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जयललिता के निधन से सदमे में तमिलनाडु, अब तक 470 लोगों की गई जान: AIADMK

तमिलनाडु कैबिनेट ने फैसला किया कि वह जयललिता के नाम की सिफारिश ‘भारत रत्न’ सम्मान के लिए करेगी।

सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक ने आज कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख जे जयललिता के निधन के सदमे से 470 लोगों की मौत हो गई। जयललिता की मौत पांच दिसंबर को हो गई थी। पार्टी ने मृतकों के परिवारों के लिए तीन लाख रूपये की मदद की घोषणा की है। पार्टी ने ऐसे 190 लोगों की सूची जारी की है जिनकी मौत सदमे के कारण हुई और कहा है कि सदमे के कारण हुई मौत का आंकड़ा 470 है। पार्टी ने प्रत्येक मृतक के परिवार के लिए तीन लाख रूपये के कल्याण कोष की घोषणा की है। अन्नाद्रमुक ने आज कहा कि अब तक छह लोग आत्महत्या की कोशिश कर चुके हैं। ऐसे चार लोगों का ब्यौरा भी जारी किया है। जयललिता के निधन की खबर सुनने पर आत्महत्या की कोशिश करने वाले एक व्यक्ति और अपनी उंगली काटने वाले एक अन्य व्यक्ति का नाम पार्टी पहले ही बता चुकी है और उनके लिए 50,000 रूपये की मदद की घोषणा कर चुकी है। पार्टी ने आज चार लोगोंं को उनके उपचार के लिए 50,000 रूपये की मदद देने की घोषणा की।
गौरतलब है कि चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता का सोमवार रात 11.30 बजे निधन हो गया था। अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को राजाजी हॉल में रखा गया। जयललिता को अंतिम विदाई देने के लिए लाखों लोग पहुंचे थे। तमिलनाडु कैबिनेट ने 10 दिसंबर को फैसला किया कि वह जयललिता के नाम की सिफारिश ‘भारत रत्न’ सम्मान के लिए करेगी। जयललिता के निधन के बाद मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम की अध्यक्षता में हुई पहली बैठक में कैबिनेट ने संसद परिसर में पूर्व मुख्यमंत्री की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की सिफारिश केंद्र सरकार से करने का फैसला भी किया।
राज्य सरकार ने एमजी रामचंद्रन स्मृति स्थल पर दिवंगत जयललिता के लिए एक स्मृति भवन के निर्माण का भी प्रस्ताव किया। जयललिता का अंतिम संस्कार एमजी रामचंद्रन स्मृति स्थल पर किया गया। बयान के मुताबिक, कैबिनेट ने स्मारक का नाम डॉ. पुरात्ची तलाइवार एमजीआर और पुरात्ची तलाइवी अम्मा सेल्वी जे जयललिता स्मारक रखने का भी फैसला किया।
मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम की डेस्क पर भी दिवंगत जयललिता की छोटी सी प्रतिमा रखी है। कैबिनेट ने जयललिता के निधन पर शोक व्यक्त करने वाला एक प्रस्ताव भी पारित किया।

पेट्रोल 80 और डीजल 68 रुपये प्रति लीटर होने का अनुमान, अगले कुछ महीनों में बढ़ सकती है कीमतें

पेट्रोल 80 और डीजल 68 रुपये प्रति लीटर होने का अनुमान, अगले कुछ महीनों में बढ़ सकती है कीमतें।

वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें 55 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है। यह तेल उत्‍पादक व निर्यातक देशों के समूह (ओपेक) के समझौते के चलते हुआ है।
देश में पेट्रोल की कीमतें 80 रुपये प्रति लीटर और डीजल 68 रुपये प्रति लीटर तक जा सकती है। क्रेडिट रेटिंग्‍स एजेंसी क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार यदि वैश्विक बाजार में यदि तेल की कीमतें 60 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने के चलते ऐसा हो सकता है। वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें 55 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है। यह तेल उत्‍पादक व निर्यातक देशों के समूह (ओपेक) के समझौते के चलते हुआ है। ओपेक दुनिया का एक तिहाई तेल उत्‍पादन करते हैं। इन देशों ने 28 नवंबर को समझौता किया कि एक जनवरी से 1.2 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल का उत्‍पादन कम किया जाएगा।
साल 2008 के बाद से ऐसा पहली बार होगा। इस फैसले के बाद से तेल की कीमतें 19 प्रतिशत बढ़ चुकी हैं। वहीं गैर ओपेक देश प्रति दिन 0.6 मिलियन बैरल उत्‍पादन बढ़ाने का फैसला ले सकते हैं। क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, ”ओपेक के फैसले के बाद मार्च 2017 तक ब्रेंट क्रूड 50-55 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है। कुछ का मानना है कि यह 60 डॉलर जा सकता है ऐसा होने पर पेट्रोल की कीमत 80 रुपये और डीजल 68 रुपये प्रति लीटर हो सकती है। इसका मतलब है कि अगले तीन से चार महीनों में पेट्रोल की कीमत 5-8 प्रतिशत और डीजल की 6-8 प्रतिशत तक बढ़ेंगी। इसके चलते मुंबई में पेट्रोल 75 रुपये प्रति लीटर व डीजल 64 रुपये प्रति लीटर चला जाएगा।”
हालांकि क्रिसिल का अनुमान है कि साल 2017 के पहले छह महीनों में तेल की कीमतें 50 से 55 डॉलर प्रति बैरल के बीच रहेंगी। जानकारों का कहना है कि ओपेक के फैसले से कीमतें बढ़ सकती है लेकिन लंबी अवधि में इसका क्‍या असर होगा यह देखने वाली बात होगी। पहले भी कर्इ बार ओपेक देश इस तरह के फैसले ले चुके हैं लेकिन बाद में उनमें टूट हो चुकी है।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बाजार के अधीन हैं। इसके चलते तेल कंपनियां महीने में दो बार कीमतों पर विचार करती हैं। तेल की वैश्विक कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये के स्थिति के अनुसार इस पर फैसला लिया जाता है। भारत अपनी जरूरत का तीन-चौथाई से ज्‍यादा तेल आयात करता है। इंडियन क्रूड बास्‍केट को तेल मंत्रालय बेंचमार्क के रूप में मानता है। इसके अनुसार नवंबर में तेल की कीमतें 45 डॉलर के करीब थी। इंडियन क्रूड बास्‍केट ओमान और दुबई क्रूड को आधार मानता है। वर्तमान में रुपये की स्थिति भी नाजुक बनी हुई है। रुपया वर्तमान में एक डॉलर के मुकाबले 68 रुपये के करीब है।

IND vs ENG चौथा टैस्ट: तीसरे दिन विराट की ‘सुपर’ बल्लेबाज़ी से भारत मज़बूत, इंग्लैंड पहली पारी 400

भारत ने चौथे क्रिकेट टेस्ट के तीसरे दिन शनिवार (10 दिसंबर) को इंग्लैंड के खिलाफ सात विकेट पर 451 रन बना लिये।

