छत्तीसगढ़

कोरोना संकट में भी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार बड़े राज्यों में जीएसटी संग्रहण में बढ़ोतरी में आंध्रप्रदेश के साथ पहले स्थान पर

रायपुर:-02 नवम्बर 2020छत्तीसगढ़ राज्य में अक्टूबर-2019 की तुलना में अक्टूबर-2020 में जीएसटी संग्रहण में 26 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। देश के बड़े राज्यों में जीएसटी संग्रहण में वृद्धि के मामले में छत्तीसगढ़ और आंध्रप्रदेश संयुक्त रूप से पहले स्थान पर है। केन्द्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा जारी सूची के अनुसार प्रदेश में पिछले वर्ष अक्टूबर में 1570 करोड़ रूपए का जीएसटी संग्रहण हुआ था। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल अक्टूबर में 404 करोड़ रूपए ज्यादा जीएसटी प्राप्त हुआ है। चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 के अक्टूबर महीने में राज्य में 1974 करोड़ रूपए की जीएसटी संग्रहित हुई है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कोरोना संकट काल में भी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाए रखने लिए गए दूरदर्शितापूर्ण निर्णय के सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश में पूरे लॉक-डाउन के दौरान ग्रामीण और वन क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां लगातार चलती रहीं। किसान न्याय योजना के माध्यम से प्रदेश के 19 लाख किसानों को नियमित अंतराल में धान बिक्री की राशि मिलती रही है। राज्योत्सव के मौके पर इसकी तीसरी किस्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए किसानों के खाते में डाले गए हैं। पूर्व में भी 1500-1500 करोड़ रूपए की दो किस्तें किसानों के खातों में अंतरित की गई हैं। गोधन न्याय योजना के जरिए भी किसानों और पशुपालकों से गौठानों में गोबर की खरीदी कर करीब 40 करोड़ रूपए दिए गए हैं।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा जी.एस.टी. मंत्री टी.एस. सिंहदेव की पहल पर कोरोना काल में गांवों में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने मनरेगा का क्रियान्वयन प्रभावी तरीके से किया गया। इसके फलस्वरूप गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रही। लोगों की जेब में पैसा आने से इसका लाभ उद्योग और व्यापार जगत को भी मिला। संकट-काल में ग्रामीण क्षेत्रों में जो आर्थिक तरलता बनी रही, उसका लाभ उद्योगों को भी मिला। वनांचलों में भी इस दौरान स्वसहायता समूहों के द्वारा वनोपज की खरीदी जारी रही। कोरोना संकट के दौरान रियल इस्टेट सेक्टर को सक्रिय बनाए रखने के लिए जमीनों की खरीदी-बिक्री की शासकीय गाइडलाइन दरों में 30 प्रतिशत की छूट दी गई। ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी बेहतर कारोबार हुआ। लॉक-डाउन के दौरान भी प्रदेश की कोयला खदानों और इस्पात उद्योगों में उत्पादन जारी रहा।

3 कलेक्टर समेत 10 अफसरों का तबादला, अतिरिक्त प्रभार में कई विभाग अमृत खलखो को राज्यपाल के सचिव के साथ आयुक्त सचिव कृषि एवं गन्ना का अतिरिक्त प्रभार दिया है। पढ़िये पूरी खबर

रायपुर:-छत्तीसगढ़ सरकार ने आज 3 कलेक्टर समेत भारतीय प्रशासनिक सेवा के कुल 10 अफसरों का तबादला किया है। आर्डर में तीन कलेक्टर सहित कुल 9 आईएएस और एक आईआरएस अफसर शामिल हैं। अमृत खलखो को राज्यपाल के सचिव के साथ आयुक्त सचिव कृषि एवं गन्ना का अतिरिक्त प्रभार दिया है। एस प्रकाश को विशेष सचिव पंचायत को सचिव पीएचई पदस्थ करते हुए संचालक जल जीवन मिशन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। मोहम्मद कैसर को विशेष पंचायत तथा अतिरिक्त आयुक्त मनरेगा को संचालक पंचायत बनाया गया है। कुमार लाल चौहान को कलेक्टर कांकेर से ज्वाइंट सिकरेट्री वन विभाग के साथ-साथ संचालक आजीविका मिशन की जिम्मेदारी दी गई है। रानू साहू को वाणिज्य कर आयुक्त के साथ-साथ पर्यटन मंडल एमडी अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

कुटरू में तहसील कार्यालय भैरमगढ़ के लिंक कोर्ट का शुभारंभ , क्षेत्र के 15 हितग्राहियों को वनाधिकार पट्टा वितरित - बीजापुर

सप्ताह में सोमवार एवं शुक्रवार को संचालित होगा लिंक कोर्ट  दूरस्थ ईलाके के 122 गांवों के ग्रामीणों को मिलेगी सुविधा

बीजापुर:-जिले के दूरस्थ कुटरू ईलाके के लोगों की बरसों पुरानी मांग आज पूरी हो रही है, छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया भूपेश बघेल की मंशानुरूप शासन की सभी योजनाओं को आम जनता तक आसानी के साथ पहुँचाने सहित जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र प्रदान करने तथा राजस्व प्रकरणों के निराकरण में अब तेजी आयेगी और इस दूरस्थ क्षेत्र के लोगों को इन कार्यों के लिए सहूलियत होगी। यह बात विधायक एवं उपाध्यक्ष बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण विक्रम शाह मंडावी ने कुटरू में तहसील कार्यालय भैरमगढ़ के लिंक कार्यालय का शुभारंभ करने के पश्चात उपस्थित क्षेत्र के पंचायत पदाधिकारियों और ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कही। इस मौके पर उन्होने कहा कि कुटरू क्षेत्र में 25 ग्राम पंचायतों के 10 पटवारी हल्का अंतर्गत 122 अंदरूनी ग्राम सम्मिलित हैं और कुटरू क्षेत्र भैरमगढ़ से करीब 70 किलोमीटर दूर है, कुटरू में तहसील कार्यालय भैरमगढ़ के लिंक कोर्ट खुलने के साथ ही हर सप्ताह सोमवार एवं शुक्रवार को लिंक कोर्ट संचालित होने पर इस ईलाके के लोगों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए आसानी होगी।

