छत्तीसगढ़

बिल्डरों के पास बंद नोट का जखीरा मिला

रायपुर : छत्तीसगढ़ में बिल्डरों के पास से 500 और 1000 रुपये के बेहिसाब बंद नोट मिल रहे हैं. रविवार को पुलिस ने रायपुर तथा जशपुर में दो बिल्डरों के कार से बड़ी-बड़ी रकमें बरामद की है.

रायपुर में शहर के जाने-माने बिल्डर और एक कॉलेज के मालिक प्रकाश दावड़ा के पास से 45 लाख 46 हजार रुपयों के नोट मिले हैं. मिली जानकारी के अनुसार वे अपनी बीएमडब्लू कार में नोट लेकर कहीं जा रहे थे.

पकड़े जाने पर वे पुलिस तथा आयकर विभाग को संतुष्टिपूर्ण जवाब नहीं दे पाये हैं.

एक दूसरी घटना में रायपुर के ही रियल स्टेट कारोबारी उदय शंकर को सरगुजा में पकड़ा गया है. बगीचा पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान उनकी मर्सिडीज कार से 26 लाख 50 हजार रुपये बरामद किये हैं. पूरी रकम 500 और 1000 के नोटों के रूप में नगद रखी थी.

पुलिस ने उनके बॉडीगार्ड, रियल स्टेट कारोबरी तथा उनके दोस्त को हिरासत में ले लिया है. (सीजी खबर से ) 

पैसे नहीं मिलने से परेशान किसान ने की खुदकुशी

रायगढ़: बैंक में 500 व 1000 रुपए के नोट बदलने के लिए प्रतिदिन बैंक में तीन दिन तक लाइन लगाने के बाद भी पैसे नहीं मिलने से परेशान किसान ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।घटना के कारण रविवार की सुबह सरिया थाना क्षेत्र के महराजपुर गांव में हड़कंप मच गया।महराजपुर निवासी रवि प्रधान(40) नामक किसान ने शनिवार की रात अपने कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली । किसान के इस कदम से परिवार की स्थिति और बिगड़ गई है । घटना की जानकारी ग्रामीणों ने सरिया पुलिस को दी । पुलिस ने पंचनामा कर शव को पीएम के लिए भेज दिया ।
इस संबंध में मृतक की पत्नी पुष्पलता का कहना है कि रवि ने दुखी होकर इतना बड़ा कदम उठाया है। उसका कहना है कि उनके दो बेटे सुनील व अनिल तमिलनाडु में काम करते हैं। उन्हें भी नौकरी से निकाल दिया है, उनके पास रुपये हैं फिर भी वो वहां से नहीं आ पा रहे हैं ।

इधर, बैंक ने 500 व 1000 के नोट बंद कर देने से किसान के पास घर में रखे 3000 रुपए को बदली करने मृत किसान तीन दिन से सरिया जा रहा था। बैंक के बाहर तीन दिन तक लाइन में खड़े होने के बाद भी उसके रुपये की बदली नहीं हो पाई ।
इससे वह काफी दुखी और हताश था। इस वजह से वह दो दिन से खाना भी ठीक से नहीं खा रहा था। बताया जा रहा है कि शनिवार की रात को खाना खाने के बाद वह कमरे में सोने चला गया।
रविवार की सुबह जब पत्नी द्वारा चाय पीने के लिए उठाया तो दरवाजा नहीं खोला। ऐसे में पत्नी द्वारा नाश्ता बनाने के बाद दोबारा उठाते हुए दरवाजा खटखटाया, लेकिन रवि नहीं उठा। अनहोनी की आशंका से आसपास के लोगों को बुलाकर दरवाजा तोड़कर अंदर जाकर देखने पर उसके होश उड़ गए। किसान घर के म्यार में फांसी पर लटका हुआ था।
पुलिस ने कहा, मृतक की मानसिक स्थिति नहीं थी ठीक
किसान द्वारा पैसे बदली नहीं होने को लेकर घर में आत्महत्या कर करने के मामले में सरिया पुलिस का कहना है कि बीते कुछ माह से उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी। इसी वजह से उसने यह कदम उठाया।
इनका कहना है-
किसान ने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी की है। मामले की सूचना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।
गोपाल धुर्वे थाना प्रभारी, सरिया

