देश

जावड़ेकर का राहुल गांधी से सवाल- 1984 में सिखों को जिंदा जलाना क्या खून नहीं था

केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने खेती का खून नाम की किताब के प्रकाशन को लेकर कहा कि कांग्रेस को खून शब्द से बहुत प्यार है, खून की दलाली जैसे शब्दों का उन्होंने बहुत बार उपयोग किया है। जावड़ेकर ने पूछा विभाजन के समय जब लाखों लोग मरे थे, क्या वो खून नहीं था? जावड़ेकर ने कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए कहा कि ये खेती का खून कह रहे हैं।

दक्षिण अफ्रीका को भारत देगा वैक्सीन

मिडिया से मिली जानकारी के अनुसार ब्राजील सरकार पहले ही भारत से वैक्सीन लाने के लिए विमान तैयार कर चुकी है। दक्षिण अफ्रीका की सरकार ने सोमवार को यह बताया है कि उसे भारत से वैक्सीन की पहली खेप फरवरी, 2021 के पहले हफ्ते में मिलने की संभावना है। इसके बाद वह अपनी 10 फीसद आबादी को वैक्सीन देने की शुरुआत करेगा।

पश्चिम बंगाल: जलपाईगुड़ी में कोहरे का कहर, ट्रक और कई गाड़ियों में भिड़ंत, 13 की मौत

मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में कोहरे के कारण बड़ा हादसा हुआ है. धुपगुड़ी इलाके में बोल्डर से लदी एक ट्रक मंगलवार रात 9 बजे कई गाड़ियों से टकरा गई. हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 लोग घायल बताए जा रहे हैं. घायलों को जलपाईगुड़ी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 

महाराष्ट्र : पुणे: पंचायत चुनाव जीता पति, पत्नी ने कंधे पर बैठाकर निकाला विजय जुलूस

मिडिया से मिली जानकारी के अनुसार पालू ग्रामपंचायत में संतोष शंकर गुरव ने 221 वोट लेकर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को हराया.  इस जीत पर उनकी पत्नी रेणुका की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. पत्नी रेणुका ने जोश में पति संतोष को कंधे पर बैठाकर छोटा ही सही लेकिन विजय जुलूस निकाला.

देश : पति के मरने के बाद सौतेले बेटे पर मुकदमा चलाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

मिडिया से मिली जानकारी के अनुसार पति-पत्नी के बीच पिछले 28 साल से चल रहा मुकदमा बिना किसी फैसले के इसलिए खत्म हो गया क्योंकि पति की मौत हो गई थी. इस बात से नाराज महिला ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी कि उसका मुकदमा अब उसके बेटे पर चलाया जाए क्योंकि उसे अभी तक न्याय नहीं मिला है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने बेटे पर मुकदमा चलाने से इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में टिप्पणी करते हुए कहा, सर्वशक्तिमान ने जो किया उसके बाद ये मामला यही पर खत्म हो जाता है.

भारत: SEX के दौरान महिला ने युवक के हाथ-पैर कुर्सी से बांधे,युवक की हुई मौत जाने क्या है पूरा मामला

मिडिया से मिली जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के नागपुर में 30 साल के एक युवक की मौत हो गई जिसे सेक्स के दौरान महिला ने कुर्सी से बांध दिया था. न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला शादीशुदा है और उसका युवक से अफेयर चल रहा था. महिला एक बच्चे की मां भी है. गुरुवार की रात साथ बिताने के लिए महिला और युवक एक लॉज में ठहरे थे.

रेलवे ने रद्द टिकट के रिफंड पर दी अच्छी खबर, समय-सीमा को 6 महीने से बढ़ाकर 9 महीने किया

नई दिल्लीः रेल मंत्रालय ने 21 मार्च, 2020 से 31 जुलाई, 2020 की यात्रा अवधि के लिए कराए गए पीआरएस काउंटर टिकटों को रद्द कराने और किसी भी काउंटर से रिफंड प्राप्त करने की समय-सीमा को 6 महीने से बढ़ाकर 9 महीने कर दिया है। यह नियम निर्धारित समय सारणी वाली केवल उन रेल गाड़ियों के लिए खरीदे गए टिकटों पर ही लागू होगा जिन्हें रेलवे द्वारा रद्द किया गया था। 139 या आईआरसीआरसी की वेबसाइट के माध्यम से टिकट रद्द कराने की स्थिति में टिकट को किसी भी टिकट काउंटर पर जमा करने की समय-सीमा को यात्रा की तिथि से बढ़ाकर 9 महीने तक के लिए कर दिया गया है।

