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बिहारः एनडीए और महागठबंधन के बीच आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर -प्रत्यारोप का दौर जारी, कौन है किस पर भारी

पटनाः एनडीए और महागठबंधन के बीच आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पलटवार का दौर शुरू हो गया है। अपने-अपने राजनीतिक एजेंडे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी हो रही है। एनडीए अपने पंद्रह साल के विकास के साथ राजद के पंद्रह साल के कुशासन की याद जनता को दिला रही है, वहीं राजद लाॅकडाउन में प्रवासी मजदूरों के समस्या सुलझाने में सरकार की नाकामी को मुद्दा बना रही है।

सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की पहेली से हुई वर्चुअल एंट्री ने राज्य में सियासी पारा बढ़ा दिया। लालू यादव ने ट्विटर पर पहेली से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा। लालू यादव ने जनता से कोरोना काल में 83 दिनों से गायब रहने वाले रणछोड़ के हिसाब-किताब आने वाले चुनाव में लेने को कहा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के ट्वीट के बाद जनता दल यूनाइटेड के नेताओं ने राजद और लालू यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जदयू सांसद ललन सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि जमीन के बदले नौकरी देने वाले कौन हैं। जदयू प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि लालू प्रसाद बताए कि तीन साल से रांची के होटवार जेल में क्यो बंद हैं। जानवरों का चारा खाने वाले कौन हैं। जदयू नेता राजीव रंजन ने कहा कि लालू यादव आधुनिक युग के धृतराष्ट्र हैं।

वहीं भाजपा प्रवक्ता निखिल मंडल ने तेजस्वी यादव को घेरा। भाजपा नेता ने कहा कि 47 हजार का अरमानी शर्ट पहनने वाले तेजस्वी गरीबों का मसीहा बनने का ढोंग करते हैं। चार्टर्ड प्लेन में दोस्तों के साथ जन्मदिन मनाने वाले कैसे गरीबों की बात करते हैं।

तेजस्वी यादव के परिधान पर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने को राजद ने ओछी राजनीति बताया। राजद नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि तेजस्वी यादव किक्रेटर रहे हैं। उनके परिवार के लोग विदेशों में रहते हैं। तेजस्वी गरीबों के नेता हैं, इसे कोई बदल नहीं सकता है।

कोरोना काल में होने वाले विधानसभा चुनाव में वर्चुअल प्रचार का जोर रहेगा, जिसमें लालू यादव ने अपने खास अंदाज में एंट्री कर दिलचस्प बना दिया है।

दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, राज्य में सिर्फ दिल्लीवालों का इलाज

नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोनो वायरस (Corona virus) के मामलों में रिकॉर्ड उछाल देखी जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी में कटेंनमेंट जोन (Containment zone) की संख्या रविवार को बढ़कर 219 हो गई है। जिसमें उत्तरी जिले में सबसे अधिक 33 कटेंनमेंट जोन एक्टिव हैं। दिल्ली सरकार (Delhi Govt.) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को कुल 163 जोन शामिल थे, और शनिवार को 169 थे।

ऐसे में केजरीवाल (Kejriwal) सरकार ने बड़ा फैसला आया है। अब दिल्ली में बाहर से आने वाले लोगों को दिल्ली में इलाज करवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। केजरीवाल के फैसले के मुताबिक, दिल्ली में मौजूद दिल्ली सरकार के सरकारी अस्पतालों और प्राइवेट अस्पतालों में सिर्फ दिल्लीवासियों का ही इलाज होगा। वहीं केंद्र सरकार के हॉस्पिटल सभी के लिए खुले होंगे।

दिल्ली सरकार ने की घोषणा
दिल्ली सरकार की कैबिनेट (Cabinet) बैठक में यह फैसला लिया गया है। अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले अस्पतालों और दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली के लोगों का ही इलाज किया जाएगा। वहीं केंद्र सरकार के हॉस्पिटल जैसे एम्स (AIIMS), सफरदरजंग (Safdarjung) और राम मनोहर लोहिया (RML) में सभी लोगों का इलाज हो सकेगा, जैसा अब तक होता भी आया है। हालांकि, कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल जो स्पेशल सर्जरी करते हैं जो कहीं और नहीं होती उनको करवाने देशभर से कोई भी दिल्ली आ सकता है, उसे रोक नहीं होगी।

केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक, सोमवार से देशभर में होटल, रेस्टोरेंट, मॉल और धार्मिक स्थान खोलने की बात है। दिल्ली सरकार भी इसी के अनुसार इन रेस्टोरेंट, मॉल और धार्मिक स्थान को खोलने जा रही है। हालांकि, इस दौरान केंद्र सरकार के बनाए सोशल डिस्टेंसिंग के नियम लागू रहेंगे।

बार्डर खोले जायेंगे
केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में होटल और बैंक्वेट हॉल को अभी नहीं खोला जाएगा, आने वाले वक्त में होटल और बैंक्वेट हॉल को अस्पतालों के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ ही यह भी बताया कि सोमवार से दिल्ली के बॉर्डर (Border) को खोल दिया जाएगा। पिछले सप्ताह दिल्ली की सीमा को बंद कर दिया गया था। इसके बाद यह मामला अदालत तक पहुंच गया था। जनता की परेशानियों को देखते हुए सोमवार से दिल्ली के सारे बार्डर खोल दिए जायेंगे।

यूपी: फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर 25 जिलों में नौकरी करने वाली टीचर

