राजधानी

सरदारपुरा दंगा: हाईकोर्ट ने 17 की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी, 14 को बरी किया

सरदारपुरा मामले में पुलिस ने 76 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से दो की मौत मुकदमे की सुनवाई के दौरान हो गयी, वहीं एक किशोर था।

गुजरात उच्च न्यायालय ने गुरुवार (20 अक्टूबर) को 2002 में गोधराकांड के बाद हुए सरदारपुरा नरसंहार मामले में निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए 31 लोगों में से 14 को बरी कर दिया और 17 अन्य की उम्रकैद की सजा पर मुहर लगा दी। सरदारपुरा कांड में 33 लोगों को जिंदा जला दिया गया था। न्यायमूर्ति हर्षा देवानी और न्यायमूर्ति बीरेन वैष्णव की खंडपीठ ने 17 लोगों की उम्रकैद की सजा पर मुहर लगाई। हालांकि निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए 31 लोगों में से 14 को उच्च न्यायालय ने सबूतों की कमी के करण बरी कर दिया।
सरदारपुरा मामले में पुलिस ने 76 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से दो की मौत मुकदमे की सुनवाई के दौरान हो गयी, वहीं एक किशोर था। अदालत ने जून 2009 में 73 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे और मामले में मुकदमा शुरू किया। निचली अदालत ने 31 को दोषी ठहराने के अलावा 42 अन्य को बरी कर दिया था। एसआईटी ने बाद में इन 42 में से 31 लोगों को बरी किए जाने को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। हालांकि उच्च न्यायालय ने इन 42 में से 31 लोगों को बरी करने के मेहसाणा जिला अदालत के आदेश को बरकरार रखा।
इस बीच उच्च न्यायालय ने 17 लोगों को हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा भड़काने और आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत दोषी ठहराया। उच्च न्यायालय ने अभियोजन पक्ष द्वारा सुनाई गयी ‘साजिश की कहानी’ को स्वीकार नहीं करने के निचली अदालत के फैसले को भी बरकरार रखा। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि अल्पसंख्यक समुदाय पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया था और गोधरा ट्रेन कांड के बाद साजिश रची गयी थी।

गया रोडरेज़ मामला: आरोपी रॉकी यादव को मिली ज़मानत, बिहार सरकार जाएगी सुप्रीम कोर्ट

जदयू से निलंबित पार्षद मनोरमा देवी और राजद के बाहुबली नेता बिंदी यादव के पुत्र रॉकी यादव को आदित्य हत्या मामले में गत आठ मई को गिरफ्तार किया गया था।

पटना उच्च न्यायालय द्वारा गया जिले में रोडरेज में छात्र आदित्य सचदेवा की हत्या के मुख्य आरोपी रॉकी यादव को जमानत दिए जाने के फैसले को बिहार सरकार ने उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने का निर्णय किया है। बिहार में सत्ताधारी पार्टी जदयू से निलंबित पार्षद मनोरमा देवी और राजद के बाहुबली नेता बिंदी यादव के पुत्र रॉकी यादव को आदित्य हत्या मामले में गत आठ मई को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। बिहार के मुख्य अतिरिक्त महाधिवक्ता ललित किशोर ने गुरुवार (20 अक्टूबर) को बताया कि राज्य सरकार पटना उच्च न्यायालय द्वारा रॉकी यादव को दी गयी जमानत के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय में अपील दायर करेगी।
यह पूछे जाने पर राज्य सरकार द्वारा कब तक इस मामले में उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की जाएगी किशोर ने कहा कि अगले सोमवार (24 अक्टूबर) तक हम अपील दायर करने की कोशिश करेंगे। हालांकि, राज्य सरकार ने विस्तृत जानकारी देने से इंकार कर दिया। गत 6-7 मई की रात्रि में गया जिला के रामपुर थाना अंतर्गत पुलिस लाईन के समीप वाहन ओवर टेक करने को लेकर हुए विवाद में रा-की यादव ने 12वीं कक्षा के छात्र आदित्य सचदेवा (19) की गोली मारकर हत्या कर दी थी। आदित्य सचदेवा हत्या मामले के मुख्य आरोपी रॉकी यादव ने गत 10 मई को बोधगया थाना अंतर्गत मस्तपुरा गांव स्थित मिक्सर प्लांट परिसर से हत्या में इस्तेमाल पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर लिया था।
इससे पूर्व आठ मई को मनोरमा देवी के पति बिंदी यादव तथा उनके सरकारी अंगरक्षक राजेश कुमार को गिरफ्तार कर हिरासत में जेल भेज दिया गया था। इस मामले के एक अन्य आरोपी तथा रॉकी के सहयोगी टेनी यादव ने गत 16 मई को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। बिहार सरकार ने इस मामले का स्पीडी ट्रायल कराने का निर्णय लेते हुए इस हत्याकांड की जांच घटना के तीन सप्ताह के भीतर पूरा करते के साथ इससे संबंधित आरोपपत्र एक महीने के अंदर अदालत में पेश कर दिया था।

