छत्तीसगढ़

17 को स्कूलों में कैसे होगी पढाई? आधा दर्जन स्कूलों में तालाबंदी की नौबत


बलौदाबाजार/भाटापारा : पांच सूत्रीय मांगों के पूरा नही होता देख अब शिक्षाकर्मी  आर-पार की लड़ाई के मूड़ में आ चुके हैं। अर्धवार्षिक मूल्यांकन का काम पूरा हो जाने के बाद जिले की  शिक्षक पंचायत और नगरीय निकाय  शिक्षक  संवर्ग 17 नवंबर को एक दिन की हड़ताल पर जाने की घोषणा कर चुके हैं। इसकी सूचना एसड़ीएम सहित विभाग के अधिकारियों को दे दी गई है। हड़ताल का असर गांव की स्कूलों पर पड़ना तय है लेकिन निकाय क्षेत्र की छह स्कूलों पर इसका बेहद बुरा असर पड़ने की आषंका है। पहली बार संकुल समन्वयकों के भी हड़ताल में शामिल  होने की चेतावनी से विभाग अव्यवस्था से बचने के लिए क्या कदम उठाता है? यह सत्रह नवंबर की सुबह ही जानी जा सकेगी।
शिक्षक  पंचायत और नगरीय निकाय संवर्ग के टीचर अपनी पांच सूत्रीय मांगों को पूरा किए जाने में हो रहे विलंब के बाद बेहद नाराज हैं। आर-पार की लड़ाई लड़ने के क्रम मेें उन्होनें 17 नवंबर को हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे दी है। सरकारी स्कूलें वैसे भी अध्ययन-अध्यापन के मामले में निजी स्कूलों से अब भी काफी पीछे चल रही हैं। हड़ताल की इस घोषणा से शिक्षा  गुणवत्ता वर्ष अभियान को तगड़ा झटका लग सकता है क्योंकि शहर  के साथ-साथ गांव की स्कूलों में भी आंषिक तालाबंदी जैसी स्थिति आ सकती है। एक दिन की यह हड़ताल प्रदेश  स्तर पर की जा रही है। असर शहर  की छह स्कूलों में सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है जहां के सभी टीचर शिक्षाकर्मी  हैं। 

पहली बार सकुंल समन्वयक भी
एक दिन की इस हड़ताल में संकुल समन्वयक भी शामिल  हो रहे है। खंड़ शिक्षा  विभाग और स्कूल प्रबंधनों के बीच संवाद की अहम कड़ी की जिम्मेदारी निभाने वाले संकुल समन्वयक भी मांगों से सहमत हैं क्योंकि खंड़ शिक्षा  क्षेत्र के अधिकांश  संकुल समन्वयक पद की जिम्मदारी शिक्षाकर्मी  ही निभा रहे हैं। ऐसे में संवाद की इस महत्वपूर्ण कड़ी भी पहली बार विभाग से दूर रहेगी ।

ये है मांगें
एसडीएम को जो ज्ञापन सौंपा गया है उसमे सभी शिक्षक  पंचायत और नगरीय निकाय संवर्ग का शिक्षा  विभाग मेें संविलियन करना व क्रमोन्नत वेतनमान तथा समयानुसार वेतन देने की मांग तो की ही गई है साथ ही सांतवा वेतनमान भी मांगा गया है।इसके अलावा प्रदेष में कार्यरत सभी शिक्षकों  को हर वह सुविधा देने की मांग की गई है जिसकी वे पात्रता रखते है।

 

धान उपार्जन केन्द्र रवान, दामाखेड़ा व मोहभट्टा के प्रभारी अधिकारी निलंबित

बलौदाबाजार-भाटापारा: कलेक्टर डाॅ. बसवराजु एस. ने धान उपार्जन केन्द्रों में प्रभारी अधिकारियों के अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए धान उपार्जन केन्द्र रवान प्रभारी कृषि विस्तार अधिकारी अधिकारी ए.पी.देवांगन, दामाखेड़ा  डी.डी.डाहरे, मोहभट्टा  कमलेश सोनवानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। धान उपार्जन केन्द्र रवान में  नवदीप साहू, दामाखेड़ा  रामावतार राठौर तथा मोहभट्टा  भागवत सतनामी को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि उपार्जन केंद्रों  में नोडल अधिकारियों के भ्रमण के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। 

जिले में अब तक 1598.68 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई
इधर जिला खाद्य अधिकारी ने जानकारी दी है जिले में धान खरीदी 15 नवंबर से प्रारंभ कर दी गई है। जिले के 86 समितियों के अंतर्गत 148 उपार्जन केन्द्रों के तहत 40 समितियों द्वारा 1598.68 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। जिसमें मोटा धान 993.16 मीट्रिक टन, पतला धान 434.64 मीट्रिक टन, सरना धान 178.88 मीट्रिक टन है।

