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टाइम पर्सन ऑफ द ईयर पोल में जीते पीएम नरेंद्र मोदी, मगर ट्विटर पर उड़ रहा केजरीवाल का मजाक

पीएम मोदी को भारत के अलावा अमेरिका के कैलिफोर्निया और न्‍यू जर्सी में भारी समर्थन मिला है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिष्ठित टाइम मैगजीन द्वारा कराए गए ‘पर्सन ऑफ द ईयर 2016’ का ऑनलाइन रीडर्स पोल जीत लिया है। मोदी ने दुनियाभर के नामी नेताओं, कलाकारों व प्रमुख हस्तियों को पछाड़कर यह खिताब जीता है। हालांकि पर्सन ऑफ द ईयर के संबंध में अंतिम फैसला मैगजीन का संपादक पैनल करेगा, जिसका ऐलान 7 दिसंबर को होगा। 2016 के पर्सन ऑफ द ईयर के लिए चल रही वोटिंग रविवार (4 दिसंबर) को खत्‍म हुई थी। नरेंद्र मोदी को सर्वाधिक 18 प्रतिशत लोगों ने पर्सन ऑफ इ ईयर चुना, जबकि बराक ओबामा, डोनाल्‍ड ट्रंप और विकीलीक्‍स के संस्‍थापक जूलियन असांज को 7-7 फीसदी वोट मिले। रेस में शामिल हिलेरी क्लिंटन को 4 फीसदी तथा दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को 2 प्रतिशत वोट हासिल हुए। सोशल मीडिया पर मोदी के ऑनलाइन पोल में ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ चुने जाने पर हलचल है। सत्‍ताधारी भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं ने इसपर पीएम को बधाई दी है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मोदी को ‘सबसे प्रभावशाली व्‍यक्ति’ बताया है। वहीं बीजेपी प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने लिखा है कि मोदी के भीतर ‘समय से आगे सोचने की क्षमता है’ जिसने उन्‍हें पर्सन ऑफ द ईयर बनाया।
सोशल मीडिया पर पोल में नरेंद्र मोदी के सबसे आगे होने पर लोग खुशी जता रहे हैं। लेकिन इसी बहाने दिल्‍ली सीएम अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा जा रहा है। दरअसल, केजरीवाल अक्‍सर केंद्र सरकार व पीएम मोदी की आलोचना करते हैं। इसी वजह से इस मौके का फायदा उठाते हुए यूजर्स ने चुटकी ली है।

पाकिस्‍तानी मीडिया ने फैलाई तमिलनाडु सीएम जे जयललिता की मौत की अफवाह, छापी झूठी खबर

जयललिता को कार्डिएक अरेस्ट की खबर के बाद से अस्पताल के बाहर सैकड़ों की संख्या में उनके समर्थक इकट्ठा हो गए हैं।
पाकिस्‍तानी मीडिया ने तमिलनाडु की मुख्‍यमंत्री जे जयललिता की मौत की खबर चला दी है। जबकि जयललिता को चेन्‍नई के अपोलो अस्‍पताल में इलाज चल रहा है, हालांकि उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। वरिष्‍ठ पाकिस्‍तानी पत्रकार उमर आर कुरैशी ने एक ट्वीट में सोमवार को कहा, ”पाकिस्‍तान के दो सबसे बड़े उर्दू दैनिक अखबारों ने इस सुबह खबर दी कि भारतीय राजनेता जय‍ललिता की मौत हो गई है (वह जीवित हैं)।” अगले ट्वीट में उन्‍होंने कहा, ”प्रिय एक्‍सप्रेस, जियो और नवा-ई-वक्‍त: जयललिता जिंदा हैं।” तमिलनाडु सीएम की स्थिति पर ताजा अपडेट देते हुए अपोलो अस्‍पताल ने सोमवार को घोषणा की थी कि उनकी (जयललिता) हालत ‘बेहद गंभीर’ है। अस्‍पताल ने कहा कि कार्डिएक अरेस्ट के बाद जयललिता को ईसीएमओ (एक्स्ट्रा कॉरपोरियल मेंब्राना आक्सिजेनेशन) और अन्‍य लाइफ सपोर्ट सिस्‍टम्‍स के सहारे रखा गया है। दूसरी तरफ, केंद्र सरकार ने एम्‍स के चार स्‍पेशलिस्‍ट डॉक्‍टरों को जयललिता के इलाज के लिए चेन्‍नई भेजा। इस टीम में पल्‍मोनोलॉजिस्‍ट डॉक्‍टर जीसी खिलनानी, एनेस्‍थेटिस्‍ट डॉक्‍टर अंजन त्रिखा, कार्डिएक सर्जन डॉक्‍टर सचिन तलवार और कार्डियोलॉजिस्‍ट डॉक्‍टर राजीव नारंग शामिल हैं।
रविवार को जब जयललिता को कार्डिएक अरेस्ट की खबर आई उसके बाद से अस्पताल के बाहर सैकड़ों की संख्या में उनके समर्थक इकट्ठा हो गए हैं। अस्पताल के बाहर भारी संख्या में पुलिसबल तैनात है। दंगा नियंत्रण बल के 900 जवान भी मौके पर तैनात हैं। वहीं सीआरपीएम समेत अन्य अर्धसैनिक बलों को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।

उतरी भारत में कोहरे की मार, 74 ट्रेन लेट, तीन रद्द, फ्लाइट्स का भी बिगड़ा शेड्यूल

उतरी भारत में कोहरे की मार, 74 ट्रेन लेट, तीन रद्द, फ्लाइट्स का भी बिगड़ा शेड्यूल

उत्‍तर प्रदेश, दिल्‍ली, बिहार जैसे उत्‍तरी राज्‍यों में कोहरे के चलते ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ा है।