जम्मूः खाई में गिरी बस, 22 लोगों की मौत

जम्मू। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में एक बस के सड़क से फिसलकर गहरे खड्ड में गिर जाने से उसमें सवार लोगों में से कम से कम 22 की मौत हो गई और 26 अन्य घायल हो गए। रियासी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ताहिर सज्जाद भट्ट ने बताया कि बस में 45 लोग सवार थे और यह रियासी से बकले जा रही थी। बस के गहरे गड्ढे में गिरने से 19 लोगों की मौत हो गई और 26 अन्य घायल हो गए।
उन्होंने कहा है कि गंभीर रूप से घायल लोगों को हवाई मार्ग से राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जम्मू पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के कारण का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने दुर्घटना में लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने घायल लोगों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के संबंध में निर्देश दिए हैं।उन्होंने संभागीय एवं जिला प्रशासन से राहत अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया। रियायी के उपायुक्त ने मृतकों के परिजनों के लिए 10-10 हजार रुपये की तत्काल राहत राशि जारी की है। घायलों के लिए पांच-पांच हजार रुपये जारी किए गए हैं।

 

भारत में कैसे घुसपैठ करते हैं आतंकी, सैटलाइट तस्वीरों ने दिखाया सच

जम्मू। सीमा पार से आतंकियों की घुसपैठ की सेटेलाइट तस्वीरें सामने आईं हैं। यह घुसपैठ 19 अक्टूबर को हीरानगर सेक्टर में रात करीब 11.30 बजे हुई थी। तारबंदी के पास सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के लगाए थर्मल पॉइंट पर लगे एचएसटी कैमरे में यह तस्वीरें रिकॉर्ड हो गईं।
तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि रात के गहरे अंधेरे में सीमा पार से आतंकियों का एक बड़ा दल भारत में घुसपैठ के लिए पहुंचा। करीब 5 से 6 आतंकी सीजफायर का उल्लंघन करते हुए सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे। जैसे ही वो घनी झाड़ियों के बीच पहुंचे पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें कवर फायर देना शुरू कर दिया। आतंकियों ने अचानक बीएसएफ की नाका पोस्ट पर रॉकेट दागना शुरू कर दिया।

 

रेणुका शहाणे ने ये उदाहरण गिना कर बताया कि कैसे रंग बदलती है राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस

बॉलीवुड एक्ट्रेस रेणुका शहाणे ने करण जौहर की मूवी ‘ऐ दिल है मुश्किल’ को लेकर हो रही राजनीति पर निशाना साधा है। रेणुका शहाणे ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर एक पोस्ट लिखी है। इस पोस्ट में उन्होंने मूवी में पाकिस्तानी कलाकार फवाद खान को लेकर विरोध कर रही राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस पर निशाना साधा है। उन्होंने इसमें कई ऐसे उदाहरण गिनाए हैं जब एमएनएस ने अपने रंग बदले हैं। उन्होंने बताया कि एक वक्त था, जब अमिताभ बच्चन का मनसे ने विरोध किया था, वहीं हालही में अमिताभ बच्चन के जन्मदिन पर राज ठाकरे ने खुद से बनाया हुआ उनका चित्र उन्हें भेट किया है। इसके साथ ही अमिताभ बच्चन ने राज ठाकरे के बेटे को घड़ी गिफ्ट की।

