राजधानी

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी का 8 जून को प्रदेश स्तरीय रैली आंदोलन एवं 10 जून को चक्काजाम

रायपुर/07 जून 2017। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक दिनांक 05 जून 2017 में लिये गये निर्णयानुसार भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमितशाह के दिनांक 08 जून 2017 को छत्तीसगढ़ प्रवास पर प्रदेश के भ्रष्ट एवं कमीशनखोर भाजपा सरकार के विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव एवं प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति में दिनांक 08 जून 2017 को प्रातः 11.00 बजे गांधी मैदान, रायपुर में प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन-रैली एवं विशाल जनआंदोलन का आयोजन किया गया है। 
साथ ही दिनांक 10 जून 2017 को जिला मुख्यालयों के राष्ट्रीय राजमार्गो पर प्रदेशव्यापी चक्काजाम का आयोजन किया जायेगा। 
आंदोलन के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमितशाह से निम्नलिखित प्रश्न का जवाब मांगते हुये मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह को हटाने की मांग:-
1    डाॅ. रमन सिंह ने भाजपा कार्यकर्ताओं एवं मंत्री परिषद के सदस्यों से स्वयं कहा कि, एक साल कमीशनखोरी बंद करो, 30 साल सरकार में रहेंगे, कमीशनखोरी कौन कर रहा है? इसकी जांच क्यों नहीं हो रही है?
2    शराब खरीदी कमीशन का 1500 करोड़ रूपयें कहां गया, सरकार के मंत्री ने ही सवाल उठाया है, कमीशन कहां जा रही है, इसकी जांच क्यों नहीं हो रही है?
3    इंदिरा प्रियदर्शनीय बैंक घोटाला में हुई नार्को टेस्ट में मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह का नाम आया, फिर भी एफ.आई.आर. क्यों नहीं हो रही है? 
4    36 हजार करोड़ रूपयें के नान घोटाले में पेश चालान में सी.एम. मैडम का नाम आया है, सी.एम. मैडम कौन है जांच क्यों नहीं हो रही है?
5    वर्जिन आईलैंड में बैंक खाता अभिषाक सिंह के नाम पर है, ये अभिषाक सिंह कौन है और कवर्धा का पता दिया गया हैं इसकी जांच क्यों नहीं हो रही है?
6    अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकाप्टर खरीदी में हुई कमीशनखोरी का पैसा कहां गया, इसकी जांच क्यों नहीं हो रही है?
7    अंतागढ़ विधानसभा उप-चुनाव में प्रत्याशी खरीद-फरोख्त षड़यंत्र में मुख्यमंत्री, मंत्रीमंडल सहित मुख्यमंत्री के दामाद का नाम आया, इसकी जांच क्यो जांच नहीं हो रही?
8    भारतीय जनता पार्टी अपने चुनावी संकल्प पत्र में धान का समर्थन मूल्य 2100 रू. व प्रति क्विंटल 300 रू. बोनस वायदे का क्या हुआ, सरकार समर्थन मूल्य व बोनस कब देगी?

एक ओर जहां नरेन्द्र मोदी न खाउंगा न खाने दूंगा का नारा बुलंद करते हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह कमीशन लुंगा, कमीशन खाउंगा का नारा बुलंद करते हुये कार्य कर रहे है।  
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर 08 जून 2017 को राजधानी रायपुर में आयोजित धरना, प्रदर्शन-रैली, आंदोलन तथा 10 जून 2017 को जिला स्तर पर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आयोजित प्रदेश व्यापी चक्काजाम की आयोजन में प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी  वरिष्ठ कांग्रेसजन, एवं कार्यकर्तागण की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गयी है। 

राज्य सरकार के आउटसोर्सिंग का विरोध करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष फूलों देवी नेताम ने कहा बेरोजगारों के साथ हो रहा है छल एवं धोखा