उत्‍तरी भारत में सर्दी और कोहरे के चलते ट्रेन और हवाई यातायात पर गहरा असर पड़ा है। उत्‍तर प्रदेश, दिल्‍ली, बिहार जैसे उत्‍तरी राज्‍यों में कोहरे के चलते ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ा है। जानकारी के अनुसार दिल्‍ली से आने वाली 74 ट्रेनें देरी से चल रही हैं। वहीं तीन ट्रेनों को कमजोर दृश्‍यता के चलते रद्द कर दिया गया। उत्‍तर प्रदेश में भी कई ट्रेन लेट चल रही हैं। यहां कानपुर में कोहरे के चलते रेल परिवहन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यहां पर दृश्‍यता 200 मीटर से भी कम रही। वहीं हवाई यातायात पर भी कोहरे का असर पड़ा है। इंडिगो एयरलाइंस की कई फ्लाइट कोहरे के चलते लेट हुई है। इंडिगो की ओर से जारी बयान में कहा गया कि लखनऊ एयरपोर्ट पर दृश्‍ता केट-2 मिनिमा से कम है। इसके चलते यहां से जाने वाली फ्लाइट में देरी हुई है। इंडिगो के अनुसार, वाराणसी, पटना और रांची में भी कोहरे का काफी असर है। यहां से उड़ान भरने वाली और यहां उतरने वाली दोनों तरह की फ्लाइट्स पर असर पड़ा है। फ्लाइट्स के लेट होने का अंदेशा भी जताया जा रहा है। हालांकि दिल्‍ली में एयरपोर्ट पर दृश्‍ता केट-1 मिनिमा से ऊपर है। इसलिए यहां पर कोई दिक्‍कत नहीं है।

लोकसभा और राज्‍य सभा में हंगामा, विपक्ष वोटिंग के साथ बहस और पीएम की माफी की मांग पर अड़ा

संसद के शीतकालीन सत्र में अब तक नोटबंदी के मुद्दे के चलते काम नहीं हो पाया है।

संसद के शीतकालीन सत्र में अब तक नोटबंदी के मुद्दे के चलते काम नहीं हो पाया है। दोनों सदनों लोकसभा और राज्‍यसभा में विपक्ष आक्रामक मूड में है और वोटिेंग के साथ बहस की मांग कर रहा है। सरकार इससे इनकार कर रही है। लेकिन सोमवार (5 दिसंबर) को नोटबंदी पर लोकसभा में बहस हो सकती है। स्‍पीकर सुमित्रा महाजन ने बताया कि वोटिंग के बिना बहस कराने का प्रस्‍ताव आया है। यह प्रस्‍ताव बीजू जनता दल के भ्रतृहरि महताब और तेलंगाना राष्‍ट्र समिति(टीआरएस) के जितेंद्र रेड्डी ने नियम 193 के तहत नोटिस दिया है। यदि इस पर बहस होती है तो संसद में चल रहा गतिरोध समाप्‍त हो सकता है।

नियम 193 के अनुसार कोई भी सदस्‍य जनता से जुड़े मसले पर तत्‍काल बहस चाहता हो वह लिखित में नोटिस दे सकता है। गौरतलब है कि संसद का शीतकालीन सत्र 16 नवंबर से शुरू हुआ था। शीतकालीन सत्र में अभी तक राज्य सभा में पहले दिन बहस हुई थी। उसके बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में बुलाने की मांग को लेकर हंगामे के चलते काम नहीं हो पाया। वहीं लोकसभा में सरकार ने हालांकि आयकर कानून संशोधन पास करा लिया लेकिन इसके अलावा कोई काम नहीं हो पाया है। वहीं विपक्षी नेताओं ने संसद परिसर में बैठक की है।

मुंबई के परिवार ने दो लाख करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति का किया खुलासा, आईटी विभाग ने शुरू की जांच

मुंबई के एक परिवार ने दो लाख करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति का खुलासा किया है। हालांकि आयकर विभाग ने इस खुलासे को खारिज कर दिया है और जांच शुरू कर दी है।

मुंबई के एक परिवार ने दो लाख करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति का खुलासा किया है। हालांकि आयकर विभाग ने इस खुलासे को खारिज कर दिया है और जांच शुरू कर दी है। मुंबर्इ के चार लोगों के परिवार ने यह खुलासा किया था। आयकर विभाग के अनुसार, जरूरी जांच के बाद सामने आया कि जिन लोगों ने संपत्ति का खुलासा किया वे संदिग्‍ध हैं। साथ ही अंदेशा है कि शायद इन लोगों का दुरुपयोग किया गया हो। इस रकम का खुलासा करने वाले परिवार के सदस्‍यों के नाम अब्‍दुल रज्‍जाक मोहम्‍मद सैयद(खुद), मोहम्‍मद आरिफ अब्‍दुल रज्‍जाक सैयद(बेटा), रूखसाना अब्‍दुल रज्‍जाक सैयद (पत्‍नी) और नूरजहां मोहम्‍मद सैयद(बेटी) हैं। यह परिवार मुंबई के ब्रांदा इलाके में रहता है। परिवार के तीन सदस्‍यों के पैन कार्ड अजमेर के पते पर बने हैं। इसी साल सितंबर में ये लोग मुंबई आएं थे।
इससे पहले अहमदाबाद के रहने वाले महेशकुमार चंपकलाल शाह ने 13860 करोड़ रुपये की संपत्ति का एलान किया था। शाह को तीन दिसंबर को आयकर विभाग ने हिरासत में ले लिया था। मुंबई और अहमदाबाद में किए गए खुलासों की जांच की जा रही है और यहां की रकम को एक अक्‍टूबर को जारी किए गए आंकड़ों में शामिल नहीं किया गया था। सरकार की ओर से एक अक्‍टूबर को बताया गया था कि 65250 करोड़ रुपये की अघोषित सं‍पत्ति का खुलासा हुआ है। बाद में इसमें सुधार कर आंकड़ा 67382 करोड़ रुपये बताया गया था।  केंद्र सरकार ने अघोषित आय का ख्‍ुालासा करने के लिए योजना शुरू की थी।
इस योजना के तहत 30 सितंबर तक सरकार को 45 प्रतिशत टैक्स देकर अघोषित आय घोषित की जा सकती थी। इसके तहत अघोषित आय पर टैक्स चुकाने के बाद आय की स्वैच्छिक करने वाले पर आयकर विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं होनी थी।  गुजरात के कारोबारी महेश शाह ने योजना के आखिरी दिन 13 हजार करोड़ रुपये अघोषित आय की जानकारी आयकर विभाग को दी थी। शाह को टैक्स की 975 करोड़ रुपये की पहली किश्त 30 नवंबर तक चुकानी थी। जब आयकर विभाग ने जांच की तो पाया कि शाह ने अहमदाबाद के कई बड़े कारोबारियों के कालेधन को अपना बताकर आय की स्वैच्छिक घोषणा के तहत घोषित किया था। बाद में उन्‍होंने बताया कि कमीशन के लालच में इस रकम को अपना बताया था। वे आयकर विभाग के सामने वास्‍तविक लोेगों के नामों का खुलासा करेंगे।

