राजधानी

प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर 1 अप्रेल को कांग्रेस का पैदल-मार्च-आंदोलन सरकार से प्रदेश में शराब दुकान खोलने के निर्णय वापस लेने की मांग

रायपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल के र्निदेश पर 1 अप्रेल 2017 को प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा राज्य में सार्वजनिक उपक्रम के माध्यम से शराब दुकाने संचालित करने के निर्णय का विरोध एवं पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर प्रदेश के नगर, शहर मुख्यालय में कांग्रेस द्वारा सरकार के जनविरोधी रवैये के खिलाफ विरोध स्वरूप पैदल मार्च निकाला जायेगा । सरकार के इस निर्णय का प्रदेश के हर स्तर पर व प्रत्येक वर्गो में विरोध हो रहा है जिसका कांग्रेस पार्टी प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से पूर्ण शराबबंदी आंदोलन (आदिवासी संस्कृति के संरक्षण व पूजा-पाठ में तर्पण हेतु शराब नीति में मिली सुविधा व छूट को छोड़कर) को समर्थन प्रदान कर रही है और संगठन स्तर पर भी पूर्ण शराबबंदी को लेकर अनेको आंदोलन चला रही है।
पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर प्रस्तावित शराब दुकान वाले नगर एवं शहर में पैदल-मार्च-आंदोलन में  क्षेत्र के महिला स्व-सहायता समूहों, महिला सामाजिक संगठनों तथा महिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी के साथ स्थानीय एआईसीसी सदस्यो, प्रदेश पदाधिकारी, प्रदेश प्रतिनिधियों, जिला स्तरीय अभियान एवं क्रियान्वयन समिति के सदस्यों, सांसद, पूर्व सांसद प्रत्याशी, विधायक, पूर्व प्रत्याशी विधायक, मोर्चा संगठन, प्रकोष्ठ-विभाग के जिला अध्यक्षो, नगरीय-निकाय महापौर, जिला पंचायत के निर्वाचित अध्यक्षो की भी सहभागिता रहेगी। 

महापाषाणीय स्मारको को संजोकर रखनें में सरकार नाकाम-कांग्रेस पुरातात्विक स्थल पर है मदिरालय, सुध लेने वाला कोई नहीं

रायपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने बयान जारी करते हुये कहा है कि संस्कृति और पुरातत्व विभाग का कार्य अब महज महोत्सव मनाने और पुरातात्विक स्थल में बोर्ड लगाने तक ही सीमित रह गया है। छत्तीसगढ़ की धरोहरो की सुरक्षा, देखरेख और रखरखाव के लिये कौन जवाबदार है इससे किसी को कोई मतलब नहीं रह गया है। प्रदेश में ऐसे बहुत से शिलालेख, स्मारक मूर्तियां एवं प्राचीन मंदिर है, जिसमें लोग कब्जा किये हुये है, उसकी चिंता विभाग को नही है। बजट में उसके रखरखाव के मद को अधिकारी चट करने में लगे हुये है। बालोद जिले के ग्राम करहीभदर के महापाषाणीय पुरातात्विक सुरक्षित स्थल में तो शराब की दुकान विगत 10 वर्षो से चल रही है और आहाते में देर रात तक मयखाना गुलजार रहता है। यह संयोग ही है, कि जहां शराब की दुकान हैं और सुरक्षित महापाषाणीय धरोहर है, वहीं पर प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र और स्कूल भी संचालित हो रही हैै। जबकि पुरातत्व विभाग ने सिर्फ बोर्ड लगाकर ही अपने कार्य की इतिश्री कर ली है और बिना स्वीकृति के धड़ल्ले से सड़क, भवन, मकान, दुकान का निर्माण कर लिया गया है। वैसे भी मयखाना, स्कूल और अस्पताल का आपस में एक साथ 200 मीटर की परिधि में होना अपने आप में कई सवाल खड़ा करता है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा के 13 वर्षो के कार्यकाल में इसी तरह का विकास कार्य किया गया है। प्रागैतिहासिक पुरातन धरोहरो की सुरक्षा की बजाय संरक्षित जमीनो का बेजा इस्तेमाल किया जा रहा है। अब यह तय कौन करेगा कि इसके लिये जिला प्रशासन जिम्मेदार है या संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग। पर इतना तो अवश्य है कि पुरावशेषो को संजोकर रखने में सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, और ना ही इस ओर किसी की रूचि है।  

रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आयुष विभाग की समीक्षा बैठक : डॉ. सिंह ने प्रदेश में बेहतर गुणवत्ता वाले एक आयुर्वेदिक केन्द्र तैयार करने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा के मुख्य समिति कक्ष में आयुष विभाग की समीक्षा की। विभाग के अधिकारी ने आयुष विभाग द्वारा आयुर्वेदिक चिकित्सा, होम्योपैथी, यूनानी और योगा एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यो के संबंध में पॉवर पाईंट प्रस्तुतीकरण के जरिए मुख्यमंत्री को विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आयुष के अंतर्गत प्रदेश में ऐसा चिकित्सा केन्द्र बनाया जाए, जो देश और दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बना सके। डॉ. सिंह ने छत्तीसगढ़ में आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में और अधिक बढ़ोत्तरी के बेहतर उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग (फारेस्ट डिपार्टमेंट) और कृषि विभाग (एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट) से समन्वय कर वनौषधि के रिसर्च करने और उनमें चिकित्सा के बेहतर औषधि गुण वाले जड़ी-बुटियों को खोजने का सुझाव दिया। इस मौके पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री अजय चन्द्राकर, स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री सुब्रत साहू, सचिव जनसम्पर्क श्री संतोष मिश्रा, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्री आर. प्रसन्ना, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. ए.के. चन्द्राकर और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध संचालक डॉ. सारांश मित्तर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश में आयुर्वेदिक चिकित्सा के लिए अधोसंचना का विकास तो किया जा रहा है। इन संस्थाओं में चिकित्सकों और कर्मचारियों की भी पर्याप्त संख्या में व्यवस्था और प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने आयुर्वेदिक अस्पतालों में पंचकर्म और बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने देश-विदेश के आयुर्वेदाचार्यो को आमंत्रित कर प्रदेश के इन चिकित्सा पद्धतियों के छात्र-छात्राओं और चिकित्सकों को कार्ययोजना तैयार कर प्रशिक्षण प्रदान करने के भी निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धतियों को प्रदेश में बेहतर स्थिति में लाने के लिए लोगों में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता के साथ-साथ 36-वैद्यराज्यम् और विश्वगुरू परियोजना तथा क्वालिटी सर्टिफिकेशन आथारिटी के लिए पांच वर्षो की कार्ययोजना तैयार कर ली गई। इससे आयुर्वेदिक और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया आयाम देखने को मिलेगा।

प्रदूषण सर्टिफिकेट के नाम पर जनता को परेशान किया जाना बंद हो सरकार की दृष्टि में प्रदूषण दोष हो चुका है - कांग्रेस