रायपुर छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस अध्यक्ष फूलों देवी नेताम जी ने राज्य सरकार के आउटसोर्सिंग का विरोध करते हुए कहा कि प्रदेश के बेरोजगारों के साथ छल करते हुए धोखा दिया जा रहा है। और कपट पूर्वक भावना  रखते हुए छत्तीसगढ़  निवासीयो को निम्न स्तर का दर्शाया जा रहा है जिससे की छत्तीसगढ़ की बेरोजगारों को रोजगार के अवसर प्रदान नहीं हो पाएगा एवं छत्तीसगढ़ निवासीयो की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठेगा जिस की जवाबदेही सरकार पर ही है।  अत: सरकार जनता को बताये की बीते वर्षों में छत्तीसगढ़ वासीयो की शिक्षा की स्तर में सुधार किया गया कि पतन । राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़​ के युवा को दरकिनार किया जा रहा है। 
सबसे बड़े सवाल छत्तीसगढ़ में इतनी अधिक बेरोजगारों की रहते हुए आउटसोर्सिंग की आवश्यकता क्यों है? क्या राज्य सरकार को ये दिखाई नहीं देता कि कितने बेरोजगार पढ़ें लिखे युवा नौकरी की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ,छत्तीसगढ़ के बेरोजगारों को गुमराह कर रही है।  आउटसोर्सिंग की माध्यम से छत्तीसगढ़ के भोले भाले बेरोजगारों के साथ छलावा किया जा रहा है।
प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि कैबिनेट के फैसले से राज्य सरकार के छत्तीसगढ़ के बेरोजगारों के प्रति कितना सहयोग एवं  सहानुभूति है उजागर हो गई। प्लेसमेंट एजेंसी के साथ मिलकर शिक्षाको की भर्ती की तैयारी है। छत्तीसगढ़ में इतना बेरोजगार है इसकी भर्ती क्यों नहीं करते। भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ बेरोजगारों के साथ वादा खिलाफी कर रहे हैं। चुनाव के समय बेरोजगारों को झूठा सपना दिखाया जाता है रोजगार दिलाने का फिर सत्ता पाने के बाद किए गए वादे को भूल जाते हैं।
प्रदेश में 40000 हजार शिक्षकों की पद खाली हैं। शालाना बड़े तादात में शिक्षक सेवा निवृत्त होते हैं। जिस से पद खाली हो जाता है। और इधर सरकार नियमित भर्ती नहीं करती। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
 

छत्तीसगढ़ में 2 संभाग के कमिश्नर सहित 16 ज़िलों के कलेक्टर बदले गए

 लोक सुराज अभियान खत्म होते ही छत्तीसगढ़ में कई जिलों के कलेक्टर बदल दिए गए हैं. भीमसिंह को राजनांदगांव, नीरज कुमार बंसोड़ को कवर्धा, जयप्रकाश मौर्य को सुकमा, उमेश अग्रवाल को दुर्ग कलेक्टर बनाया गया है. इसी तरह किरण कौशल को सरगुजा, पी दयानंद को बिलासपुर , सारांश मित्तर को बालोद, राजेश राणा को बलौदाबाजार का कलेक्टर बनाया गया है. 

वहीं एन एन एक्का को मुंगेली, शम्मी आबिदी को रायगढ़, मो. अब्दुल कैशर हक को कोरबा, कार्तिकेय गोयल को बेमेतरा का कलेक्टर बनाया गया है. इसके अलावा हिमशिखर गुप्ता को महासमुंद, धनंजय देवांगन को सरगुजा, टामनसिंह सोनवानी को कांकेर और टोपेश्वर प्रसाद वर्मा को नारायणपुर का कलेक्टर बनाया गया है । कलेक्टरों के बदले जाने को उनके परफारमेंस से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि मुख्यमंत्री इसे रूटीन ट्रांसफर बता रहे हैं. 

इसके साथ ही एसीएस सुनील कुजूर को एन के असवाल के रिटायर होने पर उनके विभागों का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया गया है । निहारिका बारिक सिंह को सचिव ग्रामोद्योग विभाग बनाते हुए उन्हें संस्कृति और पर्यटन विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है । टीसी महावर को बिलासपुर संभाग और रीता शांडिल्य को सरगुजा संभाग का कमिश्नर बनाया गया है । अमित कटारिया को सर्व शिक्षा अभियान और माध्यमिक शिक्षा अभियान का संचालक और अन्बलगन पी को मार्कफेड का एमडी बनाया गया है. 

वहीं अलरमेल मंगई डी को संचालक भौमिकी और खनिकर्म के साथ खनिज विकास निगम के एमडी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। नरेंद्र शुक्ला को संचालक स्वास्थ्य सेवाएं और आर शंगीता को सामान्य प्रशासन विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। मुकेश कुमार बंसल अब मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव और संचालक विमानन सेवाएं होंगे. जबकि बसव राजू एस को उच्च शिक्षा विभाग का आयुक्त बनाया गया है। शिखा राजपूत तिवारी को संचालक कोष, लेखा पेंशन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. वहीं अभिजीत को एमडी मंडी बोर्ड बनाया गया है. इसके अलावा फरिहा आलम को सीईओ जिला पंचायत बिलासपुर, संजय कन्नौजे को सीईओ जिला पंचायत कोंडागांव और लोकेश कुमार को सीईओ जिला पंचायत मुंगेली नियुक्त किया गया है ।