 

स्कूलों में चपरासी नहीं , बच्चे बजा रहे छुट्टी की घंटी

बलौदाबाजार /भाटापारा : अभी तक शिक्षकों  की कमी जैसी समस्या सामने आती रही है लेकिन  मानो या ना मानो। जिले की आधी से अधिक स्कूलों में भृत्य  नही हैं। ऐसे में स्कूलों में क्लास लगने, छुट्टी की घंटी छात्र बजा रहे हैं। कहने को हायर सेकेण्डरी स्कूलों में ग्रंथालय तो खोल दिए लेकिन ग्रंथपाल की नियुक्ति एक भी स्कूल में नही की जा सकी है। हद तो यहां तक कि किसी भी स्कूल में चैकीदार नही है। यह हाल है शिक्षा  गुणवत्ता वर्ष मना रहे विभाग का।जिला मुख्यालय चिट्ठी पर चिट्ठी लिख कर थक गया लेकिन वित्त  विभाग ने मंजूरी नही दी । 
शिक्षकों  की कमी के बाद छात्रों को शायद  अब भृत्य के लिए सड़क पर आना पड़े क्योंकि उन पर अब स्कूल लगने और बीच के दो अवकाश के साथ-साथ मध्यान्ह भोजन के लिए घंटी बजाने की जिम्मेदारी आन पड़ी है। और हां क्लास लगने के पहले कमरों में बैठने के लिए टाटपट्टी बिछानी पड़ रही है। छुट्टी की घंटी बजाने के बाद फैलाई हुई टाटपट्टियां भी समेट कर रखनी पड़ रही है। पूछिए ऐसा क्यों? जवाब यह कि आधी से ज्यादा मिडिल स्कूलों में भृत्य नही है। क्यों ? क्योंकि आठ साल पहले सभी मिडिल  स्कूलों में भृत्य की नियुक्ति के आदेश  पर अब तक पूरी तरह अमल नही किया जा सका है। ऐसे में स्कूलो में यह काम छात्रों पर आन पड़ी है। लगातार चिट्ठी लिखने के बाद ले-देकर जिला शिक्षा  विभाग आधी ही स्कूलों में भृत्य की व्यवस्था कर पाया। प्रयास पर उस दिन विराम लग गया जिस दिन वित्त विभाग ने रोक लगा दी । 

ग्रंथालय है ग्रंथपाल नही 
हर हायर सेकेण्डरी स्कूल में विभाग के निर्देश  के बाद बड़े ताम-झाम के साथ ग्रंथालय खोले गए। कुछ दिन ठीक बीते। याद आई कि इसके लिए ग्रंथपाल की जरुरत है। आदेश  जारी हुए कि हर ग्रंथालय में ग्रंथपाल की नियुक्ति अलग से की जाए। फरमान पर अमल की प्रक्रिया शुरू  ही हुई थी कि भृत्य की ही नियुक्ति की तरह ग्र्रंथपाल की नियुक्ति पर वित्त विभाग ने अड़ंगा लगा दिया। इस तरह ग्रंथपाल की भी नियुक्ति नही हो पाई । अब हाल यह है कि किसी भी स्कूल के ग्रंथालय में ग्रंथपाल नही है। अब यह ग्रंथालय कैसे चल रहे होंगे  यह आसानी से जाना जा सकता है।