पूरी राशि का पेट्रोल डलवाने पर ही चल रहे 500 व1000 के नोट

रायगढ़ :  रायगढ़ में शासन की ओर से पांच सौ और एक हजार रूपये के पुराने नोटों को पेट्रोल पंपों में चलाने के फरमान के बावजूद कम मात्रा में पेट्रोल डलवाने वालों को अब भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जिसके चलते कई लोगों को 500 या 1000 का पेट्रोल या डीजल डलवाना पड़ता है या बिना पेट्रोल लिये खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। पेट्रोल पंप संचालक शासन के बनाये नियमो का धड़ल्ले से  उलघंन कर रहे है.जिस वजह से आम लोगों को  काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। 

छजकां  नेता बजरंग अग्रवाल ने जिला प्रशासन तथा खाद्य विभाग से इस समस्या के समाधान की पहल करते हुए तत्काल नियंत्रण की मांग उठाई है।
केन्द्र सरकार द्वारा 500 व 1000 के पुराने नोटों को प्रचलन से बाहर करने की घोषणा के साथ-साथ पेट्रोल पंपों में ऐसे नोटों को चलाने का फरमान जारी किया है जिसके बाद शहर के पेट्रोल पंपो में 1000-500 के पुराने नोट तो लिये जा रहें है मगर पेट्रोल पंप संचालक इस मामले में अपनी मनमर्जी चला रहें है तथा पेट्रोल डलवाने के लिये आने वाले ग्राहकों को पुराने बडे नोट लेकर आने पर यह कह दिया जाता है कि या तो वह पूरी रकम का पेट्रोल डलवा ले या तो फिर चिल्हर लेकर आवें। इस वजह से अपनी गाडी में कम पेट्रोल डलवाने के लिये आने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। छजकां नेता बजरंग अग्रवाल ने शहर के पेट्रोल पंपों में चल रही इस मनमानी के खिलाफ आवाज उठाते हुए आरोप लगाया कि इन पेट्रोल पंपों में पंप आपरेटरों के पास चिल्हर होनें के बावजूद लोगों को चिल्हर नही दिया जा रहा है और पुराने नोटों के बहाने पूरी राशि का पेट्रोल डलवाने के लिये दबाव बनाया जाता है और कम राशि का पेट्रोल डलवाने के लिये आने वाले वाहन चालकों खासकर दुपहिया वाहन स्वामियों को चिल्हर लेकर आने की बात कहकर रूखसत कर दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह एक प्रकार से 10, 50 व 100 के नोटों की कालाबाजारी करने के जैसा है। क्योंकि छोटे नोट लेकर आने वाले लोगों के नोट केवल पेट्रोल पंप में ही जाम हो जा रहें है और मार्केट में इसका प्रचलन नही हो पा रहा है। उन्होंने इस मामले में जिला प्रशासन तथा खाद्य विभाग से हस्तक्षेप करने तथा शहर तथा आसपास के पेट्रोल पंपों में तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग उठाई है।

जेल में बंद पत्रकार के साथ मारपीट का आरोप

नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ की जेल में बंद पत्रकार पत्रकार संतोष यादव के साथ मारपीट का आरोप लगाया गया है. मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसकी सरकार द्वारा जांच की मांग की है. गौरतलब है कि पत्रकार संतोष यादव को 29 सितम्‍बर 2015 को गिरफ्तार किया गया था. संतोष यादव पर छत्‍तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम और गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था. एमनेस्टी इंटरनेशनल का दावा है कि दोनों ही अधिनियम अन्‍तर्राष्‍ट्रीय मानवाधिकार कानून एवं मानकों का उल्‍लंघन करते हैं.

एमनेस्‍टी इंटरनेशनल इंडिया ने मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में मांग की है कि छत्‍तीसगढ़ सरकार को जगदलपुर केन्‍द्रीय कारागृह में बंद पत्रकार संतोष यादव सहित 8 कैदियों के साथ हुई मारपीट की स्‍वतंत्र रूप से जांच करनी चाहिए.

एमनेस्‍टी इंटरनेशनल इंडिया ने आरोप लगाया है कि 2 नवम्‍बर को कैदियों द्वारा जेल में परोसे गये खाने की गुणवत्‍ता के खिलाफ शांतिपूर्वक विरोध करने के पश्‍चात राज्‍य पुलिस द्वारा कैदियों को डंडे से पीटा गया. अगले दिन पुलिस द्वारा कैदियों के खिलाफ ‘दंगा भड़काने’, ‘लोक सेवकों के सार्वजनिक कार्यों के निर्वाहन में दखल देने’ और ‘लोक सेवकों को उनके सार्वजनिक कर्तव्‍यों के निर्वाह से रोकने के लिए बल प्रयोग अथवा हमला करने’ जैसे विभिन्‍न अपराधिक मामले दर्ज किये गये. संतोष यादव के रिश्‍तेदारों ने कहा कि घटना के बाद से उन्‍हें संतोष यादव से मिलने तक की अनुमति नहीं दी गयी है.