           

इस अवसर पर विधायक विक्रम मंडावी ने सभी लोगों की सहभागिता से क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने की कटिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि आम जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ सड़क, संचार के कार्यों को प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जायेगा। इस दौरान विधायक ने ग्रामीणों से रूबरू होकर उनकी समस्या एवं मांगों को सुनी और निराकरण  हेतु आश्वस्त किया। इस अवसर पर कलेक्टर ने ग्रामीणों को छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित होने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कुटरू में तहसील कार्यालय का लिंक कोर्ट शुरू होने से अब ग्रामीणों की समय और धन की बचत होगी। अब उन्हे छोटे-छोटे कार्यों के लिए भैरमगढ़ जाना नहीं पड़ेगा। उन्होने ग्रामीणों से रूबरू चर्चा करते हुए कहा कि वनाधिकार पट्टे मिले हैं अब किसान ऋण पुस्तिका मिलेगी। जिससे समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने हेतु लेम्पस में पंजीयन करायें और किसान क्रेडिट कार्ड भी बनावायें। कुटरू में आधार पंजीयन केन्द्र शीघ्र शुरू होगा, सभी ग्रामीण अपना आधार कार्ड बनवायें और बैंक खाता खोलने के साथ ही आधार कार्ड से लिंक करवायें, ताकि शासन की योजनाओं से लाभान्वित होने के लिए आसानी होगी। कलेक्टर ने युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रेरित करते हुए कौशल विकास प्रशिक्षण लेने सहित मुद्रा ऋण से लाभान्वित होने की समझाईश दी। वहीं ग्रामीणों तथा महिला स्व-सहायता समूहों को गौठान की गतिविधियों से जुड़ने अभिप्रेरित करते हुए कहा कि गोबर का विक्रय, वर्मी कम्पोस्ट, चारागाह विकास, द्विफसलीय रकबा विस्तार, पालतू मवेशियों का टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान सभी ग्रामीणों के लिए फायदेमंद है। इसलिए इस दिशा में आगे आकर गतिविधियों से जुड़ें और विकास की ओर सहभागिता निभायें। कलेक्टर ने वैश्विक महामारी कोविड-19 के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए अफवाहों पर ध्यान नहीं देने कहा और कोविड-19 के संक्रमण से बचाव हेतु मास्क की अनिवार्यता, सामाजिक दूरी एवं हाथ धुलाई को दिनचर्या में अनिवार्य रूप से शामिल करने सहित सतर्कता बरतने का आग्रह किया। ग्रामीणों से इस अवसर पर क्षेत्र के 15 हितग्राहियों को वनाधिकार पट्टा प्रदान किया गया, इसके साथ ही 6 आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र तथा 3 भूमि स्वामियों को किसान पुस्तिका प्रदान किया गया। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जनपद पंचायत अध्यक्ष दशरथ कुंजाम, जिला पंचायत सदस्य सोमारू राम नाग सहित क्षेत्र के पंचायत पदाधिकारी, एसडीएम एआर राना, नायब तहसीलदार शिव शंकर साहू तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में सरपंच कुटरू कुंवर सिहं मज्जी ने कुटरू में तहसील कार्यालय के लिंक कोर्ट खोलने हेतु हर्ष व्यक्त करते हुए क्षेत्र के ग्रामीणों की ओर से शासन-प्रशासन के प्रति कृतज्ञता प्रकट किया।

राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर अधिकारी-कर्मचारियों ने ली देश की एकता और अखंडता सहित सुरक्षा की शपथ - बीजापुर

बीजापुर:-देश की एकता एवं अखंडता के सूत्रधार और प्रथम गृह मंत्री लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्म दिवस के अवसर पर 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कलेक्टोरेट बीजापुर में अधिकारी और कर्मचारियों ने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाये रखने के लिए योगदान देने की शपथ ली। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर प्रदीप वैद्य ने कलेक्टोरेट के सभागार में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को देश की एकता, अखंडता एवं सुरक्षा बनाये रखने हेतु योगदान निभाने की शपथ दिलायी। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर सुरेन्द्र ठाकुर एवं ओंकारेश्वर सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।