रमन सिंह का लोक सुराज नहीं ढोंग सुराज भूपेश बघेल

रायपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने आज कांग्रेस भवन रायपुर में पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुये कहा है कि लोक सुराज की जरूरत इस बात का धोतक है कि राज्य में कुछ भी ठीक नही है। लोकसेवा गारंटी अधिनियम सरकारी दफ्तरों की दिवालो पर सजाने का पोस्टर साबित हुआ है।
लोक सुराज में आम आदमी की क्या और कितनी सुनवाई हुई होगी इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता कि वरिष्ठ भाजपा नेता पूर्व गृहमंत्री को अपनी बात कहने के लिये कलेक्टर से माइक छीनना पड़ा, उसके बाद भी कलेक्टर ने मंत्री के सामने वरिष्ठ नेता की शिकायतों को गलत ठहरा दिया, मंत्री शिकायतों की जांच कराने का साहस भी नहीं दिखा पाये ।
आपको पूरे 5 साल काम करने की जबाबदारी मिली है न कि 1 महीने की नौटँकी करने की। इस अभियान से सरकार के अब तक के कामकाज की पोल खुल गई है। अभियान के दौरान करीब 28 लाख लोगों के आवेदन आए, प्रदेश में कुल आबादी 2 करोड़ 55 लाख है। इनमें से डेढ़ करोड़ लोग व्यस्क हैं जो आवेदन लिख सकते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि प्रदेश का हर पांचवा व्यक्ति किसी न किसी परेशानी, समस्या से घिरा हुआ है। प्रदेश में लगातार 14 साल सरकार चलाने के बाद अगर यह हालत है तो मुख्यमंत्री को लोकसुराज अभियान बंद कर तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
 रमन सरकार का कामकाज ठीक होता तो 28 लाख शिकायतों समस्याओं वाले आवेदन नहीं आते। ऐसे में मुख्यमंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। जो सरकारी कामकाज नियमित रूप से चलता है उसे ही सही ढंग से करने की जरूरत है। लेकिन लोक सुराज के नाम पर सारे प्रशासनिक अमले को लोक सुराज अभियान में लगा दिया जाता है, जिसके कारण लंबी अवधि तक आम जनता परेशान होती है।
प्रदेश में प्रशासनिक कसावट की जरुरत है ताकि आम जनता की समस्याओं का निराकरण हो सके न कि लोक सुराज जैसे नाटक की। लोक सुराज अभियान में आम जनता की समस्याओं का समाधान तो नहीं है, निराकरण केवल आंकड़ों में दर्शा दिया जाता है। 
मुख्यमंत्री कहते हैं कि उनका हेलीकाप्टर कहीं भी अचानक उतर जाता है, लेकिन जहां हेलीकाप्टर उतरता है वहां आश्चर्यजनक ढंग से कलेक्टर, एसपी व प्रशासनिक अमला पहले से मौजूद रहता है। 

धांधली और कमीशनखोरी से जनता का ध्यान भटकाने के लिए मेरी संपत्ति पर विवाद खड़ा किया जा रहा है: भूपेश बघेल

रायपुर/ 08 मई 2017। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने एक बार फिर दोहराया है कि वे अपनी हर संपत्ति की किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा है कि यह अधिकार सरकार के पास है कि वो जिस तरह से भी चाहे जांच करवा ले लेकिन उनके परिजनों को परेशान करने की राजनीति न करे। आज कांग्रेस भवन में एक पत्रकारवार्ता में भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य के गठन के बाद इन 17 सालों में कई बार उनकी जमीनें नाप ली गईं, उनके मकान के कागजातों की जांच कर ली गई लेकिन कुछ नहीं मिला, आज वे मुख्यमंत्री रमन सिंह से अनुरोध भी कर रहे हैं और उन्हें खुली चुनौती भी दे रहे हैं कि वे जिस तरह से भी चाहें इसकी जांच करवा ले इससे कम से कम उनके अभिन्न मित्र को संतुष्टि हो जाएगी और वे जनता के मुद्दों पर कुछ बात कर पाएंगे।
श्री बघेल ने कहा कि सवाल उनके मकान और जमीन का है ही नहीं दरअसल यह मुख्यमंत्री रमन सिंह और उनके अभिन्न मित्र पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की राजनीतिक झुंझलाहट का है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, मैं पूछ रहा हूं कि अजीत जोगी की जाती कौन सी है और वे फर्जी प्रमाण पत्र से आदिवासी क्यों बने हुए हैं? मैं पूछ रहा हूं कि अंतागढ़ में कांग्रेस प्रत्याशी की खरीद फरोख्त का आपराधिक खेल उन्होंने क्यों खेला? मैं पूछ रहा हूं कि उनके बेटे के तीन जन्म प्रमाण पत्र में से असली कौन सा है? जाहिर है कि इन सब सवालों के जवाब वे दे नहीं सकते. तो वे मुझ पर आरोप लगाकर लोगों का ध्यान भटकाना चाहते हैं।
श्री बघेल ने कहा, अजीत जोगी और उनकी पार्टी की मजबूरी है कि वे बार बार मेरा नाम लें और झूठे आरोप लगाते रहें क्योंकि इसी से वे प्रासंगिक बने रह सकते हैं. वरना भाजपा की गोद में बैठे छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के पास अपना कोई मुद्दा तो है ही नहीं वे मुझसे लड़कर रमन सिंह की सहायता करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जहां तक मुख्यमंत्री रमन सिंह का सवाल है तो वे कांग्रेस के लगातार आंदोलन से झुंझलाए हुए हैं। पहले शराब बेचकर 1500 करोड़ रुपए के कमीशन का मामला था, लेकिन अब तो उन्होंने खुद स्वीकार कर लिया है कि उनकी पूरी सरकार पिछले साढ़े 13 साल से कमीशनखोरी में लगी हुई है और वे एक साल कमीशन न खाने की अपील कर रहे हैं। 
श्री बघेल ने कहा कि रमन सिंह इतनी राजनीति तो समझते हैं कि प्रदेश भर में 10000 नुक्कड़ सभाएं होंगी तो इसका मतलब क्या है और इसका जनता के बीच क्या संदेश जाएगा, वे चाहते हैं कि मुझे लेकर वे अजीत जोगी के जरिए विवाद खड़ा कर दें तो कांग्रेस का आंदोलन धीमा पड़ जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, हम न प्रियदर्शिनी बैंक घोटाले में रमन सिंह और उनके मंत्रियों को पहुंचे करोड़ों रुपयों का मामला छोड़ेंगे, न 36000 करोड़ के नान घोटाले के बारे में सवाल पूछना बंद करेंगे और न ही यह पूछना बंद करेंगे कि वह अभिषेक सिंह कौन है, जिसके नाम पर मुख्यमंत्री के पते पर विदेश में खाता खुला हुआ है? अभी तो हमने रमन सिंह जी की निजी संपत्ति के ब्यौरे देने शुरु नहीं किए हैं। वो इसलिए कि हम अभी अपना ध्यान जनता के मुद्दों पर कायम रखना चाहते हैं।
श्री बघेल ने कहा कि अब कांग्रेस प्रदेश में 10000 की जगह 12000 नुक्कड़ सभाएं करेगी और भाजपा के एक एक कार्यकर्ता को बेनकाब करेगी जिसने पिछले साढ़े 13 सालों में कमीशनखोरी करके पैसा कमाया है। हम एक एक पंचायत में संपत्ति का ब्यौरा मांगेंगे और शिकायतें करेंगे। उन्होंने कहा, अब कांग्रेस को रोकना संभव नहीं, रमन सिंह और उनके मित्र चाहे जो कर लें।