रायपुर प्रदूषण जांच के नाम पर दुपहिया वाहनों और निजी चार पहिया वाहनधारियों को परेशान किये जाने पर कांग्रेस ने कड़ी विरोध किया है। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया सचिव सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार और पुलिस का यह निर्णय आम आदमी को परेशान करने वाला है। प्रदूषण केन्द्रों की कमी और अव्यवस्था के कारण लोग गर्मी में भूखे प्यासे लंबी-लंबी कतारों में खड़े होने को बाध्य है। वाहनों के प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र बनवाने की अवधि 1 माह बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। इसमें संशोधन किया जाये, 5 वर्ष तक की दुपहिया और चार पहिया वाहनों को प्रदूषण जांच के दायरे से बाहर रखा जाये। प्रदूषण जांच के नाम पर सरकार प्रायोजित उगाही तत्काल बंद की जानी चाहिये। शोरूम से निकलने वाली महिने दो महिने पुरानी दुपहिया-चार पहिया वाहनो को प्रदूषण सर्टिफिकेट लेने के लिये बाध्य किया जाना गलत है। 
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सरकार की दृष्टि में प्रदूषण दोष हो चुकी है। प्रदूषण के जन्मदाताओं को प्रश्रय दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के 7 प्रदूषित शहरों में सभी जिला मुख्यालय है रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर, चांपा जैसे शहरों के कलेक्टर और प्रशानिक अधिकारियों की दृष्टि प्रदूषण फैलाने वाले बड़े कारको पर क्यों नहीं पड़ती? जनता कुछ बड़े जिलों में वाहनों के प्रदूषण की जांच को लेकर सरकार के द्वारा दिये गये तुगलकी फरमान से परेशान है। क्या प्रदूषण सिर्फ वाहनों से है, मूल प्रदूषण कारको से तंत्र क्यों आंखे मूंद रहा है? रायपुर में तो वायु, ध्वनि और जल प्रदूषण से जनता बेहाल है। जिससे राजभवन, मुख्यमंत्री तमाम आला अधिकारी सभी भली-भांति परिचित है। उसके बावजूद भी उनकी दृष्टि में राजधानी निर्माण के बाद धूल, धुंआ, जल प्रदूषण क्यों नहीं दिख रहा है? वाहनों से मात्र 2 से 3 प्रतिशत ही प्रदूषण की बातें सामने आती है इसी पर सारा ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है। बड़े-बड़े उद्योगों से निकलने वाले काला धुंआ, सडांध वायु, फ्लायऐश के प्रदूषण पर सरकार और सरकारी नुमाइंदे क्यों मौन है? आम जनता को अपने वाहनों के लिये प्रदूषण सर्टिफिकेट लेने को बाध्य करने वाली भाजपा सरकार राज्य में आरटीओ अधिकारियों की नियुक्ति में खुद असंवैधानिक कार्य कर रही है। आरटीओ दफ्तरों में गैर टेक्निकल अधिकारियों के हवाले कर दिया गया है। जबकि लोकसेवा आयोग के माध्यम से आरटीओ की भर्ती में आवश्यक योग्यता मेकैनिकल इंजीनियर या उसके समकक्ष है। राजधानी रायपुर के आरटीओ में तो लंबे समय से प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिनियुक्तियों पर पदस्थ किया जाता है। ऐसे में इन अधिकारियों से कैसे वाहनो के वैध फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने की अपेक्षा की जाये। 

मुख्यमंत्री ने अजमेर शरीफ दरगाह के लिए भेजी चादर

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने  अपने निवास पर आयोजित एक संक्षिप्त और सादगीपूर्ण कार्यक्रम में अजमेर शरीफ दरगाह के लिए पवित्र चादर पेश करते हुए छत्तीसगढ़ जनता की तरक्की और खुशहाली के लिए दुआएं मांगी। इस अवसर पर राजनांदगांव और रायपुर के मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ की सामाजिक समरसता देश और दुनिया के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। हम सब ख्वाजा साहब से दुआ मांगते हैं कि छत्तीसगढ़ में अमन-चैन, सामाजिक सौहार्द्र और मेल-मिलाप की सदियों पुरानी परम्परा हमेशा कायम रहे। छत्तीसगढ़ से जा रहे प्रतिनिधि मंडल द्वारा अजमेर में ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती दरगाह पर चादर चढ़ाकर प्रदेश की खुशहाली और अमन चैन के लिए दुआएं मांगी जाएंगी।

बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आ सकते है छत्तीसगढ़ शिक्षा मंत्री बिहार सरकार अशोक चैधरी नशा मुक्ति के पक्ष में आयोजित कार्यक्रम में होंगे सामिल

रायपुर बिहार कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष एवं नीतीश मंत्रीमंडल में शिक्षा एवं प्रावैधिकी मंत्री श्री अशोक चैधरी 26 मार्च को एक दिवसीय प्रवास में छत्तीसगढ़ पहुंच रहे है। पटना से प्राप्त अधिकृत जानकारी के तहत श्री अशोक चैधरी 26-3-2017 से पूर्वा. 11.10 पटना से वायुयान द्वारा दोपहर 1.10 बजे रायपुर पहुंचेंगे । राजकीय अतिथिशाला रायपुर में कुछ देर रूककर अप. 2.00 बजे सड़क मार्ग से चलकर धरसीवा ब्लाॅक के ग्राम परसतराई में नशा मुक्ति के पक्ष में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। तत्पश्चात 4.30 बजे रायपुर से वायुयान द्वारा पटना बिहार के लिये प्रस्थान करेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के उक्त कार्यक्रम में शामिल होने की पूरी संभावना है।