एमनेस्‍टी इंटरनेशनल इंडिया प्रवक्ता मेकपीस सित्‍लो ने कहा, “कैदियों को शांतिपूर्वक विरोध करने का अधिकार है और छत्‍तीसगढ़ पुलिस को उनके इस अधिकार का सम्‍मान करना चाहिए और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अनावश्‍यक बल प्रयोग के आरोपों की जांच सुनिश्चित करनी चाहिए.”

संतोष यादव के भाई जितेन्‍द्र यादव ने एमनेस्‍टी इंटरनेशनल इंडिया को बताया कि संतोष ने 4 नवम्‍बर को जगदलपुर अस्‍पताल से उन्हें फोन किया था जहाँ डॉक्‍टरों द्वारा उनका परीक्षण किया जा रहा था.

|| जितेन्‍द्र यादव ने बताया कि, “उसे पुलिस द्वारा बुरी तरह से पीटा गया है. उसकी पत्‍नी और मैंने उससे अलग से मिलने का प्रयास किया लेकिन जेल अथॉरिटी द्वारा हमारी प्रार्थना को अस्‍वीकार कर दिया.” ||
कोतवाली पुलिस स्‍टेशन, जहाँ कैदियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, में तैनात एक पुलिस अधिकारी के कहा, “कैदियों की कुछ मांगें थी जिसके लिए वे केवल वरिष्‍ठ अधिकारियों से ही बात करने को तैयार थे, जेल अथॉरिटी से नहीं. पुलिस को उन्‍हें वापस सेल में बंद करने के लिए मजबूरन बल का प्रयोग करना पड़ा. बल का प्रयोग केवल जरूरत के हिसाब से किया गया.”

एमनेस्‍टी इंटरनेशनल इंडिया का कहना है कि कई बार प्रयास करने के बाद भी कारागृह अधीक्षक से इस पर वे बयान नहीं ले पाये. 11 नवम्‍बर को संतोष यादव को उनके घर से लगभग 192 किलोमीटर दूर कानकेर जिला कारागृह भेज दिया गया.

गौरतलब है कि संतोष यादव के खिलाफ 21 अगस्‍त 2015 को माओवादी सशस्‍त्र समूहों द्वारा सुरक्षा बलों पर हुए हमलें में शामिल होने का आरोप है.

पत्रकार संतोष यादव के खिलाफ मामला मुख्य रूप से एक पुलिस अधिकारी की गवाही पर टिकी हुई है, जिसने बयान दिया था कि उसने रात के अंधेरे में फलैरे के प्रकाश में सौ से अधिक माओवादी लड़ाकुओं के बीच संतोष यादव की पहचान करी थी. उसके बाद पहचान परेड के दौरान पुलिस संतोष यादव की निश्चित तौर से पहचान नहीं कर पाए. एमनेस्‍टी इंटरनेशनल इंडिया का कहना है कि घटना की एफआईआर में दोषी लोगों की सूची में संतोष यादव का नाम दर्ज नहीं है. राज्‍य पुलिस ने उनके पास से बरामद लाल और हरे रंग के कपड़े तथा अन्‍य कुछ सामग्रियों को ‘सबूत’ के तौर पर पेश करके़ उनके माओवादी होने का दावा किया है.

बयान में कहा गया है कि संतोष यादव को छत्‍तीसगढ़ के बस्‍तर जिले के स्‍थानीय आदीवासी समुदाय के लिए किये गये उनके कार्यों के लिए निशाना बनाया जा रहा है, और उनके खिलाफ मनगढ़ंत आरोप लगाये गये हैं. पत्रकार के परिवार ने इससे पहले आरोप लगाया था कि उसे 30 नवम्‍बर 2015 को हिरासत में प्रताड़ित किया गया था.

संतोष यादव ने एमनेस्‍टी इंटरनेशनल इंडिया को अगस्‍त 2016 में बताया था कि उन्‍हें जेल में एक कैदी द्वारा जान के मारने की धमकी भी दी गई थी. उनके वकील ने यह भी आरोप लगाया है कि जून 2015 में उन्‍हें राज्‍य पुलिस द्वारा निर्वस्‍त्र करके अपमानित किया गया था. संतोष यादव की जमानत याचिका दो बार खारिज की जा चुकी है. एक दूसरी याचिका उच्‍चतम न्‍यायालय में विचाराधीन है. 17 अक्‍टूबर 2016 को न्‍यायालय ने छत्‍तीसगढ़ राज्‍य सरकार से जमानत याचिका पर अपनी प्रतिक्रिया देने को कहा था.