नितिन गडकरी की बेटी ने की शादी, मोहन भागवत, रामदेव, राजनाथ, अमित शाह समेत कई वीआईपी बने मेहमान

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की बेटी केतकी गडकरी ने रविवार (चार दिसंबर) को आदित्‍य कासखेदिकर से शादी कर ली। दोनों लंबे समय से दोस्‍त थे।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की बेटी केतकी गडकरी ने रविवार (चार दिसंबर) को आदित्‍य कासखेदिकर से शादी कर ली। दोनों लंबे समय से दोस्‍त थे। आदित्‍य वर्तमान में फेसबुक में काम करते हैं। केतकी गडकरी की तीन संतानों में सबसे छोटी हैं। नागपुर के रहने वाले केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के दो बेटे निखिल और सारंग हैं। रोचक बात है कि कुछ साल पहले तक आदित्‍य के पिता रवि कासखेदिकर और नितिन गडकरी के बीच बनती नहीं थी। रवि कासखेदिकर ने नागपुर नगर निगम द्वारा पानी की सप्‍लाई का निजीकरण किए जाने पर गडकरी के खिलाफ आंदोलन भी किया था। शादी का रिसेप्‍शन आठ दिसंबर को होगा। शादी में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, वेंकैया नायडू, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस समेत कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां शामिल हुईं।
असम के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, प्रकाश जावडेकर, हंसराज अहीर, पीयूष गोयल, योगगुरू रामदेव और पूर्व विमानन मंत्री एवं वरिष्ठ राकांपा नेता प्रफुल पटेल आदि इस मौके पर मौजूद अतिविशिष्ट हस्तियां थीं। राजनाथ सिंह और अमित शाह रविवार सुबह आए। फड़णवीस और अन्य नेता शनिवार(3 दिसंबर) को रात में पहुंचे थे। महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रकांत दादा पाटिल, सुभाष देशमुख, पंकजा मुंडे, गिरीश महाजन, सदाभाऊ खोतकर और गिरीश देशमुख आदि भी इस अवसर पर उपस्थित थे। सूत्रों के अनुसार, ”शादी कार्यक्रम में करीबी रिश्‍तेदारों और दोस्‍तों को ही बुलाया गया। कई महत्‍वपूर्ण नेताओं को बुलावा नहीं दिया गया था।
वीआईपी मेहमानों के लिए दो रिसेप्‍शन नागपुर और दिल्‍ली में होंगे। नागपुर में रिसेप्‍शन छह और दिल्‍ली में आठ दिसंबर को होगा। दिल्‍ली के कार्यक्रम में राष्‍ट्रपति प्रणव मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा व कई विपक्षी पार्टियों के नेताओं को न्‍यौता भेजा गया है। नागपुर के कार्यक्रम में महाराष्‍ट्र के वीआईपी लोगों को बुलाया गया है।” खबरों के अनुसार शादी के लिए 10 हजार मेहमानों को बुलावा भेजा गया था। वहीं ऐसा भी कहा गया था कि मेहमानों को लाने के लिए 50 चार्टर्ड प्‍लेन की व्‍यवस्‍था की गई। हालांकि नितिन गडकरी के दफ्तर की ओर से जारी बयान में कहा गया इस तरह की खबर शरारतपूर्ण और गलत है।

नोटबंदी: 14 लाख करोड़ की करेंसी बनी कागज, लेकिन अबतक कुल 1.5 लाख करोड़ के नए नोट छपे

देश के लोग इस वक्त नोटबंदी के बाद होने वाली परेशानी से जूझ रहे हैं। ऐसे में एक चौंकाने वाली रिपोर्ट आई है।

देश के लोग इस वक्त नोटबंदी के बाद होने वाली परेशानी से जूझ रहे हैं। ऐसे में एक चौंकाने वाली रिपोर्ट आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अबतक कुल 1.5 लाख करोड़ रुपए के नए नोट छापे हैं। जबकि 500 और 1000 रुपए के रूप में देश के 14.18 लाख करोड़ रुपयों को कागज के बराबर बना दिया गया। 1.5 लाख करोड़ रुपए में भी ज्यादातर नोट 2000 रुपए के हैं जो फिलहाल किसी इस्तेमाल के नहीं है क्योंकि लोगों के पास बदले में देने के लिए छुट्टे पैसे ही नहीं हैं। यह रिपोर्ट Credit Suisse research report द्वारा सामने आई है। यह रिपोर्ट 25 नवंबर को आई। 1.5 लाख करोड़ रुपए की नई करेंसी के अलावा 2.2 लाख करोड़ रुपए की करेंसी पहले से चलन में है। नोटबंदी के बाद 500 और 1000 रुपए के 2,203 करोड़ नोट कागज के टुकड़े बराबर हो गए। रिपोर्ट का मानना है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को अभी जल्दी में 1,000-2,000 करोड़ नोट और छापने होंगे ताकि ट्रांसेक्शन लेवल पहले की स्थिति में आ सके।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी जानकारी दी थी कि बैंक और एटीएम के माध्यम से उसने 10 से 18 नवंबर के बीच 1.03 लाख करोड़ रुपए लोगों तक पहुंचा दिए हैं। 14.18 लाख करोड़ रुपए की पुरानी करेंसी में से 6 लाख करोड़ रुपए विभिन्न बैकों में फिर से जमा हो गई है। रिपोर्ट ने पिछले एक हफ्ते के आंकड़ों पर कहा है कि आरबीआई एक दिन में 500 रुपए के लगभग 4 से 5 करोड़ नोट छाप रहा है। ऐसे में जनवरी 2017 तक पुरानी करेंसी का कुल 64 प्रतिशत हिस्सा ही चलन में आ पाएगा।

