके परिजन आदिवासी नहीं तो आप कैसे आदिवासी हो सकते हैं? मुझे याद है कि वर्ष 2013 के चुनावों से पहले जब जांच समिति ने आपके आदिवासी न होने की रिपोर्ट दे दी थी तब आपने रमन सरकार के साथ कैसे समझौता किया और रमन सिंह जी ने अकारण ही रिपोर्ट वापस ले ली। अब फिर से रिपोर्ट आएगी, हो सकता है कि आपके सहयोग से तीन कार्यकाल तक सत्ता में काबिज भाजपा के मुख्यमंत्री आपसे बचाव के लिए आगे आ जाएं। लेकिन हमें न्यायपालिका पर भरोसा है। उम्मीद है कि न्यायालय दूध का दूध पानी का पानी करेगी।
उन्होंने बिना नाम लिए उनके बेटे के विवादित जन्म प्रमाण पत्र पर भी सवाल उठाए हैं और जग्गी हत्याकांड में उनकी लिप्त होने पर भी। उन्होंने लिखा है, “मेरे पास आपकी तरह बेटे के जन्म के तीन प्रमाण पत्र भी नहीं। हर प्रमाण पत्र में जन्म की जगह अलग-अलग? यह कैसे कर पाते हैं आप जोगी जी? न मेरे बेटे पर हत्या का आरोप है। आपके मुख्यमंत्री रहते एनसीपी के नेता रामावतार जग्गी की हत्या कैसे हुई, किसने करवाई यह मामला अभी भी न्यायालय में है और आपका बेटा अभी भी जमानत पर है, तो किसने की जग्गी की हत्या जोगी जी?”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है, “मैं अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों से राजनीति से निपटता हूं, उनकी हत्या करवाने का षडयंत्र न मेरे जहन में आता है और न यह मेरी चरित्र का हिस्सा है।”
कांग्रेस पार्टी के अहसानों की याद दिलाते हुए श्री बघेल ने कहा है कि जैसा धोखा उन्होंने पार्टी को दिया वह अक्षम्य है। उन्होंने लिखा है, “आपको पार्टी ने राज्यसभा में भेजा, लोकसभा का चुनाव लड़ने का मौका दिया, आपको राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाकर आपका कद बढ़ाया। फिर झूठा आदिवासी होने के बाद भी आपको छत्तीसगढ़ का पहला मुख्यमंत्री बनाया। लेकिन आपने क्या किया? कभी आदिवासी प्रमाण पत्र को लेकर तो कभी खुद मुख्यमंत्री बनने के लालच में आपने भाजपा के मुख्यमंत्री रमन सिंह से समझौते किए और कांग्रेस के प्रत्याशियों को हराने का षडयंत्र किया।”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने अंतागढ़ चुनाव में अजीत जोगी और रमन सिंह के परिवारों की भूमिका का भी जिक्र किया है जिसकी वजह से पिता-पुत्र को पार्टी से बाहर जाना पड़ा। उन्होंने लिखा है, “हद तो तब हो गई जब आपने वर्ष 2014 में अंतागढ़ उपचुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी मंतूराम पवार को भाजपा के हाथों बेच दिया। ऑडियो टेप ने जाहिर कर दिया है कि कैसे आपके बेटे ने मुख्यमंत्री के दामाद पुनीत गुप्ता के साथ मिलकर कांग्रेस प्रत्याशी को सात करोड़ में खरीदा। सिर्फ इसलिए कि कांग्रेस अध्यक्ष होने के नाते मेरा कद बढ़ न जाए? आपने उस पार्टी की पीठ में छुरा भोंका जिसने आपको बड़ा बनाया, हर उतार चढ़ाव में आपका साथ दिया।”
भावुक होते हुए श्री बघेल ने गांधी-नेहरू परिवार के प्रति जोगी की कृतघ्नता का भी जिक्र किया है। वे लिखते हैं, “आपने दरअसल हमारी नेता श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी जी के साथ अक्षम्य धोखा किया है। आपको तो उस परिवार का ऋणी होना चाहिए था लेकिन आप ऐसे दगाबाज कैसे हो गए जोगी जी?”
श्री बघेल ने अपने जवाब में कहा है, “मैं जयचंद कभी नहीं हो सकता।”
मुख्यमंत्री के रूप में अजीत जोगी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है, “छत्तीसगढ़ में जातिवाद का जो जहर आपने बोया वह अक्षम्य है। आपने हमारे कारोबारी भाइयों के मन में डर पैदा कर दिया कि कहीं उन्हें कारोबार समेटकर भागना न पड़े। आपने न कर्मचारियों को बख्शा और न राजनेताओं को। आपने अपनी ही पार्टी के आदिवासी और अनुसूचित जाति के एक-एक नेता की राजनीति खत्म कर दी। आपमें सर्वशक्तिमान होने का जूनून सवार है और आप उसके लिए किसी भी स्तर तक नीचे गिर सकते हैं। मैं इतना नीचे गिरने की कल्पना भी नहीं कर सकता।”
श्री बघेल ने लिखा है, “आप मेरे आदर्श कभी नहीं थे। आप दरअसल किसी के आदर्श नहीं हो सकते। छत्तीसगढ़ के कोई माता-पिता नहीं चाहेंगे कि आप उनके आदर्श बनें।”
श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि वे राजनीति छोड़ना पसंद करेंगे लेकिन जोगी के स्तर पर गिरना नहीं। फेसबुक पर उन्होंने लिखा है, “मेरी अंतरात्मा गवाही नहीं देती कि मैं आपके स्तर तक जाउं। मैं राजनीति छोड़कर खेती के अपने पुश्तैनी काम में वापस लौट जाना पसंद करुंगा लेकिन आपके स्तर तक नहीं जाउंगा। स्तर तो छोड़ दीजिए मैं आपके रास्ते पर एक कदम भी नहीं चलना चाहूंगा’’
अंत में उन्होंने लिखा है, “आपका स्तर आपको मुबारक. आपके भ्रमजाल में फंसे आपके करीबियों को मुबारक.मेरा सौभाग्य है कि मैं आपके स्तर का नहीं और मैं अपने स्तर पर खुश हूं। ईश्वर आपको लंबी उम्र और थोड़ी सद्बुद्धि दे।”

