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नोटबंदी: 6 दिन में 25 मौतें, किसी को नरेंद्र मोदी का ऐलान सुनते ही आया हार्ट अटैक तो किसी की कतार में खड़े-खड़े गई जान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए नोटबंदी के फैसले के बाद लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए नोटबंदी के फैसले के बाद लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, मोदी ने सोमवार को गाजीपुर की रैली और शाम को सांसदों के साथ मीटिंग में भी इस बात को दोहराया कि आम जनता उनके निर्णय के खुश है और उनके साथ है। लेकिन नोटबंदी के कुछ साइड इफेक्ट की खबरें भी सामने आ रही हैं। अंग्रेजी वेबसाइट हफिंग्टन पोस्ट के अनुसार फैसले के बाद छह दिनों के अंदर ही बैंकों के चक्कर काट रहे लोगों में से 25 लोगों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट का यह भी कहना कि इतनों लोगों की मौत की खबर तो मीडिया को पता चली हैं लेकिन आंकड़े और भी ज्यादा हो सकते हैं। देखिए किस-किस की खबर मीडिया के सामने आई-
1. यूपी के बुलंदशहर में कैलाश हॉस्पिटल में इलाज ना मिलने से एक बच्चे की मौत हुई। उसके घरवालों के पास देने के लिए खुल्ले पैसे नहीं थे। वह हॉस्पिटल केंद्र मंत्री महेश शर्मा का है।
2. दिल्ली में एक महिला ने अपने आपको फांसी लगा ली क्योंकि वह तीन दिन से नोट बदलने की कोशिश कर रही थी लेकिन नाकाम रही।
3. गुजरात के सूरत में 50 साल की एक महिला की मौत हो गई। बाद में कहा गया कि महिला के पास अपने बच्चों को खिलाने के लिए राशन लाने के पैसे नहीं थे। दुकान वाले ने पुराने नोट लेने से मना कर दिया था। महिला के दो बच्चे थे।
4. यूपी के शामली इलाके में एक 20 साल की लड़की ने सुसाइड किया। बताया गया कि उसका भाई नोट बदलने के लिए गया था लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। इसपर जब वह घर आया तो बहन को पंखे से लटकता पाया।
5. कर्नाटक के चिकबालपुर जिले में 40 साल की महिला ने खुदकुशी कर ली। बताया गया कि वह 15 हजार रुपए बदलवाने के लिए बैंक गई थी। लेकिन वहां किसी ने वे पैसे चुरा लिए या फिर महिला से पैसे खो गए। इसपर उसने दुखी होकर जान दे दी। महिला ने अपने शराबी पति से छिपाकर वह पैसे जोड़े थे।
6. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 45 साल के किसान ने जान दे दी। बताया गया कि उसने तीन दिनों तक 3000 रुपए के नोट बदलवाने की कोशिश की लेकिन वह नाकाम रहा। उसके बच्चे किसी काम से तमिलनाडु गए थे लेकिन नोट बंद होने की वजह से वहीं फंस गए थे। वह वहां पैसा ना भेज पाने से निराश था।
7. गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले में 69 साल की महिला नोट बदलवाने गई थी। वहां लाइन में खड़े-खड़े उसको चक्कर आ गए और फिर हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई।
8. कानपुर में एक महिला नोट गिनते-गिनते मर गई थी। पुलिस को उसके पास से 2.69 लाख रुपए की पुरानी करेंसी मिली थी।
9. कानपुर में ही शख्स की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। बताया गया कि उस शख्स को नोटबंदी वाले फैसले पर पीएम मोदी का भाषण सुनते वक्त हार्ट अटैक आया था। एक दिन पहले ही उस शख्स ने अपनी जमीन बेची थी। उसके बदले में उसे एडवांस में 70 लाख रुपए मिले थे। वह उस जमीन को काफी वक्त से बेचने की सोच रहा था।
10. मुंबई के एक हॉस्पिटल में नवजात को सिर्फ इसलिए भर्ती नहीं किया क्योंकि उसके माता-पिता पर वैध करेंसी नहीं थी। इलाज ना मिलने पर उस बच्चे की भी मौत हो गई। सरकार द्वारा लिए गए फैसले के हिसाब से सिर्फ सरकारी हॉस्पिटल में ही पुराने नोट चल सकते हैं।
11. विशाखापट्टनम में 18 महीने की एक बच्ची की मौत हुई। उसके माता-पिता पर दवाई खरीदने के पैसे नहीं थे। प्राइवेट हॉस्पिटल ने 500 और 1000 के नोट लेने से मना कर दिया था।
12. उत्तरप्रदेश के मेनपुरी में एक बच्चा इलाज के लिए भर्ती था लेकिन फैसला आते ही डॉक्टर्स ने उसका इलाज करना बंद कर दिया। उसे बहुत तेज बुखार था। बावजूद इसके, माता-पिता उसे घर ले आए। घरपर ही उसकी मौत हो गई।
13. राजस्थान के पाली में एंबुलेंस ने चंपालाल मेघवाल के नवजात को हॉस्पिटल ले जाने से मना कर दिया क्योंकि उनके पास सिर्फ 500 और 1000 के नोट थे। जबतक मेघवाल ने 100-100 के नोटों का इंतजाम किया बच्चे की मौत हो चुकी थी।
14. यूपी के कुशीनगर जिले में एक महिला को नोटबंदी की जानकारी तब मिली जब वह 1000 के दो नोट बैंक में जमा करना गई। नोटबैन के बारे में पता लगते ही वह वहीं शॉक से मर गई। वह धोबिन थी और उसने वह पैसे काफी मेहनत से जोड़े थे।
15. तेलंगाना के महुबाद जिले में कंदुकुरी विनोदा नाम की 55 साल की महिला के पास 54 लाख रुपए थे। वह उसने अपने पति के इलाज, बेटी की शादी के लिए जमीन बेचकर जमा किए थे। निर्णय के बाद उसने सुसाइड कर लिया।
16. बंगाल के हावड़ा में एक शख्स ने नोटबंदी से परेशान होकर अपनी पत्नी का ही मर्डर कर दिया। वह एटीएम से पैसे लिए बिना लौटी थी।
17. बिहार के कैमुर जिले में 45 साल की महिला की हार्ट अटैक से मौत हुई। उस महिला को इस बात की चिंता थी कि उसकी लड़की का होने वाला ससुर और पति दहेज में पुराने नोट नहीं लेंगे। उसने 35 हजार रुपए बचा रखे थे।
18. केरल में एक महिला फैसले के बाद दूसरे दिन बैंक में 5 लाख रुपए जमा करवाने पहुंची। पहले दिन उसका नंबर नहीं आया था। वहां वह अचानक दूसरी मंजिल से गिर गई और वहीं उसकी मौत हो गई।
19. मुंबई में विश्वास वर्तक नाम से 72 साल के शख्स की हर्ट अटैक से मौत हो गई। वह बैंक के बाहर नोट बदलने के लिए इंतजार कर रहा था।
20. गुजरात के तारापुर में एक 47 साल के किसान की हार्ट अटैक से मौत हुई। उसे अपने खेत में काम करने वाले मजदूरों को पैसा देने की चिंता थी।
21. केरल के अल्लपुजाहा में 75 साल की एक महिला की मौत हुई। वह बैंक के बाहर बेहोश होकर गिर गई थी। वह एक घंटे से लाइन में इंतजार कर रही थी।
22. कर्नाटक के उदप्पी में 96 साल के शख्स की बैंक की लंबी लाइन में लगने से मौत हुई। उसे लाइन में खड़े काफी देर हो गई थी और बैंक तबतक खुला ही नहीं था।
23. मध्यरप्रदेश के सागर में बीएसएनएल से रिटायर 69 साल के विनय कुमार की बैंक में चैक जमा करवाने का इंतजार करते वक्त मौत हुई।
24. भोपाल में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कैशियर की हार्ट अटैक से मौत हो गई। गौरतलब है कि इन दिनों बैंक के लोगों पर ज्यादा काम करने का दबाव है।
25. उत्तरप्रदेश के फैजाबाद में एक शख्स की सीने में दर्द से मौत हो गई। पीएम मोदी का नोटबंदी वाला भाषण सुनते वक्त उसके सीने में दर्द शुरू हुई था। फिर वक्त पर इलाज ना मिलने से उसकी मौत हो गई।

