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लॉकडाउन 5.0 - 30 जून तक बढ़ा देशभर में लॉकडाउन, रेस्टोरेंट, धार्मिक स्थल, सैलून खोलने की इजाजत

A News Edit By : Yash Kumar Lata

कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश में एक बार फिर से लॉकडाउन लागू कर दिया है. लॉकडाउन 5.0 की गाइडलाइंस सरकार ने जारी कर दी है. लॉकडाउन 5.0 1 जून से 30 जून तक रहेगा. कंटेनमेंट जोन के बाहर सरकार की ओर से चरणबद्ध तरीके से छूट दी गई है. गाइडलाइंस के मुताबिक, लॉकडाउन तीन फेज में खुलेगा. सरकार ने पहले फेज के तहत 8 जून से धार्मिक स्थल, होटल, सैलून, रेस्टोरेंट खोलने की इजाजत दे दी है. हालांकि सरकार ने शर्तों के साथ खोलने की अनुमति दी है.

बता दें कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश फिलहाल लॉकडाउन के दौर से गुजर रहा है. लॉकडाउन 4.0 की अवधि 31 मई को खत्म हो रही है. ऐसे में सरकार ने इसे और बढ़ा दिया है. दूसरे फेज के तहत स्कूल-कॉलेज खोलने का फैसला केंद्र ने राज्यों पर छोड़ दिया है. जुलाई में राज्य इसपर फैसला लेंगे.

लॉकडाउन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का पहला साल आज पूरा

लॉकडाउन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का पहला साल आज पूरा हो रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश के नागरिकों को पत्र लिखकर एक संदेश दिया है, जिसमें उन्होंने सरकार की पिछले साल की उपलब्धियों के बारे में बताया है। पीएम मोदी कहा कि एक साल में लिए गए फैसले बड़े सपनों की उड़ान है। उन्होंने यह भी लिखा की सामान्य दिनों में मैं आपके सामने आकर आपका आर्शिवाद लेता, मगर परिस्थितियां ही कुछ ऐसी हैं कि पत्र के माध्यम से आपसे रूबरू होना पड़ रहा है। आइये जानते हैं कि देश के प्रधानमंत्री ने लेटर का माध्यम से जनता को क्या संदेश दिया हैः-

पीएम मोदी ने लिखा कि 2014 में जनता ने देश में एक बड़े बदलाव के लिए वोट किया था, देश की नीति और रीति बदलने के लिए वोट किया था। उन 5 वर्षों में देश ने व्यवस्थाओं को जड़ता और भ्रष्टाचार के दलदल से बाहर निकलते हुए देखा है।

उन्होंने लिखा कि आज से एक साल पहले भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ा। देश में दशकों बाद पूर्ण बहुमत की किसी सरकार को लगातार दूसरी बार जनता ने जिम्मेदारी सौंपी। इस अध्याय को रचने में आपकी बहुत बड़ी भूमिका रही है। ऐसे में आज का यह दिन मेरे लिए, अवसर है आपको नमन करने का।

प्रधानमंत्री ने लिखा, 2019 में आपका आशीर्वाद देश के बड़े सपनों के लिए था, आशाओं-आकंक्षाओं की पूर्ति के लिए था। इस एक साल में लिए गए फैसले इन्हीं बड़े सपनों की उड़ान है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, इस मंत्र को लेकर आज देश सामाजिक हो या आर्थिक, वैश्विक हो या आंतरिक, हर दिशा में आगे बढ़ रहा है.

उन्होंने लिखा कि पिछले एक साल में कुछ खास निर्णय ज्यादा चर्चा में रहे और इस वजह से इन उपलब्धियों का स्मृति में रहना भी बहुत स्वाभाविक है। अनुच्छेद 370, राम मंदिर निर्माण, तीन तलाक हो या फिर नागरिकता संशोधन कानून, ये सारी उपलब्धियां सभी को स्मरण हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि एक के बाद एक हुए इन ऐतिहासिक निर्णयों के बीच अनेक फैसले और बदलाव ऐसे भी हैं जिन्होंने भारत की विकास यात्रा को नई गति और नए लक्ष्य प्रदान किए हैं और लोगों की अपेक्षाओं को भी पूरा किया है।

देश के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसान, खेत मजदूर, छोटे दुकानदार और असंगठित क्षेत्र के श्रमिक साथियो, सभी के लिए 60 साल की आयु के बाद 3 हजार रुपये की नियमित मासिक पेंशन की सुविधा सरकार ने सुनिश्चित की है।

उन्होंने कहा कि सामान्य जन के हित से जुड़े बेहतर कानून बनें, इसके लिए भी पिछले 1 साल में तेजी से काम हुआ और पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया। यही कारण है कि कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट हो, चिटफंड कानून में संशोधन हो, दिव्यांगों, महिलाओं और बच्चों को अधिक सुरक्षा देने वाले कानून हों, ये सब तेजी से बन पाए हैं।

प्रधानमंत्री ने लिखा कि हम तेज गति से आगे बढ़ रहे थे कि अचानक कोरोना वैश्विक महामारी ने भारत में दस्तक दी। कई लोगों का अनुमान था कि जब कोरोना भारत पर अटैक करेगा तो भारत पूरी दुनिया के लिए खतरा बन जाएगा। लेकिन आज आपकी हिम्मत ने भारत को देखने का नजरिया ही बदलकर रख दिया।

उन्होंने लिखा कि ताली-थाली बजाने और दीया जलाने से लेकर भारत की सेनाओं द्वारा कोरोना वॉरियर्स का सम्मान हो, जनता कफ्र्यू या देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान नियमों का निष्ठा से पालन हो, हर अवसर पर आपने ये दिखाया है कि एक भारत ही श्रेष्ठ भारत की गारंटी है।

