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LIVE बजट 2017: वित्‍तमंत्री अरुण जेटली का एलान- 3 लाख रुपये से ऊपर का कैश लेनदेन और 2000 से ज्‍यादा नकद राजनीतिक चंदा नहीं

वित्तवर्ष 2017-18 के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट पेश कर रहे हैं। उन्‍होंने झारखंड और गुजरात में एम्‍स खोले जाने का ऐलान किया है। साथ ही मनरेगा का बजट आवंटन बढ़ाकर 48 हजार करोड़ रुपये कर दिया है। जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में 23 हजार करोड़, प्रधानमंत्री सड़क योजना में 2019 तक 4 लाख करोड़ खर्च करेंगे। रेलवे के लिए बजट का ऐलान करते हुए उन्‍होंने कहा कि ई-टिकट पर सर्विस चार्ज नहीं लगेगा।  जेटली ने बजट पेश करते हुए कहा कि भारत दुनिया में मंदी के बीच उभरता सितारा है। इस साल अर्थव्‍यवस्‍था पटरी पर आएगी। उन्‍होंने नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि महंगाई की दर को 6 प्रतिशत से कम पर लाए हैं। जीएसटी और नोटबंदी बड़ा फैसला है। कालेधन के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। नोटबंदी से टैक्‍स कलेक्‍शन बढ़ा है।
ई. अहमद केरल की मालाप्पुरम लोकसभा सीट से सांसद थे। वह मुस्लिम लीग पार्टी में थे। अहमद इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। मनमोहन सिंह की सरकार में वे विदेश राज्यमंत्री थे। उनकी उम्र 78 साल थी। ई अहमद यूपीए सरकार के दौरान रेल राज्य मंत्री भी रहे थे। ई. अहमद का जन्म 29 अप्रैल 1938 को हुआ था। अहमद केरल विधासभा से 1967, 1977, 1980, 1982 और 1987 में विधायक चुने गए। वह 1982 से 1987 तक केरल सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। अहमद 1991, 1996, 1998, 1999, 2004 और 2009 में लोकसभा के लिए चुने गए। वह 2004 से 2009 के बीच विदेश राज्यमंत्री भी रहे।

 

Union Budget 2017: मल्लिकार्जुन खड़गे बोले: ई अहमद की मौत की जानकारी छिपाना चाहती थी सरकार

सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार को ई अहमद के निधन की जानकारी पहले ही लग गई थी लेकिन उन्होंने जानकारी को बाहर आने से रोकने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार (बीजेपी) वैसे तो काफी संस्कारों की बात करती है लेकिन फिर भी किसी के निधन के बाद बजट पेश कर रही है। उन्होंने आगे कहा था, ‘ कांग्रेस के अलावा जेडयू नेताओं और पूर्व पीएम देव गोड़ा का भी यही मानना है कि बजट को स्थगित कर दिया जाना चाहिए। 31 मार्च अभी नहीं आया है। ऐसे में बजट को पेश करने के लिए बहुत वक्त है। सरकार चाहे तो इसे स्थगित कर सकती है।’
हालांकि, सरकार ने विरोध के बाद भी बजट पेश किया। लोकसभा की स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि कल यानी 2 फरवरी को कार्यवाही को स्थगित किया जाएगा।
ई. अहमद केरल की मालाप्पुरम लोकसभा सीट से सांसद थे। वह मुस्लिम लीग पार्टी में थे। अहमद इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। मनमोहन सिंह की सरकार में वे विदेश राज्यमंत्री थे। उनकी उम्र 78 साल थी। ई अहमद यूपीए सरकार के दौरान रेल राज्य मंत्री भी रहे थे। ई. अहमद का जन्म 29 अप्रैल 1938 को हुआ था। अहमद केरल विधासभा से 1967, 1977, 1980, 1982 और 1987 में विधायक चुने गए। वह 1982 से 1987 तक केरल सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। अहमद 1991, 1996, 1998, 1999, 2004 और 2009 में लोकसभा के लिए चुने गए। वह 2004 से 2009 के बीच विदेश राज्यमंत्री भी रहे।

 

बठिंडा: कार विस्फोट में नाबालिग बच्ची समेत 3 की मौत, कांग्रेस उम्मीदवार की रैली के पास हुआ धमाका