मुख्यमंत्री को पता नहीं कि एनआईए अब जांच नहीं कर रही है सीबीआई जांच हो तो शपथ पत्र देने को तैयार हूं”: भूपेश बघेल

मुझे रमन सिंह हिम्मत दिखाने की चुनौती न दें। मेरे पास हिम्मत की कोई कमी नहीं है सीबीआई जांच हो तो शपथ पत्र देने को तैयार हूं”: भूपेश बघेल
रायपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि शायद मुख्यमंत्री जी को पता नहीं है कि एनआईए झीरम मामले की जांच अब नहीं कर रही है और इसलिए एनआईए के समक्ष अब कोई शपथ पत्र देने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सरकार की नीयत साफ है, अगर झीरम में कांग्रेस के नेताओं को मरवाने में उसका कोई हाथ नहीं था तो झीरम मामले की जांच सीबीआई से करवाएं और वे सीबीआई के सामने शपथ पत्र लेकर हाजिर हो जाएंगे।
आज कांग्रेस भवन में एक पत्रवार्ता में उन्होंने रमन सिंह के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि भूपेश बघेल मीडिया के जरिए राजनीति न करें। उन्होंने कहा, “झीरम कांड रमन सिंह जी के लिए राजनीति होगी, हमारे लिए यह भावुक कर देने वाला दिल से जुड़ा मसला है। हमने उस हत्याकांड में अपने शीर्ष नेताओं को गंवाया है। साथ में कई सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई।” श्री बघेल ने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी की ही नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति थी। हम तो शोक में थे और पता नहीं कब तक रहेंगे, लेकिन हमारा शोक और संताप कई गुना बढ़ जाता है जब हम देखते हैं कि झीरम कांड सिर्फ एक नक्सली हमला नहीं था बल्कि एक व्यापक षडयंत्र था और दुख होता है कि भाजपा की सरकार इस षडयंत्र की जांच नहीं करवाना चाहती और जब इसकी मांग की जाए तो राजनीति करने का आरोप लगाती है। 
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “न्याय मांगने का हक सभी को है। हमारा भी है, बस हम न्याय मांग रहे हैं। आपने आगे कहा कि मुख्यमंत्री रमन सिंह जी ने मुझे चुनौती दी है कि अगर मुझमें हिम्मत है तो मैं एनआईए के समक्ष शपथ पत्र देकर दिखाऊं। रमन सिंह जी व्यस्त मुख्यमंत्री हैं। इन दिनों शराब बेचने और जनता के बीच अपने शासनकाल को सुराज साबित करने का अतिरिक्त बोझ भी उनके ऊपर आ पड़ा है। वे शायद यह जानने के लिए वक्त नहीं निकाल पाए कि एनआईए ने झीरम के मामले की जांच पूरी कर ली है और अब वो आगे कोई जांच नहीं कर रही है। एनआईए की वेबसाइट पर ही जाएं तो साफ लिखा है कि अब इस मामले में कोई जांच नहीं हो रही है, तो फिर वहां शपथ पत्र क्यों दें? हम इसी बात से दुखी हैं कि झीरम जैसे हत्या कांड की अब कोई जांच नहीं हो रही है।”
भूपेश बघेल ने पत्रकारों को एनआईए की वेबसाइट से निकाला हुआ वह पन्ना भी दिखाया जिसमें लिखा है कि एजेंसी अब झीरम के मामले की जांच आगे नहीं कर रही है।
प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने आगे कहा कि विधानसभा के पिछले बजट सत्र में जब झीरम पर चर्चा हुई थी तो मैंने विस्तार से इस पर तर्क रखे थे। पूरा सदन इस बात से सहमत था कि झीरम हत्याकांड में जितनी भी जांच हुई है वह घटना की जांच है, इसके षडयंत्र की जांच नहीं हो रही है। एनआईए ने आरोप पत्र और पूरक आरोप पत्र दोनों दाखिल कर दिए और दोनों से साफ है कि षडयंत्र की जांच नहीं हुई। अब एनआईए ने जांच बंद कर दी। एक जांच आयोग बना है लेकिन उसकी जांच के दायरे में षडयंत्र का पता लगाना नहीं है। विधानसभा में जब सदन एकमत हुआ तो रमन सिंह जी ने दबाव में बेमन घोषणा की थी कि इस मामले को सीबीआई को सौंपा जाएगा। लेकिन हुआ यह कि यह मामला सीबीआई की भिलाई शाखा को भेज दिया गया जो आर्थिक अपराध शाखा है।
श्री बघेल ने आरोप लगाया, “केंद्र में भाजपा की सरकार है और राज्य में भी भाजपा की सरकार है। भाजपा की दोनों सरकारें नहीं चाहतीं कि झीरम कांड की सीबीआई जांच हो। क्यों नहीं चाहतीं इसकी वजहें साफ है। अगर सीबीआई जांच करेगी तो पूछेगी कि उसी बस्तर में विकास यात्रा के लिए 1700 से अधिक जवान सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं और उसी बस्तर में परिवर्तन यात्रा के लिए सिर्फ 138 जवानों की तैनाती क्यों रहती है? सीबीआई पूछेगी कि जब सरकार को पता था कि जिस इलाके से परिवर्तन यात्रा गुजरने वाली है वह नक्सली गतिविधियों वाला इलाका है तो अतिरिक्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए? वह पूछेगी कि कैसा आपका आईजी है जो बस्तर में पदस्थ था लेकिन नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा को नहीं जानता? वही महेंद्र कर्मा जो नक्सलियों के साथ लड़ाई में खुलकर सरकार के साथ थे? सीबीआई को बताना पड़ेगा कि घटना के दो घंटे बाद तक भी एक भी सुरक्षा कर्मी क्यों नहीं पहुंचा जबकि कश्मीर के बाद बस्तर ही एक ऐसा इलाका है जहां इतनी भारी भरकम सुरक्षा व्यवस्था है?” उन्होंने कहा कि रमन सिंह जानते हैं कि इन सवालों के जवाब उनकी सरकार को बेनकाब कर देंगे. इसलिए वे ऐसा नहीं कर रहे हैं. सीबीआई जांच को टाल रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा, “मैं मुख्यमंत्री रमन सिंह की चुनौती स्वीकार करता हूं। वे झीरम कांड के षडयंत्र की जांच के लिए सीबीआई को नए सिरे से पत्र लिखें और मैं शपथ पत्र देकर खुद हाजिर हो जाउंगा। अगर मैंने आरोप लगाए हैं कि झीरम से पहले सरकार ने करोड़ों रुपए भिजवाए थे ऐसी सूचना है तो मैं उस सूचना के विवरण भी सीबीआई को दूंगा। जरूरत पड़ी तो समय आने पर जनता को भी बताउंगा।”
श्री बघेल ने कहा, “मुझे रमन सिंह हिम्मत दिखाने की चुनौती न दें। मेरे पास हिम्मत की कोई कमी नहीं है। मैं चुनौती देता हूं कि अगर भाजपा सरकार की नीयत साफ है, अगर झीरम में कांग्रेस के नेताओं को मरवाने में उसका कोई हाथ नहीं था तो झीरम मामले की जांच सीबीआई से करवाएं।”