देश में वैसे तो फर्जीवाड़े (Fraud) के मामले आते ही रहते हैं, लेकिन एक ही इंसान एक साथ कई जगह नौकरी करे, ये बात कुछ हजम नहीं हुई। ऐसा ही एक मामला जनपद कासगंज (kashganj) से सामने आया है। जहां फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर यूपी के 25 जिलों में नौकरी करने वाली टीचर (teacher) अनामिका शुक्ला (Anamika Shukla) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, इस बीच अनामिका शुक्ला को लगभग 1 साल ऊपर की सैलरी करीब एक करोड़ (1 crore) रुपए का भुगतान भी सरकार द्वारा किया गया। दरअसल, बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से डिजिटल डेटाबेस तैयार करने के दौरान ये बात सामने आई थी कि अनामिका शुक्ला के नाम से एक टीचर प्रदेश के कई जिलों में काम कर रही है। इसके बाद उसे नोटिस भेजा गया। नोटिस मिलने के बाद जब अनामिका इस्तीफा देने कासगंज पहुंची तो फर्जीवाड़े के आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। दरअसल, कस्तूरबा गांधी (Kasturbra Gandhi) आवासीय स्कूलों में संविदा पर लगने वाली नौकरी में दस्तावेज (documents) की जांच नहीं होती है। इंटरव्यू (Interview) के दौरान ही असली रिकार्ड देखे जाते हैं। चयन मेरिट के आधार पर किया जाता है। ऐसे में केस दर्ज करने के लिए अनामिका के दस्तावेजों को आधार बनाया गया है। क्योंकि इसमें ग्रेजुएशन को छोड़कर हाईस्कूल से इंटर तक 76 फीसद से ज्यादा अंक हैं। नेटवर्क 18 के हवाले से पता चला है कि जनपद कासगंज में पकड़ी गई कथित अनामिका असली नाम प्रिया जाटव (Priya Jatav) के अनुसार, उसकी मुलाकात गोंडा के रघुकुल विद्यापीठ में बीएससी करते वक्त ही मैनपुरी निवासी से हुई थी। उसने प्रिया को कहा कि वह उसकी नौकरी लगवा देगा, बशर्ते वह उसे 1 लाख रूपये दे। उसने प्रिया को यह भी बताया की फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने होंगे, उसके बाद ही नौकरी मिल सकती है। पैसे मिलने के बाद उसने प्रिया से नौकरी दिलवाने का वायदा किया। अगस्त 2018 में उसने प्रिया को नियुक्ति पत्र भी दिला दिया था। क्या है गोरखधंधा? बेसिक एजूकेशन अधिकारी अंजली अग्रवाल (Anjali Aggrawal) के मुताबिक अनामिका शुक्ला के मूल दस्तावेजों में धुंधली फोटो इस कांड में मददगार बनी। इंटरव्यू के दौरान यह फोटो देखी जाती है, लेकिन स्पष्ट न होने पर कैंडिडेट के आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र के आधार पर चयन किया जाता है। जिस तरह से बैंकों में अनामिका शुक्ला के नाम से खाता खुलवाया गया, उससे माना जा रहा है कि आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज फर्जी तैयार कराए गए हैं। पुलिस ने बेसिक एजूकेशन अधिकारी (Education Officer) अंजलि अग्रवाल की शिकायत पर अनामिका के खिलाफ धोखाधड़ी एवं फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में धारा 420, 467 एवं 468 में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, पुलिस धारा 471 लगाने की भी तैयारी कर रही है। पुलिस का कहना है मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन पूछताछ में नाम सहित कई अन्य जानकारियां मिली है। उनको भी जांच में शामिल किया जा रहा है। कौन है असली खिलाड़ी? सवाल ये है कि आखिर वह व्यक्ति है कौन जो इस तरह से घूस लेकर लोगों की नौकरियां लगवा रहा है। ये तो सिर्फ एक मामला सामने आया है। अभी तो इस मामले में कई परतें खुलना बाकी है। आखिर इस गोलमाल में शिक्षा विभाग के कौन से लोग शामिल हैं, जो इस तरह के फर्जीवाड़ों में उस व्यक्ति का साथ दे रहे हैं, और सरकार का खजाना खाली करने में लगे हैं। योगी सरकार (Yogi govt.) को इसका जवाब जल्द ही ढूंढना होगा।

मानव क्रूरताः प्रेग्नेंट हथिनी को खिलाया पटाखे से भरा अनानास, कुछ दिन बाद हुई मौत

 नई दिल्लीः केरल में प्रेग्नेंट हथिनी मानव क्रूरता का शिकार हो गयी। बताया जा रहा है की कुछ लोगों ने एक गर्भवती हथिनी को पटाखों से भरा अनानास खिला दिया। हथिनी के अनानास चबाने पर एक तेज विस्फोट हुआ जिससे दांत सहित उसका जबड़ा भी टूट गया। जिसके कुछ दिनों बाद तड़प-तड़पकर उसकी मौत हो गयी।

पलक्कड़ जिले में हुई इस प्रेग्नेंट हथिनी की मौत के एक हफ्ते बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। हथिनी पेट से थी और उसकी मौत किसी मानव द्वारा क्रूरता पूर्वक मजाक के कारण हुई। अब अपराधियों के खिलाफ पूरे देश से कड़ी कार्रवाई की हजारों आवाजें उठ रही है।

इन आवाजों में बॉलीवुड अभिनेताओं की भी आवाज शामिल है। रणदीप हुडा ने ट्वीट के जरिये दोषियों के खिलाफ सख्त करवाई की मांग की। वहीं अनुष्का शर्मा ने इंस्टाग्राम पर हथिनी की फोटो लगाते हुए सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग की है।
वन अधिकारी मोहन कृष्णन ने फेसबुक पर लिखा, “हथिनी लोगों पे भरोसा करती थी तो उसने अनानास खा लिया । वह खुद के बारे में नहीं सोच रही थी, लेकिन वह 18 से 20 महीने में जिस बच्चे को जन्म देने जा रही थी, उसके बारे में सोचकर परेशान थी।”