पंजाब के बठिंडा में मंगलवार को एक कार में हुए धमाके से एक नाबालिग बच्ची समेत तीन लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए। यह धमाका एक चुनावी जनसभा के नजदीक खड़ी कार में हुआ। पुलिस ने बताया कि घटना स्थल से एक प्रेशर कुकर बरामद हुआ है, पुलिस ने इसके आतंकवादी घटना होने से इंकार नहीं किया है। पंजाब में चार फरवरी को विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि मौड़ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस उम्मीदवार हरमिंदर सिंह जस्सी की जनसभा के तुरंत बाद रात साढ़े आठ बजे विस्फोट हुआ। जस्सी सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के रिश्तेदार हैं।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक सुरेश अरोड़ा ने बताया, ‘‘प्रारंभिक जांच के बाद आतंकवाद की घटना से इंकार नहीं किया जा सकता। लेकिन विशेषज्ञ ही विस्फोट के कारण बता सकते हैं।’ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच के मुताबिक यह चोरी की कार थी और इस पर दोपहिया वाहन का पंजीकरण नंबर था। वाहन का चेसिस नंबर भी हटा दिया गया था। उन्होंने बताया कि यह गैस से नहीं चल रही थी। पुलिस ने कहा, ‘कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। विस्फोट स्थल के नजदीक एक जला हुआ प्रेशर कुकर भी देखा गया।’ अरोड़ा ने कहा कि चंडीगढ़ से फोरेंसिक टीम सुबह बठिंडा पहुंचेगी और मामले की जांच करेगी।
बठिंडा के उपायुक्त घनश्याम थोरी ने बताया, ‘‘मारुति कार में हुए विस्फोट में तीन राहगीर मारे गए जिनमें दो वयस्क और एक बच्ची थी। उनकी पहचान अभी तक नहीं हुई है।’ घटना में 15 लोग जख्मी हुए हैं। उपायुक्त ने बताया कि कांग्रेस उम्मीदवार की रैली खत्म होने के बाद विस्फोट हुआ। पंजाब पुलिस के आईजी (बठिंडा जोन) नीलाभ किशोर ने कहा कि जांच प्रारंभिक चरण में है इसलिए विस्फोट के कारणों के बारे में कुछ कहना कठिन है।

 

उनके समर्थकों के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है, अखिलेश का बिना नाम लिए चाचा शिवपाल पर निशाना

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने अपने चाचा शिवपाल यादव पर बिना नाम लिए निशाना साधा। मंगलवार (31 जनवरी) को अखिलेश यादव ने कहा, ‘जो लोग लड़ाई में मेरे साथ नहीं हैं उनके लिए सपा में कोई जगह नहीं है। पार्टी के ही कुछ लोगों की वजह से लड़ाई हुई और कुछ लोग हमारा विरोध कर रहे हैं और हमारे द्वारा खड़े किए गए उम्मीदवारों का भी विरोध कर रहे हैं।’ अखिलेश ने यह बात हाथरस में समाजवादी पार्टी की एक चुनावी रैली के दौरान कही। उन्होंने अपने पिता मुलायम के बारे में कुछ नहीं कहा। लेकिन चुनावी पोस्टर्स और रैलियों में से मुलायम गायब हैं। मुलायम सिंह यादव कांग्रेस से हुए गठबंधन पर भी नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि सपा को जीत के लिए किसी गठबंधन की जरूरत नहीं है। वह सपा-कांग्रेस के लिए रैली करने से भी मना कर चुके हैं।
इससे पहले अखिलेश ने एटा जिले में भावनात्मक भाषण दिया था। वहां उन्होंने कहा था कि यह चुनाव देश के साथ-साथ उनका भी भविष्य तय करेगा। उन्होंने कहा था, ‘पहला तो साइकिल के लिए ही लड़ना पड़ा, एक समय ऐसा लगा कि साइकिल हाथ से चली जाएगी, लेकिन साइकिल फिर मिल गई। सोचो कि ऊपर वाला भी हमारे और आपके साथ खड़ा हुआ है।’ उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टी में हुई कलह की वजह से विपक्षियों को बोलने का मौका मिल गया था।
उत्तरप्रदेश में सात चरणों में चुनाव होने हैं। इसके लिए 11 फरवरी को पहले चरण की वोटिंग होगी। चुनाव के नतीजे 11 मार्च को आएंगे। यूपी के अलावा पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में चुनाव हैं।

 

पाकस्‍तानी सेना ने हाफिज सईद की नजरबंद को बताया राष्‍ट्रहित, कहा- हम भारत से जंग नहीं चाहते