एमनेस्‍टी इंटरनेशनल इंडिया प्रवक्ता मेकपीस सित्‍लो ने कहा, “संतोष यादव को तुंरत रिहा किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ दर्ज सभी आरोप खारिज कर देने चाहिए. कैदियों द्वारा मात्र जेल की परिस्थितियों का विरोध करने पर उनके खिलाफ आरोप दर्ज करना किसी भी रूप में स्‍वीकार्य नहीं है.”

उल्लेखनीय है कि नियंत्रक महालेखा परीक्षक ने 2014 रिपोर्ट में कहा था कि छत्‍तीसगढ़ सरकार कैदियों को शौचालय एवं साफ-सुथरा वातावरण उपलब्‍ध कराने में असफल साबित हुई है. छत्‍तीगढ़ में भारत के सबसे ज्‍यादा भरे कैदखाने हैं. मानवाधिकार वकीलों के एक समूह, ‘जगदलपुर लीगल ऐड ग्रुप’ द्वारा की गई जांच से पता चलता है कि 2013 में जगदलपुर केन्‍द्रीय कारागृह में कैदी निवास दर 260 प्रतिशत थी.(सीजी खबर से ) 

कर्ज से परेशान एक और किसान ने लगा ली फांसी

महासमुंद:छत्तीसगढ़ में एक किसान ने आत्महत्या कर ली है. महासमुंद के बागबाहरा के बोड़रीदादर गांव के 51 वर्षीय किसान उत्तम यादव ने खेत में फंदे से झूलकर अपनी जान दे दी है. मिली जानकारी के अनुसार उत्तम यादव के खेत की फसल लगातार दो साल से खराब हो रही थी. पिछले साल सूखे के कारण तथा इस साल कीट के कारण उसकी फसल खराब हो गई.

मृतक किसान के परिजनों के कहना है कि उस पर करीब 1 लाख रुपये का कर्ज था. उसे हाल ही में सहकारी बैंक से कर्ज वसूली के लिये 27 हजार रुपये पटाने का नोटिस आया था. जिससे उत्तम यादव परेशान था.

बताया जा रहा है कि उसने पहले ही बेटियों की शादी के लिये कर्ज ले रखा था.

मृतक किसान के पास ढाई एकड़ जमीन थी जिस पर उसका छः लोगों का परिवार निर्भर था.

मंगलवार सुबह उत्तम यादव खेत की ओर गया था. बाद में पेड़ से उसकी लाश फंदे पर लटकती हुई मिली।

(सीजी खबर )

विधानसभा में छछानपैरी हत्याकांड और हरिहर योजना पर उठे सवाल


रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में चल रहे शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल में विधायकों ने सरकार पर सवालों की तीर चलाए। विधायक आरके राय ने छछानपैरी हत्याकांड की जानकारी मांगी, इस पर संसदीय सचिव लाभचंद बाफना के कहा कि इस मामले में अभी गिफ्तारी नहीं हुई है। विधायक अनिला भेड़ि‍या ने डौंडीलोहारा में सट्टे के प्रकरण की जानकारी मांगी। गृहमंत्री ने इसके जवाब में बताया कि इन मामलों में 1438 प्रकरण दर्ज हुए हैं।

विधायक तेजकुंवर नेताम ने नक्सल ऑपरेशन में आवंटित राशि की जानकारी मांगी। गृहमंत्री ने बताया कि 2013 से 2017 तक 476 करोड़ रुपए के राशि आवंटित की गई है। विधायक शिवरतन शर्मा ने सार्वजनिक उपक्रम की जानकारी मांगी। मंत्री अमर अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 16 सार्वजनिक उपक्रम हैं।

विधायक अमित जोगी के सवाल पर वन मंत्री महेश गागड़ा ने कहा कि प्रदेश में 8 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य था, जिसमे से 6.47 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। जोगी ने हरिहर योजना के तहत संचालित योजना की जानकारी मांगी थी।

आत्महत्या करने वाले किसान का परिवार विधानसभा में ,गाँधी प्रतिमा के नीचे बैठ माँगा न्याय ,जनता कांग्रेस का साथ