कहां हैं चैकीदार ? 
स्कूलों की सुरक्षा के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने 13 मई 2008 को आदेश निकालकर सभी हायर सेकेण्ड़री स्कूलों में चैकीदार की तत्काल तैनाती का फरमान जारी किया था। 9 वां साल बीतने को आया अब तक एक भी हायर सेकेण्डरी स्कूल में चैकीदार की नियुक्ति नही हो सकी है। कारण जानने की कोशिश में पता चलता है कि वित्त विभाग ने इस नियुक्ति पर भी बंदिश लगा रखी है। स्कूल की सुरक्षा के लिए यह नियुक्ति बेहद जरुरी थी। इसके बावजूद जरुरत की चिट्ठी  भी वित्त विभाग ने गंभीरता नही दिखाई। अब स्कूलों मे चोरियां बंदिश  के परिणाम के रुप में सबके सामने है।

यह था आदेश 
स्कूल शिक्षा  विभाग ने जो आदेश  जारी किया था उसके अनुसार एक मिडिल स्कूल में एक नियमित भृत्य की नियुक्ति 2550 से 3200 रुपए , हायर सेकेण्डरी स्कूलों में ग्रंथपाल उच्च वेतनमान 4500 से 7000 रुपए और निम्न वेतनमान 3500 से 5200 रुपए तथा चैकीदार 2550 से 3200 रुपए मासिक वेतन की दर पर नियुक्ति की जानी थी। 

जिले में स्कूलों की संख्या 
पूर्व माध्यमिक स्कूल -638
हायर सेकेण्ड़री और हाई स्कूल-230

मांगी है अनुमति

वित्त विभाग से अनुमति मांगी जा रही है कि ये तीनो पद काम  और स्कूल व्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम हैं इसलिए नियुक्ति की अनुमति दें। 
-जी. आर. चन्द्राकर डीईओ बलौदा बाजार

बीजापुर में स्कूली बच्चे का नक्सलियों ने किया अपहरण!

बीजापुर : बीजापुर में कथित नक्सलियों ने  स्कूली बच्चे का अपहरण कर लिया है। अपुष्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीजापुर प्रीमेट्रिक छात्रावास नवीं कक्षा का छात्र संतोष बोड्डे का नक्सलियों ने अपहरण किया है ।संतोष किसी काम से  अपने गांव कामकानारगया हुआ था वहीँ साप्ताहिक बाजार से उन्हें उठा लिया गया ।अभी तक अपहरण करने का कारण अज्ञात है , परिजन नक्सलियों से बच्चे को छोड़ने की अपील कर रहे हैं। 

अस्पताल ने नोट लेने से मना किया , कलेक्टर ने लगाया10000 रुपए का जुर्माना

अंबिकापुर। निजी अस्पतालों में 500 और 1000 के नोट न लेने की शिकायत पर कलेक्टर भीम सिंह ने छापा मारा और मामले की जांच की है। शहर के सबसे बड़े निजी अस्पताल जीवन ज्योति में पहुंचे कलेक्टर ने जमकर फटकार लगाई। इसके साथ ही उन्होंने  अस्पताल  प्रबंधन को कड़ी चेतावनी देते हुए मरीज को हुई असुविधाओं के लिए कार्रवाई करने के लिए कहा है। इसके साथ ही उन्हों ने अस्पताल के ऊपर 10000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है.कलेक्टर  ने अस्पताल  प्रबंधन को इस बात की चेतावनी दी कि अगर दोबारा शिकायत मिली तो अस्पताल  को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा। मिशन अस्पताल भी पहुंचे कलेक्टर उनके लगातार अस्पताल  दौरों से निजी अस्पताल वालों में हड़कंप सा मचा हुआ है।

महासमुंद की राजनीति में बड़ी फेरबदल , पालिका अध्यक्ष सीएम के सामने हुए भाजपा में शामिल

 

सरायपाली /महासमुंद :  राकांपा के बैनर तले निर्वाचित महासमुंद नपाध्यक्ष पवन पटेल ने समर्थक, पार्षदों के साथ् सराईपाली में मुख्यमंत्री की सभा में 13 नवंबर को भाजपा प्रवेश कर लिया। वे महासमुंद क्षेत्र के निर्दलीय विधायक डा विमल चोपड़ा के कट्टर समर्थक थे।

