राजधानी

हर जिले में खनिज न्यास गठित करने वाला छत्तीसगढ़ बना पहला राज्य: कोरबा, रायगढ़ और दंतेवाड़ा जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश

रायपुर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की बैठक आयोजित की गयी। डॉ. सिंह ने डीएमएफ की राशि से राज्य के विभिन्न जिलों में हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि छत्तीसगढ़ के सभी 27 जिलों में जिला खनिज संस्थान न्यास का गठन हो गया है और ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा देश के सभी राज्यों में खनिज उत्पादन की एक निश्चित राशि राज्य के संबंधित खनिज उत्पादक जिलों के विकास के लिए देने का प्रावधान किया गया है। इस राशि से जिलों में स्थानीय महत्व के अनेक जरूरी विकास कार्य हो सकते हैं। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में इस दिशा में बेहतरी कार्य हो रहे हैं। केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना देश में लागू की गयी है। इसके अन्तर्गत छत्तीसगढ़ जिला खनिज न्यास नियम 2015 लागू किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा- प्रत्येक जिले में खनिज संस्थान न्यास की राशि इस योजना के नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप खर्च की जाए। सभी जिलांे में खनिज संस्थान न्यास जनवरी 2015 से अस्तित्व में आ गए हैं। बैठक में मुख्य सचिव    विवेक ढांड, खनिज साधन विभाग के सचिव  सुबोध कुमार सिंह और संचालक   अलरमेल मंगई डी सहित अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। खनिज साधन विभाग के सचिव  सुबोध कुमार सिंह ने बैठक में जिला खनिज न्यास संस्थान की गतिविधियों का प्रस्तुतिकरण दिया। 

15 सूत्रीय मुद्दों को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी का 11 जुलाई को किसान सत्याग्रह

 रायपुर  राज्य में किसानो की बदहाल में सुधार की मांग को लेकर कांग्रेस ने 11 जुलाई को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में ‘‘किसान सत्याग्रह’’ करने का निर्णय लिया है। किसान सत्याग्रह में किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुये गांधीवादी तरीके से धरना, प्रदर्शन, ज्ञापन के माध्यम से किसानों को राहत दिये जाने हेतु राज्य सरकार पर दबाव बनाया जायेगा। सत्याग्रह में कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता अपने क्षेत्र जिलों में भागीदारी करेंगे। किसान सत्याग्रह के 15 सूत्रीय मुद्दे तय किये गये है-
1    प्रदेश में कर्ज से आत्महत्या किये किसानों के पीड़ित परिजनों को एक-एक करोड़ रूपयें का मुआवजा दिया जावे। 
2    प्रदेश भाजपा द्वारा अपने चुनावी संकल्प पत्र में घोषित धान खरीदी का समर्थन मूल्य 2100 रू. प्रति क्विंटल व 300 रूपयें बोनस दिये जाने की मांग।
3    भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल के धान का बकाया बोनस राशि और समर्थन मूल्य के अंतर राशि 25 हजार करोड़ के इस कार्यकाल के तीन वर्षो के धान का बोनस राशि सहित एकमुश्त भुगतान किये जाने की मांग। 
4    प्रदेश के किसानों को खरीफ फसल हेतु समयावधि में खाद-बीज व कीटनाशक दवाई उपलब्ध कराया जावे। 
5    किसान भाईयो के सभी प्रकार के ऋण माफ करने व कृषि पम्पों को निःशुल्क बिजली प्रदान किये जाने की मांग।
6    किसान भाईयों को कृषि ऋण तत्काल उपलब्ध कराया जावे।
7    किसानों की लंबित फसल बीमा की राशि भुगतान कराये जाने की मांग। 
8    कृषि व घरेलू बिजली दर में किये गये वृद्धि को कम किये जाने की मांग।
9    प्रत्येक राशन कार्डधारी परिवार को 35 किलोग्राम चावल दिये जाने तथा राशनकार्ड निरस्तीकरण बंद किया जावे।
10    मनरेगा के तहत लंबित मजदूरी भुगतान शीघ्र कराये जाने की मांग। 
11    प्रदेश के तेन्दुपत्ता संग्राहको को तेन्दुपत्ता बोनस दिये जाने की मांग। 
12    स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय निर्माण के लंबित भुगतान शीघ्र कराये जाने की मांग। 
13    प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी व्यवस्था लागू किये जाने की मांग। 
14    कमीशनखोरों पर कार्यवाही किये जाने की मांग।
15    वन-अधिकार कानून के तहत आदिवासियों एवं वन-निवासियों को पट्टा दिलाये जाने की मांग। 

