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राजकोट टैस्ट, IND vs ENG, तीसरा दिन: पुजारा-विजय के शतकों से भारत का करारा जवाब

राजकोट टैस्ट में तीसरे दिन के खेल का आकर्षण पुजारा (124) और विजय (126) के शतक रहे।

चेतेश्वर पुजारा ने अपने घरेलू शहर में आकर्षक शतक जमाया जबकि मुरली विजय ने आक्रमण और रक्षण से भरी शतकीय पारी खेली जिससे भारत ने पहले टेस्ट क्रिकेट मैच के तीसरे दिन शुक्रवार (11 नवंबर) को यहां आखिरी क्षणों में चार गेंद के अंदर दो विकेट गंवाने के बावजूद इंग्लैंड की पहली पारी के विशाल स्कोर का करारा जवाब दिया। भारत ने इंग्लैंड के 537 रन के जवाब में तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक चार विकेट पर 319 रन बनाए हैं। तीसरे दिन के खेल का आकर्षण पुजारा (124) और विजय (126) के शतक रहे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 209 रन जोड़कर इंग्लैंड को सुबह दूसरे ओवर में गौतम गंभीर (29) के रूप में मिली सफलता का फायदा नहीं उठाने दिया। भारत अभी इंग्लैंड से 218 रन पीछे है। पुजारा ने तीसरे सत्र में आउट होने से पहले अपनी पारी में 206 गेंदें खेली तथा 17 चौके लगाए जबकि विजय दिन का खेल समाप्त होने से कुछ देर पहले पवेलियन लौटे। उनकी 301 गेंद की पारी में नौ चौके और चार छक्के शामिल हैं।
इंग्लैंड ने दूसरे और तीसरे सत्र में अनुशासित और कसी हुई गेंदबाजी का अच्छा नजारा पेश किया और उसने दिन के आखिरी पलों में वापसी की अच्छी कोशिश की। भारत ने चार गेंद के अंदर विजय के अलावा रात्रि प्रहरी अमित मिश्रा (शून्य) का भी विकेट गंवाया। पुजारा के आउट होने के बाद क्रीज पर उतरे कप्तान विराट कोहली को शुरू में रन बनाने के लिए जूझना पड़ा। स्टंप उखड़ने के समय वह 26 रन पर खेल रहे थे। भारत में पहली बार उपयोग में लायी जा रही निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) के कारण जीवनदान पाने वाले पुजारा ने चाय के तुरंत बाद दूसरी नई गेंद से किए गए पहले ओवर में ही क्रिस वोक्स पर एक रन लेकर टेस्ट मैचों में नौवां और इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा शतक पूरा किया। स्टेडियम में पुजारा के नाम की गूंज थी और शतक पूरा होते ही दर्शक झूमने लगे जिनमें पुजारा के पिता और पत्नी भी शामिल थे।
तीसरे सत्र के पहले ओवर में इंग्लैंड के रेफरल से बचने वाले विजय पर भी इससे जोश चढ़ा। उन्होंने मोइन अली पर अपनी पारी का तीसरा छक्का लगाया और फिर स्टुअर्ट ब्रॉड (54 रन देकर एक विकेट) पर लगातार दो चौके जड़कर अपना सातवां टेस्ट शतक पूरा किया। विजय का यह लगातार 16 पारियों के बाद पहला और इंग्लैंड के खिलाफ दूसरा शतक है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड का इस श्रृंखला में निर्णय समीक्षा प्रणाली का उपयोग करने का पहला फायदा पुजारा को मिला। वह जब 86 रन पर थे तब जफर अंसारी (57 रन देकर एक विकेट) की गेंद पर अंपायर क्रिस गैफेनी ने उन्हें पगबाधा आउट दे दिया था। उन्होंने विजय के साथ मशविरा करने के बाद रेफरल लिया और ‘बॉल ट्रैकर’ से पता चला कि गेंद विकेट के ऊपर से निकल रही थी। पुजारा के अलावा विजय का भी भाग्य ने साथ दिया। वह जब 66 रन पर थे तब ब्रॉड की गेंद पर कवर पर खड़े हसीब हमीद उनका कैच नहीं ले पाए थे। इसके बाद तीसरे सत्र के पहले ओवर में जब वह 86 रन पर थे तब इंग्लैंड ने मोईन अली की गेंद पर उनके खिलाफ रेफरल लिया था। पुजारा की तुलना में विजय धीमा खेले लेकिन उन्होंने मौका मिलने पर कुछ लंबे शॉट भी लगाए। पहले सत्र में जब मोईन की जगह बाएं हाथ के स्पिनर जफर अंसारी ने गेंद सभाली तो विजय ने लॉन्ग ऑन पर छक्का जड़कर उनका स्वागत किया। उन्होंने अंसारी और मोईन दोनों पर दो-दो छक्के लगाए।
यह साझेदारी आखिर में बेन स्टोक्स (39 रन देकर एक विकेट) ने तोड़ी जिन्हें इससे पहले पुजारा ने अपने खास निशाने पर रखा था। स्टोक्स बाद में इसका बदला चुकता करने में सफल रहे। एलिस्टेयर कुक ने नई गेंद से ब्राड और वोक्स के अलावा स्पिनरों को आजमाने के बाद स्टोक्स को गेंद सौंपी। उनकी पहली गेंद ही शॉर्ट पिच थी जिसे पुजारा ने स्लिप में खड़े कुक की तरफ खेल दिया जिन्होंने कैच लेने में गलती नहीं की। विजय इसके बाद लगभग 17 ओवर तक कोहली के साथ क्रीज पर रहे लेकिन इस बीच इन दोनों ने केवल 41 रन जोड़े। दिन का खेल समाप्त होने से ठीक पहले उनकी एकाग्रता भंग हुई। आदिल राशिद की गुगली उनके बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर सीधे शॉर्ट लेग पर खड़े हसीब अहमद के पास गयी। अगले ओवर में अंसारी ने मिश्रा को भी शॉर्ट लेग पर कैच कराया।
सुबह गंभीर का विकेट दूसरे ओवर में ही गंवाने के बाद पुजारा और गंभीर ने पहले सत्र में 94 और दूसरे सत्र में 68 रन जोड़े। दोनों ने ही पूरे आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। भारत ने सुबह बिना किसी नुकसान के 63 रन से आगे खेलना शुरू किया था। विजय और गंभीर ने कल शाम अच्छी बल्लेबाजी की और अर्धशतकीय साझेदारी निभायी थी। गंभीर हालांकि शुक्रवार (11 नवंबर) को अपने गुरुवार (10 नवंबर) के स्कोर में केवल एक रन जोड़कर दिन की सातवीं गेंद पर पवेलियन लौट गए। लगभग दो साल तक बाहर रहने के बाद वापसी करने वाले बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने स्टुअर्ट ब्रॉड की शुक्रवार (11 नवंबर) की पहली फुललेंथ गेंद को लेग साइड में मोड़ना चाहा लेकिन गेंद उनके बल्ले पर नहीं आयी और पगबाधा की जोरदार अपील पर अंपायर की उंगली उठ गयी। तब भारत का स्कोर 68 रन था। विजय और नए बल्लेबाज पुजारा ने इसके बाद इंग्लैंड के भारत में तीसरे सबसे बड़े स्कोर का करारा जवाब देने का बीड़ा बखूबी उठाया। सौराष्ट्र की तरफ से रणजी ट्रॉफी में इसी मैदान पर तिहरा शतक जड़ने वाले पुजारा पहली गेंद से ही आत्मविश्वास से भरे हुए दिख रहे थे। उन्होंने ब्रॉड पर बेहतरीन टाइमिंग से खूबसूरत चौका लगाया। इसके बाद उन्होंने रन बनाने की मुख्य जिम्मेदारी तथा अपने ड्राइव, कट और पुल का शानदार नजारा पेश किया।

