राजधानी

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े कामिर्शियल काम्पलेक्स का किया लोकार्पण : नया रायपुर में दो सौ करोड़ की लागत से तैयार किया गया है सर्वसुविधा युक्त कामर्शियल काम्पलेक्स

 कैलाश जायसवाल रायपुर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज शाम नया रायपुर में छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े एवं उंची कॉमर्शियल काम्पेलेक्स का लोकार्पण किया। इस कामर्शियल काम्पलेक्स का निर्माण सेन्ट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट, सेक्टर 21 में किया गया है। लोकार्पण अवसर पर कषि एवं जल संसाधन मंत्री  बृजमोहन अग्रवाल, मुख्य सचिव   अजय सिंह, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह, सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, नया रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश बंसल भी उपस्थित थे।
      नया रायपुर में तैयार किए गए इस काम्पलेक्स में टावर ए और टावर सी कुल दो टावर हैं इनकी लागत लगभग 200 करोड़ रूपए है।  टावर सी में भूतल सहित 11 मंजिल हैं इसी प्रकार टावर ए में भूतल सहित 9 मंजिल हैं। काम्पलेक्स की भूतल और प्रथम मंजिल में दुकानें और द्वितीय मंजिल से आगे की मंजिलों में कार्यालय संचालित होंगे।  इस काम्पलेक्स में 60 दुकाने और 130 कार्यालायों के लिए जगह उपलब्ध है। काम्पलेक्स के टावर ए और सी आई टी कम्पनियों तथा सभी तरह के कार्यालयों एवं दुकानों के लिए होगा। पूरा काम्पलेक्स वातानुकूललित है। काम्पलेक्स के सभी मंजिलों में लिफ्ट, स्केलेटर सहित विभिन्न सुविधाएं हैं। इस काम्पलेक्स में लगभग 5 लाख वर्गफीट का कॉरपेट एरिया है। फ्लोर प्लेट लगभग साढे़ सात हजार से 30 हजार वर्ग फीट के एरिया में उपलब्ध है। इसके अलावा इस काम्पलेक्स के भूतल और प्रथम मंजिल में रेस्टोरेंट, भूतल में बैंक, और भोज के लिए हाल भी है।  

सिटी महाकालीबाड़ी में कल रविन्द्र जयंती उत्सव

सुदीप्तो चटर्जी :: रायपुर के पंडरी गोविंद नगर में स्थित सिटी महाकालीबाड़ी एवं विश्वनाथ मंदिर समिति द्वारा कल 9 मई को कवि गुरु रबिन्द्रनाथ टैगोर के 157 तम जयंती के उलक्ष्य पर रबिन्द्रनाथ टैगोर द्वारा रचित विख्यात नृत्य नाटिका "चंडालिका" का मंचन किया जाएगा साथ ही बंगाली समुदाय के महिला एवं बच्चों द्वारा कवि गुरु द्वारा रचित गायन, नृत्य आदि की मनमोहक प्रस्तुति दी जाएगी। साथ ही सायंकाल माँ काली की विशेष पूजा होगी तथा पुष्पांजलि पश्चात आरती किये जायेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम 7 बजे शुरू होगा तथा भोग प्रसाद का वितरण रात 8:30 बजे के पश्चात मंदिर प्रांगण में किया जाएगा। उक्त जानकारी समिति के संयुक्त सचिव मानब गांगुली एवं शम्भू राय ने दी।

