राजधानी

केन्द्रीय केबिनेट सचिव ने जन स्वास्थ्य और कोविड-19 को लेकरराज्यों के मुख्य सचिवों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ली बैठक।

रायपुर, 18 सितम्बर 2021/भारत सरकार के केबिनेट सचिव राजीव गौबा ने आज नई दिल्ली से देश के विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिवों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक लेकर देश में कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर तथा जन स्वास्थ्य को लेकर विस्तार से चर्चा की। बैठक में भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी सहित सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिव, डिविजनल कमिश्नर्स, जिला कलेक्टर्स भी शामिल हुए। छत्तीसगढ़ से मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन एवं स्वास्थ्य सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी वर्चुअल बैठक में शामिल हुए। केबिनेट सचिव ने देश में संभावित कोविड-19 की तीसरी लहर के लिए राज्यों के अस्पतालों में मौजूद स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाओं की व्यवस्था, ऑक्सीजन सर्पोटेड बैड, आई.सी.यू., वेन्टीलेटर्स, ऑक्सीजन कन्टेनर्स की व्यवस्था सहित कोविड-19 टीकाकरण, कोविड गाईड लाइन के पालन के संबंध में विस्तार से जानकारी ली गई। बैठक में कोविड गाईड लाइन को अपनाने के लिए नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग लेने के लिए अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की गई।

संगठन की सफलता के लिए सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना आवश्यक - डॉ. चौधरी ,शिक्षक संचेतना की आयोजन समिति बैठक सम्पन्न।

रायपुर - संगठन में शक्ति होती है इसीलिये कहा गया है कि संघे शक्ति कलोयुगे। हम एक ही राष्ट्रीय विचारधारा में सकारात्मकता के साथ नवीन प्रयोग समारोह एवं स्थानो का चयन सामूहिक निर्णय से करते आ रहे है। जिससे संस्था दो दशक से विविध आयोजनो से देश में सम्मानजनक पहचान बना सकी है। संगठन की सफलता के लिये समस्त सदस्यो के सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना से संगठन को अपेक्षित सफलताएं प्राप्त हो रही है। उपर्युक्त विचार राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना की आयोजन समिति बैठक में महासचिव डॉ. प्रभु चौधरी ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आगामी माह 19 एवं 20 अक्टुबर को होने वाले अखिल भारतीय साहित्यकार सम्मेलन के आयोजन के संबंध में पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में व्यक्त किये। आयोजन की प्रभारी एवं राष्ट्रीय संयोजक डॉ. अनसूया अग्रवाल ने कहा कि नेतृत्व के साथ सक्रिय रूप से साथ-साथ कार्य करने से सफलता निश्चित ही प्राप्त होती है। बैठक की अध्यक्षता समिति की अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. मुक्ता कौशिक ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के पदाधिकारियों को गर्व होना चाहिये कि देश के प्रमुख लगभग एक सौ पदाधिकारी हमारे आमंत्रण पर सम्मेलन में उपस्थित होंगे। इसीलिये सभी का यथोचित सम्मान भी होगा। बैठक में सर्वसहमति से निर्णय हुए कि समारोह स्थल एवं आवास व्यवस्था प्रभारी डॉ. मुक्ता कौशिक होगी। सम्मेलन के मंच, अभिनंदन अतिथि सत्कार की व्यवस्था प्रभारी डॉ. अनसूया अग्रवाल एवं भोजन-स्वल्पाहार की प्रभारी पूर्णिमा कौशिक एवं प्रदेश पदाधिकारी होंगे। प्रचार-प्रसार एवं स्मारिका प्रकाशन सरस्वती वर्मा प्रदेश प्रवक्ता छत्तीसगढ़ एवं श्री जितेन्द्र रत्नाकर, भुवनेश्वरी जायसवाल करेंगे। मंच संचालन एवं अतिथि आमंत्रण डॉ. शैलचन्द्रा(राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष) एवं डॉ. शिवा लोहारिया अध्यक्ष राष्ट्रीय इकाई महिला होगी। सम्मान पत्र एवं स्मृति चिन्ह की व्यवस्था डॉ. आशीष नायक, डॉ. रिया तिवारी, डॉ. हंसा शुक्ला करेंगे। राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं अतिथियो की सम्पूर्ण व्यवस्थापक डॉ. सुजाता शुक्ला, सतीश मिश्रा , नेहादास एवं डॉ. रचना पाण्डेय होगी। आयोजन समिति बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष , सुवर्णा जाधव ने की। इस अवसर पर डॉ. शहाबुद्दीन शेख, डॉ. शैलेन्द्रकुमार शर्मा, हरेराम वाजपेयी, डॉ. शिवा लोहारिया, डॉ. शैलचन्द्रा, डॉ. अनसूया अग्रवाल, डॉ. रिया तिवारी, डॉ. आशीष नायक, डॉ. सुजाता शुक्ला, डॉ. हंसा शुक्ला, डॉ. रचना पाण्डेय, डॉ. मुक्ता कौशिक, कान्हा कौशिक, सतीश मिश्रा आदि ने भी मार्गदर्शन किया। आभासी बैठक का संचालन दमकता कान्हा कौशिक, रायपुर, छत्तीसगढ़ ने किया। एवं आभार प्रदेश सचिव लक्ष्मीकांत वैष्णव ने माना।

छत्तीसगढ़ में बड़ी भर्ती की तैयारी:चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पताल में 1041 पदों पर होगी भर्ती, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने दी मंजूरी।