इंग्लैंड पहली पारी : 537 रन

भारत पहली पारी:
मुरली विजय का हमीद बो राशिद 126
गौतम गंभीर पगबाधा बो ब्राड 29
चेतेश्वर पुजारा का कुक बो स्टोक्स 124
विराट कोहली नाबाद 26
अमित मिश्रा का हमीद बो अंसारी 00

अतिरिक्त 14
कुल : 108.3 ओवर में, चार विकेट : 319
विकेट पतन : 1-68, 2-277, 3-318, 4-319

गेंदबाजी
ब्रॉड 20-7-54-1
वोक्स 23-5-39-0
मोईन 22-6–70-0
अंसारी 17.3-1-57-1
राशिद 16-1-47-1
स्टोक्स 10-1-39-1

नोट बदलवाने बैंक पहुंचे राहुल गांधी तो टि्वटर पर उड़ा मजाक-नरेंद्र मोदी ने आपको रोड पर ला दिया

राहुल गांधी 4000 रुपए लेकर बैंक में अपने पुराने नोट बदलवाने पहुंच गए। वहां पर जाकर वे लगी लंबी कतार में जाकर खड़े हो गए।

कांग्रेस उपाध्यक्ष गुरुवार को अपने 4000 रुपए के पुराने नोट बदलवाने के लिए बैंक पहुंचे। बैंक जाकर वे नोट बदलवाने पहुंचे लोगों की कतार में जाकर खड़े हो गए। इस दौरान उन्होंने 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने के फैसले को लेकर पीएम मोदी पर निशाना सादा। राहुल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘मैं यहां अपने 4000 रुपए के पुराने नोट बदलने आया हूं। यहां पर लगी लंबी लाइन को अंदर कर दिया गया। मैं लाइन में खड़ा होना चाहता हूं। ना मीडिया को और ना ही पीएम मोदी को समझ में आएगा कि लोगों को कितनी दिक्कत हो रही है। मेरे लोगों को दर्द हो रहा है। मैं उनके दर्द के लिए यहां लाइन में खड़ा हूं।’ इसके बाद राहुल गांधी का टि्वटर सहित अन्य सोशल मीडिया साइट पर मजाक उड़ाए जाने लगा।

टि्वटर पर एक धर्मेंद्र ओझा ने लिखा है, ‘यह वही श्री नरेन्द्र मोदी जी है जिनको आपकी माता जी पानी-पी पी कर गाली देती थी,आज आपको रोड़ पर लगे ATM तक ला कर खड़ा कर दिया।’ वहीं अंकित तिवारी ने लिखा है, ‘पप्‍पु को लाइन पसंद है..पीएम बनने , कांग्रेस अध्‍यक्ष, अच्‍छा बेटा, कांग्रेसियों का नेता बनने की और भी बहुत सी लाइनों में है।’ इस यूजर ने लिखा है कि राहुल गांधी को सड़क पर लाकर खड़ा दिया, इससे अच्छे दिन कौन ला सकता है।

बिना ID प्रूफ के बदलवा सकेंगे पुराने नोट, 2000 रुपए के नोट सिर्फ बैंक से मिलेंगे, ATM से नहीं: SBI चीफ

