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बिलासपुर हाईकोर्ट पहुंचे बर्खास्त कांस्टेबल। विभाग ने 6 में से 4 कॉन्स्टेबल को किया गया था बर्खास्त। जवानों के नक्सलियों ने लूट लिए थे हथियार। छत्तीसगढ़ में साल 2016 में हुई थी घटना। बिलासपुर हाई कोर्ट में हुई सुनवाई। 4 सप्ताह के भीतर शासन से मांगा गया जवाब।  बीजेपी नेता मंतूराम पवार के बंगले पर थी ड्यूटी। शासन को 4 सप्ताह में देना होगा जवाब।

अजीत मिश्रा : बिलासपुर

नक्सलियों के द्वारा कांस्टेबलों से लुटे गए हथियारों के कारण विभाग से बर्खास्तगी की सजा मिलने वाले चार कांस्टेबलों ने हाईकोर्ट में न्याय की गुहार लगाई है। जिसमे सुनवाई के बाद हाईकोर्ट जस्टिस गौतम भादुड़ी के सिंगल बेंच ने चारों कांस्टेबलों की इन्क्वायरी रिपोर्ट समेत संबंधित सारे दस्तावेज प्रस्तुत करने शासन को 4 सप्ताह का समय दिया है। 

बतादें की 2016 में बस्तर के पंखाजूर में स्थित मंतुराम पावर के बंगले में हुए नक्सली हमले में बंगला ड्यूटी में तैनात 6 कांस्टेबलों में से 4 कांस्टेबलों के हथियार नक्सलियों ने लूट लिया था। जिसके बाद 4 कांस्टेबलों को लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस विभाग के द्वारा बर्खास्त कर दिया गया।* जिसको लेकर चारों कांस्टेबलों ने अधिवक्ता योगेश्वर शर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि मंतुराम पावर के बंगले में 6 कांस्टेबलों की ड्यूटी लगी थी। 12 से 13 नक्सलियों ने अचानक से हमला बोलते हुए आरक्षकों के साथ मारपीट की और 4 बंदूक लूटकर ले गए। उसके बाद विभाग ने चार कांस्टेबल को लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए सीधे बर्खास्त कर दिया। सभी बर्खास्त कांस्टेबलों ने विभाग के उच्चाधिकारियों से अपील की पर कोई सुनवाई नही होने पर हाईकोर्ट के शरण मे आना पड़ा।।

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सर्वदलीय बैठक में सौपा पत्र

रायपुर/05 नवंबर 2019। कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा बुलाई गयी सर्वदलीय बैठक में प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन और प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी शामिल हुये। महामंत्रियों ने कांग्रेस की ओर से बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को एक पत्र सौपा। पत्र में कहा गया है

1. आज 5 नवम्बर की सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस पार्टी 2500₹ में धान खरीदी के फैसले पर अपना पूरा समर्थन व्यक्त करती है।

1. 2500₹ में धान खरीदी किए जाने पर सेंट्रल पूल में छत्तीसगढ़ के चावल को न लेने का केंद्र की भाजपा सरकार का निर्णय छत्तीसगढ़ विरोधी किसान विरोधी और धान विरोधी निर्णय है।

2. रमनसिंह सरकार की किसान विरोधी नीतियों और खासकर किसानों के साथ बार-बार की गई वादाखिलाफी के कारण राज्य में गरीबों की संख्या बढ़ी जिसमें मजदूर किसान बड़ी संख्या में हैं।

3. डिफाल्टर हो जाने के कारण ऋण जाल में फंस चुका किसान अब कर्जमाफी हो जाने के कारण फिर से सहकारी संस्थाओं और बैंकों से ऋण ले पा रहा है। 4. ₹2500 में धान खरीदी से किसान आत्महत्या की घटनाएं रुकी है।

5. देशव्यापी आर्थिक मंदी के कुचक्र से छत्तीसगढ़ मुक्त रहा है और छत्तीसगढ़ का व्यापार व्यवसाय किसानों की समृद्धि के कारण अच्छा चल रहा है और इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार अभिनंदन का पात्र है। आपकी सरकार की 2500₹ में 5 बरस तक धान खरीदने के फैसले के कारण ही किसान साहूकारों के और सूदखोरों के ऋण जाल से बाहर आया है।

मुख्यमंत्री जी आपकी सरकार ने अपने घोषणा पत्र के आधार पर किसानों व ग्रामीणों को आर्थिक तौर पर मजबूत करने 2500रू. में धान खरीदा है।

स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशें लागू करने का वादा तो भाजपा ने लोकसभा और विधानसभा के अपने घोषणा पत्रों में किया था। भाजपा की सरकारें तो अपनी बातों पर खरा नहीं उतर पाई और अपने वादों से मुकर गई ।

माननीय मुख्यमंत्री जी, आप अपने वादों को निभा रहे हैं यही बात भाजपा की केंद्र सरकार को खटक रही है।

हम कांग्रेसजन प्रदेश के अन्नदाता और छत्तीसगढ़ की जनता आपके साथ है आप के किसान समर्थक निर्णयों के साथ है ₹2500 में धान खरीदी करने के आपके फैसले के साथ है।

हम कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि ₹2500 में धान खरीदी के छत्तीसगढ़ सरकार के फैसले के प्रति अपना पूरा समर्थन व्यक्त करते हैं।

