छत्तीसगढ़

बीजापुर जिले में हो रही लगातार बारिश,पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने बाढ़ पीड़ित परिवारों को बांटी राहत सामग्री

बीजापुर:-जिले में लगातार बारिश के चलते नदी नाले उफान पर है, वंही भारी बारिश के चलते अंदरूनी क्षेत्रो में बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए हैं। बाढ़ से प्रभाभित हुए ग्रामीणों को मदद पहुंचाने के कार्य मे पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा लगातार प्रयास में है। बाढ़ के पहले दिन से ही जिले के बाढ़ प्रभाभित क्षेत्र कोमला, तुमला, झाडीगुट्टा, मिनगाचल, मद्देड, भोपालपटनम का दौरा कर रहे है। ग्रामीणों का हाल चाल जानने के साथ जरूरत का समान भी वितरण कर रहे हैं।

कल बीजापुर के भैरमगढ़ विकासखंड के छोटे पोटेनार,जैगुर में बाढ़ से प्रभावित लोगों के मौजूद होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा ने भैरमगढ़ विकासखंड के छोटे पोटेनार में 92 परिवार व जैगुर में 100 तथा कोमपल्ली में 5 परिवारों को राहत सामग्री बांटी। महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों को शर्ट, पेंट, फ्रॉक, शाल, कम्बल, साड़ी और मच्छरदानी का वितरण किया। वहीं चेरपाल कोटेर में भी कम्बल साड़ी का वितरण किया गया। छोटे पोटेनार में मूड़ा राम मण्डल अध्यक्ष कुटरू ,लालूराम पोडियामी, जितेंद्र लेकाम, सुदराम पोयम,आयतु माड़वी, बुधराम कवासी, चिन्नाराम तेलम, जैगुर में गुट्टाराम मण्डल अध्यक्ष भैरमगढ़, हरीश निषाद, बलदेव उरसा, चैतराम लेकाम उपस्थित रहे।

पति की दिर्घायु के लिए नगर भटगांव की महिलाओं ने रखा तीजा व्रत

मदन खांडेकर

भटगांव:-नगर भटगांव सहित आसपास के ग्रामीण अंचल मे तीजा पर्व को लेकर एक अलग ही उत्साह उमंग देखने को मिला। जहां इस बार कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अधिकांश महिलायें अपने अपने ससुराल मे रहकर बिना मयाके जाये भी बड़े उत्साह उमंग के साथ हरितालिका तीज का पर्व मनाया गया। वही शुक्रवार को सुबह से ही महिलाऐं सोलह श्रृंगार कर अपने अपने घरों मे ही विशेष पूजा अर्चना किये व अक्षय सुहाग के लिए निर्जला व्रत रखकर पति की लंबी आयु की कामना की, जहां तीज पर्व के एक दिन पहले यानि गुरूवार रात्रि को अपने अपने घर परिवार एवं रिश्तेदार के यहां करू भात खाकर तीजा का व्रत प्रारंभ किया। साथ ही शुक्रवार को पूरे दिन रात निर्जला उपवास रखकर भगवान शंकर व माता पार्वती एवं भगवान गणेश की पूजा अर्चना कर अपने पति की दीर्घायु होने की कामना किये और साथ ही मान्यताओं के अनुसार साल मे चार तीज आता है लेकिन उन सभी तीजो मे हरितालिका तीज का सबसे अधिक महत्व है इस व्रत को करने वाली सुहागिनों को अखंड सौभाग्य का फल मिलता है व कुवारियों युवतियों को मनचाहा वर की प्राप्ति होती है। वही ग्रामीण अंचल मे तीजा पर्व को लेकर भारी उत्साह और उमंग देखने को मिला तो वही ससुराल से मायके पहुंची कुछ बेटियों को परिवार व घर के लोगो द्वारा उपहार भी भेट किया गया जहां तीजा को लेकर महिलाओं मे खासा उत्साह देखने को मिला और तीज के पर्व पर महिलाऐं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखते है और फिर अगले दिन भगवान शिव व माता पार्वती विवाह की कथा श्रवण एवं विधि-विधान से पूजा अर्चना किया गया। जहां पूरे तीज पर्व के दौरान नगर भटगांव के हर घरों मे छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का भरमार था और सभी महिलाऐं जो है अपने अपने घरों मे ठेठरी, खुरमी, आईसा, पप्ची, बड़ा भजिया सहित विभिन्न प्रकार की फरहार रुपी व्यंजन बनाते है और तीज के अगले दिन फरहार करते है और अपना तीजा का व्रत तोड़ते है।

शराबबंदी का वादा करने वाले छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन के बाद तेजी से बढ़ी शराब की डिमांड