अरुंधती भट्टाचार्य ने कहा, “दूसरे दिनों के मुकाबले गुरुवार को 20 फीसदी ज्यादा काम देखने को मिला है। ग्राहकों की सुविधा के लिए बैंकों को इस शनिवार और रविवार को भी खोला जाएगा।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की चेयरपर्सन अरुंधती भट्टाचार्य ने गुरुवार को बताया कि 2000 रुपए के नोट सिर्फ बैंक में उपलब्ध होंगे, एटीएम में नहीं। इसके अलावा उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि एसबीआई की ब्रांच में पैसे डालने या एक्सचेंज कराने के लिए आईडी कार्ड की फोटोकॉपी की भी जरूरत नहीं होगी। कालेधन के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने 8 नवंबर की मध्यरात्री से ही 500 रुपए और 1000 रुपए के नोट को बंद करने का एलान किया था। जिसके बाद एक दिन के लिए सभी बैंकों और दो दिन के लिए एटीएम को बंद रखा गया था। गुरुवार से सभी बैंक और कुछ एटीएम खुले थे, वहीं शुक्रवार से सभी एटीएम भी खुल गए हैं।
गुरुवार को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसबीआई चेयरपर्सन अरुंधती भट्टाचार्य ने कहा, “दूसरे दिनों के मुकाबले गुरुवार को 20 फीसदी ज्यादा काम देखने को मिला है। ग्राहकों की सुविधा के लिए बैंकों को इस शनिवार और रविवार को भी खोला जाएगा।” उन्होंने कहा कि विदेश में रह रहे भारतीय अगर पैसा जमा कराना या बदलना चाहते हैं तो उसके लिए खुद ही ब्रांच आना अनिवार्य नहीं है। हालांकि इसके लिए उन्हें अथॉरिटी लैटर के साथ किसी और को भेजना होगा।

रुंधती भट्टाचार्या ने यह भी बताया कि पूरे देश में बैंक की 7000 से ज्यादा कैश डिपॉजिट मशीने काम करने लगेंगी, जिनकी मदद से बैंक की ब्रांच में जाए बिना लोग पैसे जमा कर पाएंगे। अरुंधती भट्टाचार्या ने यह भी जानकारी दी कि बारह हजार से ज्यादा लेन-देन साढ़े तीन बजे तक दर्ज किए गए।

मनोहर पर्रिकर ने परमाणु नीति पर दिया बयान,हुआ बवाल, विपक्षी बोले- अबतक का सबसे गैरजिम्मेदाराना बयान

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के परमाणु बम पर दिए गए एक बयान ने विवाद पैदा कर दिया।

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के परमाणु बम पर दिए गए एक बयान ने विवाद पैदा कर दिया। मोनहर पर्रिकर ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘पहले प्रयोग नहीं (नो फर्स्ट यूज) की नीति’ के बजाय भारत यह क्यों नहीं कह सकता कि हम एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति हैं और गैरजिम्मेदार तरीके से इसका प्रयोग नहीं करेंगे।’ लेकिन इसके तुरंत बाद पर्रिकर बोले, ‘यह मेरा निजी विचार हैं। वर्ना कुछ कल यह खबर चला देंगे कि पर्रिकर ने न्यूक्लियर सिद्धांत में बदलाव कर दिए हैं। सरकार द्वारा कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह मेरे निजी विचार हैं।’ इसके अलावा रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी साफ किया कि नीति में कोई पर्रिवर्तन नहीं किया गया है। गौरतलब है कि 2014 में लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने वादा किया था कि वह भारत के न्यूक्लियर सिद्धांत पर चर्चा करके उसे नए तरीके से तैयार करेगी। लेकिन ना ही किसी चर्चा का अबतक जिक्र हुआ और ना ही कोई बदलाव ही हुए।

नो फर्स्ट यूज (NFU) न्यूक्लियर यूज के लिए भारत द्वारा अपनाई गई एक पॉलिसी है। इसके मुताबिक, भारत तब तक सामने वाले पर परमाणु हमला नहीं करेगा जबतक उसकी (दुश्मन) तरफ से ऐसा कोई हमला नहीं हो जाए। पहले यह ही पॉलिसी केमिकल और बायोलॉजिकल हथियारों पर लागू थी। पाकिस्तान ने ऐसी कोई पॉलिसी नहीं बना रखी है। 2003 में रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिज ने इस पॉलिसी में किसी भी तरीके के बदलाव होने की बात को खारिज कर दिया था। लेकिन 2011 में बीजेपी नेता जसवंत सिंह ने कहा था कि भारत को NFU का परित्याग कर देना चाहिए।

नरेंद्र मोदी को ट्रेन से 530 किमी की यात्रा कराएंगे जापान के प्रधानमंत्री, तीन घंटे अकेले रहेंगे दोनों नेता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दूसरे आधिकारिक दौरे पर जापान पहुंचे हैं।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिन के जापान दौरे पर हैं। शुक्रवार यानी आज पीएम मोदी जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से तोक्यो में मुलाकात करेंगे। दोनों अकेले में बातचीत करने के लिए जापान की हाई स्पीड ट्रेन शिंकंसेन में बैठकर तोक्यो से कोबे तक जाएंगे। एक अधिकारी ने बताया कि वह दूरी कुल 530 किलोमीटर है। इंडियन एक्सप्रेस को जानकारी मिली है कि सफर में आराम से द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। यह सफर कुल तीन घंटे का होगा। जापानी अधिकारियों ने बताया कि शिंजो ने ही इस यात्रा के बारे में जिक्र किया था। गौरतलब है कि जब शिंजो आबे भारत आए थे तो वह और मोदी एयरक्राफ्ट से वाराणसी गए थे। यह मुलाकात 2015 के दिसंबर में हुई थी। जापानी अधिकारी ने बताया कि मुलाकात का मकसद कोबे में कावासाकी के बड़े कारखाने दिखाना है। वहीं पर हाई स्पीड ट्रेनों को बनाया जाता है। पीएम मोदी की हाई स्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट में दिलचस्पी है। इसको ध्यान में रखकर यह किया जा रहा है। अधिकारी ने चीन की ‘धमकी’ का भी जिक्र किया। अधिकारियों ने कहा कि यह मुलाकात दोनों देशों के आपसी संबंध को लेकर है किसी तीसरे देश या फिर साउथ एशिया सी के मुद्दे पर इसमें कोई बात नहीं होगी।

इससे पहले पीएम मोदी के तोक्यो पहुंचने पर जापान में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में दिवंगत नरेश भूमिबोल अदुल्यदेज को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए थोड़ी देर रूकने के बाद मोदी तोक्यो पहुंचे थे। जापान पहुंचने पर उन्होंने भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ अपने होटल की लॉबी में बातचीत की था। मोदी के कार्यालय ने ट्वीट भी किया था, ‘‘भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री के तोक्यो पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।’’ट्वीट में भारतीय समुदाय के साथ मोदी की मुलाकात वाली तस्वीर भी पोस्ट की गई है।