राज्यसभा सदस्य छाया वर्मा ने राज्य की रमन सरकार पर लगाया आरोप छत्तीसगढ़ के आदिवासियों को अन्याय का सामना करना पड़ रहा है

रायपुर  छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा ने कहा कि एक घटना थी जहां एक मामले में एक अदालत में गवाह के रूप में पेश होने से पहले भूमि माफिया ने आदिवासी वर्गों के एक व्यक्ति को मार डाला था। राज्यसभा में कांग्रेस के एक सदस्य ने बुधवार को कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं सहित आदिवासियों को अन्याय और जिम्मेदारियों के अधीन किया जा रहा है और आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार उन्हें बचाने में नाकाम रही है। छत्तीसगढ़ के सांसद छाया वर्मा ने कहा कि एक घटना थी जहां एक मामले में एक अदालत में गवाह के रूप में पेश होने से पहले भूमि माफिया ने आदिवासी वर्गों के एक व्यक्ति को मार डाला था।
उसने कहा कि एक और मामला था जहां एक आठवीं छात्र की हत्या कर दी गई थी। क्योंकि उसे एक मुखबिर होने का संदेह था। उन्होंने दावा किया कि 2011 में दिल्ली में भयावह “र्निभया” प्रकरण जैसी मामलों में, जहां एक महिला को सामूहिक बलात्कार किया गया था, एक चैंकाने वाला नियमितता से उत्पन्न हो रहा था।
राज्यसभा सदस्य छाया वर्मा ने राज्य की रमन सरकार पर आरोप लगाया है, कि वे आदिवासी आबादी की रक्षा करने में सक्षम नहीं है उनके एक अन्य कांग्रेस सदस्य विवेक तनखा ने मध्य प्रदेश में शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर का मुद्दा उठाया। आंकड़ों का हवाला देते हुए तनखा ने कहा कि राज्य की स्थिति अफ्रीका के कुछ देशों के बराबर है।

आंदोलन से घबराई रमन सरकार की दमनकारी नीति, झंडे, बैनर, पोस्टर हटाये गये

रायपुर युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उमेश पटेल ने कांग्रेस भवन में पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि युवा कांग्रेस का विधानसभा घेराव कार्यक्रम पंडरी मंडीगेट पर दिनंाक 23 मार्च 2017 गुरूवार को 11.00 बजे शुरू होगा, कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, कांग्रेस विधायक दल के नेता टी.एस. सिंहदेव, पूर्व केन्द्रीय मंत्री डाॅ. चरणदास महंत, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रविन्द्र चैबे, दुर्ग सांसद ताम्रध्वज साहू, पूर्व मंत्री एवं विधायक सत्यनारायण शर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक धनेन्द्र साहू, राज्यसभा सांसद छाया वर्मा एवं युवा कांग्रेस के पदाधिकारी एवं वरिष्ठ नेतागण शामिल होगे। 
उन्होने कहा कि दो महिने से लगातार स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर युवा कांग्रेस का प्रदर्शन चल रहा है। जिसमें शव यात्रा, पुतला दहन, जिलो में धरना, प्रदेश में धरना करते हुये इसका फाईनल स्टेज में पहुंचे है, विधानसभा घेराव स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर किया जायेगा। 
सबसे पहला स्वास्थ्य व्यवस्था जो लचर है पूरे छत्तीसगढ़ में कवर्धा में 500 नवजात बच्चों की मृत्यु हो जाती है। व्यवस्था सही नहीं होने के कारण हमारे कांकेर के भाई जाॅन जिसको टी.बी. की जांच कराने और इलाज कराने के लिये कंधे पर लेकर जाना पड़ता है, जब उसकी मृत्यु हो जाती है तो उनको उसी कंधे पर उठाकर लाते है। प्रमुख मांग यही है कि स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी लचर है इनका दुरूस्थ किया जाये। दूसरी महत्वूपर्ण मांगे है शराब बंदी। सरकार जो शराब बेचने का काम करने वाली है उसके विरोध में आंदोलन है। हमारे आर्टिकल 47 के तहत जिस तरह से हमारे संविधान में कहा गया है कि सरकार को किसी भी मादक वस्तु को उसको सेल करने के लिये किसी भी तरह से किसी भी व्यक्ति को प्रोत्साहन नहीं करना है युवा कांग्रेस के सारे पदाधिकारी, युवा कांग्रेस के साथीगण, 90 विधानसभा के अध्यक्षगण शामिल होगे। 