ऽ आपकी सरकार की किसान समर्थन नीतियों के कारण ही, पंजीकृत किसनों की संख्या इस साल 16.50 लाख से बढ़कर 19 लाख हो गयी है।

ऽ 7 दिन पंजीयन की तिथि और बढ़ाने का निर्णय किसान हित में लिया गया है। ऽ धान खरीदी की तिथि 15 फरवरी तक बढ़ाया गया है, किसानों को लाभ मिलेगा। ऽ केन्द्र सरकार के द्वारा 2500 रू. समर्थन मूल्य में धान खरीदी में राज्य के भाजपा नेताओं के इशारे पर बाधा डालने के बावजूद आपकी सरकार द्वारा लिये गये इस किसान हितकारी निर्णयों का कांग्रेस पार्टी समर्थन करती है। ऽ कृषि में रोजगार की अपार संभावनायें है, छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला कृषि क्षेत्र है। आपकी सरकार ने किसान हित में लिये गये फैसले से लोग वापस कृषि की ओर लौट रहे है और रोजगार बढ़ा है। प्रदेश आर्थिक रूप से सम्पन्न हो रहा है।

इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार से सेन्ट्रल पूल में चावल की खरीद करने की पूर्ववत 24 लाख टन से बढ़ाकर 32 लाख टन किये जाने की राज्य सरकार की मांग का कांग्रेस समर्थन करती है।

बिलासपुर संभाग में रारसुखदार सूदखोरों का आंतक ,महिला ने मुंगेली एसपी और सिटी कोतवाली थाना प्रभारी पर लगाए आरोप आई जी को दिया ज्ञापन

अजीत मिश्रा : बिलासपुर छत्तीसगढ़

बिलासपुर संभाग में रारसुखदार सूदखोरों का आंतक थमने का नाम नही ले रहा है । और अपनी ऊची पहुच और पुलिस अधिकारियों से साठगांठ के चलते ये सूदखोर डरा धमका कर गरीबो की जीवन भर की कमाई हड़पने में कोई कसर नही छोड रहे है । ऐसे ही एक मामले में सूदखोरों के आतंक से परेशान होकर मुंगेली जिले की एक महिला शिक्षक ने बिलासपुर आई जी को ज्ञापन सौंप कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है । महिला ने मुंगेली एसपी और सिटी कोतवाली थाना प्रभारी पर सूदखोरों के साथ साठगांठ के आरोप लगाते हुए कार्यवाही नही होने पर पूरे परिवार सहित आत्मदाह करने की धमकी दी है । जिस पर रेंज आई जी ने पूरे मामले की जांच का आश्वासन दिया है।

मुंगेली जिले के ग्राम लछनपुर की शिक्षिका पिछले तीन चार महीनों से पुलिस और थाने का चक्कर लगा रही है । सूदखोरों ने उनकी और उनके पति का जीना मुहाल कर रखा है लेकिन पुलिस कार्यवाही के नाम पर सिर्फ आश्वासन दे रही है। मुंगेली पुलिस से लेकर आईजी और डीजीपी तक शिकायत कर चुकी महिलाओं की शिकायत है कि कार्यवाही के नाम पर पुलिस सिर्फ उन्हें इधर और उधर का चक्कर लगवा रही है। महिला के पति ने सूदखोरों से रुपए उधार लिया था जिसके एवज में दोगुनी रकम चुकाई जा चुकी है। उसके बाद भी आरोपी द्वारा उनकी कार ,जमीन हड़प ली गई। इतना ही नहीं अब सूदखोर कर्ज चुकाने के लिए महिला पर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने का भी दबाव बना रहे हैं। महिला के पति गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं । पेशे से शिक्षिका महिला पर सूदखोर लगातार घेराबंदी कर शारीरिक संबंध बनाने के लिए उन्हें मजबूर कर रहे हैं। इस संबंध में लंबी लड़ाई लड़ रही महिला द्वारा चार मुख्य आरोपी के साथ 13 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है , बावजूद इसके कोई कार्यवाही नहीं हो रही। हाल ही में बिलासपुर में भी भूपेंद्र शर्मा ने सूदखोरों से परेशान होकर अपनी जान दे दी थी। सूदखोरों से प्रताड़ित इस महिला ने भी आई जी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि अगर जल्द ही उन्हें न्याय नहीं मिली तो वह भी मौत को गले लगा लेगी। लेकिन पुलिस शायद उनकी चेतावनी को गंभीरता से नहीं ले रही या फिर कर्जदार इतने रसूखदार हैं या उनके द्वारा नोटों की गड्डी से पुलिस का मुंह बंद कर दिया गया है। कारण जो भी हो, इस कारण से अभी तक किसी भी आरोपी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई है। उल्टे आरोपी ही, महिला के खिलाफ चेक बाउंस होने का फर्जी मामला दर्ज कर उन्हें परेशान कर रहे हैं। हर तरफ से निराश, परेशान पीड़ित महिला ने सोमवार को एक बार फिर आईजी को ज्ञापन सौंप कर शिकायत करते हुए कहा कि अब तक मुंगेली पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ f.i.r. तक नहीं लिखी गई है। लिहाजा वे मध्यस्थता कर आरोपियों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराएं।