मोदी अपने दूसरे आधिकारिक दौरे पर जापान पहुंचे हैं। पीएम मोदी जापान के नरेश आकिहितो के साथ भी बातचीत करेंगे। जापान के कुछ विपक्षी नेताओं से भी मिलने का उनका कार्यक्रम है।

कश्मीर: पुलिस कार्रवाई में पांच महीने में 9000 लोग घायल, इनमें 1200 बच्चे

8 जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी को मार गिराए जाने के बाद घाटी में भड़की हिंसा में घायल हुए 9010 लोगों में 1248 ऐसे बच्चे हैं जिनकी उम्र 15 साल से भी कम है।

जम्मू-कश्मीर सरकार ने कुछ आंकड़े जारी किए हैं, जिनके मुताबिक 8 जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी को मार गिराए जाने के बाद घाटी में भड़की हिंसा में घायल हुए 9010 लोगों में 1248 ऐसे बच्चे हैं जिनकी उम्र 15 साल से भी कम है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग को घाटी के विभिन्न अस्पतालों से मिले डेटा के मुताबिक 2 नवंबर तक अस्पताल में भर्ती घायल लोगों की कुल संख्या 9010 है। इनमें से 6205 पेलेट गन से जख्मी हुए, 365 गोली से जख्मी हुए, वहीं 2436 लोग “अन्य चोटों” से घायल हुए हैं। हालांकि “अन्य चोटों” से क्या तात्पर्य था यह साफ नहीं किया गया, लेकिन एक अधिकारी ने हमारे सहयोगी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि ये लोग पुलिस और सिक्योरिटी फोर्स की पिटाई में घायल हुए हैं।
सूची में यह भी साफ नहीं किया गया कि आंख में पेलेट गन लगने से कितने लोग घायल हुए हैं, हालांकि आधिकारिक सूत्र ने बताया कि श्रीनगर के तीन प्रमुख हॉस्पिटल में ऐसे 1300 घायल लोग मिले, जिनकी आंख में पेलेट गन लगी थी। सूत्रों ने बताया कि इनमें से अधिकतर युवा हैं और पेलेट गन से कुछ पूरी तरह अंधे हो गए हैं और कुछ की एक आंख की रोशनी चली गई है। आंकड़ों के मुताबिक, घायलों में 12 साल से कम उम्र के 243 बच्चे हैं और 12-15 साल की उम्र के 1005 बच्चे हैं।

डेटा में बताया गया कि घायल होने वाले बच्ची की संख्या सबसे कम सेंट्रल कश्मीर में रही, वहीं सबसे ज्यादा लोग पुलवामा इलाके में घायल हुए। यहां 1571 लोग सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं। अन्य जिलों की बात करें तो अनंतनाग में 1417 लोग, कुल्गाम में 1391 लोग, शोपियां में 1002 लोग, बारामुला में 1287 लोग, बंदीपोर में 756 लोग, कुप्वाड़ा में 989 लोग घायल हुए।
आपकों बता दें कि हिजबुल मुजाहिद्दीन कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद घाटी में लगातार अशांति बनी हुई है। इन चार महीनों में कश्मीर में जमकर हिंसा हुई। कश्मीर में हिसा के दौरान उग्र भीड़ को काबू में लाने के लिए पैलेट गन का भी इस्तेमाल किया गया। पैलेट गन के इस्तेमाल से कई लोगों की आखों में चोटें आईं, जिस वजह से इसके इस्तेमाल को लेकर काफी विवाद भी हुआ।

बैंककर्मी आये सकते में ,बिना लाइन लगे ही जमा किये पैसे ,व्यवस्था होते तक बक्शीश के रुपए भी नहीं लेंगे

 

इंदौर :  500 और 1000 के नोट पर प्रतिबंध लगने के साथ ही देशभर से अलग अलग प्रतिक्रिया मिल रही है.वहीं,नए नए रंग भी देखने को मिल रहे है..इंदौर में भी गुरुवार को नोट बदलने और जमा करने के लिए किन्नरों की बड़ी भीड़ देखी गई.नंदलापुरा आईडीबीआई बैंक की ब्रांच पर बड़ी संख्या में किन्नर रुपए जमा करने के लिए पहुंचे चुकी बैंक शाखाओं पर पहले ही लोगों की खासी भीड़ लगी हुई है साथ ही इतनी बड़ी संख्या में किन्नरों को देख बैंककर्मी भी सकते में आ गए हालाकि,बैंक कर्मियों ने भी इन्हें अलग से सुविधा दी  किन्नरों ने बिना लाइन लगे ही नोट जमा कर दिए किन्नरों ने प्रधानमंत्री मोदी के फैसले का स्वागत् किया है साथ ही इंदौर की किन्नर पंचायत ने फैसला लिया है कि वो जब तक व्यवस्था संभल नहीं जाती बधाई में नेक नहीं लेंगे.वो बधाई देने जरुर जाएंगे लेकिन बक्शीस  के रुपए नहीं लेंगे क्योंकि लोगो के पास पहले ही रुपयों की कमी है.