EOW ने कांग्रेस प्रमुख भूपेश बघेल पर कसा शिकंजा, केस दर्ज

रायपुर -आवासीय प्लॉट के फर्जीवाड़े के मामले में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख भूपेश बघेल के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने सोमवार को मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में भूपेश बघेल के मां और पत्नी के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया है। साथ ही सारड़ा में काम करने वाले अधिकारियों के खिलाफ शिकंजा कसा गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक मानसरोवर योजना के तहत पीसीसी प्रमुख भूपेश बघेल ने बड़ा फर्जीवाड़ा किया था। इस मामले में आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो जांच कर रहा था।
इसी मामले में कुछ दिनों पहले मंत्री प्रेम प्रकाश पांडे ने भी आरोप लगाए थे कि बघेल ने शासकीय जमीन दबाने के मामले में रिपोर्ट को सही बताया था। जोगी द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद भूपेश ने कलेक्टर से अपने जमीनों की जांच करवाई थी। कलेक्टर द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में आज ईओडब्लू ने केस दर्ज कर लिया है ।  

रायपुर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य यूनिफाईड कमांड की बैठक नक्सल प्रभावित इलाकों में जिला स्तर पर भी बने यूनिफाईड कमांड

रायपुर -मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने नक्सल समस्या के उन्मूलन के लिए राज्य स्तरीय यूनिफाईड कमांड की तरह छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों में जिला स्तरीय यूनिफाईड ऑपरेशनल कमांड के गठन की जरूरत पर विशेष रूप से बल दिया है। डॉ. सिंह आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में राज्य स्तरीय यूनिफाईड कमांड की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय यूनिफाईड कमांड का गठन संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों के नेतृत्व में हो और उनमें वहां कार्यरत केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के अधिकारियों को भी सदस्य के रूप में शामिल किया जाए, ताकि केन्द्र और राज्य दोनों मिलकर इस चुनौती का और भी ज्यादा गंभीरता से मुकाबला कर सकें। 
उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता के लिए यह जरूरी है कि जिला स्तरीय यूनिफाईड कमांड जल्द बनाया जाए और समय-समय पर उसकी साप्ताहिक और पाक्षिक समीक्षा बैठकें भी हों। मुख्यमंत्री ने इसके अलावा सुकमा और बीजापुर जिलों में केन्द्रीय सुरक्षा बलों तथा राज्य सरकार के जिला पुलिस बलांे के जवानों के लिए संयुक्त प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इसमें केन्द्रीय तथा जिला पुलिस बल के 50 से 60 जवानों को तीन दिन से लेकर पांच दिन तक का विशेष प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि दोनों में तालमेल और भी बढ़ सके। डॉ. सिंह ने बैठक में कहा- केन्द्रीय सुरक्षा बलों का पर्यवेक्षण करने वाले अधिकारियों की उपस्थिति उनके बलों की तैनाती वाले स्थानों के नदीक होनी चाहिए।
उन्होंने कहा - नक्सल समस्या के पूर्ण रूप से निराकरण के लिए प्रभावित इलाकों में सुरक्षा और विकास दोनों ही मोर्चे पर राज्य और केन्द्र सरकार की सभी एजेंसिया मिलकर काम कर रही है। केन्द्रीय तथा राज्य सुरक्षा बलों में भी बेहतर समन्वय है। 
डॉ. सिंह ने कहा - स्थानीय जनता में सुरक्षा और विश्वास की भावना को और भी अधिक बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिये विकास की गति को तेज करना और सकारात्मक परिणामों तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा - नक्सल प्रभावित जिलों में युवाओं को लाइवलीहुड कॉलेज जैसी परियोजनाओं में कौशल उन्नयन के प्रशिक्षण के साथ रोजगार से जोड़ने के भी अच्छे परिणाम देखे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने दंतेवाड़ा और सुकमा में संचालित एजुकेशन सिटी का उल्लेख करते हुए कहा कि इन विशाल शैक्षणिक परिसरों में नक्सल क्षेत्रों के हजारों बच्चों को प्राथमिक से लेकर हायर सेकेण्डरी की पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार मूलक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। राज्य के सभी पांच संभागीय मुख्यालयों में नक्सल क्षेत्रों के ग्यारहवी और बारहवीं के बच्चों के लिए मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के तहत प्रयास आवासीय विद्यालय भी खोले गए है, जिनमें पढ़कर बच्चे आईआईटी जैसी संस्थाओं में भी पहुंच गए हैं। 