महापंचायत के अनुमति के लिए कलेक्टर से मिले शिक्षाकर्मी मोर्चा के संचालक

सुदीप्तो चटर्जी रिपोर्ट- शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के बैनर तले 11 मई को राजधानी रायपुर में शिक्षाकर्मियों की महापंचायत होगी। इसमें प्रदेश के पौने दो लाख शिक्षाकर्मी शामिल होंगे। इस महापंचायत में शिक्षाकर्मी अपने आगामी रणनीति की घोषणा करेंगे। ????प्रदेश के पौने दो लाख शिक्षाकर्मी महापंचायत में होंगे शामिल ????संविलियन नही होने से आक्रोशित हैं शिक्षाकर्मी शिक्षक मोर्चा ने महापंचायत की अनुमति के लिए प्रशासन को अपना आवेदन सौंप दिया है। मोर्चा के प्रांतीय संचालक वीरेंद्र दुबे, केदार जैन, उप संचालक धर्मेश शर्मा सहित मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर ओपी चौधरी से महापंचायत की अनुमति के लिए मुलाकात किए हैं। कलेक्टर ओपी चौधरी ने शिक्षाकर्मियों को आश्वस्त किया है कि वो 11 मई के प्रस्तावित महापंचायत के स्थान के लिए उच्चाधिकारियों से बातचीत के बाद निर्णय लेंगे। शिक्षक मोर्चा के प्रांतीय उपसंचालक सुनील सिंह व चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा राज्य में कार्यरत 1.80 लाख शिक्षाकर्मियों का साझा मंच है। मोर्चा के समस्त शिक्षाकर्मियों के स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन की प्रमुख मांग को लेकर 20-11-2017 से 4-12-2017 तक राज्य में अनिश्चितकालीन शाला बहिष्कार कर आंदोलन किया था। जिससे राज्य में पूर्ण शालाबंदी की स्थिति निर्मित हो गई थी । प्रशासन ने आंदोलन को अनुमति प्रदान नहीं की तथा रायपुर में धारा 144 लगा दी गई, पूरे राज्य में पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया गया तथा लोगों को राजधानी पहुंचने से रोका गया अर्थात सरकार ने आंदोलन के दमन का हर संभव प्रयास किया, पदाधिकारियों सहित कर्मचारियों को बर्खास्त भी किया गया, किंतु सरकार आंदोलन को तोड़ नहीं पाई किंतु हठधर्मिता पर कायम रहे। मोर्चा ने छात्र हित में शून्य पर 4/12/ 2017 को आंदोलन स्थगित किया तथा सरकार ने भी तुरंत समस्याओं के समाधान के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 8 सदस्य उच्च स्तरीय समिति का गठन किया समिति ने निर्धारित 3 माह के कार्यकाल के स्थान पर 5 माह में भी सरकार को प्रतिवेदन नहीं सौंपा, न ही सरकार ने अब तक कोई सार्थक समाधान कारक निर्णय लिया। प्रदेश प्रवक्ता गजराज सिंह राजपूत ने बताया कि संवर्ग के 1.80 लाख शिक्षाकर्मी बेहद असंतुष्ट तथा आक्रोशित हैं राज्य में केवल शिक्षाकर्मी संवर्ग ऐसा संवर्ग है, जिसे विगत 2 वर्षों में किसी भी तरह का आर्थिक लाभ नहीं दिया गया है। उन्हें जुलाई 2016 से अब तक महंगाई भत्ते की एक किस्त तक नहीं दी गई है जबकि अन्य कर्मचारियों को सातवां वेतनमान भी दिया गया है , मोर्चा ने निर्णय लिया है कि दिनांक 11 मार्च 2018 को राजधानी रायपुर में संवर्ग के कर्मचारियों की महापंचायत बुलाकर स्थिति की समीक्षा करेंगे तथा आगे की रणनीति तय करेंगे।

ग्रीष्मकालीन बीमारियों के रोकथाम एवं उपचार के लिए प्राथमिकता के साथ पहल किया जाये लू के लक्षण व उनसे बचने के उपाय