अभी हाल में ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया था कि 23 बिलियन से ज्यादा नोट अब बंद हो गए हैं। अगर उन्हें एक के ऊपर एक रखा जाए तो इनसे बनने वाली आकृति माउंट एवरेस्ट से 300 गुना ज्यादा ऊंची हो सकती है। वहीं इनको एक के आगे एक रखा जाएगा तो चांद तक आने-जाने का रास्ता पांच बार बनाया जा सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को नोटबंदी का एलान किया था। बताया गया था कि 31 दिसंबर के बाद से 500 और 1000 रुपए के नोट चलने बंद हो जाएंगे। पीएम ने कहा था कि 500 और 1000 के नोट 31 दिसंबर के बाद ‘कागज के टुकड़े’ के बराबर होंगे। दुनिया भर में भारत द्वारा नोटबंदी के फैसले को बड़ा कदम बताया जा रहा है। एक आंकड़े के मुताबिक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया हर साल 400 मिलियन डॉलर नोट बनाने पर खर्च करता है।

हांगकांग ओपन सुपर सीरीज: समीर वर्मा के धमाके के बाद पीवी सिंधू का कमाल, बनाई फाइनल में जगह

 

भारत की पीवी सिंधू हांगकांग ओपन के फाइनल में पहुंच गई है। सिंधू ने लगातार दूसरी सुपर सीरीज के फाइनल में जगह बनाई है। इससे पहले पिछले सप्‍ताह उन्‍होंने चीन ओपन सुपर सीरीज जीती थी। रियो ओलंपिक की सिल्‍वर मेडलिस्‍ट सिंधू ने सेमीफाइनल में हांगकांग की यी चियांग न्‍गान को 21-14, 21-16 से हराया। फाइनल में उनका सामना ताई जू यिंग से होगा।

इससे पहले पुरुष वर्ग मेंं भारत के समीर वर्मा हांगकांग ओपन सुपर सीरीज के फाइनल में पहुंच गए। उन्होंने दुनिया के नंबर तीन खिलाड़ी जेन ओ जोर्गेनसेन को 21-19, 24-22 से हराया। समीर वर्मा की रैंकिंग 43वीं हैं। दोनों खिलाडि़यों के बीच दोनों गेम में कड़ा मुकाबला हुआ लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने मैच पॉइंट के समय जीवटता दर्शाते हुए बाजी मारी। दूसरे गेम में समीर ने दो मैच पॉइंट मैच बचाए और 24-22 से गेम और मैच जीता।

उन्‍होंने क्‍वार्टरफाइनल में मलेशिया के चोंग वेई फेंग को 21-17, 23-21 से हराया था। जोर्गेनसेन ने पिछले सप्‍ताह ही चाइना ओपन जीता था। 23 साल के समीर वर्मा के एकेडमी में साथी परुपल्‍ली कश्‍यप, एचएस प्रणय और श्रीकांत भी जोर्गेनसेन को हरा चुके हैं।

इंटरव्यू: अमर्त्य सेन बोले- काला धन के खिलाफ जरा भी कारगर नहीं होगा नरेंद्र मोदी सरकार का नोटबंदी का फैसला

नोटबंदी से लोगों को हो रही मुश्किलों पर उन्होंने कहा, "केवल एक अधिनायकवादी सरकार ही चुपचाप लोगों को इस संकट में झेलने के लिए छोड़ सकती है।
भारत रत्न और नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर अमर्त्य सेन ने मोदी सरकार द्वारा 500 और 1000 के नोट बैन को निरंकुश कार्रवाई जैसा बताया है। उन्होंने कहा है कि डिमोनेटाइजेशन सरकार की अधिनायकवादी प्रकृति को दर्शाता है। इंडियन एक्सप्रेस से खास बातचीत में प्रोफेसर सेन ने कहा, “लोगों को अचानक यह कहना कि आपके पास जो करेंसी नोट हैं वो किसी काम का नहीं है, उसका आप कोई इस्तेमाल नहीं कर सकते, यह अधिनायकवाद की एक अधिक जटिल अभिव्यक्ति है, जिसे कथित तौर पर सरकार द्वारा जायज ठहराया जा रहा है क्योंकि ऐसे कुछ नोट कुछ कुटिल लोगों द्वारा काला धन के रूप में जमा किया गया है।” उन्होंने कहा, “सरकार की इस घोषणा से एक ही झटके में सभी भारतीयों को कुटिल करार दे दिया गया जो वास्तविकता में ऐसा नहीं हैं।”
नोटबंदी से लोगों को हो रही मुश्किलों पर उन्होंने कहा, “केवल एक अधिनायकवादी सरकार ही चुपचाप लोगों को इस संकट में झेलने के लिए छोड़ सकती है। आज लाखों निर्दोष लोगों को अपने पैसे से वंचित किया जा रहा है और अपने स्वयं के पैसे वापस लाने की कोशिश में उन्हें पीड़ा, असुविधा और अपमान सहना पड़ रहा है।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या नोटबंदी का कुछ सकारात्मक असर दिखेगा जैसा कि प्रधानमंत्री दावा कर रहे हैं तो उन्होंने कहा, “यह मुश्किल लगता है। यह ठीक वैसा ही लगता है जैसा कि सरकार ने विदेशों में पड़े काला धन भारत वापस लाने और सभी भारतीयों को एक गिफ्ट देने का वादा किया था और फिर सरकार उस वादे को पूरा करने में असफल रही।”
सेन ने कहा, जो लोग काला धन रखते हैं उन पर इसका कोई खास असर पड़ने वाला नहीं है लेकिन आम निर्दोष लोगों को नाहक परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने हर आम आदमी और छोटे कारोबारियों को सड़कों पर ला खड़ा किया है। सेन ने सरकार के उस दावे का भी खंडन किया है कि हर दर्द के बाद का सुकून फलदायी होता है। सेन ने कहा ऐसा कभी-कभी होता है। उन्होंने इसे स्पष्ट करते हुए कहा, “अच्छी नीतियां कभी-कभी दर्द का कारण बनती हैं, लेकिन जो कुछ भी दर्द का कारण बनता है – चाहे कितना भी तीव्र हो – यह जरूरी नहीं कि वो अच्छी नीति ही हो।

