देश

अब किसानों, मंडी व्यापारियों और जिन घरों में शादी है उन्हें राहत किसान बैंक से हफ्ते में 25 हजार रुपए, मंडी व्यापारी 50 हजार रुपए और शादी वाले 2.5 लाख रुपए निकाल सकेंगे

केंद्र सरकार ने गुरुवार को किसानों, मंडी व्यापारियों और जिन घरों में शादी है उन्हें राहत दी है। गुरुवार को आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने घोषणा की है कि रबी के मौसम में बुवाई सुनिश्चित करने के लिए फसल लोन या किसान क्रेडिट कार्ड के एवज में किसानों को एक हफ्ते में 25,000 रुपए निकासी की अनुमति है। इसके साथ ही कृषि मंडी में व्यापारियों को एक हफ्ते में 50,000 रुपए नकदी आहरण की अनुमति दी गई है, ताकि विविध खर्चों और मजदूरी का भुगतान किया जा सके। किसानों के लिए कृषि लोन बीमा प्रीमियम भुगतान की समयसीमा 15 दिन बढ़ायी गई है। पुराने 500 और 1000 रुपए के नोटों को बदलने की मौजूदा 4500 रुपए की सीमा को शुक्रवार से घटाकर 2000 रुपए किया जाएगा। शादियों के मौजूदा मौसम में विवाह के लिए बैंक खाते से ढाई लाख रुपए तक नकदी की निकासी की जा सकती है।
दास ने बताया कि यह बढ़ी हुई निकासी उन्हें अकाउंट्स से निकाली जा सकती है, जिनके अकाउंट में पैन कार्ड जुड़ा हुआ है। शादी के लिए नकदी निकालने के लिए दुल्हे या दुल्हन के माता-पिता में से एक को बैंक जाकर शादी का कार्ड दिखाना होगा। केंद्र सरकार के कर्मचारियों को भी राहत दी गई है। ग्रुप सी तक के कर्मचारी अपनी सैलरी से 10 हजार रुपए एडवांस निकाल सकते हैं, जो कि उनकी नवंबर की सैलरी में से काट लिए जाएंगे।

नोटबंदी: 50 हजार से अधिक पैसे जमा करने के लिए PAN कार्ड जरूरी, RBI और IT की है कड़ी नजर

RBI के मुताबिक 50 हजार रुपये से ज्यादा कि रकम जमा कराने पर PAN की जानकारी देना अनिवार्य है और आयकर विभाग की भी खातों में जमा होने वाली राशि पर कड़ी नजर है।

नोटबंदी के बाद बैकों खातों में जमा होने वाले पैसों पर आरबीआई की कड़ी निगरनी है। वहीं आरबीआई ने यह साफ कर दिया है कि जिन बैंक खातों में 50 हजार रुपये से ज्यादा कि रकम जमा की जाएगी उनपर उसकी कड़ी नजर रहेगी। 31 दिसंबर तक नोट बदलने की समय सीमा है और इसी बीच आयकर विभाग की बैकों में जमा होने वाले पैसों पर कड़ी नजर रहेगी।
आरबीआई ने यह जानकारी भी दी कि 50 हजार रुपये से ज्यादा की रकम जामा कराने के लिए पैन कार्ड की जानकारी देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा सरकार ने भी बैंकों और डाक घरों को यह निर्देश भी दिए हैं कि वह बचत खातों में ढाई लाख रुपये से ज्यादा और करेंट खातों में 12 लाख रुपये से ज्यादा की राशि जमा कराने वालों के बारे में आयकर विभाग को जानकारी दें।
इसके अलावा को-ऑपरेटिव बैंकों को भी तय की गई रकम से ज्यादा की राशि जमा कराए जाने की स्थिति में आयकर विभाग को सूचित करना पड़ेगा। वित्त मंत्रालय ने भी बेंकिंग कंपनियों, को-ऑपरेटिव बैंकों और डाक घरों द्वारा दाखिल की जाने वाली सालाना इंफॉर्मेश रिटर्न रिपोर्ट के बार में नए निर्देश दिए हैं।
नए निर्देशों से पहले बैंक किसी एक खाते में साल भर में 10 लाख रुपये से ज्यादा की रकम जमा होने की ही जानकारी आयकर विभाग को दी जाती थी लेकिन अब इसमें बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा जमा की गई रकम, खाता धारक के टैक्स रिटर्न से अधिक पाई जाती है तो 200% का जुर्माना भी लगेगा।

बैंक जा रहे हैं तो जान लीजिए, पुराने नोट बदलकर 4500 ही मिलेंगे, बाकी खाते में डालिए और चेक से निकालिए

आरबीआई द्वारा नोट बदलवाने जा रहे लोगों की ऊंगली पर स्याही का निशान लगाए जाने के फैसले के बाद यह घोषणा की गई है

भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि अब पुराने नोट एक बार ही बदलवाएं जा सकते हैं। पहले था कि 4500 रुपए के पुराने नोट एक आदमी एक दिन में बदलवा सकता है। लेकिन अब एक बार पुराने नोट बदलवाए जाने के बाद, वह व्यक्ति दोबारा से पुराने नोट नहीं बदलवा सकता। इसके लिए उसे अपने पुराने नोट खाते में जमा कराने होंगे। इसके बाद आप चेक के जरिए अपने नोट निकाल सकते हैं। आरबीआई का यह फैसला नोट बदलने जा रहे लोगों की ऊंगली पर स्याही का निशान लगाने के फैसले के बाद लिया गया है। कुछ रिपोर्ट्स आई थीं कि लोग बैंक की अलग-अलग ब्रांच से जाकर नोट बदलवा रहे हैं। इसके बाद यह फैसला लेना पड़ा। आरबीआई ने सभी बैंकों को यह लागू करने का निर्देश दिए हैं। नोटबंदी को लेकर बुधवार को संसद में भी बहस देखने को मिली। संसद में विपक्षी दलों ने नोटबंदी के फैसले को लेकर केंद्रीय सरकार पर निशाना साधा।
बता दें, आम लोगों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अप्रचलित नोटों को बदलवाने वालों की ऊंगली पर अमिट स्याही लगाने तथा जन धन खातों में संदिग्ध जमाओं की निगरानी करने का फैसला किया है। सरकार ने यह कदम नोटों की अदला बदली करवाने में कई गिरोहों के सक्रिय होने की रपटों के बाद उठाया है। ऐसी रपटें हैं कि ऐसे गिरोह के सदस्य बार-बार कतारों में लगकर नोट बदलवा रहे हैं। इससे वास्तविक जरूरतमंदों को परेशानी हो रही है। देशभर में बैंक शाखाओं में बुधवार को कई स्थानों पर एक-एक किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं।
गौरतलब है कि संसद का शीतकालीन सत्र बुधवार यानी 16 नवंबर से शुरू हुआ। केंद्र सरकार द्वारा 8 नवंबर को विमुद्रीकरण के फैसले के बाद इस सत्र के हंगामेदार होने के आसार सही साबित हुए। लोकसभा को जहां पूर्व सदस्‍यों को श्रद्धांजलि दिए जाने के बाद स्‍थगित कर दिया गया, वहीं राज्‍यसभा में विपक्ष सत्‍ता पक्ष पर हमलावर रही। कांग्रेस, बसपा, सपा की तरफ से पीएम नरेंद्र मोदी को चर्चा के दौरान सदन में बुलाने की मांग उठी। कांग्रेस की ओर से आनंद शर्मा ने मोदी सरकार पर निशाना सा‍धा। उन्‍होंने कहा कि नोटबंदी के फैसले से पूरी दुनिया में संदेश गया कि भारत की अर्थव्‍यवस्‍था ‘काले धन पर चलती है।’ उन्‍होंने पूछा कि ‘किस कानून ने आपको अधिकार दिया कि हमें अपने अकाउंट से पैसे निकालने पर भी पाबंदी लगा रहे हैं?’
मायावती ने कहा कि नोटबंदी का मुद्दा संवदेशनील है इसलिए पीएम को सदन में चर्चा के वक्‍त मौजूद रहना चाहिए। इस पर नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने भी पीएम को बुलाए जाने की मांग कर दी। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आश्‍वासन दिया कि वह इस बारे में बात करेंगे।

