छत्तीसगढ़

तहसील कार्यालय शिवरीनारायण में नेशनल लोक अदालत की खण्डपीठ का आयोजन किया गया

आशीष कश्यप शिवरीनारायण

शिवरीनारायण:-छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला सत्र न्यायाधीश श्री जगदम्बा राय के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव एवं ब्यवहार न्यायधीश वर्ग-1 गीतेश कुमार कौशिक के आदेश पर तालुका विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष एवं व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 नवागढ़ पायल टोपनो के द्वारा तहसील कार्यालय शिवरीनारायण में नेशनल लोक अदालत की खंडपीठ का आयोजन किया गया।जिसमें पीठासीन अधिकारी तहसीलदार प्रकाश चंद साहू,सदस्य-पैनल अधिवक्ता जितेंद्र तिवारी,देव प्रसाद साहू उपस्थित रहे। पीठासीन अधिकारी प्रकाश चंद साहू ने बताया कि राजस्व-फौती नामांतरण-10,दाण्डिक-24, जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र-10, आयप्रमाण पत्र-200,जाति प्रमाण पत्र-100, निवासप्रमाण पत्र-100 सहित कुल 444 प्रकरणों का निराकरण किया गया। खंडपीठ के सदस्य पैनल अधिवक्ता जितेन्द्र तिवारी ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित सभी राजीनामा योग्य मामले राजस्व आपदा,मुआवजा मामले,विक्रय पत्र, दान पत्र,वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के मामले,राजस्व, दाण्डिक सहित समझौते योग्य प्रकरणों का निपटारा किया गया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से पीठासीन अधिकारी प्रकाश चंद साहू,सदस्य-पैनल अधिवक्ता-जितेंद्र तिवारी,देव प्रसाद साहू,वरिष्ठ अधिवक्ता शत्रुहन लाल बंजारे, एम. आर.कश्यप,धनेश खांडेकर,राजस्व निरीक्षक दिनेश चंद्रवंशी, किशोर सिदार,मुख्यालय पटवारी मोहन बनर्जी,रीडर-अरविंद यादव,प्रोग्राम प्रोसेसर-पंकज खूंटले, रमाशंकर नोनिया,कोटवार-प्रकाश सहिस, लीलाराम कश्यप,पुष्पा कश्यप, तिलक केंवट, सोनू चौहान सहित अनेकों पक्षकार उपस्थित रहे।।

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला कोंडागांव में डेढ़ वर्ष में कुपोषित बच्चों की संख्या में आई 41.54 प्रतिशत की कमी

रायपुर:-छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित एवं आदिवासी बाहुल्य कोंडागांव जिले में कुपोषण के खिलाफ जंग लड़ी जा रही है। कोरोना काल के दौरान मात्र डेढ़ वर्ष में ही जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या में 41.54 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। कम समय में ही जिले ने विभागों के समन्वित प्रयास, बेहतर रणनीति और मॉनिटरिंग के साथ उपलब्धि हासिल कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। बच्चों को प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ प्राप्त हो सके इसके लिए प्रशासन ने जिले में अंडा उत्पादन यूनिट भी स्थापित किया है। आज रोजाना यहाँ से पांच हजार अंडे बच्चों को मिल रहे हैं। अब इसकी दूसरी यूनिट भी लगाई जाएगी। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर मिलने वाले रागी और कोदो से पोषण आहार तैयार कराया जा रहा है।

अंडे और अनाज बच्चों तक पहुँचे इसके लिए वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, खिलाये जा रहे बच्चों की तस्वीर ग्रुप में पोस्ट की जाती है। जिसकी मॉनिटरिंग स्वयं कलेक्टर करते हैं।

बस्तर संभाग से 80 किमी दूर कोंडागांव जिला के नक्सल प्रभावित एवं आदिवासी बाहुल्य होने के कारण विकास की मुख्यधारा से कई गांव दूर रहे हैं। ऐसे में इन गांवों में कुपोषण, एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं रही है। कोंडागांव जिले में कुपोषण की बढ़ती दर प्रशासन के लिए एक चुनौती थी। वजन त्यौहार के आंकड़ों के अनुसार जिले में फरवरी 2019 में 5 वर्ष से कम आयु के लगभग 37 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के शिकार थे। कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती थी कि कुपोषण की दर को नियंत्रित करना था।

जिला कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि सुपोषण अभियान के तहत जून 2020 में नंगत पिला परियोजना की शुरुआत की गई। हल्बी बोली में जिसका अर्थ होता है एक स्वस्थ बच्चा। परियोजना को पूरा करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को नोडल के रूप में नियुक्त किया गया। सबसे पहले कुपोषित बच्चों की पहचान के लिए जुलाई 2020 में जिले में बेसलाइन स्क्रीनिंग शुरू की गई, जिसमें 12726 बच्चों की पहचान की गयी।