राज्य सरकार और नाबार्ड के बीच समझौता केलो, खारंग और मनियारी परियोजनाओं को पूर्ण करने नहर लाइनिंग सहित होंगे कई जरूरी निर्माण कार्य

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में कल 21 मार्च को यहां विधानसभा परिसर स्थित उनके कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक में राज्य सरकार और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के बीच समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के अनुसार नाबार्ड द्वारा छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत तीन अपूर्ण वृहद सिंचाई योजनाओं को पूर्ण करने के लिए लगभग 715 करोड़ रूपए का ऋण दिया जाएगा। इन योजनाओं में केलो वृहद सिंचाई परियोजना, खारंग नहर लाइनिंग परियोजना और मनियारी नहर लाइनिंग परियोजना शामिल हैं। इन्हें वर्ष 2019 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। इन तीनों परियोजनाओं के पूर्ण होने पर 47 हजार 685 हेक्टेयर के रकबे में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। एम.ओ.यू. के अवसर पर कृषि और जल संसाधन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमिताभ जैन, जलसंसाधन विभाग के सचिव श्री जी.एस. मिश्रा और विशेष सचिव श्री कमलप्रीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। समझौता ज्ञापन पर राज्य सरकार की ओर से वित्त विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमिताभ जैन ने हस्ताक्षर किए। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने इस अवसर पर बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में केन्द्र सरकार द्वारा 99 महत्वपूर्ण योजनाओं को शामिल किया गया है, जिनमें छत्तीसगढ़ की तीन बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। केलो वृहद सिंचाई परियोजना का वर्तमान में 99 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है। अब इसके शेष निर्माण कार्य और लगभग 22 हजार 810 हेक्टेयर के सैंच्य क्षेत्र में काडा नालियों के मिट्टी के कार्य, लाइनिंग कार्य तथा पक्की संरचनाओं के निर्माण किया जाएगा। खारंग नहर लाइनिंग परियोजना का भी 99 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है। अब इसमें भी सैंच्य क्षेत्र में काडा नालियों के मिट्टी के कार्य, लाइनिंग कार्य तथा पक्की संरचनाओं के निर्माण किया जाएगा। लगभग दस हजार 300 हेक्टेयर के सैच्य क्षेत्र में यह कार्य होगा। मनियारी सिंचाई परियोजना को पूर्ण करने के लिए भी इसके 14 हजार 515 हेक्टेयर के सैंच्य क्षेत्र में काडा नालियों के मिट्टी के कार्य लिए जाएंगे।

हर संदिग्ध चेहरा कैमरे में होगा कैद कोई भी अपराध होने पर पुलिस को फौरन अपराधी तक पहुंचने में मिलेगा क्लू । मिशन सिक्योर सिटी के प्लान में राजधानी एक बड़ा बदलाव पुलिस करने जा रही है पढे पूरी खबर

रायपुर शहर की आउटर कॉलोनियों में पिछले तीन साल में अपराध सबसे ज्यादा हुए है, उन जगहों को पुलिस ने चयनित किया है....उन इलाकों में पुलिस विभाग के अलावा जन सहयोग से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे.... अपराध वाले क्षेत्र के चौराहे और गलियों में भी कैमरे लगाए जाएंगे...उन गलियों से गुजरने वाले लोगों की सारी हरकते कैमरे में कैद होगी...मिशन सिक्योर सिटी प्लान के तहत अब तक114 चौराहों पर 500 कैमरे लगे हुए है....लिहाजा इसी प्लान में बदलाव करने के बाद सर्वाधिक क्राइम वाले इलाके में 100 की संख्या में कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया है। वही इन इलाकों में कैमरा लगाना सबसे ज्यादा जरूरी सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ताज नगर,कटोरा तालाब, खमारडीह, पंडरी थाना क्षेत्र के अनुपम नगर,राजीव नगर, देवेन्द्र नगर थाना के बस स्टैंड ,रेलवे क्रॉसिंग, मंडी गेट,तेलीबांधा थाना के मरीन ड्राइव, गौरव गार्डन, केनाल रोड,टिकरापारा थाना क्षेत्र के सिद्धार्थ चौक ,संतोषी नगर, तरुण नगर,DD नगर के रायपुरा, सुंदर नगर, गोल चौक,आमानाका थाना के व्यास तालाब, उरकुरा, खमतराई बाजार, उरला में सुभाष नगर सिंघानिया चौक, विधानसभा में ज्ञान गंगा सद्दू बस स्टैंड और पिरदा  चौक पर लगाने की सबसे ज्यादा जरूरत महसूस की जा रही है |