यात्रा की तिथि से 6 माह की समय-सीमा पूरी होने के बाद अनेक यात्रियों ने टीडीआर के माध्यम से या सामान्य आवेदन के माध्यम से रेल मंडलों के दावा कार्यालय पर टिकट जमा कर दिये होंगे, उन्हें भी पीआरएस काउंटर टिकट का पूरा किराया वापस मिलेगा।

कोविड-19 के चलते महामारी को ध्यान में रखते हुए टिकट रद्द कराने और किराए की वापसी के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश इससे पहले भी जारी किए गए थे। निर्देशों के मुताबिक रेलवे द्वारा रद्द की गई गाड़ियों के लिए रद्द पीआरएस काउंटर टिकट को जमा कराने की समय सीमा को 3 दिन से बढ़ाकर (यात्रा का दिन छोड़कर) 6 महीने कर दिया गया था और 139 या आईआरसीटीसी की वेबसाइट से टिकट रद्द कराये जाने की स्थिति में किसी भी काउंटर से रिफंड प्राप्त करने की समय-सीमा को भी बढ़ाकर कर यात्रा की तिथि से 6 महीने कर दिया गया था।

10 रुपये का सिक्का आपको बना सकता है लखपति, जानिए कैसे

नई दिल्लीः-आपने देखा होगा कि कैसे एंटीक चीजे बेचकर लोग लाखों कमाते हैं। अब आप भी इस कैटेगरी में शामिल हो सकते हैं। बशर्ते आपके पास 10 रूपये का पुराना सिक्का होना चाहिए, जिस पर माँ वैष्णों देवी की तस्वीर बनी हो। जी हाँ, एक ई-कामर्स वेबसाइट पर लोगों को ऐसा ही मौका दिया जा रहा है, जिसमें आप वैष्णों देवी की तस्वीर वाला 10 रूपये का सिक्का नीलामी में डालकर 10 लाख रूपये तक कमा सकते हैं। हाल ही में एक रिपोर्ट में सामने आया था कि एक शख्स ने 5 रूपये का नोट नीलामी में बेचकर लाखों कमाए थे। उस नोट की खासियत थी कि उस पर ट्रैक्टर छपा हुआ था और वो नोट 786 नंबर का था।

10 रूपये का सिक्का बनाएगा अमीर

ज्यादातर लोग कड़ी मेहनत के बाद भी इतना पैसा नहीं जमा कर पाते कि अपनी जरूरतों को पूरा कर सकें। मगर ये खबर आपके काम की हो सकती है, अगर आपके पास वो सिक्का हो जो सीधे मार्केट में 10 लाख रुपये का बिकता है। जिस सिक्के की हम बात कर रहे हैं उस पर एक तरफ माता वैष्णो देवी की तस्वीर बनी हुई है।

2002 में जारी हुआ था ये सिक्का

आपको बता दें कि भारत सरकार ने ये सिक्का सन् 2002 में जारी किया था। ये सिक्के 5 रु और 10 रु हैं। दरअसल इन सिक्कों की मांग काफी अधिक है, इसीलिए इनका दाम भी काफी ज्यादा है। माता वैष्णो देवी के चित्र के चलते इन सिक्कों को शुभ माना जाता है। यही वजह है कि हर कोई इन्हें अपने पास रखना चाहता है। इसीलिए इन सिक्कों को खरीदने के लिए लोग लाखों रु तक खर्च करने को तैयार हैं।

ऑनलाइन बेच सकते है ये सिक्का

अगर आपको पुरानी चीजें संभालने का शौक है तो ये आपको लखपति भी बना सकता है। अगर, आपके पास 10 रूपये का माँ वैष्णों देवी की तस्वीर वाला सिक्का है तो आप इसे ऑनलाइन वेबसाइट पर बेच सकते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार इंडियामार्ट की वेबसाइट पर ये सिक्का 10 लाख रुपये तक बिक सकता है। बता दें कि ऐसे पुराने सिक्कों या कुछ नोटों की बकायदा नीलामी होती है। कुछ ई-कॉमर्स वेबसाइट्स इस तरह की नीलामी की सुविधा देती हैं। पुराने नोटों और सिक्कों की ऑनलाइन नीलामी का प्रोसेस काफी आसान होता है। तो अगर आपके पास ये सिक्का है तो देर न करें, माता रानी आपकी किस्मत बदल सकती है और आपको रातों-रात मालामाल कर सकती है।

पत्रकार चित्रा त्रिपाठी को हुआ कोरोना, हाथरस कांड में रिपोर्टिंग करने के दौरान हुई संक्रमित

दिल्ली:-आज तक की पत्रकार चित्रा त्रिपाठी भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई है. चित्रा त्रिपाठी ने खुद इसकी जानकारी ट्विटर पर दी है. चित्रा त्रिपाठी ने लिखा- हाथरस में कुछ ऐसे लोगों के संपर्क में आई जो कोरोना पॉज़िटिव निकले. एहतियातन मैंने भी टेस्ट कराया,जिसमें मेरी रिपोर्ट भी पॉज़िटिव है. हालाँकि कोरोना के लक्षण नहीं है. डॉक्टर की सलाह के बाद मैं सेल्फ़ क्वारंटीन हूँ.उन लोगों से आग्रह है जो मेरे संपर्क में आये थे कि वो अपना ध्यान रखें, चित्रा त्रिपाठी टीवी की चर्चित महिला एंकर हैं. चित्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की रहने वाली हैं। कोरोना संक्रमण अब भी दुनिया में सबसे तेजी से भारत में ही फैल रहा है. हालांकि अच्छी बात ये है कि नए संक्रमण से ज्यादा ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है. देश में पिछले 24 घंटों में 61,267 नए कोरोना मामले दर्ज किए गए. हालांकि 884 मरीजों की जान भी चली गई. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में अब कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 66 लाख 85 हजार हो गई है. इनमें से एक लाख तीन हजार लोगों की मौत हो चुकी है. एक्टिव केस की संख्या घटकर 9 लाख 19 हजार हो गई और कुल 56 लाख 62 हजार लोग ठीक हो चुके हैं. संक्रमण के एक्टिव केस की संख्या की तुलना में स्वस्थ हुए लोगों की संख्या करीब छह गुना ज्यादा हैं।

Indian Railways: 15 अक्टूबर से फेस्टिव सीजन के दौरान चलाई जाएंगी 200 विशेष ट्रेनें

नई दिल्लीः-भारतीय रेल त्योहारी सीजन को देखते हुए अतिरिक्त स्पेशल गाड़िया चलाने की प्लानिंग कर रहा है ताकि ट्रेनों में त्योहार के समय ज्यादा भीड़भाड़ न हो। बता दें कि त्योहार के समय गाड़ियों में सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिलती है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी वीके यादव ने गुरुवार को कहा, रेलवे 15 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच 200 स्पेशल ट्रेनें शुरू करने की योजना बना रहा है।

रेलवे ने वर्तमान में सभी नियमित यात्री ट्रेनों को अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दिया है। कोरोना वायरस महामारी के कारण 22 मार्च से रेलवे ने सभी नियमित ट्रेनों को रद्द कर दिया था। इसके बाद रेलवे ने 12 मई से देश के विभिन्न हिस्सों से दिल्ली को जोड़ने वाली प्रीमियम राजधानी स्पेशल ट्रेनों के 15 जोड़े का संचालन शुरू किया और 1 जून को 100 जोड़ी लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन शुरू किया। रेलवे ने 12 सितंबर से 80 ट्रेनें अतिरिक्त चलाई थी।

वीके यादव ने कहा, हमने जोनों के महाप्रबंधकों के साथ बैठकें की हैं और उन्हें स्थानीय प्रशासन के साथ बात करने और कोरोना वायरस की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय प्रशासन से एक रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है, जिसके बाद हम तय करेंगे कि छुट्टियों के मौसम में कितनी और गाड़ियों को चलाया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘अब तक का अनुमान है कि हम लगभग 200 ट्रेनें चलाएंगे, लेकिन यह सिर्फ अनुमान है। ट्रेनों की संख्या और अधिक भी हो सकती है।

उन्होंने कहा कि रेलवे ने राज्य सरकारों की जरूरतों और महामारी की स्थिति के आधार पर दैनिक रूप से यात्री सेवाओं का जायजा लेने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, जहां तक यात्री ट्रेनों का सवाल है, अब स्थिति यह है कि हम ट्रेनों की आवश्यकताओं, ट्रैफिक पैटर्न और कोरोना स्थिति का दैनिक आधार पर विश्लेषण करेंगे। जहां भी जरूरत होगी हम ट्रेनें चलाएंगे।

यादव ने कहा, हमने क्लोन ट्रेनों की प्रणाली शुरू की है, जहां हर सुबह हम एक सॉफ्टवेयर के माध्यम से ट्रेनों के डेटा का विश्लेषण करते हैं। हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि जहां कहीं भी लंबी वेटिंग लिस्ट हो, वहां एक क्लोन ट्रेन चलाई जाए। उन्होंने कहा, हमने यह भी फैसला किया है। जहां भी क्लोन ट्रेन फुल हो जाती है, हम यह सुनिश्चित करने के लिए उसी मार्ग पर एक और क्लोन ट्रेन चलाएंगे कि कोई भी यात्री वेटिंग में न हो।

यादव ने कहा कि राज्य सरकारों के साथ भी समन्वय बना हुआ है। रेल बोर्ड एक साथ बहुत सारी ट्रेनों की घोषणा करने के बजाए जरूरत के अनुसार हर रोज दो चार ट्रेनें शुरू कर रहा है। क्योंकि कोरोना काल में बहुत सारे चीजों का ध्यान रखना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस दौरान भारतीय रेल यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए भी अभियान चला रही है और स्टेशनों और ट्रेनों में जरूरी जानकारी दी जा रही है। रेलवे स्टेशन के आसपास के गांव के लोगों को भी इस बारे में बताया जा रहा है।

चित्रकूट एक्सप्रेस फिर से दौड़ेगी

मध्यप्रदेश के जबलपुर से लखनऊ और कानपुर को जोड़ने वाली एकमात्र ट्रेन चित्रकूट एक्सप्रेस साढ़े छह माह बाद फिर दौड़ेगी। रेलवे ने गुरवार को ट्रेन का कार्यक्रम जारी कर दिया है। यह ट्रेन 5 अक्टूबर को लखनऊ से जबलपुर के लिए रवाना होगी। वहीं छह अक्टूबर से यह ट्रेन नियमित तौर पर जबलपुर से लखनऊ जाएगी। ट्रेन के समय और रूट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कोविड 19 को देखते हुए ट्रेन को स्पेशल बनाकर चलाया जा रहा है। इस वजह से ट्रेन का नंबर बदला गया है।

कोरोना को लेकर ICMR की कामयाबी,वायरस से लड़ने के लिए तैयार की एंटीबॉडी

नई दिल्ली:-इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और बॉयलॉजिक ई. लिमिटेड, हैदराबाद (Biological E. Limited, Hyderabad) ने साथ मिलकर एक विशेष तरह का एंटी-सिरम (Antisera) विकसित किया है जो कोरोना के इलाज (Covid-19 Treatment) में कारगर हो सकता है. ये एंटी-सिरम अभी जानवरों में विकसित किया गया है.अगर बोलचाल की भाषा में कहें तो वैज्ञानिकों ने किसी बाहरी बैक्टीरिया या वायरस से लड़ने के लिए जरूरी एंटीबॉडी तैयार की है. यह अविष्कार इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कोरोना संक्रमण के बाद इलाज के लिए ही नहीं बल्कि संक्रमण से बचाव के लिए भी इस्तेमाल (prophylaxis and treatment of COVID-19) की जाएगी।

ICMR ने बताया है कि इस तरह के इलाज का इस्तेमाल पूर्व में कई वायरल और बैक्टिरियल इंफेक्शन के इलाज में किया जा चुका है. इनमें रेबीज, हेपेटाइटिस बी, वैक्सीनिया वायरस, टेटनस और डिप्थिरिया जैसी बीमारियां. हालांकि कोविड-19 से ठीक हो चुके लोगों के प्लाज्मा का इस्तेमाल भी कुछ ऐसे ही इलाज के लिए किया जाता है. लेकिन इसमें एंटीबॉडी का स्तर हर इंसान के आधार पर अलग-अलग होता है. इस वजह से इसका इस्तेमाल भी मुश्किल हो जाता है. आईसीएमआर ने इस नई सफलता को भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए बड़ी कामयाबी बताया है।

विस्तारित रेंज ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण, मारक क्षमता 400 किमी से अधिक

नई दिल्ली:-विस्तारित रेंज ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण बुधवार को किया। मिसाइल 400 किमी से अधिक दूरी पर लक्ष्य को मार सकती है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की पीजे-10 परियोजना के तहत मिसाइल को स्वदेशी बूस्टर के साथ लॉन्च किया गया था। पहले 300 किमी. तक मारक क्षमता वाली ब्रह्मोस मिसाइल में डीआरडीओ ने पीजे-10 परियोजना के तहत स्वदेशी बूस्टर बनाकर इसकी मारक क्षमता बढ़ा दी है। यह ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल के विस्तारित रेंज संस्करण का दूसरा परीक्षण था। ब्रह्मोस एक कम दूरी की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। इसे पनडुब्बी से, पानी के जहाज से, विमान से या जमीन से भी छोड़ा जा सकता है। रूस की एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया तथा भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने संयुक्त रूप से इसका विकास किया है। यह रूस की पी-800 ओंकिस क्रूज मिसाइल की प्रौद्योगिकी पर आधारित है।

ब्रह्मोस के समुद्री तथा थल संस्करणों का पहले ही सफलतापूर्वक परीक्षण किया जा चुका है तथा भारतीय सेना एवं नौसेना को सौंपा जा चुका है। ब्रह्मोस भारत और रूस द्वारा विकसित की गई अब तक की सबसे आधुनिक प्रक्षेपास्त्र प्रणाली है और इसने भारत को मिसाइल तकनीक में अग्रणी बना दिया है। ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल कम ऊंचाई पर तेजी से उड़ान भरती है और रडार की पकड़ में भी नहीं आती। ब्रह्मोस की विशेषता यह है कि इसे जमीन से, हवा से, पनडुब्बी से, युद्धपोत से यानी कहीं से भी दागा जा सकता है। यही नहीं इस प्रक्षेपास्त्र को पारम्परिक प्रक्षेपक के अलावा उर्ध्वगामी यानी कि वर्टिकल प्रक्षेपक से भी दागा जा सकता है। ब्रह्मोस के मेनुवरेबल संस्करण का हाल ही में सफल परीक्षण किया गया है,जिससे इस मिसाइल की मारक क्षमता में और भी बढोत्तरी हुई है। ब्रह्मोस नाम भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मस्कवा नदी पर रखा गया है। रूस इस परियोजना में प्रक्षेपास्त्र तकनीक उपलब्ध करवा रहा है और उड़ान के दौरान मार्गदर्शन करने की क्षमता भारत ने विकसित की है। तेज गति से आक्रमण के मामले में ब्रह्मोस की तकनीक के आगे दुनिया का कोई भी प्रक्षेपास्त्र नहीं टिकता।

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की रिपोर्ट आई कोरोना पॉजिटिव

नई दिल्ली:-उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उप राष्ट्रपति के कार्यालय ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उनमें लक्षण नहीं हैं और उनका स्वास्थ्य ठीक है। ट्वीट में कहा गया है, भारत के उपराष्ट्रपति की कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्होंने मंगलवार सुबह रूटीन टेस्ट करवाया था। उन्हें कोई लक्षण नहीं है और बिल्कुल ठीक हैं। वो होम क्वॉरंटीन में हैं। वेंकैया नायडू की पत्नी उषा नायडू की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है।

सुशांत केसः AIIMS ने CBI को सौंपी रिपोर्ट, जहर की संभावना को किया खारिज

नई दिल्लीः-सुशांत सिंह राजपूत केस में दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के डॉक्टरों के एक पैनल ने केन्द्रीय जाँच एजेंसी (CBI) को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, एम्स द्वारा दी गई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी मौत जहर देने की वजह से नहीं हुई है। बता दें कि सुशांत के परिवार ने यह दावा किया था कि सुशांत को जहर दिया गया है और उसी से उसकी मौत हुई है। हालांकि मुंबई पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में आत्महत्या को मौत की वजह बताया था।

बता दें कि 34 वर्षीय सुशांत का शव संदिग्ध परिस्थितियों में 14 जून को उनके मुंबई के घर से मिला था। मुंबई पुलिस ने ऑटोप्सी के आधार पर इसे सुसाइड का मामला बताया था, लेकिन सुशांत के परिवार ने इसे हत्या बताया था और आरोप सुशांत की गर्लफ्रैंड रिया चक्रवर्ती पर लगाया था। बाद में सोशल मीडिया पर इस पूरे मामले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हुआ, जस्टिस फॉर सुशांत कैंपेन भी चलाया गया। इसके बाद सीबीआई ने ये केस अपने हाथ में लिया और फिर प्रवर्तन निदेशालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो भी इस जांच में शामिल हो गये।

सूत्रों का कहना है कि सीबीआई ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ वाले आरोपों पर अपनी जांच जारी रख सकती है। मुंबई पुलिस ने अपने केस में यह आरोप लगाया था। जानकारी के मुताबिक, एम्स के पैनल ने ऑटोप्सी करने वाले मुंबई हॉस्पिटल की तरफ से भी कुछ गड़बड़ियां किए जाने का मुद्दा उठाया है।

बता दें कि सुशांत के परिवार और दोस्तों ने भी उनकी मौत पर सवाल उठाए थे और कहा था कि वह आत्महत्या नहीं कर सकते। परिवार ने रिया चक्रवर्ती पर सुशांत को मानसिक प्रताड़ना देने, उन्हें जानकारी के बिना दवाइयां और ड्रग्स देने, पैसों के लिए शोषण करने और उनकी मौत में शामिल होने के आरोप लगाए थे। पिछले सप्ताह ही सुशांत के परिवार के वकील विकास सिंह ने दावा किया था कि एम्स के पैनल में शामिल एक डॉक्टर ने उन्हें बताया था कि सुशांत सिंह का गला दबाया गया था, जिसकी वजह से मौत हुई। हालांकि उन्होंने सीबीआई पर भी सवाल खड़े किये और कहा कि जांच सही दिशा में नहीं हो रही है।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंत सिंह का निधन, पीएम मोदी ने किया शोक व्यक्त

नई दिल्लीः-पूर्व कैबिनेट मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक जसवंत सिंह का निधन हो गया है। वह 82 साल के थे और पिछले छह साल से कोमा में थे। वह दिल्ली के आर्मी अस्पताल में भर्ती थे। अस्पताल के अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि उनकी आज सुबह कार्डियक अरेस्ट की वजह से मौत हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व मंत्री के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

उनके निधन पर दुख जताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, ‘‘जसवंत सिंह जी ने पूरी लगन के साथ हमारे देश की सेवा की। पहले एक सैनिक के रूप में और बाद में राजनीति के साथ अपने लंबे जुड़ाव के दौरान। अटल जी की सरकार के दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण विभागों को संभाला और वित्त, रक्षा और विदेश मामलों के विभाग में एक मजबूत छाप छोड़ी। उनके निधन से दुखी हूं।

बीजेपी की स्थापना करने वाले नेताओं में शामिल जसवंत ने राज्यसभा और लोकसभा, दोनों सदनों में बीजेपी का प्रतिनिधित्व किया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में उन्होंने 1996 से 2004 के बीच रक्षा, विदेश और वित्त जैसे मंत्रालयों का जिम्मा संभाला। बतौर वित्त मंत्री जसवंत सिंह ने स्टेट वैल्यू ऐडेड टैक्स की शुरुआत की जिससे राज्यों को ज्यादा राजस्व मिलना शुरू हुआ। उन्होंने कस्टम ड्यूटी भी घटा दी थी।

बता दें कि जसवंत सिंह भारतीय सेना के एक पूर्व अधिकारी थे, 2014 में बीजेपी ने जसवंत सिंह को बाड़मेर से लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया था। नाराज जसवंत ने पार्टी छोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़ा मगर वह भाजपा के कर्नल सोना राम से हार गए। उसी साल उन्हें सिर में गंभीर चोटें आई, तब से वह कोमा में थे।