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वीडियो: मुजफ्फरनगर के कैराना में गरजे असदुद्दीन ओवैसी- दंगों में बहा मुसलमानों का खून, मां-बहनों का हुआ बलात्कार, किसी ने नहीं की मदद

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (ऐआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पड़ोसी शामली जिले के कैराना से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार शुरू किया। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि समाजवादी पार्टी में किसी को भी 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगों में बहाए गए मुसलमानों के खून की पर्वाह नहीं है। वहीं ओवैसी ने चुनौती देते हुए कहा, “किसी माई के लाल में दम है जो मुझे यूपी आने से रोक सके, यूपी किसी के बाप का नहीं है”। ओवैसी ने सपा के चुनाव के दौरान अपने घोषणापत्र में किए गए वादों को न निभाने की बात कही और बीजेपी पर नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाया। ओवैसी ने आगे कहा, “शामली में लूटा जा रहा है, दादरी में मुसलमानों को मार दिया, मुजफ्फरनगर में मां-बहनों का हुआ बलात्कार मगर किसी ने मदद नहीं की।” उन्होंने आगे कहा “इन्होंने क्या किया…? पांच लाख लेलो, 15 लाख लेलो… मुसलमानों के खून की कीमत बस इतनी है। इसलिए इस बार चुनाव में आप अपनी पार्टी को वोट करें।”

अपने विवादित बयानों के लिए जाने जाने वाले ओवैसी ने राज्य में लोकप्रिय राजनीतिक दलों, विशेष रूप से सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा कि वे ‘‘सिर्फ चुनावों के दौरान ही अल्पसंख्यकों के अधिकारों की वकालत करते हैं।’’ यहां एक चुनावी रैली में एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा, ‘‘सभी दलों ने उत्तर प्रदेश में अल्संख्यकों, पिछड़ा वर्ग और वंचित तबके के महज वोट बैंक के रूप में देखा है।’’ सत्तारूढ़ पर चुटकी लेते हुए, उन्होंने कहा, ‘‘एक पार्टी जो खुद अपने परिवार से लड़ रही है, हमसे कैसे लड़ सकती है?’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुलायम सिंह के नेतृत्व वाली पार्टी एआईएमआईएम को प्रदेश में नहीं चाहती है, जबकि हम अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं, और सपा उन्हें सिर्फ वोटबैंक के रूप में देख रही है।’’

हैदराबाद आधारित नेता नेता ने टिप्पणी किया, पार्टियां अल्पसंख्यकों के दिलों में ‘‘भाजपा लहर’’ का डर बैठाकर वोट पाना चाहती हैं। ओवैसी ने सवाल किया, ‘‘पार्टियां विभिन्न तरीकों से अल्पसंख्यकों का विश्वास और वोट पाना चाहती हैं। लेकिन क्या वे अल्पसंख्यकों की बेहतरी की ओर जा रही हैं?’’ ओवैसी ने लोगों ने कहा कि वह एआईएमआईएम को वोट दें और ‘‘अपनी आवाज सुनाएं।’’ पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए 11 प्रत्याशियों की सूची जारी की है।

अधिकारियों के काम से नाखुश पीएम मोदी, बीच में छोड़ी मीटिंग, कहा- तुम काम को लेकर सीरियस नहीं हो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विभिन्न विभागों के सचिवों के काम से खुश नहीं हैं। इस बात के दो मामले सामने आए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, एक बार तो पीएम प्रेजेंटेशन के खत्म होने से पहले ही निकल गए। खबर के मुताबिक, पहली बार तो पीएम ने सचिवों को और ज्यादा मेहनत करने के लिए कहा और दूसरी बार यानी पिछले हफ्ते वे मीटिंग के बीच से ही उठकर चले गए। यह हैरान करने वाली बात इसलिए है क्योंकि ज्यादातर बार पीएम मोदी मीटिंग के खत्म होने तक बैठते हैं और बातचीत में हिस्सा लेते हैं। हालांकि, मोदी के नाराज होने की पूरी वजह सामने नहीं आई है। मीटिंग में किस बात का जिक्र हुआ था इसका भी पता नहीं चल पाया है।

क्या कहा मोदी ने: पीएम की तरफ से कहा गया कि उन्हें अधिकारी काम के लिए सीरियरस नहीं लगते। वहां मौजूद लोगों से और ज्यादा मेहनत करने के लिए भी कहा गया। इसके साथ ही पीएम ने सभी विभागों के सचिवों को फिर से नए तरीके से काम करके नए विचारों और आइडियाज को सामने लेकर आने को कहा।