पीएम मोदी ने लिखा कि निश्चित तौर पर इतने बड़े संकट में कोई ये दावा नहीं कर सकता कि किसी को कोई तकलीफ या असुविधा न हुई हो। श्रमिक, प्रवासी मजदूर भाई-बहन, छोटे-छोटे उद्योगों में काम करने वाले कारीगर, पटरी पर सामान बेचने वाले आदि लोगों ने असीमित कष्ट सहा है। इनकी परेशानियों को दूर करने की सरकार पूरे मन से कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि अभी पश्चिम बंगाल और ओडिशा में आए अम्फान चक्रवात के दौरान जिस हौसले के साथ वहां के लोगों ने परिस्थितियों का सामना किया, चक्रवात से होने वाले नुकसान को कम किया, वह भी हम सभी के लिए बड़ी प्रेरणा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज यह चर्चा बहुत व्यापक है कि भारत समेत तमाम देशों की अर्थव्यवस्थाएं कैसे उबरेंगी। लेकिन दूसरी ओर ये विश्वास भी है कि जैसे भारत ने अपनी एकजुटता से कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पूरी दुनिया को अचंभित किया, वैसे ही आर्थिक क्षेत्र में भी नई मिसाल कायम करेंगे। 130 करोड़ भारतीय अपने सामर्थ्य से आर्थिक क्षेत्र में भी विश्व को चकित ही नहीं बल्कि प्रेरित भी कर सकते हैं।

उन्होंने लिखा कि समय की मांग है कि आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा। अपने बलबूते पर चलना ही होगा और इसके लिए एक ही मार्ग है आत्मनिर्भर भारत। हाल में आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए दिया गया 20 लाख करोड़ का पैकेज इसी दिशा में उठाया गया कदम है। भारत आयात पर अपनी निर्भरता कम करेगा और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ेगा।

आखिर में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 6 सालों की इस यात्रा में आप लोगों का आशीर्वाद हमेशा मिलता रहा है। देश पिछले 1 साल में ऐतिहासिक निर्णयों और विकास की अभूतपूर्व गति के साथ आगे बढ़ा है। लेकिन अब भी बहुत कुछ करना बाकी है। संकल्प शक्ति और आत्मनिर्भरता से ही हम आगे बढ़ सकेंगे।

वेतन वृद्धि पर रोक से तीन लाख से अधिक कर्मचारी प्रभावित, आंदोलन की चेतावनी

दोलन की चेतावनी WRITTEN BY RAKESH RANJAN PUBLISHED: MAY 28, 2020, 7:26 PM CATEGORY: CHHATTISGARH HITS: 104 Print Email CH Secretariat रायपुरः छत्तीसगढ़ सरकार ने कर्मचारियों के इस वर्ष मिलने वाली वेतन वृद्धि (increment) पर रोक लगा दी है। साथ ही राज्य में चल रही कई पुरानी और कम महत्वपूर्ण योजनाओं को भी फिलहाल स्थगित करने का आदेश जारी किया है। इसके अलावा सरकार ने सभी विभागों में वित्त विभाग की अनुमति के बगैर रिक्त पदों पर नई भर्ती करना और नये पदों का सृजन करने पर भी रोक लगा दी है। राज्य सरकार ने कम से कम आवश्यक मीटिंग/वर्कशॉप/सेमिनार के निर्देश दिये हैं। इन आवश्यक मीटिंग/वर्कशॉप/सेमिनार का आयोजन बड़े होटल में कराने पर भी रोक लगा दी गयी है। दूसरी तरफ अधिक से अधिक मीटिंग को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये करने के निर्देश दिया गया हैं। हालांकि सरकार के इस इंक्रीमेंट के आदेश का असर प्रदेश में पदस्थ आईएएस, आईपीएस और आईएफएस पर नहीं पड़ेगा। जिससे कर्मचारियों में काफी नाराजगी भी है। लिहाजा प्रभावित कर्मचारी सरकार के इस फैसले को वापस लेने को कह रहे हैं। साथ में चेतावनी भी दे रहे हैं अगर आदेश वापस नहीं लिया गया तो ये कर्मचारी राज्यव्यापी आंदोलन शुरू कर देंगे। सरकार के इस कदम को कोरोना के कारण जारी लॉकडाउन से प्रभावित अर्थव्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है। जिससे प्रदेश में कार्यरत तीन लाख से अधिक कर्मचारी सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।

सर्तकता और सावधानी के साथ प्रदेश में अब सप्ताह में 6 दिन खुलेंगी दुकानें : भूपेश बघेल :माल, सिनेमा घर, राजनैतिक सभाएं, सामाजिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध पूर्व की तरह ही जारी रहेगा

रायपुर, 27 मई 2020 मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की अध्यक्षता में प्रदेश में कोविड-19 के नियंत्रण और लॉक-डाउन के बाद ठप्प पड़ी आर्थिक गतिविधियों को दोबारा शुरू करने आज उच्च स्तरीय बैठक में विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सभी मंत्रीगण और राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक में विभिन्न राज्यों से लौटे प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने और समाज के सभी वर्गों को राहत देने के उपायों पर चर्चा की गई। लोगों की दिक्कतों का देखते हुए अब वैवाहिक कार्यक्रम की अनुमति तहसीलदार देंगे। अनुमति देने की प्रक्रिया को सरल और आसान बनाया जा रहा है। रेड जोन और कंटेंनमेंट एरिया में कोई छूट नहीं मिलेगी। भारत सरकार द्वारा जारी गाईड लाईन के अनुसार माल, सिनेमा घर, राजनैतिक सभाएं, सामाजिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध पूर्व की तरह ही जारी रहेगा।
बैठक में दुकानों को अब सप्ताह में छह दिन खोलने का निर्णय लिया गया। सभी दुकानों और बाजारों में शारीरिक दूरी की बंदिशें पूर्व की तरह लागू रहेंगी। सप्ताह में छह दिन दुकान खुलने से वहां एक साथ होने वाली भीड़ से राहत मिलेगी। व्यवसायिक-व्यापारिक गतिविधियां शुरू होने से रोजगार के साथ अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। बैठक में ज्यादा से ज्यादा उद्योगों को भी शुरू करने के उपायों पर विचार किया गया। लॉक-डाउन के बाद प्रदेश के 1371 कारखानों में दोबारा काम शुरू हो गए हैं। इन कारखानों में एक लाख तीन हजार श्रमिक काम पर लौट चुके हैं।
 मुख्यमंत्री बघेल ने बैठक में क्वारेंटाइन सेंटर्स में रह रहे प्रवासी मजदूरों के मनोरंजन के लिए टेलीविजन, रेडियो आदि की व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने श्रमिकों को मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराने के लिए मनोवैज्ञानिकों की सेवाएं भी लेने को कहा है। मुख्यमंत्री ने गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से क्वारेंटाइन सेंटर्स में योग या अन्य प्रेरक गतिविधियां संचालित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने तनाव कम करने पूरे दिन की व्यवस्थित दिनचर्या तैयार कर इसका पालन सुनिश्चित करने का भी सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि प्रदेश वापस आने वाले श्रमिकों को राशन और रोजगार की चिंता से मुक्त करने की जरूरत है। इसके लिए तत्काल उनके राशन कॉर्ड और मनरेगा जॉब-कार्ड बनवाए जाएं। कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों की सूची तैयार कर स्थानीय उद्योगों को उपलब्ध कराया जाए। इससे उद्योगों को जरूरत का मानव संसाधन मिलने के साथ ही श्रमिकों को नियमित रोजगार मिलेगा।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के नियंत्रण और लॉक-डाउन की परिस्थितियों में जन-जीवन को राहत पहुंचाने छत्तीसगढ़ में अच्छा काम हुआ है। सभी विभागों ने बेहतर समन्वय के साथ काम करते हुए जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई है। शहरी क्षेत्रों में कोविड-19 के बेहतर प्रबंधन के साथ गांव-गांव में लोगों को जागरूक करने के लिए शासन-प्रशासन ने मुस्तैदी से काम किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की जांच, इलाज और रोकथाम के लिए जितनी भी राशि की जरूरत होगी, स्वास्थ्य विभाग को प्राथमिकता से उपलब्ध करायी जाएगी।
 बैठक में कृषि मंत्री  रविन्द्र चौबे, गृह मंत्री   ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री   टी.एस. सिंहदेव, वन मंत्री  मोहम्मद अकबर, सहकारिता मंत्री  प्रेमसाय सिंह टेकाम, खाद्य मंत्री अमरजीत सिंह भगत, महिला एवं बाल विकास मंत्री   अनिला भेंड़िया, श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उद्योग मंत्री   कवासी लखमा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, मुख्य सचिव  आर.पी. मण्डल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री   सुब्रत साहू, स्वास्थ्य सचिव   निहारिका बारिक सिंह, खाद्य सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, समाज कल्याण विभाग के सचिव   प्रसन्ना आर., मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव सुश्री सौम्या चौरसिया सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बिलासपुर के रेड जोन में आते ही पुलिस आयी अलर्ट मोड पर, शहर में किया फ्लैग मार्च