उसके मुंह में इतना शक्तिशाली पटाखा विस्फोट था कि उसकी जीभ और मुंह बुरी तरह घायल हो गए। हथिनी दर्द और भूख में, गाँव में घूमती रही। चोट लगने के कारण वह कुछ भी नहीं खा पा रही थी।

“चोट लगने के बावजूद भी उसने गाँव के एक भी इंसान को नुकसान नहीं पहुँचाया। उसने एक भी घर को नहीं उखाड़ा। यही कारण है कि मैंने कहा, वह अच्छाई से भरी थी,” श्री कृष्णन ने रोते हुए लिखा।

हथिनी नदी तक चली गयी और वहां खड़ी हो गयी। तस्वीरों में दिखाया गया है कि हथिनी नदी में अपने मुंह को पानी में डूबा रखा है , शायद असहनीय दर्द से कुछ राहत मिल जाए। वन अधिकारी ने कहा कि उसने अपनी चोटों पर मक्खियों और अन्य कीड़ों से बचने के लिए ऐसा किया होगा।

वन अधिकारियों ने उसे नदी से बाहर ले जाने के लिए दो हाथियों को बुलाया, जिन्हें सुरेंद्रन और नीलकंठन कहा जाता था। मोहन कृष्णन ने लिखा, “लेकिन मुझे लगता है कि उसके पास 6जी सेंस थी। उसने हमें कुछ करने नहीं दिया।”

अधिकारियों द्वारा हथिनी को बचाने के घंटों प्रयास के बाद, 27 मई की शाम 4 बजे, पानी में खड़े होकर उसकी मौत हो गई। हथिनी को एक ट्रक में जंगल के अंदर वापस ले जाया गया, जहां वन अधिकारियों ने उसका अंतिम संस्कार किया।

पुलिस अधीक्षक ने भूतपूर्व सैनिकों का किया सम्मान

अजीत मिश्रा : बिलासपुर (छतीसगढ़)

पुलिस अधीक्षक बिलासपुर प्रशान्त अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक प्रांगण में भूतपूर्व सैनिकों (Ex Armymen) का जो कि कोरोना वाइरस संक्रमण आपातकाल लॉक डाउन के क्रियान्वयन में बिलासपुर पुलिस के साथ कदम से कदम मिलाते हुए स्वयंसेवक एसपीओ की भूमिका निर्वहन करने के फलस्वरूप प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। पुलिस अधीक्षक की पहल पर रेडक्रास सोसायटी के माध्यम से समस्त एसपीओ को प्रोत्साहन राशि भी प्रदाय किया गया। इस अवसर पर भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण व अधिकारों के लिये गठित SIPAHI संस्था के प्रमुख व पूर्व एसीपी (सेना) के श्री महेन्द्र प्रताप सिंग राणा ने बिलासपुर पुलिस एवं एसपी बिलासपुर का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि भूतपूर्व सैनिक अपनी देश की सेवा जिस प्रकार से पूर्व में किये हैं। रिटायरमेंट पश्चात भी ज़रूरत पड़ने पर देश के लिये कर गुजरने का जज़्बा हमेशा है और रहेगा। तथा ऐसा सम्मान मिलता है तो हमारी प्रेरणा दुगुनी हो जाती है। प्रोत्साहन राशि के रूप में मिले राशि को समिति के माध्यम से सैनिकों के कल्याण हेतु खर्च किया जाएगा।

पढ़े कोविड-19 के संक्रमण से बचाव हेतु 01जून से ट्रेनों में सुरक्षित यात्रा हेतु आवश्यक दिशा निर्देश

अजीत मिश्रा : बिलासपुर (छतीसगढ़)
 

मंडल द्वारा बिलासपुर, अकलतरा, नैला, चाम्पा, बाराद्वार, सक्ती, खरसिया, रायगढ़, बेलपहाड़, ब्रजराजनगर रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही के लिए की गई है विशेष व्यवस्था 


भारतीय रेलवे द्वारा 01जून से 200 (100 जोड़ी ) ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। बिलासपुर मंडल से रायगढ़ -गोंदिया-रायगढ़ जनशताब्दी एक्सप्रेस का परिचालन व हावड़ा-सीएसएमटी-हावड़ा मेल एवं हावड़ा-अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस गुजरेगी। ये सभी गाड़ियां पूर्णतया आरक्षित होगी।  जनरल कोच के लिए भी सेकंड सिटिंग का आरक्षण किया जा रहा है।  इसके अलावा नईदिल्ली-बिलासपुर-नईदिल्ली स्पेशल ट्रेन भी चल रही है।  मंडल के बिलासपुर सहित ठहराव वाले सभी स्टेशनों पर 1 जून से चलने वाली स्पेशल ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए प्रवेश एवं निकास की अलग-अलग व्यवस्था एवं सुविधा केंद्र बनाए गए हैं जहाँ थर्मल स्क्रीनिंग व आवश्यक मेडिकल परीक्षण के उपरांत प्रवेश/निकास की अनुमति दी जाएगी।
बिलासपुर स्टेशन में यात्रियों को टिकट चेकिंग उपरांत उचित परिचय-पत्र के साथ गेट नं 02 से प्रवेश दिया जाएगा तथा सुविधा केंद्र में थर्मल स्क्रीनिंग व आवश्यक मेडिकल परीक्षण मेँ सफल यात्रियों को गाड़ियों मेँ प्रवेश दिया जाएगा | इसीप्रकार बिलासपुर स्टेशन में उतरने वाले यात्रियों के लिए सुविधा केंद्र में थर्मल स्क्रीनिंग व आवश्यक मेडिकल परीक्षण के बाद गेट नं 04 से निकास की व्यवस्था की गई है | यात्रियों के मार्गदर्शन हेतु स्टेशन के सभी प्रमुख स्थानों पर बैनर, पोस्टर का प्रावधान किया गया है साथ ही कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
रेल प्रशासन सभी यात्रियों से अनुरोध करता है कि कोविड-19 के रोकथाम हेतु निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत सामाजिक दूरी का पालन करते हुए मास्क लगा कर सुखद सफल यात्रा करें एवं स्टेशन ट्रेनों में प्रवेश एवं निकासी करते समय सहयोग करें तथा आवश्यक दिशा निर्देशों का पालन करें।