कब-कब हुआ ऐसा: पीएम की पहली बार की नाराजगी कृषि और उससे जुड़े विभाग के सचिवों से हुई मीटिंग में सामने आई। उसके बाद दूसरी बार ऐसा पिछले हफ्ते हुआ। जब मोदी स्वास्थ्य, स्वच्छता और शहरी विकास के सचिवों की मीटिंग से उठकर चले गए थे। मोदी उस मीटिंग के खत्म होने से पहले ही निकल गए थे। दोनों मीटिंग्स में सचिवों और पीएम मोदी के अलावा नीति आयोग और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को भी अधिकारी मौजूद थे।

एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया पर 3,050 करोड़ के जुर्माने को अटॉर्नी जनरल ने सही ठहराया

नई दिल्ली। दूरसंचार कंपनियों भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर पर 3,050 करोड़ रुपये के कुल जुर्माने का रास्ता साफ करते हुए समझा जाता है कि अटॉर्नी जनरल ने राय दी है कि दूरसंचार विभाग के पास सेवाप्रदाताओं पर उनकी सेवाओं में कमी के लिए जुर्माना लगाने का अधिकार है।

एक सूत्र ने कहा कि अटॉर्नी जनरल ने राय दी है कि दूरसंचार विभाग के पास सेवाओं की गुणवत्ता के उल्लंघन पर जुर्माना लगाने का अधिकार है। इस घटनाक्रम पर भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल ने कहा कि हमारा रुख यह है कि यह जुर्माना हड़बड़ी में लगाया गया है। हमने इस बारे में ट्राई, दूरसंचार विभाग को पत्र लिखा है। जो मुझे पता है कि दूरसंचार विभाग ने ट्राई की सिफारिशों पर विचार के लिए समिति बनाई है। हम सभी को इसके नतीजों का इंतजार है।

बता दें, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने एयरटेल और वोडाफोन पर 1,050-1,050 करोड़ रुपये तथा आइडिया पर 950 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की थी। ट्राई ने दूरसंचार विभाग को भेजी अपनी सिफारिशों में कहा कि इन तीनों कंपनियों ने लाइसेंस शर्तों और सेवा गुणवत्ता नियमों का उल्लंघन किया। इन कंपनियों की कॉल ड्रॉप की दर काफी ऊंची रही और रिलायंस जियो के लिए इंटरकनेक्ट बिंदुओं पर ‘जाम’ की स्थिति मिली।

ट्राई की सिफारिशों के बाद दूरसंचार विभाग ने इस बारे में अटॉर्नी जनरल की राय मांगी थी। दूरसंचार विभाग ट्राई के जुर्माने के सुझाव पर आगे बढ़ने से पहले अटॉर्नी जनरल की राय का इंतजार कर रहा था।

काला हिरन शिकार मामला: जोधपुर कोर्ट ने सलमान, सैफ, तबू, सोनाली बेंद्रे को 25 जनवरी को पेश होने को कहा

राजस्‍थान में काला हिरन शिकार मामले में जोधपुर कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी किया है। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान, सैफ अली खान, तबू, नीलम और सोनाली बेंद्रे को 25 जनवरी को अदालत के सामने पेश होने को कहा गया है।इस केस से जुड़े दो अन्य मामलों में सलमान खान को राजस्थान हाईकोर्ट ने जुलाई 2016 में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था जिसके खिलाफ राजस्थान सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी।
साल 1998 के काला हिरण के शिकार के  केस में सलमान खान साल 2007 में करीब एक सप्ताह तक जेल में रहे थे। सलमान पर आरोप था कि उन्होंने बिना लाइसेंस वाली बंदूक से काला हिरण का शिकार किया है। निचली अदालत ने इस मामले में दोषी करार देते हुए सलमान खान को दो अलग-अलग मामलों में क्रमश: एक और पांच साल की सजा सुनाई थी।
गौरतलब है कि सलमान खान के खिलाफ 26-27 सितंबर, 1998 में भवाद गांव में दो चिंकारा और 28-29 सितंबर, 1998 में मथानिया (घोड़ा फार्म) में एक चिंकारा के शिकार के संबंध में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 51 के तहत मामले दर्ज किए गए थे। निचली अदालत (सीजेएम) ने उन्हें दोनों मामलों में दोषी ठहराते हुए 17 फरवरी 2006 को एक साल और 10 अप्रैल, 2006 को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई थी।