पुलिस ने लोगों से की अपील, घर में रहें और अपनी जिम्मेदारी को समझे

लॉकडाउन का पालन कराने पुलिस बरतेगी कड़ाई, नियम तोड़ने वालों पर होगी एफआईआर

अजीत मिश्रा : बिलासपुर (छतीसगढ़)

कोरोना के बढ़ते मरीजों की संख्या को देख बिलासपुर शहर व कुछ अन्य ग्रामीण क्षेत्र को रेड जोन में रखे जाने के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है. लॉक डाउन के चलते आईजी दीपांशु काबरा व एसपी प्रशांत अग्रवाल के निर्देश पर पुलिस अधिकारी, थानों की पेट्रोलिंग पार्टी, थाना प्रभारियों ने नगर की विभिन्न सड़कों पर फ्लैग मार्च निकाल लोगों से लॉक डाउन का पालन करने की अपील की. इसके अलावा संवेदनशील जगहों में ड्रोन कैमरे से नजर रखी जा रही है.  बिलासपुर को रेड जोन में रखे जाने के बाद मंगलवार को एएसपी ओपी शर्मा पुराना बस स्टैंड पहुंचे और यहां से उनके नेतृत्व में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पैदल ही फ्लैग मार्च निकाला गया. यहां से फ्लैग मार्च बड़े-बड़े बाजारों की छोटी-छोटी गलियों से होते हुए मोहल्लों और संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंचा. इस दौरान पुलिस लोगों से घरों में रहने की अपील करती रही. फ्लैग मार्च में एएसपी ओपी शर्मा, एएसपी रोहित बघेल, सीएसपी निमेष बरैया, आरएन यादव, टीआई कलीम खान, परिवेश तिवारी, जेपी गुप्ता, शानिप रात्रे, यूएन शांत कुमार सहित शहर के सभी थानों के एपीओ मौजूद रहे. इस दौरान पुलिस ने लोगों से घरों में रहने, मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और जिम्मेदार नागरिक होने का फर्ज अदा करने को कहा, साथ ही कहा कि कोरोना के संक्रमण को रोकना हम सबकी जिम्मेदारी है.

बाइक से फ्लैग मार्च और लोगों को दी गई चेतावनी-
जिला रेड जोन में आते ही पुलिस प्रशासन बहुत सख्त हो गया है. अब फालतू घूमने वाले लोगों पर भी धारा 188 के तहत मुकदमा लिखा जा रहा है. ऐसे लोगों को अलर्ट करने के लिए आईजी दीपांशु काबरा व एसपी प्रशांत अग्रवाल के निर्देश पर पुलिस ने पूरे शहर में मोटरसाइकिल से फ्लैग मार्च निकाला. जिसमें लोगों को घर में रहने के निर्देश दिए गए. एएसपी ओपी शर्मा ने बताया कि बिलासपुर जिले के शहरी क्षेत्र व कुछ अन्य जगह को रेड जोन घोषित कर दिया गया है. इसके बाद से हम लोग रेड जोन में होने वाले नियमों का पालन करा रहे हैं. लोगों की सड़क पर भीड़ न हो उसके लिए हम लोगों ने फ्लैग मार्च भी निकाला है.


526 का कटा चालान, अब बरती जाएगी और कड़ाई-
पिछले दो दिन के भीतर पुलिस ने बिना मास्क पहने बाहर निकलने वाले और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को तोड़ने वालों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 526 लोगों का चालान काटा. सोमवार को 163 पर कार्रवाई की गई, जबकि मंगलवार को अलग-अलग थाने व निगम की उड़नदस्ता टीम के साथ मिलकर पुलिस ने 363 लोगों का चालान काटा.

पढ़े कोरोना बुलेटिन : प्रदेश में एक ही दिन में मिले 68 नए मामले, संक्रमित मरीजों की संख्या 360, 7 मरीज एम्स से हुए डिस्चार्ज

छत्तीसगढ़ में कोरोना पॉजिटिव की संख्या लगातार बढ़ते जा रही है. मंगलवार को एक ही दिन में 68  नए मरीजों की पहचान की गई. इसके साथ ही प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 281 हो गई है. वहीं प्रदेश में अब तक कुल 360 लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं. जिसमे से 79 लोग पूरी तरह से स्वस्थ हो कर घर जा चुके हैं.