आर्थिक राजधानी व मालवांचल में भी किसान मायूस

 

 

इंदौर : 500 और 1000 के नोट बंद होने से पुरे देश में अफरातफरी का माहौल है, इंदौर भी इससे अछूता नहीं हैं। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी व मालवांचल इंदौर में  कहने के लिए गुरुवार से अनाज मंडियां खुल चुकी है लेकिन अनाज मंडियों में सन्नाटा पसरा हुआ है क्योंकि व्यापारियों के पास ज्यादातर नकदी  500 और 1000 के नोट में है.वहीं,किसानों को नगदी चाहिए वो भी 100 के नोट में.साथ ही किसानों को आरटीजीएस और चैक समझ नहीं आता.क्योंकि किसी को शादी करनी है तो किसी तो नई फसल के लिए खाद खरीदना है। लिहाजा,इंतजार जारी है। 
 
 
 
देपालपुर का किसान केवलराम  इंदौर की लक्ष्मी बाई अनाज मंडी में तीन दिनों से सोयाबीन को बेचने के लिए व्यापारियों की बॉट जोह रहा है..व्यापारी भी खरीदारी  के लिए तैयार हैलेकिन,शर्त बस वही खरीदारी  500 और 1000 के नोट में की जाएगी.इधर किसान  असमंजस में है कि 500 और 1000 नोट ले लिए तो उसे खर्च कैसे करेगा।इस वजह से मंडियों में सन्नाटा पसरा हुआ है जबकि गुरुवार से मंडिया खुल चुकी है।लेकिन ना तो मंडी में किसान आए और ना ही व्यापारी.हालाकि,किसानों को आरटीजीएस,डिमॉड ड्राफ्ट और चैक के जरिए भूगतान करने की व्यवस्था गई है.लेकिन किसान इन सब तकनीकी पेचिदगियों को नहीं समझता है उसे नगद रुपए चाहिए क्योंकि किसी किसान के घर में शादी हैतो किसी को नई फसल की तैयारी के लिए खाद खरीदना है.ऐसे में उसके लिए इंतजार करना मजबुरी हो गया है.
 इधर व्यापारियों की अपनी परेशानी है  ज्यादातर व्यापारी नगदी में ही अनाज खरीदतें है.किसान चैक से रुपए लेने के लिए तैयार नहीं.वहीं,उनके पास ज्यादातर नगदी 500 और 1000 के नोट में है.ऐसे में उनका भी नुकसान हो रहा है.इस बार पैदावार को देखते हुए किसानों को उम्मीद थी कि पिछले कई सालों में हुए नुकसान की भरपाई हो जाएगी लेकिन उन्हें क्या पता था कि केन्द्र सरकार का एक फैसला उनके लिए इतनी बड़ी परेशानी का सबब बन जायेगा। 

पैसे जमा कराने बैंक पहुंची थी महिला, नोटों के बंद होने की खबर सुनकर सदमे से हो गई मौत

पैसे जमा कराने बैंक पहुंची थी महिला, नोटों के बंद होने की खबर सुनकर सदमे से हो गई मौत

1000 और 500 रुपये के नोटों के बंद किए जाने की खबर सुनकर गोरखपुर में एक महिल की सदमे से मौत हो गई।
केंद्र सरकार ने बीते मंगलवार आधीरात से 1000 और 500 रुपये के नोटों को गैरकानूनी घोषित करते हुए उन पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह खबर जैसे ही गोरखपुर की एक महिला को पता चली तो उसकी सदमे से मौत हो गई। हिन्दुस्तान टाइम्ल की एक खबर के मुताबिक 40 साल की तीर्थराजी, खुशीनगर जिले के कप्तानगंज इलाके में अपने बैंक में पैसे जमा कराने पहुंची थी। बैंक बंद मिलने पर उसे पता चला कि सरकार ने 1000 और 500 रुपये के नोट बंद कर दिए हैं। खबर के मुताबिक महिला ने पैसे बचाकर कुल 2000 रुपये इकट्ठा किए थे। महिला के पास 2000 रुपये के छुट्टे पैसे थे जिन्हें वह पहले कभी बैंक से बदलकर 1000 और 500 के नोट लाई थी लेकिन जब वह उन पैसों को बैंक में जमा कराने पहुंची तो नोटों के बैन होने की खबर का सदमा झेल नहीं पाई।

घटना के बाद खुशीनगर के डीएम शम्भू कुमार ने जानकारी दी कि रेवेन्यू विभाग के अफसरों से महिला के घर पर जाने को कहा है। उनके मुताबिक महिला की मृत्यु अगर सदमे से हुई है तो जरूरी कार्रवाई की जाएगी। तीर्थराजी की मृत्यु होने के बाद उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। तस्वीर में महिला के शव के पास कुछ नोट और बैंक अकाउंट की पासबुक पड़ी हुई नजर आ रही है। सरकार के इस फैसले से आम लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरकार ने 11 नवंबर तक इन नोटों को अस्पतालों और पेट्रोल पम्पों पर चलाने के आदेश दिए हैं लेकिन यह संस्थाएं इस नियम को लागू करती हुई नहीं नजर आ रहीं जिसकी वजह से लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही है।

आज से बैंकों, डाकघरों में बदले जाएंगे नोट, कल तक इन जगहों पर चला भी सकते हैं 1000-500 के नोट

बैंक और पोस्ट ऑफिस में नए नोट गुरुवार से मिलने शुरू हो जाएंगे। इसके अलावा घोषणा की गई है कि इस हफ्ते शनिवार और रविवार के दिन भी बैंक खुलेंगे।

बाजार में 500 और 1000 रुपए के नोटों का चलन बंद करने के बाद सरकार ने बुधवार को कहा कि बैंक और पोस्ट ऑफिस में नए नोट आज (गुरुवार) से मिलने शुरू हो जाएंगे। इसके अलावा घोषणा की गई है कि इस हफ्ते शनिवार और रविवार के दिन भी बैंक खुलेंगे। इसके साथ ही सरकार ने कुछ और सार्वजनिक सुविधा केंद्रों पर पुराने नोटों के प्रयोग को जारी रखने की छूट दी है। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि प्रचलन से बाहर किए गए पुराने नोटों की जगह नए नोटों की पूरी भरपाई करने में दो से तीन हफ्तों का समय लग जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह काम कल (गुरुवार) सुबह से शुरू हो जाएगा।

