ज्योतिष

सप्तमी में राजराजेश्वरी मन्दिर में उमड़ा भक्तों का सैलाब।

 

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती महाराज के आश्रम रायपुर में स्थापित भगवती राजराजेश्वरी मन्दिर में चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन उमड़ा भक्तों का सैलाब। भक्तों ने आश्रम प्रमुख व प्रख्यात ज्योतिषाचार्य (फलित) डॉ इंदुभवानंद महाराज से दिन एवं रात्रिकालीन महा निशा पूजन के सम्बंध में जाना और उपस्थित भक्तों ने ज्योत के साथ ज्वारा का भी दर्शन किये। आज महा सप्तमी में भगवती राजराजेश्वरी का माँ कालरात्रि के रूप में विशेष पूजन सम्पन्न होगा जिसमें भगवती को 1008 कमल पुष्प के अलावा किसमिस से अर्चन किया जाएगा। ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानन्द ने बताया कि आज से नवमी तिथि तक देवी की शक्ति अपने उच्च स्तर पर होता है और इस समय भक्तों को दिल से देवी माँ का आह्वान के साथ साथ दुर्गा स्त्रोत, दुर्गा मंत्र, गुरु मंत्र का निरंतर जाप अवश्य करना चाहिए। रात्रिकालीन निशा पूजन हेतु सुमिता ब्रह्मा, एमएल पांडेय, ज्योति नायर, पंकज वर्मा, रमेश अग्रवाल, वीरेंद्र गोयल, मठ के पुरोहित रामकुमार शर्मा, सोनू चंद्राकर, मनीष शर्मा, एलपी वर्मा व आदि भक्त उपस्थित हुए और महा निशा पूजन पश्चात पुष्पांजलि अर्पित कर महा आरती किये। आचार्य धर्मेन्द्र ने सभी को शांति जल के साथ माता के चरणों के जल प्रदान किये।

 

 

सप्तमी पर माँ महामाया दाई मंदिर में सुबह से शाम तक भक्तों का लगा रहा तांता

शनि सूर्यवंशी

पकरिया - अकलतरा विकासखंड के पकरिया  माँ महामाया सेवा समिति (ट्रस्ट) के   द्वारा  पकरिया में  विराजित माँ महामाया दाई  में चैत्र नवरात्र प्रारंभ दिन से रोजाना  मंदिर में पूजा-पाठ एवं सुबह-शाम आरती किया जा रहा है। वही मंदिर में  महामाया समिति पकरिया के द्वारा माँ महामाया दाई के दरबार को नवरात्रि के पूर्व तैयारी को लेकर मंदिर के अंदर बाहर बहुत ही सुजज्जित तरीके से  अलग अलग कलर पेंट से रंगरोपन किया गया है। वही समिति के द्वारा मंदिर के  चारो ओर परिसर में पुताई करवाया गया वही  सुंदर लाइटों से मंदिर एव बाहर गेट को  सजाया गया है, यहाँ पकरिया के  महामाया दाई का आशीर्वाद विश्वास इतना कि भक्तों का रोजाना  सुबह शाम मेला सा लगा हुआ रहता  है। पकरिया एवं आसपास के गांवों के  श्रद्धालुओ द्वारा अपने परिवार गांव प्रदेश देश की खुशहाली  के लिए सभी भक्तजन मनोकामना पूर्ण हेतु दर्शन कर आशीर्वाद ले  रहे है। वही मंदिर परिसर में सुबह से दोपहर शाम रात को जस गीत एवं रात्रि में रोजाना रामायण का आयोजन किया जाता है।

 

वही आज सप्तमी दिवस पर  मंदिर परिसर में सुबह से देर शाम रात का भक्तों का आना जाना लगा रहा है। इतना ही नही कुछ लोगो की  श्रद्धा इस कदर की सुबह  से माँ महामाया दाई मंदिर जाने के लिए  बहुत से भक्तगण जमीन लोटते2  मंदिर  जाकर अपनी मनोकामना पूर्ण करते दिखाई देते है।

 

इस संबंध में माँ महामाया समिति ट्रस्ट  के सदस्यों  ने बताया कि  हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी महामाया दाई सेवा समिति द्वारा  नवरात्रि में विशेष पूजा-पाठ किया जा रहा है । साथ ही इस वर्ष भी घी ज्योत एवं तेल ज्योत मनोकामना कलश  प्रज्वलित हो रहे है। साथ ही समापन के दिन  कलश यात्रा के साथ जंवारा विसर्जन किया जाएगा वही मंदिर परिसर में समापन के दिन भव्य भंडारा” का आयोजन रखा गया है।