यात्रियों को सुरक्षित व आरामदायक सफर हेतु निम्न निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा - 


1, यात्रियों को गाडियो के निर्धारित समय से डेढ घण्टे (90 मिनिट) पहले स्टेशन आना आवश्यक होगा।
  2 केवल कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को ही रेलवे स्टेशन में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी। 
 3 . सभी यात्रियों को प्रवेश करते समय और यात्रा के दौरान फेस कवर/मास्क पहनने होंगे।
 4. स्टेशन और ट्रेनों में सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
 5. थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से कराना होगा।
 6. ट्रेन के भीतर किसी तरह की चादर, कंबल और पर्दे उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे। 
 7 सभी यात्रियों को आरोग्य सेतु एप्लीकेशन को डाउनलोड और इस्तेमाल करना आवश्यक होगा।

A News Edit By : Yash Kumar Lata

गोरखपुर के लिए निकली ट्रेन पहुंची ओडिशा, रेलवे ने मामले की जांच शुरू की

लॉकडाउन खत्म होने की राह देख रहे प्रवासी श्रमिक पहले ही मुसीबत की मार झेल रहे थे, ऊपर से रेलवे ने उनके लिए एक और मुसीबत खड़ी कर दी है। भारतीय रेल ने प्रवासी श्रमिकों की दुर्गति को देखते हुए उनके लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने की सोची। इससे मजदूरों को लगा की सरकार को आखिर देर से ही सही, लेकिन उनकी याद तो आयी। इससे शहरों में फंसे हुए प्रवासी मजदूरों को एक उम्मीद जगी कि जैसे-तैसे सही सलामत वह अपने गांव पहुंच ही जायेंगे। 

लेकिन लापरवाही की हद तो तब हो गई जब मुंबई से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जाने के लिए निकली ट्रेन ओडिशा पहुंच गई। मुंबई से ट्रेन में बैठे लोग जब आज सुबह उठकर घर जाने के लिए तैयार हुए तो उन्होंने खुद को गोरखपुर नहीं, बल्कि ओडिशा में पाया। रेलवे की इस लापरवाही ने एक पुराने गाने "जाना था जापान पहुंच गए चीन" की याद दिला दी।

21 मई को मुंबई के वसई स्टेशन से गोरखपुर (यूपी) के लिए रवाना हुई ट्रेन अलग मार्ग पर चलते हुए ओडिशा के राउरकेला पहुंच गई। नाराज यात्रियों ने जब रेलवे से इसका जवाब मांगा तो वहां मौजूद अधिकारियों ने कहा कि कुछ गड़बड़ी के चलते ट्रेन के चालक अपना रास्ता भूल गया।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले में रेल चालक की कोई गलती नहीं है। गंतव्य में परिवर्तन डिजाइन द्वारा किया गया था। हालांकि ये सवाल अभी बरकरार है कि रेल में यात्रा कर रहे यात्रियों को रूट में बदलाव को लेकर कोई जानकारी क्यों नहीं दी गई? रेलवे ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रवासी मजदूर मुंबई से निकलकर अब ओडिशा में फंस गए हैं और अभी भी अपने घर जाने का इंतजार कर रहे हैं।

बस पर सियासत या वाकई प्रवासी मजदूरों की मदद करना चाहती है कांग्रेस?

उत्तर प्रदेश में प्रवासी मजदूरों के लिए बसें चलाने को लेकर सियासत कांग्रेस ने तेज कर दी है। क्या कांग्रेस वाकई इन मजदूरों की मदद करना चाह रही है या उत्तर प्रदेश में अपनी ढीली होती पकड़ को फिर से मजबूत करने की एक कोशिश है? वैसे तो इस मुद्दे पर अखिलेश यादव  और मायावती भी सरकार को लिख रही हैं। लेकिन प्रियंका गांधी ने एक कदम आगे बढ़कर 1000 बसें चलवाने की पेशकश सरकार को कर दी। यही नहीं अगले दिन यूपी बॉर्डर पर कांग्रेस की तरफ से मजदूरों को ले जाने वाली बसें भी खड़ी कर दीं। देर से ही सही प्रियंका की 1000 बसों के प्रस्ताव को योगी सरकार ने मंजूरी दी तो सवाल उठे कि आखिर धुर-विरोधी कांग्रेस की बात बीजेपी ने कैसे मान ली?