नंगत पिलापरियोजना के तहत सबसे महत्वपूर्ण कार्य बच्चों को पौष्टिक आहार प्रदान करना था। इसके लिए बेहतर क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग पर जोर दिया गया। इसके लिए उड़ान नाम से एक कंपनी शुरू की गई। आंगनबाड़ी द्वारा पौष्टिक आहार प्रदान करने के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जोड़ा गया। इन महिलाओं द्वारा स्थानीय स्तर पर मिलने वाले पौष्टिक आहार तैयार कर आंगनबाड़ी केंद्रों में भेजा जा रहा है। बच्चों को अंडा, चिक्की, बिस्किट, बाजरे की खिचड़ी, रागी और कोदो से बने आहार दिए जा रहे हैं। बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाले ऑर्गेनिक व देसी अंडे दिए जा सकें, इसके लिए इसके जिले में अंडा उत्पादन यूनिट की स्थापना की गई है। जिले की सभी आंगनबाड़ी को 220037 अंडे और 35422 किग्रा मोठे अनाज की आपूर्ति हो चुकी है।

अंडे और अनाज बच्चों तक पहुँचे इसके लिए वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, खिलाये जा रहे बच्चों की तस्वीर ग्रुप में पोस्ट की जाती है। जिसकी मॉनिटरिंग स्वयं कलेक्टर करते हैं।

इस परियोजना के द्वारा कोविड के दौरान भी जिले में कुपोषित बच्चों का पहचान कर उन्हें पौष्टिक आहार वितरित करने में मदद की। प्रत्येक कुपोषित बच्चे का ऑनलाइन डेटा बेस होना और मासिक रूप से उनकी प्रगति को ऑनलाइन ट्रैक करना बहुत उपयोगी साबित हुआ है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत नंगत पिला परियोजना में फरवरी 2019 की तुलना में जुलाई 2021 में जिले में कुपोषण में 15.73 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। 2019 में कुपोषित बच्चों की संख्या 19572 थी, जो कि 2021 में संख्या घट कर 11440 हो गयी। वहीं, 2019 की तुलना में कुपोषित बच्चों में 41.54 प्रतिशत की कमी आयी है। कोंडागांव जिले ने विभागों के समन्वित प्रयास के माध्यम से कुपोषण से लड़ने की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

एक अलग रणनीति पर किया काम

कुपोषण से जंग में स्थानीय युवाओं की भी भागीदारी सुनिश्चित कराई गई, उन्हें सुपोषण मित्र के रूप में नियुक्त किया गया। 1438 सुपोषण मित्र आंगनबाड़ी केंद्रों में निगरानी और क्रियान्वयन में महती भूमिका निभा रहे हैं। क्रॉस चेकिंग के लिए अधिकारियों को नंगत पिला के नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। जहां प्रत्येक नोडल अधिकारी एक ग्राम पंचायत की निगरानी करता है। ऐसे 328 नोडल कार्यालयों ने इस कार्यक्रम की निगरानी के लिए 418 दौरे किये। कलेक्टर मासिक समीक्षा बैठकों के माध्यम से इस डेटा बेस की प्रगति की समीक्षा करते हैं। इसी बैठक में अगले माह की कार्ययोजना भी तय की जाती है।

कोंडागांव ने प्रस्तुत किया उदाहरण

भारत में कुपोषण अब भी एक गंभीर समस्या बनी हुई है। कोविड महामारी ने भी देश में कुपोषण की स्थिति को और चिंताजनक बना दिया है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2020 की रिपोर्ट के अनुसार भारत 27.2 के स्कोर के साथ 107 देशों की लिस्ट में 94वें नंबर पर है, जिसे बेहद गंभीर माना जाता है।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार देश में 9.3 लाख से अधिक गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान की गई है। वहीं, देश के आदिवासी बाहुल्य राज्य छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के एक छोटे से जिले कोंडागाँव ने दिखाया है कि कैसे विभिन्न विभागों के परस्पर समन्वय और एक दूरदर्शी माध्यम से कुपोषण से लड़ने की दिशा में एक व्यवस्थित दृष्टिकोण अच्छा प्रभाव डाल सकता है और एक बेंचमार्क स्थापित कर सकता है।

नक्सल प्रभावित गांवों के आजीविका विकास में भी सहायक

सुपोषण अभियान में आजीविका को भी बढ़ावा मिल रहा है। इस अभियान का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू जिले में कोदो, रागी, बाजरा उत्पादन को पुनर्जीवित करके बच्चों के लिए पोषण सुनिश्चित करना है। ज़िला प्रशासन बच्चों को कोदो और रागी से बने गुणवत्तायुक्त भोजन भी प्रदान कर रहा है। इन पोषक अनाजों की ख़रीदी नक्सल प्रभावित गांवों से ही की जा रही है। गोठान की महिलाएँ इस काम में जुड़ी हैं।

2 शिक्षकों पर गिरी गाज, जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी किया आदेश