बड़े पैमाने आई ए एस अफसर हुए इधर से उधर कई जिला पंचायत सीईओ के नाम है शामिल सुनील कुमार जैन बलौदाबाजार कलेक्टर तो कार्तिकेय गोयल को महासमुंद कलेक्टर बनाया गया है

रायपुर  26 मई 2020 । राज्य सरकार ने बड़े पैमाने आईएएस अफसरों के तबादले हुए हैं। 20ु से ज्यादा कलेक्टर के तबादले हुए हैं। 50 से ज्यादा आईएएस  अफसरों के तबादले में कई जिला पंचायत सीईओ के भी नाम शामिल हैं।
अमिताभ जैन को अपर मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग
आलोक शुक्ला को प्रमुख सचिव कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग का एडिश्नल चार्ज
रेणु पिल्लै को एसीएस चिकित्सा शिक्षा का एडिश्नल चार्ज
मनोज पिंगुआ को अवासीय आयुक्त नयी दिल्ली का एडिश्नल चार्ज
आर प्रसन्ना को सचिव कौशल विकास विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग का एडिश्नल चार्ज
अलरमेल मंगई डी को सचिव तकनीकी शिक्षा विभाग का एडिश्नल चार्ज
संजय अलंग को बिलासपुर कलेक्टर को बिलासपुर कमिश्नर बनाया गया है वहीं सरगुजा कमिश्नर  का एडिश्नल चार्ज
ईमिल लकड़ा को सचिव लोक आयोग का एडिश्नल चार्ज
सीआर प्रसन्ना को आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं एवं प्रबंधक मेडिकल सर्विसेज का एडिश्नल चार्ज
भुवनेश यादव को ग्रामोद्योग विभाग का विशेष सचिव
शम्मी आबिदी को संचालक आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विभाग के सचिव
अवनीश कुमार को कबीरधाम कलेक्टर से तकीनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण के पद पर पदस्थ किया गया है।
रानू साहू को बालोद कलेक्टर से आयुक्त वाणिज्य कर विभाग बनाया गयाहै।
महादेव कावरे को कलेक्टर जशपुर बनाया गया है
अंकित आनंद को दुर्ग कलेक्टर को सीईओ नया रायपुर
नीलम नामदेव एक्का को संचालक छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा विभाग
टोपेश्वर वर्मा को दंतेवाड़ा कलेक्टर से राजनांदगांव कलेक्टर बनाया गया है
नीलंकठ टेकाम को कोंडागांव कलेक्टर से संचालक कोष लेखा एवं पेंशन
डोमन सिंह कोरिया कलेक्टर को गौरला-पेंड्रा-मरवाही कलेक्टर बनाया गया है
हिमशिखर गुप्ता को संचालक रजिस्टार फार्मस एवं संस्थाएं
राजेश राणा को संयुक्त सचिव राज्य योजना आयोग
रणबीर शर्मा को सूरजपुर का नया कलेक्टर बनाया गया है
अभिजीत सिंह को कलेक्टर नारायणपुर बनाया गया है
श्यामलाल धावड़े को गरियाबंद कलेक्टर से बलरामपुर का नया कलेक्टर बनाया गया है
संजीव कुमार झा को बलरामपुर कलेक्टर से सरगुजा कलेक्टर बनाया गया है
सारांश मित्तर को सरगुजा कलेक्टर से बिलासपुर कलेक्टर बनाया गया है
यशवंत कुमार को रायगढ़ कलेक्टर से जांजगीर का नया कलेक्टर बनाया गया है
कार्तिकेय गोयल को बलौदाबाजार कलेक्टर से महासमुंद का नया कलेक्टर बनाया गया है ।
सर्वेश भूरे को कलेक्टर मुंगेली से दुर्ग का नया कलेक्टर बनाया गया है
सुनील कुमार जैन को महासमुंद का नया कलेक्टर से बलौदाबाजार का नया कलेक्टर बनाया गया है ।
रमेश कुमार शर्मा को कलेक्टर कबीरधाम बनाया गया है
जनक प्रसाद पाठक को जांजगीर कलेक्टर से भू-अभिलेख संचालक
जनमजेय मोहबे को बालोद का नया कलेक्टर बनाया गया है
रितेश कुमार अग्रवाल को कलेक्टर बीजापुर बनाया गया है
जयप्रकाश मौर्य को राजनांदगांव से धमतरी का नया कलेक्टर बनाया गया है
शिखा राजपूत को जीपीएम कलेक्टर से नियंत्रक नापतौल विभाग
दीपक सोनी को कलेक्टर सूरजपुर से दंतेवाड़ा का नया कलेक्टर बनाया गया है
अय्याज तंबोली बस्तर कलेक्टर को आयुक्त छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड एवं RDA का एडिश्नल चार्ज
भीम सिंह को रायगढ़ का नया कलेक्टर बनाया गया है
पुष्पेंद्र कुमार मीणा को जिला कोंडागांव कलेक्टर बनाया गया
छतर सिंह देहरे को गरियाबंद का नया कलेक्टर बनाया गया है
केडी कुंजाम को सचिव राजस्व विभाग का एडिश्नल चार्ज
रजत बंसल को बस्तर का नया कलेक्टर बनाया गया है
नीलेश क्षीरसागर को जशपुर कलेक्टर को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग राज्य कौशल विकास प्राधिकरण
एसएन राठौर कलेक्टर कोरिया
पीएस एल्मा को कलेक्टर मुंगेली
जगदीश सोनकर को सीईओ वाटर मैनेजमेंट
दिव्या मिश्रा को डायरेक्टर महिला बाल विकास
अनिल साहू (आईएफएस) छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम एमडी
महाध्वेशरण (आईएफएस) डायरेक्टर हार्टिकल्चर एवं वैटनरी
राहुल वेंकट को डायेर्टर अजीविका मिशन
जयवर्धन कोरबा सीईओ आयुक्त नगर निगम कोरबा
राहुल देव को कोरबा निगम कमिश्नर से सीईओ नराय़णपुर
कुंदन कुमार को सीईओ दुर्ग से सीईओ कोरबा
आकाश छिकारा को सरगुजा से सीईओ सूरजपुर
राज्य प्रशासनिक सेवा
अश्विनी देवांगन को सीईओ सूरजपुर से सीईओ दंतेवाड़ा
फरिया आलम सिद्दिकी को सीईओ बलौदाबाजार
आशुतोष पांडेय बलौदाबाजार सीईओ से आय़ुक्त रायगढ़
प्रकाश सर्वे आयुक्त रिशाली  से दुर्ग एडिश्नल कलेक्टर के चार्ज पर
गजेंद्र सिंह ठाकुर को सीईओ बिलासपुर
राजेंद्र गुप्ता को आयुक्त रायगढ़ को बलौदाबाजार ज्वाइंट कलेक्टर
विभोर अग्रवाल को संवाद जीएम का एडिश्नल चार्ज
प्रेम कुमार पटेल को सीईओ नारायणपुर को आयुक्त जगदलपुर
सच्चिदानंद आलोक को सीईओ दुर्ग बनाया गया है।