छत्तीसगढ़ पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप!

दोरनपाल: छत्तीसगढ़ के बस्तर के ग्रामीण फिर से पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगा रहे हैं. रविवार को पुलिस ने मेड़वाही इलाके में नक्सलियों से मुठभेड़ में वंजाम नंदा को मार गिराने का दावा किया था. वंजाम नंदा के शव के पास से पुलिस को नक्सली सामग्री भी मिली थी.

जानकारी मिली थी कि रविवार को दोरनापाल में डीआरजी एवं एवं पुलिस बल ने जनमिलिशिया कमांडर वंजाम नंदा को मुठभेड़ में मार गिराया है. मृतक नक्सली पर 12 वारंट जारी हैं.

मृतक नक्सली पर दोरनापाल एवं जगरगुंडा मार्ग पर हुये कई वारदातों में शामिल रहने का आरोप भी है.

जबकि सोमवार को अरलपल्ली में बड़ी संख्या में ग्रामीण वंजाम नंदा के घर इकट्ठे हो गये. उन ग्रामीणों ने घटना की निंदा करते हुये पुलिस पर गंभीर आरोप लगाये.

ग्रामीणों तथा मृतक के परिजनों के अनुसार रात के 12 से 1 बजे के बीच पुलिस वंजाम नंदा के घर आ पहुंची तथा उसके पत्नी के सामने ही उसकी पिटाई करने लगी. पत्नी द्वारा विरोध किये जाने के बाद पुलिस के जवान उसे जंगल की ओर ले गये.

सुबह के तकरीबन 4 बजे जंगलों की ओर से गोलियों का आवाज आई. सुबह पता चला कि वंजाम नंदा मुठभेड़ में मारा गया है. ग्रामीणों ने इसे फर्जी एनकाउंटर करार देते हुये शव को पोलमपल्ली लाने की मांग की है.

वहीं, जितेन्द्र शुक्ला, एएसपी का कथन है कि वंजाम नंदा लंबे समय से नक्सली संगठन से जुड़ा हुआ था. उसने दोरनापाल तथा जगरगुंडा मार्ग में कई वारदातों को अंजाम दिया था. पुलिस को मेड़वाही के जंगल में नक्सलियों के मौजूदगी की खबर लगी थी. जिस पर पुलिस पार्टी भेजी गई थी.

जब जवान वहां पहुंचे तो नक्सलियों ने फायरिंग शुरु कर दी. जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की. सर्चिंग के दौरान नक्सली का शव मिला है. ग्राणीणों द्वारा लगाये गये आरोप बेबुनियाद हैं.(इनपुट सीजी खबर से ) 

प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के बाद अरविंद केजरीवाल ने 250 रुपए दिखाकर कहा- बस इतना ही कैश है

प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के बाद अरविंद केजरीवाल ने 250 रुपए दिखाकर कहा- बस इतना ही कैश है
अरविंद केजरीवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी ने नोट बंद करने का यह फैसला वापस लेने की मांग की है।

केंद्र सरकार द्वारा 500, 1000 रुपए के पुराने नोट बंद करने के फैसले की आलोचना कर रहे केजरीवाल ने सोमवार को मीडिया के सामने अपनी जेब की हालत का खुलासा किया। कैबिनेट बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्‍फ्रेंस खत्‍म होने के बाद जब एक शख्‍स ने केजरीवाल से पूछा कि उनके पास कितना धन है, तो उन्‍होंने जेब से 250 रुपए निकालकर सबको दिखाए। केजरीवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी से अपना यह फैसला वापस लेने की मांग की है। उनका आरोप है कि बीजेपी नेताओं को इस फैसले की भनक पहले ही लग गई थी। केजरीवाल ने नोटबंदी के मुद्दे पर दिल्‍ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का भी फैसला किया है। वह पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी से मंगलवार को मिलकर नरेंद्र मोदी सरकार के ख‍िलाफ लड़ाई की रूपरेखा बनाएंगे। केजरीवाल ने कहा है कि पीएम मोदी के इस फैसले से आम आदमी को तकलीफ हो रही है। केजरीवाल ने मोदी के दावे कि ‘गरीब शांति से सो रहे हैं और अमीर नींद की गोलियां खा रहे हैं’ पर भी पलटवार किया। उन्‍होंने कहा कि हकीकत इससे बिलकुल उलट है। ”असल में गरीब बैंकों के बाहर जमा है और वे मोदी के दोस्‍त हैं जो आराम से सो रहे हैं।”
अरविंद केजरीवाल ने 500 व 1000 रुपए के नोट बंद करने के फैसले को खराब योजना बताया। केजरीवाल ने सरकार से अड़े रहने की बजाय फैसला तुरंत वापस लेने को कहा। उन्‍होंने कहा, ”यह हमारी समझ से बाहर है कि वर्तमान 1,000 रुपए के नोट की जगह 2000 रुपए का नोट लाकर भ्रष्‍टाचार और ब्‍लैक मनी से कैसी लड़ाई की जा सकती है।”
केजरीवाल ने देश के दुर्गम इलाकों तक कैश पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना की मदद पर कहा कि यह दिखाता है कि सरकार घबरा गई है। उन्‍होंने कहा कि रईस खुशी मना रहे हैं और ईमानदार लोग अपने ही पैसों के लिए बैंकों के बाहर लाइन में खड़े हैं।
उन्‍होंने कहा, ”प्रधानमंत्री ने सामान्‍य स्थिति आने के लिए 50 दिन मांगे हैं। व्‍यापारियों की तरफ से, मैं पीएम से पूछना चाहता हूं कि अगले 50 दिन तक उनका काम कैसे चलेगा ? इसे वापस लिया जाए, हमें इसका कोई हल नजर नहीं आता।