 

आदर्श युवा फुटबॉल टीम के द्वारा आज सप्तमी दिवस पर  सुबह से मंदिर आने जाने वाले भक्तो  श्रद्धालुओं को चाय एवं प्रसाद का वितरण किया पूरे टीम के द्वारा किया गया साथ ही इस तरह के पुनीत कार्य के लिए आदर्श युवा फुटबॉल क्लब पकरिया  के टीम को  माँ महामाया समिति ट्रस्ट  पकरिया के द्वारा बधाई प्रेषित कर उनके पूरे टीम के उज्ज्वल भविष्य की कामना किया गया।

धर्म की नगरी डोंगरगढ़ में मां बमलेश्वरी के दर्शन करने दूर दूर से पहुच रहे हे पदयात्री

सूर्यकान्त यादव @ BBN24 NEWS-- राजनांदगांव-- शक्ति और भक्ति का पर्व नवरात्रि प्रारंभ हो चुका है जिले के देवी मंदिरों में ज्योति कलश प्रज्वलित के साथ नवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है आज नवरात्रि का सातवा दिन है जिले के प्रमुख मंदिरों में माता के भक्त दर्शन करने पहुंच रहे हैं वहीं धर्म नगरी डोंगरगढ़ में मां बमलेश्वरी के दर्शन करने पदयात्री दूर दूर से पहुंचते हैं। --मां बमलेश्वरी के मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है यहां जिले के अलावा रायपुर भिलाई दुर्ग बिलासपुर जैसे छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों से भक्त अपनी मन्नत पूरी होने या मन्नत मांगने पैदल चल कर पहुंचते हैं..इस चिलचिलाती धूप में भी पदयात्री मंदिर पहुंच रहे हैं और मां बमलेश्वरी का दर्शन लाभ ले रहे हैं इसको लेकर कई जगह सेवाभावी संस्थाओं ने पंडाल और निशुल्क भोजन मलहम पट्टी की व्यवस्था की है जिसे पद यात्रियों को थोड़ी राहत मिल सके जिसे लेकर प्रशासन द्वारा भी विभिन्न चौक चौराहों पर पद यात्रियों के लिए निशुल्क चिकित्सा सुविधा खाने पीने की व्यवस्था और पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं..वहीं चैत और व्वांर नवरात्रि दोनों नवरात्रों में पैदल यात्रियों का जत्था रहता है वह अपनी मन्नतओं को लेकर मां बमलेश्वरी के दरबार में माथा टेकने जाते हैं वही इस बार भीषण गर्मी को देख कर भक्तों की संख्या थोड़ी कम है लेकिन फिर भी भक्त पैदल चल कर मां के दरबार पहुंच रहे हैं।

महामाया मंदिर में प्रज्जवलित किए गए ज्योति कलश

तुस्मा --  चैत्र नवरात्र पर इस वर्ष मां महामाया मंदिर तुस्मा में 54 मनोकामना ज्योति कलश स्थापित किए गए हैं। चैत्र नवरात्र शनिवार से शुरू हो गया हैं l महामाया मंदिर, में भक्तों द्वारा मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं। सुबह शाम मां महामाया की पूजा अर्चना कर प्रसाद वितरण किया जा रहा है l