वन अधिकार पट्टाधिकारियो को वर्ष में 200 दिन का रोजगार

बीजापुर:-जिले में एफ आर ए हितग्राहियों को आजीविका मूलक गतिविधियों से जोड़ने के लिए जानकारी संकलित की जा रही है। इस कार्य हेतु 30 अक्टूबर को सामुदायिक भवन आवापल्ली में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जनपद क्षेत्र के सरपंच , सचिव व रोजगार सहायक उपस्थित हुए। मुख्यकार्यपालन जनपद पंचायत एबी गौतम ने कहा कि कलेक्टर रितेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में वनाधिकार पट्टाधारियों के आजीविका संवर्धन हेतु कार्ययोजना बनाई जा रही है। सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा मनीष सोनवानी ने कार्यशाला में उपस्थित पंचायत के जनप्रतिनिधियों व जमीनी अमलो को अवगत कराया कि से महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत वनाधिकार पट्टाधरियो को हम एक वितीय वर्ष में एक वनाधिकार पट्टाधारी परिवार को कुल 200 दिवस का रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं। महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत एफआरए हितग्राहियो की भूमि में आजीविका संवर्धन के कार्य जैसे भूमि सुधार, डबरी निर्माण, कुआँ, गाय शेड, बकरी शेड, मुर्गी शेड, के अलावा फलदार वृक्षारोपण आदि कार्य किये जा सकते है। उप वनमंडलाधिकारी सुनील राठौर ने बताया कि क्लस्टर तैयार कर हम हितग्राहियो को आजीविका मूलक गतिविधियों से जोड़ सकते है। आप लोग अपने क्षेत्रान्तर्गत हितग्राहियो से बात कर सप्ताह में प्रकरण तैयार करें।

छत्तीसगढ़ राज्य के 21 वां स्थापना दिवस के अवसर मे भाटापारा के गौरव पथ स्थिति छत्तीसगढ़ महतारी चौक मे छत्तीसगढ़ महतारी के आरती के कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना व छत्तीसगढ़िया महिला क्रांति सेना के द्वारा आयोजित किया गया

भाटापारा:-छत्तीसगढ़ राज्य के 21 वां स्थापना दिवस के अवसर मे भाटापारा के गौरव पथ स्थिति छत्तीसगढ़ महतारी चौक मे छत्तीसगढ़ महतारी के आरती के कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना व छत्तीसगढ़िया महिला क्रांति सेना के द्वारा आयोजित किया गया है. इस अवसर पर संस्कृतिक कार्यक्रम सुआ नृत्य करमा नृत्य जैसे छत्तीसगढ़ के पारंपरिक नृत्य का आयोजन 04 बजे से किया गया है। शाम 06 बजे छत्तीसगढ़ महतारी की आरती किया जावेगा। इस अवसर पर क्षेत्र के स्तंतत्रता संग्राम सेनानीयो व शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित कर परिजनों को सम्मानित किया जावेगा. नगर के सभी वरिष्ठ साहित्यकार लेखको कलाकारों वरिष्ठ नागरिकों एंव आम लोगों को इस कार्यक्रम में सम्मिलित होकर आयोजन मे सहभागिता का अनुरोध छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना जिला बलौदाबाजार के द्वारा किया गया है।

भारत के प्रथम गृहमंत्री एवं देश को एकता के सूत्र में पिरोने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जयंती के अवसर पर बालोद्यान जांजगीर मे स्मरण करते माल्यार्पण किया गया

जांजगीर चाँपा:-भारत के प्रथम गृहमंत्री एवं देश को एकता के सूत्र में पिरोने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जयंती के अवसर पर बालोद्यान जांजगीर मे स्मरण करते माल्यार्पण किया गया आज के दिन प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी सरदार पटेल जी को कुर्मी समाज के प्रमुख लोगों ने याद किया एवं उनके पद चिन्हो पर चलने का संकल्प लिया इस अवसर पर बिसून कश्यप, व्यास कश्यप, बहरता राम कौशिक, बीसाहीन कौशिक, नरेन्द्र कौशिक, गोविन्द कश्यप, पवन कश्यप, गोलन कश्यप, टीकम कश्यप, रामसागर कश्यप, हरीश कश्यप, धना राम कश्यप, बुधराम कश्यप, संतोष कश्यप,दीना कश्यप, भिखम कश्यप, हिरेन्द्र कश्यप, जगदीश कश्यप, सुखी राम कश्यप, गीतेश कश्यप मुख्य रूप से उपस्थित रहे!

महाविघालयों में प्राध्यापकों की कमी होने से एक नवम्बर से कैसे होंगी ऑनलाइन अध्यापन प्रारंभ

खरौद:-महाविघालयों में प्राध्यापकों की कमी होने से एक नवम्बर से कैसे होंगी आॅनलाइन अध्यापन प्रारंभ , इसे लेकर महाविघालयों के प्राचार्य चिंतित , शासन बेपरवाह। विश्वविघालय अनुदान आयोग व्दारा जारी दिशा निर्देश के अनुसार राज्य शासन ने प्रदेश के सभी विश्वविघालयों एवं महाविघालयों में शैक्षणिक सत्र 2020 – 21 के लिए एक नवम्बर से आॅनलाइन अध्यापन कार्य प्रारंभ कराने निर्देश जारी किए हैं। इसी के परिपालन में उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त ने राज्य के समस्त राजकीय विश्वमिघालयों के कुलसचिव सहित राज्य के महाविघालयों के समस्त प्राचार्यो को शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए एक नवम्बर से आॅनलाइन अध्यापन कार्य प्रारंभ कराने 26 अक्टूबर 2020 को आदेश जारी किया है। लेकिन सहायक प्राध्यपकों के रिक्त पद के विरूध्द अतिथि प्राध्यापकों के नियुक्ति के संबंध में कोई दिशा निर्देश जारी न होने से शासकीय महाविघालयों के प्राचार्य काफी चिंतित है कि वे महाविघालय में बिना प्राध्यापकों के आॅनलाइन अध्यापन कैसे प्रारंभ करायें । उल्लेखनीय है कि प्रदेश के शासकीय महाविघालयों में विभिन्न विषयों के सहायक प्राध्यापकों एवं प्रोफेसर के 2500 से भी अधिक पद रिक्त हैं और इन रिक्त पदों के विरूध्द शासन के आदेश पर प्रति वर्ष इन महाविघालयों में प्राचार्यों व्दारा अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति कर अध्यापन कार्य कराया जाता है लेकिन शैक्षणिक सत्र 2020 – 21के लिए उच्च शिक्षा विभाग व्दारा महाविघालयों में आज पर्यन्त अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति संबंधी कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किया है। फल स्वरूप महाविघालयोंं में प्राचार्यों के व्दारा अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति नही किया जा सका है , एैसी स्थिति में प्रदेश के शासकीय महाविघालयों में बगैर प्राध्यापक के एक नवम्बर से आॅनलाइन अध्यापन प्रारंभ कराना संभव नही है। यदि राज्य सरकार प्रदेश के छात्रों के हित और उच्च शिक्षा के प्रति गम्भीर हैं तो उन्हे महाविघालयों में अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति आदेश अतिशीघ्र जारी किया जाना चाहिए।