जशपुर:-जिले में चल रहे आत्मानन्द इंग्लिश मीडियम स्कूल के लिए संविदा शिक्षकों की भर्ती पर फिलहाल रोक लगने की खबर आ रही है। भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और गड़बड़ियों को लेकर जिले के विधायको की नाराजगी सामने आने के बाद शुक्रवार शाम से ही मामले की जांच शुरू हो गयी है। वही भर्ती मामले की जाँच शुरू होते ही काफी लंबे समय से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में संलग्न 2 शिक्षकों को मूल पद पर भेज दिया गया है । शिक्षा अधिकारी द्वारा 10 सितंबर को जारी किए गए आदेश में कार्यालय में संलग्न प्रवीण पाठक और सैयद सरवर हुसैन को उनके मूल पद पर भेज दिया गया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल को कोर्ट ने दी जमानत

छत्तीसगढ़:-सीएम भूपेश बघेल के पिता नन्दकुमार बघेल को कोर्ट ने जमानत दी है. नंद कुमार बघेल की ओर से वकील गजेंद्र सोनकर द्वारा लगाई याचिका पर सुनवाई के बाद प्रथम श्रेणी न्यायाधीश जनक कुमार हिड़गो की बेंच ने जमानत प्रदान की. ब्राह्मण समाज के खिलाफ टिप्पणी करने पर नंदकुमार की गिरफ्तारी के बाद अदालत ने 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा था. आपको बता दें कि यूपी में पिछड़ा वर्ग के कार्यक्रम के बाद आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर नंदकुमार बघेल के खिलाफ ब्राह्मण समाज की शिकायत पर डीडी नगर पुलिस थाना में धारा 153-A, 505-1, ख के तहत मामला दर्ज किया गया था. उत्तर प्रदेश के आगरा से उनकी गिरफ्तारी के बाद रायपुर जिला न्यायालय में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जनक कुमार हिडको की कोर्ट पेश किया गया था, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था।

शिक्षाकर्मियों की अनुकंपा नियुक्ति को लेकर सीएम भूपेश बघेल ने लिया बड़ा फैसला

रायपुर:-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शिक्षाकर्मियों के अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों की समीक्षा और उनके निराकरण के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए है। यह कमेटी शिक्षाकर्मियों की अनुकंपा नियुक्ति के लिए निर्धारित पात्रताओं का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को देगी जिस पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री बघेल ने इसी तरह कोविड-19 के दौरान सेवा में लिए गए कोविड स्वास्थ्य कर्मियों की सेवा-निरंतरता और उनकी सेवा शर्तां के लिए भी वरिष्ठ अधिकारियों की एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए है। यह कमेटी भी इन स्वास्थ्य कर्मियों की सेवा निरंतरता और सेवा शर्तां के संबंध में अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को देगी जिस पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

यातायात प्रभारी प्रमोद सिंह के द्वारा भाजपा नेताओं के साथ अभद्र व्यवहार व आम नागरिको को परेशान करने की शिकायत को लेकर भाजपा नेताओं नें एस. पी. को दिया ज्ञापन।

बलौदाबाजार: दिनांक 08 सितम्बर 2021 दिन बुधवार को बलौदाबाजार शहर में पदस्थ यातायात प्रभारी प्रमोद सिंह के द्वारा विशाल पाण्डेय नामक बलौदाबाजार निवासी को बाईक चला रहे हो करके पकड़ लिये और यातायात थाना में ले जाकर चाबी लूट लिये जिसकी जानकारी बलौदाबाजार शहर मंडल अध्यक्ष एवं पार्षद संकेत शुक्ला, महामंत्री मणीकांत मिश्रा को होने पर नेताओं द्वारा यातायात कार्यालय पहुँचकर यातायात प्रभारी प्रमोद सिंह से इस संबंध में जानकारी मांगी गई तो यातायात प्रभारी द्वारा न तो जानकारी दी गई और तो और भाजपा मंडल अध्यक्ष संकेत शुक्ला एवं महामंत्री मणीकांत मिश्रा के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उनके स्टाप द्वारा इन दोनो नेताओं का मोबाईल से विडियो बनवा कर उन्हें धमकी दी गई कि तुम मेरा क्या बिगाड़ लोगे ज्यादा से ज्यादा पुलिस अधीक्षक से मेरी शिकायत करोगे जाओ करदों मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे ऐसा कहकर उन्हें चले जाने को कहा गया। इन दिनों बलौदाबाजार यातायात प्रभारी प्रमोद सिंह द्वारा आम जनता से दुर्व्यवहार करना आम बात है चालान के नाम पर अनाप शनाप वसूली करना साथ ही साथ आम नागरिकों के साथ गलत व्यवहार जन प्रतिनिधियों से सम्मान जनक तरिकों से पेस नहीं आना व जरूरत पड़ने पर जनप्रतिनिधियों का फोन काल को भी रिसिप नहीं करना आम नागरिकों की मोटर साइकिल, चार चक्का वाहन जबरदस्ती, मास्क के नाम पर या हेल्मेट के नाम पर चाबी लूट लेना व उनसे अवैध वसुली कराना इस तरह के काम उनके द्वारा कराया जा रहा है इस व्यवहार से भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा इस अधिकारी पर कड़ी कार्यवाही करने की व इनका तबादला जिला मुख्यालय से बाहर करने की मांग करते हुए एक ज्ञापन पुलिस अधीक्षक जिला बलौदाबाजार को देकर अपना विरोध दर्ज कराया है। भाजपा नेताओं ने साफ साफ शब्दो में अधीक्षक शाहब को कह दिया है कि अगर इनका ट्रांस्फर तीन दिवस के भीतर बलौदाबाजार से बाहर नहीं किया जाता है तो जिला बलौदाबाजार भाजपा के कार्यकर्ता जंगी प्रदर्शन, चक्का जाम जैसे कार्यक्रम पुरे जिले में किया जायेगा। इस अवसर पर भाजपा के जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक डॉ सनम जांगड़े, भाजपा के वरिष्ठ नेता टेसूलाल धुरंधर, नगर पालिका अध्यक्ष चित्तावर जायसवाल, जिला उपाध्यक्ष उमेश बाजपेयी, शहर भाजपा मंडल अध्यक्ष संकेत शुक्ला, ग्रामीण भाजपा मंडल अध्यक्ष डोमन वर्मा, जिला पदाधिकारी धनंजय साहू, शहर महामंत्री मणीकांत मिश्रा, पुरूषोत्तम साहू, विधि प्रकोष्ठ के आलोक अग्रवाल, प्रधानमंत्री कल्याण योजना के जिला कोषाध्यक्ष पुरूषोत्तम सोनी, जिला पंचायत सदस्य कुशल वर्मा, नरेश केसरवानी, प्रणव अवस्थी, रोमी साहू, अजय गर्ग, सतीश पटेल, अमन तिवारी, वासु ठाकुर, कृष्णा द्वीवेदी, कामेश वर्मा, राजू सलूजा, आकाश जायसवाल, राजेश मिश्रा, जिलानी खान, दीपक नेगी, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा शहर मंडल अध्यक्ष संजय श्रीवास सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेताओं ने एस.पी. कार्यालय जाकर विरोध जताया।