प्रदेश कांग्रेस के मीडिया सचिव सुशील आनंद शुक्ला ने बताया कि इसके अतिरिक्त जिलों के स्थानीय मुद्दों को भी शामिल किया जायेगा। राज्य में ऐसा पहली बार हो रहा है जब सरकार की वायदा खिलाफी के कारण किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे है। पिछले एक पखवाड़े में 13 किसानों ने आत्महत्या कर लिया है। किसान आत्महत्या का सिलसिला थम ही नहीं रहा है।
 


कांग्रेस सांसदों और विधायकों से होगी मुलाकात, बसपा विधायक को भी न्योता
निष्कासित, निलंबित विधायकों से रहेगा परहेज
रायपुर। राष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार अपने लिए समर्थन हासिल करने के लिए 12 जुलाई को छत्तीसगढ़ आएंगी। मीरा कुमार दोपहर डेढ़ बजे विमान से रायपुर आएंगी और दोपहर 3 बजे यहां के विधायकों और सांसदों से मुलाकात करेंगी। बैठक के लिए स्थान फिलहाल तय नहीं किया गया है, लेकिन विधानसभा के सेंट्रल हॉल में ये बैठक हो सकती है। इस बैठक में कांग्रेस के अलावा बसपा के इकलौते विधायक केशव चंद्रा को भी आमंत्रित किया गया है।
दरअसल राष्ट्रपति चुनाव में बसपा सुप्रीमो मायावती ने मीरा कुमार की उम्मीदवारी का समर्थन किया है, लिहाजा इस बैठक में बसपा विधायक केशव चंद्रा को आमंत्रित करने का फैसला किया गया है। कांग्रेस ने तय किया है कि पार्टी से निष्कासित विधायक अमित जोगी और उनके साथ निलंबित विधायकों को बैठक में नहीं बुलाया जाएगा।
आपको बता दें कि राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद 9 जुलाई को रायपुर आ रहे हैं। वे यहां भाजपा के सांसद, विधायकों से मिलेंगे। माना जा रहा है कि कोविंद के साथ भाजपा विधायकों की बैठक भी विधानसभा के सेंट्रल हॉल में ही होगी।

एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और अरुण जेटली आएँगे रायपुर

रायपुर  एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद 9 जुलाई को छत्तीसगढ़ के दौरे पर आएंगे। कोविंद देशभर में समर्थन जुटाने की मुहिम के तहत दौरा कर रहे हैं। दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के दौरे से लौटे मुख्यमंत्री डा रमन सिंह ने बताया कि कोविंद के साथ वित्त मंत्री अस्र्ण जेटली भी आएंगे। 
जेटली राजधानी में 9 जुलाई को जीएसटी को लेकर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। अपने दौरे के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में उनकी मुलाकात राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्री अरूण जेटली के साथ हुई है।

युवती ने दूसरी नाबालिक युवती को भागकर शादी कर ली..

रायपुर/रायपुर जिले में   दो युवतियों की आपस में की गई अनोखी शादी का ऐसा मामला दर्ज किया गया है, जिसमें एक युवती ने दूसरी नाबालिक युवती से ना सिर्फ प्यार किया बल्कि उसे भागकर शादी भी कर ली..

यह अनोखा मामला  रायपुर का है. दरअसल  रायपुर के गुढ़ियारी थाना क्षेत्र से  5 दिन पहले नाबालिक के गायब होने की ख़बर पुलिस में उसके पिता ने दर्ज कराई थी.

पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और 5 दिन बाद आज जब गुढ़ियारी पुलिस उन तक पहुंची, तो ये जानकर चौक गई, कि नाबालिक लड़की को भगाने वाला कोई लड़का नही बल्कि एक लड़की  है.

इससे पुलिस के भी होश उड़ गए. पुलिस ने जब पूछताछ शुरू की तो बेहद चौकाने वाले  खुलासे होने शुरू हुए. पुलिस ने बताया कि 22 वर्षीय युवती और नाबालिग  ने शादी दुर्ग जिले के एक मंदिर में जाकर शादी कर ली  है.

गुढ़ियारी पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर बारीकी से पूछताछ की, तो पता चला कि दोनों ही एक दूसरे से बेइन्तहा प्यार करते हैं और ये प्यार का परवान उन पर इस कदर हावी हुआ की दोनों ने भाग कर शादी का मन बना लिया.

दोनों ही करीब एक साल से रिलेशनशिप में थे. हालांकि अब गुढ़ियारी थाना पुलिस इस मामले में युवती के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के मामले दर्ज कर लिया है.