आज के दिन डॉक्टर इंजीनियर के साथ राम जैसा पुत्र जरूरी-पं. नवल किशोर

शनि सूर्यवंशी

जांजगीर-चाम्पा जिले के अकलतरा के संजय नगर वार्ड क्रमांक -03 के कार्तिक राम थवाईत के घर पर आयोजित श्री मद देवी भागवत का आयोजन किया गया हैं जिसके व्यासपीठ पं श्री नवल किशोर तिवारी चारपारा बलौदा वाले ने बताया कि आज के समय में घर पर बच्चों को अंग्रेजी का ज्ञान बहुत दिया जाता हैं लेकिन अपनी संस्कृति भूल जाते हैं अगर घर पर बच्चों को संस्कार दिया जाये तब वह भी श्री रामचंद्र जी के समान बन सकते हैं अधिकर हम देखते हैं कि हर घर बच्चों को इंजीनियर, डॉक्टर बनाने की सोचते हैं लेकिन बच्चे को संस्कारित नही किया जाता बच्चे भी इंजीनियर, डॉक्टर बनने की होड़ में व्यस्त हो जाते हैं जिससे वे वेद, शास्त्रों से दूर होते चले जा रहे हैं । श्री मद देवी भागवत में नगर के सैकड़ो की संख्या में पहुँचकर भागवत कथा का लाभ ले रहे हैं। अमृतरूपी धारा प्रवाह कथा श्रवण करने की श्रेणी में लव सिंह चंदेल, इमरान खान, बसन्त गुप्ता,विनीत गुप्ता, हरिनारायण महोबिया पहुँचकर व्यासपीठ पं श्री नवल किशोर तिवारी जी से आशीर्वाद लिये। देवी भागवत के आचार्य पं श्री मनोज कृष्ण शास्री जी व पं योगेन्द्र तिवारी जी के द्वारा भागवत कथा के साथ साथ प्रतिदिन पूजन एवं हवन कराया जा रहा हैं। कार्तिक राम थवाईत के द्वारा आग्रह किया कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में भागवत कथा में पहुँचकर कथा श्रवण करने की अपील की गई हैं।

संसार में मां की ममता हे सर्वोपरि - पं.गीताप्रसाद तिवारी

 

हेमंत जयसवाल @ BBN24NEWS.COM

 

 बिर्रा में श्रीमद देवी भागवत का तीसरे दिन महिषासुर वध की कथा

 

 बिर्रा-भगवान की पूजा अर्चना करने से जो फल प्राप्त होता है उससे सौ गुना मातारानी की पूजन-अर्चन से प्राप्त होता है क्योंकि माता की महिमा अपार है।उक्त बातें नवरात्रि पर्व के सुअवसर पर जीवेन्द्र कश्यप परिवार द्वारा आयोजित संगीतमय  श्रीमद देवी भागवत कथा के तृतीय दिवस की कथा में महिषासुर मर्दन की कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए व्यासाचर्य पं.गीताप्रसाद तिवारी ने कहा।उन्होंने कहा कि माता की वंदना करने से धन के साथ संतान व यशकीर्ति प्राप्त होती है।माता की वंदना सब करते है क्योंकि मां की ममता सर्वोपरि है।कथा के बीच बीच में संगीत के माध्यम से जसगीत में श्रोता झुमते रहते हैं।आज कथा श्रवण करने सह आचार्य पं.जितेन्द्र तिवारी, पं.नेमीशरण तिवारी,पं.ब्रजेश दुबे,मुख्य यजमान श्रीमती कौशिल्या-जीवेन्द्र कश्यप, जीवनलाल यादव,घनश्याम कश्यप, हिरेन्द्र कश्यप,भगवान प्रसाद, कांशीराम, अभिराम, रामकृपाल, राजकुमार, लखनलाल तिवारी, फिरतूराम गुप्ता, फेकूलाल,रामकृष्णो कश्यप, नंदकुमार,उमेश कश्यप, एम के तिवारी, कमल कश्यप, सौखीलाल, शोषकप्रसाद,सुरेशचंद कर्ष,कुलदीप, राजू कश्यप,पेमेन्द्र, पंचराम,राधेश्याम कश्यप, मनोजकुमार सहित भारी संख्या में महिला श्रद्धालु उपस्थित होकर देवी भागवत का श्रवण कर रहे है

 

छतीसगढ़ में एक ऐसा मंदिर जहा तालाब के पानी से छिडकाव करने पर शरीर कि बीमारी व खेतो के फसलो मे लगे कीडे होते है दूर.....पढ़े BBN24NEWS की ये विशेष खबर