 रायपुर स्वास्थ्य संचालक ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे अपने अपने जिलों ग्रीष्मकालीन संक्रामक बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार के लिए सकारात्मक पहल करे। ग्रीष्म ऋतु में गर्मी के कारण लू लगने की संभावना रहती है। यह कभी कभी जानलेवा भी साबित हो सकती है। किंतु कुछ सरल उपाय का पालन कर लू से बचा जा सकता है।  
संचालक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डाॅ.साहनी ने बताया कि इसके लक्षण बहुत तेज बुखार, पसीना न निकालना, सर मे दर्द, हाथ पैर में दर्द, त्वचा का लाल होना, चक्कर आना, बेहोशी इत्यादि है। लू से बचने के उपाय जहां तक संभव दोपहर के धूप में निकलने से बचे, दोपहर मे अगर धूप मे निकलना जरूरी हो तो खाली पेट घर से बाहर न निकले, शरीर को पूरी तरह ढकने वाले सफेद या हल्के रंग के सूती कपड़ा पहने, सिर और चेहरे को भी कपड़े से ढक कर रखे आंखो के बचाव के लिये धूप का चश्मा उपयोग कर सकते है, दोपहर की गर्मी मे अधिक शारीरिक श्रम से बचे और यदि बचा न जा सके तो हर आधे घंटे के बाद 10 मिनट के लिये छांव मे आराम करे, पानी एवं अन्य तरल पदार्थाें का अधिक से अधिक सेवन करे, मादक पदार्थों के सेवन से बचे चाय या काफी का अधिक सेवन न करे। उपरोक्त उपायो का पालन करे एवं लू से बचा जा सकता है।  
चिकित्सकों ने इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले के द्वारा मुख्यालय में नियमित रूप से रहकर क्षेत्र की स्थिति पर निगरानी रखी जाये। वहीं जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और उपस्वास्थ्य केन्द्रों के अलावा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और मितानिनों के पास पर्याप्त मात्रा में जीवनरक्षक दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाये। इसके साथ ही सूचना तंत्र विकसित कर मौसमी बीमारियों पर सतत् निगरानी रखी जाये।
   स्वास्थ्य केन्द्रों में लू से पीडितों का उपचार करने हेतु ओआरटी काॅर्नर/ओरल रिहाईड्रेशन थेरेपी स्थापित करते हुए बेड आरक्षित करने के निर्देश समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन व अस्पताल प्रभारी अधिकारियों को दिये गये हैं । उप स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर ओआरएस सहित अन्य अति आवश्यक व आईवीफ्लूड/ग्लोकोस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये गये हैं । 

 

 

धरोहर के रूप में विकसित होगा शहीद स्मारक राजेश मूणत

कैलाश जायसवाल रायपुर -  छत्तीसगढ़ लोक निर्माण मंत्री  राजेश मूणत ने कहा कि शहीद स्मारक भवन को धरोहर के रूप में विकसित किया जाएगा।  मूणत ने आज शाम यहां अपने निवास कार्यालय में शहीर स्मारक भवन के उन्नयन हेतु अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उपस्थित लोक निर्माण विभाग और मोर रायपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट नगर निगम रायपुर के अधिकारियों को इस संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
मूणत ने अधिकारियों से कहा कि शहीद स्मारक भवन का ऐसे भव्य तरीके से उन्नयन होना चाहिए, जिससे शहर की प्रमुख धरोहर के रूप में अन्य राज्यों के लिए उदाहरण साबित हो सके। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को जल्द से जल्द उन्नयन कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में लाखे नगर स्थित हिन्द स्पोर्टिंग मैदान को बहुउद्देशीय स्टेडियम बनाने पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर रायपुर नगर निगम के महापौर प्रमोद दुबे, सभापति   प्रफुल्ल विश्वकर्मा, लोक निर्माण विभाग के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी   अनिल राय, रायपुर नगर निगम कमिश्नर रजत बंसल सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

शिक्षाकर्मियों के संविलियन मसले पर 10 मई को मध्यप्रदेश के दौरे पर जाएगी अध्ययन टीम, शिक्षाकर्मी संघ ने उठाए सवाल