छत्तीसगढ़ में लाख की खेती को मिलेगा कृषि का दर्जा: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दी सहमति

 रायपुर, 26 मई 2020 छत्तीसगढ़ में लाख की खेती को अब कृषि का दर्जा मिलेगा। मुख्यमंत्री   भूपेश बघेल ने लाख की खेती को फायदेमंद बनाने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा इस संबंध में प्रस्तुत प्रस्ताव को उपयुक्त और किसानों के लिए लाभकारी मानते हुए अपनी सहमति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री ने सहमति प्रदान करते हुए कृषि, वन और सहकारिता विभाग को समन्वय कर लाख और इसके जैसी अन्य लाभकारी उपज को कृषि में शामिल करने का प्रस्ताव मंत्रीपरिषद की अगली बैठक में रखने के निर्देश दिए है। प्रदेश में लाख की खेती को कृषि का दर्जा मिलने से लाख उत्पादन से जुड़े कृषकों को भी सहकारी समितियों से अन्य कृषकों की भांति सहजता से ऋण उपलब्ध हो सकेगा। 

          यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में लाख की खेती की अपार संभावनाएं है। यहां के कृषकों के द्वारा कुसुम, पलाश और बेर के वृक्षों में परंपरागत रूप से लाख की खेती की जाती रही है। परंतु व्यवस्थित एवं आधुनिक तरीके से लाख की खेती न होने की वजह से कृषकों को लागत के एवज में अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता है। वन विभाग ने लाख की खेती को लाभकारी बनाने के उद्देश्य से इसे कृषि का दर्जा देने तथा कृषि सहकारी समितियों के माध्यम से अन्य कृषकों की तरह लाख की खेती करने वाले किसानों को भी ऋण उपलब्ध कराने का सुझाव देते हुए मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल को प्रेषित प्रस्ताव को मान्य किए जाने का आग्रह किया था। मुख्यमंत्री   भूपेश बघेल ने वन विभाग के इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति देने के साथ ही लाख उत्पादन एवं अन्य कोई ऐसी उपज जिसे कृषि की गतिविधियों में शामिल करना हो तो कृषि, वन एवं सहकारिता विभाग के साथ समन्वय कर प्रस्ताव मंत्रिपरिषद की आगामी बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

बड़ी खबर : बिलासपुर में 18 नये कोरोना पॉजिटिव..!?


बिलासपुर में 18 नये कोरोना पॉजिटिव..!?
 स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों से मिल रही सूचना।
अचानक बढ़ने लगी पॉजेटिव लोगों की संख्या।
कोटा में 5, मस्तूरी में 4, तखतपुर में 2 और बिल्हा में 7 कोरोना पॉजेटिव-सूत्र।
फ़िलहाल इस ख़बर की आधिकारिक पुष्टि नही हो पाई है।
जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी, एसडीएम सहित दूसरे अधिकारी फोन पर उपलब्ध नही।
लगातार ऐसे मामलों को लेकर विभागीय अधिकारियों का रवैया उदासीन रहा है।
ख़बर की पुष्टि करने से कतरा रहे हैं अधिकारी।
18 नये कोरोना पॉजेटिव आने से बिलासपुर संभाग की स्थिति हो सकती है खराब।
बिलासपुर संभाग पहले ही ऑरेंज जोन में है।
क्वारेन्टीन सेंटर के मजदूरों को संक्रमण का ख़तरा ज्यादा।

इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्रा के साथ निजी अस्पताल के दो वार्ड ब्वाय पर दुष्कर्म का आरोप बिलासपुर पुलिस जांच में जुटी

. बिलासपुर छत्तीसगढ़ के श्री राम हॉस्पिटल में इंजीनियरिंग की छात्रा का उपचार चल रहा है। इस बीच उसके साथ गैंगरेप होने का मामला सामने आया है। इस घटना के सामने आते ही शहर में सनसनी फैल गई है । मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना में पुलिस बेहद गंभीरता के साथ तहकीकात कर रही है। इंजीनियरिंग के फर्स्ट ईयर की छात्रा के साथ अस्पताल में गैंगरेप की घटना ने शहर में सनसनी फैला दी है। इस मामले के सामने आते ही प्रबंधन से लेकर पुलिस प्रशासन तक सभी अचंभित हुए हैं । दरअसल 20 और 21 मई के दरमियानी रात छात्रा अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थी। जैसे ही उसके के साथ बलात्कार होने की खबर निकल कर सामने आई सभी सतर्क हो गये। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार युवती के साथ गैंगरेप होने की बात कही जा रही है । युवती ने खुद के साथ अनाचार करने वाले दो वार्ड बॉय को पहचान भी लिया है। हालांकि पुलिस अब भी मामले की जांच कर रही है। गैंगरेप के बाद लड़की के मेडिकल टेस्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सिविल लाइन थाना प्रभारी परिवेश तिवारी की माने तो पूरा मामला काफी पेचीदा है। क्योंकि जिस युवती ने गैंगरेप होने का आरोप लगाया है वह पिछले 3 दिनों से आईसीयू में एडमिट है। अस्पताल प्रबंधन के हवाले से यह बताया जा रहा है कि किस तरह युवती की स्थिति गंभीर होने की वजह से उसे आईसीयू में कैथेटर लगाकर रखा गया है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज और काम के दौरान मौजूद लोगों के बयान भी कराए जा चुके हैं। इन सब के आधार पर युवती के साथ गैंग रेप होने की संभावना कम नजर आती है। बरहाल बिलासपुर पुलिस इस पूरे मामले की तहकीकात बेहद गंभीरता और सजग रहते हुए कर रही है। परिवेश तिवारी, थाना प्रभारी, सिविल लाइन बिलासपुर। इस पूरे मामले को लेकर बिलासपुर शहर के विधायक शैलेश पांडये अस्पताल चे वहां उन्होंने प्रबंधन और परिजनों से मुलाकात की इसके बाद मीडिया से चर्चा करते उन्होंने कहा की, ये एक जघन्य अपराध है। ऐसे अपराध को अंजाम देने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि, सबसे पहले युवती के बेहतर उपचार के लिए उसे दूसरे अस्पताल में दाखिल कर देना चाहिए। ताकि पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच हो सके। विधायक शैलेश पांडेय इस मामले को मानवता को शर्मसार करने वाला करार दिया है। गौरतलब इस पूरे मामले की शिकायत प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से भी हो चुकी है। इस मामले में उन्होंने गंभीरता दिखाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन और पुलिस की थ्योरी पीड़ित परिवार की कहानी से बिल्कुल भी मेल नहीं खाती।