रजबंधा मैदान में फेंक रहे एक्सपायरी दवा खुले में जला रहे टेबलेट-इंजेक्शन व सिरप।

रजबंधा मैदान में थोक दवा बाजार के ठीक सामने खुले मैदान में बड़े पैमाने पर एक्सपायर्ड दवाएं पेट्रोल-डीजल से जलायी जा रही हैं। टेबलेट, इंजेक्शन के अलावा सिरप और बोरिक पाउडर तक जलाया जा रहा है। मैदान को एक तरह से एक्सपायर्ड दवाएं जलाने के लिए ही उपयोग किया जा रहा है। पूरे मैदान में जगह-जगह जली अधजली दवाओं के अवशेष फैल गए हैं। ज्यादातर लोग रात में चोरी-छिपे दवाएं जलाते थे। अब तो दिन दिन के उजाले में भी दवाएं जलायीं जा रही हैं। इसे लेकर न तो नगर निगम न ही ड्रग विभाग की ओर से कोई कार्रवाई की जा रही है। सोमवार को दोपहर करीबन थोक दवा बाजार के सामने स्थित खुले मैदान में कुछ लोग दवाईयां लाकर फेंक रहे थे। दवाएं फेंकने के कुछ देर बाद वे लोग लौटकर आए और इस बार वे दवाएं जलाने का सामान लेकर आए थे। उनके पास डिब्बे में पेट्रोल था। दवाओं में उन्होंने पेट्रोल डाला और माचिस से आग लगा दी। उनसे पूछने पर बताया कि एक्सपायर्ड हो चुके प्रोडक्ट को जला रहे हैं। वे यहां क्यों जला रहे हैं, पूछने पर बताया कि वे ऐसा वे पहले भी कर चुके हैं। जब उन्हें नियमों का हवाला देकर ऐसा करने से मना किया गया तो वे हड़बड़ा गए और आग बुझाने लगे। वे एक्सपायरी वाले गुलाब जल को जला रहे थे। उसकी प्लास्टिक की बोतलों पर डीजल डालकर आग लगाई गई थी। एक्सपायरी दवा और प्रोडक्ट जलाने वाले वे इकलौते नहीं हैं। पिछले 4-5 महीने के दौरान जब से इस खाली मैदान की बाउंड्रीवॉल की गई है, तब से दवा बाजार के कई कारोबारी बड़े पैमाने पर एक्सपायर्ड दवाईयां, इंजेक्शन, सिरप, टेबलेट व बोरिक पाउडर तक यहां न सिर्फ फेंक रहे बल्कि जला भी रहे हैं। नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द तक की कार्रवाई ड्रग कंट्रोलर के अनुसार बताया कि नियम विरुद्ध दवाओं को नष्ट करने पर दवा दुकान का लाइसेंस निरस्त करने के साथ जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जा सकती है। रजबंधा मैदान में खुले में अगर दवाएं नष्ट की जा रही हैं तो ये बड़ी लापरवाही है। इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में जिन कारोबारियों के नाम सामने आएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके साथ ही निगम को भी पत्र लिखकर उन्हें खुले में दवा फेंकने व जलाने के लिए जुर्माना वसूलने को कहा जाएगा। किसी भी बायो मेडिकल वेस्ट को नष्ट करने का ये है सही सिस्टम ड्रग कंट्रोलर केडी कुंजाम का कहना है किसी भी एक्सपायर्ड दवा या इसी तरह के प्रोडक्ट को नष्ट करने का नियम है। इसकी जानकारी सभी थोक व रिटेल मेडिकल शॉप वालों को है। दवा दुकान खाेलने की अनुमति ही नियम शर्ताें का पालन करने की सहमति के बाद दी जाती है। किसी भी एक्सपायरी दवा को नष्ट करने से पहले ड्रग विभाग को सूचित करना जरूरी है। कौन सी दवा और कब एक्सपायरी हो रही है इसका रजिस्टर मेंटेन करना नियम में है। दवा की एक्सपायरी होने की तारीख आते ही उसे बाकी दवाओं से अलग करना है ताकि गलती से भी किसी ग्राहक को न दे दी जाए। उसके बाद बायो मेडिकल वेस्ट सिस्टम से दवा नष्ट करने वालों को एक्सपायर्ड दवा का स्टॉक सौंपना है ताकि वे निर्धारित मापदंडों के अनुसार दवाओं को नष्ट करें। कुछ कंपनियां एक्सपायरी दवाएं वापस लेती हैं। ऐसी दशा में कंपनी को दवाएं वापस लौटायी जा सकती हैं। खुले में लंबे समय तक दवा जलाने से वायु प्रदूषण, बीमारियों का खतरा डॉक्टर्स का कहना है कि इस तरह खुले में लंबे समय तक दवा किसी जगह फेंकने से वहां का वातावरण के साथ जमीन व पानी भी प्रभावित होता है। इस पर दुष्प्रभाव पड़ता है। दवा व प्लास्टिक जलाने से वायु प्रदूषण होता है, इससे लोगों को सांस लेने के साथ अस्थमा व अन्य बीमारियों का खतरा बना रहता है। जमीन में लगातार दवा फेंकने से वहां की मिट्टी में इसका असर दिखाई देता है। वह भी दूषित होती है, ऐसे जगहों के आसपास बोरिंग व पानी की उपलब्धता में केमिकल मिल सकता है। इसके अलावा मवेशी के इस जगहों पर घास व फैली दवा खाने से मौत तक हो जाती है। सदस्यों को समझाएंगे, ऐसा न करें यह सरासर गलत है, मैं खुद उस जगह पर जाकर देखूंगा। वैसे भी अधिकतर दवा कपंनी एक्सपायर्ड दवाओं को खुद वापस ले लेती हैं। इन दवाओं को डिस्पोज करने का नियम होता है, इसे बायो मेडिकल वेस्ट वालों को दिया जाता है। जो ऐसे खुले में फेंकने के साथ जला रहे हैं, उन्हें चेताया जाएगा। सभी सदस्यों को इसे लेकर सूचित किया जाएगा। इसके बाद भी ऐसा कर रहे हैं तो उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। - विनय कृपलानी, अध्यक्ष, रायपुर थोक दवा कारोबारी संघ