जमात उद दावा के प्रमुख और मुंबई हमलों के मास्‍टरमाइंड हाफिज सईद को नजरबंद करने के कदम को पाकिस्‍तान की सेना ने राष्‍ट्रहित का कदम बताया है। पाकिस्‍तान के इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस(आर्इएसपीआर) के डीजी मेजर जनरल आसिफ गफूर ने मंगलवार(31 जनवरी) को बताया कि सईद को नजरबंद करने का फैसला एक नीतिगत निर्णय है। उन्‍होंने मीडिया को बताया, ”यह नीतिगत निर्णय है जो कि राष्‍ट्रहित में लिया गया है। कई सारी संस्‍थाओं को अपना काम करना होता है।” उन्‍होंने इस फैसले के पीछे किसी भी विदेशी दबाव से इनकार किया। गौरतलब है कि हाफिज सईद को सोमवार(30 जनवरी) को नजरबंद किया गया था।
भारत के साथ रिश्‍तों के सवाल पर मेजर जनरल गफूर ने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ शांति चाहता है। उन्‍होंने कहा, ” हम किसी के साथ युद्ध नहीं चाहते। युद्ध किसी समस्‍या का हल नहीं है। हम कश्मीर मुद्दे का हल संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के माध्यम से और बातचीत के जरिये चाहते हैं, लेकिन शांति की हमारी इस चाहत को कमजोरी समझने की भूल नहीं की जानी चाहिए।’’ पंजाब के गृह विभाग द्वारा सईद के लाहौर के जौहर टाउन स्थित घर को उपजेल घोषित किए जाने के बाद जमात उद दावा प्रमुख को आज उसके मुख्यालय अल कदासिया चौबुर्जी से वहां स्थानांतरित कर दिया गया।
सईद ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया, ‘‘मुझे हिरासत में लेने का आदेश इस्लामाबाद से नहीं वाशिंगटन से आया है। अगर किसी को लगता है कि मुझे नजरबंद करने से कश्मीर में आजादी के आंदोलन को रोकने में मदद मिलेगी तो वह ख्याली दुनिया में रह रहा हैं। मेरी गिरफ्तारी से भारत के खिलाफ कश्मीरियों के आंदोलन को नई प्रेरणा मिलेगी।’’ सईद ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगता है कि मेरी गिरफ्तारी से उन्हें कश्मीर में राहत मिल जाएगी तो वो बड़ी गलती कर रहे हैं।
इसी बीच, पाकिस्तान में पंजाब असेंबली में विपक्ष ने सईद को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ वा वॉकआउट किया। क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेतृत्व में विपक्ष ने आरोप लगाया कि शरीफ सरकार ने यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मोदी सरकार के दबाव में उठाया। सईद की गिरफ्तारी के विरोध में लाहौर, मुल्तान, फैसलाबाद, गुजरांवाला, सियालकोट, कराची, पेशावर और क्वेटा समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। सईद की गिरफ्तारी के बाद हालात पर नजर रख रहे एक अधिकारी के मुताबिक उसके समर्थकों ने इस फैसले की निंदा करते हुए इस्लामाबाद में भी प्रदर्शन किया।

 

पहली बार राजपथ पर गरजा हमारा तेजस, ताकत देखकर दुनिया हो गई हैरान पहली बार राजपथ पर गरजा हमारा तेजस, ताकत देखकर दुनिया हो गई हैरान

देश में बने हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस और एयरबॉर्न अर्ली वॉर्निग एंड कंट्रोल सिस्टम (एईडब्ल्यू एंड सी) ने गुरुवार को गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार अपनी ताकत दिखाई। आसमान में बदली छाए रहने के बावजूद 300 मीटर की ऊंचाई पर 780 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से उड़ान भरकर तीन लड़ाकू जेट विमानों ने राजपथ पर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इससे पहले एलसीए ने पिछले साल भारतीय वायु सेना दिवस पर भी उड़ान भरी थी। इसने आईएएफ की प्रदर्शनी आयरन फर्स्ट, एयरो इंडिया और बहरीन इंटरनैशनल एयरशो में भी अपनी ताकत दिखाई थी।
एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी द्वारा विकसित और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लि. द्वारा प्रस्तुत स्वदेशी निर्मित तेजस चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जो 1,350 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से उड़ने की क्षमता रखता है और इसकी तुलना फ्रांस के मिराज 2000, अमेरिकन एफ-16 और स्वीडन के ग्रिपेन सहित विश्व के सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू विमानों से की जाती है। तेजस को जुलाई 2016 में भारतीय वायुसेना के 45वें स्क्वाड्रन में शामिल किया गया था। विमानों की संख्या को मौजूदा आठ से बढ़ाकर प्रतिवर्ष 16 करने की योजना है।
इसलिए खास है तेजसः
-यह विमान 50 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है। इसकी लंबाई 13.2 मीटर और ऊंचाई 4.4 मीटर है। इसका वजन 6,560 किलो है।
-भारतीय अधिकारियों के मुताबिक तेजस चीन-पाक द्वारा मिलकर बनाए गए लड़ाकू विमान जेएफ-17 थंडर से 6 मानकों पर बेहतर है।
-इस विमान को बनाने में 55000 करोड़ की लागत आई थी।
-तेजस ने ढाई हजार घंटे के सफर में 3 हजार से ज्यादा उड़ानें भरी हैं। इसकी कलाबाजी और फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम संतोषजनक है।
-तेजस का रखरखाव काफी सस्ता होगा। भारत के सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू विमान सुखोई 30 का रखरखाव काफी महंगा है।
-तेजस का ढांचा कार्बन फाइबर से बना है। यह धातु से हल्का और मजबूत 