कप्तान विराट कोहली ने एक बार फिर बल्लेबाजी में अपनी बादशाहत साबित करते हुए नाबाद शतक जमाया जिसकी मदद से भारत ने चौथे क्रिकेट टेस्ट के तीसरे दिन शनिवार (10 दिसंबर) को इंग्लैंड के खिलाफ सात विकेट पर 451 रन बना लिये। कोहली ने 15वां टेस्ट शतक पूरा करते हुए नाबाद 147 रन बना लिये हैं। वहीं मुरली विजय ने इससे पहले 136 रन बनाये जिसकी बदौलत भारत ने इंग्लैंड के 400 रन के जवाब में 51 रन की बढ़त ले ली। कोहली और जयंत यादव (30) ने आठवें विकेट के लिये 87 रन की नाबाद साझेदारी कर ली है। हर प्रारूप में नित नये रिकॉर्ड बना रहे कोहली की पारी शनिवार के खेल के आकर्षण का केंद्र रही। कोहली ने 359 मिनट की अपनी पारी के दौरान एक कैलेंडर वर्ष में 1000 टेस्ट रन पूरे कर लिये। इसके साथ ही टेस्ट क्रिकेट में भी उनके 4000 रन पूरे हो गए। वह 15वें टेस्ट शतक के साथ गुंडप्पा विश्वनाथ (14 शतक) से भी आगे निकल गए। कोहली ने अपनी पारी में 241 गेंद खेलकर 17 चौके लगाये। उन्होंने विजय के साथ भी 116 रन की साझेदारी की। विजय ने 282 गेंदों का सामना करके 10 चौके और तीन छक्के जड़े। यह विजय का आठवां शतक था जिन्होंने राजकोट में पहले टेस्ट में भी सैकड़ा बनाया था। कोहली और जयंत अगर रविवार (11 दिसंबर) को 100 रन से ऊपर की बढ़त दिला देते हैं तो इंग्लैंड के लिये वानखेड़े स्टेडियम की पिच पर वापसी करना मुश्किल होगा। इंग्लैंड के लिये स्पिनर मोईन अली, आदिल रशीद और जो रूट ने दो-दो विकेट लिये।
विजय के आउट होने के बाद भारत ने मध्यक्रम के कुछ विकेट जल्दी गंवा दिये। निचले चार विकेट 17 ओवर के भीतर गिर गए। इसके बाद कोहली और जडेजा (25) ने मिलकर पारी को संभाला। जयंत के रूप में कोहली को अच्छा साझेदार मिला। पिछले दो मैचों में नाकाम रहे विजय ने कोहली के साथ मिलकर इंग्लैंड के फिरकी आक्रमण को प्रभावहीन कर दिया। इससे पहले भारत ने चेतेश्वर पुजारा का विकेट दूसरी ही गेंद पर गंवा दिया था। लंच के बाद विजय, करुण नायर (13), विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल (15) और आर अश्विन (0) जल्दी आउट हो गए। कोहली ने हालांकि जडेजा और यादव के साथ मिलकर एक छोर संभाले रखा। चार तेज गेंदबाजों के होते हुए भी इंग्लैंड ने 130वें ओवर तक दूसरी नयी गेंद नहीं ली। सुबह चेतेश्वर पुजारा अपने शुक्रवार (9 दिसंबर) के स्कोर 47 रन पर आउट हो गए। भारतीय टीम ने अपने शुक्रवार के स्कोर एक विकेट पर 146 रन से आगे खेलना शुरू किया था। राजकोट में पहले टेस्ट में 126 रन बनाने वाले विजय ने अपने कैरियर का आठवां शतक बनाया। वह इस मैदान पर शतक जमाने वाले सुनील गावस्कर और वीरेंद्र सहवाग के बाद तीसरे भारतीय सलामी बल्लेबाज बने। पिछले 14 साल में किसी भारतीय सलामी बल्लेबाज का वानखेड़े स्टेडियम पर पहला शतक है। सहवाग ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अक्तूबर 2002 में 147 रन बनाये थे। पुजारा दिन में दूसरी ही गेंद पर तेज गेंदबाज जैक बाल का शिकार हुए। वह शुक्रवार के स्कोर 47 रन में कोई इजाफा नहीं कर सके। उन्होंने विजय के साथ दूसरे विकेट के लिये 107 रन की साझेदारी की।
पुजारा को आउट करने के बाद भारत पर दबाव बनाने की इंग्लैंड की कोशिशों को कोहली ने नाकाम कर दिया। कोहली 4000 टेस्ट रन पूरे करने वाले भारत के 14वें बल्लेबाज बन गए और वर्तमान क्रिकेटरों में इस मुकाम तक पहुंचने वाले वह अकेले भारतीय हैं। विजय लंच के बाद लेग स्पिनर आदिल रशीद को अपना विकेट गंवा बैठे। लंच से 12 मिनट पहले 116 के स्कोर पर उनके खिलाफ रशीद की गेंद पर पगबाधा की जोरदार अपील हुई थी। इस फैसले पर रिव्यू लिया गया और फैसला बल्लेबाज के पक्ष में गया। विजय के बाद नायर को मोईन अली ने पवेलियन भेजा जबकि जो रूट ने लगातार दो ओवरों में भारत को दो झटके दिये। भारत दो विकेट पर 262 रन से छह विकेट पर 307 रन पर पहुंच गया। नायर को मोईन ने पगबाधा आउट किया और रिव्यू का फैसला भारत के खिलाफ गया। पटेल और अश्विन चार गेंदों के भीतर आउट हुए। रशीद ने अगले ओवर में कोहली का रिटर्न कैच छोड़ा जब उनका स्कोर 68 रन था। यादव को भी जेम्स एंडरसन के पहले ओवर में रूट ने दूसरी स्लिप में जीवनदान दिया।
इंग्लैंड पहली पारी : 400 रन
भारत पहली पारी :
केएल राहुल बो अली 24
मुरली विजय का और बो रशीद 136
चेतेश्वर पुजारा बो बाल 47
विराट कोहली नाबाद 147
करूण नायर पगबाधा बो अली 13
पार्थिव पटेल का बेयरस्टा बो रूट 15
आर अश्विन का जेनिंग्स बो रूट 0
रविंद्र जडेजा का बटलर बो रशीद 25
जयंत यादव नाबाद 30
अतिरिक्त : 14 रन
कुल योग : 142 ओवर में सात विकेट पर 451 रन
विकेट पतन : 1/39, 2/146, 3/262, 4/279, 5/305, 6/307, 7/364
गेंदबाजी :
एंडरसन 15-5-43-0
वोक्स 8-2-34-0
अली 45-5-139-2
रशीद 44-5-152-2
बाल 14-5-29-1
स्टोक्स 8-2-24-0
रूट 8-2-18-2