राजनीतिक दल अपनी आय का स्रोत कब बताएंगे? 6 राष्ट्रीय दलों की 69 % आय अज्ञात स्रोतों से

पिछले साल नरेंद्र मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि आरटीआई के तहत आने से राजनीतिक दलों के कामकाज में अड़चन आएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालेधन पर अंकुश लागने के लिए 500 और 1000 के नोटों को बंद कर दिया। नोटबंदी के बाद जनता को जिस तरह के कष्ट उठाने पड़ रहे हैं उस पर पीएम मोदी समेत तमाम बीजेपी नेताओं ने कहा कि देशहित में जनता को ये कष्ट उठाना ही पड़ेगा। पीएम मोदी ने कहा है कि उनकी सरकार भविष्य में कालेधन पर और भी कार्रवाइयां करेगी। लेकिन लाख टके का सवाल ये है कि क्या इन कार्रवाइयों की जद में  केवल जनता ही होगी या कभी नेताओं पर भी पीएम मोदी की नजरे इनायत होगी? पिछले साल जब आरटीआई एक्टिविस्ट सुभाष चंद्र अग्रवाल की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने देश की छह राष्ट्रीय पार्टियों से सूचना के अधिकार के तहत आने के बाबत पूछा तो कोई भी पार्टी तैयार नहीं हुई।
सर्वोच्च अदालत ने जब इस मसले पर नरेंद्र मोदी सरकार की राय जाननी चाहिए तो उसने कहा कि “अगर राजनीतिक पार्टियों को आरटीआई के तहत लाया गया तो इससे उनके सुचारू कामकाज में अड़चन आएगी…।” सरकार ने कहा कि जो लोग ढाई लाख रुपये से अधिक मूल्य के पुराने नोट अपने खातों में जमा करेंगे उनके द्वारा जमा किए गए धन की उनके “आय के स्रोत” से मिलान किया जाएगा। जो दोषी पाया जाएगा उस पर टैक्स के अलग 200 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा। लेकिन आपको ये जानकार हैरत होगी कि एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक (एडीआर) रिफॉर्म्स के साल 2013-14 के आंकड़ों के अनुसार देश की छह राष्ट्रीय पार्टियों की कुल आय का 69.3 प्रतिशत “अज्ञात स्रोत” से आया था।
एडीआर के आंकड़ों के अनुसार साल 2013-14 में छह राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के पास कुल 1518.50 करोड़ रुपये थे। राजनीतिक दलों में सबसे अधिक पैसा बीजेपी (44%) के पास था। वहीं कांग्रेस (39.4%), सीपीआई(एम) (8%), बीएसपी (4.4%) और सीपीआई (0.2%) का स्थान था। सभी राजनीतिक दलों की कुल आय का 69.30 प्रतिशत अज्ञात स्रोतों से आया था। राजनीतिक पार्टियों को अपने आयकर रिटर्न में 20 हजार रुपये से कम चंदे का स्रोत नहीं बताना होता। पार्टी की बैठकों-मोर्चों से हुई आय भी इसी श्रेणी में आती है। साल 2013-14 तक सभी छह राष्ट्रीय पार्टियों की कुल आय में 813.6 करोड़ रुपये अज्ञात लोगों से मिले दान था। वहीं इन पार्टियों को पार्टी के कूपन बेचकर 485.8 करोड़ रुपये की आय हुई थी।
जब के आंकड़े हैं तब कांग्रेस सत्ता में थी और बीजेपी विपक्ष में और यही दोनों दल अज्ञात स्रोत से चंदे के मामले में भी बाकी पार्टियों से आगे थे। साल 2013-14 में कांग्रेस की कुल आय 598.10 करोड़ थी जिसमें 482 करोड़ अज्ञात स्रोतों से आए थे। कांग्रेस को कुल आय का 80.6 प्रतिशत अज्ञात स्रोतों से मिला था। बीजेपी की कुल आय 673.8 करोड़ रुपये थी जिसमें  453.7 करोड़ रुपये अज्ञात स्रोतों से आए थे।
बीजेपी को कुल आय का 67.5 प्रतिशत अज्ञात स्रोतों से मिला था। सीपीआई(एम) की कुल आय 121.9 करोड़ रुपये थी जिसमें अज्ञात स्रोतों से आय 58.4 करोड़ रुपये थी। सीपीआई (एम) की कुल आय के 47.9 प्रतिशत का स्रोत अज्ञात था।
साल 2013-14 में बीएसपी की कुल आय 66.9 करोड़ रुपये थी जिसमें 48.6 करोड़ रुपये अज्ञात स्रोतों से आए थे। बीएसपी की 72.6 प्रतिशत आय का स्रोत अज्ञात था। एनसीपी की कुल आय 55.4 करोड़ रुपये थी जिसमें 8.3 करोड़ रुपये अज्ञात स्रोत से आए थे। एनसीपी की कुल आय का 15 प्रतिशत अज्ञात स्रोतों से आया था। अज्ञात स्रोतों से आय के मामले में सीपीआई एकमात्र पाक दामन राष्ट्रीय पार्टी निकली। सीपीआई की कुल आय 2.4 करोड़ रुपये थी जिसमें अज्ञात स्रोतों से कोई भी आय नहीं थी।

ग्राउंड रिपोर्ट: कोई भूखे-प्यासे लाइन में खड़ा है कि हटने पर नंबर न चला जाए तो कोई खड़े-खड़े कर रहा है लंच