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माँ मावली का मंदिर कब और किसने बनवाया इसका कही कोई प्रमाण नही मिलता जनश्रुति है कि पहले राजस्थान से बंजारा जाति के लोग अपने काफिले के साथ गेरू बेचने आया करते थे जो ग्राम सिंगारपुर मे महिनो अपना पडाव डालकर रहते थे और इस मंदिर तथा तलाब का निर्माण उन्ही के द्वारा कराया गया था प्राचीन काल मे यह क्षेत्र मंडला,गढा, कोटा के गोड राजाओ के अधीन था, और गोड आदिवासी जाति के लोग ही रहा करते थे मराठा शासको के आधिपत्य में इस क्षेत्र के आ जाने के पश्चात रघुजी तृतीय ने सन 1827 मे रायपुर के जगदेव साव को इस इलाके के 11 ग्राम इनाम स्वरूप  प्रदान किये थे। जिसमे सिंगारपुर भी एक था तब भाटापारा का अस्तित्व था ही नही और उस समय सिंगारपुर मे माँ मावली का मंदीर था जिसका उल्लेख प्रथम अंग्रेजी गजेटियर सन 1901 मे मिलता था गजेटियर मे अचंल के प्राचीन मंदिरों मे सिंगारपुर की माँ मावली एवं तरेंगा की महामाया का ही उल्लेख है लोगो का कथन है कि मॅा मावली का मंदिर तीन से चार सौ वर्ष पुराना है आज तरेंगा के महामाया मंदीर और सिगारपुर की माँ मावली की ख्याति दिनो दिन बढती जा रही है।  प्राचीन काल से ही दोनो स्थानो पर गोड जाति के पुजारी ही माँ की पुजा अर्चना किया करते थे और आज भी मावली माँ की पुजा अर्चना उन्ही गोड पुजारियो के वंशज करते आ रहे है।

 

आप को बता दे कि जनश्रुति है कि वीरू नाम का बैगा माॅ मावली की पुजा अर्चना किया करता था उसके साथ माॅ मावली बालिका रूप मे बाजार आदि घुमने जाया करती थी वीरू के पश्चात उसके वंशज गुलाल,गंजन,गोपाल पीढी दर पीढी पुजन करते रहे गोपाल बैंगा की बहन  सुखरी बाई थी जो माॅ मावली को अन्नन्त भक्त थी वह प्रति दिन और  रात्रि मे माॅ का पुजन करती थी कहते है कि सुखरी को माॅ का प्रत्यक्ष दर्शन होता था।सुखरी को देखने वाले आज भी अनेक वृद्व मोजुद है ||

NEWS EDIT BY : YASH LATA 

बिर्रा में गृह प्रवेश निमित्त श्रीमद् देवी भागवत कथा 06 अप्रैल से .

हेमंत जयसवाल @BBN24

 नवरात्रि पर्व पर भागवताचार्य पं.गीताप्रसाद तिवारी के मुखारविंद से 

 बिर्रा-स्थानीय दाऊमुहल्ला निवासी  जिवेन्द्र कश्यप परिवार द्वारा नवरात्रि पर्व में नूतन गृह प्रवेश के शुभ अवसर पर 06 अप्रेल से 13 अप्रेल तक श्रीमद्देवीभागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया है।कथावाचक भागवताचार्य पं.गीताप्रसाद तिवारी(बिर्रा) तथा  सहयोगी आचार्य पं.जितेन्द्र कुमार तिवारी होंगें।कथा का समय सुबह 09 -से -12 व दोपहर 03-से-06 बजे।प्रथम दिवस 06 अप्रेल को नूतन गृह प्रवेश-पूजन-स्थापना तथा श्रीमद्देवीभागवत महात्म्य,07 को ऐं बीज महिमा, सुदर्शन कथा,रामशक्ति कथा,08 को महिषासुर वध,कृष्णावतार,09 को शुंभ निशुम्भ, वृत्तासूर वध,सुकन्या वृतांत,10 अप्रेल को देवी पुण्य क्षेत्र,हरिश्चंद्र कथा,11को शिव विवाह, मूल प्रकृति वर्णन,12 को तुलसी महिमा,सावित्री वृतान्त, सदाचार, चढोत्री,13 को गायत्री सहस्त्रनाम, यज्ञ-हवन,कन्याभोज आदि से संपन्न होगा।आयोजन को लेकर श्रीमती कौशिल्या देवी-जिवेन्द्र कश्यप, घनश्याम प्रसाद कश्यप, रामकृष्णो कश्यप, भगवान प्रसाद, यादराम, फेंकूलाल, कांशीराम कश्यप, हिरेन्द्र कुमार,उमेशकुमार,देवचंद, चंदराम,नंदकुमार, कुलदीप,अमित एवं समस्त कश्यप परिवार दाऊमुहल्ला जुटे हुए है।