ईशांत शर्मा ने प्रतिमा संग लिए सात फेरे, एमएस धोनी और युवराज बने मेहमान

तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा ने भी शादी कर ली है। शुक्रवार (9 दिसंबर) को गुड़गांव में उन्‍होंने प्रतिमा सिंह के साथ सात फेरे लिए।
तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा ने भी शादी कर ली है। शुक्रवार (9 दिसंबर) को गुड़गांव में उन्‍होंने प्रतिमा सिंह के साथ सात फेरे लिए। शादी का कार्यक्रम नॉटिंघम हिल्‍स होटल में हुआ।प्रतिमा बास्‍केटबॉल प्‍लेयर हैं और वाराणसी की रहने वाली हैं। दोनों ने 19 जून को सादे समारोह में सगाई की थी। शादी के लिए ईशांत को भारतीय टीम से रीलीज किया गया था। टीम इंडिया इस समय इंग्‍लैंड के साथ टेस्‍ट सीरीज खेल रही है। शादी में भारतीय वनडे टीम के कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी और स्‍टार प्‍लेयर युवराज सिंह, रेसलर योगेश्‍वर दत्‍त भी शामिल हुए। ईशांत ने शादी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी न्‍योता दिया था। न्‍योता देने के लिए ईशांत के साथ प्रतिमा भी गई थी। हालांकि मोदी शादी में नहीं आए।
ऐसा कहा जाता है कि इशांत और प्रतिमा दिल्ली के वसंत कुंज स्थित डीडीए स्पोर्ट्स कॉन्पलेक्स के पास ही बास्केटबॉल कोर्ट में मिला करते थे। 2011 में RIBA लीग में इशांत शर्मा चीफ गेस्ट बनकर आए थे तभी दोनों की पहली बार मुलाकात हुई थी। गौरतलब है कि हाल ही में युवराज सिंह ने भी शादी की है। उन्‍होंने मॉडल-एक्‍ट्रेस हेजल कीच को जीवनसंगिनी बनाया। इस शादी का कार्यक्रम तीन-चार दिन तक चला था। जालंधर के बाद गोवा में भी शादी कार्यक्रम हुआ था। इसमें विराट कोहली, धोनी, मोहम्‍मद कैफ, वीरेंंद्र सहवाग, वीवीएस लक्ष्‍मण, जहीर खान सहित कई पूर्व और वर्तमान क्रिकेटर शामिल हुए थे।
प्रतिमा सिंह वाराणसी से खेलती हैं और उन्होंने भारतीय बास्केटबाल टीम का विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओ में प्रतिनिधित्व किया है। वह भारतीय महिला बास्केटबाल टीम की पूर्व कप्तान भी हैं। देश के बास्केटबाल जगत में ‘सिंह बहनों’ के नाम से मशहूर प्रतिमा पांच बहनों में सबसे छोटी हैं। उनकी सभी बहनें भी बास्केटबाल खिलाड़ी हैं और वे भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी हैं। वह दिल्ली के जीसस एंड मेरी कॉलेज से पढ़ी हैं और दिल्ली यूनिवर्सिटी टीम की कप्तान रही हैं। उन्होंने 2010 में हुए ग्वांग्झू एशियाई खेलों में और अन्य बास्केटबॉल चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुकी हैं। प्रतिमा का परिवार खेलों से जुड़ा हुआ है। उनका छोटा भाई फुटबॉलर है। इस तरह से उनके परिवार में अब बास्‍केटबॉल, फुटबॉल और क्रिकेट खिलाड़ी भी हैं।

गुजरात में बोले पीएम मोदी- मुझे लोकसभा में बोलने नहीं देते, इसलिए सभा में बोलता हूं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी शनिवार (10 दिसंबर) को गुजरात के दौरे पर हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी शनिवार (10 दिसंबर) को गुजरात के दौरे पर गए। उन्होंने वहां अहमदाबाद के बनासकांठा जिले के दीसा में एक दूध सहकारी डेयरी प्लांट का उद्घाटन किया। बनासकांठा के डीसा दूध की खास वेरायटी एटू मिल्क लॉन्च की है। जो कि बाकियों से ज्यादा लाभकारी है। नोटबंदी के बाद गुजरात में पीएम मोदी का यह पहला कार्यक्रम था। रैली की शुरुआत में पीएम मोदी ने मजाकिया लहजे में कहा कि वह गुजराती में नहीं हिंदी में बोलेंगे ताकि देश को पता चल सके कि वहां क्या हो रहा है। उसके बाद मोदी ने बताया कि 25 साल बाद कोई पीएम बनासकांठा आया है। उसके बाद मोदी ने कहा कि वह बनासकांठा में पीएम नहीं धरती की संतान के रूप में आए हैं।
मोदी बोले कि बनासकांठा के किसानों ने प्रगतिशील किसान के रूप में अपनी छवि छोड़ी। मोदी ने कहा कि आलू के कारोबार में बनासकांठा का रिकॉर्ड है जिसे कोई तोड़ नहीं पाया है। मोदी ने कहा कि आने वाले वक्त में बनासकांठा श्वेत क्रांति के साथ-साथ ‘स्वीट क्रांति’ भी करेगा। मोदी ने कहा कि वहां के लोग आने वाले वक्त में चाहें तो शहद के कारोबार को और ज्यादा बढ़ा सकते हैं। मोदी ने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि बनास डेयरी आने वाले वक्त में रेंडी (castor) से ज्यादा पैसा कमाने के बारे में सोचे।
उसके बाद मोदी ने नोटबंदी का जिक्र किया। मोदी ने कहा कि 8 तारीख से पहले बड़े नोटों की ही गिनती होती थी छोटे नोट की तरफ कोई देखता नहीं था लेकिन अब वक्त बदल गया है और अब बड़े नोट को कोई लेना नहीं चाहता। मोदी ने कहा कि छोटे नोटों की कीमत बढ़ाने के लिए उन्होंने नोटबंदी का ऐलान किया है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी बोले कि उन्होंने 70 साल तक ईमानदारों को लूटा।
मोदी ने संसद का भी जिक्र किया। मोदी ने कहा कि संसद में विपक्ष के हंगामे की वजह से कार्यवाही नहीं हो पा रही जिसकी वजह से राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी परेशान और दुखी हैं। मोदी ने कहा कि उन्हें लोकसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा। इसलिए वह जनसभा में बोलते हैं। लेकिन जिस दिन मौका मिलेगा वह जरूर बोलेंगे।
मोदी ने कहा कि जैसे चुनाव के समय सभी पार्टियां लोगों को वोट डालना, ईवीएम का इस्तेमाल सिखाने का काम करती हैं वैसे ही अब सब दलों को मिलकर काम करना चाहिए। मोदी ने कहा कि विपक्ष चाहे तो उनका कितना भी विरोध करे लेकिन लोगों को बैंकिंग सिखाए, इलैक्ट्रोनिक सिस्टम सिखाए।
मोदी ने कहा कि अब कागज के नोटों का भी जमाना खत्म होने वाला है क्योंकि अब मोबाइल ही लोगों का बटुआ बन गया है। इससे पहले मोदी ने बताया कि वक्त-वक्त पर करेंसी में बदलाव होते रहते हैं जैसे पहले चांदी के पहिए जितने बड़े सिक्के चला करते थे।
मीडिया का जिक्र करते हुए मोदी बोले, ‘आप दिखाते हैं कि लोगों को परेशानी है दिखाते रहिए मुझे कोई शिकायत नहीं है लेकिन आप यह सिखाएं कि अब कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं है बैंक लोगों के मोबाइल पर है।