खैर कुछ देर में यूपी सरकार ने नया दांव चलते हुए प्रियंका के निजी सचिव को पत्र लिखकर 1000 बसों को लखनऊ भेजने को कहा। कांग्रेस ने इसे ओछी राजनीति के साथ समय और संसाधन की बर्बादी बताया। देखा जाए तो इस पूरे प्रकरण में जहां प्रियंका की कोशिश यूपी में कांग्रेस को प्रवेश कराने की है तो वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कोशिश दो बड़े सियासी दलों समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को उत्तर प्रदेश से पूरी तरह से सफाया करने की है। 
2022 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस प्रदेश में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाना चाहती है और इससे अच्छा समय और क्या हो सकता है, जब लाखों प्रवासी मजदूर अपने घर जाना चाह रहे थे, और उन्हें कोई राह नज़र नहीं आ रही है। इस समय जो भी पार्टी इनके सहयोग के लिए हाथ बढ़ायेगी, समझों अगले चुनाव में उसका बेड़ा पार हो सकता है। 

वहीं योगी सरकार ने कांग्रेस के प्रस्ताव को मानकर एक तीर से कई शिकार करने की तैयारी में है। जहां योगी सरकार ने एक ओर सकारात्मक पॉलिटिक्स की राह दिखाई तो वहीं मंजूरी के साथ शर्तों से कांग्रेस को 1000 बसें चलाने की चुनौती भी दी है। इसके अलावा यूपी के दो मजबूत दल एसपी-बीएसपी की राजनीति को किनारे कर दिया है।
इस बीच यूपी सरकार ने प्रियंका गांधी को एक और लेटर जारी करते हुए 500-500 बसों को नोएडा और गाजियाबाद सीमा पर भेजने को कहा है। कांग्रेस का आरोप- सरकार जानबूझकर मजदूरों की मदद में देरी करा रही है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

छत्तीसगढ़ ओडीएफ प्लस प्लस घोषित होने वाला देश का पहला और इकलौता राज्य : केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने की घोषणा

 रायपुर 20 मई 2020भारत सरकार द्वारा जारी ओडीएफ प्लस प्लस के नतीजों में छत्तीसगढ़ राज्य के सभी नगरीय निकायों में शानदार सफलता का परचम लहराया है। छत्तीसगढ़ राज्य देश का पहला और इकलौता राज्य है, जिसे ओडीएफ प्लस प्लस होने का गौरव हासिल हुआ है। मुख्यमंत्री   भूपेश बघेल के नेतृत्व में स्वच्छता के मामले में अंबिकापुर शहर में एक बार फिर पूरे देश में नाम रौशन किया है।
    नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने आज यहां बताया कि राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण रिपोर्ट में 5 स्टार रेटिंग के साथ छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर को इस सूची में प्रथम स्थान पर जगह मिली है। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य 14 शहरी निकायों को भी 3 स्टार और 1 स्टार रेटिंग प्राप्त हुई है। डॉ. डहरिया ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा आज स्टार शहरों की गारबेज स्टार रेटिंग प्रोटोकॉल के नतीजे नेशन मीडिया सेंटर से आनलाईन प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जारी किए गए। जिसमें छत्तीसगढ़ का अंबिकापुर शहर पहले स्थान पर है। इससे पहले पिछले रेटिंग में भी अंबिकापुर को देश में दूसरा स्थान मिला था।
    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिव कुमार डहरिया ने स्टार रेटिंग एवं ओडिएफ प्लस प्लस की सफलता पर सचिव सुश्री अलरमेलमंगई डी. एवं समस्त नगरीय निकायों के महापौर, अध्यक्ष, पार्षदों सहित निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वच्छता दीदियों-कर्मियों को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए निरंतर इसी प्रकार के प्रयास जारी रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा है कि स्वच्छता के मामले में अंबिकापुर शहर का नाम यूं ही देश के पटल पर नहीं है, यहां का प्रशासन, निगम प्रशासन, निगम जनप्रतिनिधि तथा शहरवासी भी शहर की सफाई को लेकर काफी जागरूक है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता दीदियों व निगम के स्वच्छता अमलों की दिन-रात की मेहनत से अंबिकापुर व अन्य निकाय घोषित रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन किया है।
    ज्ञातव्य है कि ओडीएफ प्लस प्लस के नतीजों में राज्य के सभी निकाय सफल हुए हैं एवं छत्तीसगढ़ इस उपलब्धि को पाने वाला देश का एक मात्र राज्य है। केन्द्रीय मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के नतीजे आज घोषित कर जानकारी दी गई है।
    उल्लेखनीय है कि अंबिकापुर के महिला स्व-सहायता समूह द्वारा गारबेज कलेक्शन का काम किया जाता है। इससे साथ ही यहां बड़े पैमाने पर शहर से रोजाना निकलने वाले कचरें को री-सायकिल किया जाता है। डॉ. डहरिया ने बताया कि अंबिकापुर शहर के नगरीय निकाय द्वारा अपनाई गई कचरा संग्रहण प्रणाली की पूरे देश सहित दुनिया भर में काफी तारिफ हुई है और अब अंबिकापुर नगर निगम की तर्ज पर छत्तीसगढ़ की बाकी निगमों में भी इस प्रणाली को लागू किया गया है। इसके साथ ही अंबिकापुर शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अलावा वेस्ट वाटर के रि-साईक्लिंग की प्रणाली विकसित की है। यहां बड़े पैमाने पर ड्रेनेज वाटर को शुद्ध कर वापस उपयोग के योग्य बनाया जा रहा है। अंबिकापुर के इस उपलब्धि ने पूरे छत्तीसगढ़ राज्य को गौरवान्वित किया हैै।
    डॉ. डहरिया ने बताया कि केन्द्रीय शहरी मंत्रालयों की इस सूची में 5 स्टार रेटिंग के अतिरिक्त 3 और 1 स्टार की भी रैंकिंग जारी की गई है। केन्द्रीय मंत्री आवास पर्यावरण एवं शहरी मामलों के मंत्री श्री हरदीप पुरी द्वारा घोषित इस रैंकिंग मंे छत्तीसगढ़ की 9 शहरी क्षेत्रों को 3 स्टार रेटिंग प्रदान की गई है तथा कचरा मुक्त नगरीय क्षेत्रों में 5 निकायों को 1 स्टार रेटिंग मिली है। 3 स्टार रेटिंग प्राप्त करने वाले शहरों में दुर्ग जिले के भिलाई नगर और पाटन सहित दंतेवाड़ा के बारसुर, बिलासपुर, जशपुर नगर, कांकेर के नरहरपुर, रायगढ़, राजनांदगांव, मुंगेली के सरगवां शामिल हैं। इसी प्रकार 1 स्टार रेंिटंग प्राप्त करने वालों शहरों में रायगढ़ जिले के बरमकेला, बेमेतरा के बेरला, बालोद के चिखलाकसा, कोरबा के कटघोरा और कांकेर के पखांजूर शहर शामिल हैं।
    डॉ. डहरिया ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा जारी ओडीएफ प्लस प्लस के स्वच्छ सर्वेक्षण में केन्द्र सरकार द्वारा नियुक्त इंडीपेंडेंट एजेंसी के माध्यम से ओडीएफ के सर्वे कराए जाते हैं। राज्य के नगरीय निकाय तीन से चार बार ओडीएफ एवं ओडीएफ प्लस परीक्षण में सफल हुए हैं। ओडीएफ के मुकाबले ओडीएफ प्लस प्लस परीक्षण में खुले मंे शौच नहीं जाने सार्वजनिक सह समुदायिक शौचालय सुविधाओं के उपलब्धता के साथ-साथ सेपटिक टैंक से निकलने वाले फिकल स्लज के सुरक्षित वैज्ञानिक निपटान की स्थिति का निरीक्षण किया जाता है। उन्हांेने बताया कि ओडीएफ की स्थिति में सुधार के लिए राज्य शासन द्वारा संचालित स्वच्छता श्रृंगार एवं सुविधा-24 योजना का इस सफलता में महत्वपूर्ण योगदान है।