महिला ने आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपियों ने मुंगेली एसपी के साथ सांठगांठ कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की है। लगातार सूदखोर महिला के साथ छेड़छाड़ अभद्र व्यवहार और आपत्तिजनक हरकत कर रहे हैं यही नहीं महिला ने यह भी कहा कि उनके द्वारा जान से मार देने की धमकी भी दी जा रही है। हैरानी इस बात की है कि महिला ने इसकी शिकायत मुंगेली थाने के अलावा एसडीओपी ,आई जी ,डी जी पी और महिला आयोग तक की है, फिर भी उनकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही। महिला के पति बीमार है और छोटे-छोटे बच्चे हैं । पूरा परिवार सूदखोरों से डरा सहमा है। अगर ऐसे में पुलिस भी उनकी मदद नहीं करती तो फिर एक दिन मुमकिन है कि पीड़ित महिला द्वारा भी ऐसा कोई कदम उठा लिया जाए जिसकी भरपाई मुमकिन नहीं होगी। मामले में सच क्या है और झूठ क्या , कम से कम यह पता लगाने के लिए भी जांच जरूरी है। पुलिस यह कदम उठाएं इसकी अपेक्षा महिला कर रही है अब देखना होगा कि आई जी को ज्ञापन सौंपने के बाद इस दिशा में क्या कुछ नया होता है, क्योंकि महिला पहले ही डीजीपी स्तर के अधिकारी से भी शिकायत कर चुकी है और नतीजे तब भी सिफर ही रहे हैं।

लापरवाह पटवारियों के विरुद्ध कार्रवाई, एक निलंबित, दो को नोटिस जारी

बलौदाबाजार, 5 नवम्बर 2019/ कसडोल तहसील में काम के प्रति लापरवाह तीन पटवारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इनमें एक को जहाँ निलंबित कर दिया गया है, वहीं दो पटवारियों के खिलाफ विभागीय जांच संस्थित करने के लिए नोटिस थमाई गई है। अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कसडोल ने तीनों के विरुद्ध आज यह कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि कसडोल तहसील के हल्का नम्बर 11 मोहतरा के पटवारी श्री गंगा प्रसाद बांधे को निलंबित कर दिया गया है। श्री बांधे पिछले माह बिना सूचना और अनुमति के मुख्यालय से बाहर रहा है। उनकी गैर मौजदूगी से राज्य सरकार का महत्वपूर्ण काम- गिरदावरी, फसल प्रविष्टि और धान पंजीयन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। निलम्बन की अवधि में बांधे का मुख्यालय तहसील कार्यालय कसडोल के कानूनगो शाखा में रहेगा। उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।इसी प्रकार दो अन्य पटवारी-श्री प्रकाश दास मानिकपुरी और अजय मलिक को विभागीय जांच शुरू करने के लिए नोटिस जारी की गई है। उन पर गलत फसल प्रविष्टि और धान रकबा सत्यापन में लापरवाही का आरोप लगाया गया है।

सीएम की बैठक में शामिल होने भाजपा सांसदों ने कर दिया इनकार

रायपुर- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की 5 नवंबर को होने वाली सर्वदलीय बैठक में भाजपा सांसदों ने शामिल होने से इनकार कर दिया है। बीजेपी सांसदों ने कहा है, कि इस संबंध में हमें न कोई फोन आया है, न कोई सूचना मिली है और न ही कोई आमंत्रण भेजा गया है। मालूम हो, कि रविवार को सीएम भूपेश बघेल ने 5 नवंबर को प्रदेश के सभी सांसदों के साथ बैठक करने की बात कही थी। बैठक धान खरीदी और धान के समर्थन मूल्य को लेकर बुलाई गई थी। गौरतलब है, कि सीएम भूपेश बघेल केंद्र की मोदी सरकार से धान का समर्थन मूल्य 2500 रुपए प्रति क्विेटल करने की मांग कर रहे हैं। इस संबध में सीएम भूपेश बघेल कई बार पीएम मोदी को पत्र भी लिख चुके हैं। इसी कड़ी में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए उन्होंने प्रदेश के सभी सांसदों की बैठक 5 नवंबर को मंत्रालय में बुलाई है।

कांग्रेस का केंद्र के खिलाफ सबसे बड़ा आंदोलन. प्रदेश भर के किसान 13 नवंबर को सड़क मार्ग से पहुँचेगे दिल्ली

रायपुर 3 नवंबर 2019। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कांग्रेस दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन करेगी। आज कांग्रेस भवन में कांग्रेस नेताओं की उच्च स्तरीय बैठक के बाद आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली गयी। इस रणनीति के तहत केंद्र की नीतियों का विरोध 5 नवंबर से शुरू होगा, जो 15 को दिल्ली में प्रदर्शन के बाद खत्म होगी। बैठक के बाद आंदोलन की रणनीति की जानकारी प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने दी। प्रेस कांफ्रेंस में प्रभारी पुनिया ने बताया कि 5 नवंबर से लेकर 12 नवंबर तक प्रदेश के ब्लाक व जिला मुख्यालयों में आंदोलन किया जायेगा। किसानों से हस्ताक्षर लिये जायेंगे, केंद्र की नीतियों की नाकामी का पोस्टर किसानों व ग्रामीणों के बीच बांटे जायेंगे। ब्लाक व जिला मुख्यालयों से किसान 12 नवंबर की शाम तक रायपुर पहुंचेंगे और फिर 13 नवंबर की सुबह 9 बजे रायपुर से दिल्ली के लिए सड़क मार्ग से कूच करेंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि किसान अपने-अपने संसाधनों के साथ रायपुर पहुंचेंगे और फिर 13 नवंबर की सुबह उन्ही गाड़ियों से दिल्ली के लिए कूच करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि किसी भी सूरत में किसानों से 25 सौ रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से ही धान की खरीदी करेंगे। उन्होंने कहा कि बारिश और धान में नमी की वजह से खरीदी की तारीख 1 दिसंबर से करने का फैसला लिया है।