सर्वे में खुलासा: नोटबंदी के चलते लोगों में बढ़ रहा गुस्‍सा, लेकिन मोदी की लोकप्रियता बरकरार

हफिंगटन पोस्‍ट-बीडब्‍ल्‍यू-सीवोटर की ओर से कराए गए ओपिनियन पोल में सामने आया है कि लोग नोटबंदी के फैसले को अब परेशानी मानने लगे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले के एक महीने के बाद अब जनता का मूड बदल रहा है। लोगों में अब इस फैसले के चलते हो रही दिक्‍कतों के कारण गुस्‍सा बढ़ रहा है। हफिंगटन पोस्‍ट-बीडब्‍ल्‍यू-सीवोटर की ओर से कराए गए ओपिनियन पोल में सामने आया है कि लोग नोटबंदी के फैसले को अब परेशानी मानने लगे हैं। यह पोल आठ दिसंबर को 26 राज्‍यों के 261 संसदीय क्षेत्रों में कराया गया है। नए पोल में नोटबंदी के चलते लाइन में लगने के काम को सही मानने वाले लोगों की संख्‍या गांवों में 86 से घटकर 80 प्रतिशत से नीचे आ गई। वहीं अर्ध शहरी क्षेत्रों में यह प्रतिशत 93 से घटकर 89 प्रतिशत पर आ गया। इसी तरह से शहरों में 91 से घटकर 84 प्रतिशत रह गया है। सर्वे के अनुसार ग्रामीण व अर्ध शहरी क्षेत्रों में नोटबंदी से पड़े असर ने लोगों के जीवन पर बड़ा असर डाला है। वहीं शहरी क्षेत्रों में हालात पहले जैसे ही है।
नोटबंदी को छोटी समस्‍या या ना के बराबर समस्‍या मानने वाले लोगों को प्रतिशत भी कम हो रहा है। तीसरे सप्‍ताह में ग्रामीण क्षेत्रों में यह प्रतिशत 86 से कम होकर 73 रह गया है। अर्ध शहरी क्षेत्र में 75 से घटकर 70 और शहरों में 73 प्रतिशत के आसपास रहा है। नोटबंदी से सबसे ज्‍यादा किस पर असर पड़ा है। इस सवाल के जवाब में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का मानना है कि गरीबों को सबसे ज्‍यादा नुकसान हुआ है। वहीं शहरों में मानना है कि अमीरों पर गहरा असर हुआ है। हालांकि नोटबंदी के बावजूइ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता में कमी नहीं आई है। सर्वे के अनुसार बहुमत अभी भी पीएम के साथ है। बहुत से लोगों का कहना है कि लंबे समय के हिसाब से यह फैसला फायदेमंद साबित होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का मानना है कि नोटबंदी के फैसले से प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता बढ़ी है।
अगर यह समस्‍या जल्‍द दूर नहीं होती है तो क्‍या वे भाजपा के खिलाफ वोट डालेंगे। इस सवाल के जवाब में हां कहने वाले केवल 10.5 प्रतिशत लोग थे। 52 प्रतिशत से ज्‍यादा लोगों ने कहा कि वे नोटबंदी का समर्थन करेंगे। वहीं सात प्रतिशत ने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ होने वाले प्रदर्शन का समर्थन करेंगे। 18 प्रतिशत से ज्‍यादा ने कहा किे उनके पास समर्थन करने के अलावा और कोई विकल्‍प ही नहीं है।

सिनेमाघरों में राष्ट्रगान अनिवार्य करने के फैसले में बदलाव, दिव्यांगों को सुप्रीम कोर्ट ने दी खड़े होने से छूट

पीठ ने कहा, ‘‘एक अन्य पहलू पर भी स्पष्टीकरण की आवश्यकता है। जब हमने कहा कि दरवाजे बंद किये जायेंगे तो हमारा तात्पर्य यह नहीं था कि दरवाजों में सिटकनी लगा दी जाय।
सुप्रीम कोर्ट ने सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्र गान बजाये जाने के बारे में अपने आदेश में आज सुधार करते हुये शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों को सिनेमा घरों में राष्ट्र्र गान के दौरान खड़े होने से छूट दे दी। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति अमिताव राय की खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्र गान बजाये जाने के दौरान सिनेमाघरों के दरवाजे बंद करने की जरूरत नहीं है। यही नहीं, पीठ सिनेमा घरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान बजाया जाना अनिवार्य करने संबंधी आदेश वापस लेने की अर्जी पर भी सुनवाई के लिये तैयार हो गई ।
अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने शीर्ष अदालत को सूचित किया कि केन्द्र सरकार आज से दस दिन के भीतर दिशानिर्देश जारी करके स्पष्ट करेगी कि शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों को किस तरह राष्ट्रगान का सम्मान करना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों को राष्ट्रगान के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करने संबंधी संकेतों की अभिव्यक्ति करनी चाहिए। पीठ ने कहा, ’’चूंकि दिशानिर्देश जारी होने वाले हैं, इसलिए हम स्पष्ट करते हैं कि यदि शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति या कोई दिब्यांग फिल्म देखने सिनेमाघर जाता है तो उसे राष्ट्रगान के दौरान खड़े होने की जरूरत नहीं है यदि वह ऐसा करने में अक्षम है परंतु उसे ऐसा सम्मान जरूर दर्शाना चाहिए तो इसके अनुरूप हो।’’
पीठ ने कहा, ‘‘एक अन्य पहलू पर भी स्पष्टीकरण की आवश्यकता है। जब हमने कहा कि दरवाजे बंद किये जायेंगे तो हमारा तात्पर्य यह नहीं था कि दरवाजों में सिटकनी लगा दी जाये जैसा कि दिल्ली नगर निगम बनाम उपहार ट्रैजडी विक्टिम्स एसोसिएशन के मामले में उल्लिखित है परंतु राष्ट्र गान के दौरान यह सिर्फ लोगों के आने जाने को नियंत्रित करने के लिये है। न्यायालय इस मामले में अब 14 फरवरी, 2017 को आगे विचार करेगा।
न्यायालय ने यह स्पष्टीकरण उस समय दिया जब केरल में अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के आयोजक ने शीर्ष अदालत में अर्जी दायर कर 30 नवंबर के आदेश से छूट का अनुरोध करते हुये कहा कि इससे उसके 1500 विदेशी मेहमानों को असुविधा होगी। शीर्ष अदालत ने श्याम नारायण चोकसे की जनहित याचिका पर ये निर्देश दिये थे।

नोटबंदी: टूट रहा लोगों का सब्र? होने लगीं कतारों में मारपीट, पथराव और सड़क जाम की घटनाएं