 

 वर्जन  विजय अग्रवाल, सिटी एएसपी, रायपुर 


शहर में सीसीटीवी लगाए जाने से 22 थाना क्षेत्रों की 35कालोनियो पर पुलिस की नजर रहेगी...इससे शहर में बढ़ रहे आपराधिक वारदातों के ग्राफ में भी गिरावट लाने में मदद मिलेगी...वर्ष 2016 में शहर के शहर क्षेत्र के थानों में आने वाले इलाकों में चेन स्केचिंग, लूट चोरी और डकैती की घटनाओं में इजाफा हुआ है....जबकि शहर में हुई कई वारदातों का खुलासा करने में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से पुलिस को काफी सफलताएं मिली है....जिसके चलते पुलिस ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं...
.क्राइम ग्राफ वाले इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगने से फायदा यह होगा कि कोई भी घटना या 
दुर्घटना हो गई कैमरे से पुलिस मदद ले सकेगी और उनअपराधियों का चेहरा स्पष्ट होने से तुरंत पकढ़ा जा सके गा घटनाक्रम की पूरी वीडियो से जांच करने में पुलिस को परेशानी भी नहीं होगी...वही शहर में बड़ी अपराधिक घटनाएं वर्ष 2016 में 57 हत्या के मामले दर्ज है....वही डकैती के 2, लूट के 72 घटनाए हुए है...इसके अलावा चोरी की घटनाओं में 12.68 प्रतिशत घटनाओ में इजाफा हुआ है...साथ ही महिलाओं से छेड़खानी के 181 मामले सामने आए हैं..व्ही बात की जाय पिछले 3 सालों के तुलनात्मक में सबसे ज्यादा वर्ष 2016 में घटना हुई है...

रायपुर : मुख्यमंत्री से केन्द्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्री रामकृपाल यादव ने की मुलाकात :

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आज यहां विधानसभा परिसर स्थित उनके कार्यालय कक्ष में केन्द्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्री रामकृपाल यादव ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उनका आत्मीय स्वागत किया। केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री यादव नया रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री से मिलने विधानसभा आए थे। मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान केन्द्रीय राज्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के क्रियान्वयन की कार्ययोजना की सराहना की। उन्होंने एक राष्ट्रीय समाचार चैनल पर छत्तीसगढ़ में उज्ज्वला योजना के अच्छे क्रियान्वयन पर केन्द्रित समाचार के प्रसारण का उल्लेख भी किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि प्रदेश में गरीब परिवारों की 35 लाख महिलाओं को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत रसोई गैस कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की स्वीकृति के साथ शौचालय निर्माण के लिए अनुदान और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में रसोई गैस कनेक्शन भी दिए जा रहे हैं। आने वाले समय में इन आवासों में बिजली और पानी की व्यवस्था भी की जाएगी।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चन्द्राकर और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एम.के. राउत भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय राज्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में लगभग 6 हजार करोड़ रूपए की लागत के सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है। प्रदेश में शत्-प्रतिशत आंगनबाड़ियों और स्कूलों में विद्युतीकरण कर दिया गया है।

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से पूछा छत्तीसगढ़ गरीबों की आय कितनी

रायपुर | संवाददाता: नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से पूछा है गरीबों की प्रति व्यक्ति आय कितनी है? छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने मुख्यमंत्री रमन सिंह से तीन सवाल पूछा है. राज्य में उच्चतम आय वाले 10 फीसदी लोगों की प्रति व्यक्ति आय कितनी है? राज्य में न्यूनतम आय वाले 25 फीसदी लोगों की प्रति व्यक्ति आय कितनी है? तथा इऩके मध्य के लोगों की प्रति व्यक्ति आय कितनी है?