छत्तीसगढ़ ( रायपुर ) के स्वास्थ्य विभाग में बड़ी भर्ती की तैयारी तेज हो गई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के अधिग्रहण के बाद 1041 पदों पर सरकारी नियुक्तियों को मंजूरी दी है। मंजूरी का पत्र गुरुवार को ही संचालक चिकित्सा शिक्षा को भेजा गया। जल्दी ही इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिन 1041 पदों पर भर्ती की मंजूरी दी गई है, उनमें 616 पद अस्पताल के लिए और 425 पद मेडिकल कॉलेज के लिए होंगे। राज्य सरकार ने पिछले महीने ही दुर्ग के एक निजी मेडिकल कॉलेज का अधिग्रहण किया था। उसके बाद वहां नए सिरे से सरकारी नियुक्तियों की तैयारी हो गई है। अस्पताल में सबसे अधिक पद है तो नर्सिंग अधीक्षक कार्यालय का भी सेटअप तैयार किया गया। रिकॉर्ड सेक्शन और कैजुअल्टी में अलग-अलग पदों को मंजूरी दी है। चिकित्सा से जुड़े पदों के अलावा अन्य सेवाओं के पदों पर भी भर्ती की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग में इन पदों पर भर्ती होने के बाद आमजन को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। चन्दूलाल चन्द्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज चन्दूलाल चन्द्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के लिए शैक्षणिक पदों में अधिष्ठाता के लिए एक पद, प्राध्यापक के लिए 21 पद, सह प्रध्यापक के लिए 38 पद, सहायक प्राध्यापक के लिए 67 पद स्वीकृत किए गए हैं। वहीं सहायक प्राध्यापक (एपिडोमायोलॉजी), स्टेटीस्टिशियन कम प्रदर्शक के एक-एक पद को मंजूरी मिली। ट्यूटर-डिमान्सटेटर के लिए 29 पद, सीनियर रेसिडेंट के लिए 36 पद, जूनियर रेसिडेंट के लिए 50 पद और डेंटल सर्जन के दो पदों के लिए मंजूरी मिली है। अधिष्ठाता कार्यालय में प्रशासकीय अधिकारी, कम्प्यूटर प्रोग्रामर, लाईब्रेरियन, पीटीआई, कार्यालय अधीक्षक, सीनियर ऑडिटर के लिए एक-एक पद मंजूर हुए हैं। यही नहीं सहायक कार्यालय अधीक्षक के लिए तीन पद, सहायक प्रोग्रामर के लिए एक पद, मेडिको सोशल वर्कर के लिए तीन पद, सहायक लाईब्रेरियन के लिए एक पद बनाए गए हैं। यहां 10 स्टोनोग्राफर, 2 कम्प्यूटर ऑपरेटर, एक लेखापाल, 12 सहायक ग्रेड-2, दो केटलॉगर, दो लाईब्रेरी सहायक और 15 सहायक ग्रेड-3 के भी पद हैं। वाहन चालक के लिए 5 पद, लाईब्रेरी अटेंडेंट के लिए 2 पद, भृत्य के लिए 7 पद, चौकीदार के लिए 7 पद, क्लीनर के लिए 3 पद, पंप अटेंडेंट के लिए चार पद, सरवेंट के 20 पद और माली के 4 पदों के सेटअप को भी मंजूरी मिल गई है। मेडिकल कॉलेज के इन विभागों में इतने पद पैराक्लीनिकल डिपार्टमेंट में लैब टेक्नीशियन के लिए 20 पद, मोडेलर के लिए एक पद, लैब अटेंडेंट के लिए 9 पद, स्वीपर के लिए 18 पद, डिक्सेसन हॉल अटेंडेंट के 4 पदों के लिए मंजूरी दी गई हैं। एनाटॉमी विभाग में स्टोनो टायपिस्ट के लिए 3 पद, पैथालॉजी विभाग में स्टोर कीपर के लिए 7 पद हैं। शहरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केन्द्र में रिकॉर्ड क्लर्क के लिए तीन पद, ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केन्द्र में पब्लिक हेल्थ नर्स के लिए एक पद मंजूर हुआ है। हेल्थ इंसपेक्टर-स्वास्थ्य सहायक (पुरुष) के लिए दो पद और हेल्थ एजुकेटर के एक पद के लिए मंजूरी प्रदान की गई है। अस्पताल में सबसे अधिक पद चन्दूलाल चन्द्राकार मेमोरियल हॉस्पिटल में अस्पताल अधीक्षक कार्यालय में अस्पताल अधीक्षक और सहायक अस्पताल अधीक्षक के लिए एक-एक पद की स्वीकृति दी गई है। इसी प्रकार प्रशासनिक अधिकारी, मेडिकल रिकाॅर्ड ऑफिसर, कार्यालय अधीक्षक, मेडिको सोशल वर्कर, सहायक कार्यालय अधीक्षक, डायटिशियन और बॉयोकेमिस्ट के लिए एक-एक पद स्वीकृति प्रदान की गई है। सहायक ग्रेड-2 के लिए पांच पद, कैशियर और लेखापाल के लिए एक-एक पद, फार्मासिस्ट ग्रेड-2 के पांच पद, स्टुअर्ड के लिए एक पद, स्टोर कीपर के लिए दो पद, सहायक ग्रेड-3 के लिए पांच पद, दफ्तरी के लिए दो पद और भृत्य के लिए 5 पदों के लिए मंजूरी प्रदान की गई है। नर्सिंग अधीक्षक कार्यालय का भी सेटअप अस्पताल के नर्सिग अधीक्षक कार्यालय में नर्सिंग अधीक्षक और उप नर्सिंग अधीक्षक के लिए एक-एक पद तथा सहायक नर्सिंग अधीक्षक के लिए चार पदों के लिए मंजूरी दी गई है। इसी प्रकार नर्सिंग सिस्टर के लिए 30 पद, स्टॉफ नर्स के लिए 170 पद, टेलर के लिए दो पद, बढ़ई के लिए एक पद, हेड कुक के लिए एक पद, वार्ड ब्वाय के लिए 195 पद, स्वीपर कम अटेंडेंट, नाई और कुक असिस्टेंट के लिए एक-एक पदों की स्वीकृति दी गई है। रिकॉर्ड सेक्शन में भी अलग-अलग पद मेडिकल रिकार्ड सेक्शन में स्टेटिशियन के लिए एक पद, कोडिंग क्लर्क के लिए चार पद, रिकार्ड क्लर्क के लिए पांच पद, स्टोनो टायपिस्ट के लिए एक पद, दफ्तरी और भृत्य के लिए दो-दो पद की मंजूरी दी गई है। सेन्ट्रल स्टेरीलाईजेशन में असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिटेंडेंट के लिए एक पद, स्टॉफ नर्स, टेक्निशियन, टेक्निकल असिस्टेंट, वार्ड ब्वाय और स्वीपर के लिए चार-चार पदों की स्वीकृति दी गई है। लाण्ड्री सर्विसेस में सुपरवाईजर के लिए दो पद, धोबी और पैकर के लिए 12-12 पद की मंजूरी दी गई है। ब्लड बैंक में टेक्निशियन और स्टोर कीपर, लैब अटेंडेंट के लिए 6-6 पद और रिकार्ड कीपर के लिए दो पदों की स्वीकृति प्रदान की गई हैं। कैजुअल्टी के लिए अलग से पदों की मंजूरी केजुअल्टी सर्विसेस में केजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर के लिए चार पर, स्टॉफ नर्स के लिए दो पद, टेक्निशियन के लिए तीन पद, ईसीजी टेक्निशियन के लिए दो पद, रेडियोग्राफर के लिए तीन पद मंजूर हुए हैं। वहां रिसेप्सनिस्ट क्लर्क के लिए दो पद, वार्ड ब्वाय और स्टेचर बेयरर के लिए 6-6 पदों की मंजूरी दी गई है। सेन्ट्रल वर्कशॉप में असिस्टेंट इलेक्ट्रीकल इंजीनियर, असिस्टेंट मैकनिकल इंजीनियर, सीनियर टेक्निशियन मैकनिकल, सीनियर टेक्निशियन इलेक्ट्रीकल, सीनियर टेक्निशियन इलेक्ट्रॉनिक्स और सीनियर टेक्निशियन रेफ्रिजरेशन के लिए एक-एक पद दिए गए हैं। जूनियर टेक्निशियन के लिए दो पद, बढ़ई और ब्लैक स्मीथ के लिए एक-एक पद और अटेंडेंट के लिए चार पदों के लिए स्वीकृति दी गई है।