बैंकों ने बढ़ाए काम के घंटे:
बैंकों से कहा गया है कि वे शनिवार और रविवार पूरे दिन अपनी शाखाएं खुली रखें ताकि लोगों को पुराने नोट जमा कराने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े। इसके अलावा कई बैंकों ने ग्राहकों की भारी भीड़ की आशंका के मद्देनजर बैंक अगले तीन दिनों तक रात 9 बजे तक काम करने का फैसला किया है। बैंक कर्मियों को अगले एक महीने के लिए अतिरिक्त अवकाश नहीं लेने की भी सलाह दी गई है। इस दौरान सरकार ने 22 अरब करेंसी नोटों के धारकों को इन्हें बैंक खातों में जमा करने को कहा है।

फिलहाल इन जगहों पर चला सकते नोट:
अब 11 नवंबर की मध्यरात्रि तक मेट्रो रेल, राजमार्गों पर टोल के भुगतान, डॉक्टरों के पर्चों पर सरकारी और निजी दवा की दुकानों से दवाओं की खरीद, रेलवे कैटरिंग, पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के नियंत्रण में चलने वाले स्मारकों के टिकट और एलपीजी गैस सिलेंडर बुकिंग केंद्रों पर भी पुराने नोटों को स्वीकार किया जाएगा। सरकार ने इससे पहले सरकारी अस्पतालों, रेलवे टिकट खिड़कियों, सार्वजनिक परिवहन, हवाईअड्डों पर टिकट काउंटर, दूध केंद्रों, श्मशान एवं कब्रिस्तान और पेट्रोल पंपों पर पाबंदी शुरू होने से 72 घंटे तक पुराने नोटों को स्वीकार किए जाने की अनुमति दी थी.

500-1000 रुपए: बैंकों ने भीड़ संभालने को बढ़ाए काम के घंटे, एटीएम पर नहीं लगेगा कोई शुल्क

ग्राहकों की भारी भीड़ की आशंका के मद्देनजर बैंक इस शनिवार और रविवार को खुले रहेंगे और बैंककर्मी अगले तीन दिनों तक रात 9 बजे तक काम करेंगे।


500 रुपए और 1000 रुपए के नोटों के बंद होने के बाद नकदी जमा करने या निकासी के लिए ग्राहकों की भारी भीड़ की आशंका के मद्देनजर बैंक इस शनिवार और रविवार को खुले रहेंगे और बैंककर्मी अगले तीन दिनों तक रात 9 बजे तक काम करेंगे। बैंकों ने बैंकिंग घंटे बढ़ाने, एटीएम शुल्क समाप्त करने और ऋण सीमा बढ़ाने सहित कई उपायों की भी घोषणा की, जिससे 500 और 1000 रुपए के नोटों को लौटाने वाली भीड़ से निपटा जा सके।
बैंक कर्मियों को अगले एक महीने के लिए अतिरिक्त अवकाश नहीं लेने की भी सलाह दी गई है। इस दौरान सरकार ने 22 अरब करेंसी नोटों के धारकों को इन्हें बैंक खातों में जमा करने को कहा है। आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने ट्वीट किया कि आम जनता की सुविधा के लिए बैंक आगामी शनिवार और रविवार को खुले रहेंगे। रिजर्व बैंक ने भी एक आदेश जारी कर सभी बैंकों को रविवार समेत आगामी सप्ताहांत में अपने काउंटर कारोबार के लिए खुले रखने का निर्देश दिया। आरबीआई ने यह भी कहा कि एटीएम कल भी बंद रहेंगे।

देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने बुधवार शाम छह बजे तक काम चालू रखने की घोषणा की और कहा कि उसकी प्रत्येक शाखा में करेंसी नोटों को बदलने के लिए एक समर्पित ‘एक्सचेंज काउंटर’ होगा। आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक और सीईओ चंदा कोचर ने कहा कि बैंक की शाखाएं बृहस्पतिवार और शुक्रवार को शाम 8 बजे तक खुली रहेंगी।

नोट बदलने के लिए सरकार ने जो 50 दिन का समय दिया है। इसमे 2.5 लाख से ज्यादा के नोट को बदलने पर घोषित आय मिलाया जाएगा। घोषित आय से अगर जमा की राशि नहीं मिली तो टैक्स और 200% तक हरजाना जामा करना पड़ेगा। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने इस विषय पर बोलते हुए कहा कि ,” 10 नवंबर से 30 नवंबर तक के बीच जमा किए जाने वाले सभी पैसों की हमें रिपोर्ट्स मिलती रहेगी।

पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम बोले- नए नोट लाने पर खर्च होंगे 15 से 20 हजार करोड़ रुपए, उस अनुपात में नहीं होगा फायदा

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात 12 बजे से 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने की घोषणा की थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1000 रुपए के नोट बंद किए जाने के फैसले पर बुधवार को पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में 15 से 20 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा। साथ ही चिदंबरम ने कहा कि अगर इसके पीछे अगर सरकार की मंशा कालेधन को खत्म करने की है तो इसे हमारा समर्थन है। मीडिया को संबोधित करते हुए चिदंबरम में कहा, ‘पुराने नोटों को नए नोटों से बदलने की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी होनी चाहिए, ताकि गरीब लोगों को समस्या कम हो। 1978 में भी बड़े नोट बंद किए गए थे, लेकिन इसमें सफल नहीं रही। नए सीरिज के नोट जारी करने में 15 से 20 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इसलिए इन नोटों को बंद करने से कम से कम इतना फायदा तो होना ही चाहिए। कई सरकारों ने भी इस बारे में पहले सोचा था, लेकिन उन्होंने इसे लागू नहीं किया क्योंकि इससे फायदा कम होगा और असुविधा ज्यादा होगी।

साथ ही चिदंबरम ने कहा, ‘हमने कल इस फैसले का समर्थन किया था, लेकिन हमें देखना होगा कि मकसद हासिल हुआ है या नहीं। लोगों ने अघोषित धन कंस्ट्रक्शन और ज्वैलरी में लगा रखा रखा है, यहा नहीं पता कि लोगों के पास कैश कितना होगा। मुझे यह समझ में नहीं आ रहा है कि जब 500 और 1000 रुपए के नोट बंद किए गए हैं तो 2000 रुपए का नोट क्यों लॉन्च किया गया है।’