कोरोना के बाद लगे लॉकडाउन को जब केंद्र सरकार ने 2 महीने बाद हटाया था तभी भी रायपुर अल्कोहल कंजम्पशन के मामले में नंबर वन था

रायपुर. 2019 में छत्तीसगढ़ विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ के 35 फीसदी से अधिक लोग शराब पीते हैं, जो इस मामले में देश के दूसरे राज्यों से अव्वल है. उन आंकड़ों में बताया गया कि शराब पीने के मामले में दूसरे नंबर पर त्रिपुरा और तीसरे नंबर पर पंजाब के लोग हैं. प्रति व्यक्ति खपत के आधार पर देखें तो शराब के मामले में छत्तीसगढ़ आबादी में अपने से चार गुना बड़े महाराष्ट्र से भी दोगुनी ज्यादा कमाई कर रहा है. इस बार भी ऐसा ही कुछ है. कोरोना महामारी के दौर में एक बार फिर राज्य में शराब की जबर्दस्त खपत हो रही है और पूरे राज्य में रायपुर शराब के मामले में नंबर वन है. हालांकि, छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू करने के का ऐलान किया था, जिसके आसार दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहे हैं. ऐसे में एक बार फिर विपक्ष ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर हमले तेज कर दिए हैं.

2018 में किया था वादा

साल 2018 में राज्य की 68 सीटें जीतने से पहले ही कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में पू्र्ण शराबबंदी का वादा किया था. जबकि कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन के बाद छत्तीसगढ़ सरकार केरल के बाद शराब के ठेके खोलने वाला दूसरा राज्य था. यहां तक तक राज्य में ऑनलाइन डिलिवरी भी शुरू की गई थी. ऐसे में विपक्ष ने छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार पर यू-टर्न का आरोप लगाया है.

क्या कहती है PRS रिपोर्ट

दिसंबर 2019 में छपी PRS India की State of State Finances: 2019-20 रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ सरकार का 22 प्रतिशत रेवेन्यू सिर्फ एक्साइज ड्यूटी से ही आता है. कोरोना के बाद लगे लॉकडाउन को जब केंद्र सरकार ने 2 महीने बाद हटाया था तभी भी रायपुर अल्कोहल कंजम्पशन के मामले में नंबर वन था. उस समय राज्य की सरकार ने शराब पर 10 प्रतिशत कोरोना सेस भी लगाया था. हालांकि कोविड-19 के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस बात को दोहरा चुके हैं कि यह कठिन समय है और इस तरह राज्य में इस तरह से रेवेन्यू नहीं जुटाया गया तो कर्मचारियों की तनख्वाह देना भी मुश्किल हो जाएगा.

पंजाब में हुई थीं 120 लोगों की मौत

इसी महीने अगस्त में पंजाब में भी जहरीली शराब की एक दिह दहला देने वाली घटना हुई थी. पंजाब में जहरीली शराब पीने से करीब 120 लोगों की जान चली गई थी. इस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर को विपक्ष के हमलों का सामना करना पड़ा था. हालांकि, पंजाब के मुख्यमंत्री ने पहले ही इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं. इसके लिए SIT भी बनाई गई है, जो पूरे मामले की जांच कर रही है. पंजाब की इस घटना को आधार बनाकर, छत्तीसगढ़ में फिर से शराबबंदी की मांग उठने लगी है.

रायपुर:-गणेश चतुर्थी पर कोरोना का साया, न होगी सजावट, न ही बंटेगा प्रसाद

रायपुर: कोरोना संक्रमण के बीच गणेश चतुर्थी का पर्व आज मनाया जाएगा. लेकिन इस बार गणेश चतुर्थी का उल्लास फीका रहेगा. कोरोना के चलते इस बार राजधानी रायपुर में गणेश पंडालों की सजावट नहीं की जाएगी और न ही प्रसाद का वितरण किया जाएगा. इस संबंध में जिला प्रशासन ने आदेश भी जारी कर दिया है.

आदेश के मुताबिक कोविड-19 के चलते इस बार शोभयात्रा भी नहीं निकाली जाएगी. हालांकी 4X4 की मूर्ति 5000 वर्गफीट के पंडाल में लगाने की अनुमति होगी. इससे अधिक की मूर्ति लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. आदेश के अनुसार पंडाल में 4 सीसीटीवी भी लगाने अनिवार्य होंगे. इसके अलावा अगर पंडाल में जाकर कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होता है, तो उसके इलाज के लिए समिति को पैसा देना होगा. साथ ही पंडाल में आने वालों का नाम, पता, मोबाइल नंबर आदि भी दर्ज करना होगा.