उन्होंने हाल ही में जारी किये गये आर्थिक सर्वेक्षण का हवाला देते हुये मुख्यमंत्री रमन सिंह को पत्र लिखा है कि राज्य में जनवरी 2017 में सभी प्रकार के राशन कार्डो की संख्या 58 लाख 50 हजार 191 है. सरकार इन राशन कार्डधारियों को गरीब मानती है. जब राज्य में गरीब परिवारों की संख्या बढ़ रही है तो प्रतिव्यक्ति आय कैसे बढ़ सकती है. उन्होंने अपने बजट भाषण से पहले इन सवालों का जवाब देने की चुनौती दी है.

छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सिंहदेव ने हालिया आर्थिक सर्वेक्षण का हवाला देते हुये पत्र में लिखा है कि शासन द्वारा जारी आर्थिक सर्वेक्षण के अऩुसार प्रति व्यक्ति आय 2011-12 में 55,177 रुपये, 2013-14 में 69,839 रुपये, 2014-15 में 78,001 रुपये थी जो 2016-17 में बढ़कर 91,772 रुपये की हो गई है. प्रस्तुत आंकड़े यदि सही है तो राज्य में गरीबों को दिये जाने वाले राशन कार्डो की संख्या क्यों बढ़ रही है?

व्हाट्सएप पोस्ट के बाद आईजी कल्लूरी को राज्य सरकार ने भेजे तीन नोटिस

रायपुर सुकमा और जगदलपुर के एसपी के तबादले को लेकर सोशल मीडिया पर कमेंट करना आईजी एसआरपी कल्लूरी को भारी पड़ सकता है. उनके कमेंट्स के सुर्खियों में आने के बाद राज्य सरकार ने उन्हें तीन नोटिस भेजकर तीन दिन के अंदर जवाब तलब किया है.
सरकार की ओर से कल्लूरी को सोशल मीडिया पर कमेंट करने, निजी कार्यक्रमों में शामिल होने और बिना इजाजत के रायपुर नहीं छोड़ने जैसे मुद्दे पर नोटिस भेजा है. कल्लूरी ने अपने तबादले को लेकर भी सोशल मीडिया पर कमेंट किए थे.
कल्लूरी ने व्हाट्सएप पर लिखा था कि नक्‍सलवाद के खिलाफ तीन साल से 'थ्री इडियट्स' डटे थे. शुक्रवार को छत्तीसगढ सरकार के जारी आदेश से 'थ्री इडियट्स' क्लीन बोल्ड हो गए हैं. पुलिस महानिरीक्षक कल्लूरी ने शनिवार की सुबह एक वाट्सएप ग्रुप पर यह पोस्ट डाला था. उनका पोस्ट अफसरों के बीच चर्चा का विषय बन गया था. छत्तीसगढ़ में किसी की ट्रांसफर-पोस्टिंग पर इस तरह के कमेंट कभी किसी अधिकारी ने नहीं किए थे.
उन्‍होंने कमेंट लिखा, थ्री इडियट क्लीन बोल्ड ! और पोस्ट के नीचे एक तस्वीर शेयर की है...जिसमें कल्लूरी, एसपी आरएन दास और एसपी आईके एलेसिला हैं. वाट्सएप ग्रुपों में कल्लूरी की ये आखिरी पोस्ट है. ऐसा इस वजह से कि उसके बाद वह बस्तर के उन तमाम ग्रुपों से अलग हो गए जिनसे वे वर्षों से जुड़े थे.
कल्‍लूरी का यह पोस्ट सुकमा के एसपी इंदिरा कल्‍याण एलेसेला सहित छह पुलिस अधिकारियों का तबादला आदेश जारी होने के बाद आया. छत्तीसगढ़ सरकार ने सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोपों के बाद उनका तबादला कर दिया था.

