व्यापार

अपनी 23 वीं सालगिरह के मौके पर एयरटेल अपने ग्राहकों को दे रहा है गिफ्ट कार्ड एयरटेल ने अमेजॉन पे के साथ की साझेदारी

नई दिल्ली  अपनी 23 वीं सालगिरह के जष्न के तहत, एयरटेल अपने स्मार्टफोन ग्राहकों को अमेज़न पे के साथ साझेदारी में आकर्षक गिफ्ट प्रदान कर रहा है। 
स्मार्टफोन के एयरटेल प्रिपेड एवं पोस्टपेड ग्राहकों को 51 रु. मूल्य के विषेष अमेज़न पे डिजिटल गिफ्ट कार्ड प्राप्त होंगे। ये गिफ्ट कार्ड अमेज़न पे बैलेंस के रूप में लोड हो सकेंगे और इन्हें मोबाईल रिचार्ज, बिल के भुगतान या अमेज़न इंडिया के विस्तृत कैटालोग में शाॅपिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसे अमेज़न पे के पार्टनर मर्चेंट्स के लिए भी उपयोग में लाया जा सकेगा।

100 रु. या उससे अधिक मूल्य के बंडल्ड पैक पर प्रिपेड ग्राहकों को तथा किसी भी इन्फिनिटी प्लान के पोस्टपेड ग्राहकों को विषेष अमेज़न पे गिफ्ट कार्ड मिल सकेगा। 

डिजिटल गिफ्ट कार्ड माई एयरटेल ऐप द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। ग्राहकों को इसके लिए प्ले स्टोर (एन्ड्राॅयड) या ऐप स्टोर (आईओएस) से माई एयरटेल ऐप डाउनलोड करना होगा। ग्राहकों को गिफ्ट कार्ड एक्टिवेट करने के लिए माई एयरटेल ऐप के अंदर ‘‘एयरटेल थैंक्स’’ बैनर पर क्लिक करना होगा। 

यह डिजिटल गिफ्ट कार्ड उन ग्राहकों को भी उपलब्ध होगा, जो अगले 30 दिनों में 100 रु. या इससे अधिक का एयरटेल प्रिपेड बंडल्ड पैक चुनेंगे या किसी भी इन्फिनिटी पोस्टपेड प्लान में अपग्रेड कराएंगे।

ग्राहक माई एयरटेल ऐप, आॅनलाईन पोर्टल, जैसे अमेज़नडाॅटइन द्वारा रिचार्ज करा सकते हैं या फिर नज़दीकी रिटेलर या एयरटेल स्टोर पर विज़ट कर सकते हैं। यह आॅफर सीमित अवधि के लिए लागू है। 

अपने बंडल्ड रिचार्ज के साथ एयरटेल बेहतरीन फायदे प्रदान करता है। इनमें हाई स्पीड डेटा एवं अनलिमिटेड काॅलिंग तथा मुफ्त नेषनल रोमिंग शामिल हैं। एयरटेल इन्फिनिटी पोस्टपेड प्लान रोलओवर की सुविधा के साथ डेटा का विषाल मासिक कोटा, मुफ्त नेषनल रोमिंग के साथ अनलिमिटेड काॅलिंग, एक साल की अमेज़न प्राईम मेंबरषिप तथा एयरटेल टीवी एवं विंक म्यूज़िक का मुफ्त सब्सक्रिप्षन प्रदान करते हैं। एयरटेल को विभिन्न एजेंसियों ने लगातार भारत के सबसे तेज मोबाईल नेटवर्क की रेटिंग दी है।

इस पार्टनरषिप के बारे में वाणी वेंकटेश, चीफ मार्केटिंग आॅफिसर - भारती एयरटेल ने कहा, ‘‘हमें भारत का अग्रणी स्मार्टफोन बनाने की इस 23 की यात्रा में हमारे साथ साझेदारी करने के लिए हमारे ग्राहकों का धन्यवाद। हमें ग्राहकों के साथ अपनी इस खुषी को बांटने के लिए अमेज़न पे के साथ पार्टनरषिप करने की खुषी है। आॅनलाईन शाॅपिंग स्मार्टफोन वाले ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय है। भारत के सबसे तेज नेटवर्क पर डेटा के बेहतरीन अनुभव के साथ हमारे ग्राहक अब रिचार्ज और बिल भुगतान के अतिरिक्त फायदे का लाभ ले सकते हैं तथा अमेज़न पर विस्तृत श्रृंखला की शाॅपिंग भी कर सकते हैं।’’

अमेज़न पे इंडिया प्राईवेट लिमिटेड के डायरेक्टर, शारिक प्लास्टिकवाला ने कहा, ‘‘हमें इस जश्न में एयरटेल के साथ साझेदारी करने की खुषी है। हम अपने ग्राहकों की जरूरतों को समझते हैं और उनके द्वारा उपयोग किए जाने वाले प्लेटफाॅम्र्स पर उनका भुगतान का अनुभव बेहतर बनाना चाहते हैं। इस गिफ्ट कार्ड के साथ एयरटेल ग्राहक अब अपना प्रिपेड मोबाईल रिचार्ज कर सकते हैं, बिल का भुगतान कर सकते हैं या अमेज़नडाॅटइन पर शाॅपिंग कर सकते हैं।

अमेज़न पे के बारे मेंः
अमेज़न पे अमेज़न पर या किसी अन्य जगह डिजिटल रूप से भुगतान करने का सुविधाजनक एवं भरोसेमंद माध्यम है। हम कैशमुक्त भारत बनाने के विज़न के लिए समर्पित हैं औरर ग्राहकों के साथ मिलकर ऐसे तरीके खोजने के लिए काम कर रहे हैं, जो ग्राहकों की परेषानियों को कम करें, किफायत बढ़ाएं और दैनिक आदतें विकसित करें, जिससे डिजिटल भुगतान के लिए रुचि बढ़े। 