घरेलू उड़ानें संक्रमण से बचाव के प्रभावी उपायों एवं दिशा निर्देशों के तहत ही शुरू हो : भूपेश बघेल ने नागरिक उड्यन राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी को लिखा पत्र

 रायपुर, 24 मई 2020 मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने नागरिक उड्यन मंत्रालय द्वारा 25 मई से घरेलू उड़ान प्रारंभ करने के निर्णय के संबंध में नागरिक उड्यन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखा है।   बघेल ने पत्र में लिखा है कि घरेलू उड़ान शुरू करने से संक्रमण फैलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा है कि कोविड-19 महामारी के रोकथाम तथा संक्रमण से बचाव की दृष्टि से नागरिक उड्यन मंत्रालय को प्रभावी उपायों एवं दिशा निर्देशों के अंतर्गत ही उड़ानों का संचालन प्रारंभ करना चाहिए। राज्यों को प्रत्येक उड़ान की जानकारी और यात्रियों का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। हवाई यात्रा करने वालों को 14 दिन कोरेन्टाईन केवल राज्य सरकार द्वारा संचालित एवं पेड कोरेन्टाईन पर रहना अनिवार्य किया जाए और टिकिट बुक करते समय ही इसकी जानकारी यात्रियों को दी जाए।
    मुख्यमंत्री  बघेल ने केन्द्रीय राज्य मंत्री  पुरी को पत्र में लिखा है कि विभिन्न प्रिंट, इलेक्ट्रानिक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया है कि आपके द्वारा 25 मई 2020 से घरेलू उड़ान प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। यह भी जानकारी दी गई है कि नागरिक उड्यन मंत्रालय द्वारा यात्रियों के आवागमन के लिए पृथक से स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर भी जारी नहीं किया गया है।
    श्री बघेल ने पत्र मंे लिखा है कि गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अंतर्गत 18 मई 2020 से प्रारंभ लॉकडाउन फेज-4 कि अवधि में उड़नों को प्रतिबंधित किया गया है। विगत कुछ दिनों से देश में कोविड-19 से संक्रमितों की संख्या में तेजी देखी गई है। ऐसी स्थिति में उड़ान शुरू करने से  संक्रमण फैलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। कोविड-19 महामारी के रोकथाम तथा संक्रमण से बचाव की दृष्टि से नागरिक उड्यन मंत्रालय को प्रभावी उपायों एवं दिशा निर्देशों के अंतर्गत ही उड़ान संचालन प्रारंभ करना चाहिए।
    मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय राज्य मंत्री से अनुरोध किया है कि राज्यों को प्रत्येक उड़ानों की जानकारी उपलब्ध करायी जाए, जिसमें उस राज्य में आने वाले यात्रियों का विस्तृत विवरण सम्मिलित हो। हवाई यात्रा करने वाले सभी यात्रियों की 14 दिन कोरेन्टाईन (केवल राज्य सरकार द्वारा संचालित एवं पेड कोरेन्टाईन) पर रहने को अनिवार्य किया जावे। कोरेन्टाईन संबंधी शर्त एवं अनिवार्यता की जानकारी यात्रियों को टिकिट बुक करने के समय ही प्रदान की जाए ताकि वे नियमों से भलीभांति परिचित रहें। उपरोक्तानुसार प्रभावी दिशा निर्देशों के तहत उड़ान प्रारंभ करने से राज्य सरकारों को कोविड-19 महमारी के नियंत्रण एवं बचाव के संबंध में आवश्यक कार्यवाही किये जाने में सुविधा होगी।
    मुख्यमंत्री ने पत्र मंे उम्मीद जताई है कि उपरोक्त सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए सख्त एवं प्रभावी गाईडलाईन के साथ घरेलू उड़ान संचालन की कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी।

केन्द्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने की छत्तीसगढ़ में खाद्यान्न वितरण

रायपुर, 23 मई 2020  केन्द्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान देश के विभिन्न राज्यों में खाद्यान्न व्यवस्था की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। पासवान ने लॉकडाउन के दौरान कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ में किए गए प्रभावी उपायों और खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की सराहना की।  पासवान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ में पहुंचने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए परिवहन, भोजन और स्वास्थ्य की समुचित व्यवस्था प्रशंसनीय है।
    खाद्य मंत्री   अमरजीत भगत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ से 24 लाख मीट्रिक टन चावल सेंट्रल पूल में लेने की अनुमति मिली है। इसे बढ़ाकर 32 लाख मीट्रिक टन करने का अनुरोध केन्द्रीय खाद्य मंत्री से किया। पासवान ने सेंट्रेल पूल में चावल 8 लाख मीट्रिक टन बढ़ाने के संबंध में सकारात्मक जवाब दिए हैं। एफसीआई ने भी अतिरिक्त चावल लेने पर सहमति जतायी है। भगत ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत गरीब परिवारों को दी जा रही प्रति सदस्य 5 किलो निःशुल्क चावल को तीन महीने और बढ़ाने का आग्रह किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के बीपीएल कार्डधारी परिवारों के समान ही एपीएल कार्डधारी सामान्य परिवारों को भी सस्ता चावल देने का आग्रह किया। भगत ने कहा कि लॉकडाउन के बाद राज्य में लगभग 40 हजार नये राशन कार्ड बने हैं, जो अन्य राज्यों से वापस आये प्रवासियों के थे। इन राशनकार्डो पर भी प्रवासी मजदूरों को भारत सरकार की योजना का लाभ दिया जाए। श्री भगत ने छत्तीसगढ़ की शक्कर कारखानों से राज्य के लिए शक्कर का कोटा पीडीएस के माध्यम से वितरण के लिए अलग से देने का अनुरोध किया है। श्री भगत ने बताया कि छत्तीसगढ़ में चने का वितरण माह अप्रैल के लिए हो गया है और मई का वितरण किया जा रहा है। प्रदेश में देश के अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों को भी खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश में कही भी खाद्यान्न की कमी नही है।  भगत ने केन्द्रीय मंत्री को छत्तीसगढ़ के लिए किए गए सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, विशेष सचिव   मनोज कुमार सोनी, एमडी नान  निरंजन दास सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।  