भाटापारा नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों को 2 माह से नही मिला वेतन,कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन,भुगतान नही तो होगा कामबंद हड़ताल ।

भाटापारा:- नगर पालिका परिषद भाटापारा के समस्त सफाई कर्मचारियों ने जिला बलौदाबाजार भाटापारा के कलेक्टर महोदय को ज्ञापन के माध्यम से दो माह का वेतन भुगतान नही किये जाने की समस्या से अवगत कराया साथ मे पूर्व में दिए गए ज्ञापन की जानकारी देते हुए कोई उचित कार्यवाही नही किये जाने पर रुस व्यक्त करते हुए जिला कलेक्टर मुख्यालय में विरोध दर्ज करते हुए वेतन भुगतान नही किये जाने पर आगामी दिनाँक 09/09/2021 को कार्य बंद करने का अल्टीमेटम दिया साथ में सफ़ाई कर्मचारियों ने दिनाँक 20/01/2021 को नगर पालिका परिषद भाटापारा के सीएमओ नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सभापति,को भी इस समस्या से अवगत कराया था लेकिन कोई उचित कार्यवाही नही की इसलिए विवश होकर हमको कार्य बंद करने का फैसला लिया जा रहा है कार्य बंद होने कारण नगर वाशियो को होने वाली समस्याओं के लिए हम क्षमाप्राथि है।

सीएम भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर गए जेल

रायपुर:-सीएम भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल को पुलिस गिरफ्तार कर ​14 दिन के लिए जेल भेज दिया है। बता दें 14 दिनों की न्यायिक रिमांड में उन्हें जेल भेजा गया है, उन्होंने कहा कि ब्राम्हणवाद के खिलाफ ये मेरी अंतिम लड़ाई है, सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ूंगा। नंद कुमार बघेल को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जनक कुमार हिडको की कोर्ट पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें फिलहाल न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