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर में दाखिले की तारीख बढ़ी।

रायपुर, दिनांक, 11 सितंबर, 2021। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में संचालित स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रमों में रिक्त स्थानों पर प्रवेश की तिथि बढ़ा दी गई है। बीएससी (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) एवं बीए ( पत्रकारिता एवं जनसंचार) प्रथम वर्ष में ऑनलाइन माध्यम से प्रवेश की तिथि प्राचार्य स्तर पर 17 सितंबर 2021 तथा कुलपति की अनुमति से 30 सितंबर 2021 कर दी गई है। प्रवेश के इक्छुक विद्यार्थियों द्वारा विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.ktujm.ac.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। प्रवेश मेरिट के आधार पर दिए जाएंगे। इसके बाद विभागों द्वारा मेरिट सूची जारी की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर लॉगइन के किया जा सकता है।

विसर्जन कुंड में पंपों से भर रहे खारून नदी का पानी।

रायपुर । 2021: कोरोना संकटकाल के बीच राजधानी रायपुर में गणेश चतुर्थी पर शुक्रवार को गणेश प्रतिमाओं स्थापना के साथ ही जिला और नगर निगम प्रशासन ने खारुन नदी के किनारे बनाए गए सौ से अधिक कुंडों में विसर्जन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इन कुंडों में दो पंपों से नदी का पानी खींचकर डाला जा रहा है। निगम के अफसरों का कहना है कि 11 दिन बाद गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन इसी कुंड में किया जाएगा। संस्कृत महाविद्यालय के विद्वान पूरे विधि-विधान से विसर्जन करवाएंगे। इसके अलावा नगर निगम की टीम ने शहर के जिन प्रमुख तालाबों में हर साल गणेश प्रतिमाएं विसर्जित की जाती है, उसके किनारे सौ से ज्यादा बड़े ड्रम,खुली टंकियां रखकर अस्थायी विसर्जन कुंड भी बना रही है, ताकि प्रतिमाएं विसर्जित करने में किसी तरह की दिक्कत न हो। राजधानी रायपुर में परंपरागत तरीके से गणेश प्रतिमा स्थापना के तीसरे दिन से लेकर 11वें दिन तक विसर्जन का क्रम जारी हो जाता है। लिहाजा, नगर निगम ने भी अभी से विसर्जन के लिए कुंड बनाने के साथ सारी व्यवस्थाएं करना शुरू कर दिया है। सौ से अधिक कुंडों में पानी भरा जा रहा है। इसके साथ ही सड़क और लाइटिंग की भी व्यवस्था की जा रही है। नगर निगम कमिश्नर प्रभात मलिक ने गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए व्यवस्था बनाने अफसरों की टीम तैयार की हैं। खारुन नदी के किनारे बनाए गए कुंड के अलावा प्रमुख तालाबों के किनारे भी अस्थायी कुंड बनाने में निगम का अमला जुटा हुआ है। यहीं नहीं, तालाबों के किनारे पानी के ड्रम, बड़ी टंकिया भी रखी जाएंगी, ताकि इनमेंं प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा सके। कोरोना संकट के चलते घटी मूर्तियों की संख्या कोरोना संकटकाल की वजह से शहर में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना कम हुई है। लिहाजा विसर्जन में भी भीड़भाड़ कम होने की संभावना है क्योंकि प्रशासन की सख्त गाइडलाइन की वजह से इस बार कई बड़ी गणेशोत्सव समितियों ने प्रतिमाएं स्थापित नहीं की हैं। कोरोना संकट के पहले तक सार्वजनिक समितियों के साथ ही घरों में स्थापित होने वाली प्रतिमाओं की संख्या आठ हजार से ज्यादा होती थी। मगर, कोरोना के कारण बड़ी प्रतिमाओं की स्थापना इस बार काफी कम हुई हैं। ऐसे में छोटी प्रतिमाओं का तालाब या नदी किनारे बनाए गए कुंड में विसर्जन करने के बजाए लोग घरों या आसपास बनाए गए कुंड में ही करेंगे ऐसी संभावना है। घर में करे प्रतिमाओं का विसर्जन महापौर एजाज ढेबर और सभापति प्रमोद दुबे ने शहरवासियों से अपील की है कि विसर्जन कुंड के अलावा घरों में भी कुंड बनाकर प्रतिमाओं का विसर्जन कर सकते हैं। विसर्जन से निकली मिट्टी का उपयोग घर के गमलों में किया जा सकता है।

बार संचालकों को लाइसेंस शर्तों के अनुसार ही शराब सेवन कराने की अनुमति।

रायपुर - राजधानी में अपराध रोकने के लिए प्रमुख होटल, ढाबा, कैफे, बार संचालकों की बैठक शुक्रवार को रखी गई। इस मौके पर पुलिस अधिकारियों ने संचालकों को कई निर्देश दिए। इसमें बार संचालकों को लाइसेंस शर्तों के अनुसार ही शराब सेवन कराने की अनुमति होगी। नाबालिगों को किसी भी तरह के नशे का सेवन कराना पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। भवन के अंदर व बाहर पर्याप्त मात्रा में सीसीटीवी कैमरे लगवाने होंगे। समुचित पार्किंग की व्यवस्था करने के साथ ही पार्किंग व्यवस्थित कराने के लिए स्टाफ लगवाने होंगे। संस्थान में काम करने वाले सभी कर्मचारियों का सत्यापन 15 दिवस के भीतर कराना होगा। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग नियमानुसार (समय एवं ध्वनि सीमा) करने होंगे। नशा से संबंधित प्रतिबंधित वस्तुओं को उपलब्ध कराना अथवा बाहर से लाकर सेवन करने की अनुमति नहीं होगी। कार्यक्रम के लिए कोई भी परफार्मर या सेलिब्रेटी बाहर से बुलाने पर दो दिवस पूर्व इसकी सूचना संबंधित थाने में देनी होगी। निर्देशों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बैठक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण लखन पटले, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन नसर सिद्धकी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री से श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात।

रायपुर - मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में प्रो चांसलर राजीव माथुर के नेतृत्व में आए श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाक़ात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी कैम्पस में नवनिर्मित इंजीनियरिंग ब्लॉक भवन के उद्घाटन तथा विश्वविद्यालय परिसर में निर्मित नवीन मार्गों की नाम पट्टिका के अनावरण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने आमंत्रित किया। राजीव माथुर ने मुख्यमंत्री बघेल को बताया कि इंजीनियरिंग ब्लॉक का नामकरण महान अभियंता भारत रत्न डॉ. एम विश्वेश्वरैया के नाम पर और नवीन मार्गों का नामकरण महान हस्तियों के नाम पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम सितम्बर महीने के अंतिम सप्ताह में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आमंत्रण के लिए धन्यवाद देते हुए शिक्षा की बेहतर सुविधा मुहैया कराने विश्वविद्यालय में चल रहे अधोसंरचना निर्माण के कार्यों पर प्रसन्नता जताई। इस अवसर पर वाईस चांसलर डॉ. राजेश पाठक, ओएसडी सुश्री मोनिका मिश्रा और योग विभागाध्यक्ष डॉ. कप्तान सिंह उपस्थित थे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने प्रदेशवासियों को गणेश चतुर्थी की बधाई दी, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक संकल्प का पर्व बताया ।

रायपुर 10 सितंबर 2021। भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी को गणेश चतुर्थी पर्व पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने प्रदेशवासियों को सुख-शांति और समृद्धि के लिये बधाई शुभकामनाएं दी है ।डॉ चरणदास महंत ने कहा कि, प्रथम पूज्यनीय श्री गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। भगवान गणेश जी को बुद्धि, विवेक, धन-धान्य, रिद्धि-सिद्धि के कारक है, सच्चे मन और विधि पूर्वक भगवान श्रीगणेश जी की पूजा करने से जीवन में सुख शांति और समृद्धि आती है। कोई भी शुभ कार्य बिना गणेश जी के पूरा नहीं हो सकता। इसीलिए सर्वप्रथम भगवान गणेश जी की पूजा और स्तुति की जाती है। डॉ महंत ने कहा कि, गणेश चतुर्थी राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक संकल्प को स्मरण करने का पुण्य दिवस है। गणेशोत्सव के दौरान कोरोना के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए इससे बचाव एवं सावधानी रखने एवं शासन की गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन करने की प्रदेशवासियों से अपील की है।

तीन खिलाड़ियों को खेल के आधार पर क्रम से पूर्व पदोन्नति प्रदान करने का लिया गया निर्णय।

डीजीपी डीएम अवस्थी की अध्यक्षता में समिति की बैठक संपन्न- रायपुर 8 सितंबर। डीजीपी डीएम अवस्थी की अध्यक्षता में आज यहां पुलिस मुख्यालय में खेल के आधार पर क्रम से पूर्व पदोन्नति समिति की बैठक संपन्न हुयी। बैठक में वर्षों से लंबित खेल के आधार पर क्रम से पूर्व पदोन्नति प्रकरणों का निराकरण करते हुये तीन खिलाड़ियों को क्रम से पूर्व पदोन्नति प्रदान करने का निर्णय लिया गया। समिति की बैठक में तीसरी वाहिनी में पदस्थ कंपनी कमांडर रुस्तम सारंग ( वेटलिफ्टिंग) को राजपत्रित अधिकारी के पद पर पदोन्नत किये जाने हेतु शासन को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। राजनांदगांव में पदस्थ आरक्षक श्री मनोज ठाकुर( वूशु) और रायपुर में पदस्थ प्रधान आरक्षक श्री दीपेश कुमार सिन्हा (व्हालीबॉल) को क्रम से पूर्व पदोन्नति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया। एसटीएफ बघेरा में पदस्थ प्रधान आरक्षक श्रीनिवास लू ( कराटे, वूशु ), महासमुंद में पदस्थ प्रधान आरक्षक साईमा अंजुम( हैंडबॉल) एवं प्रथम वाहिनी छसबल में पदस्थ प्रधान आरक्षक श्री हितेश कुमार साहू (बॉक्सिंग) को 50 हजार रूपये की नगद राशि का पुरस्कार प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इसी प्रकार राजनांदगांव में पदस्थ आरक्षक विमला बरेठ( कबड्डी), कबीरधाम में पदस्थ श्री वसीम रजा कुरैशी( वूशू), बालोद में पदस्थ आरक्षक अमरिका उसारे( कबड्डी), रायपुर में पदस्थ आरक्षक रीता छोटेराय ( कबड़्डी) एवं रायपुर में पदस्थ आरक्षक कविता पटले( कबड्डी) को 35 हजार रूपये की नगद राशि का पुरस्कार प्रदान करने का निर्णय लिया गया। शेष खिलाड़ियों को पुलिस महानिदेशक द्वारा पांच सौ रूपये का नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया। समिति की बैठक में एडीजी श्री हिमांशु गुप्ता, डीआईजी श्री ओपी पाल, डीआईजी श्री आर एन दाश, डीआईजी श्रीमती हिमानी खन्ना, एआईजी श्रीमती मिलना कुर्रे, प्रस्तुतकर्ता अधिकारी श्रीमती सबा अंजुम उपस्थित रहे। खिलाड़ियों की ये हैं उपलब्धियां- रूस्तम सारंग- वेटलिफ्टर श्री रूस्तम सारंग ने 2010 में चीन में आयोजित एशियन गेम्स में नवां स्थान, 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स में चौथा स्थान, ग्लास्गो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में सातवां स्थान, कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल सहित कई अन्तर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में विभिन्न पदक जीते और देश का नाम रोशन किया। मनोज ठाकुर- वूशू खिलाड़ी श्री मनोज ठाकुर ने वूशू में सीनियर राष्ट्रीय वूशू चैंपियनशिप 2014 एवं 2015 में तीसरा स्थान, तीसरी फेडरेशन कप वूशू चैंपियनशिप में तीसरा स्थान सहित कई स्पर्धाओं में पदक अर्जित किये। दीपेश कुमार सिन्हा- व्हालीबॉल खिलाड़ी श्री दीपेश कुमार सिन्हा ने काठमांडू में आयोजित साउथ एशियन गेम्स 2019 में गोल्ड मेडल, एशियन सीनियर मेन्स व्हालीवॉल चैंपियनशिप तेहरान में आठवां स्थान, जकार्ता में आयोजित एशियन गेम्स में 12वां स्थान अर्जित किया।

कानून-व्यवस्था दुरस्त रखने हेतु छोटी घटनाओं पर तत्काल करें कार्रवाई- अवस्थी

एसपी थानों का आकस्मिक निरीक्षण करें और शिकायतें सुनें - रायपुर 7 सितंबर। डीजीपी डीएम अवस्थी ने आज यहां पुलिस मुख्यालय में कानून व्यवस्था के विषय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी आईजी एवं एसपी की बैठक ली। बैठक में उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को दुरस्त रखने के लिये छोटी-छोटी घटनाओं पर संज्ञान लेने और उन्हें रोकने की जरूरत है। आप सभी को बेसिक पुलिसिंग करने की आवश्यकता है। यदि बेसिक पुलिसिंग पर ध्यान दिया जाए तो बड़ी घटनाओं को आसानी से रोका जा सकता है। आप सभी को अपने सूचना तंत्र को मजबूत करने की जरूरत है। सूचनाएं मिलने पर तत्काल रिस्पॉन्स करिये और अपने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दें। श्री अवस्थी ने कहा कि पुलिस असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई करे। सभी संप्रदाय के नागरिकों की रक्षा करना पुलिस की जिम्मेदारी है। डीजीपी ने कहा कि सभी एसपी स्वयं थानों का औचक निरीक्षण करें और वहां बैठकर लोगों की शिकायतें भी सुनिये। आपके क्षेत्र में जितने भी आदतन गुंडे- बदमाश हैं उनकी लिस्ट बनाकर सख्त कार्रवाई करें। डीजीपी ने निर्देश दिये कि कानून-व्यवस्था मजबूत रखने के लिये लगातार पेट्रोलिंग करिये और संवेदनशील इलाकों में स्वयं निरीक्षण करिये। बेसिक और इंपेक्टफुल पुलिसिंग पर ध्यान देने की आवश्यकता है। जिससे आम नागरिकों के मन में विश्वास और अपराधियों में भय व्याप्त रहे। उन्होंने कहा कि त्यौहारों का सीजन आ रहा है, इसके मद्देनजर विशेष अहतियात बरतने की जरूरत है। महिला, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा करना पुलिस की प्राथमिकता होना चाहिए। उन्होंने कर्तव्य के प्रति लापरवाह थानेदारों पर त्वरित अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिये।

कमलाकांत शुक्ला इंस्टीट्यूट की प्राध्यापिका पूर्णिमा कौशिक उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुई सम्मानित....

रायपुर - कमलाकांत शुक्ला इंस्टीट्यूट भाटापारा कि सहायक प्राध्यापक पूर्णिमा कौशिक,रायपुर को विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान प्रयागराज (उ.प्र.) के दो दिवसीय 4- 5 सितंबर को रजत जयंती समारोह के उपलक्ष्य पर सम्मानित किया गया। आपने 2021 में संस्था द्वारा आयोजित आभासी काव्य प्रतियोगिता में संस्था की प्रतिभा में प्रथम स्थान प्राप्त किया । आयोजन स्थल प्रयागराज उ. प्र. के नैनी, में संस्थान के अध्यक्ष प्राचार्य डॉ शहाबुद्दीन नियाज मोहम्मद शेख, पुणे, महाराष्ट्र के कर कमलों से तथा संस्थान के संरक्षक श्री राजकुमार भारती एवं संस्थान के सचिव गोकुलेश्वर कुमार द्विवेदी, दिनेश चंद्र कौशिक की उपस्थिति में स्मृति चिन्ह एवं सम्मान पत्र प्रदान किया गया। इस शुभ अवसर पर पूर्णिमा कौशिक को ,डॉ मुक्ता कान्हा कौशिक , डॉ अनुसुइया अग्रवाल प्राचार्य महाप्रभु वल्लभाचार्य महाविद्यालय,महासमुंद, रायपुर, छत्तीसगढ़,डॉ विनय कुमार पाठक पूर्व राजभाषा आयोग अध्यक्ष, रायपुर,छत्तीसगढ़, डॉ. प्रभु चौधरी महासचिव, हरेराम वाजपेई, इंदौर, भुनेश्वरी जसपाल कोरबा, परिवार एवं सभी मित्र गणों व साथ ही समस्त पदाधिकारी सदस्यों ने बधाई, एवं शुभकामनाएं दी।

भारतीय किसान संघ किसानों को उसके उपज का लाभकारी मुल्य दिलाने कि मांग को लेकर 8 सितंबर को करेंगे राष्ट्रव्यापी आंदोलन ।

रायपुर भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी 28 जिला मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन कर किसानों के विभिन्न मांगों को लेकर नरेन्द्र मोदी माननीय प्रधानमंत्री एवं भूपेश बघेल माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा जायगा... भारतीय किसान संघ की मांग रही है कि किसानों को उसकी उपज का समर्थन मूल्य नही बल्की लागत के आधार पर लाभकारी मुल्य मिलेगा तब देश का किसान सुख समृद्धि की ओर आगे बढ़ेगा स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात आज तक किसी भी सरकार ने किसानों को उसके उपज का लाभकारी मुल्य दिलाने कोई ठोस कदम नहीं उठाया जिसके कारण कृषि आदान जैसे :- खाद बीज कीटनाशक बेचने वाले तथा किसानों के उपज को खरीद कर व्यापार करने वाले अपने माल को अधिकतम मुल्य में बेंच कर माला माल हो रहे है वही हाड़तोड़ मेहनत कर फसल पैदा करने वाले किसानों को न्यूनतम समर्थन मुल्य भी नही मिलता जिसके कारण किसान दिन प्रति दिन कर्ज में डुबते जा रहे है ऐसी परिस्थिति में किसान परिवार सहित आत्महत्या जैसे कदम उठाने विवश हुए है। ग्रामीण युवा खेती छोड़ शहरों की ओर पलायन कर रहे है अतः भारत सरकार किसानों को उनके उपज का लाभकारी मुल्य दिलाने ठोस कदम उठाये। वहीं दूसरी ओर मा. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी सत्ता में आते ही कर्जमाफी की घोषना की जिसका हमने स्वागत कर आभार व्यक्त किया किंतु पिछले 2 वर्षों से सरकार कि गलत नीतियों के कारण किसानों को अपने फसल बेचने के लिए बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है हजारो किसान अपनी फसल बेचने से वचिंत रहे । खेती के समय खाद व अच्छे बीज की कमी रही किसानो को घटीया खाद व बीज बेचा गया जिसकी शिकायत करने पर आज तक कोई कार्यवाही नही हुई। सोसयटीयों मे खाद की कमी रही किंतु बाजार में महगें दामों पर 266.50रु. का यूरिया पैकेट 600रु. में बेचा जा रहा है इस पर सरकार पर कोई नियंत्रण नही है। इसमें प्रशासण की मिली भगत की बू आ रही है। अल्प वर्षा व बिजली कटौती के कारण किसान अपनी फसल बचाने संर्घषरत है, परेशान है। अतः भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के नेतृत्व में सभी जिला मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा जायगा। प्रधानमंत्री भारत सरकार से प्रमुख मांगे (1) किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य देने का कानून बनाया जाए। (2). एक बार घोषित मूल्य के बाद उसके आदानों में होने वाली महंगाई का भुगतान के समायोजन कर महंगाई के अनुपात में वास्तविक मूल्य दिया जाए। (3) घोषित मूल्य पर किसानों के उपज को खरीदी की व्यवस्था हो चाहे गण्डी में चाहे बाहर हो चाहे सरकार खरीदे घोषित मूल्य से कम दर पर खरीदी को अपराध माना जाए। (4) केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन कृषि व्यापार कानून में संशोधन कर लागू किया जाय :- ( 1 ) एक देश एक व्यापार कानून के अंतर्गत व्यापार करने वाले सभी व्यपारीयों का एक पोर्टल के अंदर पंजीयन हों व बैंक सिक्यूरिटी मनी जमा रहे ताकि किसान को फसल बेचने के बाद भुगतान सुनिश्चित हो जाय (2)जिला स्तर पर कृषि न्यायालय का गठन किया जाए ताकि किसानों के सभी प्रकार के विवादों को निपटारा जिले के अदंर शीघ्र हो जाए। (3) आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत बड़े निर्यातकों व खाद्य प्रसंस्करणकर्ता को भण्डारण में दी गई छूट को नियंत्रित किया जाए। छत्तीसगढ़ शासन से हमारी प्रमुख मार्गे :- (1). वर्तमान अल्प वर्षा को देखते हुए बिजली कटौती को बढ़कर पर्याप्त बिजली प्रदान की जाये। सभी फीडरों (ट्रांसफार्मर) की क्षमता बढ़ाई जाये बिजली की बढ़ी दरों को वापस ली जाय तथा सभी कृषि पंपो पर निश्चित किराया (फ्लेट रेट) लिया जाय (2) भारतीय किसान संघ जिला समीती बिलासपुर गरियाबंद द्वारा घटिया बीज तथा धमतरी जिला द्वारा नकली खाद व कोण्डागांव जिला में अधिक मुल्य में खाद बेचने की शिकायत की गई थी। ऐसे अपराधियों पर अभि तक कार्यवाही नही की गई है उन पर शीघ्र कार्यवाही कर शिकायत कर्ता को जानकारी दी जाय। (3) वर्तमान समय में अल्पवर्षा व सुखे को देखते हुए शीघ्र सर्वे कर सुखाग्रस्त घोषित किया जाय सुखा प्रभावित सभी किसानों को 9000 प्रति एकड़ से बढ़ाकर 20000 रु. प्रति एकड़ सहायता राशि दी जाए (4) जिन तहसिलों में फसल ठिक है वहां किसानों की लागत बढ़ी है ( जैसे :- डीजल बिजली खाद मजदूरी ) अतः उन सभी क्षेत्रों में धान खरीदी की मात्रा 20 क्विंटल प्रति एकड़ की जाय (5) पिछले खरीदी वर्ष में किसानों से लि गयी बारदानों का भुगतान आज तक नहीं हुआ है। शीघ्र भुगतान की जाय तथा आगामी खरीफ धान खरीदी सत्र हेतु पर्याप्त बारदाने की व्यवास्था की जाय। (6) छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समर्थन मूल्य 2500 रु. में केंद्र सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि की राशि को जोड़ कर दिया जाय (2500 + 72 = 2572) तथा धान खरीदी 1 नवंबर से प्रारंभ किया जाय। (7) पूर्व में स्वीकृत सिंचाई परियोजना (जैसे सुतिया पाठ नहर विस्तार कुम्हारी जलाशय से सिंचाई) को शीघ्र पूरा किया जाय (8) जमीन का परिवारिक बटवारे तथा बहन द्वारा हक त्याग पर रजिस्ट्री शुल्क न लिया जाय आदि भागों को लेकर प्रदेश के सभी जिला केंद्रों में धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौपा जायेगा।

मुख्यमंत्री ने किया आरडी तिवारी स्कूल भवन के उन्नयन कार्य का लोकार्पण ।

रायपुर। BBN24 NEWS: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शिक्षक दिवस के अवसर पर रविवार को रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा आरडी तिवारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल के उन्नयन कार्य उपरांत निर्मित भवन का लोकार्पण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री बघेल यहां आयोजित शिक्षा मड़ई कार्यक्रम के तहत कोरोना काल में शिक्षा विभाग द्वारा किए गए नवाचारों की जानकारी लेंगे और उत्कृष्ट सेवा देने वाले शिक्षकों को सम्मानित भी किया।छत्तीसगढ़ सरकार की धस्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना के अंतर्गत निर्धन परिवारों को निश्शुल्क उच्च स्तरीय शिक्षा के साधन-संसाधन सुलभ कराने इस स्कूल का निर्माण दस महीने की अल्पावधि में पूर्ण किया है। चार करोड़ 58 लाख रुपये की लागत से निर्मित आरडी तिवारी स्कूल को सर्व-सुविधायुक्त आधुनिक अंग्रेजी माध्यम स्कूल का स्वरूप प्रदान किया गया है, जिसमें सर्व-सुविधायुक्त खेल मैदान, बास्केटबाल कोर्ट, 11 क्लास रूम, सात स्मार्ट क्लास रूम, चार अति आधुनिक लैब, एक उन्नात लाइब्रेरी, बृहद सभाकक्ष, दो भोजन कक्ष, छह प्रसाधन कक्ष निर्माण कर इस विद्यालय को आकर्षक कलेवर प्रदान किया गया है। उन्नयन कार्य के दूसरे चरण में रनिंग ट्रैक, वालीबाल कोर्ट एवं फुटबाल मैदान दर्शक दीर्घा निर्माण की योजना है। दोपहर एक बजे से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बघेल के साथ नगरीय प्रशासन मंत्री डा. शिव कुमार डहरिया, जिले के प्रभारी मंत्री रविंद्र चौबे, स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, लोकसभा सांसद सुनील सोनी, राज्यसभा सदस्य श्रीमती छाया वर्मा, संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, महापौर एजाज ढेबर, छग गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, रायपुर दक्षिण विधायक बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा, अभनपुर विधायक धनेन्द्र साहू, धरसींवा विधायक अनिता योगेन्द्र शर्मा, छग योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा, सभापति प्रमोद दुबे, नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे आदि अतिथि मौजूद थे।

अब SC-ST-OBC के बीच ही आरक्षण का झगड़ा:मंत्री शिव डहरिया से मिलने पहुंचे आदिवासी छात्र।

आरक्षण को लेकर दो बड़े आरक्षित जातीय समुदायों के बीच टकराव के हालत बनते दिख रहे हैं। मामला अनुसूचित जनजाति को मिले 32 प्रतिशत आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका से जुड़ा है। यह याचिका अनुसूचित जाति से जुड़ी गुरु घासीदास साहित्य एवं सांस्कृतिक संस्थान और पिछड़ा वर्ग के कुछ लोगों ने दाखिल की है। इसका फैसला नजदीक है, ऐसे में आदिवासी समाज की बेचैनी बढ़ गई है। आदिवासी छात्र संगठन के युवाओं ने आज मंत्री शिव कुमार डहरिया से कहा कि वे सतनामी समाज के बड़े नेता की हैसियत से इस याचिका पर अपना पक्ष स्पष्ट करें। आदिवासी छात्र संगठन के अध्यक्ष योगेश ठाकुर की अगुवाई में पहुंचे युवाओं ने नगरीय प्रशासन मंत्री शिव कुमार डहरिया से मिलने की कोशिश की। बाहर रहने से उनसे मुलाकात नहीं हो पाई तो छात्रों ने उनके निज सचिव को एक पत्र सौंपा। आदिवासी छात्रों ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रुद्र कुमार और अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य पद्मा मनहर के नाम भी ऐसा ही पत्र रायपुर तहसीलदार को सौंपा है। योगेश ठाकुर ने कहा, हमने सतनामी समाज के इन वरिष्ठ नेताओं से यह जानने की कोशिश की है, क्या वे आदिवासियों के 32% आरक्षण के खिलाफ काम करने वालों के साथ है या आदिवासी और अनुसूचित जाति की समरसता के साथ। ठाकुर ने कहा, हाईकोर्ट को आरक्षण संशोधन अधिनियम 2011 की वैधता पर फैसला करना है। यह फैसला 6 सितंबर को आए या अगली किसी तारीख में, SC-ST-OBC का 12-32-14 कुल मिलाकर 58% आरक्षण का बचना लगभग असंभव है। एक बात तय है कि इसका कोई राजनीतिक हल फिलहाल नहीं दिख रहा। आदिवासी हित में सुप्रीम कोर्ट से भी किसी राहत की बहुत आशा नहीं की जा सकती। योगेश ठाकुर ने कहा, उन लोगों ने दोनों समुदायों के बीच बनी एकता को कायम रखने की काफी कोशिश की है, लेकिन इस याचिका से उस पर संकट बढ़ता दिख रहा है। आरक्षण बढ़ाने-घटाने से शुरू हुआ विवाद साल 2011 तक अनुसूचित जनजाति को 20 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 16 प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग को 14 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता रहा। 2011 में सरकार ने जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व देने की बात कहकर अनुसूचित जनजाति का आरक्षण 32 प्रतिशत कर दिया। अनुसूचित जाति का आरक्षण 12 प्रतिशत किया गया। रायपुर के गुरु घासीदास साहित्य एवं सांस्कृतिक संस्थान ने इसको उच्च न्यायालय में चुनौती दी। बाद में OBC और सामान्य वर्ग के कुछ लोग भी इसके खिलाफ कोर्ट गए। मामले की कल उच्च न्यायालय में सुनवाई बताया जा रहा है, उच्च न्यायालय बिलासपुर में कल इस मामले की सुनवाई होनी है। 32 प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ दायर की गई याचिका के खिलाफ आदिवासी समाज के एक संगठन और दो कर्मचारियों ने हस्तक्षेप याचिकाएं लगाई हैं। इस सुनवाई का क्या परिणाम निकलता है यह कल ही स्पष्ट हो पाएगा।

राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री बघेल।

शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन में शिक्षकों को किया गया सम्मानित रायपुर, 05 सितम्बर 2021/ शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके के मुख्य आतिथ्य में राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने की। समारोह में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, संसदीय सचिव श्री द्वारिकाधीश यादव उपस्थित थे। राज्यपाल ने पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन किया और कहा कि शिक्षक दीपक की तरह होते हैं, जो अज्ञान के अंधकार में ज्ञान का प्रकाश लाते हैं। उनका देश और प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान रहता है। शिक्षकों के मार्गदर्शन से विद्यार्थी अलग-अलग क्षेत्रों में सफलताएं अर्जित कर राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक जो मार्गदर्शन देते हैं उसे सकारात्मक रूप से ग्रहण करने पर अवश्य सफलता मिलती है। सुश्री उइके ने कहा कि आज मैं, मुख्यमंत्री जी, शिक्षा मंत्री जी या अन्य राजनेता जिस जगह पर पहुंचे हैं, वहां पर हमारे गुरूजनों का ही योगदान रहा है। शिक्षकों के अनुशासन की सीख की बदौलत हम आज यहां तक पहुंचे हैं। राज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम विद्यालय प्रारंभ करने जैसे कई कार्य हुए हैं, वह सराहनीय है। इस कार्य से विकासखंड स्तर तक ग्रामीणों को अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों की सुविधा मिल रही है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री सहित पूरे शिक्षा विभाग को बधाई देती हूं। राज्यपाल ने कोरोना काल में शिक्षा विभाग द्वारा किए गए कार्यों की भी प्रशंसा की। राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति का एक सूत्र वाक्य है ’असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योर्तिगमय, मृत्योर्मामृतं गमय’, जिसका अभिप्राय है ’हे ईश्वर हमें असत्य से सत्य की ओर, अंधेरे से उजाले और मृत्यु से अमरत्व की ओर ले चलो।’ असत्य से सत्य की ओर तथा अंधेरे से उजाले की ओर ले जाने की प्रक्रिया में गुरूजनों की भूमिका अहम होती है। ’आचार्यः देवो भव’ और ‘गुरू गोविंद दोऊ खड़े’ जैसे दोहे हमारी समृद्ध परम्पराओं में शिक्षक की महत्ता को दर्शाते हैं। राज्यपाल ने कहा कि बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं, उनकी मौलिकता, कल्पनाशीलता, देश के लिए अनमोल संपदा है और उनके जीवन को गढ़ने का महत्वपूर्ण दायित्व शिक्षकों पर है। शिक्षकों को विद्यार्थियों से मित्र एवं मार्गदर्शक की तरह व्यवहार करना चाहिए। स्वामी विवेकानंद ने कहा कि ‘हमें ऐसी शिक्षा चाहिए, जिससे चरित्र का निर्माण हो, मन की शांति बढ़े, बुद्धि का विकास हो और मनुष्य, अपने पैरों पर खड़ा हो सके।’ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने शिक्षक दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी और कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण के जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाते है। वे महान शिक्षक थे जब वे राष्ट्रपति बने तो कुछ विद्यार्थियों ने उनका जन्मदिवस मनाने का प्रस्ताव रखा। तब उन्होंने कहा कि मेरे जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए। उन्होंने कहा कि चाहे खेल के क्षेत्र में या शिक्षा के क्षेत्र में हमेशा गुरूओं की आवश्यकता पड़ती है। शिक्षकों का राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान होता है। कोरोना महामारी के समय इसकी महत्ता और भी बढ़ गई। शिक्षा विभाग ने कोरोना महामारी के समय ऑनलाइन शिक्षा पद्धति प्रणाली बुलटू के बोल, मोहल्ला क्लास जैसे माध्यमों से शिक्षा प्रदान की, जिसकी पूरे देश और विदेश में चर्चा हुई। श्री बघेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में सन् 1998 में पंचायत विभाग द्वारा शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी उसके बाद से अब तक नियमित शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई थी। पर हमने उनकी तकलीफ को समझते हुए नियमित रूप से शिक्षकों की भर्ती की और नियुक्ति प्रक्रिया आरंभ कर दी है। हमने उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी विद्यालय की स्थापना की। इसमें गरीब और मध्यमवर्ग के पालकगण अपने बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दिला रहे है। यह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। किसी भी विद्यार्थी का आदर्श उसका शिक्षक होता है। वे जिस प्रकार का आचार-व्यवहार करते है विद्यार्थी उनका अनुसरण करते है। इसलिए अच्छे विद्यार्थी बनाने के लिए श्रेष्ठ शिक्षकों की आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री ने कोरोना काल में दिवंगत हुए शिक्षकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हमारे शिक्षकों ने कोरोना काल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विद्यार्थियोंको नए-नए तरीकों से पढ़ाया। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि कोरोना काल में प्रदेश में शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों को शिक्षा देने के लिए कई नवाचार किए गए, जिसमें पढ़ई तुंहर द्वार, मोहल्ला क्लास आदि शामिल है। प्रशासन के इन प्रयासों की नीति आयोग सहित पूरे देश में सराहना की गई। प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में भी इन नवाचारों का उल्लेख किया। कार्यक्रम में वर्ष 2020 में चयनित 58 शिक्षकों को सम्मानित किया गया, जिसमें 54 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान और 04 शिक्षकों को प्रदेश के महान साहित्यकारों के नाम पर स्मृति पुरस्कार दिया गया। इस अवसर पर वर्ष 2021 के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों के नामों की घोषणा की गई। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार खलखो, विधि सलाहकार आर.के. अग्रवाल, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. कमलप्रीत सिंह उपस्थित थे। समारोह में जे.आर. दानी स्कूल की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और राज्य गीत की प्रस्तुति दी।