सेमरा में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ

हेमंत जयसवाल @BBN24

 कथावाचक-योगेश उपाध्याय-योगेशानंद-कोडाभाठ वाले 

 नवागढ विकासखंड के गौरव ग्राम सेमरा में नवरात्रि पर्व पर 05 अप्रैल से स्व.श्रीमती पुत्रीबाई गौरहा के पुण्य स्मृति (वार्षिकश्राद्ध) निमित्त श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा का शुभारंभ हुआ।।कथावाचक पं. योगेश उपाध्याय-योगेशानंद महराज(कोडाभाठ वाले) है।कथा का समय दोपहर 03 बजे से राधेकृपा तक।श्रीमद्भागवत कथा का कार्यक्रम इस प्रकार से है। 05 अप्रैल को कलश स्थापना, देव आह्वान व कथा महात्म्य से हुआ।उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कलियुग के लिये मोक्ष का मार्ग प्रसश्त करता है। आज प्रथम दिवस धूंधकारी की कथा का विस्तार से वर्णन किया।कल  06 अप्रैल को राजा परीक्षित जन्म कथा,07 को ध्रुव चरित्र,08 को सती चरित्र व गजेन्द्र मोक्ष कथा, 09 को समुद्र मंथन, वामनावतार, 10 अप्रैल श्रीराम जन्म कथा,11 को श्रीकृष्ण जन्म, बाल लीला,रूख्मणी विवाह, 12 को सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष,कथा विश्राम व चढोत्री 13 को तुलसीवर्षा, यज्ञ-हवन-सहस्तरधारा तथा 14 अप्रैल को वार्षिकश्राद्ध होगा।आयोजन को लेकर बनमाली प्रसाद गौरहा,श्यामसुंदर, दूर्गाप्रसाद, संजय,नंदकुमार, गोपेश्वर प्रसाद,कमल,नवल,तारकेश्वर,रामनिवास, टिकेश्वर,रविश,विकास ,प्रशांत,प्रकाश सहित समस्त गौरहा परिवार व परिजन जूटे हुए है।

माया बड़ी विचित्र है और मन बड़ा चंचल है... पूज्या पूजा किशोरी

हेमंत जायसवाल@BBN24 (दुर्गा चौक मौहाडीह द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस की कथा) बिर्रा - संसार की समस्त प्राणी संसार में आते है कर्मवश पर भगवान आते है -करूणावश , जिसका नाम , श्रवण, संकीर्तन, सब मंगलमय है। धरती से पाप का भार उतारने अठाइसें द्वापर युग में भगवान विष्णु का बीसवाँ अवतार लीला पुरूषोत्तम श्रीकृष्ण जी के रूप मे हुआ जिनकी सम्पूर्ण लीलाएं माधुर्यता सें भरी हुई है। भगवान कथा में दिव्य आंनद है, क्यों कि बच्चों कि वह सच्चिदानन्द कि कथा है इससे केवल मनोरंजन की नहीं मनोभंजन भी करना चाहिए। कलयुग के ताप और दोष से बचने के लिए भागवत एक औषधि ही नहीं वह वैघ भी है। ये बाते सिलादेही में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन कृष्णावतार का वर्णन करते हुए व्यासपीठ सें पूज्या पूजा किशोरी जी ने कही द्वारा समुद्र मत्थन वामन अवतार श्री राम जन्म की कथा सुनाई गई, उन्होंने श्रोताओं से कहा संसार में मांगने वाला ही हमेंशा छोटा कहाता है देनेवाला तो दाता होता है। वामन भगवान भी राजा बलि सें मांगने गये तो छोटा ही बने और राजा बलि को दाता का सम्मान दिया। बलि ने अपना सर्वस्य समर्पण कर दिया तो भगवान वामन ने कहा सर्वस्व समर्पण का रखने पर मैं ऐसे दाता का सदैव ऋणी बन जाता हूँ। दानकी भूमि है जहां राम की संस्कृति है रोम की नहीं। श्रोताओं को प्रतिदिन जीवन्त झांकियों के साथ कथा ज्ञान एवं संकीर्तन का लाभ मिल रहा हैं। चौथे दिन की कथा में शैलेन्द्र पटेल, छोटू महराज, राजकुमार पटेल, प्यारेलाल पटेल, नरसिंग पटेल, माखन पटेल, कमलकिशोर साहू, जितेंद्र पटेल, दल्लू पटेल, छेदी पटेल, गेंदलाल, रतिराम पटेल, कौशिक पटेल, ,सालिक राम, संजू साहू, एम.एल. साहू, रामखिलावन वैष्णव, बलद राम, ओमप्रकाश पटेल,तीजूराम- श्रीमतीमोहनकुमारी साहू, अमृत बाई, दुरपति पटेल, जीवन पटेल, हेमंत जायसवाल, नवधा केवट सहित सैकडो श्रोता उपस्थित थे।