डोनाल्‍ड ट्रंप बने अमेरिका के राष्‍ट्रपति, दुनिया के सबसे ताकतवर देश के 45वें राष्‍ट्राध्‍यक्ष

रिपब्लिकन डोनाल्‍ड ट्रंप अमेरिका के 45वें राष्‍ट्रपति बन गए हैं। शुक्रवार को कैपिटल हिल में हुए भव्‍य समारोह में ट्रंप ने पद की शपथ ली। चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने ट्रंप को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उन्‍होंने बराक ओबामा की जगह ली, जो लगातार दो कार्यकाल से राष्‍ट्रपति रहे हैं। यूएस कैपिटल की परंपरा के अनुसार ट्रंप ने ऐतिहासिक लिंकन बाइबिल पर हाथ रखकर शपथ ली। उन्‍होंने अपनी मां की बाइबिल का भी प्रयोग किया। उप राष्ट्रपति माइकल पेंस ने ‘द रीगन फैमिली बाइबल’ का इस्तेमाल किया। ट्रंप ने बतौर राष्‍ट्रपति अपने पहले संबोधन में आर्थिक सख्‍ती और राष्‍ट्रीयता पर जोर देने के संकेत दिए। उन्‍होंने लोगों से कहा, ”साल 2017 अमेरिका की अगुवाई करने वालों को बदलने का गवाह बन रहा है। हम वाशिंगटन डीसी की जगह आपको ताकत सौंप रहे हैं।” ट्रंप ने आगे वाली चुनौतियों के मुकाबले के लिए देश को तैयार रहने को कहा। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर देश को संभालेंगे। उन्‍होंने कहा, ”हमारे मध्‍य-वर्ग की संपत्ति छीन ली गई और पूरी दुनिया में बांट दी गई। ये पुरानी बात हुई और अब हम सिर्फ भविष्‍य की तरफ देख रहे हैं। हम आपकी संपत्ति वापस लाएंगे, आपका गौरव लौटाएंगे। मैं आपको निराश नहीं करूंगा। हम इसे वह देश बनाएंगे जहां अमेरिकंस रहते हैं। हम सिर्फ दो नियम मानेंगे- अमरीकी खरीदो, अमरीकियों को नियुक्‍त करो।”
ट्रंप ने साफ कहा, ”मैं सबकुछ पहले अमेरिकियों के लिए करूंगा। मैं आपको सबकुछ वापस दिलाऊंगा। हम अमेरिकी हाथों से ही अपना देश बनाएंगे। लोगों का नियंत्रण सत्ता पर होना चाहिए, देश में बदलाव अभी से शुरू होंगे।”

 

जब किसी ने नहीं खरीदी दीनदयाल उपाध्याय पर लिखी किताब तो अमित शाह ने बीजेपी मुख्यमंत्रियों को दिया ऑर्डर

भारतीय जनता पार्टी के विचारक दीनदयाल उपाध्याय की जिंदगी पर लिखी गई 15 किताबों के एक सेट को पिछले साल रिलीज किया गया था। लेकिन इस किताब को ज्यादा लोगों ने नहीं खरीदा। ऐसे में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भाजपा शासित प्रदेशों को निर्देश दिए कि यह किताब खरीदी जाए। शाह ने सभी मुख्यमंत्रियों को आदेश देते हुए कहा कि उनके राज्य में पब्लिक लाइब्रेरी, स्कूलों और कॉलेजों में लाइब्रेरी किताबों के इस सेट को 6 हजार रुपए में खरीदें। किताब के प्रकाशक प्रभात प्रकाशन को 1300 कॉपियों का ऑर्डर मिला है, ये ऑर्डर मुख्यत राजस्थान और छत्तीसगढ़ से मिले हैं।
इसके अलावा प्रकाशक नानाजी देशमुख पर छह किताबों के सेट की और कॉपियों फरवरी मध्य तक प्रकाशित करने की सोच रहा है। साथ ही पांच किताबें पूर्व आरएसएस प्रचारकों पर भी प्रकाशित की जाएंगी। पब्लिक लाइब्रेरी के अलावा भाजपा लाइब्रेरी भी इन किताबों को खरीद सकती हैं।
बता दें, भाजपा सरकार दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का प्रचार-प्रसार करने में लगी है। पिछले साल खबर आई थी कि गुजरात में 11वीं कक्षा के इकॉनॉमिक्‍स के छात्र पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय के बारे में पढ़ेंगे। बदले हुए पाठ्यक्रम के तहत गुजरात बोर्ड ने ‘आर्थि‍क विचार’ नाम से नया चैप्‍टर जोड़ा गया था। इसमें चाणक्‍य और महात्‍मा गांधी के साथ ही दीनदयाल उपाध्‍याय को भी शामिल किया गया था। यह चैप्‍टर गुजरात बोर्ड से जुड़ी सभी स्‍कूलों में यह चैप्‍टर पढ़ाया जाएगा। यह चैप्‍टर 15 पन्‍नों का है। इसमें न केवल ‘पंडित दीनदयाल के मुख्‍य आर्थिक विचार’ को विस्‍तार से लिखा गया है बल्कि उनकी व्‍यक्तिगत विशेषताओं का भी जिक्र किया गया है। 11वीं कक्षा का पाठ्यक्रम लगभग एक दशक बाद बदला गया है। दीनदयाल उपाध्‍याय भारतीय जन संघ के संस्‍थापकों में से एक थे और आरएसएस प्रचारक भी थे।

