छत्तीसगढ़

प्यार से किया इंकार तो कर दी लड़की की हत्या

 


रायपुर : ईश्क से इंकार करने पर किशोरी की हत्या कर दी गई. एक 17 वर्षीया किशोरी द्वारा प्रेम-पत्र लेने से इंकार किये जाने पर 30 वर्षीय शादीशुदा प्रेमी ने उस पर चाकू से 17 वार किये. जिससे किशोरी की मौत हो गई है. घटना बोरियाकला तालाब के पास की गुरुवार के सुबह की है. पुलिस ने हत्यारे एकतरफा प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है.

बोरियाकला तालाब के पास रहने वाले सत्यानारायण धृतलहरे की सबसे छोटी बेटी 17 वर्षीया धनेश्वरी धृतलहरे गांव के हाईस्कूल में 11वीं कक्षा की छात्रा थी. उसी इलाके में रहने वाला 30 वर्षीय योगेश उर्फ लालाराम वर्मा किशोरी से एकतरफा इश्क करता था. रात में नाचा कार्यक्रम आयोजित होने से पूरा गांव कार्यक्रम देखने के लिए गया हुआ था जहां धनेश्वरी भी गई हुई थी. सुबह-सुबह गांव के लोग अपने-अपने घर पहुंचे.

घर पहुंचने के बाद धनेश्वरी शौच के लिये गई. जब वह वहां से लौट रही थी तो रास्ते में उसे योगेश ने रोक लिया तथा प्रेम-पत्र देने की कोशिश की. धनेश्वरी ने प्रेम-पत्र लेने से इंकार कर दिया. इससे कुपित होकर योगेश ने चाकू निकाली तथा उस पर ताबड़तोड़ 17 वार कर दिये. चाकू मारने के बाद योगेश वहां से भाग निकला. बाद में पुलिस ने उसे खेत से गिरफ्तार किया.

मिली जानकारी के अनुसार कुछ दिनों पहले योगेश ने उसके स्कूल के क्लास में घुसकर भी उससे बत्तमीजी की थी. योगेश ने धनेश्वरी को क्लास से खींचकर ग्राउंड ले गया तथा उससे बदसलूकी की थी. टीचर भी युवक की हरकत देखकर दंग रह गये.

हालांकि इसकी शिकायत किसी ने थाने में नहीं की गई. यदि उस समय छेड़खानी की शिकायत पुलिस से कर दी होती तो योगेश को पहले ही सबक सिखाया जा सकता था.

धनेश्वरी के पिता सत्यनारायण खेती-किसानी का काम करते हैं. उनके तीन बेटे लखन, डोमार और भूषण हैं. वहीं चार बेटियों कविता, हीरा, फुलेश्वरी में सबसे छोटी धनेश्वरी ही थी.

घटना की खबर मिलने पर हर कोई हैरान है. गांव में मातम का माहौल है. वहीं युवक और उसके परिवार के खिलाफ गांव में आक्रोश भी है.

गरीबी से त्रस्त पिता ने अपने ही चार बच्चों को आग लगाने की कोशिश की


एक बच्ची 40 प्रतिशत जली ,रायपुर में चल रहा इलाज 


बलौदाबाज़ार /पलारी : गरीबी इंसान से कुछ भी करवा सकता हैं। गरीबी से तंग आकर पलारी क्षेत्र के ग्राम अमेरा के मनीराम ने अपने चार बच्चों को मिटटी तेल डालकर ज़िंदा जलाकर मारने की कोशिश की। उनके पांच बच्चे है लेकिन एक बच्चा इस दौरान घर पर मौजूद नहीं था। इससे पहले ये बच्चे पूरी तरह आग की लपेट में आ पाते ग्रामीणों ने बच्चों को आग से बचाया साथ ही मनीराम की पिटाई कर दी। आग से एक बच्ची 40 प्रतिशत जल गई हैं। मनीराम नशेड़ी भी था और उनके आर्थिक हालात माली थी ,उसकी पत्नी उसे छोड़कर पांच साल पहले दूसरे किसी व्यक्ति के साथ चली गई तब से मनीराम अपने बच्चों का अकेले भरण पोषण कर रहा था। आरोपी मनीराम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हैं। 

(आरोपी मनीराम फेकर  )

क्या है पूरा मामला 

पुलिस के अनुसार ग्राम में गोवर्धन पूजा थी। ग्रामीण एक जगह इकट्ठा होकर इस त्यौहार को मना रहे थे। उस दौरान गांव का मनीराम फेकर भी अपने अपने पांच  बच्चों में से चार बच्चों के  साथ वहां मौजूद था। थोड़ी देर बाद मनीराम अपने चार बच्चों 13 वर्षीय नीलम ,11 वर्षीय पिया ,8 वर्षीय कविता और 6 वर्षीय मुकेश को अपने साथ बुलाकर ले गया और अंदर ले जाकर उन पर मिट्टीतेल उड़ेल दिया और माचिस से आग लगा दी। मनीराम ने दरवाजा भी बंद कर दिया और दरवाजे पर डंडा लेकर बैठ गया ताकि बच्चे बाहर न निकल सके। इससे पहले आग सभी बच्चों को चपेट में लेता बच्चों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। बच्चों की चीख पुकार सुन आसपास के ग्रामीण दौड़कर आये और ये पूरा वाकया देखा। ग्रामीणों ने मनीराम की पिटाई कर दी और बच्चों को आग से बचाया।  कविता पर ज्यादा मिट्टीतेल डालने की वजह से वह बुरी तरह जल गई थी। उन्हें रायपुर मेकाहारा में एडमिट किया गया हैं। 

गरीबी ने किया मजबूर 

मनीराम को इस तरह से दुस्साहस के लिए गरीबी ने मजबूर किया। इतनी बड़ी घटना के बाद भी शासन -प्रशासन मनीराम और उनके बच्चों के लिए सामने नहीं आया हैं। गांव के सरपंच ने हमारे प्रतिनिधि को बताया कि गांव वालों से चंदा लेकर वे बच्चों का इलाज करवाएंगे। 

इस पुरे मामलें में हमने बलौदाबाजार पुलिस से जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने आधी -अधूरी जानकारी दी। बलौदाबाजार के पुलिस अधीक्षक आरिफ शेख भी सरकारी नंबर पर उपलब्ध नहीं थे। वहीँ उनके स्टाफ ने उनका पर्सनल नंबर साहब के मना करने का हवाला देकर नहीं दिया। ज्ञात हो कि इसी पुलिस अधीक्षक को पिछले दिनों बेस्ट पोलिसिंग का अंतरराष्ट्रिय अवार्ड मिला हैं। 

डभरा .शासकीय महाविद्यालय डभरा के छात्र.छात्राओ द्वारा 7 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी

 डभरा .शासकीय महाविद्यालय डभरा के छात्र.छात्राओ द्वारा 7 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन प्रारम्भ कर  दिए है आमरण अनशन का आज दूसरा दिन है  प्रथम दिवस से ही आम लोगों का अभूतपूर्व समर्थन मिलने लगा  है  महाविद्यालय डभरा के समस्याओं को लेकर गत वर्ष नगरबंद एंव चक्का जाम आंदोलन किया गया था जिसे उच्चधिकारियों के उचित आष्वासन के कारण स्थगित कर दिया गया था परंतु अधिकारियों के द्वारा एक वर्ष पूर्ण होने के बाद भी मांगो को पूरा करने में रूची नहीं लिया गया । जिस कारण  महाविद्यालय डभरा के छात्र.छात्राओं एवं डभरा के नगरवासियों के सहयोग से पुनः मांगों को पूर्ण करने हेतु निवेदन किया गया है। जिसमें प्रमुख रूप  से स्नातकोत्तर की कक्षाएं प्रारंभ करनाए नए महाविद्यालय की स्वीकृति प्राध्यपको की रिक्त पदो की भर्ती पुरक परीक्षा केन्द्र स्थापना की मागों को लेकर चेतावनी दी गई  थी  कि अगर 2 तारीख तक मागें पूरी नही होती तो अनिष्चितकालीन अमरण अनषन  किया जाएगा 
 जिसका आज दूसरा दिन है  अनशन में सुनील चन्द्रा खुशवंत चन्द्रा भगीरथी बरेठ द्रोण चंद्रा मंगल सिंह सिदार विजय सिंह सिदार बैठे हैं ।साथ में महाविधालय के छात्र एवं छात्राएं समर्थन में बैठे है ।इस अनिशिचित कालीन हड़ताल में निजी प्रशिक्षण संस्था का भी समर्थन मिल रहा है  

 

गेंदा फूल की नई प्रजाति किसानों के लिए होगा वरदान, कृषि विश्वविद्यालय के पुष्प वैज्ञानिकों ने की तैयारियां

 

भाटापारा:- फूलों में गेंदा की खेती करने वाले किसानों के लिए खुशखबरी! अब पेंकिग के दौरान गेदा के फूलों की पत्तियाॅ टूटेगी नही । गेंदा की नयी प्रजाति पूसा बासंती और पूसा नारंगी ऐसी सभी समस्या से छुटकारा दिलाने जा रही है। इसके अलावा इसका उत्पादन भी सामान्य प्रजाति के गेंदे की तुलना में लगभग दो गुना होगी । कुल मिलाकर गेदा की ये दोनों नई प्रजाति फूल उत्पादक किसानों के लिए वरदान बनने जा रही है। इंदिरा गांधी कृषि वि.वि. रायपुर के पुष्प विज्ञानियों ने इस पर काम करना भी ष्षुरू कर दिया है। कोषिष यह है कि ये दोनो नई प्रजाति जल्द से जल्द किसानों तक पहुॅंच जाए । 
फूलों की खेती का रकबा जिस तेजी से बढ़ रहा है उसे देखकर कृषि विज्ञानिक भी हैरत में तो है ही साथ उनमें हर्ष भी है कि किसान तेजी से फूलों की खेती की ओर ध्यान दे रहे है। खास कर गेंदा की खेती ने जिस तरह विस्तार लिया है रकबा तो हैरत में डाल ही रहा है। इस वक्त सूरजपूर से जगदलपूर तक का एक बड़ा बेल्ट गेंदा के फूलों से आच्छादित है । अभी तक गेंदा की मांग पूरी करने के लिए पष्चिम बंगाल पर ही निर्भरता रही है। अब यह पूरी तरह खत्म होने जा रही है। 
नए गेंदे में ये गुण
 गेदा के फूलों में अब तक की गई खोज में पूसा बंसती और पूसा नारंगी में यह गुण मिला है कि इसके फूलों की पत्तियाॅ टूटती नही है। इसके अलावा कुछ और प्रजातियों भी खोजी जा रही है । चुकि बाजार जिस तेजी से फैल रहा है इस लिए पेंकिग के दौरान पत्तियों के टूटने की षिकायत बहुत मिलती है । अब इस समस्या से फूल उत्पादक किसानों को छुटकारा मिलने जा रही है। 

ऐसा होगा उत्पादन 
गेंदा की जो नई प्रजाति आने वालों दिनों में किसानों तक पहूॅंचेगी उसमें उत्पादन क्षमता भी अच्छी खासी होगी । अभी तक जो किस्में लगाई जा रही है उनकी उत्पादन क्षमता प्रति हेक्टेयर 15 टन के आस-पास है। जिस नई प्रजाति पर काम चल रहा है इसकी उत्पादन क्षमता प्रति हेक्टेयर 22 टन जाने की संभावना है। 

कई किस्म के गेदे
इंदिरा गांधी कृषि वि.वि के पुष्प विज्ञानियों ने गेंदा की ऐसी प्रजातियों के बीज का सलेक्षन करना ष्षुरू कर दिया है जो माला और गार्डन के काम आएगी । इस तरह पहली बार दो अलग-अलग किस्म के गेंदा के पौधे फूल उत्पादक किसानों तक पहॅुचेगे । ये किस्में अगले दो तीन साल में किसानों तक पहॅुचे इसके लिए प्रयास चल रहेें है। 

गेंदा में ऐसी प्रजातियों के बीज सलेक्षन का काम जारी है। आने वाले एक दो साल में किसानों तक पहॅुचाने के प्रयास है। 
डाॅ0 गौरव शर्मा ,असि.प्रोफेसर,हार्टीकल्चर,इंदिरा गांधी कृषि वि.वि रायपुर

नया रायपुर में जिस युवक की हुई थी हत्या उससे जुडी संदिग्ध युवती ने भी कर ली सुसाइड


पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप 

रायपुर : नया रायपुर के सेरीखेड़ी में पिछले दिनों युवराज चौहान नामक युवक की गोलीमारकर हत्या के बाद उसकी दोस्त और कथित संदेही युवती ने भी आज आत्महत्या कर ली।आज युवती की लाश उनके wrs कॉलोनी स्थित घर में मिली। युवती के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि उनकी बेटी उनके डर से आत्महत्या कर लिया। युवती की माँ ने रोते -बिलखते हुए आरोप लगाया कि पुलिस वाले उसे सभी जुर्मअपने सर पर लेने और कबूलने की धमकी देते थे। उन्होंने कहा कि पुलिस वाले उन्हें रेल की पटरी पर सुलाने की धमकी देते थे। बहरहाल इस मामलें में पुलिस की भूमिका एक बार फिर संदेह के घेरे में आ गया है। 

मोदी ने किसानों से आँखे चुराई : अजीत जोगी

रायपुर : अजीत जोगी ने कहा पीएम मोदी ने शेर से आंखें मिलाई लेकिन किसानों से आंखें चुराई. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के मंगलवार के रायपुर दौरे पर चुटकियां लेते हुये कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने जंगल सफारी में शेर से आंखें मिलाई परन्तु राज्य के किसानों से आंखें चुराई.

अजीत जोगी ने कहा कि राज्यभर के किसान उम्मीद लगाये बैठे थे कि मोदी आयेंगे, तो उनके लिये धान के सर्मथन मूल्य और बोनस जैसी उनकी तकलीफों पर कुछ कहेंगे, लेकिन मोदी तो प्रसिद्ध इसीलिये हैं कि वे किसी की सुनते नहीं. बस बोलते हैं, बोलते भी ऐसा हैं कि आत्ममुग्धि की पराकाष्ठा पर हों. मैं, मेरी, हमारी सरकार के अलावा कुछ नहीं. वे आये और धान के कटोरे के किसानों के हाथ में एक बार फिर कटोरा थमा गये.

अजीत जोगी ने आरोप लगाये कि प्रधानमंत्री मोदी का इस तरह आना और जंगल घूमकर कैमरे से शेर की तस्वीर लेने से जाहिर है कि वे बस तफरीह करने के लिए यहां आये थे.

रमन सरकार की आलोचना करते हुये छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के सुप्रीमो अजीत जोगी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी को तो राज्य सरकार ने इसलिये बुलाया था, ताकि रमन सरकार की प्रदेश में गिरती छवि को ब्रांड मोदी का हल्का सा सहारा मिल जाये और रमन नाम की सरकार की गाड़ी फिर थोड़ी रफ्तार पकड़ ले.

उन्होंने सवाल किया कि जब छत्तीसगढ़ सरकार इन्फ्रास्ट्रर और तथाकथित विकास के लिए खुद के खजाने से अरबों रुपये खर्च कर सकती है, तो फिर किसानों को सर्मथन मूल्य और बोनस का वादा पूरा करने के लिए केंद्र सरकार का मुंह क्यों ताकती है.

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के 2013 के चुनाव के पहले छत्तीसगढ़ भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में वादा किया था कि किसानों को प्रति क्विंटल धान पर 300 रुपये बोनस तथा 2100 रुपयों का बोनस दिया जायेगा. मुख्यमंत्री बनने के बाद रमन सिंह ने इस सिलसिले में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र भी लिखा था.

उसके बाद, 2014 के लोकसभा चुनाव में केन्द्र में भाजपा की सरकार बनी है. उसके बाद से छत्तीसगढ़ में विपक्ष आरोप लगा रहा है कि अब तो केन्द्र तथा राज्य में भाजपा की सरकार है इसलिये किसानों को किये गये वादों के अनुसार बोनस तथा समर्थन देने में क्या परेशानी है.

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढञ कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दिन ‘वादा निभाओं’ दिवस मनाया तथा जेल भरो आंदोलन के तहत गिरफ्तारियां दी.

राज्योत्सव पर कांग्रेस का जेल भरो आंदोलन

रायपुर : छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेता भूपेश बघेल तथा टीएस सिंहदेव मंगलवार को राजधानी में गिरफ्तारी देंगे. उनके साथ पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा एवं मोहम्मद अकबर भी गिरफ्तारी देंगे. कांग्रेस राजधानी में जेल भरो आंदोलन पर खास फोकस कर रही है. खबर हा कि इनके साथ भाजपा से कांग्रेस में शामिल पूर्व प्रधानमंत्री की भतीजी करुणा शुक्ला एवं झीरम हमले में मृत नंदकुमार पटेल के पुत्र उमेश पटेल भी गिरफ्तारी देंगे.

राजधानी रायपुर के अलावा कांग्रेस जिलों में भी 5-10 हजार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी देने की तैयारी में है. इसके लिये जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है.

दरअसल, छत्तीसगढ़ कांग्रेस राज्योत्सव के दिन गिरफ्तारी देकर रमन सरकार का विरोध करना चाह रही है.

जेल भरो आंदोलन के मुद्दे-
*झीरम कांड में सीबीआई जांच के बाद भी शुरू नहीं हुई जांच.
*काला धन वापसी के बाद भी मोदी ने नहीं निभाया वादा.
*धान का सर्मथन मूल्य एवं बोनस किसानों को नहीं मिला.
*चिटफंड कंपनियों ने डकारे करोड़ों रुपये.
*प्रदेश में अफसरशाही हावी.
*बस्तर में फर्जी नक्सली मुठभेड़.
*मुलमुला में दलित की पुलिस हिरासत में मौत.
*महिलाओं के साथ अत्याचार एवं अनाचार.
*राजधानी में गोलीकांड.
*पेट्रोल-डीजल महंगा, दाल सहित खाद्य सामग्री महंगी.
*धान खरीदी में एक-एक दाना धान की नहीं हो रही खरीदी.(सीजी खबर से )

व्यापार-कृषि सुधार में छत्तीसगढ़ पीछे

नई दिल्ली : छत्तीसगढ़ कारोबारी सहूलियत के लिहाज से चौथे नंबर पर है. वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय के औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग ने विश्‍व बैंक समूह के साथ मिलकर राज्‍यों में कारोबार संबंधी सुधारों के क्रियान्‍वयन के आकलन 2015-16 के निष्‍कर्ष जारी कर दिये हैं. इसी के साथ नीति आयोग ने भी कृषि विपणन और फार्म अनुकूल सुधारों सूचकांक पर देश के सभी राज्यों की सूची जारी की है जिसमें छत्तीसगढ़ 11वें पायदान पर है. नीति आयोग की सूची में महाराष्ट्र 81.7 अंकों के साथ पहले स्थान है वहीं छत्तीसगढ़ 51.4 अंकों के साथ 11वें स्थान पर है.

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में छत्तीसगढ़ देश के 10 अग्रणी राज्यों में 4 नंबर पर है. हालांकि छत्तीसगढ़ ने पिछले साल की तुलना में अपने चौथे स्थान का बरकरार रखा है. जिसका अर्थ होता है कि इस मामले में राज्य में कोई उन्नति नहीं हुई है.

दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश और तेलंगाना साझा रूप से पहले स्थान पर हैं. आंध्र प्रदेश 2015 में दूसरे और तेलंगाना 13 वें स्थान पर था. गुजरात पहले स्थान से तीसरे स्थान पर आ गया है.

हरियाणा 6वें पायदान पर है जबकि बीते साल वो 14 वें स्थान पर था. पिछले साल तीसरे स्थान पर रहा झारखंड सातवें स्थान पर है और छठे पायदान पर रहा राजस्थान आठवें स्थान पर आ गया है. सबसे बेहतर प्रदर्शन उत्तराखंड का रहा जो 23 वें स्थान से छलांग लगाकर नौ वें स्थान पर आ गया है.

उल्लेखनीय है कि वाणिज्य और उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने आसानी से कारोबार करने के माहौल के लिहाज से वर्ष 2016 के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश की रैकिंग जारी की.

विश्व बैंक के सहयोग से तैयार की गयी इस रैंकिंग को तैयार करने में 340 किस्म के सुधार कार्यक्रमों पर अमल को पैमाना बनाया गया.

इस मौके पर कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री और किसानों के लिए जरुरी सुधार कार्यक्रम अपनाने के मामले में भी राज्यों की रैकिंग जारी की गयी है. इस रैकिंग में महाराष्ट्र पहले, गुजरात दूसरे और राजस्थान तीसरे स्थान पर है. इन राज्यों को क्रमशः 81.7, 71.5 एवं 70 अंक मिले हैं.

नीति आयोग ने इस सूची को जारी करने के लिये तीन पैमाने तय किये हैं, कृषि बाजार में सुधार, भूमि के पट्टों से संबंधित सुधार एवं निजी भूमि व वानिकी से संबंधित सुधार.

नीति आयोग का मानना है कि कम उत्पादकता, विकास और निम्न आय के कारण भारत का कृषि क्षेत्र बीमार है तथा कृषि संकट में है. नीति आयोग के अनुसार क्रांतिकारी सुधारों के बगैर न तो कृषि को बदला जा सकता है और न ही किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है.(सीजी खबर )

छत्तीसगढ़: सड़क हादसे में 11 की मौत

रायपुर : जांजगीर-चांपा जिले में सड़क हादसे में 11 मौत हो गई. दीवाली के दिन एक ट्रैक्टर के पलटकर नहर में गिरने से 5 लोगों की मौत हो गई. टैक्ट्रर में सवार कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये हैं. मृतकों की संख्या बढ सकती है.

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के मालखरौद में कुछ ग्रामीण एक ट्रैक्टर में सवार होकर जा रहे थे. भदरी चौक के पास ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी.

हादसे में 5 सवार की मौत हो गई है. गंभीर रूप से घायल सवारों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है.

सूचना मिलने पर पुलिस घटना स्थल पर पहुंची. पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है.

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में पीएम मोदी

रायपुर : पीएम मोदी सौर सुजला योजना की घोषणा छत्तीसगढ़ से करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को छत्तीसगढ़ के राज्योत्सव से देश के किसानों के लिये सौर सुजला योजना की घोषणा करेंगे. इसी के साथ मोदी एक नवम्बर को नया रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर पांच दिवसीय राज्योत्सव का शुभारंभ करेंगे.

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के विशेष आमंत्रण पर प्रधानमंत्री के रूप में विगत डेढ़ साल में प्रधानमंत्री मोदी का यह तीसरा छत्तीसगढ़ दौरा होगा. उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में पिछले वर्ष 9 मई को राज्य के नक्सल हिंसा पीड़ित बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले का दौरा किया था. दूसरी बार वे इस वर्ष 21 फरवरी को राज्य के दौरे पर आये थे.

प्रधानमंत्री अपने तीसरे प्रवास के दौरान मंगलवार 1 नवम्बर को नया रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2016 का शुभारंभ करते हुये प्रदेश और देश के किसानों को सोलर पम्प आधारित सिंचाई सुविधा के लिए सौर सुजला योजना की सौगात देंगे.

इसमें किसानों को आकर्षक अनदुान भी मिलेगा. वे इस मौके पर पर्यटकों को नया रायपुर में जंगल सफारी की सौगात देंगे. प्रधानमंत्री मोदी मुख्य समारोह में राज्य के सम्पूर्ण धमतरी और मुंगेली जिलों सहित विभिन्न जिलों के 15 विकासखंडों को खुले में शौचमुक्त घोषित करेंगे और वहां के जिला पंचायत अध्यक्षों तथा जनपद पंचायत अध्यक्षों को सम्मानित भी करेंगे.

प्रधानमंत्री मोदी इस अवसर पर प्रदेश के तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 88 करोड़ रूपये से अधिक राशि के बोनस का भी वितरण करेंगे. वे प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को निःशुल्क रसोई कनेक्शन भी देंगे.

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री नई दिल्ली से पूर्वान्ह 11.10 बजे रायपुर आयेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों शामिल होकर दोपहर 2.50 बजे यहां से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे.

प्रधानमंत्री मोदी रायपुर आकर स्वामी विवेकानंद विमान तल माना से सीधे ट्रिपल आईटी, हेलीपेड आकर वहां से जंगल सफारी आयेंगे. (सीजी खबर )

राज्योत्सव राज्य का, रमन का नहीं- रमन

 

रायपुर : मुख्यमंत्री ने कहा राज्योत्सव राज्य का है रमन का नहीं. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने राज्योत्सव को राज्य निर्माण का उत्सव करार देते हुये इस दिन राजनीति न करने की सलाह दी है. शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुये उन्होंने नाम ने लेते हुये तंज कसा राज्योत्सव का विरोध करने वालों को ईश्वर सद्बुद्धि दे. उल्लेखनीय है कि राज्योत्सव के दिन प्रमुख दल कांग्रेस राज्यभर में जेल भरो आंदोलन करने जा रही है.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा हम 365 दिन राजनीति करते हैं, कम से कम एक दिन रमन सिंह को छोड़े और राज्य के उत्सव में भाग लेकर अपनी भागीदारी निभायें. मुख्यमंत्री रमन सिंह ने शनिवार को राज्योत्सव की तैयारियों का जायजा लिया तथा उस पर अपनी मुहर लगाई.

1 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी सुबह 11:15 बजे रायपुर पहुंचेंगे. वह करीब 3 घंटे 15 मिनट नई राजधानी में रहेंगे. प्रधानमंत्री मोदी इस दिन जंगल सफारी, पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा, एकात्म परिसर का लोकार्पण करेंगे. इसी दिन राजधानी रायपुर से देश के ‘सौर सुजला योजना’ का शुभारंभ करेंगे.

उधर, विपक्षी कांग्रेस राज्योत्सव के विरोध में रमन सरकार के खिलाफ जेल भरो आंदोलन करने जा रही है. जेल भरो का सबसे ज्यादा फोकस राजधानी रायपुर पर रखा जा रहा है. राजधानी में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल, छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, मोहम्मद अकबर, पूर्व सांसद करुण शुक्ला एवं प्रदेश युंका अध्यक्ष उमेश पटेल गिरफ्तारी देंगे.

इसी तरह से बिलासपुर में पूर्व नेता प्रतिपक्ष रवीन्द्र चौबे, कोरबा में पूर्व मंत्री चरणदास महंत, दुर्ग में अरुण वोरा, दंतेवाड़ा में देवती कर्मा गिरफ्तारी का नेतृत्व करेंगे.

कांग्रेस 1 नवंबर राज्योत्सव के दिन रमन सरकार को 2013 के विधानसभा चुनाव के समय किसानों से किये गये वादों को याद दिलायेगी. जिसमें कहा गया था कि धान पर समर्थन मूल्य 2100 रुपये प्रति क्विंटल तथा 300 रुपये का बोनस दिया जायेगा.

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जेल भरो आंदोलन में दलित, महिलायें एवं आदिवासियों पर पुलिसिया एवं प्रशासनिक अत्याचार, फसल बीमा, झीरम कांड की सीबीआई जांच, वन अधिकार पट्टा तथा कानून-व्यवस्था से संबंधित मांगें भी शामिल हैं.(सीजी खबर से ) 

बैंक डकैती की योजना बनाते दो पकड़ाये

 

रायपुर : छत्तीसगढ़ पुलिस की सतर्कता से बड़ी बैंक डकैती टल गई. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने मणप्पुरम गोल्ड लोन बैंक से 150 करोड़ रुपयों के गहनों की डकैती करने की फुलप्रूफ तैयारी करने वाले दो शख्स को गिरफ्तार कर लिया है. डकैतो ने राज्योत्सव की तैयारी के चलते पुलिस व्यवस्था देखकर बैंक लूटने की योजना के फिलहाल टाल दिया था. डकैत छट पूजा के बाद बैंक से गहने लूटने वाले थे.

मुखबिर से पुलिस को सूचना मिली थी कि एक शख्स हथियार जमा कर रहा है. पुलिस जब हथियार जब्त करने पहुंची तो इस बड़े बैंक डकैती का खुलासा हुआ. पुलिस उस समय हैरान रह गई उन्होंने देखा कि डकैतो ने बिस्तर के नीचे से एक तहखाना बनाकर रखा है जिसमें लूटे हुये गहने छुपाये जाने थे.

||डकैतो के घर के तहखाने का दूसरा दरवाजा पिछवाड़े की गली में जाकर खुलता था जिसे पुलिस आने पर भागने के लिये बनाया गया था.||
रायपुर पुलिस ने हथियारों को जमा करने की खबर पाकर अविवा ग्रीन सिटी के मकान नंबर 134 में रहने वाले पिता-पुत्र 49 वर्षीय समीर अली तथा 27 वर्षीय इरफान अली को गिरफ्तार किया है. पुलिस को मौके से 2 पिस्टल, 2 रिवाल्वर, 315 बोर के कारतूस तथा चाकू मिले हैं. पुलिस को यहां पर 3 कार भी मिले हैं जिन्हें डकैती के समय उपयोग में लाया जाने वाला था. समीर अली हाल ही में वाहन चोरी के मामले में जेल से छूटा था.