कौन से जिले में कितने नए ब्लॉक राज्य शासन की अनुशंसा को राष्ट्रपति डॉ. प्रणब मुखर्जी ने सहमति राज्य में 70 नए ब्लॉक (विकासखंड) बनने के हैं संकेत

 रायपुर.राज्य में 70 नए ब्लॉक (विकासखंड) बनेंगे। संकेत हैं कि राज्य शासन की अनुशंसा को राष्ट्रपति डॉ. प्रणब मुखर्जी ने सहमति दे दी है। अब राज्य सरकार के लिए इनकी घोषणा की औपचारिकता ही बाकी है। शासन की सोच है कि नए ब्लाक से लोगों की विकासखंड मुख्यालयों से दूरी कम होगी

कौन से जिले में कितने  नए ब्लॉक

रायपुर – चंदखुरी, खरोरा व नयापारा 

बलौदाबाजार भाटापारा - सुहेला, लवन, सोनाखान व सरसीवां 
गरियाबंद – अमलीपदर 
महासमुंद – पटेवा, सांकरा, कोमाखान, भंवरपुर व छुहीपाली 
धमतरी - भखारा, कुकरेल, बेरलगांव 
दुर्ग – अहिवारा, जामगांव (आर) 
बालोद – अर्जुंदा, देवरी 
बेमेतरा - नांदघाट, संबलपुर व थानखम्हरिया 
राजनांदगांव – गंडई, मुढ़ीपार, घुमका, कुमर्दा व लालबाहदुर नगर। 
कबीरधाम – रेंगाखार कला, रामपुर (ठाठापुर) व कुंडा 
बस्तर – भानपुरी व करपावंड 
कोंडागांव – धनोरा व मर्दापाल 
नारायणपुर – छोटे डोंगर व कोहकामेटा 
कांकेर – पखांजूर व आमाबेड़ा 
दंतेवाड़ा - बड़े बचेली व बारासूर 
सुकमा - दोरनापाल, जगरगुंडा व तोंगपाल, गंगालूर व कुटरू। 
बिलासपुर – रतनपुर, सीपत, सकरी व बेलगहना 
मुंगेली - जरहागांव व डिंडौरी 
जांजगीर-चांपा - हसौद व जांजगीर 
कोरबा - बरपाली, पसान व हरदीबाजार 
रायगढ़ – कोतरा, उलखर-कोसीर, सरिया व कापू 
बलरामपुर – रामानुजगंज-चांदो, रघुनाथनगर 
सूरजपुर – लटोरी व सलका 
कोरिया - कोटाडोल 
सरगुजा - दरिमा व धौरपुर 
जशपुर – सन्ना, कोतबा व बागबहार

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डी मूर्ति की मौत, हालत बिगड़ने के बावजूद 6 घंटों तक नहीं मिली थी एंबुलेंस

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के सीनियर प्रोफेसर डी मूर्ति की वक्त पर एंबुलेंस का मिलने से मौत हो गई। एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, 64 साल के डी मूर्ति डिपार्टमेंट ऑफ मॉडर्न इंडियन लेंग्वेज के हेड थे।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के सीनियर प्रोफेसर डी मूर्ति की वक्त पर एंबुलेंस का मिलने से मौत हो गई। एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, 64 साल के डी मूर्ति डिपार्टमेंट ऑफ मॉडर्न इंडियन लेंग्वेज के हेड थे। वह कैंसर के मरीज थे। रविवार को उनकी एक सर्जिरी हुई थी। लेकिन मंगलवार (25 अक्टूबर) को उनकी हालत अचानक से ज्यादा बिगड़ गई। यूनिवर्सिटी में मौजूद डॉक्टर मे उन्हें दिल्ली शिफ्ट करने की सलाह दी। लेकिन एंबुसलेंस मुहैया नहीं करवाई गई। अधिकारियों का आरोप है कि कागजी कार्यवाही के चलते एंबुलेंस का प्रबंध नहीं किया जा सका। यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता एस पीरजादा ने कहा, ‘एक एंबुलेंस तक मुहैया नहीं करवाई जा सकी। हॉस्पिटल में आपसी समन्वय बिल्कुल नहीं है। उस वक्त पर फॉर्म भरवाने की जरूरत ही क्या थी?’
गौरतलब है कि इससे पहले यूनिवर्सिटी के एक स्टूडेंट की डेंगू के इलाज के दौरान हॉस्पिटल में ही मौत हो गई थी। उसमें पांच डॉक्टरों को दोषी पाया गया था।