पटेल के भाजपा प्रवेश को राजनीति में बड़ी कूटनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। पटेल के भाजपा प्रवेश के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री डा रमनसिंह ने चुटकी लेते हुए कहा कि नपाध्यक्ष हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी के सर्जिकल स्ट्राइक से बड़े प्रभावित हैं। इसलिए वे भाजपा प्रवेश कर रहे हैं।

इसके साथ ही नपाध्यक्ष की मांग पर खरोरा से संजय कानन तक रोड चौड़ीकरण और डिवाइडर के लिए 5 करोड़ स्र्पए देने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने सभा मंच से की ।

रमन सिंह ने दिया सरायपाली को करोड़ों की विकास कार्यों की सौगात ,विधायक रामलाल चौहान का प्रयास रंग लाया

 

सरायपाली :  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज महासमुंद जिले के तहसील मुख्यालय सरायपाली में निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार नया कृषि उपज मंडी मैदान पहुंचे और यहां आयोजित अंत्योदय कल्याण मेला व स्वच्छता सम्मेलन में लगभग 60 करोड़ रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसके  साथ ही विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन एवं हितग्राहियों को चेक एवं सामग्री का वितरण भी किया। डॉ सिंह ने  स्वच्छता संकेत व पुस्तिका का विमोचन किया। समारोह की अध्यक्षता छ.ग. विधानसभा के अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल ने की।इस अवसर पर सरायपाली के विधायक रामलाल चौहान भी उपस्थित थे।  कार्यक्रम के दौरान महासमुंद  नगरपालिका के निर्दलीय अध्यक्ष पवन पटेल ने  भाजपा में प्रवेश भी किया। इधर मुख्यमंत्री के हेलीकाप्टर की लैंडींग के दौरान भाजपाईयों ने कलेक्टर के कार्यशैली से नाराज होकर कलेक्टर उमेश अग्रवाल के विरूद्ध ‘‘कलेक्टर हटाओ महासमुंद बचाओ‘‘ का नारा लगाया।साथ ही  मुख्यमंत्री के सरायपाली प्रवास के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरजीत चांवला के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को कालेझंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराने जा रहे सैकड़ों कांग्रेसियों को पुलिस ने जय स्तंभ चैंक पर रोका, जिसकों लेकर पुलिस से कांग्रसियों की  झूमाझटकी भी हुई।

Image result for ramlal chauhan saraipali

पुराने नोट खपाने नेशनल लोक अदालत में रही गहमागहमी

 

बिलासपुर: नेशनल लोक अदालत में शनिवार को पक्षकारों ने बिजली बिल, संपत्तिकर के अलावा बैंक की बकाया राशि का तुरंत भुगतान किया। समझौता के मामले में 1000 व 500 रुपए के पुराने नोट भी स्वीकार किए गए।

बिलासपुर जिला न्यायालय में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया। इसमें नगर निगम, बिजली कंपनी, बैंकों के बकाया देयक के मामले को प्राथमिकता से रखा गया। 1000 व 500 के पुराने नोटों को खपाने के लिए बड़ी संख्या में पक्षकार समझौता करने पहुंचे। वहीं बिजली कंपनी की अधिभार में छूट की घोषणा ने भी बकायादारों को आकर्षित किया। बिजली बिल और बैंकों के काउंटर में भुगतान करने वालों को पूरे दिन भीड़ लगी रही। इसमें पुराने नोट को भी स्वीकार किया गया। इसके अलावा अन्य मामलों में पक्षकारों की उपस्थिति कम रही है। नेशनल लोक अदालत में कुल 6846 प्रकरण निराकृत कर 6 करोड़ 48 लाख 638 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरपी शर्मा और सचिव शैलेश शर्मा मौजूद रहे।