रायपुर : प्रदेश में रायगढ़ में नोट बदलने को लेकर परेशान किसान  रवि प्रधान  की आत्महत्या का मामला गरमाया हुआ हैं। विधानसभा में लगातार दूसरे दिन इस मामलें की गूंज रही । छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस ने इस मामलें को प्रमुखता से उठाकर एक नया मोड़ दे दिया हैं। पार्टी के विधायक अमित जोगी, सियाराम कौशिक और आर के राय ने प्रदेश विधानसभा में पहली बार शायद एक मृत किसान की नेत्रहीन पत्नी, नेत्रहीन बेटी व बेटा को विधानसभा के अंदर लेकर आये और न्याय माँगा ।ये तीनों विधायक उन्हें साथ लेकर विधानसभा में स्थित गाँधी प्रतिमा के नीचे बैठे। 

कृषि उपार्जन केंद्रों में पंचायत आपरेटर करेंगे काम , सरकार का एक और कड़ा फैसला


बलौदाबाजार /भाटापाराः सहकारी समितियों के आॅपरेटरों की हड़ताल के बीच सरकार का एक और कड़ा फैसला । जिन उपार्जन केन्द्रों में आॅपरेटरों ने ड्यूटी नहीं संभाली है वहाॅं पर तत्काल पंचायत आॅपरेटरों को काम पर लगाए । मदद् के लिए उपार्जन केन्द्र प्रभारियों को निर्देष दिये गए है । खरीदी कार्य के बीच इन पंचायत आॅपरेटरों को एक-एक दिन का प्रषिक्षण दिया जायेगा । इस बीच प्रदेष के सभी कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में जाॅंच टीम रवाना करने के भी निर्देष है।
समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी आज से ष्षुरू हो गई । सहकारी समितियों के आॅपरेटरों की हड़ताल पर चले जाने के बाद बनने वाली स्थितियों से निपटने के लिए ष्षासन ने काम नही संभालने वाले आॅपरेटरों को तत्काल बर्खास्त करने के आदेष जारी कर दिये हैं। इस बीच जिले के अधिकतर उपार्जन केन्द्रों से खबर आ रही है कि आॅपरेटरों ने धीरे-धीरे काम संभालना ष्षुरू कर दिया है। कही ये नही पहॅुचे हैं ऐसे उपार्जन केन्द्रों में पंचायत आॅपरेटरों की तैनाती करके व्यवस्था संभाली जा रही है। हालाकि पहले दिन कही से ऐसी अव्यवस्था की खबर नही है लेकिन काम की गति फिलहाल बेहद सुस्त है क्योकि जिन जगहों पर पंचायत आॅपरेटरों की ड्यूटी लगाई गई है उन्हे इस काम का अनुभव नहीं है। ऐसे उपार्जन केन्द्र में प्रभारियों की मदद ली जा रही है। हालाकि जिला विपणन केन्द्र इस काम में मदद तो कर रहा है लेकिन बेहद सीमित । अलबत्ता जिला प्रषासन बेहद मुस्तैद है कि व्यवस्था में कोई कमी नहीं रहे और किसानों को परेषानी न हो ।

बनी जाॅंच टीम
जिला प्रषासन का मैदानी अमला हर उपार्जन केन्द्र की जाॅंच के लिए निकाल चुका है। एस.डी.एम. के निर्देष के बाद सभी तहसीलदारों को इस काम में लगाया गया है। जो हर खरीदी केन्द्रों की जाॅंच कर रहे है। अभी तक जाॅंच में यह पता चला है कि अनुभाग क्षेत्र के सभी खरीदी केन्द्रो में आॅपरेटरों में काम संभाल लिया है। इससे काम सुचारू रूप से चल रहा है।

सहकारी समिति की भी माॅनिटरिंग
जिला सहकारी बैंक मुख्यालय के निर्देष पर बैंक के सुपरवाईजर भी हर उपार्जन केन्द्र तक जाॅंच के लिए पहंॅुच रहे है। अभी तक की जाॅंच में किसी भी उपार्जन केन्द्र से अव्यवस्था की जानकारी नहीं है। सुपरवाईजरो को अगले एक सप्ताह तक जांच के निर्देष मिले हैं ।

इस खरीफ सत्र में प्रदेष में
-1986 उपार्जन केन्द्र
-41 कृषि उपज मंडियों और उप-मंडियों मंे खरीदी
-14 लाख 54 हजार किसानों का पंजीयन
-65 लाख मैट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य जाॅंच टीम गठित
-धान खरीदी केन्द्रों में प्रदेष भर से अभी तक सभी काम सही तरीके से चलने की खबर है। कलेक्टरों को लगातार जाॅंच के निर्देष दिये गए है।
-ऋचा शर्मा ,सचिव,खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति रायपुर
त्हसीलदारों को जिम्मा
- आॅपरेटरों की हड़ताल से धान खरीदी में किसानों को दिक्कत न हो इसकी जाॅंच के लिए अनुभाग क्षेत्र के सभी तहसीलदारों को जाॅंच के लिए भेजा जा रहा है।सचिन भूतड़ा
एसडीएम भाटापारा