नोटबंदी के साइड इफेक्‍ट्स: 6 दिन में 17 मौतें

17 लोगों की मौत कथित तौर पर नोटबंदी की वजह से होने की रिपोर्ट है।

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा 500, 1000 रुपए के पुराने नोट बंद करने के फैसले से देश में अफरातफरी का माहौल है। 8 नवंबर की रात 8 बजे ऐलान के बाद, लोगों ने पुराने नोट बदलने के लिए एटीएम और बैंकों के बाहर लंबी कतारें लगा रखी हैं। रातोंरात नोटों के अवैध घोषित होने के बाद बैंकों में भारी भीड़ देखी जा रही है। लेकिन इस भीड़ से गुजरकर काउंटर तक पहुंचने में लोगों के पसीने छूट रहे हैं। अब तक, 17 लोगों की मौत कथित तौर पर नोटबंदी की वजह से होने की रिपोर्ट है। कुछ मौतें सदमा लगने से हुई तो कुछ काफी देर तक लाइन में लगे रहने की वजह से बीमार हो गए। उत्‍तर प्रदेश के गोरखपुर में जब एक महिला ने सुना कि 500 व 1000 के नोट वैध नहीं रहे, सदमे से उसकी मौत हो गई। महिला को घोषणा का पता तब चला जब वह 1000 के दो नोट लेकर बैंक में जमा करने पहुंची थी। बताया जाता है कि दो दिन पहले ही, उसने छाेटे नोटों के बदले 1000 के नोट लिए थे, ताकि उसे जमा करने में सुविधा हो। वहीं, इस अफरातफरी में दो बुजुर्गों की भी मौत हो गई। गुजरात के सुरेंदरनगर जिले के लिमदी कस्‍बे में 69 वर्षीय बुजुर्ग तथा मध्‍य प्रदेश के सागर कस्‍बे में काफी देर तक खड़े रहे बुजुर्ग का दिल का दौरा पड़ा और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा 500, 1000 रुपए के पुराने नोट बंद करने के फैसले से देश में अफरातफरी का माहौल है। 8 नवंबर की रात 8 बजे ऐलान के बाद, लोगों ने पुराने नोट बदलने के लिए एटीएम और बैंकों के बाहर लंबी कतारें लगा रखी हैं। रातोंरात नोटों के अवैध घोषित होने के बाद बैंकों में भारी भीड़ देखी जा रही है। लेकिन इस भीड़ से गुजरकर काउंटर तक पहुंचने में लोगों के पसीने छूट रहे हैं। अब तक, 17 लोगों की मौत कथित तौर पर नोटबंदी की वजह से होने की रिपोर्ट है। कुछ मौतें सदमा लगने से हुई तो कुछ काफी देर तक लाइन में लगे रहने की वजह से बीमार हो गए। उत्‍तर प्रदेश के गोरखपुर में जब एक महिला ने सुना कि 500 व 1000 के नोट वैध नहीं रहे, सदमे से उसकी मौत हो गई। महिला को घोषणा का पता तब चला जब वह 1000 के दो नोट लेकर बैंक में जमा करने पहुंची थी। बताया जाता है कि दो दिन पहले ही, उसने छाेटे नोटों के बदले 1000 के नोट लिए थे, ताकि उसे जमा करने में सुविधा हो। वहीं, इस अफरातफरी में दो बुजुर्गों की भी मौत हो गई। गुजरात के सुरेंदरनगर जिले के लिमदी कस्‍बे में 69 वर्षीय बुजुर्ग तथा मध्‍य प्रदेश के सागर कस्‍बे में काफी देर तक खड़े रहे बुजुर्ग का दिल का दौरा पड़ा और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
मुंबई के गाेवांडी क्षेत्र में एक दंपत्ति को अपना नवजात बच्‍चा खोना पड़ा। बच्‍चे को तेज बुखार था और आरोप है कि अस्‍पताल में 500 व 1000 रुपए के नोट लेने से मना कर दिया था। दंपत्ति ने अस्‍पताल वालों के हाथ-पैर जोड़े मगर उनका दिल नहीं पसीजा और नवजात की जान चली गई। यह इकलौता मामला नहीं है, यूपी के मैनपुरी में अस्‍पताल द्वारा पुराने नोट लेने से इनकार करने के बाद एक और बच्‍चे की मौत हो गई थी। विशाखापटनम में भी 18 महीने के बच्‍चे की जान सिर्फ इस वजह से चली गई कि अस्‍पताल वालों ने पुराने नोट लेने से मना कर दिया था। जयपुर में एक पिता ने दावा किया कि उसके नवजात बच्‍चे की मौत इसलिए हो गई क्‍योंकि कोई एम्‍बुलेंस पुराने नोट लेकर अस्‍पताल चलने को तैयार नहीं थी। जब तक परिवार 100 रुपए के नोटों का इंतजाम करता, बच्‍चे की मौत हो गई।
छत्‍तीसगढ़ में सोमवार को 45 वर्षीय किसान ने कथित तौर पर सुसाइड कर लिया। बताया जाता है कि वह कई बार लाइन में लगने के बावजूद बंद हुए नोट नहीं बदलवा पाया था। पश्चिम बंगाल के हावड़ा में नोटबंदी से तनाव में चल रहे एक व्‍यक्ति ने अपनी पत्‍नी की हत्‍या कर दी। पत्‍नी एटीएम से खाली हाथ लौटकर आई थी, पति को लगा कि पत्‍नी को ज्‍यादा देर तक एटीएम की लाइन में लगे रहना चाहिए था।
एक अधेड़ महिला ने नोटबंदी का ऐलान होने के बाद आत्‍महत्‍या कर ली। उसने करीब 55 लाख रुपए में जमीन बेची थी, जिसका कुछ हिस्‍सा पति के इलाज में खर्च हो गया। बाकी पैसों से वह और जमीन खरीदना तथा बेटी की शादी करना चाहती थी। लेकिन पीएम मोदी का ऐलान सुनकर उसे लगा कि उसका पैसा बर्बाद हो गया, इसलिए उसने आत्‍महत्‍या कर ली।
पटना में नोटबंदी की खबर सुनने के बाद एक व्‍यक्ति की हार्ट अटैक से मौत हो गई। उसकी बेटी की शादी होने वाली थी और व्‍यक्ति को लगा कि दूल्‍हा दहेज में पुराने नोट नहीं लेगा। भोपाल में रविवार शाम स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया के नीलबाद ब्रांच के 45 वर्षीय क‍ैशियर की कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई। वह बैंक में ओवरटाइम कर रहा था।

केरल के थालासेरी में एक व्‍य‍क्ति 5 लाख रुपए जमा कराने गया थाा। डिपॉजिट स्लिप भरते हुए वह दूसरे माले से गिर गया और उसकी मौत हो गई। व्‍यक्ति ने एक दिन पहले ही पूरी रकम कर्ज के तौर पर ली थी। केरल के अलाप्‍पुझा में 75 वर्षीय कार्तिकेयन बैंक के बाहर गश खाकर गिरे, उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वह करीब एक घंटे से लाइन में खड़े थे। गुजरात में 47 वर्षीय किसान की नोट बदलवाने की लाइन में खड़े-खड़े मौत हो गई।
कर्नाटक के उड़ुपी में, एक 96 वर्षीय बुजुर्ग की लाइन में खड़े-खड़े मौत हो गई। बैंक तब तक ख्‍ुाल भी नहीं सका था। उत्‍तर प्रदेश के फैजाबाद में एक कारोबारी ने जब टीवी पर पीएम मोदी का ऐलान सुना तो उसे सीने में दर्द महसूस हुआ। डॉक्‍टर के पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।