पीएम मोदी बोले- मध्यम वर्ग का शोषण बंद करवाना है, गरीबों को हक दिलाना है

पीएम मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए पाकिस्तान पर भी हमला बोला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पंजाब के बठिंडा में एम्स की आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि हर राष्ट्र के विकास के लिए सामाजिक ढांचा जरूरी होता है। हमें टॉप लेवल की स्कूलों और अस्पतालों की जरूरत है। हम सत्ता में रहते हुए जो भी फैसला लेते हैं, उन्हें उसी समय में उस पूरा करते हैं। एम्स से यहां के स्थानीय लोगों को मदद मिलेगी। यह सरकार केवल प्रोजेक्ट्स की आधारशिला ही नहीं रखती, बल्कि उन प्रोजेक्ट्स को पूरा भी करती है।’

साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तान यहां से कोई ज्यादा दूर नहीं है। जब हमारे बहादुर जवानों ने सर्जिकल स्ट्राइक किया, सीमा पार हड़कंप मच गया था और अब भी उनका मामला ठिकाने नहीं लगा है। पाकिस्तान के लोगों से एक बार फिर बात करना चाहता हूं। उन्हें अपनी सरकार से बात करनी चाहिए। उन्हें फैसला करना चाहिए कि क्या वे भारत के खिलाफ जंग लड़ना चाहते हैं। तो उन्हें हमसे भ्रष्टाचार, कालेधन और गरीबी के खिलाफ जंग लड़नी चाहिए। जब पाकिस्तान के पेशावर में स्कूल पर हमला हुआ तो हर भारतीय दुखी था। पाकिस्तान के लोगों को अपनी सरकार से कहना चाहिए कि वह भ्रष्टाचार और जाली नोटों के खिलाफ जंग लड़े।

पीएम मोदी ने कहा, ‘जो पानी मेरे किसान भाईयों का है, वो पाकिस्तान से बहकर समुद्र में जाता है। वो पानी अपने किसानों के लिए लाने का प्रयास करूंगा। जो पानी हिंदुस्तान का है, वे पाकिस्तान नहीं जा सकता। सरकार हमारे किसानों को पूरा पानी दिलाने के लिए हरसंभव काम करेगी। मेरे लिए चुनाव मायने नहीं रखते। मैं मेरे किसानों के भले के लिए सोचता हूं। सिंधु पानी संधि जो है, जिसमें हिंदुस्तान के हक का पानी है जो पाकिस्तान में बह जाता है। अब वो बूंद-बूंद पानी रोक करके पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हिंदुस्तान के किसानों के लिए पानी लाऊंगा। कालेधन और भ्रष्टाचार ने मध्यम वर्ग को लूटा है और गरीबों के हक को छीना है। मैं उन्हें वह वापस दिलाना चाहता हूं। मैं हरसंभव यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा हूं कि मध्यम वर्ग को शोषण रुकवा सकूं और गरीबों को उनका हक वापस दिला सकूं।’

नोटबंदी पर पीएम मोदी ने कहा, ‘जब लोग इस समय मुश्किलों के दौर में जी रहे थे, ऐसे में भी वे मेरे साथ खड़े थे। उन लोगों का शुक्रिया अदा करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। कठिनाईयों का रास्ता भी है, उस रास्ते के लिए आपकी मदद चाहिए। आप के पास जो मोबाइल फोन है। वे सिर्फ फोन नहीं है। मोबाइल फोन को आप अपने बैंक बना सकता है। आप अपना बटुआ बना सकते हैं। रुपए को छुए बिना मोबाइल से व्यापार हो सकता है। डिजिटल कैश की ओर बढ़ना है। मोबाइल फोन में बैंकों के ऐप होते हैं। व्यापारियों को शिक्षित करें।’

ट्विटर यूजर्स बोले- पीएम नरेंद्र मोदी की नोटबंदी लाई मंदी, एप सर्वे का भी उड़ाया मजाक