 

सेनाध्यक्ष बिपिन रावत बोले- पाकिस्तान पर फिर कर सकते हैं सर्जिकल स्ट्राइक

देश के नए सेनाध्यक्ष बिपिन रावत ने कहा है कि फिलहाल पड़ोसी देश पाकिस्तान की तरफ से युद्ध विराम का उल्लंघन नहीं हो रहा है, सीमा पार से गोलीबारी की घटनाओं में कमी आई है लेकिन भविष्य में अगर फिर से पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया तो हम दोबारा सर्जिकल स्ट्राइक करेंगे। शुक्रवार को नई दिल्ली में सेना के वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में उन्होंने ये बात कही। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में अगर युद्ध होता है तो वो लड़ाई लंबी नहीं चलेगी। उन्होंने कहा, “एक कहावत है, रक्षा के लिए आक्रमण सबसे अच्छा होता है लेकिन हम आक्रमण की नीति पर नहीं चलते हैं। हम खुद और पड़ोसियों से भी शांति और सद्भाव की अपेक्षा रखते हैं।” उन्होंने कहा कि अगर कोई हमारी शांति और सद्भाव की नीति पर हमला करेगा तो हम सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ऑपरेशन से पीछे नहीं हटेंगे।
इसके साथ ही सेनाध्यक्ष ने देशभर के सैनिकों से अपने सभी मुद्दे आंतरिक स्‍तर पर उठाने के लिए कहा है। रावत ने सेना के सामने चुनौतियों पर भी बात की। उन्‍होंने कहा, ‘हमें नए हथियार और सिस्‍टम लाने की जरूरत है। प्रॉक्‍सी वॉर, आतंकवाद और घुसपैठ की चुनौतियां हमें आने वाले कई साल तक परेशान करेंगी।’ रावत ने सार्वजनिक माध्‍यमों के प्रयोग से बचने की हिदायत दी। उन्‍होंने कहा कि जिन्‍हें किसी भी बात से शिकायत है, वह अधिकारियों से अपनी व्‍यथा कहें। उन्होंने कहा कि ‘जिसे भी किसी भी तरह की शिकायत है वो मुझसे डायरेक्‍टली कह सकता है।’ उन्‍होंने कहा कि ‘आर्मी हेडक्‍वार्टर और बाकी कमांड्स में सजेशन एंड ग्रीवांस बॉक्‍स लगा है, जिसे भी शिकायत है वो उसमें डाल सकता है, हम उस पर ध्‍यान देंगे।” रावत ने कहा कि ‘हमारे लिए हर जवान मायने रखता है।’
रावत ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा, ”मीडिया के जरिए, मैं सेना के हर रैंक तक अपनी बात पहुंचाना चाहता हूं। उन्‍हें जो भी शिकायतें हैं, वह हमारे बेहतरीन ग्रीवांस रीड्रेसल सिस्‍टम के तहत संज्ञान में ला सकते हैं। रैंक और सेवा किनारे रखकर कोई भी मुझसे सीधे संपर्क कर सकता है। हम चाहते हैं कि वे (जवान) सोशल मीडिया की बजाय सीधे हमारे पास आएं।”
गौरतलब है कि बीएसएफ जवान का एक वीडियो सामने आने के बाद सेना के जवानों ने भी बदइंतजामी को लेकर सोशल मीडिया पर आवाज बुलंद की है। इसी के मद्देनजर सेनाध्यक्ष ने सैनिकों को अनुशासन में रहकर शालीन और संयत तरीके से अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाने की अपील की है।

 

बिहार के औरंगाबाद में सीआईएसएफ जवान ने कर दी साथियों पर फायरिंग, 4 जवानों की मौत, 2 घायल

बिहार के औरंगाबाद जिले में सीआईएसएफ जवान ने अपने साथियों पर गोलीबारी कर दी, जिसमें 4 जवानों की मौत हो गई और दो जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना की पुष्टि जिले के पुलिस अधीक्षक ने की है। घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि किन कारणों से आपस में गोलीबारी हुई। इस घटना के बाद सीआईएसएफ के डायरेक्टर जनरल और आईजी औरंगाबाद पहुंचे। एसपी सत्यप्रकाश ने कहा कि सीआईएसएफ जवान बलबीर ने कहा छुट्टी के मामले को लेकर गुस्सा थे और उन्होंने गुस्से में अपने साथियों पर फायरिंग कर दी।