नोटबंदी से बेहाल लोग सुबह से शाम तक लग रहे हैं लाइन में। नंबर न चला जाए इस डर से पानी पीने भी नहीं जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आठ नवंबर को 500 और 1000 के नोट बंद करने की घोषणा के बाद देश में नगदी की भारी किल्लत हो गई है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में अब तक दो दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 10 नवंबर से बैंकों में पुराने नोट बदले जा रहे हैं और पैसे निकाले जा रहे हैं। 11 नवंबर से सभी एटीएम में पैसे निकलने शुरू हो गए हैं। लेकिन बैंकों और एटीएम में शुरुआती दिनों में नगद कुछ देर घंटों में खत्म हो गए। घोषणा के आठ दिन बाद भी हालात बहुत ज्यादा बेहतर नहीं हुए हैं। बैंकों और एटीएम के बाहर भारी संख्या में ग्राहकों की भीड़ देखी जा सकती है। इस भीड़ को संभाल पाना पुलिस और प्रशासन के लिए भी कठिन साबित हो रहा है। पैसे निकालने को लेकर कई जगहों पर विवाद, लड़ाइयां और मारपीट तक की खबरें भी आई हैं। नोटबंदी का आम जनजीवन पर क्या असर हुआ है ये जानने के लिए जनसत्ता ने उन लोगों से बात की जो इससे सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में नोटबंदी के कारण हालात बदतर हो चले हैं। सोमवार (14) नवंबर को सरकार ने घोषणा की कि दवा की दुकानों पर पुराने नोट 24 नवंबर तक चलेंगे लेकिन कई दुकानदार पुराने नोट नहीं ले रहे हैं। इसके अलावा बीमारों और छोटे बच्चों को फल-फूल और दूध नहीं मिल पा रहे हैं।  छतरपुर जिला अस्पताल के महिला वार्ड में भर्ती 26 वर्षीय रचना रिछारिया ने हाल ही 12 नवंबर को एक बेटे को जन्म दिया है। उनके बेटा स्वास्थ्य ख़राब होने के चलते जन्म से ही SNCU (गहन चिकित्सा वार्ड) में भर्ती है। बाजार में 1000-500 के नोट न चलने की वजह से इनके पति हेमंत रिछारिया जरूरी दवाएं और दूसरी चीजों नहीं खरीद पा रहे हैं। हेमंत नोट बदलने के लिए बैंक के बाहर लाइन में लगे रहते हैं। सुबह से शाम हो जाती है तब कहीं जाकर वो 2000 के नोट बदल पाते हैं। हेमंत मंगलवार (16 नवंबर) सुबह आठ बजे से लाइन में लग गए थे लेकिन शाम के चार बजे उन्हें बैंक से पैसे नहीं मिले थे।
रचना और हेमंत की दो बेटियां (अदिति 6 वर्ष और सिद्धी 3 वर्ष) हैं जो पिछले एक सप्ताह से अपने दादा-दादी के पास रह रही हैं। और तभी से स्कूल भी नहीं जा पा रही हैं। और यहां रचना और उनके बच्चे का भी स्वस्थ्य खराब है। रचना का सारा समय नोटों की तलाश में गए पति की राह देखते और बच्चे को तकते समय निकल जाता है। नोट बंदी के चक्कर में जहां पति दिनभर बैंक के बाहर लाइन में लगा रहता है तो वहीं बीमार रचना अस्पताल में अकेली पड़ी रहती हैं।

छतरपुर शहर के रानी तलैया निवासी 20 वर्षीय बेबी खान ने सोमवार को अस्पताल में स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। बेबी के पति अहमद खान एक होटल में शेफ हैं। बेबी और उनके बच्चे को अस्पताल से मुफ़्त मिले इलाज और दवाइयों के अलावा बाजार से दूसरे जरूरी सामान लेने पड़ते हैं पर नोट न चलने की वजह से उनके पति भी बैंक में लाइन में लगे हुए हैं। बेबी अपनी सास के साथ बैठकर पति के आने का इंतजार कर रही हैं कि वो कब पैसे लेकर आयें तो बच्चे और अपने लिये दवाइयां और अन्य जरुरी सामान मंगवा सकें।

छतरपुर शहर के दूधनाथ कालोनी की रहने वाली 29 वर्षीय अरुणा तिवारी सुबह से एसबीआई बैंक के बसस्टैंड ब्रांच के बाहर लाइन में लगी हुई हैं। घर में इनकी एक चार वर्षीय बेटी ख़ुशी है जो कि एलकेजी में पढ़ती है। जब से नोटबंदी का फरमान आया है अक्सर इनकी बेटी स्कूल नहीं जा पा रही है। जिस दिन खुद तैयार करके भेज देतीं हैं उस दिन जा पाती है। घर में उनकी सास बच्ची को संभालती हैं। उनके पति अपने रोजमर्रा के काम पर निकल जाते हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए जरूरी पैसों की किल्लत के चलते उन्हें नोट बदलने के लिये दिन भर लाइन में लगना पड़ता है। अरुणा लाइन में लगने के लिए लंच साथ लेकर आतीं हैं और कतार में खड़े-खड़े ही लंच कर लेतीं हैं।

28 वर्षीय पार्वती अहिरवार छतरपुर के गठेवरा गांव की रहने वाली हैं। उनके पति देवीदीन अहिरवार मजदूरी करते हैं। नोट बदलने के लिए सुबह सात बजे से बैंक के बाहर लाइन में लग गईं थीं लेकिन दोपहर तीन बजे तक उन्हें पैसे नहीं मिले। पार्वती सुबह से भूखी प्यासी हैं। पार्वती कहती हैं कि वो लोगों की भारी भीड़ की वजह से लाइन तोड़कर पानी पीने तक नहीं जा सकतीं वरना नंबर चला जायेगा। उनके छह साल और चार साल के बच्चे बीमार हैं। बिमारी के चलते बच्चों को वो अपनी भाभी के घर छोड़कर आई हैं। पार्वती कहते हैं कि जब तक बैंक से पैसे नहीं बदल जाते तब तक वो बच्चों का इलाज नहीं करवा पाएंगी।

इस बदइंतजामी के बीच आम लोगों का मदद के लिए सामने आने जरूरतमंदों के लिए एकमात्र राहत है। आम लोगों की मुश्किलों को देखते हुए छतरपुर शहर के कई समाजसेवी बैंकों और एटीएम के बाहर लाइन में लगे लोगों को पानी के पाउच और बिस्किट के पैकेट बांटने में लगे हुए हैं। यह बिस्किट, पाऊच सिर्फ बच्चों, छात्राओं और महिलाओं और वृद्धजनों को बांटे जा रहे हैं। लोगों की इस तरह की मानवीयता और समाज सेवा से परेशां लोग भी भूरी-भूरी प्रसंसा कर रहे हैं।

आम आदमी पार्टी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर लगाया भ्रष्‍टाचार का आरोप, ट्रेंड चला- मोदी घूस लेते हैं

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पहली बार कुर्सी पर बैठे किसी प्रधानमंत्री का नाम काले धन के किसी घोटाले में आया है।


आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गुजरात का मुख्‍यमंत्री रहते घूस लेने का आरोप लगाया है। दिल्‍ली विधानसभा में नोटबंदी के खिलाफ प्रस्‍ताव पेश करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पहली बार कुर्सी पर बैठे किसी प्रधानमंत्री का नाम काले धन के किसी घोटाले में आया है। उन्‍होंने कहा कि नवंबर 2012 में गुजरात का सीएम रहते हुए मोदी के आदित्य बिरला ग्रुप के लेनदेन के बारे में जानकारी एक लैपटॉप से मिली थी। उसमें ‘गुजरात सीएम-25 करोड़’ लिखा था। केजरीवाल ने कहा कि ”पनामा घोटाले में मोदी जी के कितने दोस्‍तों के नाम थे, मगर कोई एक्‍शन नहीं लिया गया। 648 लोगों के स्विस बैंक अकाउंट नंबर तक लिखे हुए थे, मगर कार्रवाई इसलिए नहीं हुई क्‍योंकि इस लिस्‍ट के अंदर प्रधानमंत्री मोदी जी के दोस्‍त हैं।” दस्‍तावेज सामने रखते हुए सीएम ने कहा, ”आज मैं सबूत लेकर आया हूं। आयकर विभाग ने 15 अक्‍टूबर 2013 को आदित्‍य बिरला ग्रुप पर छापेमारी हुई। वापस आने के बाद इनकम टैक्‍स की अप्रेजल रिपोर्ट में बिरला ग्रुप के अकाउंटेंट ने कहा कि मैं हवाला का पैसा लेकर आता हूं। मेरे बॉस का नाम शुभेन्‍दु अमिताभ हैं। वे बिरला ग्रुप के एक्‍जीक्‍यूटिव प्र‍ेसिडेंट थे।”
केजरीवाल ने आगे कहा, ”जब उनके लैपटॉप, मोबाइल चेक किए गए तो एक एंट्री मिली जिसमें लिखा है ‘गुजरात सीएम-25 करोड़’ आगे ब्रैकेट में लिखा है (12 करोड़ डन- बाकी)। जब शुभेन्‍दु से पूछा गुजरात सीएम का क्‍या मतलब है तो वे बोले कि गुजरात एल्‍केली केमिकल्‍स। आयकर विभाग ने एनालिसिस में लिखा है कि शुभेन्‍दु बोल रहे हैं। 13 में रेड हुई थी, छह महीने के बाद इनकी (मोदी) सरकार आ गई थी। अब इस केस को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है।”
विधानसभा में केजरीवाल के इस बयान के बाद ट्विटर पर #ModiTakesBribes ट्रेंड करने लगा। आम आदमी पार्टी के ट्विटर हैंडल और अन्‍य नेताओं ने भी इस हैशटैग का इस्‍तेमाल कर पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है।
आप नेता संजय सिंह ने ट्विटर पर इसी हैशटैग से लिखा, ”मोदी ने बिड़ला ग्रुप से 25 करोड़ रु रिश्वत ली, अमीरों का 1.14 लाख करोड़ माफ़ कर दिया, मोदी अमीरों के साथ, ग़रीबों के ख़िलाफ़।”