स्कूली छात्रा के शव को ठेले में ले जाने की घटना : मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लेते हुए अस्पताल की व्यवस्था में सुधार के दिए निर्देश

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन  सिंह ने राजनांदगांव के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सरकारी शव वाहन नहीं मिलने पर एक स्कूली छात्रा के शव को उसके पिता द्वारा ठेले में बस स्टैंड तक ले जाने की घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है। उन्होंने राजनांदगांव जिला प्रशासन को मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्था की समीक्षा करने और आवश्यक सुधार लाने के निर्देश दिए हैं। डॉ. सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा मुक्तांजलि योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत सरकारी अस्पतालों को 60 शव वाहन भी दिए गए हैं, ताकि दिवंगतों के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक उनके घरों तक निःशुल्क पहुंचाया जा सके। इसके अलावा शासकीय जिला अस्पतालों और  सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में जनभागीदारी से जीवन दीप समितियां भी कार्यरत हैं। समितियों के माध्यम से मरीजों को जरूरी बुनियादी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध करायी जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था और वहां के प्रबंधन के कार्यों की नियमित समीक्षा करने तथा जीवन दीप समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने के भी निर्देश दिए हैं। मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव की घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने स्थानीय एस.डी.एम. को प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही कलेक्टर ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों की सुविधाओं का लगातार ध्यान रखने के लिए एक डिप्टी कलेक्टर की भी ड्यूटी लगाई है। 

मुख्यमंत्री के जनदर्शन: बड़ी संख्या में लोगों ने की मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां अपने निवास परिसर में आयोजित ‘जनदर्शन’ कार्यक्रम में राजधानी रायपुर सहित राज्य के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधि मंडलों, आम नागरिकों, किसानों, श्रमिकों, महिलाओं और छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। डॉ. सिंह ने उनके विभिन्न ज्ञापनों और आवेदनों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए।

 महासमुंद जिले के सरायपाली विकासखंड से आए ग्रामीणों के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को विकासखंड के ग्राम रायपानी, बिजातीपाली, पलसापाली, कोसमपाली में विभिन्न विकास कार्यों के लिए ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने उनके ज्ञापन पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। 

दुर्ग जिले के ग्राम अमलेश्वर की गंगा बाई सोनकर ने मुख्यमंत्री को आवेदन सौंपकर बताया कि उनकी खेती की जमीन लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई है। उन्होंने इस जमीन के बदले अन्य स्थान पर शासकीय जमीन दिलाने का आग्रह किया। डॉ. सिंह ने उनका आवेदन कलेक्टर दुर्ग को भेजकर त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत उमरपोटी के ग्रामीणों ने सामुदायिक भवन निर्माण के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। डॉ. सिंह ने उनका आवेदन कलेक्टर रायपुर को भेजकर प्राधिकरण मद से कार्य स्वीकृत करने के निर्देश दिए। महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत बिन्द्रावन (विकासखंड बागबाहरा) की ओर से ग्रामीणों ने बिन्द्रावन में सीमेंट कांक्रीट सड़क और सामुदायिक भवन के लिए ज्ञापन सौंपा। उस पर मुख्यमंत्री ने वहां प्राधिकरण मंद से सी.सी. रोड की मंजूरी तत्काल प्रदान कर दी।
 

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

सौर ऊर्जा नीति 2017-2027 का अनुमोदन
 सौर ऊर्जा नीति 2017-27 का अनुमोदन। राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के दोहन के लिए वर्ष 2002 में जारी नीति की वैधता 31 मार्च 2017 तक थी। विगत कुछ वर्षों में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तकनीकी बदलाव हुए हैं। लागत व्यय में कमी आयी है तथा अपरम्परागत स्रोत आधारित बिजली खरीदी की अनिवार्यता के लिए विनियमों में परिवर्तन हुआ है। इसे ध्यान में रखकर  आगामी दस वर्ष में इस क्षेत्र में निवेश की बहुत अधिक संभावनाओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ में नई सौर ऊर्जा नीति की आवश्यकता महसूस की जा रही है। आज केबिनेट में वर्ष 2017 से 2027 तक के लिए सौर ऊर्जा नीति का अनुमोदन किया गया। यह नीति जारी होने की तारीख होने से 31 मार्च 2027 तक प्रभावशील रहेगी। इस नीति के मुख्य प्रावधान इस प्रकार हैं:-
कोई भी व्यक्ति, पंजीकृत व्यक्ति, केन्द्रीय और राज्य विद्युत उत्पादन और वितरण कम्पनियां, सार्वजनिक अथवा निजी क्षेत्र के सौर बिजली परियोजना विकासकर्ता  तथा इन परियोजनाओं से  संबंधित उपकरणों के निर्माणकर्ता और सहायक उद्योग इसके पात्र होंगे चाहे वे समय-समय पर यथा संशोधित विद्युत अधिनियम 2003 के अनुशरण में सौर ऊर्जा  परियोजनाओं  का संचालन केप्टिव उपयोग अथवा बिजली विक्रय के उद्देश्य से  कर रहे हैं।
नई सौर ऊर्जा नीति (2017-27) के तहत 10 किलोवॉट तक के रूफ टॉप, सोलर पॉवर प्लांट को ग्रिड कनेक्टिविटी की सुविधा दी जाएगी।
 प्रत्येक सौर ऊर्जा विद्युत परियोजना द्वारा संयंत्र की स्वंय की खपत और राज्य के भीतर की गई केप्टिव खपत पर विद्युत शुल्क से भुगतान की छूट मिलेगी । यह छूट सौर ऊर्जा नीति के तहत मार्च 2027 तक स्थापित होने वाली परियोजनाओं को मिलेगी।
छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा समय-समय पर अधिसूचित औद्योगिक नीति के तहत अपरम्परागत स्रोत आधारित बिजली संयंत्रों को प्राप्त होने वाली सुविधाओं की पात्रता होगी।