भारती एयरटेल लिमिटेड के बारे में
भारती एयरटेल लिमिटेड अग्रणी ग्लोबल टेलीकम्युनिकेषंस कंपनी है, जो एषिया और अफ्रीका के 16 देषों में काम करती है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली, भारत में है। कंपनी सब्सक्राईबर्स की दृष्टि से विष्व के सर्वोच्च 3 सर्विस प्रोवाईडर्स में से एक है। भारत में कंपनी 2जी, 3जी और 4 जी वायरलेस सेवाएं, मोबाईल काॅमर्स, फिक्स्ड लाईन सेवाएं, हाईस्पीड होम ब्राॅडबैंड, डीटीएच, इंटरप्राईज़ सेवाएं जैसे कैरियर्स को नेषनल एवं इंटरनेषनल, लाँग डिस्टैंस सेवाएं आदि प्रदान करती है। अन्य जगहों पर यह 2जी, 3जी, 4जी वायरलेस सेवाएं एवं मोबाईल काॅमर्स प्रदान करती है। जून, 2018 के अंत तक भारती एयरटेल के पास 456 मिलियन से अधिक ग्राहक थे। 

सेंसेक्स ने रचा इतिहास, पहली बार छुआ 37 हजार का आंकड़ा

शेयर बाजार से अच्छी खबर है। सेंसेक्स और निफ्टी अब तक के सबसे ऊंचे स्तर को पार कर गया। सेंसेक्स 140 अंकों की तेजी के साथ 37,000 के स्तर पर पहुंच गया. जोकि अबतक का सबसे उंचा स्तर है। वहीं, निफ्टी भी 35 अंकों की तेजी के साथ 11,162.15 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।  जबकि निफ्टी ने नया रिकॉर्ड उच्चतम स्तर बनाया है। निफ्टी 11,171.5 के पार निकल गया है।
 
बुधवार: बाजार का हाल
इन शेयरों में दिखा उछाल-
पीएसयू बैंक, एफएमसीजी, ऑटो, फार्मा और कैपिटल गुड्स शेयरों में काफी खरीदारी हो रही है। अंबूजा सीमेंट, आईटीसी, एसबीआई, अल्ट्राटेक सीमेंट,आयशर मोटर्स, टाटा मोटर्स, भारती एयरटेल और इंडसइंड बैंक 2.2-0.7 फीसदी तक चढ़े हैं सिर्फ मेटल और आईटी शेयरों में दबाव दिख रहा है।
इन शेयरों में गिरावट-
सन फार्मा ,एचपीसीएल, अदानी पावर,भारती इंफ्राटेल,  बीपीसीएल,  एचयूएल, हीरो मोटो, और टाटा स्टील 1.8-0.3 फीसदी तक गिरे हैं।

बुधवार को अंतराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी बाजार नैस्डैक में रिकॉर्ड तेजी देखी गई। नैस्डैक कंपोजिट रिकॉर्ड स्तर पर जाकर बंद हुआ और जानकारों का मानना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को यूरोपीयन यूनियन से व्यापारिक रियायतें मिलने और तकनीकी शेयरों में मजबूती की वजह से बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा है। डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) 172.16 अंक या 0.68% की मजबूती के साथ 25,414.10 पर बंद हुआ। वहीं नैस्डैक कंपोजिट (Nasdaq Composite) 91.47 अंक या 1.17% की तेजी के साथ 7,932.24 पर बंद हुआ.

वही आज भी बाजार में तेजी देखने को मिल रही है। रूपये की बात करें तो वो भी अप तक के उच्चतम स्तर पर 68.71 प्रति डॉलर पर खुला है जबकि कल 68.79 पर बंद हुआ था।
निवेशकों के लिए ये समय काफी अच्छा है और आने वाले दिनों में भी बाजार के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ के एम एस एम ई उद्यमियों के लिए ए&ए बिज़नेस कंसल्टिंग ने की खास सेवाओं की शुरुआत

रायपुर, 9 जुलाई, 2018 : एमएसएमई के लिए बिजनेस कंसल्टिंग के क्षेत्र में अग्रणी नाम ए एन्ड ए  बिजनेस कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड ने हाल ही में रायपुर में काम का शुभारम्भ किया। यह कम्पनी क्लाइंट के व्यवसाय का विश्लेषण करने, समस्या से संबंधित क्षेत्रों की पहचान करने और कस्टम-डिजाइन समाधानों को लागू करने में विशेषग्यता रखती है, ताकि क्लाइंट्स की उल्लेखनीय वृद्धि तथा फायदे में बढ़ोत्तरी के लिए प्रभाव डाले जा सकें। देशभर में अब तक 10,000 से भी अधिक एमएसएमई क्लाइंट्स को सेवाएं दे चुकी यह कम्पनी इस बात पर विश्वास करती है कि भारत में रायपुर एक बहुत ही महत्वपूर्ण एमएसएमई हब है जिसके लिए उन्हें सेवाएं देनी चाहिए। 

इसी कड़ी में एक प्रेस मीट के दौरान यह घोषणा करते हुए, प्रवीण दरयानी, चेयरमैन तथा मैनेजिंग डायरेक्टर, ए एन्ड ए बिजनेस कंसल्टिंग ने कहा-'एमएसएमई हमारे देश की जीडीपी में करीब 40 प्रतिशत का योगदान देती हैं और करीब 80 मिलियन लोगों को रोजगार देती हैं. राष्ट्र की आर्थिक वृद्धि के लिए वे सर्वोत्कृष्ट हैं तथा खास देख रेख की पात्र हैं'।

राष्ट्र की आर्थिक वृद्धि में सहयोग करने के बड़े लक्ष्य के साथ काम कर रही ए एन्ड ए बिजनेस कंसल्टिंग एमएसएमई व्यवसायियों को अधिक व्यवस्थित होने में  मदद करने के साथ ही यह भी सुनिश्चित करती है कि सही प्रक्रिया, तकनीक, लोग तथा पहुँच को सही तरीके से रखकर सर्वोत्तम प्रदर्शन तथा मुनाफे में बढ़त को तय किया जा सके।