 

मोदी की मां के बैंक पहुंचने पर केजरीवाल का हमला- राजनीति के लिए लाइन में खड़ा किया, मैं होता तो खुद लगता


अरविंद केजरीवाल ने नरेंद्र मोदी की मां हीरा बा के लाइन में खड़े होने को गलत बताया।

अरविंद केजरीवाल ने नरेंद्र मोदी की मां हीरा बा के लाइन में खड़े होने को गलत बताया। केजरीवाल ने ट्वीट कर लिखा, ‘मोदीजी ने राजनीति के लिए माँ को लाइन में लगा ठीक नहीं किया। कभी लाइन में लगना हो तो मैं ख़ुद लाइन में लगूँगा, माँ को लाइन में नहीं लगाउँगा।’ इस ट्वीट के साथ केजरीवाल ने पीएम की की मां हीरा बा की फोटो भी ट्वीट की थी। इससे पहले केजरीवाल ने 12 नवंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स कर कहा था कि 500 और 1000 का नोट बैन करने से पहले ही बीजेपी के लोगों ने अपना माल ठिकाने लगा दिया। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले देश में भ्रष्टाचार कम करने के नाम पर असल में देश में बहुत बड़े स्तर पर घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है। केजरीवाल ने कहा था, “मोदी जी का सर्जिकल स्ट्राइक काला धन के ऊपर नहीं है बल्कि आम जनता के वर्षों से जुटाए गए मेहनत के पैसों पर स्ट्राइक है।” उन्होंने देशहित में नोट बैन को तत्काल वापस लेने की मांग की थी।
केजरीवाल ने सोमवार (14 नवंबर) को कहा दिल्ली विधानसभा का आपात सत्र भी बुलाया था। उसमें केजरीवाल ने कहा कि नोटबंदी से दिल्ली के लोगों में दहशत है। बीजेपी पर माल्या को भारत से भगाने का आरोप लगाते हुए केजरीवाल ने कहा कि वह राष्ट्रपति से निवेदन करेंगे कि वह इस फैसले को वापस लें।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन मोदी मंगलवार को गुजरात के गांधीनगर में नोट बदलने के लिए बैंक पहुंची। वह बैंक में 4500 रुपए लेकर बैंक पहुंची थी। हीराबेन गांधीनगर के ओरियेंटल बैंक ऑफ कॉमर्स बैंक में पहुंची थी। उन्हें 10-10 की दो गड्डियां दी गईं। उसके अलावा एक 500 का नया नोट और एक 2000 का नोट मिला। हीराबेन को कुछ लोग सहारा देकर बैंक के अंदर लेकर आए थे क्योंकि उनसे ज्यादा देर खड़ा नहीं रह सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन को मई 2016 को वाराणसी में नारी जागरण सम्‍मान 2016 से नवाजा गया था। यह सम्‍मान नारी जागरण मैगजीन की ओर से दिया गया। नरेंद्र मोदी के बड़े भाई सोमाभाई दामोदार दास मोदी ने अपनी मां की ओर से यह सम्‍मान लिया था। हीराबेन 96 साल की हैं और सफर करने में उन्हें परेशानी होती है।

 