शांतिकुंज हरिद्वार का संपर्क अभियान।

स्वर्ण जयंती 2021 शांतिकुंज हरिद्वार का संपर्क अभियान अंतर्गत खरसिया शांतिकुंज हरिद्वार प्रतिनिधि मंडल टोली नायक पूरन चंद्राकर जी की उपस्थिति में संपन्न हुआ इस गोष्ठी में पूर्वी क्षेत्र से मां गायत्री के आशीर्वाद प्राप्त ग्राम सोण्डका से भारी संख्या में परिजन उपस्थित होकर गौरव प्रदान किए! इसी तर्यतम मे ग्राम फूलबंध्या,आमापाली, चपले, खम्हार, जोबी, खरसिया व अन्य क्षेत्र से परिजन उपस्थित होकर मंत्रमुग्ध होकर पूरी बात सुने व गुरुदेव के कार्य को आगे बढ़ाने हेतु पूरन चंद्राकर के साथ संकल्पित हुए उनका कहना था कि विभीसड़ , हनुमान, सुग्रीव की भांति निष्ठावान होकर व शबरी की तरह विश्वास पात्र होकर गुरुवर के कार्य को संपादित करें तो युग अवश्य बदलेगा घर घर जाकर यज्ञ एवं माँ गायत्री के सुविचारों को फैलाना हीरक मंडल के माध्यम से पूरे क्षेत्र में युग साहित्य व गायत्री महाअभियान को सफल करना है अंत में शांति पाठ के बाद शक्तिपीठ के प्रमुख सुरेश कबूलपुरया के द्वारा व्यवस्थित भोजन प्रसाद करवाया गया

बलौदाबाजार कलेक्टर ने गणेशोत्सव संबंधित जारी की विस्तृत दिशा निर्देश..

बलौदाबाजार,7 सितंबर 2021/ कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने गणेशोत्सव संबंधित विस्तृत दिशा निर्देश जारी की है। नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए तथा इस माह में जिले में कोरोना पाॅजिटिव प्रकरणों की संख्या में वृद्धि की संभावना है। जिसे रोकने एवं नियंत्रण में रखने हेतु सभी संबंधित उपाय अमल लाया जाना उचित एवं आवश्यक हो गया है। जिसे दृष्टिगत रखते हुए गणेशोत्सव के संबंध में निम्नानुसार निर्देश प्रसारित किये जाते है। मूर्ति की ऊंचाई एवं चैड़ाई 4×4 फिट से अधिक न हो। मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15×15 फिट से अधिक न हो। पंडाल के सामने कम से कम 5 हजार वर्ग फिट की खुली जगह हो। पंडाल व सामने 5 हजार वर्गफिट की खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित न हो। मंडप/पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने हेतु पृथक से पंडाल न हो,दर्शकों एवं आयोजकों के बैठने हेतु कुर्सी नहीं लगाये जायेगें। किसी भी एक समय में मंडप एवं सामने मिलाकर 20 व्यक्ति से अधिक न हो। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक रजिस्टर संधारित करेगी जिसमें दर्शन हेतु आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम पता मोबाईल नंबर दर्ज किया जायेगा ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कांटेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति 4 सीसीटीवी लगायेगा,ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोराना संक्रमित होने पर कांटेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जायेगा,ऐसा पाये जाने पर संबंधित एवं समिति के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही किया जायेगा। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सैनेटाईजर, थर्मल स्क्रिनिंग,आक्सीमीटर, हेंडवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जायेगी। थर्मल स्क्रिनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर पंडाल में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति की होगी। व्यक्ति अथवा समिति द्वारा फिजिकल डिस्टेंसिंग,आगमन एवं प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बांस बल्ली से बेरिकेटिंग कराकर कराया जायेगा। यदि कोई व्यक्ति जो मूर्ति स्थापना स्थल पर जाने के कारण संक्रमित हो जाता है,तो ईलाज का संपूर्ण खर्च मूर्ति स्थापना करने वाला व्यक्ति अथवा समिति द्वारा किया जायेगा। कंटेनमेंट जोन में मूर्ति स्थाना की अनुमति नहीं होगी। यदि पूजा की अवधि के दौरान भी उपरोक्त क्षेत्र कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है तो तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी। मूर्ति स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथावा विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार के भोज, भंडारा, जगराता अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी।मूर्ति स्थापना के समय, स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथावा विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार के वाद्य यंत्र,ध्वनि विस्तारक यंत्र डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति स्थापना एवं विसर्जन के दौरान प्रसाद, चरणामृत या कोई भी खाद्य एवं पेय पदार्थ वितरण की अनुमति नहीं होगी।मूर्ति विसर्जन के लिए एक से अधिक वाहन की अनुमति नही होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए पिकअप, टाटाएस (छोटा हाथी) से बड़े वाहन का उपयोग प्रतिबंधित होगा। मूर्ति विसर्जन के वाहन में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त साज-सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए 4 से अधिक व्यक्ति नहीं जा सकेंगे एवं वे मूर्ति के वाहन में ही बैठेंगे। पृथक से वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी।मूर्ति विसर्जन के लिए प्रयुक्त वाहन को पंडाल से लेकर विसर्जन स्थल तक रास्ते में कहीं रोकने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के लिए नगरपालिका परिषद्/नगर पंचायत एवं संबंधित तहसील कार्यालय द्वारा निर्धारित रूट मार्ग, तिथि एवं समय का पालन करना होगा। शहर के व्यस्त मार्गों से मूर्ति विसर्जन वाहन को ले जाने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के मार्ग में कहीं भी स्वागत, भंडारा, प्रसाद वितरण पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। सूर्यास्त के पश्चात एवं सूर्योदय के पहले मूर्ति विसर्जन के किसी भी प्रक्रिया की अनुमति नहीं होगी।उपरोक्त शर्तो के साथ घरों में मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी, यदि घर से बाहर मूर्ति स्थापिता किया जाता है, तो कम से कम 7 दिवस पूर्व नगरपालिका/नगर पंचायत एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित तहसील कार्यालय से निर्धारित शपथ पत्र मय आवेदन देना होगा एवं अनुमति प्राप्त होने के उपरांत ही मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी। इन सभी शर्तों के अतिरिक्त भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, छत्तीसगढ़ शासन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग तथा जिला प्रशासन, बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश आदेश का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगा। यह निर्देश तत्काल प्रभावशील होगा तथा निर्देश का उल्लंघन करने पर एपीडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकुल नियमानुसार अन्य धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जायेगी।