निर्वतमान जनसम्पर्क सचिव मिश्रा को भावभीनी बिदाई न्यू मीडिया सबसे बड़ी चुनौती: संतोष मिश्रा

 जनसम्पर्क विभाग के निर्वतमान सचिव  संतोष मिश्रा को आज विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने भावभीनी बिदाई दी। एक स्थानीय होटल में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में  संतोष मिश्रा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जनसम्पर्क विभाग का कार्य सबसे अधिक जिम्मेदारी का है। मुझे खुशी है कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सहयोग से इस जिम्मेदारी का निर्वहन कर सका। उन्होंने कहा कि शासन की जनहित की योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार में परम्परागत साधनों के अलावा न्यू मीडिया की भी महत्वपूर्ण भूमिका हो गयी है। न्यू मीडिया एक बहुत बड़ी चुनौती थी, लेकिन सभी के सहयोग से पिछले एक वर्ष मेें राज्य शासन की योजनाओं एवं कार्यक्रमों का सोशल मीडिया में उपस्थिति दर्ज कराने में काफी सफलता मिली। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को एक टीम भावना के साथ काम करने के लिए आभार व्यक्त किया।
    संचालक एवं संयुक्त सचिव जनसम्पर्क  राजेश सुकुमार टोप्पो ने कहा कि  संतोष मिश्रा के कार्यकाल में जनसम्पर्क विभाग ने कई अभिनव पहल की। उन्होंने कहा कि पहले सोशल मीडिया में शासन की गतिविधियां बहुत कम थी।  मिश्रा की पहल पर सोशल मीडिया के लिए एक नयी अधोसंरचना स्थापित की गयी। जिसके फलस्वरूप सोशल मीडिया में जनहित की योजनाओं और कार्यक्रमों का बेहतर प्रचार-प्रसार संभव हो सका। इससे सोशल मीडिया में छत्तीसगढ़ की एक नयी पहचान स्थापित हुई। इसके पहले संचालक जनसम्पर्क  टोप्पो ने निर्वतमान सचिव   संतोष मिश्रा का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया तथा उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। टोप्पो ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से  मिश्रा को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
    इस अवसर जनसम्पर्क विभाग के अपर संचालक और छत्तीसगढ़ संवाद के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे.एल.दरियो, संयुक्त संचालक  जमुना सांडिया,   संजीव तिवारी, आलोक देव,   विपिन किशोर तिग्गा,  हर्षा पौराणिक सहित जनसम्पर्क और छत्तीसगढ़ संवाद के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

कोचियाबंदी को सफल बनाने पर कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों की तारीफ

रायपुर समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने इस बात पर खुशी जताई कि राज्य सरकार की नई शराब नीति के तहत कोचिया बंदी को लागू करने में सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों ने सराहनीय कार्य किया है। कोचियाबंदी को प्रदेश भर में अच्छी सफलता मिली है। उन्होंने इसके लिए इन अधिकारियों को बधाई दी। डॉ. सिंह ने कहा - इसके बावजूद हमें छत्तीसगढ़ से लगे अन्य राज्यों की सरहदों पर निगरानी रखनी होगी ताकि शराब और अन्य नशीली वस्तुओं की तस्करी ना होने पाए। डॉ. सिंह ने बैठक में लोक सुराज अभियान 2017 के दौरान की गई घोषणाओं के परिपालन के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली। 
बैठक में मुख्य सचिव विवेक ढांड, ऊर्जा विभाग और मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव   एन. बैजेन्द्र कुमार, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव   एम.के. राउत, उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव  सुनील कुजूर, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  अमन कुमार सिंह, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव   अमिताभ जैन, वन विभाग के प्रमुख सचिव   आर.पी. मंडल, तकनीकी शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव मती रेणु जी पिल्ले, स्वास्थ्य विभाग के सचिव  सुब्रत साहू, समाज कल्याण विभाग के सचिव  सोनमणि बोरा, सहित अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित

महात्मा गांधी पर शाह की अपमान जनक टिप्पणी,भुपेश बघेल ने सड़क पर लेटकर जताया विरोध

रायपुर/10 जून 2017/कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ रमन द्वारा कार्यकारणी के बैठक में एक साल के लिए  कमीशनखोरी बन्द कर तीस साल तक सरकार में रखने वाले बयान के बाद कांग्रेस द्वारा भाजपा के भष्ट्राचार और कमीशनखोरी को लेकर लगातार आंदोलन प्रदर्शन किया जा रहा है।भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के छत्तीसगढ़ प्रवास के दिन सरकार के खिलाफ विरोध जताने के तीसरे दिन राष्ट्रीय राज मार्गो पर प्रदेश व्यापी चक्का जाम का ऐलान किया था।कांग्रेस की शहर इकाई ने रायपुर नागपुर मार्ग पर चक्का जाम कर प्रदर्शन किया।मार्ग मे जाम लगाने के पहले टाटीबंध चौक में सभा किया गया।कांग्रेस के आंदोलन के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सुबह से ही बड़ी संख्या में तीन एडिशन एस
पी ,सीएसपी,कई थानेदारों सहित बलवा निरोधक दस्ता को तैनात कर आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया।सभा के लिए लगाये पंडाल में लगी कुर्सियों पर जवानों को बैठाकर व्यवधान उतपन्न किया गया जिसका कांग्रेसियो ने जमकर विरोध किया। कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल गाड़ियों को रोकने  सड़क पर ही लेट गये।विकास उपाध्याय ने ट्रकों को रोकने गाड़ियों पर चढ़कर ड्राइवरों से गाड़ी बन्द करने निवेदन किया इस दौरान कुछ ड्राइवरों से उनकी कहा सुनी हुई। महिला कांग्रेस,एनएसयूआई एवं युवक कांग्रेस चारो तरफ से आने जाने के मार्ग को बंद कर दिया।इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का मुक्की हुई। चक्का जाम के हाइवे में गाड़ियों की लंबी कतार लग गई।प्रदर्शनकारियों को हटाने प्रशासन को काफी मशक्त करनी पड़ी।पुलिस ने सड़क पर लेटे भुपेश बघेल को बर्बरता पूर्वक उनके दोनों पैरों एवं हाथ को पकड़कर घसीटते हुये गिरफ्तार कर बस में ले गए इस दौरान उनके कपड़े फट गये एवं जूता गुम हो गया।
ट्रक को रोकने गाड़ियों पर चढ़कर प्रदर्शन कर रहे विकास उपाध्याय को पुलिस ने धक्का दिया जिसके कारण ओ गिरते गिरते बचे लेकिन उनका कुर्ता पूरी तरह फट गया।
चक्काजाम के कारण अवरोधित मार्ग को शुरू करने जिला प्रशासन ने वरिष्ठ नेताओं सहित सेकड़ो की संख्या कार्यकर्ताओ को गिरिफ्तार कर उरला थाना में बनाये अस्थाई जेल में रखा।जिन्हें अमित शाह के रायपुर से रवानगी के बाद छोड़ा।

गांधी चौक मैदान में सभा को संबोधित करते हुये प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल कहा भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी रमन सरकार की पहचान

