ज्योतिष

5 तारीख गुरुवार की सुबह होगा राशि परिवर्तन, वही इन राशियों को मिलेंगे शुभ समाचार

 

नौकरी देने में कार्य में बढ़ोतरी होने वाली है। आपके लिए आने वाला समय बेहद उत्तम रहेगा। आपको उन्नति या अन्य कई मौके मिल सकते हैं। जीवन साथी के साथ रोमांटिक पल व्यतीत करेंगे। आपको अपने साथी का पूरा साथ मिलेगा। आपकी मानसिक परेशानी दूर होगी। परिवारिक विवाद और लड़ाई झगड़े से खासतौर पर दूर रहने की आवश्यकता है। यह आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। समाज में होने वाले बदलाव आपके लिए बेहद खास रहेंगे।आपका गुस्सा आपके बने बनाए काम को बिगाड़ सकता है। जीवन में होने वाले बदलाव आपके लिए बेहद खास रहेंगे। आप नई मिसाल कायम करने में कामयाब होंगे। 
विद्यार्थी जीवन के लिए आने वाला समय बहुत अच्छा बीतेगा। खास तौर पर आपके नौकरी के क्षेत्र में चल रहे प्रयास सफल रहेंगे। आपके लिए आने वाला समय बेहद ही शुभ रहने वाला है। आपको तरक्की के कई नए नए रास्ते मिलेंगे। आपका नया मार्ग खुलने वाला है। धन की वर्षा होगी। व्यापार से जुड़े लोगों के अपने क्षेत्र में धन लाभ होगा। इन राशि के जातकों के जीवन में खुशियों के पल आने वाले हैं।पति-पत्नी के बीच संबंध मधुर बने रहेंगे। 3 तारीख का दिन व्यावसायिक प्रगति के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिहाज से सफल रहेगा।

भाग्यशाली राशियां सिंह, तुला और वृश्चिक राशि हैं।

कोंडागांव बाज़ारपारा गणेशोत्सव समिती ने बनाया है भव्य पंडाल..देखे फोटो

छत्तीसगढ़ (कोंडागांव) शैलेश गुप्ता । गणेशोत्सव समिती के सदस्यों द्वारा प्रतिवर्ष कोंडागांव के बाज़ार पारा में भव्य गणेश जी की प्रतिमा स्थापित कर भजन पूजन किया जाता है। इस वर्ष भी गणेश मंडली के युवकों ने विशालकाय गणेशजी की प्रतिमा स्थापना हेतु बनवाया है, पंडाल की खूबसूरती भी आम लोगों को खूब भा रही है। परंतु बस्तर में भारी बारिश ने गणेशोत्सव की ख़ुशी में ख़लल डाल दिया है। आम नागरिक गणेश स्थापना देखने पहुंच पाए उससे पहले से ही बारिश ने धूम मचा रखा है।

जगह-जगह विराजें भगवान श्री गणेश

धार्मिक नगरी शिवरीनारायण यु तो पूरे भारत वर्ष में श्री गणेश पूजा की धूम रहता है इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में भी भगवान श्री गणेश जी पूजा की धूम रहता है गौरतलब है कि आज 2 सितंबर से गणेश उत्सव गणेश चतुर्थी के साथ प्रारंभ होने जा रहा है यह गणेश उत्सव 2 सितंबर से 12 सितंबर अनंत चतुर्दशी तक चलेगा नगर के प्रमुख चौक चौराहो मंच पंडाल में विघ्नहर्ता मंगल मूर्ति भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा स्थापित किए जाएंगे। साथ ही साथ घरों में भी भगवान श्री गणेश जी का स्थापना होता है माना जाता है कि भगवान श्री गणेश जी प्रथम पूज्य देवता है इसी कारण सबसे ज्यादा घरों में भगवान श्री गणेश जी की पूजा निरंतर 12 दिनों तक विधि विधान के साथ किया जाता है और परिवार की खुशहाली सुख-शांति की कामना की जाती है और यह धार्मिक पर्व आजसे शुभारंभ होने जा रहा है सभी अपने भाव भक्ति अनुरूप भगवान की पूजा पाठ तन मन धन करते हैं और जब अनंत चतुर्दशी के दिन होम हवन पूजन पाठ करके विधि-विधान से भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा को नगर के महानदी चित्रोत्पल्ला गंगा महानदी त्रिवेणी संगम में विसर्जित करते हैं...