बीजापुर में दो वारंटी नक्सली पकड़ाए, बासागुडा में IED बरामद

बीजापुर। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत पुलिस ने बेचापाल के जंगलों से दो वारंटी नक्सलियों को दबोचने में सफलता हासिल की है। मिरतुर थाना क्षेत्र में एमसीपी कार्यवाही करते हुए पुलिस ने ओयाम छन्नू पिता डुम्मा निवासी बेचापाल जिसके विरुद्ध एक लंबित स्थायी वारंट है वहीं ओयामी बंडी पिता हिरिया निवासी बेचापाल जिसके विरुद्ध 4 लंबित स्थायी वारंट है, दोनों को गिरफ्तारी किया है।

इनपर हत्या, हत्या का प्रयास, लूट डकैती जैसे गंभीर आरोप है। पुलिस को इनकी दस वर्षों से तलाश थी। उक्त दोनों नक्सली को आज बीजापुर न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

दो आईईडी बरामद

सीआरपीएफ 168 बीएन ने सारकेगुडा तर्रम के बीच दो आईईडी बरामद किए हैं। जवानों ने इन दोनों को डिफ्यूज कर दिया है। घटना बासागुडा थाना क्षेत्र की है।(नई दुनिया से )

 

मियाद के अंतिम दिन निगम को 30 लाख टैक्स की प्राप्ति


रायगढ़ : 500 व 1000 रुपए के नोट चलन की तिथि के अंतिम दिन नगर निगम में करीब 30 लाख रुपए का टैक्स पटाया है। बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 1 बजे तक कुछ लोग पहुंचे थे। वहीं शाम होने तक संख्या में बढ़ोतरी हुई है।सोमवार को तीसरे दिन नगर निगम में टैक्स के रूप में 30 लाख रुपए का राजस्व मिला है। ऐसे में 11 से 14 नवम्बर तक तीन दिन में निगम के खजाने में करीब 1 करोड़ रुपए जमा हुआ है। 1000 व 500 के नोट चलन बंद होने के बाद लोग नगर निगम में टैक्स जमा करने आ रहे थे, लेकिन नगर निगम ने बड़े नोट लेने से इंकार कर दिया। ऐसे में नगरीय प्रशासन विभाग ने निगम आयुक्त को 500 व 1000 के नोट लेने के संबंध में निर्देश देकर रकम लेने को कहा गया। जिसमें निगम ने 48 वार्ड में मुनादी कराकर टैक्स जमा करने को कहा गया। ऐसे में नगर निगम में पहले दिन 60 लाख, दूसरे दिन 12 लाख व तीसरे दिन 29 लाख 28 हजार रुपए का टैक्स मिला है। ऐसे में करीब एक करोड़ रुपए का टैक्स नगर निगम को तीन दिन में मिला है। वहीं निगम के अधिकारियों का कहना है कि निगम का खजाना खाली था। बड़े नोट लेने से तीन दिन में खजाने कुछ भर गया है।
अभी तक नहीं आया कोई आदेश
नगर निगम के अधिकारियों से 500 व 1000 के नोट लेने के तिथि बढ़ने के संबंध में पूछताछ करने पर बताया कि न्यूज में बताया जा रहा है कि 24 नवम्बर तक तिथि बढ़ा दिया गया है, लेकिन नगरीय प्रशासन से कोई आदेश नहीं आया है। ऐसे में आज से 500व 1000 के नोट नहीं लिया जाएगा।
तीन दिन में करीब एक करोड़ रुपए निगम को राजस्व प्राप्त हुआ है। वहीं तिथि बढ़ने का आदेश नहीं आया है। आदेश आने के बाद फिर से 500 व 1000 रुपए का नोट लिया जाएगा।
लोकेश्वर साहू
आयुक्त, नगर निगम

 

नाराज किसान धान बेचने नहीं पहुंचे समितियां

सरायपाली: राज्य सरकार द्वारा लगातार किसानों की अनदेखी और बोनस सहित अन्य मांगों को ध्यान नहीं दिए जाने का असर राज्य में धान खरीदी में देखने को मिल रहा हैं। किसान समितियों में धान बेचने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। सरायपाली विकासखंड के एक भी खरीदी केंद्रों में सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य में किसान एक भी दाना  धान बेचने नहीं पहुंचे।किसान समर्थन मुल्य 2100 रुपये और बोनस राशि की मांग कर रहे हैं। किसानों ने  मांग पुरी नही होने तक समितियों  धान नहीं बेचने का निर्णय लिया हैं। 