छत्तीसगढ़ के आर्थिक मॉडल की चर्चा पूरे देश में : भूपेश बघेल :  मुख्यमंत्री ने किया तीन दिवसीय राज्योत्सव का शुभारंभ

 रायपुर 02 नवम्बर 2019मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज छत्तीसगढ़ के 20वें स्थापना दिवस पर आयोजित राज्योत्सव को सम्बोधित करते हुए कहा है कि राज्य सरकार की नीतियों से प्रदेश में उत्साह का माहौल बना है। राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसे समावेशी विकास का है, जिसमें गांव, गरीब, किसान, अनुसूचित जाति, अनूसूचित जनजाति और पिछड़े तबकों के लोगों को विकास का लाभ मिले। राज्य सरकार हर हाथ को काम देना चाहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरे देश में यह चर्चा का विषय है कि छत्तीसगढ़ देशव्यापी आर्थिक मंदी से अछूता है। छत्तीसगढ़ के आर्थिक मॉडल की चर्चा पूरे देश में है। इस उपलब्धि में राज्य सरकार की नीतियों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के जन-जन की भागीदारी है। राज्य सरकार के ढाई हजार रूपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदी और कर्ज माफी का यह चमत्कार हुआ है कि खेती-किसानी छोड़ चुके डेढ़ लाख किसानों के कदम फिर अपने खेत-खलिहानों की तरफ बढ़े हैं, कृषि ऋण का आंकड़ा चार हजार करोड़ तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर राज्योत्सव का शुभारंभ किया और प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति 2019-24 जनता को समर्पित करते हुए नीति की पुस्तिका का विमोचन किया।      बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ऑटो मोबाइल से लेकर कपड़ा और सराफा बाजार दीवाली पर चमके हैं। प्रदेश में शिक्षित बेरोजगारी की दर कम हुई है, भूमि पंजीयन का राजस्व डेढ़ गुना बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जनता को समर्पित की गई नई औद्योगिक नीति वर्ष 2019-2024 से सर्वाधिक निवेश प्रदेश के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में आएगा। विकासखण्ड स्तर पर उद्योग स्थापना, कृषि और वन उत्पादों का प्रसंस्करण वाले उद्योगों को प्राथमिकता, तकनीकी और प्रदूषण मुक्त उद्योगों को प्राथमिकता इस नीति में दी गई है। सेवा क्षेत्र को भी प्राथमिकता में शामिल किया गया है। राज्य सरकार का यह प्रयास है कि छत्तीसगढ़ सभी क्षेत्रों का हब बनें। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ की चार चिन्हारी नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी को बचाने का संकल्प लिया है। वन चरौदा के गोबर के दीये की रौशनी दिल्ली में भी बिखरी है। छत्तीसगढ़ का अंजोर दिल्ली तक पहुंचाने का प्रयास हमारी बहनों ने किया। हमने गांव में गौठान ही नहीं बनाए हैं, बल्कि इसे ग्रामीण छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केन्द्र बनाने का प्रयास भी किया है। गौरा-गौरी उत्सव में जब मैं शामिल हुआ, मातर में जब मैंने नृत्य किया, आदिवासी भाईयों के साथ नृत्य में शामिल हुआ, बहनों के साथ जब सुआ नृत्य में शामिल हुआ, केवट भाईयों ने जब मुझे जाल से ढांपा तो उन्हें लगा कि हमारा छत्तीसगढ़ बना है। जब हमने उत्साह के साथ अपने परंपरागत हरेली, तीजा, पोरा, तीज-त्यौहारों को मनाना शुरू किया कि तो पूरे प्रदेश में उमंग और उत्साह का नया माहौल बना। यही उत्साह अपने छत्तीसगढ़ को अपनी मंजिल तक पहुंचाएगा।      मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जनता की समस्याओं को हल करने की व्यवस्था नवीन योजनाओं के माध्यम से की है। कुपोषण से मुक्ति के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण योजना प्रारंभ की गई है। इसके साथ सार्वभौम पीडीएस, हाट बाजार क्लिनिक योजना, शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना और मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय जैसी योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। मोर जमीन मोर मकान योजना के अंतर्गत अब तक 8 हजार मकान बने थे, पिछले 11 महीने में 40 हजार मकान बनाए गए हैं। डीएमएफ का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचाने के प्रयास प्रारंभ किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने झीरम के शहीदों को भी याद किया।     मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का इतिहास केवल 19 साल पुराना नहीं है। जब छत्तीसगढ़ सीपी एण्ड बरार और मध्यप्रदेश का हिस्सा था, तब भी छत्तीसगढि़यों का दिल छत्तीसगढ़ के लिए धड़कता था। हमारे पुरखों डॉ. खूबचंद बघेल, पंडित सुन्दर लाल शर्मा, ठाकुर प्यारेलाल सिंह जैसी विभूतियों ने छत्तीसगढ़ के लिए जन-जागरण के साथ संघर्ष किया। डॉ. खूबचंद बघेल छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम स्वप्न दृष्टा थे। आज के छत्तीसगढ़ का नक्शा उनके सपनों का नक्शा है। मुख्यमंत्री ने राज्योत्सव के अवसर पर अमर शहीद वीर नारायण सिंह, गुण्डाधुर, शहीद गेंदसिंह का स्मरण किया।      संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के नव निर्माण के नूतन संकल्प को पूरा करने के लिए ज्ञान-विज्ञान के साथ पारंपरिक ज्ञान का उपयोग करने का प्रयास राज्य सरकार कर रही है। राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक हस्तशिल्प, पर्यटन वैभव और गौरवशाली संस्कृति और समृद्धि की झलक देखने को मिलेगी। मुख्य सचिव श्री आर.पी. मंडल ने स्वागत भाषण में तीन दिवसीय राज्योत्सव की रूप-रेखा की जानकारी दी।      इस अवसर पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह, महिला एवं बाल विकासमंत्री श्रीमती अनिला भेंडि़या, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, लोक स्वास्थ्य मंत्री गुरू रूद्र कुमार, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, विधायक मोहन मरकाम सहित अनेक विधायक, राज्यसभा सांसद छाया वर्मा, महापौर श्री प्रमोद दुबे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।  