यूरिया की कालाबाजारी और जमाखोरी के बीच उर्वरक निर्माता कंपनियों की मनमानी ।

यूरिया की कालाबाजारी और जमाखोरी के बीच उर्वरक निर्माता कंपनियों की मनमानी भी सामने आई है। सोमवार को एक कंपनी की रैक आई लेकिन कंपनी ने कुछ खाद प्राइवेट कारोबारियों को देने की जिद की। कलेक्टर के आदेश पर रैक का बाकी यूरिया भी जब्त कर लिया गया है। यूरिया की कमी से धान की के साथ किसानों के चेहरे भी मुरझा गए। हैं। बारिश होने के बाद अब यूरिया की बहुत जरूरत है, लेकिन आपूर्ति नही होने और जमाखोरी के कारण किसानों तक आवंटित स्टॉक भी नहीं पहुंच रहा है। थोक डीलरों की चालबाजी के कारण इस बार दोगुनी कीमत पर यूरिया बेचा जा रहा है। कमी को पूरा करने के लिए लगातार कंपनियों से आपूर्ति करने को कहा जा रहा है। सोमवार को इंडियन पोटाश लिमिटेड कंपनी की रैक खरसिया पहुंची, जिसमे 2658 टन यूरीया थी। मिली जानकारी अनुसार इसे डीपीएमके फर्टिलाइजर ने मंगवाया था। लेकिन उसका लाइसेंस कृषि विभाग ने निलंबित किया है। आईपीएल कंपनी ने परिवहन का ठेका डीजी ट्रांसपोर्ट को दिया है, जो डीपीएमके कंपनी का ही है। मतलब डीपीएमके और डीजी दोनों के मालिक द्वारिका गुप्ता है। डीपीएमके का लाइसेंस निलंबित होने के कारण डीजी ट्रांसपोर्ट खाद का वितरण करने की कोशिश कर रहा था। कृषि विभाग के उर्वरक निरीक्षक नृपराज डनसेना अपनी टीम के साथ पहुंचे तो 2658 टन में से रायगढ़ जिले की समितियों के लिए 1348 टन और जांजगीर चाम्पा के जिले के लिए 605 टन यूरिया आबंटित किया गया। शेष यूरिया भी सहकारी समितियों को देने कहा गया लेकिन आईपीएल कंपनी और डीजी ट्रांसपोर्ट सहमत नही हुए। इसलिए बाकी का 705 टन यूरिया भी जब्त कर लिया गया। पूरा यूरीया रेक से उतारकर ट्रकों में लोड करवा लिया गया। सुरक्षा के लिए पुलिस की ड्यूटी लगवाई गई है। कमाई में होता है कमीशन इस साल उर्वरक कंपनियों को थोक डीलरों के जरिए भारी भरकम कमाई हुई है। सब्सिडी तो केंद्र सरकार से मिलेगी ही, लेकिन 266 रुपए प्रति बोरी से दोगुनी कीमत पर यूरिया बिकने पर कमीशन अलग से मिलेगा। उस रकम को व्यापारी और कंपनी के बीच बांटा जाता है। थोक डीलरों ने भी इस रैक पर नजरें गड़ाकर रखी थी। कलेक्टर भीमसिंह के आदेश पर पूरा यूरिया सहकारी समितियों के जरिए वितरित कराने की योजना बनाई गई है।

खुलेआम हो रही लकड़ी तस्करी , दुर्घटनाग्रस्त अवस्था मे मिली तस्कर की वाहन।

दिनांक 06 सितम्बर लोकेशन - खरसिया बैंड - एंकर - खरसिया क्षेत्र के ग्राम करपीपाली में एक वाहन CG 11 CA 1000 दुर्घटनाग्रस्त हालात में मिली , जब ग्रामीणों द्वारा गाडी के दरवाजे को खोल कर देखा गया तो गाड़ी में बेसकीमती लकड़ियां मिली जिसके बारे में ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को जानकारी दी गई , जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुच कर गाड़ी को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्यवाही व आरोपी वाहन मालिक के पतासाजी में जुट गई है । मिली जानकारी के अनुसार आरोपी की गाड़ी पुल से टकराई जिससे आरोपी को काफी चोट लगी है जिसके उपचार हेतु वो स्वयं सिविल हॉस्पिटल खरसिया पहुच गया है...