प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी के फैसले पर कराए गए सर्वे के परिणाम बुधवार रात ट्विटर पर शेयर किए थे।
पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 8 नवंबर को 500 व 1000 रुपए के नोटों का विमुद्रीकरण करने का फैसला सोशल मीडिया पर खूब चर्चित है। रोज कोई न कोई ट्रेंड नोटबंदी के फैसले के समर्थन या विरोध में सोशल मीडिया वेबसाइट्स पर हिट हो जाता है। गुरुवार को #नोटबंदी_लाई_मंदी टॉप ट्रेंड्स में शामिल रहा। यह ट्रेंड लॉरसन एंड टर्बो द्वारा 14 हजार से ज्‍यादा कर्मचारियों को बाहर निकाले जाने के विरोध में शुरू हुआ था। कंपनी के इस फैसले को कुछ लोग आने वाली मंदी की आहट बता रहे हैं। ट्विटर पर कुछ यूजर्स ने इस हैशटैग के साथ पीएम नरेंद्र मोदी पर चुटीली टिप्‍पणियां भी की हैं। पीएम मोदी इधर पिछले कुछ दिनों से अपने भाषण के दौरान भावुक हो जाते हैं, इसी पर तंज कसते हुए एक यूजर ने लिखा है, ”अब ये अफवाह कौन फैला रहा है कि 2000 का नोट मरोड़ने पर मोदी के रोने की आवाज़ आती है।” एक और यूजर लिखते हैं, ”अधूरी तैयारी के नोटबंदी का ऐलान करके नरेंद्र मोदी, घोड़े को रथ के पीछे बाँधकर हांकने वाले प्रथम प्रधानमंत्री हैं।”

#नोटबंदी_लाई_मंदी हैशटैग के बहाने ‘नरेंद्र मोदी एप’ के जरिए नोटबंदी के फैसले को लेकर कराए गए सर्वे का भी मजाक उड़ाया जा रहा है। तरुण लिखते हैं, ”नरेंद्र मोदी एप सर्वे में ‘बुरा’ कहने का ऑप्शन नहीं था,तो ‘अच्छा’ कहना पड़ा।” सोनू नाम के यूजर ने लिखा है, ”नोटबंदी, सरकार का एक साहसिक क़दम है, लेकिन #नोटबंदी_लाई_मंदी से होने वाली परेशानी पर बात करना, संसद के अंदर और बाहर, लोकतांत्रिक अधिकार है।”

    60 -70 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन? पटरी से उतरी भारतीय अर्थ व्यवस्था #नोटबंदी_लाई_मंदी

    — Tasnim (@Tanim0104) November 24, 2016
प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी के फैसले पर कराए गए सर्वे के परिणाम बुधवार रात ट्विटर पर शेयर किए थे। 5 लाख यूजर्स की भागीदारी का दावा कर जो आंकड़े जारी किए गए, उसके हिसाब से 90 फीसदी से ज्‍यादा लोग सरकार के फैसले के साथ हैं। 98 फीसदी लोगों का मानना है कि देश में काला धन मौजूद हैं। 99 फीसदी लोग मानते हैं कि भ्रष्‍टाचार और काले से लड़ाई बेहद जरूरी है। 90 फीसदी लोगोंं ने कहा कि सरकार ने काला धन रोकने के लिए जो कदम उठाए, वे अच्‍छे हैं।

सर्वे में हिस्‍सा लेने वाले 92 फीसदी लोग मानते हैं कि भ्रष्‍टाचार के विरुद्ध मोदी सरकार की कोशिशें बहुत अच्‍छी हैं। 90 फीसदी लोगों ने 500 व 1000 के पुराने नोट बंद करने के फैसले का समर्थन किया है। 92 फीसदी लोगों का मानना है कि इस फैसले काले धन, भ्रष्‍टाचार और आतंकवाद पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार से लड़ने की नरेंद्र मोदी सरकार की मंशा पर उठाए सवाल, कहा- बताइए कब तक काम करने लगेगा लोकपाल

भारत के मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा कि लोकपाल विधेयक लंबे सामाजिक संघर्ष के बाद आया था और मौजूदा सरकार चाहे या न चाहे इसे काम करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान बुधवार (23 नवंबर) को केंद्र सरकार से पूछा कि अगर वो भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना चाहती है और सार्वजनिक जीवन में शुचिता बहाल करना चाहती है तो दो साल से भ्रष्टाचार पर निगरानी रखने वाले लोकपाल की नियुक्ति क्यों नहीं कर रही है। भारत की सर्वोच्च अदालत ने कहा कि वो लोकपाल को ‘बेजान शब्द’ या ‘बेकाम की चीज’ बनकर नहीं रह जाने देगी। भारत के मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर के नेतृत्व वाली खंडपीठ ने कहा कि लोकपाल विधेयक लंबे सामाजिक संघर्ष के बाद आया था और मौजूदा सरकार चाहे या न चाहे इसे काम करना चाहिए। खंडपीठ ने भारत के एटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी से लोकपाल नियुक्त किए जाने के लिए एक निश्चित समय सीमा तय बताने के लिए कहा है। अदालत ने रोहतगी से कहा, “क्या सरकार इसे आपद स्थिति नहीं समझती कि 2014 में लोकपाल विधेयक पारित होने के बावजूद आज तक लोकपाल की नियुक्ति नहीं हुई है? अगर आप कहते हैं कि सरकार व्यवस्था की सफाई को लेकर बहुत चिंतित है तो फिर पिछले दो साल से आप इस पर अमल क्यों नहीं कर पा रहे हैं? हम लोकपाल जैसी संस्था को बेकार नहीं पड़े रहने देंगे।”

चीफ जस्टिस ठाकुर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूण और जस्टिस एल नागेश्वर राव की इस खंडपीठ ने कहा कि सरकार बहाना बना रही है कि लोक सभा में विपक्ष के नेता न होने के कारण लोकपाल का चयन नहीं हो पा रहा है और इसके लिए कानून में बदलाव (विपक्ष के नेता की जगह सबसे बडी विपक्षी पार्टी के नेता) किए जाने तक इंतजार करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने रोहतगी से कहा, “अगर आपका यही तर्क है तो फिर आप अगले ढाई साल तक लोक सभा में विपक्ष का नेता नहीं पाने जा रहे….इसलिए अगर कानून में संशोधन नहीं हुआ है तो क्या ऐसी महत्वपूर्ण संस्था को बेकार पड़े रहने देंगे? हमें ये बात चिंतित कर रही है कि चूंकि लोक सभा में विपक्ष का नेता नहीं है तो आप पूरे लोकपाल उपेक्षित कर देंगे।” लोकपाल और लोकायुक्त विधेयक 2013 को साल 2014 में अधिसूचित किया गया था। इस विधेयक के तहत लोकपाल का चयन एक कमेटी करेगी जिसके सदस्य भारत के प्रधानमंत्री, लोक सभा अध्यक्ष, लोक सभा में विपक्ष के नेता, भारत के मुख्य न्यायाधीश या उनके द्वारा नियुक्त सुप्रीम कोर्ट का कोई जज और एक प्रसिद्ध न्यायवादी होंगे।