छत्तीसगढ़ में देश के सर्वाधिक मूल्यवान चूना पत्थर खदान की सफल ऑनलाईन नीलामी: राज्य सरकार को मिलेगा ग्यारह हजार करोड़ से ज्यादा का राजस्व

राज्य सरकार को गौण खनिजों की खदानों की ऑनलाईन नीलामी में आज एक और ऐतिहासिक सफलता मिली। रायपुर जिले के अंतर्गत तिल्दा तहसील क्षेत्र में केसला (क्रमांक-2) स्थित सीमेंट ग्रेड के चूना पत्थर खदान की ऑनलाईन नीलामी हुई। यह देश का सबसे अधिक मूल्यवान चूना पत्थर है। इस नीलामी से राज्य शासन को ग्यारह हजार करोड़ से भी ज्यादा राजस्व मिलेगा। एमएसटीसी पोर्टल में ऑनलाईन अथवा ई-नीलामी प्रक्रिया के तहत 21 प्रतिशत फ्लोर प्राईज पर फारवर्ड ऑक्शन एक मई को 11 बजे शुरू हुआ और आज दो मई को 10.57 बजे तक अर्थात करीब 23 घण्टे तक जारी रहा।
इसमें 600 से भी ज्यादा बोलियां विभिन्न कम्पनियों द्वारा लगाई गई। मेसर्स डालमिया सीमेंट, भारत लिमिटेड द्वारा अधिकतम बोली 96.15 प्रतिशत की लगाई गई, जिसे निर्धारित रिजर्व प्राईज का 20 गुना पाया गया। उल्लेखनीय है कि यह तीसरी ऑनलाईन नीलामी है, जो खनिज साधन विभाग की कमान संभाल रहे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में सम्पूर्ण पारदर्शिता के साथ सम्पन्न की गई। इस नीलामी के जरिए छत्तीसगढ़ ने देश में अब तक चूना पत्थर ब्लॉक (खदान) की हुई नीलामी में राजस्थान को भी पीछे छोड़ दिया। राजस्थान में प्राप्त अधिकतम बोली 67.94 प्रतिशत थी, जबकि छत्तीसगढ़ को आज सर्वोच्च बोली 96.15 प्रतिशत मिली। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज की सफल और ऐतिहासिक ई-नीलामी के लिए खनिज साधन विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है

रायपुर सेवानिवृत्ति पर श्री राममिलन वर्मा को भावभीनी बिदाई

जनसम्पर्क संचालनालय के वरिष्ठ कर्मचारी श्री राम मिलन वर्मा (सहायक ग्रेड-एक) को आज उनकी सेवानिवृत्ति पर भावभीनी बिदाई दी गई। संचालक जनसम्पर्क श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने संचालनालय के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से श्री वर्मा को स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने शॉल और श्रीफल भेंटकर श्री वर्मा को सम्मानित भी किया। श्री टोप्पो सहित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके स्वस्थ, सुदीर्घ और खुशहाल जीवन की कामना की।

छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों की सौजन्य मुलाकात : इंद्रावती में पुल निर्माण और मुम्बई में प्रस्तावित छत्तीसगढ़ सदन को लेकर विचार-विमर्श