पोस्ट में शहाणे ने बताया, ‘साल 2008 में मुंबई में उतरी भारतीयों पर मनसे द्वारा हमला करने के बाद जया बच्चन ने कहा था, ‘कौन है राज ठाकरे?’ फिर इसी साल यूपी का ब्रांड एंबैस्डर बनने और महाराष्ट्र के जगह यूपी में लड़कियों का स्कूल खोलने पर मनसे ने अमिताभ बच्चन पर निशाना साधा था। जया बच्चन ने इस बारे में एक फिल्म के म्यूजिक लॉन्च के वक्त हिंदी में व्यंग्यात्मक टिप्पणी की थी। इसके बाद एमएनएस ने अमिताभ बच्चन की मूवी “The Last Lear” का विरोध शुरू किया था। लेकिन उसके बाद जया बच्चन को अपने बयान के लिए माफी मांगनी पड़ी थी। इसके बाद अक्टूबर 2016 में अमिताभ बच्चन को उनके जन्मदिन पर राज ठाकरे ने खुद से बनाई हुई तस्वीर भेट की। वहीं बच्चन ने राजठाकरे के बेटे को घड़ी गिफ्ट की। अमिताभ बच्चन गुजरात के ब्रांड एंबैस्डर बने। इस पर एमएनएस ने कोई विरोध नहीं किया।

रीता बहुगुणा जोशी के बीजेपी ज्‍वाइन करने पर भड़की कांग्रेस, राज बब्‍बर ने बताया दगाबाज़

रीता बहुगुणा जोशी के पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने से कांग्रेस भड़क गई है। कांग्रेस की तरफ से रीता के दल-बदल पर काफी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कांग्रेस नेता व यूपी कांग्रेस के चीफ राज बब्‍बर ने रीता को ‘दगाबाज’ करार दिया है। राज बब्‍बर ने कहा कि ‘ये (रीता) इतिहास की प्रोफेसर थीं। शायद यही कारण है कि अपने परिवार के इतिहास को दोहराने में चूक नहीं रही हैं। इनके परिवार में ये चौथा-पांचवां बदलाव है।” वहीं कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने भी रीता के पार्टी बदलने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्‍होंने कहा, ”अवसरवादी एक जगह टिकते नहीं। असली बात है कि वो सीट जीत नहीं सकती थीं, मुकाबला मुश्किल था।” पिछले तीन-चार दिन ने रीता के बीजेपी में जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं, मगर पुष्टि करने को कोई तैयार नहीं था। गुरुवार को भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में रीता पार्टी में शामिल हुईं। उन्‍होंने विधानसभा से भी इस्‍तीफा दे दिया है।

बीजेपी में शामिल होने के बाद रीता ने कहा, ”मैंने राष्ट्रहित और प्रदेश हित में यह फैसला लिया है। मैंने बहुत ही सोच समझकर यह फैसला लिया है। जोशी ने सर्जिकल स्ट्राइक पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर उसकी आलोचना करते गुए कहा कि हाल के दिनों में हुई गतिविधियों ने मुझे स्तब्ध कर दिया है।” राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए रीता बहुगुणा ने कहा कि सोनिया गांधी हमारी बातें सुनती थीं, लेकिन राहुल नहीं सुनते। उन्होंने कहा- ”जब सारे विश्व ने इसको स्वीकार कर लिया कि हमने सर्जिकल स्ट्राइक किया है। मुझे यह कतई पसंद नहीं आया कि कांग्रेस या अन्य पार्टियां इस पर सवाल उठाएं। ‘खून की दलाली’ जैसे शब्द का उपयोग किया गया। उससे मैं काफी दुखी हो गई। 24 सालों तक कांग्रेस की सेवा की लेकिन मुझे लगता है कि इसकी साख खत्म हो चुकी है, राहुल गांधी का नेतृत्व लोगों को स्वीकार्य नहीं है।”

GST रेट पर केंद्र व राज्य के बीच नहीं बनी सहमति, नवंबर तक टला फैसला

जीएसटी परिषद प्रस्तावित वस्तु एवं सेवा कर :जीएसटी: की दरों पर यहां दो दिन चली बैठक में आमसहमति की ओर झुकाव के बावजूद फैसला नहीं कर सकी और इस पर निर्णय अगले महीने के लिए टाल दिया गया है।