फायरिंग में दो की मौत मौके पर ही हो गई, जबकि दो घायल जवानों की मौत अस्पताल ले जाते वक्त हो गई। घटना तड़के करीब 12.34 बजे हुई। आरोपी जवान उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ का रहने वाला है। उसे घटना के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंचे। मरने वाले जवानों में बच्चा शर्मा, एन मिश्रा, अरविंद कुमार और जीएस राम हैं। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में पचा चला है कि बलबीर ने गुस्से में आकर अपनी ही सर्विस राइफल से फायरिंग कर दी।

सुब्रत राय सहारा को सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी- बकाया 600 करोड़ नहीं चुकाया तो फिर भेजेंगे जेल

सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय सहारा को चेतावनी दी है। अदालत ने कहा है कि अगर सहारा समूह 6 फरवरी तक सेबी को भुगतान नहीं करता तो उन्‍हें फिर से जेल भेजा जा सकता है। सहारा समूह को 6 फरवरी तक सेबी के पास 600 करोड़ रुपए जमा कराने हैं। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार (28 नवंबर) को सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय से कहा था कि यदि उन्हें जेल से बाहर रहना है तो वह सेबी-सहारा रिफंड खाते में अगले साल 6 फरवरी तक 600 करोड़ रुपए जमा करायें। न्यायालय ने उन्हें तब भी आगाह किया था कि धनराशि जमा कराने में विफल रहने पर उन्हें फिर जेल में लौटना होगा।नवंबर में प्रधान न्यायाधीश तीरथ सिंह ठाकुर, न्यायमूर्ति ए के सिकरी और न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा था कि यदि सहारा समूह निवेशकों की बकाया राशि का भुगतान करने के लिये संपत्ति बेचने में असफल रहा तो वे इसके लिये ‘रिसीवर’ नियुक्त करने पर विचार कर सकते हैं। पीठ ने कहा, ‘यदि आप (सहारा समूह) संपत्ति बेचने में असफल रहे तो न्यायालय रिसीवर नियुक्त करना बेहतर समझेगी।’’ साथ ही पीठ ने यह भी कहा कि वह किसी व्यक्ति को जेल में नहीं रखना चाहती।

अनुराग ठाकुर या अजय शिर्के रद कराना चाहते थे इंग्‍लैंड का भारत दौरा, किया था ECB को फोन?

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारत के एक टॉप क्रिकेट अधिकारी ने इंग्‍लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) अध्‍यक्ष जाइल्‍स क्‍लार्क को फोन कर दौरा रद करने को कहा था। सूत्रों के हवाले से डीएनए ने लिखा है कि 2 जनवरी को बीसीआई पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अधिकारी ने ऐसा किया। 18 जुलाई को दिए आदेश पर अमल न करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई अध्‍यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के को पद से हटा दिया था। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इनमें से एक ने क्‍लार्क से बात की और उन्‍हें ‘एकदिवसीय और टी-20 सीरीज के लिए अंग्रेजी टीम को वापस भारत भेजने से मना’ करने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि इस बातचीत की जानकारी जस्टिस आरएम लोढ़ा आयोग को दी गई है। यह वाकया ऐसे समय पर प्रकाश में आया है जब बोर्ड अधिकारी यह कह रहे हैं कि ‘राज्‍य एसोसिएशनें किसी न किसी वजह से भारत-इंग्‍लैंड सीरीज होस्‍ट कराने से मना कर सकते हैं।’
जस्टिस लोढ़ा पैनल के सचिव गोपाल शंकरनारायणन ने डीएनए से कहा, ”मुझे लगता है कि अब साफ है कि कौन क्रिकेट के हितों के लिए काम कर रहा है। अब जब उनके पास सत्‍ता नहीं है तो वे खेलों में हस्‍तक्षेप कर रहे हैं, सेलेक्‍टर्स को फोन कर रहे हैं, विपक्षी टीमों को भारत आने से रोक रहे हैं, यह सब खलबली के सबूत हैं।” उच्चतम न्यायालय ने 18 जुलाई 2015 को लोढ़ा समिति की सिफारिशों को अनिवार्य बनाने का आदेश दिया था जिसे बोर्ड लागू करने में विफल रहा जिसके बाद शीर्ष अदालत ने ठाकुर और बीसीसीआई सचिव अजय शिर्के को बाहर का रास्ता दिखा दिया।
बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में बर्खास्त किए गए अनुराग ठाकुर ने उच्चतम न्यायालय के आदेश पर कहा था कि अगर शीर्ष अदालत को लगता है कि क्रिकेट बोर्ड सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के मार्गदर्शन में अच्छा करेगा तो वे उन्हें शुभकामनाएं देती हैं।
ठाकुर ने कहा, ‘मेरे लिए यह निजी जंग नहीं थी, यह खेल संस्था की स्वायत्ता की लड़ाई थी। मैं उच्चतम न्यायालय का उतना की सम्मान करता हूं जितना किसी नागरिक को करना चाहिए। अगर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को लगता है कि बीसीसीआई सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के नेतृत्व में बेहतर कर सकता है तो मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। मुझे यकीन है कि भारतीय क्रिकेट उनके मार्गदर्शन में अच्छा करेगा।’