सुदीप्तो चटर्जी :: BBN24 News :- छत्तीसगढ़ में शिक्षाकर्मियों के संविलियन मसले पर अध्ययन टीम 10 मई को मध्यप्रदेश के दौरे पर जाएगी। पंचायत विभाग के अपर मुख्य सचिव आरपी मंडल की अगुवाई में दल का गठन किया गया है। इधर इस दौरे के औचित्य पर शालेय शिक्षाकर्मी संघ के प्रदेश अध्यक्ष व शिक्षक मोर्चा के प्रदेश संचालक वीरेंद्र दुबे ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश में नीति ही नही बन पाई है वहाँ अफसर क्या अध्ययन करेंगे। उन्होंने कहा कि हाई पावर कमेटी का लगातार कार्यकाल बढ़ाने के कारण काफी किरकरी हुई। ऐसे में मध्यप्रदेश जाने का कोई औचित्य नहीं है। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह ने केवल घोषणा की है। जबकि राजस्थान, दिल्ली आदि राज्यों ने इस पर बेहतर काम कर इस समस्या का स्थाई समाधान ढूंढ लिया है। कमेटी पिछले माह राजस्थान दौरा करके आ चुकी है, जिसके कारण 1 मई की बैठक को लेकर शिक्षाकर्मियों में जबरदस्त उत्साह देखा गया था, परन्तु मुख्यसचिव द्वारा मप्र दौरे की बात कहने से नाराजगी में बदल गई।  कमेटी के मप्र दौरे को लेकर शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के प्रांतीय उपसंचालक धर्मेश शर्मा व चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि- जहाँ अब तक संविलियन नीति ही नही बन पाई है उस राज्य का अध्ययन करने की बात कहना हास्यास्पद है। राजस्थान ने उत्तम मॉडल प्रस्तुत किया है जहाँ कमेटी दौरा करके आ चुकी है..क्या अब ये हाईपावर कमेटी ऐसे ही भारत भ्रमण करते रहना चाहती है। उन्होंने कहा है कि क्या हमारे प्रशासनिक अधिकारी अन्य राज्यो के लिए आदर्श स्थापित नही कर सकती..? इस टालमटोल रवैया को छोड़ना होगा और जल्द ही समस्त शिक्षाकर्मियों का  संविलियन करना होगा,अन्यथा शिक्षाकर्मियों में असंतोष और आक्रोश बढ़ते जाएगा। उन्होंने कहा कि 11 मई को महापंचायत से पहले सरकार को संविलियन की घोषणा कर देनी चाहिए।  शालेय शिक्षाकर्मी संघ के प्रदेश प्रवक्ता गजराज सिंह राजपूत ने कहा कि कि शिक्षाकर्मियों ने 5 माह तक अपना धैर्य बनाये रखा है, किन्तु अब शासन द्वारा किये जा रहे बेवजह विलम्ब से सब्र का बांध टूटने लगा है। प्रदेश के समस्त शिक्षाकर्मी 11 मई को राजधानी रायपुर में होने वाले महापंचायत में शामिल होकर अपने अधिकार के लिए आवाज बुलंद करेंगे। क्योंकि लगातार कमेटी का कार्यकाल बढ़ने और संविलियन नही होने से प्रदेश के शिक्षाकर्मी बहुत नाराज हैं। *मप्र में कोई संविलियन आदेश हुआ ही नही है तो कमेटी आखिर किस चीज का करेगी अध्ययन* जानकारी अनुसार 10 मई को एक कमेटी आर पी मण्डल, पँचायत सचिव छग शासन की अगुवाई में मप्र की संविलियन नीति का अध्ययन करने जा रही है। प्राप्त जानकारी अनुसार यह कमेटी मप्र में 2 दिनों तक रहकर समस्त बारीकियों का अध्ययन करेगी। ऐसे में सवाल उठता है कि जब मप्र में कोई संविलियन आदेश हुआ ही नही है तो कमेटी आखिर किस चीज का अध्ययन करेगी। 

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का बयान, कोई भी सत्यवादी हरीशचंद्र नहीं होता है. लेकिन जांच में लाना होगा ‘हरीशचन्द्रलिज्म’

कैलाश जायसवाल,रायपुर. बिलासपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस टीबी राधाकृष्णन का एक बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि कोई भी सत्यवादी हरीशचंद्र नहीं होता है. लेकिन जांच में ‘हरीशचन्द्रलिज्म’ को लाना है. राधाकृष्णन ने कहा कि भाषण से कुछ नहीं होता, हमें ख़ुद को लगातार बेहतर बनाना होगा. जांच में सत्यता होनी चाहिए. जिससे लोगों को सही न्याय मिल सके.

चीफ जस्टिस टीबी राधाकृष्णन ने यह बातें नया रायपुर में राज्य शासन के गृह और विधि विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में कही है. इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह सहित प्रदेश भर से न्यायिक अधिकारी, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, लोक अभियोजक और विवेचना अधिकारी भी मौजूद रहे. यह सम्मेलन वैज्ञानिक विवेचना, प्रभावी अभियोजन और तेज गति से सुनवाई के लिए नवीन प्रौद्योगिकी तथा उपकरणों को बढ़ाने के विषय पर चर्चा के लिए आयोजित किया गया है.