वहीं, मूर्ति विसर्जन के दौरान साउंड, डीजे पर रोक रहेगी. साथ ही इस दौरान सिर्फ एक ही वाहन की अनुमति होगी।

नारा लगाने से काम नहीं चलेगा गौ माता की सेवा के लिए हम सबको कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी, मानवीय भूल के कारण गौ माता को कष्ट ना हो -राजेश्री महन्त

रायपुर:-गौ माता की जय, धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो" इस तरह के नारा लगाने मात्र से गौ माता का कभी कल्याण नहीं होगा उनकी स्थिति पूरे भारतवर्ष में कितनी दयनीय है यह हम सब से छिपा नहीं है उनकी वास्तविक स्थिति में सुधार लाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी यह बातें श्री दूधाधारी मठ पीठाधीश्वर राजेश्री डाँ. महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने राजनांदगांव जिले में गौशाला के निरीक्षण के दौरान व्यक्त की वे कुछ समय के लिए जिला कांग्रेस कमेटी के भवन में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित हुए उन्होंने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि करोना महामारी के संक्रामक काल में भी हम अपना काम कर रहे हैं बीमारी अपनी जगह है हमारा उद्देश्य अपनी जगह। हम गौ माता की सेवा निरंतर करते रहेंगे चाहे इसके लिए हमें कितनी ही कठिनाइयों का सामना करना क्यों ना पड़े। उन्होंने कहा कि आज से 1 माह पूर्व 21 जुलाई को हमने गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया था आज 21 अगस्त को राजनांदगांव जिले के गौशाला के निरीक्षण के साथ हमले कुल 11 जिलों में गौशालाओं का निरीक्षण कर लिया इसी तरह से संपूर्ण छत्तीसगढ़ में संचालित गौशाला की देखभाल और निरीक्षण हम करेंगे। लंपिस्किन की बीमारी छत्तीसगढ़ के अनेक जिलों में संक्रामक रूप धारण कर चुका है यहां भी उसके कुछ लक्षण दिखाई दे रहे हैं उन्होंने कहा कि श्री महन्त लक्ष्मीनारायण दास जी महाराज का राजनांदगांव जिले से काफी आत्मीयता पूर्वक लगाव था यह संबंध हमारा निरंतर बना रहेगा। स्वतंत्रता संग्राम के समय इस क्षेत्र के सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जैतूसाव मठ और श्री दूधाधारी मठ में रहकर स्वतंत्रता संग्राम के आंदोलन की रूपरेखा तय किया करते थे उस परंपरा को आप सभी ने याद किया इसके लिए आप सबके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करता हूं और विश्वास दिलाता हूं कि आप सबके साथ हमेशा सुख दुख में निरंतर सम्मिलित होता रहूंगा हमारा परंपरागत संबंध उत्तरोत्तर आगे बढ़ेगा। यह जानकर काफी प्रसन्नता हुई यहां के कांग्रेस के कार्यकर्ता गण सड़क में पड़े हुए गौ माताओं के शव को उठाकर दफन- कफन का काम करते हैं यह अत्यधिक पुण्य का कार्य है इससे समाज को प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम में धनेश पटिला, पूर्व महापौर सुदेश देशमुख,सुरेन्द्र दास वैष्णव जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष पदम कोठारी,शहर अध्यक्ष कुलबीर छाबड़ा,अमित चंद्रवंशी,कमलजीत सिंह,प्रणव दास वैष्णव जी,योगेंद्र दास वैष्णव, रीषि शास्त्री,प्रीति वैष्णव ,गिरीश वैष्णव, गौ सेवा आयोग से डॉक्टर एम पी पासी जी, एम एल साहू, रामतीरथ दास जी, मीडिया प्रभारी निर्मल दास जी सहित पुलिस प्रशासन तथा विभागीय कर्मचारी गण उपस्थित थे।राजनादगांव के पिंजरापोल गौशाला, बंजारी गौशाला पिंजरापोल(बरगाही) ग्राम उपरवाह, ग्राम दुमरडीह श गोपाल गोवर्धन गौशाला अमलिडीह कला, तथा ग्राम कुलीकसा में गौशाला का निरिक्षण किया।