 

पंजाब में वोटरों से बोले मनीष सिसोदिया – अरविंद केजरीवाल को ही हमारा सीएम उम्मीदवार समझ लीजिए

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के बयान से अंदाजा लगाया जाने लगा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पंजाब में आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हो सकते हैं। मंगलवार (10 जनवरी) को मोहाली में एक रैली के दौरान मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘आपका वोट केजरीवाल के नाम पर होना चाहिए। मान लीजिए कि वो आपके सीएम कैंडिडेट हैं।’
सिसोदिया के इस बयान पर सुखबीर सिंह बादल ने भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘लोगों को केजरीवाल के लिए वोट देने की बात कहकर मनीष सिसोदिया ने अपने प्लान के बारे में बता दिया। उन्होंने दिखा दिया कि वे लोग पंजाबियों पर भरोसा नहीं करते।’
गौरतलब है कि पंजाब में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने हैं। पंजाब में 117 विधानसभा सीटें हैं जिनके लिए 4 फरवरी को वोटिंग होगी। चुनाव के नतीजों का ऐलान 11 मार्च को किया जाएगा।

 

वाइब्रेंट गुजरात समिट: पीएम मोदी बोले- ‘मेक इन इंडिया’ इतना बड़ा ब्रांड बना जैसा भारत के पास पहले नहीं था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (10 जनवरी) को वाइब्रेंट गुजरात समिट के आठवें कार्यक्रम में भाषण दिया। मोदी ने सबसे पहले कार्यक्रम में सहयोग करने वाले देशों का धन्यवाद किया। उन्होंने जापान और कनाडा का अलग से भी शुक्रिया किया। मोदी ने आगे कहा कि गुजरात महात्मा गांधी और सरदार वल्लभ भाई पटेल की भूमि है और भारत की व्यापार की भावना को भी दिखाती है। मोदी ने कहा कि डिजिटल टेक्नोलॉजी विकास में तेजी लाती है और सरकार को ठीक और सरल रूप से काम करने में मदद करती है। मोदी ने मौजूद लोगों ने कहा, ‘यकीन कीजिए हम लोग दुनिया की सबसे डिजीटल अर्थव्यवस्था बनने की दहलीज पर खड़े हैं।’
मोदी ने कहा कि वैश्विक मंदी के बावजूद भारत ने अच्छी बढ़त हासिल करके दिखाई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भारतीय अर्थव्यवस्था में बदलाव के लिए पूरी कोशिश कर रही है। मोदी ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ वैश्विक स्तर पर उतना बड़ा ब्रैंड बन चुका है जो कि भारत के पास पहले नहीं था। उन्होंने बताया कि भारत निर्माण उद्योग में दुनिया में छठा स्थान रखता है।
मोदी ने कहा कि भारत टूरिज्म को बढ़ावा देना चाहता है और इसके लिए बड़े पैमाने पर काम करना चाहता है।

 