 

अखिलेश यादव ने कहा, ”पिता को नीचा दिखाने वाली किसी जीत में खुशी नहीं…मगर ये लड़ाई जरूरी थी”

पिता मुलायम सिंह यादव से संघर्ष कर पार्टी और उसका चुनाव चिन्‍ह हासिल करने वाले उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी पतिक्रिया दी है। अखिलेश ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि ‘मेरे पिता को नीचा दिखाने वाली किसी जीत में खुशी नहीं… लेकिन यह लड़ाई जरूरी थी।” सोमवार को चुनाव आयोग ने समाजवादी पार्टी की कस्‍टडी अखिलेश को सौंप दी थी। पार्टी के ज्‍यादातर जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी अखिलेश के समर्थन में थे। चुनाव आयोग ने कहा कि पार्टी के नाम और उसके चुनाव चिन्‍ह ‘साइकिल’ पर अखिलेश यादव का हक है, मुलायम सिंह का नहीं। अखिलेश ने चैनल से कहा, ”वह मेरे पिता हैं…और चुनाव आयोग का फैसला आने के बाद मैं सीधे उनसे मिलने गया। मैं उनका आशीर्वाद लेने गया था।” अखिलेश ने सोमवार को अपनी और मुलायम की आमने-सामने बैठे एक तस्‍वीर ट्वीट की थी, जिसके साथ उन्‍होंने लिखा था, ”साइकिल चलती जाएगी…आगे बढ़ती जाएगी…”
यादव परिवार में महीनों से पार्टी पर कब्‍जे की लड़ाई चल रही है। मामला गंभीर तब हो गया जब मुलायम सिंह और शिवपाल के महीनों तक मुख्‍यमंत्री को प्रत्‍याशियों का चयन करने से रोके रखा। उधर, अखिलेश ने अपने चाचा रामगोपाल के साथ मिलकर अपने उम्‍मीदवारों की सूची जारी कर दी और पार्टी की बैठक बुलाकर खुद को समाजवादी पार्टी का नया अध्‍यक्ष घोषित कर दिया। मुलायम सिंह को ‘मागदर्शक’ का पद देकर उन्‍हें संन्‍यास की तरफ ढकेल दिया गया।
मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने ऐलान किया है कि उत्‍तर प्रदेश में अखिलेश की समाजवादी पार्टी और उनके दल का गठबंधन होगा। अन्‍य दलों को शामिल कर ‘महागठबंधन’ बनाने की संभावना से फिलहाल इनकार करते हुए आजाद ने इन्‍हीं दोनों पार्टियों के मिलकर यूपी का चुनाव लड़ने की बात कही है।

 

कांग्रेस में शामिल होकर नवजोत सिंह सिद्धू ने बीजेपी को बताया कैकेयी, कहा- वे पैदायशी कांग्रेसी हैं

पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू आधिकारिक रूप से कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। दिल्‍ली कांग्रेस मुख्‍यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उनके निशाने पर अकाली दल और बादल परिवार रहा। भाजपा के खिलाफ वे नरम नजर आए। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी पर पूछे गए सवाल को टाल गए। उन्‍होंने कहा कि वे पंजाब के हित के हित के लिए कांग्रेस में आए हैं। वे पैदायशी कांग्रेसी हैं। आज वे अपने घर लौट आए हैं। सिद्धू ने अपनी पुरानी पार्टी भाजपा को कैकेयी और कांग्रेस को कौशल्‍या बताया। उन्‍होंने कहा, ”लोग कहते हैं सिद्धू पार्टी को मां कहता था। लेकिन मां तो कैकेयी भी थी। सबको पता है मंथरा कौन है पंजाब में।”
अकाली दल और प्रकाश सिंह बादल पर हमला बोलते हुए उन्‍होंने कहा, ”भाग बाबा बादल भाग, कुर्सी खाली कर, पंजाब की जनता आती है।” सिद्धू ने कहा कि पंजाब में नशेखोरी की समस्‍या राजनेताओं के कारण हैं। यहां पर पुलिस को कठपुतली बना दिया गया है। वे बोले कि पंजाब में युवाओं की जिंदगियां उजाड़ी जा रही हैं। अकाली दल पवित्र जमात था जो अब जायदाद बन गया है। बादल ने लूटकर अपना घर भरा हैं। उनकी नीयत में खराबी हैं। बादल ने पंजाब को बेच दिया। वे उनको बेनकाब कर देंगे। पंजाब की हालत पर फिल्‍म भी बन रही है बादल को यह भी नहीं दिखता।
पंजाब कांग्रेस के अध्‍यक्ष कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के साथ अपने रिश्‍तों को लेकर सिद्धू ने कहा कि जब दो देश आमने-सामने बैठकर अपनी समस्‍याएं दूर सकते हैं तो दो लोग क्‍यों नहीं। भाजपा छोड़ने के सवाल पर उन्‍होंने जवाब दिया कि भाजपा ने गठबंधन चुना और उन्‍होंने पंजाब को। भाजपा से उनका मनमुटाव नहीं था। सारा पंजाब जानता है कि उन्‍हें दूर रखने की साजिश रची गई। जब अमृतसर से कोई लड़ने को कोई तैयार नहीं थे तब वे लड़े और जीते। उन्‍हें दिल्‍ली से लड़ने को कहा गया लेकिन वे भगौड़ा नहीं बनना चाहते थे। आम आदमी पार्टी के सवाल पर सिद्धू बोले कि ऐसी कोई बात नहीं हुई। आप से किसी तरह की मांग नहीं की गई। उन्‍होंने खुद की डिप्‍टी सीएम बता दिया। प्रेस कांफ्रेंस में उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर पूछे गए सवाल को टाल दिया। हालांकि उन्‍होंने कहा कि राजनीति में आज विश्‍वास की कमी है।

 

केदार जाधव का तूफानी शतक, धोनी का पांच साल पुराना रिकॉर्ड भी किया ध्‍वस्‍त

केदार जाधव ने इंग्‍लैंड के खिलाफ पुणे वनडे में शतक लगा दिया है। जाधव ने तूफानी पारी खेलते हुए 65 गेंद में सैंकड़ा लगाया। उनका शतक चौके के साथ पूरा हुआ।यह एकदिवसीय क्रिकेट में उनका दूसरा शतक है। उन्‍होंने कप्‍तान विराट कोहली के साथ मिलकर टीम इंडिया को संकट से निकाला और जीत की ओर ले गए। जाधव ने 11 चौकों और दो छक्‍कों की मदद से 100 रन पूरे किए। वे 76 गेंद में 12 चौकों और चार छक्‍कों की मदद से 120 रन बनाकर जैक बॉल के दूसरे शिकार बने। शतकीय पारी के दौरान जाधव क्रैंप(मांसपेशियों में खिंचाव) से परेशान रहे। कई बार तो उन्‍हें रन लेने में भी दिक्‍कतें आईं लेकिन जाधव डटे। एक बार तो शॉट लगाने के बाद वे गिर भी गए।

लक्ष्‍य का पीछा करते हुए उन्‍होंने भारत की ओर से चौथा सबसे तेज शतक लगाया। यह रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम हैं, जिन्‍होंने 52 गेंद में सैंकड़ा लगाया था। वहीं वीरेंद्र सहवाग ने 60 और विराट कोहली ने 61 गेंद में 100 रन बनाए थे। जाधव ने अपनी पारी के दौरान केवल 29 गेंद में अर्धशतक लगाया जो कि भारत की ओर से इंग्‍लैंड के खिलाफ सबसे तेज वनडे शतक है। जाधव ने महेंद्र सिंह धोनी का पांच साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। धोनी ने पांच साल पहले साल 2011 में कार्डिफ में 26 गेंद में 50 रन बनाए थे।

केदार जाधव ने पांचवें विकेट के लिए विराट कोहली के साथ 200 रन जोड़े। यह भारत की ओर से इस विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। इससे पहले एमएस धोनी और सुरेश रैना के नाम यह रिकॉर्ड था। दोनों ने जिम्‍बाब्‍वे के खिलाफ 196 रन की साझेदारी की थी। वहीं विश्‍व क्रिकेट में जाधव-कोहली की पार्टनरशिप पांचवीं सबसे बड़ी है।