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज मुम्बई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस से सौजन्य मुलाकात की। फड़नवीस ने उनका आत्मीय स्वागत किया। दोनों मुख्यमंत्रियों ने छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के परस्पर हितों से जुड़ी विभिन्न विकास परियोजनाओं के बारे में गहन विचार-विमर्श किया। उन्होंने इंद्रावती नदी पर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में भोपालपट्नम के पास तिमेड़ में बन रहे पुल निर्माण जल्द से जल्द में पूर्ण करने की रणनीति पर भी बातचीत की। डॉ. रमन सिंह ने श्री फड़नवीस से मुम्बई में प्रस्तावित छत्तीसगढ़ सदन के निर्माण के लिए भूमि आवंटन जल्द करने का अनुरोध किया। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुम्बई में छत्तीसगढ़ सदन का निर्माण विशेष रूप से हमारे यहां के उन मरीजों और उनके परिजनों के लिए लाभदायक होगा, जो इलाज के लिए वहां जाते हैं। कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण उन्हें मुम्बई महानगर में वहां आवास की समस्या होती है। इसे ध्यान में रखकर छत्तीसगढ़ सरकार ने वहां छत्तीसगढ़ सदन बनाने का निर्णय लिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने डॉ. रमन सिंह को इसके लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। 

भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम, 1988 के तहत मुख्यमंत्री रमन सिंह और उनके पूरे मंत्रिमंडल को बर्खास्त करने हेतु राज्यपाल को सौपा ज्ञापन

रायपुर/26 अप्रैल 2017। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष  भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल श्री बलराम दास टंडन से मुलाकात करके कमीशनखोरी की स्वीकारोक्ति’ करने वाली भ्रष्ट एवं अकर्मण्य भाजपा सरकार को तत्काल बर्खास्त करने की मांग हेतु ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल से मिलकर प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि रमन सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। कांग्रेस लगातार सरकार पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते रही है। स्वंय मुख्यमंत्री ने रायगढ़ में भाजपा के राज्य कार्यसमिति की बैठक में कमीशन लेने की बात स्वीकार किया है। ऐसे में इस सरकार को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। अतः महामहिम राज्यपाल से निवेदन किया गया कि रमन सरकार को तत्काल बर्खास्त करने की अनुशंसा करे। प्रतिनिधि मंडल में  भूपेश बघेल ,  धनेंद्र साहू, राज्यसभा सांसद छाया वर्मा,  अमितेष शुक्ल,  राजेन्द्र तिवारी,  शिव डहरिया,  गिरीश देवांगन,  ज्ञानेश शर्मा रमेश वल्यानी,  कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय,   नारायण कुर्रे,  एजाज ढेबर शामिल थे।

केन्द्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री पहुंचे अस्पताल : नक्सल हमले में घायल जवानों से की मुलाकात

 केन्द्रीय गृहमंत्री  राजनाथ सिंह ने आज यहां पचपेड़ी नाका मार्ग पर एक प्राइवेट अस्पताल में सीआरपीएफ के घायल जवानों से मिलकर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री हंसराज अहीर के साथ अस्पताल पहुंच कर वहां सीआरपीफए के तीनों घायल जवानों से मुलाकात की। ज्ञातव्य है कि ये जवान कल सुकमा जिले में नक्सल हमले का मुकाबला करते हुए घायल हो गए थे। हमले में सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हुए। केन्द्रीय गृह मंत्री आज सवेरे रायपुर पहुंचे, जहां उन्होंने छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की चौथी बटालियन के परिसर में शहीद जवानों को राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने  इसके बाद चौथी बटालियन में ही अधिकारियों की बैठक ली और बैठक के बाद घायल जवानों से मिलने पहले पचपेड़ी नाका के पास फिर मोवा स्थित प्राइवेट अस्पतालों में घायल जवानों से मिलने गए। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और केन्द्रीय गृह राजमंत्री श्री हंसराज अहीर भी उनके साथ थे। 

छग में CM रमन के कमीशन वाले बयान के खिलाफ 10 हजार जगहों पर नुक्कड़ सभायें भाजपाईयो की पुतले जलाकर प्रदर्शन करेगी कांग्रेस