रायपुर  छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित कमीशनखोरी और भाजपा सरकार द्वारा किसानो के दमन के विरोध में आज गांधी चैक मैदान में सभा का आयोजन किया गया। सभा में मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में किसानों की हत्या एवं घायलों से मिलने पहुंचे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में दोनों हाथ उठाकर निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। 
 गांधी  चौक मैदान में सभा को संबोधित करते हुये प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार द्वारा हर काम के लिये कमीशन लिया जा रहा है। स्वयं मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी की बैठक में कमीशनखोरी एक वर्ष तक बंद करने की स्वीकारोक्ति की है। हम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर छत्तीसगढ़ के वस्तु स्थिति पहुंचाना चाहते है कि राज्य में कितना भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी चल रही है। मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिये की उनके अह्वान के बाद कमीशनखोरी बंद हुई है की नहीं? उन्हे यह भी बतान चाहिये कि शराब का कमीशन 1500 करोड़ कहां गया? झीरम घाटी के हत्यारे की जांच का क्या हुआ? इंदिरा प्रियर्दशनी बैंक घोटाले के अपराधी कहा है? सी.एम मैडम कौन है? अभिषाक सिंह कौन है जो कवर्धा में उनका पता दिया है? 
कांग्रेस विधायक दल के नेता टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि युवाओं की बड़ी भागीदारी बढ़ी है। युवा पीढ़ी जागरूक हो चुके है। प्रदेश की सरकार भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी में लिप्त है, इंदिरा प्रियदर्शनी बैंक घोटाला, अगस्ता हेलिकाप्टर खरीदी घोटाला, नान घोटाला, शराब बेचना, कमीशनखोरी दर्शाता है। उच्च अधिकारी वर्गो से लेकर छोटे-छोटे अधिकारी रिश्वत लेते है और यह सब रमन सरकार के नेतृत्व में हो रहा है। शराब पर भ्रष्टाचार कमीशनखोरी किया जा रहा है। सस्ती शराब को दो लोगों के हाथों में देकर यह सरकार जानबूझकर महंगाई बढ़ा दी है। 
पूर्व नेताप्रतिपक्ष रविन्द्र चौबे, लोकसभा सांसद ताम्रध्वज साहू, पूर्व सांसद करूणा शुक्ला, पूर्व मंत्री मो. अकबर, पूर्व विधायक डाॅ. शिवकुमार डहरिया, महापौर प्रमोद दुबे एवं शहर कांग्रेस अध्यक्ष विकास उपाध्याय ने सभा को संबोधित करते हुये संचालन किया

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी का 8 जून को प्रदेश स्तरीय रैली आंदोलन एवं 10 जून को चक्काजाम

रायपुर/07 जून 2017। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक दिनांक 05 जून 2017 में लिये गये निर्णयानुसार भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमितशाह के दिनांक 08 जून 2017 को छत्तीसगढ़ प्रवास पर प्रदेश के भ्रष्ट एवं कमीशनखोर भाजपा सरकार के विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव एवं प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति में दिनांक 08 जून 2017 को प्रातः 11.00 बजे गांधी मैदान, रायपुर में प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन-रैली एवं विशाल जनआंदोलन का आयोजन किया गया है। 
साथ ही दिनांक 10 जून 2017 को जिला मुख्यालयों के राष्ट्रीय राजमार्गो पर प्रदेशव्यापी चक्काजाम का आयोजन किया जायेगा। 
आंदोलन के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमितशाह से निम्नलिखित प्रश्न का जवाब मांगते हुये मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह को हटाने की मांग:-
1    डाॅ. रमन सिंह ने भाजपा कार्यकर्ताओं एवं मंत्री परिषद के सदस्यों से स्वयं कहा कि, एक साल कमीशनखोरी बंद करो, 30 साल सरकार में रहेंगे, कमीशनखोरी कौन कर रहा है? इसकी जांच क्यों नहीं हो रही है?
2    शराब खरीदी कमीशन का 1500 करोड़ रूपयें कहां गया, सरकार के मंत्री ने ही सवाल उठाया है, कमीशन कहां जा रही है, इसकी जांच क्यों नहीं हो रही है?
3    इंदिरा प्रियदर्शनीय बैंक घोटाला में हुई नार्को टेस्ट में मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह का नाम आया, फिर भी एफ.आई.आर. क्यों नहीं हो रही है? 
4    36 हजार करोड़ रूपयें के नान घोटाले में पेश चालान में सी.एम. मैडम का नाम आया है, सी.एम. मैडम कौन है जांच क्यों नहीं हो रही है?
5    वर्जिन आईलैंड में बैंक खाता अभिषाक सिंह के नाम पर है, ये अभिषाक सिंह कौन है और कवर्धा का पता दिया गया हैं इसकी जांच क्यों नहीं हो रही है?
6    अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकाप्टर खरीदी में हुई कमीशनखोरी का पैसा कहां गया, इसकी जांच क्यों नहीं हो रही है?
7    अंतागढ़ विधानसभा उप-चुनाव में प्रत्याशी खरीद-फरोख्त षड़यंत्र में मुख्यमंत्री, मंत्रीमंडल सहित मुख्यमंत्री के दामाद का नाम आया, इसकी जांच क्यो जांच नहीं हो रही?
8    भारतीय जनता पार्टी अपने चुनावी संकल्प पत्र में धान का समर्थन मूल्य 2100 रू. व प्रति क्विंटल 300 रू. बोनस वायदे का क्या हुआ, सरकार समर्थन मूल्य व बोनस कब देगी?