वर्जन:-महाविघालयों में 1 नवम्बर से आॅनलाइन अध्यापन प्रारंभ कराने उच्च शिक्षा संचालनालय रायपुर से आदेश प्राप्त हुआ है लेकिन महाविघालय में विज्ञान संकाय में गणीत विषय को छोड़कर अन्य सभी विषय के सहायक प्राध्यापक के पद रिक्त है , वाणिज्य संकाय एवं अंग्रेजी विषय में भी नियमित प्राध्यापक नहीं है वहीं कला एवं वाणिज्य संकाय में प्रोफेसर के सभी पद रिक्त हैं , हमें अभी तक महाविघालय में इन रिक्त पदों के विरूध्द अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति के संबंध में कोई भी दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है ।इन परिस्थितियों में हम बिना प्राध्यापक 1 नवम्बर से आॅनलाइन अध्यापन कैसे प्रारंभ करायें इस बात को लेकर हम लोग भी चिंतित हैं। (प्रो. जी एन भतपरे प्रभारी प्राचार्य , शासकीय लक्ष्मणेश्वर महाविघालय खरौद)

ग्राम पंचायत सपीया के पंचायत भवन में सचिवालय दिवस पर भी लटका रहता है ताला,सचिव की मनमानी जोरो पर, ग्रामीण परेशान

मालखरौदा:-आज पुरा विश्व कोरोना वायरस जैसे महामारी से झुझ रहा है, ऐसे में हर देश,हर राज्यो, जिलो, ब्लाको ,और ग्राम पंचायतों के जिम्मेदार अधिकारीयों का यह फर्ज बनता है कि अपने कार्यो को निष्ठापूर्वक एवं जिम्मेदारना से करे मगर ऐसे वक्त में भी कई ऐसे लापरवाह अधिकारी या कर्मचारी गण है जो इन नियमों और कानूनों को ठेंगा दिखाते नजर आ रहे हैं। कुछ ऐसे ही उदाहरण हमें ग्राम पंचायत सपीया में देखने को मिल रहा है, ग्राम पंचायत सपीया के ग्रामीणों का आरोप है की ग्राम पंचायत सपीया के सचिव अश्वनी चंद्रा ज्यादातर पंचायत भवन से नदारद रहते है और सचिवालय में ताला लटका रहता है। जिससे ग्रामीणों को बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हम आपको बता दे की ग्राम पंचायत सपीया की जनसंख्या लगभग 2-3 हजार होगी जिसमें कई लोगो को जन्म प्रमाण पत्र,या मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना होता है ऐसे ही कई जरुरी कार्यो के लिए उनको कई बार पंचायत भवन का चक्कर काटना पड़ता है मगर यहा उनको सिवाए निराशा के कुछ हासिल नही हो पाता है, फोन लगाकर पूछने पर कभी फोन उठाया ही नही जाता और कभी गलती से उठा लिये तो जनपद में काम है इसलिए मालखरौदा आया हूं कहके बहाना बना दिया जाता है। कई बार लोगो को सचिव के हस्ताक्षर करवाने के लिए उनके घर तक जाना पड़ जाता है,अब आप सोच सकते है किस तरह से मनमानी एवं लापरवाही ग्राम पंचायत बड़े सपीया के सचिव द्वारा किया जा रहा है।

सचिव को निर्देशित किया जाएगा पंचायत में बैठने के लिए-संदीप सिंह पोयाम (मुख्य कार्यपालन अधिकारी मालखरौदा)

के.पी.टण्डन को मिला पामगढ़ थाना का प्रभार

जिले के 2 टीआई और 3 एसआई के तबादले, 3 थाना प्रभारियों के प्रभार में बदलाव

जांजगीर चाँपा:- जिला के पामगढ़ थाना के नए प्रभारी उप निरीक्षक केपी टण्डन को बनाया गया है।जबकि पामगढ़ थाना प्रभारी रौशन लाल टोन्डे को रक्षित केंद्र भेजा गया है.इसी तरह निरीक्षक उमेश साहू मुलमुला थाना प्रभारी, निरीक्षक अब्दुल शफीक खान की मालखरौदा से रक्षित केंद्र , निरीक्षक कमल किशोर महतो को यातायात शाखा से मालखरौदा थाना प्रभारी और उप निरीक्षक चंद्रप्रकाश कँवर को थाना चाम्पा से रक्षित केंद्र भेजा गया है।

कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हेतु लोगों को किया गया जागरूक - बीजापुर