Rabindra Jayanti will be celebrated on 9th May

On the occasion of 156th Birth anniversary of Kavi Guru Rabindranath Tagore (25 A Boishakh) Raipur City Mahakalibadi and Vishwanath Mandir Samity situated at Govind Nagar Pandri is going to organise a special cultural program to celebrate the 156th birth anniversary of Rabindranath Tagore as said by the coordinator & spokesperson of the samity Sudipto Chatterjee. On 9th may a famous dance drama written by Rabindranath Tagore "Chandalika " will be played by the artists of Bengali community at 7 pm. Thereafter various Rabindra Song, poems and dance will be performed by the children of the bengali community . President and General Secretary of Raipur City Mahakalibadi urged people of the society to gather on that special day to mark the 156th birth anniversary of Gurudev and do puja of Maa Kali.

सिटी महाकालीबाड़ी में 9 मई को रविन्द्र जयंती उत्सव आयोजित।

रायपुर के पंडरी गोविंद नगर स्थित रायपुर सिटी महाकालीबाड़ी एवं विश्वनाथ मंदिर समिति द्वारा कवि गुरु रबिन्द्रनाथ टैगोर के 156 तम जन्मदिवस (25 ए बोईशाख) के उपलक्ष्य पर रबिन्द्र गायन, कविता एवं नृत्य नाटिका का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन 9 मई को शाम 7 बजे आयोजित किया जा रहा है। संस्था के समन्वयक एवं प्रवक्ता सुदीप्तो चटर्जी ने बताया कि 9 मई को रबिन्द्रनाथ टैगोर द्वारा रचित चंडालिका नृत्य नाटिका का मंचन किया जाएगा साथ ही बंगाली समुदाय के बच्चों द्वारा रबिन्द्र गान, कविता तथा नृत्य का मंचन करेंगे जिसे रंजन बनर्जी द्वारा निर्देशित किया गया है साथ ही उस विशेष दिन पर माँ काली की विशेष पूजा सम्पन्न होगी। समिति के अध्यक्ष एवं महासचिव ने आग्रह किया है कि 9 मई को सभी सिटी महाकालीबाड़ी अवश्य पहुंचे और कवि गुरु रबिन्द्रनाथ टैगोर के 156 तम जयंती में सम्मिलित होकर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद उठाएं एवं माँ काली का आशीर्वाद प्राप्त करे।

लोक निर्माण मंत्री ने किया 18.45 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्यों का भूमि पूजन

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" रिपोर्ट ::- लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत ने आज राजधानी रायपुर के वार्ड नं. 12 (शहीद मनमोहन सिंह बख्शी वार्ड) में कोटा की चारों दिशाओं में सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण और डामरीकरण कार्यों के लिए भूमिपूजन और शिलान्यास किया। कोटा की चारों दिशाओं में 18.45 किलोमीटर सड़क निर्माण किया जाएगा, जिस पर लगभग पांच करोड़ 13 लाख रूपए की लागत आएगी। राजेश मूणत ने समारोह को संबोधित करते हुए राज्य शासन द्वारा रायपुर नगर निगम क्षेत्र में जनसुविधाओं के विकास के लिए किए गए प्रयासों पर प्रकाश डाला। समारोह की अध्यक्षता रायपुर नगर निगम के सभापति प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने की। निगम निगम के नेता प्रतिपक्ष सूर्यकांत राठौर सहित स्थानीय वार्ड पार्षद श्रीमती ठाकुर और बड़ी संख्या में नागरिक इस अवसर पर उपस्थित थे।