जेल में मुलाकात की न्यायिक क्यों सीबीआई जांच करवा लें : भूपेश बघेल

रायपुर/18 अप्रैल 2017। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने प्रदेश की भाजपा सरकार को खुली चुनौती दी है कि सरगुजा केंद्रीय जेल में अभय सिंह से उनकी मुलाकात की न्यायिक जांच क्यों सीबीआई जांच करवा ले? उन्होंने पूछा है कि एक सरकार ने जिस व्यक्ति का उपयोग नक्सलियों से निपटने के लिए किया और अच्छे काम के प्रमाण पत्र दिए उससे मिलने पर सरकार और भाजपा दोनों को पसीना क्यों आ रहा है?
श्री बघेल ने यहां जारी एक बयान में कहा है कि जहां तक जांच का सवाल है तो कांग्रेस पिछले चार वर्षों से मांग कर रही है कि झीरम कांड के षडयंत्र की जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा है कि झीरम कांड के षडयंत्र की जांच न तो एनआईए ने की, न यह आयोग के जांच के दायरे में है और न सरकार इसे सीबीआई को सौंपने के लिए जोर लगा रही है। श्री बघेल ने कहा, “जाहिर है कि सरकार झीरम के मामले में कुछ छिपा रही है और जिसे छिपाया जा रहा है उसमें ऐसा जरुर कुछ है जिसमें मुख्यमंत्री सीधे फंसने वाले हैं।”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि झीरम में कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं की एक साथ हत्या कर दी गई। वह एक ऐसी क्षति थी जिसकी भरपाई कभी नहीं हो पाएगी। उन्होंने कहा है कि यह सूचना विचलित करती है कि झीरम कांड से पहले सरकार ने किसी व्यक्ति के जरिए नक्सलियों को करोड़ों रूपए भिजवाए थे। सवाल यह है कि क्यों सरकार ने पैसे भिजवाए?

झीरम कांड से पहले सरकार ने किसी के जरिए नक्सलियों को करोड़ों रुपए भिजवाए पुलिस और नक्सलियों के बीच सांठगांठ की सीबीआई जांच हो: भूपेश बघेल

रायपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि सूचना मिली है कि झीरम कांड से पहले सरकार के किसी के जरिए नक्सलियों को करोड़ों रुपए भिजवाए थे, यह सूचना एक बार फिर साबित करती है कि राज्य में पुलिस और नक्सलियों के बीच गहरी सांठगांठ है। उन्होंने कहा है कि सरकार खुद तो इसकी जांच करवाएगी नहीं इसलिए इसकी जांच सीबीआई से करवानी चाहिए।
कांग्रेस भवन में आयोजित एक पत्रवार्ता में श्री बघेल ने कहा कि एसपी वीके चैबे की कथित मुठभेड ़में मौत, एलेक्स पॉल मेनन के अपहरण और रिहाई से लेकर झीरम कांड तक कई मामले हैं जिसमें लगता है कि राज्य के पुलिस अधिकारी भी नक्सलियों से मिले हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जब आईएएस एलेक्स पॉल मेनन को नक्सलियों ने अगवा कर लिया था और एकाएक रिहा कर दिया था तब भी हमारे नेता महेंद्र कर्मा जी ने आरोप लगाया था कि नक्सलियों से पैसों का लेन देन हुआ था। कर्मा जी के आरोपों की भी कभी कोई जांच नहीं हुई और सरकार ने कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा कि अभी हमें एक सूचना और प्राप्त हुई है जिससे पता चला है कि झीरम कांड से ठीक पहले सरकार की ओर से किसी व्यक्ति के जरिए नक्सलियों को करोड़ों रुपयों की रकम पहुंचवाई गई थी।
भूपेश बघेल ने कहा कि दो दिन पहले वे जेल में अभय सिंह से मिलकर लौटे हैं। नक्सलियों से कथित लड़ाई में पुलिस का सहयोग देने वाले एक व्यक्ति अभय सिंह ने जब यह पोल खोली कि नक्सलियों और पुलिस के बीच गहरी सांठगांठ है तो पुलिस को यह नागवार गुजरा।
उन्होंने कहा, “हमें संदेह है कि पुलिस किसी भी तरह से अभय सिंह को जान से मार देना चाहती है और इसीलिए कई तरह के फर्जी मामले दर्ज करके उन्हें जेल में रखा हुआ है।”
श्री बघेल ने कहा कि जेल भेजने से पहले उन्हें कोई इंजेक्शन लगाया गया था और हमें संदेह है कि इस अज्ञात इंजेक्शन के बाद से ही उनकी तबियत भी खराब है। अभय सिंह घोषित रूप से पुलिस का सहयोगी या इंफॉर्मर रहा है और उनके योगदान की सरगुजा रेंज के तीन अलग-अलग आईजी ने प्रमाण पत्र देकर सराहना की है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने अभय सिंह से कई घंटों की पूछताछ की। इस पूछताछ की रिपोर्ट तो हाईकोर्ट में प्रस्तुत की गई लेकिन इस अनुरोध के साथ कि इस रिपोर्ट को सार्वजनिक न किया जाए क्योंकि अभय सिंह के पास ऐसी जानकारियां हैं जो अगर सार्वजनिक हो जाएं तो छत्तीसगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था को खतरा पैदा हो जाएगा।
श्री बघेल ने कहा कि जाहिर है कि अभय सिंह के पास वो जानकारियां हैं जो पुलिस को बेनकाब कर सकती है। इसीलिए इसके बाद से उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश शुरु हई।
उन्होंने बताया कि इस बीच अभय सिंह से पुलिस के आला अफसर मिलने गए थे। अगर वह साधारण अपराधी है तो क्यों पुलिस के आला अफसर उनसे मिलने पहुंच रहे हैं? अफसर लगातार उनसे झीरमकांड की सीडी मांग रहे है। इसका मतलब यह है कि जिस तरह से एसपी वीके चैबे के मुठभेड़ की सीडी बनाई गई थी, उसी तरह से झीरम कांड की भी कोई सीडी बनी है, जो पुलिस की जानकारी में है।
श्री बघेल ने कहा, “हम चाहते हैं कि नक्सली - पुलिस सांठगांठ की पूरी जांच सरकार की ओर से अविलंब सीबीआई को सौंप दी जाए। चूंकि पूरे मामले में सरकार की भूमिका संदिग्ध है इसलिए वह तो इस मामले की जांच करवाने से रही।”
उन्होंने कहा कि सीबीआई ही पता लगा सकती है कि वह कौन व्यक्ति है जिसने सरकार के कहने से झीरम कांड से पहले नक्सलियों को करोड़ों रुपए पहुंचाए थे और सरकार में वह कौन है जो नक्सलियों को पैसे पहुंचवाता है?
उन्होंने अभय सिंह को पूरी सुरक्षा देने और उनके खिलाफ फर्जी मामले वापस लेने की भी मांग की।