नगर सैनिक परिवार द्वारा लोगों को जागरूक करने बाइक रैली के माध्यम से दिए संदेश

बीजापुर:-कोरोना वायरस कोविड़.19 के संक्रमण से बचाव हेतु लोगों को जागरूकता लाने के लिए नगर सेना कार्यालय बीजापुर द्वारा जागरूकता रैली के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया है। बाइक रैली जिला सेनानी नगर सेना कार्यालय से कलेक्टोरेट होते हुए नया बस स्टैंड तक निकाली गई। जिला सेनानी संजय कुमार गुप्ता ने लोगों से अपील करते हुए बताया कि वायरस का संक्रमण कुछ कम जरूर हुआ है लेकिन खत्म नहीं हुआ है न ही इसका कोई टीका अभी तक बना है इसलिए इससे बचने के लिये सतर्क रहना बहुत ही जरूरी है। वर्तमान में त्यौहारों एवं उत्सव का समय है आने वाले दिनों में दीपावली, छठपूजा, क्रिसमस, नववर्ष जैसे महत्वपूर्ण त्यौहार है। इन सब त्यौहारों का प्रभाव बाजारों, दुकानों, एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सीधा असर पड़ेगा। कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से सबको जागरूक और सचेत रहने की आवश्यकता है। मौसम के परिवर्तन से भी संक्रमण फैलने का ज्यादा संभावना रहता है। इसलिए घर पर रहे व सुरक्षित रहने की अपील की। अतिआवश्यक कार्य होने पर घर से बाहर निकलने और मास्क सेनेटाईजर का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने के लिए कहा । किसी सार्वजनिक स्थलों या सामाजिक कार्यक्रमों में जाते है तो मास्क, सेनेटाईजर व सामाजिक दूरी का पालन अवश्य करें। रैली के पश्चात श्री संजय गुप्ता ने कोरोना से बचाव के संबंध में उपस्थित सभी को शपथ दिलाई । रैली में कंपनी कमांडर तिर्की, सूबेदार नदकिशोर नाग, नायक कृष्णा कुमार, लांस नायक संजय जूर्री सहित नगर सैनिक मौजूद थे।

प्रदेश के सबसे पिछड़े नगर पंचायत टुण्डरा में उच्च शिक्षा हेतु शासकीय महाविद्यालय की वर्षो पुरानी मांग क्षेत्र के उर्जावान विधायक एवं संसदीय सचिव चन्द्रदेव राय के अथक प्रयासों से पूर्णता की ओर अग्रसर

विधायक बनने के बाद और नगरीय निकाय चुनाव टुण्डरा के दौरान नगर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जर्जर हाईस्कूल भवन सहित वर्षो पुरानी मांग टुण्डरा में कालेज खोलने और में टुण्डरा का विकास में कोई कमी होने की बात कही गई थी

गिधौरी/टुण्डरा:-बिलाईगढ़ विधानसभा के उर्जावान एवं लोकप्रिय विधायक संसदीय सचिव चन्द्रदेव राय जी के अथक प्रयासों से आज नगर पंचायत टुण्डरा की बहुप्रतीक्षित मांग अब पूर्ण होते हुए दिख रहा है नगर में शासकीय महाविद्यालय खोलने के लिए स्थल परीक्षण करने के लिए आदेश जारी होने और नगर में उच्च शिक्षा हेतु शासकीय महाविद्यालय खोलने की जानकारी होते ही टुण्डरा नगर सहित आस पास के क्षेत्र के विद्यार्थियों जनप्रतिनिधियों सहित आम जनता में ख़ुशी की लहर और हर्ष की माहौल है। नगर के वर्षो पुराना सपना अब पूरा होने की ओर अग्रसर है और टुण्ड्रा में शासकीय नवीन महाविद्यालय की स्वीकृति दिलाने पर नगर सहित क्षेत्र के लोगो ने विधायक एवं संसदीय सचिव चन्द्रदेव राय एवं प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विधायक चंद्रदेव राय के लगन एवं कड़ी मेहनत को अब नगर पंचायत टुण्डरा सहित आस पास के विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता ने सलाम कर रहे है। वर्तमान में टुण्डरा क्षेत्र के विद्यार्थियों को बारहवीं के बाद आगे की पढ़ाई करने के लिए आसपास में महाविद्यालय की सुविधा उपलब्ध नहीं था जिससे विद्यार्थियों भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है अकेले नगर पंचायत टुण्डरा के ही सैकड़ो विद्यार्थियों सहित आसपास के हजारो विद्यार्थियों को कॉलेज की पढ़ाई करने के लिए यहां से लगभग बीस से पच्चीस किलोमीटर दूर कसडोल और बिलाईगढ़ जाना पड़ता है। जिससे क्षेत्र के सैकड़ो विद्यार्थियों को घर से प्रतिदिन दूर जाकर पढ़ाई करना बहुत ही कठिन होता है। जिससे बहुत से विद्यार्थियों को कालेज की पढाई करने से वंचित होना पड़ता था जो अब नगर में कालेज खुलने से आस पास के 12 से 15 हायरसेकण्ड्री स्कूल सहित पचासों गावो के हजारो छात्र – छात्राओ को बारहवी के बाद कालेज की पढाई करने से जो वंचित हो जाते है उन्हें अब उच्च शिक्षा कॉलेज की पढ़ाई करने में बहुत ही आसानी होगी इन गाँवो के विद्यार्थियों को मिलेगा उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आसानी नगर पंचायत टुण्डरा के दो हायरसेकण्ड्री स्कूल सहित नरधा, गिधौरी बरेली ,पुरगाव, लिमतरी, नवरंगपुर,दर्री ,सुकली कौआताल ,गिरौदपुरी, मटिया, मडवा, तेंदुभाठा कोटियाडीह ,अमलीडीह ,बरपाली, हसुवा, बलौदा सेमरा, पह्न्दा ,पुलेनी, खपरीडीह, टुण्डरी, कुम्हारी, खपराडीह, मोहतरा सहित आस पास के पचासों गाँवो के सैकड़ो विद्यार्थियों होगी कालेज की पढाई करने में आसानी होगी पूर्व दैनिक भास्कर ने कई बार टुण्डरा क्षेत्र के बहुप्रतीक्षित मांग शासकीय महाविद्यालय खोलने के लिए प्रमुखता से प्रकाशित कर चूका है लगभग 25 किलो मीटर की दूरी होने से उच्च शिक्षा से दूर भटकते छात्र छात्राओं एवं उनके अभिभावकों के मन मे अब आशा की एक नई किरण जागृत हुई है । पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने इस कार्य को लेकर टुण्डरा क्षेत्र को हमेशा उपेक्षित समझा 15 वर्षो के कार्यकाल में पूर्ववर्ती सरकार जो न कर सकी वो कांग्रेस शासन काल मे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मान. भूपेश बघेल जी एवं बिलाईगढ़ के ऊर्जा वान संसदीय सचिव मा. चन्द्रदेव राय जी के नेतृत्व में पूरी हो रही । क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक एवं संसदीय सचिव मान. चन्द्रदेव राय जी के नेतृत्व में टुण्डरा क्षेत्र विकास की नई गाथा गढ़ रहा है, क्षेत्र के विकास को एक नया आयाम मिला है । संसदीय सचिव महोदय की सक्रियता ,धरातल से जुड़कर कार्य करने की उनकी भावना,क्षेत्र के विकास हेतु उनकी सजगता क्षेत्र के विकास के प्रति उनकी सोंच व दृढ़ संकल्प अब स्पष्ट नजर आ रही है । सभी टुण्डरा क्षेत्र के युवाओ एवं क्षेत्रवासियों की तरफ से संसदीय सचिव मान.चन्द्रदेव राय जी का हृदय से आभार व्यक्त कर छात्र छात्राओं सहित आसपास के जनता एवं जनप्रतिनिधियों सदैव आपके आभारी रहेने की बात कर रहे है।