7 सैनिकों के मारे जाने से बौखलाए पाक आर्मी चीफ राहिल शरीफ ने कहा- भारत को दो मुंहतोड़ जबाव

राहिल शरीफ आज रावलपिंडी के नजदीक झेलम में मारे गए सैनिकों के अंतिम संस्कार में शरीक होने आए थे।


पाकिस्तान आर्मी प्रमुख जनरल राहिल शरीफ ने आज (सोमवार को) अपने सैनिकों से कहा है कि सीमा पार से होनेवाली फायरिंग का मुंहतोड़ जबाव भारत को दो। पाक सेना प्रमुख का यह बयान भारतीय सैनिकों की कार्रवाई में सात सैनिकों के मारे जाने के बाद बौखलाहट में आया है। पाक सेना के प्रवक्ता के मुताबिक राहिल शरीफ आज रावलपिंडी के नजदीक झेलम में मारे गए सैनिकों के अंतिम संस्कार में शरीक होने आए थे। जहां उन्हें सेना के सीनियर कमांडर्स ने एलओसी पर के मौजूदा हालात की जानकारी दी।
इस दौरान राहिल शरीफ ने कहा कि पाक सेना सीमा पार से हो रहे हर हमले का माकूल जबाव देगी। शरीफ ने सैनिकों को ललकारते हुए कहा कि पाकिस्तान की रक्षा में एक भी पत्थर पीछे छूट न जाय। इस बीच पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि भारतीय सैनिकों के हमले का हमने भी मुंहतोड़ जवाब दिया है। आसिफ ने कहा कि हमारे सैनिकों ने भी भारतीय सैनिकों को मार गिराया है लेकिन भारत उसे छुपा रहा है।
गौरतलब है कि पाकिस्‍तान ने सोमवार सुबह दावा किया था कि रविवार की रात भारतीय सेना ने संघर्ष विराम का उल्‍लंघन कर भीमबेर सेक्‍टर में लाइन ऑफ कंट्रोल पर भारतीय जवानों ने गोलीबारी की जिसमें उसके 7 सैनिक मारे गए हैं।  पाकिस्‍तान ने भारत की पीओके में सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद पहली बार अपने सैनिकों के हताहत होने की बात कबूली है। अक्‍टूबर में पाकिस्‍तान ने भारतीय सेना के दावे कि बीएसएफ की गोलीबारी में 7 पाकिस्‍तानी रेंजर्स मार गिराए गए, का खंडन किया था। सर्जिकल स्‍ट्राइक्‍स के बाद, पाकिस्‍तान ने 90 से ज्‍यादा बार संघर्ष विराम का उल्‍लंघन किया है और कश्‍मीर में बीएसएफ की फॉरवर्ड पोस्‍ट्स पर गोलीबारी की। इस दौरान 10 भारतीय जवान शहीद हुए। पाकिस्‍तानी सीमा से लगे भारतीय गांवों में भी कई नागरिकों की मौत पिछले डेढ़ महीनों में हुई है। भारतीय सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी सेना ने 99 बार सीजफायर का उल्लंघन किया है।
आपको बता दें कि पाक सेना प्रमुख राहिल शरीफ इसी महीने रिटायर होने वाले हैं। इसलिए वो भारत के खिलाफ हरसंभव छद्म युद्ध की कोशिशों में जुटा है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक रिटायरमेंट तक राहिल शरीफ अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तनाव बनाकर रखना चाहते हैं ताकि शरीफ सरकार उन्हें सेवा विस्तार दे सके। इधर, उनके समर्थकों ने आज ही लाहौर हाई कोर्ट में राहिल शरीफ को सेवा विस्तार देने की मांग से संबंधित एक याचिका दायर की है।

पाकिस्तान: बलूचिस्तान में दरगाह में विस्फोट, 30 की मौत, 70 घायल

पाकिस्तान: बलूचिस्तान में दरगाह में विस्फोट, 30 की मौत, 70 घायल

दरगाह रिमोट इलाके में स्थित है, ऐसे में इमरजेंसी सुविधाओं के पहुंचने में दिक्कत हो रही है।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के बलूचिस्तान के खुजदार जिले में शाह नोरानी दरगाह में शुक्रवार को हुए विस्फोट में 30 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 70 लोग घायल भी हो गए। पाकिस्तान के अखबार डॉन ने अपनी वेबसाइट डॉन.कॉम पर तहसीलदार जावेद इकबाल के हवाले से लिखा है, ‘विस्फोट में बच्चों और महिलाओं सहित 30 लोगों की मौत हो गई और 70 घायल हो गए।’ यह विस्फोट दरगाह परिसर के अंदर उस जगह हुआ, जहां धमाल(सूफी रिवाज) हो रहा था। विस्फोट की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबल पहुंच गए। दरगाह के रिमोट क्षेत्र में होने की वजह से इमरजेंसी सर्विस के पहुंचने में दिक्कत हो रही है। विस्फोट के बाद इलाके की बिजली सेवा बाधित हो गई। अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बलूचिस्तान के गृहमंत्री मीर सरफराज अहमद बुगती ने कहा कि जो लोग विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, उन्होंने कराची भेजा गया है। दरगाह के पास कोई बड़ा अस्पताल नहीं है। घायलों को कराची भेजा जाएगा। अभी घायलों को प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जिले के सभी अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। दरगाह पर शुक्रवार के दिन काफी संख्या श्रद्धालू पहुंचे हैं। यहां पूरे पाकिस्तान से लोग आते हैं। ईरान के लोग भी यहां पहुंचते हैं। सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने विस्फोट में मरने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
इससे अलग पाकिस्तान को अभी तालिबान की समस्या से भी निजात मिलती नहीं दिख रही है। अफगान-तालिबान वार्ताकारों ने पाकिस्तान से कहा है कि उन्हें अफगान सरकार के साथ शांति वार्ता के लिए खुद को तैयार करने की खातिर और अधिक समय की जरूरत है। मीडिया की एक रिपोर्ट में आज बताया गया कि सोवियत जिहाद युग के प्रमुख नेतृत्वकर्ता, गुलबुद्दीन हिकमतयार द्वारा हिंसा को समाप्त करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद अफगान सरकार शांति वार्ता के लिए आतंकवादी समूह को तैयार करने की कोशिश कर रही है।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के अनुसार, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी की उपस्थिति में खाड़ी देश में एक वरिष्ठ तालिबान नेता के अफगान के खुफिया प्रमुख से मुलाकात करने की रिपोर्ट आने के बाद अक्तूबर में कतर स्थित तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के तीन वरिष्ठ सदस्य पाकिस्तान पहुंचे थे। तालिबान के एक सूत्र के हवाले से अखबार ने लिखा , ‘‘तालिबान के प्रतिनिधियों ने पाकिस्तानी अधिकारियों को इस बात से अवगत करा दिया है कि उन्होंने काबुल प्रशासन के साथ वार्ता करने के बारे में अभी तक फैसला नहीं किया है।’’तालिबान के नेताओं ने कहा है कि वह सिर्फ यह बता सकते हैं कि दो या तीन महीनों के बाद वे वार्ता में शामिल होंगे या नहीं।