जसवंत सिंह सलूजा मामले में जांच के लिये गठित टीम ने भूपेश बघेल को जांच प्रतिवेदन सौपा धारा 302 अपराध पंजीबद्ध करने की मांग

  रायपुर  बलौदाबाजार में पुलिस अभिरक्षा में जसवंत सिंह सलूजा की हत्या की जांच के लिये गठित जांच दल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल को प्रतिवेदन सौपा। जांच दल में प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं विधायक गुरूमुख सिंह होरा, बलौदाबाजार विधायक जनकराम वर्मा, प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री शैलेश नितिन त्रिवेदी, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विद्याभूषण शुक्ला, प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ताद्वय महेन्द्र छाबड़ा एवं सुरेन्द्र शर्मा को बलौदाबाजार में पुलिस अभिरक्षा में जसवंत सिंह सलूजा की हत्या के मामले में जांच करने हेतु दल गठित किया था। उक्त संदर्भ में जांच के पश्चात हमारा कथन यह है कि जसवंत सिंह सलूजा अपनी मोटर साईकिल में 9 अप्रैल 2017 को रात्रि तीन सवारी दिलीप कुर्रे एवं मदन रविदास के साथ गौरव पथ की ओर जा रहे थे उसी समय यातायात निरीक्षक धीरज मरकाम और ट्रेफिक सिपाहियों द्वारा उन्हें रोक कर रूपये की मांग की। नहीं देने पर जसवंत सिंह सलूजा को थाने ले जाकर बर्बरतापूर्वक पीट-पीटकर उसे मार डाला गया। जांच दल ने उनके परिवारजनों से भेंट कर वस्तुस्थिति जानकारी ली।ं मृतक की दोनों बेटियो ने सोनम एवं काजल ने जांच दल को बताया कि जब उन्हें अपने पिता के साथ मारपीट की जानकारी प्राप्त हुई तो तत्काल थाने पहुंची और वहां पर उपस्थित यातायात निरीक्षक एवं उनके सहयोगी पुलिस कर्मचारियों से अपने पिता को छोड़ने और मारपीट न करने का बार-बार आग्रह करती रही पर उन्होने मेरी बात को अनसुना कर दिया। थाने में उपस्थित यातायात प्रभारी धीरज मरकाम, सब इंस्पेक्टर संदीप सिंह, प्रधान आरक्षक उत्तक साहू, आरक्षक रामजी साहू एवं गंगाराम सहित दो महिला आरक्षक सहित 12 पुलिस कर्मचारी वहां उपस्थित थे जिन्होने मृतक के साथ परिवारजनों के सामने भी मारपीट की। परिवार जनों ने जब उनसे कहा कि आप लोगो के द्वारा मारपीट से इनकी तबियत लगातार बिगड़ रही है पर उन्होने पीने का पानी तक देना मुनासिब नहीं समझा। बल्कि एक बाल्टी पानी उनके शरीर पर डाल कर गिला कर दिया। पुलिस प्रताड़ना और अत्याचार का ये दुखद मामला बलौदाबाजार की यातायात पुलिस और थाना पुलिस द्वारा देखने को सामने आया है। मृतक की पत्नी ने धीरज मरकाम से अपने पति को निर्दोष बताते हुये छोड़ देने की बात कही तो उन्होने एक लाख रू. नगद की मांग की कहा कि पैसा लेकर आओ तब तुम्हारे पति को छोड़ा जायेगा। ज्यादा बात करोगे तो तुम्हारा भी यही हश्र होगा। इसके पहले भी गौरवपथ में भी मृतक से पुलिस द्वारा पैसो की मांग की गयी थी। जांच दल ने बलौदाबाजार पहुंच कर उनके परिवार जनों से जिलाधीश से, पुलिस अधिक्षक से, सिक्ख समाज के लोगो से और स्थानीय लोगो से भी चर्चा की जांच दल ने जिलाधीश से कहा कि पुलिसिया प्रताड़ना में शामिल थानेदार सहित सभी 12 पुलिस कर्मचारियों को निलंबित किया जाना चाहिये। विशेषतौर पर दो महिला कांस्टेबल जिन्होने मृतक के पत्नी के साथ दुव्र्यवहार किया था और सभी पर हत्या के भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत धारा 302 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल गिरफ्तारी की जाये और उनके परिवार को 50 लाख रू. का मुआवजा दिया जाये तथा मृतक के नाबालिग बेटे को सरकारी नौकरी दी जाये। 
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने जांचदल की रिपोर्ट प्राप्त करने के पश्चात पत्रकारवार्ता में कहा कि अभियुक्त यातायात निरीक्षक धीरज मरकाम सहित 12 पुलिस कर्मियो पर धारा 302 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर सभी की गिरफ्तारी हो। परिवार को 50 लाख रू. मुआवजा एवं घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाये। 