नोट बदलने को लेकर रायगढ़ किसान की आत्महत्या ,विधानसभा में हंगामा

 रायपुर /रायगढ़ : बैंक में नोट बदलने के लिए  तीन दिन तक लाइन लगाने के बाद भी पैसे नहीं मिलने से परेशान किसान के फांसी लगाकर आत्हत्या करने के मामलें में छत्तीसगढ़ विधानसभा में जमकर हंगामा हो रहा हैं। कांग्रेस सदस्य इस मामलें में सदन नहीं  चलने दे रहे हैं।  प्रश्नकाल भी चलने की संभावना नहीं हैं। वहीँ छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस भी इस मामलें में सरकार को घेरने का प्रयास कर रही हैं। 

गौरतलब है कि  बैंक में 500 व 1000 रुपए के नोट बदलने के लिए प्रतिदिन बैंक में तीन दिन तक लाइन लगाने के बाद भी पैसे नहीं मिलने से सरिया थाना क्षेत्र के महराजपुर गांव परेशान  के परेशान किसान  रवि प्रधान ने कल  फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी । इस मामलें को लेकर पुरे छत्तीसगढ़ में  हड़कंप मच गया।इस संबंध में मृतक की पत्नी पुष्पलता का कहना है कि रवि ने दुखी होकर इतना बड़ा कदम उठाया है। उसका कहना है कि उनके दो बेटे सुनील व अनिल तमिलनाडु में काम करते हैं। उन्हें भी नौकरी से निकाल दिया है, उनके पास रुपये हैं फिर भी वो वहां से नहीं आ पा रहे हैं ।

शीतकालीन सत्र के पहले दिन नोटबंदी पर हंगामा, रूकी सदन की कार्रवाई ,बैलगाड़ी से पहुंचे अमित जोगी ,राय और कौशिक

 

 


रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया। सत्र में नोटबंदी की चर्चा पर हंगामा हो गया, जिसके बाद सदन की कार्रवाई रोकना पड़ी। कांग्रेस सदस्य काम रोककर पहले इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे थे। कुछ देर बाद सदन की कार्रवाई शुरू हुई और फिर हंगामा होने पर इसे 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया।

कार्रवाई शुरू होने के बाद फिर हंगामे के बाद तीसरी बार इसे स्थगित करना पड़ा। नोटबंदी से लोगों को हो रही समस्या पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव लाया गया। इसके पहले सत्र में शामिल होने विधायक अमित जोगी, सियाराम कौशिक और आरके राय बैलगाड़ी से विधानसभा पहुंचे। इस दौरान रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक लिया, जिस पर जोगी ने कहा कि हम छत्तीसगढ़ की पारंपरिक गाड़ी से जा रहे हैं, रोकना गलत है। उन्होंने कहा कि सरकार शेर देखने में व्यस्त है और हम यहां बैल दिखाने आए हैं। सियाराम ने कहा कि मैं कांग्रेस का विधायक हूं, लेकिन किसानों की दर्द बयां  करने के लिए बैलगाड़ी से आया हूं।

तीनों विधायक धान खरीदी में सरकार द्वारा वादा न निभाए जाने का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम किसी भी सवारी से आएं, सरकार को इसमें एतराज क्यों है। किसान की बैलगाड़ी छत्तीसगढ़ की पहचान है, इसे रोकना प्रदेश का अपमान है। उन्होंने कहा बैलगाड़ी असली छत्तीसगढ़ और सफारी नकली छत्तीसगढ़ है।

तीनों विधायक बैलगाड़ी से विधानसभा के अंदर जाने पर अड़े रहे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें घेर रखा। बैलगाड़ी में ही बैठकर तीनों विधयकों ने अध्यक्ष को 'विशेषाधिकार हनन' पर कार्यवाही बाबत पत्र लिखा। उन्होंने बैलगाड़ी से विधानसभा के अंदर आना कोई गुनाह नहीं। कोई नियम नहीं तोड़ा, फिर भी क्यों रोका। बैलगाड़ी को विधानसभा के प्रांगण तक में न आने देना, प्रदेश के 70 लाख किसानों का अपमान है।

सात दिवसीय सत्र

सात दिवसीय इस सत्र के पहले दिन कांग्रेस की ओर से मनरेगा के लंबित भुगतान और प्रदेश में कुपोषित बच्चों की संख्या में वृद्धि को लेकर ध्यानकर्षण प्रस्ताव लाया जा सकता है। विधानसभा में प्रदेश में महिलाओं के उत्पीड़न के मामले पर भी चर्चा हो सकती है।