मोटर दुर्घटना के 65 प्रकरण में समझौता

नेशनल लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा के 65 प्रकरण में समझौता करा 1 करोड़ 66 लाख 21344 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। इसी प्रकार राजीनामा योग्य 92 प्रकरण में समझौता हुआ। बिजली कंपनी के 308 प्रकरण में 39 लाख 9379 रुपए का भुगतान हुआ। जलकर के 432 प्रकरण में 1 करोड़ 97 लाख 352 रुपए का अवार्ड पारित हुआ।

जुआरियों को भी किया पेश

नेशनल लोक अदालत में पिछले दिनों पकड़े गए 34 जुआरियों को भी पेश किया गया। न्यायालय ने 34 जुआरियों पर 17 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। इसी प्रकार आबकारी एक्ट के 30 प्रकरण में आरोपियों पर 65 हजार 300 रुपए अर्थदंड लगाया।

नक्सलगढ़ के बच्चे आगे, हिंदी में 15 फीसदी बढ़त

 

रायपुर। राज्य में चलाए जा रहे डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान और आउट सोर्सिंग से शिक्षकों की भर्ती का नतीजा नक्सलगढ़ के नौनिहालों पर दिखा है। शिक्षा उपलब्धि स्तर सर्वे में तीसरी-पांचवीं कक्षा में हिन्दी में 15 फीसदी तक शिक्षा का उपलब्धि स्तर बढ़ा है। इसमें सबसे अधिक बस्तर में 74 प्रतिशत और कांकेर में 69 प्रतिशत छात्रों का स्तर आंका गया है। पर्यावरण, विज्ञान और अंग्रेजी विषयों में मामूली बढ़त है, लेकिन गणित विषय में तीसरी, पांचवीं और आठवीं के 60 फीसदी बच्चे फिसड्डी निकले हैं। 
सरकार ने कराया सर्वे

राज्य : शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने उपलब्धि सर्वे रिपोर्ट 2016 जारी कर दी है। इसके पहले 2013-14 में सर्वे हुआ था। तब और अब की तुलना में तीसरी कक्षा में हिन्दी में 15 फीसदी बढ़त, गणित में 4.83 प्रतिशत गिरावट, 5वीं हिन्दी में 10 प्रतिशत बढ़त, गणित में 4 प्रतिशत गिरावट, जबकि पर्यावरण और अंग्रेजी में क्रमशः 7.26 और 6.77 प्रतिशत बढ़त दर्ज हुई है। 8वीं में हिन्दी में 11.65 प्रतिशत बढ़त,गणित में 7 प्रतिशत गिरावट, विज्ञान में 0.31 गिरावट और अंग्रेजी में 3.26 बढ़त हुई है। सर्वे में राज्य के सभी ब्लॉकों से हर विषय के 100-100 छात्रों का रैंडम चयन कर सैंपलिंग की गई थी।

अभियान का नतीजा

हिन्दी, अंग्रेजी, विज्ञान में बेहतर परिणाम आने की वजह सरकार का गुणवत्ता अभियान व आउटसोर्सिंग के जरिए नक्सल इलाकों में टीचर्स उपलब्ध कराना भी है। अब परिणाम के आधार पर गणित को मजबूत किया जाएगा।

-केदार कश्यप, मंत्री, स्कूल शिक्षा

दीवाली के बाद अब धान खरीदी का उत्सव: रमन सिंह

 

रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज सवेरे आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ‘रमन के गोठ’ में प्रदेश के किसानों को राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य के अनुसार 15 नवम्बर से धान खरीदी के लिए की गई तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि इस वर्ष समर्थन मूल्य के अनुसार धान बेचने के लिए 14 लाख 54 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है।