शीला दीक्षित के दामाद को पुलिस ने गिरफ्तार किया

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के दामाद को घरेलू हिंसा के मामले में रविवार (13 नवंबर) को गिरफ्तार किया गया।

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के दामाद को घरेलू हिंसा के मामले में रविवार (13 नवंबर) को गिरफ्तार किया गया। वह शीला की बेटी से पिछले 10 महीनों से अलग रह रहे थे। शीला की बेटी  का नाम लतिका है। उनके दामाद का नाम सय्यैद मोहम्मद इमरान है। गौरतलब है कि इस वक्त शीला दीक्षित को उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव का प्रमुख चेहरा बनाया गया है। वह कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री पद का चेहरा हैं।
शीला का जन्‍म कपूरथला (पंजाब) में हुआ है, पर उनकी शादी यूपी में हुई। उनके ससुर उमा शंकर दीक्षित उन्‍नाव के रहने वाले थे। वह बंगाल के गवर्नर थे। उनके बेटे विनोद दीक्षित से शीला दीक्षित की शादी हुई थी। विनोदी आईएएस थे। जब वह आगरा के डीम थे, तब शीला समाजसेवा में सक्रिय थीं। बाद में वह राजनीति में आ गईं। वह 1984-89 के बीच कन्नौज से सांसद भी रह चुकी हैं। हालांकि, उसके बाद लगातार तीन चुनावों में उन्हें हार का मुंह भी देखना पड़ा।

500-2000 का नोट छाप रही कंपनी को भी नहीं था ‘लॉन्च डेट’ का अंदाजा, नए साल पर आने की थी उम्मीद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500-1000 रुपए के नोट एकदम से बैन कर देने पर नोट छापने वाली ईकाई सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SPMCIL) के अधिकारी भी हैरान हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500-1000 रुपए के नोट एकदम से बैन कर देने पर नोट छापने वाली ईकाई सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SPMCIL) के अधिकारी भी हैरान हैं। SPMCIL के कुछ सीनियर अधिकारियों ने संडे एक्सप्रेस के बातचीत करते हुए इस बात का जिक्र किया। अधिकारियों ने बताया कि नए नोट इस साल के सिंतबर के बाद से छपने शुरू हुए थे। नोटों को छापने के लिए तीन शिफ्टों में काम किया गया था। अधिकारी ने बताया कि उनकी दो-दो प्रेसों में नोटों की छपाई हुई। बातचीत करते हुए अधिकारी ने बताया, ‘हम लोगों को लग रहा था कि 31 दिसंबर या फिर 1 जनवरी से नए नोट शुरू किए जाएंगे। लेकिन अचानक घोषणा हुई और 10 नवंबर से ही नोटों को भेजा जाना शुरू करना पड़ा। साथ ही साथ 500-1000 के नोटों को बंद भी कर दिया गया जिससे काम और कठिन हो गया।’
अधिकारी ने आगे बताया कि मध्यप्रदेश के देवास और महाराष्ट्र के नासिक में मौजूद प्रेसों में 500 के नोट छपे थे और 2000 के नोट भारतीय रिजर्व बैंक नोट प्राइवेट लिमिटेड की कर्नाटक के मैसूर और पश्चिम बंगाल के सालबोनी प्रेस में छपे थे। इन सभी सिक्योरिटी प्रेस की क्षमता हर महीने 3 बिलियन नोट छापने की है। ऐलान से एक दिन पहले यानी सोमवार को वित्त मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने एक हाई लेवल मीटिंग बुलाई थी। मीटिंग में इस बारे में बात की गई कि नोटों को कैसे बैंकों और एटीएम में भेजा जाएगा। मीटिंग में RBI, SPMCIL, इंटेलिजेंस ब्यूरो, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक के टॉप अधिकारी शामिल थे। मीटिंग में तय हुआ कि सभी तरह के सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए पैसा बैंकों तक पहुंचाया जाएगा। जैसे झारखंड और बिहार में पैसा भेजने के लिए हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल हुआ।
भारत में नोट बनाने वाला पेपर होशंगाबाद, मध्यप्रदेश और मैसूर में बनता है। लेकिन नोटों के लिए ज्यादातर पेपर अब भी विदेशी कंपनियों से आयात करना पड़ता है। 2011 में RBI ने ब्रिटेन की कंपनी De La Rue से पेपर लेना बंद कर दिया था। उसके पेपर में सुरक्षा के लिहाज से कुछ खामियां पाई गईं थीं। 2016 में इंडियन एक्सप्रेस द्वारा पनामा पेपर्स की जांच में दो भारतीय एजेंट्स के नाम सामने आए थे जो बाहर की कंपनियों से भारत में पेपर लाते थे।

अरविंद केजरीवाल का आरोप, नोट बैन से पहले ही बीजेपी के लोगों ने काला धन ठिकाने लगा दिया

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने शनिवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स कर कहा कि 500 और 1000 का नोट बैन करने से पहले ही बीजेपी के लोगों ने अपना माल ठिकाने लगा दिया। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले देश में भ्रष्टाचार कम करने के नाम पर असल में देश में बहुत बड़े स्तर पर घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है। केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेन्स में इसके सबूत के तौर पर एक वीडियो क्लिपिंग भी दिखाई। केजरीवाल ने कहा, “मोदी जी का सर्जिकल स्ट्राइक काला धन के ऊपर नहीं है बल्कि आम जनता के वर्षों से जुटाए गए मेहनत के पैसों पर स्ट्राइक है।” उन्होंने देशहित में नोट बैन को तत्काल वापस लेने की मांग की।
इससे पहले शुक्रवार को भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी (सीपीआई-एम) ने भी पश्चिम बंगाल बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि नोट बैन किए जाने से पहले भारतीय जनता पार्टी ने तीन करोड़ रुपये काला धन को सफेद किया है। सीपीआईएम ने कहा है कि चूंकि बीजेपी नेताओं को इस बारे में पहले से जानकारी हो गई थी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 500 और 1000 रुपये के नोट को बैन करने की घोषणा करने वाले हैं इसलिए पार्टी नेताओं ने पहले से जमा तीन करोड़ रुपये कालाधन को सफेद कर लिया।
सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता रबिन देव ने कहा, “पश्चिम बंगाल की बीजेपी इकाई ने प्रधानमंत्री की घोषणा से एक घंटे पहले मंगलवार को कोलकाता के एक बैंक में रुपये जमा कराए हैं।” उन्होंने कहा, “केन्द्र सरकार के इस कदम से पश्चिम बंगाल में हो रहे उप चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश की गई है क्योंकि चुनाव खर्च के लिए अब बीजेपी के सिवा किसी भी पार्टी के पास पैसे नहीं हैं।”
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार (8 नवंबर) को घोषणा की थी कि 500 और 1000 के नोट 8 नवंबर की रात से प्रचलन से बाहर हो गए हैं। और उसकी जगह 500 और 2000 के नए नोट जारी किए जाएंगे। 9 नवंबर को देशभर के सभी बैंकों और एटीएम को बंद रखा गया था। उसके बाद 10 नवंबर से बैंकों में पुराने 500 और 1000 के नोट बदले जा रहे हैं लेकिन इसकी सीमा मात्र 4000 रुपये तक ही है। इससे देशभर के लोगों को परेशानी हो रही है।