रायपुर प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल की अध्यक्षता तथा नेता प्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव एवं प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में संपन्न हुई। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आपात एवं आवश्यक बैठक बुलाये जाने के कारणों का खुलासा करते हुये कहा कि जिस शर्मनाक ढंग से प्रदेश के मुख्यमंत्री रमन सिंह रायगढ़ में प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी की बैठक मंत्रियों, निगम अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों को कमीशन लेने की स्वीकारोक्ति कर लोकतंत्र को शर्मसार किया है। कमीशनखोर सरकार का मुखिया होने के नाते डाॅ. रमन सिंह हर दृष्टि से जिम्मेदार है। कांग्रेस मांग करती है कि रमन सिंह मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे, इस्तीफा नहीं देते है तो हमारी राज्यपाल से मांग है कि वे इस कमीशनखोर सरकार को तत्काल भंग कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश करे। कांग्रेस सीबीआई, भ्रष्टाचार निवारण समिति, एवं अन्य जांच एजेसियो को तत्काल भ्रष्ट मंत्रियों एवं भाजपा नेताओं के खिलाफ जांच कर कार्यवाही करने हेतु प्रतिवेदन देगी। राज्यपाल एवं राष्ट्रपति को भ्रष्टाचार में आकंठ डुबे भाजपा के रमन सरकार को तत्काल भंग करने हेतु ज्ञापन सौपेगी। भ्रष्ट रमन सरकार को अपदस्थ होने तक कांग्रेस द्वारा पूरे प्रदेश में इस कमीशनखोर के खिलाफ आंदोलन चलाया जायेगा। 10,000 नुक्कड़ सभा पंचायत एवं शहर के मुहल्लों चैक-चैराहो में स्थानीय भाजपा नेता जो कमीशनखोर है उसका पुतला दहन किया जायेगा। मुख्यमंत्री और मंत्री के साथ कमीशनखोर भाजपा नेता का पुतला दहन किया जायेगा। प्रधानमंत्री कहते है न खाउंगा न खाने दूंगा हमारा नारा है अब खाने नहीं दूंगा। वरिष्ठ नेताओं की देख-रेख में आंदोलन होगा। सभी मोर्चा संगठन अपने संबंधित विभाग के भ्रष्टाचार एवं कमीशन खोरी के मुद्दे को उठायेगे। 
कांग्रेस विधायक दल के नेता टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि कमीशनखोरी की स्वीकारोक्ति के बाद रमन सिंह एक भी दिन सत्ता में बने रहने लायक नहीं है। रमन सिंह के वनवास का समय आ गया है। एक साल के लिये कमीशन बंद करने की बात कहकर उन्होने स्वीकार कर लिया कि कमीशनखोरी उनकी जानकारी में हो रही है। उन्होने संगठन चुनाव व सदस्यता अभियान के संबंध में भी अपने विचार रखे।
इसके साथ ही बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार संगठन चुनाव जो कि 25 अक्टूबर तक संपन्न करायी जाने के संदर्भ विस्तार से चर्चा की गई। 15 मई तक अनिवार्य रूप से सदस्यता फार्म प्रदेश कार्यालय में जमा करा दिये जायेगे। वही अधिकाधिक सदस्य बनाकर सदस्यता अभियान को निर्धारित समय सीमा पर संपन्न करने का भी निर्देश दिये गये। इसके साथ ही राज्य सरकार के द्वारा आनन-फानन में घोषित की गयी महुआ नीति से हुये नुकसान पर भी व्यापक चर्चा की गई। सरकार ने बिना सोच विचार किये महुआ नीति बना लिया था भले ही बाद में उसे वापस लिया, लेकिन इसके कारण ग्रामीण अंचल और वनांचल के लोगो को नुकसान उठाना पड़ा। 
पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि पूरे प्रदेश में रमन सरकार की कार्यकाल में मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री एवं भाजपा नेतागण केवल एक ही सूत्रीय कार्यक्रम कमीशनखोरी में लगे हुये है। ये छत्तीसगढ़ का दुर्भाग्य है। 
पूर्व अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने छत्तीसगढ़ की मीडिया को धन्यवाद देते हुये कहा कि भारतीय जनता पार्टी की कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री रमन सिंह के कमीशनखोरी की स्वीकारोक्ति को जिस ढंग से पूरे प्रदेश में प्रमुखता के साथ प्रचारित किया जिससे इस सरकार की पोल आम जनता में खुल चुकी है। अब कांग्रेस जनो को विधानसभा से लेकर ग्राम पंचायत तक कमीशनखोर सरकार को बेनकाब करना है। 

आदिवासी क्षेत्रों के लिये एजुकेशन हब के रूप में छत्तीसगढ़ ने देश को दिया नया मॉडल: डॉ. रमन सिंह