जीएसटी परिषद प्रस्तावित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों पर यहां दो दिन चली बैठक में आमसहमति की ओर झुकाव के बावजूद फैसला नहीं कर सकी और इस पर निर्णय अगले महीने के लिए टाल दिया गया है। हालांकि, केंद्र और राज्य विलासिता की वस्तुओं तथा ‘अहितकर’ उत्पादों पर उच्चतम दर के साथ उस पर उपकर लगाने को लेकर सहमति की दिशा में बढ़ चुके हैं। केंद्र और राज्यों के प्रतिनिधियों के महत्वपूर्ण निकाय जीएसटी परिषद की इस बैठक में दोहरे नियंत्रण को लेकर मतभेद उभर गए जबकि इन्हें पिछली बैठक में निपटा लिया गया था। राज्यों ने मांग की है कि 11 लाख सेवाकर दाताआें पर उनका नियंत्रण रहे, वहीं केंद्र ने सालाना 1.5 करोड़ रुपए की राजस्व सीमा के सभी डीलरों पर राज्यों के विशिष्ट नियंत्रण को समाप्त करने का प्रस्ताव किया।
जीएसटी में विलासिता और अहितकर वस्तुओं पर उच्चतम दर के साथ साथ उपकर लगाने का प्रस्ताव है। उपकर से मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल 1 अप्रैल, 2017 से पहले पांच साल के दौरान राज्यों को राजस्व-हानि की स्थिति में उसकी भरपाई के लिए किया जाएगा। इस उपकर के विरोध को लेकर लगभग सभी राज्यों में सहमति थी।

विशेषज्ञों और उद्योग जगत ने उपकर के प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि इससे एक राष्ट्र, एक कर की धारणा समाप्त हो जाएगी।
जीएसटी परिषद की दो दिन की बैठक के आज संपन्न होने तक चार स्लैब के कर ढांचे 6, 12, 18 और 26 प्रतिशत पर अनौपचारिक सहमति बन बन गयी है।
निचली दर आवश्यक वस्तुआें तथा उच्च्ंची दर लक्जरी व तंबाकू, सिगरेट, शराब जैसे अहितकर उत्पादों के लिए होगी। हालांकि, इस पर फैसला अगली बैठक तक के लिए टाल दिया गया है।
वित्त मंत्री अरच्च्ण जेटली ने कहा कि जीएसटी परिषद की अगली बैठक 3-4 नवंबर को होगी जिसमें कर की दरों पर फैसला किया जाएगा। पहले जीएसटी परिषद की बैठक तीन दिन के लिए होनी थी।
उन्होंने कहा कि स्लैब निचली होनी चाहिए इस पर विचार विमर्श अच्छा है। लेकिन यदि हम कर राजस्व की हानि होती है या स्लैब को निचले स्तर पर रखने के लिए काफी उच्च्ंची कर दर लगाई जाती है तो यह उचित नहीं होगा।

यूपी में मुसलमानों को कुरान और हदीस याद दिला रही बसपा, दी दलील- नमाज और जनाजे के लिए साथ आते हो तो वोट देते वक़्त क्यों नहीं

एक बसपा नेता ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक बैठक में कहा, "आपकी हदीस कहती है कि सैलानियों को मंजिल तक पहुंचने के लिए एक कायद (नेता) की जरूरत होती है...दलितों ने एक नेता को चुना और उसके पीछे चले। जो समुदाय पिछले 5 हजार सालों से गुलाम था वो आपकी हदीस पर अमल करके राजा हो गया।

त्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधान सभा चुनावों के मद्देनजर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मुसलमान वोटरों को लुभाने की हर संभव कोशिश कर रही है।  बसपा प्रमुख मायावती पहले ही मुसलमानों से आगामी चुनाव में बसपा को जिताने की सीधी अपील कर चुकी हैं।  मायावती ने मुस्लिम युवकों को पार्टी से जोड़ने के लिए अपने करीबी और पार्टी महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी के बेटे अफजल को युवा चेहरे के तौर पर उतारा। और अब बसपा के कार्यकर्ता सूबे के मुसलमानों को कुरान और हदीस का हवाला देकर सपा और कांग्रेस के शासन के दौरान उनके संग हुए बरताव की याद दिला रहे हैं। इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार
रिपोर्ट के अनुसार बसपा विधायक और पार्टी के क्षेत्रीयं संयोजक अतर सिंह राव ने बुधवार (19 अक्टूबर) को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक बैठक में कहा,  “आपकी हदीस कहती है कि सैलानियों को मंजिल तक पहुंचने के लिए एक कायद (नेता) की जरूरत होती है…दलितों ने एक नेता को चुना और उसके पीछे चले। जो समुदाय पिछले 5 हजार सालों से गुलाम था वो आपकी हदीस पर अमल करके राजा हो गया।