कोरोना वारियर्स हुए संक्रमित, 5 डॉक्टर सहित 16 स्टाफ की रिपोर्ट आई पॉजिटिव

दुर्ग:-प्रदेश में कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी है। शुक्रवार को चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल के 5 डॉक्टर सहित 16 स्टाफ की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। इस बात की जानकारी जिला जनसंपर्क अधिकारी सौरव शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल हॉस्पिटल नेहरू नगर के 5 डॉक्टर सहित 16 स्टाफ पॉजिटिव पाए गए हैं। चंदूलाल चंद्राकर कोविड-19 के प्रभारी डॉ.अनिल शुक्ला ने बताया कि प्राप्त रिपोर्ट में 16 मरीज चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल हॉस्पिटल नेहरू नगर से हैं। इसमें 5 डॉक्टर भी शामिल है।

बाढ़ में फंसे बीमारों को एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर निकाला

बीजापुर:-भोपालपटनम तहसील के कोमटपल्ली गांव में शुक्रवार को बाढ़ में फंसे 5 बीमार लोगों को एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर निकाला। बीमार लोगों में लकवाग्रस्त 1 बुजुर्ग महिला, 2 बुजुर्ग पुरुष और 2 छोटी बच्चियां शामिल थीं। सभी को बेहतर इलाज के लिए एम्बुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय रिफर किया गया। बता दें कि भोपालपटनम एसडीओपी अभिषेक सिंह के नेतृत्व में एसडीआरएफ की टीम गांव पहुंची थी। अभिषेक सिंह ने बताया कि जिले में मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया और गांव टापू बन गए है। उन्होंने कहा कि बोट के सहारे बीमार लोगों को गांव से बाहर निकाला गया। जिला प्रशासन मुस्तैदी से राहत कार्य में लगा है और सूचना मिलने पर बाढ़ में फंसे लोगों को निकाला जा रहा है।

शिवरीनारायण में लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी स्वास्थ्य मंत्री नही दे रहे इस ओर ध्यान...पढ़े ये विशेष रिपोर्ट

आशीष कश्यप शिवरीनारायण (विशेष खबर)

जांजगीर चाम्पा जिले के शिवरीनारायण नगर लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से जूझ रही हैं। इसके बाद भी आजतक इस ओर किसी का ध्यान नही गया। यहां के जनप्रतिनिधि महज वोट मांगने तक ही जनता से वास्ता रखते हैं वहीं अधिकारी मंदिर दर्शन के अतिरिक्त यहाँ आकर और कोई काम नही करते है ऐसा कहना है शिवरीनारायण के नगरवासियों का हैं |

गौरतलब है कि शिवरीनारायण के आसपास के 50 गांवों का केंद्र बिंदु होने के बाउजूद यहाँ रोजाना बड़ी संख्या में आसपास के लोग अपने व परिजनों के इलाज के लिए पहुँचते हैं। लेकिन यहां स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम से सिर्फ एक मात्र सिविल डिस्पेंसरी संचालित है। जिसमे एक सरकारी डॉक्टर अपने कुछ कर्मचारियों के साथ लोगो को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया लंबे समय से करा रही हैं। अक्सर देखा जाता हैं कि यदि दुर्घटना में घायल कोई मरीज इलाज के लिए हॉस्पिटल पहुँचता हैं तो उसे अन्यत्र रिफर करने के आलावा कोई रास्ता नही होता।समय पर इलाज नही मिलने से बहुतों की जान तक भी चली जाती हैं। क्योंकि शिवरीनारायण में कोई दुर्घटना होती हैं तो घायलों को पामगढ़, जांजगीर या फिर बिलासपुर के हॉस्पिटल में रिफर कर दिया जाता हैं। नगर के हॉस्पिटल से इन जगहों की दूरी 20 से 60 किलोमीटर हैं। गम्भीर रूप से घायल मरीजो को इतनी दूरी तय करने के दौरान जान पर बन आती हैं। समय पर इलाज नही मिलने से दुर्घटना में घायल व्यक्ति काल के गाल में समा जाते है।