गुरू से ही देश और समाज का होता है विकासः मंत्री डॉ. डहरिया

शिक्षक दिवस में नगरीय प्रषासन मंत्री ने किया सेवानिवृत्त शिक्षकों और कोरोनाकाल में मृत शिक्षकों के परिजनों का सम्मान रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा श्रम मंत्री और आरंग विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. शिवकुमार डहरिया ने आज शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सम्मान समारोह में क्षेत्र के सेवानिवृत्त शिक्षकों और कोरोनाकाल में मृत शिक्षक के परिवारों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मंत्री डॉ.डहरिया ने कहा कि गुरू का स्थान हमेशा पिता से बड़ा माना जाता है। गुरू से हमें ज्ञान मिलता है। ज्ञान से ही सही समाज और देश का भविष्य तैयार होता है। देश और समाज के विकास में गुरू के योगदान का भुलाया नहीं जा सकता। शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में आरंग के सतनाम भवन में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में मंत्री डॉ.डहरिया ने 29 सेवानिवृत्त शिक्षकों सहित कोरोना काल में असमायिक जान गंवाने वाले 17 शिक्षकों के परिजनों को भी शॉल और श्रीफल से सम्मानित किया। मंत्री डॉ. डहरिया ने इस अवसर पर कहा कि देश के प्रथम उपराष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन के जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। मुझे खुशी है कि मैं भी शिक्षक परिवार का सदस्य हूं और शिक्षकों की समस्या से लेकर उनके सम्मान के विषय में जानता हूं। आज शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों का सम्मान करना मेरे लिए गौरव के साथ भावुक होने का भी पल है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ शिक्षकों की समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया गया है। शिक्षकों का संविलयन से लेकर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने और स्कूलों में नियुक्ति करने में सरकार का प्रयास निरन्तर जारी रहा। स्वामी आत्मानंद विद्यालय की स्थापना कर अंग्रेजी माध्यम से सर्वसुविधायुक्त पढ़ाई और बस्तर क्षेत्र में बंद हो चुके विद्यालयों का पुनः संचालन भी किया गया। मंत्री डॉ. डहरिया ने कहा कि क्षेत्र के शिक्षकों के योगदान से ही आरंग क्षेत्र के विद्यालयों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी अपना मुकाम हासिल कर पाते हैं। इसलिए शिक्षकों का सम्मान सदैव करते रहना चाहिए। सतनाम भवन में आयोजित सम्मान समारोह में सम्मान के दौरान कोरोना काल में निधन हो चुके शिक्षक के परिजनों का सम्मान के दौरान भावुक का क्षण भी नजर आया।

उड़नदस्ता टीम ने कृषि दुकानों पर छापा मारकर पकड़ी गड़बड़ी।

एक लाइसेंस निरस्त, दो दुकान निलम्बित, एक को नोटिस* बलौदाबाजार, 5 सितंबर 2021/जिले में उर्वरक के नियमानुसार वितरण हेतु लगातार छापामार कार्रवाई चल रही है। इस कड़ी में जिला स्तरीय निरीक्षण दल द्वारा आज दिनांक 5.9.2021 को विकासखंड बलौदा बाजार के पांच उर्वरक एवं कीटनाशक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में चार विक्रय केंद्रों में अनियमितता एवं गड़बड़ी पाई गई। अनियमितता पाए जाने के कारण ग्राम ठेलकी के कश्यप कृषि केंद्र का उर्वरक प्राधिकार पत्र (लाइसेंस) निरस्त किया गया है। इसी प्रकार ग्राम अर्जुनी के शर्मा कृषि केंद्र के उर्वरक एवं कीटनाशक अनुज्ञप्ति 14 दिनों के लिए निलंबित किया गया है। महालक्ष्मी कृषि केंद्र अर्जुनी का उर्वरक प्राधिकार पत्र सात दिवस के लिए निलंबित किया गया है तथा मां गायत्री कृषि केंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उक्त सभी विक्रय केंद्रों को अनियमितता के संबंध में दो दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है तथा चेतावनी दिया गया है कि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति होती है तो उनके अनुज्ञप्ति को सब दिन के लिए निरस्त किया जावेगा। साथ ही विक्रय केंद्रों का नियमानुसार संचालन करने हेतु कड़ा निर्देश दिया गया है। ग्राम रिसदा के वर्मा कृषि केंद्र का संचालन नियमानुसार पाया गया। जिलास्तरीय निरीक्षण दल में उप संचालक कृषि सतराम पैकरा सहित स्थानीय उर्वरक निरीक्षक एवं अन्य अधिकारी शामिल थे।