किसानों की यह संख्या पिछले साल के मुकाबले डेढ़ लाख से भी ज्यादा है। उन्होंने कहा- मुझे खुशी है कि दीवाली के बाद धान खरीदी का उत्सव शुरू हो रहा है और किसानों का इंतजार खत्म हो रहा है। इस बार राज्य के इतिहास में सबसे ज्यादा किसानों ने सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए अपना मन बनाया है और इसके लिए विधिवत पंजीयन भी करवा लिया है।

 

मुख्यमंत्री ने 14 नवम्बर को देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर मनाये जाने वाले ‘बाल दिवस’ का भी उल्लेख किया और श्रोताओं को राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य निर्माण के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए राज्य में लागू विभिन्न कानूनों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा-आज के बच्चे ही कल के कर्णधार है।

छत्तीसगढ़: सूने पड़े हैं मंडी-बाजार

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर संभाग की सबसे बड़ी मंडी व्यापार विहार में खरीददारी ना के बराबर हो रही है. वहां आम दिनों में बिजी रहने वाले ठेले किनारे पर पड़े हुये हैं तथा मजदूर उस पर बैठकर बिड़ी फूंक रहें हैं.

गोल बाजार में कम ही खरीददार पहुंच रहें हैं. जो पहुंच भी रहे है उन्हें दुकानदार चिल्हर वापस देने की हालात में नहीं हैं. कई तो अपनी बिक्री को बनाये रखने के लिये उधारी दे रहें हैं जिससे पहले वे परहेज करते थे.

शनिवार को शहर की सबसे बड़ी सब्जी मंडी शनिचरी बाजार में पहले की तरह गहमा-गहमी नहीं थी. यहां पर भी सवाल चिल्हर का था.

सबसे परेशानी का सामना बाहर से आने वाले यात्रियों को करना पड़ रहा है. चिल्हर के अभाव में वे चाय-नाश्ता तक के लिये तरस रहें हैं.

कहा जा रहा है कि 500-1000 का नोट सरकारी हो गया है जिससे केवल सरकारी भुगतान हो रहा है. शुक्रवार को रिलीज हुई फिल्मों को देखने के लिये पहले के समान भीड़ नहीं दिख रही है. हॉल खाली नज़र आ रहे हैं.(सीजी खबर से ) 

छत्तीसगढ़ में सोने की कालाबाज़ारी

रायपुर : रायपुर में एक स्टिंग ऑपरेशन से सोने की काला बाजारी का खुलासा हुआ है. हिन्दी के दैनिक अखबार ने शनिवार को राजधानी रायपुर के सराफा बाजार में स्टिंग ऑपरेशन किया. जिससे पता चला कि जिस काले धन को पकड़ने के लिये जो नोटबंदी की गई है उससे धड़ल्ले के साथ सोना खरीदा जा सकता है, जा रहा है.

जब स्टिंग ऑपरेशन के दौरान कुछ सराफा व्यापारियों से बात की गई तो उन्होंने 1000 व 500 के पुराने नोटों से सोना देने की बात मान ली. कोई इसके लिये 50 हजार रुपये तोला बता रहा है तो कोई 48 हजार रुपये तोला बता रहा है.

सबसे हैरत की बात है कि लेन-देन दुकान के बजाये खरीददार के घर से होने की बात कही गई. जहां सोना पहुंच जायेगा तथा पेंमेंट भी तुरंत करना पड़ेगा. जाहिर है कि सोना सराफा बाजार के अलावा कहीं और रखा गया है जहां से काले कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है.

उधर, आयकर वाले सराफा बाजार पर पैनी नज़र रखने का दावा कर रहें हैं. जब इस काले कारोबार का सराफा बाजार से भौतिक रूप से कोई लेना-देना नहीं है तो चोरी कहां से पकड़ी जायेगी.