देश के अन्‍य हिस्‍सों से भी बैंकों के बाहर झगड़े और मारपीट की खबरें सामने आ रही है। कर्नाटक के बागलकोट में लाइन में खड़े एक पूर्व सैनिक की पुलिसकर्मी ने पिटाई कर दी।
नोटबंदी के एलान के एक महीने बाद भी बैंकों और एटीएम में पर्याप्‍त पैसा नहीं पहुंच पा रहा है। इसके चलते अब स्थिति धीरे-धीरे हिंसक होती जा रही हैं। पिछले कुछ दिनों में बैंकों और एटीएम के बाहर मारपीट और झगड़े की घटनाओं में तेजी देखने को मिली है। उत्‍तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर और मुरादाबाद जिलों में शुक्रवार को इस तरह के मामले सामने आए। मुजफ्फरनगर में पैसे ना मिलने से नाराज लोगों ने पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर की पिटाई कर दी। मैनेजर के बैंक में पैसे खत्‍म होने की जानकारी देने के बाद गुस्‍साए लोगों ने मैनेजर को पीट दिया। वहीं जिले के एक अन्‍य गांव में ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया।
उत्‍तर प्रदेश में ही शुक्रवार(9 दिसंबर) को मुरादाबाद में कैश ना मिलने से नाराज लोगों ने एसबीआई बैंक पर हमला बोल दिया। यहां पर उन्‍होंने बैंक की संपत्ति को नुकसान भी पहुंचाया। इससे पहले यहीं पर एक वकील से पुलिस के दुर्व्‍यवहार के बाद झड़प हो गई थी। यूपी में कई अन्‍य जिलों में भी बैंकों पर लोगों ने अपना गुस्‍सा उतारा। आजमगढ़ में यूनियन बैंक का सर्वर जाम होने पर लोगों ने पथराव कर दिया। गोरखपुर, बस्‍ती, देवरिया, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गाजीपुर और बलिया में भी लोगों ने रास्‍ते जाम कर दिए।
देश के अन्‍य हिस्‍सों दिल्‍ली, हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई से भी बैंकों के बाहर झगड़े और मारपीट की खबरें सामने आ रही है। कर्नाटक के बागलकोट में लाइन में खड़े एक पूर्व सैनिक की पुलिसकर्मी ने पिटाई कर दी। पुलिसकर्मी ने पहले तो पूर्व सैनिक को बैंक में जाने से रोका और फिर कई बार उन्‍हें चांटें मार दिए। आठ नवंबर को नोटबंदी के एलान के बाद से नकदी लेने के लिए लाइनों लोगों की मौत भी हो चुकी है। हालांकि इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। खबरों के अनुसार देशभर में 70 से अधिक लोग लाइनों में लगने के बाद हार्ट अटैक और ब्‍लड प्रेशर के चलते दम तोड़ चुके हैं।
इस सप्‍ताह लगातार तीन दिन तक बैंकों की छुट्टी है। इसे देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि नकदी संकट गहरा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में नोटबंदी का ज्‍यादा असर देखने को मिला है। सरकार ने पहले कुछ जगहों पर पुराने नोट चलाने की अनुमति दी थी। लेकिन अब वह अवधि भी समाप्‍त हो चुकी है। रिजर्व बैंक की नोट छापने की प्रिंटिंग प्रेसों मे तीन शिफ्टों में काम हो रहा है। लेकिन बावजूद इसके लिए पर्याप्‍त नकदी की पूर्ति नहीं हो पा रही। देश में रोजाना 50 करोड़ नोट ही छापे जा सकते हैं। इसके चलते जिन बैंकों को 50-60 लाख प्रतिदिन चाहिए होते हैं उन्‍हें केवल 5-6 लाख रुपये ही मिल रहे हें।

इनकम टैक्‍स कमर्चारियों ने नरेंद्र मोदी को चिट्ठी भेज कहा- 30 प्रतिशत पद खाली, इंटरनेट सुविधा भी खराब, इन्‍हें ठीक कराओ

नोटबंदी के बाद कालेधन से संबंधित कई मामलों के सामने आने के बाद आयकर विभाग के कर्मचारियों ने सरकार से श्रमबल और सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है।
नोटबंदी के बाद कालेधन से संबंधित कई मामलों के सामने आने के बाद आयकर विभाग के कर्मचारियों ने सरकार से श्रमबल और सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है। आयकर विभाग के कर्मचारियों की दो यूनियनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ‘करोड़ों रुपये’ की कर चोरी के मामलों की जांच के लिए पर्याप्त श्रमबल एवं ढांचागत सुविधायें उपलब्ध कराने की मांग की है। दो कर्मचारी यूनियनों, इनकम टैक्स एम्पलाइज फेडरेशन (आईटीईएफ) तथा इनकम टैक्स गैजेटेड आफिसर्स एसोसिएशन (आईटीजीओए) ने मोदी को इस बारे में पत्र लिखा है। ये दोनों संघ आयकर विभाग के 97 प्रतिशत कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
पत्र में कहा गया है कि नोटबंदी के बाद के घटनाक्रमों से पता चलता है कि कालेधन तथा भ्रष्टाचार की बुराई से लड़ने के लिए कई कड़े उपायों की जरूरत होगी। इसमें आयकर विभाग को मुख्य भूमिका निभानी होगी। इस तरह की जमा के आंकड़े करोड़ों रुपये में हो सकते हैं। संयुक्त ज्ञापन में दोनों संघों ने कहा कि इन उद्देश्यों को हासिल करने के लिए विभाग के पास विशेषरूप से महत्वपूर्ण पदों पर पर्याप्त श्रमबल होना चाहिए। साथ ही विभाग को उचित ढांचागत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहए, जिससे कार्यबल को प्रोत्साहन मिले। संघों ने कहा कि उन्होंने इस बारे में प्रधानमंत्री को 17 नवंबर को पत्र लिखा है। इसमें कालेधन से निपटने के लिए कई उपाय सुझाए गए हैं।
यूनियनों की ओर से कहा गया कि इनकम टैक्‍स विभाग में निचले स्‍तर पर 30-35 प्रतिशत वैकेंसियां हैं। आईटी एडिशनल कमिश्‍नर और आईटी डिप्‍टी कमिश्‍नर, उनके जूनियर अधिकारियों के पद भी खाली पड़े हैं। साथ ही विभाग में इंटरनेट और इसकी कनेक्टिविटी भी काफी कमजोर है। इसके चलते कामों को पूरा करने में काफी समय लगता है। गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद से आयकर विभाग ने 2000 करोड़ रुपये का कालाधन पकड़ा है। देश के अलग-अलग हिस्‍सों में छापे मारे जा रहे हैं। 8 दिसंबर को चेन्‍नई से 100 करोड़ की नकदी और 100 किलो सोना जब्‍त किया गया था।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा- तीन बार तलाक कहना ‘क्रूरता’, यह प्रथा भारत को एक राष्ट्र बनाने में ‘बाधक’