नोटबंदी: 6 दिन में 25 मौतें, किसी को नरेंद्र मोदी का ऐलान सुनते ही आया हार्ट अटैक तो किसी की कतार में खड़े-खड़े गई जान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए नोटबंदी के फैसले के बाद लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए नोटबंदी के फैसले के बाद लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, मोदी ने सोमवार को गाजीपुर की रैली और शाम को सांसदों के साथ मीटिंग में भी इस बात को दोहराया कि आम जनता उनके निर्णय के खुश है और उनके साथ है। लेकिन नोटबंदी के कुछ साइड इफेक्ट की खबरें भी सामने आ रही हैं। अंग्रेजी वेबसाइट हफिंग्टन पोस्ट के अनुसार फैसले के बाद छह दिनों के अंदर ही बैंकों के चक्कर काट रहे लोगों में से 25 लोगों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट का यह भी कहना कि इतनों लोगों की मौत की खबर तो मीडिया को पता चली हैं लेकिन आंकड़े और भी ज्यादा हो सकते हैं। देखिए किस-किस की खबर मीडिया के सामने आई-
1. यूपी के बुलंदशहर में कैलाश हॉस्पिटल में इलाज ना मिलने से एक बच्चे की मौत हुई। उसके घरवालों के पास देने के लिए खुल्ले पैसे नहीं थे। वह हॉस्पिटल केंद्र मंत्री महेश शर्मा का है।
2. दिल्ली में एक महिला ने अपने आपको फांसी लगा ली क्योंकि वह तीन दिन से नोट बदलने की कोशिश कर रही थी लेकिन नाकाम रही।
3. गुजरात के सूरत में 50 साल की एक महिला की मौत हो गई। बाद में कहा गया कि महिला के पास अपने बच्चों को खिलाने के लिए राशन लाने के पैसे नहीं थे। दुकान वाले ने पुराने नोट लेने से मना कर दिया था। महिला के दो बच्चे थे।
4. यूपी के शामली इलाके में एक 20 साल की लड़की ने सुसाइड किया। बताया गया कि उसका भाई नोट बदलने के लिए गया था लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। इसपर जब वह घर आया तो बहन को पंखे से लटकता पाया।
5. कर्नाटक के चिकबालपुर जिले में 40 साल की महिला ने खुदकुशी कर ली। बताया गया कि वह 15 हजार रुपए बदलवाने के लिए बैंक गई थी। लेकिन वहां किसी ने वे पैसे चुरा लिए या फिर महिला से पैसे खो गए। इसपर उसने दुखी होकर जान दे दी। महिला ने अपने शराबी पति से छिपाकर वह पैसे जोड़े थे।
6. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 45 साल के किसान ने जान दे दी। बताया गया कि उसने तीन दिनों तक 3000 रुपए के नोट बदलवाने की कोशिश की लेकिन वह नाकाम रहा। उसके बच्चे किसी काम से तमिलनाडु गए थे लेकिन नोट बंद होने की वजह से वहीं फंस गए थे। वह वहां पैसा ना भेज पाने से निराश था।
7. गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले में 69 साल की महिला नोट बदलवाने गई थी। वहां लाइन में खड़े-खड़े उसको चक्कर आ गए और फिर हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई।
8. कानपुर में एक महिला नोट गिनते-गिनते मर गई थी। पुलिस को उसके पास से 2.69 लाख रुपए की पुरानी करेंसी मिली थी।
9. कानपुर में ही शख्स की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। बताया गया कि उस शख्स को नोटबंदी वाले फैसले पर पीएम मोदी का भाषण सुनते वक्त हार्ट अटैक आया था। एक दिन पहले ही उस शख्स ने अपनी जमीन बेची थी। उसके बदले में उसे एडवांस में 70 लाख रुपए मिले थे। वह उस जमीन को काफी वक्त से बेचने की सोच रहा था।
10. मुंबई के एक हॉस्पिटल में नवजात को सिर्फ इसलिए भर्ती नहीं किया क्योंकि उसके माता-पिता पर वैध करेंसी नहीं थी। इलाज ना मिलने पर उस बच्चे की भी मौत हो गई। सरकार द्वारा लिए गए फैसले के हिसाब से सिर्फ सरकारी हॉस्पिटल में ही पुराने नोट चल सकते हैं।
11. विशाखापट्टनम में 18 महीने की एक बच्ची की मौत हुई। उसके माता-पिता पर दवाई खरीदने के पैसे नहीं थे। प्राइवेट हॉस्पिटल ने 500 और 1000 के नोट लेने से मना कर दिया था।
12. उत्तरप्रदेश के मेनपुरी में एक बच्चा इलाज के लिए भर्ती था लेकिन फैसला आते ही डॉक्टर्स ने उसका इलाज करना बंद कर दिया। उसे बहुत तेज बुखार था। बावजूद इसके, माता-पिता उसे घर ले आए। घरपर ही उसकी मौत हो गई।
13. राजस्थान के पाली में एंबुलेंस ने चंपालाल मेघवाल के नवजात को हॉस्पिटल ले जाने से मना कर दिया क्योंकि उनके पास सिर्फ 500 और 1000 के नोट थे। जबतक मेघवाल ने 100-100 के नोटों का इंतजाम किया बच्चे की मौत हो चुकी थी।
14. यूपी के कुशीनगर जिले में एक महिला को नोटबंदी की जानकारी तब मिली जब वह 1000 के दो नोट बैंक में जमा करना गई। नोटबैन के बारे में पता लगते ही वह वहीं शॉक से मर गई। वह धोबिन थी और उसने वह पैसे काफी मेहनत से जोड़े थे।
15. तेलंगाना के महुबाद जिले में कंदुकुरी विनोदा नाम की 55 साल की महिला के पास 54 लाख रुपए थे। वह उसने अपने पति के इलाज, बेटी की शादी के लिए जमीन बेचकर जमा किए थे। निर्णय के बाद उसने सुसाइड कर लिया।
16. बंगाल के हावड़ा में एक शख्स ने नोटबंदी से परेशान होकर अपनी पत्नी का ही मर्डर कर दिया। वह एटीएम से पैसे लिए बिना लौटी थी।
17. बिहार के कैमुर जिले में 45 साल की महिला की हार्ट अटैक से मौत हुई। उस महिला को इस बात की चिंता थी कि उसकी लड़की का होने वाला ससुर और पति दहेज में पुराने नोट नहीं लेंगे। उसने 35 हजार रुपए बचा रखे थे।
18. केरल में एक महिला फैसले के बाद दूसरे दिन बैंक में 5 लाख रुपए जमा करवाने पहुंची। पहले दिन उसका नंबर नहीं आया था। वहां वह अचानक दूसरी मंजिल से गिर गई और वहीं उसकी मौत हो गई।
19. मुंबई में विश्वास वर्तक नाम से 72 साल के शख्स की हर्ट अटैक से मौत हो गई। वह बैंक के बाहर नोट बदलने के लिए इंतजार कर रहा था।
20. गुजरात के तारापुर में एक 47 साल के किसान की हार्ट अटैक से मौत हुई। उसे अपने खेत में काम करने वाले मजदूरों को पैसा देने की चिंता थी।
21. केरल के अल्लपुजाहा में 75 साल की एक महिला की मौत हुई। वह बैंक के बाहर बेहोश होकर गिर गई थी। वह एक घंटे से लाइन में इंतजार कर रही थी।
22. कर्नाटक के उदप्पी में 96 साल के शख्स की बैंक की लंबी लाइन में लगने से मौत हुई। उसे लाइन में खड़े काफी देर हो गई थी और बैंक तबतक खुला ही नहीं था।
23. मध्यरप्रदेश के सागर में बीएसएनएल से रिटायर 69 साल के विनय कुमार की बैंक में चैक जमा करवाने का इंतजार करते वक्त मौत हुई।
24. भोपाल में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कैशियर की हार्ट अटैक से मौत हो गई। गौरतलब है कि इन दिनों बैंक के लोगों पर ज्यादा काम करने का दबाव है।
25. उत्तरप्रदेश के फैजाबाद में एक शख्स की सीने में दर्द से मौत हो गई। पीएम मोदी का नोटबंदी वाला भाषण सुनते वक्त उसके सीने में दर्द शुरू हुई था। फिर वक्त पर इलाज ना मिलने से उसकी मौत हो गई।

छत्तीसगढ़ पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप!

दोरनपाल: छत्तीसगढ़ के बस्तर के ग्रामीण फिर से पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगा रहे हैं. रविवार को पुलिस ने मेड़वाही इलाके में नक्सलियों से मुठभेड़ में वंजाम नंदा को मार गिराने का दावा किया था. वंजाम नंदा के शव के पास से पुलिस को नक्सली सामग्री भी मिली थी.

जानकारी मिली थी कि रविवार को दोरनापाल में डीआरजी एवं एवं पुलिस बल ने जनमिलिशिया कमांडर वंजाम नंदा को मुठभेड़ में मार गिराया है. मृतक नक्सली पर 12 वारंट जारी हैं.

मृतक नक्सली पर दोरनापाल एवं जगरगुंडा मार्ग पर हुये कई वारदातों में शामिल रहने का आरोप भी है.

जबकि सोमवार को अरलपल्ली में बड़ी संख्या में ग्रामीण वंजाम नंदा के घर इकट्ठे हो गये. उन ग्रामीणों ने घटना की निंदा करते हुये पुलिस पर गंभीर आरोप लगाये.

ग्रामीणों तथा मृतक के परिजनों के अनुसार रात के 12 से 1 बजे के बीच पुलिस वंजाम नंदा के घर आ पहुंची तथा उसके पत्नी के सामने ही उसकी पिटाई करने लगी. पत्नी द्वारा विरोध किये जाने के बाद पुलिस के जवान उसे जंगल की ओर ले गये.

सुबह के तकरीबन 4 बजे जंगलों की ओर से गोलियों का आवाज आई. सुबह पता चला कि वंजाम नंदा मुठभेड़ में मारा गया है. ग्रामीणों ने इसे फर्जी एनकाउंटर करार देते हुये शव को पोलमपल्ली लाने की मांग की है.

वहीं, जितेन्द्र शुक्ला, एएसपी का कथन है कि वंजाम नंदा लंबे समय से नक्सली संगठन से जुड़ा हुआ था. उसने दोरनापाल तथा जगरगुंडा मार्ग में कई वारदातों को अंजाम दिया था. पुलिस को मेड़वाही के जंगल में नक्सलियों के मौजूदगी की खबर लगी थी. जिस पर पुलिस पार्टी भेजी गई थी.