हालांकि, सराफा व्यापारी आधिकारिक रूप से कह रहें हैं कि चेक या कार्ड स्वीप करके सोना खरीदा जा सकता है.(सीजी खबर से ) 

छत्तीसगढ़ में सराफा कारोबारियों को नोटिस

छत्तीसगढ़ में  सराफा कारोबारियों को नोटिस

रायपुर : राज्य के 50 सराफा कारोबारियों को नोटिस की खबर है. छत्तीसगढ़ के 50 सराफा कारोबारियों को सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम के क्षेत्रीय कार्यालय से नोटिस जारी किया गया है. सराफा कारोबारियों से 24 घंटे के अंदर उनके लेनदेन तथा स्टाक के बारें में जानकारी मांगी जा रही है. सवाल यह है कि नोटों पर पाबंदी लगीने के बाद भी उससे कैसे सोना बेचा गया. गौरतलब है कि 8 नवंबर को नोटों पर प्रतिबंध लगा देने के बाद छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बड़े पैमाने पर सोना खरीदने की खबर आई थी.

हालांकि रायपुर के सराफा सूत्र किसी तरह के नोटिस मिलने की बात से इंकार कर रहें हैं परन्तु भोपाल स्थित सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम के क्षेत्रीय कार्यालय के सूत्रों का दावा है कि छत्तीसगढ़ के 50 सराफा कारोबारियों को नोटिस जारी किया गया है.

बताया जा रहा था कि किसी ने रायपुर के सराफा कारोबारी से बुधवार को 1 किलो सोना 50 लाख रुपये में खरीदा था जबकि उसका बाजार मूल्य 33 लाख रुपये है. राजधानी में बड़े पैमाने पर काला धन खपाने की खबरें आई थी.

रायपुर में कयासो का बाजार गर्म है कि शुक्रवार को एक बड़े नौकरशाह की पत्नी ने सबसे बड़े सराफा कारोबारी को 1 करोड़ 49 लाख नगद दिये हैं. महिला पैसे छोड़ गई तथा बाद में इस पैसे के बदले में 60 जहार रुपया तोले के हिसाब से सोना ले लिया जायेगा.

बताया जा रहा है कि दोनों ही पक्षों ने सादे कागज में इस बारे में लिखा-पढ़ी कर ली है.

उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग ने सभी कारोबारियों को खरीदी-बिक्री से संबंधित हर बात का डिटेल रखने का निर्देश दिया गया था. उसके बाद भी बड़े पैमाने पर सराफा का कारोबार चला है. अब सरकार उनसे उस कारोबार का हिसाब मांग रही है. (सीजी खबर से )

 

सुर और ताल की लय बिगाड़ी अफसरों ने हर प्रयास रहा असफल

 बलौदाबाजार  भाटापारा   होंगे और जिलों में म्यूज़िक टीचर। इस जिले में इसका नाम भी मत लीजिए। मत पूछिए कि कहां हैं तबला शिक्षक घ् आठ साल पहले हायर सेकेण्ड़री स्कूलों  में संगीत की शिक्षा  की योजना लाई गई। काम भी होते दिखाई दिए। पहले पहल स्कूल शिक्षा  विभाग ने खूब दिलचस्पी दिखाई लेकिन राजधानी से महज 84 किलोमीटर दूर बलौदाबाजार जिला को विभाग भूल गया। आठ साल बीते नवां साल बीतने को आया लेकिन स्कूलों मे ऐसे टीचरों के पद अब तक नही भरे जा सके है। 
हायर सेकेण्डरी स्कूलों में आठ साल पहले 13 मई 2008 को स्कूल शिक्षा  विभाग ने संगीत की शिक्षा  को बढावा देने के लिए तबला शिक्षक  और संगीत शिक्षक की नियुक्ति का आदेश जारी किया था । योजना अच्छी थी। इसलिए हर जिले मेें इस पर तेजी से काम हुए। नियुक्तियां भी हो गयी पर जाने किसकी नजर लगी जो बलौदाबाजार जिले की हायर सेकेण्डरी स्कूलों में  यह काम नही हो पाया।जिला शिक्षा  विभाग बार.बार मुख्यालय से पूछता रहा कि योजना की सफलता के लिए दिशा निर्देश  दें लेकिन एक भी पत्र का जवाब नही मिला। विभाग की उदासीनता कहें या अफसरों की लापरवाही। अब यह योजना इस जिले मे दम तोड़ चुकी है। हाल यह है कि जिला शिक्षा  विभाग ने स्मरण पत्र भेजना भी बंद कर दिया है क्योंकि जवाब ही नही मिलता।