जनहित याचिका दायर करने वालों की तरफ से अदालत में पेश हुए सीनियर एडवोकेट शांति भूषण और एडवोकेट गोपाल शंकरनारायण ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त, सीबीआई चीफ और मुख्य सूचना आयुक्त इत्यादि की नियुक्त से जुड़े कानून में  संशोधन करके लोक सभा में विपक्ष के नेता की जगह सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता का नाम मान्य कर दिया है। भूषण और शंकरनारायण ने अदालत से कहा कि कोई भी राजनीतिक दल लोकपाल की नियुक्ति नहीं चाहता इसलिए इससे जुड़े कानून में संशोधन नहीं हो पाएगा जिसकी वजह से भ्रष्टाचार के खिलाफ लंबी लड़ाई कुंठित होकर रह गई है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने एटार्नी जनरल को लताड़ लगाते हुए कहा कि अगर आप चार दूसरी संस्थाओं के लिए कानून में आसानी से बदलाव कर सकते हैं तो इस विधेयक में संशोधन करने में क्या दिक्कत है? सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “….हमारे ख्याल में अगर हम इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए कोई आदेश देते हैं तो आपको इसका स्वागत करना चाहिए।”

वहीं एटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने अदालत से कहा कि कानून बनाना संसद का काम है और वो लोकपाल की नियुक्ति की कोई तय समयसीमा बताने की स्थिति में नहीं हैं। इस पर अदालत ने उनसे कहा कि वो सक्षम अधिकारी से इस बारे में निर्देश लेकर अदालत को सात दिसंबर को जवाब दें। आपको बता दें कि समाजसेवी अन्ना हजारे ने लोकपाल विधेयक पारित करवाने के लिए अखिल भारतीय आंदोलन किया था जिसके बाद केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस गठबंधन सरकार ने ये विधेयक पारित किया था।

बैंक की लाइन में लगी गरीब महिला के 50 हजार चोरी, बिहार के अधिकारी का दिल पसीजा

नई दिल्ली। बैंक के आगे लाइन में खड़ी गरीब महिला का थैला काटकर 50 हजार रुपए चोरी कर लिए गए। गरीब महिला के साथ हुई इस घटना की खबर जब बिहार में एक सरकारी अधिकारी ने टीवी पर देखी तो परिवार की हालत देखकर उसका दिल पसीज गया। बिहार में बीडीओ की पोस्ट पर तैनात अधिकारी खुद दिल्ली आए और पीड़ित महिला को 50 हजार का चेक अपने सैलरी अकाउंट से देकर मदद की।

दरअसल, दिल्ली में मुकुंदपुर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में पिछले हफ्ते एक महिला पैसे जमा करने के लिए लाइन में लगी थी। यहीं उस महिला के 50 हजार रुपए निकाल लिए गए। यह पैसे महिला ने अपनी 2 बेटियों की शादी के लिए जमा किए थे। ये खबर पटना के खंड विकास अधिकारी को चैनल के माध्यम से मिली। टीवी पर इस खबर को देखने के बाद अधिकारीं का दिल पसीज गया।
अधिकारी एक मां का रोना देख नहीं सके और उन्होंने मुकुंदपुर के इस पीड़ित परिवार की मदद करने का मन बना लिया। बीडीओ डॉ. दीनबंधु दिवाकर ने दिल्ली की एक सामाजिक संस्था से संपर्क किया जिसके फाउंडर उनके टीचर रह चुके हैं। पूरी जानकारी जुटाने के बाद बीडीओ साहब दिल्ली पहुंचे और परिवार से मिलकर उन्हें अपने निजी कोष से 50 हजार की सहायता राशि का चेक सौंपा। मदद की यह राशि पाकर पीड़ित परिवार बेहद खुश और संतुष्ट है। मदद के इस काम में बीडीओ साहब का साथ उनके पूर्व अध्यापक सम्पूर्णानन्द उनियाल ने दिया।
पटना में बीडीओ पद पर तैनात डॉ. दीनबंधु दिवाकर ने बताया कि पटना में मैंने एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल पर देखा कि बच्ची की शादी के लिए रखे 50 हजार इस महिला के पास से उड़ा लिए गए। मैं भी एक बच्ची का पिता हूं। मुझे लगा क्यों न इस परिवार की मदद की जाए। मैंने सैलरी अकाउंट से मदद की है।

नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्री के भाई की मौत, अस्पताल ने पुराने नोट लेने से किया इनकार, चेक से पेमेंट करने पर ही सौंपा शव

केंद्रीय मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा को अपने छोटे भाई की मौत के बाद नोटबंदी की परेशानी से दो-चार होना पड़ा।