राज्योत्सव 2019 : मुख्यमंत्री ने 11 विभूतियों और संस्थाओं को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया

रायपुर, 02 नवम्बर 2019 मुख्यमंत्री भूपेश बघल ने आज यहां साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्योत्सव के गरिमा शुभारंभ समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 नागरिकों और संस्थाओं को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया।                 अहिंसा एवं गौरक्षा के लिए यतियतन लाल सम्मान विद्यासागर गोविंदी देवी चैरिटेबल ट्रस्ट ग्राम सांकरा, जिला धमतरी को दिया गया। खेल के लिए गुण्डाधूर सम्मान रायपुर के बॉलीबाल खिलाड़ी दिपेश कुमार सिन्हा, महिला उत्थान के लिए मिनीमाता सम्मान भिलाई की रूखमणी चतुर्वेदी, सामाजिक चेतना एवं सामाजिक न्याय के क्षेत्र में गुरू घासीदास सम्मान गुरू घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी तथा सामाजिक, आर्थिक व शैक्षिक क्षेत्र मंे अभिनव प्रयत्नों के लिए पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान बिलासपुर जिले के ग्राम गनियारी के जन स्वास्थ्य सहयोग संस्था को दिया गया। साहित्य के क्षेत्र में दिया जाने वाला पंडित सुन्दर लाल शर्मा सम्मान रायपुर के सैय्यद अय्यूब अली मीर, कला एवं संगीत के लिए चक्रधर सम्मान रायपुर के मिर्जा मसूद, लोक कला के लिए दाऊ मंदराजी सम्मान दुर्ग के कुलेश्वर ताम्रकार एवं कृषि के क्षेत्र में डॉ. खूबचन्द बघेल सम्मान सारंगढ़ के खीरसागर पटेल को दिया गया। चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार प्रिन्ट मीडिया के लिए दुर्ग के रोम शंकर यादव तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए रायपुर के ज्ञानेन्द्र तिवारी को प्रदान किया गया।

मंत्रिपरिषद की बैठक में नए मुख्य सचिव आर.पी. मंडल का स्वागत और सेवानिवृत्त मुख्य सचिव सुनील कुजूर को दी गई विदाई

 रायपुर, 02 नवम्बर 2019 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में नवनियुक्त मुख्य सचिव श्री आर.पी. मंडल का स्वागत किया गया वहीं सेवानिवृत्त हुए निवर्तमान मुख्य सचिव सुनील कुजूर को विदाई देते हुए उनके स्वस्थ, खुशहाल और सुदीर्घ जीवन की कामना की गयी।

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के संबंध में चर्चा के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मिलने के लिए समय मांगा


मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में धान के समर्थन मूल्य को 2500 रूपए प्रति क्विंटल करने का किया है अनुरोध