लखनऊ में हिट एंड रन: रैन बसेरे में सो रहे लोगों पर चढ़ा दी कार, चार की मौत, दो गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के डालीबाग इलाके में शनिवार देर रात हिट एंड रन का मामला सामने आया है। हादसा तब हुआ जब रैन बसेरे में कुछ लोग सो रहे थे। शनिवार-रविवार की रात एक तेज रफ्तार कार रैन बसेरे में घुस गई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। एक्सिडेंट के बाद आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, लखनऊ पुलिस ने पांच में से दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि तीन अभी भी फरार हैं। घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया, इनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मामले पर बोलते हुए एसएसपी मंजिल सैनी ने कहा कि आरोपी शराब के नशे में थे। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और कार को जब्त कर लिया गया है। एनडीटीवी के मुताबिक, हादसे में मारे गए चारों लोग दिहाड़ी मजदूर थे जो उत्तर प्रदेश के बेहराइंच जिले के रहने वाले थे। हादसे में कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। यह लाल रंग की हुंडई i20 कार थी, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर UP 32 GH 7788 है।

 

नीति आयोग ने कहा- कार्ड्स, एटीएम, पीओएस 2020 तक हो जाएंगे बेमानी

नोटबंदी के बाद डिजिटल लेनदेन में काफी इजाफा देखने को मिला है लेकिन इसी बीच नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने एक चौकाने वाली बात कही है। कांत ने एटीएम कार्ड्स और पीओएस टर्मिनल्स का इस्तेमाल, 2020 तक बेकार हो जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि भारत में 2020 तक पीओएस और एटीएम कार्ड्स का इस्तेमाल बेकार हो जाएगा, लेकिन कांत ने इसकी वजह बताने की कोशिश भी की। उन्होंने आगे कहा कि आज देश में ज्यादातर लोग, लेनदन पूरा करने के लिए अपने अंगूठे का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय में डिजिटल लेनदेन की टेक्नॉलोजी में भी विकास होने जा रहा है।
अमिताभ कांत ने आगे कहा कि भारत ने बायोमेट्रिक सिस्टम तकनीक बना ली है। उन्होंने हाल ही में लाई गई भीम ऐप और आधार पेमेंट
सिस्टम डेवलप करने का उदाहरण दिया। अमिताभ कांत 7 जनवरी 2017 को यूथ प्रवासी भारतीय दिवस को संबोधित करने गए थे जहां पर उन्होंने यह बाते कही। वहीं उन्होंने आगे कहा कि देशभर में एक बिलियन मोबाइल यूजर्स हैं और उतने ही बायोमेट्रिक। भारत कैश पर आधारित एक बड़ी अर्थव्यवस्था है। इसी बीच देश में सिर्फ 2 से 2.5 भारतीय ही टैक्स देते हैं। ऐसे में भारत के इन-फॉर्मल सेक्टर को फॉर्मल बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
कांत ने यह भी कहा कि भारत का ऐसी स्थिति में 10 ट्रिलिन की अर्थव्यवस्था बनना मुश्किल है इसलिए इन-फॉर्मल सेक्टर को फॉर्मल बनाना जरूरी है। इसके अलावा आखिर में कांत ने स्टार्टअप के लिए युवाओं को प्ररित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने अंदर पैशन होना चाहिए ताकी वह नए स्टार्टअप-इनोवेशन करें। उन्होंने कहा कि आने वाले ढाई सालों में कार्ड्स का इस्तेमाल गैर-जरूरी हो जाएगा।

 

पुदुचेरी के उप-राज्‍यपाल पद से इस्‍तीफा देंगी किरण बेदी, लोगों को लिखी चिट्ठी

केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी की उप-राज्‍यपाल किरण बेदी ने लोगों को पत्र लिखकर कहा है कि वह अगले साल पद त्‍याग देंगी। बेदी ने कहा कि 29 मई, 2018 को पुदुचेरी में दो साल पूरे होने पर वह कार्यालय छोड़ देंगी। राज्‍य की वी. नारायणसामी सरकार और बेदी के बीच पिछले कुछ दिनों में खासा तनाव पैदा हो गया था। मुख्यमंत्री वी.नारायणस्वामी ने 31 दिसंबर को आदेश जारी कर आधिकारिक वार्ताओं के लिए वॉट्सएेप, फेसबुक और ट्विटर पर रोक लगा दी थी, लेकिन इसके एक दिन बाद ही एलजी ने इसे रद्द कर दिया।

 
 