केंद्रीय मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा को अपने छोटे भाई की मौत के बाद नोटबंदी की परेशानी से दो-चार होना पड़ा। दरअसल, सदानंद गौड़ा के छोटे भाई डी वी भास्कर गौड़ा कर्नाटक के मैंगलूरू में कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (केएमसी) भर्ती थे। डी वी भास्कर गौड़ा की उम्र 54 साल थी। वह वहां लंबे वक्त से चली आ रही किसी बीमारी की वजह से भर्ती हुए थे। मंगलवार (22 नवंबर) को उनकी मौत हो गई। सदानंद गौड़ा ने खुद ट्वीट करके अपने भाई डी वी भास्कर गौड़ा की मौत की खबर दी थी। इंडियन एक्सप्रेस को मिली जानकारी के मुताबिक, गौड़ा के परिवार को 13 लाख रुपए की फाइनल पेमेंट करनी थी। परिवार की तरफ से जो पैसे दिए गए उसमें 48 हजार रुपए 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट थे। लेकिन हॉस्पिटल में उन्हें लेने से मना कर दिया। इसके बाद गौड़ा को चेक मे पेमेंट करनी पड़ी। तब जाकर हॉस्पिटल ने गौड़ा के परिवार को बॉडी ले जाने दी। सूत्रों से यह भी पता चला है कि नोटों को लेकर हॉस्पिटल स्टाफ और गौड़ा परिवार में कुछ कहासुनी भी हुई थी। अंत में हॉस्पिटल ने लिखित में दे दिया कि वह पुराने नोट नहीं ले सकता। इसपर अंत में गौड़ा को चेक से पेमेंट करनी पड़ी थी।
हालांकि, गौड़ा के मीडिया सचिव ने ऐसा कुछ होने से इंकार किया है। मीडिया सचिव मंजुनाथ ने कहा कि गौड़ा या उनके परिवार के किसी सदस्य ने पुराने नोटों से बिल देने की कोशिश की ही नहीं थी। भास्कर गौड़ा किसानी करते थे। उन्हें लगभग दो हफ्ते पहले केएमसी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। सदानंद गौड़ा मौदी सरकार में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्री हैं।
गौरतलब है कि मोदी सरकार द्वारा 8 नवंबर को नोटबंदी का ऐलान किया गया था। उसमें बताया गया था कि 500 और 1000 के नोट 30 दिसंबर 2016 के बाद से नहीं चला करेंगे। इसके साथ ही 2000 और 500 रुपए के नए नोटों के आने की जानकारी भी दी गई थी।

भारत बनाम इंग्लैंड, टेस्ट -2, डे-3; स्टंप: दूसरी पारी में भारत का स्कोर 98-3, 298 रन की है कुल बढ़त

Ind vs Eng Test, Live Cricket Score: तीसरे दिन का खेल शुरू होने के साथ ही भारत की कोशिश होगी कि जल्दी प्रतिद्वंदी टीम के बचे हुए विकेट लेकर उसे पहले सेशन में ही ऑल आउट कर बढ़त हासिल कर ली जाए।
विशाखापत्तनम के वाई. एस. राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच में मेजबान टीम मजबूत स्थिति में पहुंच गई है। भारत ने तीसरे दिन के खेल की समाप्ती तक अपनी दूसरी पारी में तीन विकेट के नुकसान पर 98 रन बना लिए हैं। भारत की इंग्लैंड पर कुल बढ़त 298 रन की हो गई है और अभी उसके सात विकेट आउट होने बाकी हैं। कप्तान विराट कोहली पहली पारी में 167 रन बनाने के बाद दूसरी पारी में भी 56 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं और अजिंक्य रहाणे 22 रन बनाकर उनका साथ दे रहे हैं।

इससे पहले तीसरे दिन शनिवार को इंग्लैंड की पहली पारी 255 रनों सिमट गई। इसके साथ ही भारत ने पहली पारी के आधार पर 200 रनों की बढ़त ले ली। दूसरी पारी खेलने उतरी भारतीय टीम की शुरूआत बेहद खराब रही और स्टुअर्ट ब्रॉड ने 17 रन के स्कोर पर मुरली विजय और केएल राहुल को वापस पवेलियन की राह दिखा दी। चेतेश्वर पुजारा भी कुछ खास नहीं कर सके और जेम्स ऐडरसन की गेंद पर महज एक रन बनाकर बोल्ड हो गए। उसके बाद कप्तान विराट कोहली ने रहाणे के साथ मिलकर कोई और विकेट नहीं गिरने दिया और टीम के स्कोर को 98 रन तक पहुंचाया। कोहली ने इस दौरान अपने टेस्ट करियर का 13वां अर्धशतक जमाया।

इससे पहले शनिवार को आॅफ ब्रेक गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन के पांच विकेट के दम पर भारत ने इंग्लैंड को 255 रनों पर ऑलआउट कर दिया। तीसरे दिन लंच के बाद इंग्लैंड की पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। इंग्लैंड का कोई भी बल्लेबाज भारतीय स्पिन गेंदबाजों के आगे टिक नहीं पाया। हालांकि, पहले सेशन में बेन स्टोक्स ने जॉनी बेयरेस्टो के साथ मिलकर दमदार साझेदारी करते हुए भारतीय टीम का कड़ा इम्तिहान लिया। लेकिन उमेश यादव ने जॉनी बेयरस्टो (53) को बोल्ड कर टीम इंडिया को छठी सफलता दिला दी। इंग्लैंड की ओर से बेन स्टोक्स ने सर्वाधिक 70 रन बनाए।

टीम इंडिया की ओर से आर अश्विन ने 67 रन देकर सर्वाधिक 5 विकेट लिए, मोहम्मद शमी, उमेश यादव, रवींद्र जडेजा और जयंत यादव ने एक-एक विकेट चटकाया। अश्विन ने 22वीं बार पारी में 5 या अधिक विकेट लिए हैं। इंग्लैंड ने तीसरे दिन की शुरुआत पांच विकेट से की। टीम का छठवां विकेट और दिन का पहला विकेट बेयरेस्टो के रूप में गिरा। उमेश यादव ने उन्हें क्लीन बोल्ड किया। सातवां विकेट आर अश्विन ने बेन स्टोक्स को आउट कर लिया, स्टोक्स ने 70 रन बनाए। आठवें विकेट के रूप में 4 रन बनाकर खेल रहे जफ़र अंसारी को रवीन्द्र जडेजा ने एलबीडब्ल्यू आउट किया। नौवां और दसवां विकेट अश्विन के खाते में गया। अश्विन ने पहले स्टुअर्ट ब्रॉड और अगले ही गेंद पर जेम्स एंडरसन को चलता किया।