जब जवान वहां पहुंचे तो नक्सलियों ने फायरिंग शुरु कर दी. जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की. सर्चिंग के दौरान नक्सली का शव मिला है. ग्राणीणों द्वारा लगाये गये आरोप बेबुनियाद हैं.(इनपुट सीजी खबर से ) 

प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के बाद अरविंद केजरीवाल ने 250 रुपए दिखाकर कहा- बस इतना ही कैश है

प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के बाद अरविंद केजरीवाल ने 250 रुपए दिखाकर कहा- बस इतना ही कैश है
अरविंद केजरीवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी ने नोट बंद करने का यह फैसला वापस लेने की मांग की है।

केंद्र सरकार द्वारा 500, 1000 रुपए के पुराने नोट बंद करने के फैसले की आलोचना कर रहे केजरीवाल ने सोमवार को मीडिया के सामने अपनी जेब की हालत का खुलासा किया। कैबिनेट बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्‍फ्रेंस खत्‍म होने के बाद जब एक शख्‍स ने केजरीवाल से पूछा कि उनके पास कितना धन है, तो उन्‍होंने जेब से 250 रुपए निकालकर सबको दिखाए। केजरीवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी से अपना यह फैसला वापस लेने की मांग की है। उनका आरोप है कि बीजेपी नेताओं को इस फैसले की भनक पहले ही लग गई थी। केजरीवाल ने नोटबंदी के मुद्दे पर दिल्‍ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का भी फैसला किया है। वह पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी से मंगलवार को मिलकर नरेंद्र मोदी सरकार के ख‍िलाफ लड़ाई की रूपरेखा बनाएंगे। केजरीवाल ने कहा है कि पीएम मोदी के इस फैसले से आम आदमी को तकलीफ हो रही है। केजरीवाल ने मोदी के दावे कि ‘गरीब शांति से सो रहे हैं और अमीर नींद की गोलियां खा रहे हैं’ पर भी पलटवार किया। उन्‍होंने कहा कि हकीकत इससे बिलकुल उलट है। ”असल में गरीब बैंकों के बाहर जमा है और वे मोदी के दोस्‍त हैं जो आराम से सो रहे हैं।”
अरविंद केजरीवाल ने 500 व 1000 रुपए के नोट बंद करने के फैसले को खराब योजना बताया। केजरीवाल ने सरकार से अड़े रहने की बजाय फैसला तुरंत वापस लेने को कहा। उन्‍होंने कहा, ”यह हमारी समझ से बाहर है कि वर्तमान 1,000 रुपए के नोट की जगह 2000 रुपए का नोट लाकर भ्रष्‍टाचार और ब्‍लैक मनी से कैसी लड़ाई की जा सकती है।”
केजरीवाल ने देश के दुर्गम इलाकों तक कैश पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना की मदद पर कहा कि यह दिखाता है कि सरकार घबरा गई है। उन्‍होंने कहा कि रईस खुशी मना रहे हैं और ईमानदार लोग अपने ही पैसों के लिए बैंकों के बाहर लाइन में खड़े हैं।
उन्‍होंने कहा, ”प्रधानमंत्री ने सामान्‍य स्थिति आने के लिए 50 दिन मांगे हैं। व्‍यापारियों की तरफ से, मैं पीएम से पूछना चाहता हूं कि अगले 50 दिन तक उनका काम कैसे चलेगा ? इसे वापस लिया जाए, हमें इसका कोई हल नजर नहीं आता।

नोटबंदी के साइड इफेक्‍ट्स: 6 दिन में 17 मौतें

17 लोगों की मौत कथित तौर पर नोटबंदी की वजह से होने की रिपोर्ट है।

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा 500, 1000 रुपए के पुराने नोट बंद करने के फैसले से देश में अफरातफरी का माहौल है। 8 नवंबर की रात 8 बजे ऐलान के बाद, लोगों ने पुराने नोट बदलने के लिए एटीएम और बैंकों के बाहर लंबी कतारें लगा रखी हैं। रातोंरात नोटों के अवैध घोषित होने के बाद बैंकों में भारी भीड़ देखी जा रही है। लेकिन इस भीड़ से गुजरकर काउंटर तक पहुंचने में लोगों के पसीने छूट रहे हैं। अब तक, 17 लोगों की मौत कथित तौर पर नोटबंदी की वजह से होने की रिपोर्ट है। कुछ मौतें सदमा लगने से हुई तो कुछ काफी देर तक लाइन में लगे रहने की वजह से बीमार हो गए। उत्‍तर प्रदेश के गोरखपुर में जब एक महिला ने सुना कि 500 व 1000 के नोट वैध नहीं रहे, सदमे से उसकी मौत हो गई। महिला को घोषणा का पता तब चला जब वह 1000 के दो नोट लेकर बैंक में जमा करने पहुंची थी। बताया जाता है कि दो दिन पहले ही, उसने छाेटे नोटों के बदले 1000 के नोट लिए थे, ताकि उसे जमा करने में सुविधा हो। वहीं, इस अफरातफरी में दो बुजुर्गों की भी मौत हो गई। गुजरात के सुरेंदरनगर जिले के लिमदी कस्‍बे में 69 वर्षीय बुजुर्ग तथा मध्‍य प्रदेश के सागर कस्‍बे में काफी देर तक खड़े रहे बुजुर्ग का दिल का दौरा पड़ा और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा 500, 1000 रुपए के पुराने नोट बंद करने के फैसले से देश में अफरातफरी का माहौल है। 8 नवंबर की रात 8 बजे ऐलान के बाद, लोगों ने पुराने नोट बदलने के लिए एटीएम और बैंकों के बाहर लंबी कतारें लगा रखी हैं। रातोंरात नोटों के अवैध घोषित होने के बाद बैंकों में भारी भीड़ देखी जा रही है। लेकिन इस भीड़ से गुजरकर काउंटर तक पहुंचने में लोगों के पसीने छूट रहे हैं। अब तक, 17 लोगों की मौत कथित तौर पर नोटबंदी की वजह से होने की रिपोर्ट है। कुछ मौतें सदमा लगने से हुई तो कुछ काफी देर तक लाइन में लगे रहने की वजह से बीमार हो गए। उत्‍तर प्रदेश के गोरखपुर में जब एक महिला ने सुना कि 500 व 1000 के नोट वैध नहीं रहे, सदमे से उसकी मौत हो गई। महिला को घोषणा का पता तब चला जब वह 1000 के दो नोट लेकर बैंक में जमा करने पहुंची थी। बताया जाता है कि दो दिन पहले ही, उसने छाेटे नोटों के बदले 1000 के नोट लिए थे, ताकि उसे जमा करने में सुविधा हो। वहीं, इस अफरातफरी में दो बुजुर्गों की भी मौत हो गई। गुजरात के सुरेंदरनगर जिले के लिमदी कस्‍बे में 69 वर्षीय बुजुर्ग तथा मध्‍य प्रदेश के सागर कस्‍बे में काफी देर तक खड़े रहे बुजुर्ग का दिल का दौरा पड़ा और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
मुंबई के गाेवांडी क्षेत्र में एक दंपत्ति को अपना नवजात बच्‍चा खोना पड़ा। बच्‍चे को तेज बुखार था और आरोप है कि अस्‍पताल में 500 व 1000 रुपए के नोट लेने से मना कर दिया था। दंपत्ति ने अस्‍पताल वालों के हाथ-पैर जोड़े मगर उनका दिल नहीं पसीजा और नवजात की जान चली गई। यह इकलौता मामला नहीं है, यूपी के मैनपुरी में अस्‍पताल द्वारा पुराने नोट लेने से इनकार करने के बाद एक और बच्‍चे की मौत हो गई थी। विशाखापटनम में भी 18 महीने के बच्‍चे की जान सिर्फ इस वजह से चली गई कि अस्‍पताल वालों ने पुराने नोट लेने से मना कर दिया था। जयपुर में एक पिता ने दावा किया कि उसके नवजात बच्‍चे की मौत इसलिए हो गई क्‍योंकि कोई एम्‍बुलेंस पुराने नोट लेकर अस्‍पताल चलने को तैयार नहीं थी। जब तक परिवार 100 रुपए के नोटों का इंतजाम करता, बच्‍चे की मौत हो गई।
छत्‍तीसगढ़ में सोमवार को 45 वर्षीय किसान ने कथित तौर पर सुसाइड कर लिया। बताया जाता है कि वह कई बार लाइन में लगने के बावजूद बंद हुए नोट नहीं बदलवा पाया था। पश्चिम बंगाल के हावड़ा में नोटबंदी से तनाव में चल रहे एक व्‍यक्ति ने अपनी पत्‍नी की हत्‍या कर दी। पत्‍नी एटीएम से खाली हाथ लौटकर आई थी, पति को लगा कि पत्‍नी को ज्‍यादा देर तक एटीएम की लाइन में लगे रहना चाहिए था।
एक अधेड़ महिला ने नोटबंदी का ऐलान होने के बाद आत्‍महत्‍या कर ली। उसने करीब 55 लाख रुपए में जमीन बेची थी, जिसका कुछ हिस्‍सा पति के इलाज में खर्च हो गया। बाकी पैसों से वह और जमीन खरीदना तथा बेटी की शादी करना चाहती थी। लेकिन पीएम मोदी का ऐलान सुनकर उसे लगा कि उसका पैसा बर्बाद हो गया, इसलिए उसने आत्‍महत्‍या कर ली।
पटना में नोटबंदी की खबर सुनने के बाद एक व्‍यक्ति की हार्ट अटैक से मौत हो गई। उसकी बेटी की शादी होने वाली थी और व्‍यक्ति को लगा कि दूल्‍हा दहेज में पुराने नोट नहीं लेगा। भोपाल में रविवार शाम स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया के नीलबाद ब्रांच के 45 वर्षीय क‍ैशियर की कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई। वह बैंक में ओवरटाइम कर रहा था।