 

किसी की पगड़ी गिर जाती है, तो बस्तर में अच्छा काम करने वाले अधिकारी को हटा दिया जाता हैकल्लूरी

रायपुर/ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और सुप्रीम कोर्ट के सामने क्या छत्तीसगढ़ की पुलिस अपना पक्ष रखने में कमजोर पड़ जाती है? ये सवाल बस्तर आईजी रहे एसआरपी कल्लूरी के बयान के बाद उठ खड़े हुए हैं। दरअसल एसआरपी कल्लूरी ने बौद्धिक आतंकवाद और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता विषय पर आयोजित परिचर्चा के दौरान कहा कि- दिल्ली में एनएचआरसी और सुप्रीम कोर्ट में हम कमजोर पड़ रहे हैं।

कल्लूरी ने कहा कि मानवाधिकार आय़ोग का परसेप्शन बस्तर को लेकर बिल्कुल अलग है। कल्लूरी यही नही रुके। बस्तर से पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर पर सांकेतिक तौर पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि- किसी की पगड़ी गिर जाती है, तो बस्तर में अच्छा काम करने वाले अधिकारी को हटा दिया जाता है। कोई महिला दस लोगों को साथ लेकर कुछ कर देती है, तो हंगामा मच जाता है। लेकिन आज एक बच्चा ब्लास्ट में खत्म हो गया तो कुछ नही। आईजी एसआरपी कल्लूरी ने कहा- बस्तर में वर्दी पहुंचकर जो लड़ते है उससे ज्यादा ताकतवर सफेद पॉश लोग है। एसआरपी कल्लूरी ने कहा- इस परिचर्चा में मैं सिर्फ सुनने आया था। बोलने नहीं, क्योंकि ज्यादातर लोगों को पता है कि क्यों? उन्होंने कहा कि बस्तर में अक्सर लोग हवाई जहाज से जाते हैं और इसलिए ही बस्तर को लेकर हवाई जानकारी भी रखते हैं। नक्सलियों के प्रति सहानुभूति रखने वाले कहते है कि पिछड़ापन की वजह से नक्सलवाद है, लेकिन नक्सलियों की मिलिट्री बॉडी ये कोशिश करती है कि पिछड़ापन समाप्त ना हो। उनकी कथनी और करनी में गैप है।

कल्लूरी ने कहा- 2004 से अब तक नक्सल क्षेत्र में ही काम कर रहा हूँ। नक्सलवादी बस्तर से सालाना 1100 करोड़ रुपये वसूलते है। ये वसूली मिनरल कॉन्ट्रेक्टर, ब्यूरोक्रेट, फारेस्ट से की जाती है। उन्होंने कहा कि- ये अन्तराष्ट्रीय साजिश है कि भारत सुपर पावर ना बन पाए। हमारे पास ऐसी रिपोर्ट है कि माओवादियों का इंटरनेशन स्पोर्ट है और अर्बन नक्सली उन्हें प्रोटेक्ट करते है। बौद्धिक आतंकवाद एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता विषय पर आयोजित इस परिचर्चा का आयोजन हिन्दू युवा मंच ने किया था। इस परिचर्चा में फ़िल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री और सुप्रीम कोर्ट मोनिका अरोरा ने भी मानवाधिकार के लिए लड़ने का दावा करने वाले संगठनों पर जमकर निशाना साधा।

रायपुर प्रदेश के तीन ज़िलों रायपुर, दंतेवाड़ा और सुकमा के कलेक्टर प्रधानमंत्री अवार्ड से होंगे सम्मानित

 रायपुर: प्रदेश के तीन ज़िलों रायपुर, दंतेवाड़ा और सुकमा के कलेक्टर प्रधानमंत्री अवार्ड से सम्मानित होंगे, 21 अप्रैल को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रशासनिक सेवा दिवस के मौके पर रायपुर कलेक्टर- ओपी चौधरी, दंतेवाड़ा कलेक्टर- सौरभ कुमार और सुकमा कलेक्टर- नीरज कुमार बंसोड़ को सम्मानित करेंगे
ओपी को इससे पहले साल… 2013 में दंतेवाड़ा कलेक्टर रहते हुए ये अवार्ड मिल चुका है। ओपी चौधरी ने घोर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में लाइवलीहुड कालेज की शुरुआत की थी..जो ना सिर्फ शिक्षा जगत के लिए एक मिसाल बना …बल्कि इसे लेकर केंद्र ने कौशल उन्नयन योजना तो…कई राज्यों ने उनसे मॉडल एजुकेशन के तौर पर आजमाया। रायपुर कलेक्टर ओपी चौधरी को इस बार ये अवार्ड स्टैंडअप इंडिया के बेहतर क्रियान्वयन के लिए दिया जायेगा। ओपी चौधरी के अलावे दंतेवाड़ा कलेक्टर सौरभ कुमार को पालनार कैशलेश विलेज और सुकमा कलेक्टर नीरज कुमार बंसोड़ को एजुकेशन सिटी बनाने के लिए प्रधानमंत्री अवार्ड दिया जायेगा। प्रधानमंत्री अवार्ड के लिए पूरे देश भर के 600 जिलों से 1515 एप्लीकेशन आये थे…जिनमें से 830 अावेदन संगठनों और राज्य व केंद्र सरकार के जरिये मिले थे। उन तमाम अप्लीकेशन की स्क्रूटनी के बाद 45 कलेक्टरों को पूरे देश भर से चुना गया है