छगनलाल मूंधड़ा ने सिपेट का भ्रमण किया

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" ::- भारत सरकार के भनपुरी स्थित सेन्ट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ प्लास्टिक एंड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी (सिपेट) का भ्रमण किया । संस्थान में आगमन पर सिपेट के संचालक ए. के. जोशी ने पुष्प गुच्छ से स्वागत किया । सिपेट द्वारा विभिन्न संकायों में डिप्लोमा एवं डिग्री कोर्स संचालित किये जा रहे हैं जिनके माध्यम से विभिन्न जिलों के छात्र एवं छात्राएं अध्ययन कर प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर रहे है। भ्रमण के दौरान सिपेट में स्थापित तरह तरह की मशीनें एवं इनके माध्यम से छात्र छात्राओं द्वारा बनाई जा रही वस्तुओं का अवलोकन किया । इस अवसर पर सिपेट के संचालक ए. के. जोशी, प्रोजेक्ट मैनेजर जे. के. दास तथा सीएसईडीसी के मुख्य अभियंता अब्दुल शकील, कार्यपालन अभियंता एस. के. सोनी, सहायक अभियंता एच. आर. वर्मा, आर. के. जैन सहित सिपेट के अन्य अधिकारी कर्मचारी एवं अध्ययनरत छात्र एवं छात्राएं उपस्थित थे। सिपेट के संचालक ने सीएसआईडीसी द्वारा संस्थान को भवन उपलब्ध करने के लिए आभार प्रकट किया तथा सिपेट द्वारा संचालित कोर्स एवं अन्य गतिविधियों की जानकारी दी गई तथा अवगत कराया कि विगत 2 वर्ष की अल्पावधि में सिपेट के लगभग 3200 (80%) छात्र एवं छात्राओं को प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार प्राप्त हो चूका है। अपने संक्षिप्त उद्बोधन में छगन मूंधड़ा ने सिपेट द्वारा किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा की एवं जिन छात्र छात्राओं को प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार प्राप्त हुवा है उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान किया तथा उन्हें शुभकामनाएं दी ।

आरआईटी नर्सिंग के विद्यार्थियों ने नर्सिंग प्रोफेशन हेतु शपथ लिए

खबरीलाल रिपोर्ट ::- मध्यभारत के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था आरआईटी ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूट्स के आरआईटी कॉलेज ऑफ नर्सिंग ने विगत दिनों लैंप लाइटिंग एवं ग्रेजुएशन सेरेमनी का आयोजन मंदिर हसौद स्थित कॉलेज कैंपस में किया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में समाज सेविका ललिता जैन व विशिष्ट अतिथि के रूप में महानदी शिक्षण संस्था के सचिव शैलेन्द्र जैन उपस्थित थे।  लैंप लाइटिंग का डेकोरेशन आरआईटी कॉलेज ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों ने प्राचार्य बालाकृष्णन के दिशा निर्देश में किया जो बहुत ही आकर्षक था। कार्यक्रम का शुरुवात सरस्वती वंदना व दीप प्रज्वलन के साथ हुआ तत्पश्चात प्राचार्य प्रो बालाकृष्णन ने नर्सिंग के 9 वे और 10 वे बैच के विद्यार्थियों को नर्सिंग प्रोफेशन हेतु शपथ ग्रहण करवाये। इसके पश्चात सचिव शैलेन्द्र जैन ने नर्सिंग के पास आउट विद्यार्थियों को ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट प्रदान किये और उनके उज्ज्वल भविष्य हेतु कामना करते हुए कहे कि नर्सिंग का कार्य सेवा का कार्य है तथा प्रत्येक के मन मे सेवा भाव का होना बहुत जरूरी है जिससे वे अपने प्रोफेशन एवं मरीजों के साथ न्याय कर पाए। आरआईटी कॉलेज ऑफ नर्सिंग के छटवें बैच के सुमन चंद्राकर व राजकुमार वर्मा एकेडेमिक्स एवं स्पोर्ट्स में अव्वल रहे तथा पांचवें बैच के कमल नारायण एवं शकुंतला भारद्वाज अव्वल रहे।