इससे पहले भारत की ओर शुरुआत खराब रही। सलामी बल्‍लेबाज शिखर धवन एक और केएल राहुल 8 रन बनाकर आउट हो गए। दोनों को डेविड विली ने आउट किया। तीन साल बाद वनडे टीम में वापसी करने वाले युवराज सिंह अच्‍छे रंग में दिखे लेकिन 15 रन बनाने के बाद वे बेन स्‍टोक्‍स की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। वहीं पूर्व कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी केवल 6 रन बनाकर वापस लौट गए। उन्‍हें जैक बॉल ने चलता किया।

 
 

आर्मी डे: सेनाध्यक्ष बिपिन रावत की जवानों को चेतावनी, शिकायत करने पर आप भी दोषी पाए जा सकते हैं

आर्मी चीफ जनरल विपिन रावत रविवार (15 जनवरी) को आर्मी डे के कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे। वहां उन्होंने उन जवानों को याद किया जिन्होंने देश के लिए अपनी जान की कुर्बानी दी। उन्होंने कहा, ‘मैं उन जवानों को सलाम करता हूं जिन्होंने अपनी जान की कुर्बानी दी, उन लोगों से ही हमारी वीरता मानी जाती है। हम लोग उन लोगों के परिवार और उनके कर्जदार हैं।’ विपिन रावत ने पाकिस्तान और बाकी पड़ोसी देशों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘बॉर्डर पर शांति बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है, लेकिन हम लोग सीजफायर का उल्लंघन होने पर मुंहतोड़ जवाब देने से भी नहीं चूकेंगे।’ रावत ने आगे कहा कि चीन और उत्तरी सीमा के बॉर्डर्स पर शांति बनाए रखने के लिए आपस में विश्वास बढ़ाया जा रहा है।
जवानों द्वारा सोशल मीडिया पर लगातार शेयर किए जा रहे वीडियोज के मामलों पर भी विपिन रावत ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा, ‘कुछ साथी अपनी समस्या को रखने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं। इसका असर उन बहादुर जवानों पर पड़ता है जो सीमा पर हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि सभी शिकायतों के लिए ठीक चैनल बनाए गए हैं। जवान असंतुष्ट होने पर उनका सहारा ले सकते हैं। रावत ने आगे कहा कि अगर जवान उससे भी संतुष्ट ना हों तो फिर सीधा उनसे भी शिकायत कर सकते हैं। लेकिन रावत ने जवानों को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा, ‘आपने जो कार्यवाही की, आप उसके लिए अपराधजनक भी पाए जा सकते हैं।’
आर्मी चीफ बनने के बाद विपिन रावत इससे पहले भी पाकिस्तान को चेतावनी देते रहे हैं। कई टीवी इंटरव्यू के दौरान रावत ने साफ कहा कि जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान पर फिर से सर्जिकल स्ट्राइक हो सकती है।

 

2014 में एकमुश्त वोट देने वाले पश्चिमी यूपी के खापों और जाटों का ऐलान- दंगाई पार्टी है बीजेपी, नहीं देंगे वोट

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव आगामी 11 फरवरी से शुरू होने हैं। इसी बीच मोदी सरकार के कार्यकाल से जाट समुदाय खफा नजर आ रहा है। 8 जनवरी 2017 को उत्तर प्रदेश और हरियाणा से आए लगभग 35 खाप नेताओं ने मुजफ्फरनगर के खराड़ में एक सभा आयोजित की। सभा जाट आरक्षण समिति द्वारा आयोजित कराई गई थी। सभा में खाप नेताओं ने मोदी सरकार के कार्यकाल की कड़ी आलोचना की और 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को वोट नहीं देने का ऐलान किया। सभा में जाट आरक्षण, किसान कर्ज, फसल का उचित न्यूनतम मूल्य, गन्ना किसानों का बकाया भुगतान, नोटबंदी से रबी फसल की बुआई में हुई देरी समेत कई मुद्दों को लेकर मोदी सरकार की आलोचना की गई। खाप नेताओं ने ऐलान किया कि इस बार यूपी के चुनाव में जाट समुदाय बीजेपी को हराने के लिए वोट करेंगे।
चौधरी सुभाष बालियान सर्व खाप के महामंत्री हैं जिसमें यूपी और हरियाणा की लगभग 365 खाप पंचायत आती हैं। उन्होंने कहा “मोदी सरकार को लेकर जाटों में काफी गुस्सा है, इन्होंने जाटों को आरक्षण नहीं दिया और न ही अपने किसी विकास के वादे को पूरा किया। इस सरकार पर भरोसा कर वोट दिया था लेकिन आगे ऐसा नहीं होगा।” बालियान ने आगे कहा, “मुजफ्फरनगर दंगों ने बीजेपी को फायदा पहुंचाया लेकिन इसका अंजाम हमें भुगतना पड़ रहा है। हमारे बच्चे जेलों में बंद हैं। बीजेपी चाहती है कि हम बस बेवजह मुसलमानों से लड़ते रहें”
वहीं एक और खाप नेता चौधरी नरेश टिकैत ने कहा, “न सिर्फ जाट बल्कि पूरा किसान समुदाय इस सरकार की वजह से सभी किसान परेशान हैं। हमारे साथ धोका हुआ है, हमे उम्मीद थी कि गन्ना फसल के अच्छे दाल मिलेंगे लेकिन हमारी फसल का सही मूल्य ही नहीं मिल पा रहा है अभी। नोटबंदी ने किसानों की कमर तोड़ दी है इस सरकार को किसान की परेशानी से कोई मतलब नहीं”। इसके अलावा एक और खाप नेता चौधरी जीतेंद्र सिंह हु़ड्डा ने कहा कि इस बार के चुनाव में मुसलमान और जाट एकसाथ है और बीजेपी को अच्छा सबक सिखाया जाएगा।