कोर्टरूम में गरमागरमी: जस्टिस काटजू के तर्क से गुस्‍सा हुए जज ने गार्ड बुला कर कहा- इन्‍हें बाहर निकालो, काटजू बोले- जो करना है कर लो

भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में यह पहला मौका है जब सुप्रीम कोर्ट के किसी रिटायर्ड जज को अवमानना का सामना करना पड़ रहा है।

सौम्या हत्याकांड के फैसले की आलोचना करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड जज जस्टिस मार्कण्डेय काटजू को आज (शुक्रवार को) अवमानना का नोटिस जारी किया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि सौम्या केस में जस्टिस गोगोई पर जस्टिस काटजू की टिप्पणी तीन जजों वाली बेंच के फैसले की आलोचना नहीं है बल्कि यह जस्टिस गोगोई की अवमानना है। उधर सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवमानना नोटिस जारी किये जाने के बाद जस्टिस काटजू ने कहा, “मिस्टर (जस्टिस) गोगोई मुझे डराइए मत, आपको जो करना है, कीजिए।”
भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में यह पहला मौका है जब सुप्रीम कोर्ट के किसी रिटायर्ड जज को अवमानना का सामना करना पड़ रहा है। आज जस्टिस काटजू कोर्ट में पेश हुए थे। जब उन्होंने तर्क देने शुरु किए तो अदालत में मैहौल गर्म हो गया। हालात ऐसे बिगड़े कि जज को सुरक्षा गार्ड तक बुलाने पड़े। इससे पहले जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस यूयू ललित की पीठ ने 17 अक्तूबर को काटजू को इस मामले में नोटिस जारी कर अदालत में 11 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और कार्यवाही में भाग लेने को कहा था।

गौरतलब है कि फरवरी 2011 में केरल में 23 साल की सौम्या के साथ रेप हुआ था. इस मामले में त्रिशूर स्थित फास्ट ट्रैक अदालत ने गोविंदास्‍वामी को मौत की सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट ने मौत की सजा पर मुहर लगा दी। शीर्ष अदालत ने मौत की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की आलोचना करते हुए जस्टिस काटजू ने अपने ब्‍लॉग में लिखा था कि बैंच ने मान लिया कि सौम्‍या ट्रेन से कूदी थी ना कि गोविंदस्‍वामी ने उसे धक्‍का दिया था। उन्‍होंने लिखा था, “लॉ कॉलेज का छात्र भी जानता है कि अफवाही सबूत अस्‍वीकार्य होते हैं। काटजू ने पहले फेसबुक पर एक पोस्ट में शीर्ष अदालत के फैसले की आलोचना करते हुए इस पर पुनर्विचार की जरूरत बताई थी।

राजकोट टैस्ट, IND vs ENG, तीसरा दिन: पुजारा-विजय के शतकों से भारत का करारा जवाब

राजकोट टैस्ट में तीसरे दिन के खेल का आकर्षण पुजारा (124) और विजय (126) के शतक रहे।