रायपुर 31 अक्टूबर 2019 छत्तीसगढ़ प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान के उपार्जन के संबंध में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को पत्र भेजकर उनसे मिलने के लिए समय प्रदान करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा है कि किसानों से समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाना है, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा चुकी है। उन्होंने इस संबंध में बीते 05 जुलाई और 25 अक्टूबर को भेजे गए पत्रों का हवाला देते हुए कहा है कि खरीफ वर्ष 2019-20 में किसानों के हित में समर्थन मूल्य को बढ़ाकर 2500 रूपए प्रति क्विंटल किए जाने का निवेदन किया गया था एवं यदि किसी परिस्थिति के कारण भारत सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य में इस अनुरूप वृृद्धि किया जाना संभव नहीं हो तो राज्य सरकार को इस मूल्य पर धान उपार्जित करने की सहमति विकेन्द्रीकरण खाद्ययान्न उपार्जन योजना के अंतर्गत दिए जाने का अनुरोध है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि राज्य के किसानों के व्यापक आर्थिक हित को देखते हुए एम.ओ.यू. की कंडिका एक की शर्त से शिथिलता प्रदान करते हुए राज्य के सार्वजनिक वितरण प्रणाली की आवश्यकता के अतिरिक्त उपार्जित होने वाले चावल (आरवा और उसना) को केन्द्रीय पूल में मान्य करने का भी अनुरोध किया है। इस संबंध में खरीफ वर्ष 2019-20 में एफसीआई द्वारा छत्तीसगढ़ से 32 लाख मेट्रिक टन चावल उपार्जन किए जाने की अनुमति प्रदान करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश अतिशीघ्र संबंधितों को प्रसारित किए जाने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने लिखा है कि अत्यंत महत्वपूर्ण विषय होने के कारण मेरे द्वारा पूर्व में 23 और 24 अक्टूबर को आपके कार्यालय में मिलने का समय चाहा गया था ताकि स्वयं इस विषय के सभी पहलुओं पर जानकारी से अवगत करा परंतु आपकी अन्य व्यस्तताओं के कारण मिलने का समय प्राप्त नहीं हुआ है।
मुख्यमंत्री ने खरीफ वर्ष 2019-20 के लिए छत्तीसगढ़ में धान उपार्जन के संबंध में चर्चा हेतु शीघ्र समय प्रदान किए जाने का अनुरोध किया है।

विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 23 नागरिकों और संस्थाओं को इस वर्ष राज्योत्सव में दिए जाएंगे पुरस्कार

रायपुर, 1 नवम्बर 2019 छत्तीसगढ़ शासन ने इस वर्ष राज्योत्सव के मौके पर दिए जाने वाले राष्ट्रीय-राज्य स्तरीय सम्मान और पुरस्कारों के लिए चयनित लोगों एवं संस्थाओं के नामों की घोषणा कर दी है। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 23 नागरिकों और संस्थाओं को यह पुरस्कार दिए जाएंगे। रायपुर के साइंस काॅलेज मैदान में एक से 3 नवम्बर तक आयोजित राज्योत्सव में यह पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।   

अहिंसा एवं गौरक्षा के लिए दिया जाने वाला यतियतन लाल सम्मान इस वर्ष विद्यासागर गोविंदी देवी चैरिटेबल ट्रस्ट ग्राम सांकरा, जिला धमतरी को दिया जाएगा। खेल के लिए गुण्डाधूर सम्मान रायपुर के बाॅलीबाल खिलाड़ी   दिपेश कुमार सिन्हा, महिला उत्थान के लिए दिए जाने वाले मिनीमाता सम्मान के लिए भिलाई की  रूखमणी चतुर्वेदी, सामाजिक चेतना एवं सामाजिक न्याय के क्षेत्र में दिए जाने वाले गुरू घासीदास सम्मान के लिए रायपुर के गुरू घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी तथा सामाजिक, आर्थिक व शैक्षिक क्षेत्र मंे अभिनव प्रयत्नों के लिए बिलासपुर जिले के ग्राम गनियारी के जन स्वास्थ्य सहयोग संस्था का चयन किया गया है। साहित्य के क्षेत्र में दिया जाने वाला पंडित सुन्दर लाल शर्मा सम्मान इस साल रायपुर के सैय्यद अय्यूब अली मीर, कला एवं संगीत के लिए चक्रधर सम्मान रायपुर के श्री मिर्जा मसूद, लोक कला के लिए दाऊ मंदराजी सम्मान दुर्ग के कुलेश्वर ताम्रकार एवं कृषि के क्षेत्र में डाॅ. खूबचन्द बघेल सम्मान सारंगढ़ के श्री खीरसागर पटेल को दिया जाएगा। चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार प्रिन्ट मीडिया के लिए दुर्ग के  रोम शंकर यादव तथा इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के लिए रायपुर के  ज्ञानेन्द्र तिवारी को दिया जाएगा। साइंस काॅलेज मैदान में एक नवम्बर को आयोजित समारोह में इन्हें पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। 

सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए इस साल का ठाकुर प्यारेलाल सिंह सम्मान जिला लघु वनोपज संघ कांकेर के अध्यक्ष श्री नितिन पोटाई, उर्दू भाषा की सेवा के लिए हाजी हसन अली सम्मान रायपुर के   नासिर अली नासिर, तीरंदाजी के लिए महाराजा प्रवीरचन्द्र भंजदेव पुरस्कार बिलासपुर के पैरा तीरंदाजी खिलाड़ी  गिरिवर सिंह, अंग्रेजी प्रिन्ट मीडिया के लिए मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार रायपुर की  रश्मि अभिषेक मिश्रा, दानशीलता, सौहार्द्र एवं अनुकरणीय सहायता के लिए दानवीर भामाशाह पुरस्कार रायपुर के श्री सीताराम अग्रवाल और आयुर्वेद चिकित्सा के लिए धन्वंतरी पुरस्कार रायपुर के प्रो. आर. एन. त्रिपाठी को दिया जाएगा। राज्योत्सव स्थल में आयोजित समारोह में 02 नवम्बर को इन पुरस्कारों का वितरण किया जाएगा। 