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज दोपहर राजधानी रायपुर में ‘स्कूल शिक्षा में नवाचार एवं श्रेष्ठ अभ्यास’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय पूर्वी क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। श्री जावड़ेकर ने इस अवसर पर कहा कि बच्चों के स्कूलों को आग लगाने वाले लोग देश के सबसे बड़े दुश्मन है। छत्तीसगढ़ में बस्तर क्षेत्र में शिक्षा की बुनियादी सुविधा बहाल करने के लिये इसका जवाब पोटा केबिन के जरिये शिक्षा से दिया है। उन्होने कहा कि राज्य सरकार की मांग पर अब इन पोटा केबिनों का उन्नयन किया जाएगा। बस्तर संभाग में संचालित 24 पोटा केबिन के उन्नयन और वहां छात्रावास निर्माण के लिये 100 करोड़ रूपये की मंजूरी दी। पोटा केबिन में अब आठवी कक्षा से बढ़ाकर कक्षा नवमी और दसवीं की शिक्षा भी दी जाएगी। उन्होने प्रदेश के स्कूलों के ऑनलाईन मॉनिटरिंग के लिये सभी स्कूलों को टेबलेट देने 100 करोड़ रूपये की परियोजना को मंजूरी दी। दोनो परियोजनाओं में केंद्र शासन द्वारा 60 प्रतिशत और राज्य द्वारा 40 प्रतिशत राशि दी जाएगी।
  केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस अवसर पर कहा कि केन्द्र सरकार ‘सबको शिक्षा, अच्छी शिक्षा’ का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही है। देश की शिक्षा व्यवस्था पर हर साल 70 हजार करोड़ रूपये केंद्र सरकार द्वारा खर्च किया जाता है। राज्यों द्वारा भी हजारो करोड़ रूपये खर्च किया जाता है। देश की जीडीपी का 4.5 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च किया जा रहा है जो कम नहीं है। आवश्यकता शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने की है। श्री जावड़ेकर ने कहा-सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए समाज को स्कूलों से जोड़ना होगा। शिक्षकों, बच्चों के पालकों और समाज को बच्चों की शिक्षा के प्रति जिम्मेदारी का अहसास करना होगा। अंग्रेजी माध्यम में ही अच्छी शिक्षा मिलती है इस धारणा को समाप्त करने के लिये पालकों को मार्गदर्शन देना चाहिये। कक्षा पहली से आठवीं में हर क्लॉस में बच्चों को क्या-क्या आना चाहिये इसका पोस्टर स्कूलों में लगना चाहिये और पम्पलेट पालकों को बांटना चाहिये। उन्होने कहा कि कक्षा पांचवी और आठवीं में कमजोर छात्रों को रोकने का अधिकार राज्यों को दिया जाएगा। इसमें केंद्र सरकार द्वारा यह शर्त रखी गई है कि जो छात्र मार्च में परीक्षा में असफल हो गए हैं उन्हे जून में परीक्षा देने का दोबारा मौका देना चाहिये। दूसरी बार भी छात्र परीक्षा में असफल हो जाए तो उसे रोका जा सकता है। 

रायपुर : मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक : राज्य कर्मचारियों को एक जनवरी 2016 से मिलेगा सातवां वेतनमान

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक के बाद उद्योग और वाणिज्यिक -कर मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने मंत्रिपरिषद के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने सरकारी कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी 2016 से लागू करने का निर्णय लिया है। शासकीय कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के अनुसार नगद वेतन भुगतान जुलाई 2017 से किया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार के लगभग दो लाख 60 हजार कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा और शासन पर 3500 करोड़ का अतिरिक्त वार्षिक भार आएगा।
शासकीय सेवकों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए बनेगी छानबीन समितियां
उन्होंने बताया कि बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार राज्य शासन द्वारा पचास वर्ष की आयु अथवा 20 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर शासकीय सेवकों के अभिलेखों की छानबीन और समीक्षा के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के 22 अगस्त 2000 के परिपत्र की कंडिका-2 में अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए निर्धारित मानदण्डों और प्रक्रिया में आंशिक संशोधन करने का निर्णय लिया गया। अगर समीक्षा और छानबीन में अनिवार्यऐसे शासकीय सेवकों की ईमानदारी और सनिष्ठा संदेह जनक मिलेगी तो उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्त किया जा सकेगा। इस संबंध में शासकीय सेवक का सम्पूर्ण अभिलेख देखा जाएगा।(ब) शारीरिक क्षमता में कमी होने, शासकीय सेवक के वार्षिक प्रतिवेदन में सम्पूर्ण सेवा काल के अभिलेखों का समग्र मूल्यांकन ’अच्छा’ (ख) श्रेणी से कम होने पर भी अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकेगी।
इसके लिए छानबीन समिति का गठन किया जाएगा-राजप़ित्रत अधिकारियों के लिए प्रशासकीय विभाग के भारसाधक सचिव की अध्यक्षता में, विभागाध्यक्षों के लिए मुख्य सचिव अथवा उनके द्वारा नामांकित अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में छानबीन समिति का गठन किया जाएगा। अराजपत्रित अधिकारियों के लिए विभागाध्यक्ष स्तर की छानबीन समिति गठित की जाएगी। यह समिति केवल विभागाध्यक्ष कार्यालय के शासकीय सेवकों के अभिलेखों की ही छानबीन करेगी, जहां विभागाध्यक्ष के अधिकार एक से अधिक अधिकारियों को हों, वहां पर वह विभागाध्यक्ष छानबीन समिति का अध्यक्ष होगा, जो समन्वय का कार्य करता है, जैसे प्रमुख अभियंता, प्रधान मुख्य वन संरक्षक आदि। यह समिति ऐसे अराजपत्रित कर्मचारियों के अभिलेखों की भी छानबीन का कार्य करेगी, जिनके गोपनीय प्रतिवेदन संबंधित विभागाध्यक्ष के स्तर पर रखे जाते हैं। विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में इस समिति का गठन किया जाएगा। इसी तरह संभाग स्तर पर राजस्व कमिश्नर और  जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में छानबीन समिति होगी।

राज्य में बनेगा रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण
प्राधिकरण के आदेशों की अवहेलना पर जेल का भी प्रावधान योग आयोग का गठन किया जाएगा जीएसटी के लिए कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन