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केशकाल पुलिस ने बरामद किए 15 व 20 किलो के 2 आईईडी टिफिन बम होनहेड़ जाने वाले मुख्य मार्ग के नीचे सुरंग बनाकर लगायी गई थी आईईडी

कोडागांव पुलिस को मुखबिर से सूचना मिला की केशकाल से होनहेंड जाने वाले मार्ग पर आईईडी लगा हुआ है । जिस पर कोंडागांव पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोण्डागांव राहुल देव शर्मा व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स शोभराज अग्रवाल के मार्गदर्षन में कोण्डागांव जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत लगातार गश्त सर्चिंग जारी है।  घटना की जानकारी लगते ही तत्काल पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार एसडीओपी और टीआई ने केशकाल पुलिस, डीआरजी एवं बीडीएस टीम के साथ मौके के लिये रवाना हुए । जहां ग्राम होनहेड़ व उपरमुरवेंड रोड को बारीकि से जांच करने पर  नक्सलियो द्वारा उपर मुरवेंड व होनहेड़ के मध्य पक्की सड़क/डामर रोड में लगभग 4 फीट नीचे सुरंग बनाकर दो नग आईईडी टिफिन बम लग हुआ मिला । जिसे कोण्डागांव बम डिस्पोजल दस्ते ने सावधानी पुर्वक निकाल कर दोनो आईईडी को निष्क्रिय किया ।  केशकाल एसडीओपी भूपत सिंह धनेश्री ने बताया कि घटना स्थल से ड्यूटी फिन बम बरामद किया गया जिसमें एक 15 किलो 15 किलोग्राम व 20 किलोग्राम का टिफिन बम के साथ 02 नग डेटोनेटर, 100 मीटर कार्डेक्स वायर व 10 मीटर सामान्य वायर बरामद किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से उक्त आईईडी को मौके पर ही ब्लास्ट कर नष्ट किया गया। उक्त कार्यवाही में अनुविभागीय अधीकारी पुलिस केशकाल भूपत धनेश्री, केशकाल टीआई राजेन्द्र मंडावी के साथ जिला बल कोण्डागांव व बम डिस्पोजल दस्ते के प्रधान आरक्षक संगीत राजपूत व टीम की सरानीय भूमिका रहीं।

सदन में गूंजा PM आवास योजना ....MLA अजय चंद्राकर ने पूछा-‘केंद्र की बाकी योजना वापस करेंगे क्या?’, मंत्री TS ने कहा-‘हमारे हक का पैसा केंद्र ने नहीं दिया’…

रायपुर- छत्तीसगढ़ विधानसभा में विधानसभा का शीतकालीन सत्र जारी है। शीतकालीन सत्र के दूसरा दिन में सदन में प्रश्नकाल की शुरुआत होते ही कुरुद से भाजपा के विधायक अजय चंद्राकर ने सर्वप्रथम प्रश्न पूछा। PM आवास योजना को लेकर विधायक अजय ने PM आवास को लेकर CM और पंचायत मंत्री के पुराने बयान पर सवाल उठाया। विधायक अजय चंद्राकर ने वित्तीय वर्ष में किश्त को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि PM आवास योजना को लेकर सरकार गरीबों को उलझाकर रखी हुई है। उन्होंने कहा कि जब बाकी योजना के लिए वित्तीय व्यवस्था हो जाती है, तो PM आवास योजना को लेकर क्यों राज्य सरकार ने वित्तीय व्यवस्था नहीं की? जिसके बाद जवाब देते हुए पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा-‘2016-17 से लागू हुई योजना, फ़िलहाल राशि उपलब्ध नहीं हुई, केंद्र सरकार से आबंटन नहीं होने से ये परिस्थिति पैदा हुई, 19-20 का केंद्रांश अब तक नहीं मिला’। जिसके बाद राज्यांश को लेकर विधायक अजय चंद्राकर ने सवाल पूछा, शून्य किश्त पर सवाल पूछते हुए अजय चंद्राकर ने पूछा कि केंद्र की बाकी योजना क्या राज्य सरकार वापस करेगी? जिसपर राज्य के पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने जवाब देते हुए कहा कि ’19-20 में 762.81 करोड़ राज्यांश था, केंद्र से अपील की गई थी, पर केंद्र ने सहयोग नहीं किया, राज्य के अधिकार की राशि केंद्र ने उपलब्ध नहीं कराई, जो सहयोग मिलना था, केंद्र ने नहीं किया, हमारी राशि उपलब्ध नहीं कराई गई, कोरोना का समय था, स्वीकृति मिली, पर राशि उपलब्ध नहीं होने से समस्या हुई, 20 हज़ार करोड़ रुपये लंबित रहा हमारा, हम कितना लोन लेंगे?, हमारी राशि उपलब्ध नहीं हो पा रही है केंद्र से, हमारे वित्तीय अधिकारों की पूर्ति नहीं की गई,’ इस जवाब के बाद PM आवास योजना पर विपक्ष के विधायकों ने एकसुर में नाराज़गी जताई। वहीं विधायक अजय चंद्राकर ने पंचायत मंत्री से पूछा, केंद्र की बाकी योजनाओं को वापस करेंगे क्या?’ जिसपर पंचायत मंत्री ने जवाब देते हुए केंद्र सहयोग नहीं मिलने की बात कही। विधायक अजय चंद्राकर के साथ ही विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने भी प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। कृषि मंत्री ने पूछा-‘भेदभाव क्यों कर रही है केंद्र सरकार?’ PM आवास पर चर्चा के दौरान कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के साथ केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के साथ भेदभाव कर रही है। जिसके बाद भाजपा विधायकों ने एकसुर में राज्य सरकार के विरुद्ध जमकर नाराज़गी जाहिर की। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि 18 लाख परिवारों को आवास नहीं मिलने के लिए केवल राज्य सरकार दोषी है। वहीं इसपर अपनी बात रखते हुए राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और विधायक डॉक्टर रमन सिंह ने कहा कि ‘जो इनके जवाब में है, उन मकानों के किश्त और मकानों के अधूरेपन क्या राज्य सरकार स्वीकृति देगी?’ या वो मकान जर्जर होकर ख़त्म हो जाएंगे? क्या सिर्फ गरीबों से वोट लेंगे? जिसपर पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने जवाब देते हुए कहा कि ‘कुल टारगेट ही 18 लाख का है, इतने अधूरे नहीं हैं, 2 लाख 74 हज़ार से ज्यादा मकान अधूरे हैं। उन्होंने कहा कि फंड की कमी के कारण मकान अधूरे हैं। फंड आते ही वो पूर्ण कर लिये जाएंगे।

आज से शुरू होगा शीतकालीन सत्र कुछ ही देर में, दिवंगत सदस्यों को दी जाएगी श्रद्धांजलि

रायपुर, 13 दिसंबर। विधानसभा का शीतकालीन सत्र अब से कुछ देर बाद ही शुरू हो जाएगा। सोमवार से शुरू विधानसभा में 5 बैठकें होंगी। सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले सीटिंग विधायक देवव्रत, जनरल रावत समेत 8 दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। ज्ञात हो कि, खैरागढ के सीटिंग विधायक देवव्रत सिंह, पूर्व मंत्री मूलचंद खंडेलवाल, रजिंदर पाल सिंह भाटिया, पूर्व संसदीय सचिव एवं चंद्रपुर से दो बार विधायक रह चुके युद्धवीर सिंह जूदेव समेत सात दिवंगत विधायकों को सदन में श्रद्धासुमन अर्पित किया जायेगा। साथ ही हेलीकॉप्टर हादसे के शिकार हुए जनरल रावत समेत अन्य 13 सैन्य अधिकारीयों के प्रति भी शोक संवेदना प्रकट किया जायेगा। जिसके बाद परम्परा के अनुसार पहले दिन श्रद्धांजलि के बाद कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी। आपको बताते चले कि पांच दिन के इस छोटे सत्र में अब तक 755 प्रश्न लगे हैं। राज्य सरकार सदन में अनुपूरक बजट समेत 2 विधेयकों को पारित किया जाएगा। इधर विपक्ष सत्ता पक्ष को घेरने अपनी पूरी तैयारी कर लिया है। साथ ही सत्र के दौरान हंगामे के भी आसार हैं।

केन्द्रीय पुल में 45.65 लाख मीटरिक टन चावल का होगा परिदान खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 सोशल मीडिया

दिसम्बर 2021 मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में केन्द्रीय पुल में एफसीआई को 45.65 लाख मीटरिक टन चावल परिदान किए जाने के संबंध में बैठक हुई। बैठक में खाद्य विभाग के सचिव श्री टोपेश्वर वर्मा, प्रबंध संचालक मार्कफेड सुश्री किरण कौशल, विशेष सचिव खाद्य विभाग मनोज सोनी सहित डिविजनल रेल्वे मेनेजर रायपुर-बिलासपुर-नागपुर, महाप्रबंधक भारतीय खाद्य निगम रायपुर, क्षेत्रिय प्रबंधक केन्द्रीय भण्डार गृह निगम भोपाल उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में राज्य के बाहर चावल के परिवहन के पूर्व संग्रहण के लिए एफसीआई द्वारा किराए पर गोदाम लेने का सुझाव दिया गया। चावल के परिवहन के लिए अधिक क्षमता के नए रेक का उपयोग भी किया जाएगा। इस संबंध में रेल्वे के रायपुर-बिलासपुर-नागपुर डिविजन द्वारा पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया गया है। एफसीआई के द्वारा 7.50 लाख मीटरिक क्षमता के अतिरिक्त गोदाम के लिए स्थान का परिक्षण करने और किराए पर लिए जाने का प्रस्ताव दिया गया है। मुख्य सचिव ने खाद्य विभाग के नोडल अधिकारी को नियमित रूप से एफसीआई के अधिकारियों से सम्पर्क बनाए रखने और चावल के परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।

महिला समूहों के सहयोग से होगा रेडी टू ईट के परिवहन और वितरण का काम महिला समूहों की आय में बनी रहेगी निरंतरता

रायपुर, 26 नवम्बर 2021छत्तीसगढ़ के आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए वितरित किए जा रहे रेडी टू ईट पोषण आहार की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए केन्द्रीयकृत व्यवस्था अपनाने का निर्णय लिया गया है। इस व्यवस्था में स्वचलित मशीनों के जरिए रेडी टू ईट पोषण आहार का उत्पादन किया जाएगा। इस व्यवस्था के अंतर्गत वर्तमान में अनुबंधित महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी टू ईट के परिवहन एवं वितरण कार्य में सहयोग लिया जावेगा, जिससे उनके आय के साधन में निरंतरता रहेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 एवं फूड सेफ्टी हाईजींन निर्देश 2013 में पूरक पोषण आहार निर्माण में स्वच्छता संबंधी मानक निर्देश दिये गए हैं। साथ ही उच्चतम न्यायालय ने भी कहा है कि हितग्राहियों को दिए जा रहे पूरक पोषण आहार कार्यक्रम अंतर्गत वितरित किए जा रहे रेडी टू ईट में निर्धारित ऊर्जा, माइक्रोन्यूट्रीएंट्स (कैलोरी, प्रोटीन, फोलिक एसिड, राइबोफ्लेविन, नाईसीन, कैल्शियम, थायमिन, आयरन, विटामिन ए, बी12, सी एवं डी) होने के साथ वह फोटिफाईड एवं फाइन मिक्स होना चाहिए। इसके साथ ही रेडी टू ईट मानव स्पर्शरहित, स्वचलित मशीन (Fully Automated) द्वारा निर्मित एवं जीरो संक्रमण रहित होना चाहिए। वर्तमान में प्रचलित पूरक पोषण आहार व्यवस्था में परिवर्तन से हितग्राहियों को राष्ट्रीय अधिनियमों और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ध्यान में रखते हुए मानक पूरक पोषण आहार प्रदान किया जा सकेगा। मंत्री परिषद् द्वारा 22 नवम्बर को लिए गए निर्णय अनुसार रेडी टू ईट फूड निर्माण अब कृषि विकास एवं कृषक कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य बीज एव कृषि विकास निगम द्वारा स्थापित इकाइयों के माध्यम से किया जाएगा। इस आधार पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के संयुक्त उपक्रम रायगढ़ संयंत्र द्वारा रेडी टू ईट प्रदाय करने का निर्णय लिया गया है। विभाग ने बताया है कि केन्दीयकृत व्यवस्था लागू होने से खाद्य सामग्री की वैधता अवधि अधिक होगी और गुणवत्ता में एकरूपता आएगी। इससे आसानी से पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता की मॉनिटरिंग और उस पर नियंत्रण हो सकेगा। जीपीएस ट्रेकिंग सिस्टम के माध्यम से सामग्री की आपूर्ति एवं पैकेजिंग में क्यूआर कोड का उल्लेख होगा। इससे सभी हितग्राहियो ंको उच्च गुणवत्ता और मानक अनुसार एक समान पूरक पोषण आहार मिलेगा। विभाग ने जानकारी दी है कि केन्द्रीयकृत व्यवस्था के तहत् गुजरात राज्य में गुजरात कॉर्पोरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के 03 जिला सहकारी दूग्ध उत्पादक संस्थाओं, तेलंगाना व आंध्रप्रदेश में तेलंगाना फूड्स तथा मध्यप्रदेश में एमपी एग्रो फूड कार्पोरेशन द्वारा भी स्वचलित मशीनों से निर्मित फोर्टिफाईड एवं माइक्रोन्यूट्रीएंट्स युक्त पोषण आहार हितग्राहियों को प्रदाय किया जा रहा है।

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित स्वच्छ अमृत महोत्सव में दिया गया पुरस्कार छत्तीसगढ़ के सर्वाधिक 61 निकायों को मिला स्वच्छता पुरस्कार

नई दिल्ली - छत्तीसगढ़ को स्वच्छ अमृत महोत्सव कार्यक्रम में सबसे स्वच्छ राज्य श्रेणी में पुरस्कृत किया गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के हाथों अवार्ड ग्रहण किया। इस सम्मान समारोह में प्रदेश के सर्वाधिक 61 नगरीय निकायों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिये गए हैं। कार्यक्रम में आवासन और शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी राज्य मंत्री कौशल किशोर भी शामिल रहे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने लगातार तीसरे साल स्वच्छतम् राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता है तो इसका श्रेय छत्तीसगढ़ के पौने तीन करोड़ लोगों को जाता है। मैं विशेष रूप से राज्य की महिलाओं को इसका श्रेय देना चाहूंगा, जिन्होंने शहरों से लेकर गांवों तक स्वच्छता की एक नयी संस्कृति का निर्माण किया है। गौरतलब है कि भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्यमंत्रालय द्वारा हर साल देश के समस्त शहरों एवं राज्यों के मध्य स्वच्छ सर्वेक्षण का आयोजन किया जाता है। इसमें विभिन्न मापदंडों के अंतर्गत शहरी स्वच्छता का आंकलन किया जाता है। मुख्य रूप से घर-घर से कचरा एकत्रीकरण, कचरे का वैज्ञानिक रीति से निपटान, खुले में शौच मुक्त शहर, कचरा मुक्त शहर आदि का थर्ड पार्टी के माध्यम से आंकलन करते हुए नागरिकों के फीडबैक को भी इसमें शामिल किया जाता है। इसी आधार पर राज्यों एवं शहरों की रैंकिंग जारी कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों तथा शहरों को पुरस्कृत किया जाता है। छत्तीसगढ़ देश का ऐसा एक मात्र प्रदेश है जहां पर नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी के सिद्धांतों के अनुरूप 9000 से अधिक स्वच्छता दीदियों द्वारा घर-घर से 1600 टन गीला एवं सूखा कचरा एकत्रीकरण करते हुए वैज्ञानिक रीति से कचरे का निपटान किया जा रहा है। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को देश का प्रथम ओडीएफ़ प्लस प्लस राज्य घोषित किया गया है। नई दिल्ली में पुरस्कार ग्रहण करने मुख्यमंत्री के साथ ही शहरी विकास मंत्री श्री शिव कुमार डहरिया, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, विभाग की सचिव अलरमेलमंगई डी, आवासीय आयुक्त सुश्री एम गीता, स्वच्छ भारत मिशन के डायरेक्टर श्री सौमिल रंजन चौबे आदि समारोह में उपस्थित रहे। नगर निगमों को मिला पुरस्कार स्वच्छ सर्वेक्षण, गार्बेज फ्री सिटी के लिए रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, अम्बिकापुर महापौर अजय तिर्की, भिलाई चरोदा के महापौर चंद्रकांत मांडले, बिलासपुर महापौर रामशरन यादव, चिरमिरी की महापौर कंचन जयसवाल, रायगढ़ महापौर जानकी अमृत काटजू, कोरबा महापौर राजकिशोर प्रसाद, राजनांदगांव महापौर हेमासुदेश देशमुख, दुर्ग महापौर धीरज बकलीवाल के साथ ही नगर निगम के आयुक्त, नगर पालिका अध्यक्ष, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नोडल अधिकारियों ने पुरस्कार ग्रहण किया। छत्तीसगढ़ के सर्वाधिक निकाय पुरस्कृत छत्तीसगढ़ ने स्वच्छता के क्षेत्र में अपना परचम लहराते हुए देश के स्वच्छ्तम राज्य के अपने दर्जे को बरकरार रखते हुए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। छत्तीसगढ़ को न सिर्फ़ राज्य के रूप में, बल्कि यहां के 61 शहरी निकायों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया। छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है जिसके सबसे ज्यादा निकाय पुरस्कृत किए जा रहे हैं। स्वच्छता के मामले में छत्तीसगढ़ वर्ष 2019 एवं 2020 में भी अग्रणी राज्य रहा है। इस तरह स्वच्छता में छत्तीसगढ़ ने मारी बाजी स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रपति द्वारा दिए जाने वाले 239 पुरस्कारों में से 67 पुरस्कार छत्तीसगढ़ से संबंधित हैं। यह बड़ी उपलब्धि है। इस सफलता के पीछे 10 हजार से अधिक स्वच्छता दीदीयां हैं। गांवों के 7 हजार 500 से अधिक गौठानों में लगभग 5 हजार स्व सहायता समूहों की 70 हजार महिलाएं विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण को बेहतर बनाने में जुटी हुई हैं। नरवा-गरवा-घुरवा-बारी कार्यक्रम से स्वच्छता अभियान को जोड़ा। सिंगल यूज प्लास्टिक बैन पर जोर दिया। 6-R पॉलिसी यानी रीथिंक, रियूज, रिसाइकिल, रिपेयर, रिड्यूस, रिफ्यूज के आधार पर काम किया इससे नए अपशिष्ट बनने की मात्रा कम होने लगी। बस्तियों में सामुदायिक और सार्वजानिक शौचालय बनाए। मानव मल प्रबंधन के लिए फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए, जहां सीवर का पानी ट्रीट होता है। लोगों को जागरुक करने के लिए स्वच्छता दीदियों ने डोर-टू-डोर जाकर लोगों को गीला-सूखा कचरा अलग रखने के लिए प्रशिक्षण दिया। नागरिकों की स्वच्छता संबंधी शिकायतों को 24 घंटे के अंदर निपटान के लिए टोल फ्री नम्बर 1100 की व्यवस्था की गई। गूगल से सभी सार्वजानिक एवं सामुदायिक शौचालयों को जोड़ा गया ताकि लोग अपने आस-पास के शौचालय को फोन पर ही सर्च कर सकें। गोधन न्याय योजना से सफाई और आमदनी दोनों बढ़ी।

BIG NEWS- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अहम फैसला, 3 नए कृषि कानूनों को वापस लेने का किया ऐलान

राष्ट्र के नाम संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरु पर्व और कार्तिक पूर्णिमा के खास अवसर पर विवादित तीनों नए कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं आज देशवासियों से क्षमा मांगते हुए यह कहना चाहता हूं कि हमारी तपस्या में कोई कमी रह गई होगी. उन्होंने कहा कि कुछ किसान भाइयों को समझा नहीं पाए. आज गुरुनानक देव का पवित्र पर्व है. ये समय किसी को दोष देने का समय नहीं है. आज पूरे देश को यह बताने आया हूं कि सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि इस महीने के अंत में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की संवैधानिक प्रक्रिया शुरू कर देंगे. इसके साथ ही, पीएम मोदी ने आंदोलन पर बैठे लोगों को प्रकाश पर्व पर अपने घर वापस जाने की अपील की। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को संबोधित गुरुपर्व और कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी. ये भी बहुत सुखद है, कि डेढ़ साल के अंतराल के बाद करतारपुर साबिह कॉरिडोर अब फिर से खुल गया है. उन्होंने कहा कि मैंने कितनी चुनौतियों को काफी करीब से देखा है. उन्होंने कहा कि किसान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. पीएम मोदी ने कहा कि सौ में से 80 किसान हैं, जिनके पास 2 हेक्टेयर हैं. ऐसे किसान की संख्या 10 करोड़ से भी ज्यादा है. उनकी पूरी जिंदगी का आधार यह जमीन का छोटा सा टुकड़ा है और इसी सहारे वे अपना और अपने परिवार का गुजारा करते हैं. पीएम मोदी ने कहा कि पीढ़ी दर पीढ़ी यह जमीन का टुकड़ा और छोटा जा रहा है. उन्होंने कहा कि बीज, बीमा और बाजार पर किया काम. पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने अच्छी क्वालिटी के बीज के साथ ही यूरिया, स्वाइल हेल्थ कार्ड और माइक्रो इरिगेशन से भी जोड़ा. उन्होंने कहा कि हमने 22 करोड़ स्वाइल हेल्थ कार्ड दिया. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की तरफ से की गई उपज की खरीद ने पिछले कई दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. पीएम मोदी ने कहा कि कृषि मंडियों के आधुनिकीकरण के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च किए हैं. पीएम मोदी ने कहा कि किसानों का कानूनों को समझाने का भरपूरा प्रयास किया गया, अनेक माध्यमों से. लेकिन वह समझ नहीं पाए. उन्होंने कहा कि हमने किसानों की बातों और उनके तर्क को समझने में भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी. जिन कानूनों पर ऐतराज था उनको समझने में सरकार ने भरपूर कोशिश की. पिछले साल संसद से पास हुए थे तीनों कानून गौरतलब है कि तीनों नए कृषि कानून 17 सितंबर 2020 को संसद से पास कराया गया था. इसके बाद से लगातार किसान संगठनों की तरफ से विरोध कर इन कानूनों को वापस लेने की मांग की जा रही थी. किसान संगठनों का तर्क था कि इस कानून के जरिए सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को खत्म कर देगी और उन्हें उद्योगपतियों के रहमोकरम पर छोड़ देगी. जबकि, सरकार का तर्क था कि इन कानूनों के जरिए कृषि क्षेत्र में नए निवेश का अवसर पैदा होगा और किसानों की आमदनी बढ़ेगी. सरकार के साथ कई दौर की वार्ता के बाद भी इस पर सहमति नहीं बन पाई. किसान दिल्ली की सीमाओं के आसपास आंदोलन पर बैठकर इन कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे.

PHQ में बड़े स्तर पर हुआ बदलाव…. आरके विज को लोक अभियोजन, संजीव शुक्ला CID, आर एन दास को एंटी नक्सल… जारी हुआ

रायपुर 16 नवंबर 2021। डीजीपी बदलने के साथ-साथ ही PHQ में नये सिरे से जिम्मेदारी का बंटवारा कर दिया गया है। DGP अशोक जुनेजा की जिम्मेदारी संभालने के बाद PHQ में पहली लिस्ट जारी हुई है। आरके विज को वित्त योजना प्रबंध व तकनीकी सेवा , ट्रैफिक, रेलवे से अब डायरेक्टर लोक अभियोजन व संचालक राज्य न्यायालिक विज्ञान प्रयोगशाला बनाया गयाहै। वहीं प्रदीप गुप्ता को एडीजी वित्त योजना, प्रबंध एवं तकनीकी, ट्रैफिक व रेलवे मुख्यालय की जिम्मेदारी दी गयीहै। जबकि संजीव शुक्ला को उप संचालक पुलिस अकादमी से उप पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी व नोडल आफिसर चिटफंड बनाया गया है। आरएन दास को सहायक पुलिस महानिरीक्षक भर्ती व चयन से उप पुलिस महानिरीक्षक विशेष आमसूचना व एंटी नक्सल आपरेशन बनाया गयाहै। जबकि विनित खन्ना को उप पुलिस महानिरीक्षक नगर सेना से उप पुलिस महानिरीक्षक प्रशासन बनाया गयाहै।

अशोक जुनेजा होंगे छत्तीसगढ़ पुलिस के नए मुखिया, डीएम अवस्थी को मिली राज्य पुलिस अकादमी की जिम्मेदारी

रायपुर:-IPS अशोक जुनेजा अब छत्तीसगढ़ पुलिस के नए मुखिया होगें। राज्य सरकार ने उन्हें अब DGP की जिम्मेदारी दी है। छत्तीसगढ़ CMO ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। बता दें कि अशोक जुनेजा 1989 बैच के IPS अधिकारी है। राज्य सरकार की ओर जारी आदेश के मुताबिक IPS अशोक जुनेजा को डीजीपी के साथ साथ नक्सल ऑपेरशन/एस.आई.बी. एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, छसबल तथा एस.टी.एफ का प्रभार भी संभालेंगे।

नरवा विकास योजना: अल्प वर्षा के संकट से निपटने में हुई बड़ी सुविधा

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी नरवा विकास योजना के तहत वनांचल में निर्मित भू-जल संरक्षण संबंधी संरचनाओं के निर्माण से किसानों को अल्प वर्षा के संकट से निपटने में बड़ी और अच्छी सुविधा हो गई। इसके अंतर्गत वर्तमान में राज्य के 01 हजार 473 कृषकों को 01 हजार 289 हेक्टेयर भूमि के रकबा में सिंचाई सुविधा का लाभ हुआ और उन्हें अल्प वर्षा के कारण फसल उत्पादन में सूखे की स्थिति से निजात मिली। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष पहल और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य के वन क्षेत्रों में कैम्पा मद के तहत भू-जल संरक्षण तथा संवर्धन के लिए बड़े तादाद में जल स्त्रोतों, नदी-नालों और तालाबों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया जा रहा है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि इस दौरान अल्प वर्षा के कारण वन मंडलवार बिलासपुर के कहुआ नाला में निर्मित स्टाप डेम से 15 हेक्टेयर, धरमजयगढ़ के सरिया नाला में निर्मित स्टाप डेम से 30 हेक्टेयर, जांजगीर-चांपा के कर्रा नाला में निर्मित स्टाप डेम तथा अर्दन डेम से 59 हेक्टेयर और कटघोरा के भैसपार नाला, पीपरभवना नाला, कडाल नाला तथा सुन्दरहा नाला में निर्मित स्टाप डेम से 105 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा का लाभ किसानों को मिला। इसी तरह वन मंडलवार मरवाही के फुलवारी नाला में निर्मित स्टाप में से 14 हेक्टेयर, रायगढ़ के चक्रधर नाला तथा बंजारी नाला में निर्मित स्टाप डेम तथा अर्दन डेम से 47 हेक्टेयर, कवर्धा के कर्रा नाला में निर्मित एनीकट से 25 हेक्टेयर तथा चांदी नाला में निर्मित चेक डेम से 5 हेक्टेयर, राजनांदगांव के साल्हेकुसुमकसा नाला में निर्मित अर्दन डेम से 5 हेक्टेयर, बसेली नाला तथा कनेली नाला में निर्मित अर्दन डेम से 14 हेक्टेयर, बस्तर के भारजोडी नाला में निर्मित तालाबों से 4 हेक्टेयर तथा बीजापुर के थुनकीवागु नाला में निर्मित स्टाप डेम से 8 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा का लाभ मिला। इसके अलावा प्रमुख रूप से सुकमा के गीदम नाला तथा आसीरगुडा नाला में निर्मित स्टाप डेम से 5 हेक्टेयर, कांकेर के बुदान नाला में निर्मित संरचनाओं से 24 हेक्टेयर, नारायणपुर के कोदोली नाला में निर्मित स्टाप एवं चेक डेम से 7 हेक्टेयर, बलौदाबाजार के कंतरा नाला में निर्मित स्टाप डेम से 16 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा का लाभ किसानों को मिला। इसी तरह गरियाबंद के हालफली नाला में निर्मित स्टाप डेम से 21 हेक्टेयर, तालाझर नाला में निर्मित तालाब से 11 हेक्टेयर, महासमुंद के डोंगापानी नाला में निर्मित स्टाप डेम से 14 हेक्टेयर और आमझरन नाला में निर्मित स्टाप डेम से 18 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा का लाभ किसानों को मिला।

अंबिकापुर मेडिकल कालेज में 4 घंटे के भीतर 4 नवजातों की मौत स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव दिल्ली दौरा रद्द स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम को भी अंबिकापुर बुलाया गया….

रायपुर 17 अक्टूबर 2021। अंबिकापुर मेडिकल कालेज में 4 घंटे के भीतर 4 नवजातों की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव अपना दौरा खत्म कर दिल्ली से सीधे सरगुजा पहुंच रहे हैं। कल अंबिकापुर मेडिकल कालेज में 4 नवजात बच्चों की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ था, इस घटना को लेकर सड़क जाम भी हुआ था। आरोप था कि मेडिकल कालेज में डाक्टरों और स्टाफ नर्स की लापरवाही की वजह से बच्चों की जान गयी है। इस घटना की सूचना जैसे ही स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव को हुआ, वो तत्काल दिल्ली दौरा छोड़कर सरगुजा लौट रहे हैं। वो 3.30 बजे अंबिकापुर पहुंचेंगे। नवजात की मौत के मामले में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बिलासपुर और रायपुर से स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम को अंबिकापुर पहुँचने के लिए निर्देशित किया है। आपको बता दें कि कल सुबह साढ़े तीन बजे से 7 बजे के बीच मेडिकल कालेज में 4 नवजात की मौत हुई थी। जिसके बाद नाराज परिजनों ने मुख्य सड़क जाम कर दिया था। परिजन स्वास्थ्य मंत्री को बुलाने को बात पर अड़े हुए थे। हालांकि डाक्टर का कहना है कि बच्चे प्री मेच्योर थे, जिसकी वजह से उनकी मौत हुई है। जानकारी के मुताबिक सूरजपुर जिले के बैजनाथपुर निवासी उदय सिंह ने अपने 4 दिन के नवजात बच्चे को 12 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे तबियत खराब होने पर भर्ती कराया था। उसे एसएनसीयू में रखा गया था।16 अक्टूबर की सुबह 3.30 बजे मौत हो गई। वहीं राजपुर निवासी महेश ने अपने डेढ़ महीने के बच्चे को 13 अक्टूबर को एसएनसीयू में भर्ती कराया था। यहां इलाज के दौरान 16 अक्टूबर की सुबह 4 बजे मौत हो गई। दरिमा निवासी देवानंद ने अपने 27 दिन के नवजात को 19 सितंबर को भर्ती कराया था। यहां इलाज के दौरान 16 अक्टूबर की सुबह 5 बजे मौत हो गई। इसी तरह उदयपुर निवासी बालकेश्वर ने दो दिन के नवजात शिशु को 15 अक्टूबर को भर्ती कराया था। 16 अक्टूबर की सुबह 6.45 बजे उसकी मौत हो गई।

रायपुर स्टेशन में खड़ी ट्रेन में हुआ ब्लास्ट….CRPF के 6 जवान हुए घायल….पुलिस टीम मौके पर

रायपुर 16 अक्टूबर 2021। रायपुर से एक ब्लास्ट की खबर आ रही है। ये ब्लास्ट रायपुर रेलवे स्टेशन पर हुआ है। इस घटना में CRPF के जवान घायल हुए है। हादसा डेटोनेटर के फटने से हुआ है। ये ब्लास्ट सुबह करीब साढ़े 6 बजे हुआ। जानकारी के मुताबिक खड़ी ट्रैन में ये ब्लास्ट हुआ है। जानकारी के मुताबिक प्लेटफॉर्म नम्बर 2 पर एक ट्रेन खड़ी थी , जिसके बाथरूम के पास एक डेटोनेटर फटा है। घटना के बाद ट्रेन के बोगी में काफी खून पसर गया। वहीं पुलिस की टीम भी तत्काल मौके पर पहुंची। फिलहाल ट्रैन रवाना हो गया है। जानकारी के मुताबिक सुबह करीब साढ़े 6 बजे स्टेशन पर ये हादसा हुआ है। जानकारी के मुताबिक CRPF के जवान डेटोनेटर को एक बोगी से दूसरे बोगी में ले जा रहे थे, उसी दौरान ये ब्लास्ट हो गया, इस घटना में 6 जवान जख्मी हो गये। घायल जवान को रायपुर के नरायणा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। जवानों का इलाज अभी चल रहा है, सभी की स्थिति अभी सामान्य है। घायल जवानों में चवन विकास लक्ष्मण, रमेश लाल, रविंद्र कर, सुशील, दिनेश कुमार पैकरा के नाम शामिल हैं।

मुख्यमंत्री रायपुर और दुर्ग जिले में आयोजित दशहरा उत्सव में शामिल होंगे

रायपुर, 14 अक्टूबर 2021/मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 15 अक्टूबर को राजधानी रायपुर और दुर्ग जिले में आयोजित दशहरा उत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री बघेल के निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार 15 अक्टूबर को पूर्वान्ह 11.55 बजे रायपुर हेलीपेड से प्रस्थान कर दोपहर 12 बजे दुर्ग जिले के पाटन तहसील के ग्राम कुरूदडीह पहुंचेंगे और वहां स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने के बाद 1.20 बजे रायपुर आएंगे। मुख्यमंत्री बघेल शाम 6 बजे रायपुर की डब्ल्यू.आर.एस. कालोनी में आयोजित दशहरा उत्सव में शामिल होंगे। इसके बाद वे 6.45 बजे रावण भाठा मैदान पहुंचेंगे और वहां दशहरा उत्सव में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल रात्रि 7 बजे रावणभाठा मैदान से कुम्हारी जिला दुर्ग के लिए प्रस्थान करेंगे। वे 7.15 बजे कुम्हारी, 7.40 बजे चरौदा और 7.55 बजे भिलाई-03 में आयोजित दशहरा उत्सव में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री ने माता के दरबार में समूह की 15 महिलाओं द्वारा दी गई टोकरी में पूजन सामग्री एवं प्रसाद चढ़ाया

* रायपुर, 11 अक्टूबर 2021/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी के चढ़ावे के लिए महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा हस्तनिर्मित बांस की टोकरी में पूजन सामग्री लेकर दर्शन करने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने समूह की 15 महिलाओं द्वारा बनाई गई टोकरी में प्रसाद चढ़ाया। उन्होंने समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित भी किया। उल्लेखनीय है कि बंसोड़ जाति की महिलाएं अपने परंपरागत हुनर से टोकरी बनाती हैं। उन्हें बिहान समूह से जोड़कर बांस उपलब्ध कराया गया है। खुशी महिला स्वसहायता समूह की बुजुर्ग महिला श्रीमती रमशीला मुख्यमंत्री से मिलकर उत्साहित एवं प्रसन्न थी। समूह की महिलाओं ने कहा कि जिला प्रशासन के प्रयासों से रोजगार मिलने के साथ ही हुनर को एक नई पहचान मिली है। समूह के महिलाओं के आय में वृद्धि करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। टोकरी में पूजन सामग्री ले जाने से माता मंदिर परिसर प्लास्टिक मुक्त रहेगा। इस अवसर पर समूह की महिलाएं श्रीमती दुनीबाई साहू, श्रीमती नागेश्वरी सिन्हा, श्रीमती कविता देशलहरे, श्रीमती हिमेश बग्गा ने मुख्यमंत्री से मिलकर खुशी जाहिर की। श्रद्धालु बांस की टोकरी में माता रानी को पूजन सामग्री चढ़ा रहे हैं। इस बरस माँ बम्लेश्वरी के चरणों में महिला स्वसहायता समूह द्वारा उगाए गए फूल चढ़ाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन की पहल पर गौठान के स्वसहायता समूह की महिलाएं व्यापक स्तर पर गेंदे की खेती कर रही हैं। डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम कलकसा एवं पटपर सहित कई ग्रामों में गेंदे की खेती की जा रही है। कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने स्थानीय स्तर पर फूलों की मांग को देखते हुए समूह की महिलाओं को फूलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया। डोंगरगढ़ में अधिकांशतः फूल कोलकाता से आते हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर फूलों की आपूर्ति के लिए समूह की महिलाओं को प्रेरित किया जा रहा है। जिसके सुखद परिणाम रहे हैं। कलकसा में 3 एकड़ में गेंदे की खेती की जा रही है तथा ड्रिप सिंचाई करते हुए आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। जिले के पटपर, मोखला सहित कई गौठान ग्रामों में गेंदे की खेती की जा रही है।

IPS अफसर दीपांशु काबरा को बनाया जनसंपर्क विभाग का आयुक्त, किसी पुलिस अधिकारी को पहली बार दिया गया यह पद

रायपुर राज्य सरकार ने 1997 बैच के IPS अफसर दीपांशु काबरा को जनसंपर्क विभाग का आयुक्त बना दिया है। वे डॉ. एस. भारतीदासन की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे। बताया जा रहा है, छत्तीसगढ़ में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब किसी पुलिस अफसर को सरकार के कामकाज के प्रचार-प्रसार से जुड़े विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। पिछली सरकारों के भी प्रिय अफसरों में शुमार रहे काबरा अभी तक परिवहन विभाग में एडिशनल कमिश्नर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। नए आदेश के मुताबिक काबरा के पास परिवहन विभाग की यह अतिरिक्त जिम्मेदारी बनी रहेगी। उन्हें छत्तीसगढ़ संवाद का मुख्य कार्यपालन अधिकारी भी बनाया गया है। मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे 2003 बैच के IAS सिद्धार्थ कोमल परदेशी अब जनसंपर्क विभाग के भी सचिव होंगे। उनके पास लोक निर्माण और खनिज संसाधन विभाग की जिम्मेदारी पहले से है। कुछ महीने पहले जनसंपर्क की सहयोगी संस्था संवाद के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाए गए राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी सौमिल रंजन चौबे को जनसंपर्क विभाग का संचालक बनाने का आदेश हुआ है। पिछले फेरबदल में जिला पंचायत से हटाई गईं, 2016 बैच की IAS तुलिका प्रजापति को कृषि विभाग में उपसचिव बनाया गया है। लंबे समय से सामान्य प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे संविदा अधिकारी डीडी सिंह को मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव की जिम्मेदारी मिली है। उनके पास सामान्य प्रशासन और आदिम जाति विकास विभाग विभाग के सचिव की जिम्मेदारी बनी रहेगी। उन्हें केवल जनसंपर्क और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की जिम्मेदारी से मुक्त किया गया है।