हर प्रयास  असफल 
जिला शिक्षा  विभाग ने योजना पर काफी रुचि दिखाई क्योंकि इस योेजना से लगभग 118 बेरोजगार को रोजगार मिलता। 5000 से 8000 मासिक वेतन वाली इस योजना के लिए विभाग मुख्यालय षुरु से ही इस जिले को लेकर जिस तरह उदासीन बना रहा उसे देखते हुए अंशकालीन  नियुक्ति की स्वीकृति देने का प्रस्ताव रखा गया। पत्र भेज कर कुछ दिन तो इंतजार किया गया लेकिन जवाब नही मिला। फिर से स्मरण पत्र भेजा लेकिन इस बार मुख्यालय में स्वीकृति  देने से इंकार कर दिया लेकिन इंकार के कारण नही बताए गए। अब एक बार फिर से इस पर प्रयास की  जानकारी आ  रही है।

संगीत के क्षेत्र में बेहतर कैरियर को देखते हुए स्कूल शिक्षा  से ही संगीत की शिक्षा  की योजना बनी ताकि इसमें अपना उज्जवल भविष्य के सपनों को साकार कर सकें। दूसरा लाभ यह था कि संगीत के क्षेत्र से जुड़े योग्य बेरोजगार युवाओं केा रोजगार का स्थायी  जरिया मिल सकेगा। हर जिले की हायर सेकेण्डरी स्कूलों में एक तबला शिक्षक  और एक संगीतशिक्षक  की पदस्थापना के आदेश भी मुख्यालय ने जारी कर दिया। और हां इन स्कूलों में एक.एक कृषि शिक्षक  के लिए भी फरमान जारी हुए।तबला और संगीत षिक्षक के लिए 5000 से 8000 रुपए मासिक वेतन भी तय किया गया था।

जी आर चन्द्राकर  डी ईओ बलौदा.बाजार
जिले की स्कूलों मे तबला और संगीत शिक्षक  के पद रिक्त है। अंशकालीन  भर्ती के लिए पत्र लिखा गया था लेकिन मंजूरी नही मिली। नए सत्र के लिए फिर से प्रयास किए जाएगे।

छात्राओं के बाल काटने वाले शिक्षक को पुलिस ने लिया हिरासत में

रायगढ़- रायगढ़ के भूपदेवपुर हाई स्कूल में  गणित के शिक्षक ने 7 छात्राओं को जुल्फे लहराती हो कहकर मासूम छात्राओं के बाल  काट दिये  

 जब इस घटना की जानकारी छात्राओं ने अपने परिजनों को दी जहा परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ अपराध दर्ज किया  था 
ग्राम नहरपाली निवासी पुष्पेंद्र पटेल को शिक्षा समिति द्वारा शासकीय हाई स्कूल नहरपाली में गणित के शिक्षक के रूप में पदस्थ किया गया  था । गुरुवार को नवमी व् दसवी की छात्राये अपने निर्धारित समाये पर स्कुल पहुची ।तभी  इस  शिक्षक ने उन्हें पढ़ने आती हो या जुल्फे लहराने आती हो कहकर उन छात्राओं के बाल काट दिए ।जिस घटना से पीड़ित छात्राओं के परिजनों ने आक्रोश व्यक्त किया था इधर परिजनों के आक्रोश को देखते हुए नहरपाली पुलिस ने शिक्षक को हिरासत में ले कर पूछताछ कर रही है