अकलतरा नगर में दादी का भव्य मंगल पाठ , झांकी का भी किया गया आयोजन

A REPORT BY: YASH LATA

भादी मावस के पावन पर्व पर दादी परिवार अकलतरा द्वारा अकलतरा नगर में दादी का भव्य मंगल पाठ का झांकी सहित आयोजन किया गया । दादी परिवार अकलतरा के 21 महिला सदस्यों द्वारा विगत कई वर्षों से भादी मावस के दिन दादी के भव्य मंगल पाठ का आयोजन किया जाता है एवं साथ ही साथ प्रति माह भी मावस के दिन भी इन महिला सदस्यों के द्वारा क्रमशः एक सदस्य के घर पर भी दादी का पाठ किया जाता है । उक्त दादी परिवार में श्रीमती रेखा अग्रवाल , श्रीमती विमला सिंघानिया , श्रीमती सुनीता गोयल , श्रीमती कल्पना केडिया , श्रीमती सोनल तुलश्यान , श्रीमती सुनीता गुप्ता , श्रीमती मुक्ता सिंघानिया , श्रीमती विनीता केडिया , श्रीमती शिल्पा केडिया , श्रीमती कविता कमानिया , श्रीमती संजू कमानिया , श्रीमती पायल अग्रवाल , श्रीमती सरिता केडिया , श्रीमती निर्मला केडिया , श्रीमती निर्मला बगड़िया , श्रीमती कविता केडिया , श्रीमती कुशुम गुप्ता , श्रीमती सरला लिखमानिया , श्रीमती ज्योति लिखमानिया , श्रीमती संगीता गोयल एवं श्रीमती राजरानी केडिया आदि सदस्य हैं।

 

 

भगवान श्रीकृष्ण का जन्म दीक्षा क्रम से होता है - इंदुभवानन्द

छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज सिरजम तिवारी परिवार की ओर से मुरली मनोहर सुहागा मन्दिर ट्रस्ट कमेटी, ब्रह्मणपारा के विशेष सहयोग से ब्रह्मणपरा में आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सत्र के चतुर्थ दिवस के कथा पर प्रकाश डालते हुए शंकराचार्य आश्रम रायपुर के प्रमुख ब्रह्मचारी डॉ इंदुभावानांद महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म दीक्षा क्रम से होता है। सर्वप्रथम भगवान श्रीकृष्ण वसुदेव जी के हृदय में आते हैं जिससे वसुदेव जी का मुखमंडल प्रकाशित हो जाता है। इसके पश्चात भगवान देवकी माता के हृदय में चले जाते है जिससे देवकी का हृदय एवं मुखमंडल प्रकाशित हो जाता है। इसी को दीक्षा क्रम कहते हैं। इसी दीक्षा क्रम से भगवान श्रीकृष्ण का  अबुर्भाव होता है।सामान्य मनुष्य की तरह उनका जन्म नहीं होता है। भगवान स्वयं कहते हैं कि मेरे जन्म और कर्म दोनों ही दिव्य है, जो इन्हें जान लेता है या इनकी कथा सुन लेता है उसको मेरे स्वरूप की उपलब्धि हो जाती है। आगे प्रवचन में इंदुभवानन्द महाराज ने बामन बलि एवं समुद्रमंथन प्रसंग पर कहा कि शक्ति रहते हुए दीनदुखियों की सहायता करना चाहिए। जो दीनदुखियों की सहायता करते हैं वे भगवान के पुण्य के भागीदार होते हैं। भगवान शंकर ने देवताओं को दीन एवं प्रताड़ित देखकर के स्वयं जहर का पान कर लिया। दिनदुखी भगवान के स्वरूप होते हैं और मनुष्य को दीनदुखियों की सेवा करना चाहिए।