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विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने बताया कि पक्ष-विपक्ष के सदस्यों की ओर से 830 सवाल लगाए गए हैं। इनमें 446 तारांकित व 384 अतारांकित शामिल हैं। सत्र के पहले दिन पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और पर्यटन के सवालों का जवाब दिया जाना कार्यसूची में शामिल है। 16 नवंबर को दूसरा अनुपूरक बजट पेश किया जाना प्रस्तावित है।

शीतसत्र में पांच संशोधन विधेयक भी पेश किए जा सकते हैं,इनमें छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण संशोधन विधेयक, लोक आयोग संशोधन विधेयक, सहकारी समिति संशोधन विधेयक, गौसेवा आयोग संशोधन विधेयक व विनियोग विधेयक शामिल हैं। शीत सत्र के लिए ध्यानाकर्षण की 74, शून्यकाल की एक व नियम 139 के तहत तीन सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। अशासकीय संकल्प की 11 सूचनाएं मिली हैं।

धान खरीदी केंद्रों के आपरेटरों को चेतावनी

 

बलौदाबाजार /भाटापारा : धान खरीदी केंन्द्रों के आॅपरेटर तत्काल काम शुरू करें नही तो नौकरी से निकाल दिए जाएंगे । यह कड़ा फरमान शासन  ने आज जारी करते हुए कहा है कि किसानों के साथ किसी भी तरह का अहित बर्दाश्त  नही किया जाएगा । जिला कलेक्टरों को भी खरीदी केन्द्रों में तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए गए है ताकि पहले ही दिन से व्यवस्था बनी रह सके । 
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कल 15 नवंबर से शुरू  होने जा रही है। सरकार ने खरीदी की सारी  व्यवस्था पूरी कर ली है लेकिन उपार्जन केन्द्रों में काम करने वाले आॅपरेटर अपनी विभिन्न मांगों को पूरा किए जाने की मांग को लेकर काम नही करने की घोषणा के साथ हड़ताल पर है। प्रदेष शासन  ने अपने स्तर पर हर प्रयास करने के बाद यह पाया कि हड़ताल से धान खरीदी की व्यवस्था गड़बड़ा सकती है। यदि इसे बनाया रखना है तो कड़े फैसले लेने होगें । इसलिए आज इस पर फैसला ले ही लिया गया । फैसला के अनुसार यदि उर्पाजन केद्र के आॅपरेटर तत्काल काम पर नही आए तो उन्हे नौकरी से निकाल दिया जाएगा । कलेक्टरों को निर्देष दिया जाकर अपने-अपने जिलो के उपार्जन केन्द्रों में तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित  करने के कड़े निर्देश भी साथ-साथ जारी हुए है। निर्देष में कहा गया है कि पहले ही दिन से खरीदी की व्यवस्था चुस्त रहें इसकी कड़ी निगरानी करें ताकि किसानों को किसी भी किस्म की दिक्कत न हों । 

दो हजार आॅपरेटर हड़ताल पर
सहकारी समितियों ने इस वक्त प्रदेष भर में दो हजार आॅपरेटर काम कर है। 15 नवबंर से शुरू  हो रही समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के लिए 1885 उपार्जन केन्द्र बनाए गए है। जहां इन्हें काम करना है लेकिन वेतन वृद्धि और नियमितिकरण की मांग को लेकर आॅपरेटर हड़ताल पर है। 

किसानों के साथ किसी भी तरह का अहित बर्दाश्त  नही किया जाएगा इसलिए आॅपरेटर तत्काल काम शुरू करें नही तो  नौकरी से निकाल दिए जाएगें । कलेक्टरों को वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देष दिए जा चुके है। 
-ऋचा शर्मा ,सचिव,खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति,रायपुर छ.ग.

नाबालिग से छेड़खानी

रायगढ़ :थाना चक्रधरनगर अन्तर्गत ग्रीन सिटी कॉलोनी में रहने वाली 16 वर्षीय बालिका ने कालोनी के शेख अली खान के विरूद्ध छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़ित बालिका के परिजनों ने बताया कि इस वर्ष बालिका कक्षा 10वीं में पढ़ रही है। बालिका को पिछले 7- 8 माह से शेख अली स्कूल आते जाते समय छेड़खानी कर कमेंटस करता था । जिसकी शिकायत पूर्व में नहीं करने पर युवक का हौसला बढ़ गया तथा युवक बालिका का घर से स्कूल तक पीछा करने लगा। जिससे 12 नवम्बर को बालिका अपने परिजनों के साथ थाना आकर लिखित आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराये जाने पर आरोपी युवक के विरूद्ध धारा 354 (घ) भादंवि दर्ज कर विवेचना में लिया गया ।  पुलिस ने पीड़ित बालिका के परिजनों आश्वासन  देते हुए कहा कि  युवक पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी।