राजधानी

देशभर में 22 राष्ट्रीय राजमार्गों को चौड़ा कर बनाए जाएंगे रनवे : नितिन गडकरी


 

नई दिल्ली: सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय एक प्रस्ताव पर रक्षा मंत्रालय के साथ काम कर रहा है, जिसके तहत विभिन्न राजमार्ग खंडों पर रनवे बनाए जाने हैं. इस संबंध में देशभर में 22 जगहों को चिह्नित किया गया है.

सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी देते हुए बताया, "इस प्रस्ताव के तहत राजमार्ग खंडों का विकास इस तरह किया जाएगा, ताकि उन्हें चौड़ा कर हवाई पट्टी बनाई जा सके... इससे दुर्गम इलाकों में कनेक्टिविटी मिलेगी..."

गडकरी ने कहा कि मंत्रालय इस बारे में शीघ्र ही रक्षा मंत्रालय के साथ बैठक करेगा, ताकि प्रस्ताव पर आगे काम किया जा सके.

अधिकारियों के अनुसार दोनों मंत्रालयों के अधिकारियों को मिलाकर एक समिति गठित की गई थी, जो उन राजमार्ग खंडों के लिए औपचारिकताएं तय करेगी, जिन्हें हवाई पट्टी के रूप में बदला जा सकता है. समिति इन खंडों की व्यवहार्यता, उनकी लंबाई व अन्य मुद्दों के बारे में भी चर्चा करेगी.

अधिकारियों ने बताया कि इस प्रस्ताव के लिए पहचाने गए 22 खंड देश के विभिन्न भागों में स्थित हैं.

बंगाल: सांप्रदायिक तनाव के दौरान घरों में तोड़फोड़, हिंदुओं के मोहल्ले से मुसलमान और मुस्लिम इलाकों से पलायन कर रहे हैं हिंदू

पश्चिम बंगाल में 12 अक्टूबर को भड़के सांप्रदायिक झगड़ों में उत्तर 24 परगना जिले के हाजीनगर और हलीशहर में करीब 30 घर और दुकानों, वाहनों को बर्बाद या आग के हवाले कर दिया गया।

हाजीनगर : पश्चिम  बंगाल में 12 अक्टूबर को भड़के सांप्रदायिक झगड़ों में उत्तर 24 परगना जिले के हाजीनगर और हलीशहर में करीब 30 घर और दुकानों, वाहनों को बर्बाद या आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि हालातों पर काबू पा लिया गया है लेकिन लोगों बहुत से अपना घर छोड़कर जाने को मजबूर हैं। एक अधिकारी ने बताया कि हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि हिंसा में कितने लोग घायल हुए हैं लेकिन यह बड़े एरिया में फैल चुका है जो कि बहुत घनी आबादी वाला है। घायलों की संख्या 20 से कम नहीं होगी। कम से कम 30 घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचाया गया है जबकि 4 वाहनों नष्ट कर दिया गया है।

पुलिस ने कहा कि बुधवार को मुहर्रम के जुलूस के दौरान बम फेंकने के बाद मामला बढ़ गया। हालांकि इसमें कोई घायल नहीं हुआ था। इसके बाद कुछ हिंदुओं के घर पर भीड़ पर हमला कर दिया। इसे मुस्लिम भीड़ द्वारा कथित तौर पर बदला लेना बताया गया। हिंसा की शुरुआत हाजीनगर के नैहाटी जूट मिल एरिया से हुई, जहां जामा मस्जिद है और उसके पास ही नेलसन रोड पर हिंदु और मुस्लिम परिवार रहते हैं। गुरुवार को हिंसा पैटरसन रोड जा पहुंची, जहां हिंदू बाहुल्य इलाके में हाजीनगर छोटी मस्जिद के आसपास मुस्लिम कालोनी है। इस क्षेत्र में रहने वाले अनवर अली बताते हैं कि हाजीनगर पिछले कई महीनों से लगातार तनाव में है। यहां जामा मस्जिद के पास से दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के दौरान विवाद होता आ रहा है। तनाव के चार दिन बाद, मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों से हिंदू घर खाली हो गए हैं, ठीक इसी तरह से हिंदू बाहुल्य इलाके से मुस्लिम घर खाली हो गए हैं। दुकानें बंद हो गई हैं, दवा और खाने-पीने की दुकानों को मुश्किल से खोला गया है।

गौरतलब है कि 12 अक्टूबर को दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन और ताजिया निकाले जाने को लेकर हुए विवाद के बाद राज्य के हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना, ब‌र्द्धमान, मालदा, पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर तथा मुर्शिदाबाद जिले के कई इलाकों में हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान दुकानों व मकानों में उपद्रवियों ने तोड़फोड़ के साथ आगजनी के साथ ही लूटपाट भी की थी। सर्वाधिक प्रभावित उत्तर 24 परगना का हाजीनगर हुआ। उपद्रवियों ने यहां पर एक व्यक्ति को मौत के घाट उतार दिया था जबकि आधे दर्जन लोग घायल हुए थे। यहां शनिवार को गुस्साई भीड़ पर पुलिस ने फायरिंग की जिसमें दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई।

J&K: अनंतनाग में आतंकियों ने पुलिसवालों पर किया हमला, 5 हथियार छीनकर फरार

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों द्वारा पुलिसवालों से हथियार छीनने की खबर आ रही है। घाटी के अनंतनाग जिले में रविवार रात आतंकियों ने पुलिसकर्मियों पर हमला करके उनसे 5 बंदूक छीन ले गए।

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर में आतंकियों द्वारा पुलिसवालों से हथियार छीनने की खबर आ रही है। घाटी के अनंतनाग जिले में रविवार रात आतंकियों ने पुलिसकर्मियों पर हमला करके उनसे 5 बंदूक छीन ले गए। हमले के समय पुलिस कर्मी टीवी टॉवर की सुरक्षा में तैनात थे। हथियार छिनने के बाद आतंकी फरार हो गए हैं। बता दें कि इस तरह की घटनाएं घाटी में पहले भी हो चुकी है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के तुमलहाल गांव पर आतंकियों ने हमला कर दिया था। इस दौरान गांव की सुरक्षा कर रहे पुलिसवालों से आतकवादियों ने कई रायफल भी छीन ली थी। घाटी में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में हथियार छिनने की अब तक 27 घटनाएं हो चुकी हैं।

आज भोपाल में शौर्य स्मारक का उद्धाटन करेंगे पीएम मोदी

भोपाल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भोपाल में शौर्य स्मारक का उद्धाटन करेंगे. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कल देर रात तक तैयारियों का जायजा लिया है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर सहित कई अन्य महत्वपूर्ण लोग भी शामिल होंगे.  मध्यप्रदेश फाउंडेशन के सुझाव पर राज्य सरकार ने सेना के शहीद जांबाजों की याद में इसे भोपाल में बनाने का निर्णय लिया गया था. अब यह पूरी तरह बनकर तैयार है. 

 
शौर्य स्मारक बनाने के पीछे  मध्यप्रदेश सरकार का उद्देश्य राष्ट्रभक्ति की भावना का संचार करना सैनिकों को सम्मान देना है. इस स्मारक में भारतीय सेना के अदम्य साहस की कहानी को चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है. स्मारक के माध्यम से लोग  भारतीय सेना को करीब से जान पाऐंगे.  शौर्य स्मारक भारत के उन जवानों की याद दिलवाएगा जिनके नाम अमर जवान ज्योति के माध्यम से याद किए जाते हैं.  शौर्य स्मारक उन जवानों की कहानी है जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया. 
 
इस तरह के स्मारक से सेना के जवानों का भी हौसला बढ़ेगा. कार्यक्रम में रक्षा मंत्री की मौजूदगी सेना के जवानों में साहस भरने के काम करेगी. स्मारक आम नागरिकों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा  स्त्रोत होगी. इसके अलावा मध्यप्रदेश सरकार इसे पर्यटन के बढ़ावे के तौर पर भी देख रही है. 

मोदी का कल भोपाल दौरा


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल एक दिनी प्रवास पर भोपाल आ रहे है। वे भोपाल में करीब 2 से ढाई घंटे तक रहेंगे मोदी। उनका दौरा कार्यक्रम इस तरह है। 
शाम 4:00 बजे स्टेट हेंगर  पहुंचेंगे 
4:30 बजे सड़क मार्ग से पहुंचेंगे लाल परेड ग्राउंड
पूर्व सैनिक सम्मेलन में 1 घंटे तक रहेंगे मौजूद 
लाल परेड ग्राउंड से 5:30 बजे जैन मंदिर होंगे रवाना
जैन मंदिर में विद्या सागर महाराज के करेंगे दर्शन
मंदिर में 10 मिनट रूकने के बाद शौर्य स्मारक पहुंचेंगे 
5:50 बजे से 30 मिनट तक उद्घाटन कार्यक्रम में रहेंगे 
6:30 बजे स्टेट हेंगर  लिए होंगे रवाना
7:00 बजे स्टेट हेंगर  भरेंगे उड़ान 

ट्रिपल तलाक: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने किया सिविल कोड का विरोध, कहा- आजादी में हम भी थे, मगर गिने कम गए

नई दिल्ली : एजेंसी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने यूनफॉर्म सिविल कोड का विरोध किया है। बोर्ड ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कहा, ”इस देश के लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड सही नहीं है। इस देश में बहुत सारी संस्‍कृतियां हैं, जिनकी इज्‍ज़त की जानी चाहिए। हम संविधान द्वारा किए गए समझौते के तहत इस देश में रह रहे हैं। संविधान ने ही हमें जीने और अपने धर्म का पालन करने का अधिकार दिया है। मुस्लिमों ने भी भारत के स्‍वतंत्रता संग्राम में बराबरी से हिस्‍सा लिया, लेकिन उनका योगदान हमेशा कम करके आंका जाता है।” वहीं एआईएमआईएम के मुखिया असदउद्दीन ओवैसी ने कहा, ”मुझे लगता है कि फॉर्म को यूनिफॉर्म सिविल कोट के समर्थन के लिए बनाया गया है। इसे और ऑब्‍जेक्टिव और रायशुमारी वाला होना चाहिए था। हमारी पार्टी ने तय किया है कि हम प्रश्‍नावली पर विधि आयोग को जवाब देंगे।’‘ बोर्ड केन्‍द्र सरकार के कदम पर खासा नाराज है। गौरतलब है कि विधि एवं न्याय मंत्रालय ने गत शुक्रवार को देश की सर्वोच्च अदालत के समक्ष दायर अपने हलफनामे में लैंगिक समानता, धर्मनिरपेक्षता, अंतरराष्ट्रीय समझौतों, धार्मिक व्यवहारों और विभिन्न इस्लामी देशों में वैवाहिक कानून का जिक्र किया और पर्सनल लॉ बोर्ड के पक्ष का प्रतिवाद किया। कानून एवं न्याय मंत्रालय ने अपने हलफनामे में लैंगिक समानता, धर्मनिरपेक्षता, अंतरराष्ट्रीय समझौतों, धार्मिक व्यवहारों और विभिन्न इस्लामी देशों में वैवाहिक कानून का जिक्र किया ताकि यह बात सामने लाई जा सके कि एक साथ तीन बार तलाक की परंपरा और बहुविवाह पर शीर्ष न्यायालय द्वारा नये सिरे से फैसला किए जाने की जरूरत है।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सहित कुछ प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य कमाल फारूकी ने इस हलफनामे को लेकर कहा, ‘सरकार का इरादा महिला अधिकार नहीं, बल्कि सियासी फायदा उठाना है। बोर्ड की तरफ से सरकार को पत्र लिखा गया था कि हलफनामा दायर करने से पहले हमारा पक्ष सुना जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार ने जो हलफनामा दिया है उसमें कई त्रुटियां भी हैं।’ फारूकी ने कहा, ‘हम सरकार के साथ टकराव नहीं चाहते, परंतु अगर सरकार एकतरफा फैसला करेगी तो लोगों की प्रतिक्रिया होना स्वाभाविक है। हम अदालत में अपना पक्ष रखेंगे और उम्मीद करते हैं कि संविधान में की गई व्यवस्था के मुताबिक पर्सनल लॉ के पक्ष में फैसला आएगा।

बिहार : राज्य के सभी स्टेट हाइवे होंगे सात मीटर चौड़े

पटना : राज्य के सभी स्टेट हाइवे को सात मीटर चौड़ा किया जा रहा है. सात मीटर चौड़ा करने का काम विभिन्न चरणों में हो रहा है. बिहार राज्य उच्च पथ परियोजना के तहत सड़कों का निर्माण हो रहा है.  अगले साल तक राज्य के चार  स्टेट हाइवे को सात मीटर चौड़ा करने का काम पूरा हो जायेगा.  स्टेट हाइवे 78 बिहटा से सरमेरा, स्टेट हाइवे 81 सक्कडी से नासरीगंज, स्टेट हाइवे 90 मोहम्मदपुर-छपरा व स्टेट हाइवे 87 रून्नीसैदपुर-भीसवा सड़क का निर्माण पूरा होगा. इन सड़कों के निर्माण पर लगभग 2200 करोड़ खर्च हो रहा है. 
 
बिहार राज्य उच्च पथ परियोजना के तहत इन सड़कों का निर्माण एडीबी के सहयोग से हो रहा  है. बिहार राज्य पथ विकास निगम की देखरेख में तीनों सड़क का निर्माण काम हो रहा है. राज्य के किसी भी कोने से पांच घंटे में पटना पहुंचने के लक्ष्य को मान कर सड़कों का निर्माण हो रहा है. राज्य की स्टेट हाइवे के अलावा जिला सड़क का तेजी से निर्माण हो रहा है. 
 
बिहटा से सरमेरा : बिहटा से दनियावां व चंडी से सरमेरा बचे हुए काम को पूरा करने का काम हैदराबाद की कंपनी बीएससीपीएल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कर रही है.  सड़क निर्माण पर लगभग लगभग 1117  करोड़ खर्च अनुमानित है. अगले साल सितंबर 2017 तक सड़क निर्माण का काम पूरा होगा. 
 
मोहम्मदपुर-छपरा : स्टेट हाइवे 90 मोहम्मदपुर से छपरा 64 किलोमीटर सड़क को सात मीटर चौड़ा करने का काम गुड़गांव की कंपनी  गेवार कंस्ट्रक्शन लिमिटेड को मिला है. सड़क निर्माण पर 361 करोड़ खर्च अनुमानित है. सड़क का निर्माण दिसंबर 2017 तक पूरा होगा.  
 
स्टेट हाइवे 81 सक्कडी से नासरीगंज के बीच 83 किलोमीटर सड़क का निर्माण दो  एजेंसी मिल कर रही है. सक्कडी से सहार तक 44 किलोमीटर सड़क का निर्माण हैदराबाद की कंपनी बीएससीपीएल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को मिला है. जबकि सहार से नासरीगंज खंड पर लगभग 39 किलोमीटर सड़क का निर्माण हरियाणा की कंपनी एमजी कंस्ट्रक्शन लिमिटेड कर रही है. सड़क निर्माण पर 307 करोड़ खर्च अनुमानित है.  निर्माण काम नवंबर 2017 तक पूरा होना है. 
 
रून्नीसैदपुर-भीसवा : स्टेट हाइवे 87 रून्नीसैदपुर-भीसवा के बीच 68 किलोमीटर सड़क का निर्माण संयुक्त रूप से गुड़गांव की कंपनी बीएससी व सीएंडसी कर रही है. सात मीटर चौड़ा सड़क निर्माण पर 443 करोड़ खर्च होंगे. अगले साल फरवरी तक सड़क निर्माण का काम पूरा हो जायेगा. चौड़ा होने से आवागमन की सुविधा बढ़ेगी.  निर्माण काम समय पर पूरा होने के लिए कंपनी को निर्देश दिया गया है. 
 
सड़क निर्माण का काम निगम की देखरेख में हो रहा है. 
 
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में  चार साल  से लंबित योजनाओं को पूरा करने में ग्रामीण कार्य विभाग जुट गया है.  बिहार ग्रामीण पथ विकास अभिकरण ने तीन दर्जन से अधिक कार्यपालक अभियंताओं  से उनके यहां की चार साल पुरानी योजनाओं की जानकारी मांगी है.  ब्राडा के अपर मुख्य कार्यपालक  संजय कुमार ने इन कार्यपालक अभियंताओं से  पीएमजीएसवाइ में चार साल पुरानी योजनाओं की जानकारी मांगी है. जैसे अगर योजना लंबित है तो उनका कारण किया है. जमीन का विवाद है. कोर्ट में मामला है. 
 
अगर योजना बंद है तो उसपर कितना खर्च हो चुका है. कितना वसावट सड़क से जुटा है और कितना छूटा हुआ है. विभाग  लंबित योजनाओं को जल्द पूरा करने के प्रयास में है. अभी राज्य में फेज 1 का ही काम चल रहा है. 2019 तक देश में फेज 1 का काम पूरा हो जाना है. बिहार सहित जिन राज्यों में फेज 1 का काम बचा है केंद्र सरकार उसे पूरा कराने के लिए दबाव बनाये हुए है. अभी राज्य में पीएमजीएसवाइ में 12000 किलोमीटर सड़क का निर्माण चल रहा है. 5500 किलोमीटर सड़क की डीपीआर इस माह के अंत तक  स्वीकृति के लिए केंद्र को भेज देना है. 
सड़क से हटाये जायेंगे बिजली के खंभे
 
स्पेशल प्रोजेक्ट स्कीम के तहत एनएच 28बी में छपवा से बेतिया तक 25 किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण का काम होगा. साथ ही सड़क के स्ट्रैच में बेतिया-लौरिया के बीच बिजली के खंभे हटाये जायेंगे. सड़क चौड़ीकरण का काम डेढ़ साल में पूरा होना है जबकि बिजली खंभे हटाने का काम छह माह में पूरा होगा. पथ निर्माण विभाग की एनएच विंग ने सड़क के चौड़ीकरण व निर्माण सहित बिजली खंभे हटाने के लिए टेंडर निकाला है. सड़क चौड़ीकरण च निर्माण पर लगभग 35 करोड़ खर्च होंगे. सड़क चौड़ीकरण व निर्माण करने का काम चित्तौड़ की कंपनी जेएमसी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को मिला है. 
 
छपवा से बेतिया, लौरिया, बगहा होते हुए छितौनी तक 110 किलोमीटर सड़क में छपवा से बेतिया के बीच 25 किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण व निर्माण का काम बचा हुआ था. स्पेशल प्रोजेक्ट  स्कीम के तहत    इस काम को किया जा रहा है. बेतिया-लौरिया के बीच सड़क किनारे बिजली खंभे हटाने का काम पटना की एजेंसी राणा कंस्ट्रक्क्शन को मिला है. कांट्रैक्टर को सड़क के स्ट्रैच 41 किलोमीटर से 64 किलोमीटर के बीच में सड़क किनारे बिजली खंभे को छह माह में शिफ्टिंग करना है. इस काम में लगभग दो करोड़ 92 लाख खर्च होंगे.

 

नवाज शरीफ सरकार पर की रिपोर्ट पाकिस्तानी सरकार ने पत्रकार पर लगा दी देश से बाहर जाने पर रोक

इस्लामाबाद। (एजेंसी ) भारत की सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद पाक सरकार और सेना के बीच मुलाकात की खबर रिपोर्ट करने वाले पाकिस्‍तानी अखबार डॉन के पत्रकार साइरिल अल्‍मीडा के देश छोड़ने पर रोक लगा दी गई है।  यह कार्रवाई नवाज शरीफ सरकार के पाकिस्‍तानी सेना से आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहने की खबर के बाद की गई है। साइरिल को एग्जिट कंट्रोल लिस्‍ट में डाल दिया गया है। उन्‍होंने ट्वीट के जरिए बताया, ”मैं कहा गया है और सूचना दी गई है कि मैं एग्जिट कंट्रोल लिस्‍ट में हूं।” एग्जिट कंट्रोल लिस्‍ट के जरिए पाकिस्‍तान सरकार सीमा से बाहर जाने पर नियंत्रण रखती है। एक अन्‍य ट्वीट में अल्‍मीडा ने लिखा, ”लंबे समय से ट्रिप पर जाने की सोच रहा था। कुछ चीजें हैं जिन्‍हें मैं कभी माफ नहीं करूंगा। आज रात मैं दुखी हूं। यह मेरी जिंदगी है, मेरा देश है। क्‍या गलत हुआ।

सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सेना के बारे में ‘मनगढ़ंत’ कहानी प्रकाशित करने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया। गौरतलब है कि ‘डॉन अखबार’ ने छह अक्टूबर को पहले पन्ने पर छपी एक खबर में सूत्रों के हवाले से कहा था कि सरकार ने सैन्य नेतृत्व को आतंकवाद के कथित समर्थन के चलते पाकिस्तान के अलग थलग पड़ते जाने के बारे में सूचना दी है। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल राहिल शरीफ ने सोमवार को प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से उनके आवास पर मुलाकात की जिस दौरान वित्त मंत्री इशाक दार, गृह मंत्री निसार अली खान, पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ और डीजी आईएसआई लेफ्टिनेंट जनरल रिजवान अख्तर भी उपस्थित थे।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक बैठक के दौरान राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े विषय तथा पिछले हफ्ते डॉन अखबार में छपी खबर पर चर्चा हुई। बैठक में भाग लेने वालों ने महसूस किया कि यह जरूरी है कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अटकलबाजी वाली रिपोर्टिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा देश के हितों को ताक पर रखने से परहेज करें। बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री ने इस पर गंभीर संज्ञान लिया और इसके जिम्मेदार लोगों को निर्देश दिया है कि सख्त कार्रवाई के लिए उनकी पहचान की जाए। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री की ओर से इस बारे में तीसरी बार बयान जारी किया गया है। इस तरह का पहला बयान छह अक्‍टूबर को जारी हुआ था। इसके बाद 10 अक्‍टूबर को भी बयान हुआ। इसके कुछ घंटों बाद एक और बयान जारी किया गया।

बीबीसी हिंदी से साभार

अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनल्ड ट्रंप और हिलेरी क्लिंटन की दूसरी सार्वजनिक बहस देखने के बाद जो बात समझ में आ रही है, वह यह है कि रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रंप का चुनाव प्रचार पतन की ओर जा रहा है.