समीर अली ने उत्तरप्रदेश के तीन लोग चंद्रिका, रमेश व कन्हैया के साथ मिलकर बैंक डकैती की योजना बनाई थी. तीनों डकैत 23 अक्टूबर को रायपुर पहुंच भी चुके थे परन्तु राज्योत्सव के चलते पुलिस की जांच देखकर चकरा गये. उन्होंने डकैती की योजना छट पूजा के बाद करने का फैसला किया तथा लौट गये.

रायपुर पुलिस ने फिलहाल पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है तथा हथियार जब्त कर लिये हैं. पुलिस उनके साथियों की तलाश में उत्तरप्रदेश जायेगी. जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जायेगा. रायपुर में अब तक की सबसे बड़ी डकैती पुलिस की सतर्कता की वजह से टल गई. पिता-पुत्र ने करीब 150 करोड़ रुपये के डकैती की फुलप्रूफ प्लानिंग की थी.

पुलिस के अनुसार मणप्पुरम गोल्ड लोन बैंक में हर रोज करोड़ों रुपये के गहने गिरवी पर रखे जाते हैं. ज्यादातर गहने ऑफिस में ही रखे जाते थे.

ऐसे में उत्तरप्रदेश के गैंग की नजर मणप्पुरम गोल्ड बैंक पर थी. रेकी के दौरान गैंग सुरक्षा गार्ड की गतिविधियों पर भी नजर रख रहा था. इस खबर से गोल्ड बैंक में भी हड़कंप मचा है. (सीजी खबर से ) 

छत्तीसगढ़: बुरगुम मुठभेड़ उलझा

रायपुर : छत्तीसगढ़ के बस्तर का बुरगुम मुठभेड़ उलझ गया है. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में इस पर दायर याचिका पर राज्य सरकार द्वारा पेश जवाब अब तक पुलिस द्वारा किये जा रहे जवाब से अलग है. हालांकि, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है लेकिन इससे सर्व आदिवासी समाज पुलिस के खिलाफ बस्तर में 50 से अधिक फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगा रहा है एवं हाईकोर्ट जाने की बात कर रहा है.

बुरगुम मुठभेड़ पर हाईकोर्ट में सरकार द्वारा पेश जवाब पर पुलिस के अफसर मौन साधे हुये हैं. मीडिया द्वारा फोन किये जाने पर बस्तर के पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र नारायण दाश ने न तो फोन उठाया और न ही एसएमएस का जवाब दिया.

सर्व आदिवासी समाज का दावा है कि बस्तर संभाग की विभिन्न मुठभेड़ों को लेकर आदिवासी समाज के नेता जांच कर रहे हैं. जिसमें जमीनी हकीकत पुलिस के दावे से अलग मिल रही है.

सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर का आरोप है कि बस्तर संभाग में 50 से अधिक ऐसी मुठभेड़ें ऐसी हैं जिनमें तथ्य दावों के विपरीत मिल रहे हैं. उन्होंने इन्हें फर्जी मुठभेड़ करार देते हुये छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की बात कही है.

सर्व आदिवासी समाज द्वारा जारी विज्ञप्ति में बुरगुम मुठभेड़ को फर्जी बताते हुये दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की गई है.

बुरगुम मुठभेड़: कोर्ट में पलटी सरकार

27 अक्टूबर को बुरगुम मुठभेड़ पर सरकार हाईकोर्ट में पलट गई. सरकार ने कहा कि बस्तर के बुरगुम में जो दो आदिवासी युवक मारे गये थे, उनकी हत्या अज्ञात लोगों ने की थी. इस मामले में मारे गये नाबालिग युवकों के वकील सतीशचंद्र वर्मा ने कहा कि पुलिस इससे पहले लगातार यह दावा करती रही है कि उसने 24 सितंबर को बुरगुम में माओवादियों के साथ मुठभेड़ किया था और दोनों लोग उसी मुठभेड़ में मारे गये थे. पुलिस ने इस मुठभेड़ में शामिल सुरक्षाबल के जवानों को 1 लाख रुपये का इनाम भी दिया था.