जानिए जोगी के लिस्ट में कौन कौन है शामिल

 रायपुर । अजीत जोगी ने आज अपनी पार्टी के लिए जिलाध्यक्षों का एलान कर दिया है। अजीत जोगी की पार्टी में 40 जिलाध्यक्ष होंगे.. वहीं एक अनूठा प्रयोग करते जोगी कांग्रेस ने अपनी पार्टी के लिए 18 उपजिला भी बनाये हैं.. और उनके लिये भी जिलाध्यक्षों का ऐलान किया है। जोगी की पार्टी में महिलाओं की नुमाइंदगी ना के बराबर है.. वहीं अल्पसंख्यकों को भी ज्यादा से ज्यादा स्थान दिया गया है। अजीत जोगी के मुताबिक सक्रिय पदाधिकारी को पार्टी ने अहम जिम्मेदारी दी गयी है..। अजीत जोगी ने महिलाओं की कम नुमाइंदगी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जल्द ही पार्टी में प्रदेश स्तरीय कार्यकारिणी का भी ऐलान किया जायेगा.. जिसमें ज्यादा से ज्यादा महिलाओं की मौजूदगी दिखेगी। 40 जिलाध्यक्षों के अलावे.. 18 उप जिलाध्यक्ष भी बनाये गये हैं।
अंबिकापुर ग्रामीण के अध्यक्ष गोपाल केशरवानी…अंबिकापुर शहर के अध्यक्ष दानिश रफीक..बालोद में अर्जुन हिरमानी..बलौदाबाजार में प्रमोद शर्मा…बलरामपुर में सुक्कू यादव…बस्तर में अंतुराम कश्यप…बेमेतरा में डीपी धृतलहरे.. भानुप्रतापपुर में रामबाबू शर्मा.. भिलाई नगर में जहीर खान.. बिलासपुर ग्रामीण में ज्वाला प्रसाद …दंतेवाड़ा में बबलू सिद्दीकी.. धमतरी में शरदरण सिंह … दुर्ग ग्रामीण बालमुकुंद देवांगन… गरियाबंद में नथमल शर्मा.. जगदलपुर नगर में पुलक भट्टाचार्य… जांजगीर में संतोष गुप्ता.. जशपुर में कृपाशंकर भगत… कांकेर में पवन कौशिक.. कवर्धा ग्रामीण अगम दास.. कवर्धा नगर में हिजबुल खान… कोरबा में रामसिंह अग्रवाल.. कोरिया नगर में शाहिद मेहमूद.. कोरिया में गुलाब सिंह.. महासमुंद में शेख छोटे मिया…मुगेली में चंद्रभान बारमते.. नारायणपुर में पंकज यादव.. पत्थलगांव में एमएस पैकरा.. पेंड्रा-गौरेला में सत्यनारायण तिवारी.. प्रतापपुर में नरेंद्र सिंह.. रायगढ़ ग्रामीण हृदयराम राठिया… रायगढ़ नगर बजरंग अग्रवाल.. रायपुर शहर ओमप्रकाश देवांगन…राजनांदगांव ग्रामीण सरदार जरनैल सिंह… …राजनांदगांव नगर में मेहुल मारू.. सक्ति में गीतांजलि पटेल… सरायपाली में त्रिलोचन नायक…सारंगढ़ में निर्मला बंजारे.. सुकमा में आयतुराम मंडावी.. सूरजपुर में सुरेंद्र चौधरी और वैशालीनगर में मनोज पांडे को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं उप जिला अध्यक्ष भी अजीत जोगी ने नियुक्त किये हैं। अहिरवारा में प्रदीप पनगर.. आरंग में कार्तिक राम लाखे… चित्रकोट में टंकेश्वर भारद्वाज… धरसींवा में पन्ना साहू.. कसडोल में अजय ताम्रकार.. कटघोरा में शैलेष सिंह.. खैरागढ़ में नासिर मेमन.. कोरबा में अर्चना उपाध्याय… मनेंद्रगढ़ में केशव पोद्दार… मोहला मानपुर में संजीत ठाकुर.. पाटन में राकेश ठाकुर.. रायपुर दक्षिण में इंद्रजीत सिंह ठाकुर.. रायपुर उत्तर नगर में अमर गिदवानी.. रामपुर में अब्दुल रज्जाक.. बिलासपुर रेलवे परिक्षेत्र में सैय्यद निहाल.. सीतापुर में जय भगवान अग्रवाल.. तखतपुर में संतोष कौशिक और बसना में पी कुमार डे को उप जिलाध्यक्ष बनाया गया है।

दैनिक भास्कर समूह के चेयरमेन रमेश चंद्र अग्रवाल के निधन पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल कांग्रेस विधायक दल के नेता टी.एस. सिंहदेव ने गहरा शोक प्रगट करते हुये श्रद्धांजली अर्पित की है।

 दैनिक भास्कर समूह के चेयरमेन रमेश चंद्र अग्रवाल के निधन पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल कांग्रेस विधायक दल के नेता टी.एस. सिंहदेव ने गहरा शोक प्रगट करते हुये श्रद्धांजली अर्पित की है। 
कांग्रेस नेताओं ने कहा श्री अग्रवाल के असामयिक निधन से देश के समाचार जगत का मजबूत स्तंभ डह गया । स्व. रमेश अग्रवाल ने अपनी कर्मठता से अपने समूह को सफलता की जिस ऊंचाई पर पहुंचाया वह अनुकरणीय है। ईश्वर उनकी आत्मा को मोक्ष प्रदान करें शोक संतप्त परिवार को इस असीम दुख को सहने की शक्ति दे। 