परिवहन मंत्री का ऐलान: 11 नवंबर तक किसी नेशनल हाईवे पर नहीं लगेगा टोल टैक्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने की घोषणा की थी।

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने बुधवार को घोषणा की है कि 11 नवंबर रात 12 बजे तक कहीं पर भी टोल टैक्स नहीं लगेगा। इसकी घोषणा नितिन गड़करी ने अपनी टि्वटर अकाउंट पर की है। गड़करी ने लिखा है, ’11 नवंबर रात 12 बजे तक सभी नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स नहीं लेने का फैसला किया गया है, ताकि ट्रैफिक जाम से निजात मिल सके।’ परिवहन मंत्रालय ने यह फैसला 500,1000 के नोट बंद होने से हो रही दिक्कतों के चलते लिया है। बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने की घोषणा की थी। इसके अलावा सरकार ने दैनिक यात्रियों को राहत देते हुए बुधवार को मेट्रो के रेलवे स्टेशनों पर पुराने 500 और 1,000 के नोटों का शनिवार तक इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी। सरकार ने मंगलवार को 500 और 1,000 के नोटों को वापस लेने की घोषणा करते हुए कहा था कि कुछ सार्वजनिक सुविधाओं में पुराने नोटों को अगले 72 घंटों तक स्वीकार किया जाएगा। इनमें सरकारी अस्पताल, सरकारी अस्पतालों की फार्मेसी, रेल टिकट काउंटर, सार्वजनिक परिवहन के टिकट काउंटर, हवाई अड्डों पर एयरलाइंस के टिकट काउंटर, मिल्क बूथ, अंत्येष्टि स्थलों, पेट्रोल पंप और गैस स्टेशन शामिल हैं। इस सूची में मेट्रो स्टेशनों का नाम शामिल नहीं था।

बुधवार सुबह मेट्रो स्टेशनों पर घोषणा की जा रही थी कि 500 और 1,000 के नोट स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसके बाद आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव शक्तिकान्त दास ने शहरी विकास मंत्रालय से बात की और इस गलती को सुधारा। उन्होंने कहा कि एक स्पष्टीकरण जारी किया गया है कि ऊंचे मूल्य के नोट मेट्रो स्टेशनों पर पहले 72 घंटों तक स्वीकार किए जाएंगे। यानी शनिवार तक यात्री 500 और हजार रुपए का नोट चला सकेंगे।

मोदी स्‍टाइल में जीते ट्रंप: नरेंद्र और डोनाल्‍ड में हैं ये 5 समानताएं

मोदी और ट्रंप, दोनों राइट विंग राजनैतिक दलों से आते हैं।

डोनाल्‍ड ट्रंप अमेरिका के अगले राष्‍ट्रपति चुने गए हैं। राजनैतिक विश्‍लेषकाें को गलत साबित कर ट्रंप ने हिलेरी क्लिंटन को हराया। उनकी यह जीत भारत में 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत से जोड़कर देखी जा रही है। एक बिजनेसमैन और रियल एस्‍टेट डेवलपर के तौर पर ट्रंप ने मोदी और उनके नेतृत्‍व को सराहा है। मोदी और ट्रंप, दोनों राइट विंग राजनैतिक दलों से आते हैं। दाेनों के बीच में कई समानताएं हैं, मसलन- नरेंद्र मोदी को जनता की नब्‍ज पकड़ने में माहिर माना जाता है। अपने विदेशी दौरों पर पीएम मोदी भीड़ को आकर्षित करने के लिए काफी कोशिश करते हैं। टोक्‍यों में ड्रम बजाने से लेकर अफ्रीका में बच्‍चे के कान खींचने से लेकर, कई मौकों पर मोदी ने औपचारिकता दरकिनार कर लोगों से सीधा संपर्क किया है। डोनाल्‍ड ट्रंप एक शौमैन हैं, उन्‍होंने व्‍हाइट हाउस के उत्‍तराधिकारी के चुनाव को पूरी तरह से बदल दिया है। उनकी प्रचार शैली पूरी तरह से नाटकीय रही है। आइए आपको बताते हैं, नरेंद्र मोदी और डोनाल्‍ड ट्रंप में और क्‍या समानताएं हैं.

डोनाल्‍ड ट्रंप अमेरिका के अगले राष्‍ट्रपति चुने गए हैं। राजनैतिक विश्‍लेषकाें को गलत साबित कर ट्रंप ने हिलेरी क्लिंटन को हराया। उनकी यह जीत भारत में 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत से जोड़कर देखी जा रही है। एक बिजनेसमैन और रियल एस्‍टेट डेवलपर के तौर पर ट्रंप ने मोदी और उनके नेतृत्‍व को सराहा है। मोदी और ट्रंप, दोनों राइट विंग राजनैतिक दलों से आते हैं। दाेनों के बीच में कई समानताएं हैं, मसलन- नरेंद्र मोदी को जनता की नब्‍ज पकड़ने में माहिर माना जाता है। अपने विदेशी दौरों पर पीएम मोदी भीड़ को आकर्षित करने के लिए काफी कोशिश करते हैं। टोक्‍यों में ड्रम बजाने से लेकर अफ्रीका में बच्‍चे के कान खींचने से लेकर, कई मौकों पर मोदी ने औपचारिकता दरकिनार कर लोगों से सीधा संपर्क किया है। डोनाल्‍ड ट्रंप एक शौमैन हैं, उन्‍होंने व्‍हाइट हाउस के उत्‍तराधिकारी के चुनाव को पूरी तरह से बदल दिया है। उनकी प्रचार शैली पूरी तरह से नाटकीय रही है। आइए आपको बताते हैं, नरेंद्र मोदी और डोनाल्‍ड ट्रंप में और क्‍या समानताएं हैं.