राव ने सभा में मौजूद श्रोताओं को लाल किला, कुतुब मीनार औ ताज महल की याद दिला के उनके शाही विरासत की याद दिलायी। रिपोर्ट के अनुसार राव ने कहा, “नमाज और जनाजे के लिए आप एक साथ आते हैं, लेकिन वोट के समय बिखर जाते हैं।जिस काफिले का कोई रहबर नहीं होता वो काफिले भटक जाते हैं, लुट जाते हैं।” माना जा रहा था कि “कायद” से राव का इशारा नसीमुद्दीन की तरफ था। मायावती शासन में नसीमुद्दीन को उनके सबसे भरोसेमंद लोगों में माना जाता था। उनके पास मायावती सरकार में 18 मंत्रालयों का प्रभार था।

पार्टी महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने भी इस भाईचारा बैठक को संबोधित किया और राव की बातों का समर्थन किया। बैठक की शुरुआत में उनके बेटे अफजल ने कुरान की आयत पढ़ी। नसीमुद्दीन ने श्रोताओं से कहा कि सपा और कांग्रेस उन्हें तेजपत्ते के तरह इस्तेमाल करते हैं और काम हो जाने के बाद फेंक देते हैं। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “हमारा इस्तेमाल किया जाता है और बाद में फेंक दिया जाता है।” नसीमुद्दीन ने आरोप लगाया कि राज्य में सत्ताधारी समाजवादी पार्टी बीजेपी से मिलकर चुनावी लाभ के लिए हिंदू मुस्लिम के बीच दरार डालना चाहती है। नसीमुद्दीन ने पीएम नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा, “मोदी ने लोक सभा चुनाव से पहले अच्छे दिन का वादा किया था लेकिन पहले घर वापसी आई, फिर लव जिहाद और फिर बीफ पर राजनीति और गुंडागर्दी।” उन्होंने कहा, “जब मोदी अपनी पत्नी जशोदाबेन, जिन्हें मैं अपनी बहन मानता हूं, के अच्छे दिन नहीं ला सकते तो वो हमारे अच्छे दिन क्या लाएंगे।”

लावारिस बच्ची की देखभाल कर रहे हैं पुलिसवाले, पैदा होते ही सड़क पर छोड़ गई थी मां

लावारिस बच्ची की देखभाल कर रहे हैं पुलिसवाले, पैदा होते ही सड़क पर छोड़ गई थी मां

नई दिल्‍ली: मासूम के रोने की आवाज़ किसी के भी सीने में दर्द पैदा कर सकती है, लेकिन इसकी सगी मां का दिल शायद पत्थर का था जो इस मासूम को पैदा होते ही सड़क पर मरने के लिए फेंक गई.

दिल्ली पुलिस को आरके पुरम सेक्टर-5 में एक बैग पड़े होने की खबर मिली थी. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बैग खोला तो उसमें बेहोशी की हालत में कुछ घंटों पहले पैदा हुई मासूम बच्ची थी. ठंड से अकड़ चुकी बच्ची को बिना वक़्त गंवाए एसएचओ सोमनाथ पृथि एम्स ट्रॉमा सेंटर ले गए.

एम्स में डाक्टरों ने फ़ौरन बच्ची का इलाज शुरू किया. तबियत संभलने पर बच्ची को दूध पिलाया गया, लेकिन ये मासूम रो-रोकर शायद यही पूछ रही है कि आख़िर इसका क़ुसूर क्या है.

एम्स नर्सरी में बच्ची का इलाज चल रहा है. अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुक़द्दमा दर्ज कर लिया है और इलाक़े के सीसीटीवी फुटेज और अस्‍पतालों के रिकॉर्ड के ज़रिए पुलिस बच्ची के मां-बाप को ढूंढ रही है.

केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो पर हमला, भाजपा का आरोप- टीएमसी कार्यकर्ताओं ने फेंके पत्थर


कोलकाता :पश्चिम बंगाल में केंद्रीय मंत्री  बाबुल सुप्रियो के काफिले पर कथित तौर पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया। हमला आसनसोल में किया गया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन पर पत्थरबाजी की है। पहले टीएमसी कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं से मारपीट की। इसके बाद जब बाबुल सुप्रियो बीच में आए तो उन पर पत्थर फेंका गया, जिससे वे कार से गिर गए। इसमें बाबुल सुप्रियो को हल्की चोटें भी आई हैं। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति संभालने की कोशिश की।

 

मुंबई एयरपोर्ट के पास दिखा संदिग्ध ड्रोन, सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी

नई दिल्ली। मुंबई एयरपोर्ट के पास आज शाम एक ड्रोन उड़ता दिखा है। यह ड्रोन इंडिगो फ्लाइट के पायलट ने देखा। पायलट ने इसकी सूचना फौरन कंट्रोल रूम को दी। उसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
दिल्ली से मुंबई जा रही इंडिगो फ्लाइट 6e-755 के पायलट ने मुंबई में डोमेस्टिक एयरपोर्ट पर लैंडिग के दौरान कुर्ला के पास यह संदिग्ध ड्रोन देखा। उन्होंने फौरन इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। वहां से ये जानकारी एटीसी को दी गई। संदिग्ध ड्रोन की तलाश जारी है। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को कुर्ला के पास संदिग्ध ड्रोन देखे जाने की जानकारी दी गई।

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से दिल्ली-मुंबई जैसे महानगर आतंकियों के निशाने पर हैं। यहां सुरक्षा बेहद कड़ी है। इसके बावजूद संदिग्ध ड्रोन के दिखने से सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं।

पाकिस्तान ने सर्जिकल स्ट्राइक के बाद 29 बार तोड़ा सीजफायर

जम्मू। पाकिस्तानी सैनिकों ने संघर्षविराम का उल्लंघन कर राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा पर स्थित सीमा चौकियों पर मोर्टार बम दागे और छोटे हथियारों से गोलीबारी की जिसका भारतीय जवानों ने भी जवाब दिया। एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिकों ने संघर्षविराम उल्लंघन किया।
प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने साढ़े आठ बजे से देर रात डेढ़ बजे तक नौशेरा में लाम बटालियन इलाके में स्थित भारतीय चौकियों पर 82 मिमी. के मोर्टार बम दागे, छोटे और स्वचालित हथियारों से गोलीबारी की। उन्होंने बताया कि नियंत्रण रेखा पर तैनात भारतीय जवानों ने जवाबी कार्रवाई की। संघर्षविराम उल्लंघन की इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

सेना द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए किए गए सर्जिकल हमलों के बाद से अब तक जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का 29 बार उल्लंघन किया जा चुका है।

एनजीटी ने ऑड-इवन पर दिल्‍ली सरकार को लगाई लताड़, कहा- उस दौरान और बढ़ गया था प्रदूषण

एनजीटी ने ऑड-इवन पर दिल्‍ली सरकार को लगाई लताड़, कहा- उस दौरान और बढ़ गया था प्रदूषण

मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 सितंबर की तारीख मुकर्रर की गई है।

नई दिल्ली : राष्‍ट्रीय हरित अधिकरण ने दिल्‍ली सरकार को ऑड-इवन के मसले पर लताड़ लगाई है। न्‍यायालय ने आदेश दिया है कि दिल्‍ली सरकार राजधानी में वायु प्रदूषण की चिंताजनक स्थिति पर सभी संबंधित अधिकारियों की बैठक कर एक हल निकालने को कहा है। दिल्‍ली सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया था कि ऑड-इवन योजना प्रदूषण पर लगाम लगाने में मददगार साबित नहीं हुई। जिसके बाद एनजीटी चेयरपर्सन जस्टिस स्‍वतंत्र कुमार की अध्‍यक्षता वाली बेंच ने दिल्‍ली के मुख्‍य सचिव, दिल्‍ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी और अन्‍य हितधारकों को ऐसी बैठक बुलाने का निर्देश दिया है। केन्‍द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कहा था कि दिल्‍ली में अप्रैल में ऑड-इवन योजना के दूसरे सप्‍ताह के दौरान वायु की गुणवत्‍ता में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके उलट, बोर्ड की रिपोर्ट ने कहा कि ऑड-इवन लागू करने के समयकाल में दिल्‍ली की परिवेशी वायु गुणवत्ता और घट गई। मतलब दिल्‍ली में आम दिनों के मुकाबले ऑड-इवन योजना लागू होने के दौरान प्रदूषण और बढ़ गया।

 
बेंच ने आदेश में कहा, ”CPCB के वकील ने निर्देश पर कहा है कि ऑड-इवन योजना लागू होने के दौरान दिल्‍ली की परिवेशी वायु गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हुआ है… राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र के मुख्‍य सचिव दिल्‍ली में परिवेशी वायु गुणवत्ता के संबंध में एक बैठक करेंगे।” मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 सितंबर की तारीख मुकर्रर की गई है।