इस बार रक्षाबंधन पर नहीं रहेगा भद्रा का साया, बन रहे हैं

BBN24 NEWS डेस्क:- इस वर्ष भाई-बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व भद्रामुक्त रहेगा। कई ऐसे संयोग बनेंगे, जिससे इस पर्व का महत्व और बढ़ जाएगा। चार दिन पहले 11 अगस्त को गुरु मार्गी होकर सीधी चाल चलेंगे। रक्षाबंधन पर लगभग 13 घंटे तक शुभ मुर्हूत रहेगा। जबकि दोपहर 1:43 से 4:20 तक राखी बांधने का विशेष फल मिलेगा। इस बार सावन माह में 15 अगस्त के दिन चंद्र प्रधान श्रवण नक्षत्र में स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन का संयोग एक साथ बन रहा है। इस बार बहनों को भाई की कलाई पर प्यार की डोर बांधने के लिए मुहूर्त का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस बार राखी बांधने के लिए काफी लंबा मुहूर्त मिलेगा। 15 अगस्त की सुबह 5 बजकर 49 मिनट से शाम 6 बजकर 01 मिनट तक राखी बांध सकेंगी। राखी बांधने के लिए 12 घंटे 58 मिनट का समय मिलेगा। शुभ मुहूर्त दोपहर में साढ़े तीन घंटे रहेगा। इस बार रक्षाबंधन भद्रा मुक्त रहेगी। भद्रा के समय कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है। इसलिए भद्रा काल में राखी नहीं बांधी जाती। लेकिन, इस बार बहनें सूर्य अस्त होने तक किसी भी समय राखी बांध सकती हैं।

सभार माँ लक्ष्मी ज्योतिष एवम वास्तु कार्यालय लैलूंगा आचार्य पं देवेन्द्र कुमार शास्त्री

एक दिवसीय वरुण यज्ञ शिवरीनारायण मठ मंदिर में संपन्न

 

 

 

शिवरीनारायण:- माता शबरी के कर्म भूमि एवं भगवान शिवरीनारायण के पुण्य धरा धाम शिवरीनारायण मठ मंदिर में राजपुरोहित आचार्य राजू शर्मा के नेतृत्व में एक दिवसीय वरुण यज्ञ का आयोजन किया गया यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में बारिश की कमी के कारण अधिकांश जिले सूखे की चपेट में आने की कगार पर खड़े हुए हैं इसे ध्यान में रखते हुए धार्मिक नगरी शिवरीनारायण के ब्राह्मणों ने इंद्र देवता को प्रसन्न करने के लिए एक दिवसीय वरुण यज्ञ संपन्न किया इसमें हवन कुंड बनाकर विशेष यज्ञ आहुति प्रदान की गई यज्ञ में विशेष रूप से उपस्थित महामंडलेश्वर के पद से विभूषित राजेश्री डॉ महन्त राम सुन्दर दास जी महाराज ने कहा कि बारिश की कमी से संपूर्ण समाज चिंतित है इसे ध्यान में रखकर शिवरीनारायण के प्रबुद्ध ब्राह्मणों ने एकदिवसीय वरुण यज्ञ करने का निश्चय किया जिसमें मुझे भी उपस्थित होने का सौभाग्य मिला इस यज्ञ के माध्यम से भगवान वरुण देवता का आह्वान किया गया ताकि उनके आशीर्वाद से इंद्र देवता प्रसन्न हो और समाज की चिंता दूर करें यज्ञ में विशेष रूप से आचार्य राजू शर्मा ,भुवनेश्वर तिवारी, तिलेश्वर पांडे ,अमन शास्त्री, अभय शास्त्री ,राजा शर्मा, दीनू महाराज, सोमू दुबे ,श्री रामेश्वर दास जी त्यागी, राम तीरथ दास जी ,मनोज तिवारी ,डॉ मंजुला शर्मा, निर्मल दास वैष्णव सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर में स्थित श्री दूधाधारी मठ ऐतिहासिक पुरातात्विक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से प्रमुख स्थान

प्रियांश केशरवानी श्रावण कृष्ण पक्ष एकादशी जिसे कामिका एकादशी भी कहते हैं के पावन पवित्र अवसर पर श्री स्वामी बालाजी भगवान श्री राघवेन्द्र सरकार श्री संकट मोचन हनुमान जी एवं श्री स्वामी दूधाधारी जी महाराज का खौर युक्त विशेष श्रृंगार किया गया है श्रावण मास को पूजा अर्चना के लिए भगवान शिव शंकर जी को समर्पित मास माना जाता है और एकादशी के पावन अवसर पर भगवान विष्णु की विशेष पूजा अर्चना एवं साधना करने की परम्परा है इसलिए यह कामिका एकादशी हरि,हर दोनों को प्रसन्न करने का व्रत है इस पावन पवित्र शुअवसर पर प्रातः काल से ही भजन कीर्तन का क्रम चल रहा है दूर दूर से श्रद्धालुजन दर्शनार्थ पहुँचकर पूण्य के भागी बन रहे हैं इसी प्रकार श्री शिवरीनारायण मठ,श्री जैतू साव मठ एवं श्री राजिव लोचन मंदिर में भी इस पर्व को विशेष रूप से मनाया जाता है मैं श्री स्वामी बालाजी भगवान ,श्री राघवेन्द्र सरकार, श्री शिवरीनारायण भगवान, श्री राजिव लोचन भगवान एवं एकादशी महारानी जी से प्रार्थना करता हूँ की आपकि समस्त मनोकामनाएँ पूर्ण करे