नगर में मुख्यमंत्री से लेकर विभिन्न विभागों के मंत्रियों का आनाजाना लगा रहता हैं। हर बार नगर के जनप्रतिनिधि,समाजसेवी, युवा वर्ग,जिम्मेदार नागरिकों द्वारा नगर में आये मुख्यमंत्री, मंत्रीगण तक नगर में व्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से अवगत कराया जाता हैं। लेकिन नगर की स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने का आश्वासन देकर जिम्मेदार मंत्री अधिकारी चलते बनते है। इन जिम्मेदार लोगों के जाने के बाद नगर की स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए दिया गया आवेदन रद्दी की टोकरी में चला जाता हैं। हर बार नगर के लोग इसी आस में सरकार के नुमाइंदों को अपना मांग पत्र सौपते हैं, की नगर में स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी हो जाये लेकिन हर बार लोगो को निराशा ही हाथ लगती हैं। बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण लोगो को अन्यत्र इलाज कराने मजबूर होना पड़ता हैं। सरकारी हॉस्पिटल में न तो ठीक से इलाज मिल पाता हैं और न ही दवाई की व्यवस्था रहती हैं। सरकारी हॉस्पिटल में असुविधा को देखते हुए लोग निजी डॉक्टरों से इलाज कराने विवश हैं। निजी डॉक्टर भी इलाज कराने आये लोगो की मजबूरियों का जम कर फायदा उठाते हैं। सरकारी हॉस्पिटल में सुविधाएं नही होने के कारण गरीब तबके के लोग निजी डॉक्टरों के क्लीनिक में लूटने को मजबूर है। नगर में ब्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का सबसे बड़ा कारण जिम्मेदार विभाग का ध्यान नही देना है। हर बार आश्वासन देकर नेता मंत्री चलते बनते है। नगर के सिविल डिस्पेंसरी में आजतक स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ोतरी के लिए कुछ भी नही किया गया है। नगर व आसपास के लोग शासन प्रशासन की उदासीनता के कारण स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से रोजाना अपने किसी न किसी को खोने को मजबूर है। लोग इलाज के अभाव में अपने परिजनों को खो रहे है और प्रशासनिक अमला मुख दर्शक बने हुए है।

सिविल डिस्पेंसरी हॉस्पिटल में नही है पर्याप्त स्टॉप

नगर में स्वास्थ्य सुविधाओं की पूर्ति के लिए जिस सिविल डिस्पेंसरी हॉस्पिटल संचालन नगर में हो रहा है उस हॉस्पिटल में स्टॉप की कमी है। एक डॉक्टर और कुछ नर्स नगर के लोगो को जैसे तैसे स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा रहे है। नगर के हॉस्पिटल में न तो एम्बुलेंस है और न ही स्टॉप, लेबर रूम, बॉउंड्रीवाल का निर्माण नही होने से हॉस्पिटल की भूमि पर लोगो ने अतिक्रमण भी कर लिया है। हर बार शासन प्रशासन से इस ओर ध्यान देने की बात की जाती है लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

यदि शिवरीनारायण थाना अंतर्गत आने वाले शहर हो या गांव में किसी की दुर्घटना,फाँसी,जहर खुरानी,करंट से मौत, या अन्य कारणों से मौत हो जाने पर शव का पोस्टमार्टम करने का नियम होता है। नगर में पोस्टमार्टम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोस्टमार्टम के लिए नियुक्ति तो कराया गया है लेकिन उसके द्वारा शव का विच्छेदन करने के एवज में 2 से 3 हजार की राशि की मांग मृतक के परिजनों से की जाती है। मृतक के परिजन किसी न किसी तरह पोस्टमार्टम करने वाले के द्वारा मांगी गई राशि की व्यवस्था करते है। क्योंकि वह जानते है कि राशि की व्यवस्था नही कर पाए तो पोस्टमार्टम नही हो पाएगा और शव पड़ा रहेगा।पोस्टमार्टम कराने के लिए इतनी बड़ी राशि खर्च करने को लोग मजबूर होते रहते है। यदि मृतक के परिवार वाले राशि की व्यवस्था नही कर पाते तो उन्हें पोस्टमार्टम करने वाले द्वारा पैसे के लिए दबाव बनाया जाता है। यह घटना रोजना देखने को मिल ही जाती है। शव पोस्टमार्टम के लिए गरीब परिवार आखिर कब तक लूटते रहेंगे अधिकारी भी नही बता पा रहे है।

बीजापुर जिले में राहत शिविरों में 761 बाढ़ प्रभावितों को दी जा रही हैं सुविधाएं

बीजापुर:-जिले में अनवरत बारिश के कारण बाढ़ आपदा से बचाव एवं राहत के लिए जिला प्रशासन द्वारा समय पूर्व व्यवस्था करने के साथ ही पूरी सतर्कता बरतने के फलस्वरुप बाढ़ आपदा के बचाव सहित राहत कार्य के लिए समुचित पहल की गयी। इसके साथ ही मैदानी अधिकारी-कर्मचारियों को बाढ़ की स्थिति पर सतत् निगरानी रखे जाने सहित सूचना मिलने पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये गये थे। इससे जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को रेस्क्यू करने और उन्हे राहत शिविरों में ठहरने तथा अन्य सुविधाएं मुहैया करायी गई। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक एवं उपाध्यक्ष बस्तर विकास प्राधिकरण विक्रम मण्डावी और कमिश्नर बस्तर संभाग अमृत कुमार खलखो ने जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेकर प्रभावितों से रूबरू होकर उन्हे उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं सुविधाओं की जानकारी ली। वहीं अधिकारियों को बचाव एवं राहत सम्बन्धी आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चिन्हित स्थानों पर स्कूल, आश्रम-छात्रावासों सहित आवासीय विद्यालयों में राहत शिविर स्थापित किये गये थे।