गंगालूर में लिंक कोर्ट कार्यालय का शुभारंभ - बीजापुर

सप्ताह में दो दिन कार्यालय होंगे संचालित, 47 गांव के लोगों को मिलेगी सुविधा 

बीजापुर:-गंगालूर क्षेत्रवासियों का बरसों पुराना सपना साकार हो रहा है छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया भूपेश बघेल की मंशानुरूप शासन की समस्त योजनाएं जनता तक सुगमतापूर्वक पहुंचाने विभिन्न दस्तावेजों जाति, निवास, आय सहित भूमि विवाद बटवारा नामांतरण, नकल बी-1 खसरा स्थानीय स्तर पर सुगमतापूर्वक प्रदान करने एवं राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के उद्देश्य से कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल द्वारा गंगालूर में प्रति सप्ताह के दो दिवस बुधवार एवं गुरूवार को लिंक कोर्ट के रूप में शुभारंभ किया गया। गंगालूर क्षेत्र के 15 ग्राम पंचायत जिसके अंतर्गत 9 पटवारी हल्का है वहीं 47 गांव के लोगों को अब छोटी-छोटी कार्यों के लिये जिला कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। गंगालूर जिला कार्यालय से 22 किमी है। वहीं भीतर के गांव की बात किया जाय तो 50 किमी की दूरी तक गांव है। जो जाति, निवास, आय, शपथ पत्र भूमि बटवारा नामांतरण सहित विभिन्न कार्यों के लिये बीजापुर आते है। उन ग्रामीणों को समस्या को देखते शासन-प्रशासन के पहल पर तहसील कार्यालय का लिंक कोर्ट खोला गया है। जिससे ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन के इस पहल का हृदय से धन्यवाद देते हुए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम ने ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कार्यालय खुलने से होने वाले लाभ को विस्तार से बताया जिस पर ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की। कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं से जुड़ने के लिये लोगों को प्रोत्साहित किया एवं लिंक कोर्ट कार्यालय खुलने से किस तरह से समय एवं धन की बचत होगी। छोटे-छोटे कार्यो के दिनभर का समय देना पड़ता है। जो कि अब यहां आसानी से कार्य पूर्ण हो जाऐंगे। ग्रामीणों से अन्य विषयों पर चर्चा करते हुए एवं किसान क्रेडिट कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाने कहा किसान क्रेडिट कार्ड से किस तरह कृषि को आगे बढ़ाकर अपनी आमदनी के स्त्रोत को बढ़ा सकते है। कलेक्टर श्री रितेश कुमार अग्रवाल ने वैश्विक महामारी कोविड-19 के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए अपवाहों पर ध्यान नहीं देने को कहा कोविड-19 के संक्रमण से बचने तीन आसान एवं अत्यावश्यक उपाय को आसान शब्दों में ग्रामीणों के बीच रखा जिसमें मास्क की अनिवार्यता, सामाजिक दूरी एवं हाथ धुलाई का उपयाग दैनिक जीवन में अनिवार्य रूप से करते हुए कोविड-19 के संक्रमण से आसानी से बचा जा सकता है। कलेक्टर अग्रवाल ने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर प्रशासन को अवश्य अवगत कराए समस्या का यथासंभव निराकरण किया जायेगा। कलेक्टर अग्रवाल तहसील कार्यालय का अवलोकन कर अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं के लिए अनुविभागीय अधिकारी डाॅ. हेमेन्द्र भूआर्य को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। तहसील कार्यालय बीजापुर के लिंक कोर्ट के शुभारंभ के अवसर पर कलेक्टर अग्रवाल ने गंगालूर निवासी कृषक श्री महेन्द्र सिहं को ऋण पुस्तिका की द्वितीय प्रति प्रदान किया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से शंकर कुड़ियम जिला पंचायत अध्यक्ष, श्रीमती बी पुष्पाराव जिला पंचायत सदस्य, सोनू पोयाम जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सरपंच महेश हेमला सहित टीपी साहू तहसीलदार बीजापुर, जाकिर खान विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी बीजापुर सहित गणमान्य नागरिक एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