दिल्ली-यूपी बार्डर और अप्सरा बार्डर पर प्रवासी मजदूर बड़ी संख्या में बस का कर रहे हैं इंतजार

नई दिल्लीः दिल्ली-यूपी बार्डर और अप्सरा बार्डर पर प्रवासी मजदूर बड़ी संख्या में जमा हो रहे है। यहां भारी भीड़ को देखकर ऐसा लग रहा है कि किसी को कोरोना संक्रमण का कोई डर नहीं हैं। लॉकडाउन के नियमों की लोग खुले तौर पर धज्जियां उड़ा रहे हैं। कोई शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो रहा है। 

सूत्रों के मुताबिक, औरैया सड़क हादसे के बाद यूपी सरकार के उस आदेश के बाद यह भीड़ जुटी है जिसमें कहा गया है कि जो मजदूर पैदल जा रहे हैं उन्हें प्रशासन बस उपलब्ध कराएगा। बॉर्डर पर मजदूर लाइन लगाकर बस का इंतजार कर रहे हैं। लोगों से पूछने पर उन्होंने कहा कि वो अपने घर वापस जाना चाहते हैं। 

उधर सहारनपुर-अंबाला हाईवे पर बिहार के प्रवासी श्रमिकों को पुलिस ने रोका तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने सहारनपुर-अंबाला हाईवे पर हंगामा कर दिया और पूरा हाईवे जाम कर दिया। ये सभी अपने घर बिहार वापस जाना चाहते हैं लेकिन पुलिस ने इन्हें रोक दिया है। इसी वजह से मजदूरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और अंबाला हाई-वे जाम कर दिया।

प्रवासी श्रमिकों ने प्रशासन से मांग की है कि या तो उन्हें आगे बढ़ने दिया जाए या फिर उनकी वापसी के लिए ट्रेन या किसी अन्य साधन की व्यवस्था की जाए। अन्यथा वो अब यहीं बैठे रहेंगे, कहीं नहीं जायेंगे। सभी लोग नीतीश सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। हालात काफी तनावपूर्ण नजर आ रहे हैं। टकराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने हाईवे पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है।

उधर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के रीवा के चाकघाट बॉर्डर पर पुलिस ने प्रवासी मजदूरों को रोकना शुरू किया। प्रवासी मजदूर इतनी बड़ी संख्या में आ रहे हैं इसका अंदाजा पुलिस को भी नहीं था लिहाजा स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ती हुई दिखाई दी। भारी संख्या में प्रवासी मजदूर जब रोक दिए गए तो वह खाने की मांग करने लगे। प्रशासन इसके लिए तैयार नहीं था। रात 11 बजे तक मजदूरों को खाना नहीं मिला तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया और हाईवे भी जाम कर दिया।

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में शनिवार को हुए भीषण सड़क हादसे के बाद सीएम योगी ने एक बार फिर से सभी अधिकारियों से प्रवासी मजदूरों के पैदल चलने पर रोक लगाने को कहा है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जारी आदेश में स्पष्ट तौर पर सीएम योगी ने कहा कि किसी भी प्रवासी नागरिकों को पैदल, अवैध या असुरक्षित गाड़ियों से यात्रा न करने दिया जाए। इसी के चलते बार्डर पर टकराव की स्थिति बनी हुई है।