परिवहन विभाग के सांठगाठ से डीलर कर रहे है जनता की जेब ढ़ीली- कांग्रेस

परिवहन विभाग के सांठगाठ से डीलर कर रहे है जनता की जेब ढ़ीली- कांग्रेस 

रायपुर/ 12 अप्रेल 2017।  छत्तीसगढ़ शासन का परिवहन मत्रालय सुधरने का नाम ही नई ले रहा है कभी अनफीट गाड़ीयो को एन.ओ.सी देने तो कभी ड्राईविंग लाईसेसों के नाम से ज्यादा पैसा वसूली के मामले में प्रसिद्ध रहे परिवहन विभाग अब आटो मोबाईल डीलरो के साथ सांठगाठ कर आम उपभोक्ताओं से ट्रेड फीस एवं ट्रेड टैक्स की वसूली कर आम जनता की जबरिया जेब ढ़ीली कर रहा है। छत्तीसगढ़ के आटो मोबाईल शो-रूम परिवहन विभाग की सरपरस्ती में बेलगाम हो गये है। 
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मनीष दयाल ने बताया कि लंबे समय से वाहन डीलरों द्वारा ग्राहको से ट्रेड फीस और ट्रेड टैक्स वसूला जा रहा है। परिवहन विभागों के नियमों के अन्तरगत ट्रेड फीस एवं ट्रेड टैक्स का भूगतान डीलरो द्वारा परिवहन विभाग को देना पड़ता है। किन्तु आटो मोबाईल डीलर अपने पैसे बचाने के लिये ये शुल्क सीधे ग्राहको से वसूल रहा है। एक चार पहिया वाहन में ट्रेड फीस 1000 रू. तथा टैक्स 600 रू. लगता है, वही दुपहिया वाहन में ट्रेड फीस 500 रू. तथा ट्रेड टैक्स 30 रू.लगता है। पूरे छत्तीसगढ में हर माह लगभग 1500 से 1800 चारपहिया वाहनों तथा 4200 से 4500 दुपहिया वाहनों की बिक्री होती है यदि ट्रेड टैक्स जोड़ा जाये तो चारपहिये वाहन खरीदने वाले ग्राहको को लगभग 28 से 30 लाख रूपये तथा दुपहिया वाहन खरीदने वाले ग्राहको को लगभग 23 से 25 लाख रूपये से जेब ढ़ीली करनी पड़ती है। परिवहन विभाग के नियमों के अंर्तगत ट्रेड फीस एवं ट्रेड टैक्स का भुगतान डीलरो द्वारा किया जाना है न कि वाहन खरीदी करने वालो द्वारा फिर भी खुले आम डीलरो द्वारा आम जनता से ट्रेड फीस एवं  टैक्स वसूला जा रहा है। जिसके प्रति प्रशासन पूरी तरह से मौन नजर आ रहा है। डीलरो द्वारा खुले आम फीस एवं टैक्स वसूली करना परिवहन विभाग से डीलरो की सांठगाठ की संभावनाओं को जन्म दे रहा है। परिवहन विभाग आम जनता को लूटने के अलावा कोई और काम नही कर रहा है। कभी हेलमेट के नाम से अवैध वसूली तो कभी प्रदूषण के नाम से वसूली करता आ रहा है। कांग्रेस पार्टी ने डीलरो द्वारा जबरन ली जा रही ट्रेड फीस एवं टैक्स पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है तथा ऐसे डीलरो पर कार्यवाही की मांग की है। ताकि छत्तीसगढ की जनता की जेब जबरन ढ़ीली न हो। 

मनीष दयाल 
प्रवक्ता 

लोक सुराज अभियान 2017 : मुख्यमंत्री दो दिन कांकेर-दुर्ग जिले के दौरे पर

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह लोक सुराज अभियान के तहत 12 अप्रैल को कांकेर और 13 अपै्रल को दुर्ग जिले का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री 12 अप्रैल को राजधानी रायपुर से हेलीकाप्टर द्वारा सवेरे नौ बजे रवाना होंगे और किन्हीं दो गांवों का आकस्मिक दौरा करने के बाद दोपहर एक बजे कांकेर पहुंचेंगे। वे शाम चार बजे वहां कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जिले की विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे। वे इस बैठक के बाद शाम 6 बजे से 6.30 बजे तक स्थानीय पत्रकारों से चर्चा करेंगे। डॉ. सिंह इसके बाद सर्किट हाउस में जिले के जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों से भी मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री कांकेर में रात्रि विश्राम करेंगे और अगले दिन 13 अप्रैल को सवेरे सर्किट हाऊस में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से चर्चा करेंगे और इसके बाद 9.15 बजे कांकेर से प्रस्थान करेंगे और दो गांवों का आकस्मिक दौरा करने के पश्चात दोपहर 1.40 बजे दुर्ग जिले पहंुचेंगे। वहां शाम चार बजे कलेक्टर सभाकक्ष में दुर्ग और बेमेतरा जिले की संयुक्त रूप बैठक लेंगे जिसमें दोनों जिलों के विकास कार्यो की समीक्षा करेंगे। वे इस बैठक के बाद शाम 6 बजे से 6.30 बजे तक स्थानीय पत्रकारों से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री उसके पश्चात जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से भेंट करेंगे और दुर्ग में ही रात्रि विश्राम करेंगे। डॉ. रमन सिंह अगले दिन 14 अपै्रल को सवेरे कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से चर्चा करेंगे। उसके उपरांत सवेरे नौ बजे दुर्ग से प्रस्थान करेंगे और 9.20 को रायपुर लौट आएंगे।

पुलिस अपनी मर्दानगी तीन सवारी करने वाले मासूम नौजवान पर दिखाने में लगी है सुरेंद्र शर्मा