अदालत ने कहा 'यह आम तौर पर भ्रम है कि मुस्लिम पति के पास कुरान के कानून के तहत शादी को खत्म करने की स्वच्छंद ताकत है।’
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने टिप्पणी की है कि तीन बार तलाक कहना ‘‘क्रूरता’’ है और इससे न्यायिक अंतरात्मा ‘परेशान’ है। अदालत ने पूछा कि क्या मुस्लिम महिलाओं की यातना खत्म करने के लिए मुस्लिम पर्सनल लॉ में संशोधन किया जा सकता है। इस प्रथा पर प्रहार करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा है कि इस तरह से ‘तुरंत तलाक’ देना ‘सबसे ज्यादा अपमानजनक’ है जो ‘भारत को एक राष्ट्र बनाने में ‘बाधक’ और पीछे ढकेलने वाला है।’ न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की एकल पीठ ने पिछले महीने अपने फैसले में कहा, ‘जो सवाल अदालत को परेशान करता है वह यह है कि क्या मुस्लिम पत्नियों को हमेशा इस तरह की स्वेच्छाचारिता से पीड़ित रहना चाहिए? क्या उनका निजी कानून इन दुर्भाग्यपूर्ण पत्नियों के प्रति इतना कठोर रहना चाहिए? क्या इन यातनाओं को खत्म करने के लिए निजी कानून में उचित संशोधन नहीं होना चाहिए? न्यायिक अंतरात्मा इस विद्रूपता से परेशान है।’ उन्होंने कहा, ‘भारत में मुस्लिम कानून पैगम्बर या पवित्र कुरान की भावना के विपरीत है और यही भ्रांति पत्नी को तलाक देने के कानून का क्षरण करती है।’
अदालत ने टिप्पणी की, ‘आधुनिक, धर्मनिरपेक्ष देश में कानून का उद्देश्य सामाजिक बदलाव लाना है। भारतीय आबादी का बड़ा हिस्सा मुस्लिम समुदाय है, इसलिए नागरिकों का बड़ा हिस्सा और खासकर महिलाओं को निजी कानून की आड़ में पुरानी रीतियों और सामाजिक प्रथाओं के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।’ अदालत ने कहा, ‘भारत प्रगतिशील राष्ट्र है, भौगोलिक सीमाएं ही किसी देश की परिभाषा तय नहीं करतीं। इसका आकलन मानव विकास सूचकांक सहित कई अन्य पैमाने पर किया जाता है जिसमें समाज द्वारा महिलाओं के साथ होने वाला आचरण भी शामिल है। इतनी बड़ी आबादी को निजी कानून के मनमानेपन पर छोड़ना प्रतिगामी है, समाज और देश के हित में नहीं है। यह भारत के एक सफल देश बनने में बाधा है और पीछे की तरफ धकेलता है।’ अदालत ने कहा, ‘इस्लाम में तलाक केवल अति आपात स्थिति में ही देने की अनुमति है। जब मेल-मिलाप के सारे प्रयास विफल हो जाते हैं तो दोनों पक्ष तलाक या खोला के माध्यम से शादी खत्म करने की प्रक्रिया की तरफ बढ़ते हैं।’’
अदालत ने पांच नवम्बर को दिए गए फैसले में कहा, ‘मुस्लिम पति को स्वेच्छाचारिता से, एकतरफा तुरंत तलाक देने की शक्ति की धारणा इस्लामिक रीतियों के मुताबिक नहीं है। यह आम तौर पर भ्रम है कि मुस्लिम पति के पास कुरान के कानून के तहत शादी को खत्म करने की स्वच्छंद ताकत है।’ अदालत ने कहा, ‘पूरा कुरान पत्नी को तब तक तलाक देने के बहाने से व्यक्ति को मना करता है जब तक वह विश्वासनीय और पति की आज्ञा का पालन करती है।’ इसने कहा, ‘इस्लामिक कानून व्यक्ति को मुख्य रूप से शादी तब खत्म करने की इजाजत देता है जब पत्नी का चरित्र खराब हो, जिससे शादीशुदा जिंदगी में नाखुशी आती है। लेकिन गंभीर कारण नहीं हों तो कोई भी व्यक्ति तलाक को उचित नहीं ठहरा सकता चाहे वह धर्म की आड़ लेना चाहे या कानून की।’ अदालत ने 23 वर्षीय महिला हिना और उम्र में उससे 30 वर्ष बड़े पति की याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। हिना के पति ने ‘अपनी पत्नी को तीन बार तलाक देने के बाद’ उससे शादी की थी। पश्चिम उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले दंपति ने अदालत का दरवाजा खटखटाकर पुलिस और हिना की मां को निर्देश देने की मांग की थी कि वे याचिकाकर्ताओं का उत्पीड़न बंद करें और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
बहरहाल अदालत ने स्पष्ट किया कि वह याचिकाकर्ता के वकील के तर्कों का विरोध नहीं कर रही है कि दंपति ‘वयस्क हैं और अपना साथी चुनने के लिए स्वतंत्र हैं’ और उन्हें संविधान के तहत प्राप्त मूलभूत अधिकारों के मुताबिक ‘जीवन के अधिकार तथा व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार’ से वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा, ‘न ही उम्र में अंतर कोई मुद्दा है। परंतु जो बात दुखद है वह है कि व्यक्ति ने निहित स्वार्थ की खातिर अपनी पत्नी को तुरंत तलाक (तीन बार तलाक) देने का इस्तेमाल किया… पहले याचिकाकर्ता (महिला) ने अपना परिवार छोड़ा और दूसरे याचिकाकर्ता के साथ हो गई और इसके बाद दूसरे याचिकाकर्ता ने अपनी पत्नी से छुटकारा पाने का निर्णय किया।’ अदालत ने कहा, ‘महिलाएं पैतृक ढांचे की मर्जी पर नहीं रह सकतीं जो अलग-अलग मौलवियों के चंगुल में हैं और जो पवित्र कुरान की मनमर्जी व्याख्या करते हैं। किसी भी समुदाय के निजी कानून संविधान के तहत लोगों को मिले अधिकार पर अपना आधिपत्य नहीं जता सकते।’ अदालत ने कहा कि वह ‘‘इस मुद्दे पर कुछ और नहीं कहना चाहती है क्योंकि मामला फिलहाल उच्चतम न्यायालय के पास है।’ अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि ‘शादी…तलाक की वैधता और संबंधित पक्षों के अधिकार खुले रखे गए हैं।’