दर्दनाक हादसे में 24 प्रवासी मजदूरों की मौत, 15 लोग घायल

उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में प्रवासी मजदूरों से भरी डीसीएम में ट्रक ने टक्कर मार दी जिससे 24 मजदूरों की मौत हो गई। इस घटना में 15 लोग घायल हैं। घायलों को जिला अस्पताल व सैफई पीजीआई भेजा गया है। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को रेस्क्यू कराया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, मजदूरों को लेकर आ रही डीसीएम में ट्रक ने टक्कर मार दी जिसमें 24 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 लोग लोग घायल हैं। सभी घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। डीसीएम सड़क पर खड़ी थी तभी ट्रक ने उसमें टक्कर मार दी। औरेया की एसपी सुनीती सिंह और कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद है। पुलिस राहत और बचाव कार्य में जुटी है। जो लोग गंभीर रूप से घायल हैं उनको कानपुर के हैलट अस्पताल में रेफर किया गया है। इस भीषण घटना को देखते आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है।

घटना शनिवार तड़के 3.30 तीन बजे की है। 24 मजदूरों की मौत घटनास्थल पर हो गई जबकि कई लोग घायल हो गए। घटना के वक्त अंधेरा था, इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में काफी दिक्कत आई। प्रशासन के साथ आसपास के लोगों ने मदद की और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

ये मजदूर दिल्ली से गोरखपुर जा रहे थे. मजदूर राजस्थान से दिल्ली पहुंचे थे और यहां से गोरखपुर जा रहे थे. हादसा तब हुआ जब दिल्ली से आने वाली डीसीएम पर बैठे मजदूरों ने सुबह से पहले चाय पीने की इच्छा जाहिर की. ये मजदूर औरैया-कानपुर देहात रोड़ पर सड़क के किनारे एक ढाबे पर चाय पीने लगे। इस दौरान कुछ मजदूर डीसीएम से उतरकर ढाबे पर गए थे, बाकी मजदूर डीसीएम में ही सोए रहे। तभी अचानक राजस्थान से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने मजदूरों की एक डीसीएम को जोरदार टक्कर मार दी। ये टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों ही गाड़ियां पलट गईं और सड़क के किनारे एक गड्ढ़े में जा गिरीं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जाहिर की है। मुख्यमंत्री ने सभी घायलों को फौरन उचित इलाज मुहैया कराने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कानपुर के कमिश्नर और आईजी को निर्देश दिया के वे घटनास्थल का दौरा करें और जल्द से जल्द घटना के कारणों की रिपोर्ट दें। 

ट्रिपल मर्डर केस: एक ही परिवार के 3 लोगों की हत्या, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घटना से बेहद नाराज

लखनऊः प्रयागराज के के मांडा थाना क्षेत्र में बुधवार की रात, एक ही परिवार के तीन लोगों की गला रेतकर हत्या का मामला सामने आया है। घटना प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र में स्थित अंधी गांव की है। गुरुवार सुबह इस मामले की जानकारी होने पर परिवार के अन्य सदस्य व ग्रामीणों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। प्रयागराज में ट्रिपल मर्डर केस के कारण गांव के लोग खौफजदा है। सामूहिक हत्या की सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस की टीम मामले की जांच-पड़ताल में जुट गयी है।

जानकारों के मुताबिक, बुधवार की रात नंदलाल, उनकी 48 वर्षीय पत्नी छबीला देवी, 16 वर्षीय पुत्री राज दुलारी और उसका पुत्र राम बहादुर गांव में अपने पुराने घर में सोने चला गया। नंदलाल फसल की रखवाली करने खेत में चले गए। छबीला देवी घर के दरवाजे के बाहर सो गई, जबकि राज दुलारी घर के अंदर सो रही थी। रात में किसी समय हयारों ने धारदार हथियार से नंदलाल, छबीला देवी और राज दुलारी की हया कर दी। सुबह जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई तो पुलिस को इस घटना की सूचना दी।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ इस घटना से बेहद नाराज हैं। कोरोना संकट के कारण जारी लॉकडॉन के बीच उन्होंने इस सामूहिक हत्याकांड का संज्ञान लेते हुए प्रयागराज के अधिकारियों को मौके पर जाने का निर्देश दिया। साथ हि जांच खत्म कर दोषियों पर उचित कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।

गुजरात के इट भठ्ठे में फसे मस्तुरी के मजदूर लड़ रहे भूख से लड़ाई

संवाददाता : सूरज सिंह : मस्तुरी ( छतीसगढ़ )

मस्तुरी एस डी एम ने दिया हर संभव मदद का आश्वासन

कोरोना वाइरस के चलते छत्तीसगढ़ के 105 तिहाड़ी मजदूर जो लोग गुजरात के इट भठ्ठे में फंसे हैं गुजरात के चंडीसरगांव ढोलका में इनका सभी का कहना है कि उनको खाने पीने के लिए भी नही मिल रहा है ना ही गुजरात सरकार इनकी कोई मदद कर रही है आपको ये बता दे कि इनके साथ बहुत सारे बच्चे भी है जो भूखे पेट सोने को मजबूर है न शासन न ही भठ्ठे का मालिक किसी प्रकार का मदद कर रहा है

इनका यह भी आरोप है कि मालिक पहले खर्ची देता था पर लॉक डाउन हुआ तब से वो भी बंद कर दिया है जब मालिक से खर्चे के लिए या राशन के लिए पैसा या राशन मांगते है तो काम ही बंद है तो कहा से दु ऐसा बोल देते है सभी लोग चाहते है कि या तो  शासन द्वारा  खाने पीने की ब्यवस्था की जाय या हमे घर छोड़ा जाय नही तो हमारे बच्चे यह भूख से दम तोड़ देंगे संपूर्ण लॉकडाउन के चलते घर नहीं आ पा रहे और छत्तीसगढ़ शासन से गोहार लगा रहे है कि उन्हें बस घर  तक छोड़ने का ब्यावस्था किया जाए