सामाजिक समरसता के लिए महाराजा अग्रसेन सम्मान के लिए रायपुर के   रामजी लाल अग्रवाल, मछली पालन के लिए बिलासा बाई केंवटिन सम्मान माना कैंप रायपुर के  सुदीप दास, संस्कृत भाषा के लिए संस्कृति भाषा सम्मान खैरागढ़ के प्रो. कामता प्रसाद त्रिपाठी पीयूष, पत्रकारिता के लिए पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मक सम्मान नई दिल्ली के  रवीश कुमार, अपराध अनुसंधान के लिए पंडित लखनलाल मिश्र सम्मान दल्लीराजहरा थाने के निरीक्षक  मनीष सिंह परिहार तथा श्रम के क्षेत्र में महाराजा रामानुज प्रताप सिंह देव सम्मान संयुक्त रूप से एन.टी.पी.सी. लारा रायगढ़ और भिलाई के श्री प्रशांत शेखर शर्मा को प्रदान किया जाएगा। इन्हें राज्योत्सव में 3 नवम्बर को पुरस्कृत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने की अरपा नदी में महाआरती ।  अरपा के उत्थान  और बेहतरी की होगी बात-सीएम फसल की बर्बादी और किसानों के मुद्दे पर नहीं बोला सीएम।   नेता प्रतिपक्ष ने लगाए आरोप। पढ़े पूरी खबर

अजीत मिश्रा /BBN24

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बिलासपुर के अरपा नदी के महाआरती कार्यक्रम में शामिल हुए। छठ घाट में आयोजित इस कार्यक्रम में  शिरकत करते हुए  सीएम ने प्रदेश की नदियों के उत्थान और बेहतरी के लिए सरकार की योजनाएं और उनकी तय रणनीति के बारे में मंच से काफी कुछ कहा।  इस बीच उन्होंने जीवनदायिनी अरपा नदी की महाआरती भी की। मुख्यमंत्री ने अरपा नदी के अलावा छत्तीसगढ़ की दूसरी नदियों के उत्थान और उनके बेहतरी के लिए तो काफी कुछ कहा,  लेकिन वे कई महत्वपूर्ण सवालों से बचते हुए नजर आए।  छत्तीसगढ़ के  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नदियों को फिर से जीवित करने और आने वाले भविष्य के लिए इसकी उपयोगिता को लेकर काफी कुछ कहा।  वहीं उन्होंने किसानों की कर्ज माफी, बेमौसम हुए बारिश के कारण बर्बाद होते फसल और विपक्ष के आरोपों को नजरअंदाज करते हुए मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने सिर्फ इतना कहा कि वह अगली बार इन विषयों पर इत्मीनान से बात करेंगे । सीएम के यू बात नहीं करने और मीडिया से दूरी बनाए रखने को लेकर विपक्ष ने  अपनी प्रतिक्रिया दी है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने मौके की नजाकत को समझते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को काउंटर किया और कहा कि कांग्रेस सरकार और  सीएम भूपेश बघेल दोनों ही वादाखिलाफी करने में माहिर है।  उनकी माने तो किसानों के कर्ज माफ करने और बर्बाद होते फसलों पर सरकार की रणनीति जैसे महत्वपूर्ण विषयों को नजरअंदाज करना यह साबित करता है कि किस तरह से राज्य सरकार अपने लोगों के साथ छल और वादाखिलाफी कर रही है।

बड़ी खबर- छत्तीसगढ़ में महापौर की तर्ज पर सरपंच भी अप्रत्यक्ष प्रणाली के जरिए चुने जाएंगे !सरकार की कवायद शुरू

रायपुर- महापौर की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ में सरपंच भी अप्रत्यक्ष प्रणाली पर चुने जाएंगे. सरकार के सूत्र इस बात की तस्दीक करते हैं कि इसकी रूपरेखा तेजी से तैयार की जा रही है.bbn24newz को मिली जानकारी कहती है कि निर्वाचित पंच सरपंच का चुनाव करेंगे. सरकार ने इसकी कवायद शुरू कर दी है. चर्चा है कि निकाय चुनाव संशोधन अध्यादेश की तरह पंचायत चुनाव के लिए भी सरकार कानून में जरूरी संशोधन करेगी. सूत्र बताते हैं कि सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. अब तक पंचायत चुनाव में एक मतदाता चार वोट डालता है. इसमें एक वोट सरपंच, एक पंच, एक जनपद सदस्य और एक वोट जिला पंचायत सदस्य के लिए होता है. इनमें से जिला पंचायत सदस्य मिलकर अध्यक्ष का निर्वाचन करते हैं. जनपद में भी यही व्यवस्था है. जनपद सदस्य, जनपद अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली के आधार पर करते हैं. नई व्यवस्था में एक मतदाता अब तीन वोट डालेगा. इनमें पंच, जनपद सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के लिए वोट डाले जाएंगे. पंचायत चुनाव में अप्रत्यण प्रणाली को लेकर सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस सरकार गांव-गांव में अपने छोटे कार्यकर्ताओं को उपकृत करना चाहती है. कार्यकर्ताओं को राजनीतिक व्यवस्थाओं में जिम्मेदारियां देकर ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देना चाहती है. यही वजह है कि भूपेश सरकार अप्रत्यक्ष प्रणाली को पंचायतों में भी लागू करने का इरादा रखती है. आगामी जनवरी-फरवरी में राज्य में त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव होने हैं. हालांकि यह चुनाव दलीय आधार पर नहीं लड़ा जाता, लेकिन राजनीतिक दल उम्मीदवारों को अप्रत्यक्ष तौर पर अपना समर्थन देते हैं.