एक ओर जहां नरेन्द्र मोदी न खाउंगा न खाने दूंगा का नारा बुलंद करते हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह कमीशन लुंगा, कमीशन खाउंगा का नारा बुलंद करते हुये कार्य कर रहे है।  
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर 08 जून 2017 को राजधानी रायपुर में आयोजित धरना, प्रदर्शन-रैली, आंदोलन तथा 10 जून 2017 को जिला स्तर पर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आयोजित प्रदेश व्यापी चक्काजाम की आयोजन में प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी  वरिष्ठ कांग्रेसजन, एवं कार्यकर्तागण की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गयी है। 

राज्य सरकार के आउटसोर्सिंग का विरोध करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष फूलों देवी नेताम ने कहा बेरोजगारों के साथ हो रहा है छल एवं धोखा

रायपुर छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस अध्यक्ष फूलों देवी नेताम जी ने राज्य सरकार के आउटसोर्सिंग का विरोध करते हुए कहा कि प्रदेश के बेरोजगारों के साथ छल करते हुए धोखा दिया जा रहा है। और कपट पूर्वक भावना  रखते हुए छत्तीसगढ़  निवासीयो को निम्न स्तर का दर्शाया जा रहा है जिससे की छत्तीसगढ़ की बेरोजगारों को रोजगार के अवसर प्रदान नहीं हो पाएगा एवं छत्तीसगढ़ निवासीयो की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठेगा जिस की जवाबदेही सरकार पर ही है।  अत: सरकार जनता को बताये की बीते वर्षों में छत्तीसगढ़ वासीयो की शिक्षा की स्तर में सुधार किया गया कि पतन । राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़​ के युवा को दरकिनार किया जा रहा है। 
सबसे बड़े सवाल छत्तीसगढ़ में इतनी अधिक बेरोजगारों की रहते हुए आउटसोर्सिंग की आवश्यकता क्यों है? क्या राज्य सरकार को ये दिखाई नहीं देता कि कितने बेरोजगार पढ़ें लिखे युवा नौकरी की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ,छत्तीसगढ़ के बेरोजगारों को गुमराह कर रही है।  आउटसोर्सिंग की माध्यम से छत्तीसगढ़ के भोले भाले बेरोजगारों के साथ छलावा किया जा रहा है।
प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि कैबिनेट के फैसले से राज्य सरकार के छत्तीसगढ़ के बेरोजगारों के प्रति कितना सहयोग एवं  सहानुभूति है उजागर हो गई। प्लेसमेंट एजेंसी के साथ मिलकर शिक्षाको की भर्ती की तैयारी है। छत्तीसगढ़ में इतना बेरोजगार है इसकी भर्ती क्यों नहीं करते। भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ बेरोजगारों के साथ वादा खिलाफी कर रहे हैं। चुनाव के समय बेरोजगारों को झूठा सपना दिखाया जाता है रोजगार दिलाने का फिर सत्ता पाने के बाद किए गए वादे को भूल जाते हैं।
प्रदेश में 40000 हजार शिक्षकों की पद खाली हैं। शालाना बड़े तादात में शिक्षक सेवा निवृत्त होते हैं। जिस से पद खाली हो जाता है। और इधर सरकार नियमित भर्ती नहीं करती। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
 

छत्तीसगढ़ में 2 संभाग के कमिश्नर सहित 16 ज़िलों के कलेक्टर बदले गए

 लोक सुराज अभियान खत्म होते ही छत्तीसगढ़ में कई जिलों के कलेक्टर बदल दिए गए हैं. भीमसिंह को राजनांदगांव, नीरज कुमार बंसोड़ को कवर्धा, जयप्रकाश मौर्य को सुकमा, उमेश अग्रवाल को दुर्ग कलेक्टर बनाया गया है. इसी तरह किरण कौशल को सरगुजा, पी दयानंद को बिलासपुर , सारांश मित्तर को बालोद, राजेश राणा को बलौदाबाजार का कलेक्टर बनाया गया है. 

वहीं एन एन एक्का को मुंगेली, शम्मी आबिदी को रायगढ़, मो. अब्दुल कैशर हक को कोरबा, कार्तिकेय गोयल को बेमेतरा का कलेक्टर बनाया गया है. इसके अलावा हिमशिखर गुप्ता को महासमुंद, धनंजय देवांगन को सरगुजा, टामनसिंह सोनवानी को कांकेर और टोपेश्वर प्रसाद वर्मा को नारायणपुर का कलेक्टर बनाया गया है । कलेक्टरों के बदले जाने को उनके परफारमेंस से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि मुख्यमंत्री इसे रूटीन ट्रांसफर बता रहे हैं. 