मुख्यमंत्री डॉ रमन ने सामाजिक संस्था अवसर फाउंडेशन की वेबसाइट को लांच किया। 

खबरीलाल रिपोर्ट ::-  मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने सामाजिक संस्था अवसर फाउंडेशन की वेबसाइट को लांच किया। इस अवसर पर फाउंडेशन के अध्यक्ष  रमेश भाई मोदी,  समाज सेवी  मनोज कोठारी, य इंजीनियरिंग महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अशोक दुबे, डॉ स्मिता शर्मा  नीरज वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य हिंदी ग्रंथ अकादमी के संचालक शशांक शर्मा उपस्थित थे। अवसर फाउंडेशन द्वारा  अवसर एकेडमी का संचालन किया जाता है  जो प्रदेश के निर्धन अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ा वर्ग तथा सामान्य वर्ग के उन विद्यार्थियों के लिए कोचिंग की सुविधा मुहैया कराती है जो ग्रामीण अंचलों से रायपुर आकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते हैं। इस वर्ष अवसर अकादमी द्वारा आवासीय कोचिंग की व्यवस्था की जा रही है, जहां ग्रामीण अंचल के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को ठहरने, भोजन, पुस्तक नोट्स व समस्त सुविधाएं छात्रों को अवसर अकादमी के द्वारा मुहैया कराई जाएगी। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को त्रिस्तरीय छात्रवृत्ति दी जाएगी  जिसके तहत  निशुल्क समस्त व्यवस्थाएं विद्यार्थियों के लिए  संस्था द्वारा की जाएगी। छात्रावास छात्र एवम छात्राओं के लिए प्रथक पृथक होंगे। इनके अलावा स्थानीय विद्यार्थियों के लिए डे- बोर्डिंग की सुविधा भी होगी जिसमें प्रातः 7:30 बजे छात्र कोचिंग कक्षा में आएंगे एवं शाम 7:00 बजे तक कोचिंग व स्वयं अध्ययन करेंगे। इस कोचिंग व्यवस्था में ना केवल छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग एवं यूपीएससी आईएएस परीक्षा के विषयों का अध्ययन कराया जाएगा अपितु इन परीक्षाओं के लिए आवश्यक व्यक्तित्व निर्माण जिसमें भाषा लेखन क्षमता तर्क क्षमता आदि का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षक प्रदेश के अनुभवी होंगे एवं दिल्ली के वी विषय विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा। उक्त कोचिंग में प्रवेश के लिए कुल 80 सीटें निर्धारित है। छात्रों का चयन एक प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा । यह परीक्षा 20 मई को आयोजित कैद की जाएगी इस परीक्षा में भाग लेने के लिए विद्यार्थी संस्था की वेबसाईट www.avasaracademy.in में अपना पंजीयन निशुल्क करा सकते हैं।

मन पे नियंत्रण पाना जरूरी है : सदानंद सरस्वती

खबरीलाल रिपोर्ट ::- जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि तथा द्वारका पीठ के मंत्री दंडी स्वामी सदानंद सरस्वती ने आज रायपुर स्थित शंकराचार्य आश्रम व भगवती राजराजेश्वरी मंदिर में रायपुर शंकराचार्य आश्रम प्रमुख ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद महाराज, सलदाह धाम के ब्रह्मचारी ज्योतिर्मयानंद के उपस्थिति में उपस्थित भक्तों -  एमएल पांडेय, रविशंकर पटेल, विश्वेश्वर पटेल, कवर्धा से आनंद उपाध्याय, वेद प्रकाश उपाध्याय, दुर्गा प्रसाद हलवाई, स.लोहरा से देवदत्त शर्मा, धीरेंद्र परमार, अशोक अवस्थी, रत्नेश शुक्ला, सोनू चंद्राकर व आदि भक्तों से कहा कि अपने मन पे नियंत्रण रखना एक प्रकार का साधना है। जो अपने मन पे विजय प्राप्त कर लेता है उसके दुःख कष्ट सब खत्म हो जाते हैं। मनुष्य का मन निरंतर एक डाली से दूसरे डाली पर विचरित करते रहता है और चंचल मन से सफलता नहीं मिलती है इसलिए मन को एकाग्र करना बहुत जरूरी है। आज के समय मे प्रत्येक व्यक्ति विलासिता का जीवन जीना चाहता है तथा विलासिता की वस्तु उनके मन पर अपना प्रभाव छोड़ती है जिसके लिए व्यक्ति उस विलासिता के वास्तु को हासिल करने के लिए या तो धर्म के मार्ग पर चलकर सच्चाई के साथ हासिल करते हैं या अधर्म के रास्ते पर चलकर शॉर्ट कर्ट तरीके से हासिल करते हैं। अधर्म के रास्ते पर चलने से कुछ समय के लिए व्यक्ति सुख तो भोगता है लेकिन बाद में वही सुख उनके दुःख का कारण होता है। इसलिए व्यक्ति को चाहिए कि धर्म और सच्चाई के मार्ग पर चलते हुए अपने जीवन निर्वाहन करे और समाज के लोगों को धर्म के मार्ग पर चलने हेतु प्रेरित करे। उक्त जानकारी शंकराचार्य आश्रम के प्रवक्ता पं रिद्धीपद ने विज्ञप्ति जारी कर दी तथा यह भी जानकारी दिए कि बेमेतरा जिले में स्थित सलदाह धाम में सवा लाख शिवलिंग की स्थापना की जा रही है जिसमे श्रद्धालुगण अपने नाम या माता - पिता के नाम से स्थापित कर सकते है। इसकी जानकारी रायपुर के शंकराचार्य आश्रम के प्रमुख ब्रह्मचारी इंदुभवानंद से प्राप्त कर सकते हैं।