भारतीय रेलवे ने 24 घंटे में बुक किया 13 लाख टिकट 230 ट्रेनों की सभी श्रेणियों में बुकिंग शुरू,

भारतीय रेलवे ने 1 जून से 230 पैसेंजर ट्रेनों को चलाने की घोषणा पहले ही कर दी है। गुरुवार को इसके लिए टिकटों की बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। आश्चर्य की बात ये है कि इन ट्रेनों के लिए पिछले 24 घंटे में 13 लाख से ज्यादा टिकटों की बुकिंग हो चुकी है। रेलवे ने 21 मई से सभी पैसेंजर ट्रेनों के लिए सभी श्रेणियों में बुकिंग शुरू कर दी है। इन रेलगाड़ियों में एसी, स्लीपर और जनरल डिब्बे भी होंगे। 

रेलवे अधिकारियों ने आज बताया, 'देश के विभिन्न स्टेशनों को जोड़ने वाली 230 पैसेंजर ट्रेनों में सभी प्रकार के श्रेणियों के लिए रेलवे टिकटों की बुकिंग को खोल दिया गया है। रिजर्वेशन टिकट ऑनलाइन बुकिंग और रेलवे आरक्षण काउंटरों के माध्यम से बुक किए जा सकते हैं। कल से अब तक 13 लाख से अधिक यात्रियों ने टिकट बुक की है।' 
 
इन 230 ट्रेनों के लिए रेलवे ने टिकट काउंटर खोल दिए हैं। इसके अलावा यात्री IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक करवा सकते हैं। यही नहीं, पोस्ट ऑफिस, यात्री टिकट सुविधा केंद्र, पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम और कॉमन सर्विस सेंटर्स से भी टिकट बुक करवा सकते हैं।

ये ट्रेनें मौजूदा समय में प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह प्रदेश पहुंचाने के लिए चलाई जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेनों और दिल्ली से 15 शहरों के लिए चलाई जा रही एसी स्पेशल ट्रेनों से अलग होंगी। इससे पहले रेलवे ने 30 जून तक के लिए सभी नियमित यात्री रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया था।

रेलवे ने कहा कि इन 230 रेलगाड़ियों को चलाने से उन प्रवासियों को भी मदद मिलेगी जो किसी कारण श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों की सुविधा नहीं ले पा रहे हैं। रेलवे ने कहा कि इस बात की कोशिश की जाएगी कि वे (प्रवासी) जहां पर हैं वहीं पर नजदीक के रेलवे स्टेशन से रेलगाड़ी में सवार हो सकें।

दो महीने के बाद सरकार घरेलू उड़ानें फिर से शुरू करने का लिया फैसला ग्रीन स्टेटस के साथ ही कर सकेंगे यात्रा, देखे नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दिशा निर्देश

नई दिल्लीः पूरे देश में 25 मार्च से लॉकडाउन है और इसका चैथा चरण 31 मई तक जारी रहेगा। करीब दो महीने के बाद सरकार घरेलू उड़ानें फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। इसकी जानकारी बुधवार को नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट करके दी। उन्होंने कहा कि 25 मई से चरणबद्ध तरीके से देश में विमान सेवाएं शुरू की जाएंगी। हवाईअड्डों और विमानन कंपनियों को तैयार रहने को कहा गया है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (एएआई) ने गुरुवार को मानक संचालक प्रक्रियाएं (SOP) जारी कर दिया है। इसके अंतर्गत यात्रियों के लिए एयरपोर्ट टर्मिनल की इमारत में प्रवेश करने से पहले थर्मल जांच क्षेत्र से गुजरना अनिवार्य होगा। बिना मास्क के किसी को भी एयरपोर्ट पर घुसने नहीं दिया जाएगा।

एएआई ने घरेलू उड़ानें फिर से शुरू करने के लिए हवाई अड्डों को मानक संचालक प्रक्रियाएं (एसओपी) जारी की। एएआई ने कहा, 'सभी यात्रियों को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना होगा, ग्रीन स्टेटस होने पर ही व्यक्ति को यात्रा करने की इजाजत दी जाएगी। हालांकि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए यह अनिवार्य नहीं है।' आगे यह भी बताया कि हवाई अड्डा संचालकों को टर्मिनल इमारत में प्रवेश से पहले यात्रियों के सामान को संक्रमण मुक्त करने के लिए उचित प्रबंध करने होंगे।

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ज्ञात हो कि नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि कम उड़ानें हो सकती हैं, बीच की सीटों को खाली रखना व्यवहारिक नहीं  होगा, क्योंकि इससे टिकटों की कीमत बढ़ जाएगी। बता दें कि कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के बीच देश में 25 मार्च से सभी व्यावसायिक यात्री उड़ानें निलंबित हैं। सरकार ने कहा है कि अभी सिर्फ 30 प्रतिशत उड़ानों के साथ ही संचालन शुरू किया जाएगा। बुकिंग आॅनलाइन ही की जाएगी। जो लोग बुकिंग करवाना चाहते हैं, उनको एयरलाइंस की वेबसाइट पर नजर रखनी होगी। क्योंकि बुकिंग कभी भी शुरू हो सकती है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सफर करने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैंः-

• यात्री फिजिकल चेक-इन नहीं कर पाएंगे। जो पहले से वेब चेक-इन करके आएंगे, उन्हें ही एयरपोर्ट पर एंट्री मिलेगी।

• एक यात्री को सिर्फ एक बैग ले जाने की इजाजत दी जाएगी। वेब चेक-इन के वक्त ही ये बात साफ हो जाएगी।