इन राहत शिविरों में ठहरने वाले बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए खाद्य सामग्री, लकड़ी, ईमरजेंसी लाइट, जनरेटर, केरोसीन, कम्बल और अन्य व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। इस दिशा में अब तक जिले के 10 राहत शिविरों में 761 बाढ़ प्रभावित लोगों को ठहराने के साथ ही उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है। इस दौरान कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक कमलोचन कश्यप द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार सघन भ्रमण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लेकर बचाव एवं राहत कार्यों के लिए मैदानी अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं बाढ़ आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क, पुल-पुलिया और विद्युत लाइन का मरम्मत कर आवागमन एवं विद्युत आपूर्ति बहाल किये जाने कहा। इसके साथ ही जिले में बाढ़ आपदा से जनहानि, पशुधन हानि, फसल, मकान क्षति आदि का आंकलन कर प्रभावितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराये जाने के निर्देश के परिपालन में प्रकरण तैयार कर सम्बन्धित लोगों को सहायता प्रदान करने आवश्यक पहल की जा रही है।

बीजापुर जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कोई न रहे भूखा, राशन पहुंचाने जिला पंचायत ने दुकान संचालकों से कहा

बीजापुर:-जिले में हो रही बारिश के चलते जनजीवन अस्तव्यस्त चुका है। इसी बीच ग्राम पंचायत कडेनार के आश्रित ग्राम चेरकँटी में बाढ़ में फंसे लोगों का हाल जानने के लिए बीजापुर जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुडियम प्रशासनिक अमले के साथ नदी के तट पर पहुंचे। बाढ़ में फंस चुके ग्रामीणों को रेस्क्यू दल ने बाहर निकाला और खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई। साथ ही पामलवाया में स्थित पेद्दाकोरमा,कडेनार क्षेत्र की सोसाइटी का जायजा लिया। जल्द से जल्द ग्रामीणों को राशन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।

प्रभारी मंत्री टी एस सिंह देव ने शा.आयुर्वेद औषधालय पवनी के कर्मचारी अनूप गुप्ता को किया सम्मान

मदन खांडेकर

बिलाईगढ़:-बीते दिनों शासकीय आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ बंजारे का किया सम्मान, साथ ही बलौदाबाजार जिले के प्रभारी मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शासकीय आयुर्वेद औषधालय पवनी कर्मचारी अनूप गुप्ता का सम्मान किया। प्रभारी मन्त्री ने समारोह के मुख्य मंच से जिला प्रशासन की ओर से प्रशस्ति पत्र से सम्मानित करते हुये कर्मचारी गुप्ता को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उल्लेखनीय है कि डॉ गुप्ता ने जिला प्रशासन के नेतृत्व में लड़ी जा रही कोरोना की जंग में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। उन्होंने विशेषकर आयुर्वेद काढ़ा के जरिये बिलाईगढ़ क्षेत्र के लोगों की रोग प्रतिरोधक बढ़ाने और इस संबंध में जनजागरूकता लाने अभियान छेड़ा हुआ है।

कर्मचारी अनुप गुप्ता द्वारा क्वारंटाइन सेंटर में मजदूरों को पिलाया गया काढ़ा

बीते दिनों बलौदाबाजार जिला आयुर्वेद अधिकारी के निर्देशन में शासकीय आयुर्वेद औषधालय पवनी के कर्मचारी अनुप गुप्ता द्वारा क्वारंटाइन सेंटर में मजदूरों को पिलाया गया था काढ़ा ,जिसमे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पवनी और लुकापारा में रुके श्रमिको को त्रिकुड़ काढ़ा और आयुष 64 टैबलेट वितरण किया गया।

इस कार्यक्रम में कोरोना संकट को लेकर चर्चा करते हुए उन्होंने कोरंटाइन सेंटर में रहने वाले सभी लोगों को आर्सेनिक अल्वा, जिंक और विटामिन सी की टैबलेट देने के साथ-साथ काढ़ा देने का निर्देश दिया है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने भी तुलसी, दालचीनी, सूखा अदरख व काली मिर्च के मिक्चर को पानी में उबालकर पीने की सलाह दी है।

वही शासकीय आयुर्वेद औषधालय जिला के कई वरिष्ठ डॉक्टरों ने सम्मान नही मिलने पर खेद व्यक्त करते हुए आरोप लगा दिया है।