आध्यात्मिक शक्ति का संचय करने के लिए व्यक्ति भगवान के शरण मे जाता है : सदानंद सरस्वती

खबरीलाल रिपोर्ट ::- ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि तथा द्वारका पीठ के मंत्री दंडी स्वामी सदानंद सरस्वती 28 अप्रैल 2018 को रायपुर के दुबे कॉलोनी मोवा में नवनिर्मित भगवान बालाजी के प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य पर सम्मिलित हुए और आशीर्वचन प्रदान किये। इस उपलक्ष्य पर सर्व प्रथम डॉ देवेंद्र नायक एवं उनके परिवार के सदस्यों ने पादुका पूजन किये और माला पहनाकर उनका तथा शंकराचार्य आश्रम रायपुर के प्रमुख ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद, सलदाह धाम के ब्रह्मचारी ज्योतिर्मयानंद का भी स्वागत किये। तत्पश्चात दंडी स्वामी सदानंद सरस्वती ने अपने आशीर्वचन में कहा कि आध्यात्मिक शक्ति का संचय करने के लिए व्यक्ति भगवान के शरण मे जाता है। उन्होंने कहा की हमारे सनातन धर्म में, भारतीय संस्कृति में दो ही तत्त्व प्रधान है जिसमे एक धर्म है दूसरा परमात्मा। ईश्वर साध्य है और धर्म साधन है, लेकिन साधन रूपी धर्म तभी सार्थक होता है जब हम धर्म के लिए धर्म करते हैं। जैसे, धर्म का संपादन, कर्तव्य का पालन भी धर्म है, रोगी को दवा देना भी धर्म है, प्यासे को पानी पिलाना भी धर्म है, भूखे को खाना खिलाना भी धर्म है। धर्म के बहुत स्वरूप है। मंदिर में पूजा करना धर्म है लेकिन बाकी को जनाना पड़ता है। पुत्र का परम धर्म माता पिता की सेवा करना है लेकिन पुत्र यदि सोचे कि सेवा से क्या मिलेगा। डॉक्टर का धर्म है मरीजों का इलाज सेवा के रूप में करना वह धर्म का धर्म है लेकिन पैसे लेकर चिकित्सा करना वह डॉक्टर का कर्तव्य है लेकिन वह रोगी को ठीक करे बाकी जो होना है वह प्रारब्ध है। इस पावन अवसर पर रामप्रताप सिंह, चंद्रशेखर साहू, बीरेंद्र पटेल, नरसिंह चंद्राकर, जी.स्वामी, शिव दुबे, डॉ दवे, पं विकास महाराज व अनेक भक्तगण उपस्थित होकर स्वामी सदानंद सरस्वती के श्रीमुख से प्रवचन का रस पान किये और आशीर्वाद प्राप्त किये। उक्त जानकारी शंकराचार्य आश्रम के समन्वयक व प्रवक्ता पं रिद्धीपद ने विज्ञप्ति जारी कर के दी।