बॉलीवुड के अभिनेता ओम पुरी का निधन शाम 6 बजे होगा अंतिम संस्कार

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता ओम पुरी का दिल का दौरा पड़ने से शुक्रवार 6 जनवरी को निधन हो गया। वो 66 साल के थे। शाम छह बजे उनका अंतिम संस्कार होगा। बॉलीवुड उनके जाने से शोक में है।  18 अक्टूबर 1950 को बॉलीवुड के अभिनेता ओम पुरी का जन्म हरियाणा के अंबाला में एक पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके पिता भारतीय रेलवे और भारतीय सेना में काम करते थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1976 में आई मराठी फिल्म घासीराम कोतवाल से की थी। उन्हें भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। पुरी पुणे के फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के छात्र थे। एक्टर ने 1973 के बैच में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से नसीरुद्दीन शाह के साथ पढ़ाई की थी। पुरी ने भारतीय फिल्मों के साथ ही पाकिस्तानी, ब्रिटिश और हॉलीवुड फिल्मों में काम किया था। उनके खाते में स्वतंत्र फिल्मों के साथ ही आर्ट फिल्में भी दर्ज हैं। उन्होंने अमेरिकन फिल्मों में भी एपियरेंस दी है।
1993 में ओम पुरी ने नंदिता पुरी से शादी की थी। हालांकि यह जोड़ा 2013 में अलग हो गया था। उनका एक बेटा इशान है। उन्होंने ब्रिटेन और अमेरिका में प्रोड्यूस हुई कई फिल्मों में काम किया है। विजय तंदुलकर के मराठी नाटक पर बनी फिल्म घासीराम कोतवाल के साथ पुरी ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म का निर्देशन के हरिहरन और मनी कौल ने किया था। दिलचस्प बात यह है कि फिल्म एफटीटीआई के 16 छात्रों के सहयोग से बनी थी। एक्टर ने दावा किया था कि उन्हें अपने बेहतरीन काम के लिए मूंगफली दी गई थी।
 
1982 में आई फिल्म अर्ध सत्य के लिए ओम पुरी को बेस्ट एक्टर का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया था। फिल्म में उन्होंने एक पुलिस इंस्पेक्टर का किरदार निभाया था। फिल्मों के अलावा एक्टर कई टीवी शोज में भी काम कर चुके हैं। जिसमें 2004-20005 के बीच सोनी चैनल पर प्रसारित होने वाले शो आहट का दूसरा सीजन सीजन, भारत एक खोज, यात्रा, मिस्टर योगी, काकाजी कहिन, सी हॉक्स और अंतारल शामिल हैं। 

सीनियर आईपीएस की बेटी से हुई सांसद दुष्यंत चौटाला की सगाई, पैरोल पर छूटे पिता और दादा भी हुए शरीक

देश के सबसे युवा सांसद दुष्यंत चोटाला की मंगलवार (3 जनवरी) को सगाई हुई। उन्होंने सीनियर आईपीएस अफसर की बेटी मेघना अहलावत से सगाई की।

देश के सबसे युवा सांसद दुष्यंत चोटाला की मंगलवार (3 जनवरी) को सगाई हुई। उन्होंने सीनियर आईपीएस अफसर की बेटी मेघना अहलावत से सगाई की। दोनों की सगाई का कार्यक्रम गुड़गांव के एक बड़े फाइव स्टार होटल में किया गया था। सगाई का यह कार्यक्रम परिवार का मिलन समारोह भी बन गया। क्योंकि सगाई के लिए दुष्यंत के पिता अजय चौटाला और दादा ओमप्रकाश चौटाला दोनों जेल से पैरोल पर बाहर आए थे। दुष्यंत चौटाला इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के सांसद हैं। 2014 लोकसभा चुनाव में वह हरियाणा के हिसार से जीते थे। दुष्यंत अजय चौटाला के बेटे हैं और ओमप्रकाश चौटाला के वह पोते हैं। दोनों जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाले में 10 साल की सजा काट रहे हैं। दोनों दुष्यंत की सगाई के लिए एक दिन की पैरोल पर बाहर आए।
कार्यक्रम में चौटाला के भाई और पूर्व सांसद रंजीत सिंह भी दिखाई दिए। दोनों को आपस में राजनीतिक शत्रु माना जाता था। लेकिन कार्यक्रम में वे भी शामिल हुए।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने अदालत ने 18 नवंबर को मेडिकल इलाज के लिए 60 दिनों के पैरोल की मांग की थी। 82 साल के चौटाला ने पोलियोग्रस्त अपने पांव के इलाज के लिए 60 दिनों की पैरोल मांगी थी।