केन्द्र का कानून पूंजीपतियों के लिए, हमारा संशोधन किसानों के हक में: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

रायपुर:-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज विधानसभा के विशेष सत्र में छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी (संशोधन) विधेयक 2020 पर चर्चा करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लाया गया नया कृषि कानून किसानों के लिए नहीं, बल्कि पूंजीपतियों को लाभ देने वाला है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार एक राष्ट्र-एक बाजार की दुहाई देती है। जब एक राष्ट्र-एक बाजार है, तो कीमत भी एक होनी चाहिए। यदि केन्द्र सरकार एक राष्ट्र-एक बाजार-एक कीमत की व्यवस्था लागू कर दें, तो हमंे कानून में संशोधन करने की जरूरत ही नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में तीन नये कानून बनाकर केन्द्र सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाना चाहती है। केन्द्र सरकार का कानून किसानों को ठगने वाला कानून है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के नए कानूनों से किसानों के मन में संशय पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को इस बात की गारंटी देनी चाहिए कि किसानों के उपज को कोई भी समर्थन मूल्य से नीचे नहीं खरीदेगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन में केन्द्र सरकार द्वारा पारित तीनों कृषि कानूनों की खामियों की जमकर आलोचना की और कहा कि हम अपने किसानों के हितों को सुरक्षित रखना चाहते हैं, छत्तीसगढ़ के व्यापार को सुरक्षित रखना चाहते है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग भोले-भाले है। लोग ठगाए मत, इसलिए हम मंडी विधेयक में संशोधन कर किसानों और आम उपभोक्ता के हितों की रक्षा की व्यवस्था कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय वित्त मंत्री द्वारा कोरोना संक्रमण काल के दौरान 20 लाख करोड़ रूपए के राहत पैकेज का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विशेष पैकेज से किसी को एक पैसा भी नहीं मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और शांता कुमार कमेटी सिफारिशों का उल्लेख किया और केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हितों की अनदेखी के मामले को सदन में बड़े ही तार्किक ढंग से उठाए। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान पूरे सदन में खामोशी छायी रही। सदन के सदस्य, किसानों के हित में मुख्यमंत्री के तर्काें को बड़े ही गौर से सुनते नजर आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ की बात हो, किसानों की बात हो, तो दल नहीं, दिल देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि से छत्तीसगढ़ के किसानों को लाभ देने के मामले में केन्द्र सरकार द्वारा अड़ंगा लगाया जा रहा है। केन्द्र सरकार किसानों को भ्रमित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि केन्द्र सरकार ने कृषि के क्षेत्र में जो तीन नए कानून बनाए है, उसकी जरूरत क्या थी? क्या किसी किसान संगठन ने या किसी राजनीतिक दल ने कानून में बदलाव की मांग की थी? कोरोना संकट काल में जब देश के लोग समस्याओं से जूझ रहे थे, ऐसी स्थिति में केन्द्र सरकार ने किसानों के हितों की परवाह न करते हुए कृषि के क्षेत्र में तीन नए अध्यादेश जारी कर दिए। उन्होंने कहा कि इसके चलते केन्द्र सरकार के एक सहयोगी दल की मंत्री ने इस्तीफा दे दिया। इन्ही तीनों कानूनों के चलते एनडीए के सहयोगी दल नाराज है। एनडीए के कई केन्द्रीय मंत्री भी इस कानून से सहमत नहीं है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि केन्द्र सरकार का कहना है कि कृषि के तीनों नए कानून, किसानों के लिए लाभकारी है। उन्होंने कहा कि यह भ्रम पूरे देश में फैलाया जा रहा है। इससे किसानों का भला होने वाला नहीं है। यह कानून पूंजीपतियों को लाभ देने वाला कानून है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 2006 से यह कानून लागू है। आज हालत यह है कि समर्थन मूल्य तो दूर की बात, बिहार में 1300 रूपए क्विंटल से अधिक मूल्य पर किसानों का धान खरीदने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि जब इस कानून से बिहार के किसानों का कोई भला नहीं हुआ तो देश के किसानों का भला होने वाला नहीं है।