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव एक नवम्बर को सोनिया गांधी करेंगी शुभारंभ :छत्तीसगढ़ी संस्कृत पंडवानी, पंथी, करमा, सैला, सुआ, सरहुल और राउत नाच की रहेगी धूम

रायपुर 30 अक्टूबर 2019 छत्तीसगढ़ राज्य के 20वें स्थापना दिवस पर 01 से 03 नवम्बर 2019 को साइंस कालेज मैदान रायपुर में भव्य एवं गरिमामय राज्योत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की छटा बिखरेगी। तीनों दिन छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय शास्त्रीय नृत्य, वादन, गायन के साथ गीत-गजल एवं सुगम संगीत की भी प्रस्तुतियां होंगी। कार्यक्रमों में  पंडवानी गायन, पारम्परिक नृत्य पंथी, गेड़ी, गौरी-गौरा, राउत नाचा, करमा, सैला, गौर, ककसाड़, धुरवा, सुआ नृत्य, सरहुल नृत्य, सैला नृत्य, राउत नाच, और ककसार नृत्य का प्रदर्शन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के तीनों दिन लोकमंच का भी कार्यक्रम आयोजित होगा।

इस वर्ष राज्योत्सव का शुभारंभ एक नवम्बर को शाम 7 बजे  सोनिया गांधी के करकमलों से होगा। 2 नवम्बर को मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके होंगी तथा राज्योत्सव का समापन 3 नवम्बर को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न होगा। इस वर्ष राज्योत्सव में राज्य शासन द्वारा स्थापित अलग-अलग क्षेत्रों के राज्य स्तरीय सम्मान तीनों दिन प्रदाय किए जाएंगे। साथ ही इस वर्ष राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ राज्य के ही कलाकारों को प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसमें प्रतिदिन राज्य के विभिन्न अंचलों के पारंपरिक लोकनृत्यों की छटा के साथ ही पारंपरिक लोक गाथाओं की भी प्रस्तुति होगी।
कार्यक्रम का आरंभ मांगलिक मोहरी वादन से होगा। इसके पश्चात छत्तीसगढ़ महतारी की वंदना गीत-अरपा पैरी के धार की प्र्रस्तुति होगी। फिर लोकनृत्यों का संगम होगा, जिसमें राज्य के विभिन्न अंचलों के लोक नर्तक दलों की प्रस्तुति होगी। इस प्रस्तुति में पंथी, गेड़ी, गौरी-गौरा, राउत नाचा, करमा, सैला, गौर, ककसाड़, धुरवा, सुआ नृत्य का संयोजन होगा। इसी क्रम में पंडवानी गायन, रायगढ़ की कत्थक शैली में समूह नृत्य की प्रस्तुति होगी तथा रंगारंग लोकमंच के कार्यक्रम के साथ प्रथम दिवस की सांस्कृतिक संध्या का समापन होगा।
राज्योत्सव की द्वितीय सांस्कृतिक संध्या का आरंभ खंझेरी भजन से होगा। इसके पश्चात उत्तर छत्तीसगढ़ का सरहुल और सैला नृत्य, मध्य छत्तीसगढ़ का राउत नाच तथा दक्षिण छत्तीसगढ़ का ककसार नृत्य होगा। इस क्रम में अल्फाज और आवाज गीत-गजलांे का कार्यक्रम होगा। साथ ही पियानो एवं एकार्डियन तथा वाद्यवृंद की प्रस्तुति होगी। इसी दिन ओड़िसी और भरतनाट्यम के अलावा पारंपरिक भरथरी गायन तथा सरगुजिहा गीत प्रस्तुत किए जाएंगे। कार्यक्रम का समापन लोकमंच के साथ होगा।
राज्योत्सव की तीसरी सांस्कृतिक संध्या का आरंभ छत्तीसगढ़ी सुगम गायन से होगा। इस दिन पूर्वी छत्तीसगढ़ का करमा, उत्तरी छत्तीसगढ़ का लोहाटी बाजा, दक्षिण छत्तीसगढ़ का गेड़ी नृत्य तथा मध्य छत्तीसगढ़ का पंथी नृत्य होगा। इसके पश्चात कठपुतली का कार्यक्रम, कबीर सूफी गायन होगा। वाद्यवृंद में तालकचहरी तथा सेक्सोफोन एवं गिटार की प्रस्तुति होगी। पारंपरिक लोक गायन ढोलामारू के पश्चात कार्यक्रम की समाप्ति लोकमंच से होगी।

राज्य-स्थापना दिवस पर प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों-संस्थाओं में एक नवम्बर को सामान्य अवकाश घोषित

रायपुर, 30 अक्टूबर 2019सरकार ने राज्य-स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर एक नवम्बर शुक्रवार को छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त जिलों में सभी शासकीय कार्यालयों-संस्थाओं के लिए सामान्य अवकाश घोषित किया है। ज्ञात हो कि राज्य-स्थापना दिवस पर पूर्व में एक नवम्बर को केवल रायपुर जिले के सभी शासकीय कार्यालयों-संस्थाओं के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किया गया था। जिसे संशोधित करते हुए राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश के लिए सभी शासकीय कार्यालयों-संस्थाओं में एक नवम्बर को सामान्य अवकाश घोषित किया है। इस आशय का आदेश  सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय महानदी भवन द्वारा जारी कर दिया गया है।