केरल के थालासेरी में एक व्‍य‍क्ति 5 लाख रुपए जमा कराने गया थाा। डिपॉजिट स्लिप भरते हुए वह दूसरे माले से गिर गया और उसकी मौत हो गई। व्‍यक्ति ने एक दिन पहले ही पूरी रकम कर्ज के तौर पर ली थी। केरल के अलाप्‍पुझा में 75 वर्षीय कार्तिकेयन बैंक के बाहर गश खाकर गिरे, उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वह करीब एक घंटे से लाइन में खड़े थे। गुजरात में 47 वर्षीय किसान की नोट बदलवाने की लाइन में खड़े-खड़े मौत हो गई।
कर्नाटक के उड़ुपी में, एक 96 वर्षीय बुजुर्ग की लाइन में खड़े-खड़े मौत हो गई। बैंक तब तक ख्‍ुाल भी नहीं सका था। उत्‍तर प्रदेश के फैजाबाद में एक कारोबारी ने जब टीवी पर पीएम मोदी का ऐलान सुना तो उसे सीने में दर्द महसूस हुआ। डॉक्‍टर के पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।

7 सैनिकों के मारे जाने से बौखलाए पाक आर्मी चीफ राहिल शरीफ ने कहा- भारत को दो मुंहतोड़ जबाव

राहिल शरीफ आज रावलपिंडी के नजदीक झेलम में मारे गए सैनिकों के अंतिम संस्कार में शरीक होने आए थे।


पाकिस्तान आर्मी प्रमुख जनरल राहिल शरीफ ने आज (सोमवार को) अपने सैनिकों से कहा है कि सीमा पार से होनेवाली फायरिंग का मुंहतोड़ जबाव भारत को दो। पाक सेना प्रमुख का यह बयान भारतीय सैनिकों की कार्रवाई में सात सैनिकों के मारे जाने के बाद बौखलाहट में आया है। पाक सेना के प्रवक्ता के मुताबिक राहिल शरीफ आज रावलपिंडी के नजदीक झेलम में मारे गए सैनिकों के अंतिम संस्कार में शरीक होने आए थे। जहां उन्हें सेना के सीनियर कमांडर्स ने एलओसी पर के मौजूदा हालात की जानकारी दी।
इस दौरान राहिल शरीफ ने कहा कि पाक सेना सीमा पार से हो रहे हर हमले का माकूल जबाव देगी। शरीफ ने सैनिकों को ललकारते हुए कहा कि पाकिस्तान की रक्षा में एक भी पत्थर पीछे छूट न जाय। इस बीच पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि भारतीय सैनिकों के हमले का हमने भी मुंहतोड़ जवाब दिया है। आसिफ ने कहा कि हमारे सैनिकों ने भी भारतीय सैनिकों को मार गिराया है लेकिन भारत उसे छुपा रहा है।
गौरतलब है कि पाकिस्‍तान ने सोमवार सुबह दावा किया था कि रविवार की रात भारतीय सेना ने संघर्ष विराम का उल्‍लंघन कर भीमबेर सेक्‍टर में लाइन ऑफ कंट्रोल पर भारतीय जवानों ने गोलीबारी की जिसमें उसके 7 सैनिक मारे गए हैं।  पाकिस्‍तान ने भारत की पीओके में सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद पहली बार अपने सैनिकों के हताहत होने की बात कबूली है। अक्‍टूबर में पाकिस्‍तान ने भारतीय सेना के दावे कि बीएसएफ की गोलीबारी में 7 पाकिस्‍तानी रेंजर्स मार गिराए गए, का खंडन किया था। सर्जिकल स्‍ट्राइक्‍स के बाद, पाकिस्‍तान ने 90 से ज्‍यादा बार संघर्ष विराम का उल्‍लंघन किया है और कश्‍मीर में बीएसएफ की फॉरवर्ड पोस्‍ट्स पर गोलीबारी की। इस दौरान 10 भारतीय जवान शहीद हुए। पाकिस्‍तानी सीमा से लगे भारतीय गांवों में भी कई नागरिकों की मौत पिछले डेढ़ महीनों में हुई है। भारतीय सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी सेना ने 99 बार सीजफायर का उल्लंघन किया है।
आपको बता दें कि पाक सेना प्रमुख राहिल शरीफ इसी महीने रिटायर होने वाले हैं। इसलिए वो भारत के खिलाफ हरसंभव छद्म युद्ध की कोशिशों में जुटा है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक रिटायरमेंट तक राहिल शरीफ अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तनाव बनाकर रखना चाहते हैं ताकि शरीफ सरकार उन्हें सेवा विस्तार दे सके। इधर, उनके समर्थकों ने आज ही लाहौर हाई कोर्ट में राहिल शरीफ को सेवा विस्तार देने की मांग से संबंधित एक याचिका दायर की है।