आत्मसम्मान को ठेस पहुचे पर ऐसा सम्मान नही चाहिए कर्मचारी गुप्ता

वही शासकीय आयुर्वेद औषधालय पवनी के कर्मचारी अनुप गुप्ता ने उसके ऊपर शिकायत करने वालो को कहा है कि मुझे जातिगत दुर्भावना से ये शिकायकत किया गया है में अपना सम्मान वापस करना चाहता हु मेरे आत्मसम्मान को ठेस पहुचे है ऐसा सम्मान मुझे नही चाहिए। लेकिन शासकीय आयुर्वेद औषधालय पवनी के कर्मचारी अनुप गुप्ता द्वारा बिलाईगढ़ क्षेत्र में अपना विशेष योगदान दिया जाता रहा है चाहे योग शिविर के क्षेत्र में या लोगो काढा पिलाने में कर क्षेत्र में गुप्ता जी योगदान सहरानीय हैं।

बलौदाबाजार जिले में कोरोना के फिर 9 नये मरीज़ों की पहचान

मदन खांडेकर

गिधौरी/बलौदाबाजार-भाटापारा:-जिले में आज फिर कोरोना के 9 नये मरीज़ों की पहचान की गई है। वहीं इलाज़ के बाद ठीक होने पर 12 मरीज़ों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज मिले प्रकरणों में बलौदाबाजार के गाड़ाडीह सतनामी पारा में 1 प्रकरण, खपराडीह बलौदा बाजार में 1 प्रकरण, बलौदाबाजार शहर के वार्ड पांच में 2 प्रकरण और रवान के वार्ड नम्बर 14 में 1 प्रकरण तथा भाटापारा के बजरंग वार्ड में 1 प्रकरण की पहचान की गई है। कसडोल में मिले 3 प्रकरणों में एक तातिपाली गेट के पास कसडोल, दूसरा संतोषी मन्दिर के पास कसडोल और तीसरा ब्लॉक कॉलोनी के पास कसडोल शामिल हैं। इन्हें मिलाकर जिले में कोरोना से संक्रमित मरीज़ों की संख्या 591 तक पहुंच गई है। इनमें से 484 मरीज़ों का इलाज हो चुका है। शेष 107 मरीज़ों का इलाज चल रहा है।संक्रमित लोगों में से दो की मौत हुई है।

विस अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने प्रदेशवासियों को दी श्रीगणेश चतुर्थी की बधाई, कोरोना से सावधानी रखने की अपील की

रायपुर:-भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के पर्व पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने प्रदेशवासियों को सुख-शांति और समृद्धि के लिये बधाई शुभकामनाएं दी है। डॉ चरणदास महंत ने कहा कि, गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। भगवान गणेश जी को बुद्धि, विवेक, धन-धान्य, रिद्धि-सिद्धि का कारक माना जाता है।

उन्होने कहा कि सच्चे मन और विधि पूर्वक भगवान गणेश जी की पूजा करने से जीवन में सुख शांति और समृद्धि आती है। कोई भी शुभ कार्य बिना गणेश जी के पूरा नहीं हो सकता है। इसीलिए सर्वप्रथम भगवान गणेश जी की पूजा और स्तुति की जाती है। गणेश जी को प्रथम देव माना गया है।

डॉ महंत ने कहा कि, गणेश चतुर्थी राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक संकल्प को स्मरण करने का पुण्य दिवस है। गणेशोत्सव के दौरान कोरोना के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए इससे बचाव एवं सावधानी रखने एवं शासन की गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन करने की प्रदेश वासियों से अपील की है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी विज्ञापन में उप्र के किसान को छत्तीसगढ़ का बताकर लगा दी फोटो : सरोज पाण्डेय

रायपुर:-भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री व संसद सदस्य (राज्यसभा) डॉ. सरोज पांडेय ने प्रदेश सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अंबिकापुर में हजारों किसानों के प्रदर्शन के बाद भी वहाँ के किसानों को यूरिया खाद की आपूर्ति की कोई व्यवस्था नहीं बन पाई है और किसान अब भी खाद के लिए परेशान हो रहे हैं। यूरिया खाद की किल्लत के चलते प्रदेश के अमूमन सभी जिलों में यही स्थिति बनी हुई है। प्रदेश सरकार ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना और गौ-धन न्याय योजना के अपने सरकारी विज्ञापन में उत्तरप्रदेश के किसान को छत्तीसगढ़ का किसान बताकर उसकी फोटो लगा दी। जाहिर है, यह काम प्रदेश की भूपेश सरकार ही कर सकती है। छत्तीसगढ़ के एक भी किसान को इस प्रदेश सरकार ने इस लायक छोड़ा ही नहीं है कि उसका प्रफुल्लित चेहरा फोटो में आ सके।