विकास के वादे ने किया कमाल: चुनाव प्रचार के दौरान डोनाल्‍ड ट्रंप अमेरिका के पुराने प्रभुत्‍व को वापस लाने और विकास की जोरदार वकालत करते रहे। उनके चुनाव प्रचार अभियान का नारा था- मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (अमेरिका को फिर से महान बनाओ)। ट्रंप ने 2008 के बाद बुरी तरह लड़खड़ाई अर्थव्‍यवस्‍था को दुरुस्‍त करने का वादा करते हुए नई नौकरियां सृजित करने का दावा किया। वैश्विक मंदी के दौर में अमेरिका में बड़े पैमाने पर लोगों की नौकरियां छिन रही थीं। ट्रंप ऐसे में आशा की एक किरण बनकर उभरे और अमरीकियों ने उन्‍हें अपना नेता चुनने में हिचक नहीं दिखाई। दूसरी तरफ, नरेंद्र मोदी ने 2014 में पूरा लोकसभा चुनाव ही विकास के मुद्दे को आगे कर लड़ा। प्रचार के दौरान ‘सबका साथ, सबका विकास’ जैसे नारे ने मोदी की चुनावों पर पकड़ और मजबूत कर दी। इसके अलावा भ्रष्‍टाचार के खिलाफ मोदी के मुखर होने से भी भाजपा को प्रचंड बहुमत हासिल करने में कामयाबी मिली।

अप्रत्‍याश‍ित नतीजों से चौंकाया: 2014 में जब भारत में लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार चल रहा था, तो किसी राजनैतिक विश्‍लेषक ने भाजपा की इतनी बड़ी जीत की कल्‍पना नहीं की थी। खुद भाजपा के आंतरिक सर्वेक्षणों में इतनी ज्‍यादा सीटों का अनुमान नहीं लगाया गया था, मगर जब नतीजे आए तो बीजेपी अपने स्‍थापना काल से अब तक सबसे ज्‍यादा सीटें जीतकर सरकार बनाने को तैयार थी। 2016 में डोनाल्‍ड ट्रंप के जीत का अनुमान बेहद कम सर्वेक्षणों में किया गया था, मगर जिस तरह से ट्रंप ने चुनावों में जीत हासिल की, उसने बड़े-बड़े राजनैतिक समीक्षकों को एक बार फिर गच्‍चा दे दिया।

कट्टर छवि, तुरंत एक्‍शन का वादा: नरेंद्र मोदी और डोनाल्‍ड ट्रंप, दोनों को राजनैतिक समीक्षक ‘कट्टर’ बताते रहे हैं। प्रचार के दौरान डोनाल्‍ड ट्रंप के मुस्लिमों के खिलाफ की गई नकरात्‍मक टिप्‍पणि‍यों की वजह से कई बार उनकी तुलना नरेंद्र मोदी से की गई। ट्रंप हर मुद्दे पर तुरंत एक्‍शन लेने की वकालत करते हैं, चाहे वो सीरिया में इस्‍लामिक स्‍टेट के खिलाफ जंग छेड़ने का मसला हो या फिर अमेरिका में मुुस्लिमों पर प्रतिबंध लगाने की बात करना हो। दूसरी तरफ, नरेंद्र मोदी ने कई मुद्दों पर कड़े और तत्‍काल फैसले किए हैं।

 

नोटों को बंद के फैसले को ममता ने कहा Heartless, धन वापसी को लेकर मोदी को बताया नाटकबाज

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज पांच सौ और एक हजार रूपये के नोटों को हटाने के केन्द्र के फैसले को ‘‘निर्मम एवं बिना सोच समझकर’’ किया गया फैसला बताया जिससे ‘‘वित्तीय दिक्कतें’’ होंगी।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज पांच सौ और एक हजार रूपये के नोटों को हटाने के केन्द्र के फैसले को ‘‘निर्मम एवं बिना सोच समझकर’’ किया गया फैसला बताया जिससे ‘वित्तीय दिक्कतें’ होंगी।  ममता ने इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। उन्होंने पीएम मोदी के इस फैसले को हर्टलेस करार दिया। ममता ने मोदी सरकार पर ‘‘विदेश से काला धन वापस लाने में नाकामी से ध्यान हटाने के लिए नाटक करने’’ का आरोप लगाया। उन्होंने कई ट्वीट करके कहा कि इस कठोर फैसले को वापस लिया जाए। मैं कालेधन, भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त हूं, लेकिन आम लोगों तथा छोटे कारोबारियों के बारे में गहराई से चितिंत हूं। वे कल सामान कैसे खरीदेंगे? यह वित्तीय अव्यवस्था और आपदा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अमीरों से विदेश में जमा कालाधन वसूलने का वादा नहीं पूरा कर पाए इसलिए इस नाकामी से ध्यान हटाने के लिए नाटक किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालेधन और जाली नोट पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए आठ नवंबर की आधी रात से 500 और 1000 रुपये के नोट बंद कर दिए  हैं। पीएम मोदी ने अचानक से देश को संबोधित करते हुए यह एलान किया। उन्‍होंने यह मुद्राएं कानूनी रूप से अमान्‍य होगी। 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट कागज के टुकड़े के समान रह जाएंगे। उन्‍होंने कहा कि पिछले दशकों से हम यह अनुभव कर रहे हैं कि देश में भ्रष्‍टाचार और कालाधन ने अपनी जड़ें जमा ली हैं। देश से गरीबी हटाने में भ्रष्‍टाचार और कालाधन सबसे बड़ी बाधा है। एक तरफ तो हम विश्‍व में आगे बढ़ने वाले देशों में शामिल है लेकिन दूसरी ओर भ्रष्‍टाचार के मामले में हम 76वें नंबर पर पहुंच गए हैं। यह दर्शाता है कि भ्रष्‍टाचार किस तरह फैला हुआ है। कुछ वर्ग गरीबों को नजरअंदाज कर रहे हैं। इससे वे फलते-फूलते रहे हैं। वहीं देश के करोड़ों लोगों ने ईमानदारी को जीकर दिखाया है। पीएम ने कहा कि 100, 50, 20, 10, 5, 2 और 1 रुपया जारी रहेंगे।