पाकिस्तान: बलूचिस्तान में दरगाह में विस्फोट, 30 की मौत, 70 घायल

पाकिस्तान: बलूचिस्तान में दरगाह में विस्फोट, 30 की मौत, 70 घायल

दरगाह रिमोट इलाके में स्थित है, ऐसे में इमरजेंसी सुविधाओं के पहुंचने में दिक्कत हो रही है।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के बलूचिस्तान के खुजदार जिले में शाह नोरानी दरगाह में शुक्रवार को हुए विस्फोट में 30 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 70 लोग घायल भी हो गए। पाकिस्तान के अखबार डॉन ने अपनी वेबसाइट डॉन.कॉम पर तहसीलदार जावेद इकबाल के हवाले से लिखा है, ‘विस्फोट में बच्चों और महिलाओं सहित 30 लोगों की मौत हो गई और 70 घायल हो गए।’ यह विस्फोट दरगाह परिसर के अंदर उस जगह हुआ, जहां धमाल(सूफी रिवाज) हो रहा था। विस्फोट की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबल पहुंच गए। दरगाह के रिमोट क्षेत्र में होने की वजह से इमरजेंसी सर्विस के पहुंचने में दिक्कत हो रही है। विस्फोट के बाद इलाके की बिजली सेवा बाधित हो गई। अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बलूचिस्तान के गृहमंत्री मीर सरफराज अहमद बुगती ने कहा कि जो लोग विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, उन्होंने कराची भेजा गया है। दरगाह के पास कोई बड़ा अस्पताल नहीं है। घायलों को कराची भेजा जाएगा। अभी घायलों को प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जिले के सभी अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। दरगाह पर शुक्रवार के दिन काफी संख्या श्रद्धालू पहुंचे हैं। यहां पूरे पाकिस्तान से लोग आते हैं। ईरान के लोग भी यहां पहुंचते हैं। सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने विस्फोट में मरने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
इससे अलग पाकिस्तान को अभी तालिबान की समस्या से भी निजात मिलती नहीं दिख रही है। अफगान-तालिबान वार्ताकारों ने पाकिस्तान से कहा है कि उन्हें अफगान सरकार के साथ शांति वार्ता के लिए खुद को तैयार करने की खातिर और अधिक समय की जरूरत है। मीडिया की एक रिपोर्ट में आज बताया गया कि सोवियत जिहाद युग के प्रमुख नेतृत्वकर्ता, गुलबुद्दीन हिकमतयार द्वारा हिंसा को समाप्त करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद अफगान सरकार शांति वार्ता के लिए आतंकवादी समूह को तैयार करने की कोशिश कर रही है।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के अनुसार, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी की उपस्थिति में खाड़ी देश में एक वरिष्ठ तालिबान नेता के अफगान के खुफिया प्रमुख से मुलाकात करने की रिपोर्ट आने के बाद अक्तूबर में कतर स्थित तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के तीन वरिष्ठ सदस्य पाकिस्तान पहुंचे थे। तालिबान के एक सूत्र के हवाले से अखबार ने लिखा , ‘‘तालिबान के प्रतिनिधियों ने पाकिस्तानी अधिकारियों को इस बात से अवगत करा दिया है कि उन्होंने काबुल प्रशासन के साथ वार्ता करने के बारे में अभी तक फैसला नहीं किया है।’’तालिबान के नेताओं ने कहा है कि वह सिर्फ यह बता सकते हैं कि दो या तीन महीनों के बाद वे वार्ता में शामिल होंगे या नहीं।

शीला दीक्षित के दामाद को पुलिस ने गिरफ्तार किया

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के दामाद को घरेलू हिंसा के मामले में रविवार (13 नवंबर) को गिरफ्तार किया गया।

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के दामाद को घरेलू हिंसा के मामले में रविवार (13 नवंबर) को गिरफ्तार किया गया। वह शीला की बेटी से पिछले 10 महीनों से अलग रह रहे थे। शीला की बेटी  का नाम लतिका है। उनके दामाद का नाम सय्यैद मोहम्मद इमरान है। गौरतलब है कि इस वक्त शीला दीक्षित को उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव का प्रमुख चेहरा बनाया गया है। वह कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री पद का चेहरा हैं।
शीला का जन्‍म कपूरथला (पंजाब) में हुआ है, पर उनकी शादी यूपी में हुई। उनके ससुर उमा शंकर दीक्षित उन्‍नाव के रहने वाले थे। वह बंगाल के गवर्नर थे। उनके बेटे विनोद दीक्षित से शीला दीक्षित की शादी हुई थी। विनोदी आईएएस थे। जब वह आगरा के डीम थे, तब शीला समाजसेवा में सक्रिय थीं। बाद में वह राजनीति में आ गईं। वह 1984-89 के बीच कन्नौज से सांसद भी रह चुकी हैं। हालांकि, उसके बाद लगातार तीन चुनावों में उन्हें हार का मुंह भी देखना पड़ा।

500-2000 का नोट छाप रही कंपनी को भी नहीं था ‘लॉन्च डेट’ का अंदाजा, नए साल पर आने की थी उम्मीद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500-1000 रुपए के नोट एकदम से बैन कर देने पर नोट छापने वाली ईकाई सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SPMCIL) के अधिकारी भी हैरान हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500-1000 रुपए के नोट एकदम से बैन कर देने पर नोट छापने वाली ईकाई सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SPMCIL) के अधिकारी भी हैरान हैं। SPMCIL के कुछ सीनियर अधिकारियों ने संडे एक्सप्रेस के बातचीत करते हुए इस बात का जिक्र किया। अधिकारियों ने बताया कि नए नोट इस साल के सिंतबर के बाद से छपने शुरू हुए थे। नोटों को छापने के लिए तीन शिफ्टों में काम किया गया था। अधिकारी ने बताया कि उनकी दो-दो प्रेसों में नोटों की छपाई हुई। बातचीत करते हुए अधिकारी ने बताया, ‘हम लोगों को लग रहा था कि 31 दिसंबर या फिर 1 जनवरी से नए नोट शुरू किए जाएंगे। लेकिन अचानक घोषणा हुई और 10 नवंबर से ही नोटों को भेजा जाना शुरू करना पड़ा। साथ ही साथ 500-1000 के नोटों को बंद भी कर दिया गया जिससे काम और कठिन हो गया।’
अधिकारी ने आगे बताया कि मध्यप्रदेश के देवास और महाराष्ट्र के नासिक में मौजूद प्रेसों में 500 के नोट छपे थे और 2000 के नोट भारतीय रिजर्व बैंक नोट प्राइवेट लिमिटेड की कर्नाटक के मैसूर और पश्चिम बंगाल के सालबोनी प्रेस में छपे थे। इन सभी सिक्योरिटी प्रेस की क्षमता हर महीने 3 बिलियन नोट छापने की है। ऐलान से एक दिन पहले यानी सोमवार को वित्त मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने एक हाई लेवल मीटिंग बुलाई थी। मीटिंग में इस बारे में बात की गई कि नोटों को कैसे बैंकों और एटीएम में भेजा जाएगा। मीटिंग में RBI, SPMCIL, इंटेलिजेंस ब्यूरो, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक के टॉप अधिकारी शामिल थे। मीटिंग में तय हुआ कि सभी तरह के सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए पैसा बैंकों तक पहुंचाया जाएगा। जैसे झारखंड और बिहार में पैसा भेजने के लिए हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल हुआ।
भारत में नोट बनाने वाला पेपर होशंगाबाद, मध्यप्रदेश और मैसूर में बनता है। लेकिन नोटों के लिए ज्यादातर पेपर अब भी विदेशी कंपनियों से आयात करना पड़ता है। 2011 में RBI ने ब्रिटेन की कंपनी De La Rue से पेपर लेना बंद कर दिया था। उसके पेपर में सुरक्षा के लिहाज से कुछ खामियां पाई गईं थीं। 2016 में इंडियन एक्सप्रेस द्वारा पनामा पेपर्स की जांच में दो भारतीय एजेंट्स के नाम सामने आए थे जो बाहर की कंपनियों से भारत में पेपर लाते थे।