केन्द्र सरकार के नए कानून के तहत निजी मंडी खोलने की बात पर एतराज जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके जरिए सरकारी मंडियों को समाप्त करने का षड़यंत्र रचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कानून की वजह से धीरे-धीरे मंडियां खत्म हो जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चिटफंड कम्पनी जैसी व्यवस्था है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य में चिटफंड कम्पनियों के कारनामों को भी एक-एक कर उजागर किया और कहा कि जिस तरीके से चिटफंड कम्पनियां लोगों को लालच देकर लूटती है। उसी तरह केन्द्र सरकार द्वारा पारित नए कानूनों के जरिए किसान और आम उपभोक्ता लूटे जाएंगे। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि समर्थन मूल्य भारत सरकार घोषित करती है, तो किसानों को समर्थन मूल्य दिलाने के जिम्मेदारी भी केन्द्र सरकार की है। राज्य सरकारें एजेंसी के रूप में काम करती है। उन्होंने कहा कि जब हम छत्तीसगढ़ के किसानों का धान 2500 रूपए क्विंटल में खरीद रहे थे। भारत सरकार ने किसानों को बोनस देने पर प्रतिबंध लगा दिया। उन्होंने कहा कि धान और गेहूं खरीदने पर यूपीए सरकार ने किसानों को बोनस दिया था। वर्तमान में केन्द्र में ऐसी सरकार है, जो किसानों को बोनस देने से रोकती है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि केन्द्र सरकार, राज्य सरकारों के हितों की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि बीते छह माह से जीएसटी का पैसा केन्द्र सरकार ने नहीं दिया है। केन्द्र सरकार से छत्तीसगढ़ को 4000 करोड़ रूपए लेना है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अत्यावश्यक वस्तु विधेयक में केन्द्र सरकार द्वारा किए गए बदलाव को आम लोगों के लिए नुकसानदायक बताते हुए कहा कि यह विपणन कानून है। इसमें बदलाव पंूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है। इससे अत्यावश्यक वस्तुओं में जैसे खाद्यान्न, तेल, आलू, प्याज आदि के भंडारण की सीमा को खत्म कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसका फायदा उठाकर कारपोरेट और बड़े-बड़े व्यापारी मन माफिक कीमत पर किसानों की उपज खरीदकर जमाखोरी करेंगे। पूरा बाजार उनके कब्जे में हो जाएगा और मनमाने दाम पर सामान बचेंगे। उन्होंने कहा कि इसका दुष्परिणाम अभी से देखने को मिलने लगा है। आलू और प्याज की कीमतें कई गुना बढ़ गई है। यह कानून आम उपभोक्ताओं के खिलाफ है।

मुख्यमंत्री ने सदन में विपक्षी सदस्यों द्वारा चर्चा के दौरान धान खरीदी के संबंध में उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि केन्द्र सरकार ने चावल उपार्जन की जो लिमिट इस साल तय की है। वह भी भेदभाव पूर्ण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से छोटे राज्यों की भी लिमिट छत्तीसगढ़ से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि धान से एथेनॉल बनाने के उनके प्रस्ताव का शुरूआती दौर में लोगों ने मजाक उठाया था। अब तो केन्द्र सरकार ने हमारे प्रस्ताव को लाभकारी बताते हुए मान्य कर लिया है। धान से एथेनॉल बनाने की अनुमति भी दे दी है और इसका विधिवत दर 54.87 रूपए घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में धान की अतिशेष मात्रा तथा गन्ना से एथेनॉल बनाने के लिए राज्य सरकार ने एमओयू भी कर लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी एक साल में राज्य में एथेनॉल का उत्पादन भी शुरू हो जाएगा। इससे किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान शांता कुमार कमेटी की सिफारिशों को उल्लेख करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार इसके जरिए बोनस को समाप्त करने के बाद अब पीडीएस सिस्टम को भी बंद करने की जुगत में लगी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का एक ऐसा राज्य है, जहां का पीडीएस सिस्टम पूरे देश के लिए मॉडल है। हमारे राज्य में पीडीएस के 98 प्रतिशत उपभोक्ताओं का राशनकार्ड उनके आधार कार्ड से लिंक है। उन्होंने कहा कि शांता कुमार कमेटी की रिपोर्ट के एकदम उलट छत्तीसगढ़ राज्य में 80 प्रतिशत से अधिक किसान समर्थन मूल्य से लाभान्वित होते हैं। मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार के कॉन्ट्रेक्ट फॉर्मिंग कानून को भी किसानों के लिए घातक बताया। उन्होंने कहा कि हम अपने किसानों के हितों की रक्षा के लिए नया कानून लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हित में खड़ी है और उनके हितों की अनदेखी नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के किसानों और आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए सर्व सम्मति से मंडी विधेयक संशोधन विधेयक 2020 को पारित करने का आग्रह किया।

विधानसभा अध्यक्ष व सांसद चार दिवसीय प्रवास पर

कोरिया:-छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत एवं कोरबा लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत 28 से 31 अक्टूबर तक जांजगीर-चाम्पा, कोरबा एवं कोरिया जिले के प्रवास पर रहेंगे। जारी प्रवास कार्यक्रम के मुताबिक विधानसभा अध्यक्ष सड़क मार्ग से रायपुर स्पीकर हाऊस से 28 अक्टूबर को प्रात: 10.30 बजे प्रस्थान कर व्हाया बलौदाबाजार-शिवरीनारायण-बिर्रा-बम्हनीडीह होते हुए सारागांव पहुंचेंगे। यहां दोपहर 1.30 बजे स्थानीय कार्यक्रम में सम्मिलित होकर सायं 4 बजे सारागांव से कोरबा के लिए रवाना होंगे। 29 अक्टूबर को दोपहर 12.30 बजे कोरबा से सड़क मार्ग द्वारा केंदई आश्रम हेतु प्रस्थान करेंगे। केंदई आश्रम से दोपहर 3.30 बजे लेदरी हेतु प्रस्थान करेंगे। 30 अक्टूबर को प्रात: 10 बजे लेदरी से बैकुंठपुर जिला कोरिया हेतु व्हाया मनेन्द्रगढ़ रवाना होंगे। प्रात: 11 बजे बैकुंठपुर में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होकर सड़क मार्ग से सायं 5 बजे लेदरी के लिए प्रस्थान करेंगे। 31 अक्टूबर को प्रात: 10 बजे लेदरी से रायपुर के लिए सड़क मार्ग से रवाना होंगे। उक्त जानकारी विधानसभा अध्यक्ष के सचिव दिनेश शर्मा ने दी है।