चेतेश्वर पुजारा ने अपने घरेलू शहर में आकर्षक शतक जमाया जबकि मुरली विजय ने आक्रमण और रक्षण से भरी शतकीय पारी खेली जिससे भारत ने पहले टेस्ट क्रिकेट मैच के तीसरे दिन शुक्रवार (11 नवंबर) को यहां आखिरी क्षणों में चार गेंद के अंदर दो विकेट गंवाने के बावजूद इंग्लैंड की पहली पारी के विशाल स्कोर का करारा जवाब दिया। भारत ने इंग्लैंड के 537 रन के जवाब में तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक चार विकेट पर 319 रन बनाए हैं। तीसरे दिन के खेल का आकर्षण पुजारा (124) और विजय (126) के शतक रहे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 209 रन जोड़कर इंग्लैंड को सुबह दूसरे ओवर में गौतम गंभीर (29) के रूप में मिली सफलता का फायदा नहीं उठाने दिया। भारत अभी इंग्लैंड से 218 रन पीछे है। पुजारा ने तीसरे सत्र में आउट होने से पहले अपनी पारी में 206 गेंदें खेली तथा 17 चौके लगाए जबकि विजय दिन का खेल समाप्त होने से कुछ देर पहले पवेलियन लौटे। उनकी 301 गेंद की पारी में नौ चौके और चार छक्के शामिल हैं।
इंग्लैंड ने दूसरे और तीसरे सत्र में अनुशासित और कसी हुई गेंदबाजी का अच्छा नजारा पेश किया और उसने दिन के आखिरी पलों में वापसी की अच्छी कोशिश की। भारत ने चार गेंद के अंदर विजय के अलावा रात्रि प्रहरी अमित मिश्रा (शून्य) का भी विकेट गंवाया। पुजारा के आउट होने के बाद क्रीज पर उतरे कप्तान विराट कोहली को शुरू में रन बनाने के लिए जूझना पड़ा। स्टंप उखड़ने के समय वह 26 रन पर खेल रहे थे। भारत में पहली बार उपयोग में लायी जा रही निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) के कारण जीवनदान पाने वाले पुजारा ने चाय के तुरंत बाद दूसरी नई गेंद से किए गए पहले ओवर में ही क्रिस वोक्स पर एक रन लेकर टेस्ट मैचों में नौवां और इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा शतक पूरा किया। स्टेडियम में पुजारा के नाम की गूंज थी और शतक पूरा होते ही दर्शक झूमने लगे जिनमें पुजारा के पिता और पत्नी भी शामिल थे।
तीसरे सत्र के पहले ओवर में इंग्लैंड के रेफरल से बचने वाले विजय पर भी इससे जोश चढ़ा। उन्होंने मोइन अली पर अपनी पारी का तीसरा छक्का लगाया और फिर स्टुअर्ट ब्रॉड (54 रन देकर एक विकेट) पर लगातार दो चौके जड़कर अपना सातवां टेस्ट शतक पूरा किया। विजय का यह लगातार 16 पारियों के बाद पहला और इंग्लैंड के खिलाफ दूसरा शतक है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड का इस श्रृंखला में निर्णय समीक्षा प्रणाली का उपयोग करने का पहला फायदा पुजारा को मिला। वह जब 86 रन पर थे तब जफर अंसारी (57 रन देकर एक विकेट) की गेंद पर अंपायर क्रिस गैफेनी ने उन्हें पगबाधा आउट दे दिया था। उन्होंने विजय के साथ मशविरा करने के बाद रेफरल लिया और ‘बॉल ट्रैकर’ से पता चला कि गेंद विकेट के ऊपर से निकल रही थी। पुजारा के अलावा विजय का भी भाग्य ने साथ दिया। वह जब 66 रन पर थे तब ब्रॉड की गेंद पर कवर पर खड़े हसीब हमीद उनका कैच नहीं ले पाए थे। इसके बाद तीसरे सत्र के पहले ओवर में जब वह 86 रन पर थे तब इंग्लैंड ने मोईन अली की गेंद पर उनके खिलाफ रेफरल लिया था। पुजारा की तुलना में विजय धीमा खेले लेकिन उन्होंने मौका मिलने पर कुछ लंबे शॉट भी लगाए। पहले सत्र में जब मोईन की जगह बाएं हाथ के स्पिनर जफर अंसारी ने गेंद सभाली तो विजय ने लॉन्ग ऑन पर छक्का जड़कर उनका स्वागत किया। उन्होंने अंसारी और मोईन दोनों पर दो-दो छक्के लगाए।
यह साझेदारी आखिर में बेन स्टोक्स (39 रन देकर एक विकेट) ने तोड़ी जिन्हें इससे पहले पुजारा ने अपने खास निशाने पर रखा था। स्टोक्स बाद में इसका बदला चुकता करने में सफल रहे। एलिस्टेयर कुक ने नई गेंद से ब्राड और वोक्स के अलावा स्पिनरों को आजमाने के बाद स्टोक्स को गेंद सौंपी। उनकी पहली गेंद ही शॉर्ट पिच थी जिसे पुजारा ने स्लिप में खड़े कुक की तरफ खेल दिया जिन्होंने कैच लेने में गलती नहीं की। विजय इसके बाद लगभग 17 ओवर तक कोहली के साथ क्रीज पर रहे लेकिन इस बीच इन दोनों ने केवल 41 रन जोड़े। दिन का खेल समाप्त होने से ठीक पहले उनकी एकाग्रता भंग हुई। आदिल राशिद की गुगली उनके बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर सीधे शॉर्ट लेग पर खड़े हसीब अहमद के पास गयी। अगले ओवर में अंसारी ने मिश्रा को भी शॉर्ट लेग पर कैच कराया।
सुबह गंभीर का विकेट दूसरे ओवर में ही गंवाने के बाद पुजारा और गंभीर ने पहले सत्र में 94 और दूसरे सत्र में 68 रन जोड़े। दोनों ने ही पूरे आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। भारत ने सुबह बिना किसी नुकसान के 63 रन से आगे खेलना शुरू किया था। विजय और गंभीर ने कल शाम अच्छी बल्लेबाजी की और अर्धशतकीय साझेदारी निभायी थी। गंभीर हालांकि शुक्रवार (11 नवंबर) को अपने गुरुवार (10 नवंबर) के स्कोर में केवल एक रन जोड़कर दिन की सातवीं गेंद पर पवेलियन लौट गए। लगभग दो साल तक बाहर रहने के बाद वापसी करने वाले बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने स्टुअर्ट ब्रॉड की शुक्रवार (11 नवंबर) की पहली फुललेंथ गेंद को लेग साइड में मोड़ना चाहा लेकिन गेंद उनके बल्ले पर नहीं आयी और पगबाधा की जोरदार अपील पर अंपायर की उंगली उठ गयी। तब भारत का स्कोर 68 रन था। विजय और नए बल्लेबाज पुजारा ने इसके बाद इंग्लैंड के भारत में तीसरे सबसे बड़े स्कोर का करारा जवाब देने का बीड़ा बखूबी उठाया। सौराष्ट्र की तरफ से रणजी ट्रॉफी में इसी मैदान पर तिहरा शतक जड़ने वाले पुजारा पहली गेंद से ही आत्मविश्वास से भरे हुए दिख रहे थे। उन्होंने ब्रॉड पर बेहतरीन टाइमिंग से खूबसूरत चौका लगाया। इसके बाद उन्होंने रन बनाने की मुख्य जिम्मेदारी तथा अपने ड्राइव, कट और पुल का शानदार नजारा पेश किया।

इंग्लैंड पहली पारी : 537 रन

भारत पहली पारी:
मुरली विजय का हमीद बो राशिद 126
गौतम गंभीर पगबाधा बो ब्राड 29
चेतेश्वर पुजारा का कुक बो स्टोक्स 124
विराट कोहली नाबाद 26
अमित मिश्रा का हमीद बो अंसारी 00

अतिरिक्त 14
कुल : 108.3 ओवर में, चार विकेट : 319
विकेट पतन : 1-68, 2-277, 3-318, 4-319

गेंदबाजी
ब्रॉड 20-7-54-1
वोक्स 23-5-39-0
मोईन 22-6–70-0
अंसारी 17.3-1-57-1
राशिद 16-1-47-1
स्टोक्स 10-1-39-1

नोट बदलवाने बैंक पहुंचे राहुल गांधी तो टि्वटर पर उड़ा मजाक-नरेंद्र मोदी ने आपको रोड पर ला दिया

राहुल गांधी 4000 रुपए लेकर बैंक में अपने पुराने नोट बदलवाने पहुंच गए। वहां पर जाकर वे लगी लंबी कतार में जाकर खड़े हो गए।

कांग्रेस उपाध्यक्ष गुरुवार को अपने 4000 रुपए के पुराने नोट बदलवाने के लिए बैंक पहुंचे। बैंक जाकर वे नोट बदलवाने पहुंचे लोगों की कतार में जाकर खड़े हो गए। इस दौरान उन्होंने 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने के फैसले को लेकर पीएम मोदी पर निशाना सादा। राहुल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘मैं यहां अपने 4000 रुपए के पुराने नोट बदलने आया हूं। यहां पर लगी लंबी लाइन को अंदर कर दिया गया। मैं लाइन में खड़ा होना चाहता हूं। ना मीडिया को और ना ही पीएम मोदी को समझ में आएगा कि लोगों को कितनी दिक्कत हो रही है। मेरे लोगों को दर्द हो रहा है। मैं उनके दर्द के लिए यहां लाइन में खड़ा हूं।’ इसके बाद राहुल गांधी का टि्वटर सहित अन्य सोशल मीडिया साइट पर मजाक उड़ाए जाने लगा।

टि्वटर पर एक धर्मेंद्र ओझा ने लिखा है, ‘यह वही श्री नरेन्द्र मोदी जी है जिनको आपकी माता जी पानी-पी पी कर गाली देती थी,आज आपको रोड़ पर लगे ATM तक ला कर खड़ा कर दिया।’ वहीं अंकित तिवारी ने लिखा है, ‘पप्‍पु को लाइन पसंद है..पीएम बनने , कांग्रेस अध्‍यक्ष, अच्‍छा बेटा, कांग्रेसियों का नेता बनने की और भी बहुत सी लाइनों में है।’ इस यूजर ने लिखा है कि राहुल गांधी को सड़क पर लाकर खड़ा दिया, इससे अच्छे दिन कौन ला सकता है।

बिना ID प्रूफ के बदलवा सकेंगे पुराने नोट, 2000 रुपए के नोट सिर्फ बैंक से मिलेंगे, ATM से नहीं: SBI चीफ