इस मामले को सबसे पहले कांग्रेस विधायक देवती कर्मा ने ही 26 सितंबर को उठाया था और इसे फर्जी मुठभेड़ बताते हुए इसकी जांच की मांग की थी. इसके बाद कांग्रेस का एक जांच दल भी घटना स्थल तक गया था और जांच रिपोर्ट में भी देवती कर्मा के आरोपों की पुष्टि हुई थी. लेकिन बाद में पुलिस ने बच्चों के परिजनों पर दबाव बनाना शुरु कर दिया था कि वे मामला वापस लें. उल्टे देवती कर्मा पर युवकों के परिजनों के अपहरण का मामला बना दिया था. (सीजी खबर से ) 

माओवाद पर छत्तीसगढ़ को फिर फटकार

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने माओवाद पर नये समाधान पेश करने के लिये कहा है. छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया गया कि नंदिनी सुंदर जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं को बस्तर से दूर रहे का निर्देश पारित करें. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा यह कोई समाधान नहीं है. वे चाहेंगे कि आप वहां से दूर रहे. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आतंकवाद और विद्रोह में मौत के मामले में आईएस और नाइजीरिया के बोको हरम के बाद भारत तीसरे स्थान पर है.

सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने दावा किया कि नक्सल प्रभावित इस राज्य में आतंकवाद प्रभावित जम्मू-कश्मीर से भी ज्यादा मौतें हुई हैं. साथ ही उसने कहा कि इन क्षेत्रों में चरमपंथी वाम कार्यकर्ताओं की गतिविधियां आग में घी का काम करती हैं.

एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति एमबी लोकुर और आदर्श कुमार गोयल की पीठ को बताया कि “आज जम्मू-कश्मीर से ज्यादा सुरक्षा बल छत्तीसगढ़ में तैनात है. बड़ी तादाद में यहां पुलिस के जवान नक्सली हिंसा में मारे जा रहे हैं. हम नक्सली समस्या को सुलझाने के लिए कदम उठा रहे हैं.”

उन्होंने कहा कि वहां काफी ढांचागत काम किया है और एक कठिन दौर से गुजर रहे हैं. तुषार मेहता ने कहा कि आतंकवाद और आतंक से संबंधित मौतों में आईएस और बोको हरम के बाद भारत तीसरे स्थान पर है.

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि नंदिनी सुंदर जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं को इन इलाकों से दूर रहने का निर्देश पारित करें. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग केवल यही चाहते हैं कि आग सुलगती रहे.

||….सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि नंदिनी सुंदर जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं को इन इलाकों से दूर रहने का निर्देश पारित करें. इस पर कोर्ट ने कहा कि यह कोई समाधान नहीं है. वे चाहेंगे कि आप इन इलाकों से दूर रहें.||
इस पर कोर्ट ने कहा कि यह कोई समाधान नहीं है. वे (कार्यकर्ता) चाहेंगे कि आप (राज्य) इन इलाकों से दूर रहें. छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से अदालत में पेश मेहता ने इस पर कहा कि हम इन इलाकों से बाहर नहीं जा सकते. यह एक राज्य है और सरकार को लोगों की देखरेख करनी पड़ेगी. जनता के प्रति हमारी जिम्मेदारियां हैं.

मेहता ने कहा कि आग सुलगाये रखना कोई समाधान नहीं है. एक सीडी है, जिसमें उन्हें ‘लाल सलाम’ के नारे लगाते हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए देखा जा सकता है. इससे समस्या समाप्त नहीं होगी. सभी लोग शांति चाहते हैं. पीठ ने सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल को मामले की अगली सुनवाई 11 नवंबर को कुछ नये समाधान के साथ आने को कहा ताकि समस्या का हल निकल सके. (सीजी खबर से ) 

छत्तीसगढ़: जब मंत्री नाराज हुये

रायपुर: राजधानी रायपुर में रविशंकर यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ के शपथग्रहण समारोह में गये मंत्री नाराज होकर लौट आये. जब छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत शुक्रवार को रविशंकर यूनिवर्सिटी के सभागार में शपथग्रहण समारोह में पहुंचे तो देखा कि वहां पर न तो कुलपति है, न कुलसचिव और न ही छात्रसंघ के पदाधिकारी पहुंचे थे.

शपथग्रहण समारोह दिन के 11:30 बजे रखा गया था. जब मंत्री 11:45 को वहां पहुंचे तो देखा कि सभी नदारत हैं. भड़के मंत्री ने कुलपति को खूब खरी-खोटी सुनाई और वापस लौट गये. कार्यक्रम भी टल गया.

शपथग्रहण समारोह के मुख्य अतिथि मंत्री ने जब सभागार में पहुंचे तो वे यह देखकर और हैरान रह गये कि अंदर सारी कुर्सियां खाली पड़ी हैं. भारी नाराज होते हुये वे सीधे कुलपति से मिलने प्रशासानिक भवन की तरफ गये.

अंदर से दौड़े-दौड़े कुलपति प्रो. शिवकुमार पांडेय पहुंचे. जैसे ही कुलपति से मंत्री का सामना हुआ वे काफी नाराज हुये. उन्होंने कहा, कुलपति जी आपके विवि में राजेश मूणत नहीं, एक मंत्री आया है और आप लोगों को प्रोटोकाल का भी ध्यान नहीं है. यह तो लापरवाही की हद है.

मंत्री से क्षमा मांगते हुए कुलपति ने उन्हें मनाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने और लौट गये. (सीजी खबर से )