कम्पनी की प्रैक्टिस की श्रृंखला व्यवसाय, फाइनेंस, ब्रांडिंग, ह्यूमन रिसोर्सेस, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी तथा ऑपरेशंस आदि से लेकर इसके फ्लैगशिप प्रोग्राम जैसे कि स्पीड फॉर बिजनेस (एसएफबी) तथा स्ट्रैटजिक अलाइंस इन बिजनेस (एसएबी) तक संचालित होती है. इन सबके जरिये कम्पनी एमएसएमई ऑन्त्रप्रेन्योर्स का विकास करने में सहायता कर रही है एवं उन्हें उनके व्यवसाय को बढ़ाने में भी मदद कर रही है.   दरियानी आगे बताते हैं-'एमएसएमई व्यवसायों में मानव संसाधनों को मजबूत बनाना, उत्पादों पर काम करना, ब्रांड के प्रति समझ तथा सिस्टम में सुधार लाना वे महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं जिनपर ए एन्ड ए कम्पनी ध्यान केंद्रित करती है. इसके बाद वृद्धि और टर्नओवर अपने आप आ जाते हैं'।

ए ए बी सी के बारे में:
ए एन्ड ए बिजनेस कंसल्टिंग (ए ए बी सी) स्मॉल एन्ड मीडियम एंटरप्राइज (लघु व मध्यम उद्यमों) के लिए भारत की अग्रणी कंसल्टिंग कम्पनी है. 2009 में स्थापित एएबीसी ने विभिन्न व्यवसायों में सहयोग कर व्यवस्थित वृद्धि हासिल करते हुए 1500 पूर्ण विकसित कंसल्टिंग प्रोजेक्ट्स पूरे किये हैं। वर्तमान में देशभर के 7 राज्यों में 18000 से अधिक एमएसएमई के साथ हम उपस्थिति दर्शा रहे हैं।

मारे 300 से अधिक प्रोफेशनल्स की टीम विभिन्न उद्योगों से जुड़े क्लाइंट्स को सेवाएं दे रही है जिनमें टैक्सटाइल से लेकर मशीन टूल्स, अपैरल, एग्रीकल्चर, इंजीनियरिंग, कैमिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, हेल्थकेयर तथा फार्मास्यूटिकल्स, टेलीकॉम, एजुकेशन, बीएफएसआई, ऑटोमोबाइल, कंस्ट्रक्शन तथा इंफ्रास्ट्रक्चर एवं एफएमसीजी आदि शामिल हैं।

हमारे पास छह अलग-अलग कंसल्टिंग प्रैक्टिस हैं जिनके साथ हम काम करते हैं. ये हैं सेल्स (बिजनेस), फाइनेंस, ब्रांडिंग, ह्यूमन रिसोर्सेस, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी तथा ऑपरेशंस (बिजनेस प्रोसेस). विभिन्न उद्योगों में विशेषग्यता रखने वाली 100 से अधिक हमारे कंसल्टेंट्स की टीम सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट्स (एस. एम. ए.) टीम द्वारा समर्थन प्राप्त है. ये दोनों एक साथ मिलकर क्लाइंट्स के बिजनेस में उल्लेखनीय बदलाव लाने की जिम्मेदारी निभाते हैं।

सभी प्रैक्टिस से जुड़े समस्त कंसल्टिंग प्रोडक्ट्स एएबीसी की प्रोडक्ट रिसर्च एन्ड डेवलपमेंट टीम (पीआरडी) द्वारा अनुसन्धान और विकसित किये गए हैं. यह टीम एसएमई व्यवसाय की चुनौतियों को समझने के लिए प्रायमरी रिसर्च करता है और उसके बाद रिसर्च से प्राप्त नतीजों तथा क्लाइंट से मिले फ़ीडबैक के आधार पर उत्पादों को विकसित करता है. इन उत्पादों के जरिये उपलब्ध करवाए गए समाधान एसएमई के लिहाज से खरे उतरते हैं, चाहे फिर वे एसएमई किसी भी आकार की हों और उनके द्वारा कितनी भी बड़ी चुनौती का सामना क्यों न किया जा रहा हो।

कम्पनी द्वारा अपनाई जा रही कंसल्टिंग मेथडोलॉजी एकदम अनूठी है. हम विशिष्ट क्लाइंट के लिए खास कंसल्टेंट को निर्धारित करते हैं, काम की गुंजाईश (स्कोप ऑफ वर्क-एसओडब्ल्यू) को फ़ाइनल करते हैं, क्लाइंट के व्यवसाय पर उस एसओडब्ल्यू को लागू करने को प्रतिबद्ध रहते हैं. हम क्लाइंट्स के कर्मचारियों को और अधिक प्रोडक्टिव बनाने एवं उन्हें बेहतर प्रोफेशनल्स बनाने के लिए प्रशिक्षण भी देते हैं. इससे भी आगे हम अपने क्लाइंट्स के ग्रुप्स के लिए नेटवर्किंग के अवसर भी बनाते हैं जहाँ वे एक-दूसरे के साथ संसाधनों को उपजाने और एक्सचेंज करने का काम कर सकते हैं. अंत में, हम अपने क्लाइंट्स (एसएमई मालिकों) को बिजनेस के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षित करते हैं और इस तरह से उनके ज्ञान में इजाफा करके, उनके व्यावसायिक परिदृश्य को और विस्तृत करते हैं. इस तरह यह एक प्रोजेक्ट की शुरुआत में समर्पित एसओडब्ल्यू के प्रभावशाली कार्यान्वयन के रूप में परिणाम पहुँचते हैं।

एएबीसी में हमारा विजन लोगों और संस्थानों को वृद्धि करने में सहायता करना है. अपने इस दृष्टिकोण से गहराई से जुड़े रहते हुए हमने मार्च 2018 में 1239 व्यवसायों वित्तीय स्तर पर आगे बढ़ने में सहायता की है. हम अब 31 मार्च 2020 तक 2020 व्यवसायों को आर्थिक स्तर पर वृद्धि करने में सहायता करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं. हम भारत में एसएमई सेक्टर में वांछित परिवर्तन का अंदाज लगा सकते हैं ।हम एक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ने में सहायता करके लाखों एसएमई के आर्थिक भाग्य को संवारना चाहते हैं। 

शक्ति पम्पस (इंडिया) लिमिटेड की नई पहल सौर आधारित वीएफडी (VFD), इनवर्टर और अन्य उत्पाद जल्द बाज़ार में

रायपुर/ पिथमपुर 07 जुलाई 2018: भारत के अग्रणी एनर्जी एफ़ीशिएंट स्टेनलेस स्टील और सोलर इंटीग्रेटेड पंप बनाने वाली शक्ति पम्पस (इंडिया) लिमिटेड जो 110 देशो में अपने उत्पादों को निर्यात करती है, ने शनिवार को पिथमपुर, सेक्टर-3, में अपने पॉवर इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया। भारत के सभी बड़े सोलर इंटीग्रेटर्स और पॉवर इलेक्ट्रॉनिक्स में अनुसंधान करने वाले पांच आईआईटी के प्रोफ़ेसर इस उद्घाटन में सम्मिलित हुए l शक्ति पंप इंडिया लिमिटेड कृषि, औद्योगिक, घरेलू और बागवानी जैसे विभिन्न क्षेत्रों के पंपिंग समाधान के लिए जाना जाता है। इस नए संयंत्र के माध्यम से कंपनी भारत में निर्मित नए उत्पाद बाज़ार में लाएगी ।

नई इकाई सौर चलित ड्राइव (variable frequency drives), हाइब्रिड इनवर्टर, मोटर स्टार्टर्स और अन्य पॉवर  इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का निर्माण करेगी।  संयंत्र में सालाना 1 लाख वीएफडी और इनवर्टर के निर्माण की क्षमता है। कंपनी इस वित्त वर्ष में 10,000 वीएफडी उत्पादन करके पहले वर्ष में लगभग 10% क्षमता का उपयोग करने की योजना बना रही है।

शक्ति पंप का ‘अनुसंधान और विकास’ भारत सरकार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, और वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त है। वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग एवं विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (भारत सरकार) ने शक्ति पंप को इन हाउस रिसर्च एंड डेवलपमेंट यूनिट के लिए सम्मानित किया  गया 

 इस अवसर पर प्रबंध निदेशक, शक्ति पंप (इंडिया) लिमिटेड  दिनेश पाटीदार ने बताया–“यह संयंत्र अद्वितीय हैं क्योंकि हमारे पास अनुसंधान और विकास इकाई और उत्पादन इकाई एक ही स्थान पर है। यह अन्य प्रमुख उत्पादकों से अलग है जिनकी डिजाइन इकाई (अनुसन्धान और विकास) और निर्माण अलग अलग स्थानों पर है।  नया संयंत्र मध्य भारत में इलेक्ट्रॉनिक और पॉवर इलेक्ट्रॉनिक के क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा और इस क्षेत्र में कुशल श्रमिकों को भी बढ़ावा देगा l’

आगे   पाटीदार ने बताया- “कंपनी इस नई सुविधा से तीन तरह के उत्पादों का निर्माण करेगी: इलेक्ट्रिक मोटर ड्राइव (वीएफडी) (1-10 एचपी)- विभिन्न प्रकार के मोटर्स के लिए एक सार्वभौमिक ड्राइव श्रृंखला है, इलेक्ट्रॉनिक मोटर स्टार्टर्स (1-100एचपी) – सॉफ्ट स्टार्टर और अन्य डिजिटल स्टार्टर्स, और हाइब्रिड इनवर्टर (1-10 केवीए)। शक्ति पंप द्वारा बनाया गया यह ड्राइव सौर पंपिंग उद्योग, प्रोसेस उद्योग, और कपड़ा उद्योग क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा सकेगा, जहां भी गति नियंत्रण की आवश्यकता होती है जैसे कन्वेयर, एक्सट्रूडर, पंप, पंखे, कंप्रेसर इत्यादि वहां यह उपयोगी सिद्ध होगा।“
वैश्विक चर आवृत्ति ड्राइव बाजार 2016 से 2021 तक 5.94% के सीएजीआर में बढ़ने का अनुमान है। 2021 तक, यह बाजार कुल 24.8 अरब डॉलर का होगा

जीएसटी में 200 रूपए से ज्यादा का सामान बेचने पर बिल जारी करना अनिवार्य

ई-वे बिल के बिना 50 हजार से ज्यादा का माल परिवहन करने पर होगी कार्रवाई

रायपुर - वाणिज्यिक कर (राज्य-कर) विभाग से मिली जानकारी के अनुसार माल एवं सेवा कर अधिनियम (जीएसटी) 2017 के तहत 200 रूपए से ज्यादा का सामान बेचने पर दुकानदार अथवा व्यापारी को नियमानुसार बिल अनिवार्य रूप से जारी करना होगा।

  विभागीय अधिकारियों ने आज यहां बताया कि इस प्रावधान का उल्लंघन होने पर ग्राहक इस बारे में आयुक्त राज्य-कर के दफ्तर में अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। इसके लिए टोल फ्री नम्बर 1800-233-5382 भी जारी कर दिया गया है। ग्राहक इस प्रकार की शिकायत ई-मेल के जरिए भी भेज सकते है। ई-मेल का पता बबजकण्मूंलइपसस/हउंपसण्बवउ  है। शिकायत मिलने पर परीक्षण किया जाएगा और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि कर-अपवंचन की रोकथाम के उद्देश्य से माल परिवहन के लिए ई-वे बिल प्रणाली लागू की गई है। इस प्रणाली के तहत अगर कोई व्यापारी अथवा परिवहन कर्ता 50 हजार रूपए से ज्यादा के कन्साइंटमेंट के माल का परिवहन राज्य के भीतर या राज्य के बाहर करता है तो परिवहन के समय उसे विक्रय बीजक के अलावा ई-वे बिल जारी करने का प्रमाण पत्र भी साथ में अनिवार्य रूप से रखना होगा।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि अगर कोई व्यापारी अथवा परिवहनकर्ता 50 हजार से ज्यादा के कन्संाइन्टमेंट के माल का परिवहन ई-वे बिल के बिना करता है या माल का मूल्य कम दर्शाकर परिवहन करते हुए पाया जाता है तो जीएसटी अधिनियम 2017 के तहत उस पर टैक्स और शास्ति का भी प्रावधान किया गया है। 

अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स की नई शाखा अब पंडरी के न्यू क्लॉथ मार्केट में वीणा सिंह ने किया भव्य शुभारंभ