(बोहापारा) अर्जुन भारद्वाज गोपेश्वर पाटले(केवतरा)रामरतन जांगड़े (कोहका)अजोध्या (भुईगाव)नीलकंठ राय(भगवानपाली)विजेंद्र (बोहारडीह)समयलाल(  चौवहा)राजू राय(भगवानपाली)राजू बंजारे (लवन खम्हरिया)पुरषोत्तम (मोहतरा)सुखचंद ओगरे(बीरगहनि)

लॉक डाउन की वजह से हमारे छत्तीसगढ़ के जितने भी मजदूर भाई बहन बाहर दूसरे राज्य में फसे हुए है उनका पूरा ध्यान रखा जा रहा है जो हमारी जानकारी में नही है उनको भी गांव गांव में सर्वे करा के जानकारी इक्कठा कराया जा रहा है हमारी पूरी कोशिश है कि किसी भी स्थिति में हमारे मजदूर भाई बहनो को किसी प्रकार की समस्या न हो हम लोकल प्रशासन से मिल कर पूरी मदद कर रहे है चाहे किसी भी राज्य में हो 
मोनिका वर्मा 
एस डी एम मस्तुरी

एनएचएम की एमडी डॉ प्रियंका शुक्ला ने कोविड-19 हॉस्पिटल और जिला अस्पताल का लिया जायजा

Danteshwar kumar ( chintu)

बीजापुर - राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रबन्ध संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला के साथ 7 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने जिले के कोविड.19 हॉस्पिटल बीजापुर और जिला अस्पताल का जायजा लिया। उन्होने सभी आवश्यक सुविधाओं को अतिशीघ्र सुनिश्चित करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। इस दौरान उक्त दल ने जिला अस्पताल और शैय्यायुक्त कोविड.19 हॉस्पिटल के विशेष वार्डों का निरीक्षण किया तथा इसे शैय्यायुक्त बनाने कहा। वहीं आईसीयू की व्यवस्थाओं का अवलोकन कर सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। डॉ प्रियंका ने तैयारियों के प्रति सन्तोषजनक बताया। कलेक्टर श्री के डी कुंजाम ने भी पूर्ण सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। इस दौरान विशेषज्ञ टीम द्वारा कोविड.19 हॉस्पिटल में चिकित्सा विशेषज्ञों तथा पैरामेडिकल स्टॉफ के लिए भी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं चिकित्सकोंए नर्सिंग स्टॉफ के लिए निर्धारित गाउन की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा। इसके साथ ही कोविड.19 हॉस्पिटल में प्रवेश तथा निकास द्वार की पृथक-पृथक व्यवस्थाए रोशनी की पर्याप्त व्यवस्थाए बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निपटान की व्यवस्था इत्यादि के लिये आवश्यक दिशा-निर्देश डॉ बी आर पुजारी को दिया। डॉ प्रियंका ने 7 सदस्यीय दल के साथ जिला अस्पताल में निर्माणधीन भवन का अवलोकन कर आवश्यक सुविधाओं के अनुरूप बने। इसका विशेष ध्यान रखने अधिकारियों को कहा। इस दौरान एसडीएम डॉ भुआर्य सहित अन्य चिकित्सा अधिकारी मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ : कोरिया में कोरोना महामारी को लेकर धारा 144 और लॉक डाउन तो कर दिया है लेकिन जिले के मनेन्द्रगढ़ बॉडर से लगे मध्यप्रदेश के सैकड़ों ग्रामीणों को आज भी करना पड़ रहा है भारी परेशानियों का सामना ...पढ़े ये रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश बॉडर से मनेन्द्रगढ़ के आस पास के सैकड़ों ग्राम पंचायत लगे हुए है और इन ग्रामीणों का इलाज हमेशा मनेन्द्रगढ़ अस्पताल में होता था लेकिन लॉक डाउन के बाद छत्तीसगढ़ बॉडर को पूर्ण रूप से सील कर देने से अब छत्तीसगढ़ के मध्यप्रदेश से लगे कई ग्रामीण मनेन्द्रगढ़ अस्पताल नही आ सकते है जिस कारण आज इन ग्रामीणों का इलाज नही हो पाता है कई लोग मनेन्द्रगढ़ आने की कोशिश करते है लेकिन उन्हें बॉडर से ही वापस भेज दिया जाता है हम बात कर रहे है मनेन्द्रगढ़ समुदायक स्वास्थ्य केंद्र की जहाँ देर रात एक तीन महीने के मासूम बच्चे को लेकर महिला अपने पति के साथ मोटरसाइकिल से मनेन्द्रगढ़ अस्पताल आने के लिए छत्तीसगढ़ के बॉडर पर पहुची जहाँ बॉडर पर लगे जवानों ने अपने अधिकारियों के मामले की जानकारी दी लेकिन अधिकारियों ने उन्हें वापस भेजने बोल दिया और मनेन्द्रगढ़ आने नही दिया वही सूजन के बीमारी से पीड़ित महिला ने बताया कि इलाज के लिए इतने दूर से अपने तीन महीने के बच्चे के साथ आई हूं और मेरे शरीर मे सूजन हो गया है लेकिन मुझे मनेन्द्रगढ़ अस्पताल जाने नही दिया जा रहा है फिलहाल पूरे मामले में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कैमरे के सामने किसी भी तरह की जानकारी देने से मना कर दिया