इसके साथ ही एसीएस सुनील कुजूर को एन के असवाल के रिटायर होने पर उनके विभागों का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया गया है । निहारिका बारिक सिंह को सचिव ग्रामोद्योग विभाग बनाते हुए उन्हें संस्कृति और पर्यटन विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है । टीसी महावर को बिलासपुर संभाग और रीता शांडिल्य को सरगुजा संभाग का कमिश्नर बनाया गया है । अमित कटारिया को सर्व शिक्षा अभियान और माध्यमिक शिक्षा अभियान का संचालक और अन्बलगन पी को मार्कफेड का एमडी बनाया गया है. 

वहीं अलरमेल मंगई डी को संचालक भौमिकी और खनिकर्म के साथ खनिज विकास निगम के एमडी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। नरेंद्र शुक्ला को संचालक स्वास्थ्य सेवाएं और आर शंगीता को सामान्य प्रशासन विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। मुकेश कुमार बंसल अब मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव और संचालक विमानन सेवाएं होंगे. जबकि बसव राजू एस को उच्च शिक्षा विभाग का आयुक्त बनाया गया है। शिखा राजपूत तिवारी को संचालक कोष, लेखा पेंशन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. वहीं अभिजीत को एमडी मंडी बोर्ड बनाया गया है. इसके अलावा फरिहा आलम को सीईओ जिला पंचायत बिलासपुर, संजय कन्नौजे को सीईओ जिला पंचायत कोंडागांव और लोकेश कुमार को सीईओ जिला पंचायत मुंगेली नियुक्त किया गया है ।

रमन सिंह का लोक सुराज नहीं ढोंग सुराज भूपेश बघेल

रायपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने आज कांग्रेस भवन रायपुर में पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुये कहा है कि लोक सुराज की जरूरत इस बात का धोतक है कि राज्य में कुछ भी ठीक नही है। लोकसेवा गारंटी अधिनियम सरकारी दफ्तरों की दिवालो पर सजाने का पोस्टर साबित हुआ है।
लोक सुराज में आम आदमी की क्या और कितनी सुनवाई हुई होगी इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता कि वरिष्ठ भाजपा नेता पूर्व गृहमंत्री को अपनी बात कहने के लिये कलेक्टर से माइक छीनना पड़ा, उसके बाद भी कलेक्टर ने मंत्री के सामने वरिष्ठ नेता की शिकायतों को गलत ठहरा दिया, मंत्री शिकायतों की जांच कराने का साहस भी नहीं दिखा पाये ।
आपको पूरे 5 साल काम करने की जबाबदारी मिली है न कि 1 महीने की नौटँकी करने की। इस अभियान से सरकार के अब तक के कामकाज की पोल खुल गई है। अभियान के दौरान करीब 28 लाख लोगों के आवेदन आए, प्रदेश में कुल आबादी 2 करोड़ 55 लाख है। इनमें से डेढ़ करोड़ लोग व्यस्क हैं जो आवेदन लिख सकते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि प्रदेश का हर पांचवा व्यक्ति किसी न किसी परेशानी, समस्या से घिरा हुआ है। प्रदेश में लगातार 14 साल सरकार चलाने के बाद अगर यह हालत है तो मुख्यमंत्री को लोकसुराज अभियान बंद कर तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
 रमन सरकार का कामकाज ठीक होता तो 28 लाख शिकायतों समस्याओं वाले आवेदन नहीं आते। ऐसे में मुख्यमंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। जो सरकारी कामकाज नियमित रूप से चलता है उसे ही सही ढंग से करने की जरूरत है। लेकिन लोक सुराज के नाम पर सारे प्रशासनिक अमले को लोक सुराज अभियान में लगा दिया जाता है, जिसके कारण लंबी अवधि तक आम जनता परेशान होती है।
प्रदेश में प्रशासनिक कसावट की जरुरत है ताकि आम जनता की समस्याओं का निराकरण हो सके न कि लोक सुराज जैसे नाटक की। लोक सुराज अभियान में आम जनता की समस्याओं का समाधान तो नहीं है, निराकरण केवल आंकड़ों में दर्शा दिया जाता है। 
मुख्यमंत्री कहते हैं कि उनका हेलीकाप्टर कहीं भी अचानक उतर जाता है, लेकिन जहां हेलीकाप्टर उतरता है वहां आश्चर्यजनक ढंग से कलेक्टर, एसपी व प्रशासनिक अमला पहले से मौजूद रहता है।