उक्त विज्ञापन में दिख रही किसान की फोटो भाजपा शासित राज्य उत्तरप्रदेश में लखनऊ के चिनहट निवासी किसान हरनाम सिंह की है जो इंडिया टुडे के पत्रकार आशीष मिश्रा के साथ मनीष अग्निहोत्री ने खींची थी। अब इससे ज्यादा शर्मनाक उदाहरण इस प्रदेश सरकार के झूठ-फरेब की राजनीति का क्या हो सकता है? पांडेय ने कहा कि सरगुजा के किसान अब भी खाद की अनुपलब्धता के चलते परेशान हो रहे हैं और खाद की दुकानों में किसानों की लंबी कतारें इस बात की तस्दीक कर रही हैं कि प्रदेश सरकार अब भी किसानों की तकलीफ महसूस नहीं कर रही है और हाथ-पर-हाथ धरे बैठी है। परेशान किसानों ने क्षेत्र के दौरे पर जा रहे मंत्री अमरजीत भगत को घेरकर अपनी समस्या के निराकरण की मांग की। किसानों के आक्रोश के आगे विवश मंत्री भगत ने जिलाधीश को दूरभाष पर खाद की आपूर्ति को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। लेकिन जमीनी सच अब भी यही है कि किसान खाद के लिए दर-दर भटकने को विवश हो रहे हैं। जिस छत्तीसगढ़ में भाजपा शासन के 15 वर्षों में किसानों को अपनी जरूरतों के लिए सड़क पर नहीं उतरना पड़ा, उस छत्तीसगढ़ के किसान कोरोना काल में भी अगर अपनी खेती-किसानी को बचाने के लिए अपनी जिंदगी दाँव पर लगाकर सड़क पर उतरने के लिए विवश हो गए हैं तो यह प्रदेश की कांग्रेस सरकार के निकम्मेपन का सबसे बड़ा शर्मनाक उदाहरण है।

थाना गिधौरी द्वारा नाबालिग लड़की को शादी की प्रलोभन देकर अनाचार करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

मदन खांडेकर

गिधौरी /टुण्डरा:-थाना गिधौरी अपराध क्रमांक 22 अप्रैल 20 धारा 363 भा. द. वि. के अज्ञात आरोपी के विरोध 27/01/20 को प्रार्थी ग्राम सेमरा निवासी द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराया था कि दिनांक 26/01/ 2020 को अज्ञात आरोपी द्वारा इसकी नाबालिक लड़की को बहला-फुसलाकर भगा कर ले गए हैं की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय बलौदा बाजार श्रीमान इंदिरा कल्याण एलेसेला के निर्देशानुसार श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदया बलौदा बाजार श्रीमती निवेदिता पाल , श्रीमान एसडीओपी बिलाईगढ़ श्री संजय तिवारी महोदय के कुशल मार्गनिर्देर्शन में थाना प्रभारी ओपी त्रिपाठी द्वारा थाना स्तर पर टीम गठित कर अज्ञात आरोपी एवं नाबालिक लड़की की लगातार सायबर सेल बलौदाबाजार सहयोग से पता तलाश किया जा रहा था मुखबिर से सूचना मिला की ग्राम लोहारसी बोटारी उर्फ सुरेश चौहान द्वारा भगाकर अपने गांव लोहारसी से लखनऊ उत्तर प्रदेश ले गया था जो लॉक डाउन होने से अपने घर ग्राम लोहारसी में आकर छिपे हुए हैं की सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा कर वरिष्ठ दिशा निर्देशानुसार आरोपी के सकुनत पर दबिश देकर आरोपी के कब्जे से नाबालिक लड़की को बरामद किया गया है आरोपी का कृत्य धारा 366 376 भा द वि 4, 6 पास्को एक्ट का अपराध घटित कर ना पाए जाने से आरोपी बोटारी उर्फ सुरेश चौहान पिता दशाराम चौहान उम्र 19 साल ग्राम लोहरसी थाना शिवरीनारायण जिला जांजगीर चांपा को दिनांक 20/08/20 को गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल रिमांड पर भेजा गया है। सम्पूर्ण कार्यवाही थाना प्रभारी ओ.पी. त्रिपाठी, प्रआर 175 दिलीप टोप्पो आर. 654 कार्तिकेश्वर कश्यप ,आर 351 चन्द्रेश कश्यप, आर 781 प्रफुल्ल काँत रात्रे, मआर 447 रीना बघेल का विशेष योगदान रहा।