बाबाधाम जाने वाले श्रद्धालुओं का सम्मान कर दिया भाईचारा का संदेश

राजधानी की पंजीकृत सर्वधर्म संस्था अवाम-ए-हिन्द सोशल वेलफेयर कमेटी, रामनगर, रायपुर द्वारा संस्थापक, मो. सज्जाद खान की अगुवाई में भाईचारा, मानवता का संदेश देने के उपदेश से रायपुर रेल्वे प्लेटफार्म में सुबह 8 बजे छ.ग. प्रदेश (साउथ बिहार दानापुर एक्सप्रेस) से बाबाधाम यात्रा जाने वाले 100 श्रद्धालुओं का सम्मानपूर्वक पुष्पमाला से स्वागत किया गया एवं चाय-नाश्ता, पानी प्रदान कर श्रद्धालुओं की सेवा की गयी।

संस्थापक, मो. सज्जाद खान द्वारा बताया गया कि प्रदेश में भाईचारा, अमन-शांति का पैगाम पहुँचाने के उद्देश्य से, हर धर्म का सम्मान करते हुए प्रतिवर्ष इस तरह का कार्य संस्था करती आ रही है एवं आने वाले दिनों में हज में जाने वाले जायरीनों का इस्तक़बाल कार्यक्रम करेगी।

आज के इस कार्यक्रम में संस्थापक श्री मोहम्मद सज्ज़ाद खान जी के प्रेणादायी मार्गदर्शन में पदाधिकारी व सदस्य विश्वनाथ अग्रवाल, पं. अनिल शुक्ल, सैय्यद ज़ाकिर हुसैन, मजीद खान, शेख नजीर, जुबैर खान, बलराम कश्यप, श्रीमती श्रद्धा बंजारे, अब्दुल रफीक खान, महमूद आलम, मुजीबुर्रहमान व अन्य सदस्य उपस्थित थे।

 

शंशय और अहंकार को केवल गुरु ही दूर कर सकता है - इंदुभवानन्द।।

गुरुपूर्णिमा के शुभ अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती के आश्रम एवं भगवती राजराजेश्वरी मन्दिर में बड़े ही भक्तिमय परिवेश में गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। इस शुभ अवसर पर सात सौ से अधिक की संख्या में शिष्य एवं भक्तों ने भगवती राजराजेश्वरी एवं गुरु पूजन में सम्मिलित हुए तथा अनार व केले से अर्चन पश्चात महाआरती किये। आश्रम प्रमुख व ज्योतिषविद ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद के सान्निध्य व मंत्रिचचारण के बीच प्रमुख रूप से एमएल पांडेय, सुमिता ब्रह्मा, ज्योति नायर, विजय आनंद शर्मा, पंकज वर्मा, तारिणी तिवारी, ज्ञानेश शर्मा, अजय तिवारी, पंकज अग्रवाल, नरसिंह चंद्राकर, रत्नेश शुक्ला, राजू सक्सेना, सोनू चंद्राकर व आदि ने मिलकर अर्चन एवं आरती कर भगवती राजराजेश्वरी व गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किये। इस अवसर पर ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानन्द महाराज ने उपस्थित सभी को कहा कि गुरु ही एक मात्र व्यक्ति हैं जो व्यक्ति के शंशय, क्रोध, अहंकार को समाप्त कर सकते हैं साथ ही धर्मसम्मत , सत्य की राह में चलने हेतु प्रेरणा देते हैं। उक्त जानकारी शंकराचार्य आश्रम एवं भगवती राजराजेश्वरी मन्दिर के समन्वयक एवं प्रवक्ता सुदीप्तो चटर्जी ने साथ ही बताए कि ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानन्द ने आगे अपने प्रवचन में कहा कि गुरु कभी शिष्य नहीं बनाते अपितु व्यक्ति गुरु का चयन कर शिष्य बनाते हैं और उनके सान्निध्य में जीवन जीने की कला, धर्म, अधर्म, आध्यात्म, शास्त्रों का ज्ञान आदि का रस पान गुरु ही कराते हैं। इसलिए संसार मे गुरु का स्थान उच्च है जो व्यक्ति के आत्मा को जागृत कर परमात्मा से मिलाते हैं साथ ही चंचल मन को शांत कर एकाग्रचित करते हैं।