• फ्लाइट के टेक आफ से कम से कम 2 घंटे पहले पहुंचना जरूरी होगा। एयरपोर्ट टर्मिनल में उन पैसेंजर को ही एंट्री मिलेगी, जिनकी फ्लाइट अगले 4 घंटे में होगी।

• सभी यात्रियों को मास्क और गलव्ज पहनना जरूरी होगा।

• 14 साल तक के बच्चों को छोड़ सभी को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना पड़ेगा। एंट्री गेट पर इसकी जांच की जाएगी। जिनके ऐप में रेड स्टेटस होगा, उन्हें एंट्री नहीं मिलेगी।

• एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग में एंट्री से पहले ही एक तय जगह पर स्क्रीनिंग जोन से गुजरना होगा। इसके लिए थर्मल स्क्रीनिंग स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं।

• एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मुताबिक राज्य सरकारों और प्रशासन से पब्लिक ट्रांसपोर्ट और प्राइवेट टैक्सी उपलब्ध करवाने के लिए कहा है। ताकि यात्रियों और एयरपोर्ट स्टाफ को कनेक्टिविटी मिल सके। आप अपनी गाड़ी से भी जा सकेंगे।

• एएआई ने यह साफ नहीं बताया है, सिर्फ इतना कहा है कि तय संख्या में ही लोगों को बैठने की इजाजत होगी। ये नियम एयरपोर्ट स्टाफ और यात्रियों के लिए लागू होगा।

• उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस से कहा है कि फ्लाइट में खाना नहीं दिया जाए।

• संक्रमण से बचाव के उपायों के साथ फूड आउटलेट खुलेंगे। भीड़ नहीं हो, इसके लिए यात्रियों को पार्सल लेने के लिए कहा जाएगा। डिजिटल पेमेंट पर जोर रहेगा।

• प्रस्थान और आगमन क्षेत्र में ट्रॉली नहीं मिलेगी। जिन यात्रियों को वाकई जरूरत होगी, उन्हें मांगने पर ट्रॉली दी जाएगी। सभी ट्रॉली सैनिटाइज की जाएंगी।

• टर्मिनल बिल्डिंग में एंट्री से पहले बैगेज को सैनिटाइज किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी एयरपोर्ट ऑपरेटर की होगी।

• एंट्री गेट, स्क्रीनिंग जोन में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए एक-एक मीटर की दूरी पर मार्किंग की जाएगी।

• जूते-चप्पलों को डिसइन्फेक्ट करने के लिए एंट्रेस पर ब्लीच में भीगे मैट या कार्पेट रखे जाएंगे।

• जरूरतमंदों को पहले से सैनिटाइज की हुई व्हील-चेयर मिलेगी। एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग या लाउंज में न्यूज पेपर या मैग्जीन नहीं मिलेगी।

छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी किसान न्याय योजना का शुभारंभ 21 मई को

छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए दूरगामी निर्णय लेते हुए राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू करने का जा रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व.श्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि 21 मई के दिन वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए प्रदेश में इस योजना का विधिवत् शुभारंभ करेंगे। इस योजना के तहत प्रदेश के 19 लाख किसानों को 5700 करोड़ रूपए की राशि चार किश्तों में सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की जाएगी। राजीव गांधी किसान न्याय योजना किसानों को खेती-किसानी के लिए प्रोत्साहित करने की देश में अपने तरह की एक बडी योजना है। योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि और किसान वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए शामिल होंगे।        राज्य सरकार इस योजना के जरिए किसानों को खेती किसानी के लिए प्रोत्साहित करने के लिए खरीफ 2019 से धान तथा मक्का लगाने वाले किसानों को सहकारी समिति के माध्यम से उपार्जित मात्रा के आधार पर अधिकतम 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से अनुपातिक रूप से आदान सहायता राशि दी जाएगी। इस योजना में धान फसल के लिए 18 लाख 34 हजार 834 किसानो को प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की जाएगी।        इसी तरह गन्ना फसल के लिए पेराई वर्ष 2019-20 में सहकारी कारखाना द्वारा क्रय किए गए गन्ना की मात्रा के आधार पर एफआरपी राशि 261 रूपए प्रति क्विंटल और प्रोत्साहन एवं आदान सहायता राशि 93.75 रूपए प्रति क्विंटल अर्थात अधिकतम 355 रूपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के 34 हजार 637 किसानों को 73 करोड़ 55 लाख रूपए चार किश्तों में मिलेगा। जिसमें से प्रथम किश्त 18 करोड़ 43 लाख 21 मई को हस्तांतरित की जाएगी।        छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इसके साथ ही वर्ष 2018-19 में सहकारी शक्कर कारखानों के माध्यम से खरीदे गए गन्ना की मात्रा के आधार पर 50 रूपए प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि (बकाया बोनस) भी प्रदान करने जा रही है। इसके तहत प्रदेश के 24 हजार 414 किसानों को 10 करोड़ 27 लाख रूपए दिया जाएगा।        राज्य सरकार ने इस योजना के तहत खरीफ 2019 में सहकारी समितिध्लैम्पस के माध्यम से उपार्जित मक्का फसल के किसानों को भी लाभ देने का निर्णय लिया है। मक्का फसल के आकड़े लिए जा रहे है। जिसके आधार पर आगामी किश्त में उनको भुगतान किया जाएगा।       छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गतिशील और मजबूत बनाने के लिए लॉकडाउन जैसे संकट के समय में किसानों को फसल बीमा और प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत 900 करोड़ की राशि उनके खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा इसके पहले लगभग 18 लाख किसानों का 8800 करोड़ रूपए का कर्ज माफ किया गया है साथ ही कृषि भूमि अर्जन पर चार गुना मुआवजा, सिंचाई कर माफी जैसे कदम उठाकर किसानों को राहत पहुंचाई गई है।      इस योजना में राज्य सरकार ने खरीफ 2020 से इसमें धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, रामतिल, कोदो, कोटकी तथा रबी में गन्ना फसल को शामिल किया है। सरकार ने यह भी कहा है कि अनुदान लेने वाला किसान यदि गत वर्ष धान की फसल लेता है और इस साल धान के स्थान पर योजना में शामिल अन्य फसल लेता हैं तो ऐसी स्थिति में उन्हें प्रति एकड़ अतिरिक्त सहायता दी जायेगी।