नोटबंदी पर मोदी का फैसला मूर्खतापूर्ण, देश बर्बाद हो गया: राहुल गांधी

राहुल गांधी की टिप्पणी: पेटीएम मतलब ‘पे टू मोदी’, मोदी समर्थकों का पलटवार: पेटीएम मतलब ‘पे टू मम्मी’
बड़े नोटों को अमान्य करने के ऐलान के एक महीना पूरा होने पर विपक्ष ने संसद और संसद के बाहर ‘काला दिवस’ मनाया। विपक्ष के सांसद संसद में काली पट्टी बांधकर पहुंचे। संसद परिसर में महात्मा गांधी की मूर्ति के पास सांसदों ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी समेत तमाम नेता शामिल हुए। राहुल गांधी ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया और कहा, ‘उनके मूर्खतापूर्ण फैसले ने देश को बर्बाद कर दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री संसद में जवाब देने से बच रहे हैं, लेकिन हम लोग उन्हें भागने नहीं देंगे। संसद में चर्चा में प्रधानमंत्री हिस्सा लें, सभी चीजें स्वत: स्पष्ट हो जाएंगी।’ धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस के अलावा तृणमूल कांग्रेस, वामपंथी दलों, सपा के सांसदों ने हिस्सा लिया। विपक्ष के नेता अपने हाथों पर काली पट्टियां बांधे हुए थे। राहुल गांधी ने कहा कि विमुद्रीकरण के फैसले ने मजदूरों और किसानों को बर्बाद कर दिया है। हम बहस चाहते हैं, वोटिंग चाहते हैं। लेकिन सरकार ऐसा नहीं चाहती। राहुल गांधी ने कहा, ‘लोकसभा में मैं सब बता दूंगा कि पेटीएम कैसे पे टू मोदी हो जाता है।’
राहुल गांधी के इस बयान को कांग्रेस पार्टी ने ट्विट भी किया। उनके इस बयान पर मोदी समर्थकों ने जबरदस्त प्रतिक्रिया जताते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा। मोदी समर्थकों ने कांग्रेस के ट्विट के जवाब में लिखा कि अगर पेटीएम का मतलब पे टू मोदी है, तो फिर चाल वाले, स्टॉल वाले इसका इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं। एक ने तो यहां तक लिख दिया कि पे टू मोदी, पे टू मम्मी से बेहतर ही है, जिसमें गरीबों की मेहनत का पैसा स्वीस बैंक अकाउंट में डाला जाता है। बहरहाल, धरना-प्रदर्शन में राहुल गांधी तीखे मूड में नजर आए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का अच्छा समय चल रहा है। पिछले एक महीने से इस मुद्दे पर वह अपनी बातें बदल रहे हैं। लोग कठिनाइयों के बोझ में दबते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री मुस्करा रहे हैं। वह अच्छा समय व्यतीत कर रहे हैं, जबकि देश की जनता परेशान है। इसलिए वे एक मुद्दे से दूसरे मुद्दे पर जा रहे हैं। और हम उन्हें सदन में घेरने जा रहे हैं। वे सदन से भाग नहीं पायेंगे।’ प्रधानमंत्री के ‘कैशलैस’ अर्थव्यवस्था के उल्लेख पर कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, ‘यह पेटीएम का सिद्धांत है। पे टू मोदी। यह कैशलैस अर्थव्यवस्था के पीछे का विचार है।’
राहुल गांधी ने लोकसभा में चर्चा ऐसे नियम के तहत कराने की मांग की, जिसमें मतविभाजन का प्रावधान हो। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के कुछ सांसद विपक्ष की मांग का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा, ‘हम भाजपा में ऐसे लोगों को जानते हैं, जो ऐसी चर्चा की अनुमति दिए जाने पर हमारे पक्ष में मतदान करेंगे। अगर प्रधानमंत्री सदन में बोलेंगे तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।’ संसद में बने गतिरोध के बारे में उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही चलाने की जिम्मेदारी सरकार, स्पीकर की होती है, विपक्ष की नहीं। हम चर्चा चाहते हैं। हम मतविभाजन के तहत चर्चा चाहते हैं, लेकिन सरकार ऐसा नहीं चाहती है।
राहुल गांधी ने भाजपा और मोदी पर नोटबंदी की घोषणा को चुनिंदा तरीके से लीक करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को उन्हें बताना था, उन्हें बता दिया गया था। उन्हें इस निर्णय के बारे में पता था। भाजपा और मोदीजी ने उन्हें इस कदम के बारे में पहले ही बता दिया था। इसलिए किसे सबसे ज्यादा नुकसान हुआ? उन्होंने कहा कि भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने बैंकों में करोड़ों रूपये जमा किए, पार्टी ने बिहार में जमीन खरीदी। कर्नाटक में भाजपा के एक नेता ने अपनी पुत्री के विवाह में 500 करोड़ रुपए खर्च किए। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी के कारण हजारों की संख्या में लोगों की नौकरियों से छंटनी हो रही है। किसान मर रहे हैं। अब तक 100 से अधिक लोग कतारों में मर चुके हैं और प्रधानमंत्री को यह मजाक लगता है। तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि हम नोटबंदी के एक माह पूरे होने पर काला दिवस मना रहे हैं। इस अवधि में 105 लोग मारे जा चुके हैं। हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमने आज ‘काला दिवस’ इसलिए मनाया क्योंकि लोग काफी परेशान हैं।

आयकर विभाग ने 8 जगहों पर मारा छापा, बरामद किए 70 करोड़ रुपए के नए नोट और 100 किलो सोना

छापेमारी में 90 करोड़ रुपए की नकदी मिली है, जिसमें से 70 करोड़ रुपए नए नोटों की शक्‍ल में बरामद किए गए हैं।
आयकर विभाग की विभिन्‍न टीमों ने गुरुवार को चेन्‍नई में आठ ठिकानों पर छापेमारी की। अन्‍ना नगर और टी नगर में हुई छापेमारी में 90 करोड़ रुपए की नकदी मिली है, जिसमें से 70 करोड़ रुपए नए नोटों की शक्‍ल में बरामद किए गए हैं। इसके अलावा 100 किलो सोना भी बरामद किया गया है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार चेन्‍नई के ज्‍वेलर्स के घर पर छापेमारी में यह बरामदगी की गई है। आयकर विभाग कारोबारी सेकर रेड्डी, श्रीनिवास रेड्डी और प्रेम से भी पूछताछ की है। इन लोगों पर रुपए एक्‍सचेंज कराने का रैकेट चलाने का आरोप है। सीबीआई ने नई करंसी के एक्‍सचेंज को लेकर तीन अलग मामले दर्ज किए हैं और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विस्‍तृत रिपोर्ट की प्रतीक्षा है।
8 नवंबर को नोटबंदी के ऐलान के बाद से ही आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय की कई टीमें देशभर में छापेमारी कर रही हैं। इस प्रक्रिया में कई ठेकेदारों, बिल्‍डरों, इंजीनियरों, राजनेताओं के पास से करोड़ों रुपए की नई करंसी बरामद की गई है। बुधवार को ईडी ने हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग की खबर के बाद 50 बैंक शाखाओं में छापेमारी की थी। ईडी ने उन खातों पर भी नजर रखनी शुरू कर दी है जिसमें एक बार में काफी सारा पैसा जमा किया गया था।
आयकर अधिकारियों ने 4 दिसंबर को उडुपी से तीन व्यक्तियों के पास से दो-दो हजार रुपए के नोट वाली 71 लाख रुपए की राशि जब्त की थी। आयकर विभाग के करीब 50 अधिकारियों ने देशव्यापी अभियान के तहत बेंगलुरु, चेन्नई और इरोड़ (तमिलनाडु) के कई ठिकानों में छापेमारी की है। विभाग ने बताया कि 6 दिसंबर तक 130 करोड़ रुपए की नकदी और ज्‍वेलरी जब्‍त की जा चुकी है। इसके अलावा 2000 करोड़ की बेनामी संपत्ति की बात भी करदाताओं ने कबूली है। छापेमारी में पांच करोड़ रुपए से ज्यादा की नई नकदी पकड़ी गयी है।

ड्राइवर ने किया सुसाइड, नोट में लिखा- जनार्दन रेड्डी 100 करोड़ का कालाधन सफेद कर रहे थे, मैं जानता था