बलोदा बाजार में पुलिस हिरासत में रिक्की सलूजा की मौत पुलिस के निरंकुश ब्यवहार का सिर्फ नमूना मात्र है । छत्तीसगढ़ प्रदेशकांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र शर्मा ने कहा एक तरफ सरकार झीरम के हत्यारों को आज तक खोज नही पाई । पूर्व विधायक शिव डहरिया की माता के हत्यारे ओर पिता पर जानलेवा हमला करने वाले खुला घूम रहे है । बिलासपुर में पत्रकार पाठक पर गोली चलाने वालों का पता नही है । इसलिए पुलिस अपनी मर्दानगी तीन सवारी करने वाले रिक्की सलूजा जैसे मासूम नौजवान पर दिखाने में लगी है । जिस तरह का बर्ताव ट्रैफिक पुलिस द्वारा रिक्की सलूजा के साथ किया गया वैसा बर्ताव तो घोर अपराधियों के साथ भी नही किया जाता । दोषियों को निलंबित कर न्यायिक जांच का आदेश दिया जा चुका है ।घर वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध एफ आई आर करने की मांग की जा रही है जो किया जाना चाहिए । सामान्य नियम है किसी को हिरासत में लेते समय उसके परिजन अथवा उसके बताये ब्यक्ति को सूचित किया जाना चाहिए और उसकी मांग पर चिकित्सीय जांच कराने का नियम है,जिसका पालन नही किया गया शहर की जनता में भारी आक्रोश है । समूचा घटनाक्रम सरकार के कार्य प्रणाली की पोल खोलता क्योकि सरकार शराब दुकान खुलवाने में ब्यस्त है और पुलिस सड़क पर चलने वालों से वसूली में मस्त है । सुरेंद्र शर्मा का कहना है कुल मिलाकर सब अस्त ब्यस्त है ।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा रमन राज में पुलिस हुई बर्बर - आनंद मिश्रा ने रिक्की सलूजा के मौत को बताया बहुत ही शमर्नाक घटना

रायपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आनंद मिश्रा ने जारी विज्ञप्ति में कहा कि बलौदाबाजार में यातायात पुलिस की बर्बर मारपीट से रिक्की सलूजा की मौत बहुत ही शमर्नाक घटना है। नागरिको को सुरक्षा देने वाली पुलिस अब नीरीह व्यक्ति के इस अमानवीय रूप से मारपीट करती है कि उसकी मौत हो जाती है।  मिश्रा ने कहा कि सलूजा का अपराध भी इतना बड़ा नहीं था कि उसे आदतन अपराधी की तरह वहशियाना ढंग से मारपीट करना आवश्यक होता। भाजपा सरकार में कभी हेलमेट, कभी प्रदूषण, कभी गाड़ी के कागजात के नाम पर जनता से यातायात पुलिस से आमजन परेशान हो रहे है। पुलिस अत्याचार में हुई मौत की संख्या के आंकड़े भी विचलित कर देने वाले है।  मिश्रा ने कहा कि बस्तर और आदिवासी क्षेत्रों में पुलिस अत्याचार की कहानी भी चरम पर है।  कांग्रेस नागरिको पर हो रहे अत्याचार की घोर निंदा करती है

रायपुर में मालवीय रोड स्थित दुकान में लगी आग, 4 लोगों की मौत फायर ब्रिगेड की 15 गाड़ियां मौके पर पहुंची हैं और आग बुझाने की कोशिश जारी

रायपुर में मालवीय रोड पर स्थित दुकान और लॉज में सुबह ​3​ बजे  आग लग गई है। आग लगने से 4 लोगों की मौत हुई है। फायर ब्रिगेड की  १५ गाड़ियां मौके पर पहुंची हैं और आग बुझाने की कोशिश जारी है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भिलाई से मंगवाई गई हैं। आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।

रमन सिंह ही हैं सबसे बड़े कोचिया भूपेश बघेल कोचिया हटाने का वादा लेकिन भाजपा के लोग ही कोचिया बन रहे हैं

रायपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि शराब बेच रही भाजपा सरकार के सबसे बड़े कोचिया तो खुद मुख्यमंत्री रमन सिंह ही हैं क्योकि वे भी शराब बेचकर अवैध कमाई करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके एक मंत्री ने ही बताया है कि शराब बेचकर 1500 करोड़ रुपए का कमीशन आएगा जिसका हिसाब रखने का कोई तरीका नहीं है। उन्होंने पिछले सात दिनों के अनुभव से यह भी जाहिर हुआ है कि भाजपा के नेता ही शराब की जमाखोरी करके कोचियागिरी कर रहे हैं।

बघेल ने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में एक वरिष्ठ मंत्री ने सवाल उठाए थे कि शराब बेचने से 1500 करोड़ रुपए का जो कमीशन आएगा उसे किस खाते में डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि न तब मुख्यमंत्री ने इसका जवाब दिया था और न अब तक दे पाए हैं। जाहिर है कि कमीशन की यह राशि मुख्यमंत्री रमन सिंह और आबकारी मंत्री अमर अग्रवाल के बीच ही बंटेगी। तो यही काम तो शराब ठेकेदार और कोचिया भी कर रहे थे। इस नाते रमन सिंह प्रदेश के सबसे बड़े कोचिया हो गए।

 बघेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह पिछले एक हफ्ते से फतवे जारी कर रहे हैं कि कोचियों को टांग देंगे, एसपी को हटा देंगे आदि आदि। .वे वादा तो कर रहे हैं कि कोचिया पूरे प्रदेश से हट जाएंगे लेकिन पिछले सात दिनों में भाजपा नेता ही कोचियागिरी करते पकड़े गए हैं।

चार दिन पहले पेंड्रा में भाजपा पार्षद के पोल्ट्री फॉर्मसे बड़ी मात्रा में शराब पकड़ी गई थी और कल पाटन में भाजपा के नगर पंचायत अध्यक्ष कृष्णा भाले के समधी रामरतन देवांगन के घर से बड़ी मात्रा में शराब जब्त की गई है। इसमें कई ब्रांड की विदेशी शराबें हैं। ऐसी छोटी मोटी खबरें पूरे प्रदेश से आ रही हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि कांग्रेस को इस बात पर कोई संदेह नहीं था कि भाजपा सरकार शराब क्यों बेच रही है। लेकिन अब जनता भी समझ जाएगी कि भाजपा की असली मंशा कोचियों को हटाकर खुद कोचियों का काम करना है ताकि पूरी कमाई भाजपा से जुड़े लोगों की जेब में जाए। महिलाएं रमन सरकार के लिए भीख मांग रही हैं लेकिन सरकार को शर्म नहीं आ रही है।

 बघेल ने कहा है कि भारतीय परंपराओं और संस्कारों की बात करने वाली भाजपा और उनकी मातृ संस्था आरएसएस इसलिए चुप हैं क्योंकि 1500 करोड़ रुपयों का कमीशन उन तक भी तो पहुंचेगा।