 

हिमाचल में -15 डिग्री तापमान में जम गए एनआईटी के दो छात्र, 11000 फ़ीट ऊंचे मंदिर के पास मिली लाश

नेशनल स्टूडेंट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) के दो छात्रों के शव हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बर्फ से ढंके शिकारी देवी मंदिर के पास मिले। यह दोनों छात्र 6 जनवरी से लापता थे, जिनके शव शुक्रवार को तब बरामद हुए जब 40 लोगों की एक टीम और एक हेलीकॉप्टर से उन्हें खोजा जा रहा था। छात्रों के परिजनों ने मंडी जिला पुलिस को बताया था कि दोनों छात्र अक्षय कुमार और नवनीत राणा एनआईटी हमीरपुर के कैंपस से पिछले एक हफ्ते से लापता हैं, जिसके बाद शुक्रवार सुबह उनका तलाशी अभियान शुरू किया गया था।
छात्रों के शव करीब 11000 फ़ीट ऊंचे मंदिर से थोड़ी ही दूरी पर मिले। एक शव के पास मिले बैग में पहचान पत्र था, जिससे पता लगा कि वह हमीरपुर के सुजानपुर का रहने वाला अक्षय है, हालांकि दूसरे शव की पहचान नहीं हो पाई लेकिन अधिकारियों का मानना है कि वह बिलासपुर का रहने वाला नवनीत हो सकता है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश समेत उत्तरी भारत के कई राज्यों में बर्फबारी हो रही है और तापमान काफी नीचे चला गया है। शिकारी देवी मंदिर भी 20-100 सेमी की बर्फ में दबा है और यहां का तापमान – 15 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है।
यह पता नहीं लग पाया कि यह दोनों छात्र मंदिर की ओर जा रहे थे या फिर लौटकर आ रहे थे। जनजेहली में पहाड़ी की चोटी पर स्थित इस मंदिर जाने के बारे में इन छात्रों ने अपने किसी भी परिवार या रिश्तेदार को नहीं बताया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने अपने सिर्फ एक दोस्त को इसकी जानकारी दी थी। वहीं, जब परिवार वाले लगातार 5 दिन तक संपर्क नहीं कर पाए तो चिंतित होकर एनआईटी कैंपस पहुंचे व जनजेहली के एसडीएम अश्वनी कुमार से मदद के लिए गुहार लगाई।

 

शोभा डे ने सुषमा स्वराज को दी ट्वीट ना करने की सलाह, भड़के टि्वटर यूजर्स ने दिया करारा जवाब

कॉलमनिस्‍ट शोभा डे के विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज को लेकर सलाह के रूप में किए गए ट्वीट ने सोशल मीडिया यूजर्स को नाराज कर दिया। शोभा ने ट्वीट कर सुषमा को सलाह दी थी कि वे नए साल में कम ट्वीट करें। 13 जनवरी को किए गए ट्वीट में उन्‍होंने लिखा, ”सुषमा स्‍वराज: 2017 के लिए रिजॉल्‍यूशन- शांत रहिए और ट्वीट करना बंद कीजिए।” गौरतलब है कि सुषमा स्‍वराज ने विदेश मंत्री के रूप में टि्वटर का इस्‍तेमाल कर मददगार के रूप में अपनी छवि बनाई है। उन्‍होंने विदेशों में रहने वाले लोगों से भी कहा था कि अपनी समस्‍याओं को लेकर वहां मौजूद भारतीय दूतावास या उच्‍चायुक्‍तों को ट्वीट करें। साथ ही उन्‍होंने वीजा से जुड़ी समस्‍याओं का हल भी ट्वीट के जरिए किया है।