अरुंधती भट्टाचार्य ने कहा, “दूसरे दिनों के मुकाबले गुरुवार को 20 फीसदी ज्यादा काम देखने को मिला है। ग्राहकों की सुविधा के लिए बैंकों को इस शनिवार और रविवार को भी खोला जाएगा।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की चेयरपर्सन अरुंधती भट्टाचार्य ने गुरुवार को बताया कि 2000 रुपए के नोट सिर्फ बैंक में उपलब्ध होंगे, एटीएम में नहीं। इसके अलावा उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि एसबीआई की ब्रांच में पैसे डालने या एक्सचेंज कराने के लिए आईडी कार्ड की फोटोकॉपी की भी जरूरत नहीं होगी। कालेधन के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने 8 नवंबर की मध्यरात्री से ही 500 रुपए और 1000 रुपए के नोट को बंद करने का एलान किया था। जिसके बाद एक दिन के लिए सभी बैंकों और दो दिन के लिए एटीएम को बंद रखा गया था। गुरुवार से सभी बैंक और कुछ एटीएम खुले थे, वहीं शुक्रवार से सभी एटीएम भी खुल गए हैं।
गुरुवार को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसबीआई चेयरपर्सन अरुंधती भट्टाचार्य ने कहा, “दूसरे दिनों के मुकाबले गुरुवार को 20 फीसदी ज्यादा काम देखने को मिला है। ग्राहकों की सुविधा के लिए बैंकों को इस शनिवार और रविवार को भी खोला जाएगा।” उन्होंने कहा कि विदेश में रह रहे भारतीय अगर पैसा जमा कराना या बदलना चाहते हैं तो उसके लिए खुद ही ब्रांच आना अनिवार्य नहीं है। हालांकि इसके लिए उन्हें अथॉरिटी लैटर के साथ किसी और को भेजना होगा।

रुंधती भट्टाचार्या ने यह भी बताया कि पूरे देश में बैंक की 7000 से ज्यादा कैश डिपॉजिट मशीने काम करने लगेंगी, जिनकी मदद से बैंक की ब्रांच में जाए बिना लोग पैसे जमा कर पाएंगे। अरुंधती भट्टाचार्या ने यह भी जानकारी दी कि बारह हजार से ज्यादा लेन-देन साढ़े तीन बजे तक दर्ज किए गए।

मनोहर पर्रिकर ने परमाणु नीति पर दिया बयान,हुआ बवाल, विपक्षी बोले- अबतक का सबसे गैरजिम्मेदाराना बयान

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के परमाणु बम पर दिए गए एक बयान ने विवाद पैदा कर दिया।

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के परमाणु बम पर दिए गए एक बयान ने विवाद पैदा कर दिया। मोनहर पर्रिकर ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘पहले प्रयोग नहीं (नो फर्स्ट यूज) की नीति’ के बजाय भारत यह क्यों नहीं कह सकता कि हम एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति हैं और गैरजिम्मेदार तरीके से इसका प्रयोग नहीं करेंगे।’ लेकिन इसके तुरंत बाद पर्रिकर बोले, ‘यह मेरा निजी विचार हैं। वर्ना कुछ कल यह खबर चला देंगे कि पर्रिकर ने न्यूक्लियर सिद्धांत में बदलाव कर दिए हैं। सरकार द्वारा कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह मेरे निजी विचार हैं।’ इसके अलावा रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी साफ किया कि नीति में कोई पर्रिवर्तन नहीं किया गया है। गौरतलब है कि 2014 में लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने वादा किया था कि वह भारत के न्यूक्लियर सिद्धांत पर चर्चा करके उसे नए तरीके से तैयार करेगी। लेकिन ना ही किसी चर्चा का अबतक जिक्र हुआ और ना ही कोई बदलाव ही हुए।

नो फर्स्ट यूज (NFU) न्यूक्लियर यूज के लिए भारत द्वारा अपनाई गई एक पॉलिसी है। इसके मुताबिक, भारत तब तक सामने वाले पर परमाणु हमला नहीं करेगा जबतक उसकी (दुश्मन) तरफ से ऐसा कोई हमला नहीं हो जाए। पहले यह ही पॉलिसी केमिकल और बायोलॉजिकल हथियारों पर लागू थी। पाकिस्तान ने ऐसी कोई पॉलिसी नहीं बना रखी है। 2003 में रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिज ने इस पॉलिसी में किसी भी तरीके के बदलाव होने की बात को खारिज कर दिया था। लेकिन 2011 में बीजेपी नेता जसवंत सिंह ने कहा था कि भारत को NFU का परित्याग कर देना चाहिए।

नरेंद्र मोदी को ट्रेन से 530 किमी की यात्रा कराएंगे जापान के प्रधानमंत्री, तीन घंटे अकेले रहेंगे दोनों नेता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दूसरे आधिकारिक दौरे पर जापान पहुंचे हैं।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिन के जापान दौरे पर हैं। शुक्रवार यानी आज पीएम मोदी जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से तोक्यो में मुलाकात करेंगे। दोनों अकेले में बातचीत करने के लिए जापान की हाई स्पीड ट्रेन शिंकंसेन में बैठकर तोक्यो से कोबे तक जाएंगे। एक अधिकारी ने बताया कि वह दूरी कुल 530 किलोमीटर है। इंडियन एक्सप्रेस को जानकारी मिली है कि सफर में आराम से द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। यह सफर कुल तीन घंटे का होगा। जापानी अधिकारियों ने बताया कि शिंजो ने ही इस यात्रा के बारे में जिक्र किया था। गौरतलब है कि जब शिंजो आबे भारत आए थे तो वह और मोदी एयरक्राफ्ट से वाराणसी गए थे। यह मुलाकात 2015 के दिसंबर में हुई थी। जापानी अधिकारी ने बताया कि मुलाकात का मकसद कोबे में कावासाकी के बड़े कारखाने दिखाना है। वहीं पर हाई स्पीड ट्रेनों को बनाया जाता है। पीएम मोदी की हाई स्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट में दिलचस्पी है। इसको ध्यान में रखकर यह किया जा रहा है। अधिकारी ने चीन की ‘धमकी’ का भी जिक्र किया। अधिकारियों ने कहा कि यह मुलाकात दोनों देशों के आपसी संबंध को लेकर है किसी तीसरे देश या फिर साउथ एशिया सी के मुद्दे पर इसमें कोई बात नहीं होगी।

इससे पहले पीएम मोदी के तोक्यो पहुंचने पर जापान में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में दिवंगत नरेश भूमिबोल अदुल्यदेज को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए थोड़ी देर रूकने के बाद मोदी तोक्यो पहुंचे थे। जापान पहुंचने पर उन्होंने भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ अपने होटल की लॉबी में बातचीत की था। मोदी के कार्यालय ने ट्वीट भी किया था, ‘‘भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री के तोक्यो पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।’’ट्वीट में भारतीय समुदाय के साथ मोदी की मुलाकात वाली तस्वीर भी पोस्ट की गई है।

मोदी अपने दूसरे आधिकारिक दौरे पर जापान पहुंचे हैं। पीएम मोदी जापान के नरेश आकिहितो के साथ भी बातचीत करेंगे। जापान के कुछ विपक्षी नेताओं से भी मिलने का उनका कार्यक्रम है।