रायपुर: अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स की नई शाखा का गुरुवार को राजधानी के न्यू क्लॉथ मार्केट पंडरी में शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की धर्मपत्नी वीणा सिंह ने इसकी शुुरुआत की। वीणा सिंह ने बताया कि अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स के होने से छत्तीसगढ़ की जनता को अब आभूषणों की खरीदारी करने दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं पड़ती है।  
बता दें कि एटी के नाम से फेमस इस ज्वेलर का यह सातवां आैर रायपुर में दूसरा शोरूम है। रायपुर के अलावा दुर्ग, कोरबा, बिलासपुर, गोंदिया आैर भोपाल में भी एटी के शोरूम हैं। अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स  के नए प्रतिष्ठान में हर अवसर के लिए हर तरह के आभूषणों की अच्छी रेंज है। अनाेपचंद तिलाेकचंद ज्वेलर्स पिछले 60 साल से सराफा जगत में एक स्थापित नाम है, जिसके संचालक तिलोक बरड़िया, शांतिलाल बरड़िया एवं अशोक बरड़िया हैं। संचालक तिलोक बरड़िया ने बताया कि एटी ज्वेलर्स ने ज्वेलरी में गुणवत्ता आैर शुद्धता के बलबूते पर अपनी पहचान बनाई है। 
 बता दे की नए शोरूम में हर तरह के आभूषण मिलेंगे। गोल्ड, डायमंड आैर सिल्वर में एक्सक्लूसिव ज्वेलरी क्लेक्शन लेकर आ रहे हैं। साथ ही यहां डायमंड ज्वेलरी बुटीक कलेक्शन खास आकर्षण होगा। ज्वेलरी मैन्युफेक्चरिंग खुद की होने के कारण क्वालिटी के साथ-साथ डिजाइन, पैटर्न आैर इनाेवेशन के मामले में बेहतर ज्वेलरी कलेक्शन दें पाते हैं। यहां इंर्पोटेड ज्वेलरी में इटेलियन, कोरियन, आस्ट्रेलियन, दुबई आैर अमेरिकन ज्वेलरी के अलावा एंटीक कुंदन ज्वेलरी, यूनिक डायमंड कलेक्शन, हैवी डिजाइनर ज्वेलरी, जड़ाऊ ज्वेलरी, हैंडमेड ज्वेलरी व बैंगल्स, कुंदन ज्वेलरी आदि मिलेगी। साथ ही साथ स्पेशल कार्पोरेट गिफ्ट व फेस्टिव स्पेशल गोल्ड व सिल्वर क्वाॅइन हैं।

सीएनजी और पाइप वाली रसोई गैस होगी महंगी, सरकार ने बढ़ाए दाम

नई दिल्ली। सरकार ने प्राकृतिक गैस की दर में 6 प्रतिशत की वृद्धि की है और इसके साथ यह दो साल में उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. इससे सीएनजी और रसोई गैस के भाव ऊंचे होंगे. पेट्रोलियम मंत्रालय के पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार घरेलू फील्ड से उत्पादित अधिकांश प्राकृतिक गैस की कीमत एक अप्रैल से 3.06 डॉलर प्रति इकाई (प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट) होगी. यह वृद्धि एक अप्रैल से छह महीने के लिए की गई है. अभी यह 2.89 डॉलर है.

अमेरिका, रूस और कनाडा जैसे गैस अधशिष वाले देशों में औसत दरों के आधार पर प्राकृतिक गैस की कीमत हर छह महीने बाद निर्धारित की जाती है. भारत अपनी कुल जरूरत का करीब आधा हिस्सा आयात करता है. आयातित गैस की कीमत घरेलू दर के मुकाबले दोगुने से अधिक होती है. यह लगातार दूसरा मौका है जब गैस के दाम बढ़ाए गए हैं. इससे अप्रैल-सितंबर 2016 के बाद गैस की दर उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. उस समय इतनी ही कीमत घरेलू उत्पादकों को दी जाती थी.

गैस कीमत में वृद्धि से आयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी उत्पादक कंपनियों की आय में बढ़ोतरी होगी. साथ ही इससे सीएनजी और पाइप के जरिये घरों में पहुंचने वाली रसोई गैस महंगी होगी. इसका कारण इसमें प्राकृतिक गैस का उपयोग कच्चे माल के रूप में किया जाता है. इससे यूरिया और बिजली उत्पादन की लागत भी बढ़ेगी. साथ ही गहरे पानी, उच्च तापमान जैसे कठिन क्षेत्रों में नए फील्डों से उत्पादित गैस की कीमत सीमा अप्रैल- अक्तूबर 2018 के लिए बढ़ाकर 6.78 डॉलर प्रति इकाई कर दिया गया है.


फिलहाल यह 6.30 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट है. इस वृद्धि से घरेलू गैस आधारित बिजली उत्पादन की लागत करीब 3 प्रतिशत बढ़ेगी. साथ ही इससे सीएनजी तथा पाइप के जरिये घरों में पहुंचने वाली रसोई गैस की कीमत क्रमशः 50-55 पैसे तथा 35-40 पैसे प्रति घन मीटर बढ़ेगी. इससे पहले, अक्तूबर 2017-मार्च 2018 की अवधि के लिए गैस कीमत बढ़ाकर 2.89 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट कर दिया गया था. इससे पहले यह 2.48 डालर प्रति इकाई थी.

" रस ऑयल्स " एशिया के बेस्ट आर्गेनिक प्रोडक्ट के लिए नॉमिनेट हुआ।

रायपुर शहर की यंग इंटरप्रेन्योर शुभीका जैन ने "रस" के नाम से आर्गेनिक ऑयल्स निर्मित की है जो एशिया के बेस्ट आर्गेनिक प्रोडक्ट केटेगरी के लिए नॉमिनेट हुआ है जिसे न केवल रायपुर बल्कि समस्त छत्तीसगढ़ के जनता का आशीर्वाद वोट के रूप में चाहिए जिससे शहर की बेटी के ब्रांड "रस ऑयल्स" को एशिया का बेस्ट आर्गेनिक प्रोडक्ट का अवार्ड मिल सके। यह अवार्ड आपका है, यह आपका गर्व है कि आपके शहर / राज्य की बेटी अपने मेहनत और लगन से इस मुकाम तक पहुंची। नीचे के लिंक को क्लिक कर आप अपना वोट " रस ऑयल्स " को दे सकते हैं। http://readerschoiceawards.asiaspaindia.com/poll/best-organic-product/ "रस ऑयल्स" हैदराबाद, बेंगलुरु, मुम्बई आदि शहरों में अपना एक स्थान बनाया है साथ ही दुबई, सिंगापुर आदि देशों से डिमांड भी आ रही है। यह प्रोडक्ट पूर्ण रूप से आर्गेनिक तो है ही साथ ही साथ यह शरीर के स्किन के लिए भी अत्यंत लाभदायक है। रस ऑयल्स की शुद्धता से मनुष्य के माइंड, बॉडी एवं सोल पवित्र होता है। इसका एसेंस बहुत ही पवित्रमय वातावरण निर्मित करता है जिससे मनुष्य का घर, आफिस पवित्रमय बन जाता है। आर्गेनिक रस ऑयल्स को सेरामिक डिफ्यूजर में रखकर घर, आफिस को पवित्रमय बना सकते है

छत्तीसगढ़ में बिल्डरों और प्रमोटरों को रेगुलेट करने के लिए भू संपदा विनियामक प्राधिकरण रेरा ने शुरू किया काम रजिस्ट्रेशन के बिना बैंक नहीं देगा बिल्डर और खरीददार को लोन

रायपुर-  रेरा के चेयरमैन विवेक ढांड ने सोमवार को न्यू सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि सभी बिल्डरों को रेरा में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से कराना है।
अगर रेरा में रजिस्ट्रेशन नहीं है, तो बैंक बिल्डर और खरीददार को लोन नहीं देगा। बिना रजिस्ट्रेशन के प्लाट, जमीन या फ्लैट को न तो बेच सकते हैं, न ही उसका प्रमोशन ही कर सकते हैं। यही नहीं, बिल्डर एक प्रोजेक्ट का पैसा दूसरे प्रोजेक्ट में नहीं लगा सकता है।
अगर ऐसा करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। ढांड ने बताया कि बिल्डर की प्रस्तावित जमीन पर प्रमोटर के दोषपूर्ण टाइटल के कारण खरीददार को कोई हानि होती है, तो उसका पूरा पैसा बिल्डर वापस करेगा।

यही नहीं प्रमोटर दो तिहार खरीददारों की लिखित सहमति और रेरा के अनुमोदन के बिना प्रोजेक्ट के संबंध में अपने अधिकार और दायित्व ट्रांसफर नहीं कर सकेगा। एग्रीमेंट में कब्जा सौंपने की तारीख का जिक्र जरूरी रहेगा।

यदि प्रमोटर तय तारीख तक कब्जा नहीं दे पाता है तो खरीददार को ब्याज और क्षतिपूर्ति सहित जमा राशि लौटानी होगी। यदि खरीददार प्रोजेक्ट में संपत्ति चाहता है तो उसे कब्जा सौपे जाने तक प्रतिमाह ब्याज मिलेगा।

ढांड ने बताया कि 500 वर्गमीटर से बड़े प्रोजेक्ट को प्रत्येक फेस का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। नए कानून के तहत प्रमोटर के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। इसमें प्रोजेक्ट राशि का 70 फीसदी अलग बैंक खाते में जमा करना है।

खास बात यह है कि अगर कोई बिल्डर भ्रामक जानकारी देकर प्लाट या मकान बेचता है, तो उससे प्रोजेक्ट कास्ट का 10 प्रतिशत जुर्माना वसूला जा सकता है और तीन साल की सजा भी हो सकती है। एजेंट का रजिस्ट्रेशन भी रेरा में होगा। इसका पंजीयन पांच साल के लिए मान्य होगा। एक बार रजिस्ट्रेशन कराकर एजेंट प्रदेश में काम कर सकता है। प्रमोटर आनलाइन आवेदन के साथ ही कार्यालय में पहुंच दस्तावेज जमा कर सकते है।

प्राइवेट कंपनियों के नौकरियों का बुरा हाल, बड़ी कंपनियों में भी लगातार कम हो रहे कर्मचारी–??

नई दिल्ली। भारत की सूचीबद्ध कंपनियों के रोजगार के आंकड़ों का इंडियन एक्सप्रेस द्वारा किए गए विश्लेषण के अनुसार वित्त वर्ष 2016-17 में ज्यादातर कंपनियों में पिछले सालों की तुलना में नौकरियां कम हुई हैं। इंडियन एक्सप्रेस के पास इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर कंपनियो को छोड़कर अन्य क्षेत्रों की 121 कंपनियों के रोजगार से जुड़े आंकड़े हैं। ये सभी कंपनियां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसए) में सूचीबद्ध हैं और वित्त वर्ष 2016-17 से जुड़े इनके आंकड़े उपलब्ध हैं। इन कंपनियों के रोजगार के आंकड़ों के अनुसार इन कंपनियों ने पिछले वित्त वर्ष के 742,012 की तुलना में वित्त वर्ष 2016-17 में केवल 730,694 नौकरियां दीं। रोजगार में 11,318 की ये कमी धातु, ऊर्जा, कैपिटल गुड्स, निर्माण क्षेत्र और एमएमसीजी क्षेत्र की कंपनियों में हुई है।  इन 121 कंपनियों में से 107 के पिछले तीन साल के आंकड़े इंडियन एक्सप्रेस के पास उपलब्ध हैं। इन कंपनियों के आंकड़ों से पुष्टि होती है कि नौकरी में ये कमी लगातार दूसरे साल जारी है। जिन 107 कंपनियों के पिछले तीन वित्त वर्षों के आंकड़े हैं उनमें मार्च 2015 तक कुल 684,452 कर्मचारी थे जिनकी संख्या मार्च 2016 में घटकर 677,296 रह गयी और मार्च 2017 तक ये संख्या घटकर 669,784 हो गयी। नौकरी में कमी की संख्या छोटी लग सकती है लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार ये एक प्रवृत्ति को दिखाती है जो चिंता का विषय है। देश की सबसे बड़ी कंपनियों के कर्मचारियों में कमी से इन कंपनियों के विस्तार की योजनाओं और निकटवर्ती विकास की उम्मीदों का पता चलता है। एक प्रमुख मानव संसाधन (एचआर) कंपनी के शीर्ष अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “निर्माण क्षेत्र की कई कंपनियां पहले ही अप्रयुक्त संसाधनों के बोझ से दबी हुई हैं इसलिए वो लोगों को नौकरी देने के बजाय वो कर्मचारियों पर होने वाले खर्च को कम कर रही हैं। कई मामलों में कर्मचारियों को नौकरी छोडऩे या रिटायर होने पर उनकी जगह नए लोग नहीं रखे जा रहे हैं।” जिन 121 कंपनियों के आंकड़े इंडियन एक्सप्रेस के पास मौजूद हैं उनमें से 49 के कुल कर्मचारियों की संख्या वित्त वर्ष 2016-17 में कम हुई। 68 कंपनियों के कर्मचारियों में कुछ बढ़ोतरी हुई। चार कंपनियों के कर्मचारियों की संख्या में कोई बदलाव नहीं आया। ये सारे आंकड़े प्रॉवेस आईक्यू और सीएमआईई से मिले हैं। हालांकि कुछ विशेषज्ञों के अनुसार किसी ठोस नतीजे पर पहुंचने के लिए ये सैंपल साइज छोटा है। टीमलीज सर्विसेज के सह-संस्थापक और चेयरमैन मनीष सबरवाल ने कहा, ये साफ नहीं है कि मांग घटी है। मुझे लगता है कि औपचारिक नौकरी में भले ही दिक्कत हो लेकिन जरूरी नहीं कि ये नौकरी से ही जुड़ा मामला हो। हमें और आंकड़े सामने आने का इंतजार करना चाहिए। अभी स्थिति साफ नहीं है। साभार —

जिओ ने दिया नया ऑफर

BBN24 आज के जमाने मे हर कोई फ्री के लिए लगा पड़ा है चाहे कुछ भी हो लेकुन अगर बात नेट की की जाए ये तो सबसे आगे है इसके लिए जियो सबसे आगे है। लेकिन जिओ ने भी अपने यूजर को कई तोहफे दिए है जियो ने कई बार अपने यूजर को फ्री में सब कुछ दिया जिओ ने शुरू में 6 महीने तक फ्री नेट दिया था लेकिन जियो ने एक बार फिर से कमाल कर दिया है जियो ने अपने यूजर को फ्री में 6 महीने का नेट दिया है इसके लिए जियो यूजर को कुछ सिंपल से स्टेप फॉलो करके अपने जिओ मोबाइल के लिए एक्टिव कर एक्ट है। ये प्लान दोनो यूजर पुराने और नए दोनो को दिया जाएगा इसके लिए कहि नही जाना होगा ये ऑनलाइन मोबाइल से किया जा सकता है। इस प्लान में यूजर को 6 महीने फ्री नेट ओर 6 महीने फ्री कालिंग ओर 100 मैसेज प्रतिदिन मिलेंगे। इसके लिए यूजर की सबसे पहले whaff rewards नाम का ऐप्प है उसको डाऊनलोड करना है । डाउनलोड करने के बाद आपको इसपर अपने एकाउंट बनाना है एकाउंट के लिए आपको फेसबुक से लॉगिंग करना है लॉगिंग करते समय आपको एक पॉपअप आएगा जिसमे आपको एकाउंट यानी प्रोमो कोड मागेगा निसमे आपको IC40404 डालना होगा विना इस कोड के रिचार्ज नही मिलेगा। ये सब करने के बाद आपको प्रेयमुम ऑप्शन में जाना होगा और रिचार्ज पर क्लिक करना होगा और वह जियो का ऑपरेटर सेलेक्ट करके ये प्लान सेलेक्ट करना होगा FR-360-6-T इसके बाद सही पर कर दे अगले 24 हॉर्स में आपका रिचार्ज हो

GST व्यवस्था में थोड़ा सुकून

नई दिल्ली:-केंद्र गवर्नमेंट जल्द ही लोगों को GST व्यवस्था में थोड़ी राहत दे सकती है. केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने इस बात के इशारा दिये हैं कि गवर्नमेंट 28 फीसद कर स्लैब के दायरे में आने वाली वस्तुओं की संख्या में कटौती कर सकती है. उन्होंने साथ ही यह भी बताया है कि राजस्व संग्रह पूर्व स्तर पर आ गया है.बताते चलें कि देशभर में चीज एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था एक जुलाई को लागू हुई थी. इसके तहत 1200 से अधिक वस्तुओं व सेवाओं को पांच फीसद, 12 फीसद, 18 फीसद व 28 फीसद कर स्लैब की कैटेगरी में रखा गया था. जानकारी के लिए बता दें कि 28 फीसद के कर स्लैब के तहत वॉशिंग मशीन, फ्रिज, इलेक्ट्रिकल फिटिंग्स, सीमेंट, सीलिंग फैन, घड़ियां, ऑटोमोबाइल, तंबाकू उत्पाद, न्यूट्रीशनल ड्रिंक, ऑटो पार्ट्स, प्लास्टिक फर्नीचर व प्लायवुड आते हैं. अरुण जेटली ने बताया है कि कुछ कमोटिडी पर 28 फीसद पहले से ही नहीं होनी चाहिए थी. इस कारण पिछली तीन से चार बैठकों में GST काउंसिल ने 100 तरह की चीजों पर GST दर में कटौती की है. इसपर 28 फीसद कर घटाकर 18 फीसद व 18 फीसद से कम करके 12 फीसद कर दिया गया है. उन्होंने एक प्रोग्राम के दौरान बोला कि धीरे-धीरे कर की दर को घटाया जा रहा है. ऐसा करने के पीछे मुख्य उद्देश्य राजस्व संग्रह में स्थिरता प्राप्त करना था. अब इसमें कमी लाने की आवश्यकता है.काउंसिल इसी दिशा में कार्य कर रही है.GST काउंसिल की अगली मीटिंग 10 नवंबर को होनी है.इसमें हाथ से निर्मित फर्नीचर, प्लास्टिक उत्पादों व शैंपू जैसे रोजमर्रा की वस्तुओं पर कर की दरें कम करने पर विचार किया जा सकता है.

JIO पुराने यूजर्स को कैशबैक ऑफर का फायदा

BBN24:-क्या आपने अभी तक अपने रिलायंस जियो का 399 रुपये वाला रिचार्ज नहीं करवाया तो टेंशन ना लें क्युकि अब आपको अपनी जियो को रिचार्ज कराने के लिए सिर्फ 99 रुपये ही देने होंगे। दरअसल एक ऑनलाइन वॉलेट कंपनी ने जियो के साथ मिल कैशबैक ऑफर शुरू किया है। आपको बता दें कि 9 नवंबर से जियो के धन धना धन प्लान की वैलिडिटी खत्म होना शुरू हो गई हैं। यानी यूजर को जियो की सर्विस का फायदा लेने के लिए एक बार फिर रिचार्ज करना होगा। ऐसे में जियो 6 ऑनलाइन वॉलेट कंपनी के साथ कैशबैक ऑफर लेकर आई है। सभी कंपनियां नए और पुराने यूजर्स को कैशबैक ऑफर का फायदा देंगी।

डुअल डिस्क ब्रेक के साथ सुजुकी Intruder-150, देखे इस अनोखी बिक को

 इंट्रूडर में 154.9 cc का इंजन इस्तेमाल किया गया है. कंपनी ने इसकी कीमत 98,340 रुपए (एक्स-शोरूम, नई दिल्ली) रखी है. नई इंट्रूडर 150 का इंजन 14.6 बीएचपी का पावर और 14 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है.

 इंट्रूडर में 154.9 cc का इंजन इस्तेमाल किया गया है।  नई इंट्रूडर 150 का इंजन 14.6 बीएचपी का पावर और 14 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है।  सुजुकी इंट्रूडर 150 के इस इंजन को 5 स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स से लैस किया गया है।  सुजुकी की दावा है कि यह क्रूजर 44 किमी प्रति लीटर का माइलेज देगी।  भारत में इस बाइक का मुकाबला मुख्य रूप से बजाज एवेंजर 150 से होगा. नई दिल्ली: जापानी कंपनी सुजुकी ने नई क्रूजर बाइक, इंट्रूडर 150 को भारत में लॉन्च कर दिया है।  कंपनी ने इसकी कीमत 98,340 रुपए (एक्स-शोरूम, नई दिल्ली) रखी है।

ये है खासियत
सुजुकी इंट्रूडर 150 में दोनों पहियो में डिस्क ब्रेक लगाया गया हैं जो कि एबीएस यानी ऐंटी लॉकिंग ब्रेकिंग सिस्टम से लैस हैं। बड़े हेडलाइ और बकेट के आकर सीट इसके लुक को और आकर्षित बना देती है।  हालांकि, पीछे बैठने वाली सवारी के लिए सीट छोटी है।  फ्यूल टैंक 11 लीटर का है और 17 इंच के एलॉय व्हील्स हैं। 


सुजुकी के लिए महत्वपूर्ण भारतीय बाजार
सुजुकी मोटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड  के प्रबंध निर्देशक सातोशी उचिता ने इस अवसर पर कहा था कि भारत उनके लिए महत्वपूर्ण बाजार है। वह हर साल कम से दो नए प्रोडक्ट बाजार में उतारेंगे। एसएमआईपीएल के कार्यकारी उपाध्यक्ष संजीव राजशेखरन ने कहा भारत में क्रूजर खंड बीते कुछ साल  से तेजी से बढ़ रहा है।  उन्होंने उम्मीद जताई कि इस नई प्रोडक्ट के साथ कंपनी बाजार में पकड़ मजबूत बनती जाएगी।  कंपनी ने वित्त वर्ष 2016-17 में 3,50,000 यूनिट बेचीं।  सुजुकी टू वीलर्स मौजूदा वित्त वर्ष में 5,00,000 यूनिट बेचने का टार्गेट लेकर चल रही है। 
 

Source : (http://zeenews.india.com)

फिर मेहेंगी हुई LPG Gas

एलपीजी गैस की कीमत में एक बार फिर बढ़ोती हुई। तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं को झटका देते हुए एलपीजी के दाम बढ़ा दिए हैं। सब्सिडी वाला सिलेंडर (14.2 कि.ग्रा.)  93.50 रुपये तो 19 कि.ग्रा. वाला व्यावसायिक सिलेंडर 146.50 रुपये की दर से महंगा हो गया है।

दिल्ली में इजाफे के बाद बिना सब्सिडी वाले सिलिंडर 743 रुपये हो गई है। मुम्बई में 14.2 केजी सिलिंडर की कीमत हुई 718 रुपये। 19 केजी की क़ीमत 1268 रुपये हो गई है। 491.13 रुपये से बढ़कर 495.69 रुपये सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर का दाम 1 नवम्बर से।

चार माह से गैस सिलेंडर के रेट में चार चार रुपये प्रति माह की मामूली वृद्धि हो रही थी, लेकिन मंगलवार शाम इसमें 93.50 रुपये की भड़त होगयी। इससे गैस सिलेंडर की कीमत बढ़कर करीब 751 रुपये हो जाती है। कीमत के बढ़ने का असर निम्न व मध्यम वर्गीय परिवार पर अधिक पड़ेगा। यह पहली दफा है, जब एकमुश्त 93 रुपये की वृद्धि हुई है। पिछले एक साल में सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों की कीमत में करीब 110 रुपये की बढ़ोत्तरी देखी जा चुकी है। रसोई गैस की कीमत बढ़ रही है और सब्सिडी घटती जा रही है। माना जा रहा है कि सब्सिडी बंद होने से कालाबाजारी पर रोक लगेगा।

सब्सिडी बंद होने के बाद कुकिंग गैस सिलेंडर (14.2 किग्रा) और कामर्शियल सिलेंडर (19 किग्रा) की कीमत में अधिक अंतर नहीं रहेगा। माना जा रहा है कि अगले साल मार्च तक सब्सिडी और कामर्शियल सिलेंडर की कीमत के बीच का अंतर खत्म हो जाएगा और दुकानदार दुकानों पर घरेलू गैस के बजाय कामर्शियल गैस का इस्तेमाल करना चालू करें देंगे। इससे कामर्शियल सिलेंडरों की डिमांड बढ़ने की उम्मीद बढ़ जाएगी, जिससे सरकारों का राजस्व में भी बढ़ोती होगी। कारण, कुकिंग गैस सिलेंडर पर जीएसटी पांच फीसद और कामर्शियल गैस सिलेंडर पर जीएसटी 18 फीसद है।