जी जनार्दन रेड्डी के ड्राइवर ने बुधवार (7 दिसंबर) को सुसाइड कर लिया।
कर्नाटक के एक प्रशासनिक अधिकारी के ड्राइवर ने बुधवार (7 दिसंबर) को सुसाइड कर लिया। उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि उसे पता था कि जनार्दन रेड्डी ने 100 करोड़ रुपए के कालेधन को व्हाइट कर रहे हैं। ड्राइवर के नोट के अनुसार रेड्डी और वह प्रशासनिक अधिकारी मिलकर उसका मानसिक शोषण करते थे। ड्राइवर ने पत्र में यह भी लिखा कि रेड्डी ने कर्नाटक के प्रशासनिक सेवा के अधिकारी (जिसका वह शख्स ड्राइवर था) से पैसे सफेद करवाए थे। एनएआई ने शुरुआत में ट्वीट में कहा कि ड्राइवर जनार्दन रेड्डी का है। हालांकि, बाद में सुधार कर कहा गया कि ड्राइवर उस अधिकारी का था। (ट्वीट की तस्वीर नीचे) जान देने वाले शख्स का नाम रमेश बताया जा रहा है। उसने जहर खाकर जान दी।
रमेश ने लिखा कि उन्हें पता था कि रेड्डी कैसे अपने 100 करोड़ रुपए को सफेद कर रहे हैं इसलिए उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी मिल रही थी। रमेश भूमि अधिग्रहण अधिकारी भीमा नायक का ड्राइवर था। रमेश के अनुसार भीमा को पैसा बदलने के बदले 20 प्रतिशत मिला था। रमेश ने सुसाइड नोट में लिखा कि रेड्डी ने सारा पैसा अपनी बेटी की शादी में लगा दिया।
नोट में आगे लिखा गया है कि रेड्डी और बीजेपी सासंद श्रीमल्लू शादी से पहले भीमा से मिलने के लिए बैंगलूरू फाइव स्टोर होटल में कई बार मिलने आए थे। रमेश ने नोट में लिखा है कि 20 प्रतिशत हिस्से ले अलावा भीमा कर्नाटक में 2018 में होने वाले चुनाव में टिकट लेने के लिए मदद चाहता था।

 

थल और वायु सेना के 280 चीता और चेतक हेलिकॉप्टर उड़ान से बाहर, हादसे में तीन अफसरों की मौत के बाद लिया फैसला

साल 2012 से लेकर 2015 के बीच इन हेलीकॉप्टरों से जुड़ी छह दुर्घटनाओं में नौ जवान मारे जा चुके हैं।
पश्चिम बंगाल में पिछले हफ्ते एक चीता हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के बाद भारतीय सेना और वायु सेना ने सभी चीता और चेतक हेलिकॉप्टरों को सुरक्षा जांच के लिए इस्तेमाल रोक दिया है। भारतीय सेना के पास 280 से ज्यादा चीता और चेतक हेलिकॉप्टर हैं। इन हल्के हेलिकॉप्टरों का सियाचीन जैसे पहाड़ी इलाकों में काफी प्रयोग होता है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार ये हेलिकॉप्टर तभी दोबारा उड़ान भर सकेंगे जब हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) सभी ऐसे हेलिकॉप्टरों की समग्र सुरक्षा जांच पूरा कर लेगा। 30 नवंबर को पश्चिम बंगाल में हुई दुर्घटना में भारतीय सेना के तीन अधिकारी मारे गए थे और एक जूनियर कमीशन अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गया था।
इन हेलिकॉप्टरों की डिजाइन 50 साल पुरानी है और लंबे समय से उनकी सुरक्षा का सवाल उठाया जाता रहा है। पिछले कुछ सालों में ऐसे कई हेलिकॉप्टरों के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद इनके उपयोग को लेकर आशंकाएं जाती रही हैं। साल 2015 में कई सैन्य अधिकारियों की पत्नियों ने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर से मिलकर इन हेलिकॉप्टरों को इस्तेमाल से बाहर करने की मांग की थी। पश्चिम बंगाल की दुर्घटना के बाद भारतीय थल सेना ने 150 हेलिकॉप्टरों और भारतीय वायु सेना ने 130 हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल बंद कर दिया है। हालांकि नौसेना ने ऐसे 40 हेलिकॉप्टरों को इस्तेमाल अभी नहीं बंद किया है।
20 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित दुनिया की सबसे ऊंची सैन्य चौकियों में शामिल सियाचीन में रसद और अन्य सामान पहुंचाने में चीता हेलिकॉप्टर की अहम भूमिका रही है। इन हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल रोकने पर सियाचीन ग्लेशियर में सेना की गतिविधि पर असर पड़ सकता है। वायु सेना के एक अधिकारी ने हिंदस्तान टाइम्स के बताया कि एचएएल इन हेलिकॉप्टर की सुरक्षा जांच किश्तों में करेगी और ऐसा नहीं है कि ऐसे सभी हेलिकॉप्टर लंबे समय तक सेवा से बाहर रहेंगे।
रिपोर्ट के अनुसार थल सेना इस दौरान ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और चीतल हेलीकॉप्टर (चीता हेलीकॉप्टर का संशोधित संस्करण) का इस्तेमाल करेगी। एचएएल ने 625 चीता और चेतक हेलीकॉप्टर का निर्माण किया था। अब इन हेलीकॉप्टर का निर्माण नहीं किया जाता लेकिन इनकी मरम्मत का जिम्मा अभी एचएएल का ही है। साल 2012 से लेकर 2015 के बीच इन हेलीकॉप्टरों से जुड़ी छह दुर्घटनाओं में नौ जवान मारे जा चुके हैं। एचएएल ने 1970 में फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी एयरोस्पेशियले के साथ चीता हेलीकॉप्टर बनाने के लिए करार किया था। वहीं एचएएल ने 1978 में फ्रांसीसी कंपनी एयूडी-एविएशन (अब एयरबस) के साथ चेतक हेलीकॉप्टर बनाने का करार किया था।

 

अब 100 रुपए के नए नोट जारी करेगा आरबीआई

नई दिल्ली। नोटबंदी से हो रही कैश की किल्लत को दूर करने के लिए सरकार ने एक और कदम उठाया है। आरबीआई अब जल्द ही 100 रुपए के नए नोट जारी करेगा। आरबीआई ने कहा है कि पुराने 100 रुपए के नोट भी कानूनी रूप से मान्य होंगे। इन नोटों को जल्दी ही जारी किया जाएगा।
100 रुपए का ये नोट 2005 की महात्मा गांधी सीरीज में ही छापे जाएंगे। इन पर मौजूदा गवर्नर उर्जित पटेल के हस्ताक्षर होंगे। इन नए नोटों के बाकी डिजाइन और सिक्यॉरिटी फीचर्स 100 के नोट की तरह ही होंगे। इसके अलावा इन नोटों में बढ़ते क्रम में अंक दर्ज होंगे।
इससे पहले आरबीआई ने 20 और 50 रुपये के नए नोटों को जारी किए जाने का भी ऐलान किया था। इन नोटों में सुरक्षा के नए फीचर शामिल किए जाएंगे। गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को 500-1000 के पुराने नोट बंद करने का फैसला लिया था। इसके बाद 500 और 2000 के नए नोट आरबीआई ने जारी किए हैं।