इससे पहले 20 जुलाई को, न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्‍ली में प्रदूषण कम करने के लिए डीजल वाहनों पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था। पीठ ने कहा था- ‘15 साल से ज्यादा पुराने सभी डीजल वाहन, जो बीएस-1, बीएस-2 हैं उनको हटाया जाएगा और कोई अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी नहीं होगा।’ पीठ ने अपने उस पहले के आदेश को स्पष्ट किया जिसमें उसने दिल्ली सरकार को आदेश दिया था कि वह शहर में चलने वाले 10 साल से ज्यादा पुराने सभी डीजल वाहनों का पंजीकरण रद्द करे।

झारखंड क्रिकेट बोर्ड का मेंबर बनने के लिए 941 लोगों ने दी लिखित परीक्षा, पूछे गए भगवान राम की बहन का नाम जैसे सवाल, 300 लोगों को आए ज़ीरो मार्क्स

भगवान राम की इकलौती बहन का क्या नाम था? ग्रीक एथेना और रोमन मिनर्वा के समान कौन सी भारतीय देवी है? “अगर कोई चीज निश्चित है तो ये कि मैं खुद एक मार्क्‍सवादी नहीं हूँ” ये वाक्य किसने कहा था ? अगर आप इन सवालों के जवाब नहीं जानते हैं तो शायद आप झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) के मेंबर बनने के लायक नहीं है। हाल ही में JSCA के मेंबरशिप के लिए लिखित परीक्षा कराई गई थी, जिसमें क्रिकेट से नॉन क्रिकेटर्स हिस्सा ले सकते थे। परीक्षा रविवार को कराई गई, जिसमें 941 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था। इस परीक्षा की खास बात रही कि क्रिकेट मेंबरशिप के इस एग्जाम में “भगवान राम की बहन का नाम” समेत कुल 40 सवाल किए गए। 45 मिनट की समयावधि वाली परीक्षा में अधिकतर लोग इन सवालों का जवाब नहीं दे पाए।

300 लोगों को आए ज़ीरो मार्क्स

इतना ही नहीं परीक्षा में 300 लोग तो खाता ही नहीं खोल पाए और उनके जीरो मार्क्स आए, वहीं करीब 200 लोग दो तिहाई सवालों का ही सही जवाब दे पाए। सबसे ज्यादा सही जवाब देने वाले परीक्षार्थी के 17 नंबर आए। हालांकि गलत जवाब देने पर कोई निगेटिव मार्किंग नहीं रखी गई थी, इसके अलावा एसोसिएशन ने पासिंग मार्क्स की सीमा भी नहीं बताई थी।

 

उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले बताया गया था कि प्रश्न पत्र में 20 सवाल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से होंगे, वहीं क्रिकेट से अलग अंतरराष्ट्रीय व घरेलू खेलों, देश, राज्य और सामान्य ज्ञान से जुड़े 5-5 सवाल किए जाएंगे। लेकिन परीक्षार्थियों को अंदाजा नहीं था कि उनसे पुराणशास्र, राजनीति, इतिहास और यहां तक कि वामपंथी दर्शनशास्र से जुड़े सवाल भी किए जाएंगे, जिससे पता लगाया जा सके कि वह क्रिकेट एसोसिएशन के मेंबर बनने लायक हैं या नहीं।

 

एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अमिताभ चौधरी ने कहा, “किसी भी स्टेट एसोसिएशन ने इस तरह की पहल (नॉन क्रिकेटर्स को चुनना) नहीं कराई गई। लोगों के उत्साह से हम काफी खुश हैं। जल्द ही एक मैनेजिंग कमेटी मीटिंग बुलाई जाएगी और तय किया जाएगा कि किसे JSCA का मेंबर चुना जाए।” दरअसल यह लिखित परीक्षा नॉन क्रिकेटर्स को JSCA से जोड़ने के उद्देश्य से कराई गई एक पहल थी, जिसका फैसला लोढ़ा कमेटी की हाल में आए निर्देशों के मद्देनजर लिया गया था। बता दें कि लोढ़ा कमेटी ने निर्देश दिए हैं कि BCCI और इसकी राज्य यूनिट्स को चलाने के लिए ज्यादा पारदर्शिता लाई जाए।

रंगदारी मामला: आप विधायक गुलाब सिंह ने किया आत्मसमर्पण

आम आदमी पार्टी के विधायक और गुजरात के पार्टी मामलों के प्रभारी गुलाब सिंह ने रविवार को सूरत पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया।

नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी के विधायक और गुजरात के पार्टी मामलों के प्रभारी गुलाब सिंह ने रविवार को सूरत पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया।आम आदमी पार्टी के विधायक और गुजरात के पार्टी मामलों के प्रभारी गुलाब सिंह ने रविवार को सूरत पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया। जबरन वसूली के एक मामले के सिलसिले में उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की यहां की रैली से कुछ घंटे पहले सिंह की गिरफ्तारी हुई। सूरत के पुलिस आयुक्त सतीश शर्मा ने कहा, ‘दिल्ली पुलिस गुलाब सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट के साथ आई थी। उन्हें पहले ही मालूम हो गया और वह उर्मा थाने आए, जहां हमने उन्हें दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया।’ दिल्ली पुलिस सिंह की ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के लिए उन्हें अदालत ले जाएगी। आत्मसमर्पण करने उर्मा थाने जाने से पहले सिंह ने सर्किट हाउस में संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे पता चला है कि दिल्ली पुलिस मुझे गिरफ्तार करने के लिए सूरत आई है। मैं गिरफ्तारी देने के लिए उर्मा थाने जा रहा हूं और दिल्ली पुलिस से मुझे गिरफ्तार करने के लिए कहता हूं।’
सिंह ने आरोप लगाया, ‘मैं छह सितंबर से गुजरात में हूं और जब 13 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की गई थी, तब भी मैं यहां था। पुलिस ने मेरे कार्यालय पर छापा मारा और उसे कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला। केंद्र आप विधायकों की गिरफ्तारी का निर्देश दे रहा है लेकिन हम झुकने नहीं जा रहे और हम नतीजों के लिए तैयार हैं।’ पिछले महीने दो प्रापटी डीलरों दीपक शर्मा और रिंकु दीवान ने आरोप लगाया था कि सिंह के कार्यालय में काम करने वाले सतीश और देविंदर और एक सहयोगी जगदीशन उनके भवन को गिरवा देने की धमकी देकर उनसे जबरन वसूली कर रहे हैं। इस भवन से दीपक शर्मा और रिंकु दिवान अपना काम करते हैं। बिंदापुर थाने में 13 सितंबर को धारा 384 (जबरन वसूली के लिए दंड) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
इसी बीच, चार दिनों की गुजरात यात्रा पर चल रहे केजरीवाल ने सूरत रवाना होने से पहले वडोदरा में संवाददाताआें से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह रैली को प्रभावित करने का प्रयत्न कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं अमित शाहजी से अपील करता हूं कि यह मेरी रैली नहीं बल्कि जनता की रैली है…. आप देखिए भाजपा के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने 13 विधायकों को गिरफ्तार कर लिया।’ आप विधायक की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए दक्षिण पश्चिम दिल्ली के संयुक्त पुलिस आयुक्त दीपेंद्र पाठक ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि उन्हें जबरन वसूली की एफआइआर में नाम होने के कारण गिरफ्तार किया गया। सिंह के खिलाफ दर्ज शिकायत के बाद विधायक होने के नाते उन्हें पांच बार पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा गया था। उसके जबाब नहीं मिलने पर जब गैर जमानती वारंट जारी हुआ तो दोबारा उन्हें नोटिस भेजा गया पर वे जबाब नहीं देकर गुजरात चले गए। पुलिस ने वारंट दिखाकर सूरत से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सूरत की कोर्ट में पेश कर अब उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाने की औपचारिकताएं की जा रही है। इस मामले में विधायक के चालक सहित तीन लोग पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
सूरत में आप की रैली में शामिल हो रहे दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्र ने कहा कि सिंह की गिरफ्तारी गुजरात की राजनीति में एक अहम मोड़ है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘सूरत की ऐतिहासिक रैली से महज कुछ घंटे पहले गुलाब सिंह को गिरफ्तार किया गया। यह गुलाब सिंह को रैली में पहुंचने से रोकने के लिए किया गया। गुजरात की राजनीति आज से हमेशा के लिए बदल जाएगी।’उधर, पुलिस ने दावा किया सिंह के कथित सहयोगी सतीश, देविंदर और जगदीश गिरफ्तार किए गए और जांच की गई। जांच से पता चला है कि विधायक की जानकारी में संगठित जबरन वसूली रैकेट चल रहा था। जांच के बाद सिंह का नाम प्राथमिकी में आया और जांच में शामिल होने के लिए उन्हें नोटिस जारी किए गए।